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हाफीज सईद के बेटे तल्हा सईद ने कश्मीर की आजादी की कही बात, लाहौर में PM मोदी का भी किया जिक्र
6 Feb, 2025 12:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के दुश्मनों में से एक आतंकी हाफिज सईद के बेटा तल्हा ने 'कश्मीर को आजाद' करने की कसम खाई है। पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित तथाकथित 'कश्मीर एकजुटता दिवस' के अवसर पर यह बात कही। रैली के दौरान तल्हा सईद ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया।
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को रैली में बोलते हुए उसने अपने पिता की रिहाई की मांग की है। साल 2008 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान की जेल में बंद है।
तल्हा ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देना चाहता हूं कि कश्मीर मुसलमानों का है और हम कश्मीर को आपसे छीन लेंगे। यह जल्द ही पाकिस्तान मुस्लिम भारत का हिस्सा बन जाएगा।
तल्हा ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा को वैश्विक स्तर पर एक आतंकवादी संगठन के रूप में पहचाना गया है, जो गलत है। उसने कहा कि मेरे पिता को बदनाम करने में भारत का हाथ है। उसने कहा कि पाकिस्तान सरकार को अपनी नीति की समीक्षा करनी चाहिए और हाफिज सईद को जल्द जेल से रिहा करना चाहिए।
मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है हाफिज सईद
लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा (जेयूडी) के संस्थापक हाफिज सईद को 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमांइड माना जाता है। विभिन्न आतंकी वित्तपोषण मामलों में पाकिस्तान ने हाफिज सईद को 78 साल की कैद की सजा सुनाई है और 2022 में 31 साल की अतिरिक्त जेल की सजा भी सुनाई है। बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा को अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों का बवाल, मुजीबुर्रहमान के आवास पर की तोड़फोड़
6 Feb, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में प्रदर्शनकारियों ने देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास पर हमला बोल दिया। आवास में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी। यह घटना उस समय हुई जब उनकी बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना एक लाइव ऑनलाइन संबोधन दे रही थीं।
संस्थापक शेख मुजीबुर के आवास के सामने इकठ्ठे हुए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धानमंडी क्षेत्र में स्थित इस घर के सामने हजारों लोग एकत्रित हुए थे। इस घर को अब एक स्मारक संग्रहालय में बदल दिया गया है और इसे बांग्लादेश के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक स्थल माना जाता है। प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट मीडिया पर ''बुलडोजर जुलूस'' के आह्वान के बाद इस घटना को अंजाम दिया।
हसीना ने अवामी लीग के अब भंग हो चुके छात्र संगठन छात्र लीग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में देशवासियों से मौजूदा शासन के खिलाफ मिलकर प्रतिरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- ''वे हमारे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और स्वतंत्रता को नष्ट नहीं कर सकते, जिसे हमने लाखों लोगों के बलिदान से हासिल किया है।'' यह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस के शासन की ओर इशारा था।
हसीना ने आगे कहा- ''वे एक इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं। उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।'' अपदस्थ प्रधानमंत्री ने थोड़ी भावुक आवाज में कहा-''पाकिस्तानी सैनिकों ने 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान भी इस घर को लूटा था, लेकिन इसे ध्वस्त नहीं किया या आग नहीं लगाई। आज इस घर को ध्वस्त किया जा रहा है। इसने क्या अपराध किया था? वे इस घर से इतना डरते क्यों थे.. मैं देश के लोगों से न्याय की मांग करती हूं। क्या मैंने आपके लिए कुछ नहीं किया?''
प्रत्यक्षदर्शियों ने ने बताया कि सेना के एक समूह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हूटिंग का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पहले इमारत की दीवार पर बने बलिदानी नेता के एक भित्ति चित्र को नुकसान पहुंचाया और लिखा ''अब 32 नहीं होगा''।
भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के एक प्रमुख आयोजक ने फेसबुक पोस्ट में सभी पूर्व अवामी लीग सांसदों और मंत्रियों के आवासों को ध्वस्त करने का आह्वान किया और उन स्थलों पर नई इमारतें बनाने का प्रस्ताव दिया। दिन में पहले, मंच के संयोजक हसनत अब्दुल्ला ने बांग्लादेश के मीडिया आउटलेट्स को हसीना के भाषण का प्रसारण करने के खिलाफ चेतावनी दी थी और कहा था कि इसे उनके एजेंडे को बढ़ावा देने के रूप में देखा जाएगा।
इस बीच, गृह सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एमडी जाहंगीर आलम चौधरी ने कहा कि अंतरिम सरकार भारत से हसीना और अन्य को प्रत्यर्पण संधि के तहत वापस लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। 77 वर्षीय हसीना बीते पांच अगस्त से भारत में रह रही हैं,
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को खत्म करने के ट्रंप के फैसले पर अदालत की रोक
6 Feb, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के यहां जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को समाप्त करने के प्रविधान वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर बुधवार को एक और जज ने अस्थायी तौर पर रोक लगा दी। कोर्ट का यह निर्णय 22 राज्यों के साथ ही अन्य संगठनों की याचिका पर आया, जिन्होंने ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया था।
कुछ गर्भवती महिलाओं ने भी मुकदमा किया
मैरीलैंड संघीय अदालत की जज डेबोरा बोर्डमैन ने दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया। उन्होंने कहा कि देश की किसी भी अदालत ने ट्रंप प्रशासन के कदम का समर्थन नहीं किया है। ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक को लेकर प्रवासी-अधिकार वकालत समूहों कासा एवं असाइलम सीकर एडवोकेसी प्रोजेक्ट और कुछ गर्भवती महिलाओं ने भी मुकदमा किया है।
ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद जन्मजात नागरिकता पर रोक लगाने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था। इसके बाद एक अदालत ने राष्ट्रीय स्तर पर इस पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी। वाशिंगटन में चार राज्यों द्वारा एक अलग मुकदमा दायर किया गया है, जहां एक जज ने आदेश को स्पष्ट रूप से असंवैधानिक कहा है।
ट्रंप ट्रांसजेंडर एथलीट पर जारी करेंगे यह आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही एक ऐसे कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके बाद ट्रांसजेंडर खिलाड़ी महिला वर्ग के खेलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। यह आदेश उन ट्रांसजेडर एथलीट पर लागू होगा जो जन्म के समय पुरुष थे और बाद में लिंग परिवर्तन कराकर महिला बन गए।
ट्रांसजेंडर सैनिकों की भर्ती पर प्रतिबंध लग सकता है
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ट्रांसजेंडर सैनिकों संबंधी पेंटागन की नीति को संशोधित करने का निर्देश दिया है। ट्रंप के इस आदेश से आने वाले समय में अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर सैनिकों की भर्ती पर प्रतिबंध लग सकता है।
स्वीडन के स्कूल में गोलीबारी, 11 की मौत, हमलावर ने आत्महत्या की
5 Feb, 2025 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्वीडन के ओरेब्रो शहर में एक स्कूल पर हुई गोलीबारी की वारदात में 11 लोगों की मौत हो गई है। स्वीडिश पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि पुलिस को अभी यह पता नहीं चल पाया है कि गोलीबारी में कितने लोग घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस प्रमुख प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांचकर्ता गोलीबारी के बारे में और जानकारियां जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी स्कूल (भवन) के अंदर हुई या क्या और भी हमलावर इसमें शामिल थे।'
स्कूल के अन्य हिस्सों को खाली कराया गया
घटनास्थल से सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अन्य आपातकालीन वाहन देख जा सकते हैं। इसके अलावा छात्रों को पास की इमारतों में शरण लेते हुए भी देखा गया। गोलीबारी के बाद स्कूल के अन्य हिस्सों को खाली करा दिया गया। न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रॉमर ने बताया, ओरेब्रो में हिंसा की खबरें बेहद गंभीर हैं। सरकार पुलिस के साथ निरंतर संपर्क में है और घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
पीएम क्रिस्टर्सन ने घटना पर जताया दुख
मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि यह 'पूरे स्वीडन के लिए बहुत दुखद दिन है।' कैंपस रिसबर्गस्का नाम के इस स्कूल में 20 साल से अधिक उम्र के लोग पढ़ते हैं। ये स्कूल स्टॉकहोम से लगभग 200 किमी (125 मील) पश्चिम में मौजूद है। जिसमें 20 साल से अधिक उम्र के छात्रों को प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा, प्रवासियों के लिए स्वीडिश भाषा की कक्षाएं, व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
शिक्षिका और छात्र गोलीबारी से सहमे
वहीं इस वारदात के बाद पुलिस वाहन और एम्बुलेंस स्कूल के आसपास के इलाके में पहुंच गए, जबकि एक हेलिकॉप्टर भी मौके पर मौजूद था। शिक्षिका लीना वारेनमार्क ने बताया कि उन्होंने लगभग 10 गोलियों की आवाज सुनी। छात्र आंद्रियास सुंडलिंग ने बताया कि उन्होंने तीन गोलियों की आवाज और जोरदार चीखें सुनीं। उन्होंने कहा, हम स्कूल से निकाले जाने का इंतजार कर रहे हैं। हमें बताया गया है कि हमें इंतजार करना है। बता दें कि, ओरेब्रो शहर की आबादी लगभग 1,55,000 है।
इंडोनेशिया के उत्तरी मालुकु में 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का कोई खतरा नहीं
5 Feb, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया के सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में बुधवार (5 फरवरी) को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. इस भूकंप की तीव्रता 6.2 थी, और इसका केंद्र उत्तरी मालुकु के तट पर बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप 81 किलोमीटर (50 मील) गहरा था, और राहत की बात यह है कि इससे सुनामी का कोई खतरा नहीं है.
इंडोनेशिया में जब भी भूकंप आता है तो सुनामी का खतरा भी बना रहता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. भूकंप बुधवार तड़के आया और लोग डर से अपने घरों से बाहर भागने लगे. इंडोनेशिया की आपदा कंट्रोल एजेंसी ने अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं दी है.
'रिंग ऑफ फायर' में स्थित इंडोनेशिया
इंडोनेशिया एक ऐसी जगह पर स्थित है जिसे 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है, जहां धरती की कई टेक्टोनिक प्लेट्स मिलती हैं. इसी वजह से यह इलाका भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिहाज से काफी संवेदनशील है.
दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश
इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है. इसके बाद पाकिस्तान और भारत का स्थान आता है. इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. हाल ही में नेपाल और तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.
इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप
इंडोनेशिया में आए इस जोरदार भूकंप ने लोगों को डराया जरूर, लेकिन राहत की बात यह है कि इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और सुनामी का खतरा भी टल गया है. इंडोनेशिया की संवेदनशील स्थिति और 'रिंग ऑफ फायर' में होने के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है.
कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता और समय पता करने लगाने के लिए जिस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है उसे सिस्मोग्राफ कहते हैं. इस डिवाइस की मदद से धरती के भीतर होने वाली कंपन का ग्राफ बनाया जाता है. इस सिस्मोग्राफ कहते हैं. इसी के आधार पर रिक्टर पैमाना के माध्यम से भूकंप की तरंगों की तीव्रता, भूकंप का केंद्र और ऊर्जा का पता लगाया जाता है.
हरियाणा के विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में नए जिलों और तहसीलों के सृजन पर चर्चा
5 Feb, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में नए जिले, तहसील, सब तहसील सजिृत करने के लिए हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की सब कमेटी की बैठक में मंगलवार को 2 प्रस्तावों को अनुशंसा प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री के पास भेजा प्रस्ताव
कमेटी ने जिला सिरसा के गांव रंगा, लहंगेवाला, मत्तड़ और अलीकां को कालांवाली तहसील से निकालकर सिरसा तहसील में शामिल करने तथा जिला सोनीपत के गांव ज्वारा को गोहाना से जिला पानीपत में जोड़ने के अपनी सिफारिश की। अंतिम मंजूरी के लिए इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में सदस्य के रूप में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि नए जिले, तहसील, सब तहसील के संबंध में अब तक 27 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि पहले प्राप्त गत बैठक में अनुशंसा प्रदान किए गए 4 प्रस्तावों को भी अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जा चुका है।
हरियाणा के मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने उपायुक्तों को गांवों के नाम बदलने और नए जिलों की सिफारिशें भेजने के निर्देश दिए
कृष्ण लाल पंवार ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उपायुक्तों को गांव के नाम बदलने, उप-तहसील, नए तहसील, उपमंडल व जिला बनवाने के संबंध में लंबित प्रस्तावों की रिपोर्ट को जल्द से जल्द सब-कमेटी के पास भेजने के निर्देश दिए जाएं। बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव कमलेश भादू व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हमास ने दूसरे चरण के युद्ध विराम पर बातचीत शुरू की, गाजा के पुनर्निर्माण के लिए समिति का गठन
5 Feb, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्राइल और हमास के बीच दो साल से ज्यादा समय तक चले संघर्ष के बाद अभी पहले चरण का युद्ध विराम चल रहा है। इसी बीच हमास के अधिकारी ने दूसरे चरण के युद्ध विराम की बातचीत पर जोर दिया है। दूसरी ओर फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने मंगलवार को कहा कि उसने गाजा पट्टी में पुनर्वास समिति का गठन किया है।
दूसरे चरण पर बात-चीत
हमास के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने संघर्ष विराम के दूसरे चरण पर अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस्राइल ने पहले चरण की कुछ शर्तों का पालन नहीं किया है। मामले में आतंकवादी समूह के प्रवक्ता अब्देल-लतीफ़ अल-क़ानौआ ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अगले चरण पर संचार और बातचीत शुरू कर दी है, जिसमें आगे बंधकों की रिहाई और गाजा पट्टी से इस्राइल की वापसी शामिल होने की उम्मीद है।
इस सप्ताह के अंत में शुरू होगी बातचीत
हमास समूह के प्रवक्ता हेज़म क़स्साम ने कहा कि जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उनका परिनियोजन बहुत कम हुआ है। संघर्ष विराम के दूसरे चरण की बातचीत सोमवार से शुरू होनी थी, लेकिन अब इसे कतर में इस सप्ताह के अंत में जारी रखा जाएगा। हालांकि इन दावों के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू इन दिनों अमेरिका के दौरे पर है। जहां उन्होंने सोमवार को ट्रंप के मध्यपूर्व दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की और मंगलवार को ट्रंप से मिलेंगे।
गाजा में पुनर्वास समिति का गठन
साथ ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने गाजा पट्टी में पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों के लिए एक समिति बनाई है। इस समिति का उद्देश्य गाजा में पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएं प्रदान करना है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह समिति गाजा में काम कर पाएगी या नहीं, क्योंकि हमास अब भी अधिकांश गाजा क्षेत्र को नियंत्रित करता है और इस्राइल फिलिस्तीनी प्राधिकरण की भूमिका को युद्ध के बाद गाजा में स्वीकार नहीं करता है।
अमेरिका में अंडे की कीमतों में 7 गुना वृद्धि, पेंसिल्वेनिया में चोरी से और बढ़ी परेशानी
5 Feb, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है. इसके बाद भी यहां के लोग अंडों के लिए परेशान हैं. यहां तक की अब अंडे चोरी के मामले भी सामने आने लगे हैं. अमेरिका के पेंसिल्वेनिया शहर में अंडे चोरी होने का मामला सामने आया है. यहां डिलीवरी र्टेलर से लगभग एक एक लाख अंडों की चोरी हुई है. पुलिस ने इस चोरी का मामला दर्ज कर लिया है, और जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक चोरी रात करीब 8:40 बजे ग्रीन कैसल में पीट एंड गेरी ऑर्गेनिक्स एलएलसी में हुई. चोरी हुए अंडों की कीमत 40,000 डॉलर है.
अमेरिका में अंडों के लिए जनता में हाहाकार मचा हुआ है. अंडों का दाम रिकॉर्ड आसमान छू रहा है. जिससे कीमतें 7 डॉलर प्रति कार्टन हो गई हैं. अंडा लोगों के नाश्ते का अहम हिस्सा है, इसलिए हर रोज करोड़ों लोग अंडा खरीदते हैं, लेकिन अब अंडे के दाम उनका बजट बिगाड़ रहे हैं.
इसी कमी के कारण पुलिस चोरी हुए अंडों की जांच कर रही है. पुलिस ने इस बारे में कहा कि अभी उनके पास ज्यादा जानकारी नहीं है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही चोरी का खुलासा किया जाएगा.
अंडे की कमी से जूझ रहा अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पूरा अमेरिका इस समय अंडे की कमी से जूझ रहा है. किसी एक इलाके में नहीं बल्कि पूरे देश में यही हाल है. लगातार हो रही कमी के कारण कीमतें भी आसमान छू रही हैं. इस समय अंडे की कीमत 7 डॉलर प्रति कार्टन हो गई हैं.
अमेरिकी कृषि विभाग ने कहा कि मिडवेस्ट में एक दर्जन बड़े अंडों की थोक कीमत अब औसतन $7.08 है, जो दो साल पहले की कीमत से लगभग सात गुना अधिक है.
न्यूयॉर्क शहर में, होल फूड्स इंक में एक दर्जन अंडों के एक कार्टन की कीमतें $11.99 तक पहुंच गई हैं. राष्ट्रीय खुदरा विक्रेता ने शहर की कुछ जगहों पर ग्राहकों के लिए तीन-कार्टन खरीद की सीमा रख दी है.
क्यों हुई अंडों की कमी?
अमेरिका में अंडों की कमी पिछले कई महीनों से चल रही है. इसके पीछे की वजह बर्ड फ्लू को माना जा रहा है. यहां बर्ड फ्लू के कारण लाखों मुर्गियों की मौत हुई थी. जिसके कारण अंडों की कमी आई है. जिस कमी को लोगों को ज्यादा कीमत देकर चुकाना पड़ रहा है.
किसान समूह यूनाइटेड एग प्रोड्यूसर ने बताया कि साल 2022 बर्ड फ्लू के कारण 104 मिलियन अंडे देने वाली मुर्गियों की मौत हो गई. इसके अलावा अक्टूबर में 29 मिलियन मुर्गियों की मौत हो गई. इसी के कारण अंडे की कमी आई है.
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने चुनाव की घोषणा करते हुए कहा- समय है सहयोग और एकता का.......
5 Feb, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ग्रीनलैंड में बढ़ी दिलचस्पी दिखाई है, जिसके बाद से ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ट्रंप पर आक्रामक हैं. अब उन्होंने 11 मार्च को देश में चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव के साथ-साथ संसद में इस पर भी विचार हुआ कि चुनाव के दौरान मिलने वाले विदेशी राजनीतिक दान पर प्रतिबंध लगाना चाहिए.
चुनाव में विदेशी मदद पर रोक लगना ट्रंप के लिए बड़ा झटका हो सकता है. क्योंकि ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नजर है और वह यहां के चुनाव में चाहेंगे कि उनकी पसंद का उम्मीदवार निर्वाचित हो ताकी अमेरिका के हित पूरे हो सकें. एगेडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप का नाम लिए बिना कहा “यह एक ऐसा समय है जिसे हमने अपने देश में पहले कभी अनुभव नहीं किया है.”
उन्होंने आगे कहा, “यह समय आंतरिक विभाजन का नहीं, बल्कि हमारे देश के लिए सहयोग और एक साथ आने का है. मैं आपके लिए काम करने और हमारे देश का नेतृत्व करने के लिए फिर से तैयार हूं.”
कब होंगे चुनाव?
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूट एगेडे ने मंगलवार को प्रस्ताव रखा कि 11 मार्च को आम चुनाव कराए जाएं. लग रहा है कि आर्कटिक द्वीप की आजादी इस चुनाव का मुख्य मुद्दा रहने वाला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इसे हासिल करने की नई मांग ने देश भक्ति के भावना को जन्म दिया है. ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा, “हम एक गंभीर समय से गुजर रहे हैं और में संसद से चाहता हूं की वे प्रस्ताव को स्वीकार करें.”
विदेश दान पर लगेगा प्रतिबंध
कानून के मुताबिक राजनीतिक दलों को विदेशी या गुमनाम दाताओं से डोनेशन लेने की इजाजत नहीं होगी. इसके अलावा, कोई भी एक पार्टी घरेलू निजी योगदान के रूप में लगभग 28 हजार डॉलर से ज्यादा पैसा नहीं ले पाएगी.
हरियाणा में 2 मार्च को 7 नगर निगमों, 4 नगर परिषदों और 21 नगर समितियों के चुनाव
5 Feb, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार 4 फरवरी को 7 नगर निगमों, चार नगर परिषदों और 21 नगर समितियों में 2 मार्च को चुनाव कराने की घोषणा की. राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि चुनावों की घोषणा के साथ ही संबंधित नगर निकायों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. अगर किसी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया तो नियमानुसार कार्रवाई होगी. हरियाणा के चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा, "चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे. घोषित सभी निकायों में मेयर और पार्षदों के चुनाव होंगे.
हरियाणा में 2 मार्च को 4 नगर परिषदों और 21 नगर समितियों में चुनाव
इलेक्शन कमिशन ने बताया कि अंबाला और सोनीपत में केवल मेयर चुनाव होगा. फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, हिसार, करनाल, रोहतक और यमुनानगर नगर निगमों के लिए मतदान 2 मार्च को होगा. जबकि पानीपत नगर निगम के लिए चुनाव 9 मार्च को होगा. उन्होंने आगे कहा कि जहां तक चार नगर परिषदों और समितियों में शामिल अंबाला सदर, पटौदी जाटोली मंडी, थानेसर और सिरसा, बराड़ा, बवानी खेड़ा, लोहारू, सिवानी, जाखल मंडी, फर्रुखनगर, नारनौंद, बेरी, जुलाना, कलायत, सीवान, पुंडरी, इंद्री, नीलोखेड़ी, अटेली मंडी, कनीना, तावडू, हथीन, कलानौर, खरखौदा और चरखी दादरी नगर पालिकाओं में दो मार्च को मतदान होगा.
12 मार्च को होगी मतों की गिनती
वहीं, चुनाव अधिकारी रादौर सिंह ने बताया कि मतदान 2 और 9 मार्च को सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा. मतों की गिनती 12 मार्च को होगी. इसी दिन नतीजे घोषित होंगे. नगर निगम के सभी वार्डों की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन हो गया है. मतदाता सूचियों को आयोग की वेबसाइट पर भी डाल दिया गया है. चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी 11 से 17 फरवरी के दौरान (पानीपत को छोड़कर) नामांकन दाखिल कर पाएंगे. 18 फरवरी को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी. 19 फरवरी को नाम वापसी की अंतिम तारीख है.
चीन ने अमेरिकी आयात पर जवाबी टैरिफ बढ़ाए, ट्रंप के कदम के बाद नया विवाद
5 Feb, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। चीन से आयात पर 10 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ मंगलवार से लागू हो गए जिससे दुनिया की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच नए ट्रेड वार का खतरा पैदा हो गया है क्योंकि चीन ने भी मंगलवार को अमेरिकी आयात पर 10 से 15 प्रतिशत तक जवाबी टैरिफ लगा दिए।
चीन ने गूगल के विरुद्ध एंटी ट्रस्ट जांच की घोषणा की है और दो अन्य अमेरिकी कंपनियों को अविश्वसनीय कंपनियों की सूची में रख दिया है जो उन्हें चीन में निवेश करने से रोक सकती है।
वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मेक्सिको के बाद कनाडा के विरुद्ध भी अतिरिक्त टैरिफ लगाने के आदेश पर 30 दिनों के लिए रोक लगा दी। बदले में दोनों पड़ोसी देश सीमाओं पर चौकसी बढ़ाएंगे और ड्रग्स व घुसपैठियों के प्रवेश पर रोक लगाएंगे।
ट्रंप की चिनफिंग से बात की कोई योजना नहीं
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का इस हफ्ते के आखिर तक चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बातचीत का कार्यक्रम नहीं है। ट्रंप ने 2018 में अपने पहले कार्यकाल में काफी अधिक अमेरिकी व्यापार आधिक्य की वजह से चीन के साथ दो वर्षों तक काफी तीखा ट्रेड वार शुरू किया था।
चीनी सीमा शुल्क विभाग के पिछले महीने जारी आंकड़ों के अनुसार, इसे खत्म करने के लिए चीन ने 2020 में अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त 200 अरब डॉलर खर्च करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन यह योजना कोविड महामारी की वजह से पटरी से उतर गई थी।
इस बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वह चीन पर टैरिफ को और बढ़ा सकते हैं जब तक कि वह अमेरिका में फेंटानाइल (सिंथेटिक ड्रग्स) के प्रवाह पर रोक नहीं लगाता। हालांकि चीन ने फेंटानाइल को अमेरिका की समस्या बताया है।
ट्रंप ने इन नेताओं से की बात
इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबम और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बात की। दोनों ने अमेरिका में घुसपैठ व ड्रग्स की तस्करी पर अंकुश लगाने की ट्रंप की मांग पर सीमा पर चौकसी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद ट्रंप ने पहले मेक्सिको और फिर कनाडा पर भी 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अपने आदेश पर 30 दिनों के लिए रोक लगा दी।
कनाडा ने अमेरिका से लगती अपनी सीमा पर नई तकनीक एवं कर्मी तैनात करने और संगठित अपराध, फेंटानाइल की तस्करी व मनी लांड्रिंग के विरुद्ध लड़ाई में समन्वित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इसके लिए उसने 1.3 अरब डॉलर की सीमा योजना लागू करने की घोषणा की है।
उत्तरी सीमा पर 10 हजार नेशनल गार्ड तैनात
मेक्सिको ने घुसपैठ एवं ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए अपनी उत्तरी सीमा पर 10 हजार नेशनल गार्ड तैनात करने पर सहमति जताई है। अमेरिका ने भी मेक्सिको में शक्तिशाली हथियारों की तस्करी रोकने की प्रतिबद्धता जताई है। ट्रंप ने कहा है, 'राष्ट्रपति के तौर पर सभी अमेरिकियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है और मैं सिर्फ वही कर रहा हूं। शुरुआती परिणामों से मैं काफी प्रसन्न हूं।'
किशिदा पर हमला करने वाला आरोपी रियूजी किमुरा ने कहा- मेरा इरादा उन्हें मारने का नहीं था
4 Feb, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर जानलेवा हमला करने के आरोपी युवक ने अदालत में बड़ा बयान दिया है। आरोपी युवक ने पश्चिमी जापान की अदालत में कहा कि उसका इरादा पूर्व पीएम को मारने का नहीं था। हालांकि युवक ने बम बनाने के आरोपों को स्वीकार किया।
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर 15 अप्रैल 2023 को जानलेवा हमला हुआ था। वाकायामा शहर में भाषण के दौरान उन पर एक व्यक्ति ने पाइप बम फेंक दिया था। हालांकि, जब तक यह बम फटता, पूर्व पीएम किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मामले में जापानी युवक रियूजी किमुरा को हिरासत में लिया गया था। उस पर पूर्व पीएम की हत्या का प्रयास करने, विस्फोटकों और हथियार बनाने का आरोप लगाया गया।
वाकायामा जिला अदालत में मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रियूजी किमुरा ने पूर्व पीएम के हत्या के प्रयास के आरोप से इनकार किया। आरोपी ने कहा कि उसका इरादा पूर्व पीएम किशिदा को मारने का नहीं था। उसने बम बनाने के आरोपों को स्वीकार किया।
चुनाव प्रणाली से नाराज था आरोपी
घटना की जांच के बाद सामने आया था कि आरोपी युवक देश की चुनाव प्रणाली से नाराज था। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने 2022 में सरकार पर यह आरोप लगाया था कि सरकार ने उसे ऊपरी सदन का चुनाव लड़ने से रोक दिया था। उसने कोबे क्षेत्रीय न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। साथ ही उसने हर्जाने की मांग भी की थी। न्यायालय में दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक, किमुरा का कहना था कि लोक कार्यालय निर्वाचन कानून के तहत उम्मीदवारी की योग्यता के लिए 30 वर्ष या उससे अधिक आयु की शर्त, संविधान का उल्लंघन है।
किमुरा ने यह भी दावा किया था कि ऊपरी सदन के चुनाव की उम्मीदवारी के लिए 30 लाख येन यानि क़रीब 22,300 डॉलर जमा कराने की अनिवार्यता संबंधी अनुच्छेद भी संविधान का उल्लंघन है। अपने दावों के साथ ही किमुरा ने चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने के कारण हुई मानसिक पीड़ा के एवज में एक लाख येन यानि लगभग 700 डॉलर के हर्जाने की मांग की थी।
मेरिका में अवैध प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई, 205 भारतीयों को मिलिट्री विमान से भेजा वापस
4 Feb, 2025 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका से 205 अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस भारत भेजा गया है। अमेरिका के मिलिट्री प्लेन सी-17 विमान के जरिए सभी 205 भारतीय वापस भारत आ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इन सभी 205 लोगों की पहचान करने के बाद ही इन्हें डिपोर्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक, विमान अमृतसर में लैंड करने वाला है।
ट्रंप प्रशासन ने क्या कहा?
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना एक स्पष्ट संदेश देती है कि अवैध प्रवासन को लेकर अमेरिका कोई जोखिम नहीं लेने वाला।
उन्होंने कहा,"मुझे भारत में निर्वासन उड़ान की रिपोर्ट पर कई पूछताछ प्राप्त हुई हैं। मैं उनके पूछताछ पर कोई विवरण साझा नहीं कर सकता, लेकिन मैं रिकॉर्ड पर साझा कर सकता हूं कि अमेरिका अपनी सीमा की रक्षा सख्ती से कर रहा है, आव्रजन को सख्त कर रहा है।
अमेरिका में 18 हजार भारतीय अवैध प्रवासी
रिपोर्ट के अनुसार,18000 से ज्यादा भारतीय अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे भारतीयों का या तो वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है या ये लोग अवैध तरीके से यूएस में दाखिल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में अमेरिका और भी कई भारतीयों को वापस भेजने वाला है।
बता दें कि ट्रंप ने पिछले महीने संवाददाताओं से कहा था, "इतिहास में पहली बार हम अवैध विदेशियों का पता लगाकर उन्हें सैन्य विमानों से उनके देश भेज रहे हैं। अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर भारत ने अमेरिकी प्रशासन की मदद करने की बात कही है। हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि इस मामले पर भारत अमेरिका की मदद करने के लिए तैयार है।
गुरमीत राम रहीम ने सुप्रीम कोर्ट से 2015 बेअदबी मामलों में कार्यवाही पर रोक लगाने की की अपील
4 Feb, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि 2015 के बेअदबी मामलों में उसके खिलाफ निचली अदालत को कार्यवाही करने की अनुमति देने वाले अंतरिम आदेश को स्थगित रखा जाए. पिछले साल 18 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने निचली अदालतों को इन मामलों में आगे बढ़ने की अनुमति दी और 11 मार्च 2024 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी. हाई कोर्ट ने राम रहीम के खिलाफ निचली अदालत के सामने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की. राम रहीम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि शीर्ष अदालत का स्थगन आदेश अपील को मंजूर करने के समान है.
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राम रहीम के मामले पर सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की
पीठ ने कहा कि वह मुख्य मामले की सुनवाई करेगी, जिसके बाद मुकुल रोहतगी ने तब तक आदेश स्थगित रखने का अनुरोध किया. पीठ ने कहा कि मामले के गुण-दोष के आधार पर सुनवाई किए बिना मामले में अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती है. इसके साथ ही पीठ ने पंजाब सरकार की याचिका पर 18 मार्च की तारीख तय की.
30 दिनों की पैरोल पर है राम रहीम
पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि शीर्ष अदालत ने दूसरे पक्ष की मौजूदगी में 18 अक्टूबर 2024 को अंतरिम आदेश पारित किया था. गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राम रहीम फिलहाल 30 दिन की पैरोल पर है. पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट के सामने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था, जिसमें पंजाब के फरीदकोट के बाजाखाना थाने में दर्ज तीन मामलों में सुनवाई पर रोक लगा दी गई थी.
एसआईटी ने गुरमीत राम रहीम को 2015 बेअदबी मामलों का मुख्य साजिशकर्ता बताया
जून 2015 में फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला और बरगाड़ी में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई थी. इस मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने SIT गठित की थी. एसआइटी ने अपनी जांच में गुरमीत को मुख्य साजिशकर्ता बताया था. गुरमीत राम रहीम समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ तीन केस दर्ज किए थे. इन तीनों मामलों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ जिला कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था.
पलवल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो इनामी बदमाश ढेर
4 Feb, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल: हरियाणा के पलवल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की सूचना है. पलवल मुठभेड़ में पुलिस ने 2 इनामी बदमाशों को ढेर कर दिया. दोनों बदमाशों पर पुलिस ने 1-1 लाख रुपए इनाम रखा था. लंबे अरसे से पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी. हरियाणा पुलिस ने दोनों बदमाशों की पहचान जोरावर और नीरज उर्फ नीरिया के रूप में की है. दोनों रेवाड़ी के रहने वाले थे. पुलिस के मुताबिक बदमाशों के साथ पलवल-नूंह मार्ग पर रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात हुई.
पलवल मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी घायल, अस्पताल में भर्ती
पलवल मुठभेड़ में तीन पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं. तीनों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश एक कुख्यात गैंगस्टर के शूटर थे. CIA की टीम आगे की जांच में जुटी हुई है. पुलिस के मुताबिक बदमाशों के अभी और साथियों की तलाश है.
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई तीनों की जान
पुलिस अधिकारी के मुताबिक हरियाणा पुलिस को पलवल-नूंह मार्ग से बदमाशों के गुजरने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस ने उनकी घेराबंदी करने के बाद रुकने को कहा तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. अचानक फायरिंग होने की घटना में CIA इंचार्ज PSI दीपक गुलिया और उनकी टीम के कुलदीप और नरेंद्र को गोलियां लगीं. बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने से तीनों बच गए. इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों को मौके पर ढेर कर दिया. दोनों की मौके पर मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि दोनों बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में पलवल आए थे. इससे पहले बदमाशों ने जोहरखेड़ा गांव के सरपंच मनोज और उनके साथियों पर जानलेवा हमला किया था.
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