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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंसा: 41 मौतों के बाद पहुंचे सेना प्रमुख मुनीर
2 Feb, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद।बलूचिस्तान में आतंकवादियों और सेना के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें 23 दहशतगर्द और 18 सुरक्षाकर्मी मारे गए। सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर अशांत प्रांत में झड़पों के बीच बलूचिस्तान के दौरे पर गए। रिपोर्ट के अनुसार, सेना प्रमुख को प्रांत में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जनरल मुनीर ने कहा, ये तथाकथित उन्मादी कुछ भी कर लें मगर हमारे गौरवशाली राष्ट्र और उसके सशस्त्र बलों से हार जाएंगे। मालूम हो कि बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाएं हुईं। इनमें 23 आतंकवादियों मारे गए, लेकिन 18 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में अशांत बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में ये आतंकवादी मारे गए। शनिवार को हरनई जिले में ऐसे ही एक अभियान में राष्ट्रीय सैनिकों की आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में 11 आतंकवादी मारे गए और कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के अनुसार, सेना प्रमुख ने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती और राज्यपाल शेख जाफर खान मंडोखाइल से मुलाकात की। उन्होंने मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में प्रार्थना की और संयुक्त सैन्य अस्पताल क्वेटा में घायल सैनिकों का हालचाल जानने पहुंचे।
कलात जिले के मंगोचर इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के सड़क पर अवरोधक लगाने के प्रयास को विफल कर दिया। साथ ही, 12 आतंकवादियों को मार गिराया। सेना ने बताया, पिछले 24 घंटों में बलूचिस्तान में विभिन्न अभियानों के तहत कुल 23 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सेना ने बताया कि सुरक्षा बल न केवल बलूचिस्तान बल्कि पूरे पाकिस्तान से आतंकवाद के खात्मे के लिए दृढ़ संकल्प हैं। हालांकि, किसी ने भी हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली। बयान के मुताबिक, अभियान के दौरान 18 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए।
हमास ने दो बंधकों को सौंपा, मार्च तक युद्धविराम का पहला चरण रहेगा जारी
1 Feb, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्राइल के साथ युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने दक्षिणी गाजा पट्टी में दो बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी से शुरू हुए इस युद्ध विराम का उद्देश्य इस्राइल और हमास के बीच घातक और विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करना है। बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम का पहला चरण मार्च की शुरुआत तक चलेगा, जिसमें हमास इस्राइल के 33 बंधकों को रिहा करेगा। इसके बदले में इस्राइल करीब दो हजार फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हुआ है।
हमास ने अमेरिकी इस्राइली बंधक कीथ सीगल को रेड क्रॉस को सौंप दिया। वे इस्राइल के साथ युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को रिहा किए जाने वाले तीसरे बंधक हैं। इससे पहले, आतंकवादियों ने दक्षिणी गाजा पट्टी के खान यूनिस शहर में 35 वर्षीय यार्डन बिबास और 54 वर्षीय फ्रांसीसी-इजरायली ओफर काल्डेरोन को रेड क्रॉस को सौंप दिया था।
हमास और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौता
इस युद्धविराम के दौरान पहले तीन बंधकों को रिहा किया गया था, जिसके बदले में इस्राइल की तरफ से पकड़े गए 90 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। इसके बाद हमास ने आठ बंधकों को रिहा किया, जिसमें तीन इस्राइली और पांच थाईलैंड के नागरिक शामिल हैं। बदले में इस्राइल ने भी 110 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया।
15 महीने तक चला युद्ध
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे। हमास ने करीब ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद इन्हें गाजा ले जाया गया। इसके जवाब में इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के कारण गाजा पट्टी की 90 फीसदी आबादी को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। वहीं, लोगों के सामने भुखमरी का संकट भी खड़ा हो गया। इस्राइल द्वारा रिहा किए जाने वाले कैदियों में से कई ऐसे हैं, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इस्राइल के करीब 90 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई की मौत हो चुकी है।
श्रीलंका ने कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाने का लिया फैसला, राष्ट्रपति ने किया ऐलान
1 Feb, 2025 03:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका ने अब कारों के आयात से प्रतिबंध हटा लिया है। पिछले सप्ताह श्रीलंका ने ट्रकों, बसों और डबल कैब के आयात की अनुमति दी थी।
शुक्रवार को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक विशेष राजपत्र अधिसूचना जारी करके वाहन आयात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया। इसके बाद कोरोना प्रकोप के साथ 2020 की शुरुआत में लगाए गए वाहन आयात पर प्रतिबंध पूरी तरह से समाप्त हो गया है। बताया जाता कि वाहनों के आयात शुल्क पर 50 प्रतिशत का सरचार्ज लगेगा। इससे कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। राष्ट्रपति दिसानायके ने पहले घोषणा की थी कि 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर वाहन आयात के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
2022 में पहली बार डिफॉल्ट हुआ था द्वीप राष्ट्र
श्रीलंका ने 2022 में पहली बार आधिकारिक तौर पर ऋण चुकाने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद देश में आर्थिक संकट पैदा हुआ। भोजन, ईंधन और गैस की किल्लत हो गई थी। लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने लगे थे। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण तब के राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद रानिल विक्रमसिंघ ने राष्ट्रपति का पद संभाला और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मदद हासिल करने के लिए बातचीत शुरू की। मार्च 2023 में श्रीलंका को बेलआउट पैकेज मिला।
आईएमएफ से समझौता और आर्थिक सुधार
श्रीलंका ने आईएमएफ से 2.9 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज हासिल किया था। आईएमएफ ने हाल ही में तीसरी बार समीक्षा की, जिसमें श्रीलंका सफल रहा। इसके अलावा श्रीलंका ने 14.2 अरब डॉलर का ऋण पुनर्गठन समझौता भी किया, जो आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए जरूरी था। अब श्रीलंका को आईएमएफ की शर्तों का पालन करना है ताकि अर्थव्यवस्था में 2022 जैसी दूसरी गिरावट से बचा जा सके। उसे विदेशी मुद्रा भंडार को बनाए रखना और बढ़ाना होगा। प्रतिबंध हटने के बाद श्रीलंका को कई फायदे होंगे।
डीपसीक का चैटबाट एप, एनवीडिया को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद बढ़ी वैश्विक चिंताएं
1 Feb, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। अगर आपने भी हाल ही में चीन के एआइ आधारित प्लेटफॉर्म डीपसीक का इस्तेमाल किया है, तो आपको पता होना चाहिए कि आपको ये जो जवाब या जानकारी देता है वो ज्यादातर चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के दृष्टिकोण को पेश करता है। सीधे शब्दों में कहें तो यह प्लेटफार्म चीन का प्रोपोगैंडा करने वाला एक टूल है और इसका एजेंडा साफ है।
डीपसीक ने अपना पहला मुफ्त चैटबाट एप जारी किया
बीते 10 जनवरी को डीपसीक ने अपना पहला मुफ्त चैटबॉट एप जारी किया था, जिसके बाद इसने स्टॉक बाजार में एनवीडिया जैसी दिग्गज कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, इसकी क्षमताओं की जांच में जुटे शोधकर्ताओं का मानना है कि यह चैटबाट चीनी सत्ताधारी पार्टी का प्रोपोगैंडा और गलत जानकारी दे रहा है, जिससे वैश्विक जनता की राय पर इसके असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
न्यूजगार्ड और अन्य संगठनों के शोधकर्ताओं ने डीपसीक द्वारा दी गई गलत जानकारी, तथ्यों से छेड़छाड़ को दस्तावेज के रूप में सहेजा है। उदाहरण स्वरूप पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति कार्टर की ताइवान पर टिप्पणी और और झिनजियांग के हालात पर जानकारी को लिया गया है।
चैटबाट ज्यादातर चीनी सरकार के विचारों को दोहराता है
यह चैटबाट ज्यादातर चीनी सरकार के विचारों को दोहराता है, फिर चाहे वो उइगरों का दमन हो या कोविड-19 महामारी। यह टिकटॉक के असर के बारे में चिंताओं को उठाने के साथ ही वैश्विक धारणाओं के लिए तकनीक का प्रयोग करने की चीन की रणनीति को उजागर करता है।
एक डिजिटल रिसर्च कंपनी ग्राफिका के चीफ रिसर्च आफिसर जैक स्टब्स इस बात पर जोर देते हैं कि सूचना अभियानों में चीन नई तकनीकों का फायदा उठा रहा है। अन्य बड़े लार्ज लैंग्वेज माडल्स (एलएलएम) की ही तरह डीपसीक भारी-भरकम टेक्स्ट का विश्लेषण करता है, जिससे अप्रत्याशित प्रतिक्रियाओं के साथ कभी-कभी भ्रम या अशुद्धियों भरे परिणाम दिखते हैं।
डीपसीक के जवाब 80 प्रतिशत समय चीन के विचारों की तरह होते हैं
यह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, थ्येन आनमन चौक और ताईवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जवाब देने से किनारा कर लेता है। न्यूजगार्ड का परीक्षण बताता है कि डीपसीक के जवाब 80 प्रतिशत समय चीन के विचारों की तरह होते हैं। वहीं एक तिहाई जवाबों में पूरी तरह से झूठ होता है। जैसे बुचा नरसंहार से जुड़ी जानकारी मांगने पर इसने चीनी अधिकारियों के बयान ही दोहराए और सीधी टिप्पणी से बचने के साथ व्यापक समझ और निर्णायक सुबूत की जरूरत बताई।
फिलाडेल्फिया में विमान दुर्घटना के बाद कई घरों में आग, बचाव कार्य जारी
1 Feb, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में एक और विमान हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि दो लोगों को लेकर जा रहा एक छोटा विमान उत्तर-पूर्व फिलाडेल्फिया के एक शॉपिंग सेंटर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) ने बताया कि उत्तर-पूर्व फिलाडेल्फिया हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद लीयरजेट 55 मिसौरी में स्प्रिंगफील्ड-ब्रैनसन राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ था। यह शाम करीब 6:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एफएए और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) एनटीएसबी के नेतृत्व में घटनाओं की जांच करेंगे।
पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शाप्रियो ने कहा कि उन्होंने फिलाडेल्फिया के मेयर से घटना के बारे में बात की है और स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैंने फिलाडेल्फिया मेयर से बात की है। मेरी टीम सभी जिम्मेदार एजेंसियों के साथ संपर्क में है। हम नॉर्थईस्ट फिली में छोटे निजी विमान दुर्घटना के राहत अभियान में हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
फिलाडेल्फिया आपातकालीन प्रबंधन कार्यालय ने X पर लिखा, 'रूजवेल्ट मॉल के सामने उत्तर-पूर्व फिलाडेल्फिया में कॉटमैन और बस्टेलटन एवेन्यू के पास बड़ी घटना हुई। रूजवेल्ट बुलेवार्ड के कुछ हिस्सों सहित क्षेत्र में सड़कें बंद हैं। लोग फिलहाल इस इलाके से दूर रहें।' सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वाहनों में आग लगी हुई दिखाई दे रही है। हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कैसे हुआ विमान हादसा?
दरअसल, फिलाडेल्फिया से उड़ान भरने के लगभग 30 सेकंड बाद ही एक मेडिकल ट्रांसपोर्ट जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिहायशी इलाके के पास हुए हादसे की वजह से कई घरों में आग लग गई गए। इसका मलबा पूरे इलाके में फैल गया। हफ्ते की दूसरी हवाई दुर्घटना के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। एक डोरबेल कैमरे ने विमान को आसमान से गिरते हुए रिकॉर्ड किया। यह एक शॉपिंग मॉल और सड़क के पास गिरा। गिरने के बाद यहां जोरदार धमाका हुआ और आग का गुबार उठते देखा गया।
डोरबेल कैमरे में रिकॉर्ड हुई घटना
डोरबेल कैमरे के मालिक जिम क्विन ने कहा, 'हमने केवल एक तेज आवाज सुनी। यह नहीं पता था कि यह कहां से आ रही थी। हमने बस पीछे मुड़कर देखा तो धुआं और आग का गुबार दिखाई दिया।' दुर्घटना नॉर्थईस्ट फिलाडेल्फिया हवाई अड्डे से 3 मील (4.8 किलोमीटर) से भी कम दूरी पर हुई, जो मुख्य रूप से बिजनेस जेट और चार्टर उड़ानों का संचालन करता है।
विमान हादसे के दो दिन बाद हुई दुर्घटना
दुर्घटना अमेरिका में लगभग 25 साल में हुए सबसे घातक विमान हादसे के दो दिन बाद हुई। 60 यात्रियों और चार चालक दल के सदस्यों को ले जा रहा एक अमेरिकन एयरलाइंस का विमान बुधवार रात वाशिंगटन डीसी में बीच हवा में हादसे का शिकार हो गया था। विमान से तीन सैनिकों को ले जा रहा एक सेना का हेलीकॉप्टर टकरा गया था। इस दुर्घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा था।
टीटीपी के चार आतंकवादियों को पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा में मार गिराया
1 Feb, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खैबर पख्तूनख्वा। पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा में एक ऑपरेशन के दौरान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के चार आतंकवादियों को मार गिराया है।रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने डेरा इस्माइल खान के कौलाची इलाके में एक खुफिया आधारित ऑपरेशन चलाया। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान जवानों ने टीटीपी के 4 आतंकियों को मार गिराया।
गुरुवार को, उत्तरी वजीरिस्तान खुफिया आधारित ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना के एक मेजर और एक सैनिक की मौत हो गई। इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने छह टीटीपी आतंकवादियों को मार गिराया। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, यह ऑपरेशन खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली इलाके में चलाया गया।
सैनिकों ने छह आतंकवादियों को मार गिराया
रिपोर्ट के अनुसार, सैनिकों ने टीटीपी के स्थान पर गोलीबारी की और छह आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि 2 लोगों की मौत की सूचना दी जसमें मेजर हमजा इसरार, 29, और सिपाही मुहम्मद नईम, 26 शामिल थे। आईएसपीआर ने आगे कहा कि सुरक्षा बल आतंकवादियों का सफाया करने के लिए दृढ़ हैं। आतंकवाद के खतरे और हमारे बहादुर सैनिकों के ऐसे बलिदान हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं।
इससे पहले 24 जनवरी को, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने घोषणा की थी कि सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से बलूचिस्तान के झोब जिले में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे छह आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया था।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादी
आईएसपीआर के अनुसार कि 22/23 जनवरी की रात को, ख्वारिज के एक समूह की गतिविधि, जो पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के माध्यम से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे, उनको सुरक्षा बलों ने सामान्य क्षेत्र सांबाजा, झोब जिले में पकड़ लिया। " "ख्वारिज" शब्द प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को संदर्भित करता है।
एलन मस्क ने DOGE के ऑफिस में बना लिया बेडरूम, खुद बताई वजह
31 Jan, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गर्वनमेंट एफिसिएंसी) विभाग का गठन किया है। इस विभाग के प्रमुख टेस्ला के मालिक एलन मस्क हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के मुख्यालय में रहकर काम के प्रति अपने समर्पण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
इसके साथ ही दावा किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क वॉशिंगटन डीसी में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के हेडक्वार्टर्स में ही रहते हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि DOGE के प्रमुख एलन मस्क व्हाइट हाउस से कुछ दूर बने आइसेनहोवर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में DOGE के कार्यालय में ही निवास कर रहे हैं।
एलन मस्क ने क्या कहा?
एक रिपोर्ट की मानें तो एलन मस्क ने दावा किया है कि उन्हें व्हाइट हाउस के लिंकन बेडरूम में रात बिताने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने DOGE मुख्यालय में रहने का विकल्प चुना। डेली मेल के अनुसार, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स द्वारा उन्हें वेस्ट विंग में कार्यालय स्थान देने से इनकार करने के बाद, कथित तौर पर यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के साथ अधिक औपचारिक संबंध से बचने के लिए लिया गया था। आपको जानना चाहिए कि ये कोई पहला मौका नहीं है मस्क ने अपने अत्यधिक कार्य नैतिकता के लिए सुर्खियां बटोरी हैं।
ये है मस्क की पुरानी आदत
यहां आपको बता दें कि एलन मस्क हमेशा अपनी हार्डकोर काम करने की क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं। कहा जाता है कि टेस्ला के शुरुआती दिनों में वह व्यस्त अवधि के दौरान फैक्ट्री के फर्श पर सोते थे। मस्क का दावा था कि इससे कर्मचारियों को अपने लीडर के समर्पण को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका मिलता था।
एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा था कि यह बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आपकी टीम को लगता है कि आपका लीडर कहीं अच्छा समय बिता रहा है, किसी ट्रॉपिकल आईलैंड पर माई ताई पी रहा है, तो गलत प्रभाव डालेगा। वहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि मेरे साथ काम करने वाले जानते थे कि मैं वहीं उनके साथ हूं और इससे काफी फर्क आया है।
DOGE में भी लागू हो रही ये कार्य संस्कृति
माना जा रहा है कि DOGE में भी यह कार्य संस्कृति लागू करने की तैयारी है। जिसका सीधा उदाहरण है कि मस्क अपने ऑफिस में ही पूरी समय व्यतीत कर रहे हैं। DOGE का नेतृत्व एलन मस्क कर रहे हैं। विभाग ने पहले ही महत्वपूर्ण कटौती की है, जिससे अनावश्यक भर्ती को रोककर और विविधता, समानता और समावेश (DEI) पहलों पर खर्च में कटौती करके करदाताओं को प्रति दिन लगभग 1 बिलियन डॉलर की बचत हो रही है।
जानकारी हो कि मस्क की टीम ने DEI से संबंधित वेबसाइटों और कार्यक्रमों को खत्म करना भी शुरू कर दिया है, जिसमें अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय के मुख्य विविधता अधिकारी कार्यकारी परिषद की वेबसाइट को हटा दिया गया है।
चीन की नई रणनीति, भारत-चीन सीमा पर तनाव के बावजूद सीमा चौकियों तक बिजली पहुंचाई
31 Jan, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम होने के बावजूद चीन ने अपनी रणनीतिक तैयारियां जारी रखी हैं. सूत्रों के मुताबिक चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने हिमालयी क्षेत्र में सीमा चौकियों तक बिजली आपूर्ति का विस्तार शुरू कर दिया है.
इस कदम से चीन की सीमा रक्षा क्षमताओं में वृद्धि होगी, जिसमें सैनिकों के रहने की स्थिति में सुधार होगा. साथ ही चीन अधिक बिजली-उपयोग करने वाले हथियारों और उपकरणों की तैनाती आसानी से और देर तक कर सकेगा.
चीनी सेना लंबे समय से इन दूरदराज की सीमा चौकियों में बिजली आपूर्ति बेहतर करने की कोशिश कर रही थी. अब शिनजियांग के शैयडुल्ला और तिब्बत के नगारी जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में स्थित सीमा चौकियों को पूरी तरह राष्ट्रीय पावर ग्रिड से जोड़ा गया है.
चीन के कथनी और करनी में अंतर
यह कदम न केवल सैनिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि उन्नत हथियारों और उपकरणों की तैनाती को भी आसान बनाएगा, लेकिन चीन की इस तैयारी से LAC पर उसकी कथनी और करनी के अंतर को जरूर दर्शाती है.
इस पहल से उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को पीने का पानी, हीटिंग, नहाने और ऑक्सीजन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. वहीं उसकी सैन्य तैयारी को बढ़ावा मिलेगा. जनवरी 2024 तक चीन ने 700 से अधिक सीमा चौकियों को राष्ट्रीय पावर ग्रिड से जोड़ा था
नगरी क्षेत्र, जो पश्चिमी तिब्बत का भारत से सटा क्षेत्र है, खनिज संसाधनों से समृद्ध है. यह परिवहन और लॉजिस्टिक्स का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र भी है, जो दक्षिण एशिया के लिए प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करता है.
चीन की तैयारी से बढ़ी भारत की चिंता
साथ ही शैयडुल्ला, जो लगभग 3,700 मीटर (12,139 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, अक्साई चिन के पास है. जिस पर भारत का दावा है लेकिन चीन का कब्जा है. यह गालवान घाटी के बेहद नजदीक है, जहां 2020 में भारत-चीन के बीच घातक झड़प हुई थी.
तिब्बती पठार के कठोर मौसम में तैनात चीनी सैनिकों को अब बेहतर ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है साथ ही LAC के पास तैनात ड्रेगन की PLA को ज़रूरी सुविधाएं और ऑपरेशनल क्षमताओंइजाफा किया जा रहा है. चीन की यह रणनीतिक तैयारी भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है.
सुनीता विलियम्स ने 9वीं बार किया स्पेसवॉक, 5.5 घंटे स्पेस स्टेशन से रहीं बाहर
31 Jan, 2025 04:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर गुरुवार शाम भारतीय समय के मुताबिक 6 बजकर 30 मिनट से स्पेसवॉक शुरू किया। इस दौरान उनके साथ एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर भी थे।
करीब 5.5 घंटे तक चलने वाली इस स्पेसवॉक के दौरान दोनों ने ISS के बाहरी हिस्से को साफ किया और सूक्ष्मजीव प्रयोग के लिए नमूने भी इकट्ठा किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पता चलेगा कि ISS पर सूक्ष्मजीव जीवित हैं या नहीं। इसके अलावा ISS से टूटा हुआ एंटीना भी अलग किया।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से 5.5 घंटे की स्पेसवॉक के लिए बाहर कदम रखा, जिससे एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।
सुनिता विलियम्स के पास अब कुल 62 घंटे, 6 मिनट का स्पेसवॉक समय का रिकॉर्ड भी है, जो नासा की सर्वकालिक सूची में चौथा है।
सुनीता ने 15 दिन में दूसरी बार स्पेसवॉक किया
सुनीता विलियम्स का यह 15 दिन के भीतर दूसरा स्पेसवॉक है। उन्होंने 16 जनवरी को एस्ट्रोनॉट निक हेग के साथ साढ़े 6 घंटे तक स्पेसवॉक किया था। अब तक सुनीता विलियम्स 9 स्पेसवॉक कर चुकी हैं। वहीं, बुच विल्मोर का यह पांचवां स्पेसवॉक है।
इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को 23 जनवरी को स्पेसवॉक करना था लेकिन उनकी तैयारी के लिए इस दिन को 7 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
सूक्ष्मजीवों प्रयोग के लिए नमूने किए जमा
NASA ने कहा कि अगर वहां सूक्ष्मजीव मिलते हैं तो प्रयोग से समझने में मदद मिलेगी कि वे अंतरिक्ष के वातावरण में कैसे जीवित रह पाते हैं और कैसे प्रजनन करते हैं। यह भी जानने की कोशिश की जाएगी कि वे अंतरिक्ष में कितनी दूर तक यात्रा कर सकते हैं। यह भी जांच की जाएगी कि ये सूक्ष्मजीव चंद्रमा और मंगल जैसे ग्रह पर जीवित रह पाएंगे या नहीं।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि सुनिता विलियम्स और बुच विल्मोर ने अपने प्राथमिक उद्देश्य पूरे कर लिए हैं, जिनमें स्टेशन के ट्रस से रेडियो फ्रीक्वेंसी समूह एंटीना असेंबली को हटाना और डेस्टिनी प्रयोगशाला और क्वेस्ट एयरलॉक से विश्लेषण के लिए सतह सामग्री के नमूने एकत्र करना शामिल है।
इस बीच, नासा ने बुधवार को कहा कि वह अरबपति एलन मस्क की स्पेसएक्स के साथ मिलकर दो अंतरिक्ष यात्रियों (सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर) को सुरक्षित रूप से घर वापस लाने के लिए काम कर रहा है, जो महीनों से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे हुए हैं, "जितनी जल्दी संभव हो सके।"
अनुभवी अंतरिक्ष यात्री विल्मोर और विलियम्स जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर पर सवार होकर आईएसएस पहुंचे। उन्हें परिक्रमा प्रयोगशाला में केवल आठ दिन बिताने थे, लेकिन अंतरिक्ष यान पर तकनीकी समस्याओं के कारण नासा को अपनी योजना बदलनी पड़ी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अगस्त में घोषणा की थी कि बोइंग की प्रतिद्वंद्वी स्पेसएक्स फरवरी में चालक दल को घर ले आएगी। लेकिन स्पेसएक्स द्वारा एक नया अंतरिक्ष यान तैयार करने के कारण उनकी वापसी को और आगे बढ़ा दिया गया।
यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के एक दिन बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि स्पेसएक्स "जल्द ही" दोनों अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए मिशन शुरू करेगा।
क्या है NASA का अगला प्लान
नासा और स्पेसएक्स एजेंसी के स्पेसएक्स क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही अभियानों के बीच हैंडओवर को पूरा करने के लिए क्रू-10 के लॉन्च की भी तैयारी कर रहे हैं।
नासा और स्पेसएक्स ने मार्च 2025 के अंत से पहले क्रू-10 को आईएसएस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है।
नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव के साथ स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन क्रू-10 के प्रयोगशाला में पहुंचने के बाद ही पृथ्वी पर लौट सका।
सीरिया में अमेरिकी हमले में अलकायदा का एक बड़ा कमांडर ढेर, सलाह अल-जबीर की मौत
31 Jan, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमिश्क। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को अलकायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन के सीनियर आतंकवादी मोहम्मद सलाह अल-जबीर को मौत के घाट उतार दिया। सीरिया के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक हवाई हमले में मोहम्मद सलाह अल-जबीर की मौत हुई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह हवाई हमला आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई। जाबीर हुरार्स, अल-दीन नामक ग्रुप से जुड़ा था। यह ग्रुप अलकायदा का सहयोगी संगठन है।
सीरिया में तख्तापलट के बाद चल गई बशर की सत्ता
बता दें कि सीरिया में कुछ दिनों पहले तख्तापलट हुआ था। बशर-अल असद की सरकार को विद्रोही गुट तहरीर अल-शाम ने उखाड़ फेंक था। वहीं, अहमद अल-शरा को देश का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है।
फिलहाल अंतराष्ट्रीय मंचों पर अहमद अल-शरा ही सीरिया का नेतृत्व करेंगे। तख्तापलट होने के बाद बशर-अल असद परिवार के साथ सीरिया चले गए। सीरिया में पिछले 53 साल से असद परिवार का कब्जा था। सीरिया में हो रही गतिविधियों पर अमेरिका की पैनी नजर है।
हमास का सैन्य प्रमुख ढेर
वहीं, इजरायल ने फलस्तीन आतंकवादी समूह हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद दैफ को हवाई हमले में मार गिराया। आईडीएफ ने इस घटना की पुष्टि की है।
फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी के बाद हमास का इजरायल पर गुस्सा
31 Jan, 2025 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया, इससे पहले दिन में गाजा पट्टी में आठ बंधकों को उग्रवादियों द्वारा मुक्त कर दिया गया था। इजरायल ने फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू की, जिसको लेकर हमास ने आपत्ति जताई थी।
रेडक्रास पर हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी
इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है। जिन इजरायली बंधकों को गुरुवार को रिहा किया गया उनमें शामिल 29 वर्षीय आर्बेल येहुद को सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल के किबुज नीर ओज शहर से अगवा किया गया था।
हजारों लड़ाकों के बीच से चोटिल येहुद बड़ी मुश्किल से पैदल चलकर रेडक्रास के अधिकारियों के पास आ पाईं। उनके साथ 80 वर्ष के गाजी मोसेस को भी हमास ने छोड़ा है। तीसरी बंधक इजरायली सैनिक अगम बर्जर हैं। रिहा किए गए थाइलैंड के पांच नागरिक गाजा के नजदीक इजरायली नागरिकों के खेतों में काम करते थे, वहीं से उन्हें अगवा किया गया था।
पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया
गाजा के खान यूनिस शहर में गुरुवार को हमास ने तीन इजरायली बंधकों और पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया। लेकिन बदले में 110 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू हो पाई है। इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है।
खान यूनिस में जो माहौल बंधकों को डराने वाला था
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि बंधकों की रिहाई के समय खान यूनिस में जो माहौल था वह स्तब्ध करने वाला और बंधकों को डराने वाला था। उन्होंने मध्यस्थों से अनुरोध किया है कि भविष्य में होने वाली बंधकों की रिहाई के समय गाजा में हमास की ओर से ऐसा माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए। इस बाबत ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही फलस्तीनी बंधकों की रिहाई होगी।
रिहा किए गए कैदियों में 30 ऐसे हैं जो इजरायलियों के खिलाफ घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कुछ को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर लौटने की अनुमति दी गई है, जबकि अधिक गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लोगों को निर्वासन से पहले मिस्र स्थानांतरित किया जा रहा है।
देर से शुरू हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई
उनकी रिहाई गुरुवार (30 जनवरी, 2025) को देर से शुरू हुई, जब गाजा में आतंकवादियों ने तीन इजरायली और पांच थाई नागरिकों को रिहा कर दिया, जो 15 महीने से अधिक समय पहले बंधक बनाए जाने के समय दक्षिणी इजरायल में खेतों पर काम कर रहे थे। गाजा में बने माहौल के बाद वापस जेल भेज दी गईं। इजरायली सेना और हमास के बीच चले 15 महीने से ज्यादा के युद्ध के बाद गाजा में युद्धविराम हुआ है और समझौते के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई हो रही है।
मेटा और माइक्रोसॉफ्ट के CEOs ने AI निवेश को लेकर दी टिप्पणियां
31 Jan, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के सीईओ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को विकसित करने पर किए गए बेतहाशा खर्च का बचाव करते हुए कहा है कि नए क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए यह महत्वपूर्ण था। दरअसल, कम लागत में तैयार किए गए चीनी एआई चैटबाट डीपसीक के सफल होने के बाद इन दोनों कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कही ये बात
माना जा रहा है कि यह कम लागत पर अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर परिणाम देता है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे में बहुत अधिक निवेश करने का समय के साथ एक रणनीतिक लाभ होगा।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि एआई के विकास में किया गया खर्च व्यवधानों को कम करेगा। विश्लेषकों से बात करते हुए नडेला ने कहा, जैसे-जैसे एआई अधिक कुशल और सुलभ होता जाएगा, हम इसकी मांग में बढ़ोतरी देखेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट ने चालू वित्त वर्ष में एआई के लिए 80 अरब डालर खर्च करना तय किया है जबकि मेटा ने 65 अरब डालर खर्च करने की बात कही है। यह डीपसीक द्वारा अपने एआई मॉडल को विकसित करने के लिए खर्च किए गए लगभग 60 लाख डालर से बहुत ज्यादा है।
माइक्रोसॉफ्ट के शेयर मे गिरावट
वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों का कहना है कि एआई के विकास पर खर्च की राशि सही मायने में कंप्यूटिंग पावर पर खर्च किया गया पैसा है। हालांकि, इसके बावजूद कुछ निवेशक भारी खर्च के चलते धैर्य खोते दिख रहे हैं। यही वजह रही कि माइक्रोसॉफ्ट का शेयर गुरुवार को शुरुआती कारोबार में छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
चीन के DeepSeek के बाद सऊदी अरब ने पेश किया अपना AI चैटबॉट
चीन के डीपसीक के बाद सऊदी अरब ने एक एआई चैटबाट बनाया है। खास बात यह है कि यह चैटबाट केवल वैश्विक श्रम बाजार से जुड़े सवालों का जवाब देता है। किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित ग्लोबल लेबर मार्केट कांफ्रेंस में 'रेयान' नाम का यह चैटबाट चर्चा का विषय बना हुआ है।
रियाद स्थित कंपनी ताकामोल द्वारा निर्मित एआR चैटबाट के दो संस्करण है। ऑनसाइट संस्करण में यह केवल अंग्रेजी में प्रश्नों का उत्तर देता है।
ट्रंप के बारे में क्या कहा?
ऑनलाइन संस्करण में यह फ्रेंच, अरबी और स्पेनिश सहित कई भाषाओं में टेक्स्ट चैट में उत्तर देता है। चैटबाट से बात करने के दौरान जब एक व्यक्ति ने अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के बारे में पूछा तो उसने डिस्क्लेमर से कहा, 'मैं स्पष्ट तौर पर कह दूं कि मेरी विशेषज्ञता वैश्विक श्रम बाजार विषयों में है। मैं उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिकी बाजारों के रुझानों और नीतियों के बारे में सामान्य जानकारी दे सकता हूं।'
रूस ने यूक्रेन के सुमी में फिर से किया हमला, चार की मौत, नौ घायल
30 Jan, 2025 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले करीब तीन साल से जारी रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच रात में रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि रूसी ड्रोन ने पूर्वोत्तर यूक्रेन में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में विस्फोट किया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में नौ लोग घायल भी हुए। सुमी क्षेत्रीय प्रशासन ने बताया कि शाहेद ड्रोन ने रात के एक बजे के बाद प्रमुख शहर सुमी के अपार्टमेंट ब्लॉक में एक दीवार और खिलड़कियां उड़ा दी। मलबे से चार लोगों को बचाया गया। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा मलबे से 120 लोगों को बाहर निकाला गया।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले को बताया भयानक त्रासदी
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को एक भयानक त्रासदी और भयानक रूसी अपराध बताया। रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष अपने चौथे साल में प्रवेश करने वाला है, लेकिन अभी तक इसके समाप्त होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा। अबतक इस संघर्ष में 10,000 यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। रूस यूक्रेन में पावर ग्रिड पर भी हमले कर रहा है, जिससे यूक्रेनी नागरिकों को बिजली और पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
रूस ने दागे 80 से ज्यादा ड्रोन
रूस ने रातों रात यूक्रेन पर 80 से ज्यादा ड्रोन दागे। यूक्रेन के दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में रूसी ड्रोन ने एक अस्पताल और दो अपार्टमेंट इमारतों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, इस हमले से कुछ दिन पहले रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर पर रणनीतिक कब्जे का दावा किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी यूक्रेन की एक बस्ती वेलीका नोवोसिल्का के पतन का एलान किया था, जहां युद्ध के पहले करीब पांच हजार लोग रहते थे। जबकि यूकेन का कहना था कि केवल कुछ ही क्षेत्रों से उसके सैनिक पीछे हटे हैं। बता दें कि दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लगातार आगे बढ़ रही हैं। रूसी सेना डोनेट्स्क के पोक्रोवस्क और चासिव यार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
सलवान मोमिका की हत्या: स्वीडन में कुरान जलाने वाला आलोचक मारा गया
30 Jan, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्टॉकहोम। स्वीडन में कुरान जलाने वाले सलवान मोमिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सलवान इस्लाम धर्म के आलोचक थे। 38 वर्षीय मोमिका को बुधवार रात स्टॉकहोम के पास सॉडेटेलिए इलाके में गोली मारी गई थी।
वो चर्चा में तब आए जब उन्होंने साल 2023 में ईद के मौके पर स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने मुस्लिम धार्मिक ग्रंथ कुरान का अपमान किया और उसे जलाया था। पुलिस को एक व्यक्ति के गोली लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने उन्हें गंभीर रूप से घायल पाया।
दुनियाभर में वायरल हुई थी मोमिका की वीडियो
मोमिका के भड़काऊ कुरान जलाने के वीडियो को दुनिया भर में वायरल हुई थी। वीडियो वायरल होने के बाद कई मुस्लिम देशों में गुस्सा और आलोचना पैदा हुई, जिससे कई जगहों पर दंगे और अशांति फैल गई।
स्टॉकहोम की एक अदालत को गुरुवार को यह फैसला सुनाना था कि क्या इराकी ईसाई सलवान मोमिका, जातीय घृणा भड़काने का दोषी है या नहीं। अदालत ने फैसला यह कहते हुए टाल दिया कि प्रतिवादी की मृत्यु हो गई है।"
कौन थे सलवान मोमिका?
मोमिका ने खुद को इराक में एक ईसाई मिलिशिया के प्रमुख के रूप में पेश किया था।। उनका संगठन, इमाम अली ब्रिगेड्स के अंतर्गत आता है। ये संगठन 2014 में बनाया गया था और इस पर वॉर क्राइम के आरोप लगते रहे हैं। सलवान मोमिका ने 2017 में इराकी शहर मोसुल के बाहरी इलाके में अपना सशस्त्र समूह भी बनाया था।
पानीपत हत्याकांड: महिला की 5 साल की बेटी ने नाना को बताया आरोपी
30 Jan, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पानीपत में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है. लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप लगा है. हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पार्टनर मौके से फरार हो गया. वारदात का खुलासा महिला की 5 साल की बेटी ने किया. बताया जा रहा है कि बच्ची रोते हुए पड़ोस में रहने वाले नाना के पास गई और कहा कि अंकल ने मम्मी को मारा और मम्मी उठ नहीं रही है. ये सुनते ही पिता तुरंत दौड़ कर बेटी के कमरे में गए, जहां उन्होंने चारपाई पर महिला को मृत पड़ा देखा. हत्या की खबर सुनते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम नंबर डायल 112 पर दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद शव को वहां से एंबुलेंस में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवाया गया.
लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
पिता की शिकायत पर पुलिस ने महिला के लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. मृतिका के पिता मोती लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिला का रहने वाला है. उसने अपनी 30 वर्षीय बेटी सरोज देवी की शादी करीब 10 साल पहले बिहार के रहने वाले ओम प्रकाश राम के साथ की थी. शादी के बाद वह 3 बच्चों की मां है. तीनों ही बेटियां है. जिनमें बड़ी बेटी 10 साल की है. मंझली बेटी 5 साल व सबसे छोटी बेटी साढ़े 3 साल की है.
5 साल की बच्ची ने नाना को बताई हत्या की बात
पिता ने बताया कि वह पानीपत में डाडौला रोड स्थित एक कंपनी में काम करता है. उन्होंने बताया, ''करीब 4 साल पहले उसकी बेटी सरोज को संदीप नाम का युवक भगा लाया था. इसके बाद वे दोनों यहां डाडौला रोड स्थित लेबर क्वार्टर में रह रहे थे. वे दोनों भी उसके पड़ोस में रहने लगे. यहां उनके साथ मंझली और छोटी बेटी भी रहती है. मंझली बेटी 5 साल की है. शनिवार सुबह वह रोते हुए मेरे कमरे में आई. उसने बताया कि संदीप अंकल ने मम्मी को रात को खूब पीटा. अब मम्मी उठ नहीं रही है.
4 साल से लिव-इन रिलेशन में रह रही थी महिला
सरोज की बेटी ने बताया कि अंकल ने मम्मी का गला दबाया था. इसके बाद उसका गला देखा तो उसके गले पर निशान थे. वहीं, आरोपी मौके से फरार मिला. मृतका के पिता ने बताया, ''वह बीते 4 साल से संदीप नामक व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी. उन्होंने बताया कि आरोपी संदीप का कॉलोनी के ही रहने वाली किसी और महिला के साथ साथ भी रिलेशन में था जिसको लेकर उनके बीच अक्सर झगड़ा रहता था. कई दिन पहले भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. शक है कि इसी वजह से आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया.
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी
वहीं, जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मृतिका के परिजनों की शिकायत पर आरोपी संदीप के खिलाफ का मामला दर्ज किया गया है. शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौप दिया जाएगा. आरोपी की तलाश ले लिए थाना और सीआईए दोनों टीमें लगी हुई है. जल्द ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.
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