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ग्रेनफेल टावर अग्निकांड: 8 साल बाद सरकार ने इमारत गिराने का लिया फैसला
8 Feb, 2025 03:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भयानक अग्निकांड के आठ साल बाद लंदन के ग्रेनफेल टावर को ढहाया जाएगा। ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को ग्रेनफेल टावर के ढहाने की योजना का एलान किया। 14 जून 2017 की सुबह ग्रेनफेल टावर में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में कुल 72 लोगों की जान गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में हुआ यह सबसे भयावह अग्निकांड था।
फैसले का हो रहा विरोध
हादसे के आठ साल बाद इमारत को ढहाने के फैसले का विरोध भी हो रहा है। हादसे में अपनों को खोने वाले लोग सरकार के इस निर्णय की आलोचना कर रहे हैं। दरअसल, यह लोग इमारत के जले हुए ढांचे को मृतकों की स्मृति के तौर पर संरक्षित करना चाहते हैं। बता दें कि ग्रेनफेल टावर पश्चिमी लंदन के उत्तरी केंसिंग्टन के पास स्थित है। यह इमारत लगातार त्रासदी की याद दिलाती है।
सावधानीपूर्वक ढहाया जाएगा
मगर सरकार का कहना है कि पुनर्विकास और 24 मंजिला इमारत के अवशेषों को हटाने से समुदाय को राहत मिलेगी। सरकार नेकहा है कि ग्रेनफेल टावर को सावधानीपूर्वक ढहाया जाएगा।
कई कारणों से लगी आग
हादसे की लंबी जांच चली। यह तथ्य सामने आया है कि इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण थे। भ्रष्ट कंपनियों, कमजोर विनियमन और लापरवाह सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से यह हादसा हुआ था। जांच से यह निष्कर्ष निकला कि सरकार, नियामकों और उद्योग की दशकों की विफलताओं ने इमारत को मौत के जाल में बदल दिया था।
14 जून 2017 को इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट में रखे एक छोटे रेफ्रिजरेटर से आग लगी थी। देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया था। हादसे में 72 लोगों की जान गई थी।
अनिल विज ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी का नाम चमक रहा है
8 Feb, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का हार और बीजेपी की जीत पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम चमक रहा है. उन्होंने कहा कि 'आप' और उसके नेताओं की हार के बाद झूठ, धोखाधड़ी और मुफ्तखोरी की राजनीति खत्म हो गई है. देश की राजनीति शुद्ध हो रही है. दिल्ली की समझदार जनता ने अच्छा फैसला किया कि देश में कांग्रेस जीरो है.
दिल्ली चुनाव परिणाम पर पुष्कर सिंह धामी का बयान
दूसरी तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर विश्वास किया है, क्योंकि वह जो कहते हैं, वह करते हैं. लोग डबल इंजन वाली सरकारों को पसंद कर रहे हैं क्योंकि डबल इंजन वाली सरकारें लगातार विकास कर रही हैं. मैंने खुद देखा कि पिछले 10 सालों से अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के खिलाफ लोगों में कितना गुस्सा था. बदलाव की लहर साफ थी, अब दिल्ली में चौतरफा विकास होगा.
मोदी के नाम से दिल्ली में विश्वास का नया युग
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली के दिल में मोदी, दिल्ली की जनता ने झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के शीशमहल को नेस्तनाबूत कर दिल्ली को आप-दा मुक्त करने का काम किया है. दिल्ली ने वादाखिलाफी करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है, जो देशभर में जनता के साथ झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा. यह दिल्ली में विकास और विश्वास के एक नए युग का आरंभ है.
ब्राजील में विमान क्रैश का खौफनाक मंजर, बस से टकराने के बाद आग का गोला बना विमान
8 Feb, 2025 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दक्षिणी ब्राजील के साओ पाओलो में शुक्रवार को एक छोटे विमान के व्यस्त सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने और एक बस से टकरा जाने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. विमान की बस से टक्कर के बाद लोग बेतहाशा इधर-उधर भाग रहे थे.
पुलिस के अनुसार, विमान में सवार दो लोगों की आग में झुलस कर मौत हो गई। छह अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें एक मोटरसाइकिल सवार और बस में सवार एक महिला शामिल है. दरअसल
दोनों लोग उड़ते हुए मलबे की चपेट में आ गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, साओ पाओलो में सैन्य पुलिस के अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता कैप्टन आंद्रे एलियास सैंटोस ने बताया कि जीवित बचे लोगों को पास के सांता कासा डी मिसेरिकोर्डिया अस्पताल और उपा सांताना अस्पताल ले जाया गया।
हादसे की हो रही जांच, पुलिस ने तफ्तीश कर दी शुरू
अधिकारियों ने टक्कर के कारण की जांच शुरू कर दी है। एक आपातकालीन दल के अधिकारी ने बताया कि विमान से टकराने के बाद मार्क्वेस डी साओ विसेंटे पर बस से उतरने के लिए “हताश लोग” भाग रहे थे।
सिविल गार्ड के सदस्य एलेक्जेंडर लीमा मार्केस ने सीएनएन ब्रासिल को बताया कि, "जब हम नजदीक पहुंचे तो हमने बहुत सारा धुआं देखा। हम विमान में आग लगी हुई देख सकते थे, हताश लोग बस से उतर रहे थे। वे बहुत डरे हुए और सदमे में थे।"
साओ पाउलो में सैन्य पुलिस की प्रवक्ता ओलिविया पेरोन काज़ो ने बताया कि बचाव अभियान में कुल 14 अग्निशमन विभाग की गाड़ियां और 38 अग्निशमन कर्मी शामिल थे। साओ पाउलो के मेयर रिकार्डो नून्स ने बताया कि पीड़ितों को बचाने के लिए अग्निशमन कर्मियों और यातायात कर्मचारियों सहित आपातकालीन दल को तैनात किया गया था।
नून्स ने एक्स पर एक पोस्ट में घातक दुर्घटना पर अपना "खेद" व्यक्त किया । उन्होंने कहा, "हम पीड़ितों की मदद के लिए सभी सहायता संरचनाएं मुहैया कर रहे हैं।"
पैसों के लिए जिंदा शख्स को मृत दिखाकर एक करोड़ का बीमा हड़पने की कोशिश
8 Feb, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा: कहते हैं पैसे के लिए इंसान कुछ भी कर गुजरता है. इसी तरह का एक मामला हरियाणा के सोनीपत से सामने आया है, जहां एक करोड़ रुपये का बीमा हड़पने के लिए एक जिंदा शख्स को मृत दिखा दिया गया. एक शख्स ने बड़ी चालाकी से युवक को अपना भाई बताते हुए LIC से क्लेम मांगा. उसने बताया कि युवक बीमार था और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई है. यहां तक की उसने युवक को लेकर ये भी कहा कि उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है. उसने सबसे पहले युवक का आधार कार्ड इस्तेमाल किया और उसके नाम से एक बैंक में अकाउंट खुलवाया. फिर युवक के नाम पर एक करोड़ का बीमा लिया. शुरुआती 10 महीनों तक उसने खुद युवक के नाम पर 6 लाख की किस्त भी भरी. इसके बाद उसने युवक को मरा हुआ दिखाना शुरू किया. हालांकि जब युवक ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल किया तो उसकी पोल खुल गई. उसने युवक को दिल्ली कैंट का रहने वाला बताया था.
10 महीने तक 6 लाख की किस्त
मामला हरियाणा के सोनीपत का है, जहां के ठरू गांव के रहने वाले प्रवीन को मयूर विहार के रहने वाले धर्मबीर ने मृत दिखाया. धर्मबीर ने हाल ही में अपनी बेटी की शादी प्रवीन के पड़ोस में की थी और यहीं से एक साल पहले उसने ये पूरी साजिश रचनी शुरू की. धर्मबीर ने पहले प्रवीन का ओरिजिनल आधार कार्ड इस्तेमाल किया और फिर 1 करोड़ की पॉलिसी करा ली. उसने 10 महीने तक 6 किस्त भी भरी.
मरा हुआ दिखाना शुरू किया
इसके बाद धर्मबीर ने प्रवीन को मरा हुआ दिखाना शुरू किया. पहले प्रवीन को दिल्ली कैंट का रहने वाला अपना भाई बताया. फिर उसे बुखार दिखाते हुए अस्पताल में भर्ती दिखाया और बाद में मौत दिखा दी. इस दौरान उसने LIC को एप्लिकेशन देते हुए कहा कि वह और उसकी पत्नी आर्मी में जॉब करते हैं. उसे फोन पर अपने भाई प्रवीन की मौत की जानकारी मिली.
फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लगाया
धर्मबीर ने एप्लिकेशन में फर्जी शमशान घाट की पर्ची और डेथ सर्टिफिकेट तक लगा दिया, लेकिन जब मामले की जांच की गई और आधार कार्ड से प्रवीन की असल जानकारी निकाली गई, तो सबकुछ सामने आ गया कि शख्स अभी जिंदा है और जिस तारीख पर धर्मबीर ने प्रवीन को मरा हुआ दिखाया. उस तारीख पर कोई अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ था. प्रवीन को भी जब मामले की जानकारी लगी तो उसने कहा कि मैं जिंदा हूं और मैंने कोई पॉलिसी नहीं ली है. इसके साथ ही उसने मामले में धर्मबीर के खिलाफ केस भी दर्ज कराया.
ट्रंप के आदेश पर अदालत की फटकार, अमेरिका में भारतीयों को बड़ी राहत
7 Feb, 2025 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में रह रहे भारतीयों को आज बड़ी राहत मिली है। वीजा पर रहने वाले और ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय छात्रों और पेशेवरों को अमेरिका छोड़ने का डर अब खत्म हो जाएगा। दरअसल, सिएटल के एक कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश पर अनिश्चित काल के लिए रोक दी है, जिसमें जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने का आदेश जारी किया गया था।
कोर्ट ने क्या कहा?
ट्रंप सरकार के आदेश की आलोचना करते हुए, सिएटल कोर्ट ने कहा कि ट्रंप संविधान के साथ "नीतिगत खेल" खेलने के लिए कानूनी राज को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप को दूसरा बड़ा झटका
अमेरिका के जिला न्यायाधीश जॉन कफनौर का ये प्रारंभिक रोक जजमेंट अमेरिकी कानून को बदलने के साथ ट्रंप की व्यापक निर्वासन कार्रवाई को दूसरा बड़ा कानूनी झटका है। इससे पहले मैरीलैंड के एक जज ने भी ऐसा ही फैसला सुनाया था।
ट्रंप को जज ने सुनाई खरी-खरी
रिपोर्ट के अनुसार, सिएटल में गुरुवार को एक सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कफनौर ने सख्त लहजे में कहा, यह स्पष्ट हो गया है कि हमारे राष्ट्रपति के लिए कानून का शासन उनके नीतिगत लक्ष्यों के लिए एक बाधा मात्र है। उनके अनुसार, कानून का शासन कुछ ऐसा है जिसे दरकिनार किया जा सकता है या बस अनदेखा किया जा सकता है, चाहे वह राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए हो।
जज बोले- संविधान में करना होगा संशोधन
जज ने आगे कहा कि इस न्यायालय में और मेरी निगरानी में कानून का शासन बना रहेगा, चाहे कोई कुछ भी हो। जज ने आगे कहा कि संविधान ऐसी चीज नहीं है जिसके साथ सरकार नीतिगत खेल खेल सके। यदि सरकार जन्मजात नागरिकता के कानून को बदलना चाहती है, तो उसे संविधान में ही संशोधन करने की आवश्यकता है।
सोहाना सबा हिरासत में! क्या मेहर अफरोज शॉन मामले से जुड़ा है कोई कनेक्शन?
7 Feb, 2025 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में इस समय उथल-पुथल मची हुई है. देश में एक्ट्रेस मेहर अफरोज शॉन की गिरफ्तारी के बाद अब एक और एक्ट्रेस को सवाल-जवाब के लिए ले जाया गया है. एक्टर सोहाना सबा को भी हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें डिटेक्टिव ब्रांच के ऑफिस सवाल-जवाब करने के लिए ले जाया गया है.
देश में एक्टर सोहाना सबा को पूछताछ के लिए ले जाया गया है, इस बात की पुष्टि ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद विल्बर रहमान ने गुरुवार रात की. इससे पहले एक्टर और डायरेक्टर मेहर अफरोज शॉन को भी हिरासत में ले लिया गया था. मेहर को ढाका के धनमंडी इलाके में उनके आवास से कस्टडी में लिया गया था.
एक्ट्रेस से की जा रही पूछताछ
डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख रेजाउल करीम मल्लिक ने कहा कि मेहर को राज्य के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. उन्हें मिंटो रोड पर मौजूद डिटेक्टिव ब्रांच के ऑफिस में सवाल-जवाब करने के लिए ले जाया गया है.
जहां मेहर अफरोज को राज्य के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, अभी तक यह सामने नहीं आया है कि सोहाना सबा को किस अपराध के चलते पूछताछ के लिए बुलाया गया है. दोनों ही एक्ट्रेस से फिलहाल पूछताछ की जा रही है.
बांग्लादेश में इस समय पहले मेहर अफरोज शॉन पर एक्शन लिया गया. वहीं, अब सोहाना सबा को भी घेर लिया गया है. मेहर को न सिर्फ हिरासत में लिया गया बल्कि गुस्साई भीड़ ने मेहर के गांव में मौजूद घर में आग लगा दी. उनके पिता मोहम्मद अली के घर पर आग लगा दी गई, जोकि जमालपुर सदर उपजिला में नारुंडी रेलवे स्टेशन के पास था .
कौन हैं सोहाना सबा?
सोहाना सबा बांग्लादेश की फिल्मी दुनिया का बड़ा नाम है. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है और लोगों का दिल जीता है. सोहाना सबा को “अयना” और “ब्रिहोन्नोला” जैसी फिल्मों में उनके रोल के लिए खूब जाना जाता है. इन रोल के बाद वो खूब चर्चा में बनी रही थीं.
अफगानिस्तान में फंसी भारतीय महिला की घर वापसी, कहा....
7 Feb, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अफगानिस्तान में तालिबान राज से पहले कई भारतीयों ने वहां जाकर अपना ठिकाना बना लिया था और गुजर बसर कर रहे थे। अब जब अफगानिस्तान पर तालिबान राज कायम हो गया है, तब वहां रह रहे लोगों का जीना दूभर हो चुका है।
काबुल में खराब होती सुरक्षा व्यवस्था के चलते भारत समेत दूसरे देशों के लोग वहां से बाहर निकलने की कोशिश में हैं। इसी कड़ी में एक भारतीय महिला भी तालिबान राज से बमुश्किल बाहर आई है, जिसने अपनी आप बीती सुनाई है।
अफगानिस्तान से लौटी भारतीय महिला
तालिबान के कब्जे के बाद से तीन साल तक अफगानिस्तान में फंसी रहने के बाद एक भारतीय महिला और उसकी ढाई साल की बेटी बुधवार को भारत लौटी। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिक इकरा जमाल की शादी एक अफगान नागरिक से हुई थी और तालिबान के सत्ता में आने के बाद वह घर नहीं लौट पाई थी।
मैंने बहुत डर, डिपरेशन और चिंता का सामना किया है। खासकर तालिबान की वापसी के शुरुआती महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है। जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया, तो देश में अराजक स्थिति पैदा हो गई। मैं उस दौरान भारत जाने वाली उड़ान पकड़ने में असमर्थ रही और फंस गई।
गर्भवती होकर फंस गई महिला
अफगानिस्तान में रहने के दौरान, महिला गर्भवती हो गई और उसने एक बेटी को जन्म दिया। गर्भवती होने के चलते वो वहीं फंस गई थी। बता दें कि बीस साल के विद्रोह के बाद अगस्त 2021 में तालिबान अफगानिस्तान में सत्ता में लौट आया था। उनके कब्जे से देश के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आए।
सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान ने लड़कियों और महिलाओं पर कई प्रतिबंध लगाए हैं।
महिलाओं पर तालिबान ने लगाए कई बैन
तालिबान द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में माध्यमिक विद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और अधिकांश प्रकार के रोजगार पर प्रतिबंध शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अभी तक तालिबान को एक वैध सरकार के रूप में मान्यता नहीं दी है।
अमेरिका से भारत लौटे 104 प्रवासी, लेकिन उनके साथ कैदियों जैसा बर्ताव क्यों?
7 Feb, 2025 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका से भारत भेजे गए 104 प्रवासियों को मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। गुरुवार (6 फरवरी) को संसद के दोनों सदनों में इस मामले पर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। विपक्षी सांसद ने सरकार से पूछा कि आखिर अवैध प्रवासियों के साथ कैदियों जैसा व्यवहार क्यों किया गया। उनके हाथों में हथकड़ियां क्यों लगाई गई।
बता दें कि एक अमेरिकी अधिकारी ने वीडियो शेयर किया, जिसमें देखा जा सकता है कि अवैध प्रवासियों के हाथ-पैरों को चेन से बांधा गया है।
अवैध प्रवासियों को हथकड़ी में बांधकर क्यों भेजा गया?
सबसे बड़ा सवाल है कि क्या अवैध प्रवासियों के डिपोर्टेशन (निर्वासन) को लेकर अमेरिका का कानून क्या कहता है?
इस सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी निर्वासन का प्रबंधन आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों द्वारा किया जाता है और इससे जुड़े प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि साल 2012 से ही ICE द्वारा अवैध प्रवासियों को डोपोर्ट करने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। हालांकि, हमें सीमा शुल्क प्रवर्तन द्वारा जानकारी दी गई है कि महिलाओं और बच्चों के हाथों में हथकड़ियां नहीं लगाई गई थी।
क्या अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगाने की इजाजत है?
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी आव्रजन अधिकारी व्यक्तियों को हिरासत में लेने और निर्वासित करने के दौरान एक संरचित प्रक्रिया का पालन करते हैं । ICE के नियमों के मुताबिक, विमान में अवैध प्रवासियों के हाथों और पैरों को चेन से बांधने के नियम हैं। हालांकि, जब विमान अपने गंतव्य पर पहुंच जाए तो हथकड़ियां और बेड़ियां को तुरंत खोलना जरूरी है।
बता दें कि डिपोर्शन के दौरान अवैध प्रवासियों को कोई सामान ले जाने की इजाजत नहीं है। हालांकि, 18 किलोग्राम तक एक बैग ले जाने की अनुमति है, लेकिन अधिकारी उस बैग की जांच करते हैं। अवैध प्रवासियों को विमान में बैठने के बाद हथकड़ी, पैर की बेड़ियां बांधी जाती है।
डिपोर्शन के दौरान विमान में 13 से 20 सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहता है। अवैध प्रवासियों को भोजन भी उपलब्ध भी कराया जाता है। नियम के मुताबिक, टॉयलेट ब्रेक के दौरान लोगों को बांधा नहीं जा सकता है।
ट्रंप का एक्जीक्यूटिव आदेश, ICC अधिकारियों की संपत्ति जब्त करने के निर्देश
7 Feb, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद अपने बयानों और फैसलों से दुनिया में हलचल मचा दी है। इसी बीच ट्रंप ने अपने एक्जीक्यूटिव आदेश में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कर लिया है।
ट्रंप ने आदेश जारी करते हुए ICC के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के खिलाफ संपत्ति जब्त करने और यात्रा प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ( ICC), अफगानिस्तान में अमेरिकी और गाजा में इजरायली सैनिकों के कथित युद्ध अपराधों की जांच कर रही है।
बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अदालत ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
हाल ही में आईसीसी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ट्रंप ने इस कार्रवाई को अवैध और निराधार बताया था। ट्रंप ने कहा था कि आईसीजे अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है।
आईसीसी ने 21 नवंबर 2024 को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, उनके पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट और हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद डेफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत की ओर से नेतन्याहू पर “मानवता के खिलाफ अपराध” और “युद्ध अपराध” का आरोप लगाया गया है।
क्या है ICC?
ICC में 125 सदस्य देश शामिल हैं। यह एक स्थायी अदालत है जो युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों, नरसंहार और सदस्य देशों या उनके नागरिकों के खिलाफ अपराध करने वालों पर मुकदमा चलाती है। विशेष रूप से जब दो देशों के बीच कोई आपाराधिक मुकदमा का मामला हो तो ICC में सुनवाई होती है। गौरतलब है कि अमेरिका, चीन, रूस और इजरायल ICC के सदस्य नहीं हैं।
ट्रंप की योजना पर कोर्ट की रोक, संघीय कर्मचारियों से इस्तीफे लेने की योजना फेल
7 Feb, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। एक संघीय जज ने गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना पर गुरुवार को अस्थायी रोक लगा दी जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन देकर संघीय कर्मचारियों से इस्तीफों की मांग की गई थी।
अदालत का यह फैसला मध्यरात्रि की उस अंतिम समयसीमा से कुछ घंटे पहले आया है जब संघीय कर्मचारियों को इस योजना के तहत इस्तीफे देने थे। इस योजना को आम बोलचाल में बायआउट कहा जा रहा है।
इस्तीफा देने की समयसीमा को अगली सुनवाई के बाद
बोस्टन में अमेरिकी जिला जज जॉर्ज ओ टूल जूनियर ने ट्रंप प्रशासन की योजना की वैधानिकता पर कोई राय व्यक्त नहीं की। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि वे योजना के तहत इस्तीफा देने की समयसीमा को अगली सुनवाई के बाद तक बढ़ा दे। कई श्रम संघों ने इस योजना को चुनौती दी है।
हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को भी निकालने की तैयारी
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के हजारों कर्मियों को बर्खास्त करने के एक्जीक्यूटिव आदेश पर काम कर रहा है। यह आदेश अगले हफ्ते आ सकता है। इसके तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों को कुछ प्रतिशत कर्मचारियों को बर्खास्त करना होगा।
जन्मजात नागरिकता मामले में कोर्ट ने लगाई रोक
जन्मजात नागरिकता मामले में ट्रंप प्रशासन को एक और झटका लगा है। दो दिनों में एक दूसरे संघीय न्यायालय ने अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले माता-पिता के बच्चों के लिए जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दिया है।
जज ने संविधान के प्रति प्रशासन के व्यवहार की निंदा की
सिएटल में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जान कफेनौर ने गुरुवार को संविधान के प्रति प्रशासन के व्यवहार की निंदा की और कहा कि ट्रंप एक कार्यकारी आदेश के साथ इसे बदलने की कोशिश कर रहे थे।
नवीनतम कार्यवाही मैरीलैंड संघीय न्यायाधीश द्वारा आप्रवासियों के अधिकार समूहों और गर्भवती महिलाओं से जुड़े एक अलग लेकिन इसी तरह के मामले में राष्ट्रव्यापी रोक जारी करने के ठीक एक दिन बाद हुई, जिनके जल्द ही पैदा होने वाले बच्चे प्रभावित हो सकते हैं।
मेक्सिको-अमेरिका सीमा पर बढ़ी सैन्य हलचल, 10 हजार अधिकारी तैनात
6 Feb, 2025 03:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका का टैरिफ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों से सीधे पंगा लिया है, जहां से सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी अमेरिका आते हैं. अब अमेरिका के खिलाफ भी इन देशों ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है.
अमेरिका का टैरिफ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों से सीधे पंगा लिया है, जहां से सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी अमेरिका आते हैं. अब अमेरिका के खिलाफ भी इन देशों ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है.
अमेरिका बोर्डर पर बढ़ी सैन्य मौजूदगी
पहली बार अमेरिकी बॉर्डर पर जंग से जैसी हलचल देखी जा रही है. मेक्सिको अपनी सीमा को सुरक्षित करने के लिए सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. नकाबपोश और हथियारबंद नेशनल गार्ड के सियुदाद जुआरेज़ के बाहरी इलाके में सीमा अवरोधक के साथ झाड़ियों के बीच से गुजरते हुए, खाइयों में छिपी अस्थायी सीढ़ियां और रस्सिया निकालते हुए, उन्हें ट्रकों पर खींचते हुए आगे बढ़ रहे हैं. तिजुआना के पास सीमा के अन्य हिस्सों पर भी गश्ती देखी गई है.
ट्रंप ने सीमा पर की आपातकाल की घोषणा
अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीमा पर इमरजेंसी का ऐलान कर रखा है. मेक्सिको का सीमा पर सेना बढ़ाना सीमा पर एक अशांत हफ्ते के बाद हुई है, जब ट्रंप ने घोषणा की थी कि वे मेक्सिको पर कम से कम एक महीने तक भारी शुल्क लगाने में देरी करेंगे. बदले में, मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने वादा किया कि वे सीमा को सुदृढ़ करने और फेंटेनाइल तस्करी पर नकेल कसने के लिए देश के नेशनल गार्ड को भेजेंगी.
बता दें, अमेरिका इन दिनों अवैध प्रवासियों के निर्वासन के लिए युद्धस्तर की कार्रवाई कर रहा है और लगातार सैन्य विमानों से निर्वासन करा रहा है.
मोहित के शव का अंतिम संस्कार न किए जाने पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का कड़ा आदेश
6 Feb, 2025 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब-हरियाणा: गांव बाघोत के रहने वाले 26 वर्षीय मोहित के शव का 55 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किए जाने पर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। बुधवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा अगर परिवार के लोग अंतिम संस्कार नहीं करते तो प्रशासन और पुलिस अंतिम संस्कार कराए।
फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
हरियाणा सरकार की ओर से डीएजी सहित पुलिस इंस्पेक्टर व तहसीलदार पेश हुए। दूसरी ओर वादी कैलाशचंद तथा उनके अधिवक्ता पेश हुए। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश हरप्रीत सिंह बरार ने वादी कैलाशचंद को बेटे का अंतिम संस्कार करने के आदेश दिए। मोहित ने 13 दिसंबर 2024 की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को उप नागरिक अस्पताल कनीना भिजवा दिया। 14 दिसंबर को शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया। मोहित के पिता कैलाशचंद ने भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा सहित आठ व्यक्तियों के विरूद्ध केस दर्ज करने की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
पुलिस ने नहीं दर्ज की थी एफआइआर
पुलिस कैलाश चंद से पूर्व मंत्री व अन्य आरोपितों के विरुद्ध सबूत मांगती रही और एफआइआर दर्ज नहीं की। मोहित के पिता आरोप है पूर्व मंत्री तथा अन्य की सह पर उनके बेटे के विरुद्ध दुष्कर्म के मामले में सह अभियुक्त बनाया गया, जबकि मामला झूठा था। मानसिक रूप से परेशान होने के बाद मोहित ने आत्महत्या कर ली।
फ्रीजर में रखा हुआ है शव
जब तक पुलिस आरोपितों के विरुद्ध मामला नहीं दर्ज करेगी वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस वजह से पिछले 55 दिन से मोहित का शव उप नागरिक अस्पताल कनीना के फ्रीजर में रखा हुआ है। दुर्गंध भी उठने लगी है। कैलाशचंद की ओर से मामले की जांच को लेकर गठित की गई एसआइटी को लेकर उठाए गए सवाल पर न्यायाधीश ने दूसरी एसआइटी गठित करने तथा अन्य जिले के एसपी से उनके आरोपों की जांच कराने के भी आदेश दिए हैं। नई एसआइटी कैलाशचंद द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल की गई अर्जी में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी.
हरियाणा ह्यूमन राइट कमीशन पहुंचा था मामला
इससे पूर्व हाई कोर्ट ने 16 जनवरी को सुनवाई करते हुए कैलाशचंद को मोहित का तीन दिन में अंतिम संस्कार करने, अर्जी में लगाए गए आरोपों की जांच आइपीएस अधिकारी से करवाने तथा मृतक के पिता को भी तफ्तीश में शामिल होने के भी आदेश दिए थे। जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया था। इस बीच गांव पड़तल के सरपंच रोशनलाल इंदोरा ने अधिवक्ता पदमकांत के माध्यम से जनहित को देखते हुए एक दरखास्त हरियाणा ह्यूमन राइट कमीशन में दाखिल की थी। इसे आयोग ने मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के दृष्टिगत तीन फरवरी को हुई सुनवाई में खारिज कर दिया।
प्रशासन की ओर से कौन हुआ पेश
बुधवार को हुई सुनवाई में प्रशासन की ओर से निरीक्षक मुकेश कुमार व तहसीलदार उपस्थित हुए। अधिवक्ता सत्यारायण यादव ने बताया मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से एसपी की जांच व एसआइटी के गठन पर सवाल उठाए। जिस पर न्यायाधीश ने इसकी जांच दूसरे जिले के एसपी से करवाने तथा दूसरी एसआइटी का गठन करने के आदेश दिए। इसके अलावा शव दाह संस्कार करने का भी आदेश देते हुए कहा कि मृतक के वारिस संस्कार नहीं करते हैं तो पुलिस प्रशासन इसका दाह संस्कार करवाए। उधर, पूर्व मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा कैलाशचंद के आरोपों को निराधार बता रहे हैं। वह पहले ही कह चुके हैं कि वह जांच के लिए तैयार हैं।
अदालत के अंदर मारपीट, मेक्सिको में पीड़ित परिवार ने किया हत्यारे पर हमला
6 Feb, 2025 02:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यू मेक्सिको में हत्या के एक संदिग्ध पर कथित तौर पर पीड़ित के चाचा और सौतेले पिता ने कोर्ट में हमला किया, ये पूरी घटना कोर्टरूम के वीडियो में कैद हुई है। वीडियो में मेक्सिको कोर्ट में हत्या के संदिग्ध पर पीड़ित के परिवार का हमला दिखाया गया है।
पुलिस के अनुसार, 21 साल के अलेक्जेंडर ऑर्टिज को पिछले साल फरवरी में अपनी पूर्व प्रेमिका, एलियाना पर गोली चलाने के सिलसिले में अल्बुकर्क पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्टिज पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया था, जिसमें उसने मार्च में खुद को निर्दोष बताया था। वह अल्बुकर्क में बर्नलिलो काउंटी कोर्टहाउस में एक सुनवाई के लिए कोर्टरूम में पहुंचा था, इस दौरान उस पर हमला किया गया।
फर्श पर लोगों ने की कुश्ती
ये विवाद शुरू हो जाता है, जिसमें कई व्यक्ति फर्श पर कुश्ती कर रहे हैं, जिनमें कार्लोस लुसेरो, पीट यसासी, ऑर्टिज़, एक सुधार अधिकारी, ऑर्टिज के पिता और एक अज्ञात छठा व्यक्ति शामिल हैं। लुसेरो और यासासी को जींस और गहरे रंग की लंबी बाजू की शर्ट पहने एक व्यक्ति को मुक्का मारते हुए देखा जाता है, जबकि सुधार अधिकारी ऑर्टिज को बचाने की कोशिश करता है। लड़ाई तब समाप्त होती है जब अधिकारी अपना टैसर तैनात करता है।
हरियाणा के रॉबिन हांडा ने सुनाई डंकी रूट से अमेरिका पहुंचने की दर्दनाक दास्तान
6 Feb, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा: बुधवार को अमेरिका से डिपोर्ट होकर 104 भारतीय भारत पहुंचे हैं, जिसमें हरियाणा के 33 लोग भी शामिल हैं. करनाल और कुरुक्षेत्र के भी इसमें करीब एक दर्जन लोग शामिल हैं. अमेरिका से डिपोर्ट हुए कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद कस्बे में रहने वाले रॉबिन हांडा ने बताया कि वह 45 लाख रुपए लगाकर अमेरिका गए थे. इन पैसों को इकट्ठा करने के लिए उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन भी बेची थी. अमेरिका भेजने के दौरान एजेंट ने उन्हें एक महीने में अमेरिका पहुंचाने की बात कही थी, लेकिन रॉबिन 7 महीने बाद अमेरिका पहुंचे थे. उन्हें डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया था. इस दौरान वह जंगल, समुद्र समेत कई जगहों से होते हुए अमेरिका पहुंचे थे. जब वह डंकी रूट पर थे तब उनके साथ काफी बुरा व्यवहार किया जाता था. उनको प्रताड़ित किया जाता था और परिवार से पैसे मंगवाने के लिए बोला जाता था.
डंकी रूट से पहुंचे थे अमेरिका
कई-कई दिनों तक इनको भूखा रखा जाता था. इतना ही नहीं इनको बिजली के करंट के झटके भी दिए जाते थे. रॉबिन जब जंगल से होते हुए डंकी रूट से अमेरिका जा रहे थे. इस दौरान उन्हें वहां पर लोगों के गले सड़े शव देखे जो घर से तो अमेरिका जाने के लिए निकले थे, लेकिन वह बीच सफर में ही मर गए. रोबिन हांडा ने बीते साल बारहवीं क्लास पास की थी. 18 जुलाई 2023 को रोबिन विदेश के लिए रवाना हुए थे.
सैन्य विमान से पहुंचे अमृतसर
22 जुलाई को दिल्ली से मुंबई पहुंचाया गया. वहां से गुयाना, ब्राजील और पेरू भेजा गया. इसके बाद समुद्र के रास्ते से ब्राजील ले जाया गया. पीड़ित के पिता मनजीत हांडा ने बताया कि काफी दिनों से बेटे से बातचीत होनी भी बंद हो चुकी थी. परिवार उस समय सन्न रह गया जब पता चला कि सैन्य विमान रोबिन को लेकर अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंच गया. रॉबिन हांडा और उसके परिवार ने अपनी दुख भरी कहानी बताई है.
हमें लाखों का नुकसान हुआ
पिता ने बताया कि जो सपने संजों कर बेटे को अमेरिका भेजा था वह अधूरे रह गए हैं. हमें लाखों का नुकसान हो गया है. यह अकेले रॉबिन की कहानी नहीं है. यह हरियाणा के करीब 33 लोगों की कहानी है, जो अपनी जमीन और घर बेचकर अमेरिका गए थे. हालांकि अब इन्हें डिपोर्ट कर दिया गया है.
जापान और डेल्टा एयरलाइंस के विमान में टक्कर, टला बड़ा हादसा
6 Feb, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के वाशिंगटन में एक और विमान हादसा हुआ है। हादसा वाशिंगटन के सबसे बड़े शहर सिएटल में एयरपोर्ट पर हुआ, सिएटल टैकोमा एयरपोर्ट पर जापान एयरलाइंस और डेल्टा एयरलाइंस के विमान आपस में टकरा गए थे। गनीमत रही कि इस हादसे में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि यात्रियों में चीख पुकार मच गई थी, लेकिन किसी को चोट नहीं लगी। दुर्घटना सुबह 10.17 बजे हुई जब जापानी विमान के गुजरते ही टैक्सींग विमान के विंग्स खड़े डेल्टा विमान के पिछले हिस्से से टकरा गए। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।
कैसे घटी घटना?
यात्रियों ने घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, जापानी विमान का एक विंग डेल्टा जेट के पिछले हिस्से में फंस गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसमें सवार लोगों की सांसें अटक गई थीं। एयरपोर्ट स्टाफ और क्रू मेंबर्स के भी हाथ-पैर फूल गए थे, लेकिन किसी तरह का टेक्निकल फॉल्ट नहीं आया और हादसा नहीं हुआ।
SEA ने यात्रियों को दिया निर्देश
फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। हवाईअड्डे ने एक बयान में कहा, एसईए यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतारने और उन्हें टर्मिनल तक लाने के लिए दोनों एयरलाइनों के साथ काम कर रहा है।
एक हफ्ते पहले भी हुआ था भयानक प्लेन हादसा
यह घटना अमेरिका में दो भयानक विमानन दुर्घटनाओं के बाद हुई है, जिससे हवाई अड्डों और यात्रियों में तनाव बढ़ गया है।
ठीक एक हफ्ते पहले, एक अमेरिकी सैन्य हेलिकॉप्टर के बीच हवा में अमेरिकन एयरलाइंस के विमान से टकरा जाने से 67 लोगों की मौत हो गई थी, जब वह डीसी के रीगन राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश कर रहा था।
केवल दो दिन बाद, छह लोगों को ले जा रही एक एयर एम्बुलेंस फिलाडेल्फिया की एक व्यस्त सड़क पर गिरी और उसमें विस्फोट हो गया - जिससे उसमें सवार सभी लोग और जमीन पर मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
