पंजाब
हरभजन सिंह की सुरक्षा पर सरकार को फटकार, संजीव अरोड़ा को राहत नहीं
13 May, 2026 08:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी और रिमांड के विरुद्ध दायर याचिका पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है। मंत्री ने अपनी दलीलों में राजनीतिक द्वेष का हवाला देते हुए अन्य जनप्रतिनिधियों के समान संरक्षण की गुहार लगाई थी, परंतु अदालत ने उनकी रिहाई या गिरफ्तारी को अवैध ठहराने की मांग पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। इसके अतिरिक्त, अदालत ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे पर जवाब देने में ढिलाई बरतने को लेकर पंजाब सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाया है।
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी की वैधानिकता पर उठे सवाल
संजीव अरोड़ा ने अपनी कानूनी याचिका में 9 मई को हुई गिरफ्तारी को पूरी तरह से अधिकार क्षेत्र से बाहर और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने पीएमएलए अदालत द्वारा 16 मई तक दी गई रिमांड को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि ईडी की यह कार्रवाई पूरी तरह से पूर्वनियोजित थी और इसमें कानून द्वारा स्थापित अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तारी के समय उन्हें इसके ठोस आधारों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
व्यापारिक विस्तार और सार्वजनिक पद की दलील
अरोड़ा ने अपनी प्रतिरक्षा में स्पष्ट किया कि वे हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के प्रमोटर जरूर रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक उत्तरदायित्व संभालने के बाद उन्होंने कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया था। उनके अनुसार, कंपनी द्वारा वर्ष 2023-24 में शुरू किया गया मोबाइल फोन निर्यात का व्यवसाय एक वैध व्यापारिक विस्तार था और इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने अदालत को विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि उनका इस कथित धन शोधन मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है और उन्हें केवल राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
हरभजन सिंह की सुरक्षा पर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार
एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा वापस लिए जाने के मुद्दे पर पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैये पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। सरकार द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे खारिज कर दिया और केवल एक सप्ताह की मोहलत दी है। न्यायाधीशों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में जवाबदेही से बच रही है और अब इस मामले में और अधिक देरी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उग्र भीड़ का हमला और परिवार की सुरक्षा का संकट
सांसद हरभजन सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए अदालत को बताया कि सुरक्षा हटाए जाने के बाद से उनके और उनके परिवार के ऊपर खतरों का साया मंडरा रहा है। उन्होंने हाल ही में घटी एक अप्रिय घटना का विवरण देते हुए कहा कि एक हिंसक भीड़ ने उनके निवास स्थान के बाहर हंगामा किया और उनके घर की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए। इसे उन्होंने न केवल अपनी शारीरिक सुरक्षा बल्कि अपने परिवार की मानसिक शांति और सम्मान पर भी एक बड़ा हमला बताया है, जिस पर अदालत ने सरकार को 20 मई तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
CBI ने मलोट में ठेकेदार के घर मारा छापा, मोहाली विजिलेंस ऑफिस भी सील
12 May, 2026 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मलोट: पंजाब के मलोट में मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार राघव गोयल के आवास पर छापेमारी की। चंडीगढ़ से आई सीबीआई की टीम का नेतृत्व डीएसपी पवित्र सिंह कर रहे थे। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत दर्ज एक पुराने मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घर पर मौजूद नहीं मिले पिता-पुत्र
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीम जब राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल के निवास पर पहुंची, तो दोनों ही वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, टीम ने घर को अपने घेरे में लेकर तलाशी अभियान जारी रखा। इस दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद जरूरी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध कागजातों की बारीकी से जांच की। एजेंसी इस केस से जुड़े ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए घंटों डेरा डाले रही।
चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर से जुड़े तार
बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई 11 मई 2026 को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR No. 12/26) के आधार पर की गई है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के एंगल से जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान टीम ने कुछ डिजिटल उपकरण और फाइलें अपने कब्जे में ली हैं, जिनका विश्लेषण जांच को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
विजिलेंस कार्यालय सील होने की चर्चा
इस छापेमारी के साथ ही एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय एजेंसी ने इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस डीजीपी कार्यालय को सील कर दिया है। चर्चा यह भी है कि विजिलेंस प्रमुख का मोबाइल फोन बंद है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, प्रशासन या सीबीआई की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
सीबीआई की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसे एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, सीबीआई की ओर से छापेमारी के दौरान मिले सामान की कोई विस्तृत सूची साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
संजीव अरोड़ा केस: दिहाड़ी मजदूर के पीछे छुपी करोड़ों की कंपनी, ईडी ने किया खुलासा
12 May, 2026 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ईडी ने विशेष अदालत को बताया कि करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए एक दिहाड़ी मजदूर के नाम पर फर्जी फर्म बनाई गई थी। जांच के अनुसार, मंत्री की कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' ने दिल्ली के एक मजदूर की फर्म को करीब 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं।
दिहाड़ी मजदूर के नाम पर करोड़ों का खेल
ईडी की जांच में सामने आया कि दिल्ली निवासी कमल अहमद, जो पेशे से एक मजदूर है, उसे कागजों पर 'एसके एंटरप्राइजेज' नामक बड़ी फर्म का मालिक दिखाया गया था। कमल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे किसी भी कंपनी की जानकारी नहीं है। उसने बताया कि अजहर हैदर नामक व्यक्ति ने उसका पैन और [Aadhaar Redacted] कार्ड लेकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए थे, जिसके बदले उसे मामूली कमीशन का लालच दिया गया था।
करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा
जांच एजेंसी के दावों के मुताबिक, संजीव अरोड़ा की फर्म ने अगस्त 2023 से जनवरी 2024 के बीच बेहद कम समय में मजदूर की फर्म के बैंक खातों में 41 आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से कुल 27.73 करोड़ रुपये भेजे। इसके अलावा, अरोड़ा परिवार की कंपनियों पर स्थानीय और विदेशी फर्मों को 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बेचने के फर्जी दावे करने का भी आरोप है।
कानूनी शिकंजे में कैबिनेट मंत्री
संजीव अरोड़ा वर्तमान में ईडी की रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। एक तरफ जहां ईडी अदालत में पुख्ता सबूत पेश करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में दी गई अर्जी में उन्होंने इन आरोपों को आधारहीन बताया है।
1 करोड़ 40 लाख की धोखाधड़ी, अमेरिका PR के नाम पर FIR दर्ज
12 May, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत आने वाले कस्बा सुधार में विदेश भेजने के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहाँ के अकालगढ़ बाजार के एक परिवार को अमेरिका में पक्का निवास (PR) दिलाने का सपना दिखाकर जालसाजों ने 1 करोड़ 40 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली। पुलिस ने गहन जांच के बाद इस मामले में एक बैंक मैनेजर और ट्रेवल एजेंटों समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
रिश्तेदारों और बैंक मैनेजर का खतरनाक नेक्सस
इस ठगी को अंजाम देने के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जिसमें पारिवारिक सदस्य और पेशेवर लोग शामिल थे। आरोपियों की पहचान सिमरन कौर, उसके पति बिक्रम सिंह, पिता कुलबीर सिंह, भाई अमनजोत सिंह और चमकौर साहिब के अगमजीत सिंह के रूप में हुई है। इस साजिश में चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित एचडीएफसी (HDFC) बैंक का मैनेजर साहिल भी शामिल था, जिसने बैंकिंग प्रक्रियाओं का झांसा देकर पीड़ित का विश्वास जीता।
फर्जी पासपोर्ट और वीजा का मायाजाल
पीड़ित करमजीत सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ अमेरिका में बसना चाहते थे। आरोपियों ने प्रति व्यक्ति 35 लाख रुपये में सौदा तय किया। हैरानी की बात यह है कि जिन सदस्यों के पासपोर्ट एक्सपायर हो चुके थे या बने ही नहीं थे, उनके भी फर्जी पासपोर्ट और अमेरिकी वीजा वीडियो कॉल के जरिए दिखाकर परिवार को गुमराह किया गया। जब करमजीत ने खुद जांच की, तो पता चला कि उन्हें दिखाए गए सभी दस्तावेज पूरी तरह नकली थे।
चेक बाउंस और जान से मारने की धमकी
ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित परिवार ने अपनी जमापूंजी वापस मांगी, तो आरोपियों ने पहले फर्जी बैंक स्टेटमेंट दिखाकर उन्हें टालने की कोशिश की। दबाव बनाने पर 49 लाख रुपये के चेक दिए गए जो बैंक में बाउंस हो गए। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
सब कुछ दांव पर लगाकर न्याय की गुहार
अपनी जीवन भर की कमाई और गहने गंवा चुका यह परिवार अब पूरी तरह कर्ज में डूब गया है। पीड़ित करमजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के आलाधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने जांच की कमान डीएसपी करन सिंह संधू को सौंपी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
फरीदकोट की बेटी ने बढ़ाया मान, हरलीन शर्मा बनीं स्टेट टॉपर
11 May, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने आज 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने आधिकारिक तौर पर नतीजों को सार्वजनिक किया। इस वर्ष भी मैरिट सूची में लड़कियों ने अपना दबदबा कायम रखा है।
फरीदकोट की हरलीन शर्मा बनीं स्टेट टॉपर
इस साल की परीक्षा में फरीदकोट के जैतो की रहने वाली हरलीन शर्मा ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। हरलीन ने कुल 650 अंकों में से 646 अंक हासिल कर टॉप किया है। वहीं, रोपड़ के मणिमहेश शर्मा ने दूसरा और गुरदासपुर की रिया रानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। दिलचस्प बात यह है कि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले दोनों ही विद्यार्थियों ने 645 अंक प्राप्त किए हैं।
2.84 लाख विद्यार्थियों का इंतजार खत्म
पंजाब बोर्ड द्वारा 10वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 1 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं। इस बार राज्यभर से करीब 2.84 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परिणाम घोषित होने के बाद अब सभी परीक्षार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं।
वेबसाइट और हेल्पलाइन पर उपलब्ध है जानकारी
छात्र अपना रिजल्ट देखने के लिए बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट pseb.ac.in पर जा सकते हैं। यदि किसी छात्र को परिणाम देखने में तकनीकी समस्या आती है, तो बोर्ड ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9549161161 भी जारी किया है, जहाँ कॉल करके जानकारी ली जा सकती है।
ऐसे चेक करें अपना परीक्षा परिणाम
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर लॉगिन करें।
होमपेज पर उपलब्ध 'Results' सेक्शन पर क्लिक करें।
इसके बाद 'PSEB Matriculation Result 2026' के लिंक का चयन करें।
यहाँ अपना रोल नंबर या नाम दर्ज करें।
सबमिट बटन दबाते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, कस्टम विभाग ने पकड़ी बड़ी खेप
11 May, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने एक यात्री को हिरासत में लिया है, जिसके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित टैबलेट्स बरामद की गई हैं। यह सफलता एपीआईयू (APIU) प्रोफाइलिंग के जरिए मिली है।
खिलौनों में छिपाकर लाया गया था 25 किलो नशा
पकड़ा गया यात्री कंबोडिया से कुआलालंपुर होते हुए फ्लाइट संख्या MH-118 के जरिए अमृतसर पहुंचा था। कस्टम अधिकारियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसके सामान की गहनता से तलाशी ली गई। एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान पाया गया कि यात्री अपने साथ चार बड़े 'सॉफ्ट टॉय' (नर्म खिलौने) ले जा रहा था। जब इन खिलौनों को खोला गया, तो उनके भीतर बड़ी ही चालाकी से छिपाकर रखे गए नशीली टैबलेट्स के पैकेट बरामद हुए।
MDMA होने का संदेह, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी कीमत
अधिकारियों द्वारा जब्त की गई टैबलेट्स का कुल वजन लगभग 25.25 किलोग्राम बताया जा रहा है। शुरुआती जांच और फील्ड किट टेस्ट के आधार पर इनके 'मेथिलीनडाइऑक्सीमेथामफेटामाइन' (MDMA) होने की आशंका जताई गई है। यह मादक पदार्थ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू
कस्टम विभाग ने प्रतिबंधित सामग्री को जब्त कर यात्री को गिरफ्तार कर लिया है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह खेप कहाँ पहुंचाई जानी थी और इस तस्करी के पीछे कौन सा बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है। अधिकारियों के अनुसार, कंबोडिया से अमृतसर तक के पूरे रूट और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से नाकाम हुई साजिश
हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा और जांच एजेंसियों की सतर्कता के कारण नशीले पदार्थों की यह बड़ी खेप पकड़ी गई। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले संदिग्ध यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आरोपी से फिलहाल गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
पिता की आत्महत्या के पीछे साजिश नहीं, बेटे की चालबाजी निकली
11 May, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: जिले के गांव एतिआणा में पशु चारा व्यापारी कुंदन लाल (82) की आत्महत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग की जेब से मिला दो पन्नों का सुसाइड नोट पूरी तरह फर्जी था। इस जाली पत्र को मृतक के अपने ही बेटे धरमिंदर कुमार ने लिखा था, ताकि वह देनदारों पर दबाव बनाकर अवैध रूप से वसूली कर सके।
हस्ताक्षर की एक चूक ने खोली बेटे की पोल
सुसाइड नोट को असली दिखाने की कोशिश में धरमिंदर ने एक बड़ी तकनीकी गलती कर दी। उसने नोट के अंत में अपने पिता के हस्ताक्षर अंग्रेजी में किए, लेकिन जल्दबाजी में 'कुंदन लाल' की जगह 'कुंदन सिंह' लिख दिया। बुजुर्ग का असली नाम कुंदन लाल था, जबकि फर्जी नोट पर सरनेम बदलते ही पुलिस को शक हो गया। साथ ही, लिखावट भी किसी 80-82 साल के बुजुर्ग की नहीं लग रही थी, जिससे साजिश बेनकाब हो गई।
35 लाख की लेनदारी का बनाया था झूठा जाल
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह के अनुसार, उन्हें तब संदेह हुआ जब नोट में लिखा गया कि कुंदन लाल ने लोगों से 35 लाख रुपये लेने थे और तनाव में आकर जान दे दी। पुलिस अधिकारी का कहना था कि 35 साल की सेवा में उन्होंने कर्ज के कारण आत्महत्या के मामले तो देखे थे, लेकिन लाखों की लेनदारी होने के बावजूद किसी के द्वारा जहर निगलने का यह पहला अजीब मामला था। कड़ाई से पूछताछ करने पर धरमिंदर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और पंचायत ने भी उसका साथ देने से इनकार कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और अंतिम संस्कार
पुलिस ने जांच में पाया कि इस मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने या किसी आपराधिक साजिश का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है। फर्जी नोट के खुलासे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और उसे परिजनों को सौंप दिया। रविवार शाम को गांव के श्मशान घाट में कुंदन लाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि कुंदन लाल ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया था और रविवार तड़के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी जेब से मिले नोट में कई दुकानदारों और व्यापारियों पर पैसे न लौटाने का आरोप लगाया गया था। पुलिस की बारीकी से की गई तफ्तीश ने कई बेगुनाह लोगों को झूठे मुकदमे में फंसने से बचा लिया।
पंजाब सरकार के मंत्री की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान तेज
9 May, 2026 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार की तड़के करीब 20 गाड़ियों के काफिले के साथ जांच एजेंसी की टीम ने सेक्टर-2 स्थित मंत्री के सरकारी निवास पर दबिश दी और कई घंटों की तलाशी व पूछताछ के बाद यह बड़ी कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि एक महीने के भीतर संजीव अरोड़ा के खिलाफ यह केंद्रीय एजेंसी की दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
वित्तीय अनियमितताओं और शेल कंपनियों का आरोप
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मंत्री से जुड़ी कुछ कंपनियों में हुए कथित आर्थिक लेन-देन और नियमों के उल्लंघन को लेकर की गई है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान 157 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से किए गए संदिग्ध निर्यात के साक्ष्य मिले हैं। अधिकारियों को संदेह है कि विदेशी संस्थाओं के जरिए धन की हेराफेरी की गई है, जिसे तकनीकी भाषा में 'राउंड ट्रिपिंग' कहा जाता है। इसी जांच के आधार पर एजेंसी ने कई बैंक खातों को अटैच करने के साथ-साथ म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों पर भी रोक लगा दी है।
मुख्यमंत्री का तीखा पलटवार और औरंगजेब से तुलना
संजीव अरोड़ा के घर हुई इस छापेमारी और गिरफ्तारी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब वीरों की धरती है और यहाँ के लोग किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह औरंगजेब पंजाब को नहीं झुका पाया था, उसी तरह वर्तमान केंद्र सरकार के ये हथकंडे भी नाकाम रहेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि यह कार्रवाई केवल डराने-धमकाने की राजनीति का हिस्सा है, जिसका जवाब पंजाब की जनता आने वाले समय में देगी।
चुनावी हथकंडे और नफरत की राजनीति का विरोध
संगरूर में मीडिया से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग शुरू हो जाता है। उन्होंने भाजपा की कार्यप्रणाली पर प्रहार करते हुए कहा कि मानहानि के नोटिस और रेड जैसे कदमों से उनके हौसले नहीं टूटेंगे। मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब की उपजाऊ धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं पनप सकते और यहाँ का आपसी भाईचारा इतना मजबूत है कि दिल्ली की सत्ता द्वारा किए जा रहे अन्याय का लोग कड़ा जवाब देंगे।
विपक्षी नेताओं की एकजुटता और आगामी संघर्ष
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पंजाब के स्वाभिमान पर हमला करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का मकसद भ्रष्टाचार की जांच करना नहीं बल्कि नेताओं को तोड़कर सत्ता पक्ष में शामिल करना है। उन्होंने किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पहले केंद्र सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा था, वैसे ही अब पूरे पंजाब को ललकारने का खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ेगा। इस गिरफ्तारी के बाद से प्रदेश में राजनीतिक तनाव चरम पर है और आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
ब्लास्ट में नुकसान झेलने वाले युवक की मदद के लिए आगे आए सांसद
9 May, 2026 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। जालंधर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के समीप हुए विस्फोट की चपेट में आए डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह की सहायता के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी आगे आए हैं। सांसद ने इस कठिन समय में मानवीय संवेदना प्रकट करते हुए घायल युवक के पिता कश्मीर सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया और गुरप्रीत के स्वास्थ्य तथा चल रहे उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सांसद का यह कदम न केवल पीड़ित परिवार को ढांढस बँधाने वाला है, बल्कि समाज में एकजुटता का संदेश भी देता है।
संकट की घड़ी में आर्थिक संबल का निर्णय
विस्फोट की इस भीषण घटना में गुरप्रीत की स्कूटी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जो उसके परिवार की जीविका का एकमात्र साधन थी। वाहन के क्षतिग्रस्त होने से परिवार के समक्ष भविष्य में रोजगार को लेकर एक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया था। इस स्थिति को समझते हुए सांसद विक्रमजीत साहनी ने उदारता दिखाते हुए गुरप्रीत को पुनः स्वावलंबी बनाने के लिए एक लाख पच्चीस हजार रुपये मूल्य की नई मोटरसाइकिल प्रदान करने की घोषणा की है ताकि वह स्वस्थ होने के पश्चात अपना काम दोबारा शुरू कर सके।
पंजाबियों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन
सांसद साहनी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि किसी भी आकस्मिक और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का शिकार हुए पंजाब के नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना वे अपना नैतिक और सामाजिक कर्तव्य समझते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उनका मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त परिवारों की पीड़ा को कम करना और उन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोड़ना है। उनका मानना है कि ऐसी विपदा के समय दी गई सहायता व्यक्ति को मानसिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करती है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में सार्थक प्रयास
परिजनों को दी गई इस सहायता का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को किसी के भरोसे रहने के बजाय स्वयं के पैरों पर खड़ा करना है। सांसद ने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी जरूरतमंद परिवारों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। यह सहायता केवल एक तात्कालिक राहत मात्र नहीं है बल्कि उस युवक के लिए नए जीवन की शुरुआत का एक माध्यम भी है, जिसने एक अनचाहे हादसे में अपना सब कुछ खो दिया था।
घायल युवक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना
सांसद और उनके सहयोगियों ने गुरप्रीत के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है ताकि वह अपने परिवार का सहारा बन सके। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस समन्वय से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। साहनी ने परिवार को आश्वस्त किया है कि इलाज के दौरान या उसके बाद भी यदि किसी अन्य प्रकार की प्रशासनिक या आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी, तो वे उसके लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।
पंजाब में सुरक्षा कड़ी, संदिग्ध गतिविधियों पर एजेंसियों की नजर
9 May, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। शहर में हुए हालिया विस्फोट के बाद पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। खुफिया विभाग से प्राप्त संवेदनशील इनपुट के आधार पर पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चंडीगढ़ से आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नेतृत्व के साथ देर रात तक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें भविष्य की रणनीति और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों पर गहन चर्चा की गई। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सशस्त्र बलों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब आला अधिकारियों के हाथ
संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा की सीधी जिम्मेदारी अब राजपत्रित अधिकारियों को सौंपी गई है, जिन्हें स्वयं धरातल पर उतरकर स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को रात के समय औचक निरीक्षण और निरंतर गश्त करने को कहा गया है ताकि सुरक्षा चक्र में कोई भी ढील न रहे। शहर के हर प्रवेश और निकास द्वार पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं, जो पल-पल की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रहे हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने संभाली धमाके की पड़ताल
मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसी संस्थाओं ने भी जांच की कमान संभाल ली है। ये एजेंसियां स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर किसी भी संभावित आतंकी मॉड्यूल या विदेशी साजिश के कोण से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। राष्ट्रीय स्तर की इन टीमों का मुख्य उद्देश्य धमाके के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और उनके नेटवर्क को उजागर करना है, जिसके लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और खुफिया सूचनाओं का सहारा लिया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से सघन पूछताछ
जांच प्रक्रिया को गति देने के लिए गठित की गई सात विशेष टीमें घटनास्थल के आसपास के विस्तृत दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रही हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। जांच दल केवल शारीरिक साक्ष्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन, डिजिटल फुटप्रिंट्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि साजिश के हर स्तर का पता लगाया जा सके।
साक्ष्यों का फॉरेंसिक विश्लेषण और आगामी खुलासे
घटनास्थल से बरामद किए गए महत्वपूर्ण अवशेषों और रसायनों को विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट से धमाके में प्रयुक्त सामग्री की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण और संदिग्धों से मिल रही जानकारी के आधार पर बहुत जल्द इस मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल पूरा शहर एक सुरक्षा कवच के घेरे में है और संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी के जरिए शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बठिंडा में गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री ने BJP को घेरा
8 May, 2026 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की 'शुकराना यात्रा' अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुकी है। 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट संशोधन 2026' के ऐतिहासिक रूप से लागू होने की खुशी में मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का दौरा कर जनता का आभार जता रहे हैं। इसी कड़ी में बठिंडा पहुंचे मान ने भाजपा और विपक्षी दलों पर जमकर तीखे प्रहार किए।
"पंजाब की आपसी भाईचारक सांझ को कोई नहीं तोड़ सकता"
शहर के अमरीक सिंह रोड पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं-पीरों की है और यहाँ का आपसी प्रेम अटूट है। उन्होंने जनता को सचेत करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल प्रदेश की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के लोग बेहद समझदार हैं और वे ऐसी ताकतों को कभी सफल नहीं होने देंगे।
बीजेपी और बंगाल का जिक्र
अपने संबोधन में मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी पार्टियों की राजनीति केवल विभाजन पर टिकी है, जिनसे राज्य के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
बेअदबी के इंसाफ पर बोले मान
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, "यह परमात्मा का आशीर्वाद और उन्हें दी गई हिम्मत का ही परिणाम है कि वे बेअदबी के मामलों में कड़ा कानून बनाने और इंसाफ की राह प्रशस्त करने में सफल हुए।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य ध्येय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सत्कार और दोषियों को सजा दिलाना है।
राजिंदर गुप्ता की कंपनी के खिलाफ कार्रवाई पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
8 May, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट ग्रुप को एक बड़ी राहत देते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) द्वारा की जा रही दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी को अपनी कमियों को सुधारने के लिए कम से कम 30 दिनों का समय दिया जाना अनिवार्य है और इस अवधि से पहले कोई भी सख्त कदम नहीं उठाया जाएगा।
"बिना अवसर कार्रवाई गलत": हाईकोर्ट
माननीय न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक कोई गंभीर पर्यावरणीय आपातकाल की स्थिति साबित न हो जाए, तब तक किसी भी औद्योगिक इकाई को अपना पक्ष रखने और सुधार करने का उचित अवसर देना आवश्यक है। इसके साथ ही कोर्ट ने कंपनी को आवश्यकता पड़ने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का रुख करने की भी स्वतंत्रता दी है।
सियासी खींचतान और प्रतिशोध के आरोप
यह मामला उस समय गरमा गया जब राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता (जो हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं) की कंपनी ट्राइडेंट ने बोर्ड की इस जांच को 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया। कंपनी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि:
30 अप्रैल की शाम को 30 सदस्यों वाली टीम का औचक निरीक्षण कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि एक दबाव बनाने की रणनीति थी।
कंपनी के पास अप्रैल माह तक के सभी आवश्यक क्लीयरेंस और अनुमतियां मौजूद थीं और पिछले निरीक्षणों में भी सब कुछ संतोषजनक पाया गया था।
संस्थापक की राजनीतिक निष्ठा बदलते ही इस तरह की अचानक कार्रवाई सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
आर्मी कैंप धमाके की जांच तेज, दो युवकों से पूछताछ जारी
8 May, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। भारत-पाक सीमा के पास स्थित खासा आर्मी कैंप के बाहर मंगलवार देर रात हुए आईईडी धमाके के मामले में सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर इस साजिश की परतों को खोलने की कोशिश की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज से खुले राज, संदिग्धों की पहचान जारी
धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जालंधर से अमृतसर तक ऑपरेशन तेज कर दिया है। अब तक करीब 720 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है।
अमृतसर: खासा कैंप के पास जांच में सामने आया कि पकड़े गए दोनों युवक धमाके से ठीक 15 मिनट पहले (रात 10:30 से 10:45 के बीच) कैंप के आसपास संदिग्ध हालत में घूम रहे थे। 11 बजे धमाका होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में थी।
जालंधर: यहां हुए विस्फोट की जांच का दायरा फगवाड़ा तक पहुंच गया है। पुलिस ने शहर के प्रवेश और निकास द्वारों सहित संवेदनशील इलाकों के 600 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग कब्जे में ली है।
टेक्निकल सर्विलांस और फोरेंसिक जांच
जांच एजेंसियां केवल कैमरों तक सीमित नहीं हैं। पुलिस ने मोबाइल टावर डंप उठाकर संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी है। मौके से मिले विस्फोटक के अवशेषों की शुरुआती जांच से पता चला है कि यह कम तीव्रता वाला आईईडी था, जिसका मकसद दहशत फैलाना हो सकता है। हालांकि, एजेंसियां किसी बड़ी साजिश के पहलू को भी नकार नहीं रही हैं।
सीमावर्ती इलाकों में 'हाई अलर्ट'
धमाकों के बाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। अमृतसर (देहाती) के एसएसपी सुहेल मीर ने बताया कि सेना और बीएसएफ कैंपों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
आर्थिक तंगी बनी मौत की वजह, पति-पत्नी ने जहर खाकर दी जान
7 May, 2026 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के पमाल गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक वृद्ध दंपती ने आर्थिक तंगी और बीमारी से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दुखद वाकया मंगलवार की देर रात घटित हुआ, जिसका खुलासा तब हुआ जब निजी अस्पताल में कार्यरत उनका पुत्र अपनी शिफ्ट खत्म कर घर वापस लौटा। घर के भीतर से एक मार्मिक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें दंपती ने अपनी नियति और संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए लिखा है कि गरीबी में जन्म लेने के बाद अब वे उसी अभावपूर्ण स्थिति में इस संसार से विदा ले रहे हैं। मृतकों की पहचान गुरमीत सिंह और उनकी पत्नी नरिंदर कौर के रूप में हुई है, जिनके इस आत्मघाती कदम ने पूरे गांव को शोक संतप्त कर दिया है।
पुत्र के घर लौटते ही हुआ घटना का हृदयविदारक खुलासा
दंपती का पुत्र जो शहर के ही एक अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहा था, देर रात जब घर पहुंचा तो उसे अनहोनी का आभास हुआ। घर लौटने के दौरान उसने कई बार अपने माता-पिता से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन फोन और संदेशों का कोई उत्तर न मिलने पर उसकी चिंता बढ़ गई। जैसे ही वह घर के भीतर दाखिल हुआ, उसे अपने माता-पिता के निर्जीव शरीर पड़े मिले, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस और पड़ोसियों को सूचित किया। सूचना पाकर पहुंची थाना जोधां की पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्यों को कब्जे में लेकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।
बीमारी और आर्थिक संकट के बीच मानसिक अवसाद का साया
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्राथमिक जांच से यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि नरिंदर कौर पिछले छह वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त थीं, जिसके कारण परिवार पर इलाज का भारी आर्थिक बोझ था। अपनी पत्नी की गिरती सेहत और सीमित संसाधनों के कारण गुरमीत सिंह निरंतर मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे। बरामद पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपनी कठिन परिस्थितियों से पूरी तरह टूट चुके थे और उनके इस फैसले के लिए कोई अन्य व्यक्ति या रिश्तेदार जिम्मेदार नहीं है। पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने बच्चों से माफी भी मांगी है, जिससे यह साफ होता है कि लंबे समय से चल रही हताशा ने उन्हें इस चरम कदम की ओर धकेला।
पुलिसिया कार्यवाही और सुसाइड नोट के आधार पर जांच
पुलिस प्रशासन ने सुसाइड नोट को मुख्य साक्ष्य मानते हुए जांच की दिशा तय की है और इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि दंपती ने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है, इसलिए फिलहाल किसी को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि की जा सके। यह घटना समाज में बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ते चिकित्सा खर्च के दबाव जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जो समय रहते सहायता न मिलने पर ऐसे दुखद अंत का कारण बनते हैं।
जालंधर के स्कूलों में हाई अलर्ट, पुलिस और बम स्क्वॉड मौके पर
7 May, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर में बीएसएफ चौक के निकट हुए हालिया एक्टिवा विस्फोट के बाद अब शिक्षण संस्थानों को मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को चौकन्ना कर दिया है। शहर के प्रतिष्ठित एपीजे स्कूल सहित करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल व्याप्त हो गया है। सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा के लिहाज से छात्रों की छुट्टी कर दी और उन्हें सुरक्षित घर रवाना कर दिया। इस घटना के बाद से पुलिस प्रशासन की विभिन्न इकाइयां और बम निरोधक दस्ते स्कूल परिसरों की सघन तलाशी ले रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।
स्कूलों में दहशत और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई
धमकी भरे संदेश की जानकारी मिलते ही स्कूल परिसरों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि शहर के पांच से छह स्कूलों को इसी प्रकार के धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित पहलू से मामले की तहकीकात कर रही हैं। यद्यपि अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
साइबर सेल की जांच और सुरक्षा तंत्र की सतर्कता
पुलिस की साइबर क्राइम शाखा अब उन ईमेल के तकनीकी स्रोतों का पता लगाने में जुटी हुई है जिनके माध्यम से यह दहशत फैलाने की कोशिश की गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के आईपी एड्रेस और भेजने वाले के मूल स्थान को ट्रैक करने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही हैं ताकि इन फर्जी या वास्तविक धमकियों के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके। शहर में पहले से ही हालिया ब्लास्ट के कारण हाई अलर्ट की स्थिति है, ऐसे में स्कूलों को निशाना बनाकर दी गई इन धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अभिभावकों की चिंता और बच्चों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव
स्कूलों द्वारा अचानक की गई छुट्टी और बम की धमकी की खबरों ने बच्चों और उनके माता-पिता के बीच मानसिक तनाव पैदा कर दिया है। छात्रों ने बताया कि उन्हें स्कूल में आपातकालीन संदेश दिखाकर तुरंत परिसर खाली करने को कहा गया, जिससे वे काफी घबरा गए थे। इस घटना ने शहर के शैक्षणिक वातावरण को अस्थाई रूप से प्रभावित किया है और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों की सुरक्षा के लिए स्थायी और कड़े कदम उठाए जाएं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस ने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सतर्क रहने की अपील की है।
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