पंजाब
मनजिंदर सिंह लालपुरा की सजा पर हाईकोर्ट में चुनौती, पंजाब सरकार समेत संबंधित पक्षों को भेजा गया नोटिस
25 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। छेड़छाड़ और मारपीट के 12 साल पुराने मामले में सुनाई चार साल की सजा के आदेश पर रोक की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आरोप के अनुसार तीन मार्च 2013 में गांव उसमां की महिला अपने पिता व परिवार के अन्य सदस्यों सहित विवाह समारोह में भाग लेने के लिए पंजाब इंटरनेशनल पैलेस में पहुंची थी। इस दौरान वहां पर मौजूद टैक्सी चालकों द्वारा पीड़ित महिला के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
विरोध करने पर टैक्सी चालकों ने उनसे मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी बीच सड़क पर परिवार के साथ मारपीट की थी। आरोपी टैक्सी चालकों में मनजिंदर सिंह लालपुरा भी थे। लालपुरा 2022 में खडूर साहिब हलके से आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए थे। इसी महीने 10 सितंबर को तरनतारन की अदालत ने विधायक लालपुरा को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई थी। सजा के इस फैसले को अब लालपुरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची ने कहा कि यदि सजा पर रोक नहीं लगती है तो उनकी विधानसभा सदस्यता जा सकती है। याचिका में की गई इस मांग पर हाईकोर्ट ने आज पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को याचिका पर एक अक्तूबर तक जवाब दाखिल करना होगा।
मोरांवाली में NRI और महिला की हत्या, होशियारपुर में डबल मर्डर की गुत्थी, संतोख सिंह की हाल ही में कनाडा से वापसी बनी जांच की दिशा
25 Sep, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होशियारपुर (पंजाब)। पंजाब में गढ़शंकर के गांव मोरांवाली में गुरुवार सुबह एक एनआरआई और महिला का खून से लथपथ शव मिला। शव मिलने से गांव में दहशत का माहौल बन गया। आशंका है कि दोनों की हत्या धारदार हथियारों से की गई है। मृतक की पहचान एनआरआई संतोख सिंह (65) पुत्र ज्ञान सिंह के रूप में हुई है। वह लगभग तीन महीने पहले कनाडा से आया था। मृतक महिला की पहचान मोरांवाली की ही मंजीत कौर (50) पत्नी लखविंदर सिंह के रूप में हुई है।
मंजीत काैर पिछले काफी समय से घर की देखभाल कर रही थी। घटना का पता तब चला जब सुबह घर का ताला बाहर से लगा होने के कारण मंजीत कौर की बेटियां दीवार फांदकर अंदर गईं। बेटियों ने देखा कि घर के अंदर संतोख सिंह और मंजीत कौर के शव पड़े हैं, जिन पर धारदार हथियारों के निशान थे। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी (डी) डॉ. मुकेश कुमार, डीएसपी गढ़शंकर जसप्रीत सिंह, एसएचओ गगनदीप सिंह सेखों पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की प्रारंभिक जांच की।
कपूरथला की गद्दा फैक्टरी में आग की भयंकर लपटें, कर्मचारी फंसा और धुएं का गुबार 20 किमी दूर तक छाया
25 Sep, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर (पंजाब)। कपूरथला के नूरपुर दोना गांव स्थित जालंधर रोड की एक गद्दा फैक्टरी में गुरुवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त फैक्टरी में आठ कर्मचारी मौजूद थे। इनमें से अधिकतर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन एक कर्मचारी के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि वह बाहर निकल आया था, लेकिन अभी उसका कुछ पता नहीं चल पाया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी भयावह थी कि काले धुएं का गुबार जालंधर तक, करीब 20 किलोमीटर दूर से भी साफ नजर आ रहा था। घटना की सूचना मिलते ही कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी, करतारपुर, जालंधर और रेल कोच फैक्टरी से दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चार घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। फैक्टरी में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। मौके पर एसडीएम इर्विन कौर और डीएसपी दीपकरण सिंह पहुंचे हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। फैक्टरी आमतौर पर सुबह 9 बजे शुरू होती है, लेकिन आग 8:15 बजे ही लग गई, जब केवल कुछ ही कर्मचारी अंदर थे। स्थिति गंभीर बनी हुई है और राहत कार्य तेजी से चल रहा है।
भगवंत मान कैबिनेट ने उठाया बड़ा कदम, पंजाब में कारोबार बढ़ाने के लिए OTS योजना को किया स्वीकृत
25 Sep, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में बुधवार को पंजाब कैबिनेट ने राज्य की अर्थव्यवस्था को तेजी लाने के लिए कई बड़े और अहम फैसले लिए। कैबिनेट की बैठक में राज्य में कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने पुराने मामलों का बोझ कम करने और उद्योगों तथा व्यापार के लिए नियमों के पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब वन टाइम सेटलमेंट स्कीम 2025 (ओ.टी.एस.) लाने की भी मंजूरी दे दी है। यह स्कीम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगी और 12 दिसंबर 2025 तक रहेगी। भगवंत मान सरकार ने यह फैसले ऐसे वक्त पर लिए हैं जब सरकार ने बाढ़ की आपदा निकलकर फिर पटरी आने की कोशिश में जुटी है। बाढ़ से पंजाब में काफी नुकसान हुआ है।
बड़ी राहत का किया ऐलान
इसमें जिन करदाताओं का मूल्यांकन 30 सितंबर, 2025 तक किया गया है और जिनके मूल्यांकन आदेशों के सभी सुधार/संशोधन विभाग द्वारा 30 सितंबर, 2025 तक संबंधित एक्टों जैसे कि पंजाब जनरल सेल्स टैक्स एक्ट, 1948, सेंट्रल सेल्स टैक्स एक्ट, 1956, पंजाब इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट, 2002, पंजाब वैट एक्ट, 2005, पंजाब एंटरटेनमेंट ड्यूटी एक्ट, 1955 और पंजाब एंटरटेनमेंट टैक्स सिनेमा शोज़ एक्ट, 1954 के तहत पारित किए गए हैं, वे इस स्कीम के अंतर्गत निपटारे के लिए आवेदन देने के योग्य होंगे। इस ओटीएस स्कीम के अंतर्गत, जिन मामलों में टैक्स राशि 1 करोड़ रुपये तक है। उन मामलों में ब्याज पर 100% छूट, जुर्माने पर 100% माफी और टैक्स राशि पर 50% छूट दी जाएगी। वहीं 1 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये तक की बकाया टैक्स राशि पर ब्याज और जुर्माने पर 100 फीसदी छूट तथा टैक्स राशि पर 25% माफी दी जाएगी। 25 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स राशि वाले मामलों में ब्याज और जुर्माने पर 100% छूट और टैक्स राशि पर 10 फीसदी माफी दी जाएगी।
कैबिनेट में OTS को मंजूरी
पंजाब सरकार कैबिनेट ने चावल मिलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओ.टी.एस.) 2025 को भी मंजूरी दी, क्योंकि हर मिल मालिक को मिलिंग के समय के पूरा होने के बाद राज्यीय खरीद एजेंसी के साथ अपना खाता क्लियर करना होता है, ताकि उसे अगले साल कस्टम मिलिंग के लिए धान की अलॉटमेंट के लिए विचार किया जा सके। कई मिल मालिकों ने अपना बकाया जमा नहीं करवाया, जिसके कारण उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह कार्रवाई पिछले कई वर्षों से विभिन्न अदालतों/लीगल फोरमों में लंबित थी। यह नई ओ.टी.एस. स्कीम सभी एजेंसियों के मामलों को न्यूनतम करने और इस नीति के तहत मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के लिए लाई गई है, ताकि ऐसी ‘अव्यवस्थित’ चावल मिलों को पुनः सक्रिय कर राज्य में रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जा सकें। इससे खरीदी सीजन के दौरान मंडियों में धान की खरीद तेजी और सुचारू रूप से होगी और किसानों को लाभ मिलेगा।
मान कैबिनेट ने लिए ये बड़े फैसले
भगवंत मान मंत्रिमंडल ने पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट, 1995 की धारा 5(1), 5(3)(2) और धारा 5(8) में संशोधन करने की भी सहमति दी। इससे कॉलोनियों/क्षेत्रों का विकास सही और योजनाबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे आम लोगों को आने वाली समस्याएं कम होंगी। इतना ही नहीं कैबिनेट ने करदाताओं की सुविधा और उनके द्वारा टैक्स पालन सुनिश्चित करने के लिए पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन बिल) 2025 में संशोधन करने की भी सहमति दी। उल्लेखनीय है कि वित्त एक्ट, 2025 ने जी.एस.टी. काउंसिल की सिफारिश के अनुसार केंद्रीय गुड्स एंड सर्विसेज एक्ट, 2017 के उपबंधों में संशोधन किया है। पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज एक्ट, 2017 में भी इसी तरह के संशोधन किए जाने हैं।
मोहाली में विशेष NIA कोर्ट
मंत्रिमंडल ने एन.आई.ए. के मुकदमों की सुनवाई में देरी से बचने के लिए एस.ए.एस. नगर, मोहाली में विशेष अदालत के गठन को भी मंजूरी दी। एन.आई.ए. एक्ट की धारा 22 के तहत मामलों की जांच के लिए मोहाली में एक्जीक्यूटिव विशेष अदालत के गठन हेतु जिला और सेशन जज/वरिष्ठ जिला और सेशन जज स्तर पर एक पद मोहाली में बनाया जाएगा। एन.आई.ए. के अलावा इस अदालत को ई.डी., सी.बी.आई. और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई का अधिकार भी होगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197(1) (बी.एन.एस.एस. 2023 की धारा 218) और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट 1988 की धारा 19, जैसे कि पी.सी. (संशोधन) एक्ट 2018 और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197 के तहत संशोधन किए गए मामलों में मुकदमा चलाने की सिफारिश को हरी झंडी दी, जो पंजाब के राज्यपाल को भेजी जाएगी।
त्योहारों की तैयारी में ट्रेनें भरी पड़ीं, कन्फर्म सीट के लिए लंबा इंतजार, पंजाब से यूपी-बिहार तक यात्रियों को झेलना पड़ रहा है परेशानी
24 Sep, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। नवरात्रों के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई है। ऐसे में अब लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इन ट्रेनों में कन्फर्म सीट के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। पंजाब से पूर्वोत्तर राज्यों (उत्तर प्रदेश व बिहार) को जाने वाली ट्रेनों में खासी भीड़ देखने को मिल रही है। यात्रियों में टिकट पाने के लिए मारामारी हो रही है। इनमें से ज्यादातर ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति है और कई ट्रेनों के जनरल डिब्बों में खड़े होने तक की जगह भी नहीं है। वहीं आरक्षित डिब्बों में कन्फर्म सीट पाने के लिए यात्री तत्काल टिकट का सहारा ले रहे हैं। इसके लिए अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। फिरोजपुर मंडल सबसे बड़े स्टेशन लुधियाना जंक्शन पर ट्रेनों में भीड़ बढ़ने के कारण टिकट दलाल भी सक्रिय हो चुके हैं और यात्रियों से कन्फर्म टिकट के बदले मनमाने रुपये वसूल रहे हैं। मजबूरी में लोग इनका शिकार भी बन रहे हैं। क्योंकि बिना कन्फर्म सीट के बिना लंबा सफर करना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। इस वजह से दलाल लोगों से टिकट के मनमाने रेट वसूल रहे हैं।
डेढ़ से दोगुनी कीमत पर बिक रही कन्फर्म टिकट
ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की मांग बढ़ने के कारण टिकटों की कालाबाजारी भी शुरू हो चुकी है। रेलवे रोड पर खुली निजी टिकट एजेंसियों पर आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी चरम पर है। इन एजेंसियों पर यात्रियों से कन्फर्म टिकट के बदले डेढ़ से दोगुनी कीमत वसूली जा रही है। लुधियाना स्टेशन के बाहर कई बड़े एजेंसी संचालक ऑनलाइन बुकिंग के अलावा काउंटर टिकट भी उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं यात्री टिकट सुविधा केंद्र (वाईटीएसके) पर भी 30 से 50 रुपये प्रति जनरल टिकट ओवरचार्जिंग चल रही है।
धर्मसोत के खिलाफ केस की मंजूरी, पंजाब कैबिनेट ने दी स्वीकृति; विजिलेंस ने FIR दर्ज की थी एक साल पहले
24 Sep, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सीएम आवास पर हुई। पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर भ्रष्टाचार के मामले में केस चलाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में धर्मसोत पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि धर्मसोत ने 1.67 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। पूर्व मंत्री पर पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। कैबिनेट ने राज्यपाल को केस चलाने की सिफारिश भेज दी है। कैबिनेट में ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के तहत कॉमन भूमि की समीक्षा कर अवैध कब्जों पर जुर्माना लगाने और राजस्व वसूली का निर्णय लिया गया। इससे प्राप्त राशि का आधा हिस्सा पंचायत व आधा हिस्सा नगरपालिका को जाएगा। पंजाब में जो पुरानी खालें या पगडंडिया हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। जिन खालों को कमर्शियल बिल्डिंग दुकानें या अन्य निर्माण करके बेच दिया गए हैं, उसमें बिल्डर से चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। डीसी की तरफ से राशि निर्धारित की जाएगी। कैबिनेट ने सिविल सप्लाई से जुड़े 1688 मिलर्स को राहत देते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए ओटीएस स्कीम पेश की है। मूल राशि पर ब्याज और पेनल्टी माफ की जाएगी। जिन मामलों में 15% तक एम्बेजलमेंट है, वे किस्तों में राशि जमा कर सकेंगे।
इसी तरह प्री-जीएसटी एरियर से जुड़े मामलों में भी ओटीएस योजना लाई गई है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट और अन्य एक्ट के करीब 2039 मामलों में टैक्स व पेनल्टी माफ की जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 20 हजार व्यापारियों को मिलेगा। स्कीम 31 दिसम्बर तक लागू रहेगी। उद्योग जगत के लिए राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन कर बड़ी राहत दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी की इंडस्ट्री तथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को 5 से 18 दिनों में अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने का फैसला किया है, जहां एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैनात किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र सरकार की सिफारिशों पर जीएसटी स्लैब और कम्पंसेशन से जुड़े संशोधनों को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों और प्रभावितों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए।
फोर्टिस अस्पताल के पास थाने में लगी आग, 10 कारों में लगी भयंकर क्षति, फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
24 Sep, 2025 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली: फोर्टिस अस्पताल के पास बुधवार दोपहर को मोहाली के फेज-8 थाने में दर्ज माल मुकदमे में जब्त की गई गाड़ियों में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के मुताबिक 8 से 10 वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम भी मौके पर है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
मिग-21 को मिलेगा अंतिम सम्मान, 26 को भरेगी आखिरी उड़ान, छह दशक से वायुसेना की ताकत रहा लड़ाकू विमान
23 Sep, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिग-21 लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के साथ 1963 में जुड़ा और उसकी ताकत बन गया। 1965, 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा 1999 कारगिल युद्ध, बालाकोट स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर में भी मिग-21 अग्रिम पंक्ति में रहा।
करीब छह दशक तक सेवा करने के बाद मिग-21 को वायुसेना रिटायर करने जा रही है। 72 घंटे बाद 26 सितंबर को मिग-21 चंडीगढ़ के 12 विंग एयरबेस से आखिरी उड़ान भरेगा। यह उड़ान इसलिए भी ऐतिहासिक होगी क्योंकि चंडीगढ़ में ही मिग-21 की पहली स्क्वॉड्रन बनाई गई थी। इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए छह मिग-21 चंडीगढ़ पहुंच गए हैं और उन्हें विदाई देने के लिए सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम भी पहुंची हुई है। ये सभी छह विमान पैंथर्स फॉर्मेशन में आखिरी उड़ान भरेंगे और लैंडिंग के बाद इंजन स्विच ऑफ करते ही इनकी विदाई हो जाएगी। 26 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
ऐतिहासिक मौके पर होंगे एयरफोर्स चीफ समेत कई अधिकारी
स्क्वॉड्रन नंबर 23 (पैंथर्स) के कमांडिंग ऑफिसर मिग-21 को उड़ाएंगे। राजस्थान के सूरतगढ़ स्थित यह स्क्वॉड्रन अक्तूबर 1956 में गठित हुई थी। डी हैविलैंड वैम्पायर और फौलैंड गैनट विमान के बाद पैंथर्स ने फरवरी 1978 में लड़ाकू विमान मिग-21 का संचालन संभाला था, इसीलिए पैंथर्स के अफसर ही इस विमान को अंतिम विदाई देंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर एयरफोर्स चीफ समेत कई अधिकारी मौजूद होंगे।
आखिरी उड़ान का अनुभव सहेजेंगे
आखिरी उड़ान पर छह मिग-21 के साथ जो पायलट उड़ान भरेंगे वो इस लड़ाकू जहाज के साथ आखिरी उड़ान का अपना अनुभव एक फीडबैक रिपोर्ट के रूप में तैयार करेंगे जिन्हें वायुसना सहेज कर रखेगी।
फॉर्म-700 सौंपेंगे एयर चीफ को
मिग-21 की स्क्वॉड्रन 23 के कमांडिंग ऑफिसर स्विच ऑफ के बाद एयरफोर्स चीफ को फॉर्म-700 की किताब सौंपेंगे। इस तरह इंडियन एयरफोर्स इस फाइटर जेट को विदाई देगी। आदमपुर स्थित स्क्वॉड्रन नंबर-28 के कमांडिंग ऑफिसर भी मौजूद रहेंगे, क्योंकि जनवरी 1987 से पहले मिग-21 इस स्क्वॉड्रन का भी हिस्सा रहे हैं। अब यह मिग-29 का संचालन कर रही है। दरअसल, इस फार्म में उड़ान से पहले उसकी हर की तरह जांच संबंधी रिपोर्ट और उड़ान के बाद फीडबैक के रूप में पायलट अपने अनुभव दर्ज करते हैं। मिग-21 की विदाई के वक्त यही फॉर्म-700 एक किताब के रूप में एयर चीफ को सौंपा जाएगा।
पंजाब को मिली रेल की दो बड़ी सौगातें, राजपुरा-मोहाली लाइन बनी हकीकत और फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत का ऐलान
23 Sep, 2025 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब । भारतीय रेलवे ने पंजाब के लिए आज दो बड़ी खुशखबरी दी हैं। सबसे पहले, राजपुरा से मोहाली नई रेल लाइन की दशकों पुरानी मांग को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह 18 किलोमीटर लंबी नई लाइन 443 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐतिहासिक फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरे मालवा क्षेत्र को चंडीगढ़ से सीधे जोड़ने में मदद करेगा और इस क्षेत्र के रेल संपर्क को मजबूत बनाएगा।
विशेष रूप से, राजपुरा-मोहाली क्षेत्र लंबे समय तक राजधानी क्षेत्र से लगभग डिस्कनेक्टेड था। 1960 से ही लोगों की यह मांग रही है कि इस एरिया को सीधे चंडीगढ़ से जोड़ा जाए। अब इस नई लाइन के निर्माण से न केवल मालवा क्षेत्र के लोगों की यात्रा में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि वाणिज्यिक और आर्थिक गतिविधियों को भी तेजी मिलेगी।
दूसरी बड़ी घोषणा पंजाब के फिरोजपुर जिले से दिल्ली तक नई वंदे भारत ट्रेन को लेकर की गई है। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव कराएगी और प्रदेश के लोगों के लिए यात्रा की लंबाई और समय दोनों में कमी लाएगी।
रेल मंत्रालय ने कहा है कि राजपुरा-मोहाली नई लाइन और फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन दोनों ही प्रोजेक्ट पंजाब के लिए एक बड़ी सौगात साबित होंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि मालवा और आसपास के इलाकों का राजधानी शहर चंडीगढ़ से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित होगा।
केंद्रीय रेलमंत्री ने कहा, “यह प्रोजेक्ट केवल रेल नेटवर्क का विस्तार नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों के लिए विकास और सुविधा का प्रतीक भी है। अब यह क्षेत्र राजधानी से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में सुधार होगा।”
पंजाब की जनता और स्थानीय प्रशासन दोनों ही इस घोषणा से बेहद खुश हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू होंगे। यह रेल सुविधाएँ न केवल यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करेंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बाढ़ के दौरान बीमार हुए थे, अब अमृतसर में एक हफ्ते में चाचा-भतीजे की मौत से इलाके में शोक की लहर
23 Sep, 2025 03:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पट्टी (अमृतसर)। दरिया ब्यास व सतलुज के संगम स्थान हरिके पत्तन हेडवर्क्स समीप गांव जल्लोके हथाड़ में एक सप्ताह के दौरान चाचा-भतीजा की मौत हो गई। यह दोनों बाढ़ के दौरान बीमार हो गए थे। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवार से संबंधित सविंदर सिंह व उनके भतीजे अर्शदीप सिंह की चार एकड़ जमीन पानी की मार में आ गई थी। इसके चलते परिवार परेशान था। ग्रामीणों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उक्त परिवार की आर्थिक मदद की जाए। पट्टी के अंतर्गत आते गांव जल्लोके हथाड़ के सरपंच चैंचल सिंह फौजी ने बताया कि किसान कार्ज सिंह के भाई सविंदर सिंह ने अपना विवाह नहीं करवाया था। वह अपने भाई व भतीजों के साथ हथाड़ क्षेत्र में आती चार एकड़ जमीन पर खेती करता था।
उक्त जमीन पर धान की फसल को स्प्रे किया गया। इसके बाद पूरा क्षेत्र बाढ़ के प्रभाव में आया। सविंदर सिंह अचानक बीमार पड़ गया, जिसकी 13 सितंबर को मौत हो गई। सुरिंदर सिंह का भतीजा अर्शदीप सिंह रविवार को बीमार होते ही मौत के मुंह में चला गया। अर्शदीप सिंह के भाई आकाशदीप सिंह, रिश्तेदार सुखदेव सिंह प्यारा सिंह, हरप्रीत सिंह, राज सिंह ने बताया कि चाचा-भतीजा की बीमार होने से मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। अर्शदीप सिंह के पिता कार्ज सिंह वृद्धअवस्था में हैं खेती वाली जमीन अभी पानी की मार में है। सरकार को चाहिए कि पीड़ित परिवार की आर्थिक तौर पर मदद की जाए। परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि परिवार को योग्य मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सरकार एक्शन में, पराली जलाने पर होगी सख़्त निगरानी
22 Sep, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ (पंजाब)। पंजाब में 200 लाख टन पराली का निपटारा बड़ी चुनौती बन गया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सूबा सरकार के एक्शन के बावजूद पराली जलाने के मामलों पर रोक नहीं लग पा रही है। सितंबर में ही पराली जलने के केस आने शुरू हो गए हैं। सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए 10 हजार अधिकारियों की फौज तैयार की है लेकिन इसके बावजूद बात नहीं बन रही। विशेषज्ञों के अनुसार पराली को जलाना पर्यावरण के लिए खतरनाक तो है ही लेकिन राजधानी दिल्ली के साथ ही पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश को गैस चैंबर बनाने के लिए जिम्मेदार है। वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में पराली जलाने के 10,909 मामले सामने आए थे।
सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए 1,48,451 सीआरएम मशीनें प्रदान की हैं। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। पराली को जलाने से रोकने के लिए इससे पेलेट्स बनाना, बायोगैस तैयार करना और इंडस्ट्री में इस्तेमाल करना जैसे उपाय किए जा रहे हैं। खेतों के अंदर व बाहर दोनों तरह से पराली के निपटारे के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन बावजूद इसके सब इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सिर्फ 45 प्रतिशत के करीब पराली का ही निपटारा हो पा रहा है और बाकी बची पराली को किसान आग के हवाले कर देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर को अपने एक आदेश में पराली जलाने के मामले पर सख्त नाराजगी जताई थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि किसान देश के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें बिना किसी रोक-टोक पराली जलाने दी जाए। शीर्ष कोर्ट ने सुझाव दिया था कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए गिरफ्तारी समेत कठोर दंड लागू किए जा सकते हैं ताकि इससे होने वाले वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।
ये हॉट स्पॉट जिलों में शामिल
पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर लुधियाना ने रिपोर्ट तैयार की है, जिसके अनुसार आठ जिलों को हॉटस्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। इन हॉटस्पॉट जिलों की बात करें तो पिछली बार फिरोजपुर में 1342, तरनतारन 876, संगरूर 1725, बठिंडा 750, मोगा 691, बरनाला 262, मानसा 618 और फरीदकोट में पराली जलाने के 551 मामले सामने आए थे। सरकार किसानों पर एफआईआर दर्ज करती रही है लेकिन नेताओं और किसान संगठनों के दबाव में यह फैसला अक्सर वापस ले लिया जाता है। पराली जलाने वाले किसानों की जमीन की रेड एंट्रीज भी दर्ज करती रही है। ये किसान जमीन बेच नहीं सकते। न ही इन्हें इस जमीन पर कर्ज नहीं मिल सकता। सरकार ने किसानों की अन्य सुविधाएं बंद करने का निर्णय लेने पर विचार कर रही है।
पिछले सात साल में प्रदान की गईं सीआरएम मशीनें
वर्ष प्राप्त फंड (करोड़ में) सीआरएम मशीनें कस्टम हायरिंग सेंटर
2018-19 269.38 27,747 3,888
2019-20 273.80 23,068 5,140
2020-21 272.50 25,811 10,808
2021-22 290.87 13,796 3,073
2022-23 278.83 27,250 883
2023-24 175.00 13,179 916
2024-25 375.00 17,600 1,331
कुल 1935.38 1,48,451 26,023
सभी विभागों की जिम्मेदारी की तय
काम जिम्मेदार विभाग
फसल अवशेष का खेत में प्रबंधन कृषि विभाग, सहकारिता विभाग
फसल अवशेष का बाहरी प्रबंधन नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
पराली जलाने पर प्रतिबंध विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग व उपायुक्त
प्रभावी निगरानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग व उपायुक्त
पराली उत्पादन घटाने के लिए योजनाएं कृषि विभाग
जागरूकता अभियान कृषि विभाग
फसल विविधीकरण पर बढ़ावा देने की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर ही प्रदेश में कृषि से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। पिछले कुछ समय से प्रदेश में धान व गेहूं की पैदावार बढ़ती जा रही है जबकि दूसरी फसलों जैसे दालें, मिलेट्स, गन्ना, मक्का, कपास की खेती से किसान किनारा करते जा रहे हैं। यही कारण है कि सरकार ने भी अपने एक्शन प्लान में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के प्रावधानों को शामिल किया है जिसके अनुसार इन फसलों की पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
फसल पैदावार क्षेत्र 2024-25 हेक्टेयर में प्रस्तावित अतिरिक्त क्षेत्र (हेक्टेयर)
मक्का 1,00,000 71,000
गन्ना 95,000 18,000
कपास 1,00,000 75,000
कुल 2,95,000 1,64,000
पिछले तीन साल में पराली जलाने के मामले
वर्ष केस
2022 49,922
2023 36,663
2024 10,909
पिछले छह दिन में पराली जलाने के मामले
तारीख केस
15 सितंबर 5
16 सितंबर 23
17 सितंबर 35
18 सितंबर 46
19 सितंबर 47
20 सितंबर 48
प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को नहीं दिया जा सकता दोष: राजेवाल
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को दोष नहीं दिया जा सकता है। प्रदूषण के लिए बढ़ती वाहनों की संख्या और उद्योग भी जिम्मेवार हैं। हर बार प्रदेश के किसानों को ही टारगेट नहीं किया जाना चाहिए। राजेवाल ने कहा कि सरकार को पराली के प्रबंधन के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए जो अभी तक नाकाफी है। कोई भी किसान जानबूझकर अपनी पराली को आग के हवाले नहीं करना चाहता है इसलिए सबसे पहले किसानों की समस्या समझना जरूरी है। पराली की समस्या और पर्याप्त संसाधनों का पता लगाने के लिए एक सर्वे किया जाना चाहिए जिसके बाद सब साफ हो जाएगा। साथ ही बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय...
पेलेट्स बनाने, बायोगैस तैयार करने और इंडस्ट्री में करें इस्तेमाल: एएन सिंह
पंजाब विश्वविद्यालय के वनस्पति विभाग के प्रोफेसर एएन सिंह ने कहा कि पराली जलाने से रोकने के लिए तमाम उपाय उपलब्ध है लेकिन सिर्फ उन पर काम करने की जरूरत है। पराली से पेलेट्स बनाए जा सकते हैं जिसका इंडस्ट्री में उपयोग भी हो सकता है। इसके अलावा बायोगैस तैयार की जा सकती है। इसी तरह कई इंडस्ट्री सीधे पराली को लेने के लिए भी तैयार है। इसके लिए एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए ताकि किसानों को किसी भी तरह का नुकसान न हो। तभी जाकर किसान पराली न जलाने को लेकर तैयार होंगे और उसके निपटारे में मदद करेंगे। इसके अलावा धान की कटाई के बाद रबी सीजन की फसलों की बुआई के लिए किसानों के पास सिर्फ एक माह का समय होता है। इस कारण वह फसल अवशेष का प्रबंधन करने की जगह इसमें आग लगा देते हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही सही मायने में पराली की समस्या का समाधान किया जा सकता है।
पराली जलाने के नुकसान
-पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता और नमी को नुकसान पहुंचता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता कम होती है।
-पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है, जो सांस के मरीजों के लिए अधिक खतरनाक है।
-पराली जलाने से लाभकारी जीव-जंतु भी नष्ट होते हैं, जो कीट नियंत्रण और पोषक चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
500 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार: कृषि मंत्री
पराली के प्रबंधन के लिए सरकार सीआरएम मशीनों पर सब्सिडी दे रही है। प्रदेश भर के किसानों ने 42,476 मशीनों के लिए आवेदन किया है जिसमें अधिकतर मशीनों के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। पराली के प्रभावी प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है ताकि पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और मिट्टी की उर्वरक क्षमता पर पड़ने वाले घातक प्रभावों से बचा जा सके। इसमें खेत में ही पराली का निपटारा (इन-सीटू) भी शामिल है जिसे अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा। -गुरमीत सिंह खुड्डियां, कृषि मंत्री, पंजाब।
रिच्ची के भोग पर जुटे राजनीतिक और धार्मिक नेता, राधा स्वामी डेरा प्रमुख और हंसराज हंस सहित कई हस्तियों की मौजूदगी
22 Sep, 2025 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर (पंजाब)। जालंधर में रविवार को पूर्व सांसद और वरिष्ठ अकाली नेता मोहिंदर सिंह केपी के इकलौते बेटे रिच्ची केपी (36) की अंतिम अरदास (पाठ) रखा गया था, जिसका भोग डाला गया। रिच्ची केपी की 13 सितंबर को चार गाड़ियों की भीषण टक्कर में मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से उनके परिजन और दोस्त सदमे में हैं। रिच्ची केपी के नाम की अंतिम अरदास दोपहर 12 बजे शुरू हुई थी। उनकी आत्मिक शांति के लिए 19 सितंबर से पाठ रखे गए थे, जिसका भोग डाला गया और करीब 1.15 बजे तक कीर्तन हुआ। इसके बाद रिच्ची केपी के नाम की अंतिम अरदास की गई।
रिच्ची को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग मॉडल टाउन के गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे हैं। अंतिम अरदास में राधा स्वामी डेरा के प्रमुख गुरविंदर सिंह ढिल्लों, जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सूफी गायक और पूर्व भाजपा सांसद हंसराज हंस, विधायक और पूर्व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। दुख साझा करने के लिए आप सरकार के कई मंत्री और भाजपा-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केपी के घर आ चुके हैं।
बता दें कि रिच्ची केपी की मॉडल टाउन के पास 13 सितंबर को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। रिच्ची अपनी फॉर्च्यूनर से घर लौट रहे थे। जब वह डबल शॉट कैफे के पास पहुंचे तो सामने से आ रही एक क्रेटा कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। क्रेटा कार शेखा बाजार का कपड़ा कारोबारी प्रिंस चला रहा था, जोकि जीटीबी नगर का रहने वाला है। फिलहाल प्रिंस पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चंडीगढ़ में शादी कर सबको चौंका दिया, जानिए कौन हैं अमरीन कौर सेखों
22 Sep, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। विक्रमादित्य शिमला जिले के बुशहर रियासत के शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। विक्रमादित्य सिंह की मां हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह हैं।
मनोविज्ञान में की है पीएचडी
अमरीन कौर ने मनोविज्ञान में पीएचडी की है। वह अभी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ. अमरीन कौर पंजाब- हरियाणा हाई कोर्ट के सीनियर वकील जोतिंदर सिंह सेखों की बेटी हैं। उनकी मां का नाम ओपिंदर कौर है।
हावर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई
डॉ. अमरीन कौर ने हावर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने दो बार मास्टर्स किया है। अमरीन ने मनोविज्ञान में ही पीएचडी की और उसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रफेसर हो गईं। डॉ. अमरीन को लिखने-पढ़ने का बहुत शौक है। वह अपना ज्यादातर समय किताबें लिखने या पढ़ने में ही बिताती हैं।
राइटर भी हैं अमरीन
डॉ. अमरीन कौर एक राइटर भी हैं। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं। विक्रमादित्य उनके पुराने दोस्त हैं। विक्रमादित्य का उनकी पहली पत्नी से जो तलाक हुआ था, उसके पीछे एक वजह अमरीन कौर भी थीं। विक्रमादित्य की पहली पत्नी ने आरोप लगाया था कि विक्रमादित्य का अमरीन के साथ अफेयर है।
संगरूर का रहने वाला है परिवार
डॉ. अमरीन कौर सेखों का परिवार मूल रूप से संगरूर ज़िले के कलबंजारा गांव का रहने वाला है, लेकिन अब चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में रहता है। विक्रमादित्य सिंह और अमरीन कौर की सगाई की तस्वीरें सामने आई हैं। दोनों अब चंडीगढ़ में ही शादी करेंगे। उनकी शादी के लिए विशाल आयोजन किया गया है।
विक्रमादित्य की पत्नी पत्नी कौन
विक्रमादित्य ने इससे पहले 8 मार्च, 2019 को राजस्थान के मेवाड़ में राजसमंद के आमेट राजघराने की सुदर्शना सिंह चुंडावत से विवाह किया था। बाद में, 2022 में, मतभेदों के चलते, चुंडावत ने विक्रमादित्य के परिवार के खिलाफ उदयपुर की अदालत में घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। सुदर्शना ने यह भी आरोप लगाया था कि विक्रमादित्य का चंडीगढ़ की एक लड़की अमरीन कौर के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन बाद में पिछले साल आपसी सहमति से तलाक के ज़रिए दोनों अलग हो गए।
मानवता की मिसाल: बाढ़ पीड़ितों की राहत हेतु श्री अकाल तख्त साहिब की नई वेबसाइट पर 6 सुविधाएं उपलब्ध
19 Sep, 2025 06:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय से sarkarekhalsa.org वेबसाइट लॉन्च की। यह घोषणा पंजाब में बाढ़ प्रभावित लोगों को व्यवस्थित, सार्थक और उचित तरीके से राहत सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने पंजाब में सेवा और राहत कार्य प्रदान करने वाले सभी संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तित्वों और समूहों से इस वेबसाइट पर अपनी सेवाएं रजिस्टर्ड कराने की अपील की ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों की नीति-आधारित तरीके से मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं द्वारा संचालित खालसा पंथ सभी के भलाई की बात करता है और इसी से प्रेरित होकर सिख या सिख संगठन हमेशा प्राकृतिक आपदाओं या अन्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों की बिना किसी भेदभाव के मदद करते हैं। जत्थेदार गड़गज्ज ने बताया कि पंजाब में हाल ही में आई बाढ़, जिसमें लोगों को जान-माल का गंभीर नुकसान हुआ, के बाद कई सिखों और सिख संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब से संपर्क किया था कि हालांकि संगठन राहत सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, लेकिन उनके बीच आपसी समन्वय और पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि दशवंध व्यर्थ न जाए और प्रभावित और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचे।
इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से 13 सितंबर को सभी संगठनों और लोगों के साथ एक बैठक की गई और सुझाव लिए गए, जिसके बाद इस वेबसाइट को तैयार करने का फैसला किया गया। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सरकार-ए-खालसा वेबसाइट श्री अकाल तख्त साहिब के तत्वावधान में खालसा पंथ द्वारा एक प्रयास है। जिसके माध्यम से गरीबों को राहत सेवाएं प्रदान करने वाली विभिन्न संस्थाओं को संगठित और समन्वयित करके, गुरु के मिशन को पूरा करते हुए, दसवंध का सार्थक और उचित तरीके से उपयोग करने और इसे राष्ट्र और मानवता के भविष्य के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए उपयोग करने का एक प्रयास है, जिसे गुरु साहिब की सुरक्षा के तहत डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुल छह प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें खेत समतलीकरण, घर सेवा, पशुधन सेवा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा सेवा और अन्य सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को संगठनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और उम्मीद है कि इसके माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रभावी राहत और पुनर्वास कार्य किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का कोई भी निवासी, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, इस वेबसाइट पर रजिस्टर्ड कर सकता है और मदद की आवश्यकता या वह जो सेवा प्रदान कर सकता है, उसके बारे में जानकारी दे सकता है।
एक बार जानकारी दर्ज होने के बाद, इसे श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा नियुक्त सेवादार स्वयंसेवकों द्वारा सत्यापित किया जाएगा और सही पाए जाने के बाद, यह काम सेवा प्रदान करने वाली संस्था को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवादार स्वयंसेवक के रूप में सेवाएं देने के इच्छुक लोग भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। वेबसाइट से व्हाट्सएप ( 91 8083080840) चैट के माध्यम से भी जुड़ा जा सकता है और यह वेबसाइट कैसे काम करेगी, इसके निर्देश भी प्लेटफॉर्म पर दिए गए हैं। प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकरण करने वाले प्रत्येक संगठन, संस्था, व्यक्ति, व्यवसाय के पास प्रवेश के लिए एक अलग लॉग-इन और पासवर्ड होगा, जिसके माध्यम से वे घटनाओं या ज़रूरतों की रिपोर्ट कर सकते हैं, अपने द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की निगरानी कर सकते हैं या स्थिति अपडेट कर सकते हैं। इसी तरह की सुविधा ज़रूरतमंद व्यक्तियों, परिवारों आदि के लिए भी उपलब्ध होगी।
होटल में अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़, पुलिस के छापे में युवतियां भागीं, अब तक 38 लोग गिरफ्तार
19 Sep, 2025 05:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फगवाड़ा। जिला कपूरथला की साइबर क्राइम पुलिस ने फगवाड़ा की थाना सिटी पुलिस को साथ लेकर फगवाड़ा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में युवा भाजपा नेता सहित 38 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 40 लैपटॉप 67 मोबाइल फोन 10 लाख रुपया की नकदी (कैश) बरामद की है। सभी आरोपितों को पुलिस फगवाड़ा से बस में बिठाकर अपने साथ कपूरथला ले गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि फगवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का किंगपिन युवा भाजपा नेता अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी पुत्र दर्शन सिंह वासी मोहल्ला गुजरातीया फगवाड़ा था, जो इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहा था। पुलिस के मुताबिक यह रैकेट सॉफ्टवेयर समाधान उपलब्ध कराने की आड़ में अमेरिका व कनाडा के लोगों को निशाना बनाते थे। इस साइबर धोखाधड़ी रैकेट में 13 राज्यों से अधिक के रहने वाले लोग शामिल थे
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान रैकेट के मुख्य संचालक युवा भाजपा नेता अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी पुत्र दर्शन सिंह निवासी मोहल्ला गुजरातिया फगवाड़ा, जसप्रीत सिंह पुत्र शिंगारा सिंह निवासी न्यू रणजीत नगर, साउथ एवेन्यू नई दिल्ली, साजन मदान पुत्र नरेश मदान वासी 2364, मेन रोड वेस्ट पटेल नगर साउथ एवेन्यू, नई दिल्ली के रूप में हुई है।
वरुण उर्फ रोहन पुत्र महेंद्र लोमस वासी प्यारेलाल रोड करोल बाग नई दिल्ली, सौरव पुत्र अशोक चंद वासी पिथौरागढ़ उत्तराखंड, राजकुमार यादव पुत्र शैकाल निवासी खलासीपुर जंगीपुर यूपी, बृजेश पुत्र नारायण वासी गुरहान सेक्टर 5 गुड़गांव हरियाणा, अजहरुद्दीन पुत्र जमील अहमद वासी मोहल्ला आरेला दातागंज बदायूं, विकाटो आचूमी पुत्र शुकिया 840 मिडिल कॉलोनी पुराना बाजार दीमापुर, नागालैंड, मिराज पुत्र मोहम्मद जलालुद्दीन वासी डॉक्टर सुधीर बोस रोड भवानीपुर कोलकाता, सुमित पुत्र अंकुश कुमार वासी कबीर नगर गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है।
अमित कुमार पुत्र राजकुमार खत्री वासी मकान नंबर 219 वसंत कुंज, महिपालपुर नई दिल्ली, सौरभ पुत्र जेएन कौल वासी सेक्टर 31 फरीदाबाद, भारत भूषण पुत्र योगेश वासी निहाल विहार नांगलोई दिल्ली, आनंद पुत्र मनोज वासी मकान नंबर 16 उत्तम नगर दिल्ली, रवनीत सिंह पुत्र कुलविंदर सिंह वासी मोती नगर दिल्ली, पारस मल्होत्रा पुत्र राजकुमार मल्होत्रा वासी न्यू आत्म नगर हैबौवाल,लुधियाना, मैक्सकारियस शुलाई पुत्र पोलिन संगमा वासी कैरुलिन कॉलोनी जोवाई, मेघालय, अंकित कुमार पुत्र राजेश कुमार निवासी धर्म बंद बस्ती धनबाद झारखंड के रूप में हुई है।
उज्जवल पुत्र संजीव मलिक वासी बेस्ट आजाद नगर शाहदरा दिल्ली, दीपक पुत्र अरुण निवासी में फील्ड गार्डन सेक्टर 51 गुड़गांव, हरियाणा, फैशन भट्ट पुत्र मुजफ्फर भट्ट वासी केपी रोड अनंतनाग,( जम्मू कश्मीर) मेहराज खान पुत्र आमीन निवासी शिवाजी नगर पुणे, (महाराष्ट्र), प्रवीण पुत्र परमानंद निवासी सुभाष नगर देहरादून, प्रतीक पुत्र रतिराम वासी ठाकुरपुर रोड प्रेम नगर देहरादून, ईमना ईयर पुत्री इम्टी अय्यर दीपूपर वासी दीमापुर, (नागालैंड), आकाश आनंद पुत्र सूरज आनंद वासी निवासी धकपत्ति, राजपुर, देहरादून, दुष्यंत पुत्र आजाद सिंह वासी सेक्टर 16 रोहिणी दिल्ली को गिरफ्तार किया है।
आकाश भारती पुत्र रमन भारती वासी धर्म बंध, धनबाद, अंशुल पुत्र मोर्चरी वासी हाउस नंबर 269 टाइप 2 सेक्टर 5 बी भेल रानीपुर, हरिद्वार, सिमांजलि लोहार पत्नी उदय चंद्र लोहार वासी नौपाड़ा लोएसिंगा, उड़ीसा, सुनैना पुत्री जसविंदर सिंह निवासी पुष्प विहार मालवीय नगर दिल्ली, तनु ठाकुर पुत्री पप्पू ठाकुर निवासी प्रेम नगर देहरादून, सुहासिनी पुत्री सुरेश कुमार सचदेवा वासी देरावल नगर मॉडल टाउन दिल्ली, सिमरन जहांगीर पुत्री जहांगीर निवासी उमर कॉलोनी बबीना, जम्मू कश्मीर, सिद्धांत कुमार पुत्र मनमोहन वासी राजपुर देहरादून, करण पांडे पुत्र हिमांशु पांडे वासी गांधीधाम, कच्छ (गुजरात) तनु ठाकुर पुत्री पप्पू ठाकुर वासी प्रेम नगर देहरादून उत्तराखंड के रूप में हुई है।
बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया
जानकारी के अनुसार, डीएसपी कपूरथला दलजीत सिंह, डीएसपी फगवाड़ा भारत भूषण और साइबर सेल कपूरथला की इंस्पेक्टर अमनदीप कौर व थाना सिटी की एसएचओ ऊषा रानी के नेतृत्व में वीरवार रात को जिला कपूरथला की साइबर क्राइम पुलिस ने फगवाड़ा के पलाही रोड पर स्थित द ताज विला होटल में छापामारी करके एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया। सारी रात पुलिस की कार्रवाई चलती रही और शुक्रवार सुबह पुलिस सभी आरोपितों को गिरफ्तार करके कपूरथला साथ ले गई। इस रैकेट का पर्दाफाश होने पर एफआईआर नंबर 14, तिथि 19 सितंबर 2025, पुलिस स्टेशन साइबर क्राइम कपूरथला में दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 111, 318(4), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धाराओं 66(सी) व 66(डी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने खुलासा किया है कि इस रैकेट को युवा भाजपा नेता अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी द्वारा स्थानीय पलाही रोड पर स्थित द ताज विला में चला रहा था, जो उसने लीज पर लिया हुआ था। साबी टोहरी ने इस होटल में एक अवैध कॉल सेंटर बना रखा था।
गिरोह अमेरिका और कनाडा के लोगों को बनाता था शिकार
कॉल सेंटर की देखरेख जसप्रीत सिंह और साजन मदान (साऊथ एवेन्यू, नई दिल्ली) कर रहे थे। दोनों का सीधा संपर्क दिल्ली के एक व्यक्ति सूरज से मिला है, जो कोलकाता के शेन से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार गिरोह अमेरिका और कनाडा के लोगों को सॉफ़्टवेयर समाधान उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था। इनके लेन-देन मुख्य रूप से बिटकॉइन के माध्यम से किये जाते थे, वही हवाला चैनलों की भी इसमें संलिप्तता पाई गई है। डीएसपी दलजीत सिंह के अनुसार साइबर धोखाधड़ी से जुड़े इस बड़े रैकेट के आगे और पीछे के लिंकेज सहित पूरी सांठगांठ का पर्दाफाश करने के लिए मामले में आगे की जांच जारी है। मामले की पुष्टि करते हुए जिला कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि पंजाब पुलिस साइबर धोखाधड़ी के रैकेट को ध्वस्त करने और एक सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच होगी और इसमें जो भी आरोपी पाया गया उसके खिलाफ बनती कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर
