पंजाब
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से आहत लोग, कपूरथला में प्रदर्शन
19 May, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। शहर के बस्ती पीर दाद रोड इलाके में सोमवार देर रात श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंगों की बेअदबी का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही पूरे इलाके में भारी तनाव और सिखों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक कमेटियों और बड़ी संख्या में स्थानीय संगत ने मौके पर पहुंचकर रोष प्रकट किया और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इंसाफ के लिए सड़क पर उतरी संगत, मुख्य पुल पर शुरू किया पक्का धरना
प्रशासनिक ढुलमुल रवैये से नाराज सिख संगत और प्रदर्शनकारियों ने रात करीब 10:30 बजे बस्ती बाबा खेल क्षेत्र के मुख्य पुल पर चक्का जाम कर दिया और वहीं सड़क पर पक्के धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी नेताओं का आरोप था कि धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली इस गंभीर घटना पर पुलिस प्रशासन ने समय रहते मुस्तैदी नहीं दिखाई। जैसे-जैसे रात गहराती गई, माहौल और गरमाता गया।
कपूरथला चौक पर आधी रात को बढ़ा तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
हालात को बेकाबू होता देख देर रात करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर कपूरथला चौक पहुंच गए, जिससे विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी (ACP) आतिश भाटिया भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे सिख नेताओं को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे शहर के संवेदनशील चौराहों पर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।
आर-पार की लड़ाई का मूड, जब तक गिरफ्तारी नहीं तब तक आंदोलन
प्रदर्शनकारी सिख संगठनों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक इस घिनौनी साजिश को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक वे सड़कों से नहीं हटेंगे, चाहे उन्हें पूरी रात कड़कड़ाती ठंड या खुले आसमान के नीचे क्यों न गुजारनी पड़े। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो भविष्य के लिए नजीर बने।
अज्ञात उपद्रवियों पर मामला दर्ज, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी
इस पूरे मामले पर कार्रवाई करते हुए बस्ती बावा खेल थाना पुलिस ने धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की धाराओं के तहत अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एडीसीपी (ADCP) सुखविंदर सिंह ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि बेअदबी के इस संगीन मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट' के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी ($CCTV$) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
अमृतसर: डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, दूध से जताया विरोध
18 May, 2026 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (गुरुनगरी)। पवित्र नगरी में नकली दूध और पनीर के अवैध कारोबार के खिलाफ सोमवार को डेयरी कांप्लेक्स के संचालकों ने बेहद आक्रामक और अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। मिलावटखोरों पर कार्रवाई न होने से नाराज दर्जनों डेयरी मालिकों ने एकजुट होकर डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और सिविल सर्जन कार्यालय के सामने सड़कों पर करीब 80 लीटर शुद्ध दूध बहाकर प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया। डेयरी संचालकों का आरोप है कि सेहत विभाग असली काम करने वालों को तंग कर रहा है, जबकि मिलावट करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं।
प्रशासन पर गंभीर आरोप, मिलावटखोरों की जगह हमें किया जा रहा परेशान
डेयरी कांप्लेक्स के अध्यक्ष कर्मजीत सिंह नंगली ने प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमृतसर में सिंथेटिक दूध और नकली पनीर के बढ़ते धंधे को रोकने में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। मुट्ठी भर लोग चंद पैसों के लालच में जनता की सेहत से खिलवाड़ कर उन्हें बीमारी रूपी जहर परोस रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग असली दोषियों को पकड़ने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करता है और डेयरी कांप्लेक्स के ईमानदार मालिकों को बेवजह परेशान कर अपनी पीठ थपथपाता है।
चेकिंग के नाम पर औपचारिकता बंद हो, अब लगातार चलेगा आंदोलन
डेयरी यूनियन के नेताओं ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि नकली डेयरी प्रोडक्ट्स के खिलाफ उनका यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक कि प्रशासन बड़े मिलावटखोरों को सलाखों के पीछे नहीं भेज देता। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग को केवल त्योहारी सीजन में जागने के बजाय सालभर रूटीन चेकिंग करनी चाहिए। शहर की सीमाओं पर दूध और पनीर लेकर आने वाले वाहनों की सख्त नाकेबंदी कर गहन जांच की जाए, तो इस अवैध धंधे की कमर आसानी से तोड़ी जा सकती है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बख्शीश सिंह, वरिंदर सिंह, दिलबाग सिंह समेत कई प्रमुख डेयरी संचालक मौजूद रहे।
सहायक कमिश्नर का दावा- मिलावटखोरों के खिलाफ जल्द शुरू होगा विशेष अभियान
दूसरी ओर, डेयरी मालिकों के इस उग्र प्रदर्शन के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग भी हरकत में आता दिख रहा है। विभाग के सहायक कमिश्नर राजिंदर पाल सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टीमें केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी औचक निरीक्षण करती हैं। उन्होंने माना कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही दूध-पनीर के जल्दी खराब होने और बाजार में मिलावट की शिकायतें काफी बढ़ जाती हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आम जनता तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाने और मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए बहुत जल्द एक बड़े स्तर पर विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी।
लुधियाना: स्कूलों में मिली धमकी, बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
18 May, 2026 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना शहर में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब शहर के तीन नामी और बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश मिला। इस खौफनाक इनपुट के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। जिन शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी, उनमें सराभा नगर एक्सटेंशन का डीएवी (DAV) स्कूल, दुगरी स्थित बाल भारती स्कूल और किचलू नगर व ऊधम सिंह नगर के बीवीएम (BVM) स्कूल शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
परीक्षा दे रहे थे छात्र, खबर मिलते ही बदहवास दौड़े अभिभावक
धमकी भरा यह संदेश ईमेल के जरिए स्कूलों को भेजा गया था। जैसे ही स्कूल प्रबंधन की नजर इस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वक्त यह धमकी मिली, उस समय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं और बच्चे क्लासरूम में पेपर लिख रहे थे। स्कूल में बम होने की खबर आग की तरह फैली, जिससे बच्चों के माता-पिता गहरे खौफ में आ गए। अभिभावक अपने दफ्तरों और कामकाज को बीच में ही छोड़कर बदहवास हालत में स्कूलों की तरफ भागे, जिससे स्कूल के मुख्य द्वारों पर डरे-सहमे परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बम निरोधक दस्ते ने खाली कराए परिसर, चप्पे-चप्पे की हुई तलाशी
मामले की गंभीरता को देखते हुए लुधियाना पुलिस के आला अधिकारी, भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और एंटी-सबोटाज टीम तुरंत तीनों स्कूलों में पहुँचे। सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले बेहद शांतिपूर्ण तरीके से सभी छात्र-छात्राओं और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) और आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से स्कूलों के कमरों, मैदानों, छतों और पूरी बिल्डिंग के कोने-कोने की बारीकी से सघन तलाशी ली गई।
जांच में नहीं मिला कोई विस्फोटक, पुलिस ने कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
घंटों चली इस गहन चेकिंग के बाद प्रशासन और परिजनों ने तब राहत की सांस ली, जब सर्च ऑपरेशन में किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। सराभा नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि यह पूरी तरह एक 'हॉक्स कॉल' (झूठी धमकी) थी, जिसका मकसद केवल डर फैलाना था। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
शरारती तत्वों की खोज में जुटी साइबर सेल, आईपी एड्रेस खंगाल रही टीम
भले ही यह धमकी फर्जी साबित हुई हो, लेकिन पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। लुधियाना पुलिस की टेक्निकल विंग और साइबर सेल की विशेष टीम इस मामले की जांच में जुट गई है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भरे संदेश भेजे गए थे, उसके सोर्स और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस किया जा रहा है, ताकि इस घिनौनी हरकत के पीछे छिपे शरारती तत्वों और साजिशकर्ताओं को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
अकाली नेता जसकरनजीत देओल के खिलाफ गंभीर आरोप, नाबालिग से दुष्कर्म प्रयास में गिरफ्तारी
18 May, 2026 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली: पंजाब की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ शिरोमणि अकाली दल (SAD) के हलका दाखा प्रभारी जसकरनजीत सिंह देओल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अकाली नेता पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने, बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की धमकियां देने के बेहद संगीन आरोप लगे हैं। मोहाली के मटौर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
देहरादून के स्कूल से लाकर होटल में वारदात
लुधियाना निवासी पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी जसकरनजीत सिंह साल 2023 से उनकी पत्नी और बेटियों के संपर्क में था। बाद में वह महिला और बच्चियों को अपने साथ मोहाली ले आया। उस दौरान पीड़िता देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि अक्टूबर 2024 में आरोपी नेता नाबालिग को स्कूल से मोहाली के एक होटल में ले गया, जहाँ उसने जबरदस्ती करते हुए अश्लील हरकतें करने की कोशिश की।
कनाडा के गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी
पीड़िता ने जब इस घिनौनी करतूत का विरोध किया, तो आरोपी अपनी राजनीतिक धौंस पर उतर आया। उसने पीड़िता और उसकी मां को घर से बाहर निकालने का डर दिखाया। इतना ही नहीं, आरोपी अकाली नेता ने विरोध करने पर मां-बेटी को कनाडा के खतरनाक गैंगस्टरों से जान से मरवाने की खौफनाक धमकी भी दी।
लगातार मारपीट और प्रताड़ना
शिकायत के मुताबिक, होटल की घटना के बाद भी आरोपी का हौसला बढ़ा रहा और वह लगातार नाबालिग के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता रहा। हाल ही में आरोपी ने दोबारा पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा। इस कदर डरी और सहमी हुई बच्ची को बाद में उसके पिता के पास भेज दिया गया।
संदीप पाठक के खिलाफ एफआईआर पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
16 May, 2026 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज संभावित आपराधिक मामले को लेकर पंजाब सरकार द्वारा अपनाए गए ढुलमुल रवैए पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी तरह के संकोच की आवश्यकता नहीं है और यदि एफआईआर दर्ज है या नहीं है, दोनों ही स्थितियों को साफ किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक बिना अपनी पूर्व अनुमति के संदीप पाठक के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कठोर कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
सरकार की चुप्पी पर बचाव पक्ष के गंभीर आरोप और मौलिक अधिकारों की दुहाई
अदालती कार्यवाही के दौरान संदीप पाठक के वरिष्ठ वकील रणदीप राय ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर अदालत से लुका-छिपी खेलने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने दलील दी कि राज्य सरकार जानबूझकर इस बात को उजागर करने से बच रही है कि सांसद के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं, जबकि पिछली सुनवाई में भी इस पर साफ जवाब मांगा गया था। बचाव पक्ष ने इसे देश के हर नागरिक के मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय के पुराने फैसलों का हवाला दिया, जिसके अनुसार किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने के महज चौबीस घंटों के भीतर उसे सार्वजनिक करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।
जांच की गोपनीयता पर अदालत की उलझन और सुरक्षा का अंतरिम आदेश
दूसरी तरफ पंजाब सरकार के कानूनी प्रतिनिधि ने इस पूरी याचिका के आधार पर ही सवाल खड़े कर दिए और इसे महज मीडिया की खबरों पर आधारित एक काल्पनिक आशंका करार दिया। सरकारी वकील का तर्क था कि याचिकाकर्ता को इस तरह सीधे अदालत आने के बजाय अग्रिम जमानत का वैधानिक रास्ता चुनना चाहिए था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार की इस हिचकिचाहट पर अचंभित होते हुए साफ किया कि जब तक इस असमंजस की स्थिति पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक कानून व्यवस्था के नाम पर बिना न्यायिक अनुमति के सांसद के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम नहीं उठाया जा सकेगा।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की याचिका पर लंबी बहस और राहत से इनकार
इसी उच्च न्यायालय में पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर भी मैराथन सुनवाई हुई। अरोड़ा के कानूनी सलाहकारों ने ईडी की इस कार्रवाई को पूरी तरह से पूर्वनियोजित, गैर-कानूनी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया, जिसमें आधिकारिक गिरफ्तारी के समय को लेकर भी गंभीर विसंगतियां उजागर की गईं। अदालत ने इस मामले में पुराने फेमा केस की सामग्री को आधार बनाने और जांच अधिकारी की निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों सहित दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें तो सुनीं, लेकिन फिलहाल मंत्री को कोई भी अंतरिम राहत देने से साफ इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई सोमवार दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
साइबर ठगी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क धराया गया, 132 लोग हिरासत में
16 May, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने एक बेहद सुनियोजित तरीके से चल रहे अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी शहर के भीतर पॉश इलाकों में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे, जिसकी आड़ में वे सीधे तौर पर विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाते थे। कंप्यूटर में फर्जी वायरस आने की झूठी चेतावनी देकर यह गिरोह विदेशी लोगों से करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और महंगे उपहार ऐंठ लेता था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक साथ एक सौ बत्तीस आरोपियों को धर-दबोचा है, जबकि इस पूरे काले कारोबार के मुख्य सूत्रधार फिलहाल दिल्ली और गुजरात में छिपे हुए हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
अत्याधुनिक तकनीकी साजो-सामान के साथ करोड़ों की संपत्ति जब्त
इस विशाल नेटवर्क को ध्वस्त करने के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से करीब एक करोड़ सात लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल होने वाले अट्ठानवे लैपटॉप, दो सौ उनतीस मोबाइल फोन और तेरह लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने देश के विभिन्न बैंकों में संचालित हो रहे तीन सौ से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को पूरी तरह से फ्रीज करवा दिया है, जिनमें हवाला और अवैध स्रोतों से मोटी रकम के लेन-देन होने की प्रबल आशंका है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस बल ने संधू टॉवर और सिल्वर ओक स्थित इमारतों को चारों तरफ से घेरकर इस पूरे गिरोह को रंगे हाथों दबोचने में कामयाबी पाई।
डराने वाले फर्जी पॉप-अप और रिमोट एक्सेस से ठगी का मायाजाल
ठगी की इस पूरी कार्यप्रणाली का तरीका बेहद शातिराना था, जिसके तहत आरोपी विदेशी नागरिकों के कंप्यूटरों पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के नाम से मिलते-जुलते नकली सुरक्षा अलर्ट भेजते थे। स्क्रीन पर दिए गए फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर जैसे ही कोई डरा हुआ विदेशी नागरिक कॉल करता था, तो वह कॉल इंटरनेट सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे लुधियाना के इन कॉल सेंटरों में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके बाद खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर आरोपी पीड़ितों के सिस्टम में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवा लेते थे और उनके कंप्यूटर या मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे। फिर उन्हें बैंक खाता हैक होने या सिस्टम में अवैध सामग्री मिलने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूल की जाती थी।
हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के रास्ते भारत आता था ठगी का पैसा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लूटी गई इस दौलत को भारत मंगाने के लिए गिरोह द्वारा हवाला नेटवर्क, डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी और अन्य अवैध बैंकिंग चैनलों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था। इस पूरे कॉल सेंटर में छह-छह लोगों की अलग-अलग टीमें काम करती थीं, जिसमें हर ऑपरेटर को रोजाना आठ से दस विदेशी नागरिकों को फंसाने का कड़ा टारगेट दिया जाता था। पहली टीम पीड़ित को अपनी बातों में फंसाकर सिस्टम का एक्सेस लेती थी, जिसके बाद दूसरी टीम का सदस्य खुद को बड़ा बैंक अधिकारी बताकर फर्जी विदेशी खातों में तुरंत वायर ट्रांसफर करवा लेता था। इस गिरोह में काम करने वाले युवाओं को मोटी सैलरी के साथ-साथ सफल ठगी पर भारी इंसेंटिव भी दिया जाता था।
कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज और आयकर विभाग की एंट्री
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के मुख्य सरगना देश के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर दलदल में धकेलते थे। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने पकड़े गए सभी एक सौ बत्तीस आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की बेहद सख्त और गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में वित्तीय हेराफेरी के बड़े इनपुट मिलने के बाद अब देश के आयकर विभाग ने भी अपनी स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतरने की उम्मीद है।
30 फीट गहरे बोरवेल से बाहर निकला मासूम वंशु, जंग जीत गई जिंदगी
16 May, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर के पास स्थित गांव चक्क समाना में शुक्रवार की शाम एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जहां बोरवेल के गहरे गड्ढे में गिरे चार साल के मासूम बच्चे को एक बेहद जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस, जिला प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के सामूहिक व अथक प्रयासों से करीब नौ घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण खोजी अभियान को रात के समय सफलतापूर्वक पूरा किया गया। बोरवेल से सुरक्षित निकाले जाने के तुरंत बाद बच्चे को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।
तीस फीट गहरे अंधेरे गड्ढे में फंसी थी मासूम की सांसें
हादसे का शिकार हुआ चार वर्षीय मासूम गुरकरण सिंह, जिसके माता-पिता हरिंदर और आशा मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं, अपने घर के पास ही खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक एक खुले पड़े बोरवेल में जा गिरा, जिसकी खुदाई महज एक दिन पहले ही की गई थी। बच्चा गिरने के बाद भूमिगत शाफ्ट में करीब तीस फीट की गहराई पर जाकर अटक गया था। घटना की सूचना जैसे ही प्रशासन को मिली, जिला कलेक्टर आशिका जैन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मलिक तुरंत भारी पुलिस बल और राहत दलों के साथ मौके पर पहुंच गए और बिना समय गंवाए राहत कार्यों की कमान अपने हाथों में ले ली।
अत्याधुनिक तकनीक और सुरंग बनाकर शाफ्ट तक पहुंची एनडीआरएफ
मासूम को सुरक्षित बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के चालीस से अधिक कुशल सदस्यों ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले बच्चे तक सांस लेने के लिए ऑक्सीजन पाइप पहुंचाया गया और उसकी हरकतों पर नजर रखने के लिए एक विशेष सीसीटीवी कैमरा नीचे उतारा गया, जिसके फुटेज को देखकर टीमें लगातार रणनीति बदल रही थीं। राहत कर्मियों ने भारी मशीनरी की मदद से बोरवेल के ठीक समानांतर तीस फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोदा और फिर वहां से एक तंग क्षैतिज सुरंग बनाकर शाफ्ट तक अपनी पहुंच बनाई, जिसके बाद बेहद सावधानी से बच्चे को ऊपर खींच लिया गया।
नाजुक अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों की मुस्तैदी और स्थानीय संगठनों का संबल
इस बेहद नाजुक और संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और स्थानीय लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल भी पूरे नौ घंटे तक ग्राउंड जीरो पर डटे रहे और प्रशासनिक टीमों का हौसला बढ़ाते रहे। नेताओं ने इस सफलता के बाद कहा कि यह एक बेहद कठिन और जोखिम भरा कार्य था, जिसे सभी टीमों और ग्रामीणों की एकजुटता ने मुमकिन कर दिखाया है। इस बचाव कार्य के दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्थानीय संगठनों ने भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर राहत कर्मियों के लिए भोजन-पानी का प्रबंध किया और उनका मनोबल बनाए रखा, जिससे इस रेस्क्यू को एक सुखद अंत मिल सका।
हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य और नार्को-टेरर आरोपी भारत लाया गया
15 May, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर जारी अभियान में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल हुई है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े और नार्को-टेररिज्म के कुख्यात आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। एनआईए ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं और पुर्तगाल सरकार से प्रत्यर्पण संधि के तहत आरोपी को दिल्ली की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से जांच एजेंसी को उसकी दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है। अब इस खूंखार तस्कर को पंजाब ले जाकर सुरक्षा एजेंसियां सघन पूछताछ करेंगी, जिससे देश विरोधी कई बड़े षड्यंत्रों का पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है।
अटारी बॉर्डर पर अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन तस्करी का मुख्य सूत्रधार
पकड़ा गया आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर पकड़ी गई देश की सबसे बड़ी मादक पदार्थों की खेप का मुख्य सरगना माना जा रहा है, जिसमें सुरक्षा बलों ने पांच सौ बत्तीस किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक शेरा सीमा पार पाकिस्तान से संचालित होने वाले ड्रग्स और आतंकवाद के खतरनाक गठजोड़ का भारत में सबसे बड़ा चेहरा था। वह पड़ोसी मुल्क में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर भारतीय सीमाओं के भीतर हेरोइन की बड़ी खेप मंगवाता था और फिर उस नशीले पदार्थ को देश के विभिन्न राज्यों में बेचकर मिलने वाली करोड़ों रुपये की काली कमाई को हवाला नेटवर्क के जरिए जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाता था, ताकि वहां अशांति और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
चार वर्षों तक विदेशों में छिपने के बाद इंटरपोल की मदद से प्रत्यर्पण
मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला इकबाल सिंह साल दो हजार बीस में अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद देश छोड़कर अवैध तरीके से भाग निकला था। भारत से फरार होने के बाद उसने यूरोपीय देश पुर्तगाल में अपना गुप्त ठिकाना बना लिया था, जिसके बाद भारतीय अदालतों ने अक्टूबर दो हजार बीस में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके पश्चात भारत सरकार की पहल पर जून दो हजार किस में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया गया था ताकि वैश्विक स्तर पर उसकी आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। आखिरकार भारत सरकार के गृह मंत्रालय और कूटनीतिक प्रयासों के सफल समन्वय के चलते पुर्तगाल सरकार ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी।
पंजाब में गुर्गों का संगठित गैंग और हिजबुल कमांडरों से सीधा संपर्क
एनआईए के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शेरा ने पंजाब के विभिन्न जिलों में युवाओं को गुमराह कर अपना एक बहुत बड़ा संगठित नेटवर्क और गैंग तैयार कर रखा था। यह गिरोह केवल सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों की आपूर्ति ही नहीं करता था बल्कि व्यापारियों से जबरन वसूली और हवाला की रकम को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का काम भी संभालता था। तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि शेरा के तार पाकिस्तान में शरण लिए हुए हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष आतंकी कमांडरों से सीधे जुड़े हुए थे और वह उनके इशारे पर भारतीय युवाओं की नसों में ड्रग्स का जहर घोलकर उस पैसे से देश के खिलाफ हथियारों की खरीद-फरोख्त का इंतजाम करता था।
हिलाल शेरगोजरी की गिरफ्तारी से खुला नार्को टेरर फंडिंग का बड़ा राज
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ सबसे पहले पंजाब पुलिस की एक कार्रवाई के दौरान हुआ था, जब उन्होंने हिजबुल मुजाहिदीन के ओवरग्राउंड वर्कर हिलाल अहमद शेरगोजरी को गिरफ्तार किया था। हिलाल के पास से उस वक्त नार्को-टेररिज्म के माध्यम से एकत्र की गई करीब उनतीस लाख रुपये की भारी नकदी बरामद हुई थी, जो मुठभेड़ में मारे जा चुके कुख्यात आतंकी कमांडर रियाज अहमद नायकों तक पहुंचाई जानी थी। इसके बाद जब पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में फैले इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों पर दबिश दी गई तो कुल मिलाकर करीब बत्तीस लाख रुपये की टेरर फंडिंग की राशि जब्त की गई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए यह पूरा संवेदनशील केस एनआईए को सौंप दिया गया था।
पटियाला जेल में फरारियों का मामला, ड्रग तस्करी में बंद तीन कैदी
15 May, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला: पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सेंट्रल जेल पटियाला की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मादक पदार्थों की तस्करी के तीन आरोपियों के फरार होने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने कारागार प्रशासन की मुस्तैदी और अति-सुरक्षित घेरे के दावों की कलई खोलकर रख दी है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की त्वरित मुस्तैदी के चलते भागने वाले तीन बंदियों में से दो को दोबारा दबोच लिया गया है, लेकिन इस दुस्साहसिक फरारी ने राज्य के जेल सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
अति-सुरक्षित कारागार की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न
पटियाला सेंट्रल जेल को राज्य की सबसे अभेद्य और आधुनिक सुरक्षा वाली जेलों में गिना जाता है, जहाँ से कैदियों का इस प्रकार भाग निकलना बेहद चौंकाने वाला है। इस घटना के उजागर होते ही जेल के भीतर और बाहर की सुरक्षा प्रणालियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि कैसे भारी पहरे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद बंदी दीवार लांघने या सुरक्षा घेरा तोड़ने में कामयाब रहे। इस बड़ी चूक के बाद कारागार के भीतर तैनात संतरियों और प्रहरियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, जिसकी उच्च स्तरीय पड़ताल शुरू कर दी गई है।
मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी और अमृतसर कनेक्शन
जेल रिकॉर्ड से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फरार होने वाले तीनों ही बंदी ड्रग्स तस्करी के गंभीर मामलों में विचाराधीन थे और काफी समय से इस जेल में बंद थे। इन तीनों आरोपियों का सीधा संबंध अमृतसर क्षेत्र से बताया जा रहा है, जिससे पुलिस को यह भी अंदेशा है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो सकता है। मादक पदार्थ जैसे संवेदनशील मामलों के आरोपियों का इस तरह भागना पुलिस के लिए दोहरी चुनौती बन गया था, क्योंकि ऐसे अपराधियों का समाज में खुला घूमना कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
डीआईजी की आमद और पुलिसिया दबिश से दो गिरफ्तार
जैसे ही जेल प्रशासन को इस त्रिकोणीय फरारी की भनक लगी, वैसे ही पूरे महकमे में खलबली मच गई और जेल विभाग के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) तुरंत हालात का जायजा लेने और तकनीकी खामियों को समझने के लिए मौके पर पहुंचे। इसके समानांतर पटियाला जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे जिले की सीमाएं सील कर दीं और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस की इस सघन घेराबंदी का ही परिणाम रहा कि कुछ ही घंटों के भीतर दो फरार कैदियों को दोबारा ढूंढकर हिरासत में ले लिया गया, जिससे प्रशासन ने आंशिक राहत की सांस ली।
तीसरे कैदी की तलाश और पूरे नेटवर्क की पड़ताल
दो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद भी पुलिस और खुफिया तंत्र का अभियान थमा नहीं है और तीसरे फरार बंदी की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी गिरफ्तार किए गए दोनों बंदियों से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह जाना जा सके कि इस साजिश में जेल के भीतर का कोई कर्मचारी शामिल था या नहीं। इसके साथ ही अमृतसर और उसके आस-पास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भागे हुए तीसरे अपराधी को किसी भी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही दबोचा जा सके।
हलवारा एयरपोर्ट का ऐतिहासिक दिन, पहली उड़ान के साथ किया उद्घाटन
15 May, 2026 08:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना वासियों का हवाई सफर का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमानों का व्यावसायिक संचालन आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। पंद्रह मई की यह तारीख क्षेत्र के नागरिक उड्डयन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई जब देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला पहला विमान सुबह हलवारा रनवे पर सफलतापूर्वक उतरा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने विमान को 'वॉटर कैनन सैल्यूट' यानी पानी की बौछारों से सलामी दी, वहीं टर्मिनल पर उतरे यात्रियों का स्वागत पंजाब की समृद्ध संस्कृति के प्रतीक भंगड़ा और गिद्धा नृत्य के साथ पारंपरिक अंदाज में किया गया।
विशिष्ट अतिथियों की आमद और उड़ानों का विस्तृत ब्योरा
इस उद्घाटन उड़ान के माध्यम से केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, राज्य सभा सांसद बिक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता सहित कई वरिष्ठ राजनेता दिल्ली से हलवारा पहुंचे, जहाँ स्थानीय अधिकारियों और समर्थकों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। पहले दिन दिल्ली से आने वाले इस मुख्य विमान में कुल इकहत्तर यात्रियों ने सफर किया, जबकि यही फ्लाइट अपनी वापसी यात्रा में लगभग निन्यानवे यात्रियों को लेकर पुनः दिल्ली के लिए रवाना हुई। एयर इंडिया की ओर से इस मार्ग पर प्रतिदिन दो जोड़ी विमानों का संचालन किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी महज सवा घंटे में पूरी हो सकेगी। विमानन प्राधिकरण ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि उड़ान के निर्धारित समय से कम से कम डेढ़ घंटा पहले हवाई अड्डे पर पहुंचना अनिवार्य होगा क्योंकि प्रस्थान से एक घंटे पहले टर्मिनल गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
पुराने हवाई अड्डे की विदाई और नए अंतरराष्ट्रीय युग का सूत्रपात
हलवारा एयरपोर्ट के पूरी तरह क्रियाशील होने के साथ ही पंजाब के उड्डयन मानचित्र में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव आया है क्योंकि लुधियाना का पुराना साहनेवाल हवाई अड्डा अब हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने साहनेवाल में तैनात अपने संपूर्ण तकनीकी स्टाफ, सुरक्षा तंत्र और ग्राउंड हैंडलिंग टीम को नए सिरे से हलवारा में प्रतिस्थापित कर दिया है, जिससे एयर इंडिया को भी अपना सुदृढ़ नेटवर्क स्थापित करने में मदद मिली है। गौरतलब है कि इस अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का वर्चुअल उद्घाटन पूर्व में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा चुका था, जिसके बाद से ही इसके व्यावहारिक संचालन की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं।
राजनीतिक दूरियां और बदले घटनाक्रम के बीच उद्घाटन
इस बड़े और ऐतिहासिक अवसर पर भी स्थानीय सियासत और बदले हुए घटनाक्रमों का साया साफ तौर पर देखने को मिला। जिला प्रशासन द्वारा विधिवत आमंत्रण भेजे जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक हाकम सिंह ठेकेदार और वरिष्ठ ब्लॉक प्रधान रमेश जैन सहित सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं ने इस कार्यक्रम से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इसके अतिरिक्त एक अन्य बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की हालिया गिरफ्तारी के चलते एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई। मंत्री संजीव अरोड़ा अपनी पत्नी के साथ इस पहली फ्लाइट से आने वाले थे, परंतु उनके अचानक हिरासत में चले जाने के कारण दिल्ली से आने वाले उनके करीब चालीस से अधिक समर्थकों ने अपनी टिकटें निरस्त करवा दीं, जिससे उद्घाटन समारोह के दौरान कई सीटें खाली रहीं।
एनओसी नहीं मिलने से सुनाम में विपक्ष का बवाल, दफ्तर में किया विरोध
14 May, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुनाम: पंजाब में नगर निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच सुनाम में सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया जब नामांकन के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने से नाराज समूचा विपक्ष एक सुर में प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आया।
विपक्षी दलों का एकजुट प्रदर्शन और कार्यालय का घेराव
नगर निकाय चुनाव की दहलीज पर खड़े सुनाम में गुरुवार को उस समय एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई जब भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेता और उम्मीदवार एक साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। भाजपा जिलाध्यक्ष दामन बाजवा के नेतृत्व में एकजुट हुए विपक्षी उम्मीदवारों ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ कड़ा रोष जाहिर करते हुए कार्यकारी अधिकारी (EO) के दफ्तर का घेराव कर दिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के भीतर से कुर्सियां हटाकर फर्श पर ही दरी बिछा दी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरा परिसर घंटों तक हंगामे की भेंट चढ़ा रहा।
एनओसी के मुद्दे पर बढ़ा सत्तापक्ष और विपक्ष का टकराव
विपक्षी नेताओं ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को ताक पर रखकर केवल सत्ताधारी दल के करीबियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कांग्रेस नेता जसविंदर धीमान और अकाली दल के अमनबीर सिंह चैरी सहित अन्य नेताओं का तर्क था कि विपक्ष के उम्मीदवारों को मामूली तकनीकी खामियों का बहाना बनाकर एनओसी देने से रोका जा रहा है, जबकि सरकार समर्थित लोगों को रातों-रात प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए दफ्तर के भीतर ही डेरा डाल लिया।
अधिकारियों की अनुपस्थिति ने बढ़ाया उम्मीदवारों का गुस्सा
घंटों इंतजार करने के बाद भी जब कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही प्रमाण पत्र जारी किए गए, तो प्रत्याशियों का धैर्य जवाब दे गया। नाराज उम्मीदवारों ने दफ्तर की कुर्सियां एक तरफ धकेल दीं और जमीन पर बैठकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक उन्हें एनओसी नहीं मिल जाती, वे वहां से टस से मस नहीं होंगे। प्रदर्शनकारियों की दोटूक चेतावनी थी कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और सरकार के दबाव में काम करने के बजाय सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करने होंगे।
भारी दबाव के बाद प्रशासन ने जारी किए प्रमाण पत्र
लगातार बढ़ते हंगामे और विपक्षी दलों की एकजुटता को देखते हुए आखिरकार प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। गहन चर्चा और उम्मीदवारों के कड़े रुख के बाद ईओ ने कई प्रतीक्षारत उम्मीदवारों को मौके पर ही एनओसी जारी करना शुरू कर दिया, जिसके बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने साफ किया कि यदि भविष्य में भी चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात की कोशिश हुई तो इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
रेल मंत्रालय की नई पहल, जलपाईगुड़ी से अमृतसर तक अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू
14 May, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: पंजाब के यात्रियों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा जब अमृतसर रेलवे स्टेशन से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' को औपचारिक रूप से रवाना किया गया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार को अमृतसर रेलवे स्टेशन पर विशेष समारोह के दौरान अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन किया। इस दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में स्टेशन पर उत्सव जैसा माहौल रहा। यह नई ट्रेन सेवा करीब 1900 किलोमीटर का सफर तय करेगी, जिससे पंजाब और पूर्वी भारत के बीच आवागमन करने वाले आम नागरिकों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेगा।
आम आदमी की सहूलियत और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक ढांचा और मध्यम वर्ग के बजट के अनुकूल होना है, जिसे विशेष रूप से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार किया गया है। यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए प्रत्येक कोच में सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स, आपातकालीन बटन और अत्याधुनिक स्वच्छता सुविधाओं का समावेश किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि ट्रेन का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि किसी भी अप्रिय घटना या आग लगने जैसी स्थितियों का जोखिम न्यूनतम रहे, जिससे यात्री पूरी तरह निश्चिंत होकर सफर कर सकें।
अमृतसर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का बड़ा खाका
रेल सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अमृतसर रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में भी एक बड़ी घोषणा की गई है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 502 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत स्टेशन परिसर में नई इमारतों का निर्माण, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, वातानुकूलित प्रतीक्षा कक्ष और मनोरंजन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। भविष्य में अमृतसर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी एक नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम
अमृतसर रेलवे स्टेशन के नए स्वरूप को तैयार करते समय शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को गुरु नगरी की संस्कृति की झलक मिल सके। केंद्र सरकार के विजन के अनुरूप इस स्टेशन को देश के सबसे आधुनिक रेलवे हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां खरीदारी से लेकर डॉरमेट्री तक की तमाम आधुनिक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस पहल से न केवल अमृतसर की सूरत बदलेगी बल्कि यह देशभर के प्रमुख स्टेशनों के लिए एक मानक के रूप में भी उभरेगा।
Jalandhar में BSF मुख्यालय धमाके का आरोपी पुलिस गिरफ्त में
14 May, 2026 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर: पंजाब फ्रंटियर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के बाहर हुए आईईडी विस्फोट मामले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिसमें हमले के मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से दबोच लिया गया है।
संयुक्त ऑपरेशन में मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी
बीएसएफ मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात को हुए धमाके की गुत्थी सुलझाते हुए पंजाब पुलिस, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक साझा अभियान चलाकर दिल्ली से मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस पूरी आतंकी साजिश की कड़ियां सरहद पार बैठे पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़ी हुई नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि भट्टी ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर पंजाब के भोले-भाले युवकों को अपने जाल में फंसाया और इस घातक हमले को अंजाम देने के लिए उनका इस्तेमाल किया।
बस स्टैंड से दिल्ली तक हुआ संदिग्ध का पीछा
सुरक्षा एजेंसियों ने तकनीक और मानवीय खुफिया तंत्र का सहारा लेकर आरोपी की घेराबंदी की और उसे जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक करना शुरू किया गया था। इस लंबी निगरानी के बाद अंततः दिल्ली में उसे गिरफ्तार किया गया, जहां अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक पंजाब के विभिन्न जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और नवांशहर में व्यापक छापेमारी की गई है और करीब सत्रह युवकों को हिरासत में लेकर उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है।
विस्फोट में रिमोट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस विस्फोट को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने एक सामान्य डिलीवरी एजेंट की मौजूदगी का फायदा उठाया था। जब डिलीवरी बॉय सुरक्षा कारणों से अपनी स्कूटी बीएसएफ मुख्यालय के बाहर खड़ी कर अंदर गया, तभी सफेद टी-शर्ट पहने एक युवक ने मौके का फायदा उठाकर वहां विस्फोटक रखा और रिमोट कंट्रोल के जरिए धमाका कर दिया। सीसीटीवी फुटेज से यह भी स्पष्ट हुआ है कि हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की पूरी रेकी की थी और सटीक टाइमिंग के साथ इस घटना को अंजाम दिया जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
सुरक्षा व्यवस्था और हाई अलर्ट की स्थिति
5 मई की शाम को हुए इस जबरदस्त धमाके की गूंज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी, जिसके बाद से ही पूरे पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हाई अलर्ट घोषित है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर नवांशहर से भी तीन अन्य संदिग्धों को उठाया है जिनके तार सीधे तौर पर इस ब्लास्ट से जुड़े होने की आशंका है। वर्तमान में पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पास ही मौजूद पुलिस नाके के बावजूद हमलावर इतनी आसानी से भाग निकलने में कैसे कामयाब रहा और इस साजिश के पीछे और कितने स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं।
पंजाब में अपराध की वृद्धि, झपटमारी और महिलाओं पर अपराध चिंता का कारण
13 May, 2026 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर बेहद चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से झपटमारी के मामलों में पंजाब देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2024 के आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में प्रति लाख आबादी पर अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जो शहरी सुरक्षा और पुलिस की प्रभावी गश्त पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है।
झपटमारी की दर में पंजाब का देश भर में प्रथम स्थान
पंजाब में झपटमारी की घटनाएं इस कदर बढ़ गई हैं कि आबादी के अनुपात में यह देश का सबसे असुरक्षित राज्य बनकर उभरा है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि लुधियाना, अमृतसर और मोहाली जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में मोबाइल, चैन और पर्स छीनने की वारदातों ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं के मन में डर पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर चलाए गए विशेष अभियानों के बावजूद अपराध दर में यह उछाल प्रशासनिक विफलता और अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है, जिससे राज्य की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
नशा तस्करी और संपत्ति अपराधों का गहराता गठजोड़
राज्य में बढ़ते अपराधों का एक मुख्य कारण नशे की लत और इसके अवैध व्यापार को माना जा रहा है क्योंकि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में यह संकेत मिले हैं कि झपटमारी और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोहों का सीधा जुड़ाव नशे की लत से है और नशे की आपूर्ति के लिए अपराधी इस तरह के छोटे संपत्ति अपराधों का सहारा ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों की ओवरडोज से होने वाली मौतों के आंकड़े और अवैध शराब के सेवन से होने वाली मौतें राज्य के सामाजिक और सुरक्षा ढांचे के लिए एक दोहरी चुनौती पेश कर रही हैं।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और गंभीर अपराधों की चुनौतियां
रिपोर्ट में न केवल झपटमारी बल्कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों ने भी सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज हजारों मामले यह संकेत देते हैं कि संवेदनशील वर्गों को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब भी जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाए हैं। हत्या के बढ़ते मामलों और गंभीर श्रेणी के अपराधों का नियंत्रण से बाहर होना यह स्पष्ट करता है कि केवल आंकड़ों में सुधार के बजाय सामाजिक स्तर पर बदलाव और पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक व सतर्क बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
पंजाब 12वीं का परिणाम जारी, सुपनीत कौर ने टॉप करके गौरव बढ़ाया
13 May, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा कक्षा 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। बोर्ड के चेयरमैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नतीजों का विवरण साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रदेश भर के सफल छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम पूरी तरह पारदर्शिता के साथ तैयार किए गए हैं और छात्र अब आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी अंकतालिका देख सकते हैं।
सुपनीत कौर ने हासिल किया प्रदेश में सर्वोच्च स्थान
इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में मानसा की सुपनीत कौर ने अपनी असाधारण मेहनत के बल पर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। गुरुकुल अकादमी की छात्रा सुपनीत ने साइंस स्ट्रीम में शीर्ष स्थान हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और एकाग्रता से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके विद्यालय और परिवार में जश्न का माहौल है, वहीं शिक्षा जगत के दिग्गजों ने भी उन्हें इस सुनहरी सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
लुधियाना की बेटियों ने मेरिट सूची में जमाया कब्जा
मेरिट सूची में मानसा के बाद लुधियाना की छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है, जहां ह्यूमैनिटीज़ ग्रुप से दो मेधावी छात्राओं ने शीर्ष तीन में अपनी जगह बनाई है। बीसीएम स्कूल लुधियाना की सुहानी चौहान ने प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जबकि तेजा सिंह स्वतंत्र स्कूल लुधियाना की दिवांशी ने इसी स्ट्रीम में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक योग्यता का लोहा मनवाया है। इन छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि पंजाब के औद्योगिक नगर में शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है और वहां की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
डिजिटल माध्यम से परीक्षा परिणाम जानने की प्रक्रिया
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पंजाब बोर्ड ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर रिजल्ट लिंक को सक्रिय कर दिया है। छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर सीधे रिजल्ट सेक्शन में अपनी कक्षा का चयन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें अपना निर्धारित रोल नंबर और जन्म तिथि की जानकारी दर्ज करनी होगी, जिसे सबमिट करते ही उनका विस्तृत परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। बोर्ड प्रशासन ने विद्यार्थियों को परामर्श दिया है कि वे भविष्य के संदर्भों के लिए अपनी डिजिटल मार्कशीट को डाउनलोड कर उसका प्रिंट अवश्य सुरक्षित रख लें।
भविष्य की राह और आगे के शैक्षणिक विकल्प
परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद अब सफल विद्यार्थियों के लिए स्नातक स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के द्वार खुल गए हैं। साइंस, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम के छात्र अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थानों में आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के बेहतर प्रदर्शन से प्रदेश के सकल नामांकन अनुपात में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। जो छात्र अपने परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी जल्द ही बोर्ड द्वारा अधिसूचित की जाएगी।
मणिपुर में शांति अभियान को मिली सफलता, प्रतिबंधित संगठन KCP के 46 सदस्य सरेंडर
डॉ. मोहन सरकार की बड़ी उपलब्धि, UCC विधेयक पारित; क्या अब आसान होगा आम लोगों का जीवन?
मां योजना का विस्तार: 6 महीने में 30 हजार से ज्यादा लोगों ने लिया दूसरे राज्यों में मुफ्त उपचार का लाभ
जेडीए का बड़ा कदम: नागरिक सेवा केन्द्र में फॉलोअप शिविर, लोगों को मिलेगी त्वरित राहत
Vedanta ऑयल एंड गैस विवाद में नया मोड़, DGH ने मांगा भारी जुर्माना
देश में UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हुआ मध्य प्रदेश, विधानसभा से बिल पास
राहुल गांधी का बड़ा विरोध प्रदर्शन, पीएम आवास के बाहर रातभर धरने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, राहुल गांधी के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध
हत्या से पहले रची गई थी पूरी योजना? केतन केस में नए खुलासे
