धर्म एवं ज्योतिष
शिवभक्त ध्यान दें: सावन में इन रंगों से बनाएं दूरी, वरना नहीं मिलेगा आशीर्वाद
9 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या: भोलेनाथ का पवित्र महीना सावन शुरू होने वाला है. यह पूरा महीना भगवान शंकर को समर्पित होता है. इस दौरान शिव भक्त भोलेनाथ की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करते हैं उनके शिवलिंग पर जलाभिषेक कर उनकी विशेष कृपा भी प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा करते समय सावन महीने में किस रंग के कपड़े आप पहन रहे हैं यह भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. कुछ रंग शुभ होते हैं, तो वहीं कुछ रंग अशुभ भी माने जाते हैं.
पूजा पाठ करने के लिए हमेशा कुछ रंग के कपड़े को ही पहनना चाहिए. वैसे सावन का महीना शुरू होने वाला है और इस महीने शिव भक्त भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा आराधना करते हैं, तो अगर आप भी पूजा आराधना कर रहे हैं, तो आपको पूजा पाठ के दौरान किस रंग का कपड़ा पहनना चाहिए. इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं.
सावन में कौन सा रंग है शुभ
दरअसल, अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 9 अगस्त को होगा. इस महीने विशेषकर हरे रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना जाता है. जहां सुहागिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी और हरी चूड़ी पहनकर तैयार होती हैं, तो वहीं सावन के महीने में मान्यता है कि हरे रंग के कपड़े पहनने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं.
साथ ही माता पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगर आप सावन में पूजा कर रहे हैं, तो आप विशेषकर हल्का गुलाबी सफेद, हरा रंग जैसे कपड़े ही धारण करें. मान्यता के अनुसार नारंगी लाल, पीला, गुलाबी कुछ ऐसे रंग होते हैं जिन्हें शुभ माना जाता है.
सावन में न पहने ये रंग
इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी रंग होते हैं जिन्हें सावन में पहनने से बचना चाहिए. अगर आप सावन में काला रंग के कपड़े धारण करते हैं, तो इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. इसके अलावा, अगर आप भगवान शंकर की पूजा आराधना कर रहे हों, तो आपको भुरे और खाकी रंग के कपड़े को भी पहनने से बचना चाहिए. यह अशुभता का प्रतीक माना जाता है
सावन में शनि और गुरु की चाल से बदलेगी इन 5 राशियों की किस्मत! बरसेगा सुख और समृद्धि
9 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सावन का महीना शिवभक्ति, उपासना और साधना का विशेष समय होता है. साल 2025 का सावन मास ज्योतिषीय दृष्टि से और भी अधिक खास है क्योंकि इस दौरान दो प्रमुख ग्रह—बृहस्पति (गुरु) और शनि—अपनी चाल बदलने वाले हैं. यह परिवर्तन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा असर डालेगा. आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ आदित्य झा से इस गोचर का अर्थ और किन राशियों को इससे मिलेगा जबरदस्त लाभ.
शनि वक्री और बृहस्पति उदय: ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव
13 जुलाई 2025 को शनि वक्री अवस्था में प्रवेश कर रहे हैं, जो कि एक धीमी चाल वाला ग्रह है और कर्म, न्याय व संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है. वक्री शनि व्यक्ति के भीतर आत्ममंथन और गहरे निर्णयों की क्षमता को जाग्रत करता है. वहीं बृहस्पति ग्रह, जो ज्ञान, विस्तार और शुभता का प्रतीक है, इस समय मिथुन राशि में उदय हो रहा है, जिससे बुद्धिमत्ता, आय और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है. इन दोनों ग्रहों की यह चाल विशेष रूप से पांच राशियों—वृषभ, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु—के लिए बेहद लाभकारी रहेगी.
वृषभ राशि: नई शुरुआत और आर्थिक सफलता का समय
सावन मास में वृषभ राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से अनुकूल समय रहेगा. जिन लोगों ने अभी तक अपने करियर की शुरुआत नहीं की है, उन्हें अब एक नई दिशा मिलेगी. व्यापार में भागीदारी और निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त होगा. पारिवारिक जीवन में विशेषकर ससुराल पक्ष से रिश्तों में सुधार आएगा, जो पुराने मतभेदों को खत्म करेगा. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ आपसी समझ बढ़ेगी और साथ निभाने की भावना प्रबल होगी.
सिंह राशि: निवेश से लाभ और समाज में सम्मान की प्राप्ति
सिंह राशि वालों के लिए सावन 2025 नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देगा. पुराने निवेश अब फल देना शुरू करेंगे और साथ ही नए आय स्रोत भी बनेंगे. करियर में तरक्की और व्यवसाय में विस्तार के योग बन रहे हैं. इस अवधि में शिवजी की कृपा से मन की इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं. माता-पिता की सेहत अच्छी रहने से पारिवारिक तनावों में कमी आएगी और घर का वातावरण सुखद रहेगा.
तुला राशि: कार्यक्षेत्र में सफलता और संबंधों में मधुरता
तुला राशि के जातकों को इस सावन मास में कई नई उपलब्धियां प्राप्त होंगी. कार्यक्षेत्र में उनकी मेहनत और योजनाएं रंग लाएंगी. आय के नए स्रोत खुलेंगे और पुराने रुके हुए काम पूरे होंगे. पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा. पार्टनर के साथ समय बिताने और गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे रिश्ते और मजबूत होंगे.
वृश्चिक राशि: शांति, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की प्राप्ति
वृश्चिक राशि के लिए यह समय मानसिक और भावनात्मक स्थिरता लाने वाला होगा. वैवाहिक जीवन में संतुलन बना रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय और प्रयास सकारात्मक परिणाम देंगे. साथ ही, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और मानसिक रूप से आप ऊर्जावान अनुभव करेंगे. निवेश के क्षेत्र में की गई योजनाएं आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी.
धनु राशि: आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक सौहार्द का योग
धनु राशि के जातकों के लिए बृहस्पति की उदय अवस्था अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी. व्यापारियों को नए प्रोजेक्ट्स में काम करने के अवसर मिलेंगे, जिससे मुनाफे में वृद्धि होगी. संपत्ति से जुड़े सौदों में लाभ होने के योग हैं और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं. पारिवारिक जीवन में शांति और संतुलन बना रहेगा. पति-पत्नी के रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव और गहराई बढ़ेगी.
शिवभक्ति से बढ़ेगा भाग्य
ग्रहों की अनुकूल चाल के साथ यदि शिवजी की सच्चे मन से आराधना की जाए तो शुभ फलों में और वृद्धि हो सकती है. सावन में सोमवार के व्रत, शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राष्टक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायक माना गया है. इन उपायों से ना केवल जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, बल्कि व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से भी जागरूक होता है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 09 जुलाई 2025)
9 Jul, 2025 01:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. आज आप थकान, आलस्य और चिंता का अनुभव करेंगे. आज ताजगी और स्फूर्ति नहीं रहेगी. बात-बात पर आपको गुस्सा आएगा. नौकरीपेशा लोग आज चिंतित रहेंगे. व्यवसाय में भी आर्थिक मामलों के लिए कठिन परिश्रम करना होगा. किसी धार्मिक या मांगलिक काम में जाना हो सकता है. जीवनसाथी के साथ आपका प्रेम और मजबूत होगा. दोपहर के बाद स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आएगा.
वृषभ- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आज आप शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव करेंगे. किसी नए काम की शुरुआत ना करें. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी आज का दिन सामान्य रहेगा. खान-पान पर विशेष ध्यान दें. स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी. संभव हो तो प्रवास टालें. निश्चित समय में आपका काम पूरा नहीं कर पाएंगे. योग और ध्यान से आप शांत रह सकते हैं. व्यापारियों के लिए आज का दिन सामान्य बना रहेगा.
मिथुन- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज मस्ती और मनोरंजन में आज आपकी विशेष रुचि होगी. परिजन, दोस्तों या प्रिय व्यक्ति के साथ बाहर घूमने-फिरने का कार्यक्रम बनेगा. सार्वजनिक जीवन में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. किसी नए व्यक्ति के प्रति आकर्षण बढ़ेगा. प्रेम संबंधों में सुधार होगा. आज आपके विचार सकारात्मक रहेंगे. कार्यस्थल पर आपके सम्मान में वृद्धि होगी. सार्वजनिक जीवन में सम्मान मिलेगा. आप धार्मिक कामों में रुचि लेंगे. कार्यस्थल पर आपके काम समय पर पूरे होंगे.
कर्क- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. भाग्य आपके साथ होने से आपका आज का दिन आनंद से गुजरेगा. परिवार में खुशी का वातावरण बना रहेगा. नौकरी करने वालों के ऑफिस का वातावरण अच्छा रहेगा. अधिकारी आपके काम से प्रसन्न होंगे. ननिहाल से लाभ प्राप्त हो सकेंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. आर्थिक लाभ की उम्मीद है. आप आवश्यक वस्तुओं के पीछे खर्च कर सकेंगे. अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं.
सिंह- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. आप चुनौतियों का सामना कर पाने की स्थिति में रहेंगे. सृजनात्मक प्रवृत्तियों में विशेष दिलचस्पी रहेगी. साहित्य और कला के क्षेत्र में कुछ नया करने की प्रेरणा मिलेगी. किसी प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होगी. संतान से शुभ समाचार मिलेंगे. धार्मिक या परोपकार के काम आपके मन को आनंदित करेंगे. जीवनसाथी के साथ संबंध और भी मधुर होंगे. आप घर-परिवार की किसी समस्या को दूर करने के लिए विशेष प्रयास करेंगे.
कन्या- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आपको थोड़ी कठिन परिस्थिति के लिए तैयार रहना पड़ेगा. आपका स्वास्थ्य थोड़ा खराब होगा और किसी बात का डर मन में लगा रहेगा. मां के साथ मतभेद हो सकता है. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके व्यवहार से कोई आहत ना हो. वाहन या घर की बिक्री या खरीदी के लिए यह समय उचित नहीं है. आज कार्यस्थल पर भी आपको तनाव हो सकता है. ज्यादातर समय केवल अपने काम पर ध्यान लगाएं.
तुला- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. अभी आपका भाग्य आपके पक्ष में होने से आप कोई नया काम आसानी से शुरू कर पाएंगे. आज का दिन बहुत अनुकूल है. उचित ढंग से पैसे का निवेश करेंगे, तो निश्चित रूप से लाभ होगा. परिवार में लोगों के साथ सम्बंध बहुत मजबूत बनेंगे. आप नजदीक के धार्मिक स्थान की यात्रा कर सकेंगे. विदेश में रहने वाले मित्रों और सम्बंधियों का अच्छा समाचार प्राप्त करके आनंद का अनुभव करेंगे. सोशल मीडिया पर भी समय गुजार सकते हैं.
वृश्चिक- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. आज आपके कुटुंब में सुख और शांति का माहौल रहेगा. सम्बंधियों और मित्रों से मिलेंगे, स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे. धार्मिक कार्यक्रम में धन खर्च हो सकता है. आप आभूषण और घरेलू वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं. अपनी वाणी से आप लोगों को आकर्षित कर सकेंगे. आर्थिक लाभ होने की संभावना है. पारिवारिक विवाद को अच्छी तरह से हल कर सकेंगे. विद्यार्थी निश्चित रूप से सफलता प्राप्त कर सकेंगे. प्रेम संबंधों की जटिलता आज दूर होगी.
धनु- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज के दिन निर्धारित किए हुए कार्य पूरे होंगे. भाग्य आपका साथ देगा. शारीरिक तथा मानसिक स्वस्थता आपको प्रसन्न रखेगी. किसी यात्रा पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. स्वजनों के मिलने से मन आनंदित रहेगा. किसी शुभ प्रसंग पर जाने का कार्यक्रम बनेगा. यश प्राप्ति के योग बनेंगे. अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे. प्रेम जीवन में आपको सफलता मिलेगी. किसी को प्रपोज करने की योजना बना सकते है. विद्यार्थियों के लिए भी आज का दिन अच्छा है.
मकर- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. स्वास्थ्य संबंधी शिकायत रहेगी. मन में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है. व्यवसाय में सरकार का हस्तक्षेप बढ़ेगा. नौकरीपेशा लोगों से अधिकारी नाखुश रहेंगे. धार्मिक काम के पीछे धन खर्च होगा. आध्यात्मिक और धार्मिक काम में रुचि होगी. शत्रुओं से परेशानी होगी. आंख में तकलीफ हो सकती है. आज आपको किसी से कर्ज लेना पड़ सकता है. जीवनसाथी तथा संतान की चिंता रहेगी. दुर्घटना की आशंका है. जल्दबाजी में कोई काम ना करें.
कुंभ- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. मांगलिक और नए काम करने के लिए दिन शुभ है. अविवाहितों का रिश्ता पक्का होने के योग हैं. पत्नी और संतान से अच्छे समाचार मिलेंगे. गृहस्थजीवन और दांपत्यजीवन में सुख और संतोष का अनुभव होगा. मित्र मंडल तथा बुजुर्गों से लाभ मिलेगा. आय के साधनों में वृद्धि होगी. आप कार्यस्थल पर समय पर काम पूरा कर पाने की स्थिति में रहेंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है. स्वास्थ्य का ध्यान रखें.
मीन- 09 जुलाई, 2025 बुधवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. आज आपके सभी काम सफलतापूर्वक पूरे होंगे. नौकरी में पदोन्नति होगी. व्यापारियों के रुके हुए पैसे मिलेंगे. पिता तथा बुजुर्गों से लाभ होगा. आर्थिक लाभ होगा और परिवार में आनंद छाएगा. सरकार से लाभ हो सकता है. सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान में वृद्धि होगी. गृहस्थ जीवन में सुख-शांति का अनुभव करेंगे. प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी. जीवनसाथी के साथ कोई पुुराना विवाद दूर हो सकेगा.
बुधवार को ऐसे करें गणेश पूजा, जानें कौन से काम ज़रूरी हैं और किन चीज़ों से बचना चाहिए?
8 Jul, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Wednesday Ganesh Puja Vidhi : हर दिन किसी न किसी भगवान को समर्पित होता है. बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है. यह दिन खास होता है बुद्धि, शुभता और बाधाओं को दूर करने के लिए. बुधवार को सही तरीके से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. लेकिन इस दिन कुछ काम करने चाहिए और कुछ चीज़ों से बचना भी ज़रूरी होता है. आइए जानते हैं बुधवार की पूजा का सही तरीका और जरूरी सावधानियां. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
पूजा की शुरुआत कैसे करें?
बुधवार को सुबह जल्दी उठें. स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें. फिर भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर को वहाँ रखें जहाँ आप रोज पूजा करते हैं.
ये चीज़ें ज़रूर करें
1. दूर्वा चढ़ाएं
गणेश जी को दूर्वा बहुत प्रिय होती है. उन्हें 21 दूर्वा चढ़ाना शुभ माना जाता है.
2. मोदक या लड्डू का भोग लगाएं
गणेश जी को मीठा बहुत पसंद है. खासकर मोदक, जो उनकी पसंदीदा मिठाई मानी जाती है.
3. सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएं
गणेश जी को सिंदूर का तिलक लगाएं और लाल रंग के फूल चढ़ाएं. इससे ऊर्जा बढ़ती है.
4. धूप-दीप जलाएं
धूप और दीप जलाकर भगवान गणेश की उपासना करें. इससे पूजा का वातावरण पवित्र होता है.
5. गणेश चालीसा पढ़ें और मंत्र जाप करें
गणेश चालीसा का पाठ करें और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप 108 बार करें.
6. आरती और प्रसाद वितरण करें
पूजा के अंत में आरती करें और घर के सभी लोगों में प्रसाद बांटें. हो सके तो किसी ज़रूरतमंद को दान करें.
7. हरे रंग के कपड़े पहनें
इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इससे ग्रहों का संतुलन भी बेहतर होता है.
किन बातों का ध्यान रखें? क्या न करें
1. काले कपड़े न पहनें
बुधवार को काले कपड़े पहनना अशुभ माना गया है. इससे नकारात्मकता बढ़ सकती है.
2. किन्नरों का अपमान न करें
बुधवार को किसी भी किन्नर का अपमान न करें. अगर मिल जाएं तो उन्हें श्रृंगार का सामान दान करें.
3. पान न खाएं
इस दिन पान खाने से बचना चाहिए. यह पूजा की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है.
4. उधार न लें और न दें
बुधवार को किसी से उधार लेना या देना दोनों ही नुकसानदायक माने जाते हैं.
5. नमक का सेवन न करें
अगर आप व्रत रखते हैं तो नमक से बनी चीजें न खाएं. फलाहार करें या व्रत का खाना लें.
6. तुलसी और मुरझाए फूल न चढ़ाएं
गणेश जी को तुलसी और मुरझाए फूल नहीं चढ़ाए जाते. इससे पूजा का प्रभाव कम हो सकता है.
7. केतकी के फूल न चढ़ाएं
केतकी के फूल गणेश पूजा में वर्जित माने जाते हैं. इसकी जगह गुलाब या अन्य ताजे फूल इस्तेमाल करें.
11 जुलाई से शुरू होगा सावन: जानें श्रावण शिवरात्रि, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और हरियाली अमावस्या की तारीखें
8 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सावन माह की शुरूआत 11 जुलाई शुक्रवार से हो रही है. उस दिन सावन का पहला दिन यानि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी. सावन माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर श्रावण पूर्णिमा तक होता है. सावन में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत आदि करते हैं, ताकि शिव कृपा प्राप्त हो. सावन का सोमवार और मंगला गौरी व्रत श्रावण का सबसे महत्वपूर्ण व्रत है. इस दोनों व्रतों को करने से अखंड सौभाग्य और मनोकानाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है. श्रावण मास में सावन सोमवार, मंगला गौरी, सावन प्रदोष, सावन शिवरात्रि, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा, एकादशी, संकष्टी चतुर्थी, विनायक चतुर्थी आदि जैसे महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं सावन के व्रत और त्योहार कब हैं?
2025 में सावन के व्रत-त्योहार की लिस्ट
11 जुलाई, दिन: शुक्रवार: सावन का शुभारंभ, श्रावण का पहला दिन, कांवड़ यात्रा की शुरूआत
12 जुलाई, दिन: शनिवार: जया पार्वती व्रत
13 जुलाई, दिन: रविवार: जया पार्वती व्रत समापन
14 जुलाई, दिन: सोमवार: पहला सावन सोमवार, गजानन संकष्टी चतुर्थी
15 जुलाई, दिन: मंगलवार: पहला मंगला गौरी व्रत
16 जुलाई, दिन: बुधवर: कर्क संक्रांति, सूर्य का राशि परिवर्तन
17 जुलाई, दिन: गुरुवार: सावन कालाष्टमी व्रत
21 जुलाई, दिन: सोमवार: दूसरा सावन सोमवार, महाकाल सवारी उज्जैन, कामिका एकादशी, रोहिणी व्रत
22 जुलाई, दिन: मंगलवार: दूसरा मंगला गौरी व्रत, भौम प्रदोष व्रत, सावन का पहला प्रदोष व्रत, कामिका एकादशी पारण
23 जुलाई, दिन: बुधवार: सावन शिवरात्रि, शिव चतुर्दशी
24 जुलाई, दिन: गुरुवार: हरियाली अमावस्या, दर्श अमावस्या, सावन अमावस्या
25 जुलाई, दिन: शुक्रवार: सावन शुक्ल पक्ष प्रारंभ
27 जुलाई, दिन: रविवार: हरियाली तीज
28 जुलाई, दिन: सोमवार: तीसरा सावन सोमवार, सावन विनायक चतुर्थी, महाकाल सवारी उज्जैन
29 जुलाई, दिन: मंगलवार: तीसरा मंगला गौरी व्रत, नांग पंचमी
30 जुलाई, दिन: बुधवार: सावन स्कन्द षष्ठी, कल्की जयंती
31 जुलाई, दिन: गुरुवार: तुलसीदास जयंती
1 अगस्त, दिन: शुक्रवार: सावन मासिक दुर्गाष्टमी
4 अगस्त, दिन: सोमवार: चौथा सावन सोमवार, अंतिम श्रावण सोमवार व्रत
5 अगस्त, दिन: मंगलवार: चौथा मंगला गौरी व्रत, सावन पुत्रदा एकादशी, दामोदर द्वादशी
6 अगस्त, दिन: बुधवार: सावन पुत्रदा एकादशी पारण, बुध प्रदोष व्रत, सावन का अंतिम प्रदोष व्रत
8 अगस्त, दिन: शुक्रवार: वरलक्ष्मी व्रत, हयग्रीव जयंती
9 अगस्त, दिन: शनिवार: रक्षाबंधन, राखी, नारली पूर्णिमा, सावन पूर्णिमा व्रत, श्रावण पूर्णिमा स्नान और दान, संस्कृत दिवस, सावन का समापन
बेटे-बेटी की शादी बार-बार टल रही है? कुंडली के ग्रह क्यों बना रहे हैं विवाह में अड़चन? जानिए कारण और समाधान
8 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: विवाह न केवल दो लोगों के बीच का रिश्ता है, बल्कि यह दो परिवारों का भी पवित्र संबंध होता है. जब किसी योग्य कन्या या युवक का विवाह नहीं हो पा रहा हो या बार-बार बातचीत होते हुए भी बात बनते-बनते बिगड़ जाती हो, तो उसके पीछे केवल सामाजिक या मानसिक कारण ही नहीं होते, बल्कि गहरे ज्योतिषीय कारण भी हो सकते हैं.
भारतीय वैदिक ज्योतिष में विवाह की स्थिति और संभावनाएं व्यक्ति की जन्म कुंडली में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं. कई बार कुंडली में ऐसे ग्रह दोष या कमजोर स्थितियाँ होती हैं, जो विवाह में देरी का कारण बनती हैं. आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ आदित्य झा से
कमजोर विवाह योग या सातवें भाव में ग्रह दोष
कुंडली में सप्तम भाव विवाह और जीवनसाथी का प्रतिनिधित्व करता है. यदि इस भाव में शुभ ग्रह न हों, या पाप ग्रहों (शनि, राहु, केतु) की युति या दृष्टि हो, तो विवाह में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं. कई बार सप्तम भाव का स्वामी अशुभ भावों में स्थित होता है या शत्रु ग्रहों से पीड़ित होता है, जिससे विवाह में विलंब होता है.
मांगलिक दोष
मंगल दोष एक सामान्य लेकिन प्रभावशाली कारण है विवाह में देरी का. जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है, तो व्यक्ति मांगलिक कहलाता है. यह दोष यदि उचित मिलान के बिना विवाह हो जाए तो वैवाहिक जीवन में कलह या दुर्भाग्य ला सकता है, और यदि यह दोष अधिक तीव्र हो तो विवाह में लम्बी देरी होती है.
दुर्बल या पीड़ित शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह, जिसे विवाह, प्रेम और भौतिक सुखों का कारक माना गया है, यदि कुंडली में कमजोर, अस्त या शत्रु ग्रहों से पीड़ित हो, तो जातक को विवाह में काफी विलंब हो सकता है. कमजोर शुक्र न केवल विवाह में देरी करता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में भी असंतुलन और अस्थिरता ला सकता है.
शनि की दृष्टि और प्रभाव
शनि को न्यायप्रिय और कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है, लेकिन इसकी दृष्टि जीवन में देरी और ठहराव लाती है. यदि शनि सप्तम भाव पर दृष्टि डाल रहा हो, या सप्तम भाव में उपस्थित हो, तो व्यक्ति को विवाह में धैर्य और लंबे इंतज़ार का सामना करना पड़ सकता है. शनि जीवन के हर बड़े निर्णय को समय ले कर ही पूर्ण करता है.
राहु और केतु का भ्रमित प्रभाव
राहु और केतु को छाया ग्रह कहा गया है, और इनका प्रभाव मानसिक व भावनात्मक स्थितियों पर बहुत अधिक पड़ता है. यदि सप्तम भाव में या सप्तम भाव के स्वामी के साथ राहु या केतु की युति हो, तो व्यक्ति सही जीवनसाथी के चुनाव को लेकर असमंजस में रहता है. कई बार राहु व्यक्ति को गलत निर्णय लेने पर भी मजबूर करता है, जिससे विवाह टलते जाते हैं.
प्रतिकूल ग्रह दशाएं
कई बार कुंडली में विवाह का समय आने के बावजूद, महादशा या अंतरदशा अशुभ ग्रह की चल रही होती है. इस दौरान विवाह की बातचीत में बार-बार बाधाएँ आती हैं या रिश्ता बनते-बनते बिगड़ जाता है. खासकर शनि, राहु, केतु या मंगल की प्रतिकूल दशाएं विवाह में देरी का प्रमुख कारण बनती हैं.
ज्योतिषीय उपाय: क्या करें विवाह योग को मजबूत करने के लिए?
शुक्र और गुरु ग्रह को बलवान बनाने के लिए शुक्रवार को माता लक्ष्मी और गुरुवार को बृहस्पति देव की पूजा करें.
मांगलिक दोष निवारण के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं.
राहु-केतु के प्रभाव से मुक्ति के लिए शनिवार को शनिदेव की पूजा करें और राहु-केतु शांति मंत्र का जाप करें.
कुंडली मिलान अवश्य करवाएं और किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श लें.
सप्तम भाव के दोष निवारण हेतु सप्तमेश (सप्तम भाव के स्वामी) की शांति हेतु विशेष पूजा करवाई जा सकती है.
08 जुलाई राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत, कौन रहेगा सतर्क?
8 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से आठवें भाव में होगा. आज आप आध्यात्मिक विचारों में ज्यादा रुचि लेंगे. गूढ़़ विद्याओं की तरफ विशेष आकर्षण होगा. गहरे चिंतन-मनन से अलौकिक अनुभूति होगी. वाणी पर संयम रखने से बहुत-सी गलतफहमियों से बच सकेंगे. अचानक धन लाभ होगा. गुप्त शत्रुओं से बचकर रहें. नए काम का आरंभ ना करें. कार्यक्षेत्र में आज आपका मन नहीं लगेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय लाभ का है.
वृषभ- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से सातवें भाव में होगा. आज आपको गृहस्थजीवन में सुख का अनुभव होगा. परिजन तथा निकट के रिश्तेदारों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. किसी छोटी यात्रा का आयोजन हो सकता है. विदेश मेें रहने वाले रिश्तेदारों से बातचीत होगी. व्यापारियों को व्यापार में लाभ होगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी आज का दिन अच्छा रहेगा. आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं. भाग्य मेहरबान रहेगा. हालांकि स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही आपको नुकसान में डाल सकती है.
मिथुन- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से छठे भाव में होगा. आप का दिन आनंद-प्रमोद तथा भोग-विलास में गुजरेगा. दोस्तों से मुलाकात हो सकती है। कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. वाहन सुख मिलेगा. नए वस्त्र की खरीदी और उसे पहनने के अवसर प्राप्त होंगे. प्रेम जीवन के लिए आज का दिन अच्छा है. भोजन में मीठा खाने को मिल सकता है. तंदुरस्ती अच्छी रहेगी. सामाजिक सम्मान और ख्याति मिलेगी. उत्तम वैवाहिक सुख की प्राप्ति होगी.
कर्क- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा. भविष्य के लिए आर्थिक योजना बनाने के लिए समय अच्छा है. एकाग्रतापूर्वक काम करने से सफलता अवश्य मिलेगी. किसी के साथ वाद-विवाद ना करें. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है. पारिवारिक वातावरण में शांति बनी रहेगी. शारीरिक और मानसिक रूप से स्फूर्ति और प्रसन्नता का अनुभव होगा. आपके अधूरे काम पूरे होंगे. व्यापार में सहकर्मियों का अच्छा सहयोग मिलेगा. आज मित्रों या परिजनों के साथ कहीं जाने का कार्यक्रम बना सकते हैं.
सिंह- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से चौथे भाव में होगा. आज हर मामले में सावधानी बरतें. वाणी और व्यवहार में संयम बरतें. कार्यस्थल पर किसी से विवाद हो सकता है. व्यवसाय में जल्दबाजी से नुकसान की आशंका बनी रहेगी. माता के साथ विवाद होने की संभावना है. आपके मन पर वैचारिक रूप से नकारात्मकता छा सकती है. स्थायी संपत्ति के दस्तावेजों पर सावधानीपूर्वक हस्ताक्षर करें. पानी वाली जगहों से दूर रहें. स्वास्थ्य के प्रति आज विशेष ध्यान रखें. प्रेम जीवन में मुश्किल आ सकती है.
कन्या- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा. बिना विचारें किसी काम के लिए साहस न करें. नौकरीपेशा लोगों को नया काम करने की जगह पुराने पेंडिंग काम को निपटाना होगा. किसी से भावनात्मक संबंध स्थापित होंगे. भाई-बहनों के साथ मेल-जोल रहेगा. मित्रों और स्नेहीजनों के साथ मुलाकात होगी. गूढ़ रहस्यमय विद्याओं के प्रति आकर्षण होगा और उसमें सिद्धि मिलेगी. विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों का डटकर सामना करेंगे. आज जीवनसाथी की भावना का सम्मान करते हुए उनके साथ सुख के पल गुजारेंगे.
तुला- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से दूसरे भाव में होगा. अपना जिद्दी व्यवहार छोड़कर काम करें. आज आपकी वाणी से किसी का मन दु:ख सकता है. कार्यस्थल पर किसी से मनमुटाव हो सकता है. दुविधा में फंसा मन आपको किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचने देगा. आज कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लेना उचित होगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. आज समय पर काम पूरा कर पाने की स्थिति में नहीं होंगे. आज का दिन धैर्य के साथ गुजारें. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही ना करें.
वृश्चिक- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से पहले भाव में होगा. आज का दिन अच्छा रहने वाला है. दोपहर के बाद तन और मन की प्रसन्नता रहेगी. सुख एवं आनंद की प्राप्ति होगी. परिजनों के साथ आनंद-उल्लास में समय व्यतीत होगा. मित्रों और स्नेहीजनों से उपहार मिलने से मन खुश होगा. प्रियजनों के साथ हुई मुलाकात सफल रहेगी. शुभ समाचार की प्राप्ति होगी. आनंददायक प्रवास की संभावना है. उत्तम वैवाहिक सुख की अनुभूति होगी. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर बने रहेंगे.
धनु- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा. आज आपका दिन थोड़ा तकलीफ देने वाला रह सकता है. स्वास्थ्य खराब होगा. परिजनों के साथ मतभेद होगा. इस कारण आपका मन उदास रह सकता है. स्वाभाविक उग्रता को अंकुश में रखें. दुर्घटना होने की आशंका रहेगी. वाहन या इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग ध्यान से करें. कोर्ट-कचहरी से सम्बंधित कामकाज के सम्बंध में जागरूक रहना पड़ेगा. खर्च बढ़ने से पैसे का अभाव होगा. नौकरी में कोई अरुचिकर काम भी करना पड़ सकता है.
मकर- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होगा. आज का दिन लाभदायी है. संबंधियों और मित्रों से आनंददायी मुलाकात होगी. विवाहोत्सुक जातकों को इच्छित जीवनसाथी मिलने से आनंद में वृद्धि होगी. व्यापार की दृष्टि से भी लाभदायी दिन है. भागीदारी के काम में आपको संतोष का अनुभव होगा. आज आय में वृद्धि होने से आप की खुशी बढ़ेगी. किसी जगह निवेश करने की योजना बना सकते हैं. मित्रों से उपहार प्राप्त हो सकता है. नई वस्तुओं की खरीदारी पर धन खर्च होगा. यात्रा में सावधानी बरतें. हो सके तो यात्रा टाल दें.
कुंभ- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से दसवें भाव में होगा. आज आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी. व्यावसायिक क्षेत्र में आपके काम की प्रशंसा होगी, जो कि आपके लिए आनंददायी रहेगी. कार्यालय में सहकर्मियों का भी सहयोग मिलेगा. नौकरीपेशा लोग समय पर अपना टारगेट पूरा करके अधिकारी से प्रशंसा प्राप्त कर सकेंगे. सामाजिक रूप से मान-सम्मान प्राप्त होगा. मित्रों और परिजनों के साथ आनंदपूर्वक प्रवास कर सकेंगे. आज दिनभर के काम सरलता से पूरे होंगे.
मीन- चंद्रमा आज 08 जुलाई, 2025 मंगलवार को वृश्चिक राशि में है. यह आपकी राशि से नवें भाव में होगा. आज अधिकारियों के साथ संबंधों में दरार न पडे़, इसका ध्यान रखें. शारीरिक कमजोरी और मानसिक चिंता बनी रहेगी. विरोधियों के साथ वाद-विवाद को टालें. वैचारिक स्तर पर नकारात्मकता को दूर कर मानसिक रूप से स्वस्थ होने का प्रयास करें. कहीं घूमने की योजना सफल होगी. व्यापारीवर्ग को व्यापार में अवरोध आने की आशंका बनी रहेगी. गृहस्थ जीवन सुखमय बना रहेगा. हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि समय मध्यम है. लापरवाही से आगे नुकसान हो सकता है.
इस सावन न करें ये गलती, बाबा विश्वनाथ को नहीं चढ़ा पाओगे जल, मंदिर में जाकर खुद हो जाओगे शर्मिंदा
7 Jul, 2025 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी. काशी विश्वनाथ धाम में सावन की अंतिम तैयारियां चल रही हैं. तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को न्यास परिषद की बैठक हुई. इस बैठक में तमाम मुद्दों के साथ बाबा के दरबार को प्लास्टिक मुक्त करने पर मुहर लगी. इसके तहत अब श्रद्धालु प्लास्टिक के किसी भी तरह के पात्र में बाबा को जल अर्पित नहीं कर सकेंगे. इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए जागरूकता अभियान सावन के पहले दिन से शुरू हो जाएगा. 11 जुलाई से काशी का महाउत्सव सावन शुरू होने जा रहा है. करोड़ों भक्त इस सावन में बाबा को जलाभिषेक करने आ रहे हैं. इस सावन में बाबा का दरबार प्लास्टिक मुक्त रहेगा. किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के पात्र में दूध, जल, माला मंदिर में ले जाने पर जागरूकता के बाद रोक लगा दी जाएगी.
सिर्फ इतनी मोहलत
इसे लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा. आने वाले श्रद्धालुओं को प्लास्टिक के पात्र नहीं प्रयोग करने को कहा जाएगा. पूरे सावन यह अभियान चलेगा. सावन जैसे ही खत्म होगा, दूसरे दिन से प्लास्टिक के किसी भी प्रकार की सामग्री को मंदिर के अंदर ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.
पहले से प्रतिबंध
दिसंबर 2024 में ही मंदिर में प्लास्टिक की सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लग गया था. अब सावन बीतने के बाद प्लास्टिक के पात्रों पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. इससे मंदिर पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा. मंदिर प्रशासन के इस फैसले से पर्यावरण सुधार को लेकर बड़ा कदम माना जा रहा है.
चातुर्मास शुरू, सो गए देव... अब 4 महीने नहीं बजेगी शहनाई, नवंबर तक ठहर जाएगा हर शुभ काम!
7 Jul, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाड़मेर. बाड़मेर जिले में आषाढ़ शुक्ल एकादशी का दिन आस्था, परंपरा और प्रतीक्षा का संदेश लेकर आया है. मान्यता है कि इसी दिन पालनहार भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं. जैसे ही भोर में देवशयनी एकादशी का समय आया, पूरे इलाके में धार्मिक श्रद्धा का भाव जाग उठा. मंदिरों में विशेष पूजा हुई, कथा-प्रवचनों का आयोजन हुआ और गांव-गांव में श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु को शयन कराने की परंपरा निभाई. इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है, जिससे एक ओर धार्मिक अनुशासन का भाव है, तो दूसरी ओर लोगों के मन में विवाह और दूसरे शुभ अवसरों के लिए इंतजार भी शुरू हो गया है.
गांव के बुजुर्गों और पंडितों ने युवा पीढ़ी को इस चार माह की अवधि की धार्मिक महत्ता समझाई. कई स्थानों पर तुलसी पौधे के पास दीप जलाकर भगवान विष्णु के शयन के प्रतीक रूप में पवित्रता की शपथ ली गई. इसी के साथ यह भी तय हो गया कि अब शादी-ब्याह जैसे आयोजनों की चहल-पहल नहीं दिखेगी, बाजारों में भी सन्नाटा रहेगा और मांगलिक आयोजनों की गूंज नवंबर तक स्थगित रहेगी.
अब न सजेगा मंडप, न बजेगी शहनाई
देवशयनी एकादशी के साथ ही हर साल की तरह इस बार भी शादी-ब्याह, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर चार महीने का विराम लग गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु जब विश्राम में चले जाते हैं तो इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता. यह काल ‘चातुर्मास’ कहलाता है, जो देवउठनी एकादशी तक चलता है. इस अवधि में कोई वैवाहिक आयोजन नहीं होता, जिससे न केवल पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना स्थगित होती है, बल्कि सामाजिक गतिविधियां भी सीमित हो जाती हैं.
नवम्बर-दिसंबर में यह रहेंगे विवाह मुहूर्त
गुरु पंडित ओमप्रकाश जोशी के अनुसार, भगवान विष्णु 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन शयन से जागेंगे. इसके अगले दिन तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाएगी. नवंबर में 2, 3, 8, 12, 15, 16, 22, 23 और 25 तारीख को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं, जबकि दिसंबर में 4, 5 और 6 तारीख को विवाह हो सकेंगे. ऐसे में जिन परिवारों ने पहले से तैयारियां कर रखी थीं, उन्हें अब चार महीने का इंतजार करना होगा.
खरीददारी पर रहेगा असर, बाजार में आएगी मंदी
देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यों के रुक जाने का असर बाजारों पर साफ नजर आता है. शादी-ब्याह की खरीददारी बंद हो जाने से कपड़ा, गहने, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावट की सामग्री, फर्नीचर और किचन से जुड़ी चीजों की मांग में भारी गिरावट आती है. व्यापारी वर्ग इस समय को ‘ऑफ सीजन’ मानता है और खुद को आगामी सीजन की तैयारियों में लगा देता है. इस साल भी बाड़मेर के बाजारों में मंदी की आहट सुनाई देने लगी है. दुकानदारों को उम्मीद है कि देवउठनी एकादशी के बाद बाजार फिर से गुलजार होंगे.
आषाढ़ पूर्णिमा पर ये 5 गलतियां कर सकती हैं आपको बर्बाद, गुरु और लक्ष्मी दोनों हो जाएंगे नाराज, आचार्य की सलाह
7 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन. हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ का महीना दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस आषाढ़ महीने में लक्ष्मी-नारायण के साथ गुरु देव की पूजन का भी विशेष महत्व है. इस दिन गंगा, और बाकि पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है. आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भाग्य और आर्थिक पक्ष को मजबूत करने का शुभ अवसर है. इस साल 10 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा आ रही है. इसमें बहुत से ऐसे कार्य हैं, जिनको करना निषेध है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज बता रहे हैं कि आषाढ़ पूर्णिमा पर क्या नहीं करना चाहिए.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गुरु पूजन का विशेष महत्व होता है. गुरु पूर्णिमा को महाभारत की रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है, इसलिए इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन वेद व्यास ने चारों वेदों की रचना की थी. इस दिन गुरु अपने शिष्यों को दीक्षा भी देते हैं. इस दिन सभी लोग अपने गुरुओं की पूजा करते हैं.
कब मनाई जाएगी आषाढ़ या गुरु पूर्णिमा?
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आषाढ़ पूर्णिमा की शुरुआत 10 जुलाई रात 02 बजकर 43 मिनट पर हो रही है. समाप्ति अगले दिन यानी 11 जुलाई रात 01 बजकर 53 मिनट पर हो रही है. उदया तिथि के अनुसार 10 जुलाई को ही गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी.
भूल से भी ना करें यह काम
– इस दिन बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए. बालों और नाखूनों को काटने के बाद शरीर को मृत हिस्सों के रूप में देखा जाता है, इसलिए पूर्णिमा तिथि के दिन इन भागों को काटने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं.
– आषाढ़ पूर्णिमा के दिन काले वस्त्र पहनना निषेध माना गया है. ऐसा करने से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा आने लगती है. साथ ही मनुष्य की बुद्धि खराब होने लगती है.
– आषाढ़ पूर्णिमा के दिन घर के बड़े बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए. साथ ही किसी महिला के साथ गलत व्यवहार भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लगता है, जिससे जीवन में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
– आषाढ़ पूर्णिमा के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में दुर्भाग्य आता है. साथ ही इस दिन घर को गंदा नहीं रखना चाहिए, इससे घर में नकारात्मकता आती है और धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है.
– आषाढ़ पूर्णिमा के दिन घर में किसी तरह का कलह या लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सुख-शांति भंग हो जाती है. साथ ही माता लक्ष्मी भी नाराज हो जाती हैं, जिसका असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
आज 7 जुलाई 2025 का पंचांग: वासुदेव द्वादशी पर करें शुभ कार्य, मिलेंगे मनचाहे परिणाम
7 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार, के दिन आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि है. भगवान विष्णु के द्वारा इस तिथि का नियंत्रण होता है. नई योजना बनाने और रणनीति विकसित करने, धन दान करने और उपवास करने के लिए अच्छा दिन माना जाता है. आज देवशयनी एकादशी का पारण है. आज वासुदेव द्वादशी है.
7 जुलाई का पंचांग
विक्रम संवत 2081
मास- आषाढ़
पक्ष- शुक्ल पक्ष द्वादशी
दिन- सोमवार
तिथि- शुक्ल पक्ष द्वादशी
योग- शुभ
नक्षत्र- अनुराधा
करण- बव
चंद्र राशि- वृश्चिक
सूर्य राशि- मिथुन
सूर्योदय - सुबह 05:59 बजे
सूर्यास्त- शाम 07:29 बजे
चंद्रोदय- शाम 04.36 बजे
चंद्रास्त- देर रात 02.50 बजे (8 जुलाई)
राहुकाल- 07:40 से 09:21
यमगंड- 11:03 से 12:44
यात्रा के लिए शुभ है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में 3:20 से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह शनि और देवता मित्र देव हैं, जो 12 आदित्यों में से एक हैं. यह सौम्य स्वभाव का नक्षत्र है. ललित कलाओं को सीखने, दोस्ती करने, रोमांस करने, नए परिधान पहनने, विवाह, गायन और जुलूस आदि में शामिल होने के साथ कृषि कार्यों और यात्रा के लिए यह शुभ नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 07:40 से 09:21 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 07 जुलाई 2025)
7 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में है. आज सांसारिक विषयों से दूर रहकर आध्यात्मिक विषयों में व्यस्त रहेंगे. गहन चिंतनशक्ति हर परेशानी में आपकी सहायता करेगी. रहस्यमयी चीजों के प्रति आज आपको अधिक आकर्षण रहेगा. आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त होने का भी योग है. वाणी पर संयम बरतने से परेशानियों से बच सकेंगे. गुप्त शत्रुओं से संभलकर चलें. आज नए काम का आरंभ ना करें. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. कार्यस्थल पर आपके काम समय पर पूरे होंगे.
वृषभ- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में है. आज का दिन शुभ फलदायी है. आज आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे. मानसिक प्रसन्नता का अनुभव होगा. परिजन तथा निकट के लोगों के साथ अधिक समय गुजरेगा. आप सफलता और यश प्राप्त कर पाएंगे. विदेश से अच्छे समाचार मिलने के योग हैं. दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी. वैवाहिक सुख मिलेगा. आकस्मिक धन लाभ होगा. प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी.
मिथुन- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में है. आज आपके परिवार का वातावरण उल्लासपूर्ण रहेगा. शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक प्रसन्नता का अनुभव होगा. आप के अधूरे काम पूरे होने से आनंद में वृद्धि होगी. व्यापारिक स्थल पर वातावरण अनुकूल रहेगा. आर्थिक रूप से लाभ होने की संभावना रहेगी. दोपहर के बाद आपका ध्यान मनोरंजन पर रह सकता है. मित्रों एवं स्वजनों के साथ घूमने-फिरने का अवसर आपको प्राप्त होगा. मान-सम्मान प्राप्त हो सकता है. आपके लिए समय लाभ का है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा.
कर्क- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में है. आज का दिन आपके लिए थोड़ी सावधानी रखने का है. शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए दिन अच्छा नहीं है. मानसिक अशांति और चिंता छायी रहेगी. किसी बात पर चिड़चिड़ाहट रहेगी. पेट दर्द, अजीर्ण से परेशान रहेंगे. आकस्मिक धन खर्च होगा. दोस्त आपके दिल को चोट पहुंचा सकते हैं. आज यात्रा को टाल दें.
सिंह- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में है. आज का दिन आनंद से गुजरने वाला है. आज आप अधिक कल्पनाशील बने रहेंगे. साहित्य-सृजन के तहत मौलिक रूप से काव्य रचना की प्रेरणा होगी. किसी प्रिय मित्र के साथ हुई मुलाकात शुभ फलदायी होगी. परिणाम स्वरूप दिनभर मन प्रसन्न रहेगा. संतान की प्रगति के समाचार मिलेंगे. विद्यार्थियों के लिए समय बहुत अच्छा है. आज आप परोपकार के काम में लगे रहेंगे.
कन्या- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में है. आपको आज प्रतिकूलताओं के लिए तैयार रहना पड़ेगा. स्वास्थ्य को लेकर चिंता में रह सकते हैं. परिवार के सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकता है. मां के स्वास्थ्य का आज ध्यान रखें. विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए समय अनुकूल नहीं है. वाहन तथा स्थायी संपत्ति से सम्बंधित कोई तकलीफ आपको हो सकती है. खर्च की भी संभावना है.
तुला- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में है. आज आपका मनोबल कमजोर रहेगा. किसी निर्णय पर जाना कठिन हो सकता है. नए काम की शुरुआत ना करें और महत्वपूर्ण निर्णय आज ना लें. परिजनों के साथ वाद-विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के साथ विचारों में मतभेद रहेगा. अपने स्वभाव में कठोरता ना रखें. नौकरीपेशा लोग चिंतित रह सकते हैं. व्यापारियों के लिए भी दिन सामान्य जैसा ही बना रहेगा. ज्यादा लाभ की लालच ना करें.
वृश्चिक- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में है. आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी है. अनावश्यक खर्च पर अंकुश रखें. वाणी पर संयम रखने से परिवार में सुख और शांति रख पाएंगे. विचारों पर नकारात्मकता छाई रहेगी, जिसे दूर करने का प्रयास करें. धार्मिक काम पर खर्च हो सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय अधिक अनुकूल नहीं है. कार्यक्षेत्र में किसी के साथ विवाद आपको नुकसान पहुंचा सकता है.
धनु- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में है. आज दिन थोड़ा कष्टदायक लग रहा है. परिजनों के साथ मतभेद हो सकते हैं. आपका व्यवहार उग्र होगा और आप क्रोधित रहेंगे. किसी के साथ जोरदार बहस भी हो सकती है. स्वास्थ्य खराब होगा. आपको व्यवहार और वाणी पर अंकुश रखना होगा. दुर्घटना से बचाव के लिए सावधानी रखें. अधिक पैसे खर्च होंगे. कोर्ट- कचहरी के कामों में सावधान रहें. विद्यार्थियों को आज अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. दोपहर के बाद किसी बात को लेकर मन उदास रह सकता है.
मकर- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में है. आज सावधानी बरतें. अधिक परिश्रम में कम सफलता मिलने से निराशा होगी. किसी से विवाद होगा. आसपास का वातावरण भी अशांत रहेगा. स्वास्थ्य संबंधी शिकायत हो सकती है. दुर्घटना का भय रहेगा. व्यावसायिक कामों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ेगा. कोर्ट-कचहरी के काम में संभलकर कदम उठाएं. धार्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे. धार्मिक कामों के पीछे धन खर्च भी होगा.
कुंभ- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में है. आज आप नए काम हाथ में लेंगे. भाग्य आपके साथ रहेगा. नौकरी और व्यापार में आय के नए सोर्स खड़े होंगे. आपको अपने मित्रों से लाभ हो सकेगा. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आप प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेंगे. परिजनों से आप संतोष और खुशी प्राप्त कर सकेंगे. यात्रा या वैवाहिक प्रसंग में जाने की संभावना है. आपको शारीरिक और मानसिक खुशी मिलेगी. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.
मीन- आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में है. आपके लिए आज का दिन शुभ फलदायक है. काम की सफलता और उच्च अधिकारियों का प्रोत्साहन आपके उत्साह को दोगुना करेंगे. व्यापारियों की भी आय में वृद्धि होगी. आज निवेश को लेकर कोई योजना बना सकेंगे. किसी से उधार वापस मिल सकेगा. बकाया राशि का भुगतान होगा. पिता एवं बुजुर्गों से लाभ होगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. उन्नति के संयोग बनेंगे. सरकारी कामों में लाभ होगा.
किस्मत चमकानी है तो सावन में करें इस प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन, जहां एक ही शिवलिंग में विराजते हैं शिव-पार्वती!
6 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीलीभीत: सावन का पवित्र महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं. ऐसे में शिव भक्त कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं तो कई लोग आसपास के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन के लिए निकलने का प्लान बना रहे हैं. इन्हीं में से एक है उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर (Gaurishankar Mandir), जहां भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप के दर्शन एक ही शिवलिंग में होते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर शिव भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है.
500 साल पुराना है यह मंदिर
पीलीभीत के खकरा और देवहा नदी के संगम के किनारे स्थित यह मंदिर न सिर्फ बेहद प्राचीन है, बल्कि अपनी अनूठी मान्यता के लिए भी प्रसिद्ध है. मंदिर के महंत पंडित जयशंकर शर्मा बताते हैं कि आज से करीब 500 साल पहले, इस इलाके में बसे बंजारों को खेतों में खुदाई के दौरान यह शिवलिंग मिला था. उस समय यह पूरा क्षेत्र घना जंगल था. शिवलिंग मिलने के बाद लोगों ने उसी जगह मंदिर बनवा दिया, जिसे आज लोग गौरीशंकर मंदिर के नाम से जानते हैं.
सावन में होती है भव्य सजावट, लाखों भक्त करते हैं जलाभिषेक
सावन का महीना शुरू होते ही ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर में विशेष तैयारियां शुरू हो जाती हैं. हर सोमवार को भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया जाता है. महंत पंडित जयशंकर शर्मा के मुताबिक, हर सोमवार एक नई थीम के आधार पर बाबा गौरीशंकर का श्रृंगार किया जाएगा, जिसके बाद शाम 7:30 बजे भव्य आरती होगी. सावन में आसपास के इलाकों से लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों से जल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं.
एक ही शिवलिंग में शिव और पार्वती के दर्शन
इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग बेहद खास है क्योंकि इसमें भगवान शिव और माता पार्वती दोनों के दर्शन होते हैं. यही वजह है कि इसे अर्धनारीश्वर स्वरूप कहा जाता है और मंदिर का नाम गौरीशंकर मंदिर पड़ा. सावन के दौरान इस मंदिर में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.
कैसे पहुंचें गौरीशंकर मंदिर
अगर आप पिथौरागढ़, टनकपुर या खटीमा की ओर से आ रहे हैं तो नकटादाना चौराहे से खकरा चौकी होते हुए मंदिर तक पहुंच सकते हैं. वहीं शाहजहांपुर, बरेली और लखीमपुर से आने वाले श्रद्धालु नौगवां चौराहे से बाजार के रास्ते गौरीशंकर मंदिर आसानी से पहुंच सकते हैं.
चार महीने तक नहीं होंगी शादियां, न ही गृह प्रवेश, चातुर्मास शुरू
6 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यह अवधि भगवान विष्णु की योगनिद्रा का समय मानी जाती है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (2 नवंबर 2025) तक चलती है. इस दौरान सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, और जीवन में संयम, साधना और सात्विकता का पालन किया जाता है.
क्या है चातुर्मास?
वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ आदित्य झा के अनुसार चातुर्मास का अर्थ है "चार महीने" — यह वह समय होता है जब भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान समस्त ब्रह्मांड की व्यवस्था भगवान शिव के संरक्षण में चलती है. यह काल आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और आश्विन — इन चार मासों में विभाजित होता है, और इसे तप, त्याग और आत्मशुद्धि का समय माना जाता है.
इन मांगलिक कार्यों पर लगती है रोक
आदित्य झा के अनुसार चातुर्मास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता. विशेष रूप से विवाह और सगाई, गृहप्रवेश, मुंडन और नामकरण संस्कार, नए व्यापार, प्रोजेक्ट या योजनाओं की शुरुआत, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी इस काल को स्थिरता के लिए अनुपयुक्त माना जाता है. ग्रहों की स्थिति मानसिक और भावनात्मक असंतुलन पैदा कर सकती है.
भोजन और जीवनशैली में रखें संयम
चातुर्मास का एक बड़ा पहलू है खान-पान में शुद्धता और संयम. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस समय सात्विक और शुद्ध भोजन करना चाहिए. प्याज, लहसुन, मांसाहार, अंडा, शराब, अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन इन चीजों से परहेज करें, यह समय शरीर को शुद्ध करने, इंद्रियों को नियंत्रित करने और साधना के लिए मन को केंद्रित करने का अवसर है.
क्या करें इस दौरान?
चातुर्मास केवल वर्जनाओं का समय नहीं, बल्कि आत्मसुधार और साधना का भी अवसर है. इस दौरान इन कार्यों को प्राथमिकता दें,
नियमित पूजा, ध्यान और मंत्र जाप
भगवद्गीता, विष्णु सहस्रनाम, रामायण जैसे ग्रंथों का पाठ
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और दान देना
मन, वाणी और कर्म में संयम रखना
कब तक चलेगा चातुर्मास?
आरंभ: 6 जुलाई 2025 (देवशयनी एकादशी)
समापन: 2 नवंबर 2025 (प्रबोधिनी एकादशी)
प्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, और शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत होती है. इसी दिन से धार्मिक रूप से विवाह और अन्य संस्कार पुनः आरंभ किए जाते हैं.
आध्यात्मिक दृष्टि से चातुर्मास का महत्व
चातुर्मास का उद्देश्य केवल धार्मिक नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि अपने जीवन में स्थायित्व, अनुशासन और अध्यात्म को विकसित करना है. ऋषियों और मुनियों की परंपरा में यह समय आत्मनिरीक्षण, स्वाध्याय और तपस्या के लिए समर्पित होता था.
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6 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है. इस वर्ष चातुर्मास 6 जुलाई 2025, रविवार से शुरू होकर 1 नवंबर 2025 तक चलेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग पर योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसी कारण से इस समय मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि वर्जित माने जाते हैं.
हालांकि, जहां चातुर्मास एक ओर संयम, साधना और त्याग का समय है, वहीं वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ आदित्य झा के अनुसार, यह चार महीनों का समय कुछ विशेष राशियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है. आइए जानते हैं कि चातुर्मास 2025 किन तीन राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है.
मेष राशि (Aries): आर्थिक मजबूती और नई शुरुआत
इस राशि के जातकों के लिए चातुर्मास का समय अत्यंत शुभ रहने वाला है. लंबे समय से अटके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं. बिजनेस डील में लाभ, निवेश से फायदा और करियर में नए अवसरों की प्राप्ति संभव है. पैसों की कमी दूर हो सकती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. यह समय नए लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए अनुकूल है.
कुंभ राशि (Aquarius): नौकरी, सेहत और संपत्ति में उन्नति
कुंभ राशि वालों के लिए चातुर्मास वित्तीय दृष्टिकोण से बेहद सकारात्मक रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में सुधार, प्रमोशन या नई नौकरी के योग बन सकते हैं. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और पारिवारिक जीवन में संतुलन बना रहेगा. जिन लोगों को कोर्ट-कचहरी या कागजी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें भी राहत मिल सकती है.
मीन राशि (Pisces): वैवाहिक सुख और भगवत कृपा
मीन राशि के जातकों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा मानी जा रही है. चातुर्मास के चार महीनों में वैवाहिक जीवन सुखद, प्रेम संबंधों में स्थिरता और परिवार के साथ आत्मीयता बढ़ेगी. यह समय मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी उत्तम रहेगा. धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और अच्छे कर्मों का फल शीघ्र मिलने की संभावना है.
चातुर्मास में क्या न करें?
चातुर्मास एक पवित्र और अनुशासनात्मक काल होता है, जिसमें कुछ चीज़ों से परहेज करना अनिवार्य होता है:
मांगलिक कार्यों से परहेज करें (विवाह, गृह प्रवेश आदि)
तामसिक भोजन न करें – जैसे प्याज, लहसुन, मांसाहार
गुड़, शहद, मूली, बैंगन और परवल जैसी चीज़ें खाने से बचें
ब्रह्मचर्य, संयम और नियम पालन करें
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