धर्म एवं ज्योतिष
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 16 जुलाई 2025)
16 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा. आज आपका दिन अनुकूल है. स्वस्थ तन और प्रसन्न मन से आज सारे काम पूरे कर पाएंगे. परिणाम स्वरूप आप में ऊर्जा एवं उत्साह रहेगा. भाग्य का साथ आपको मिलेगा. परिवार के सदस्यों के साथ समय आनंद में गुजरेगा. माता से लाभ होगा. मित्र एवं स्नेहीजनों के मिलने से घर में खुशी का वातावरण रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे. प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलने से आप उत्साहित रहेंगे.
वृषभ- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में है. आज का दिन आपके लिए आनंद से भरा है. व्यापार में लाभ होगा. आय वृद्धि भी बेहतर रहेगी. परिजनों और मित्रों के साथ वातावरण आनंदमय रहेगा. नए संपर्क और परिचय व्यापार में लाभप्रद रहेंगे. छोटा प्रवास आनंददायी रहेगा. आज पूरे दिन मन उल्लास और प्रसन्नता से भरा होगा. नौकरीपेशा लोगों का काम भी समय पर पूरा हो सकेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टि बनी रहेगी. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.
मिथुन- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से दसवें भाव में होगा. आज आपके सभी काम सरलतापूर्वक पूरे होंगे. घर, ऑफिस तथा सामाजिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण बनने से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. मान-सम्मान में वृद्धि होगी. अधिकारियों के सहयोगपूर्ण व्यवहार के कारण आपकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा. गृहस्थ जीवन में आनंद छाएगा और उत्तम सांसारिक सुख प्राप्त कर सकेंगे. प्रेम जीवन में आपके साथी से आपको कोई विशेष उपहार भी मिल सकता है. आज सरकारी कामों में आने वाले अवरोध दूर होंगे और मार्ग आसान बनेगा. वित्तीय स्थिति संतोषजनक रहेगी.
कर्क- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से नवें भाव में होगा. आज आप धार्मिक काम में व्यस्त रहने वाले हैं. किसी धार्मिक स्थल पर जाकर आप खुश होंगे. आपकी किस्मत चमकने की पूरी संभावना है. पिछले दिनों छुटा हुआ अधूरा काम आज पूरा होने की संभावना बन रही है. दोस्तों के साथ भी अच्छा समय व्यतीत कर सकेंगे. विदेश से होने वाले व्यापार में आज कोई बड़ा सौदा भी हो सकता है. नौकरी में लाभ हो सकता है. अचानक आर्थिक लाभ होने का भी योग है. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल है. परिवार के साथ भी समय अच्छा बीतेगा.
सिंह- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से आठवें भाव में होगा. आज स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है. स्वास्थ्य के पीछे धन खर्च भी हो सकता है. खान-पान में सावधानी बरतें और बाहर के खाने से परहेज करें. मौसमी या संक्रामक बीमारी होने की आशंका बनी रहेगी. कार्यस्थल पर वैचारिक मतभेद उभरेंगे. इससे आपके आसपास नकारात्मकता छाई रहेगी. आध्यात्मिकता के प्रति रुचि, ध्यान तथा जप आपको उचित मार्ग पर ले जाएंगे. इससे मानसिक तनाव कम होगा. परिवार का साथ आपको खुशी देगा.
कन्या- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से सातवें भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए अनुकूल है. प्रिय व्यक्ति के साथ आपकी निकटता आपको आनंदित करेगी. अपने वैवाहिक जीवन में आत्मीयता का अनुभव करेंगे. आप प्रिय पात्रों के साथ समय बिताना पसंद करेंगे. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. भागीदारों के साथ सार्थक बातचीत होगी. आप मिलकर व्यापार बढ़ाने का आयोजन कर सकेंगे. सुंदर पोशाक, आभूषण और भोजन का आनंद ले सकेंगे. नए वाहन खरीदने की योजना बनेगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है.
तुला- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से छठे भाव में होगा. आज के दिन आप मनोरंजन तथा घूमने-फिरने में समय व्यतीत करेंगे. हालांकि इस दौरान संक्रामक रोगों से बचने के लिए आपको खुद ही प्रयास करना होगा. आगे स्वास्थ्य खराब होने की आशंका बनी रहेगी. सांसारिक मामलों में आपका व्यवहार थोड़ा उदासीन रहेगा. जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है. मित्रों से मुलाकात अधिक आनंददायक नहीं रहेगी. व्यापारियों को बिजनेस पार्टनर्स के साथ धैर्य से काम लेना पड़ेगा. सार्वजनिक जीवन तथा सामाजिक जीवन में कम सफलता मिलेगी.
वृश्चिक- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा. आज यात्रा न करें. स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी. संतान के संबंध में समस्याएं खड़ी होंगी. स्वाभिमान भंग न हो इसका ध्यान रखें. हालांकि वित्तीय आयोजन के लिए समय अच्छा है. बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद में न पड़ें. शेयर बाजार में लालच आपको हानि पहुंचा सकता है. कार्यस्थल पर आप दूसरों से मधुर व्यवहार करें. आज अपने अधूरे काम पूरे करने की कोशिश करें.
धनु- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से चौथे भाव में है. मानसिक रूप से आपमें उत्साह कम रहेगा, जिससे मन में अशांति बनी रहेगी. परिजनों के साथ अनबन होने से पारिवारिक वातावरण क्लेशपूर्ण रहेगा. स्थायी संपत्ति के दस्तावेजी कामों में विशेष ध्यान रखें. धनहानि का योग है. मानहानि न हो इसका ध्यान रखें. माता के स्वास्थ्य के विषय में चिंता रहेगी. सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है. हो सके तो आज का दिन आराम करें और ज्यादातर समय मौन रहें.
मकर- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा. आज आप रणनीति में शत्रुओं को परास्त करेंगे. नए काम के आरंभ के लिए तैयार रहें। सफलता मिलेगी. आपके सभी काम सफल रहेंगे. व्यापार में लाभ होगा. शेयर बाजार में लगाए हुए पैसे लाभ दिलवाएंगे. मित्रों, स्वजनों और भाई-बहनों के साथ मेल-जोल रहेगा. मन की उलझन हल होगी. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा. उन्हें सफलता हासिल होगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन लाभदायक है.
कुंभ- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से दूसरे भाव में होगा. मन में दुविधाएं होने से आप कोई ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सकेंगे. महत्वपूर्ण निर्णय न लें. वाणी पर संयम नहीं रहने से पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होने की आशंका है. धार्मिक काम के पीछे खर्च होगा. स्वास्थ्य खराब होगा. विद्यार्थियों के लिए समय मध्यम है. नकारात्मक विचारों से दूर रहें. व्यापार में आज कोई नई योजना नहीं बनाएं. नौकरीपेशा लोगों को कोई अरुचिपूर्ण काम मिल सकता है.
मीन- चंद्रमा आज 16 जुलाई, 2025 बुधवार को मीन राशि में है. यह आपकी राशि से पहले भाव में होगा. आज आपको आनंद और उत्साह का अनुभव होगा. नए काम की शुरुआत करने से लाभ हो सकता है. मित्रों और स्नेहीजनों के साथ मिलकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने की संभावना है. इनकम के नए सोर्स बढ़ेंगे. निर्धारित किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी. अधिकारी आपके काम की तारीफ करेंगे. व्यापार में लाभ की संभावना दिख रही है. वैवाहिक जीवन में आनंद रहेगा. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. संतान संबंधी चिंता दूर होगी. स्वास्थ्य सुख उत्तम रहेगा.
जहर से भरा शिव का अति प्रिय, खाने पर घातक, लेकिन लगाने पर संजीवनी, ये रूप बदलने वाला 'फल'
14 Jul, 2025 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायबरेली. आयुर्वेद में कई औषधीय पौधों का गुणगान है. उन्हीं औषधीय पौधों में से एक धतूरा भी है, जिसे आमतौर पर लोग भगवान शिव को प्रसाद के रूप में अर्पित करते हैं. मान्यता है कि धतूरा भगवान शिव का अतिप्रिय फल है. यह कई औषधीय गुणों से भी भरपूर है. वैसे तो धतूरे का फल जहरीला माना जाता है. इसका सीधा इस्तेमाल काफी नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि धतूरे का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है. रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) के मुताबिक, आयुर्वेद में धतूरा को अलग-अलग स्थानों पर कई नामों से पुकारा गया है. मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिव शेखर, सविष, धतूरा, सादा धतूरा, धोत्रा ततूर और दतुरम.
इन बीमारियों में संजीवनी
भारत में धतूरा की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन कुछ प्रजातियों का ही औषधीय उपयोग किया जाता है. कुछ प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं. धतूरा के सूखे पत्ते और बीज का औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है. लोकल 18 से बात करते हुए डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि धतूरे में कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. बालों के झड़ने, बालों में डैंड्रफ, बवासीर, दमा, फेफड़े और छाती आदि में कफ या नपुंसकता में भी यह कारगर है.
ऐसे करें यूज
डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि धतूरे का प्रयोग जोड़ों के दर्द में भी किया जा सकता है. पैरों में सूजन या भारीपन के लिए भी धतूरे का प्रयोग कर सकते हैं. इसके लिए धतूरे की पत्तियों को पीसकर लेप करना चाहिए. इससे आपको तत्काल आराम मिलेगा, क्योंकि गर्म तासीर का होने के कारण मांसपेशियों की प्राकृतिक सिकाई होती है और मांसपेशियां नरम पड़ जाती हैं. जिन लोगों को दमा की शिकायत है, उनके लिए धतूरा फायदेमंद है. इसे इस्तेमाल करने के लिए धतूरे को अपामार्ग और जवासा नामक जड़ी बूटी के साथ मिलाकर चूरन बना लें. रोजाना इसकी महक सूंघने से समस्या दूर हो जाएगी.
शिवजी की आरती सावन में हर रोज करें, ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा
14 Jul, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Shiv Aarti Lyrics in Hindi: सावन मास में हर रोज शिवजी की आरती करें. सावन में शिवजी की आरती के फायदे अत्यंत दिव्य, पावन और जीवन-परिवर्तनकारी माने गए हैं. सावन मास स्वयं भगवान शिव को समर्पित होता है, और इस महीने में की गई आराधना, विशेषकर शिव आरती, का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. आरती एक पूर्ण समर्पण और आनंद भाव है. जय शिव ओंकारा या आरती श्री शिवजी की जैसे स्तुति रूपों से शिवजी त्वरित प्रसन्न होते हैं.
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
शुभ योग में सावन के पहले सोमवार का व्रत आज, जानें महत्व, पूजा विधि, पूजन मुहूर्त, शिव मंत्र और आरती
14 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज सावन के पहले सोमवार का व्रत किया जा रहा है और आज का दिन भगवान शिव और शक्ति की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे उपयुक्त दिन है. यह दिन शिवभक्तों के लिए विशेष फलदायी और कृपासंपन्न होता है. शिव पुराण के अनुसार, सावन के सभी सोमवार का व्रत करने से सभी दुख व परेशानियों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है. यह व्रत रोगों से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय, कर्ज से छुटकारा, संतान प्राप्ति और मानसिक शांति के लिए अत्यंत प्रभावी है. सावन मास के पहले दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे आज के दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. इन शुभ योग में पूजा अर्चना करने से व्रत का फल दोगुना मिलता है. आइए जानते हैं सावन के पहले सोमवार को किस मुहूर्त में और किस विधि से शिव पूजन करें…
सावन सोमवार का महत्व
शिव पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार सावन मास में सभी सोमवार का व्रत और शिव पूजन से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है. यह व्रत रोगों से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय, कर्ज से छुटकारा, संतान प्राप्ति और मन शांति के लिए अत्यंत प्रभावी है. इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है और अकाल मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है. सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव के साथ माता पार्वती और शिव परिवार का पूजन करने का विशेष महत्व है. आज के दिन सुबह और प्रदोष काल में शिव पूजने करने से कुंडली में मौजूद सभी दोष से मुक्ति मिलती है और ग्रहों का शुभ प्रभाव मिलता है.
सावन के पहले सोमवार पर शुभ योग
सावन के पहले सोमवार को कई शुभ योग बन रहे हैं. आज के दिन आयुष्मान योग के साथ सौभाग्य योग बन रहा है. साथ ही शुक्र वृषभ राशि में रहने से मालव्य राजयोग, मिथुन राशि में सूर्य और गुरु के होने से गुरु आदित्य योग जैसे महायोग बन रहे हैं. साथ ही आज चंद्रमा पर मंगल की सप्तम दृष्टि रहने वाली है, जिससे लक्ष्मी योग का निर्माण भी हो रहा है, जिससे आज के दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. वहीं आज शिवजी का वास कैलाश पर रहने वाला है, जो बेहद दुर्लभ माना जाता है. इस तरह सावन के पहले सोमवार के दिन 5 शुभ योग बन रहे हैं.
सावन सोमवार पूजन मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त, 04:12 ए एम से 04:53 ए एम. साथ ही आयुष्मान योग 04:14 पी एम तक रहने वाला है, इसके बाद सौभाग्य योग बनेगा. इस तरह आप पूरे दिन किसी भी समय शिवजी का पूजन कर सकते हैं. लेकिन आपको राहुकाल के समय पूजा अर्चना करने से बचना होगा, आज राहुकाल 07:17 ए एम से 09:01 ए एम तक है. प्रदोष काल पूजन (विशेष फलदायी) 07:12 पीएम 08:34 पीएम.
सावन सोमवार व्रत व पूजा विधि
आज ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें (सफेद या पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं). व्रत का संकल्प लें कि मैं सावन सोमवार व्रत का संकल्प लेता/लेती हूं – हे शिव! मेरी मनोकामना पूर्ण करें. पास के शिवालय जाकर शिवलिंग पर सबसे पहले पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल) अर्पित करें. इसके बाद बेलपत्र (त्रिपत्रीय), भस्म, रुद्राक्ष, धतूरा, आक के फूल, अक्षत (चावल), धूप, दीप, फल, नैवेद्य आदि अर्पित करें. इसके बाद शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र, आरती करें.
शिव पूजन इस तरह करें
ॐ नमः शिवाय मंत्र के साथ शिवलिंग पर जल अर्पित करें. पंचामृत स्नान कराएं और फिर शुद्ध जल से धोकर बेलपत्र चढ़ाएं. चंदन, भस्म लगाएं, पुष्प व फल अर्पित करें. शिव चालीसा का पाठ करें. अंत में शिवजी की आरती करें. दिनभर निराहार या फलाहार रहें. प्रदोष काल में फिर से शिव पूजन करें और कथा पढ़ें व सुनें. अगले दिन व्रत का पारण करें (उद्यापन).
शिवजी की मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
पंचाक्षरी मंत्र
ॐ नमः शिवाय
रुद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
शिव संतान प्राप्ति मंत्र
ॐ नमो भगवते रुद्राय शूलपाणये नमः॥
धन और व्यापार में वृद्धि हेतु मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गंग गणपतये वर वरद
सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।
शिवजी की आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
शिवलिंग पर पहले जल या बेलपत्र? सावन में मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद, जानिए शिव पूजा की सही विधि और नियम
14 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
How To Please Lord Shiva : सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे खास समय माना जाता है. इस बार सावन 11 जुलाई 2025 से शुरू हो गया है. पूरे महीने श्रद्धालु व्रत, जाप, अभिषेक और रुद्राष्टक जैसे पाठों के जरिए शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं. खासकर हर सोमवार को मंदिरों में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है.
लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए जल या बेलपत्र? इस सवाल का उत्तर भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने विस्तार से बताया, जिसे सावन में शिव पूजा करने वाले हर भक्त को जानना चाहिए.
पूजा की शुरुआत कैसे करें?
भगवान शिव को अभिषेक प्रिय है और पूजा की शुरुआत भी अभिषेक से होती है. सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाना चाहिए. इसके बाद दूध, दही, शहद, शक्कर, घी जैसे पंचामृत का प्रयोग करें. फिर से शुद्ध जल से लिंग को धोएं और तब पूजन सामग्री अर्पित करें, जैसे – बेलपत्र, सफेद फूल, धतूरा, भांग आदि.
क्यों सबसे पहले जल चढ़ाया जाता है?
शिव पुराण, स्कंद पुराण और पद्म पुराण में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि शिव पूजन की शुरुआत जल से होती है. जल को आवाहन (निमंत्रण) का प्रतीक माना गया है. जब जल शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है, तो वह उसे ठंडक देता है. यह इस बात की याद दिलाता है कि भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को पी लिया था. उसी विष की जलन को शांत रखने के लिए उनके सिर पर निरंतर जल धारा बहाई जाती है.
बेलपत्र का महत्व और सही समय
बेलपत्र को भगवान शिव का सबसे प्रिय पत्र माना जाता है. परंतु इसका स्थान जल के बाद आता है. जल से शिवलिंग की ऊर्जा सक्रिय होती है और बेलपत्र उस ऊर्जा को स्थिर करता है. अतः पहले जल और फिर बेलपत्र चढ़ाना ही उचित होता है.
बेलपत्र चढ़ाने के नियम भी विशेष होते हैं – पत्ते टूटे या कटे नहीं होने चाहिए, उन पर चूहे या कीड़े का कोई निशान न हो और तीन पत्तों वाला पूरा समूह हो. साथ ही बेलपत्र चढ़ाते समय ॐ नमः शिवाय का जाप करना भी शुभ फलदायी माना गया है.
क्या होता है अगर नियम उलटे हों?
अगर कोई गलती से पहले बेलपत्र और बाद में जल चढ़ा दे, तो यह पूजा का अनुक्रम बदल देता है. यह ठीक वैसा है जैसे खाना खाने से पहले हाथ धोने के बजाय बाद में धोना. पूजा में क्रम का पालन भाव और नियम दोनों की दृष्टि से जरूरी होता है. इसलिए सावन में शिवलिंग पर पहले शुद्ध जल और फिर अन्य सामग्री चढ़ाना चाहिए.
सच्चे भक्त कौन हैं?
शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि भगवान शिव उन्हीं भक्तों को प्रिय मानते हैं जो निर्मल मन, सच्चे भाव और धोखे से दूर रहते हैं. जो खुद की भलाई से पहले सबके लिए सोचते हैं, धर्म के रास्ते पर चलते हैं और छल नहीं करते – ऐसे लोग ही शिव की सच्ची पूजा के अधिकारी होते हैं.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 14 जुलाई 2025)
14 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आपका दिन मित्रों और सामाजिक कामों के पीछे भागदौड़ में बीतेगा. धन का खर्च भी करना पड़ेगा. आपके नए मित्र बन सकते हैं, जो भविष्य में आपके लिए लाभदायी रहेंगे. सरकारी काम में सफलता प्राप्त होगी. बड़ों का सहयोग भी प्राप्त होगा और उन्हें मिलने से आनंद में वृद्धि होगी. दूर या विदेश स्थित संतान या रिश्तेदार के संबंध में शुभ समाचार प्राप्त होंगे. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. किसी छोटी यात्रा का आयोजन हो सकता है.
वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी। आज आप नए काम की शुरुआत कर सकेंगे। भाग्य आपके साथ है। नौकरी करने वालों के लिए दिन अच्छा है। उनकी आय बढ़ेगी और नौकरी में पदोन्नति हो सकती है। आप सरकार से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। आपके वैवाहिक जीवन में मेल-जोल बना रहेगा। उच्च अधिकारी आपकी प्रशंसा करके आपका उत्साह बढ़ाएंगे। जो कार्य कई दिनों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें पूरा कर सकेंगे. पति- पत्नी के बीच रोमांस बना रहेगा.
मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा। आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आज आपको थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा. थकान और सुस्ती अनुभव करेंगे. सोचे अनुसार काम नहीं हो सकेगा. आपके मन में चिंता रहेगी. ऑफिस में सहकर्मी आपको निराश करेंगे. उच्च अधिकारियों के साथ किसी भी विवाद को आज टालें. अन्यथा नुकसान हो सकता है. आज विरोधियों से भी बचकर रहें. व्यापार में भी नुकसान से बचने के लिए ज्यादा लालच में ना आएं. प्रेम जीवन सामान्य बना रहेगा. जीवनसाथी के साथ कोई पुराना विवाद हल हो सकता है. आज संतान संबंधी चिंता आपको हो सकती है. अचानक कोई खर्चा आने से आप चिंता में रहेंगे. स्वास्थ्य के मामले में दिन अनुकूल रहेगा.
कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. वैचारिक रूप से नकारात्मकता छायी रहेगी. आज दिनभर शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थता बनी रहेगी. इससे आपका मन काम में नहीं लगेगा. आपको नकारात्मकता से दूर रहने की सलाह दी जाती है. क्रोध पर भी आज संयम रखना पड़ेगा. खर्च अधिक होगा. परिजनों के साथ विवाद न हो इसका ध्यान रखें. आज नए काम प्रारंभ न करें. नए परिचय भी कुछ खास लाभदायी सिद्ध नहीं हो पाएंगे. सरकार विरोधी प्रवृत्तियों से दूर रहना ही लाभदायी होगा.
सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. आज जीवनसाथी के साथ विचारों में मतभेद होने से आप दुःख का अनुभव करेंगे. पति अथवा पत्नी की तबीयत खराब होने की आशंका बनी रहेगी. इस कारण आप सांसारिक विषयों से दूर रहेंगे. प्रेम जीवन में भी कठिनाई होगी. अपने प्रिय की किसी बात का बुरा भी आपको लग सकता है. बिजनेस में पार्टनरशिप के काम में आपको बेहद ध्यान रखने की जरूरत है. नौकरीपेशा लोगों को दिन धैर्य के साथ बिताना चाहिए. समाज में आपकी प्रतिष्ठा को कलंक न लगे, इसका ध्यान रखें. दोस्तों से मिलकर आप बहुत खुशी अनुभव करेंगे. वित्तीय मोर्चे पर किसी नए निवेश की ओर आकर्षित होने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें.
कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. परिवार में आनंद एवं उत्साह का वातावरण रहने से आपका मन प्रसन्न रहेगा. जीवनसाथी के साथ चल रहा तनाव दूर होगा. अपने प्रिय पात्र के साथ काफी समय बिता सकेंगे. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. बीमार व्यक्ति की तबीयत में सुधार होने से राहत का अनुभव होगा. काम में सफलता और यश मिलेगा. ऑफिस में सहकर्मी आपकी सहायता करेंगे. अधिकारी भी आपके काम की प्रशंसा करेंगे. व्यापार-धंधे में विरोधियों से नुकसान होने की आशंका है. हालांकि धैर्य के साथ केवल अपने काम पर ध्यान लगाएं. व्यापार में जल्दबाजी में कोई निर्णय ना लें.
तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आज आप अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनशक्ति को अच्छी तरह काम में लगा सकेंगे. इससे कार्यस्थल पर आपकी तारीफ होगी. बौद्धिक प्रवृत्तियों या चर्चा में भाग लेना आपको पसंद आएगा. किसी मीटिंग में आप अपने विचारों से लोगों का सम्मान प्राप्त करेंगे. संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा. उनकी प्रगति होगी. मित्रों का सहयोग मिलेगा. प्रिय व्यक्ति के साथ मिलन सुखद रहेगा. परिजनों के साथ भी आपका दिन अच्छा गुजरेगा. हालांकि अत्यधिक विचारों से मन विचलित होगा. मानसिक ताजगी के साथ आज के सभी कार्य करने की कोशिश करेंगे. निवेश को लेकर अभी कोई योजना नहीं बनाएं.
वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. आज आपको मन में किसी बात का डर बना रहेगा. कार्यस्थल पर लोगों का सहयोग नहीं मिलने से निराशा के भाव उत्पन्न होंगे. सगे-सम्बंधियों के साथ संघर्ष आपको विचलित कर सकता है. माता का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है. आर्थिक हानि और समाज में अपयश मिलने की आशंका है. आज जमीन, संपत्ति या वाहन का सौदा नहीं करें. किसी भी पानी वाली जगह से दूर रहें. वाहन धीमें चलाएं. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अभी अनुकूल नहीं है. मौसमी बीमारी होने की आशंका रहेगी. प्रेम जीवन में स्थितियों को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत होगी.
धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. आज आप पर गूढ़ रहस्यवाद और आध्यात्मिकता का रंग चढ़ेगा. इस विषय को गहराई से जानने का प्रयास करेंगे. नए काम के लिए प्रेरित होंगे। कार्यस्थल पर आपका मन लगेगा. कोई नया काम करने में आपका उत्साह ज्यादा रहेगा. व्यापार को बढ़ाने के लिए नई योजना बनाएंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आपका मन प्रसन्न रहेगा. किसी छोटी यात्रा की संभावना है. मित्रों और सगे-संबंधियों के साथ आपकी मुलाकात सुखद रहेगी. भाग्य आपके साथ रहेगा. व्यापार- धंधे में प्रगति होगी. इससे आर्थिक लाभ हो सकता है. आय के नए स्रोत बनाने के लिए की गई आपकी मेहनत सफल रहेगी.
मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. वाणी पर संयम रखेंगे, तो बहुत सी कठिनाइयों से बच सकेंगे. आपको बहुत सावधानी के साथ आज लोगों से बात करनी चाहिए. कार्यस्थल पर कोई पुराना विवाद फिर खड़ा हो सकता है. परिजनों के साथ छोटे-मोटे मतभेद आपको मानसिक रूप से अस्वस्थ करेंगे. आपको स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ेगा. बाहर खाने-पीने से आपको बचना चाहिए. शेयर या सट्टे में आप पूंजी निवेश कर सकेंगे. मानसिक भय और असंतोष का अनुभव होगा. विद्यार्थी पढ़ाई में ध्यान नहीं दे सकेंगे. किसी बात की अनावश्यक चिंता रहेगी. हालांकि दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा. आपका सकारात्मक रवैया आपको नुकसान से बचा सकता है.
कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज शारीरिक और मानसिक रूप से आपका दिन प्रफुल्लित रहेगा. सगे-संबधियों, मित्रों और पारिवारिक सदस्यों के साथ घर में उत्सव का वातावरण रहेगा. सुरुचिपूर्ण भोजन का आनंद लेंगे. कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा. अपने प्रिय को दिल की बात कहकर खुशी महसूस कर सकते हैं. आज बाहर जाने में सावधानी रखें. मौसमी बीमारियों का डर बना रहेगा. आर्थिक दृष्टि से लाभदायक दिन है. आध्यात्म और चिंतन में गहरी रुचि लेंगे. कार्यस्थल पर अपने काम में ध्यान रखेंगे, इससे बड़ा टारगेट पूरा करने में आपको मदद मिलेगी. व्यापार में अतिरिक्त मेहनत से ज्यादा लाभ कमा सकेंगे.
मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 जुलाई, 2025 सोमवार के दिन कुंभ राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आज आपके मन में एकाग्रता का अनुभव होगा. परिणाम स्वरूप मानसिक चिंता का अनुभव करेंगे. कार्यस्थल पर अपना काम पूरा करने में आपका मन नहीं लगेगा. काम के बढ़ते बोझ से आप चिंता में रह सकते हैं. आज धार्मिक कामों के पीछे खर्च होगा. स्वजनों से दूर जाना होगा. कोर्ट-कचहरी के कामों में आज बहुत सावधानी बरतें. किसी से वाद-विवाद हो सकता है. वाणी पर संयम रखें। किसी नए निवेश को लेकर लालच में ना आएं. आज का दिन मिश्रित फलदायक है. विद्यार्थियों के लिए भी समय सामान्य है. गृहस्थजीवन में आपको जीवनसाथी की भावना का भी आदर करना होगा.
भगवान राम या फिर रावण.. कौन था पहला कावड़िया, जिसने किया था भोलेनाथ का जलाभिषेक..यहां जानें मान्यताएं
12 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार: श्रावण मास यानी सावन का महीना शुरू होते ही भगवान शिव के निमित्त कावड़ यात्रा की विधिवत रूप से शुरुआत हो जाती है. हालांकि, इससे करीब एक महीना पहले ही भक्त अपने कंधों पर गंगाजल लेकर जाना शुरू हो जाते हैं. कावड़ में जल भरकर अपनी मनोकामना के अनुसार शिव भक्त यात्रा करते हैं और भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं. शिव भक्त कावड़ियों को देखकर अक्सर मन में यही सवाल सबसे पहले आता है कि कावड़ की शुरुआत कैसे हुई और पहला कावड़िया कौन था?
कौन था पहला कांवड़िया
धार्मिक कथाओं के अनुसार लंकाधिपति महाराजा रावण को पहला कावड़िया बताया जाता है, तो कुछ कथाओं में श्रवण कुमार आदि को पहला कावड़िया बताया गया है. इसकी ज्यादा जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान धर्माचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं की जब कावड़ यात्रा होती है तो सबसे पहले मन में यही सवाल उठता है कि इस यात्रा की शुरुआत कैसे हुई और पहले कावड़िया कौन था जिसने भोलेनाथ का अभिषेक किया था.
धार्मिक ग्रंथो के अनुसार जब भोलेनाथ ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया था तो उनके गले में की जलन को शांत करने के लिए सबसे पहले लंका के महाराज रावण ने कावड़ में गंगाजल भरकर भोलेनाथ का अभिषेक किया था. भोलेनाथ ने महाराजा रावण की सभी मनोकामनाएं बिन मांगे ही पूर्ण कर दी थी.
कुछ के अनुसार परशुराम थे पहले कावड़िया
कुछ धार्मिक कथाओं में विष्णु भगवान के अवतार परशुराम को भी पहला कावड़िया बताया गया है. श्रावण मास में परशुराम ने गढ़मुक्तेश्वर से कावड़ में जल भरकर बिना रुके यात्रा की और उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित पुरा महादेव में भोलेनाथ का अभिषेक किया था. माना जाता है कि इसी समय से कावड़ यात्रा का आरंभ हुआ था.
श्रवण कुमार त्रेता युग में श्रवण कुमार ने अपने अंधे माता-पिता को कावड़ रूप में यात्रा करवाई थी और हरिद्वार से जल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया था कुछ कथाओं के अनुसार श्रवण कुमार के समय से ही कावड़ यात्रा के प्रारंभ होने की जानकारी होती है.
धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान राम थे पहले कांवड़िया
पंडित श्रीधर शास्त्री आगे बताते हैं कि कुछ धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान राम को भी पहला कावड़िया बताया गया है. प्राचीन समय में भगवान राम ने बिहार के सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल भरकर वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया था पौराणिक कथाओं के अनुसार यह भी कावड़ यात्रा की शुरुआत मानी जाती है.
समुद्र मंथन से जुड़ा है कांवड यात्रा
गौरतलब है कि कावड़ यात्रा को लेकर अलग-अलग धार्मिक कथाओं का वर्णन किया गया है. दरअसल, सावन में होने वाली कावड़ यात्रा का संबंध समुद्र मंथन से जुड़ा है. समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को जब भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था तो उससे उनके गले समेत पूरे शरीर में जलन हो गई थी. इसी जलन को शांत करने के लिए उन पर शीतल और पवित्र जल डाला गया था, जिसमें राक्षस राजा रावण, परशुराम, श्रवण कुमार और भगवान राम का वर्णन मिलता है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 12 जुलाई 2025)
12 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आपके किसी कार्य या प्रोजेक्ट को सरकार की तरफ से लाभ हो सकता है. ऑफिस में उच्च पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हो सकती है. व्यापार के काम से कहीं बाहर जाना हो सकता है. काम में अत्यधिक व्यस्त रहेंगे. कुंटुंब के मामलों में रुचि लेकर परिजनों के साथ विचार विमर्श करेंगे. घर की साज-सज्जा के लिए खर्च करेंगे. माता के साथ सम्बंध और प्रगाढ़ होंगे. व्यवसाय में आर्थिक लाभ हो सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन अच्छा है.
वृषभ- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. व्यापारियों के लिए आज का दिन शुभ है. नए काम को शुरू कर सकेंगे. इसके अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे. नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त काम या कोई नया टारगेट मिल सकता है. विदेश में रहने वाले मित्रों या स्वजनों का समाचार आपको भाव-विभोर करेगा. लंबी दूरी की यात्रा की योजना बन सकती है. तीर्थ यात्रा भी संभव हो सकेगी. अत्यधिक काम के बोझ से थकान का अनुभव करेंगे. जल्दबाजी में किए काम से आपको नुकसान हो सकता है.
मिथुन- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. स्वभाव की आक्रामकता के कारण आप अपना नुकसान कर बैठेंगे. स्वास्थ्य अच्छा न हो, तो भी अभी कोई नई चिकित्सा पद्धति नहीं अपनानी चाहिए अथवा ऑपरेशन टालना चाहिए. आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचे, उसका ध्यान रखें. वाणी पर संयम रखेंगे, तो विवाद या मनमुटाव से बच सकेंगे. खर्च अधिक रहेगा. आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है. आपको निराशा अनुभव होगा. दोपहर के बाद नकारात्मकता से दूर रहने की कोशिश करें. व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अभी किसी नई योजना पर कार्य नहीं करें.
कर्क- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. आज का संपूर्ण दिन आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजन से भरा हुआ रहेगा. मित्रों से रोचक भेंट होगी. किसी खास वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं. प्रणय संबंधों में सफलता मिल सकती है. कोई नया रिश्ता भी शुरू हो सकता है. उत्तम भोजन और वाहन सुख के योग हैं. प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. व्यापार के क्षेत्र में भी लाभदायी दिन रहेगा. नौकरीपेशा लोगों का काम आसानी से पूरा हो सकता है. तंदुरस्ती अच्छी रहेगी. आर्थिक लाभ होने के योग बन रहे हैं.
सिंह- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. आज उदासीनता और शंका आपको बेचैन करेंगे. दैनिक काम पूरा होने में थोड़ा समय लगेगा. अधिक परिश्रम करने पर भी निर्धारित फल नहीं मिलेगा. नौकरी में आज संभलकर चलना पड़ेगा. सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा. व्यवसाय में भी अतिरिक्त मेहनत करना होगी. आज ज्यादा लाभ की उम्मीद ना करें. ननिहाल से कुछ चिंताजनक समाचार प्राप्त होंगे. विरोधियों के विरोध का सामना करना पड़ेगा. अधिकारियों के साथ वाद-विवाद ना करें. मन में किसी बात की चिंता रहने से स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव होगा.
कन्या- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. आज आपको किसी भी तरह के विवाद या किसी चर्चा से दूर रहना चाहिए. आपके उग्र स्वभाव के कारण किसी से विवाद होने की आशंका बनी रहेगी. आकस्मिक धन खर्च की संभावना है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा. प्रियजन के साथ हुई मुलाकात से मन आनंदित रहेगा. पेट से संबंधित पीड़ा हो सकती है. व्यवसाय के लिए दिन सामान्य है. नौकरीपेशा लोगों को भी टारगेट पूरा करने में दिक्कत महसूस हो सकती है. स्वास्थ्य की दृष्टि से लापरवाही आपको नुकसान पहुंचा सकती है.
तुला- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज आप मानसिक थकान का अनुभव करेंगे. आज आप कुछ अधिक ही भावुक रहेंगे. मन में उठ रहे विचारों के कारण कुछ परेशान रह सकते हैं. किसी गलत जगह निवेश हो सकता है. माता तथा पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता सताएगी. प्रेमी या प्रेमिका से भी विवाद की आशंका रहेगी. आज आपको कार्यस्थल पर भी मौन ही रहना चाहिए. प्रवास के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है. नींद पूरी नहीं होने से आपको थकान रहेगी. पारिवारिक एवं जमीन-जायदाद के मामलों में सावधानी बरतें. धैर्य के साथ आज का दिन गुजारें.
वृश्चिक- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. नए काम की शुरुआत के लिए आज का दिन शुभ है. दिनभर मन की प्रसन्नता बनी रहेगी. व्यापार बढ़ाने के लिए किसी नए व्यक्ति से मीटिंग हो सकती है. पारिवारिक जीवन खुशियों से भरा रहेगा. भाई-बंधुओं के साथ कोई आवश्यक चर्चा करेंगे. आर्थिक लाभ तथा भाग्यवृद्धि के योग हैं. किसी छोटी यात्रा का आयोजन हो सकता है. दोस्तों के साथ बाहर घूमने में खुशी महसूस होगी. काम में सफलता मिलेगी. निवेश के लिए योजना बना सकेंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन मध्यम है.
धनु- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. आपका मन दुविधा में फंसा रहेगा. वित्तीय मोर्चे पर दिन सामान्य है. अतिरिक्त खर्च से चिंता हो सकती है. परिवार में किसी बात को लेकर किसी से विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के साथ पुराने विवाद फिर उभर सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को काम पूरा नहीं होने से हताशा रहेगी. व्यापार को बढ़ाने या नया कुछ करने संबंधी कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लेना आज आपके लिए बेहतर होगा. घर या व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा. तनाव के कारण अस्वस्थ महसूस करेंगे. ध्यान और मनपसंद संगीत सुनने से आपको काफी रिलेक्स महसूस होगा.
मकर- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज के दिन की शुरुआत भगवान की भक्ति और स्मरण से कर सकेंगे. पारिवारिक वातावरण बहुत अच्छा रहेगा. जीवनसाथी के साथ संबंध सामान्य रहेंगे. कोई पुराना मतभेद दूर होने से खुशी महसूस कर सकेंगे. मित्रों तथा स्नेहियों से मेल-मुलाकात हो सकती है. इससे खुशी अनुभव करेंगे. आपका कामकाज सरलतापूर्वक पूरा होगा. नौकरी या व्यापार में लाभ प्राप्त कर सकेंगे. अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे. आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. हालांकि वाहन चलाने में सावधानी बरतें.
कुंभ- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. पैसे के लेन-देन में आज बहुत ध्यान रखें. आज किसी को भी पैसा उधार देने से बचें. मन में किसी बात का भय रहेगा. इस कारण एकाग्र नहीं रह पाएंगे. स्वास्थ्य की चिंता रहेगी. गलत जगह निवेश की योजना बना सकते हैं. परिवार के सदस्यों के साथ वाद-विवाद हो सकता है. दुर्घटना न हो इसका ध्यान रखना पड़ेगा. प्रेम जीवन में आपको अपने प्रिय की भावना का सम्मान करना होगा. व्यापार-व्यवसाय के लिए आज का दिन सामान्य है. नौकरीपेशा लोगों का काम समय पर पूरा होने में दिक्कत हो सकती है.
मीन- आज चंद्रमा की स्थिति 12 जुलाई, 2025 शनिवार के दिन मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. आप समाज में विशेष प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेंगे. सामाजिक कार्यक्रम में आप भाग ले सकेंगे. आपको मित्रों और बुजुर्गों से अच्छी मदद मिलेगी. कोई नया नेटवर्क बनेगा. नौकरी या व्यवसाय में आपकी आय बढ़ेगी. आपको पत्नी और संतान से भी लाभ होगा. विवाह योग्य जातकों के लिए समय अच्छा है. रिश्ता पक्का होने की संभावना रहेगी. आज आपके प्रवास की योजना भी बन सकती है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय बहुत अच्छा है.
महादेव के किस मंदिर में पूजा से मिलेगी संतान? यहां एक भक्त से पराजित हुए मृत्यु के देवता यमराज, जानें विशेष पूजा का दिन
11 Jul, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में सावन मास का विशेष महत्व है. आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि समाप्त होने के साथ आज 11 जुलाई को श्रावण मास आरंभ हुआ है. ऐसे में शिवनगरी काशी में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो चुकी है. काशी में कई मंदिर हैं, जो विश्व के नाथ और उनके भक्तों के बीच की सुंदर कथा से जुड़े हैं. ऐसा ही एक मंदिर है गंगा-गोमती के पवित्र संगम तट पर बसा मार्कण्डेय महादेव का मंदिर.
साल भर इस मंदिर में ‘हर हर महादेव’ और ‘ओम नम: शिवाय’ की गूंज सुनाई देती है. सावन माह में तो मानो तिल तक रखने की जगह नहीं होती है. कैथी गांव के पास स्थित मंदिर के पास सावन की शुरुआत के साथ मेला भी शुरू है.
इस मंदिर की सबसे खास बात है कि यहां काल या यम के देवता यमराज भी पराजित हो गए थे. मार्कण्डेय महादेव मंदिर की पौराणिक कथा भक्तों में गहरी आस्था जगाती है.
जहां शिव ने की 14 वर्ष के भक्त की रक्षा
धार्मिक कथा के अनुसार, ऋषि मृकण्ड के पुत्र मार्कण्डेय को जन्म दोष था, जिसके अनुसार पृथ्वी पर उनकी आयु मात्र 14 वर्ष थी. उनके माता-पिता ने गंगा-गोमती तट पर बालू से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की कठोर तपस्या की. जब मार्कण्डेय 14 वर्ष के हुए और यमराज उनके प्राण लेने आए, तब भोलेनाथ स्वयं प्रकट हुए. शिव ने यमराज को लौटने का आदेश दिया और कहा, “मेरा भक्त सदा अमर रहेगा और उसकी पूजा मुझसे पहले होगी.”
मार्कण्डेय महादेव मंदिर, जहां मिलता है संतान का वरदान
तभी से यह स्थल मार्कण्डेय महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया. सावन में इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है. यहां त्रयोदशी (तेरस) के दिन विशेष पूजा होती है, जहां भक्त पुत्र प्राप्ति और पति की लंबी आयु की कामना करते हैं. महामृत्युंजय जाप, शिवपुराण, रुद्राभिषेक और सत्यनारायण कथा का आयोजन भी होता है. महाशिवरात्रि पर दो दिनों तक अनवरत जलाभिषेक की परंपरा है.
लंबी होती है संतान की आयु
धार्मिक मान्यता है कि बेलपत्र पर महादेव के आराध्य श्रीराम का नाम लिखकर अर्पित करने से संतान की आयु लंबी होती है और यम का त्रास भी नहीं रहता.
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख मिलता है, जिसके अनुसार, मार्कण्डेय महादेव मंदिर शिव की असीम कृपा का प्रतीक है. मार्कण्डेय ऋषि ने अपनी भक्ति से शिवलिंग स्थापित कर अमरता का वरदान प्राप्त किया था. सावन में कांवड़ियों की भीड़ से काशी की यह शिवनगरी और जीवंत हो उठती है.
शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ाएं या नहीं? इस पर क्या कहते हैं शास्त्र, जान लें ताकि पूजा में न हो कोई विघ्न
11 Jul, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sawan 2025 Shivling Rituals: सावन के पवित्र महीने की शुरुआत हो चुकी है और पहले ही दिन शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. सावन में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकते हैं. शास्त्रों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि शिवलिंग पर अर्पण किए जाने वाले सभी पदार्थ शुद्ध और सात्विक होने चाहिए. कई लोग बाजारों में रहते हैं और उनके पास सिर्फ पैकेट वाला दूध होता है. ऐसे में वे शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध ही अर्पित कर देते हैं. क्या शिवलिंग पर पैकेज्ड दूध चढ़ाना चाहिए?
शास्त्रों के अनुसार पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली हर वस्तु की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है. यह शुद्धता केवल भौतिक ही नहीं, बल्कि सात्विक गुणों से भी जुड़ी होती है. पैकेट वाला दूध कई बार केमिकल प्रोसेस, स्टोरेज और प्रिजर्वेटिव्स से होकर गुजरता है. ऐसे में वह पूरी तरह सात्विक और प्राकृतिक नहीं माना जा सकता है. इससे पूजा में उस दूध की उपयुक्तता पर सवाल उठते हैं. सावन में शिवलिंग पर गाय का ताजा, कच्चा और शुद्ध दूध ही चढ़ाना सबसे उत्तम माना गया है. पैकेट वाला दूध शिवलिंग पर अर्पण करना सही नहीं माना गया है. अगर आपके घर में गाय का दूध उपलब्ध है, तो उसी दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें.
अगर किसी कारणवश शुद्ध देसी गाय का दूध उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और केवल पैकेट वाला दूध ही विकल्प है, तो उसमें भी सावधानी बरतनी चाहिए. सबसे पहले दूध को उबाल लें और ठंडा होने पर उसे भगवान शिव को अर्पित करें. कोशिश करें कि वह दूध किसी तरह से बासी, खट्टा या मिलावटी न हो. धार्मिक क्रियाओं में भावनाएं तो महत्त्वपूर्ण होती ही हैं, लेकिन विवेक और शास्त्र सम्मत आचरण भी आवश्यक है. शिवलिंग पर अर्पण किए जाने वाले पदार्थों की शुद्धता ही पूजा की फलदायकता का आधार होती है. सावधानी बरतने से पूजा भी फलदायी होगी और धार्मिक परंपराओं का सम्मान भी बना रहेगा.
हरियाली अमावस्या कब है? गुरु पुष्य योग समेत बनेंगे 3 शुभ योग, जानें तारीख, मुहूर्त, महत्व
11 Jul, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाली अमावस्या का पावन पर्व सावन माह के कृष्ण पक्ष की आमवस्या को होता है. हरियाली अमावस्या को सावन अमावस्या और श्रावण अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. हरियाली अमावस्या के दिन पौधे लगाना पुण्य फलदायी होता है. इस साल हरियाली अमावस्या के दिन गुरु पुष्य योग समेत 3 शुभ योग बनने वाले हैं. गुरु पुष्य योग को निर्माण और कीमती वस्तुओं की खरीदारी के लिए उत्तम माना जाता है. उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं कि हरियाली अमावस्या कब है? हरियाली अमावस्या का मुहूर्त, शुभ योग और महत्व क्या है?
2025 की हरियाली अमावस्या कब है?
दृक पंचांग के अनुसार, हरियाली अमावस्या के लिए जरूरी सावन कृष्ण अमावस्या तिथि की शुरूआत 24 जुलाई दिन गुरुवार को तड़के 2 बजकर 28 मिनट पर होगी. यह तिथि 25 जुलाई शुक्रवार को 12 बजकर 40 एएम पर खत्म होगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर हरियाली अमावस्या 24 जुलाई को है.
3 शुभ योग में है हरियाली अमावस्या
24 जुलाई को हरियाली अमावस्या के दिन 3 शुभ योगों का निर्माण होने वाला है. हरियाली अमावस्या पर गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे. उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा. इस योग में किए गए कार्य सफल होंगे.
हरियाली अमावस्या पर गुरु पुष्य योग शाम को 4 बजकर 43 मिनट से लगेगा और अगले दिन 25 जुलाई को सुबह 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. जिस गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है, उस दिन गुरु पुष्य योग बनता है. गुरु पुष्य योग में सोना, चांदी, आभूषण, वाहन, मकान आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है. गुरु पुष्य योग में ये कार्य करने से उन्नति लंबे समय तक रहती है.हरियाली अमावस्या के दिन अमृत सिद्धि योग भी शाम 04:43 पी एम से लेकर 25 जुलाई को सुबह 05:39 ए एम तक है. इनके अलावा हर्षण योग प्रात:काल से लेकर सुबह 9 बजकर 51 मिनट तक है. उसके बाद से वज्र योग है. सावन अमावस्या पर पुनर्वसु नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम 04:43 पी एम तक है, उसके बाद से पुष्य नक्षत्र है.
हरियाली अमावस्या के शुभ मुहूर्त
हरियाली अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:15 ए एम से 04:57 ए एम तक है. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 पी एम से दोपहर 12:55 पी एम तक है. विजय मुहूर्त दोपहर 02:44 पी एम से 03:39 पी एम तक और अमृत काल दोपहर 02:26 पी एम से 03:58 पी एम तक है.
सावन अमावस्या को हरियाली अमावस्या क्यों कहते हैं?
सावन माह में बारिश होने की वजह से पूरी धरती हरी-भरी दिखाई देती है. बारिश के कारण पेड़ और पौधों का विकास तेजी से होता है. यह समय पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय में पौधों के सही से लगने की संभावना सबसे अधिक होती है. इस वजह से हरियाली अमावस्या पर लोग पौध रोपण करते हैं. इस अमावस्या पर हरियाली होने की वजह से इसे हरियाली अमावस्या कहा जाता है.
हरियाली अमावस्या का महत्व
हरियाली अमावस्या के दिन आप फलदार पौधों को लगाएं. हरियाली अमावस्या पर आम, कटहल, बेल, आंवला के पौधे लगा सकते हैं. इनके अलावा आप देव वृक्ष की श्रेणी में आने वाले पीपल, बरगद, नीम आदि के पौधे में लगाएं. इससे आपके ग्रह दोष मिटेंगे. जीवन में सुख और शांति आएगी.
इन लोगों को नहीं करना चाहिए सावन सोमवार का व्रत, उज्जैन के आचार्य ने बताया नुकसान
11 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sawan News: 11 जुलाई से सावन शुरू हो गया. इस महीने को भगवान शिव की आराधना का महीना माना जाता है. खासकर शिव भक्तों के लिए यह समय बेहद शुभ होता है. मान्यता है कि सावन में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. इस माह भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई जातक उपाय के साथ व्रत भी करते हैं. खासकर सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है. लेकिन, इसके कुछ ज़रूरी नियम हैं. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि इन लोगों को व्रत भूल से भी नहीं रखना चाहिए.
सावन मे कितने सोमवार व्रत?
सावन का पहला सोमवार : 14 जुलाई को
सावन का दूसरा सोमवार : 21 जुलाई को
सावन का तीसरा सोमवार : 28 जुलाई
सावन का चौथा सोमवार : 04 अगस्त को
इन तीन लोगों को नहीं रखना चाहिए व्रत
शास्त्रों के अनुसार कोई भी व्रत व पूजा रखते समय अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए. यदि कोई व्यक्ति बीमार है या शारीरिक कष्ट झेल रहा है तो उसे भूलकर भी सावन के सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए.
जिन महिलाओं को मासिक धर्म हो रहा है, उनको सावन सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए. मासिक धर्म में स्त्रियों को पवित्र कार्य और पूजा-पाठ से दूर रहना चाहिए. अगर किसी ने 16 सोमवार व्रत का संकल्प लिया है तो वह सोमवार के व्रत कर सकती हैं, लेकिन पूजा की चीजों को हाथ लगाने से बचें.
गर्भवती महिलाओं को भी सावन सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए. क्योंकि, गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य का विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत होती है. ऐसे में भूखे रहना सही नहीं है, इससे पोषण की कमी हो सकती है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन ( 11 जुलाई 2025)
11 Jul, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. आप किसी भी प्रकार के विवादों में ना पड़ें. व्यवसाय में आज पार्टनर के साथ वाणी संयमित रखें. आज भाग्य आपका साथ नहीं देगा. बहुत व्यस्त रहेंगे. किसी नई वित्तीय योजना का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को काम में शीघ्र सफलता भी नहीं मिलेगी, लेकिन दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा. गृहस्थजीवन में भी आनंद बना रहेगा. अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे. योजनानुसार काम करने से आर्थिक लाभ भी मिलेगा. परिजनों के साथ सुखपूर्वक समय गुजारेंगे. स्वास्थ्य के मामले में स्थिति चिंताजनक नहीं है. आज आप अपने प्रिय के साथ रोमांटिक बातचीत में व्यस्त रहने वाले हैं.
वृषभ- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आज आप कुछ ज्यादा ही भावुक रहेंगे. आप अपने प्रिय को कोई सरप्राइज दे सकते हैं. दिन के दूसरे चरण में शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. मन से खुश रहने का प्रयास करें. आज नए काम शुरू ना करें. वाणी पर संयम रखें. खान-पान का ध्यान रखें. बिजनेस में कोई विघ्न आ सकता है. ऑफिस का कोई काम बाकी हो, तो उसे आज पूरा कर लें. आगे व्यस्तता बढ़ सकती है. विरोधियों के साथ उग्र चर्चा हो सकती है. काम में सफलता मिलने में विलंब हो सकता है, धैर्य से काम करें. आर्थिक मामलों में भी आज इनकम के नए सोर्स तलाश सकते हैं.
मिथुन- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज आप मौज-मस्ती में व्यस्त रहने वाले हैं. मनोरंजक कामों में व्यस्त रहेंगे. दोस्तों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. अच्छे खान-पान और अच्छे वस्त्र पहनने में आपकी रुचि रहेगी. प्रेम जीवन में आज का दिन उल्लास से भरपूर रहेगा. अपने प्रिय के साथ समय गुजारने के लिए आज आप पूरी कोशिश करेंगे. दोपहर के बाद आप कुछ अधिक ही इमोशनल बने रहेंगे. इससे मन की व्यथा और बढ़ सकती है. खर्च में वृद्धि होगी. हालांकि आय-व्यय में बैलेंस बना रहेगा. अनैतिक तथा नेगेटिव काम से आज दूर रहें. प्रभु की भक्ति और ध्यान से मन को शांति मिलेगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय थोड़ा कमजोर है.
कर्क- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. व्यवसाय स्थल पर वातावरण अनुकूल रहेगा. पारिवारिक वातावरण भी अनुकूल रहेगा. विरोधियों को लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा. शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थ रहेंगे. नौकरीपेशा लोगों को कोई नया काम मिल सकता है. बौद्धिक चर्चा में अपने टैलेंट को बता पाएंगे. सामाजिक रूप से सम्मान प्राप्त होगा. पार्टनरशिप से भी लाभ होगा. जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे. विद्यार्थियों के लिए दिन सामान्य है.
सिंह- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. प्रणय प्रसंग के लिए आज का दिन अनुकूल है. फिर भी गुस्से पर संयम रखें. पेट से संबंधित रोगों से कोई कष्ट हो सकता है. दोपहर के बाद परिवार में आनंद और उल्लास का वातावरण रहेगा. मानसिक रूप से प्रसन्नता और स्फूर्ति का अनुभव होगा. व्यवसाय में लाभ होने की संभावना है. सहकर्मियों का सहयोग मिलने के बाद आनंद दोगुना हो जाएगा. विरोधी परास्त होंगे. प्रेम जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे.
कन्या- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आज शारीरिक ताजगी का अभाव रहेगा. किसी बात की चिंता से काम में मन नहीं लगेगा. धनहानि होने की आशंका है. क्रोध पर संयम रखें. काम में सफलता नहीं मिलने से निराशा हो सकती है. संतान के विषय में चिंता होगी. प्रवास को टालें. दोपहर के बाद भी स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी. आज का दिन धैर्य के साथ गुजारें. हो सके तो ज्यादातर समय मौन रहें और आराम करें.
तुला- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. नए काम की शुरुआत करने के लिए दिन अच्छा है. प्रिय व्यक्ति के साथ हुई मुलाकात आनंददायी रहेगी. भाग्यवृद्धि का अवसर मिलेगा. सामाजिक रूप से मान-सम्मान प्राप्त होगा. दोपहर के बाद आपके मन पर उदासी छायी रहेगी. किसी बात की चिंता रहेगी. पारिवारिक वातावरण क्लेशमय रहेगा. स्थायी संपत्ति से जुड़े कामकाज में सावधानी बरतें. मां के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है.
वृश्चिक- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. परिजनों के साथ मतभेद की स्थिति आ सकती है. वाणी पर संयम रखना होगा. काम में अपेक्षित सफलता नहीं मिलेगी. मन में किसी बात को लेकर दुविधा रहेगी. काम का भार अधिक रहेगा. दोपहर के बाद किसी बात की खुशी मिल सकती है. मित्रों और स्नेहीजनों के साथ मेल-जोल बढ़ेगा. विरोधियों को पराजित कर सकेंगे. भाग्यवृद्धि का अवसर मिलेगा. व्यापारियों के लिए दिन लाभदायक है. व्यापार बढ़ाने की योजना पर काम कर सकेंगे.
धनु- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज आपको आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं. किसी स्नेहीजन के घर मांगलिक प्रसंग में उपस्थित रहना होगा. किसी मंदिर या धार्मिक जगह पर जाना हो सकता है. दांपत्यजीवन में सुख और आनंद मिलेगा. दोपहर के बाद परिजनों से किसी बात पर कोई विवाद हो सकता है. आपको मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिलने से निराशा होगी. आपका मन किसी एक निश्चित निर्णय लेने की स्थिति नहीं रहेगा.
मकर- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज वाणी पर संयम रखें. क्रोध की मात्रा बढ़ जाने से किसी के साथ उग्र चर्चा या विवाद हो सकता है. मन में चिंता रहेगी. आध्यात्मिकता में रुचि लेने से आपका मन शांत रहेगा. दोपहर के बाद नई स्फूर्ति और उल्लास का अनुभव करेंगे. कोई आपके प्रति आकर्षित हो सकता है. पारिवारिक वातावरण आनंदप्रद और शांत रहेगा. शुभ प्रसंग में जाने का अवसर प्राप्त होगा. वैवाहिक जीवन में आनंद छाया रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय उत्तम है, लेकिन ज्यादा मसालेदार खाने से बचना होगा. आज उधार दिया धन वापस मिलने की उम्मीद है. वित्तीय मोर्चे पर आप ज्यादा तनाव में रहेंगे. नौकरीपेशा लोग टीम को साथ लेकर काम करें.
कुंभ- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आज का दिन लाभप्रद है. सामाजिक क्षेत्र में आप सक्रिय रहेंगे. उसके फलस्वरूप मान प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी. विवाह योग्य युवाओं को अनुकूल जीवनसाथी मिलने के योग हैं. प्रेम जीवन में अपने प्रिय के साथ मुलाकात करके काफी एक्टिव महसूस करेंगे. दोपहर के बाद घर में किसी से विवाद हो सकता है. स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा. थकान के कारण किसी काम में मन नहीं लगेगा. किसी अनावश्यक काम में धन खर्च हो सकता है. हालांकि आप आय बढ़ाने का भी विचार कर सकते हैं. प्रोफेशनल मोर्चे पर अपने काम को जल्द पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे.
मीन- 11 जुलाई, 2025 शुक्रवार को धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. आपके विचारों में आज दृढ़ता नहीं होगी. व्यापार में भागीदारी के काम में लाभ होगा. नौकरीपेशा लोगों का काम समय पर पूरा हो सकेगा. हालांकि काम का अतिरिक्त बोझ आपके पास रहेगा. बिजनेस को बढ़ाने का प्रयास करेंगे. परिवार में सुख-शांति रहेगी. पिता से आर्थिक लाभ मिल सकता है. हालांकि वित्तीय मोर्चे पर आपको आज किसी बात की संतुष्टी नहीं होगी. सामाजिक जीवन में भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. मित्रों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम टालना ही बेहतर होगा. सकारात्मक सोच से स्वास्थ्य और कॅरियर दोनों में स्थिति बेहतर रहेगी.
इस तरह के भक्तों के पास रहते हैं भगवान
10 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किसी भी वस्तु की चेतनता की पहचान इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति के होने से होती है। अगर किसी वस्तु में ये तीनों नहीं होते हैं, तो उसे जड़ वस्तु कहते हैं और इन तीनों के होने से उसे चेतन वस्तु कहते हैं। मनुष्य में इन तीनों गुणओं के होने से उसे चेतन कहते हैं। मनुष्य के मृत शरीर में इनके न होने से उसे अचेतन अथवा जड़ कहते हैं।
प्रश्न यह उठता है कि जो मनुष्य अभी-अभी इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति कर रहा था और चेतन कहला रहा था, वही मनुष्य इनके न रहने से मृत क्यों घोषित कर दिया गया जबकि वह सशरीर हमारे सामने पड़ा हुआ है? आमतौर पर एक डॉक्टर बोलेगा कि इस शरीर में प्राण नहीं हैं। शास्त्रीय भाषा में, जब तक मानव शरीर में आत्मा रहती है, उसमें चेतनता रहती है। उसमें इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहती है। आत्मा के चले जाने से वही मानव शरीर इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहित हो जाता है, जिसे आमतौर पर मृत कहा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार स्वरूप से आत्मा सच्चिदानन्दमय होती है। सच्चिदानन्द अर्थात सत्+चित्+आनंद। संस्कृत में सत् का अर्थ होता है नित्य जीवन अर्थात् वह जीवन जिसमें मृत्यु नहीं है, चित् का अर्थ होता है ज्ञान जिसमें कुछ भी अज्ञान नहीं है और आनंद का अर्थ होता है नित्य सुख जिसमें दुःख का आभास मात्र नहीं है। यही कारण है कि कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, कोई मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और कोई भी किसी भी प्रकार का दुःख नहीं चाहता।
अब नित्य जीवन, नित्य आनंद, नित्य ज्ञान कहां से मिलेगा? जैसे सोना पाने के लिए सुनार के पास जाना पड़ता है, लोहा पाने के लिए लोहार के पास, इसी प्रकार नित्य जीवन-ज्ञान-आनंद पाने के लिए भगवान के पास जाना पड़ेगा क्योंकि एकमात्र वही हैं जिनके पास ये तीनों वस्तुएं असीम मात्रा में हैं। प्रश्न हो सकता है कि बताओ भगवान मिलेंगे कहां? ये भी एक बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है। कोई कहता है भगवान कण-कण में हैं, कोई कहता है कि भगवान मंदिर में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो हृदय में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो पर्वत की गुफा में, नदी में, प्रकृति में वगैरह।
वैसे जिस व्यक्ति के बारे में पता करना हो कि वह कहां रहता है, अगर वह स्वयं ही अपना पता बताए तो उससे बेहतर उत्तर कोई नहीं हो सकता। उक्त प्रश्न के उत्तर में भगवान कहते हैं कि मैं वहीं रहता हूं, जहां मेरा शुद्ध भक्त होता है। चूंकि हम सब के मूल में जो तीन इच्छाएं- नित्य जीवन, नित्य ज्ञान व नित्य आनंद हैं, वे केवल भगवान ही पूरी कर सकते हैं, कोई और नहीं। इसलिए हमें उन तक पहुंचने की चेष्टा तो करनी ही चाहिए।
भगवान स्वयं बता रहे हैं कि वह अपने शुद्ध भक्त के पास रहते हैं। अतः हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए और तुरंत ऐसे भक्त की खोज करनी चाहिए जिसके पास जाने से, जिसकी बात मानने से हमें भगवद्प्राप्ति का मार्ग मिल जाए। साथ ही हमें यह सावधानी भी बरतनी चाहिए कि कहीं वह भगवद्-भक्त के वेश में ढोंगी न हो। स्कंद पुराण के अनुसार भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि कलियुग में ऐसे गुरु बहुत मिलेंगे जो शिष्य का सब कुछ हर लेते हैं, परंतु शिष्य का संताप हर कर उसे सद्माीर्ग पर ले आए ऐसा गुरु विरला ही मिलेगा।
सपने में घोड़ा दिखना सफलता का देता है संकेत
10 Jul, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने केवल रात की कल्पनाएं नहीं होते, बल्कि ये व्यक्ति के भविष्य से जुड़े संकेत भी देते हैं। कई बार हमें सपनों में विभिन्न जीव-जंतु दिखाई देते हैं, जिनका अर्थ समझना आसान नहीं होता। हालांकि, ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र के माध्यम से इन संकेतों की व्याख्या की जा सकती है। ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार के अनुसार, कुछ खास जीवों के सपने भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देते हैं।
यदि कोई व्यक्ति सपने में घोड़ा देखता है, तो यह सफलता और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से दौड़ता हुआ घोड़ा देखने का अर्थ होता है कि व्यक्ति अपने करियर में तेजी से प्रगति करेगा। वहीं, सफेद घोड़ा देखने से करियर में नए अवसर प्राप्त होने की संभावना बढ़ जाती है। यह सपना सकारात्मक बदलाव और उज्जवल भविष्य की ओर इशारा करता है।
ऊंट को भी स्वप्न शास्त्र में शुभ माना गया है। यदि किसी व्यक्ति को सपने में ऊंट दिखाई देता है, तो यह संकेत करता है कि उसे जल्द ही आर्थिक सफलता मिलेगी। ऊंट धैर्य और परिश्रम का प्रतीक है, इसलिए इस सपने का अर्थ है कि कड़ी मेहनत के बाद व्यक्ति को धन और सफलता का लाभ मिलेगा। व्यापार और निवेश से जुड़े लोगों के लिए यह सपना अत्यधिक शुभ माना जाता है।
इसके विपरीत, सपने में चीटियां देखना शुभ संकेत नहीं माना जाता। यदि कोई व्यक्ति सपने में बहुत सारी चीटियां देखता है, तो यह उसके जीवन में कठिनाइयों और परेशानियों के आने की चेतावनी हो सकती है। यह सपना बताता है कि व्यक्ति को अपने कार्यों में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए और आने वाली समस्याओं के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।
सपने में सफेद उल्लू देखना अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। सफेद उल्लू का संबंध बुद्धिमत्ता और समृद्धि से होता है। यदि किसी व्यक्ति को यह सपना आता है, तो इसका अर्थ है कि उसे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे उसके जीवन में आर्थिक प्रगति होगी। यह सपना सफलता के नए अवसरों के आगमन का संकेत भी देता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपनों में दिखने वाले जीवों के संकेतों को समझकर व्यक्ति अपने भविष्य की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगा सकता है और उचित दिशा में कार्य करके अपने जीवन को बेहतर बना सकता है।
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