धर्म एवं ज्योतिष
मां लक्ष्मी की कृपा पाने से ही हमें मिलते हैं सभी सुख और वैभव
16 Oct, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने से ही हमें सभी सुख और वैभव मिलते हैं। दिपावली के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे बेहतर योग होता है। इस समय किये गये इन उपायों से आप मां लक्ष्मी को खुश कर सकते हैं। इससे आप जीवन में धन समृद्धि के साथ ही सभी सुख पा सकते हैं।
.दीपावली पांच दिन का पर्व होता है तो इन पांचों दिन कम से कम एक दीप जरूर जलांए। इसके साथ ही लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए पहले एक मुठ्ठी चावल रखें फिर उसके उपर दीपक रखें इससे आप पर मां लक्ष्मी की कृपा होगी।
दीपावली के दिन सुबह पूजा के समय पीतल या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भर कर,उस मेंथोड़ी हल्दी डाल कर पूजा में रखें। पूजा के बाद इस जल को पूरे घर में झिड़क दें। इस तरह मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेंगी।दीपावली की रात को पूजा करने के बाद सभी कमरों में शंख बजाना चाहिए इस से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
दीपीवली के दिन आप अपनी पत्नी अथवा मां को लाल वस्त्र उपहार में दें मां और पत्नी को पूरा सम्मान दें क्योंकि मां लक्ष्मी भी वहीं कृपा बरसाती हैं जहां घर की लक्ष्मी का सम्मान होता है।दीपावली की रात को कपूर जला कर उसमें शुद्ध रोली डाल दें। फिर उस राख की पुडिया बना कर किसी लाल रूमाल में बांध रख लें. इससे प्रक्रिया को करने से व्यापार में समृद्धि होती है।
भगवान गणेश का करें पूजन
मां लक्ष्मी ने गौरीपुत्र गणेश को प्रथम पूज्य होने का वर देते हुए यह आशीर्वाद दिया था कि उनकी उपासना से मनुष्य पर लक्ष्मी कृपा भी हमेशा बनी रहेगी। ऐसे में दिवाली पूजन में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। मां का आशीर्वाद सदैव बनाएं रखने के लिए आप भगवान गणेश का पूजन उनको प्रिय मंत्रों से करें।
भगवान गणेश की विधिवत पूजा के मंत्र हैं।
श्री गणेश बीज मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः॥
भगवान गणपति की पूजा के दौरान इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें सिंदूर अर्पण करना चाहिए।
सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥
इस मंत्र का जाप करते हुए गौरीपुत्र गणेश को अक्षत(चावल) चढ़ाएं।
अक्षताश्च सुरश्रेष्ठं कुम्कुमाक्तः सुशोभितः।
माया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वरः॥
इस मंत्र का जाप करते हुए श्री गणेश को दूर्वा चढ़ाएं:
त्वं दूर्वेSमृतजन्मानि वन्दितासि सुरैरपि।
सौभाग्यं संततिं देहि सर्वकार्यकरो भव॥
गणपति पूजा में इस मंत्र से भगवान गणेश को यज्ञोपवीत समर्पण करना चाहिए:
नवभिस्तन्तुभिर्युक्तं त्रिगुणं देवतामयम्।
उपवीतं मया दत्तं गृहाण परमेश्वर॥
पुष्प समर्पित करने के लिए यह गणेश मंत्र:
पुष्पैर्नांनाविधेर्दिव्यै: कुमुदैरथ चम्पकै:।
पूजार्थ नीयते तुभ्यं पुष्पाणि प्रतिगृह्यतां॥
गणेश जी को भोग लगाते समय इस मंत्र का जाप करें:
यह गणेश वंदना मंत्र है:
वन्दहुं विनायक, विधि-विधायक, ऋद्धि-सिद्धि प्रदायकम्।
गजकर्ण, लम्बोदर, गजानन, वक्रतुण्ड, सुनायकम्॥
श्री एकदन्त, विकट, उमासुत, भालचन्द्र भजामिहम।
विघ्नेश, सुख-लाभेश, गणपति, श्री गणेश नमामिहम॥
गणेश पूजा के बाद इस मंत्र से भगवान को प्रणाम करना चाहिए:
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय ,
लंबोदराय सकलाय जगध्दिताय।
नागाननाय श्रुतियग्यविभुसिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥
किसी भी कार्य के शुरू में गणेश जी को इस मंत्र से प्रसन्न करना चाहिए:
ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा॥
दीपावली की सुबह करें खास विधि से पूजन
16 Oct, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिवाली पर मान्यता है कि मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं। इस मौके पर आप कुछ खास विधि से पूजन करेंगे तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन संपदा देगी। सुबह उठते ही मां लक्ष्मी को नमन कर सफेद वस्त्र धारण करें और मां लक्ष्मी के श्री स्वरूप व चित्र के सामने खड़े होकर श्री सूक्त का पाठ करें एवं कमल फूल चढ़ाएं। लक्ष्मी पूजन कर 11 कौड़ियां चढ़ाएं। अगले दिन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें इससे धन वृद्धि होती है। लक्ष्मी का पूजन कर उन्हें मालपूए या गुलाबजामुन का भोग लगाकर उसे गरीबों में बांटने से चढ़ा हुआ कर्जा उतर जाता है।
साफ-स्वच्छ कपड़े पहनना और उन्हें करीने से संभाल कर रखने से घर में सकारात्मकता का संचार होता है और देवी लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहती है। घर में साफ-सफाई और रोशनी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे लक्ष्मी आकर्षित होती हैं। इसके विपरित जाले, गंदगी और धूल-मिट्टी फैली हो तो धन की कमी होती है।
हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य द्वार पर ‘श्रीं’ लिखने से लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन देती हैं।
गाय के दूध से श्रीयंत्र का अभिषेक करने के बाद, अभिषेक का जल पूरे घर में छिड़क दें और घर में जहां आपका धन पड़ा हो वहां श्रीयंत्र को कमलगट्टे के साथ धन स्थान पर रख दें। इससे धन लाभ होने लगेगा। शंख में वास्तुदोष दूर करने की अद्भुत क्षमता होती है। जहां नियमित शंख का घोष होता है और सुबह और शाम दोनों समय होता है, वहां के आसपास की हवा भी शुद्ध और सकारात्मक हो जाती है और घर की कलह खत्म होती है। मानसिक शांति प्राप्त होती है। जो लोग अपने जीवन व वास्तु में बदलाव चाहते हैं तो रोजाना सुबह-शाम शंख का घोष अवश्य ही करें।
भगवान गणेश का करें पूजन
मां लक्ष्मी ने गौरीपुत्र गणेश को प्रथम पूज्य होने का वर देते हुए यह आशीर्वाद दिया था कि उनकी उपासना से मनुष्य पर लक्ष्मी कृपा भी हमेशा बनी रहेगी। ऐसे में दिवाली पूजन में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। मां का आशीर्वाद सदैव बनाएं रखने के लिए आप भगवान गणेश का पूजन उनको प्रिय मंत्रों से करें।
भगवान गणेश की विधिवत पूजा के मंत्र हैं।
श्री गणेश बीज मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः॥
भगवान गणपति की पूजा के दौरान इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें सिंदूर अर्पण करना चाहिए।
सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥
इस मंत्र का जाप करते हुए गौरीपुत्र गणेश को अक्षत(चावल) चढ़ाएं।
भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है कार्तिक मास
16 Oct, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कार्तिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इसलिए मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है। इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में आनंद और कृपा की वर्षा होती है। इस महीने में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपार धन देती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ही इस महीने धन त्रयोदशी, दीपावली और गोपाष्टमी मनाई जाती है। इस महीने विशेष पूजा और प्रयोग करके आप आने वाले समय के लिए अपार धन पा सकते हैं और कर्ज तथा घाटे से मुक्त हो सकते हैं।
वैसे तो कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा के लिए दीपावली जैसा बड़ा पर्व मनाया जाता है। फिर भी कार्तिक मास में हर दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय किए जाने चाहिए। कार्तिक मास में रोज रात्रि को भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की संयुक्त पूजा करें। गुलाबी या चमकदार वस्त्र धारण करके उपासना करें। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन के लिए तुलसी की पूजा सबसे उत्तम मानी जाती है और तुलसी के पौधे के रोपण तथा पूजन के लिए सबसे अच्छा महीना कार्तिक का ही होता है।
कार्तिक मास में किसी भी दिन, बेहतर होगा शुरुआत में ही तुलसी का पौधा ले आएं और घर में रोपण करें। अब नित्य सायंकाल इस पौधे के नीचे घी का या तिल के तेल का दीपक जलाएं। सुखद पारिवारिक जीवन और वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करें।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (16 अक्टूबर 2025)
16 Oct, 2025 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- धन लाभ होगा, योजनायें फलीभूत होंगी, कार्य कुशलता से पूर्ण संतोष होगा, कार्य धैर्य से करें।
वृष राशि :- मनोवृत्ति संवेदनशील रहेगी, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, समय स्थिति का ध्यान अवश्य रखें।
मिथुन राशि :- मनोबल उत्सावर्धक रहेगा, व्यवसायिक क्षमता में वृद्धि होगी, कार्य कुशलता से संतोष होगा, कार्य पर ध्यान दें।
कर्क राशि :- कार्य क्षमता में वृद्धि से संतोष होगा, कार्य कुशलता से सफलता मिलेगी, मनोबल उत्सावर्धक होगा।
सिंह राशि :- धन लाभ होगा, आशानुकूल सफलता से हर्ष होगा, कार्य कुशलता पर ध्यान देंगे, परिश्रम से लाभ होगा।
कन्या राशि :- इष्ट मित्रों से मान-प्रतिष्ठा व प्रभुत्व वृद्धि होगी, सोचे कार्य समय पर पूर्ण होंगे, आलस्य से हानि होगी।
तुला राशि :- कुटुम्ब की समस्याओं में धन व्यय होगा, भ्रमणशील स्थिति रहेगी, कार्यगति पर ध्यान देने से कार्य बनेंगे।
वृश्चिक राशि :- आर्थिक योजना पूर्ण होगी, सफलता के साधन जुटायेंगे, इष्ट मित्र सुखवर्धक होगा, कार्य बनेंगे।
धनु राशि :- परिश्रम से धन लाभ होगा, अधिकारियों से मेल-मिलाप होगा जिससे कार्य बनेंगे, कार्य कुशलता से हर्ष होगा।
मकर राशि :- कार्यवृत्ति में सुधार होगा, स्थिति पर नियंत्रण अवश्य ही रखें, स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास होगा, धैर्य अवश्य रखें।
कुंभ राशि :- विशेष कार्य स्थगित रखें, मानसिक विविधता बनेगी, कार्य अवरोध से मन अशांत रहेगा, सावधानी अवश्य रखें।
मीन राशि :- प्रयास से सफलता मिलेगी, इष्ट मित्र सुखवर्धक होगा, दैनिक कार्यगति में सुधार होगा, उत्तम सफलता मिलेगी।
धनतेरस पर प्रदोष व्रत का शुभ संयोग, भोलेनाथ को चढ़ा दें ये चीजें, कदमों में होगी कामयाबी!
15 Oct, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है. इस खास दिन पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव की कृपा से सुख-समृद्धि और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है. एक महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है. इस दिन भगवान शिव समेत उनके पूरे परिवार की आराधना की जाती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस बार का प्रदोष व्रत काफी खास संयोग में आ रहा है क्योंकि इस दिन धन त्रयोदशी यानी धनतेरस का त्योहार भी है. इसी दिन से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का आगमन होता है. साथ ही इस दिन व्रत करके विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान शिव को ऐसी कौन सी वस्तु अर्पित की जाए, जिससे शिव के साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हों.
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष का पहला प्रदोष व्रत और अक्टूबर का अंतिम प्रदोष व्रत 18 अक्टूबर को है. इस दिन त्रयोदशी तिथि दिन में 12 बजकर 20 मिनट पर लगेगी और त्रयोदशी तिथि 19 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 50 मिनट तक समाप्त होगी जबकि धनतेरस के दिन प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय शाम को 5 बजकर 50 मिनट से शाम 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा.
प्रदोष व्रत के दिन जरूर करें यह उपाय
प्रदोष व्रत यानी धनतेरस के दिन शिवलिंग पर तिल अर्पित करने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग का तिल से अभिषेक करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है. वहीं धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है.
गेहूं और धतूरे से शिवलिंग का अभिषेक
प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान शिवलिंग का गेहूं और धतूरे से अभिषेक करना चाहिए. इस दौरान महादेव से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से संतान-सुख की प्राप्ति होती है और महादेव की कृपा प्राप्त होती है. वहीं महादेव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष के दिन शिवलिंग पर लाल चंदन भी अर्पित कर सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है और रुके काम पूरे होते हैं.
धनतेरस पर बन रहा ब्रह्म और बुद्धादित्य योग, इन लोगों की चमक जाएगी तकदीर, पैसों की होगी बारिश!
15 Oct, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दीपावली से दो दिन पहले 18 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा. धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है और इस दौरान शुभ मुहूर्त में लोग कई प्रकार की चीजों की खरीदारी करते हैं. लेकिन इस साल धनतेरस के दिन विशेष योग बनने वाला है. जिससे धनतेरस के दिन लोगों पर विशेष कृपा बरसने वाली है. इस दिन विशेष संयोग बन रहे हैं, जिससे लोगों के जीवन में कई सारे फायदे होने वाले हैं.
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस साल धनतेरस के दिन विशेष योग का निर्माण हो रहा है. उन्होंने कहा कि धनतेरस को धन, वैभव, सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक पर्व माना जाता है. इस बार धनतेरस पर ब्रह्म योग और बुद्धादित्य योग का निर्माण हो रहा है. धनतेरस के दिन बनाने वाले इन दोनों योग से सभी राशि के जातकों को बड़ा फायदा पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि इस बार धनतेरस का त्योहार शनिवार को मनाया जा रहा है. जिस कारण धनतेरस के दिन शनि देव की भी कृपा लोगों पर बरसने वाली है. उन्होंने बताया कि बुद्धादित्य योग के कारण कई राशि के जातकों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं. उन्होंने बताया की धनतेरस के दिन तुला राशि में बुद्धादित्य योग का निर्माण होगा. यह योग करियर में तरक्की दिलाने वाला भी होगा.
इन तीन राशियों की बदल जाएगी किस्मत
उन्होंने बताया कि धनतेरस के दिन बनने वाले बुद्धादित्य राजयोग के कारण तुला राशि, कर्क राशि और मकर राशि के जातकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आएगा. उन्होंने कहा कि तुला राशि के लिए यह योग बड़ा सकारात्मक होगा. अविवाहित लोगों को रिश्ते का प्रस्ताव आ सकता है और लंबे समय से रुका हुआ काम बन सकता है. तुला राशि के जातकों को मान सम्मान की प्राप्ति होगी. कर्क राशि के जातकों को इस योग से भौतिक सुख और प्रॉपर्टी की प्राप्ति हो सकती है. आप धन की बचत कर पाएंगे और आपके करियर के क्षेत्र में नए मौके मिलने वाले हैं. व्यापार में भी लाभ की संभावना बन रही है.
मकर राशि को भी होने वाला है बड़ा फायदा
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि बुद्धादित्य राजयोग के कारण मकर राशि को भी इस धनतेरस बड़ा फायदा हो सकता है. बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं. मकर राशि के जातकों का कोई बड़ा प्रोजेक्ट इस समय शुरू हो सकता है. जिससे आपको भविष्य में बड़ा फायदा होने वाला है. अगर आप किसी जगह नौकरी करते हैं तब आपको वहां नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है. पारिवारिक और दांपत्य जीवन में भी काफी खुशियों का आगमन हो सकता है.
दीवाली से पहले पड़ रही रमा एकादशी, जानें आपकी राशि के लिए क्या है उपाय
15 Oct, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. सालभर में 24 एकादशी आती हैं. हर माह में दो बार एकादशी होती हैं. मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. वहीं कार्तिक का यह माह बहुत ही पवित्र माना गया है. ऐसे में कार्तिक मास की एकादशी का खास महत्व होता है. कुछ ही दिनों बाद 17 अक्टूबर को रमा एकादशी आने वाली है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायक होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन किए गए राशि अनुसार उपायों से सालभर लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहती है.
1. मेष राशि के जातकों को रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लाल रंग का फूल अर्पित करना चाहिए.
2. वृषभ राशि के जातकों को रमा एकादशी के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन सफेद चीजों का दान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
3. मिथुन राशि के जातकों को इस दिन हरे रंग के वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए. इससे हरि नारायण प्रसन्न होते हैं.
4. कर्क राशि के जातकों को रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खीर का भोग अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि खीर का भोग अर्पित करने से घर में खुशियां आती हैं.
5. सिंह राशि के जातकों को एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए. इसके साथ ही खुद भी पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं.
6. कन्या राशि के जो जातक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उन्हें रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए सफेद मिठाई के साथ केसर अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सालभर सुख-शांति बनी रहेगी और माता लक्ष्मी का वास होगा.
7. तुला राशि के जातकों को इस दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है, साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है.
8. वृश्चिक राशि के जातक नौकरी-व्यापार में तरक्की पाने के लिए इस दिन गुड़ का दान अवश्य करें. इससे नारायण की कृपा हमेशा बनी रहेगी.
9. धनु राशि के जातक रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए पीले वस्त्र और पीले चंदन का दान करें. साथ ही पीले फल का भी दान करें.
10. मकर राशि के जातक रमा एकादशी के दिन जगत के पालनहार को दही और इलायची का भोग अर्पित करें. इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.
11. कुंभ राशि के जातक रमा एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं.
12. मीन राशि के जातकों को रमा एकादशी के दिन गरीबों की सेवा करनी चाहिए, साथ ही उन्हें दान आदि भी देना चाहिए. मीन राशि वाले भगवान विष्णु को मिश्री का भोग लगाएं.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 अक्टूबर 2025)
15 Oct, 2025 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- भाग्य का सितारा साथ देगा, इष्ट मित्र सहयोगी होंगे, रुके कार्य अवश्य ही बनेंगे ध्यान दें।
वृष राशि :- इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, मनोबल बनाये रखें, रुके कार्य सूझ-बूझ से बना लें, कार्य पर ध्यान अवश्य दें।
मिथुन राशि :- इष्ट मित्रों से परेशानी होगी, कष्ट होगा, मानसिक अशांति से कार्य में बाधा बनेगी, धैर्य अवश्य रखें।
कर्क राशि :- मान-प्रतिष्ठा व प्रभुत्व वृद्धि होगी, स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास व समृद्धि के साधन बनेंगे, सुख मिलेगा।
सिंह राशि :- कार्यगति अनुकूल रहेगी, सामाजिक कार्यों में प्रभुत्व वृद्धि होगी, साधन-सम्पन्नता के योग बनेंगे ध्यान दें।
कन्या राशि :- कुटुम्ब की परेशानी से चिन्ता व व्याग्रता रहेगी, उद्विघ्नता से बचें, कार्य अवरोध संभव है, शांत मन से कार्य करें।
तुला राशि :- धन हानि होगी, मानसिक कष्ट होगा, शारीरिक बेचैनी तथा व्यर्थ भ्रमण में समय व धन नष्ट होगा, अपव्यय से बचें।
वृश्चिक राशि :- इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, अधिकारी वर्ग से लाभ होगा, समर्थन फलप्रद रहेगा, कार्यगति पर ध्यान अवश्य दें।
धनु राशि :- कार्य कुशलता से संतोष होगा, दैनिक समृद्धि के साधन बनेंगे, समय का ध्यान रखें, कार्यगति का ध्यान रखें।
मकर राशि :- दैनिक कार्यगति में सुधार होगा, योजना फलीभूत होगी, रुके कार्य परिश्रम से बनेंगे, कार्य योजना पर ध्यान दें।
कुंभ राशि :- विशेष कार्य स्थगित रखें, मानसिक विभ्रम रहेगा किन्तु उद्विघ्नता से बचिये, समय को ध्यान में रखकर आगे बढ़ें।
मीन राशि :- कार्य विफलत्व से हानि, प्रयत्न करने पर भी सफलता दिखाई न दे, कार्य अवरोध होगा, सावधानी अवश्य रखें।
दिवाली पर करें नारियल से जुड़ा यह चमत्कारी उपाय, आर्थिक तंगी हो जाएगी खत्म, सालभर होगी धनवर्षा!
14 Oct, 2025 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सनातन धर्म में दीपावली के पर्व को लेकर बेसब्री से इंतजार भी रहता है. दीपावली के दिन लोग अपने घरों में दीप जलाकर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करते हैं. तो इस दिन रात्रि में माता लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए कुछ लोग उपाय भी करते हैं. कहा जाता है कि दीपावली के दिन किया गया उपाय पूरे साल बरकत देता है .ऐसी स्थिति में दीपावली की मध्य रात्रि अगर आप ज्योतिष शास्त्र द्वारा बताए गए कुछ खास उपाय करते हैं, तो ऐसा करने से धन की देवी माता लक्ष्मी पूरे साल प्रसन्न रहेगी और आर्थिक तंगी से भी मुक्ति मिलेगी तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं.
दरअसल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीपावली के दिन अगर आप नारियल से जुड़े कुछ खास उपाय करते हैं, तो ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है. दीपावली की रात्रि में जटा वाले नारियल से उपाय करने से धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और पूरे साल धन की कोई कमी नहीं होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन लक्ष्मी गणेश की प्रसन्नता के लिए नारियल से जुड़े उपाय करने चाहिए तो अयोध्या के ज्योतिषी से जानते हैं सब कुछ.
दरअसल अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम ने बताया कि दीपावली में जहां तमाम सनातन धर्म को मानने वाले लोग माता लक्ष्मी की अनुकूलता और प्रसन्नता के लिए अनेक प्रकार के उपाय करते हैं. वहीं इस दिन एक छोटा सा उपाय जरूर करना चाहिए. अगर यह उपाय कर लिया तो पूरे वर्ष धन स्वरूप का आगमन होता रहेगा. दीपावली से एक दिन पहले हवन में रखने वाला जटा नारियल लेकर आएं.
दीपावली के दिन ब्रह्म मुहूर्त में जब बिस्तर से उठें और आंख खोले बिना किसी से कुछ कहे अपने घर के समीप सरोवर तालाब अथवा नदी में उस नारियल को चुपचाप लेकर जाना चाहिए. एक कोने में दबाकर पानी में रखना चाहिए और नारियल को रखते समय प्रार्थना करें कि माता लक्ष्मी के साथ आपको लेने आएंगे. ऐसी प्रार्थना सरोवर तालाब के पास करनी चाहिए .
दीपावली के दिन सूर्यास्त के समय एक लाल कपड़ा लेना चाहिए. फिर उसी जगह पर जाना चाहिए. जहां आपने नारियल को रखा था इस नारियल को सरोवर तालाब अथवा नदी से निकालकर लाल कपड़े में रखना चाहिए. पवित्र नदियों से उस नारियल को स्नान कराना चाहिए. तिलक लगाएं फिर धूप दीप से आरती कर विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. उसके बाद प्रातः काल उस नारियल को धन वाले स्थान पर रखना चाहिए.
इस बात का ध्यान रहे कि नारियल ले जाते समय और लाते समय किसी से वार्ता ना करें. ऐसा करने से पूरे वर्ष धन आगमन में वृद्धि होती रहेगी आर्थिक तंगी से भी मुक्ति मिलेगी.
धनतेरस पर क्या खरीदें? दिवाली पर घरों को रंगोली से क्यों सजाते हैं? जानिए दीपावली से 10 सवाल-जवाब
14 Oct, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रकाश पर्व दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है. इस त्योहार को सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बसे हिंदू, जैन और सिख समुदाय मनाते हैं. यह अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है. यह त्योहार एक दिन का नहीं, बल्कि पूरे 5 दिनों तक चलता है. इसकी शुरुआत धनतेरस के साथ होती है. इसके बाद नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), मुख्य दीपावली, गोवर्धन पूजा और अंत में भाई दूज आता है. हर दिन का अपना विशेष महत्व और पौराणिक कहानी है.
दिवाली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं. हिंदू इसे भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है. कुछ क्षेत्रों में यह देवी लक्ष्मी के जन्म और भगवान विष्णु से उनके विवाह का प्रतीक है. जैन धर्म में यह भगवान महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में और सिख धर्म में बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस साल दिवाली का मुख्य त्योहार 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा. जानिए दिवाली से जुड़े 10 सवाल-जवाब.
दिवाली से जुड़े 10 सवाल-जवाब
दिवाली पार्टी या अपनी जनरल नॉलेज को बेहतर बनाने के लिए आपको दिवाली से जुड़े खास फैक्ट्स पता होने चाहिए. जानिए दीपावली से जुड़े 10 सवाल और जवाब.
जवाब: मुख्य रूप से, दिवाली भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है, अयोध्या के लोगों ने उनके स्वागत में घी के दीये जलाए थे, जिससे अंधेरी रात रोशन हो गई थी.
2. दिवाली का शाब्दिक अर्थ क्या है?
जवाब: ‘दीपावली’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘दीप’ (दीया/रोशनी) और ‘आवली’ (पंक्ति). इस तरह से दीपावली का शाब्दिक अर्थ है ‘दीयों की पंक्ति’ (Row of Lamps).
3. दिवाली का त्योहार कितने दिनों तक चलता है?
जवाब: दिवाली का त्योहार लगातार 5 दिनों तक चलता है. ये पांच दिन हैं: धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज.
4. दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है?
जवाब: माना जाता है कि दिवाली की रात देवी लक्ष्मी (धन और समृद्धि की देवी) पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं. लोग उन्हें अपने घरों में आमंत्रित करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पूजा करते हैं. इससे उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
5. धनतेरस पर कौन सी चीज खरीदना शुभ माना जाता है?
जवाब: धनतेरस के दिन सोना, चांदी या बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजों में 13 गुना वृद्धि होती है.
6. छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) क्यों मनाई जाती है?
जवाब: नरक चतुर्दशी के दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था और 16,000 बंदी बनाई गई राजकुमारियों को मुक्त कराया था. यह दिन बुराई पर श्रीकृष्ण की जीत का प्रतीक है.
7. सिख धर्म में दिवाली को किस नाम से और क्यों मनाया जाता है?
जवाब: सिख धर्म में दिवाली को ‘बंदी छोड़ दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. इस दिन छठे गुरु हरगोबिंद सिंह जी 52 राजाओं के साथ ग्वालियर किले से रिहा हुए थे.
8. दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा क्यों होती है?
जवाब: गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को तोड़ने और गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को भारी बारिश से बचाने की याद में मनाई जाती है.
9. दिवाली पर घरों को रंगोली से क्यों सजाया जाता है?
जवाब: रंगोली को स्वागत का प्रतीक माना जाता है. इसे देवी लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं को घर में आने के लिए आमंत्रित करने के लिए बनाया जाता है. यह कलाकृति शुभता और पॉजिटिव एनर्जी का प्रतीक है.
10. दिवाली और नए साल का संबंध क्या है?
जवाब: गुजरात और मारवाड़ी समुदायों में दिवाली के अगले दिन को गुजराती नया साल (बेस्तु वर्ष) माना जाता है. इस दिन व्यापारी अपना पुराना खाता बंद करके नई बहियां (खाते की किताबें) शुरू करते हैं.
मंगलवार को शुभ योग का संयोग, हनुमान की विशेष पूजा से दूर होंगे सारे कष्ट, शाम के समय जरूर करें यह काम
14 Oct, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मंगलवार को आडल योग और सिद्ध योग का संयोग पड़ रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. मंगलवार को रामभक्त हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्ट व परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. मंगलवार के दिन का व्रत रखकर हनुमानजी को चोला और सिंदूर अर्पित करने से साहस, बल, ज्ञान और शक्ति में वृद्धि होती है और भय, रोक, भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है. आइए जानते हैं मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा का महत्व और पूजा विधि.
मंगलवार 2025 का पंचांग
द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 3 से शुरू होकर 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. अष्टमी का समय 13 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 14 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. मंगलवार को कोई विशेष त्योहार या व्रत नहीं है, लेकिन मंगल ग्रह के नियंत्रक के लिए जातक मंगलवार का व्रत रख सकते हैं. इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे. इस दिन सिद्ध योग और साध्य योग बन रहा है. साथ ही चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र से होते हुए पुष्य नक्षत्र में संचार करेंगे.
हनुमानजी की पूजा का महत्व
स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि मंगलवार के दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था, जिस वजह से इस दिन उनकी पूजा का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. रामभक्त हनुमान को मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर हो जाती हैं. साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित बाधाएं भी समाप्त होती हैं.
हनुमानजी की पूजा विधि
इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें. फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं. हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर बजरंगबली की आरती करें. इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें. शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है. इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है. इस पावन दिन पर हनुमान जी की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें.
संतान की होगी प्राप्ति! तो छठ पूजा में करें यह खास उपाय, जल्दी ही भर जाएगी गोद
14 Oct, 2025 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आस्था महापर्व कहे जाने वाले छठ पूजा की शुरुआत जल्द होने वाली है. महापर्व में पूरे प्राकृतिक रूप से साक्षात भगवान की पूजा आराधना की जाती है. छठ की महिमा बहुत ही अपरंपार है. छठ व्रत के प्रभाव से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. छठ व्रत बहुत ही कड़े नियमों का व्रत होता है. यह त्योहार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि आरंभ होता है और कार्तिक शुक्ल पक्ष के सप्तमी के सूर्योदय के साथ यह व्रत समाप्त होता है. इस व्रत को अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों मिलकर करते हैं. इस व्रत को करने वालों को कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है. वहीं कई ऐसी महिलाएं हैं जो संतान की प्राप्ति चाहती हैं. वैसी महिलाएं अगर छठ पूजा में यह उपाय कर लें तो उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण हो जाएंगी. क्या उपाय है जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से?
छठ महापर्व में स्वछता और सात्विक का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. पूरे सच्चे मन से छठ पूजा में पूजा आराधना करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से शुरु होने वाले इस पर्व को देश भर के साथ-साथ दुनिया के कई हिस्सों में मनाया जाता है. इस व्रत को मुख्य तौर पर घर के सुख समृद्धि और संतान के सुख, संतान की सलामती और विकास के लिए रखा जाता है. इसके साथ ही अगर संतान में देरी हो रही है तो छठ पूजा में उपाय कर सकते हैं.
संतान में हो रही देरी तो क्या करें उपाय
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि छठ पूजा के दिन व्रती संतान सुख, रक्षा, समृद्धि के साथ ही घर परिवार की सुख समृद्धि के लिए 36 घंटे के निर्जला उपवास पर रहती हैं. जो महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति चाहती हैं वो भी जहां छठ हो रहा है वहां व्रती की तरह रहे. फिर जिस दिन पहला अर्घ पड़ेगा उस दिन व्रती स्थान से छठ घाट तक दंड देते-देते जाए और पानी में हाथ जोड़ खड़ी रहे और भगवान सूर्य से संतान की प्राप्ति की मनोकामना करें. अगले दिन भी यही कार्य करना है, छठ मां की कृपा से मनोकामना जल्द पूरी होगी.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (14 अक्टूबर 2025)
14 Oct, 2025 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- कार्य कुशलता से संतोष होगा, समृद्धि के योग फलप्रद रहेंगे, उत्साह से कार्य बनेंगे, धैर्य से कार्य अवश्य करें।
वृष राशि :- कार्य तत्परता से कार्य होंगे, इष्ट मित्र सुखवर्धक होगा, रुके कार्य ध्यान देने से बनेंगे, आलस्य से हानि।
मिथुन राशि :- व्यवसायिक क्षमता में वृद्धि होगी, कार्य कुशलता से संतोष होगा, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे।
कर्क राशि :- वाहन सोच-समक्षकर चलायें अन्यथा हानि संभव है, मानसिक विभ्रम से भय, मन में क्लेश व अशांति रहेगी।
सिंह राशि :- समय अनुकूल नहीं विशेष कार्य स्थगित रखें, लेन-देन के मामले में हानि होगी, सावधानी से कार्य करें।
कन्या राशि :- आकस्मिक विभ्रम के कारण किसी आरोप में फंस सकते हैं, सतर्कता से कार्य करें, सावधानी आवश्यक है।
तुला राशि :- भाग्य का सितारा प्रबल होगा, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे, कार्य कुशलता से संतोष होगा ध्यान दें।
वृश्चिक राशि :- कार्य कुशलता से संतोष होगा, कार्य योजना फलीभूत होगी, समय पर कार्य करने से लाभ अवश्य होगा।
धनु राशि :- धन लाभ होगा, सफलता के साधन जुटायेंगे, आशानुकूल सफलता से हर्ष होगा, अवसरों का लाभ लें।
मकर राशि :- आरोप-प्रत्यारोप से क्लेश संभव है, धन लाभ होगा, आशानुकूल सफलता से हर्ष होगा, कार्यगति पर ध्यान दें।
कुंभ राशि :- इष्ट मित्र सुखवर्धक होगा, स्त्री शरीर कष्ट, असमंजस से मन विचलित रहेगा, व्यर्थ की बातों से बचें।
मीन राशि :- इष्ट मित्र सहायक रहेगा, दैनिक कार्यगति अनुकूल रहेगी, कार्य अवश्य पूर्ण करें, समय का ध्यान रखें।
दिवाली पर करें ये उपाय, भर जाएगी तिजोरी, जीवन भर पास नहीं आएगी पैसों की तंगी
13 Oct, 2025 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में होने वाले खास पर्वों में दीपावली सबसे खास होता है. हिंदू धर्म के लोग दीपावली का सालभर इंतजार करते हैं. आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए इस दिन शास्त्रों में वर्णित कुछ खास उपाय से धन का अभाव खत्म हो जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दीपावली के दिन धन की देवी लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा आराधना की जाती है जिससे जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है. दीपावली का पर्व कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में दीपावली की शाम को झाड़ू, चांदी का हाथी और देवी लक्ष्मी का प्रतीक कौड़ियों के उपाय करने से धन संबंधी सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं.
ये देवी लक्ष्मी का प्रतीक
दीपावली पर कौन से उपाय करने से धन की समस्या खत्म होगी, इस बारे में हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि दीपावली के दिन धन की देवी और रिद्धि सिद्धि के दाता की पूजा अर्चना की जाती है. इस दिन जहां दीप जलाकर अंधकार दूर भागता है औरघर में धन का आगमन होता है. पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी के प्रतीक सफेद रंग की कौड़ियों को दीपावली के पूजा स्थान पर रखकर माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा करें. उनके मंत्रों का जाप करें. इसके बाद सभी कौड़ियों को एक लाल वस्त्र में बांध दें. लाल रंग के वस्त्र में बंधी कौड़ियों को अपने धन वाले स्थान पर रखने से धन का अभाव खत्म हो जाता है. जीवन भर आर्थिक तंगी नहीं होती है.
इसे भी तिजोरी में रख दें
हिंदू धर्म में हाथी को शुभता और सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. अश्विन नवरात्रि के दिनों में देवी मां हाथी पर विराजमान होकर स्वर्गलोक से आई थीं. दीपावली के दिन लक्ष्मी गणेश की पूजा के समय चांदी का एक ठोस हाथी पूजा के स्थान पर रखकर मंत्रों का जाप करें. पूजा पूरी होने के बाद हाथी को अपने धन वाले स्थान या अपनी तिजोरी में रख दें. ऐसा करने से धन प्राप्ति में आ रही सभी रुकावटें खत्म हो जाएंगी. इसके अलावा, अशोक का पेड़ की जड़ को गंगाजल में शुद्ध करके दीपावली की पूजा वाले स्थान पर रख दें और देवी मां की पूजा करें. पूजा पूरी होने के बाद जड़ को लाल वस्त्र में लपेटकर अपने पूजा स्थल या तिजोरी में रखने से अक्षय धन की प्राप्ति होती है. हिंदू धर्म में अशोक का पेड़ आरोग्यता और धन प्राप्ति के लिए खास होता है.
इस दिवाली जरूर घर लाएं ये 5 चीजें, लक्ष्मी जी खुद चलकर आएंगी आपके द्वार, धन-धान्य से भर जाएगा घर
13 Oct, 2025 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दीपावली का पर्व आते ही पूरे देश में उत्साह का माहौल दिखाई देने लगता है. रोशनी का यह त्योहार सनातन धर्म में सबसे प्रमुख माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे और उनके स्वागत में पूरी नगरी दीपों से जगमगा उठी थी. तभी से यह पर्व हर साल अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है.
दीपावली पर विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इनकी उपासना करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन कुछ खास वस्तुएं खरीदना अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है.
दीपावली की तारीख का महत्व
अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार इस वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को पड़ रही है और इसी दिन दीपावली का पर्व मनाया जाएगा. यह दिन धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति के लिए सबसे शुभ माना गया है.
दीपावली पर क्या खरीदना है शुभ
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि दीपावली पर कुछ वस्तुओं की खरीदारी करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है.
इस दिन झाड़ू, दीपक, नारियल और माता लक्ष्मी-भगवान गणेश की प्रतिमाएं घर लाना अत्यंत शुभ होता है. झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए दीपावली पर नया झाड़ू लाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
नारियल से दूर होती है आर्थिक तंगी
ज्योतिषाचार्य के अनुसार दीपावली के दिन घर पर नारियल लाना बहुत शुभ होता है. नारियल को तिजोरी या घर के पूजास्थल के पास रखने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है. माना जाता है कि इससे पूरे साल धन की कमी नहीं रहती.
दीपक जलाने का महत्व
दीपावली को रोशनी का पर्व इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. घर में सुख-शांति बनी रहती है और माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं.
लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा खरीदना क्यों जरूरी
इस शुभ अवसर पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा खरीद कर घर लाना बहुत शुभ माना गया है. उनकी विधिवत पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और परिवार में खुशहाली आती है.
दीपावली पर झाड़ू खरीदने का भी खास महत्व
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. इस दिन नया झाड़ू खरीद कर घर में रखने से न केवल घर की सफाई होती है, बल्कि धन की बरकत भी बनी रहती है. कहा जाता है कि दीपावली के दिन झाड़ू खरीदने से साल भर मां लक्ष्मी का वास घर में रहता है. दीपावली सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि शुभता और समृद्धि का त्योहार है. इस दिन की गई सही खरीदारी और सच्चे मन से की गई पूजा आपके जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली लेकर आती है.
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