व्यापार
सोना प्रति 10 ग्राम 556 रूपए सस्ता
7 Jan, 2025 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 556 रुपए घटकर 76,948 रुपए पर आ गया है। शुक्रवार को इसके दाम 77,504 रुपए प्रति दस ग्राम थे। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 553 रुपए बढक़र 87,568 रुपए प्रति किलो हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 88,121 रुपए प्रति किलो थी। पिछले साल सोना 30 अक्टूबर को 79,681 प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुका है। वहीं, चांदी 23 अक्टूबर 2024 को अपने ऑल टाइम हाई 99,151 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी।
एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी को मिली 1,000 मेगावॉट की सौर परियोजना
6 Jan, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से 1,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना हासिल कर ली है। एनटीपीसी आरईएल ने 2.56 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर पर 1,000 मेगावाट क्षमता की परियोजना प्राप्त की है। अभी कंपनी को यूपीपीसीएल से इस परियोजना के आवंटन पत्र का इंतजार है। एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल), एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। यह यूपीपीसीएल द्वारा आयोजित ई-रिवर्स नीलामी में सफल बोलीदाता के रूप में उभरी है। इस नीलामी का उद्देश्य शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के जरिये भारत में 2,000 मेगावाट आईएसटीएस-कनेक्टेड सौर पीवी बिजली परियोजनाओं की स्थापना को सौर ऊर्जा डेवलपर का चयन करना था।
निफा ग्रुप ने 180 करोड़ की विस्तार योजना बनाई
6 Jan, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी निफा ग्रुप ने अपनी 65वीं वर्षगांठ पर एक निवेश रणनीति पेश की। इसमें अगले दो वर्षों में भारत में परिचालन के लिए 180 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विस्तार योजनाओं के तहत कंपनी ने एक अमेरिकी कंपनी का अधिग्रहण करने की अपनी योजना की घोषणा की, जिससे उसके सबसे बड़े बाजार में निकटवर्ती उपस्थिति मजबूत होगी तथा ‘चीन प्लस वन’ रणनीति का लाभ उठाया जा सकेगा। निफा ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि हम इस क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध हैं। पश्चिम बंगाल में दानकुनी और चंदननगर में दो नई परियोजनाएं तथा फाल्टा में एक विस्तार परियोजना संभावित रोजगार अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हमारे 2,000 से अधिक कर्मचारी और सात परिचालन इकाइयां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिग्रहण के लिए बातचीत चल रही है। कंपनी भारत से 30 से अधिक देशों को उत्पाद निर्यात करती है।
बंधन बैंक का तिमाही परिणाम 15 फीसदी बढ़ा
6 Jan, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । निजी बैंकिंग कंपनी बंधन बैंक ने अपने वित्त साल की तिसरी तिमाही के लिए रिजल्ट जारी कर दिया है। बैंक ने दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में विभिन्न सेक्टर में दरों और आंकड़ों में वृद्धि की जानकारी जारी की है। इस तिमाही में बैंक ने लोन और एडवांस में सालाना 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे यह आंकड़ा 1,33,285 करोड़ तक पहुंच गया है। यह एक प्रासंगिक वृद्धि है जो बैंक की समृद्धि को साबित करती है। साल दर साल तिमाही आधार पर बैंक की कुल जमा राशि में 20.1 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो सुझाव देती है कि बैंक की व्यापक वित्तीय सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। बैंक के सीएएसए जमा में भी 5.5 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो एक सकारात्मक चिन्ह है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बैंक की वित्तीय सेवाओं में विश्वासनीयता और सुविधा है। बंधन बैंक की सीएएसए रेश्यो अब 31.7 फीसदी है, जो एक साल पहले की स्थिति की तुलना में कम है।
दाल-अनाज की खपत पांच फीसदी घटी
6 Jan, 2025 08:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय परिवारों की खर्च प्राथमिकता में पिछले 12 वर्षों में काफी बदलाव आया है। नवीन रिसर्च रिपोर्ट से पता चलता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दालों और अनाज की खपत पांच फीसदी से अधिक घटी है। लोग अब खाद्य की बजाय गैर-खाद्य पदार्थों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। रिपोर्ट दर्शाती है कि साफ-सफाई और खूबसूरत दिखने के सौंदर्य प्रसाधनों पर लोग ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। कपड़े, जूते जैसी चीजों पर खर्च कम हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह रुझान आर्थिक विकास और जीवनशैली में बदलाव की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों पर व्यय तेजी से घट रहा है जबकि शहरी क्षेत्रों में यह तेजी से नहीं। पिछले 12 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 5.86 फीसदी अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट है कि भारतीय परिवारों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं, जिसमें खाद्य की खपत कम होने के साथ-साथ गैर-खाद्य पदार्थों पर ध्यान बढ़ रहा है।
टाटा संस एयर इंडिया को अव्वल दर्जे की एयरलाइन बनाने के लिए प्रतिबद्ध
5 Jan, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया को ग्लोबल एयरलाइन के रूप में उच्च स्तर पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ने 2022 में एयर इंडिया का एकाधिकार हासिल किया था। चंद्रशेखरन एनआईटी त्रिची के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां एयर इंडिया के उपयोगकर्ताओं को एक श्रेष्ठ अनुभव देने की कामना की। चंद्रशेखरन ने कहा, मेरी प्रतिबद्धता है कि हम एयर इंडिया को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइनों में शामिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। हम पूरी कोशिश करेंगे कि उड़ान का अनुभव, ग्राहक सेवा, तकनीकी उन्नति और समर्थन सभी मानकों को पूरा करें। उन्होंने मौजूदा दर्शकों से उम्मीद की कि वे एयर इंडिया के ऑर्डर का पालन करने के बारे में बोइंग और एयरबस से अनुरोध करें। एयर इंडिया समूह ने कुल 470 विमानों का ऑर्डर दिया है। टाटा संस ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगभग 18 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है और इसमें बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि हमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक पारिस्थितिकी तंत्र को स्थापित करने की दिशा में अग्रसर होना है। चंद्रशेखरन ने अवधारणा दी कि टाटा समूह नये सोच और नेतृत्व के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा और विश्वसनीय उत्पादों का निर्माण करेगा।
एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी में नई ऊर्जा की संभावना
5 Jan, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की लोकप्रिय ऊर्जा कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने सोमवार को एक नई ऊर्जा की संभावना का संकेत दिया। इस सफलता की वजह है उनकी सहायक इकाई एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इस प्रक्रिया में कंपनी ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा आयोजित नीलामी में 1000 मेगावाट का सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट जीता है। इससे न केवल एनटीपीसी के शेयरधारकों की मुनाफा बढ़ेगा बल्कि ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में उसकी पकड़ और मजबूती भी बढ़ेगी। एनटीपीसी ने 1000 मेगावाट की क्षमता हासिल कर ली है और अब उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलओए का इंतजार कर रही है। सादला में स्थित सोलर पीवी प्रोजेक्ट के अगले चरण की शुरुआत हो चुकी है और गुजरात में एक और 200 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट का कमर्शियल तौर पर शुरू होने की जानकारी भी मिली है। गुजरात में जीईडीए के प्रमाणपत्र मिलने के बाद एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड 76,598.18 मेगावाट के नए मुकाम पर पहुंच गई है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी की हिस्सेदारी ने शेयर बाजार में एक और उच्च चलान मारा है। एनटीपीसी ग्रुप का इस बढ़ते कदम से डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ावा मिलेगा और आगे उन्हें और विकास मिलेगा। इस नए सोलर ऊर्जा क्षेत्र के दायरे में एनटीपीसी ग्रुप अक्षय ऊर्जा की दुनिया में अपनी मजबूती और सकारात्मकता को सुनिश्चित करने के लिए पुनः परिवर्तन करेगा। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की चमक ने शेयर बाजार में एक नई ऊंचाई को छुआ है और उनके नए प्रकल्प से देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक नई उम्मीद मिलेगी।
किर्लोस्कर समूह ने सेबी के पत्र के खिलाफ सैट में अपील दायर की
5 Jan, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति परिवार किर्लोस्कर समूह ने अपने 130 साल और तेजी से चल रहे विवाद को एक नया मोड़ देते हुए प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के समक्ष एक अपील दायर की है। चार मुख्य कंपनियों की तरफ से यह अपील दर्ज की गई है- किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किर्लोस्कर न्यूमेटिक कंपनी लिमिटेड, और किर्लोस्कर ऑयल इंजन लिमिटेड। इन कंपनियों ने साझेदारी अनुबंध (डीएफएस) के खुलासे का खिलाफ खुलकर सामना किया है और सेबी के उन्हें पेश होने की मांग के खिलाफ अपील की है। इस मामले में परिवार के उभरते विवाद का भी जिक्र किया गया है जिसमें किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय किर्लोस्कर और अतुल किर्लोस्कर एवं राहुल किर्लोस्कर के बीच डीएफएस को लेकर विवाद था। कंपनियों ने डीएफएस के बाध्यता और उन पर एकाधिकार का आरोप लगाया है तथा उन्हें सलाह दी है कि सेबी को पीढ़ीबद्धता के नियम और पारिवारिक समझौतों की जानकारी के लिए उनकी व्यक्तिगत क्षमता में आयी परिवर्तनों से सूचित करें। इन संघर्षों और अपीलों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के भूमिका हो सकती है सामने आने वाले परिवर्तनों में महत्वपूर्ण। इसमें सेबी की भूमिका विशेष महत्व रखती है जिसने इन अपीलों के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अवसर पाए। वहीं, प्रतिभूति की भूमिका भी विवादों के सुलझाव में महत्वपूर्ण हो सकती है।
माइक्रोसॉफ्ट एआई और डेटा सेंटर्स में करेगा 80 बिलियन डॉलर का निवेश
5 Jan, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । माइक्रोसॉफ्ट ने वित्तीय वर्ष 2025 में लगभग 80 बिलियन डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है। यह निवेश बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तकनीक को और पावरफुल बनाने पर किया जाएगा। 2022 में ओपन एआई के चेटजीपीटी लॉन्च होने के बाद एआई की दुनिया में हलचल मच गई है। इसका असर है कि हर कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेस में एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही है। एआई को चलाने के लिए तेज़ी से काम करने वाले डेटा सेंटर्स की ज़रूरत है, जिनमें हज़ारों चिप्स जुड़े होते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने पहले ही एआई के लिए ठोस निवेश किया है और वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी का पूंजीगत खर्च 84.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन ने बताया कि इस निवेश का अधिकांश हिस्सा अमेरिका में किया जाएगा, जिससे कंपनी की डेटा सेंटर्स की ताकत बढ़ेगी। माइक्रोसॉफ्ट अपने 365 कोपीलॉट को और बेहतर बनाने के लिए एआई मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी चाहती है कि लागत कम हो और स्पीड बेहतर हो, इसलिए अब यह ओपन एआई के साथ-साथ दूसरे एआई मॉडल्स का भी इस्तेमाल करेगा। माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि यह कदम केवल उनकी साझेदारी को बढ़ाने के लिए है और कंपनी के पास ओपनएआई के मॉडल्स को कस्टमाइज़ करने का अधिकार भी हेगा।
एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स से राहत देने की संभावना, वित्त मंत्री बजट में करेंगी घोषणा
4 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकार की तरफ से जल्द ही बजट पेश किया जाएगा. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से पेश किये जाने वाले बजट को लेकर टैक्स पेयर्स और नॉन टैक्स पेयर्स दोनों ही काफी उम्मीदें लगाकर बैठे हैं. बजट से पहले चर्चा हो रही है कि यदि आप बैंक में एफडी करते हैं तो उस पर लगने वाला टैक्स कम या शायद नहीं लगेगा. अभी तक एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगाया जाता है. लेकिन बैंकों की तरफ से मांग की जा रही है कि एफडी पर लगने वाले टैक्स को हटा दिया जाना चाहिए. बैंकों का कहना है कि यदि सरकार टैक्स हटाने का फैसला करती है तो इससे बैंक जमा को प्रोत्साहन मिलेगा.
FD पर टैक्स इन्सेंटिव देने की मांग
अगर वित्त मंत्री की तरफ से यह ऐलान किया जाता है तो इससे उन लोगों को बहुत फायदा होगा जो बैंक में पैसा जमा करके उस पर मिलने वाले ब्याज से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं. न्यूज 18 अंग्रेजी पर प्रकाशित खबर में दावा किया गया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट से पहले हुई मीटिंग में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर टैक्स इन्सेंटिव देने की मांग की है. उनका तर्क है कि इससे बचत में इजाफा हो सकेगा. बैंकों की तरफ ये यह सुझाव हाल ही में सेविंग में आई कमी के चलते आया है. यही कारण है कि बैंकों को लोन देने के लिए पैसे की कमी का सामना करना पड़ रहा है.
शेयर बाजार में पैसा लगाने पर कम टैक्स
खबरों के अनुसार एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने वित्त मंत्री के साथ बजट से पहले हुई मीटिंग में कैपिटल मार्केट की दक्षता और समावेशिता में सुधार के लिए सजेशन दिये थे. उन्होंने कहा कि बॉन्ड और इक्विटी शेयरों में लॉन्ग टर्म की बचत को बढ़ावा देने के लिए सिफारिशें की गई थीं. खबरों के अनुसार इस मीटिंग में वित्त सचिव, निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) सचिव, आर्थिक मामलों का विभाग और वित्तीय सेवा सचिव, और मुख्य आर्थिक सलाहकार भी शामिल हुए थे. बैंकों ने सरकार से कहा है कि अगर आप बैंक में पैसा जमा करते हैं तो उस पर लगने वाला टैक्स कम होना चाहिए क्योंकि शेयर बाजार में पैसा लगाने पर कम टैक्स लगता है. यह सुझाव इसलिए दिया गया ताकि ताकि लोग बैंक में ज्यादा से ज्यादा पैसा जमा करें.
कैसे होगा फायदेमंद?
यदि किसी शख्स के पास 10 लाख रुपये की एफडी (FD) है और उस पर सालाना 8 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है तो उसे पांच साल में कुल चार लाख रुपये का ब्याज मिलेगा. मान लीजिए कि यदि व 30 प्रतिशत की इनकम टैक्स कैटेगरी में आता है तो 40,000 रुपये तक एफडी के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है. इस लिमिट से ज्यादा की राशि पर कर इस स्लैब दर के अनुसार देना होगा. मौजूदा नियम के हिसाब से देखें तो उसे 3.60 लाख रुपये पर 30% टैक्स देना होगा, जो कि 1.08 लाख रुपये हुआ. लेकिन, यदि शेयर बाजार में पैसा लगाने पर लगने वाला टैक्स (LTCG) यहां लागू होता है तो उन्हें महज 12.5% टैक्स देना पड़ता, यानी कुल 45,000 रुपये. इस तरह, उन्हें करीब 63,000 रुपये का फायदा होता है.
म्यूचुअल फंड से पैसा बनाने के लिए इन फंड्स में निवेश करें, 2025 में मिलेगा अच्छा रिटर्न
4 Jan, 2025 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हर बार नए साल के मौके पर लोग अपनी जिंदगी में सुधार के लिए नए रेजोल्यूशन लेते हैं. कोई बुरी आदतों को छोड़ने का वादा करता है, तो कोई फिटनेस या डाइट पर ध्यान देने की बात करता है. वहीं, कई लोग वित्तीय रूप से मजबूत बनने और सेविंग करने का भी संकल्प लेते हैं. सेविंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो समय और अनुशासन की मांग करती है. अगर आप 2025 में ये तरीका फॉल कर निवेश करते हैं तो अच्छा खासा फंड अपने पोर्टफोलियो में जोड़ सकते हैं.
क्या है सही तरीका?
म्यूचुअल फंड में निवेश करना शेयर बाजार में इनडायरेक्ट निवेश के समान है. इसमें कई निवेशकों का पैसा एकत्रित किया जाता है और उसे विभिन्न वित्तीय साधनों जैसे शेयर, बॉन्ड और मनी मार्केट में लगाया जाता है. इसे एसेट मैनेजमेंट कंपनियां संचालित करती हैं. म्यूचुअल फंड में जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है क्योंकि धनराशि विभिन्न जगहों पर निवेश की जाती है. निवेश की न्यूनतम राशि सिर्फ 500 रुपए से शुरू होती है, जिससे यह छोटे और नए निवेशकों के लिए भी उपयुक्त है.
इन फंड्स में है पोटेंशियल
वित्तीय विशेषज्ञों का सुझाव है कि म्यूचुअल फंड में सात साल या उससे अधिक की अवधि के लिए निवेश किया जाए. इस दौरान लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स के संयोजन का लाभ उठाना चाहिए. लार्ज-कैप फंड्स में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ब्लूचिप फंड, निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड और एचडीएफसी टॉप 100 फंड जैसे विकल्प हैं. मिड-कैप फंड्स में मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड, एचडीएफसी मिडकैप ऑपर्च्युनिटीज फंड, और एडलवाइस मिडकैप फंड शामिल हैं. स्मॉल-कैप फंड्स में मोतीलाल ओसवाल स्मॉल कैप और टाटा स्मॉल कैप फंड निवेश के लिए अच्छे माने जाते हैं.
एसआईपी से निवेश को बनाएं आसान
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को निवेश का सबसे सुविधाजनक और प्रभावी तरीका माना जाता है. इसमें हर महीने एक निश्चित राशि निवेश की जाती है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश की औसत लागत स्थिर रहती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियमित निवेश को प्रोत्साहित करता है और लंबे समय में गारंटीड रिटर्न पाने में मदद करता है.
एसबीआई ने लॉन्च की दो नई स्कीम, ग्राहकों को मिलेगा बड़ा लाभ
4 Jan, 2025 02:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश का सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई अब हर घर को लखपति बनाने का प्लान लेकर आया है. भारतीय स्टेट बैंक हर घर लखपति नाम की डिपॉजिट स्कीम लेकर आया है. वहीं एसबीआई सीनियर सिटीजंस के लिए नई स्कीम एसबीआई पैट्रन्स नाम की स्कीम लेकर आया है. एसबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ‘हर घर लखपति’ एक प्री कैलकुलेटिड की गई रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम है. जिसे ग्राहकों को 1 लाख रुपए या उसके मल्टीपल में डिपॉजिट करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस स्कीम का फायदा माइनर भी उठा सकते हैं, जिससे उनमें शुरुआत से ही सेविंग करने की आदत पनप सकती है.
वहीं दूसरी ओर एसबीआई ने चुनिंदा सीनियर सिटीजंस के लिए ‘एसबीआई पैट्रंस’ भी लॉन्च की है. यह 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के सीनियर सिटीजंस के लिए बनाई गई एक स्पेशल एफढी स्कीम है. नई एसबीआई योजना कई सीनियर सिटीजंस के बैंक के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मान्यता देते हुए बढ़ी हुई ब्याज दरों की पेशकश करती है. ‘एसबीआई पैट्रंस’ मौजूदा और नए दोनों एफडी निवेशकों के लिए उपलब्ध है.
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि उनका मकसद गोल ओरिएंटेटिड डिपॉजिट प्रोडक्ट बनाना है जो न केवल वित्तीय रिटर्न बढ़ाते हैं बल्कि हमारे ग्राहकों की आकांक्षाओं के अनुरूप भी होते हैं. हम पारंपरिक बैंकिंग को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए इसे फिर से परिभाषित कर रहे हैं. एसबीआई में, हम हर ग्राहक को सशक्त बनाने वाले समाधान प्रदान करने के लिए इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की विकास यात्रा में योगदान देने के लिए वित्तीय समावेशन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सीनियर सिटीजंस के लिए एसबीआई की एफडी स्कीम्स
एसबीआई ने अपने ग्राहकों को हाई एफडी रेट्स ऑफर करते हुए दूसरी डिपॉजिट स्कीम्स शुरू की हुई हैं. उदाहरण के लिए, एसबीआई वी-केयर डिपॉजिट स्कीम सीनियर सिटीजंस को 5 साल से 10 साल से कम अवधि के लिए 7.50 फीसदी की ब्याज दर प्रदान करती है. इसी तरह, एसबीआई 444 दिनों की एफडी योजना (अमृत वृष्टि) सीनियर सिटीजंस को 7.75 फीसदी की ब्याज दर प्रदान करती है. यह योजना 31 मार्च 2025 तक उपलब्ध है. एसबीआई अमृत कलश, 400 दिनों की एफडी योजना सीनियर सिटीजंस को 7.60 फीसदी की ब्याज दर प्रदान करती है. यह योजना 31 मार्च 2025 तक भी उपलब्ध है.
एसबीआई आरडी अकाउंट की क्या है विशेषता?
एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, कोई व्यक्ति न्यूनतम 12 महीने और अधिकतम 120 महीने की अवधि के लिए एसबीआई आरडी अकाउंट खोल सकता है. एसबीआई में आरडी अकाउंट न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह जमा राशि पर खोला जा सकता है. आरडी अकाउंट्स में देरी से भुगतान पर जुर्माना लगाया जाता है. यदि लगातार छह किस्तें चूक जाती हैं, तो आरडी खाता समय से पहले बंद कर दिया जाएगा और खाताधारक को शेष राशि का भुगतान किया जाएगा.
गोल्ड की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
4 Jan, 2025 02:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करीब तीन महीने में गोल्ड की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. बीते 65 दिनों में सोना भारत में 2,900 रुपए से ज्यादा सस्ता हो चुका है. जिसकी वजह से गोल्ड निवेशकों की हालत काफी खस्ता हो चुकी है. इसका मतलब है कि इस दौरान 10 ग्राम गोल्ड पर 2,900 रुपए का नुकसान एक बड़ा लॉस माना जाता है. अगर बात शुक्रवार की करें तो गोल्ड की कीमत में 400 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है. जबकि बीते एक हफ्ते में 770 रुपए से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी आने की वजह से गोल्ड की कीमत में गिरावट देखने को मिल रही है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मौजूदा समय में गोल्ड की कीमत कितनी हो गई है.
एक दिन में कितना सस्ता हुआ गोल्ड
अगर बात शुक्रवार की करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज की बात करें तो बाजार बंद होने के बाद गोल्ड की कीमत में 400 रुपए की गिरावट देखने को मिली है. आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को गोल्ड के दाम 400 रुपए की गिरावट के साथ 77,317 रुपए प्रति दस ग्राम हो गए हैं. जबकि एक दिन पहले यानी गुरुवार को गोल्ड के दाम 77,717 रुपए प्रति दस ग्राम थे. वैसे शुक्रवार को गोल्ड के दाम 77,260 रुपए प्रति दस ग्राम के दिन के लोअर लेवल पर पहुंच गए थे.
एक हफ्ते में महंगा हुआ गोल्ड
वहीं दूसरी ओर बीते एक हफ्ते में गोल्ड महंगा हुआ है. ये तेजी 700 रुपए से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है. 27 दिसंबर को गोल्ड के दाम 76,544 रुपए प्रति दस ग्राम पर देखने को मिले थे. तब से अब तक गोल्ड के दाम 773 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी देखने को मिली है. जिसके बाद गोल्ड के दाम 77,317 रुपए प्रति दस ग्राम हो चुके हैं. इसका मतलब है कि निवेशकों को गोल्ड एक फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है.
65 दिन में कितना सस्ता हुआ गोल्ड
वहीं बीते 65 दिनों में गोल्ड के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है. जिसका प्रमुख कारण डॉलर इंडेक्स में इजाफा है. बीते 3 महीने में डॉलर इंडेक्स में 6.24 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है. जिसकी वजह से गोल्ड के दाम में गिरावट देखने को मिली. 65 दिनों में गोल्ड की कीमतों में 2,910 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 30 अक्टूबर को सोना 80,227 रुपए प्रति दस ग्राम थे. उसके बाद सोना 3.63 फीसदी तक सस्ता हो चुका है.
दिल्ली में गोल्ड के दाम
शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में गोल्ड की कीमत सपाट देखने को मिली है. आंकड़ों के अनुसार गोल्ड में मात्र 20 रुपए की गिरावट देखने को मिली और दाम 79,700 रुपए पर आ गए. उससे पहले गुरुवार को गोल्ड के दाम 79,720 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थे. हालांकि, शुक्रवार को 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 130 रुपए बढ़कर 79,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. शुक्रवार को चांदी की कीमत 230 रुपये की गिरावट के साथ 90,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही. पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 90,630 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.
क्या कहते हैं जानकार
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसीडेंट, रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी), जतिन त्रिवेदी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि कॉमेक्स सोना 2,655 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रहा. त्रिवेदी ने कहा कि बाजार सीमित उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बना हुआ है, क्योंकि प्रतिभागी आगे की दिशा निर्धारित करने के लिए वैश्विक संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि शुक्रवार को सोने में बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले ईरान द्वारा परमाणु बम विकसित करने की दिशा में प्रगति करने पर ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करने की आकस्मिक योजनाओं पर चर्चा की थी.
रुपया दो साल में सबसे बड़ी गिरावट की ओर, डॉलर सूचकांक 24 महीने के उच्चतम स्तर पर
4 Jan, 2025 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से डॉलर सूचकांक दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में लगातार मजबूत हो रहा है और यह 24 महीने से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर सूचकांक में मजबूती से रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है, जिसके थमने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। अनुमान है कि रुपया मार्च तिमाही, 2025 तक और टूटकर 86 से नीचे पहुंच सकता है।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) का दावा है कि डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा का मूल्य मार्च तिमाही, 2025 में घटकर औसतन 86.1 रुपये रह जाएगा। यह दिसंबर तिमाही, 2024 के 84.5 रुपये के औसत मूल्य के मुकाबले 1.9 फीसदी गिरावट को दर्शाता है, जो दो साल में सबसे ज्यादा है। पिछले दो साल में रुपये में किसी भी तिमाही में एक फीसदी से अधिक गिरावट नहीं देखी गई है। चालू वित्त वर्ष में भी हर तिमाही में भारतीय मुद्रा कमजोर हुई है और 2024 में इसमें 2.7 फीसदी गिरावट आ चुकी है।
दिसंबर में ही 0.7 फीसदी की कमजोरी
सीएमआईई के मुताबिक, रुपया अकेले दिसंबर में ही 0.7 फीसदी टूट गया। बीते महीने के आखिरी 10 दिनों में यह तेजी से कमजोर हुआ है। भारतीय मुद्रा में एक रुपये की गिरावट आने में दो महीने से अधिक का समय लगा। 11 अक्तूबर को डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य 84.06 था, जो 19 दिसंबर को घटकर 85.07 पर आ गया। पर, 10 दिनों में यह डॉलर की तुलना में 55 पैसे गिरकर 31 दिसंबर तक 85.26 पर आ गया।
शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे टूटकर 85.79 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। n चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 1.4% कमजोर हुई है।
रुपया महज 14 दिन में ही 85 से 86 के करीब पहुंचा
भारतीय मुद्रा को 83 से 84 तक आने में 457 दिन लगे थे, जबकि 84 से 85 तक आने में महज 60 दिन लगे। रुपया 19 दिसंबर, 2024 को पहली बार 85 के नीचे आया था और सिर्फ 14 दिन में ही यह 86 के करीब पहुंच गया। ऐसे में हाल के समय में यह पहली बार होगा, जब भारतीय मुद्रा में एक रुपये की गिरावट सबसे कम दिन में होगी।
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद 2022 में डॉलर की तुलना में रुपये में 10 फीसदी की गिरावट आई थी। यह संयोग है कि संजय मल्होत्रा के आरबीआई गवर्नर का पद संभालने के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 1.3 फीसदी गिर गया।
दिसंबर में प्रमुख एशियाई मुद्राओं की तुलना में रुपया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
यूरो और ब्रिटिश पाउंड में भी गिरावट
डॉलर के मजबूत होने से यूरो और ब्रिटिश पाउंड में भी कमजोरी आई है। अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले यूरो एक फीसदी टूट चुका है, जो नवंबर, 2022 के बाद इसका दो साल से अधिक का निचला स्तर है। ब्रिटिश पाउंड भी 1.17 फीसदी गिरकर आठ महीने से अधिक के निचले स्तर पर आ गया है।
एनवीडिया बनी बीते साल सबसे ज्यादा मार्केट कैप हासिल करने वाली कंपनी
3 Jan, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । एआई चिप विनिर्माता अमेरिकी कंपनी एनवीडिया पिछले साल सबसे ज्यादा मार्केट कैप पाने वाली कंपनी बनी। इस दौरान कंपनी के शेयरों में 170 फीसदी तेजी रही और उसके मार्केट कैप में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। यह दुनिया के सबसे बड़े अमीर एलन मस्क की नेटवर्थ (415 अरब डॉलर) से करीब पांच गुना है। एप्पल के बाद एनवीडिया दुनिया की दूसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में दुनिया की बढ़ रही दिलचस्पी और विभिन्न इंडस्ट्रीज में एआई सेंट्रिक चिप्स की बढ़ती मांग से एनवीडिया के शेयरों में भारी तेजी दिखाई दे रही है। 2023 के अंत में कंपनी की मार्केट वैल्यू 1.2 ट्रिलियन डॉलर थी जो 2024 के अंत में 3.28 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई। 2023 में कंपनी का शेयर 240 प्रतिशत का उछला था।
इस बीच एप्पल दुनिया का सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसका मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच चुका है। कंपनी ने एआई पर फोकस किया है, इससे उसकी बिक्री में आगे तेजी आने की उम्मीद है। इसकारण कंपनी में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। 2024 के अंत में माइक्रोसॉफ्ट 3.1 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की तीसरी वैल्यूबल कंपनी रही जबकि गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक और अमेजॉन की वैल्यू करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर रही। सऊदी अरामको, फेसबुक, टेस्ला, ब्रॉडकॉम और टीएसएमसी टॉप 10 में शामिल रहीं।
भारत की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए पिछला साल अच्छा नहीं रहा। 10 साल में पहली बार कंपनी के शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया और दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की लिस्ट में 68वें नंबर पर पहुंच गई थी। गुरुवार को इसमें पांच स्थान का सुधार हुआ और यह 63वें नंबर पर आ गई। इसका मार्केट कैप 196.13 अरब डॉलर है। टीसीएस 173.19 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ 79वें नंबर पर है जबकि एचडीएफसी बैंक 163.31 अरब डालर के साथ 87वें नंबर पर है।
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