व्यापार
सोने की कीमत 1,420 रुपए बढ़ी, चांदी में गिरावट जारी
18 Jan, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। लगातार तीन कारोबारी दिनों में सोने की कीमतें 1,420 रुपए बढ़ गई हैं। पहले भी 6 कारोबारी दिनों में 1600 रुपए से ज्यादा का इजाफा देखा गया था। शुक्रवार को सोने की कीमत 82,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई है, जिससे वह पिछले 10 कारोबारी दिनों में 3,000 रुपए से भी अधिक बढ़ चुकी है। अधिकतम शुद्धता वाला सोना अब सिर्फ 400 रुपए प्रति 10 ग्राम पीछे है। एक और धारणा है कि सोने के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है और यह नया रिकॉर्ड बना सकता है। दिल्ली में सोने का मौजूदा रिकॉर्ड 82,400 रुपए प्रति 10 ग्राम है, जो पिछले साल अक्टूबर में बना था। चांदी की कीमतों में कुछ गिरावट भी देखने को मिली है। शुक्रवार को चांदी 93,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर बिक रही है, जो पिछले सत्र में 94,000 रुपए पर बंद हुई थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जो कि स्थानीय बाजार को नकारात्मक असर डाल सकती है। कॉमेक्स पर सोना वायदा 2,729.80 डॉलर प्रति औंस पर गिरा है, और चांदी वायदा 31.26 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया है। इसी बीच भारत में ज्वैलरी की मांग बढ़ रही है, जिससे घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आएगा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर है और आशंका जताई जा रही है कि नए रिकॉर्ड की दिशा में दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
सेबी ने सात कंपनियों को बाजार से प्रतिबंधित किया
18 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सेबी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सात कंपनियों को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इन कंपनियों में पाचेली इंडस्ट्रियल फाइनेंस, अभिजीत ट्रेडिंग, कैलिक्स सिक्योरिटीज, हिबिस्कस होल्डिंग्स, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, एडॉप्टिका रिटेल इंडिया और सल्फर सिक्योरिटीज शामिल हैं। सेबी ने कहा की पाचेली इंडस्ट्रियल ने गैर-प्रवर्तकों के रूप में वर्गीकृत छह संस्थाओं से 1,000 करोड़ कर्ज लिया, जिसे तरजीही आवंटन के जरिये इक्विटी में बदल दिया। लेकिन कर्ज और पैसा सिर्फ कागजों में घुमाया गया। जिनके दिखावे कर्ज देने के थे, उन्हें कंपनी के 99.28 फीसदी शेयर मिल गए। सेबी के अनुसार इन कंपनियों ने लाखों की मात्रा में धोखाधड़ी की और दिखावा किया कि उन्हें कर्ज के लिए पूंजी की जरूरत है, जबकि वास्तव में उनके पास पूंजी थी। इसके कारण इन कंपनियों का शेयर मार्केट में दिखना बंद किया गया था और सेबी ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई लेने का निर्णय लिया। इस प्रतिबंध के चलते इन कंपनियों के शेयरों की मौजूदगी बाजार में नहीं होगी और निवेशकों को संबंधित शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए कोई संभावना नहीं है। इन कंपनियों के खिलाफ ऐसे कदम उठाने के माध्यम से सेबी ने निवेशकों की सुरक्षा और पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया है और वह इस प्रक्रिया में और भी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। यह घटना बाजार में एक तहलका पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के विश्वास को चुनौती देने वाला है। इसे लेकर विभिन्न ऑफिशियल्स और मार्केट वॉचडॉग्स अपने तर्क दे रहे हैं और इस पर विवाद संदेश जारी कर रहे हैं।
फर्जी एसबीआई रिवार्ड मैसेज साइबर धोखाधड़ी का खतरा
17 Jan, 2025 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । एक गंभीर साइबर सुरक्षा खतरे को लेकर भारतीय साइबर सुरक्षा ने चेतावनी जारी की है। एक फर्जी मैसेज जो एसबीआई रिवार्ड का दावा कर रहा है, उसमें एक फर्जी एपीके फाइल को डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। फार्जी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि एसबीआई रिवॉर्ड प्वाइंट मिलने के लिए एपीके फाइल डाउनलोड की जानी है, लेकिन यह सच नहीं है। एसबीआई ने भी इस पर विचार करते हुए इस तरह के मैसेज नहीं भेजने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है। एसबीआई एक एंड्रॉइड पैकेज किट (एपीके) फाइल एसएमएस या व्हॉट्सएप के माध्यम से नहीं भेजता है, और इनकी रिवॉर्ड लेने के लिए कोई भी एपीके डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। फर्जी एपीके फाइल को डाउनलोड करने से आपके पर्सनल डेटा और वित्तीय सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। इस तरह के लिंकों से बचें और अनजान स्रोतों से इनस्टॉलेशन न करें। साइबर अपराधियों की इस धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसे मैसेजों को तुरंत रिपोर्ट करें। सुरक्षित रहें, साइबर अपराधियों से बचें।
वाराणसी में नो हेलमेट नो फ्यूल 26 जनवरी से
17 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। वाराणसी पुलिस नें ट्रैफिक व्यवस्था और बिना हेलमेट लगाए स्कूटी /मोटरसाइकिल चालकों को लेकर के सख्त कदम उठाया है। बिना हेलमेट चलने वाले दो पहिया चालकों को 26 जनवरी के बाद फ्यूल पंपों से पेट्रोल नहीं मिलेगा। जिलाधिकारी एस राजलिंगम नें इस बाबत सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पत्र जारी कर इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। इस दौरान एक सप्ताह तक लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। सुबे के परिवहन आयुक्त के निर्देश पर यह कवायत शुरू की गयी है। जिलाधिकारी, वाराणसी ने आदेश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंप संचालक आगामी 7 दिन तक अपने परिसर में होर्डिंग और अन्य संसाधनों से नो हेलमेट नो फ्यूल का व्यापक प्रचार करें, जिससे लोगों में जागरूकता फैले। 26 जनवरी से बिना हेलमेट बाइक सवार और सहयात्री को पेट्रोल कतई नहीं दिया जाएगा अन्यथा आदेश का उलंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पेट्रोल पंप संचालक अपने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखें, ताकि फुटेज का अवलोकन कर जरूरी कार्रवाई की जा सके। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1988 के नियम 251 के अनुसार सभी मोटरसाइकिल चालकों और सवारी के लिए भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुरूप हेलमेट लगाना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना और आईपीसी की धारा 188 के तहत 6 माह तक का कारावास भी हो सकता है।
शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद
17 Jan, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुम्बई । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही। सप्ताह के अंतिम कारोबरी दिन दुनिया भर से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही बिकवाली हावी रहने से बाजार नीचे आया। इसके साथ ही बैंकिंग व आईटी स्टॉक्स में हुई बिकवाली के कारण भी बाजार नीचे आया। वहीं गत दिवस बाजार बढ़त पर बंद हुआ था।
दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 423 अंक करीब 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ ही 76,619 पर बंद हुआ। वहीं इसी प्रकार 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी अंत में 108 अंक तकरीबन 0.47 फीसदी की गिरावट लेकर 23,203 पर बंद हुआ।
आज कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 30 कंपनियों में से इंफोसिस तथा एक्सिस बैंक के शेयर में पांच फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। कोटक बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी गिरे।
दूसरी ओरी जोमैटो और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में दो फीसदी से अधिक की तेजी रही। नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, आईटीसी, एलएंडटी, सनफार्मा के शेयर भी बढ़त पर बंद हुए।
बाजार जानकारों के अनुसार दिग्गज कंपनियों इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे आईटी स्टॉक्स में भारी बिकवाली की वजह से आज शेयर बाजार टूटा। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से भी बाजार पर विपरीत प्रभाव पड़ा।
वहीं इससे पहले आज सुबह
बैंक और आईटी स्टॉक्स में गिरावट से बाजार गिरा। जबकि इंडेक्स में हैवी वेटेज रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज में तेजी से बाजार को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 485 अंक गिरकर 76,557.79 अंक पर आ गया। ऐसे ही निफ्टी 144.75 अंक गिरकर 23,167.05 अंक पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। एएसएक्स 200 सपाट रहा, जबकि निक्केई में 0.21 फीसद की गिरावट और टोपिक्स में 0.48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कोस्पी लगभग स्थिर रहा। चीन के दिसंबर औद्योगिक उत्पादन, रिटेल बिक्री और चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी सालाना रहने की संभावना है, जो पिछली तिमाही के 4.6 फीसदी से बेहतर है। इसके अलावा सिंगापुर के दिसंबर गैर-तेल निर्यात आंकड़े भी निवेशकों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। वहीं अमेरिका में शुरुआती बढ़त के बाद बाजार लाल निशान में दिखे। एसएंडपी 500 तीन दिन की तेजी को तोड़ते हुए 0.21 फीसदी गिरा। नेस्डेक में 0.89 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। डाओ जोंस 0.16 फीसदी गिरकर 43,153.13 पर बंद हुआ
प्रयागराज के लिए हवाई सफर हुआ महंगा
17 Jan, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज । एक रिपोर्ट के अनुसार देशभर से प्रयागराज जाने के लिए हवाई सफर 6 गुना तक महंगा हो गया है। दिल्ली से प्रयागराज के लिए टिकट की कीमतें 21 फीसदी तक बढ़ गई हैं। दिल्ली से प्रयागराज का हवाई टिकट 21 फीसदी बढ़कर 5,748 रुपए, अहमदाबाद-प्रयागराज उड़ान का किराया 41 फीसदी की वृद्धि के साथ 10,364 रुपए, बेंगलुरु-प्रयागराज उड़ान के लिए हवाई टिकट की कीमत 89 फीसदी बढ़कर 11,158 रुपए, मुंबई-प्रयागराज उड़ान के लिए यह 13 फीसदी बढ़कर 6,381 रुपए और लखनऊ और वाराणसी के लिए हवाई किराए में तीन से 21 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
डबलिन स्थित इंस्पेक एआई ने बेंगलुरु में खोला कार्यालय
17 Jan, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । डबलिन मुख्यालय वाले एआई-सुरक्षा स्टार्टअप इंस्पेक एआई ने बेंगलुरू में अपना पहला कार्यालय खोल लिया है। कंपनी के बयान के अनुसार कार्यालय में 25 कर्मचारी हैं। अगले कुछ महीनों में इंजीनियरिंग संचालन व ग्राहक-सामना करने वाली भूमिकाओं में अतिरिक्त 50 कर्मचारियों की नियुक्ति करने की योजना है। यह कंपनी का तीसरा वैश्विक कार्यालय है। कंपनी के डबलिन और लंदन में भी कार्यालय हैं। इंस्पेक एआई डेवलपर को अपने एंटरप्राइज एआई अनुप्रयोगों में एआई को सुरक्षित तथा जिम्मेदारी से एकीकृत करने में मदद करने के लिए ‘एलएलएम ऑप्स’ मंच प्रदान करती है। साथ ही साथ इन अनुप्रयोगों में सुधार भी करती है।
हर महीने बुढ़ापे में मिलेगी 5 हजार तक की पेंशन
17 Jan, 2025 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देशवासियों के हित में केन्द्र सरकार की ओर से कई योजनाओं का संचालन किया रहा है। उन्हीं में से एक अटल पेंशन योजना भी है, जिसके माध्यम से लोग 1 से लेकर 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक की पेंशन हासिल कर सकते हैं।
केन्द्र सरकार की ओर से संचालित अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए पहले आपको निवेश करना होता है। इसके बाद लाभार्थी को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने पेंशन मिलेगी। आप नजदीकी किसी बैंक की ब्रांच में जाकर योजना में अपना खाता खुलासा सकते हैं।
आपको यहां पर प्रीमियम के साथ ही प्लान का चयन करना होगा। इसके बाद आपको हर महीने कुछ राशि का निवेश करना होगा। फिर आप साठ साल के बाद 1 से लेकर 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक की पेंशन हासिल करने के पात्र बन जाएंगे। इस पेंशन के शुरू होने के बाद आपको बुढ़ापे में किसी पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अब होगा बंपर इजाफा, मोदी सरकार ने दे दी है आठवें वेतन आयोग को मंजूरी
17 Jan, 2025 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होने वाला है। केन्द्रीय बजट से पहले मोदी सरकार ने आज आठवें वेतन आयोग को मंजूरी देकर अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है।
मोदी सरकार के इस कदम से लाखों-करोड़ों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होने की पूरी संभावना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के इस फैसले की आज जानकारी दी है। अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दी गई है।
इस दौरान उन्होंने बताया कि 1947 से अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान बताया कि 2016 में सातवां वेतन आयोग शुरू हुआ था, जो2026 तक चलना था, लेकिन उससे एक साल पहले ही केन्द्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूर कर दिया गया है। सातवें वेतन आयोग सिफारिशों को मोदी सरकार द्वारा लागू किया था। नए साल में केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए ये किसी सौगात से कम नहीं है।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, प्रधानमंत्री ने 8वें वेतन आयोग को दी मंजूरी
16 Jan, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। साल की शुरुआत होते ही केंद्र सरकार की तरफ से खुशखबरी मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 तक होगा। लेकिन, उसके बाद 8वें वेतन आयोग का गठन किया जाएगा। केंद्रीय कर्मचारियों की यह मांग ऐसे समय पूरी हुई है, जब बार-बार यह आशंका जताई जा रही थी कि 8वां वेतन आयोग नहीं आएगा। पहले से ही माना जा रहा था कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद ही 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी मिलेगी। नया वेतन आयोग बनेगा और वेतन संशोधन भी होगा। हालांकि, इसे कब लागू किया जाएगा, इसकी कोई डेडलाइन नहीं है।
लेबर यूनियन की तरफ से लगातार बढ़ रहे दबाव के चलते सरकार ने उन्हें खुश कर दिया है। अगले वेतन आयोग के गठन पर फैसला हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मंजूरी दे दी है। अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर संशय बना हुआ था। अब 7वें वेतन आयोग के बाद अगले वेतन आयोग की तैयारी की जा रही है। सरकार ने भी इसकी पुष्टि कर दी है।
केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में आएगा भारी उछाल
सूत्रों की मानें तो सैलरी में सबसे बड़ा इजाफा होगा। इतना जरूर कहा जा सकता है कि मामला आगे बढ़ रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि नए वेतन आयोग में क्या आएगा और क्या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। क्योंकि, इसकी पूरी जिम्मेदारी वेतन आयोग के चेयरमैन की होगी। नए वेतन आयोग के चेयरमैन की घोषणा भी साल 2026 में की जा सकती है। उनकी देखरेख में कमेटी बनेगी और उसके बाद सैलरी बढ़ाने के लिए कौन सा फॉर्मूला अपनाया जाए, इसकी तस्वीर साफ हो सकती है।
8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी मिल गई है। अब इसका गठन साल 2026 से पहले हो जाएगा। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद इसकी सिफारिशों को लागू किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में भारी उछाल आने की संभावना है। 7वें वेतन आयोग के मुकाबले 8वें वेतन आयोग में कई बदलाव संभव हैं। फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कुछ बदलाव हो सकते हैं। आपको बता दें, अब तक सरकार 10 साल में एक बार वेतन आयोग का गठन करती है।
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
7वें वेतन आयोग के मुकाबले 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की लॉटरी लगने वाली है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कर्मचारियों की सैलरी में सबसे बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर बढ़कर 3.68 गुना हो जाएगा। साथ ही फॉर्मूला जो भी हो, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 44.44% का इजाफा हो सकता है।
अर्थशास्त्रियों का अनुमान, 2025 में विश्व अर्थव्यवस्था कमजोर रहेगी, लेकिन भारत का झंडा ऊंचा रहेगा
16 Jan, 2025 03:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया भर के ज्यादातर प्रमुख अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 2025 में विश्व अर्थव्यवस्था कमजोर रहेगी, हालांकि भारत मजबूत वृद्धि बनाए रखेगा। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, हाल ही में एकत्रित मुख्य अर्थशास्त्रियों के दृष्टिकोण में, विश्व आर्थिक मंच ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2025 में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है, सर्वेक्षण में शामिल 56 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों ने स्थितियों के कमजोर होने की उम्मीद जताई है। केवल 17 प्रतिशत ने सुधार की उम्मीद जताई है।
यूरोप के लिए दृष्टिकोण निराशाजनक
खबरों के मुताबिक, 2025 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत रूप से बढ़ने की उम्मीद है, और दक्षिण एशिया, विशेष रूप से भारत में भी मजबूत वृद्धि बनाए रखने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप के लिए दृष्टिकोण निराशाजनक बना हुआ है, जिसमें 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस साल कमजोर या बहुत कमजोर वृद्धि की सूचना दी है। चीन के लिए भी संभावनाएं मजबूत होती नहीं दिख रही हैं। डब्ल्यूईएफ ने दुनिया भर के सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के प्रमुख मुख्य अर्थशास्त्रियों के साथ परामर्श और सर्वेक्षणों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में कहा कि आने वाले वर्षों में विकास धीरे-धीरे धीमा होने की उम्मीद है। दक्षिण एशिया की स्थिति बेहतर है
दक्षिण एशिया की स्थिति बेहतर बनी हुई है, 61 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को 2025 में मजबूत या बहुत मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। यह क्षेत्रीय प्रदर्शन मुख्य रूप से भारत में मजबूत वृद्धि से प्रेरित है, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। हालाँकि, अब कुछ गति खोने के संकेत हैं। भारत के लिए नवीनतम राष्ट्रीय खाता डेटा 2024 की तीसरी तिमाही में साल-दर-साल जीडीपी वृद्धि 5.4 प्रतिशत की ओर इशारा करता है, जो लगभग दो वर्षों में सबसे धीमी दर है, जिसके कारण केंद्रीय बैंक ने दिसंबर में अपने वार्षिक विकास पूर्वानुमान को कम कर दिया है।
48% को वैश्विक व्यापार की मात्रा में भी वृद्धि की उम्मीद है
चीन की आर्थिक वृद्धि धीमी होने का अनुमान है, क्योंकि सुस्त उपभोक्ता मांग और घटती उत्पादकता के कारण वैश्विक सुधार की प्रकृति असमान और अनिश्चित बनी हुई है। व्यापार परिदृश्य पर, लगभग आधे या 48 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि 2025 में वैश्विक व्यापार की मात्रा में वृद्धि होगी, जो वैश्विक वाणिज्य के लचीलेपन को रेखांकित करता है। अधिकांश को प्रमुख शक्तियों के बीच व्यापार तनाव में वृद्धि और बढ़ते व्यापार तनाव के बीच वृद्धि की उम्मीद है। लगभग 82 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने अगले तीन वर्षों में व्यापार के अधिक क्षेत्रीयकरण की भविष्यवाणी की है।
नॉन-मेट्रो इलाकों में कार्ड खर्च में 175 प्रतिशत बढ़ा, मेट्रो शहरों के मुकाबले ज्यादा
16 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । भारत में डिजिटल पेमेंट्स का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है, और इसका सबसे बड़ा फायदा नॉन-मेट्रो शहरों को हो रहा है।ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच नॉन-मेट्रो इलाकों में कार्ड खर्च में 175 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बदलाव का मुख्य कारण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, उपभोक्ताओं की बदलती आदतें और आय का बढ़ता स्तर है। रिपोर्ट के मुताबिक, कैटेगरी बी और कैटेगरी सी+ शहरों में क्रेडिट कार्ड खर्च में चार गुना बढ़ा है, जो मेट्रो शहरों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
तिरुचिरापल्ली, भुवनेश्वर और जयपुर जैसे कैटेगरी बी शहरों के साथ तिरुपुर और सांगली जैसे छोटे शहर भी इस डिजिटल क्रांति में पीछे नहीं हैं। इन इलाकों में ऑनलाइन शॉपिंग, गेमिंग, यात्रा और ऑनलाइन शिक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च तेजी से बढ़ा है.। खासकर कैटेगरी सी+ शहरों में, ऑनलाइन खर्च का हिस्सा 53 प्रतिशत से बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है। गेमिंग पर खर्च में 16 गुना और डिजिटल कंटेंट खपत में 9 गुना की बढ़ोतरी बदलाव की पुष्टि करते है।
हालांकि डिजिटल पेमेंट्स में उछाल के बावजूद, इन इलाकों में औपचारिक क्रेडिट की पहुंच अब भी कम है। 2019 में, कैटेगरी बी प्लस शहरों में क्रेडिट की पहुंच सिर्फ 10.5 प्रतिशत थी, जबकि मेट्रो शहरों में इसका आंकड़ा 42.4 प्रतिशत था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक बड़ा मौका है। छोटे शहरों के उपभोक्ता लचीले ऋण विकल्प, आकर्षक रिवॉर्ड प्रोग्राम और बहुभाषी वित्तीय उत्पादों की मांग कर रहे हैं। डिजिटल पेमेंट्स का यह तेजी से बढ़ता रुझान छोटे शहरों को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उनके आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे रहा है।
वेदांता लिमिटेड की अगले माह बड़ी बैठक, कंपनी को पांच अलग-अलग कारोबार में बढ़ने पर फैसला
16 Jan, 2025 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । वेदांता लिमिटेड के क्रेडिटर्स अगले महीने बैठक में कंपनी की रिस्ट्रक्चरिंग प्लान पर अंतिम फैसला देगा। योजना के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग कारोबार में बांटा जाएगा। यह कदम कंपनी की संरचना को सरल बनाने और उसके कर्ज भार को कम करने की योजना का हिस्सा होगा। जानकारी के अनुसार, बैठक कोर्ट के आदेश पर 18 फरवरी को आयोजित होगी, जिसमें योजना के विवरण पर चर्चा होगी। अगर कंपनी के क्रेडिटर्स प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तब इस शेयरधारकों की स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
वेदांता लिमिटेड ने 2023 के अंत में अपने रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की घोषणा की थी। योजना के तहत एल्यूमिनियम, तेल और गैस, पावर और स्टील जैसे व्यवसायों को अलग-अलग कंपनियों के रूप में लिस्ट किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य कंपनी के मूल्यांकन में सुधार करना और इसकी मूल कंपनी, वेदांता रिसोर्सेज, पर बढ़ते कर्ज को कम करना है।
पिछले साल वेदांता के 75 प्रतिशत सुरक्षित लेनदारों ने एक योजना को मंजूरी दी थी। अब, कंपनी ने अपने कारोबार को अलग-अलग यूनिट्स में बांटने की योजना तैयार की है। इसमें एल्युमीनियम, तेल और गैस, पावर, स्टील और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर फोकस होगा। सेमीकंडक्टर यूनिट को कंपनी के मौजूदा कारोबार के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और तांबे की संपत्तियों के साथ रखा जाएगा। योजना को आगे बढ़ाने के लिए फरवरी में 75 प्रतिशत कर्जदाताओं की फिर से मंजूरी लेनी होगी। बैठक की तारीख और डील की संरचना पर अभी चर्चा चल रही है, और इनमें बदलाव संभव है। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।
मेटा ने कहा, अपनी कुछ सुविधाओं को रोल बैक या रोक सकते
16 Jan, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मेटा को भारत में एंटीट्रस्ट निर्देश के चलाते अपनी कुछ सुविधाओं को रोल बैक या रोकने की नौबत आ सकती है। इस निर्देश के तहत मेटा की व्हाट्सएप मैसेजिंग सेवा को उपयोगकर्ता डेटा को मेटा के साथ विज्ञापन उद्देश्यों के लिए साझा करने से रोका गया है। यह जानकारी मेटा के अदालत में दायर किए गए दस्तावेज में दी है। मेटा ने भारत की प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी है, इसमें कहा गया था कि कंपनी ने अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी के माध्यम से व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को अधिक डेटा संग्रह और साझाकरण के लिए मजबूर किया। इस आदेश के तहत सीसीआई ने मेटा पर 24.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना और डेटा साझाकरण पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया। मेटा का कहना है कि इस प्रतिबंध से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत विज्ञापन दिखाने की उनकी क्षमता सीमित होगी। मेटा के मुताबिक, डेटा साझाकरण के बिना भारतीय उपयोगकर्ता के लिए व्यक्तिगत विज्ञापन उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। मेटा ने कहा कि यह प्रतिबंध उसके व्यवसाय के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक होगा है। भारत, जहां फेसबुक के 350 मिलियन उपयोगकर्ता और व्हाट्सएप के 500 मिलियन उपयोगकर्ता हैं, मेटा का सबसे बड़ा बाजार है।
सीसीआई ने व्हाट्सएप को आदेश दिया है कि वे उपयोगकर्ताओं को विकल्प दे कि वे अपना डेटा मेटा के साथ साझा करना चाहते हैं या नहीं। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के कारण उपयोगकर्ताओं के पास सेवा खोने का जोखिम था यदि वे डेटा साझा करने की शर्तों को स्वीकार नहीं करते। मेटा को भारतीय एंटीट्रस्ट मामले के अलावा वैश्विक स्तर पर भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मेटा ने तर्क दिया कि सीसीआई को यह निर्णय लेने से पहले मेटा और व्हाट्सएप से सलाह लेनी चाहिए थी। मामले की सुनवाई इस सप्ताह गुरुवार को भारतीय अपीलीय न्यायाधिकरण में शुरू होगी लेकिन यह प्रक्रिया महीनों तक चल सकती है।
हल्दीराम को खरीदने की दौड़ में शामिल हुई अमेरिकी कंपनी पेप्सिको
16 Jan, 2025 08:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । स्नैक्स और मिठाइयां बनाने वाली दिग्गज कंपनी हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदने को होड़ दिलचस्प होती जा रही है। अमेरिकी दिग्गज कंपनी पेप्सिको भी हल्दीराम को खरीदने की दौड़ में शामिल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी के अधिकारी हल्दीराम स्नैक्स फूड में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सीधे प्रमोटर अग्रवाल फैमिली से चर्चा कर रहे हैं। पेप्सिको के अलावा सिंगापुर की कंपनी टेमासेक और अल्फा वेव ग्लोबल भी हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदने की होड़ में शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों ने हल्दीराम में 10-15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए ऑफर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक न्यूयॉर्क में पेप्सिको हेडक्वार्टर के अधिकारियों ने हाल के दिनों हल्दीराम में माइनोरिटी स्टेक खरीदने के लिए अग्रवाल परिवार के सदस्यों के साथ सीधे बात की है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और संभव है कि यह अंजाम तक न पहुंचे। माना जा रहा है कि अगर यह डील आगे बढ़ती है, तब इसमें फंडिंग भी अमेरिका की मूल कंपनी करेगी। पेप्सिको की भारतीय यूनिट की इसमें ज्यादा भूमिका नहीं है। अग्रवाल फैमिली 85,000-90,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन की उम्मीद कर रही है।
लेज चिप्स, कुरकुरे नमकीन स्नैक्स और डोरिटोस नाचो चिप्स बनाने वाली कंपनी पेप्सिको को भारतीय स्नैक्स बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय कंपनियों और डायरेक्ट टू कंज्यूमर कंपनियों की संख्या में काफी तेजी आई है। इसमें हल्दीराम, बीकानेरवाला, बालाजी और लिस्टेड कंपनियों बीकाजी फूड्स, गोपाल स्नैक्स और प्रताप स्नैक्स शामिल हैं। साथ ही एथनिक स्नैक्स कंपनियों की भी बाजार में भरमार है। इनमें से ज्यादातर की कीमत जाने-माने ब्रांड्स के कम है। वे डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूशन करते हैं और रिटेलर्स को ज्यादा लाभ देते हैं।
पेप्सिको की वेस्टर्न स्नैक्स मार्केट चिप्स और नाचोस में लगभग 24 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। लेकिन नमकीन, भुजिया और चना चूर जैसे लोकल स्नैक्स में कंपनी अभी भी बहुत पीछे है। यह वजह है कि कंपनी हल्दीराम को अपने साथ लाना चाहती है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के आंकड़ों के अनुसार, पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स ने अप्रैल से दिसंबर 2023 की नौ महीने की अवधि के लिए 5,954.16 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया। इसी अवधि में पेप्सिको के स्नैक्स बिजनस का रेवेन्यू 4,763.29 करोड़ रुपये रहा। हल्दीराम स्नैक फूड्स ने वित्त वर्ष 2024 में 12,800 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पेप्सिको से करीब दोगुना है। यह 500 प्रकार के स्नैक्स, नमकीन, मिठाइयां, रेडी टू ईट और प्री-मिक्स्ड फूड बनाती और डिस्ट्रीब्यूट करती है।
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