महाराष्ट्र
Nitesh Rane के बयान से सियासी बवाल, टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
4 Apr, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार में मंत्री नीतेश राणे शुक्रवार (3 अप्रैल) को मुंब्रा में छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित अभिवादन एवं माल्यार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. इस बीच उन्होंने एक बार फिर ऐसा बयान दिया जो फिर चर्चा का विषय बन गया. बीजेपी नेता नीतेश राण ने मुस्लिम समुदाय को लेकर कहा कि मैं छाती ठोककर कहता हूं कि मैं किसी गोल टोपी और दाढ़ी वालों की वजह से विधायक नहीं बना हूं. मैं जो विधायक बना हूं, वह हमारे हिंदू समाज ने मुझे चुनकर यहां विधायक के रूप में खड़ा किया है।
'हिंदू समाज को डराना-धमकाना नहीं'
मंत्री नितेश राणे ने आगे कहा कि हमारे हिंदू समाज को धमकाना-डराना नहीं. तुम अगर हमारा तीसरा डोला (आंख) खोलोगे तो शुक्रवार को तुम्हारा सिलेंडर भी ऊपर नहीं आएगा, इतनी सावधानी बरतना. उन्होंने आगे कहा कि अच्छी तरह से सावधानी बरतना. क्योंकि हमारे इस हिंदू राष्ट्र में, हमारे हिंदू समाज ने आशीर्वाद देकर हमें यहां बिठाया है. उन्होंने आगे कहा कि मैं जो मंत्रालय में बैठता हूं या यहां तुम्हारी सभा में आया हूं, वह विधायक या मंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक हिंदू के रूप में तुम सबसे बात करने और तुम्हें ताकत देने के लिए आया हूं. इसलिए तुम निश्चिंत रहो।
हमें वोटों की चिंता नहीं है- नीतेश राणे
बीजेपी नेता ने आगे कहा कि हमें वोटों की चिंता नहीं है. अगर उनके पाँच वोट कम होंगे, तो हमारे हिंदू समाज के पचास वोट हमें मिलेंगे, इसकी चिंता मत करो. हमें अच्छी तरह पता है कि हमारे हिंदू समाज की ताकत क्या है।
उन्होंने अंत में कहा कि यह किसी के पिता का मुंब्रा नहीं है. यह हमारे हिंदू राष्ट्र की मुंब्रा देवी हैं. इसलिए हमें यहां सभा आयोजित करने, हमारे भगवाधारी मुंब्रा में जाकर हमारी इस हिंदू भूमि पर छत्रपति शिवाजी महाराज का जयघोष करने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
परीक्षा के बाद फोन किया, फिर छात्रा की मौत से सनसनी
3 Apr, 2026 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नांदेड़ जिले के विष्णुपुरी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण तकनीकी महाविद्यालय के हॉस्टल में 19 साल की एक छात्रा का शव फासी के फंदे से लटका हुआ मिला. यह घटना बुधवार की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हिमायतनगर तालुका के वाघी गांव की रहने वाली मृतका की पहचान सानिका खांडे के रूप में हुई है, जो कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार शाखा के द्वितीय वर्ष में पढ़ रही थी. उसका भाई भी उसी क्लास में पढ़ रहा था. घटना वाले दिन महाविद्यालय में आंतरिक परीक्षाएं चल रही थी. सानिका की परीक्षा बुधवार सुबह 8 से 9:30 बजे तक हुई थी. परीक्षा खत्म होने के बाद वह अपनी दोस्त के साथ हॉस्टल चली गई।
हॉस्टल में मिला शव
जानकारी के मुताबिक, सानिका हॉस्टल जाने के बाद अपने चाचा को फोन करके बताया कि परीक्षा अच्छी गई. इसके बाद दोनों दोस्त एक साथ टहलने चली गई. कुछ समय बाद दोस्त दोपहर का खाना खाने चले गए और जब वह वापस लौटे, तो उन्होंने हॉस्टल में सानिका का शव लटका हुआ पाया. घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कॉलेज स्टाफ ने तुरंत शव को नीचे उतारा और सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि सानिका एक बेहद होशिययार और मेहनती छात्रा के रूप में जानी जाती थी. उसका सपना इंजीनियर बनने का था. उसकी अचानक मौत से उसके दोस्तों और कॉलेज के शिक्षकों में गहरा शोक का माहौल है।
कॉलेज प्रशासन पर लगे आरोप
इस घटना के बाद परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उनका आरोप है कि घटना के बाद परिवार को तुरंत सूचित नहीं किया गया. साथ ही उनका यह भी आरोप है कि कॉलेज स्टाफ ने परिजनों को सूचित किए बिना शव को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया. इस वजह से इस मामले में संदेह का माहौल बन गया है। ग्रामीण पुलिस ने इस घटना को आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. हालांकि, सानिका खांडे की आत्महत्या का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है. इस घटना ने हॉस्टल में छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रैफिक जाम कराने वालों पर एक्शन, ड्राइवर और ठेलेवाले पर केस दर्ज
3 Apr, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। ट्रैफिक बाधित करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा दो जगहों पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. पुलिस ने पहली कार्रवाई मुंबई एयरपोर्ट पर की है. वहीं दूसरी कार्रवाई भांडुप में ठेलेवाले पर की है. पहली कार्रवाई में मुंबई एयरपोर्ट के अराइवल पर गलत तरीके से कार पार्क कर ट्रैफिक में बाधा और खतरा पैदा करने के मामले में एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन ने एक चालक के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत कार्रवाई की गई है.
गश्त के दौरान पुलिस ने एयरपोर्ट पर की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 1 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6:45 बजे का है, जब एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कांस्टेबल आरती निवृत्ती कुळसुंगे गश्त पर थीं. इस दौरान वह छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (विले पार्ले पूर्व) के अराइवल एरिया में पहुंचीं. गश्त के दौरान पुलिस टीम को एक कार (MH-05-DK-4238) सड़क के बीचों-बीच खड़ी मिली, जिससे यातायात बाधित हो रहा था और आम लोगों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा था.
पुलिस ने चालक से की पूछताछ
पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान सद्दाम हुसैन अब्दुल हमीद (33), निवासी ठाणे पश्चिम के रूप में बताई. पुलिस ने उसे मौके पर ही समझाया कि इस तरह सार्वजनिक सड़क पर वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध है और इससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है. इसके बाद मौके पर पंचों की मौजूदगी में स्थिति का पंचनामा किया गया, जिसमें पाया गया कि वाहन गलत तरीके से पार्क कर ट्रैफिक में बाधा डाली जा रही थी. एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन ने आरोपी चालक के खिलाफ BNS की धारा 285 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
भांडुप में सब्जी बेचने वाले पर FIR दर्ज
मुंबई के भांडुप इलाके में सार्वजनिक सड़क पर हाथगाड़ी लगाकर सब्जी बेचने और यातायात में बाधा उत्पन्न करने के मामले में भांडुप पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस के मुताबिक बुधवार को सुबह करीब 11:15 बजे भांडुप पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी. इस दौरान टीम टेंभीपाड़ा रोड स्थित वैभव चौक पहुंची, जहां एक संकरी सड़क के किनारे लकड़ी की हाथगाड़ी पर सब्जी बेचते हुए एक व्यक्ति को देखा गया।
हादसे की आशंका के बीच की गई कार्रवाई
जांच में पाया गया कि हाथगाड़ी सड़क पर इस तरह खड़ी की गई थी, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही थी और हादसे की आशंका बनी हुई थी. पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान राजेश बेचालाल गुप्ता (38), निवासी भांडुप पश्चिम के रूप में बताई. उसने स्वीकार किया कि वह सड़क किनारे हाथगाड़ी लगाकर सब्जी बेच रहा था. पुलिस ने मौके पर पंचों की मौजूदगी में पंचनामा किया और आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन लाया गया. इसके बाद उसके खिलाफ BNS की धारा 285 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
शराब के नशे में पत्नी ने किया हमला, पति घायल, केस दर्ज
3 Apr, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। जोगेश्वरी इलाके में घरेलू विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पति पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया. बताया जा रहा है कि महिला शराब का सेवन करती थी. इस मामले में अंबोली पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक अब्दुल कुरैशी (39), जो पेशे से प्लंबर हैं और जोगेश्वरी पश्चिम के यादव नगर इलाके में रहते हैं. पति के मुताबिक शराब पीने को लेकर पत्नी से बहस हुई जिसके बाद उसने उनके ऊपर हमला कर दिया।
पति ने पत्नी पर लगाया ये आरोप
पति ने आरोप लगाया कि 31 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे जब वह घर पहुंचे तो उनकी पत्नी सबा कुरैशी (30) नशे की हालत में घर में सो रही थी. रफीक के मुताबिक, जब उन्होंने पत्नी से रोज शराब पीकर आने को लेकर सवाल किया, तो वह भड़क गई और गाली-गलौज करने लगी. उन्होंने जब उसे समझाने की कोशिश की, तो सबा ने उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए कहा और धमकी देने लगी. आरोप है कि इसी दौरान सबा ने घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से रफीक पर हमला कर दिया. महिला के पति रफीक ने पुलिस को इसकी शिकायत देते हुए अपनी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पति का पैर और हाथ में आईं गंभीर चोटें
इस हमले में रफीक के दाहिने पैर और बाएं हाथ पर चोटें आईं और पैर में गंभीर जख्म हो गया. घायल रफीक ने जोगेश्वरी पूर्व स्थित ट्रॉमा केयर अस्पताल में इलाज कराया, जिसके बाद अंबोली पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 118(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा जल्द ही महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हाई स्पीड ट्रक की टक्कर से टेम्पो पलटा, 8 की जान गई
2 Apr, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। जालना जिले में नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार, 1 अप्रैल को तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेम्पो को टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में आठ महिला श्रमिकों की मौत हो गई और तीन अन्य व्यक्ति घायल हो गए. यह घटना एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम पूरा करने के बाद महिलाओं के एक समूह के घर लौटने के दौरान घटी।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘टेम्पो में चालक समेत कुल 11 लोग सवार थे. जैसे ही वाहन चलने वाला था, मुंबई की ओर जा रहे तेज रफ्तार एक ट्रक ने उसे कडवांची गांव में पीछे से टक्कर मार दी.” उन्होंने बताया कि सात महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला ने जालना के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
सामने आए मृतक महिलाओं के नाम
मृतकों की पहचान अलकाबाई अदमाने (45), लक्ष्मीबाई मदन (35), मीणा अदमाने (45), कंचन अदमाने (50), ताराबाई चौधरी (60), कडुबाई मदन (55) और सुमन अदमाने (70) के रूप में की गई है. ये सभी जालना तहसील की निवासी हैं. फिलहाल आठवीं महिला की पहचान नहीं हो पाई है और तीन घायल व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
मृतकों के परिवार को 5 लाख मुआवजे का ऐलान
पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आठ व्यक्तियों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
e-KYC न होने पर खातों पर रोक, लाखों लाभार्थी प्रभावित
2 Apr, 2026 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार की 'लाडकी बहिन योजना' से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. इस योजना के तहत करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए हैं. इसकी वजह यह बताई गई है कि इन लोगों ने समय सीमा के अंदर अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना में कुल 2.43 करोड़ खाते रजिस्टर थे. लेकिन इनमें से लगभग 68 लाख खातों ने तय समय यानी 31 मार्च तक ई-केवाईसी नहीं कराया. जिसके चलते उन्हें अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. अब योजना में सक्रिय खातों की संख्या घटकर करीब 1.75 करोड़ रह गई है।
सरकार ने बढ़ाई ई-केवाईसी की अंतिम तारीख
ई-केवाईसी यानी ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन एक जरूरी प्रक्रिया है, जिसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे. इसी कारण सभी लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया समय पर पूरी करना अनिवार्य किया गया था. हालांकि, सरकार ने लोगों को राहत देते हुए ई-केवाईसी की अंतिम तारीख को बढ़ा दिया है. अब लाभार्थी 30 अप्रैल तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि जो लोग इस नई समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अपडेट कर देंगे, उनके खाते फिर से सक्रिय किए जा सकते हैं।
जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करें लोग- सरकार
सरकार का मानना है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी या निष्क्रिय खातों को हटाया जा सकेगा. वहीं, जिन लोगों के खाते बंद हुए हैं, उनसे अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करें, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिलता रहे. इस फैसले के बाद लाभार्थियों में चिंता भी देखी जा रही है, लेकिन समय सीमा बढ़ने से उन्हें एक और मौका मिल गया है।
अहिल्यानगर हादसा: तालाब में डूबे तीन बच्चे, एक की मौत, दो लापता
1 Apr, 2026 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। अहिल्यानगर जिले के नेवासा तालुका के सोनई गांव में एक चौंकाने वाली घटना हुई है, जहां भंडारण तालाब में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. जिसकी उम्र करीब 8 से 12 साल की थी. बताया जा रहा है कि ये तीनों बच्चे एक ही गांव के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार, सोनाई गांव में रहने वाले तीन बच्चे भंडारण तालाब में तैरने गए थे. तीनों बच्चे तैरने के लिए तालाब में कूदे, लेकिन तलब की गहराई और पानी की हालत का अंदाज न होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और पानी में डूब गए. इसस हादसे से पूरे गांव में डर और चिंता फैल गई है।
बच्चों को बचाने की कोशिशें
इस बीच, जब बच्चों के डूबने की जानकारी लोगों को मिली, तो स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए. इसके तुरंत बाद लोगों पुलिस को सूचना दी, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों की खोज शुरू की. पहले ही प्रयास में एक बच्चे का शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
दो बच्चों की तलाश जारी
बाकी दो और बच्चों की तलाश जारी है, क्योंकि दोनों बच्चों के शव अभी तक नहीं मिले हैं. पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों बच्चों की तलाश में जुटे हैं. फिलहाल, इसके लिए बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच चुका है और वह भी दोनों बच्चों के शवों को खोजने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। इस घटना के बाद तालाब के पास बड़ी संख्या में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है. लोग बच्चों के मिलने की दुआ कर रहे हैं. इस घटना से अहिल्यानगर में सनसनी फैल गई है. इस घटना की जांच जारी है. स्थानीय पुलिस प्रशासन ने बच्चों के परिवार वालों से सबर रखने और खोजने में मदद करने की अपील की है।
रक्षक बन भक्षक, अकोला पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप
1 Apr, 2026 04:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अकोला से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 'सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय' का नारा देने वाली पुलिस पर ही आरोप लग रहे हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी भूलती जा रही है. पुलिस हिरासत में एक महिला आरोपी के साथ ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी द्वारा आपत्तिजनक बातचीत करने का मामला सामने आया है। इसस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी का राजेश जाधव बताया जा रहा है, जो सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर था. महिला से छेड़छाड़ और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उसके खिलाफ सिविल पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
लॉकअप में महिला से की गई शर्मनाक मांग
यह घटना 31 मार्च की रात अकोला शहर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के पुलिस लॉकअप में हुई. मिली जानकारीके अनुसार, 80 लाख की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार महिला को सिविल पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया था।
इसी दौरान आरोपी एसआई राजेश जाधव नामक पुलिस अधिकारी ने आरोपी महिला से पूछा कि तुम्हारी बेटी की उम्र क्या है? और फिर 10 हजार रुपये देने का लालच देकर कहा कि उसे रात भर अपनी बेटी को मेरे पास भेज दो. यह सुनकर महिला हैरान रह गई और उसने इस पूरे मामले की जानकारी अधकारियों को दी।
वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई से सवाल किया कि 'तूने वर्दी पहनी है, ऐसा करते हुए शर्म क्यों नहीं आई.' जानकारी के मुताबिक, गुस्सा अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस वर्दी में होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हाथ पीछे खींचना पड़ा. यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई है।
पुलिस पर उठे सवाल
हालांकि, इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में बड़ा हंगामा हुआ. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही शारीरिक सुख की मांग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया जाएगा. इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में ही महिलाओं की असुरक्षा का माहौल है. इसलिए महिलाओं की सुरक्षा का एक बड़ा सवाल यहां उठता है।
वसई में दोस्त बना कातिल, मामूली झगड़े में की हत्या; पहचान टैटू से हुई
1 Apr, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पालघर जिले के वसई से सामने आए सिर कटे शव के मामले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. यह घटना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि भरोसे और दोस्ती के टूटने की भी कहानी को उजागर किया है. जिस दोस्त पर मृतक ने भरोसा करके एक छोटी सी दुकान साझेदारी में शुरू की थी, उसी दोस्त ने पैसों के विवाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। सोमवार सुबह 9 बजे के आसपास मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) के पास पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में आम के बाग में एक बोरी में सिर कटा हुआ शव मिला. पुलिस के सामने शव की पहचान करना मुश्किल था, लेकिन हाथ पर बने एक नाम के टैटू के जरिए मृतक की पहचान हुई. पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और महज 8 घंटे में आरोपी तक पहुंच गई।
दोस्ती बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मृतक अशोक सिंह राजपूत और आरोपी दिनेशकुमार प्रजापति ने मिलकर घर बसाने के लिए वसई के जाबरपाड़ा में किराने का एक छोटा सा व्यवसाय शुरू किया था। लेकिन धीरे-धीरे पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि आरोपी ने सीधे अपने दोस्त की जान लेने का फैसला किया. पैसों के झगड़े मआरोपी इस हद तक गिर गया कि उसने अपने दोस्त को मार डाला। सिर्फ इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए उसने शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया. उसने धड़ को खाणीवडे खाड़ी में फेंक दिया, जबकि सिर को नदी के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया।
पुलिस की तेजी से खुली राज
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई. इसी आधार पर दिनेशकुमार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने साथी का नाम भी बताया। इस सनसनीखेज घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, घटना स्थल पर जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई. इसके आधार पर दिनेशकुमार प्रजापति को जाबरपाड़ा से हिरासत में लिया गया.।पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने साथी संदीप तिवारी का भी नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत ड्रोन की मदद से इलाके में तलाशी ऑपरेशन चलाया और मृतक का सिर, मोबाइल फोन और अन्य सबूत बरामद किए. फॉरेंसिक टीम की मदद से सभी वस्तुओं को जब्त कर लिया गया है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और वसई कोर्ट ने उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, उसे “चोरी” के आरोप में बदनाम किया गया था
31 Mar, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के बीड़ जिले के मांजरसुंबा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम संबंधों के विवाद के चलते 23 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान ज्ञानेश्वर तुकाराम कोकाटे के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गर्लफ्रेंड के परिजनों के की गई मारपीट और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि ज्ञानेश्वर का नेकनूर के पास एक गांव की लड़की के साथ प्रेम संबंध था. जब इस रिश्ते की जानकारी लड़की के परिवार को मिली तो उन्होंने गुस्से में उसे गांव बुलाया. वहां उसकी बाइक और मोबाइल छीन लिए गए और चार लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की. इतना ही नहीं उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर गांव में बदनाम करने की भी कोशिश की गई।
आत्महत्या से पहले लिखा सुसाइड नोट
इस घटना के बाद ज्ञानेश्वर गहरे मानसिक तनाव में चला गया था. आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा , “मुझे बहुत मारा, गांव में चोर के रूप में बदनाम किया, तुम्हें जान से मार देंगे ऐसी धमकियां दी.” इसके बाद उसने धुले–सोलापुर हाईवे के पास एक टायर पंचर की दुकान में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
मेरे बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा गया- मां
घटना के बाद मृतक की मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा गया और उसकी वीडियो भी बनाई गई. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस मामले में नेकनूर पुलिस स्टेशन में चार आरोपियों वसंत उंदरे, सचिन उंदरे, अशोक उंदरे और प्रेम उंदरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
Bharatiya Janata Party ने सहयोगी दल को संयम बरतने की सलाह दी
31 Mar, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत चलाए जा रहे 'ऑपरेशन तुतारी' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) हाईकमान ने ब्रेक लगा दिया है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को यह अभियान आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी की ओर से ‘रेड सिग्नल’ दिया गया है। बताया जा रहा है कि 'तुतारी' यानी शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सांसद अगर महायुति में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के गुट के जरिए आना चाहिए. ऐसी सलाह बीजेपी आलाकमान ने एकनाथ शिंदे को दी है।
ठाकरे-पवार के 6-6 सांसद शिंदे के संपर्क में?
खबरों के मुताबिक, 'ऑपरेशन तुतारी' के तहत 6 सांसद (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 6 सांसदों को अपने पक्ष में लाने की शिंदे की तैयारी थी. फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) के पास 7 सांसद हैं. अगर पवार गुट के 6 और ठाकरे गुट के 6 सांसद शिंदे के साथ आते हैं, तो कुल संख्या 19 हो सकती है।
इस रणनीति के पीछे क्या है उद्देश्य?
एकनाथ शिंदे ने इस ऑपरेशन के तहत 19 सांसदों के साथ राजनीतिक सौदेबाजी की ताकत बढ़ाने की कोशिश की है. इससे शिंदे गुट लोकसभा चुनाव 2029 में कम से कम 19 सीटों पर दावा कर सकता है. हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी इस रणनीति को ‘ग्रीन सिग्नल’ नहीं मिला है. विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी नहीं की।
उद्धव ठाकरे का साथ क्यों छोड़ सकते हैं सांसद?
कुछ संभावित कारणों के चलते शिवसेना यूबीटी के सांसद अपनी पार्टी से नाराज हो सकते हैं. ये कारण कुछ इस प्रकार हैं-
- अगले 5 वर्षों तक महायुति सरकार स्थिर रहने की संभावना है
- कई सांसद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं
- विकास कार्यों के लिए निधि प्राप्त करने में कठिनाई
- केंद्र और राज्य, दोनों जगह महायुति सरकार होने का लाभ
- पार्टी और चुनाव चिन्ह का मुद्दा सेकंडरी होता जा रहा है
- बीजेपी के साथ होने से विकास कार्यों और फंड में आसानी होगी
बयान में सरकार के दावे और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर का मुद्दा उठाया
31 Mar, 2026 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने देश को नक्सल मुक्त बनाने की तारीख रखी थी 31 मार्च. इससे एक दिन पहले ही उन्होंने लोकसभा में ऐलान कर दिया कि अब भारत नक्सल मुक्त हो गया है. नक्सलियों के नेटवर्क को चलाने वाले टॉप 12 नक्सली मारे जा चुके हैं और लाल आतंक का खात्मा हो गया है. अमित शाह के ऐलान पर शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सासंद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया आई है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "नक्सलवाद पर कार्रवाई यूपीए के कार्यकाल से शुरू हुई थी. अब ये लोग आकर इसके खात्मे का क्रेडिट ले रहे हैं. उसमें योगदान सिर्फ एक सरकार का नहीं हो सकता. नक्सलियों का खात्मा लगातार जारी रहने वाला एक्शन है. पुलिस फोर्सेस को पुख्ता करना, कोब्रा जैसे फोर्स बनाना... छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार ने इसपर काम किया था।"
'इकलौता क्रेडिट लेना दुर्भाग्यपूर्ण'
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "कोई भी इसपर इकलौता हक जमाए कि नक्सलियों का खात्मा उनकी वजह से हुआ है, यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. जबसे बीजेपी सरकार में आई है तबसे ऐसी ही चीजें देखने को मिल रही हैं।"
'नक्सलवाद पर बात हो रही, पहलगाम हमले पर क्यों नहीं?'
शिवसेना यूबीटी नेता ने आगे कहा, "नक्सलवाद के खात्मे पर सदन में चर्चा हुई, बहुत अच्छी बात है, लेकिन इस बात पर चर्चा कब होगी कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले जो जानकारी लीक हो गई थी, इंटेलिजेंस फेलियर की वजह से इतना बड़ा आतंकवादी हमला हुआ... फिर लाल किले पर टेरर अटैक हुआ. इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो की वर्किंग पर कब चर्चा होगी? इसकी जवाबदेही कब तय की जाएगी?"
'जनता के मुद्दे की बात पर चर्चा कब होगी?'- प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना यूबीटी सांसद ने आगे कहा, "अभी जनता को सबसे ज्यादा क्या प्रभावित कर रहा है. जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है, हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं, उसकी वजह मिडिल ईस्ट में हो रहा युद्ध है. लोगों को एलपीजी सिलेंडर के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, यह इसी युद्ध की वजह से हो रहा है. हम मांग कर रहे हैं कि इसपर भी चर्चा हो."बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "चलिए आप नक्सलवाद पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तो थपथपाइये, लेकिन जो मौजूदा समय में सबसे बड़ा संकट हमारे देश में आया हुआ है, जो दूसरे देशों की वजह से हो रहा है, उसपर भी चर्चा होनी चाहिए।"
सपा सांसद राजीव राय ने भी दिया बड़ा बयान
घोसी से समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा, "किसी भी बीमारी की डायग्नोसिस करनी चाहि, वजह पता करनी चाहिए कि नक्सलवाद क्यों होता है? कोई हिंसा का समर्थन नहीं करता. हम बहुत ही खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं. जो लोग देश के लिए शहादत देते हैं, संसद से लेकर सीमा तक जो लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हैं, उनका अपमान होता है. समाज में जाति-मजहब और कपड़ा देखकर अन्याय होता है. कोई मां की कोख से नक्सली या आतंकी पैदा नहीं होता. अगर सरकार लगातार दमनकारी नीति अपनाती रहे, भेदभाव करती रहे, लोगों में असमानता का भाव रहे. भाषणों में तो अच्छा लगता है लेकिन जमीन पर वह हकीकत नजर नहीं आती है।"
अमरावती में खौफनाक वारदात, मामूली रकम के लिए हत्या और दुष्कर्म
30 Mar, 2026 02:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के अमरावती से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. फ्रेजरपुरा पुलिस स्टेशन की सीमा में भानखेड़ा गांव की ओर जाने वाली सड़क पर जंगल के पास एक लड़की और उसके दोस्त को रोककर बदमाशों ने मारपीट लूटपाट की घटना को अंजाम दिया. सिर्फ इतना ही नहीं, उन दरिंदों ने लड़की के साथ बलात्कार जैसी घिनौनी हरकत भी की, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी के बाद फ्रेजरपुरा पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आगे की जांच शुरू की. जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कारवाई करते हुए इस गंभीर अपराध में शामिल कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
120 रुपए छीने, फिर किया रेप
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित लड़की अपने दोस्त के साथ एक्टिवा वाहन से जा रही थी, तभी अचानक पांच अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका. आरोपियों ने दोनों को बेरहमी से मारपीट कर लात-घूसों से बुरी तरह पीटा और उनके पास मौजूद करीब 120 रुपये की नकदी छीन ली. मारपीट और लूट के बाद एक आरोपी लड़की को जबरन जंगल के एक तरफ ले गया, जहां उसके साथ बलात्कार किया. इस दौरान उनके अन्य आरोपी भी आसपास मौजूद थे. फिलहाल पीड़ित लड़की का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस की हिरासत में पांच आरोपी
घटना की जानकारी मिलते ही फ्रेजरपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर इस गंभीर अपराध में पांच आरोपियों को हिरासत में लिया. इस मामले की आगे की जांच फ्रेजरपुरा पुलिस कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि पीड़िता, गवाहों और आरोपियों के बारे में जानकारी आधिकारिक पुष्टि से पहले साझा न करें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मौजूदा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिडिल ईस्ट तनाव पर संजय राउत का बयान, केंद्र सरकार को घेरा
30 Mar, 2026 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना यूबीटी से राज्यसभा के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारत की स्पष्ट विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मध्य पूर्व संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों ने अपना रुख साफ कर दिया है, लेकिन भारत अब तक चुप है और कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। राउत ने कहा कि इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों में भारतीय प्रभावित हुए हैं, कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में नौकरियां चली गई हैं. इसके बावजूद भारत सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने पूछा कि जब भारतीय नागरिक संकट में हैं तो सरकार की प्राथमिकता क्या है और वह इस मुद्दे पर क्यों चुप है।
'भारत को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा'
संजय राउत ने कहा, "भारत के सामने एक अलग संकट है. भारत पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं हो रहे हैं लेकिन ईरान के आसमान पर छाये काले बादल भारत पर कहर ढा सकते हैं. दूसरे जो कुछ कर रहे हैं, उसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ सकता है।"शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा, "ईरान में बार बार हो रहे हमलों के कारण आसमान में उठने वाला काला धुआं कई जहरीली गैस लिए हुए है. इस जहरीली गैस के कारण ईरान के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि यह धुआं जानलेवा साबित हो सकता है।"संजय राउत ने कहा कि भारत के सीमावर्ती राज्यों, खास कर गुजरात, राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों में इसका गहरा असर पड़ सकता है. ‘‘ईरान के आसमान पर छाये गहरे काले बादल पूरी मानवता के लिए खतरा हैं।’’
ट्रंप और पाकिस्तान का जिक्र कर साधा निशाना
शिवसेना यूबीटी सांसद ने पीटीआई को दिए बयान में कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान तो अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है और डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान की भूमिका का स्वागत कर रहे हैं. लेकिन भारत को चुप रखा गया है, बोलने से मना किया गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को सिर्फ चुनाव प्रचार पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है और ट्रंप तय करेंगे कि मोदी जी केरल में चुनाव प्रचार करेंगे या पश्चिम बंगाल में, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट पर कुछ नहीं कहा जा रहा है।
बंगाल हिंसा और बीजेपी समर्थकों पर भी टिप्पणी
राउत ने पश्चिम बंगाल में हालिया हिंसा पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनकी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी समर्थक वर्ग की गतिविधियां हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस पर बयान दे रही हैं तो उसमें सच्चाई है और स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
चोरी की कोशिश पड़ी भारी, बिजली टावर बना काल
30 Mar, 2026 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के बीड जिले के केज तालुका से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, यहां हाई वोल्टेज बिजली के तार चुराने की कोशिश में पूरा टॉवर गिरने से दो चोरों की मौके पर ही मौत हो गई. चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद अन्य साथियों ने दुर्घटना का नाटक रचकर शवों को परभणी ले गए, लेकिन वहां जाने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे से पांच लोगों का एक गिरोह केज तालुका के नांदूर घाट शिवर में तार चुराने के उद्देश्य से आया था. शनिवार की रात को ये चोर हाई वोल्टेज टॉवर पर चढ़ गए और तार काटने का काम शुरू कर दिया. हालांकि, इसी दौरान टॉवर जमीन पर गिर गया. इस भीषण दुर्घटना में अविनाश पाटोले और आकाश आडे नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क हादसे का नाटक कर शव छोड़ फरार हुए साथी
घटना के बाद घबराए अन्य तीन साथियों (आकाश पेठे, दीपक भगत और वैभव आदत) ने पुलिस से बचने के लिए एक तरकीब निकाली. उन्होंने इन मौतों को 'सड़क दुर्घटना' का रूप देने की कोशिश की. दोनों शवों को एक कार में डालकर उन्होंने सीधे परभणी का रुख किया. परभणी पहुंचने के बाद, तीनों साथी शवों को गाड़ी में छोड़कर वहां से भाग गए। जब गाड़ी के ड्राइवर ने एम्बुलेंस की मदद से शवों को अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की तो मृतकों के रिश्तेदारों को इस घटना की जानकारी मिली. रिश्तेदारों ने पूछताछ की और पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद चोरी का यह चौंकाने वाला मामला सामने आया।
फरार आरोपियों की तलाश कर रही है पुलिस
इस घटना की जानकारी मिलते ही परभणी और केज पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और पंचनामा किया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि टॉवर कैसे गिरा और क्या इस गिरोह का जाल कहीं और भी फैला हुआ है. फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस घटना से बीड और परभणी जिले में हड़कंप मच गया है।
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