महाराष्ट्र
वेस्टर्न रेलवे पैसेंजर्स ध्यान दें! मरीन लाइंस पर शनिवार रात रहेगा ब्लॉक, चर्चगेट से आने-जाने वाली लोकल ट्रेनों का शेड्यूल बदला
30 May, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | पश्चिम रेलवे के अंतर्गत सफर करने वाले मुंबईकरों के लिए एक जरूरी खबर है। मरीन लाइन्स स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 के मध्य स्थित फुट ओवर ब्रिज (FOB) के भारी-भरकम गर्डरों को रोड क्रेन की मदद से स्थापित (लॉन्च) करने का काम किया जाना है। इस तकनीकी कार्य को पूरा करने के लिए 30 और 31 मई,2026 की दरमियानी रात को एक विशेष मेजर ब्लॉक लिया जाएगा। रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, यह ब्लॉक मरीन लाइन्स स्टेशन से गुजरने वाली सभी अप और डाउन लाइनों पर लागू होगा, जिसके कारण देर रात और तड़के चलने वाली कुछ उपनगरीय लोकल ट्रेनें आंशिक या पूरी तरह से प्रभावित रहेंगी। राहत की बात यह है कि 31 मई को दिन के समय कोई ब्लॉक नहीं रहेगा।
चर्चगेट नहीं जाएंगी ये ट्रेनें, मुंबई सेंट्रल पर ही समाप्त और शुरू होंगी सेवाएं
मेजर ब्लॉक के चलते चर्चगेट स्टेशन तक जाने और वहां से छूटने वाली कई लोकल ट्रेनों को मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर ही रोकने (शॉर्ट टर्मिनेट) और वहीं से वापस चलाने (शॉर्ट ओरिजिनेट) का निर्णय लिया गया है। प्रभावित होने वाली ट्रेनों की सूची इस प्रकार है:
ट्रेन संख्या BO91014: बोरीवली से रात 00:10बजे चलकर चर्चगेट जाने वाली लोकल केवल मुंबई सेंट्रल (01:15 बजे) तक जाएगी।
ट्रेन संख्या VR91018: विरार से रात 23:49 बजे छूटने वाली लोकल चर्चगेट के बजाय मुंबई सेंट्रल तक ही संचालित होगी।
ट्रेन संख्या BO91020: बोरीवली से रात 00:30बजे प्रस्थान करने वाली ट्रेन मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी।
ट्रेन संख्या VR91024: विरार से रात 00:05बजे रवाना होने वाली लोकल भी सिर्फ मुंबई सेंट्रल तक जाएगी।
वापसी की सेवाएं: सुबह चर्चगेट से चलने वाली ट्रेन संख्या VR90011 (सुबह 04:25बजे) और ट्रेन संख्या BO90015 (सुबह 04:28बजे) चर्चगेट के बजाय मुंबई सेंट्रल स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेंगी।
नोट: उपर्युक्त सभी ट्रेनें मुंबई सेंट्रल और चर्चगेट स्टेशनों के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेंगी।
ब्लॉक के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए पहली और आखिरी ट्रेनों का समय
देर रात यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रेलवे ने चर्चगेट स्टेशन के लिए आखिरी और ब्लॉक के बाद शुरू होने वाली पहली ट्रेनों की समय-सारणी जारी की है:
अंतिम ट्रेन (विरार से चर्चगेट): ब्लॉक शुरू होने से पहले विरार से चर्चगेट के लिए अंतिम लोकल (ट्रेन संख्या VR91012) रात 23:30बजे प्रस्थान करेगी और रात 01:10 बजे चर्चगेट पहुंचेगी।
पहली स्लो ट्रेन (चर्चगेट से): ब्लॉक समाप्त होने के बाद चर्चगेट से छूटने वाली पहली धीमी लोकल (ट्रेन संख्या BO90025) सुबह 04:46बजे अपने निर्धारित मार्ग पर रवाना होगी।
पहली फास्ट ट्रेन (चर्चगेट से): चर्चगेट स्टेशन से तड़के प्रस्थान करने वाली पहली तेज गति की लोकल (ट्रेन संख्या VR90021) सुबह 04:40 बजे पटरी पर दौड़ेगी।
यात्रियों से सहयोग की अपील, समय देखकर ही घर से निकलने की सलाह
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे ब्लॉक के समय को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवर ब्रिज का यह काम बेहद अनिवार्य है। देर रात और सुबह के इस ब्लॉक के दौरान मुंबई सेंट्रल से चर्चगेट के बीच सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि इस अवधि में होने वाली सीमित असुविधा को कम किया जा सके।
NEET-CBSE पेपर लीक और धांधली पर घिरी सरकार: आदित्य ठाकरे बोले- सिर्फ जांच काफी नहीं, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी
29 May, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इन महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई लापरवाही न केवल परीक्षा आयोजित करने वाले बोर्ड और मंत्रालय की नाकामी को दर्शाती है, बल्कि यह देश के होनहार और कठिन परिश्रम करने वाले युवाओं के वैश्विक स्तर पर भरोसे, मान-सम्मान और रोजगार के अवसरों को भी गहरी ठेस पहुंचाती है।
शीर्ष अधिकारियों और जिम्मेदार बोर्ड सदस्यों को हटाने की मांग
आदित्य ठाकरे ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक इस बड़ी लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पीड़ित छात्रों को न्याय मिलना नामुमकिन है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान शिक्षा मंत्री, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सीबीएसई बोर्ड के शीर्ष पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से बर्खास्त किया जाना चाहिए। युवा नेता ने कहा कि जिन लोगों ने नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा का पर्चा लीक किया और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में धांधली की या उसे ठीक से लागू करने में नाकाम रहे, उन्हें जब तक सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक साल 2047 के 'विकसित भारत' की बातें करना पूरी तरह से बेमानी है।
दोबारा परीक्षा और डिजिटल मार्किंग में गड़बड़ियों से छात्रों में रोष
यह तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब देश की दो सबसे बड़ी परीक्षाओं को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई कक्षा 12वीं की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग में बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई गई हैं। छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान न होने, धुंधले स्कैन और नंबरों की गिनती में गंभीर त्रुटियों के मामले सामने आने के बाद हजारों विद्यार्थियों ने री-चेकिंग (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन किया है। ठाकरे ने चेताया कि जब तक पूरी शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार नहीं किए जाते, तब तक भविष्य में किसी बेहतर परिणाम की उम्मीद करना बेकार है।
विपक्षी दलों ने घेरा और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देशभर के छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरा असंतोष और गुस्सा देखा जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने इसे देश की समूची शिक्षा प्रणाली की विफलता करार देते हुए केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। वर्तमान में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में छात्र संगठनों द्वारा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने भी इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि देश की मुख्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक खामियां न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को भी कमजोर कर रही हैं।
नासिक TCS मामला: पुलिस ने दाखिल की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट, दो हजार पन्नों में दर्ज है जालसाजी की पूरी कहानी
29 May, 2026 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक | टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) परिसर से जुड़े कथित कार्यस्थल यौन उत्पीड़न, महिलाओं से अभद्रता, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बेहद संवेदनशील मामले में नासिक सिटी पुलिस ने एक और बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस बहुचर्चित प्रकरण में शुक्रवार को अदालत के समक्ष दूसरी चार्जशीट (आरोप पत्र) पेश कर दी गई है। यह नया आरोप पत्र करीब 2000 पन्नों का है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कई पुख्ता सबूत और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।
विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश के बाद 2000 पन्नों का आरोप पत्र पेश
नासिक पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, विभिन्न महिला पीड़ितों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर मुंबई नाका और देवलाली कैंप पुलिस थानों में कुल 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसी एसआईटी की गहन पड़ताल के बाद राजा रफीक मेमन, शाह रुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसिफ बिलाल अत्तार, शफी भिकन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और आसिफ आलम अंसारी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ यह 2000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट नासिक की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल की गई है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज
इस पूरे मामले में कानून की कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुंबई नाका थाने में दर्ज 8 मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज है, जिनमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, आपराधिक धमकी देने और महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य मामले (क्राइम नंबर 156/2026) में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एट्रोसिटी एक्ट) की विशेष धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
सभी आरोपियों की जमानत खारिज, पूरक चार्जशीट की तैयारी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में नासिक पुलिस द्वारा पहले ही 1500 पन्नों की एक प्राथमिक चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। सरकारी वकीलों की मजबूत दलीलों और पुलिस द्वारा जुटाए गए गंभीर साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने इस मामले के सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं पूरी तरह खारिज कर दी हैं, जिसके चलते सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में उपलब्ध वैज्ञानिक और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर यह दूसरी चार्जशीट दी गई है, लेकिन मामले की जांच अभी रोकी नहीं गई है। एसआईटी की टीम कुछ अन्य नए साक्ष्य जुटाने में लगी है, जिसके आधार पर आने वाले समय में एक पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट भी कोर्ट में पेश की जा सकती है।
सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने पर बोले संजय राउत: सत्ता का खेल आसान नहीं, कर्नाटक के घटनाक्रम पर टिकी नजरें
29 May, 2026 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दल शिवसेना (यूबीटी) ने सिद्धारमैया के इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र की राजनीति के परिदृश्य से इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी प्रतिक्रिया दी है। राउत के इस बयान को आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों और दोनों राज्यों के सीमा विवाद के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।
संजय राउत ने की सिद्धारमैया के कदम की सराहना, महाराष्ट्र के लिए बताया मिसाल
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से मुखातिब होते हुए सिद्धारमैया के फैसले को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया। राउत ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी इतनी सहजता और बिना किसी आंतरिक कलह के छोड़ देना आज के दौर की राजनीति में लगभग असंभव सा दिखता है। राउत के मुताबिक, इस गरिमापूर्ण सत्ता हस्तांतरण के बाद उनके मन में सिद्धारमैया के प्रति आदर और सम्मान बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
'कुर्सी के मोह' पर संजय राउत का तीखा तंज
महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से इस घटनाक्रम को जोड़ते हुए संजय राउत ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "आज देश और विशेषकर महाराष्ट्र में जिस तरह सत्ता के लिए खींचतान और जोड़-तोड़ की राजनीति देखने को मिलती है, उसके विपरीत सिद्धारमैया ने पार्टी अनुशासन को सर्वोपरि रखा।" राउत का यह बयान सीधे तौर पर महाराष्ट्र के मौजूदा शासक दल और उन नेताओं पर एक परोक्ष हमला माना जा रहा है जिन पर विपक्ष लगातार 'कुर्सी के मोह' का आरोप लगाता रहा है।
पार्टी आलाकमान के निर्देश और अनुशासन की जीत
इस्तीफा देने के बाद स्वयं सिद्धारमैया ने भी यह साफ कर दिया था कि वे पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व (आलाकमान) के आदेश का पालन कर रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दो दिन पहले ही पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसका सम्मान करते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंप दिया। महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय राउत द्वारा सिद्धारमैया के इस बयान और फैसले को इतनी प्रमुखता देना, महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर भविष्य में होने वाले गठबंधन और सामूहिक निर्णयों के लिए एक सकारात्मक संकेत देने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
BMC के फैसले से मचा बवाल, बकरीद से पहले मुंबई में गरमाया माहौल
28 May, 2026 03:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में बकरीद के त्योहार से ठीक पहले कई इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिल रही है। इस बीच एक नया मामला मुंबई के गोरेगांव क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ गोरेगांव पूर्व में स्थित गोकुलधाम के सैटेलाइट गार्डन फेज-1 की आजाद नगर डी-3 इमारत के परिसर में कुर्बानी के लिए एक शेड बनाया गया था, जहाँ बकरे भी लाकर रखे गए थे। हालांकि, त्योहार से ऐन एक रात पहले बीएमसी (BMC) ने सोसाइटी परिसर के भीतर बकरे रखने और कुर्बानी देने की दी गई अनुमति को अचानक रद्द कर दिया।
बीजेपी नगरसेविका ने नियमों का हवाला देकर जताई आपत्ति
इस मामले में स्थानीय बीजेपी नगरसेविका प्रीति साटम ने वार्ड ऑफिसर को एक शिकायत पत्र सौंपकर इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अपने पत्र में नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा कि इस रिहायशी सोसाइटी के बिल्कुल पास में ही एक स्कूल और हिंदू धार्मिक स्थल मौजूद है। ऐसी जगह पर सोसाइटी के अंदर कुर्बानी की इजाजत देना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। इस विरोध के बावजूद सोसाइटी परिसर में बकरे रखे गए हैं।
मुस्लिम समुदाय का आरोप: 'बीजेपी के दबाव में हुआ फैसला'
दूसरी तरफ, स्थानीय मुस्लिम समाज ने इस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजनीतिक दबाव के कारण ही बीएमसी ने आखिरी वक्त पर यह परमिशन रद्द की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन पिछले दो सालों से उनके साथ ऐसा ही बर्ताव किया जा रहा है, जो सरासर नाइंसाफी है।
त्योहार मनाने को लेकर उठे सवाल और नाराजगी
परमिशन रद्द होने से नाराज मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा, "क्या संविधान में यह लिखा है कि मुसलमान अपना त्योहार नहीं मना सकते? जब बाकी सभी धर्मों के लोग अपने-अपने त्योहार मनाते हैं, तो हमारे त्योहार मनाने से लोगों को क्या परेशानी है? कोई किसी के घर में झांकने नहीं जाता कि वहां क्या पक रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि जब सड़क पर लोग भूख से दम तोड़ते हैं, तब कोई राजनेता या बड़ा आदमी मदद के लिए आगे नहीं आता, लेकिन त्योहारों के वक्त राजनीति शुरू हो जाती है।
बीएमसी ने 119 जगहों पर दी मंजूरी, दो जगहों पर हुआ विरोध
इस पूरे विवाद पर उप महापौर संजय घड़ी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बीएमसी ने इस साल बकरीद की कुर्बानी के लिए शहर भर में 119 ठिकानों को चिन्हित कर अनुमति दी है। उन्होंने जानकारी दी कि गोरेगांव और घाटकोपर, दो ऐसे इलाके थे जहाँ हाउसिंग सोसाइटी के परिसर के भीतर बकरे लाकर कुर्बानी देने की योजना थी। लेकिन स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों के विरोध व आपत्तियों को देखते हुए प्रशासन ने इन दोनों जगहों पर दी गई इजाजत को वापस ले लिया है।
40 साल पुराना विवाद: कल्याण का Durgadi Fort बना तनाव का केंद्र
28 May, 2026 02:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कल्याण: हर साल बकरीद के मौके पर ऐतिहासिक दुर्गाडी किले के आसपास का माहौल बेहद संवेदनशील हो जाता है। प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए इस दिन हिंदू श्रद्धालुओं के मंदिर प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है। इसी प्रतिबंध के खिलाफ पिछले करीब चालीस वर्षों से एक अनोखा विरोध प्रदर्शन आज भी पूरी शिद्दत के साथ जारी है, जिसे 'घंटानाद आंदोलन' के नाम से जाना जाता है।
इस विवाद को लेकर दोनों समुदायों की तरफ से अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ी जा रही है, जिस पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। इस साल भी बकरीद की नमाज के दौरान यहां भारी गहमा-गहमी देखने को मिली, जहां एक तरफ नमाज के बाद नारेबाजी हुई, तो वहीं दूसरी तरफ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया।
छावनी में बदला इलाका, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
तनाव और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरे दुर्गाडी क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। बीजेपी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा घोषित आंदोलन को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कल्याण के लाल चौकी इलाके सहित संवेदनशील पॉइंट पर सुरक्षा बल तैनात हैं। पुलिस ने किले की तरफ जाने वाले तीनों मुख्य रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग करके उन्हें पूरी तरह सील कर दिया है।
क्या है दुर्गाडी किला विवाद और इसका इतिहास?
मुंबई से सटे कल्याण में स्थित ऐतिहासिक दुर्गाडी किले के भीतर एक प्राचीन मंदिर और एक मस्जिद दोनों मौजूद हैं, जो लंबे समय से विवाद का केंद्र रहे हैं। असल में, बकरीद के विशेष अवसर पर सुरक्षा कारणों से हिंदुओं के मंदिर में आने पर रोक लगाने की व्यवस्था शुरू की गई थी, जिसका हिंदू संगठनों द्वारा लगातार विरोध किया जाता रहा है।
आनंद दिघे और 'घंटानाद आंदोलन' की शुरुआत
इस विरोध प्रदर्शन की नींव साल 1986 में कद्दावर शिवसेना नेता आनंद दिघे (जिन्हें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का राजनीतिक गुरु माना जाता है) ने रखी थी। उन्होंने इस पाबंदी को सीधे चुनौती देते हुए किले के भीतर स्थित मंदिर से 'घंटानाद आंदोलन' का बिगुल फूंका था। दिघे का स्पष्ट दावा था कि यह स्थान मूल रूप से हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और उनके अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।
चार दशकों से जारी है राजनीतिक और सामाजिक टकराव
साल 1986 के उस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद से ही कल्याण का यह किला पूरे महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक विमर्श का एक बड़ा केंद्र बन गया। आनंद दिघे द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और हर साल इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दल और स्थानीय संगठन किले के बाहर पहुंचकर घंटानाद के जरिए अपना विरोध दर्ज कराते हैं।
एयरपोर्ट पर हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी, दो बड़े गैंगस्टर पुलिस के हत्थे चढ़े
28 May, 2026 09:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के दो वांटेड गैंगस्टरों को दबोच लिया है। पंजाब पुलिस, मुंबई पुलिस, CISF और इमिग्रेशन विभाग ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोनों आरोपी फर्जी पहचान के सहारे विदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें धर-दबोचा गया। संगठित अपराध और गैंगवार के खिलाफ इसे सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
विदेश भागने की फिराक में थे कुख्यात आरोपी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ जस्सा और करण किरा के रूप में हुई है। ये दोनों लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली (रंगदारी), हथियारों की अवैध तस्करी और आपराधिक साजिश रचने जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
बंबीहा गैंग से कनेक्शन और पार्षद हत्याकांड में संलिप्तता
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी जसवंत सिंह उर्फ जस्सा का नाता पंजाब के बेहद खतरनाक 'बंबीहा गैंग' से है। वह छिपकर गैंग के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और उस पर हत्या के प्रयास व अवैध हथियारों की सप्लाई के कई मामले हैं। वहीं, दूसरा आरोपी करण किरा अकाली दल के एक पार्षद की हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी है। वह वारदात के बाद से ही पुलिस को छका रहा था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश छोड़ने की कोशिश में था।
खुफिया इनपुट के बाद हवाई अड्डे पर बिछाया गया जाल
इस पूरे ऑपरेशन की नींव पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग को मिले एक पुख्ता इनपुट से पड़ी। इनपुट मिलते ही मुंबई पुलिस और एयरपोर्ट पर तैनात CISF व इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ तुरंत जानकारी साझा की गई। इसके बाद हवाई अड्डे पर विशेष घेराबंदी की गई और दोनों गैंगस्टरों को विमान में सवार होने से ठीक पहले हिरासत में ले लिया गया।
पंजाब पुलिस लेगी ट्रांजिट रिमांड, बड़े खुलासों की उम्मीद
गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुंबई पुलिस ने पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। पंजाब पुलिस की एक स्पेशल टीम जल्द ही मुंबई आकर दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में पंजाब के गैंग नेटवर्क, रंगदारी के धंधे और हथियारों की तस्करी को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
कर्नाटक की सियासत में बयानबाज़ी तेज, संजय निरुपम ने कांग्रेस को घेरा
27 May, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: कर्नाटक की सियासत में इस समय भारी हलचल देखी जा रही है और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में कोई बड़ी भूमिका सौंपने का भरोसा देते हुए उनसे सीएम पद छोड़ने को कहा है। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में चल रही इस उठापटक को लेकर एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। निरुपम ने कांग्रेस को सचेत करते हुए कहा कि बिल्कुल अंतिम समय पर इस तरह के बदलाव करने से पार्टी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला है।
मुख्यमंत्री बदलने से कुछ नहीं बदलेगा, पंजाब की तरह पिटेगी भद्द: संजय निरुपम
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश, दोनों ही राज्यों से कांग्रेस की सत्ता जाने वाली है। निरुपम ने लिखा कि ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी, बल्कि कांग्रेस का हश्र भी बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा पंजाब चुनाव के दौरान हुआ था, जहां पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
पंजाब के पुराने घटनाक्रम का दिया हवाला, नए बदलाव को बताया 'कर्नाटक का नाटक'
कांग्रेस के पुराने दौर को याद करते हुए संजय निरुपम ने कहा कि पंजाब में भी पार्टी ने चुनाव से ठीक पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को पद से हटाकर एक बेहद विवादित और कथित रूप से भ्रष्ट नेता को कमान सौंप दी थी, जो बाद में खुद अपनी दोनों विधानसभा सीटें हार गया था। कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे की खबरों और चल रही सियासी रस्साकशी को निरुपम ने 'कर्नाटक का नया नाटक' करार दिया है।
राज्यपाल से मिलने का मांगा समय, डीके शिवकुमार के राजतिलक की तैयारी तेज
कर्नाटक में अगले दो दिनों के भीतर सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट इसलिए भी पुख्ता मानी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात करने का विशेष समय मांगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धारमैया गुरुवार को राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप सकते हैं। उनके हटने के बाद मौजूदा उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ होने की प्रबल संभावना है।
राहुल गांधी और खरगे की मैराथन बैठक के बाद बनी सहमति
इस पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट दिल्ली में लिखी गई है, जहाँ कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ कई दौर की मैराथन बैठकें कीं। दोनों शीर्ष नेताओं से अलग-अलग और संयुक्त रूप से घंटों तक बातचीत की गई, जिसके बाद ही सरकार और संगठन में संतुलन बनाने के लिए इस फॉर्मूले पर अंतिम सहमति बनने का दावा किया जा रहा है।
BMC की रोक के बावजूद कुर्बानी की कोशिश, प्रशासन ने की कार्रवाई
27 May, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मीरा रोड पर बकरे की कुर्बानी को लेकर हुए हालिया विवाद के बाद अब मुंबई के ही घाटकोपर इलाके में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। यहाँ की एक आवासीय सोसाइटी में बिना बीएमसी (BMC) की अनुमति के कुर्बानी के लिए करीब 25 बकरे लाए जाने के बाद दो पक्षों में गंभीर बहस छिड़ गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस सुरक्षा बल सोसाइटी के भीतर दाखिल हुआ है। इस बीच एक पक्ष की महिलाएं बड़ी संख्या में बिल्डिंग के नीचे जमा हो गई हैं, जिससे बकरों को बाहर निकालने के दौरान विवाद बढ़ने की आशंका गहरा गई है। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई है।
बीजेपी नेता किरीट सोमैया मौके पर पहुँचे, बकरों को निकालने में जुटी बीएमसी
तनाव की सूचना मिलते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया भी घाटकोपर की इस सोसाइटी में पहुँच गए हैं। उनके साथ ही बीएमसी की दो गाड़ियां भी परिसर के भीतर भेजी गई हैं, जो अवैध रूप से लाए गए बकरों को जब्त कर बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोग बकरों को हटाने का कड़ा विरोध कर रहे हैं और सहयोग करने को तैयार नहीं हैं। भारी कशमकश के बीच अब तक केवल एक ही बकरा बाहर निकाला जा सका है और मौके पर माहौल बेहद गर्माया हुआ है।
राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने जताया गहरा रोष, डीजीपी और कमिश्नर को लिखा पत्र
इस बीच, महाराष्ट्र की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बकरीद के दौरान मीरा रोड और अन्य इलाकों में पैदा हुई तनावपूर्ण स्थितियों को लेकर सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस आयुक्त (CP) और पुणे महानगरपालिका आयुक्त को एक पत्र भेजकर कड़ी चिंता व्यक्त की है। राज्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस तरह के धार्मिक व कूटनीतिक विवादों का सीधा असर पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और आपसी सामाजिक भाईचारे पर पड़ रहा है।
सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और अभद्रता पर सख्त कार्रवाई की मांग
अपने आधिकारिक पत्र में राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने पुणे के सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों में हो रही अमर्यादित गतिविधियों पर भी तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने शिकायत की है कि कुछ हालिया कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के मामले बढ़े हैं, जो सभ्य समाज के वातावरण को दूषित कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने और ऐसी घटिया हरकतें करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सौहार्द और सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन को संयुक्त कदम उठाने की अपील
माधुरी मिसाल ने मांग की है कि पुणे पुलिस, स्थानीय महानगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग आपस में तालमेल बिठाकर संयुक्त रूप से सुरक्षात्मक और प्रतिबंधात्मक कदम उठाएं। उन्होंने प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय या हिंसक घटना को रोकने के लिए समय रहते कड़े उपाय किए जाएं, ताकि शहरों में सामाजिक सौहार्द बना रहे और आम नागरिकों व महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके।
मुंबई में फूड हाइजीन पर सवाल, रोटी बनाते समय थूकने का आरोप
27 May, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आर्थिक राजधानी के गोरेगांव ईस्ट इलाके से एक बेहद घिनौना और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नामी होटल में काम करने वाले रसोइये पर ग्राहकों के लिए बनाई जा रही रोटियों पर थूकने का गंभीर आरोप लगा है। इस शर्मनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। मुस्तैदी दिखाते हुए मुंबई पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है, वहीं लापरवाही बरतने के आरोप में होटल संचालक के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
भीड़ के कारण दूसरे होटल पहुंचे ग्राहक ने मोबाइल में कैद की लाइव करतूत
यह पूरी घटना संतोषनगर इलाके में स्थित 'फिश कोलीवाडा' होटल की है। मामले की शिकायत दर्ज कराने वाले 48 वर्षीय दीपक दत्ताराम पवार ने पुलिस को बताया कि 23 मई 2026 की रात वे भोजन करने के लिए घर से बाहर निकले थे। पास के एक अन्य रेस्टोरेंट में ज्यादा भीड़ होने की वजह से वे इस होटल में चले आए। वहाँ खड़े होकर जब उन्होंने रसोई की तरफ देखा, तो उनके होश उड़ गए। तंदूर पर बैठा कारीगर हर रोटी को भट्टी में डालने से पहले उस पर थूक लगा रहा था। दीपक ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का पुख्ता वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
स्थानीय लोगों ने कंट्रोल रूम को दी सूचना, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
वीडियो सामने आने के बाद दीपक पवार ने इसे इलाके के अन्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 मई की रात स्थानीय निवासियों ने सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को इस बात की सूचना दी। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और होटल में हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराकर आरोपी कर्मचारी को अपनी कस्टडी में ले लिया।
उत्तर प्रदेश का रहने वाला है आरोपी, होटल मालिक पर भी उंगलियां उठीं
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में आरोपी की पहचान 53 वर्षीय कौसर गफ्फार शेख के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का निवासी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने होटल के मालिक फैय्याज अहमद शेख के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि खाने-पीने की चीजों में इस तरह की अमानवीय और असुरक्षित हरकतें आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ हैं।
वीडियो की सत्यता जांचने में जुटी पुलिस, कड़े एक्शन की तैयारी
मुंबई पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, पुलिस साइबर सेल की मदद से वायरल हो रहे वीडियो की तकनीकी और कानूनी सत्यता की जांच (फॉरेंसिक एनालिसिस) भी करवा रही है ताकि अदालत में पुख्ता सुबूत पेश किए जा सकें। एहतियात के तौर पर होटल के कामकाज को लेकर भी जांच की जा रही है।
ढोंगी बाबा के जाल में फंसे भाई, नाशिक में ठगी का खुलासा
26 May, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के नाशिक में अंधविश्वास और ढोंगी तांत्रिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बेहद चौंकाने वाली धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ आश्रम और मठ की आड़ में लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले कथित बाबा कमलेश शिवकुमार अधिकारी और उसकी पत्नी के खिलाफ इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों पर संकट में घिरे दो सगे भाइयों को डराकर लाखों रुपये ऐंठने और उनका मानसिक व शारीरिक शोषण करने का आरोप है।
दुख और मानसिक तनाव का उठाया फायदा, डराकर की ठगी
पीड़ित दोनों भाई सोलापुर जिले के रहने वाले हैं। साल 2021 में महज एक महीने के भीतर उनके माता-पिता का निधन हो गया था, जिससे वे गहरे मानसिक तनाव और डर में जी रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यूट्यूब (YouTube) पर नाशिक के पाथर्डी फाटा क्षेत्र के रहने वाले कथित बाबा कमलेश अधिकारी का वीडियो देखा और मदद के लिए उसके पास पहुंचे। आरोप है कि बाबा ने उनकी इस कमजोरी का फायदा उठाकर उनके दिमाग को पूरी तरह वश में कर लिया। उसने दावा किया कि परिवार पर "पिछले जन्म का पाप" और "दैवीय दोष" है, जिसके कारण उनके माता-पिता की जान गई और अब उन दोनों भाइयों पर भी मौत का साया मंडरा रहा है।
श्मशान में अघोरी पूजा, पशु बलि और प्रसाद में दी शराब
तांत्रिक ने पीड़ितों को झांसा दिया कि उनकी पैतृक जमीन पर भारी गुप्त धन छिपा है, जिसे अतृप्त आत्माओं ने घेर रखा है। इसके बाद उसने दोनों भाइयों को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्मशान घाट बुलाया, जहाँ डरा-धमकाकर अघोरी पूजा करवाई गई। इस कथित अनुष्ठान के दौरान पशुओं की बलि दी गई और पूजा के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ऐंठे गए। इसके बाद नांदगांव तालुका के पिंपलखेड आश्रम में भी इसी तरह का अंधविश्वास का खेल खेला गया, जहाँ दोनों भाइयों को जबरन प्रसाद के रूप में शराब पिलाई गई।
जमीन हड़पी, त्र्यंबकेश्वर आश्रम में बंधक बनाकर कराया घरेलू काम
जुर्म और ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। पीड़ितों का आरोप है कि कमलेश अधिकारी ने उन्हें त्र्यंबकेश्वर स्थित अपने आश्रम में जबरन कैद (बंधक) कर लिया और उनसे नौकरों की तरह घरेलू काम करवाए। यही नहीं, बाबा ने संस्था का मठ बनाने के बहाने झांसा देकर दोनों भाइयों की बेशकीमती दो एकड़ जमीन भी चालाकी से अपने नाम ट्रांसफर करवा ली।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से पुलिस तक पहुंचा मामला
इस लगातार हो रहे अत्याचार और शोषण से तंग आकर दोनों भाइयों ने किसी तरह नाशिक की 'अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। समिति के पदाधिकारियों की सक्रियता के बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। इंदिरानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश अधिकारी और उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इस रैकेट से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
ठाणे में हैरान करने वाला मामला, तीसरी मंजिल पर चढ़ा बकरा बना चर्चा का विषय
26 May, 2026 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे (मुंब्रा)। आगामी बकरीद त्योहार की तैयारियों के बीच महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले मुंब्रा इलाके से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला वाकया सामने आया है। यहाँ एक आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर एक बकरा बेहद खतरनाक ढंग से हवा में लटका हुआ नजर आया। यह पूरी घटना मुंब्रा के कौसा क्षेत्र की है, जिसे देखते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ और तत्परता के चलते बकरे को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
लोहे की जाली के बीच बिगड़ा संतुलन, तीसरी मंजिल से लटका
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बकरा किसी तरह इमारत की गैलरी (बालकनी) और सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली के बीच में जाकर फंस गया था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तीसरी मंजिल से सीधे नीचे की तरफ हवा में लटक गया। इतनी ऊंचाई पर फंसे होने के कारण बेजुबान जानवर बुरी तरह घबराकर छटपटा रहा था और काफी देर तक खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद करता रहा।
मुंब्रा के युवाओं का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
हवा में लटके बकरे पर जैसे ही नीचे से गुजर रहे राहगीरों और पड़ोसियों की नजर पड़ी, चारों तरफ शोर मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय युवाओं को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मुंब्रा के कुछ जांबाज युवक बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया। युवाओं ने रस्सियों के घेरे और अन्य साधनों की मदद से बेहद सावधानी बरतते हुए बकरे को ऊपर की तरफ खींचा और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू के दौरान नीचे खड़े लोग सांसें थामकर दुआएं मांगते नजर आए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो
इस हैरतअंगेज घटनाक्रम को नीचे खड़े कई लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर युवकों ने थोड़ी भी देर की होती, तो बकरा सीधे कंक्रीट की सड़क पर गिर जाता और उसकी जान नहीं बच पाती। युवाओं के इस त्वरित और साहसिक प्रयास की चारों तरफ सराहना हो रही है।
सस्पेंस बरकरार: आखिर ऊंचाई पर कैसे पहुंचा बकरा?
इस पूरी घटना के बाद इलाके में यह कौतूहल का विषय बना हुआ है कि आखिर वह बकरा उस ऊंचाई तक और लोहे की जाली के पार कैसे पहुंचा? अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बकरा गलती से भटकते हुए वहां तक चला गया था या फिर उसे त्योहार के मद्देनजर कुर्बानी के लिए वहां लाकर बांधा गया था। फिलहाल, बकरे के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
शेड को लेकर विवाद बढ़ा, मीरा रोड में हाथापाई के बाद माहौल तनावपूर्ण
26 May, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई (मीरा रोड)। आगामी बकरीद के त्योहार से ठीक पहले मुंबई के मीरा रोड इलाके से तनाव की खबर सामने आई है। यहाँ के पूनम क्लस्टर सोसाइटी में बकरीद के मद्देनजर कुर्बानी के लिए एक बकरा शेड तैयार किया गया था। हिंदू पक्ष की आपत्ति और शिकायत के बाद स्थानीय नगर निगम ने इस शेड को मौके से हटवा दिया था, लेकिन आरोप है कि शेड हटाए जाने के बाद मुस्लिम पक्ष द्वारा वहाँ दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया। इसे लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और विवाद देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में बदल गया। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
नगर निगम की कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण से भड़का विवाद
मामले की जड़ सोसाइटी परिसर में कुर्बानी के लिए बनाए गए शेड से जुड़ी है। सोसाइटी के स्थानीय निवासियों और कुछ हिंदू संगठनों ने इस अस्थायी शेड का विरोध करते हुए नगर निगम प्रशासन से शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए सोमवार (25 मई) की दोपहर नगर निगम की टीम ने शेड को पूरी तरह हटा दिया था। हालांकि, इसके बाद जब वहाँ दोबारा बकरा शेड बांधने का काम शुरू हुआ, तो विरोध करने के लिए कई लोग इकट्ठा हो गए। सोमवार की रात दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी बहसबाजी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई।
काशिमीरा थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। इस हिंसक झड़प के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं पर हमला करने के आरोप में काशिमीरा पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 118(1) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इलाके में तनाव बरकरार, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
इस घटना के बाद से पूरी सोसाइटी और आसपास के क्षेत्र में माहौल काफी संवेदनशील और तनावपूर्ण बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों से बातचीत की है और सभी से त्योहार को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और बिना किसी टकराव के मनाने की पुरजोर अपील की है।
तेज रफ्तार का कहर! धुले में डंपर पलटा, पीछे से आ रही बस टकराई
25 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धुले। महाराष्ट्र के धुले तालुका अंतर्गत ललिंग घाट में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ तीन वाहनों के बीच हुई भीषण टक्कर में कम से कम 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि एक तेज रफ्तार डंपर असंतुलित होकर ट्रक पर पलट गया, और इसी दौरान पीछे से आ रही एक निजी ट्रैवल्स बस भी अनियंत्रित होकर इन वाहनों से जा टकराई।
रफ्तार का कहर: नियंत्रण खोने से हुआ दर्दनाक हादसा
शुरुआती अनुमानों और चश्मदीदों के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना वाहनों की तेज गति और अचानक संतुलन खो जाने की वजह से हुई। ललिंग घाट के ढलान और घुमावदार रास्ते पर डंपर चालक का गाड़ी से नियंत्रण पूरी तरह छूट गया था, जिसके बाद वह सीधे ट्रक के ऊपर जा गिरा। रात का अंधेरा होने के कारण पीछे से आ रही प्राइवेट लग्जरी बस के ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिला और बस सीधे दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में जा घुसी।
घायलों को सरकारी अस्पताल में कराया गया भर्ती, कई की हालत नाजुक
हादसे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और हाईवे से गुजर रहे अन्य राहगीर तुरंत मदद के लिए आगे आए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे घायलों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से कुछ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे हताहतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
हाईवे पुलिस कर रही है मामले की जांच, क्रेन से हटाया जा रहा मलबा
इस बड़े हादसे के बाद मुंबई-आगरा हाईवे पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया। हाईवे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत क्रेन और भारी कटर मशीनों को मौके पर बुलाया। फिलहाल युद्धस्तर पर सड़क से दुर्घटनाग्रस्त डंपर, ट्रक और बस को हटाने तथा मलबे को साफ करने का काम किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक को सुचारू किया जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के सही कारणों की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है।
मदरसों पर टिप्पणी को लेकर Nitesh Rane घिरे, बढ़ा विवाद
25 May, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे अपने एक नए और बेहद आक्रामक बयान के कारण एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार उन्होंने आगामी बकरीद के त्योहार को लेकर मुस्लिम समुदाय को 'वर्चुअल' तरीके से कुर्बानी देने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने तथाकथित पर्यावरण प्रेमियों पर भी तीखा तंज कसा है। राणे ने कहा कि जो लोग केवल हिंदू त्योहारों के समय ज्ञान बांटने आगे आते हैं, उन्हें बकरीद पर भी कंप्यूटर स्क्रीन का इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए।
पर्यावरण प्रेमियों पर साधा निशाना, कहा- हिंदू त्योहारों पर ही क्यों मिलती है सलाह?
मंत्री नितेश राणे ने पर्यावरण समर्थकों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब भी हमारी होली या दिवाली आती है, तो कुछ लोग मुफ्त की सलाह देने के लिए तुरंत आगे आ जाते हैं। वे कहते हैं कि पर्यावरण के अनुकूल होली मनाएं, ड्राई होली खेलें या दिवाली पर पटाखे मत फोड़ें।" वीर सावरकर के एक कथन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें दूसरों से ज्यादा अपने ही कुछ लोगों से खतरा है। राणे ने चुनौती देते हुए कहा, "अब बकरीद आ रही है, तो इन पर्यावरण प्रेमियों में हिम्मत है तो वे कहें कि इस बार वर्चुअल बकरीद मनाएं। जीवों को परेशान करने के बजाय मस्त कंप्यूटर पर बकरे की फोटो लगाएं और कहें कि हम बकरा काट रहे हैं।"
मदरसों को बताया 'अड्डे', पुलिस से छापेमारी की अपील की
बकरीद के मुद्दे के साथ-साथ नितेश राणे ने मदरसों को लेकर भी बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "मैं पहले दिन से अपने इस स्टैंड पर कायम हूँ कि ये मदरसे देश विरोधी गतिविधियों के ठिकाने बन चुके हैं, जहाँ किसी भी तरह की वास्तविक या आधुनिक शिक्षा नहीं दी जाती।" उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस से अपील करते हुए कहा कि राज्य में हिंदुत्ववादी सरकार के सत्ता में रहते हुए पुलिस को पूरे साहस के साथ काम करना चाहिए और इन जगहों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी करनी चाहिए।
"मदरसों से डॉक्टर-इंजीनियर नहीं, चरमपंथी निकल रहे हैं"
राणे ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि मीरा रोड दंगों के बाद सभी ने देखा है कि हमारी पुलिस क्या कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि अगर इन ठिकानों पर सही तरीके से रेड डाली जाए, तो पुलिसकर्मियों को मेडल मिलेंगे। उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा, "क्या कोई मुझे एक भी ऐसा मदरसा दिखा सकता है जहां से कोई असली डॉक्टर या इंजीनियर निकला हो? अगर कोई पढ़-लिख भी जाता है, तो अंत में वह गलत राह पर ही निकल पड़ता है। फिर ऐसी डिग्री का क्या फायदा, जहां शिक्षा का इस्तेमाल सिर्फ विनाश के लिए सिखाया जाता हो।"
आने वाले दिनों में बड़े बदलाव का किया दावा
अपने संबोधन के अंत में मंत्री नितेश राणे ने जनता और अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अब बस थोड़ा इंतजार कीजिए और देखते जाइए कि उनके इस क्षेत्र में आने के बाद आगे क्या-क्या बड़ी कार्रवाइयां और बदलाव देखने को मिलते हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।
देश में UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हुआ मध्य प्रदेश, विधानसभा से बिल पास
राहुल गांधी का बड़ा विरोध प्रदर्शन, पीएम आवास के बाहर रातभर धरने का ऐलान
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जेल से बाहर आते ही बनाई गैंगस्टर स्टाइल रील, रीवा पुलिस ने दबोचकर उतारा 'बॉस' का भूत
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश, साइबर सुरक्षा पर सरकार सख्त
दो महीने पहले हुई थी शादी, मायके में नवविवाहिता ने दी जान
पटरी पर उतरने से पहले ही मेट्रो पर करोड़ों की मार, 8 करोड़ के सर्विस चार्ज को लेकर बढ़ा विवाद
घायल छात्रों से मिलकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा
