महाराष्ट्र
बड़ा खुलासा: NCB अधिकारियों पर केस दर्ज, मृतक की पत्नी ने उठाए सवाल
28 Mar, 2026 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। नवी मुंबई के बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. NRI सागरी पुलिस स्टेशन में यह FIR मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. डॉ. किरण चिचकर ने अपने बयान में बताया कि घटना की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को हुई, जब NCB अधिकारी आकाश मलिक 15-20 लोगों की टीम के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचे. उस समय वे घर पर नहीं थे. आरोप है कि अधिकारियों ने घर के नौकर को पीटा, उसका फोन छीन लिया और जबरन घर की तलाशी ली. इस दौरान टीम ने बिना किसी जब्ती सूची (पंचनामा) के घर से 2 लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां और जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट जब्त कर लिए।
घावटे ने संपत्ति कुर्क करने की दी धमकी- डॉ. किरण
शिकायत के अनुसार, जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने गुरुनाथ चिचकर को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया. डॉ. किरण का आरोप है कि घावटे ने उनके पति को धमकी दी थी कि यदि वे अपने बच्चों का नाम केस से हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें 10 से 15 करोड़ रुपये देने होंगे. पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे ड्रग्स केस में फंसाकर जेल भेजने और संपत्ति कुर्क करने की धमकी दी गई थी. पीड़िता ने केवल NCB ही नहीं, बल्कि ANC (एंटी नार्कोटिक्स सेल) बेलापुर के वरिष्ठ अधिकारी संदीप निगड़े पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. बयान के मुताबिक, निगड़े ने बिल्डर के ऑफिस आकर सबके सामने उन्हें गाली-गलौज की और पैसों की मांग की. उन्होंने धमकी दी थी कि पैसे लाओ या बच्चों को हाजिर करो, वरना तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को जेल में डाल देंगे।
धमकियों से मानसिक दबाव में थे पति- किरण
डॉक्टर किरण ने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के कारण गुरुनाथ चिचकर गहरे मानसिक दबाव में थे. इसी तनाव के चलते 21 अप्रैल को उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. आखिरकार, 25 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने कार्यालय में सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन अधिकारियों के नाम लिखे हैं जो उन्हें परेशान कर रहे थे. डॉ. किरण ने पुलिस को बताया कि उनके पति ने आत्महत्या से पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली. अब पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में अब तक हो चुकी है 9 गिरफ्तारियां- घावटे
NCB के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने ABP न्यूज को बताया कि एनसीबी (NCB) मुंबई ने जनवरी 2025 में बेलापुर से कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए थे, जिसके बाद जुलाई 2025 में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की गई थी. इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना नवीन गुरुनाथ चिचकर था, जिसे मलेशिया से प्रत्यर्पित (Deport) कर गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में अब तक कुल 09 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं. आरोपी उदय गवांडे को पारिवारिक आधार पर 2 महीने की अंतरिम जमानत मिलने के अलावा, इस मामले में अब तक किसी भी अन्य आरोपी को जमानत नहीं मिली है. इस कार्रवाई के जरिए एनसीबी मुंबई ने चिचकर द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है.आगे कहा कि मामले की वित्तीय जांच के दौरान चिचकर की 10.6 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज (Freezed) कर दिया गया है. संपत्ति फ्रीज करने के इस आदेश की पुष्टि साफेमा (SAFEMA) मुंबई द्वारा भी कर दी गई है. एनसीबी मुंबई का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी अदालती और जांच प्रक्रिया में कानून का पालन किया गया है और किसी भी प्रकार की कोई अवैध कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस पर ही आरोप: अपहरण कर लूटे 10 हजार डॉलर, दो कांस्टेबल पकड़े गए
28 Mar, 2026 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के जूहू इलाके में दो पुलिस कांस्टेबल एक फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर उससे 10,000 अमेरिकी डॉलर लूटने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि लूटी गई रकम अभी तक बरामद नहीं हो सकी है. मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
वर्दी और पद का दुरुपयोग कर दिया वारदात को अंजाम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप शिंदे उम्र 33 वर्ष और गजेंद्र राजपूत उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है. दोनों क्रमशः बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में तैनात थे. आरोप है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार घटना 25 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है. पीड़ित बांद्रा स्थित एक फॉरेक्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत है और वह जूहू इलाके में विदेशी मुद्रा देने पहुंचा था. इसी दौरान जूहू सर्कल के पास आरोपियों ने उसे एक एर्टिगा कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया। कार के अंदर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद आरोपी पीड़ित को दहिसर ले गए जहां उससे 10,000 डॉलर से भरा बैग छीन लिया गया और लगातार पिटाई भी की गई।
एक मौके से भागा, दूसरा ठाणे से गिरफ्तार
पीड़ित ने शोर मचाया और आसपास के लोग आ गए, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई. लोगों को आता देख आरोपी भागने लगे लेकिन पुलिस एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर पाई जबकि दूसरा भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव से लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दूसरे आरोपी गजेंद्र राजपूत को ठाणे स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, उगाही, डकैती और सरकारी कर्मचारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लव प्रॉमिस बना धोखा: रेप के बाद शादी से इनकार, आरोपी पकड़ा गया
28 Mar, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। के नेहरूनगर इलाके में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म करना का मामला सामने आया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले युवती से दोस्ती की और धीरे-धीरे उससे नजदीकियां बढ़ाईं. उसने युवती को शादी का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता. इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए, आरोपी ने कथित तौर पर कई बार युवती के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए. जब युवती ने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया, तो उसने साफ तौर पर इंकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।
शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने लड़के ने बात की बंद
उन्होंने बताया कि जब लड़की बार-बार शादी का दबाव बनाने लगी तो आरोपी ने लड़की से बात कर बंद कर दिया और दूर चला गया. इसके बाद पीड़ित लड़की ने नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. वहीं, पीड़िता को कानूनी सहायता के साथ-साथ काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उसे मानसिक रूप से सहारा मिल सके।
आरोपी ने शादी का विश्वास दिलाकर बनाए शारीरिक संबंध
पुलिस के अनुसार तहरीर में बताया गया कि आरोपी उससे बाहर मिला था, इसके बाद धीमे-धीमे दोनों लोगों में दोस्ती हो गई और आरोपी लड़के ने शादी का विश्वास दिलाकर घर आने-जाने लगा. इसके बाद उसकी इच्छा के विरुद्ध कई सालों तक शारीरिक संबंध बनाया और शादी करने की बात करता रहा। तहरीर में आगे बताया गया कि धीमे-धीमे कई साल बीत जाने के बाद लड़की शादी का दबाव डालने लगी, जिसके बाद आरोपी लड़के ने उससे बात करना बंद कर दिया और शादी से इनकार करने लगा. जब पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कही तो आरोपी उसे धमकी देने लगे. इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है. आरोपी ने शादी की बात स्वीकार की है. दोनों के परिजनों से बात की जा रही है, जिससे मामले को जल्दी सुलझाया जा सके।
लॉकडाउन टिप्पणी पर सियासत तेज, ममता बनर्जी को लेकर राउत का बयान
27 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लॉकडाउन वाले बयान पर शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बात में तो दम लगता है. जिस तरह से बड़ी बड़ी कतार पेट्रोल-डीजल और किरोसिन के लगी है और जिस तरह से सरकार में जोरदार हलचल चल रही है तो लगता है कि पीएम नरेंद्र मोदी फिर एक बार 10-15 दिनों के लिए डीजल और पेट्रोल की बचत करने के लिए लॉकडाउन लगा सकते हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार लॉकडाउन लगा सकती है. पांडेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर लॉकडाउन लगा सकते हैं और लोगों को घरों में कैद कर सकते हैं।
लॉकडाउन की बात अफवाह- हरदीप पुरी
हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने शुक्रवार (27 मार्च) को साफ किया कि लॉकडाउन की बात अफवाह है. उन्होंने साफ किया कि सरकार में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, "लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें।"
संजय राउत ने केंद्र को घेरा
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच पीएम मोदी के संसद में संबोधन पर उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने केंद्र को घेरा था. उन्होंने कहा कि युद्ध के 25 दिन बाद प्रधानमंत्री सदन में आए. उनकी बॉडी लैंग्वेज को जब ऑब्जर्व किया तो हम सबको लगा कि पीएम मोदी डिप्रेशन में हैं और कंट्रोल छूट गया है. राउत ने ये भी कहा था कि पीएम मोदी की ज्यादा दिन सत्ता में रहने की मानसिकता नजर नहीं आती है. पीएम नरेंद्र मोदी ने (23 मार्च) को लोकसभा को संबोधित किया था।
ईंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट, फडणवीस ने बताया कितने दिन का स्टॉक उपलब्ध
27 Mar, 2026 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. उन्होंने ये भी कहा कि हमारे यहां पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. सीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं क्योंकि हमारे पास अगले एक महीने के लिए पर्याप्त पेट्रोल और डीजल मौजूद है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं, युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है. इससे यह सुनिश्चित हुआ कि इसका बोझ ग्राहकों पर न पड़े और कंपनी ही ये भार सहन करेगी. प्रधानमंत्री ने लोगों को बहुत बड़ा फायदा दिया है।"
पीएम मोदी की डिप्लोमेसी काबिले तारीफ
उन्होंने आगे कहा, ''हमलोग देख रहे हैं कि जहां हमारे आसपास के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस संकट के कारण करीब करीब शटडाउन की परिस्थिति आई है, दफ्तर बंद हैं. कई जगह पर संस्थान बंद हो रहे हैं. ऐसे समय में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने संकट की स्थिति में बेहतर तरीके से मैनेजमेंट किया है. हमारे यहां पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है. घरेलू गैस भी दिए जा रहे हैं. कमर्शियल गैस सिलेंडर में कुछ कटौती की गई है लेकिन उसको भी 50 फीसदी पर लाया जा रहा है. जिस प्रकार की डिप्लोमेसी हमारे प्रधानमंत्री ने की है वो काबिले तारीफ है।''
पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा, ''मैं विशेष रूप से आम लोगों से ये अपील करता हूं कि वे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं क्योंकि हमारे पास अगले एक महीने के लिए पर्याप्त पेट्रोल और डीजल मौजूद है. इस प्रकार से वो कतारें लगाकर इस अंदेशे में कि शायद इसकी कमी होगी वो पेट्रोल-डीजल भरेंगे तो सप्लाई और डिमांड के साइकल पर उसका दबाव बढ़ेगा, एक आर्टिफिशियल कमी उसके कारण तैयार होगी इसलिए ऐसा न करें।
मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की कार पलटी, सतारा में दर्दनाक हादसा
27 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले के म्हसवड शहर के पास धुलदेव गांव के पास आज सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ. सतारा-पंढरपुर सड़क पर ऑल्टो कार पलट गई. इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा उस समय हुआ जब लोग पंढरपुर के दर्शन के लिए जा रहे थे।कार में बैठे लोग सड़क पर उखड़ी और अधूरी हालत में काम चल रहे हिस्से के बारे में नहीं जानते थे. इसी वजह से गाड़ी पलट गई और बड़ा नुकसान हुआ. इस हादसे ने इलाके में एक बार फिर सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों हो रहे बार-बार हादसे
स्थानीय लोग और यात्रियों का कहना है कि इस सड़क का काम पिछले कई सालों से अधूरा पड़ा है. इसी वजह से बार-बार इस इलाके में दुर्घटनाएं होती रहती हैं. पिछले एक साल में ही सैकड़ों लोग इसी अधूरी सड़क के कारण जान गंवा चुके हैं। स्थानीय नागरिक कई बार प्रशासन से यह अनुरोध कर चुके हैं कि सड़क का काम पूरा किया जाए और लोगों की जान बचाई जाए. लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. लोग प्रशासन के उदासीन रवैये से काफी नाराज हैं।
घायलों को मदद और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को पकड़कर पास के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया. घायल मरीजों को तुरंत प्राथमिक इलाज मिला. प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। स्थानीय लोग इस दुर्घटना के लिए सड़क की खराब स्थिति और अधूरा काम जिम्मेदार बता रहे हैं. उनका कहना है कि अगर सड़क समय पर पूरी हो जाती तो कई जानें बच सकती थी. लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क का काम जल्द पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
प्रशासन का बड़ा फैसला: भीड़ लगी तो कम तेल मिलेगा
26 Mar, 2026 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। स्थित जालना में पेट्रोल और डीज़ल खत्म होने की अफवाह फैलते ही नागरिक बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए उमड़ रहे हैं. प्रशासन ने पेट्रोल की कमी को महज़ अफवाह बताया . हालांकि, लोगो की भीड़ देखते हुए जालना की जिला आपूर्ति अधिकारी सविता चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार, दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम 200 रुपये और तीन तथा चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम 2,000 रुपये तक का पेट्रोल ही दिया जाएगा. जालना जिले में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है. पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने ये प्रतिबंध लागू किए हैं. इसके अलावा, हर पेट्रोल पंप संचालक के लिए उपलब्ध स्टॉक, मांगा गया स्टॉक और प्राप्त स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
उद्धव के सामने ही बढ़ा विवाद, प्रियंका चतुर्वेदी ने राउत पर उठाए सवाल
26 Mar, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे UBT) की हालिया बैठक में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं. राज्यसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सांसदों को संबोधित करते हुए एकजुटता का संदेश दिया था, लेकिन बैठक के दौरान कई मुद्दों पर असहमति भी दिखी. यह जानकारी चुनाव के करीब 10 दिन बाद सामने आई है. सूत्रों ने दावा किया है कि बैठक की शुरुआत करते हुए उद्धव ठाकरे ने सांसदों से साफ कहा कि विपक्षी दल लगातार यह कह रहे हैं कि उनके सांसद टूट सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने लोगों पर पूरा भरोसा है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा था कि वह पूरी राजनीतिक लड़ाई अपने सांसदों के भरोसे ही लड़ रहे हैं. उनके इस बयान का मकसद साफ तौर पर पार्टी में एकता बनाए रखना था.
राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का दबाव
सूत्रों का दावा है कि बैठक के बीच ही राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस की ओर से दबाव भी सामने आया. मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला ने उद्धव ठाकरे से संपर्क कर सीट कांग्रेस को देने की मांग की. इस पर उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बात करनी चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
प्रियंका चतुर्वेदी का विरोध, संजय राउत पर सवाल
दावा है कि बैठक के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब निवर्तमान राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी अचानक नाराज हो गईं. उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह विरोध दर्ज कराना चाहती हैं और सवाल उठाया कि संजय राउत ने शरद पवार का नाम क्यों लिया. इस पर उद्धव ठाकरे ने तुरंत संजय राउत का बचाव किया और कहा कि अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख के तौर पर वही लेंगे।
बैठक के बाद भी उठे सवाल
दावा है कि बैठक खत्म होने के बाद भी असंतोष खत्म नहीं हुआ. एक सांसद ने सवाल उठाया कि प्रियंका चतुर्वेदी को छह साल मौका देने के बाद भी क्या हासिल हुआ? वहीं मराठवाड़ा के एक सांसद ने आदित्य ठाकरे की सक्रियता पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि आदित्य को पूरे महाराष्ट्र में ज्यादा सक्रिय होकर दौरे करने चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूद आदित्य ठाकरे ने ज्यादा बातचीत नहीं की और कुछ नाराज़ नजर आए. उनकी चुप्पी ने भी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को और हवा दे दी. यह बैठक जहां एक तरफ एकजुटता का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी, वहीं दूसरी तरफ इसने पार्टी के अंदर मौजूद मतभेदों को भी उजागर कर दिया।
जब मां ने मुंह मोड़ा, अस्पताल ने अपनाया; नवराज की मार्मिक कहानी
26 Mar, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के सांगली के सिविल अस्पताल से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत की मिसाल पेश की है. 26 नवंबर 2025 को यहां एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के अगले ही दिन वह नवजात को छोड़कर फरार हो गई. अस्पताल प्रशासन ने मां की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मां के बिना रह गए इस नवजात की हालत भी जन्म के समय नाजुक थी. उसे करीब 15 दिनों तक आईसीयू में रखा गया, जहां उसका इलाज किया गया. इसी दौरान बच्चे को हर्निया की समस्या भी हुई, जिसका सफल ऑपरेशन किया गया. इसके बाद अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।
नर्स और डॉक्टर ने बच्चे को मां की तरह किया प्यार
करीब तीन महीनों तक इस बच्चे को अस्पताल के स्टाफ ने अपने बच्चे की तरह पाला. हर नर्स और डॉक्टर ने उसे मां जैसा स्नेह दिया. बच्चे के साथ एक भावनात्मक रिश्ता बन गया, मानो वह पूरे अस्पताल परिवार का हिस्सा बन चुका हो. जब अदालत के आदेश के बाद इस बच्चे को आगे की देखभाल के लिए पुणे भेजने का समय आया तो अस्पताल स्टाफ ने उसे भावभीनी विदाई देने का निर्णय लिया. इस मौके पर बच्चे का नामकरण भी किया गया. पूरे स्टाफ ने मिलकर उसका नाम “वीरप्रताप” रखा।
लोगों का प्यार लेकर पुणे रवाना हुआ वीरप्रताप
नामकरण समारोह के लिए अस्पताल में पालना सजाया गया, रंगोली बनाई गई और गुब्बारों से सजावट की गई. यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था, लेकिन माहौल भावनाओं से भरा हुआ था. जब तीन महीने के वीरप्रताप को विदा किया जा रहा था तो उसे पालने वाले स्टाफ की आंखें नम हो गईं. कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए. जन्म के बाद भले ही मां का साया इस बच्चे से दूर हो गया, लेकिन इन तीन महीनों में अस्पताल के हर सदस्य ने उसे मां का प्यार दिया. वीरप्रताप जब पुणे के लिए रवाना हुआ, तो वह अकेला नहीं था वह अपने पीछे सैकड़ों मांओं का स्नेह छोड़ गया।
मुंबई में भ्रष्टाचार पर वार, GST इंस्पेक्टर रिश्वत लेते गिरफ्तार
25 Mar, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक जीएसटी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अविनाश मेश्राम के रूप में हुई है, जो राज्य कर निरीक्षक के पद पर जीएसटी भवन में तैनात था. इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
वार्षिक रिटर्न के नाम पर मांगी रिश्वत
मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम करता है. कंपनी के वार्षिक जीएसटी रिटर्न तैयार करने का काम चल रहा था. इसी दौरान आरोपी अधिकारी अविनाश मेश्राम ने इस काम को आगे बढ़ाने के लिए शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की. शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी दफ्तर में दर्ज कराई. एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की. सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि अविनाश मेश्राम ने पहले 50 हजार रुपये की मांग की थी. बाद में बातचीत के बाद वह 30 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया. इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार, मामला दर्ज
जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं. इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
संजय राउत का बयान—ट्रंप नहीं, पाकिस्तान से बातचीत करें पीएम मोदी
25 Mar, 2026 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज (25 मार्च) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस पर संजय राउत ने कहा कि हम ये पूछेंगे कि अभी जो संघर्ष चल रहा है उसमें हमारे भारत देश की भूमिका क्या है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसा देश एक भूमिका लेकर आज खड़ा है और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को कह रहे हैं कि हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. ट्रंप उसका स्वागत भी करते हैं. ट्रंप से बात करने से अच्छा है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस देश के विपक्ष से बात करें. उनको अच्छे सुझाव मिलेंगे। संजय राउत ने कहा, "इस बैठक में अगर प्रधानमंत्री आते हैं और बातचीत करते हैं तो सभी दलों के नेताओं को जाकर उनके सामने अपनी बात रखनी चाहिए. इस पूरे मामले भारत का अस्तित्व है कि नहीं, ये पता नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का अभिनंदन ट्रंप ने किया है. क्योंकि पाकिस्तान ने ये पहल की है कि ईरान और इजरायल का जो युद्ध चल रहा है, उसमें हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. पाकिस्तान ने खुले तौर पर ये भूमिका ली है लेकिन भारत सरकार ने ये भूमिका नहीं ली है. अगर ट्रंप ने पाकिस्तान का स्वागत किया है तो मोदी जी कहां हैं?" विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की आखिरी स्पीच, विदाई समारोह में बोले- 'मेरा स्वभाव राजनीति का नहीं...'
राजनाथ सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध संकट पर चर्चा के लिए सरकार ने शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
युद्ध का 26वां दिन
मिडिल ईस्ट में जंग का आज 26वां दिन है. ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों की 80वीं खेप दागी है. भीषण तबाही जारी है. इजरायल भी ईरान पर एयरस्ट्राइक कर रहा है।
ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं
अमेरिका-ईरान में 48 घंटे में शांति वार्ता संभव है लेकिन इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना कम है. ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं है. वार्ता के लिए ईरान की पसंद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हैं. अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर ईरान को भरोसा नहीं है।
बातचीत के लिए अमेरिका ने भेजा 15 प्वाइंट्स का एजेंडा
वहीं ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का एजेंडा भेजा है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, इन शर्तों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को कब्जा मुक्त करना शामिल है।
प्रेमिका के लिए पति बना कातिल, पत्नी की हत्या का डेढ़ साल बाद खुलासा
25 Mar, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। के साकीनाका इलाके में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है. जहां एक पति ने महज अपनी प्रेमिका के साथ जिंदगी बिताने के लिए अपनी ही पत्नी की हत्या की साजिश रची और 6.70 लाख की सुपारी दी. हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या मान लिया गया था और फाइल बंद होने की कगार पर थी। लेकिन एक पिता के शक ने पूरी कहानी बदल दी और डेढ़ सालों बाद आत्महत्या के पीछे छिपी हत्या की गहरी और चौकाने वाली साजिश का न सिर्फ पर्दाफाश हुआ बल्कि आरोपी पति समेत कुल चार आरोपियों को साकीनाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिनकी पहचान सकाराम चौधरी (36 उम्र पति) शंकर डांगी(36), बाबू उर्फ राघव उर्फ अमरचंद गायरी(22) और दिनेश गायरी(20) के रूप में हुई।
डाक्टरों ने मृतका के पोस्टमार्टम में मौत की वजह नहीं की स्पष्ट
पुलिस ने अनुसार 14 अक्टूबर 2024 को साकीनाका के संघर्ष नगर में रहने वाली 34 साल की नारंगी उर्फ गीता चौधरी का शव घर के किचन में पंखे से लटके होने की जानकारी उन्हें मिली. मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और इसे आत्महत्या मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इस दौरान मुंबई में डाक्टरों ने मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अंत तक स्पष्ट नहीं की। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव राजस्थान ले जाया गया और परिवार ने उसे वहां दफन कर दिया. लेकिन मृतका के पिता भानाराम चौधरी (66) को अपनी बेटी की मौत पर संदेह हुआ और उन्होंने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. उनकी इस शिकायत पर राजस्थान में केस दर्ज हुआ. जिसने पूरे मामले को नई दिशा दी।
पिता के प्रयास के बाद शव को कब्र से निकालकर हुआ पोस्टमार्टम
मृतका के पिता के लगातार प्रयास के बाद शव को कब्र से निकालकर दोबारा राजस्थान में पोस्टमार्टम कराया गया. दोबारा कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नारंगी की रस्सी से गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई. राजस्थान पुलिस ने जीरो प्राथमिकी दर्ज कर उसे मुंबई की साकीनाका पुलिस को ट्रांसफर किया. प्राथमिकी में बदलने के बाद साकीनाका पुलिस ने विशेष टीम का गठन करके गहन जांच शुरू की। मुंबई पुलिस के 10 जोन के DCP दत्ता नलावड़े ने बताया कि 4 अक्टूबर 2024 से पहले भी आरोपी पति अपनी पत्नी को मारने की दो बार कोशिश कर चुका था. पहली बार पवई में सड़क हादसे का रूप देकर और दूसरी बार मारपीट कर जान लेने की कोशिश. लेकिन दोनों बार उसकी साजिश नाकाम रही।
आरोपी ने दोस्त को 6.70 लाख रुपये में पत्नी की दी सुपारी
आखिरकार आरोपी पति ने तीसरी बार पूरी योजना के साथ हत्या करने का फैसला किया. उसने अपने दोस्त शंकर डांगी को 6.70 लाख रुपये में पत्नी की हत्या की सुपारी दी. शंकर ने आगे दो अन्य आरोपियों बाबू गायरी और दिनेश गायरी को भी इस काम में शामिल किया. 14 अक्टूबर 2024 को सकाराम ने बाबू और दिनेश के साथ मिलकर रस्सी से गला दबाकर नारंगी की हत्या कर दी. इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया। ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके. शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण मामला लगभग बंद होने वाला था. अगर दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होता तो यह हत्या हमेशा के लिए आत्महत्या मान ली जाती।
आरोपी ने तीन बार की पूछताछ में बाद चौथी बार में कबूली साजिश
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सकाराम और उसके परिवार से पूछताछ की. इस दौरान सकाराम तीन बार की पूछताछ में साजिश को छिपाने में कामयाब रहा, लेकिन चौथी बार की सख्त पूछताछ में वह टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली. जांच में खुलासा हुआ कि सकाराम का डिंपल चौधरी नामक एक अन्य महिला से प्रेम संबंध था और वह उसके साथ रहना चाहता था. पत्नी इस रास्ते की सबसे बड़ी बाधा थी. इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस केस में अगर मृतका के पिता को शक न होता और उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग न की होती. तो यह केस हमेशा के लिए आत्महत्या मानकर बंद हो जाता. लेकिन एक पिता की जिद और पुलिस की जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
एमएनएस का अल्टीमेटम: मांगें नहीं मानीं तो यूपी-बिहार ट्रेनों पर लगेगा ब्रेक
24 Mar, 2026 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। से कोकण जाने वाले आम यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रत्नागिरी–दादर पैसेंजर ट्रेन को फिर से शुरू करने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आक्रामक रुख अपना लिया है. पहले यह ट्रेन दादर से रत्नागिरी तक चलती थी, लेकिन कोरोना काल के बाद इसे केवल दिवा स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया। इस फैसले के कारण कोकण जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अब उन्हें दिवा स्टेशन जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है. मनसे की मांग है कि यह ट्रेन पहले की तरह सीधे दादर तक चलाई जाए।
'रोक देंगे यूपी- बिहार जाने वाली ट्रेनें'
मनसे नेता संदिप देशपांडे चेतावनी दी है कि अगर 15–20 दिनों के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक देंगे. उन्होंने यह बयान मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
'हमारी मांग को किया जा रहा नजरअंदाज'
पार्टी के दूसरे नेता नितिन सरदेसाई ने भी कहा कि रेलवे विभाग बार-बार मांग के बावजूद इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है. उनका कहना है कि दिवा तक सीमित करने से यात्रियों को भारी असुविधा होती है और यह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को स्वीकार नहीं है।
'स्थानीय लोगों ने दी थी जमीन'
उन्होंने यह भी कहा कि कोकण रेलवे के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, लेकिन अब उनकी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है. रेलवे का तर्क है कि दादर तक ट्रेन चलाने से लोकल ट्रेनों के समय-सारिणी पर असर पड़ेगा, लेकिन मनसे का कहना है कि यह बहाना स्वीकार्य नहीं है।
'मनसे स्टाइल में देंगे जवाब'
नितीन सरदेसाई ने आगे कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 'मनसे स्टाइल' में जवाब दिया जाएगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कोकण और मुंबई-गोवा हाईवे की समस्याओं पर वर्षों से चर्चा हो रही है, लेकिन समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा.उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से पूछा कि ये मुद्दे संसद में क्यों नहीं उठाए जाते और कोकण के लोगों को आखिर कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
फर्जी रिकवरी एजेंट बनकर लूट की कोशिश, हाईवे पर बड़ा गिरोह बेनकाब
24 Mar, 2026 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे-मुंबई। पुराने पुणे-मुंबई हाईवे पर लोणावला के पास कार ड्राइवरों को निशाना बनाने वाला एक चौंकाने वाला गिरोह सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है. यह गिरोह फर्जी बैंक लोन का बहाना बनाकर कार ड्राइवरों से लूटपाट की कोशिश कर रहा है. हालांकि, एक सतर्क ड्राइवर की समझदारी से एक बड़ी वारदात टल गई।जानकारी के मुताबिक, संबंधित ड्राइवर ने कुछ दिन पहले ही Cars24 से एक पुरानी हुंडई वेरना कार खरीदी थी. जब वह लोणावला के पास से गुजर रहा था, तभी दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल पर उसका पीछा करने लगे. एक सुनसान स्थान पर पहुंचकर उन्होंने जबरन कार रुकवाई।
फर्जी कर्ज बताकर कार जब्त करने की दी धमकी
कार रुकते ही दोनों युवकों ने खुद को बैंक से जुड़ा बताकर ड्राइवर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने दावा किया कि कार पर ICICI Bank का 10 लाख रुपये का कर्ज बकाया है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कार जब्त कर ली जाएगी. आरोपियों ने ड्राइवर को बाहर आने के लिए कहा और कार खींचकर ले जाने की धमकी दी।
ड्राइवर की सूझबूझ से टली वारदात
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई. उसने न तो कार का दरवाजा खोला और न ही पूरी तरह खिड़की नीचे की. इसके बजाय उसने तुरंत पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की. पुलिस के आने की भनक लगते ही दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए. बाद में जांच करने पर सामने आया कि कार पर किसी भी प्रकार का कोई कर्ज बकाया नहीं था और पूरा मामला फर्जी निकला. इस पूरी घटना का वीडियो कार के डैशबोर्ड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। हालांकि, इस मामले में कार ड्राइवर के लोणावला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है. इसके बावजूद पुलिस निरीक्षक राजेश रामाघरे उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरह की घटनाएं और कहां-कहां हुई हैं।
महाराष्ट्र में नए कानून का स्वागत: संत समाज ने बताया समाज के लिए जरूरी
24 Mar, 2026 04:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार द्वारा 'धर्म स्वतंत्र कानून' लागू करने का लिया गया महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय अत्यंत स्वागत योग्य है. इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा भी उत्साह पूर्वक स्वागत किया जा रहा है. विशेष रूप से संत समाज ने इस पहल को समाज में संतुलन बनाए रखने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।
महाराष्ट्र में 17 मार्च को ‘धर्म स्वतंत्र विधेयक’ का महत्व प्राप्त हुआ
आज हिंदू समाज की ओर से पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया. जहां जगद्गुरु सूर्याचार्य कृष्णदेवनंद गिरीजी महाराज (द्वारका, जुना आखाडा), पूज्य स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराज और विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से राज्य सरकार के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में धर्मांतरण विरोधी कानूनों की अवधारणा 1956 में प्रस्तुत भवानी शंकर समिति की रिपोर्ट पर आधारित है. गुजरात के बाद महाराष्ट्र में भी 17 मार्च को ‘धर्म स्वतंत्र विधेयक’ प्रस्तुत किए जाने से इस विषय को नई गति और महत्व प्राप्त हुआ है।
धर्मांतरण की घटनाओं के अध्ययन के लिए समिति का गठन
मध्य प्रदेश सरकार ने उस समय धर्मांतरण की घटनाओं का अध्ययन करने के लिए न्यायमूर्ति डॉ. एम. भवानी शंकर नियोगी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था. इस समिति ने 5 जून 1954 से 5 नवंबर 1955 के दौरान पूरे देश में दौरे कर विभिन्न क्षेत्रों का गहन अध्ययन किया. समिति ने 17 स्थानों का दौरा करते हुए लगभग 7,000 गांवों के 11,360 नागरिकों से सीधे संवाद किया है. 18 अप्रैल 1956 को प्रस्तुत रिपोर्ट में कुछ स्थानों पर प्रलोभन, भय या चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से धर्मांतरण होने की घटनाओं का उल्लेख किया गया है. साथ ही आदिवासी समाज के अपने सांस्कृतिक मूलों से दूर जाने की प्रक्रिया संबंधी टिप्पणियां भी दर्ज की गई हैं।
अनुच्छेद 25 में हर नागरिक को धर्म का प्रचार करने का अधिकार
इस समिति की सिफारिशों के बाद देश के कई राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए गए हैं. वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में ऐसे कानून लागू हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार प्रत्येक नागरिक को धर्म का प्रचार और पालन करने का अधिकार है, लेकिन छल, दबाव या बलपूर्वक धर्मांतरण को रोकने के लिए राज्य सरकारों को कानून बनाने का अधिकार भी प्राप्त है. 'धर्म स्वतंत्र कानून' राज्य के नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने वाला है और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और उनकी स्वायत्तता की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
'शिक्षा के नाम पर धर्मांतरण कराया जाता है'
जगद्गुरु सूर्याचार्य कृष्णदेवनंद गिरी महाराज ने कहा कि शिक्षा के नाम पर और रोजगार का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जाता है. उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि विद्यार्थियों को शिक्षा निशुल्क प्रदान की जाए. भारतानंद सरस्वती महाराज ने मांग की कि इस कानून का सख्ती से पालन किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि गौहत्या पर प्रतिबंध होने के बावजूद गोवंश हत्या पूरी तरह बंद नहीं हुई है, इसलिए इस कानून के लागू होने से पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. इस कानून के माध्यम से धोखाधड़ी, दबाव या बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी तथा समाज में पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान और अधिक मजबूत होगा, ऐसा भी विश्वास व्यक्त किया गया है।
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