महाराष्ट्र
अशोक खरात मामले में गरमाई सियासत, Raj Thackeray ने उठाए सवाल
23 Mar, 2026 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के नासिक में खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन' पुलिस की गिरफ्त में है. महिला से रेप के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है. इस पर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अशोक खरात मामले में घिनौनी बातें पढ़कर सचमुच सिर चकरा गया. यह खरात महिलाओं का शोषण कर रहा था और बदले में किसी 'अलौकिक शक्ति' से लाभ होने की उम्मीद में लोग उस पर भरोसा कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यह अंधविश्वास और निर्लज्जता आखिर इस समाज में कहां से आई? उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार को भी घेरा।
महाराष्ट्र को किस दिशा में ले जाया जा रहा
MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, ''कुछ ही दिन पहले, 19 मार्च 2026 को हमारी पार्टी के गुड़ी पड़वा मेले से हमने महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा और इस राज्य ने देश को दिए महान व्यक्तित्वों का प्रस्तुतीकरण किया था. उसमें संत ज्ञानेश्वर (Sant Dnyaneshwar), संत तुकारा से लेकर संत Gadge Baba और हमारे आजोबा प्रबोधनकार ठाकरे तक इन सभी ने मराठी समाज की चेतना को कैसे विकसित किया, यह दिखाया गया था. और उसी महाराष्ट्र में जब अशोक खरात जैसा नीच व्यक्ति, राजनेताओं के आशीर्वाद से उत्पात मचाता है, तब सच में सवाल उठता है कि महाराष्ट्र को आखिर किस दिशा में ले जाया जा रहा है?”
खरात जैसे लोगों के पीछे चल पड़ना भयावह
उन्होंने आगे कहा, ''जिस महाराष्ट्र में शासक संतों का आशीर्वाद लेते थे, जहां बाल गंगाधर तिलक जैसे नेता ‘गीतारहस्य’ ग्रंथ लिखते थे, जहां यशवंतराव चव्हाण और तर्कतीर्थ लक्ष्मणशास्त्री जोशी जैसे विद्वानों के बीच संवाद होता था उसी महाराष्ट्र के नेता आज तर्क को छोड़कर किसी अजीब ‘तीर्थ’ के नाम पर अशोक खरात जैसे लोगों के पीछे चल पड़ते हैं, यह बेहद भयावह है।
राज्य के पतन का संकेत
राज ठाकरे ने कहा, ''महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है और विवेक की परंपरा मजबूत रही है. इसी का परिणाम था कि दिसंबर 2013 में महाराष्ट्र विधानसभा में अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक पारित हुआ. उस समय जिन विधायकों ने यह विधेयक पास किया था, उनमें से कई आज भी विधायक हैं और उनमें से कुछ इस मामले में संदेह के घेरे में हैं. यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण विरोधाभास है और राज्य के पतन का संकेत भी है।
महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह उलझ गई
उन्होंने कहा कि पहले चुनाव टिकट पाने की दौड़, फिर जीतने के लिए किसी भी हद तक जाना, फिर मंत्री पद की चाह. अगर वह नहीं मिला तो सत्ता पक्ष को खुश करने की कोशिश, वफादारी साबित करने की होड़. मंत्री पद मिलने के बाद उसे बचाए रखने की चिंता और इसी बीच नए लोगों के सत्ता में आने का डर. इसी चक्र में महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह उलझ गई है. उन्होंने कहा, ''इन्हीं खोखली चिंताओं में उलझे नेता, जब कोई खरात जैसा व्यक्ति 'चमत्कार' का भरोसा देता है, तो उसके पीछे चल पड़ते हैं. अब तो कुछ अधिकारी भी मंत्रियों के हर तरह के सलाहकार बन गए हैं, जिन्हें किसी भी तरह सत्ता से जुड़े रहना है।''
समाज और मानसिकता पर बुरा असर
एमएनएस प्रमुख ने सवाल उठाते हुए ये भी कहा कि इन सबका महाराष्ट्र के समाज और मानसिकता पर क्या असर पड़ रहा है? क्या इस पर अब विचार होगा? मीडिया इस मामले को लगातार उठा रहा है, यह अच्छी बात है लेकिन साथ ही, उन्हें जनता को यह भी दिखाना चाहिए कि हमारा वास्तविक सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत क्या है. गुड़ी पड़वा मेले में मैंने यही दिखाने की कोशिश की थी ताकि नई पीढ़ी इसे समझ सके. मैं अपने स्तर पर यह काम जारी रखूंगा।''
राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को भी घेरा
उन्होंने आगे कहा, ''महाराष्ट्र की जनता को भी सोचना होगा आप किन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं. आज भी गांव-गांव में कीर्तन होते हैं, ज्ञानेश्वरी का पाठ होता है, तर्क और विवेक की परंपरा जीवित है, लेकिन अगर आप ऐसे लोगों को नेता बनाएंगे, तो महाराष्ट्र का भविष्य सुरक्षित नहीं है. राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह मामला उन्होंने ही उजागर किया और इसकी जांच शुरू की. अगर इसका श्रेय लेना है, तो यह भी सवाल उठता है कि जब यह सब हो रहा था और आपके ही गठबंधन के लोगों के नाम सामने आ रहे थे, तब इसकी भनक क्यों नहीं लगी?''राज ठाकरे ने ये भी कहा कि यह भी सुनने में आ रहा है कि किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को रोकने के लिए इस मामले का इस्तेमाल किया जा रहा है. यानी, अगर सामने वाला झुक गया, तो मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. मेरा मीडिया से अनुरोध है कि इस तरह की राजनीतिक चालों का हिस्सा न बनें. ऐसे ढोंगी बाबाओं को सामने लाएं, उनके कृत्यों का पर्दाफाश करें और तब तक इस मुद्दे को उठाते रहें, जब तक अशोक खरात को कड़ी सजा नहीं मिल जाती है।
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23 Mar, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। केंद्रीय मंत्री और आरपीआई के चीफ रामदास अठावले ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी. साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि इस बार वहां एनडीए की सरकार बनेगी. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने स्टैंड लिया है कि सभी सीटों पर हम बीजेपी का समर्थन करेंगे। रामदास अठावले ने कहा, "मुझे लगता है कि वहां स्थिति ये है कि बीजेपी एनडीए की सरकार आने वाली है. मेरी पार्टी ने स्टैंड लिया है कि वेस्ट बंगाल में हम एक भी सीट नहीं लड़ेंगे. वहां पूरी सीटों पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया बीजेपी का समर्थन करेगी. 5 तारीख को मैं वहां जा रहा हूं।"
AIMIM का जिक्र कर क्या बोले अठावले?
इसके आगे उन्होंने कहा, "दूसरी बात ये है कि वहां AIMIM किसी और के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. हर एक को चुनाव लड़ने का अधिकार है. अपनी सीटें जिताने का सबको अधिकार है. लेकिन वहां की स्थिति ये है कि ममता दीदी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी. वहां मुख्यमंत्री बीजेपी का बनेगा. अगर ममता दीदी एनडीए में आना चाहती हैं कि तो आ सकती हैं. 2029 में भी एनडीए की सरकार (केंद्र) बनेगी. चौथी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होंगे, ऐसे मुझे विश्वास है।"
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इसके साथ ही उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के सबसे ज्यादा कार्यकाल के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं. उनकी तबीयत बहुत अच्छी है. 2029 में भी चौथी बार प्रधानंमत्री बनना चाहिए, ऐसी मेरी पार्टी की भूमिका है. 2029 में भी एनडीए की सरकार आएगी।"
ईरान-इजरायल यु्द्ध पर क्या बोले?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "ईरान-इजरायल और अमेरिका का जो युद्ध चल रहा है, पीएम मोदी ने अपनी भूमिका पहले भी रखी है कि शांति होनी चाहिए. ईरान में सबसे ज्यादा गैस और क्रूड ऑयल होता है. युद्ध की वजह से पूरा ट्रांसपोर्टेशन बंद है. भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में स्थिति (संकट) निर्माण हुई है।"
Satara में ZP चुनाव को लेकर सियासी घमासान, सीएम ने दिए जांच के आदेश
23 Mar, 2026 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले में हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव ने महायुति सरकार की राजनीति में नया हलचल पैदा कर दी है। बीते शुक्रवार को हुए इस चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने अध्यक्ष का पद जीत लिया, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। इस नाजुक चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के कुछ सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर जीत हासिल की, जिससे सत्ता गठबंधन में मतभेद दिखाई देने लगी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा कि पिछले हफ्ते सतारा जिला परिषद के कुछ निर्वाचित सदस्यों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या के समान है। अपने बयान में शिंदे ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों ने चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। हालांकि इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि पूरे मामले की सही तरीके से जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब समझिए चुनाव और जीत का समीकरण
बता दें कि महाराष्ट्र के सतारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव शुक्रवार को हुआ। भाजपा की प्रिया शिंदे इस पद के लिए चुनी गईं, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन की उम्मीदवार हार गईं। चुनाव में भाजपा ने केवल दो वोट के अंतर से गठबंधन को मात दी। खबर है कि चुनाव से पहले पुलिस ने कथित तौर पर कुछ जिला परिषद के सदस्यों को मतदान से पहले हटाया। शिवसेना के शंभुराज देसाई और एनसीपी के मकरंद पाटिल ने भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान स्थानीय पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
पुलिस कार्रवाई पर क्यों भड़के शिंदे?
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उन्हें बताया गया कि एक निर्वाचित सदस्य पर पुराने मामले का आरोप दर्ज था। उन्होंने तत्काल सतारा एसपी तुषार दोशी से संपर्क किया, जिन्हें उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्वाचित सदस्य को मतदान से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। शिंदे ने आगे कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने चुनाव के समय सदस्यों को हटाकर कार्रवाई की। उन्होंने इसे चुनाव के परिणाम को बदलने के प्रयास के रूप में बताया।हालांकि विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने इस घटना के बाद सतारा एसपी तुषार दोशी को निलंबित करने का निर्देश दिया।
शिवसेना मंत्री ने कहा, भविष्य में इसका असर जरूर दिखेगा।
21 Mar, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले में हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव ने महायुति सरकार की राजनीति में नया हलचल पैदा कर दी है। शुक्रवार को हुए इस चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने अध्यक्ष का पद जीत लिया, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। इस नाजुक चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के कुछ सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर जीत हासिल की, जिससे सत्ता गठबंधन में मतभेद दिखाई देने लगी है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और भविष्य के बड़े चुनावों में इसका गंभीर असर होने की चेतावनी दी। बता दें कि भाजपा की यह जीत शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के उम्मीदवार को हराकर आई, हालांकि गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। भाजपा ने गठबंधन के सदस्य को पार करके संकरी जीत हासिल की। इस जीत के बाद शिवसेना के मंत्री और सतारा के संरक्षक मंत्री शंभूराज देसाई ने भाजपा पर हमला बोला।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
शंभूराज देसाई ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना और एनसीपी के दो-2 सदस्यों को अपने पक्ष में लिया, जिससे गठबंधन की जीत रुक गई। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य के बड़े चुनावों में इसका भारी असर पड़ेगा और गठबंधन अपना सही फैसला लेगा। देसाई ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। सतारा जिले में इसके परिणाम गंभीर होंगे। मैं महायुति सरकार में मंत्री होने के बावजूद अपनी पार्टी के लिए काम करने का हक रखता हूं। भाजपा अपनी जीत का शोर मचा सकती है, लेकिन नैतिक जीत शिवसेना-एनसीपी की है।
पुलिस पर भी लगाए आरोप
इसके साथ ही देसाई ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और इसका मुद्दा वह अगले हफ्ते कैबिनेट बैठक में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री तक को पुलिस मारपीट कर रही है, तो हम इसे कड़ा निंदा करते हैं। पुलिस भाजपा की घरेलू मदद की तरह काम कर रही थी।
रुपाली चाकणकर ने अपनी अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा
21 Mar, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। एनसीपी अजीत पवार गुट की नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात कांड उजागर होने और बाबा के साथ नजदीकियों का खुलासा होने के बाद लगातार रुपाली के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. खरात की कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं. खरात के पास के कई आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं. सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए इस्तीफे में रुपाली चाकणकर ने कहा कि वो व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रही हैं।
15 अक्टूबर 2024 को पद पर हुई थी नियुक्ति
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा, "15 अक्टूबर 2024 को मेरी नियुक्ति महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा के रूप में हुई थी. व्यक्तिगत कारणों के चलते मैं स्वेच्छा से उक्त पद से अपना इस्तीफा इस पत्र के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हूं. अब तक आपने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया और मुझे जो सहयोग प्रदान किया, उसके लिए मैं आपकी एवं सभी सहयोगियों की हृदय से आभारी हूं. भविष्य में भी आपका मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहेगा, ऐसा मुझे विश्वास है. अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत अध्यक्षा, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग पद से इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें।"
कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?
अशोक खरात को 'कैप्टन' खरात के नाम से भी जाना जाता है. उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोन्धे ने कहा कि खरात मामले की एसआईटी जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक की महिला पुलिस अधिकारी को करना चाहिए।
'खरात की बातों में आकर रुपाली ने काटी अपनी उंगली'
वहीं उद्धव गुट की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए चाकणकर का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि रुपाली चाकणकर ने खरात की बातों में आकर अपनी उंगली काट ली थी. अंधारे ने ऐसी तस्वीरें भी दिखाईं जिनमें चाकणकर की अनामिका उंगली पर पट्टी बंधी हुई दिख रही है।
18 मार्च को गिरफ्तार हुआ फर्जी बाबा
अशोक खरात को बुधवार (18 मार्च) को नासिक जिले में एक महिला का तीन साल तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने दावा किया कि आरोपी ने विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं का शोषण किया. उपायों और सलाह के माध्यम से धनवान भक्तों से पैसे वसूले. एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि खरात प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने अशोक खरात की तुलना अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी रहे जेफरी एपस्टीन से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह एपस्टीन मासूम बच्चियों का शोषण करता था, वैसे ही खरात पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. उन्होंने इस मामले को 'खरात फाइल्स' करार दिया।
वन विभाग ने मामला गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की
21 Mar, 2026 07:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। से सटे ठाणे से अमानवियता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन कर आम लोगों के साथ साथ वन विभाग वाले भी हैरान हैं. संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) के पास एक बंदर को धनुष-बाण लगने से घायल होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है. इस की सूचना मिलते ही RAWW और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. घायल बंदर को तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है. स्थानीय नागरिक ने SGNP और RAWW की हेल्पलाइन पर कॉल कर इस घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पेड़ पर बैठे बंदर को देखा. उसके श्रोणि (पेल्विक) हिस्से में बाण आर-पार घुसा हुआ था, जिसे देखकर टीम भी हैरान रह गई और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।
बंदर की हालत गंभीर, करनी पड़ेगी सर्जरी- डॉक्टर
रेस्क्यू के बाद बंदर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज एसोसिएट वेटरनरी डॉक्टर डॉ. प्रीती साठे की देखरेख में किया जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार बंदर की हालत गंभीर है और उसे बचाने के लिए बड़ी सर्जरी करनी पड़ेगी. सर्जरी के बाद उसे 24 घंटे निगरानी में रखकर इलाज और पुनर्वास किया जाएगा।
मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू
वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस्तेमाल किया गया बाण पेशेवर आर्चरी में उपयोग होने वाला हो सकता है. अधिकारियों ने कहा कि इस घटना से SGNP और येऊर क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों पर सवाल उठे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव नहीं फिर भी तैयारी! राज ठाकरे ने लॉन्च किया ‘महाराष्ट्र नेक्स्ट’
20 Mar, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। आधुनिकता के इस युग में डिजिटल प्लेटफॉर्म को काफी ज्यादा बढ़ावा मिल रहा है. अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चीफ राज ठाकरे ने एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म, 'महाराष्ट्र नेक्स्ट' लॉन्च किया है, जिसका मकसद राज्य के लिए एक बड़ा डेवलपमेंट रोडमैप बनाने के लिए लोगों के सुझाव इकट्ठा करना है. हाल में ही निकाय चुनाव में मात खाने के बाद पार्टी एक नए तरीके से पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. इसे लेकर राज ठाकरे ने कहा कि एक वेबसाइट, 'महाराष्ट्र नेक्स्ट' लॉन्च कर रहा हूं, कृपया इस वेबसाइट पर अपना विजन शेयर करें, एक्सपर्ट्स इस पर चर्चा करेंगे और अगर यह सही हुआ, तो इसे सरकार के सामने पेश किया जाएगा. लोगों से अपने प्लेटफॉर्म में योगदान देने की अपील करते हुए राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, जय महाराष्ट्र! मुझे 'महाराष्ट्र नेक्स्ट' को पेश करते हुए बहुत खुशी हो रही है. उन्होंने इसे जारी होने के बाद एक बार भी पढ़ने की जहमत नहीं उठाई और न ही सत्ता में बैठे लोगों को इससे कोई मतलब की समझ मिली, आगे कहा कि डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट पेश करते समय, मैंने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए अपना नजरिया बताया था कि डेवलपमेंट को एक एस्थेटिक विजन के साथ क्यों जोड़ा जाना चाहिए, उस समय के हालात पर यह मेरी राय थी लेकिन, 2014 से 2025 तक के ग्यारह साल के समय में, महाराष्ट्र और ज्यादा टूटा-फूटा और गंदा होता गया है. सोशल मीडिया पर लिखा कि डेवलपमेंट' की परिभाषा सिर्फ सड़कों और फ्लाईओवर बनाने तक सीमित हो गई है. सत्ताधारी लोग सिर्फ इतने हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने और उद्घाटन करने में ही अपनी संतुष्टि ढूंढने लगे हैं, यहां इतने हजार करोड़ और वहां इतने हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने और उद्घाटन करने में ही अपनी संतुष्टि ढूंढने लगे हैं. इसके अलावा कहा कि नागरिक मुफ्त चीजों के बजाय अच्छी क्वालिटी की जिंदगी चाहते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि राज्य सरकार ने यह एहसास खो दिया है, जबकि खराब प्लानिंग के कारण लोगों पर लगातार बढ़ते कर्ज का बोझ डाला है. इसके साथ ही, एक और ट्रेंड बढ़ गया है, कई सरकारी स्कीमों के जरिए नागरिकों को अलग-अलग तरह की मुफ्त चीजें बांटने का चलन, नागरिक कभी भी मुफ्त चीजें नहीं चाहते, वे असल में अच्छी क्वालिटी की जिंदगी चाहते हैं और फिर भी, यह बुनियादी एहसास पूरी तरह से खो गया लगता है. इसके अलावा कहा कि 2026-27 के राज्य बजट में, सरकार ने खुद ऑफिशियली माना है कि राज्य पर अभी ₹11 लाख करोड़ का बहुत बड़ा कर्ज है, यह सब क्यों हुआ? इसका जवाब पूरी तरह से प्लानिंग की कमी में है. यह सब इसलिए हुआ क्योंकि यह बुनियादी समझ कि डेवलपमेंट, एक सोची-समझी और इंटेलेक्चुअल प्रोसेस को पूरी तरह से छोड़ दिया गया था. इस पूरी स्थिति पर सोचते हुए, हमने एक बार फिर महाराष्ट्र के लिए एक बिल्कुल नया डेवलपमेंट ब्लूप्रिंट पेश करने का फैसला किया है, हालांकि, इस बार सिर्फ एक्सपर्ट्स की राय पर निर्भर रहने के बजाय हमने पब्लिक पार्टिसिपेशन को शामिल करने की कोशिश की. इसी मकसद से यह वेबसाइट बनाई गई है. मेन हेडिंग्स और सब-हेडिंग्स की एक सीरीज के जरिए, हमने एक फ्रेमवर्क तैयार किया है जो यह पक्का करने के लिए डिजाइन किया गया है कि महाराष्ट्र के डेवलपमेंट का अप्रोच सच में होलिस्टिक हो।
संजय राउत ने किया बड़ा दावा, ममता बनर्जी को लेकर कही बड़ी बात
20 Mar, 2026 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को मालूम है कि ममता बनर्जी को वो हरा नहीं सकते. उन्होंने कहा कि बीजेपी को भी ये बात मालूम है।
पश्चिम बंगाल में ममता दीदी ही जीतेगी- संजय राउत
शिवसेना यूबीटी नेता ने आगे कहा, "इसलिए पश्चिम बंगाल का पूरा कंट्रोल ले लिया है. चीफ सेक्रेटरी का, डीजी, कमिश्नर का ट्रांसफर, इससे क्या होगा भाई? और राज्यों में क्यों नहीं हो रहा है? महाराष्ट्र में क्यों नहीं होता है? असम में क्यों नहीं हो रहा, असम का मुख्यमंत्री क्या कर रहा है आपको मालूम है? किस तरह से उसका प्रशासन चल रहा है. लेकिन आप कुछ भी करिए देश की जनता ममता दीदी के साथ है. वो लड़ने वाली शेरनी है. हम सब उनके साथ हैं. फिर एक बार पश्चिम बंगाल में ममता दीदी की ही जीत होगी." दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले शीर्ष नौकरशाहों और आईपीएस अधिकारियों के रातोंरात तबादला किए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग पर सीएम ममता बनर्जी ने निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कई जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों समेत कई वरिष्ठ राज्य अधिकारियों का एकतरफा तबादला कर दिया था।
ईरान-इजरायल युद्ध पर क्या कहा?
ईरान-इजरायल युद्ध पर संजय राउत ने कहा, "पीएम मोदी ने सिर्फ चिंता जाहिर की है. अभी-अभी उनकी आंख खुली है. लेकिन चिंता नहीं, आप युद्ध रोकने के लिए उसमें सक्रिय हो जाइए. इजरायल पूरा चल रहा है. आस-पास के खाड़ी देशों में भी धुआं-धुआं हो रहा है. भारत की एक महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए. हम बड़ा देश हैं. 140 करोड़ का देश है. आप विश्वगुरू हैं. तो आप सिर्फ चिंता व्यक्त करके क्या करोगे?"
अंधविश्वास का शिकार बनी युवती, तांत्रिक के नाम पर लाखों ठगे
20 Mar, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। के सायन इलाके से साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 22 साल की युवती को जिन्न और तांत्रिक शक्तियों के नाम पर ऐसा फंसाया गया कि उससे करीब 15 लाख 93 हजार 980 रुपये ठग लिए गए. यह ठगी कोई एक-दो बार में नहीं, बल्कि करीब ढाई साल तक लगातार चलती रही. फिलहाल मुंबई साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता साल 2023 में इंस्टाग्राम चला रही थी. इसी दौरान उसे “पावरफुल ओबसेशन हीलर” नाम का एक पोस्ट दिखा. इसमें करियर, प्यार और जिंदगी की परेशानियों को दूर करने का दावा किया गया था. युवती ने जैसे ही पोस्ट में दिए लिंक पर क्लिक किया, उसकी बातचीत व्हाट्सएप पर एक शख्स से शुरू हो गई। यह शख्स खुद को कभी वाहिद तो कभी साहिल बताता था. शुरुआत में उसने मीठी-मीठी बातें करके युवती का भरोसा जीता और कहा कि उसका भविष्य बहुत अच्छा होने वाला है।
जिन्न और तांत्रिक शक्ति का डर दिखाकर बनाया शिकार
कुछ दिन बाद आरोपी ने युवती को खास तांत्रिक विधि कराने की सलाह दी. उसने दावा किया कि उसके पास जिन्न है, जो किसी की भी इच्छा पूरी कर सकता है, चाहे पैसा हो, करियर हो या प्यार. आरोपी ने कहा कि अगर यह विधि पूरी कर ली जाए तो जिंदगी बदल जाएगी। धीरे-धीरे उसने युवती को इस बात का यकीन दिला दिया कि अगर वह पैसे नहीं देगी तो काम अधूरा रह जाएगा या फिर बुरी ताकतें उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं।
छोटी रकम से शुरू होकर लाखों तक पहुंची ठगी
शुरुआत में आरोपी ने सिर्फ 25 हजार रुपये मांगे. इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगने का सिलसिला शुरू हो गया. कभी कहा गया कि विधि अधूरी है, कभी नकारात्मक ऊर्जा हटानी है और कभी जिन्न नाराज हो गया है। डर और भरोसे के बीच फंसी युवती लगातार पैसे भेजती रही. उसने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की. इन खातों में सुमरा मोहम्मद, मोसिन सलीम और गुलनाज जैसे नाम इस्तेमाल किए गए।
सोना बेचकर भी दिए पैसे, फिर खुली आंखें
इस ठगी का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि युवती ने अपने घर का सोना तक बेच दिया और उसकी रकम भी ठगों को दे दी. ढाई साल तक पैसे देने के बावजूद जब कोई फायदा नहीं हुआ और मांग लगातार बढ़ती गई, तब जाकर उसे शक हुआ. आखिरकार उसने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
संगठित गिरोह का शक, जांच जारी
शिकायत के बाद साइबर सेल ने इंस्टाग्राम आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस को शक है कि यह किसी बड़े और संगठित साइबर ठग गिरोह का काम हो सकता है, जो सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अंधविश्वास के नाम पर निशाना बनाता है।
मंत्री नितेश राणे ने विधानसभा में जानकारी दी
19 Mar, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक जेट्टी विकसित करने की योजना बना रही है। राज्य के बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि दक्षिण मुंबई स्थित ऐतिहासिक तटीय क्षेत्र में जेट्टी नंबर-5 से जुड़े अनुमति, शुल्क ढांचे और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से भी चर्चा की गई है। यह जानकारी उन्होंने सदस्य अशोक पाटिल द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। इस दौरान विधायक वरुण सरदेसाई और प्रकाश सुर्वे ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। राणे ने कहा कि सरकार मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन और समुद्री केंद्र बनाने के लिए जेट्टी प्रबंधन को मजबूत करने, आधुनिक नौकाओं को बढ़ावा देने, मरीना और यात्री सुविधाएं विकसित करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि गेटवे क्षेत्र में यात्रियों की भारी आवाजाही के कारण अक्सर भीड़भाड़ की स्थिति बनती है। इसे कम करने और सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए नई जेट्टी अवसंरचना की योजना तैयार की जा रही है। इस क्षेत्र में कुल पांच जेट्टी हैं, जिनमें से जेट्टी नंबर 1 से 4 आम यात्रियों के लिए उपयोग में हैं और इनका संचालन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट करता है। वहीं जेट्टी नंबर 5 को मुख्य रूप से निजी और बड़े यॉट्स के लिए विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे अन्य जेट्टी पर दबाव कम होगा।
मालाड PAP जमीन विवाद पर एक्शन, मराठा समाज का मार्च फिर तय
18 Mar, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मराठा समाज के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि समुदाय फिर से मुंबई की ओर मार्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने वादे को तोड़ती है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जरांगे पाटिल ने कहा अगर देवेंद्र फडणवीस मराठा समाज को आरक्षण देना नहीं चाहते थे, तो उन्होंने हैदराबाद गैजेट के जीआर को जारी ही नहीं किया होता। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि मराठा समाज अपने अधिकारों और आरक्षण के लिए पूरी तरह जागरूक और संगठित है।
मालाड PAP जमीन आवंटन में गड़बड़ी जांच का आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मुंबई के मालाड इलाके में प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों (PAP) के लिए जमीन आवंटन में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई भी आगे की कार्रवाई नहीं होगी। शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में बताया कि यह जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में की जाएगी और आवश्यक निर्देश मुंबई नगर निगम को दिए जाएंगे। यह मुद्दा कांग्रेस के असलम शेख द्वारा कॉलिंग अटेंशन नोटिस के जरिए उठाया गया, जबकि भाजपा के योगेश सागर और मुर्जी पटेल ने भी सवाल किए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि जमीन आवंटन में डेवलपर को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) और प्रीमियम सामान्य दर से बहुत अधिक दिया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई।
विदेशी फंडिंग के शक में गुलजार-ए-रजा के खाते फ्रीज
महाराष्ट्र एटीएस ने संदिग्ध विदेशी फंडिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गुलजार-ए-रजा नामक संगठन के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में बताया कि संगठन को करीब चार करोड़ रुपये दान के रूप में मिले थे, जिनमें कुछ रकम संदिग्ध विदेशी खातों से आई बताई जा रही है। जांच एजेंसी को शक है कि संगठन धार्मिक गतिविधियों के नाम पर धन जुटा रहा था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक व आयकर विभाग को गुमराह किया गया। फिलहाल एटीएस लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
विधेयक पास होने के बाद राज्य में कानून लागू होगा
17 Mar, 2026 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। विधानसभा में सोमवार को ऐतिहासिक धर्म स्वतंत्रता विधेयक बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा। यह विधेयक जबरन, धोखे से और अवैध तरीके से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। सोमवार को विधानसभा में इस विधेयक पर लंबी और विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद देर रात मतदान के दौरान सदन ने बहुमत से इसे मंजूरी दे दी। यह विधेयक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने कहा कि यह कानून राज्य में जबरन और प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्ष के कुछ दलों ने इस पर अलग-अलग मत व्यक्त किए। इस विधेयक के समर्थन में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने भी सरकार का साथ दिया, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा।
भाभी सुनेत्रा के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेंगी सुप्रिया
महाराष्ट्र में पुणे की बारामती और अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के बाद दोनों सीटों पर निर्विरोध चुनाव कराने की कवायद शुरू हो गई है। पहल खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है। वहीं, सोमवार को एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं बारामती से लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी बारामती उपचुनाव में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार बारामती से और शिवाजी कर्डिले राहुरी से भाजपा के विधायक थे। 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजीत की मौत हो गई थी। वहीं, शिवाजी कर्डिले का 17 अक्तूबर 2025 में बीमारी से निधन हो गया था। निर्वाचन आयोग ने रविवार को दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। सुप्रिया उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा की ननद हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट पर सुप्रिया ने सुनेत्रा को हराया था। उसके बाद सुनेत्रा राज्यसभा के लिए चुनी गई थी।
ठाणे के नए रेलवे स्टेशन का नाम 'धर्मवीर आनंद दिघे' रखने की मांग
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने संसद में मांग की है कि ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाले नए रेलवे स्टेशन का नाम दिवंगत नेता धर्मवीर आनंद दिघे के नाम पर रखा जाए। आनंद दिघे शिवसेना के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुरु थे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस स्टेशन के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं और यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। सांसद म्हस्के ने कहा कि ठाणे की करीब 26 लाख आबादी के लिए रेलवे ही परिवहन का मुख्य साधन है। नया स्टेशन बनने से ठाणे स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा। उन्होंने ठाणे स्टेशन के कायाकल्प के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 949 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की मांग भी की। इसके अलावा, उन्होंने ठाणे स्टेशन पर इमरजेंसी मेडिकल क्लिनिक फिर से खोलने और कोरोना के समय बंद हुई बुजुर्गों की रेल टिकट छूट को दोबारा शुरू करने का मुद्दा उठाया। म्हस्के ने मुंबई से चिपळूण और ठाणे से कसारा, कर्जत व खोपोली के बीच लोकल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने दुरंतो एक्सप्रेस को ठाणे, कल्याण, पनवेल और दादर स्टेशनों पर रोकने का सुझाव दिया। साथ ही फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर और प्लेटफॉर्म विस्तार के काम में तेजी लाने, नवी मुंबई एयरपोर्ट तक रेल सेवा जोड़ने और कुछ स्टेशनों का रखरखाव सिडको (CIDCO) से लेकर मध्य रेलवे को सौंपने की मांग भी रखी।
नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाले युवक पर केस दर्ज
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक 28 साल के युवक पर 13 साल की नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह घटना भिवंडी इलाके की एक चाल में 14 मार्च को हुई थी। शांतिनगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि लड़की की मां ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी घर के बाहर खड़ी थी, तभी आरोपी ने उसके सामने अश्लील हरकत किया। पुलिस ने रविवार को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 79 किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों या हरकतों से संबंधित है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
2037 तक महाराष्ट्र की सभी सरकारी बसें होंगी इलेक्ट्रिक, बोले- परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की सभी बसें साल 2037 तक इलेक्ट्रिक हो जाएंगी। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को विधान परिषद में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 तक महाराष्ट्र की सड़कों पर चलने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएं। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए एमएसआरटीसी ने 2037 तक अपनी पूरी फ्लीट को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की योजना बनाई है। मंत्री ने सदन को बताया कि वर्तमान में एमएसआरटीसी के पास कुल 22,000 बसें हैं। इनमें से अभी केवल 800 बसें ही इलेक्ट्रिक हैं। बाकी बसों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। इस बड़े बदलाव के साथ एमएसआरटीसी राज्य का पहला ऐसा परिवहन निगम बन जाएगा जिसकी सभी बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को कई विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। अटल सेतु, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग का उपयोग करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को आर्थिक मदद भी दी जा रही है। सरकार राज्य के हर हाईवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम भी तेजी से कर रही है ताकि वाहन चालकों को कोई परेशानी न हो।
धर्मांतरण बिल पर सियासी घमासान, ओवैसी और शिंदे गुट आमने-सामने
16 Mar, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र | सरकार ने बीते दिनों विधानसभा में धर्मांतरण कानून पेश किया है. जो पारित होने के बाद कानून बन चुका है. राज्य सरकार के मुताबिक यह बिल धर्मांतरण करने वाले व्यक्ति के माता-पिता, भाई-बहन या अन्य रिश्तेदारों को शिकायत करने की अनुमति देता है.इसमें कानून में धर्मांतरण से 60 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य है. साथ ही बार-बार उल्लंघन करने पर 10 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है. इस बिल के विरोध में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध जताया है. जिस पर बीजेपी नेता संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओवैसी अपने मौलानाओ को समझा दें की कोई भी मौलाना लव जिहाद, गुमराह कर या कानून का उलंघन कर धर्म परिवर्तन कराएंगे तो जेल भेजे जाएंगे|
ओवैसी ने 'एक्स' पर जताया विरोध
असदुद्दीन ओवैसी ने 'एक्स'पर लिखा कि महाराष्ट्र का धर्मांतरण विरोधी विधेयक उत्तर प्रदेश जैसे सबसे खराब कानूनों से भी बुरा है. ये कानून पहले से ही वास्तविक धर्मांतरण को भी अपराध मानते हैं, इंटरकास्ट जोड़ों के लिए शादी को जोखिम भरा बनाते हैं और धर्मांतरण के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी करता है.उन्होंने आगे लिखा कि महाराष्ट्र का कानून अब धर्मांतरण दस्तावेजों का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित करता है और 'शिक्षा के माध्यम से ब्रेनवाशिंग' द्वारा धर्मांतरण को प्रतिबंधित करता है. इन व्यापक शब्दों का इस्तेमाल मनमाने ढंग से लोगों को गिरफ्तार करने के लिए किया जा सकता है, जो इस विधेयक का उद्देश्य है|
ओवैसी ने दिया उदाहरण
असदुद्दीन ओवैसी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति कोई पवित्र किताब पढ़ता है और किसी विद्वान से धर्म के बारे में सीखता है, तो क्या इसे ब्रेनवाशिंग माना जाएगा? यह पुलिस को बिना किसी शिकायत के भी अपने आप जांच शुरू करने की अनुमति देता है. इसका मतलब यह है कि भले ही व्यक्ति के परिवार के सदस्य धर्मांतरण का विरोध न करें, पुलिस फिर भी उसे गिरफ्तार कर सकती है. विडंबना यह है कि ऐसा कानून बाबासाहेब अंबेडकर की भूमि में लाया जा रहा है. उसी राज्य में जहां उन्होंने 3-6 लाख लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. उन्होंने कहा कि यह निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन है. सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि इस अधिकार में धर्म चुनने या न चुनने की स्वतंत्रता भी शामिल है. आखिरकार, संविधान की प्रस्तावना सभी को विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और पूजा की स्वतंत्रता का अधिकार देती है|
संजय निरुपम ने दी प्रतिक्रिया
संजय निरुपम ने कहा कि अब डराकर और लालच देकर धर्म परिवर्तन नहीं होगा. बाबासाहेब अंबेडकर ने अपने अनुयायियों के साथ स्वेच्छा से बुद्ध धर्म अपनाया . अंग्रेज और कांग्रेस भी बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ नहीं जा सके. ओवैसी अपने स्वार्थ के लिए बाबासाहेब अंबेडकर को बीच में नहीं लाए. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग महाराष्ट्र को हरा करने का बयान देते है वही इसका विरोध कर रहे है. महाराष्ट्र का रंग भगवा था और भगवा ही रहेगा|
सोशल मीडिया विवाद के बाद बीएमसी की कार्रवाई, मेयर की कार से हटाई बत्ती
16 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | की महानगरपालिका यानी बीएमसी की मेयर रितु तावड़े की सरकारी गाड़ी और उनके साथ चलने वाली एस्कॉर्ट गाड़ी पर लगी लाल और नीली बत्ती को हटा लिया गया है. बीएमसी ने यह कदम विपक्ष के लगातार दबाव और सोशल मीडिया पर हुए बवाल के बाद लिया है.दरअसल यह मुद्दा सबसे पहले सोशल मीडिया पर 11 मार्च को सामने आया. जब कई लोगों ने मेयर के गाड़ी की फोटो पोस्ट कर सवाल उठाया कि, क्या मेयर की गाड़ी पर पुलिस जैसी लाल और नीली बत्तियां लगाने की अनुमति हैं. यह मामला 13 मार्च को सामने आया, जब आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मेयर को पत्र लिखकर इन लाइटों के इस्तेमाल पर सवाल पूछे|
लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल पर रोक
गलगली ने अपने पत्र में लिखा कि यह देखा गया है कि सरकारी वाहनों के साथ-साथ एस्कॉर्ट वाहनों पर भी लाल और पीली बत्तियों का अनाधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा है. मगर केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसी लाइटों के इस्तेमाल पर रोक है और इनकी अनुमति केवल कुछ विशेष आपातकालीन सेवाओं के लिए ही दी गई है|
'गाड़ी पर लाइट लगाने में मुझे कोई दिलचस्पी नहीं'
इस पर अब राजनीति तेज हो गई और मेयर के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी पड़ी. बीएमसी मेयर रितु तावड़े से जब गाड़ियों को लेकर सवाल पूछ गया तो रितु ने कहा, गाड़ी पर लाइट लगाने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है . मेयर ने इस मामले को प्रशासनिक चूक बताया, कहा कि उन्हें जनता तक जाने के लिए बत्ती की जरूरत नहीं है उनका कम ज्यादा जरूरी है. उन्होंने बोला की वैसे भी सरकारी गाड़ी देते समय प्रशासन को यह देख लेना चाहिए था कि इस की अनुमति है या नहीं .विपक्ष ने मौका पाते है मामले में बीजेपी को आड़े हाथ लिया है. पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने बीएमसी मेयर को घेरते हुए कहा कि, VIP कल्चर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने खत्म किया था, लेकिन मुंबई के मेयर वीआईपी कल्चर से खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने सवाल किया कि क्या मेयर, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी बड़ी हो गई हैं?
'मेयर को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है'
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जांच करने पर उन्हें पता चला कि लाल बत्ती गाड़ी की छत पर नहीं, बल्कि बोनट पर लगी थी. उन्होंने कहा कि इसके लिए मेयर को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है, जो सही नहीं है.सरकारी गाड़ियों पर बत्ती के इस्तेमाल पर 1 मई 2017 से रोक लगा दी थी. केंद्र सरकार ने अपने फैसले में कहा था कि सरकारी या किराए पर ली गई गाड़ियों पर लाल बीकन और नेम-प्लेट, प्रतीक-चिह्न और झंडे जैसे दूसरे निशान दिखाने पर पाबंदी है. सरकार ने इसकी इजाजत सिर्फ जरूरी आपातकालीन सेवाओं में ही दी है|
पांच राज्यों के चुनाव पर एकनाथ शिंदे का बयान, बोले- एनडीए पूरी ताकत के साथ
16 Mar, 2026 03:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और तमिलनाडू में चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है. इस बीच पक्ष-विपक्ष की तरफ से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनावी तारीखों की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा है कि NDA की जीत होगी. NDA पूरी ताकत के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पांचों राज्यों में जीतेगी. 2014 से पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने जो काम किया है. इस देश को आगे बढ़ाने का काम किया है. उन्होंने अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम किया है. पांचों राज्यों में NDA की ही जीत होगी|
चुनाव आयोग ने घोषित किया कार्यक्रम
रविवार (15 मार्च) को भारतीय चुनाव आयोग ने इन राज्यों में कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इसमें असम में 9 अप्रैल को सिर्फ एक चरण में वोटिंग होगी. साथ ही 4 मई को नतीजे आएंगे. वहीं केरल में भी 9 अप्रैल एक चरण में चुनाव होगा. पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को चुनाव होंगे.इसके अलावा पश्चिम बंगाल में इस बार सिर्फ 2 चरणों में चुनाव होने जा रहा है. जिसके लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा. वहीं तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा. इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणा 4 मई को घोषित किए जाएंगे|
बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती
पांच राज्यों की सत्ता की दौड़ में बीजेपी के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन असली कसौटी पश्चिम बंगाल में है जहां पार्टी ममता बनर्जी की मजबूत तृणमूल मशीनरी से भिड़ने के लिए तैयार है. पश्चिम बंगाल विधानसभा के 2021 के चुनावों में बीजेपी ने प्रमुख विपक्षी दल के रूप में अपनी पकड़ मजबूत की|बीजेपी की 294 सदस्यीय विधानसभा में सीट की संख्या 2016 में मात्र तीन से बढ़कर 77 हो गई. चुनावी रणनीति में नए बदलाव के साथ, बीजेपी इस बार ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ फैली जनविरोधी लहर का लाभ उठाकर तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में आश्वस्त है|
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सीएचसी पलारी के लैब में जांच सुचारू रूप से संचालित
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ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार इनके हित की चिंता करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
