महाराष्ट्र
Ebola को लेकर बढ़ी चिंता, पुणे एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू
25 May, 2026 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भी सतर्कता बरतते हुए देश के सभी राज्यों के लिए एक विस्तृत दिशानिर्देश (गाइडलाइन) जारी किए हैं। केंद्र के इसी अलर्ट के बाद पुणे प्रशासन तुरंत हरकत में आया है और पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश से आने वाले यात्रियों की कड़ी मेडिकल स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि देश में इस खतरनाक वायरस के प्रवेश को रोका जा सके।
दुबई और बैंकॉक से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर
पुणे हवाई अड्डा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की सघन थर्मल और मेडिकल स्क्रीनिंग कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए विशेष रूप से दुबई और बैंकॉक से पुणे पहुंचने वाले मुसाफिरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इन रूटों से आने वाले हर एक यात्री की स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य कर दिया गया है।
अब तक राहत: स्क्रीनिंग में नहीं मिला एक भी संदिग्ध मामला
पुणे एयरपोर्ट पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। जांच शुरू होने से लेकर अब तक की गई व्यापक स्क्रीनिंग के दौरान इबोला वायरस का एक भी पॉजिटिव या संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षात्मक कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को पैनिक होने (घबराने) की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
WHO ने घोषित किया इंटरनेशनल इमरजेंसी, भारत सरकार मुस्तैद
दरअसल, अफ्रीकी देशों में इबोला के बेकाबू होते हालातों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी) घोषित कर दिया है। इसी वैश्विक चेतावनी की पृष्ठभूमि में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने त्वरित कदम उठाए हैं। पुणे हवाई अड्डे पर की जा रही यह सख्त एहतियाती कार्रवाई इसी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
साली और सुपरवाइजर की हत्या के बाद पुलिस जांच में जुटी, कई एंगल से पड़ताल
23 May, 2026 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक और कल्याण क्षेत्र में चौबीस घंटे के भीतर हुई दो अलग-अलग हत्या की वारदातों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। पहली घटना नासिक के देवला तालुका में सामने आई, जहां पारिवारिक विवाद सुलझाने गई एक महिला की उसके ही मेहुणे (साढ़ू) ने चाकू मारकर हत्या कर दी। वहीं, दूसरी खौफनाक वारदात कल्याण के पास मारल गांव में हुई, जहां एक निजी कंपनी के सुपरवाइजर को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया। इन दोनों गंभीर मामलों के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों को दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
पारिवारिक झगड़ा सुलझाने गई साली पर चाकू से वार; मौके पर ही मौत
देवला तालुका के भऊर फाटा इलाके में रहने वाले आरोपी श्याम माली और उसकी पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था। इसी झगड़े को शांत कराने और आरोपी को समझाने के लिए मृतक छाया जाधव अपने पति, मां और भाई के साथ उसके घर पहुंची थीं। बातचीत के दौरान आरोपी श्याम अचानक आपा खो बैठा और उसने छाया जाधव के सीने पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल छाया को तुरंत कलवन ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में छाया का भाई सोनू भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
ग्रामीणों और सरपंच की सूझबूझ से हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी श्याम माली मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए स्थानीय ग्रामीणों और गांव के सरपंच एडवोकेट वैभव पवार ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया और दबोच लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को तुरंत देवला पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया, जहां पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर उससे आगे की पूछताछ कर रही है।
कल्याण में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने सुपरवाइजर को उतारा मौत के घाट
दूसरी सनसनीखेज वारदात कल्याण के पास मारल गांव के मलखन कंपाउंड इलाके में हुई। यहाँ 36 वर्षीय युवक रवींद्र अहिरे की धारदार हथियार से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। रवींद्र एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वह अपनी मां को अस्पताल से घर छोड़ने के बाद रात करीब 9 बजे किसी निजी काम से बाहर निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। पेट में गहरे घाव होने के कारण रवींद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, आरोपियों की तलाश जारी
कल्याण में हुई इस वारदात के बाद टिटवाला पुलिस स्टेशन की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर संदिग्धों की धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी है।
बकरीद से पहले गाय संरक्षण को लेकर मंत्री का सख्त संदेश, विवाद बढ़ा
23 May, 2026 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। आगामी बकरीद त्योहार से पहले महाराष्ट्र सरकार ने गोवंश संरक्षण और कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में गोवंश की हत्या या उसकी अवैध तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने आदेश जारी किया है कि अवैध गो-तस्करी और गोवंश की कटाई में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के खिलाफ 'मकोका' (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) जैसी सख्त धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी नजर, सर्विलांस टीमें तैनात
त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े और गोवंश हत्या बंदी कानून का पूरी तरह पालन हो, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में विशेष सर्विलांस टीमें (निगरानी दल) तैनात कर दी हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि सड़क पर या किसी भी अनधिकृत स्थान पर कटाई करने अथवा कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सरकार की टीमें हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।
खुले में कुर्बानी देने पर पूरी तरह पाबंदी
महाराष्ट्र सरकार ने कानून और स्वच्छता के मद्देनजर पहले ही यह साफ कर दिया है कि राज्य में किसी भी सार्वजनिक या खुले स्थान पर कुर्बानी देने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई भी व्यक्ति खुले में कुर्बानी देते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ प्रशासन द्वारा तत्काल और सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मानखुर्द बकरा मंडी से ही होगी खरीद-बिक्री
त्योहार के दौरान मवेशियों की खरीद-फरोख्त को व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने स्थान तय कर दिए हैं। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों के लिए मानखुर्द में स्थित डेडिकेटेड बकरा मंडी को अधिकृत किया गया है। सरकार की अनुमति के साथ बकरों की खरीद और बिक्री केवल इसी निर्धारित मंडी से की जा सकेगी, ताकि बाजारों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
डायपर लेने निकले युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी
23 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोलापुर। महाराष्ट्र के सोलापुर के विजापुर रोड इलाके में शुक्रवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 24 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सुफियान गुलाम रसूल शेख के रूप में हुई है, जो अपने छोटे बच्चे के लिए बाजार से डायपर लेने की बात कहकर घर से निकला था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, अपार्टमेंट के पास खून से लथपथ मिला शव
मिली जानकारी के अनुसार, सुफियान पेशे से फैब्रिकेशन का काम करता था। उसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी और उसका एक छोटा बेटा भी है। शुक्रवार शाम वह अपने मासूम बच्चे के लिए डायपर खरीदने की बात कहकर घर से बाहर गया था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। इसी बीच विजापुर रोड पर स्थित पनाश अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड जब इलाके में गश्त कर रहे थे, तब उन्हें सुफियान लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा हुआ मिला, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
घरवाले करते रहे फोन, पुलिस ने उठाकर दी मौत की खबर
सुफियान जब काफी समय बीत जाने के बाद भी घर नहीं लौटा, तो चिंतित परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। बताया जा रहा है कि सुफियान का फोन मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उठाया और परिवार को इस दर्दनाक घटना की जानकारी दी। मौत की खबर सुनते ही सुफियान के घर में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, सुफियान का किसी से कोई विवाद, दुश्मनी या तनाव जैसी स्थिति नहीं थी, जिससे इस हादसे ने सबको चौंका दिया है।
विजापुर रोड कैसे पहुंचा सुफियान? कई अनसुलझे सवालों के घेरे में मामला
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो सुफियान घर के पास डायपर लेने निकला था, वह आखिरकार विजापुर रोड इलाके में कैसे और किन परिस्थितियों में पहुंचा। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या का मामला है या फिर आत्महत्या का। इन सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस सुफियान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और इलाके के आसपास के रास्तों की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है।
करीबियों और परिजनों से पूछताछ, सच का पता लगाने में जुटी पुलिस
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इसके तहत सुफियान के दोस्तों, करीबियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि उसके आखिरी समय की गतिविधियों के बारे में कोई सुराग मिल सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब MCOCA के तहत होगी कार्रवाई, महाराष्ट्र में अवैध बूचड़खानों और गौ तस्करी पर नकेल
22 May, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अवैध गोवंश परिवहन, गौ तस्करी और गैरकानूनी रूप से चलाए जा रहे बूचड़खानों (कत्लखानों) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी ताजा शासनादेश (जीआर) के अनुसार, सूबे में संगठित तरीके से गौ तस्करी के धंधे में लिप्त गिरोहों और उनके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए अब 'मकोका' (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) जैसी बेहद कड़ी और गैर-जमानती धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निकायों को अल्टीमेटम; अवैध कत्लखानों की सघन जांच के निर्देश
राज्य सरकार ने इस संबंध में सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, जिला परिषदों और ग्राम पंचायतों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्थानीय निकायों से कहा है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में चल रहे संदिग्ध और अवैध बूचड़खानों की तुरंत धरपकड़ करें और उन्हें सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की यह सीधी जवाबदेही तय की गई है कि भविष्य में उनके इलाके में किसी भी प्रकार का अवैध बूचड़खाना संचालित न होने पाए।
वाहनों की धरपकड़ के लिए मोटर व्हीकल एक्ट लागू; नोडल अधिकारियों के नंबर होंगे सार्वजनिक
नई नियमावली के तहत, अवैध रूप से गोवंश को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले वाहनों पर नकेल कसने के लिए परिवहन विभाग (RTO) को विशेष अधिकार दिए गए हैं। ऐसे संदिग्ध वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन कानून (मोटर व्हीकल एक्ट) की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें जब्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस पूरे तंत्र को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए पुलिस, पशुपालन और परिवहन विभाग में विशेष 'नोडल अधिकारियों' की नियुक्ति की जाएगी, जिनके संपर्क नंबर आम जनता की सुविधा और सूचना देने के लिए सार्वजनिक किए जाएंगे।
बॉर्डर पर बनेगी संयुक्त जांच चौकियां; संभावित रास्तों पर रहेगी विशेष नजर
गौ तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में हाई-टेक और संयुक्त जांच चौकियां (चेक पोस्ट) स्थापित की जाएंगी। इन चौकियों पर पुलिस, आरटीओ, पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी और आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की नियमित चेकिंग करेंगी। सरकार ने खुफिया तंत्र को भी अलर्ट करते हुए गौ तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले संभावित और गुप्त रास्तों पर विशेष गश्त व निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हेल्पलाइन 112 पर शिकायत मिलते ही तुरंत पहुंचेगी पुलिस; कलेक्टर और सीपी को कमान
आम जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर जैसे ही गौ तस्करी, अवैध परिवहन या गैरकानूनी कत्लखानों से जुड़ी कोई भी गुप्त सूचना या शिकायत प्राप्त होगी, संबंधित क्षेत्र की पुलिस बिना किसी देरी के तत्काल मौके पर पहुंचकर एक्शन लेगी। इस पूरे अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और इसकी रोजाना मॉनिटरिंग करने की मुख्य जिम्मेदारी सभी जिलों के जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) और पुलिस आयुक्तों (CP) को सौंपी गई है।
महाराष्ट्र कनेक्शन से NEET पेपर लीक पर CBI की पैनी नजर, कई बड़े नाम जांच में
22 May, 2026 03:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपना शिकंजा और कस दिया है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए केंद्रीय एजेंसी ने अब उन संदिग्ध अभिभावकों (पेरेंट्स) को समन भेजकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्होंने अपने बच्चों को अवैध रूप से फायदा पहुंचाने के लिए लीक प्रश्नपत्र खरीदे थे। सीबीआई अब न सिर्फ मुख्य साजिशकर्ताओं और सॉल्वर गैंग को दबोच रही है, बल्कि उन चेहरों को भी बेनकाब कर रही है जो इस धांधली के प्रत्यक्ष लाभार्थी रहे हैं।
महाराष्ट्र से जुड़े तार; लातूर और पुणे में सीबीआई का बड़ा सर्च ऑपरेशन
मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच एजेंसी के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि लीक प्रश्नपत्र को एक संगठित सिंडिकेट के जरिए महाराष्ट्र के रास्ते देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा गया था। यही वजह है कि सीबीआई की विशेष टीमों का पूरा ध्यान इस समय महाराष्ट्र के लातूर और पुणे जैसे प्रमुख जिलों पर केंद्रित है। इन ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ का दौर जारी है।
10 से ज्यादा अभिभावक हिरासत में; सौदेबाजी की रकम और बिचौलियों का खुलेगा राज
सीबीआई मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्रश्नपत्रों का यह अवैध वितरण श्रृंखला (चैन) के रूप में किस तरह आगे बढ़ा, इस पूरे खेल में किसने मध्यस्थ (दलाल) की भूमिका निभाई और प्रति छात्र कितनी मोटी रकम की सौदेबाजी तय हुई थी। जानकारी के मुताबिक, अब तक 10 से अधिक संदिग्ध अभिभावकों और छात्रों से सघन पूछताछ की जा चुकी है। एजेंसी के पास ऐसे इनपुट्स हैं कि कई लोगों ने परीक्षा से ठीक पहले एडवांस पेमेंट देकर प्रश्नपत्रों की कॉपियां हासिल कर ली थीं।
नामी डॉक्टर भी जांच के दायरे में; सबूत जुटाने के बाद हो सकती हैं बड़ी गिरफ्तारियां
इस पूरे रैकेट में समाज के रसूखदार लोगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। लातूर के एक नामी बच्चों के डॉक्टर (पेडियाट्रिशियन) का नाम भी इस जांच की जद में आया है, जिन पर अपने बेटे के लिए पेपर खरीदने का गंभीर आरोप है। हालांकि, पुख्ता कानूनी कार्रवाई से पहले सीबीआई तमाम तकनीकी और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ेंगी, देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय इसी तरह के समानांतर नेटवर्क का भी भंडाफोड़ होगा और आने वाले दिनों में कुछ और वीआईपी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।
संग्राम के बीच महाराष्ट्र में विधान परिषद सीटों की लड़ाई, नेताओं की किस्मत चुनौती पर
22 May, 2026 02:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। महाराष्ट्र के बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच राज्य विधान परिषद (एमएलसी) की 17 सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया गया है। राज्य के मौजूदा सियासी समीकरणों को देखते हुए इस बार का यह मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प होने की उम्मीद है। इन 17 सीटों में से 16 सीटों पर नियमित चुनाव हो रहे हैं, जबकि नागपुर की एक सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। नागपुर सीट पर उपचुनाव की नौबत इसलिए आई क्योंकि यहाँ से निर्वाचित सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले ने साल 2024 में विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह सीट कार्यकाल के बीच में ही रिक्त हो गई थी।
ऐसा था पुराना दलीय गणित, इन बड़े चेहरों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
यदि इन सीटों के पुराने दलीय संख्याबल को समझें, तो इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा अपनी जमीन बचानी होगी। इन 17 सीटों में से पहले बीजेपी के पास 7, अविभाजित शिवसेना के पास 4, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास 3 और कांग्रेस के पास 2 सीटें थीं। इस बार कई कद्दावर नेताओं की सीटें दांव पर लगी हैं। इनमें सोलापूर से भाजपा के प्रशांत परिचारक, अहिल्यानगर से एनसीपी के अरुणकाका जगताप और ठाणे क्षेत्र से शिवसेना के रवींद्र फाटक जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनका कार्यकाल राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा में रहा है।
इन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में देखने को मिलेगी कांटे की टक्कर
चुनाव के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए चेहरे और अनुभवी नेता अपनी किस्मत आजमाएंगे। जिन प्रमुख सीटों पर मतदान होना है, उनमें जलगांव से चंदूभाई पटेल, सांगली-सातारा से मोहनराव कदम, और नांदेड से अमर राजूरकर के क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी, पुणे से अनिल भोसले, भंडारा-गोंदिया से परिणय फुके, और रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से अनिकेत तटकरे की सीटों पर भी नए समीकरण देखने को मिलेंगे। अन्य क्षेत्रों में नासिक के नरेंद्र दराडे, वर्धा-चंद्रपूर-गढ़चिरौली के रामदास आंबटकर, अमरावती के प्रवीण पोटे और धाराशिव-लातूर-बीड से सुरेश धस की सीटों पर भी नए सिरे से बिसात बिछेगी।
परभणी से लेकर संभाजीनगर तक बदले समीकरण, स्थानीय निकायों पर नजर
इसके अतिरिक्त, परभणी-हिंगोली सीट से विप्लव बाजोरिया और छत्रपती संभाजीनगर-जालना से अंबादास दानवे के निर्वाचन क्षेत्रों में भी राजनीतिक दलों ने अपनी घेराबंदी शुरू कर दी है। चूंकि ये चुनाव स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों (Local Authorities' Constituencies) के अंतर्गत आते हैं, इसलिए अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राज्य के स्थानीय जनप्रतिनिधि और मतदाता इस बार बदले हुए राजनैतिक गठबंधनों के दौर में किस पार्टी अथवा मोर्चे पर अपना भरोसा जताते हैं।
चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम; 1 जून तक दाखिल होंगे नामांकन
केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 25 मई 2026 को जारी कर दी जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। चुनाव के लिए तय की गई अन्य महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 1 जून 2026
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच): 2 जून 2026
नाम वापसी (विड्रॉल) की आखिरी तारीख: 4 जून 2026
राहुल गांधी के बयान पर संजय राउत का बयान, भाषा को बताया अस्वीकार्य
21 May, 2026 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के बयान पर भाजपा के विरोध, पहलगाम हमले की एनआईए चार्जशीट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद की बैठक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी के बयान पर बोले राउत- 'भाजपा और RSS को करना चाहिए आत्मचिंतन'
संजय राउत ने राहुल गांधी के 'गद्दार' वाले बयान पर मचे सियासी घमासान के बीच उनका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का काम हमेशा हमलावर रहना ही है। राउत ने याद दिलाया कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और वे हमेशा सोच-समझकर ही अपनी बात रखते हैं। वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे और इंदिरा गांधी के पोते हैं, जिनकी एक अपनी राजनीतिक परंपरा है। राउत ने आगे कहा कि आज देश में ऐसी भाषा के इस्तेमाल की नौबत क्यों आ रही है, इस पर भाजपा और आरएसएस को खुद के भीतर झांकना चाहिए और गहराई से आत्मचिंतन करना चाहिए।
आतंकी 'लंगड़ा' पर भड़के राउत- 'पाकिस्तान में घुसकर फांसी पर लटकाओ'
पहलगाम आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी 'लंगड़ा' को मास्टरमाइंड बताए जाने पर राउत ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "वह आतंकी अभी पाकिस्तान में सुरक्षित बैठा है। अगर सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था, तो फिर पाकिस्तान में घुसकर उसे पकड़कर भारत क्यों नहीं लाया जा रहा?" राउत ने कहा कि पूरा देश चाहता है कि ऐसे आतंकियों को भारत लाकर सरेआम फांसी पर लटकाया जाए, तभी इंसाफ होगा।
प्रधानमंत्री की मंत्रिपरिषद बैठक पर तंज- 'क्या इटली से कोई जादुई मंत्र लाए हैं मोदी?'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई मंत्रिपरिषद की बैठक को लेकर भी संजय राउत ने तंज कसने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि चीन और भारत एशिया के दो सबसे बड़े देश हैं, लेकिन वर्तमान में भारत के आर्थिक हालात बेहद खराब हैं। प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर चुटकी लेते हुए राउत ने कहा, "मोदी जी अभी इटली घूमकर वापस लौटे हैं, शायद वहां से देश की स्थिति सुधारने का कोई जादुई मंत्र लेकर आए होंगे।"
शक और विवाद ने ली जान, दोस्त ने चाकू मारकर साथी को मारा
21 May, 2026 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जलगांव। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के बोदवड शहर में आपसी रंजिश और अविश्वास के चलते एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है। यहाँ चोरी के शक को लेकर शुरू हुआ दो दोस्तों का विवाद इस कदर बढ़ा कि एक दोस्त ने दूसरे पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया है। न्याय की मांग और पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बोदवड पुलिस थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
घर में हुई चोरी बनी हत्या की वजह, पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक अंसार पिंजारी के घर में कुछ दिनों पहले एक चोरी की वारदात हुई थी। इस घटना को लेकर अंसार को अपने ही एक परिचित दोस्त अरबाज शाह पर शक था। जब अंसार ने अरबाज से इस बारे में पूछताछ की, तो दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि अरबाज ने उस वक्त अंसार को देख लेने और जान से मारने की खुली धमकी भी दी थी। इसी खुन्नस के चलते बुधवार को मौका पाकर आरोपी अरबाज ने अंसार पर चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया, जिससे अंसार की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी तुरंत फरार हो गया।
लापरवाही बरतने पर गाज; सहायक फौजदार और कांस्टेबल तत्काल सस्पेंड
हत्या की इस वारदात के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़क उठा, क्योंकि पुलिस को इस विवाद की भनक पहले से थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और कानून-व्यवस्था को बिगड़ता देख उच्च पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया है। ड्यूटी में कोताही और लापरवाही बरतने के आरोप में एक सहायक फौजदार (ASI) रवींद्र गुरचल और कांस्टेबल मोहन चौधरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
थाने के बाहर डटे परिजन, जल्द गिरफ्तारी न होने पर बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
अंसार की मौत से आक्रोशित रिश्तेदार और स्थानीय नेता शव को लेने के बजाय बोदवड पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते धमकी की शिकायत पर कार्रवाई करती, तो अंसार की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपी अरबाज शाह को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पूरे जलगांव जिले में एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इलाके में अतिरिक्त बल तैनात, फरार कातिल की तलाश में पुलिस की छापेमारी
फिलहाल बोदवड शहर में स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को जल्द से जल्द आरोपी को दबोचने का आश्वासन दिया है। फरार हत्यारे अरबाज की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं, जो उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान उपद्रव, बांद्रा पुलिस पर पत्थरबाजी और गिरफ्तारियां
21 May, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बांद्रा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित गरीब नगर इलाके में बुधवार को रेलवे प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के दौरान अचानक हिंसक झड़प देखने को मिली। अवैध झोपड़ियों को जमींदोज करने पहुंची रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम पर करीब 100 से 150 लोगों की उग्र भीड़ ने धावा बोल दिया और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ था पीला पंजा, नोटिस की मियाद थी पूरी
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की शिकायत के अनुसार, पश्चिम रेलवे के सहायक मंडल अभियंता ने बीते 13 मार्च 2026 को ही इस अवैध निर्माण को हटाने का आधिकारिक नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ स्थानीय सोसायटियों (एकता वेल्फेयर सोसाइटी और गरीब नगर रहिवासी वेल्फेयर संघ) ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए पात्र झुग्गीवासियों के वैध अधिकारों की रक्षा करने की बात कही, लेकिन साथ ही बचे हुए सभी अवैध निर्माणों को ढहाने की हरी झंडी दे दी थी। इसी आदेश के तहत रेलवे ने 19 मई से 23 मई 2026 के बीच यह निष्कासन अभियान तय किया था।
लाउडस्पीकर की चेतावनी भी बेअसर, दोपहर बाद असामाजिक तत्वों ने भड़काई हिंसा
शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई पूरी करने के लिए निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया था। 19 मई को शुरू हुई कार्रवाई जब 20 मई को दोबारा सुबह 10 बजे शुरू की गई, तो दोपहर करीब 4:30 बजे अचानक माहौल बिगड़ गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर महिलाओं और पुरुषों की बड़ी भीड़ को उकसाकर मौके पर इकट्ठा कर लिया। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने मेगाफोन (लाउडस्पीकर) के जरिए भीड़ को वहां से हट जाने और शांति बनाए रखने की चेतावनी दी, लेकिन उपद्रवियों ने कानून को ताक पर रखकर हमला कर दिया।
पथराव में कई जवान लहूलुहान; आरपीएफ जवान की नाक और पुलिसकर्मी का हाथ टूटा
गुस्साई भीड़ ने भारी संख्या में सीमेंट ब्लॉक, पत्थर और मलबे उठाकर पुलिस व आरपीएफ जवानों पर फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। इस जानलेवा हमले में कई रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए:
आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र कुमार: नाक पर सीधा पत्थर लगने के कारण उनके नाक की हड्डी टूट गई।
पुलिस हवलदार प्रतीक दगडू जाधव (36 वर्ष): हमले के दौरान उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में गंभीर फ्रैक्चर आया है।
अन्य घायल सिपाही: पुलिस सिपाही चंद्रकांत मुकुटराव, नवनाथ अण्णा, ओमकार दीपक कोली और दत्तात्रेय तानाजी बागुल को हाथ, कलाई और कंधों की हड्डियों में गंभीर चोटें आई हैं। इस हिंसा में कुछ स्थानीय नागरिक भी जख्मी हुए हैं।
15 आरोपी नामजद गिरफ्तार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज
इस उपद्रव के दौरान सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने मौके से ही 10 मुख्य आरोपियों को दबोच लिया था, जिनकी पहचान मोहम्मद दिलशाद नूरमोहम्मद शेख, जाकिर जैनुद्दीन अब्बासी, मोहम्मद साजिद अंसारी, सलाउद्दीन मेहउद्दीन शेख, रहीम मुसीर खान, मोहम्मद अरबान, नाजिम रफीक, मोहम्मद दिलशाद अहमद, इसरार इकबाल खान और मोफिन अब्दुल हमीद खान के रूप में हुई है। इसके बाद छानबीन कर 5 और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया। निर्मल नगर थाना पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हिंसा के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं का पता लगाया जा सके।
महाराष्ट्र राजनीति में शिंदे की यात्रा को लेकर उठे सवाल
20 May, 2026 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा अपने निजी जेट (Private Jet) को छोड़कर एयर इंडिया के साधारण कमर्शियल विमान से दिल्ली की यात्रा करने पर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने शिंदे के इस कदम पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस पर तंज कसते हुए दावा किया कि आम जनता की फ्लाइट से सफर करने का यह पूरा घटनाक्रम महज एक दिखावा हो सकता है।
पूरी फ्लाइट बुक करने का लगाया आरोप
संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की इस यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संभव है कि वह साधारण दिखने वाली फ्लाइट असल में पूरी तरह इन्हीं लोगों के लिए बुक की गई हो। राउत ने बयान दिया, “इन लोगों ने आम पैसेंजर फ्लाइट को ही चार्टर्ड प्लेन में तब्दील कर दिया होगा। इनके पास असीमित पैसा है, ये कुछ भी कर सकते हैं। हो सकता है कि पूरी फ्लाइट के यात्री भी इन्हीं के खेमे के हों। ये लोग बिना चार्टर प्लेन के सफर कर ही नहीं सकते। अगर उस विमान में 200 या 390 सीटों की क्षमता है, तो मुमकिन है कि सारी टिकटें इन्होंने खुद ही खरीद ली हों।”
पीएम मोदी की सादगी वाली अपील का दिया हवाला
दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस यात्रा के पीछे की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील को बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने देश में ईंधन और ऊर्जा की बचत करने का आग्रह किया था, जिसे ध्यान में रखते हुए एकनाथ शिंदे ने प्राइवेट जेट के बजाय आम यात्री विमान से दिल्ली जाने का फैसला किया। वह दोपहर 4 बजे की नियमित फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्हें स्वच्छ भारत मिशन को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना था।
सरकारी खर्च और काफिला कम करने का पुराना रिकॉर्ड
एकनाथ शिंदे के समर्थकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा कोई कदम उठाया है। वह पहले भी कई मौकों पर सरकारी खजाने और ईंधन की बर्बादी को रोकने की बात कह चुके हैं। इससे पहले भी उन्होंने कुछ दौरों पर वीआईपी हेलिकॉप्टर और अपने बड़े सुरक्षा काफिले (काफिले की गाड़ियों) की संख्या को सीमित किया था। अब एयर इंडिया के विमान से दिल्ली जाने को भी उनकी इसी किफायती और सादगीपूर्ण कार्यशैली का हिस्सा बताया जा रहा है।
दिखावा बनाम सादगी: आमने-सामने सरकार और विपक्ष
उपमुख्यमंत्री के इस कदम ने महाराष्ट्र की राजनीति में 'सादगी बनाम दिखावे' की नई बहस को जन्म दे दिया है। जहाँ एक ओर सत्तापक्ष और शिंदे के समर्थक इसे प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान और राष्ट्रहित में ईंधन बचाने की एक बेहतरीन पहल बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे केवल मीडिया का ध्यान खींचने और पब्लिसिटी बटोरने का एक राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं।
महाराष्ट्र से बड़ा बयान, पवार ने मोदी की उपलब्धियों को किया उजागर
20 May, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रयासों की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वैचारिक और राजनीतिक रूप से हमारी सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भिन्न हो, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि वह बतौर प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख और सम्मान को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पुणे में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजनेता ने कहा कि जब बात राष्ट्रहित की हो, तो सभी को अपने मतभेद भुलाकर एक सुर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।
नेहरू, इंदिरा और मनमोहन सिंह के नेतृत्व को किया याद
अपने संबोधन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य और उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखा। पवार ने कहा कि जब भी देश के स्वाभिमान की बात आती है, तो राजनीति को बीच में नहीं लाना चाहिए। आज प्रधानमंत्री मोदी भी विदेशी धरती पर भारत के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने का वही दायित्व निभा रहे हैं।
इंदिरा गांधी की दृढ़ता का सुनाया ऐतिहासिक किस्सा
शरद पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा सोवियत संघ (रूस) की यात्रा का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक संस्मरण भी साझा किया। पूर्व राजनयिक आई.के. गुजराल के हवाले से उन्होंने बताया कि जब इंदिरा गांधी को लगा कि विदेशी अधिकारियों द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को उचित प्रोटोकॉल या सम्मान नहीं दिया जा रहा है, तो उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाया था। इंदिरा गांधी ने स्पष्ट शब्दों में सोवियत अधिकारियों से कहा था कि वह देश के 40 करोड़ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती हैं और भारतीयों के आत्मसम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता या उपेक्षा उन्हें कतई स्वीकार नहीं है।
18 साल की उम्र के शुरुआती राजनीतिक सफर और पंडित नेहरू से मुलाकात का जिक्र
'लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन' के मंच से बोलते हुए ८५ वर्षीय नेता भावुक भी हुए। उन्होंने वर्ष 1958 के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह बारामती से पढ़ाई के लिए पुणे आए और युवा आंदोलन से जुड़कर महाराष्ट्र व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। उन्होंने दिल्ली के तीन मूर्ति हाउस में पंडित जवाहरलाल नेहरू से हुई अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वे युवाओं और किसानों के कई सवाल लेकर गए थे, लेकिन नेहरू जी के प्रभावशाली व्यक्तित्व को देखकर वे सब कुछ भूल गए।
पुराने सहयोगियों से राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान की अपील
कार्यक्रम में कई ऐसे पुराने नेता और पदाधिकारी मौजूद थे जो कभी युवा कांग्रेस का हिस्सा थे और आज अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं। शरद पवार ने अलग-अलग विचारधाराओं में जाने के बावजूद सामाजिक प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए सभी की सराहना की। उन्होंने अपने पुराने साथियों से अपील की कि दल भले ही बदल गए हों, लेकिन जब भी समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए मिलकर काम करने का अवसर मिले, तो सभी को एक साझा उद्देश्य के साथ देश की तरक्की में अपना योगदान देना चाहिए।
नॉर्वे में पत्रकारिता के सवाल पर राउत ने कसा मोदी पर तंज
20 May, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा को लेकर उन पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नॉर्वे की यात्रा के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब न देने पर कटाक्ष करते हुए राउत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को अपना पद छोड़ने या छूटने से पहले कम से कम एक बार तो प्रेस कॉन्फ्रेंस का सामना जरूर करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर फिल्म बनाने की मांग
प्रधानमंत्री पर निशाना साधने के साथ ही संजय राउत ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम और वहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के तरीके पर भी हैरानी जताई। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से तोड़-जोड़ कर बंगाल में सत्ता हासिल की गई है और वहाँ सरकार का गठन हुआ है, उस पूरे घटनाक्रम पर तो एक पूरी फिल्म बननी चाहिए।
ममता बनर्जी का बचाव: 'यह उनकी नहीं, लोकतंत्र की हार है'
इससे पहले भी संजय राउत ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पराजय नहीं हुई है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश के लोकतंत्र की हार है। राउत ने विपक्षी दलों और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव परिणामों को देखकर जो लोग खुशियाँ मना रहे हैं, वे पूरी तरह से गलतफहमी में हैं।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल और इस्तीफे का विरोध
संजय राउत ने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव प्रणाली पर उठाए गए सवालों को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का यह आरोप गंभीर है कि कई जगहों पर बूथों पर धांधली की गई, मतदाता सूची से जानबूझकर नाम हटाए गए और कई विधानसभा क्षेत्रों में भारी अनियमितताएं बरती गईं। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने के फैसले का समर्थन करते हुए इसे उनके संघर्ष और आंदोलन का ही एक हिस्सा बताया।
'सड़क से सत्ता तक' लड़ने वाली नेत्री हैं ममता
संजय राउत ने ममता बनर्जी के राजनीतिक तेवरों की तारीफ करते हुए कहा कि वह कभी भी गलत के आगे झुकने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए भी ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ी है। राउत के अनुसार, ममता बनर्जी हार मानने वाली नेता नहीं हैं; वह हमेशा से सड़क से लेकर सत्ता तक आंदोलन की राजनीति करती आई हैं और जनता के हक के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रेम जाल में फंसी नाबालिग, रिश्तेदार ने किया शर्मनाक कांड
19 May, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और घिनौनी वारदात सामने आई है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर पहले "लव ट्रैप" (प्रेम जाल) में फंसाया गया और फिर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए आरोपी ने इस घिनौने कृत्य का अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथी की मदद से उस वीडियो को पीड़िता के ही परिवार वालों के मोबाइल फोन पर भेजकर उसे वायरल कर दिया। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और माता-पिता के बीच गहरी चिंता का माहौल है।
रिश्तेदारी का उठाया फायदा, पड़ोसी जिले से दबोचे गए दोनों आरोपी
भंडारा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पड़ोसी जिले गोंदिया से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पीड़िता और मुख्य आरोपी दोनों एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और आपस में दूर के रिश्तेदार हैं। इसी पारिवारिक संबंध और जान-पहचान का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी ने लड़की को अपने जाल में फंसाया और बाद में डरा-धमकाकर गलत काम करने पर मजबूर किया।
केस दर्ज कर पुलिस ने इन दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान भंडारा पुलिस ने सार्वजनिक कर दी है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
अहमद रज़ा अखिल शेख (उम्र 20 वर्ष, निवासी गोंदिया): यह इस मामले का मुख्य आरोपी है, जिसने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया और पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया।
साहिल अब्दुल शकील शेख (उम्र 27 वर्ष, निवासी गोंदिया): इस सह-आरोपी ने अश्लील वीडियो को पीड़िता के रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाकर वायरल करने में मुख्य आरोपी की मदद की।
POCSO, BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा, साइबर सेल की ली जा रही मदद
नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए भंडारा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता ($BNS$), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण ($POCSO$) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी ($IT$) अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती व कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब इस बिंदु की बारीकी से जांच कर रही है कि इन अश्लील वीडियो को परिजनों के अलावा इंटरनेट पर और किन-किन लोगों या ग्रुप्स में साझा किया गया है, ताकि डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
पीड़िता को सदमे से उबारने के लिए की जाएगी काउंसलिंग
इस खौफनाक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली घटना के बाद नाबालिग पीड़िता गहरे सदमे (ट्रॉमा) में है। चूंकि यह अपराध किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि एक जानने वाले रिश्तेदार ने ही किया है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता की मदद के लिए कदम उठाए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को इस मानसिक आघात से बाहर निकालने और सामान्य स्थिति में लाने के लिए महिला विशेषज्ञों द्वारा उचित काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने गिरिबाला सिंह पर साधा निशाना, ट्विशा शर्मा केस में विवाद
19 May, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। राजधानी के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर शिवसेना (UBT) की वरिष्ठ महिला नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मोर्चा खोल दिया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने पीड़िता की सास और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) न्यायाधीश गिरिबाला सिंह द्वारा दिए गए हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि 'औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन होती है' वाले मुहावरे को कोई शक्ल देनी हो, तो वह चेहरा इस महिला (गिरिबाला सिंह) का ही होगा।
'कानून की समझ का हो रहा गलत इस्तेमाल, जो दुनिया में नहीं उसे किया जा रहा बदनाम'
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी पोस्ट में गिरिबाला सिंह के अतीत का हवाला देते हुए लिखा कि चूंकि वह खुद एक पूर्व न्यायाधीश रही हैं, इसलिए वे यह बहुत अच्छी तरह जानती हैं कि कानूनी दांव-पेंचों को अपने पक्ष में कैसे मोड़ा जाता है। शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि एक ऐसी लाचार महिला को दोषी ठहराना और बदनाम करना बेहद आसान है, जो आज अपना पक्ष रखने या अपनी सफाई देने के लिए इस दुनिया में जीवित ही नहीं है। उन्होंने इस पूरे कृत्य को बेहद असंवेदनशील करार दिया।
सास गिरिबाला सिंह ने बयानों में किए थे कई चौंकाने वाले दावे
इस पूरे विवाद की जड़ वह इंटरव्यू है जो ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनकी सास गिरिबाला सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान दिया था। अपने बयान में पूर्व जज ने दावा किया था कि ट्विशा ने गर्भपात यानी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी ($MTP$) की प्रक्रिया शुरू तो कर दी थी, लेकिन बाद में उसने इसे बीच में ही रोकने की इच्छा जताई थी, जो कि चिकित्सकीय रूप से मुमकिन नहीं था। उन्होंने यह भी दलील दी थी कि उनका परिवार इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्विशा के साथ खड़ा था। इसके अलावा उन्होंने ट्विशा के पति और उसके मायके वालों को लेकर भी कई बातें कही थीं, जिसने इस विवाद को और हवा दे दी।
चरित्र हनन की कोशिश का आरोप, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रियंका चतुर्वेदी ने इन्हीं दावों को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि जो बेटी अब इस दुनिया से जा चुकी है, उसके व्यक्तिगत फैसलों और चरित्र पर इस तरह सरेआम उंगली उठाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आशंका जताई कि पूर्व जज होने के नाते अपनी रसूख का इस्तेमाल कर मुख्य मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
मामला कोर्ट में विचाराधीन, पुलिस खंगाल रही हर पहलू
यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला इस समय कोर्ट के विचाराधीन है और स्थानीय पुलिस हर एक बिंदु को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। दूसरी तरफ, इस बयानबाजी के सामने आने के बाद से ही इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आम लोगों के बीच बहस काफी तेज हो गई है।
देश में UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हुआ मध्य प्रदेश, विधानसभा से बिल पास
राहुल गांधी का बड़ा विरोध प्रदर्शन, पीएम आवास के बाहर रातभर धरने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, राहुल गांधी के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध
हत्या से पहले रची गई थी पूरी योजना? केतन केस में नए खुलासे
जेल से बाहर आते ही बनाई गैंगस्टर स्टाइल रील, रीवा पुलिस ने दबोचकर उतारा 'बॉस' का भूत
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश, साइबर सुरक्षा पर सरकार सख्त
दो महीने पहले हुई थी शादी, मायके में नवविवाहिता ने दी जान
पटरी पर उतरने से पहले ही मेट्रो पर करोड़ों की मार, 8 करोड़ के सर्विस चार्ज को लेकर बढ़ा विवाद
घायल छात्रों से मिलकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा
