महाराष्ट्र
3 दिन बीते, सुराग नहीं मिला; अटल सेतु से छलांग लगाने वाले युवक की खोज जारी
9 Jun, 2026 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवी मुंबई। देश के सबसे लंबे समुद्री पुल 'अटल सेतु' से गहरे समंदर में कूदने वाले एक युवा कारोबारी का दो दिन बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। रविवार (7 जून) की मध्यरात्रि को हुई इस दर्दनाक घटना में पुणे जिले के शिरूर तालुका निवासी 28 वर्षीय प्रतीक सुभाष रासकर ने पुल पर अपनी गाड़ी रोककर छलांग लगा दी थी। तटीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें समुद्र की लहरों के बीच लापता युवक को खोजने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक उसका शरीर बरामद नहीं किया जा सका है।
रात के सन्नाटे में कार रोकी और समंदर में लगा दी मौत की छलांग
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतीक शेयर बाजार (स्टॉक मार्केट) से जुड़े प्रशिक्षण देने और क्लासेस चलाने का काम करता था। रविवार की रात उसने अपने परिवार से बाहर जाकर डिनर करने की बात कही थी, जिसके बाद वह अपनी कार लेकर घर से निकला था। सीसीटीवी फुटेज और जांच के अनुसार, रात तकरीबन 1:29 बजे वह अपनी गाड़ी चलाते हुए अटल सेतु पर पहुंचा और अचानक कार रोककर सीधे नीचे गहरे पानी में कूद गया। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े इस युवक ने किस मानसिक तनाव या वित्तीय दबाव के चलते आत्मघाती कदम उठाया।
उलवे थाना पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन और परिजनों में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय उलवे थाना पुलिस और गोताखोरों की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए पानी में बड़े पैमाने पर खोजबीन अभियान शुरू किया। समुद्र की तेज लहरों और अंधेरे के कारण शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन सोमवार को दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी टीम को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। इकलौते बेटे के इस खौफनाक कदम के बाद से ही पुणे में रह रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार पुलिस के संपर्क में रहकर सर्च ऑपरेशन के अपडेट ले रहे हैं।
तलाश के लिए पुलिस ने जारी किया हुलिया और जनता से मांगी मदद
लापता युवक की तलाश को गति देने के लिए पुलिस प्रशासन ने उसका शारीरिक विवरण (हुलिया) जारी किया है। जारी ब्योरे के मुताबिक, प्रतीक रासकर का रंग गोरा, कद लगभग 5 फीट 10 इंच, मजबूत कद-काठी, काले बाल, काली आंखें और चेहरे पर हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी-मूंछ है। समंदर में कूदने के वक्त उसने सफेद शर्ट और ग्रे रंग का पैंट पहन रखा था। उलवे पुलिस ने तटीय इलाकों के मछुआरों और आम जनता से अपील की है कि यदि इस हुलिए से मिलता-जुलता कोई भी शव या जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करें।
सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती पड़ी भारी, कारोबारी ने गंवाए 15 लाख रुपये
9 Jun, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में साइबर अपराधियों ने एक 62 वर्षीय व्यापारी को अपना शिकार बनाते हुए फेसबुक के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने का झांसा दिया और उनसे लगभग 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित बुजुर्ग के पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक अनजान शख्स की दोस्ती का आमंत्रण आया था, जिसे मंजूर करने के बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होने लगी।
फेसबुक पर दोस्ती कर जालसाज ने दिया बंपर मुनाफे का लालच
शातिर ठग ने खुद को डिजिटल करेंसी और इन्वेस्टमेंट का एक्सपर्ट बताते हुए कारोबारी को एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की खूबियां गिनाईं और कम समय में मोटा पैसा कमाने का सपना दिखाया। भरोसा जीतने के बाद जालसाज ने व्यापारी को एक संदिग्ध लिंक भेजा, जिसके जरिए एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करवाया गया और उसमें मोटी रकम निवेश करने के लिए उकसाया।
13 हजार के बदले 25 हजार का दिखावा और फिर लगा 15 लाख का चूना
शुरुआती दौर में व्यापारी ने ऐप पर परखने के लिए केवल 13 हजार रुपये का निवेश किया, जिसके तुरंत बाद स्क्रीन पर उसे 25 हजार रुपये का फर्जी मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। इस शुरुआती डिजिटल प्रॉफिट को देखकर बुजुर्ग का विश्वास पक्का हो गया और उन्होंने अलग-अलग किश्तों में विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने मूल पैसे और मुनाफे को बैंक खाते में निकालने (विड्रॉ) का प्रयास किया, तो ऐप ने उनकी अर्जी बार-बार रिजेक्ट कर दी। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पूरे पैसे रिलीज करने के बदले में 28 लाख रुपये के अतिरिक्त कमीशन की डिमांड कर दी।
साइबर सेल में शिकायत दर्ज होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू
खुद को एक सोची-समझी धोखाधड़ी के जाल में फंसा पाकर पीड़ित ने तुरंत केंद्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की तकनीकी विंग खातों की डिटेल के आधार पर ठगों की लोकेशन ट्रेस करने में जुट गई है, साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अजनबियों की वित्तीय सलाह और किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक करने से बचें।
टैंकर हड़ताल से मचा हाहाकार, मुंबई में पानी की सप्लाई ठप होने का खतरा
8 Jun, 2026 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत का संकट और ज्यादा विकराल रूप धारण कर सकता है। एक तरफ जहां मुख्य बांधों और झीलों में जलस्तर लगातार नीचे जाने के कारण मुंबईकर पहले से ही पानी की कटौती से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आज से पानी के टैंकर ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी (CGWA) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध में टैंकर मालिकों और संचालकों ने यह सख्त कदम उठाया है। उनका दावा है कि इन कड़े नियमों के चलते उनका पूरा व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया है, जिसके कारण मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) ने 7 जून 2026 की रात 12 बजे से अगले आदेश तक पूरे महानगर में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है।
सख्त नियमों के विरोध में एसोसिएशन ने लिया बड़ा फैसला
एसोसिएशन (MWTA) का आरोप है कि प्रशासन द्वारा शहर में सीजीडब्ल्यूए (CGWA) के नियमों को बेहद सख्त और चुनिंदा तरीके से थोपा जा रहा है, जिसके तहत कुआं संचालकों और जलापूर्ति करने वालों को लगातार दंडात्मक नोटिस भेजे जा रहे हैं। संस्था ने अपनी सूचना में स्पष्ट किया कि वॉटर टैंकर उद्योग पिछले 80 से अधिक वर्षों से मुंबई के लाखों नागरिकों, रिहायशी सोसायटियों, अस्पतालों और उद्योगों को आपातकालीन सेवाएं दे रहा है, लेकिन मौजूदा दमनकारी नीतियों के कारण अब काम करना पूरी तरह असंभव हो गया है। एसोसिएशन ने जनता को होने वाली इस भारी असुविधा पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि वे इस गंभीर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और कोई व्यावहारिक समाधान निकालें, अन्यथा हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।
अस्पतालों, झुग्गी बस्तियों और निर्माण कार्यों पर पड़ेगा सीधा असर
इस अनिश्चितकालीन चक्काजाम का सबसे घातक असर मुंबई में चल रही बड़ी बुनियादी ढांचा और इमारत निर्माण परियोजनाओं, पानी की कमी से जूझ रही झुग्गी बस्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ना तय माना जा रहा है। इसके अलावा, रोजाना टैंकरों के भरोसे चलने वाले कई निजी और सरकारी संस्थानों में भी हाहाकार मचने की आशंका है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के जलापूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों ने भी चिंता जताते हुए स्वीकार किया है कि यदि यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो बीएमसी के बड़े अस्पतालों, आपातकालीन नागरिक सेवाओं और अन्य आवश्यक सरकारी व्यवस्थाओं की रीढ़ पूरी तरह टूट सकती है।
विपक्ष हमलावर और आदित्य ठाकरे ने बीजेपी को घेरा
टैंकरों के पहिए थमने के बाद मुंबई का यह जल संकट अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है और विपक्षी दल इस मुद्दे पर मौजूदा महायुति सरकार को घेरने में जुट गए हैं। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीएमसी द्वारा कागजों पर भले ही 10% पानी कटौती की बात कही जा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत में कई इलाकों में यह किल्लत इससे कहीं गुना ज्यादा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि भाजपा ने साल 2022 में महाविकास अघाड़ी सरकार के 'डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट' (समुद्री पानी को मीठा बनाने की योजना) को दुर्भावना के तहत रद्द न किया होता, तो वह प्रोजेक्ट 2025 तक शुरू हो जाता और आज मुंबई को यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से नियमों में तुरंत ढील देने की मांग की है।
उद्धव ठाकरे की गैरमौजूदगी पर संजय राउत का बड़ा बयान, बैठक को लेकर दी जानकारी
8 Jun, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 'INDIA' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने बारामती में इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में देश के प्रमुख दल एक मंच पर आ रहे हैं, जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सत्ता की कमान संभाल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस कार्यशैली से असहमति रखने वाले दल एकजुट हो रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता से सुलझेंगे गठबंधन के आपसी मतभेद
शरद पवार ने गठबंधन के भीतर समय-समय पर उभरने वाले मतभेदों को सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता को बनाए रखने के लिए यह तय किया गया है कि गठबंधन के सभी वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को एक साथ बैठाया जाएगा, ताकि वे आपसी संवाद के जरिए किसी भी विवाद का सर्वमान्य समाधान निकाल सकें। उन्होंने जानकारी दी कि इस अहम बैठक में उनकी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए सुप्रिया सुले दिल्ली पहुंची हैं। इस बैठक के समापन के बाद देश की राजधानी में ही गठबंधन के आगामी राजनीतिक रोडमैप और भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
शिवसेना यूबीटी प्रतिबद्ध और उद्धव ठाकरे वर्चुअली जुड़े
महाराष्ट्र केंद्रित इस सियासी घटनाक्रम में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने के लिए दिल्ली नहीं पहुंचे। हालांकि, मुंबई से यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस उच्च स्तरीय बैठक में वर्चुअली अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पार्टी सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) इस मोर्चे की एक बेहद मजबूत स्तंभ बनी हुई है और उनका रुख हमेशा से गठबंधन को एकजुट करने का रहा है। उन्होंने कहा कि सभी दल मिलकर देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों का सामना करेंगे और वर्ष 2029 तक सार्थक बदलाव लाएंगे।
सीटों के समीकरण और कुछ बड़े दलों की अनुपस्थिति
इस विशेष बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी समय के लिए एक साझा व ठोस रणनीति तैयार करना है, जिसमें कांग्रेस के राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, टीएमसी की ममता बनर्जी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। हालांकि, इस महामंथन के बीच कुछ बड़े झटके भी लगे हैं। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जबकि दक्षिण भारत के एक बड़े सहयोगी दल द्रमुक (DMK) ने भी तमिलनाडु के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और कांग्रेस से पैदा हुई तल्खी के कारण इस बैठक का पूरी तरह से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
INDIA Bloc मीटिंग से पहले NCP (S) प्रमुख शरद पवार की दो टूक, कांग्रेस को किया आगाह
8 Jun, 2026 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बारामती। महाराष्ट्र के बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने 'INDIA' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में देश के प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल एक मंच पर एकजुट हो रहे हैं। पवार के अनुसार, आज देश के राजनीतिक परिदृश्य में दो स्पष्ट धाराएं दिख रही हैं, जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता की कमान संभाल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस मौजूदा नेतृत्व की नीतियों और कार्यशैली से असहमति रखने वाले तमाम राजनीतिक दल एक मजबूत विकल्प के रूप में लामबंद हो रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता से सुलझेंगे गठबंधन के आपसी मतभेद
शरद पवार ने गठबंधन के भीतर विभिन्न दलों के बीच समय-समय पर उभरने वाले मतभेदों को सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता को बनाए रखने के लिए यह तय किया गया है कि गठबंधन के सभी वरिष्ठ, अनुभवी और सम्मानित नेताओं को एक साथ बैठाया जाएगा, ताकि वे आपसी संवाद के जरिए किसी भी विवाद का सर्वमान्य समाधान निकाल सकें। उन्होंने जानकारी दी कि इस अहम बैठक में उनकी पार्टी (एनसीपी) का प्रतिनिधित्व करने के लिए सांसद सुप्रिया सुले दिल्ली पहुंची हैं। इस बैठक के समापन के बाद देश की राजधानी में ही गठबंधन के आगामी राजनीतिक रोडमैप और भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अगले दो-तीन साल तक चुनाव नहीं, बिखरने से बचना जरूरी
राकांपा प्रमुख ने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य का हवाला देते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही कि अगले दो से तीन वर्षों तक देश में कोई भी बड़ा या आम चुनाव प्रस्तावित नहीं है। ऐसे चुनावी वैक्यूम (शून्य) के समय में विपक्षी कुनबे को बिखरने से बचाना और सभी सहयोगी दलों को लंबे समय तक एक सूत्र में पिरोए रखना सबसे बड़ी चुनौती और आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी तात्कालिक चुनावी स्वार्थ के भी सभी दलों को वैचारिक रूप से एक साथ काम करते रहना होगा, ताकि देश के सामने एक निरंतर और मजबूत विकल्प मौजूद रहे।
डीएमके की अनुपस्थिति पर चिंता और कड़े रुख से बचने की सलाह
बैठक के घटनाक्रम पर बात करते हुए शरद पवार ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के इस बैठक में शामिल न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि इस राष्ट्रीय गठबंधन को दीर्घकालिक सफलता हासिल करनी है, तो उसे अपने हर छोटे-बड़े साथी को साथ लेकर चलना होगा और किसी को भी अलग-थलग महसूस नहीं होने देना चाहिए। पवार ने सुझाव दिया कि आज की बैठक में सहयोगियों के बीच तालमेल बिठाने के लिए एक ऐसा लचीला फॉर्मूला तैयार कर सामने रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी राजनीतिक दल अपने रुख पर जरूरत से ज्यादा अड़ियल या कड़ा रुख अख्तियार न कर सके और आपसी सहमति की राह आसान हो।
धमाके से थर्राया पुणे का रिहायशी इलाका: गैस सिलेंडर फटने से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने मौके पर तोड़ा दम
6 Jun, 2026 03:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे | महाराष्ट्र के पुणे शहर स्थित खांदवे नगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक रिहायशी इमारत में एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव के बाद हुए भयानक विस्फोट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। हादसे के वक्त आग की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि गंभीर रूप से झुलसे दो अन्य सदस्यों को उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया था, जहां शनिवार को इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। धमाका इतना भीषण था कि फ्लैट का मुख्य कमरा (हॉल) पूरी तरह जलकर खाक हो गया और पूरे मकान को भारी क्षति पहुंची है।
नया सिलेंडर बदलते समय रिसाव और दमकल की कार्रवाई
प्राथमिक जांच के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब घर में पुराना गैस सिलेंडर समाप्त होने पर नया सिलेंडर बदला जा रहा था। इसी दौरान नियामक (रेगुलेटर) लगाने के दौरान गैस का तेजी से रिसाव हुआ और वह पूरे मकान में फैल गई, जिसके बाद हुए जोरदार धमाके ने विकराल आग का रूप ले लिया। शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे इस घटना की जानकारी मिलते ही खराड़ी, धानोरी और येरवडा अग्निशमन केंद्रों से दमकल की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए पानी की बौछारें कर आग पर काबू पाया और इसे आसपास के अन्य घरों में फैलने से रोक लिया।
झुलसने से एक ही परिवार के तीन लोगों ने गंवाई जान
बचाव दल जब ग्राउंड प्लस वन मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर स्थित इस फ्लैट में दाखिल हुआ, तब तक आग सब कुछ अपनी चपेट में ले चुकी थी। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से आग पर नियंत्रण पाया और झुलसे हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इस दुखद हादसे में 60 वर्षीय विष्णु गीते, 50 वर्षीय रुंदीवनिका गीते और उनके 35 वर्षीय पुत्र पांडुरंग गीते गंभीर रूप से झुलस गए थे। पांडुरंग की मृत्यु घटनास्थल के समीप ही हो गई थी, जबकि उनके बुजुर्ग माता-पिता विष्णु गीते और रुंदीवनिका गीते ने अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
विस्फोट से घरेलू सामान और संपत्ति को भारी नुकसान
गैस के इस प्राणघातक रिसाव के बाद हुए धमाके से घर के भीतर मौजूद संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है। आग की तेज लपटों में फ्लैट का हॉल, कीमती फर्नीचर, टेलीविजन और बिजली की पूरी वायरिंग जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा, मकान के स्नानघर और शौचालय के दरवाजे तथा वहां लगा गीजर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। रसोई घर में रखा रेफ्रिजरेटर और अन्य आवश्यक सामान भी इस हादसे की भेंट चढ़ गया, जबकि हर तरफ फैले अत्यधिक धुएं के कारण पूरे फ्लैट की दीवारें काली पड़ गई हैं।
दमन का आरोप: संजय राउत का दावा- 'कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार लगा रही है खुफिया तंत्र और विशेष पुलिस'
6 Jun, 2026 03:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर महाराष्ट्र में भी सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत द्वारा मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाए जाने के बाद, इस पूरे रैकेट के तार महाराष्ट्र से जुड़ने को लेकर राज्य के युवाओं और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश है। जंतर-मंतर पर शुरू हुए छात्र आंदोलन की गूंज अब मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों तक पहुंच चुकी है, जहां स्थानीय छात्र संगठन भी इस लड़ाई में कूद पड़े हैं।
महाराष्ट्र के कनेक्शन पर सीबीआई की जांच और लेन-देन
विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष जांच एजेंसी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क का एक बड़ा केंद्र महाराष्ट्र का पुणे शहर बनकर उभरा है। जांच में सामने आया है कि पुणे निवासी धनंजय लोखंडे ने इस रैकेट में मुख्य भूमिका निभाते हुए मनीषा वाघमारे नामक महिला से नीट-यूजी 2026 की परीक्षा सामग्री प्राप्त की थी, जिसे बाद में आगे वितरित किया गया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि बैंक खातों के रिकॉर्ड और राज्य के कई छात्रों व बिचौलियों के बयानों से यह साफ संकेत मिले हैं कि इस परीक्षा सामग्री और लीक प्रश्नपत्र को ऊंचे दामों पर बेचने के लिए लाखों रुपये का अवैध लेन-देन महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में किया गया था।
विपक्ष का हमला और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इस बड़े खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि महाराष्ट्र के हजारों होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे और अन्य शहरों से जुड़े इस शिक्षा घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। राउत ने महाराष्ट्र के युवाओं से इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है और कहा है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता नहीं आती, तब तक राज्य का युवा शांत नहीं बैठेगा।
पुनर्परीक्षा को लेकर राज्य के 2 लाख से अधिक छात्रों में असमंजस
उल्लेखनीय है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 की इस परीक्षा में अकेले महाराष्ट्र से 2 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। पेपर लीक के साक्ष्य सामने आने और परीक्षा रद्द होने के बाद से राज्य के छात्रों और उनके अभिभावकों में मानसिक तनाव और अनिश्चितता का माहौल है। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा आगामी 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर इस बार विशेष उड़नदस्तों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के तहत परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी किसी धांधली को रोका जा सके।
पश्चिम एशिया संकट का अनूठा असर: महाराष्ट्र नाई संगठन ने बढ़ाया सर्विस चार्ज, बाल कटवाना हुआ ₹180
6 Jun, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर | ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर भी पड़ने लगा है। पश्चिम एशिया के इस संकट के कारण सौंदर्य प्रसाधनों और सैलून से जुड़ी सामग्रियों की लागत में काफी इजाफा हुआ है, जिसका दोहरा बोझ महाराष्ट्र के पुरुषों को उठाना पड़ेगा। इसी बढ़ती लागत को देखते हुए राज्य में नाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रमुख संगठन ने बड़ा फैसला लिया है। संगठन ने हेयरकट और ग्रूमिंग से जुड़ी अन्य सभी सेवाओं के शुल्कों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है, जो शनिवार से प्रभावी हो गई है।
विभिन्न सेवाओं के लिए नई दरें
संशोधित रेट चार्ट के मुताबिक, अब ग्राहकों को बाल कटवाने (हेयरकट) के लिए 180 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा शेविंग के लिए 120 रुपये, दाढ़ी ट्रिमिंग के लिए 150 रुपये, हेड मसाज के लिए 180 रुपये और हेयर वॉश के लिए 120 रुपये की दर तय की गई है। वहीं, अगर कोई ग्राहक फेशियल कराना चाहता है तो इसकी शुरुआती कीमत 700 रुपये होगी, जबकि हेयर स्पा के लिए न्यूनतम शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
वैश्विक संकट और बढ़ती लागत
संगठन के पदाधिकारी श्याम अस्करकर ने इस मूल्य वृद्धि पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण सैलून संचालन में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक उपभोग्य सामग्रियों की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। इस वजह से सैलून मालिकों का दैनिक परिचालन खर्च काफी ज्यादा हो गया था, जिसके चलते दरों में बदलाव करना बेहद जरूरी हो गया था ताकि इस व्यवसाय से जुड़े लोग अपनी आजीविका चला सकें।
समय से पहले मूल्य संशोधन की मजबूरी
संगठन की ओर से बताया गया कि सामान्य परिस्थितियों में हर दो साल के अंतराल पर केवल जनवरी के महीने में ही शुल्कों की समीक्षा की जाती है। लेकिन इस बार कच्चे माल और सैलून उत्पादों की कीमतों में अचानक आई भारी तेजी के चलते उन्हें तय समय से पहले ही बीच में दरों को बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस संगठन के अंतर्गत एक लाख से अधिक नाई की दुकानें आती हैं, जो मध्यमवर्गीय और सामान्य दुकानों का प्रतिनिधित्व करती हैं, क्योंकि लक्जरी या प्रीमियम सैलून में बाल काटने की शुरुआती फीस ही लगभग 500 रुपये होती है।
मुंबईकरों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं: फायर ऑडिट में फेल होने वाले रेस्तरां और होटलों पर बीएमसी चलाएगी डंडा, तुरंत कटेगा कनेक्शन
5 Jun, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | महानगर के होटल, रेस्तरां, बार और पार्टी हॉल में आग लगने की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का फायर ब्रिगेड विभाग बेहद सख्त हो गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब सुधरने के लिए 120 दिनों की लंबी मोहलत नहीं मिलेगी। तय समय के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न करने वाले होटलों और बार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी बिजली और पानी की सप्लाई काटने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली त्रासदी के बाद मुंबई में शुरू हुआ सघन जांच अभियान
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर के एक रेस्तरां में लगी भीषण आग में 23 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद मुंबई का अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी के मद्देनजर शहर के तमाम खान-पान और मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पहले नियमों को दुरुस्त करने के लिए चार महीने (120 दिन) का समय मिलता था, लेकिन अब महाराष्ट्र फायर सर्विस एक्ट के तहत केवल दो हफ्ते से लेकर एक महीने तक की ही समय-सीमा दी जा रही है। इस कम अवधि में कमियां दूर न करने वाले संचालकों पर सीधे कानूनी और दंडात्मक गाज गिरेगी।
सैकड़ों प्रतिष्ठानों की जांच और दर्जनों को जारी हुआ नोटिस
फायर ब्रिगेड विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में कुल 2,721 होटल और बार की चेकिंग की गई थी, जिनमें से कमियां पाए जाने पर 22 प्रतिष्ठानों को नोटिस थमाए गए थे। वहीं, जनवरी 2026 से लेकर अब तक कुल 428 ठिकानों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। इस साल की जांच में अब तक 17 ऐसे कमर्शियल स्पेस सामने आए हैं, जहां या तो फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह नदारद था या फिर बंद पड़ा था, जिसके बाद इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हादसों को रोकने के लिए अवैध गैस सिलेंडरों की धरपकड़ तेज
रसोई घरों में गैस सिलेंडर फटने की घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए भी बीएमसी मुस्तैद दिखाई दे रही है। विभाग व्यावसायिक रसोई में अवैध रूप से रखे गए कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के खिलाफ लगातार जब्ती की कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत जहां साल 2025 में 190 अवैध सिलेंडरों को जब्त किया गया था, वहीं साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही अब तक 58 अवैध सिलेंडर पकड़े जा चुके हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
मासूमों के कत्ल और ज्यादती पर अदालत का बड़ा न्याय: 6 साल बाद न्याय की जीत, नरपिशाच को मिली मौत की सजा
5 Jun, 2026 03:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जलगांव | महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित भुसावल सत्र न्यायालय ने रावेर तालुका के बोरखेड़ा गांव में हुए एक झकझोर देने वाले जघन्य हत्याकांड पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसके तीन मासूम भाई-बहनों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या करने के दोषी महेंद्र बरेला को दोहरी फांसी (मौत की सजा) सुनाई है। इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार की ओर से पैरवी प्रख्यात विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने की।
दोस्ती में दगा कर रूह कंपा देने वाली वारदात को दिया अंजाम
यह दिल दहला देने वाली वारदात 15 अक्टूबर 2020 की रात को घटित हुई थी। दोषी महेंद्र बरेला पीड़ित परिवार का बेहद करीबी परिचित था। घटना वाले दिन जब बच्चों के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे, तब शाम को करीब साढ़े सात बजे आरोपी उनके घर पहुंचा। उसने बच्चों को यह कहकर भरोसे में लिया कि वह उनके बड़े भाई का दोस्त है और उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। मासूम बच्चों ने उस पर यकीन कर उसे रात में घर पर रुकने की इजाजत दे दी, लेकिन दोषी ने उस भरोसे का कत्ल कर दिया। उसने रात में 13 वर्षीय सबसे बड़ी नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की।
विरोध करने पर कुल्हाड़ी से चार मासूमों की गर्दन काटी
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने मामले की भयावहता की जानकारी देते हुए बताया कि जब दोषी नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर रहा था, तब उसके भाई-बहनों ने इसका कड़ा विरोध किया। खुद को फंसता देख और अपनी पहचान छिपाने के लिए दोषी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने पास ही रखी कुल्हाड़ी से हमला कर दुष्कर्म पीड़िता (13 वर्ष), उसके दो छोटे भाइयों (उम्र 8 और 9 वर्ष) और एक महज 4 साल की मासूम बहन की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
कोई चश्मदीद न होने के बावजूद 'रेरेस्ट ऑफ रेयर' मानकर मिली फांसी
न्यायाधीश एस.आर. यादव ने इस नरसंहार को समाज और इंसानियत के खिलाफ एक बेहद क्रूर कृत्य मानते हुए इसे 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (रेरेस्ट ऑफ रेयर) मामलों की श्रेणी में रखा। अदालत ने कहा कि इस मामले में यद्यपि कोई भी प्रत्यक्षदर्शी (चश्मदीद गवाह) मौजूद नहीं था, लेकिन अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए वैज्ञानिक और पुख्ता सबूतों व दलीलों को कोर्ट ने पूरी तरह स्वीकार किया। अदालत ने दोषी को बलात्कार और चारों हत्याओं के अलग-अलग आरोपों के तहत दोहरी मौत की सजा सुनाई और साथ ही उस पर 25,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया।
तमिलनाडु में दरार के बाद महाराष्ट्र में भी बगावत के सुर: उद्धव ठाकरे के बयान से हड़कंप, क्या टूटने की कगार पर है INDIA ब्लॉक?
5 Jun, 2026 03:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | महाराष्ट्र में महायुति सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार और महत्वपूर्ण महकमों को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी शुरू हो गई है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने आलाकमान से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार के भीतर अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रालयों के आवंटन पर उठाए गंभीर सवाल
नाराज मंत्रियों का तर्क है कि वरिष्ठ नेताओं के लंबे राजनीतिक सफर और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखकर मलाईदार विभागों का बंटवारा किया जाना चाहिए था। कई बार के निर्वाचित विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की वरिष्ठता को संतुलित तरीके से देखा जाना बेहद जरूरी था। इस बयानबाजी ने गठबंधन के अंदर चल रही नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है, जिससे सरकार की एकजुटता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
आगामी चुनाव और सीटों के नुकसान की सता रही चिंता
नेताओं का मानना है कि विभागों का बंटवारा सिर्फ सरकार चलाने का अस्थाई मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर भी पड़ेगा। अगर जमीन पर पकड़ रखने वाले वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट नहीं किया गया, तो इसका बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नेताओं ने अपील की है कि मौजूदा असंतुलन को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा न हो और गठबंधन मजबूत बना रहे।
सोशल मीडिया पर छाए 'रोमांटिक' फौजी पर गिरेगी गाज: पासिंग आउट परेड ग्राउंड में प्रपोजल के वायरल वीडियो के बाद सेना सख्त
4 Jun, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक | भारतीय सेना में महज दो दिन पहले नियुक्त हुए एक युवा सैन्य अधिकारी का अपनी मंगेतर को प्रपोज करने का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित दीक्षांत समारोह के ठीक बाद इस अफसर ने सेना के हेलीकॉप्टर के सामने घुटनों पर बैठकर अपनी प्रेमिका को शादी का प्रस्ताव दिया था। इस फिल्मी अंदाज वाले प्रपोजल ने जहां इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं, वहीं अब इस अधिकारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अनुशासन और मान-मर्यादा के लिए पहचानी जाने वाली भारतीय सेना ने इस कृत्य को सैन्य प्रोटोकॉल के खिलाफ माना है, जिसके कारण अब इस नव-नियुक्त अफसर को विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पासिंग आउट परेड ग्राउंड पर फिल्मी अंदाज में किया इजहार-ए-मोहब्बत
यह पूरा वाकया नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) का है, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम और पासिंग आउट परेड का समापन हुआ था। कैप्टन भरत भारद्वाज ने हाल ही में आर्मी एविएशन पायलट के रूप में अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी की है। दीक्षांत समारोह खत्म होने के ठीक बाद, कैप्टन भरत अपनी पूरी सैन्य वर्दी (सेरेमोनियल यूनिफॉर्म) में टरमैक पर खड़े सेना के हेलीकॉप्टर के पास पहुंचे। वहां मौजूद परिवार, वरिष्ठ अधिकारियों और मेहमानों के सामने वे अचानक अपनी गर्लफ्रेंड आरुषि के आगे घुटने पर बैठ गए और अंगूठी निकालकर शादी का प्रस्ताव रख दिया। इस अचानक मिले सरप्राइज से हैरान आरुषि ने मुस्कुराते हुए तुरंत 'हां' कह दिया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर इस जोड़े का हौसला बढ़ाया।
पांच साल का रिश्ता और खास दिन को यादगार बनाने की चाहत
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद जब कैप्टन भरत से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वह और आरुषि पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में हैं। उन्होंने पासिंग आउट परेड के दिन को प्रपोजल के लिए इसलिए चुना क्योंकि यह दिन उनके करियर और उनके परिवार के लिए पहले से ही बेहद खास था। कैप्टन भरत के मुताबिक, वे इस ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण में अपनी मंगेतर को शामिल कर इसे हमेशा-अभूतपूर्व यादों में तब्दील करना चाहते थे। उन्हें लगा कि देश सेवा की आधिकारिक शुरुआत के इस पावन मौके से बेहतर कोई दूसरा दिन उनकी निजी जिंदगी की नई शुरुआत के लिए नहीं हो सकता था।
प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर सेना सख्त, थमाया जा सकता है 'कारण बताओ नोटिस'
भले ही सोशल मीडिया यूजर इस वीडियो पर प्यार लुटा रहे हों, लेकिन सैन्य मामलों के जानकारों और उच्च अधिकारियों ने इसकी तीखी आलोचना की है। सेना के सूत्रों का कहना है कि आधिकारिक वर्दी में, संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के भीतर और सरकारी हेलीकॉप्टर को पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) बनाकर इस तरह का निजी प्रदर्शन करना सैन्य अनुशासन और मर्यादा का सीधा उल्लंघन माना जाता है। अधिकारियों का मानना है कि सेना की वर्दी और संसाधनों का इस्तेमाल निजी प्रचार या व्यक्तिगत समारोहों के लिए नहीं किया जा सकता। इसी के चलते सैन्य मुख्यालय कैप्टन भरत भारद्वाज को जल्द ही एक 'कारण बताओ नोटिस' (शो-कॉज नोटिस) जारी करने की तैयारी में है, जिसके बाद उनके खिलाफ उचित विभागीय एक्शन लिया जा सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल: अब्दुल सत्तार ने बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल, एकनाथ शिंदे के दोबारा सीएम बनने का ठोका दावा
4 Jun, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर जारी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कद्दावर नेता और विधायक अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। सत्तार ने दावा किया कि जमीनी स्तर पर शिवसेना को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने भाजपा के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के रवैये को एक 'धीमा जहर' करार दिया, जो गठबंधन को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। शिवसेना विधायक ने अपनी व्यथा जाहिर करते हुए कहा कि राज्य में भले ही भाजपा का मुख्यमंत्री है और वे हमारे साथी हैं, लेकिन जिला स्तर पर उनके लोग शिवसेना को मजबूत करने के बजाय दरकिनार कर अपनी सत्ता चमकाने में जुटे हैं।
स्थानीय निकायों से शिवसेना का वजूद मिटाने का प्रयास, पिछले 18 महीनों में बदला रवैया
अब्दुल सत्तार ने सत्ता के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन महानगरपालिकाओं, जिला परिषदों और नगर पालिकाओं पर कभी शिवसेना का एकछत्र दबदबा हुआ करता था, वहां अब भाजपा ने सुनियोजित तरीके से अपना कब्जा जमा लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता का उपयोग सहयोगियों को साथ लेकर चलने के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें खत्म करने के लिए। सत्तार ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि शुरुआती ढाई सालों में जब एकनाथ शिंदे सूबे के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इन बातों का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। मगर पिछले 18 महीनों से वे जिस तरह की कार्यशैली और रवैया देख रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है और इससे उनके कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष व्याप्त है।
शिंदे और फडणवीस से न्याय की गुहार, कूटनीतिक इशारों में दी 'तूफान' आने की चेतावनी
पार्टी के वजूद पर मंडराते संकट को देखते हुए अब्दुल सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस विषय पर दोनों दलों के बीच खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि गठबंधन की साख बची रहे। अपने नेता एकनाथ शिंदे का बचाव करते हुए उन्होंने कूटनीतिक अंदाज में कहा कि हमारे शीर्ष नेता ने कम शब्दों में बहुत बड़ा संदेश दे दिया है। सत्तार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज भले ही सब शांत दिख रहा हो, लेकिन जब एकनाथ शिंदे कोई कड़ा फैसला लेंगे तो राजनीति में बड़ा तूफान आना तय है।
ढ़ाई साल बाद फिर मुख्यमंत्री बनेंगे एकनाथ शिंदे, 'मातोश्री' के रिमोट कंट्रोल पर साधा निशाना
भविष्य की राजनीति पर बड़ा दावा करते हुए अब्दुल सत्तार ने कहा कि हो सकता है कि आगामी ढाई साल के कार्यकाल के बाद एकनाथ शिंदे एक बार फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कमान संभालें। ठाकरे परिवार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी का रिमोट कंट्रोल जहां 'मातोश्री' के हाथ में है, वहीं हमारी असली शिवसेना का रिमोट पूरी तरह एकनाथ शिंदे के पास है। दोनों गुटों के भविष्य में एक होने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है, कल को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी साथ आ सकते हैं। फिलहाल चुनाव के संदर्भ में नामांकन फॉर्म वापस लेने का जो भी आलाकमान का आदेश आया है, उसका पूरी निष्ठा से पालन किया जाएगा।
हंसते-खेलते घर का बुझा चिराग: नागपुर में बिजली के करंट ने ली 5 वर्षीय मासूम की जान, परिवार में मची चीख-पुकार
4 Jun, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर | महाराष्ट्र के नागपुर में एक बेहद हृदयविदारक हादसे में घर की छत पर खेल रहे 5 वर्षीय मासूम बच्चे की हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही यशोधरा नगर थाना पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (एक्सीडेंटल डेथ) का मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मासूम की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मामा के घर छुट्टियां मनाने आया था मासूम, खेलते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद शहजाद मूल रूप से कहीं और का रहने वाला था और अपनी गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए नागपुर स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। दोपहर के समय वह खेलते-खेलते घर की तीसरी मंजिल की छत पर चला गया। छत पर खेलते समय मासूम का ध्यान नहीं रहा और वह वहां से गुजर रहे बिजली के खुले तारों के बेहद करीब पहुंच गया। अचानक तार के संपर्क में आते ही उसे करंट का जोरदार झटका लगा, जिससे वह बुरी तरह झुलसकर वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
हादसे के बाद जब परिजनों ने बच्चे को झुलसी हुई हालत में देखा, तो घर में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में परिवार वाले मासूम को इलाज के लिए नजदीकी मेयो अस्पताल लेकर भागे। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम दम तोड़ चुका था। इस मनहूस खबर के मिलते ही पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां सहित सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही यशोधरा नगर थाने की पुलिस टीम अस्पताल और फिर घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा करवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि रिहाइशी इलाकों में घरों के इतने करीब से गुजरने वाले नंगे तारों की वजह से पहले भी हादसे हो चुके हैं और प्रशासन को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
महाराष्ट्र MLC चुनाव: अंतर्कलह के बीच महायुति का सीट फॉर्मूला तय, बगावत को शांत करने में जुटे तीनों दल
3 Jun, 2026 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | महाराष्ट्र में आगामी 18 जून को होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। इस चुनावी गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले 'महायुति' गठबंधन में आंतरिक असंतोष और बगावत के सुर उठने की खबरें सामने आ रही हैं। सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर उपजे इस अंदरूनी टकराव को थामने और डैमेज कंट्रोल के लिए गठबंधन के घटक दलों ने बुधवार (३ जून) को एक आपातकालीन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस साझा पत्रकार वार्ता में भाजपा की ओर से रवींद्र चव्हाण, शिवसेना से उदय सामंत और एनसीपी की तरफ से सुनील तटकरे दोपहर १२ बजे मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
महायुति पूरी तरह एकजुट, विपक्ष का खाता भी नहीं खुलेगा: एकनाथ शिंदे
इस बीच, गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की कलह या मतभेद की अफवाहों को खारिज करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महायुति की मजबूती का पुरजोर दावा किया। उन्होंने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि सत्ताधारी गठबंधन इस विधान परिषद चुनाव में पूरी एकजुटता और ताकत के साथ मैदान में उतरेगा तथा सभी १७ सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा। शिंदे ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विरोधी दल 'महाविकास अघाड़ी' (एमवीए) का इस चुनाव में खाता भी नहीं खुल पाएगा और वे एक भी सीट जीतने में नाकाम रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सीट शेयरिंग के पूरे ढांचे को साफ कर चुके हैं, इसलिए आपसी मनमुटाव का कोई सवाल ही नहीं उठता।
विपक्ष को गठबंधन की एकता हजम नहीं हो रही: सरकार का दावा
उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में आगे कहा कि महायुति गठबंधन पूरी तरह चट्टान की तरह मजबूत है और सभी दल मिलकर राज्य के विकास को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को महायुति की यह राजनीतिक एकजुटता और ताकत हजम नहीं हो रही है, जिसके कारण वे अंदरूनी लड़ाई की झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही महायुति के शीर्ष नेताओं ने आपस में बैठकर सभी विवादित बिंदुओं को सुलझा लिया है, ताकि चुनावी मैदान में किसी भी प्रकार का भितरघात न हो सके।
सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय, 11-4-2 के अनुपात में लड़ेंगे दल
काफी लंबे मंथन और उच्च स्तरीय बैठकों के दौर के बाद आखिरकार महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला तय हो गया है। आपसी सहमति के आधार पर तय किए गए इस फॉर्मूले के तहत सबसे बड़े दल भाजपा को ११ सीटें दी गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ४ और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की एनसीपी को २ सीटें आवंटित की गई हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल १७ सीटों पर होने वाले इस द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन से ठीक पहले तीनों दलों के बीच इस महत्वपूर्ण समझौते पर मुहर लगी है, जिससे चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है।
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