महाराष्ट्र
चुनावी माहौल में नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज
10 Apr, 2026 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन का ऐलान कर दिया था. जिसके बाद दोनों मिलकर चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए थे।
इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है. जिससे सियासत गरमा गई है. वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने ओवैसी को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ओवैसी को लेकर कहा कि वह बैरिस्टर आदमी हैं, उन्हें संयम रखना चाहिए।
गठबंधन टूटने पर संजय राउत की प्रतिक्रिया
संजय राउत ने बंगाल चुनाव में ओवैसी के हुमायूं कबीर से गठबंधन तोड़ने पर कहा कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए असदुद्दीन ओवैसी इस तरह की हथकंडे अपनाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ओवैसी को अपने विपक्ष के दलों से बातचीत करना चाहिए. आपकी दुश्मन बीजेपी है. देश की दुश्मन बीजेपी है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप अपने आपको राष्ट्र का भक्त मानते हो तो बीजेपी को किसी भी तरह से मदद न हो इस प्रकार की कोई भी चाल या राजनीतिक खेल नहीं करना चाहिए. चाहे वे मिस्टर ओवैसी हो या कोई और हो।
हुमायूं कबीर पर बीजेपी से डील का आरोप
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग वीडियो पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मचा है. टीएमसी ने एक कथित स्टिंग वीडियो जारी करते हुए हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपए की डील करने का आरोप लगाया. इसके बाद, ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन तोड़ते हुए पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
बता दें कि जब गठबंधन हुआ था तो हुमायूं कबीर ने कहा था कि यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा. उन्होंने कहा था कि मेरे भाई असदुद्दीन ओवैसी ने 2026 में इसकी शुरुआत की है और जब तक मैं जिंदा हूं, मेरी पार्टी एआईएमआईएम के साथ रहेगी. हम इन्हें अपने अभिभावक और बड़े भाई की तरह मानते हैं. उन्होंने भविष्य में लोकसभा चुनाव भी साथ लड़ने का ऐलान किया था।
कॉर्पोरेट सेक्टर में सनसनी, शोषण और दबाव के आरोप में 6 गिरफ्त में
9 Apr, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक की एक जानी-मानी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली युवतियों के साथ सेक्सुअल असॉल्ट, छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर मामलों ने हंगामा मचा दिया है. खास बात यह है कि इस मामले में यह बात सामने आई है कि पीड़ित और आरोपी दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं. पुलिस की दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है. जिनमें 6 अविवाहित युवतियां, 2 विवाहित महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं. इनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच है. इन सभी को उनके काम की जगह पर टारगेट किया जा रहा था. आर्थिक रूप से पिछड़े और जरूरतमंद बैकग्राउंड वाली युवतियों को टारगेट किया जा रहा था. यह बात सामने आई है कि उन्हें टॉर्चर किया जा रहा था. अपराधों की प्रकृति गंभीर है और इस मामले में दर्ज अपराधों में रेप और छेड़छाड़ का 1 अपराध, छेड़छाड़ के 4 अपराध, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और छेड़छाड़ के 3 अपराध और पुरुषों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का 1 अपराध शामिल है. नासिक के मुंबई नाका और देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में कुल 9 क्राइम रजिस्टर हुए हैं।
क्या है पूरा मामला
धर्म से जुड़े जबरदस्ती के आरोप हैं और पीड़ितों की शिकायतों के मुताबिक, कुछ महिला पीड़ितों को जबरदस्ती धार्मिक रीति-रिवाज और धार्मिक कपड़े पहनने के लिए मजबूर किया गया. जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का भी आरोप है. इसके अलावा, एक पुरुष पीड़ित का जबरदस्ती धर्म बदलने का भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पता चला है कि उसका नाम बदलकर उसे एक खास धार्मिक कपड़े पहनने के लिए मजबूर किया गया. एक मामले में पीड़ित को आरोपी के दोस्त ने भी टॉर्चर किया, फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी. उस पर भी आरोप लगा है. पहला केस नासिक में 25 मार्च 2026 को रजिस्टर हुआ था. शक है कि ये सभी घटनाएं 2022 से चल रही हैं और अब तक 25 से 30 महिलाओं के साथ ऐसा होने का शक है।
महिला मैनेजर पर भी लगा लापरवाही का आरोप
जांच में पता चला है कि कुछ महिलाएं कंपनी छोड़ चुकी हैं. इस मामले में कंपनी की एक महिला मैनेजर पर भी लापरवाही का आरोप लगा है. इसलिए कंपनी मैनेजमेंट की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस गंभीर मामले में पुलिस ने दो पुलिस स्टेशनों, मुंबई नाका और देवलाली कैंप में केस दर्ज किए हैं. कुल 8 आरोपी हैं, जिनमें से दो महिला आरोपी फरार हैं. 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से आरोपी दानिश शेख को पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अपराध की प्रकृति को देखते हुए, नासिक पुलिस ने जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है. इस मामले में और भी पीड़ित महिलाओं के सामने आने की संभावना को देखते हुए, पुलिस ने नागरिकों से आगे आने की अपील की है. यह भी साफ किया गया है कि शिकायत करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
शोषण मामले में ये लोग हैं शामिल
जानकारी के अनुसार, एक नामी कंपनी में शोषण के मामले में आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, निदा खान, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ अंसारी, कंपनी की महिला HR आदि शामिल है।
HR ने बताया 'MNC में सामान्य बात'
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत लेकर कंपनी के एचआर हेड के पास पहुंचीं, तो कथित तौर पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया. आरोप है कि एचआर प्रमुख ने इसे “एमएनसी में सामान्य बात” बताकर कोई कार्रवाई नहीं की. अब पुलिस ने एचआर हेड के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
50 से भी ज्यादा हो सकते हैं पीड़ित
संतोष मितरे, एसीपी, नासिक पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या और अधिक हो सकती है, जो 50 तक पहुंच सकती है. अब तक इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह पूरा मामला किसी संगठित नेटवर्क और फंडिंग के तहत संचालित किया जा रहा था।
महिला कर्मचारियों के शोषण मामले में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ टिप्पणी से बवाल
9 Apr, 2026 03:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक से सामने आया यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि सियासी और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. TCS के बीपीओ से जुड़े 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जहां पुलिस जांच में जुटी है, वहीं राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने इसे गंभीर सामाजिक खतरे के रूप में पेश करते हुए कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
नासिक पुलिस ने TCS के बीपीओ सर्विस से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने कंपनी में काम करने वाली जूनियर महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण किया. कुछ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनके साथ लगातार उत्पीड़न होता रहा. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया. फिलहाल जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोप कितने व्यापक हैं।
धार्मिक गतिविधियों के आरोप भी जुड़े
इस मामले में कुछ ऐसे दावे भी सामने आए हैं, जिन्होंने विवाद को और बढ़ा दिया है. आरोप है कि दफ्तर के अंदर धार्मिक गतिविधियां कराई जा रही थीं और कुछ कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो पाएगी।
नितेश राणे का बड़ा बयान
मंत्री नितेश राणे ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” करार दिया है. उन्होंने कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. राणे ने दावा किया कि करीब 15 पीड़ित लड़कियों ने शिकायत दी है और अन्य पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, तो लोग सामने आएं, सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी. साथ ही उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग पर भी सवाल उठाए और पूछा कि अगर इतनी गंभीर गतिविधियां चल रही थीं, तो एचआर ने क्या कदम उठाए।
कोर्ट में भीड़ पर उठाए सवाल
राणे ने यह भी कहा कि जब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, तब 600 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे. उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों का बैकग्राउंड भी चेक किया जाना चाहिए. उन्होंने बयान दिया कि यहां आतंकियों के अंतिम संस्कार के समय भीड़ इकट्ठा होती है. राणे ने आगे कहा कि जब अशोक खरात का मामला सामने आया तब किसी हिन्दू ने इसका समर्थन नही किया, लेकिन ऐसे मामलों में इतनी भीड़ क्यों जुट जाती है।
सियासत तेज, जांच जारी
इस मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है. एक तरफ मंत्री के बयान से बहस छिड़ गई है, तो दूसरी तरफ पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. राणे ने कहा कि इन विषय पर अब कोई बोल क्यों नही रह है, मैं जब भी ऐसा मुद्दा उठाता हूँ तो लोग कहते हैं की मैं दो समाज के बीच द्वेष निर्माण कर रहा हूँ. फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे यह साफ हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, कांग्रेस ने उतारा नया उम्मीदवार
9 Apr, 2026 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। से बड़ी सियासी खबर सामने आई है. बारामती उपचुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस लेगी. महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने गुरुवार (9 अप्रैल) को ये घोषणा की. यहां कांग्रेस ने आकाश मोरे को टिकट दिया था. यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है और यहां से उनकी पत्नी और मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार मैदान में हैं. चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की आज अंतिम तिथि है.
चेन्निथला ने कहा, “अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया. उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी.” कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था।
शरद पवार से चर्चा के बाद चेन्निथला का बयान
चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी. शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे।
शरद पवार ने क्या कुछ कहा था?
शरद पवार ने कहा, “कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते. हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई. अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा.” उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा. सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है. हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए वकील आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था. एनसीपी (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की।
सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से की थी अपील
सुप्रिया सुले ने कहा, “अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे. बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा.” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।”
सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ से की थी बात- सूत्र
इससे पहले, एनसीपी (SP) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके. रोहित पवार ने कहा, “मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी.” सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले।
कांग्रेस ने नाम वापसी के लिए रखी थी ये शर्त
कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में मामला दर्ज किया जाएगा।
सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की. रोहित पवार ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है. उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी.”एनसीपी (SP) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में केस दर्ज की जानी चाहिए।
शरद पवार ने पहले ही उम्मीदवार न देने की की थी घोषणा
शरद पवार की एनसीपी (SP) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. बीजेपी नेता और राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने एनसीपी अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. बावनकुले ने नागपुर में कहा, “अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।”
पति की दरिंदगी: शक के चलते पत्नी की हत्या, हादसे का रचा झूठा खेल
8 Apr, 2026 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसे हादसा दिखाने की साजिश रच डाली. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. मृत महिला की पहचान 23 साल की सारिका घोडके के रूप में हुई है, जबकि आरोपी 29 साल का पति शुभम श्रीकांत घोडके है।
पुलिस के मुताबिक, सारिका और शुभम की शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी. लेकिन शादी के बाद से ही शुभम अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. 24 मार्च को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
गुस्से में आकर शुभम ने सारिका की बेरहमी से पिटाई की और रसोई में मौजूद चीजों से उस पर हमला कर दिया. इस हमले में सारिका गंभीर रूप से घायल हो गई. वारदात के बाद आरोपी उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मामले को छिपाने के लिए शुभम ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने दावा किया कि सारिका की मौत गैलरी से गिरने के कारण हुई है. लेकिन घटनास्थल की स्थिति और शरीर पर मिले चोटों के निशानों ने पुलिस के संदेह को बढ़ा दिया।
आरोपी ने अपराध कबूल किया
बिबवेवाड़ी पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के जरिए सच्चाई का पता लगाया. जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह अपने बयान में उलझने लगा और उसने अपराध कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की थी. वहीं, पड़ोसियों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका तो नहीं है।
दोस्त की शादी में खुशी बना गम, युवक की हार्ट अटैक से मौत की आशंका
8 Apr, 2026 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। आज के समय में हार्ट अटैक के मामले दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं. ताजा मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर से सामने आया है, जहां एक शादी समारोह के दौरान खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया. जानकारी के मुताबिक, 25 साल के अल्पेश दहागांवकर अपने दोस्त की शादी में शामिल होने पहुंचे थे. शादी में डीजे की धुन पर सभी लोग नाच-गाना कर रहे थे और माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा हुआ था. इसी दौरान अल्पेश भी डांस कर रहे थे, तभी अचानक वह जमीन पर गिर पड़े. शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को लगा कि शायद वह मजाक कर रहे हैं या थकान की वजह से गिर गए हैं. लेकिन कुछ ही देर में जब उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ. इसके बाद तुरंत उन्हें गोंडपिपरी के सामान्य अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने अल्पेश को मृत घोषित किया
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने अल्पेश को मृत घोषित कर दिया. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, सटीक कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
परिवार और दोस्तों पर दुखों का पहाड़ टूटा
इस घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और जो माहौल कुछ देर पहले तक खुशी से भरा हुआ था, वह अचानक गम में बदल गया. परिवार और दोस्तों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अल्पेश की अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्पेश पूरी तरह स्वस्थ नजर आते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत ने सभी को हैरान कर दिया है।
‘अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा...’—सीजफायर पर Sanjay Raut की टिप्पणी
8 Apr, 2026 02:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। ईरान महायुद्ध के 40वें दिन सीजफायर की घोषणा की गई. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से डेढ़ घंटे पहले दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया गया. दोनों तरफ से हमले अब रुक गए हैं. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अपील पर उन्होंने हमले के टाल दिया. इस पर शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है।
सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा- संजय राउत
संजय राउत ने कहा, "सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा है. ये भारत के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत ही शर्मिंदा करने वाली बात है. पाकिस्तान को हम हमेशा कंगाल देश कहते हैं. जब पाकिस्तान की मध्यस्थता की बात सामने आ गई तो विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि ये 'दलाल राष्ट्र' है और हम दलाली नहीं करते. अच्छी बात है, आप दलाली नहीं करते लेकिन इतना बड़ा देश है, आप अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर पाए।"
सीजफायर से जुड़ी बड़ी बातें
होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान-ओमान फीस वसूलेंगे
फीस वसूली से ईरान नुकसान की भरपाई करेगा
सीजफायर की शर्तों में होर्मुज की फीस भी शामिल
सीजफायर से पहले ट्रंप ने 2 लोगों को फोन किया था
ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ मुनीर से बात की थी
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ट्रंप ने फोन किया था
पाकिस्तानी PM शहबाज की जगह आर्मी चीफ मुनीर को फोन किया
सीजफायर के पांच किरदार
डॉनल्ड ट्रंप- राष्ट्रपति, अमेरिका
अब्बास अराघची- विदेश मंत्री, ईरान
शहबाज शरीफ- प्रधानमंत्री, पाकिस्तान
आसिम मुनीर- आर्मी चीफ, पाकिस्तान
शी जिनपिंग- राष्ट्रपति, चीन
अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा बढ़ेगी- संजय राउत
इसके आगे उन्होंने कहा, "लेकिन उसी दलाल राष्ट्र को प्रसिडेंट ट्रंप बोलते हैं थैंक्यू पाकिस्तान. इस युद्ध से पूरा विश्व सदमे में आया. अब इस्लामाबाद में शांति वार्ता चलेगी और वर्ल्ड मैप पर पाकिस्तान को महत्व मिलेगा. जिस इस्लामाबाद में आप ऑपरेशन सिंदूर पर झंडा फहराने वाले थे. तीनों देशों ने पाकिस्तान को थैंक्स कहा है. अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और इसके लिए पीएम मोदी जिम्मेदार हैं।
ट्रंप, नेतन्याहू थक गए लेकिन ईरान नहीं थका- संजय राउत
इस युद्ध से ट्रंप भी थक चुके हैं. ईरान जैसे राष्ट्र ने ट्रंप को थकाया है. ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज देखिए. नेतन्याहू भी थक चुके हैं. गल्फ के सभी राष्ट्र थक चुके हैं लेकिन ईरान नहीं थका है।
महाभियोग प्रस्ताव गिरा, संजय राउत बोले- BJP कभी भी कुछ भी कर सकती है
7 Apr, 2026 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। CEC को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव खारिज होने पर शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि अभी के जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, उनको एक टास्क दिया गया है कि पश्चिम बंगाल को बीजेपी की झोली में डालनी है. ये टास्क इसलिए दिया है क्योंकि लोकतांत्रिक माध्यम से बीजेपी पश्चिम बंगाल कभी भी नहीं जीत सकती. शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा कि जिस ज्ञानेश कुमार ये टास्क दिया गया है, अगर उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की बात होगी तो सरकार जरूर उनको बचाएगी. सरकार ऐसे लोगों को हमेशा बचाती आई है जो लोकतंत्र की हत्या करते हैं।
ममता बनर्जी शेरनी हैं- संजय राउत
इसके आगे उन्होंने कहा कि अब बंगाल में देखेंगे कि जो बीजेपी और सरकार की सुपारी लेकर काम कर रहे हैं, वो चुनाव आयोग कहां तक सफल होता है. राउत ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि बंगाल की जनता बीजेपी के इरादों को कभी सफल नहीं होने देगी. संजय राउत ने कहा कि ममता बनर्जी शेरनी हैं और वो महिला सरकार से लड़ रही है. उनकी हर बात को हम समर्थन देंगे।" बता दें कि सोमवार (6 अप्रैल) को राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के स्पीकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्षी सांसदों की तरफ से लाए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
ईरान से डर गए ट्रंप- संजय राउत
ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि मंगलवार की रात को ईरान में हमारा काम पूरा हो जाएगा. उनके इस बयान के बाद दुनिया की नजर अमेरिका के अलगे कदम पर टिकी है. इस पर उन्होंने कहा कि महासत्ता कहलाने वाले ये लोग ईरान से डर गए हैं. ईरान जिस तरह से लड़ रहा है, चुनौती को स्वीकार कर रहा है, पीछे नहीं हट रहा है और ट्रंप की थू-थू हो रही है तो ये उनके (ट्रंप) मन का डर है।
अशोक खरात मामले में जांच तेज, दो महिला पुलिस अफसरों पर भी शक
7 Apr, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक में खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन' के मामले में जांच तेज होती जा रही है. जानकारी के मुताबिक, खरात का बेटा हर्षवर्धन एक बार फिर विशेष जाँच दल (SIT) के संपर्क में आया है. आज खरात के बेटे के साथ-साथ खरात की बेटी से भी पूछताछ की जाएगी. वहीं, अशोक खरात की पुलिस हिरासत का आज आखिरी दिन है और उसे कल बुधवार (8 अप्रैल) को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
इस मामले में जहां एक ओर खरात के बेटे और बेटी से पूछताछ हो रही है, वहीं उसकी पत्नी कल्पना अब तक फरार है और उसकी तलाश जारी है. महिलाओं के यौन शोषण और आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों को लेकर SIT जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. आज शाम (7 अप्रैल) को SIT इस मामले पर जानकारी देगी. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के बाद अब दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी जांच के दायरे में आने की संभावना है।
कुछ पुलिस अधिकारी भी जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि दो महिला पुलिस अधिकारी एक पुलिस उपायुक्त (DCP) और दूसरी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक की खरात के संपर्क में थीं. यह भी आशंका जताई जा रही है कि पसंदीदा पोस्टिंग के लिए उन्होंने खरात का सहारा लिया था. साथ ही, उनके बीच किसी तरह के आर्थिक लेन-देन की भी जांच हो सकती है. गौर हो कि नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में खरात के 10 से अधिक केस दर्ज हैं, जिनमें से 8 यौन उत्पीड़न और दो धोखाधड़ी से संबंधित मामले हैं. इसके अलावा एसआईटी को फोन कॉल के जरिए अशोक खरात के खिलाफ 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं. वहीं, 31 मार्च को अशोक खरात की पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ एक भूस्वामी से 4 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
‘कोलकाता तक मिसाइल’ बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी की दो टूक प्रतिक्रिया
7 Apr, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पाकिस्तान ने हाल ही में भारत के कोलकाता शहर पर मिसाइल अटैक की धमकी दी थी. मीडिया के सामने आकर पाकिस्तान के डिफेंस मिलिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि उनकी मिसाइल कोलकाता तक पहुंच सकती है, जबकि उनके देश से कोलकाता की दूरी 2000 किलोमीटर के करीब है. पाकिस्तान के ऐसे बयान के बाद से भारत में विपक्षी दल मोदी सरकार से सवाल कर रहे हैं. इसी कड़ी में शिवसेना यूबीटी की सीनियर नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की भी प्रतिक्रिया आई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "पाकिस्तान का कहना है कि उनकी एक मिसाइल कोलकाता तक भी जा सकती है. यह एक गंभीर विषय है और इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री एस जयशंकर और गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए।"
पाकिस्तान को दो टूक जवाब देना जरूरी
शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "बंगाल चुनाव के बीच में जिस तरीके से माहौल बनाया जा रहा है, यह चुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन चुका है. ऐसे में उनके लिए पाकिस्तान को दो टूक जवाब देना जरूरी है. यही अपेक्षा देश के पीएम, डिफेंस मिनिस्टर और होम मिनिस्टर से करती हूं।"
क्या थी ख्वाजा आसिफ की गीदड़भभकी?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि अगर इस बार भारत कोई 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' करने की कोशिश करता है तो इंशाअल्लाह हम उसे कोलकाता तक ले जाएंगे. इस धमकी को दोहराता हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा 'दोबारा भारत ने ऐसी हरकत की तो पहले तो 200-250 किलोमीटर तक हम गए थे लेकिन इस दफा कोलकाता तक पहुंचकर आएंगे।'
पति के नाम भावुक संदेश लिखकर महिला ने की आत्महत्या, नागपुर की घटना
6 Apr, 2026 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर | महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने मायके में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतका की पहचान मयूरी मेंढे के रूप में हुई है. घटना कोराडी के महादुला इलाके की है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है. आत्महत्या से पहले लिखी गई एक चिट्ठी में मयूरी ने अपने पति के प्रति गहरा प्यार जताते हुए अपने मन के दर्द को बयां किया है.प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से मयूरी और उसके पति के बीच लगातार विवाद चल रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में थी. करीब एक महीने पहले वह मायके आ गई थी. इस दौरान उसने कई बार पति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन न उठाने से वह और ज्यादा निराश हो गई. इसी मानसिक स्थिति में उसने यह कठोर कदम उठा लिया.
परिवार गया था बाहर, तभी मयूरी ने लगाई फांसी
घटना के दिन परिवार के सदस्य घर से बाहर गए हुए थे. जब वे रात में लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां मयूरी फंदे से लटकी मिली. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतका के परिजनों ने पति पर लगाए आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति के मानसिक प्रताड़ना के कारण ही मयूरी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. उनका कहना है कि लगातार तनाव और उपेक्षा के चलते वह गहरे डिप्रेशन में चली गई थी. पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल कोराडी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की जांच कर रही है.
बारामती चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप तेज, उद्धव गुट का कांग्रेस पर निशाना
6 Apr, 2026 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) में सब कुछ ठीक नहीं है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र सामना में कांग्रेस को 'कुढ़ने वाला' और 'मतलबी' कहा गया है. सामना में ठाकरे गुट ने लिखा, 'विधान परिषद के आगामी चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे जो नाम देंगे, उसे हमारा समर्थन रहेगा, ऐसी भूमिका शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) द्वारा लिए जाने के कारण महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल नाराज हो गए. उनका कहना है कि ‘चर्चा होनी चाहिए. हमारा दल MVA में दूसरे नंबर पर है.'सामना में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए लिखा गया, 'हां, यह सच है कि चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी में चर्चा किससे होनी चाहिए? राज्यसभा चुनाव के समय राज्य का कांग्रेस नेतृत्व कोई भी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं था. वो भी शिवसेना की तरह राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन हाईकमान ने शरद पवार की उम्मीदवारी को समर्थन दिया, ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष को दिल्ली जाकर अपने हाईकमान से कुछ सवाल पूछने चाहिए.'
छोटे दलों का सम्मान करने की सलाह
सामना में कांग्रेस को छोटे दलों को सम्मान देने की सलाह दी गई है. इसमें लिखा है, 'लोकसभा में कांग्रेस को 100 सीटें मिलीं और राहुल गांधी सम्मान के साथ विपक्ष के नेता बने. इसमें महाराष्ट्र द्वारा जीती गईं 30 सीटों की बड़ी भूमिका है. 48 में से 30 सीटें MVAने जीतीं और उसमें13 सीटें कांग्रेस ने जीतीं. राज्य के क्षेत्रीय दलों को महत्व दिया जाए तो कांग्रेस को भी अच्छी सफलता मिलती है. यही लोकसभा के परिणामों में देखने को मिला, लेकिन ‘13’ सीटों की सफलता के कारण कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में आखिरी समय तक जरूरत से ज्यादा खींचतान करने का खामियाजा गठबंधन को भुगतना पड़ा.इसमें कहा गया है कि शिवसेना (UBT) कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर साथ देगी, लेकिन कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल केवल सहयोगी बैसाखियों के रूप में नहीं करना चाहिए. कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को भी समान भागीदार के रूप में सम्मान देना ही चाहिए, क्योंकि क्षेत्रीय दल स्थानीय मुद्दों के लिए लाउडस्पीकर की तरह हैं. केंद्र की चाह रखने वालों को प्रादेशिक दलों को मिलनेवाले ‘अवसर’ की ओर उन्हें लालची नजरों से नहीं देखना चाहिए.
आतंकी साजिश पर बड़ा खुलासा: हमाज सिद्दीकी मुंबई से पकड़ा गया
6 Apr, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुबंई | दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र एटीएस (ATS) के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र एटीएस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए मुंबई के कुर्ला इलाके से 18 वर्षीय हमाज सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है. हमाज सिद्धीकी पर दिल्ली में बम धमाकों की साजिश रचने का गंभीर आरोप है. इस गिरफ्तारी के बाद हमाज के पिता जलालुद्दीन सिद्दीकी मीडिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा है.जलालुद्दीन ने कहा कि उनका बेटा पिछले तीन साल से PUBG ऑनलाइन गेम का आदी हो गया था. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से वह कुछ अनजान लोगों से फोन पर दो-दो घंटे तक बातें किया करता था, लेकिन उन्हें कभी नहीं लगा कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा. जलालुद्दीन ने कहा कि उनका बेटा बिल्कुल निर्दोष है और उसकी कोई गलती नहीं है, उसे इस मामले में केवल फंसाया जा रहा है.
पढ़ाई में बेहद होशियार है हमाज- जलालुद्दीन
जलालुद्दीन ने कहा कि हमाज पढ़ाई में बहुत होशियार है और वह इस साल 12वीं की परीक्षा देने वाला था. उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर अपने बेटे को पढ़ाया है. जलालुद्दीन ने कहा कि उनका परिवार बहुत ही गरीब है, उनकी पत्नी को कैंसर है और वे किराए के घर में रहकर जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रहे हैं.
हमाज के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
जलालुद्दीन ने कहा कि उनके पास दिल्ली जाकर अपने बेटे से मिलने तक के पैसे नहीं हैं और अब वे इसके लिए पैसे इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन यह कार्रवाई हुई, उस दिन वह अपने भांजे के अंतिम संस्कार में गए हुए थे.
घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ नहीं मिला- जलालुद्दीन
जलालुद्दीन ने कहा कि घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है. जलालुद्दीन ने कहा कि पुलिस ने केवल दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें से एक उनका खुद का है और दूसरा उनके बड़े बेटे का है. उन्होंने कहा कि हमाज़ अभी सिर्फ 18 साल का है.
Shaina NC ने UCC विरोध पर साधा निशाना, कहा- फैलाया जा रहा भ्रम
4 Apr, 2026 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से यूसीसी का विरोध किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि लोगों को भड़काना और गलत नैरेटिव सेट करना अब नहीं चलेगा।
गुजरात में यूसीसी लगाए जाने के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर शाइना एनसी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को यह सोचना चाहिए कि यूसीसी बिल आखिर क्या है. सिर्फ लोगों को भड़काना और गलत नैरेटिव सेट करना अब नहीं चलेगा।"
वहीं, मालदा हिंसा में एआईएमआईएम मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, "एआईएमआईएम जैसी पार्टियां सिर्फ लोगों को गुमराह करती हैं और उनका मकसद कभी भी शांति कायम करना नहीं रहा है. इस संदर्भ में, जब पुलिस कार्रवाई करती है और उन्हें गिरफ्तार करती है, तो यह इस आधार पर होगा कि उनके खिलाफ सबूत मौजूद हैं. वैसे भी, कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और यह पहली बार नहीं है कि पश्चिम बंगाल में लोग कानून को अपने हाथों में ले रहे हैं।"
घुसपैठ पर सीएम योगी के बयान का समर्थन करते हुए शाइना एनसी ने कहा, "मुख्यमंत्री ने बिल्कुल सही कहा है कि घुसपैठिए देश को अस्थिर करते हैं. इसलिए घुसपैठियों को बाहर करना हमारा फर्ज बनता है. कुछ लोग अपने वोटबैंक के लिए घुसपैठियों को शरण देते हैं।"
शिवसेना नेता ने आगे कहा, "कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठियों का समर्थन किया है और अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करके राजनीति की है. उसकी यह वोटबैंक की राजनीति लंबे अरसे से चली आ रही है. 2014 के बाद पहली बार है कि साफ-स्वच्छ चुनाव प्रक्रिया चल रही है. नक्सलवाद और आतंकवाद को खत्म किया जा रहा है।"
राघव चड्ढा के मामले में शिवसेना नेता ने कहा, "अरविंद केजरीवाल और उनके लोगों का एजेंडा बिल्कुल स्पष्ट है. वे सरकार के खिलाफ बोलने वालों को बढ़ावा देते हैं और जो देश को पहले रखते हैं, उन्हें बाहर का दरवाजा दिखाते हैं. राघव चड्ढा के बयान राष्ट्रहित में थे. आम आदमी पार्टी ने जो कार्रवाई उनके खिलाफ की है, उससे पार्टी में असुरक्षा की स्थिति दिखाई देती है।"
बारामती उपचुनाव पर सियासी हलचल, Sunetra Pawar-Uddhav Thackeray की बातचीत
4 Apr, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. जानकारी के अनुसार इस चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार सोमवार (6 अप्रैल) को अपना नामांकन दाखिल करेंगी. वहीं निर्विरोध चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि उपचुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उद्धव ठाकरे को फोन किया है. साथ ही उनकी तरफ से बारामती विधानसभा उपचुनाव में समर्थन देने का अनुरोध किया गया है।
कांग्रेस से भी समर्थन की मांग- सूत्र
बताया जा रहा है इस सीट को निर्विरोध जीतने के लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा कांग्रेस के नेताओं से भी समर्थन की मांग की जाएगी. ऐसी जानकारी सामने निकलकर आ रही है. बता दें कि उपचुनाव को निर्विरोध कराने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रयास जारी हैं। सुनेत्रा पवार सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी, इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता और मंत्री मौजूद रहेंगे. नामांकन प्रक्रिया के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहेंगे.यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद कराया जा रहा है।
अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी सीट
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और दिवंगत नेता अजित पवार बारामती सीट से विधायक थे. प्लेन हादसे में मारे जाने के बाद यह सीट खाली हो गई है. उनकी जगह अब उनकी पत्नी राज्य की उपमुख्यमंत्री बन गई हैं. वहीं वह बारामती सीट से उनकी जगह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अजित पवार का बारामती सीट पर लंबे समय तक दबदबा रहा और वे यहां से आठ बार विधायक चुने गए थे, जिससे यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है. इस उपचुनाव को लेकर दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है. हालांकि, उसकी सहयोगी कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव को एकतरफा नहीं होने देगी।
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