महाराष्ट्र
मुंबई में कहर बनकर बरसी बारिश, भांडुप में सुरक्षा दीवार गिरने से मचा हड़कंप
23 Jul, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में बारिश ने एक बार फिर से तबाही मचाई है। भांडुप के खिंडीपाड़ा इलाके में तेज बारिश के चलते एक 50 फीट ऊंची पहाड़ी की सेफ्टी वॉल भरभराकर गिर गई। हादसा ओमेगा हाई स्कूल के पीछे हुआ, जहां पहाड़ी के किनारे बने पांच कच्चे घर भी भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गए। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ। इस हादसे का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सेफ्टी वॉल के गिरने का पूरा दृश्य कैद हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भारी बारिश के चलते दीवार धीरे-धीरे ढहती है और देखते ही देखते उसका मलबा नीचे बने घरों पर आ गिरता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और बेचैनी का माहौल है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
जलजमाव और जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त
भांडुप ही नहीं, बल्कि मुंबई के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही, वहीं कच्चे घरों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश हर साल की तरह इस बार भी आफत बनकर आई है।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही बीएमसी और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्र में बसे परिवारों को तुरंत खाली करने की सलाह दी है। सेफ्टी वॉल गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि सभी प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बारिश के मौसम में मुंबई जैसे महानगरों में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जो अवैध निर्माण और लचर ढांचागत व्यवस्था की ओर इशारा करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना अब बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान न हो।
सड़क और रेल का संगम: भारत की पहली कार फेरी मुंबई-गोवा के बीच शुरू
23 Jul, 2025 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) एक नया काम करने जा रहा है। यह भारत में पहली बार होगा जब कारों के लिए फेरी ट्रेन सेवा शुरू होगी। यह गणेश चतुर्थी के समय शुरू हो रही है। इस सेवा से लोग अपनी कार को ट्रेन से महाराष्ट्र के कोलाड से गोवा के वर्ना तक ले जा सकेंगे। यात्री खुद ट्रेन के डिब्बों में सफर करेंगे। यह सेवा गोवा जाने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छी साबित होगी। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के समय यह बहुत उपयोगी होगी। अभी मुंबई या पुणे से गोवा जाने में सड़क से 20 से 22 घंटे लगते हैं। रास्ते में बहुत ट्रैफिक होता है और घुमावदार रास्ते भी होते हैं। लेकिन यह नई फेरी ट्रेन इस दूरी को सिर्फ 12 घंटे में पूरा कर लेगी। इससे यात्रा जल्दी, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।
इस तरह कारों को ले जा सकेंगी फेरी ट्रेन
KRCL के अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा से हाईवे पर ट्रैफिक कम होगा। खासकर गणेशोत्सव के दौरान, जब हजारों परिवार गोवा जाते हैं। यह फेरी ट्रेन पहले ट्रकों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होती थी। अब इसका इस्तेमाल निजी कारों के लिए किया जाएगा। हर ट्रेन में 20 खास तरह के डिब्बे होंगे। हर डिब्बे में दो कारें आ सकती हैं। इस तरह एक ट्रिप में कुल 40 कारें जा सकेंगी।
शाम 5 बजे चलेगी ट्रेन, सुबह 5 बजे पहुंचेगी
लेकिन यह ट्रेन तभी चलेगी जब कम से कम 16 कारों की बुकिंग होगी। ट्रेन कोलाड से शाम 5 बजे रवाना होगी और सुबह 5 बजे वर्ना पहुंचेगी। कारों को लोड करने के लिए दोपहर 2 बजे कोलाड स्टेशन पर पहुंचना होगा। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपनी कारों के अंदर रहने की अनुमति नहीं होगी। वे पास के डिब्बों में यात्रा करेंगे।
क्या होंगे फायदे
यह कार फेरी सेवा पर्यावरण के लिए भी अच्छी है। इससे ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इससे कार पूलिंग को भी बढ़ावा मिलेगा और परिवार सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकेंगे।
भारत में पहली बार यह सेवा
यह भारत में पहली कार फेरी ट्रेन है। इससे लोगों के गोवा जाने का तरीका बदल जाएगा। यह रेल यात्रा के आराम और अपनी कार को अपने गंतव्य पर ले जाने की सुविधा देगी। यह सेवा बहुत ही सुविधाजनक और आरामदायक होगी। इससे लोगों को गोवा जाने में आसानी होगी और वे अपनी छुट्टियों का आनंद ले सकेंगे। यह एक नई शुरुआत है और उम्मीद है कि यह सफल होगी। इससे दूसरे शहरों में भी ऐसी सेवाएं शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी।
जानें खास बातें
- 3AC कोच: 935 रुपये प्रति व्यक्ति
- सेकंड सीटिंग: 190 रुपये प्रति व्यक्ति
- हर कार में अधिकतम 3 यात्री: 2 3AC में और 1 SLR कोच में
- कार ले जाने का खर्च: 7,875 रुपये (एक तरफ का)
घायल फ्लेमिंगो को फिर मिले पंख, मुंबई में बना दुनिया का अनोखा कृत्रिम पक्षी पैर
23 Jul, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवी मुंबई : नेरुल के NRI वेटलैंड में एक घायल राजहंस मिला। उसके बाएं पैर में चोट लगी थी। उसे रेस्क्यू किया गया और इलाज हुआ। हालांकि इस फ्लेमिंगो का बायां पैर काटना पड़ा। लेकिन अब वह जल्द ही फिर से उड़ान भर सकता है। मुंबई के अखिल भारतीय शारीरिक चिकित्सा और पुनर्वास संस्थान के व्याख्याता मकरंद सर्राफ और उनकी टीम ने इस किशोर पक्षी को सफलतापूर्वक कृत्रिम पैर दिया है। कृत्रिम पैर लगने से वह चल तो सकेगा, लेकिन उड़ नहीं पाएगा। टीम का अगला लक्ष्य एक ऐसा कृत्रिम पैर बनाना है जो उसे उड़ने में मदद करे।
इस तरह घायल मिला था राजहंस
माना जा रहा है कि पक्षी का पैर मछली पकड़ने के जाल या नायलॉन की मछली पकड़ने की लाइन में फंस गया था। वन्यजीव फोटोग्राफर अभिजीत चट्टोपाध्याय ने सबसे पहले उसे देखा। उन्होंने वन अधिकारियों को सतर्क किया, जिनका नेतृत्व विकास बैरागी कर रहे थे। शुरुआती इलाज के बाद, उसे 15 मई को वापस वेटलैंड में छोड़ दिया गया। लेकिन वह उसी जगह के आसपास घूम रहा था। इसलिए टीम ने उसे चलने में मदद करने के लिए कृत्रिम पैर देने का फैसला किया।
फोम इंप्रेशन का विचार छोड़ा गया
संस्थान के निदेशक डॉ. अनिल गौर ने इस परियोजना को हरी झंडी दिखाई। फिर सर्राफ, चट्टोपाध्याय और बैरागी ने 17 मई को प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग करके कृत्रिम पैर के लिए माप लिया। लेकिन पक्षी को इंसानों के संपर्क से परेशानी हो रही थी, इसलिए फोम इम्प्रेशन का विचार छोड़ दिया गया।
इस तरह बनाया कत्रिम पैर
इसके बाद दो कंपनियां आगे आईं। ओटो बॉक हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक-विशेष परियोजनाएं अमित मुखर्जी ने कृत्रिम पैर बनाने में मदद की। पोडियाप्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ऋषभ शाह ने आंतरिक अस्तर सामग्री प्रदान की। भूमिक्षा राठौर ने तकनीकी जानकारी दी।
टीम ने पैर को बंद पैर से बदलकर सिंगल-टो ओपन फुट कर दिया। इसमें साइड सपोर्ट भी दिया गया। इससे पानी में तैरने की समस्या हल हो गई। 6 जुलाई को इसे फिट कर दिया गया। कृत्रिम पैर से राजहंस का संतुलन, गतिशीलता और जीवित रहने की संभावना बढ़ गई है।
19 जुलाई को जांच में कोई फिटमेंट या त्वचा की समस्या नहीं दिखी
सर्राफ ने कहा कि कार्बन फाइबर को एक्रिलिक राल के मैट्रिक्स के साथ मिलाकर कृत्रिम पैर को हल्का, मजबूत, जलरोधक और टिकाऊ रखने में मदद मिली। यह एक वैडिंग बर्ड की जीवनशैली के लिए उपयुक्त है। कृत्रिम पैर को बनाने में इस्तेमाल हुआ कार्बन फाइबर हवाई जहाज और रेसिंग कारों में भी इस्तेमाल होता है। इससे पैर हल्का भी है और मजबूत भी। पानी में चलने वाले पक्षी के लिए यह बहुत अच्छा है। यह कृत्रिम पैर राजहंस के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।
पति ही बना हैवान: पत्नी की प्राइवेसी तोड़ी, बनाता था वीडियो और करता था धमकी
23 Jul, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के अंबेगांव इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर नहाते वक्त गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करने और पैसों की मांग को लेकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने पति सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 30 वर्षीय महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी शादी साल 2020 में हुई थी। महिला और उसका पति दोनों सरकारी कर्मचारी हैं।
ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि उसका पति मानसिक और शारीरिक रूप से उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने बताया कि उसका पति गुप्त रूप से उसके निजी पलों का वीडियो बनाता था और धमकी देता था। उसने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने 1.5 लाख रुपये अपने मायके से नहीं लाकर दिए, तो वह यह वीडियो सार्वजनिक कर देगा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उस पर कार की ईएमआई भरने के लिए मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया। जब उसने इंकार किया, तो उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर पति समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्य, वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस ने आगे कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
इस्तीफा मांगने वालों को करारा जवाब, कोकाटे बोले – ‘बेगुनाह हूं, दबाव में नहीं आऊंगा’
22 Jul, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: अजित पवार गुट के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने साफ कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्हें रमी खेलने नहीं आती। कृषि मंत्री ने आगे कहा कि उनका आधा अधूरा वीडियो वायरल कर उन्हें बदनाम किया जा रहा है इसलिए वे उन्हें बदनामी करने वालों को मानहानि का नोटिस भेजेंगे और उन पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं 25 साल से विधायक हूं, मुझे सदन की मर्यादा पता है। एक छोटी सी बात को बेवजह तूल दिया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जांच में उन्हें दोषी पाते हैं तो वे तुरंत इस्तीफा देने को तैयार हैं।
रोहित पवार ने शेयर किया वीडियो
दरअसल, रविवार को एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया X पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कोकाटे विधान परिषद में बैठे मोबाइल में रमी खेल रहे हैं। फिर विधायक जितेंद्र आव्हाड सहित तमाम नेता कोकाटे की आलोचना करने लगे। कोकाटे के खिलाफ राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया जाने लगा। इसके बाद विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी।
सीएम का हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। सीएम ने कहा कि कोकाटे ने सफाई दी है कि वो गेम नहीं खेल रहे थे, बल्कि मोबाइल पर एक पॉप-अप आया था।
कोकाटे की सफाई
कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने पूरे मामले पर सफाई देने के लिए मंगलवार की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। कृषि मंत्री कोकाटे ने कहा मुझे ऑनलाइन रमी खेलने आता ही नहीं। इस गेम को खेलने के लिए ओटीपी और बैंक अकाउंट लिंक करना पड़ता है। कोई भी जांच कर सकता है कि मेरा मोबाइल किसी गेम से जुड़ा है या नहीं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधान परिषद के सभापति राम शिंदे को पत्र लिखेंगे। कोकाटे ने कहा कि जब विधान परिषद स्थगित हो गई थी, तब मैंने यूट्यूब पर विधान सभा की कार्यवाही देखने के लिए मोबाइल निकाला था। तभी अचानक डाउनलोडेड गेम खुल गया, जिसे मैं 10-15 सेकंड में स्किप कर रहा था। उन्होंने बदनाम करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
अजित पवार लेंगे एक्शन ?
कृषि मंत्री कोकाटे से जुड़े विवाद पर एनसीपी (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा कि जो हुआ वह अनुचित था। कृषि जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभाग को संभालने वाले मंत्री को किसानों के कल्याण के लिए, खासकर कृषि संकट के समय, ज़िम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करना चाहिए। कोकाटे के इस्तीफे पर फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार लेंगे।
राज्य के सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से की शिकायत
इस बीच विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी के सांसदों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर कोकाटे की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की। शरद पवार के पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने X पर पोस्ट कर कहा कि राज्य को एक ऐसे कृषि मंत्री की जरूरत नहीं है जो विधानसभा में गेम खेले और किसान विरोधी बयानबाजी करे। उनकी वादग्रस्त भाषा और असंवेदनशील रवैये से महाराष्ट्र की संस्कृति को धक्का पहुंचा है। किसानों के मुद्दों की समझ रखने वाले संवेदनशील मंत्री की आवश्यकता महाराष्ट्र को है।
ठाकरे सरकार गिराने की साजिश में हनीट्रैप का इस्तेमाल? सामना में UBT का बड़ा खुलासा
22 Jul, 2025 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 2022 में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे की सरकार गिरान के लिए 18 विधायकों और 4 सांसदों को हनीट्रैप किया गया था। छवि खराब होने के डर से विधायकों ने पार्टी छोड़कर महायुति का दामन थाम लिया। शिवसेना (यूबीटी) के अखबार सामना में दावा किया गया है कि हनीट्रैप के लिए महाविकास अघाड़ी के विधायकों और सासंदों के फोन में पेगासस जैसे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था। महाराष्ट्र में हनीट्रैप मामले में प्रफुल लोढ़ा को अरेस्ट किया गया है। सामना में ऐसे वक्त पर यह दावा किया गया है जब शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत खुद इस मुद्दे पर मुखर हैं, हालांकि सीएम फडणवीस कह चुके हैं कि राज्य में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है।
हनी ट्रैप पर गरमाई है राजनीति
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हनीट्रैप का जिन्न सामने आया है। ठाकरे परिवार के मुखपत्र सामना में दावा किया गया है कि 2022 में उद्धव ठाकरे की सरकार गिराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के अलावा हनीट्रैप जैसे खेल हुए। कुछ विधायकों ने ईडी और सीबीआई के दबाव में पार्टी बदली। सामना में छपे रिपोर्ट में आरोप है कि बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे के पास पहले 9-10 विधायक थे, मगर तब नेता विपक्ष रहे देवेंद्र फडणवीस ने सांसदों और विधायकों को ब्लैकमेल किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया जा रहा है कि जांच में कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। हनीट्रैप स्कैंडल को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने एक पेन ड्राइव विधानसभा में लहराई थी।
हिडन कैमरे के इस्तेमाल का दावा
सामना में कहा गया है कि शिवसेना के नेताओं को हनीट्रैप के जाल में उलझाने के लिए हिडन कैमरे और पेगासस जैसे टूल का इस्तेमाल किया गया। हनीट्रैप के सबूत पेनड्राइव में थे, जो एकनाथ शिंदे को दी गई। इसके बाद शिवसेना विधायक शिंदे के समर्थन में चले गए। इसके बाद शिंदे विधायकों के लेकर सूरत, गोवा और गुवाहाटी चले गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार बदलने के बाद कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने ब्लैकमेल के मुद्दे को उठाया था, मगर इसकी जांच नहीं की गई। आलेख में शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट, योगेश कदम और दादा भुसे और एनसीपी नेता माणिक कोकाटे को मंत्री पद से हटा देना की मांग भी की गई है।
रेड ज़ोन में विकास का ब्लूप्रिंट: अस्पताल, टाउनशिप और उद्योग से चमकेगा गढ़चिरौली
22 Jul, 2025 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर: नक्सलियों के गढ़ रहे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बदल रहा है। 80 फीसदी घने जंगल वाले गढ़चिरौली में 75 साल बाद जनवरी में बस चली थी। अब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने गढचिरौली में इंटिग्रेटेड स्टील प्लांट, 100 बेड के हॉस्पिटल, स्कूल और टाउनशिप की आधारशिला रखी। इसके अलावा हेदरी में आयरन ग्रिंडिंग यूनिट और पैलेट प्लांग का उद्घाटन भी किया। रेड कॉरिडोर में इंडस्ट्री की एंट्री से नक्सली हिंसा की विदाई मानी जा रही है।
बस चली तो PM मोदी ने किया जिक्र
गढ़चिरौली नक्सलियों का एक ऐसा किला रहा है, जहां सरकारी विकास परियोजनाओं के पहुंचने में सात दशक लग गए। रेड कॉरिडोर के जंक्शन माने जाने इस इलाके में रहने वाले आदिवासी लंबे समय तक दोहरे खौफ में जीते रहे। कमांडो दस्ते का ऑपरेशन और नक्सलियों की महापंचायत दोनों उनके लिए मुसीबत बन गई थी। रोजगार नहीं होने के कारण युवा नक्सल आंदोलन की ओर जा रहे थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सरकार के लिए आसान नहीं था, क्योंकि पूरे इलाके में नक्सली कमांडर की समानांतर सत्ता चलती थी। जिले के काटेझरी गांव में जब पहली बार बस पहुंची, तो इसका जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मई 2025 को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इसका जिक्र किया था।
तीन राज्यों के जॉइंट ऑपरेशन का असर
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलगांना से जुड़े होने का कारण गढ़चिरौली सात दशक तक नक्सलियों का सेफ जोन रहा। किसी भी राज्य में हिंसा करने के बाद नक्सली आसानी से दूसरे राज्य में गढ़चिरौली के रास्ते भाग जाते थे। जब केंद्र सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया तो छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर और गढ़चिरौली में एनकाउंटर का सिलसिला शुरू हुआ। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पिछले जून तक इस साल 226 नक्सली मारे गए, जिनमें केशवराव, सुधाकर, बसवराजू जैसे पोलित ब्यूरो के टॉप कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा 418 को गिरफ्तार भी किया गया और 896 ने सरेंडर किया है। जनवरी में गढ़चिरौली में 11 और जून में 12 माओवादियों का आत्मसमर्पण किया था। अमित शाह ने लाल कॉरिडोर को मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त करने की डेडलाइन रखी है।
एक्शन के साथ उठाया विकास का बीड़ा
दरअसल सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के साथ खास रणनीति बनाई है। जिन इलाकों से नक्सलियों को खदेड़ा जा रहा है, वहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बस्तर में सड़क, सुरक्षा कैंप के साथ मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। गढ़चिरौली में माइन प्रोसेसिंग यूनिट के साथ स्कूल, अस्पताल और टाउनशिप प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने मंगलवार को जिस इंटिग्रेटेड स्टील प्लांट और आयरन ग्रिंडिंग यूनिट की आधारशिला रखी, वह सात साल बाद दुनिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट के तौर पर सामने आएगा। इस प्रोजेक्ट में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा सीएम इंटिग्रेटेड स्टील ने हॉस्पिटल, स्कूल और टाउनशिप की आधारशिला रखी। खुद देवेंद्र फड़णवीस गढ़चिरौली के प्रभारी मंत्री भी है।
12 आरोपियों की रिहाई पर भड़के अबु आजमी, बोले – हाईकोर्ट का फैसला है लेकिन…
22 Jul, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 2006 मुंबई लोकल ट्रेन में बम ब्लास्ट केस पर AIMIM चीफ असुदद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता अबु आसिम आजमी की प्रतिक्रिया सामने आई है। आजमी ने उन लोगों को निशाने पर लिया है जो बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के दोषियों के बरी होने पर बोलते हुए आजमी ने पुलिस पर मुसलमानों को बिना सबूत गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। 12 आरोपियों को बरी किए जाने पर आजमी ने कहा कि मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है। मुंबई सीरियल ब्लास्ट में जिन लोगों को गिरफ्तार किया था, वे बेकसूर थे। आजमी ने कहा कि मैं पहले दिन से कह रहा था। 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेन में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। पहला धमाका मांटुगा और आखिरी ब्लास्ट मीरा रोड पर हुआ था। मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों में 12 आरोपियों के बरी होने पर महाराष्ट्र में राजनीति और गरमाने की उम्मीद है, हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर 24 जुलाई को पहली सुनवाई होगी।
बहुत सारे फिरकापरस्त कह रहे हैं कि हमें यह फैसला मंजूर नहीं है। शर्म नहीं आती आपको, हाईकोर्ट का फैसला आया हुआ। जब फांसी मिली थी तो बहुत खुश हो रहे थे आप, अब सच्चाई सामने आ गई तो आपका दिल सुनने का तैयार नहीं है। देश में जानबूझकर मुसलमानों को फंसाया जा रहा है। मुझे अफसोस है कि कुछ नेता बेकसूरों के छूटने को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं। अगर निर्दोषों को फांसी मिल जाए तो खुशी मिल जाएगी।
बेकसूरों को मिले हर्जाना
आजमी ने मांग कि पहले बहुत दिनों तक इस मामले में कोई अरेस्ट नहीं हुआ। फिर अचानक एटीएस के चीफ और डीजीपी दोनों ने कहा कि हमें सुराग मिल गया है। 19 साल तक जेल में रखा गया। 5-6 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। आजमी ने कहा कि लंबी जद्दोजहद के बाद जब मोबाइल कॉल कॉल रिकॉर्ड में पता चला कि कोई तब पता चला कि इनमें से एक भी शख्स ट्रेन के अगल-बगल नहीं था। आजमी ने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार को इस मामले में तुरंत एसआईटी का गठन करें। अगर ये लोग छूट गए हैं तो फिर ब्लास्ट का असल दोषी कौन है? कोई न कोई तो था, जिसने ब्लास्ट किया था। आजमी ने कहाबेकसूरों को 19 साल का हर्जाना मिलना चाहिए और इन्हें पकड़ने वाले अफसरों का कार्रवाई होनी चाहिए।
ओवैसी भी उठा चुके हैं सवाल
अबू आसिम आजमी से पहले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद सवाल उठाया था। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि क्या वह इस मामले की जांच करने वाले अपने एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। ओवैसी ने कहा था 12 मुस्लिम 19 साल तक एक ऐसे अपराध के लिए जेल में रहे जो उन्होंने नहीं किया। उनके जीवन के महत्वपूर्ण साल चले गए। 180 परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, कई घायल हुए। उन्हें कोई राहत नहीं मिली। ओवैसी ने कहा कि अक्सर निर्दोष लोग जेल में डाल दिए जाते हैं और सालों बाद बरी होने पर उनके पास अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने का कोई रास्ता नहीं होता।
स्कूल से घर नहीं लौट पाई बच्ची बिना डर के, सिरफिरे ने चाकू से किया हमला
22 Jul, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक हैरान कर देनी वाली घटना सामने आई है। एकतरफा प्यार में पागल एक युवक ने नाबालिग लड़की को पकड़ लिया। इसके बाद उसने चाकू निकाल लिया। सिरफिरे प्रेमी ने न सिर्फ लड़की को धमकाया बल्कि लोगों को पास आने पर नाबालिग को चाकू मार देने की धमकी दी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद किसी तरीके से नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी और नागालिग लड़की एक ही इलाके में रहते हैं।
स्कूल से लौटते वक्त हुई घटना
जानकारी के अनुसार यह घटना उस वक्त पर हुई जब लड़की शाम 4 बजे अपने घर लौट रही थी। तभी आरोपी उसे पकड़ लिया और लोगों के हस्तक्षेप करने पर उसने चाकू निकाल लिया और फिर लड़की का गला रेत देने की धमकी देने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सिटी पुलिस स्टेशन की खुफिया शाखा के कांस्टेबल सागर निकम साथी धीरज मोरे के साथ मौके पर पहुंचे।10 मिनट से ज्यादा समय तक पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने लड़के को लड़की को छोड़ने और हथियार गिराने के लिए मनाने की कोशिश की। लेकिन वह नहीं माना तो उसका ध्यान भटका पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से उसे दबोच लिया, हालांकि इस दौरान उसने लड़की को चोट पहुंचाने की कोशिश की।
कांस्टेबल ने सूझबूझ से लिया काम
एक पुलिस कांस्टेबल ने लड़के को आगे से घेर लिया और उसका ध्यान भटका दिया, जबकि दूसरा पीछे से चुपके से आया। सही समय पर चाकू वाले हाथ को पकड़ लिया। लड़की को तेज़ी से सुरक्षित जगह पर खींच लिया। सिरफिरे के चंगुल से लड़की के छूटते ही गुस्साई भीड़ हमलावर पर टूट पड़ी और उस पर हमला कर दिया। पुलिस को उसे भीड़ से बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार पुलिस कांस्टेबल लड़के को बाहर निकालने में कामयाब रहे और उसे शाहुपुरी पुलिस स्टेशन ले गए। इंस्पेक्टर सचिन म्हेत्रे के अनुसार इस घटन को लेकर शाहुपुरी पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लड़का नाबालिग लड़की द्वारा युवक को ठुकराने से नाराज था।
18 साल बाद भी न्याय अधूरा: मुंबई ब्लास्ट पीड़ितों की पीड़ा फिर उभरी
22 Jul, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस के सभी 12 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले से पीड़ित सकते में हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में 19 साल पुराने केस में नया मोड़ लगा दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद बम ब्लास्ट में अपने शरीर के अंग गंवाने वाले पीड़ित और फिर वहीं खड़े हैं जहां पर वे हादसे वाले दिन खड़े थे। पीड़ित परिवारों में गम और गुस्सा है। उनका कहना है कि क्या ये धमाके किसी ने नहीं किए? कुछ पीड़ित जहां कुछ बोलने को तैयार नहीं है तो वहीं उनके परिवार के लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है।
क्या किसी ने नहीं किए ब्लास्ट?
पश्चिम रेलवे के मीरा भायंदर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत प्रीत सावंत के होठों को इस फैसले ने सील कर दिया है। लंबे वक्त तक कोमा में रहने के बाद प्रीति के पति पराग की मौत हो गई थी। उन्होंने टीओआई को यह कहते हुए टिप्पणी देने से मना कर दिया कि वह इस सदमें को फिर याद नहीं करना चाहतीं। वह 2006 में एक गर्भवती मां बनी थीं। उनकी बेटी का जन्म पराग के ब्लास्ट में जख्मी होने के बाद हुआ। बम ब्लास्ट में वसई निवासी हर्षल भालेराव (23) विस्फोट में मारे गए थे। उनकी मां सगुना ने कहा कोई भी फैसला मेरे बेटे को वापस नहीं ला सकता। लेकिन दोषियों को सज़ा मिलनी ही चाहिए। हर्षल के पिता यशवंत ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को यह फैसला पसंद नहीं आएगा। हमने अपने बंगले का नाम 'हर्षल 7/11' रखा है। पिता ने कहा कि हर्षल मेरा इकलौता बेटा था। अब मेरी बेटी देखभाल कर रही है। पिता ने बताया कि वह हर्षल का पहला दिन था जब वह बाेरीवली गया था।
फैसले के बाद छलका पीड़तों का दर्द
ब्लास्ट में कलाकार महेंद्र पिटाले ने अपना एक हाथ खो दिया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला बहुत बड़ा झटका है। उन्होंने पूरा कि क्या असली अपराधियों को पकड़ने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को और 19 साल लगेंगे? पिटाले को भी रेलवे ने नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि मेरा कृत्रिम अंग बहुत महंगा है। पिटाले ने कहा उन्होंने पिछले दो दशकों में सात बार कृत्रिम अंग को बदला है। चार्टर्ड अकाउंटेंट चिराग चौहान ने कहा कि किसी ने भी 200 लोगों को नहीं मारा और 700 को जख्मी किया। ब्लास्ट में चिराग चौहान को स्पाइनल इंजरी हुई। इसके बाद उनकी शरीर का निचला हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया।
नीचे सजा, ऊपर क्यों पलटा फैसला?
ब्लास्ट में मारे गए वृन्देश की बहन विशाखा सेकसरिया ने कहा कि यह खबर पचा पाना मुश्किल है। सुभाष साबू ने कहा कि मैं उस दिन को कभी नहीं भूल सकता क्योंकि मेरे पिता (नाथमल) मलाड जाने वाली ट्रेन में थे और वे घर नहीं पहुंच पाए। ऋषि बोबरा (38), जिन्होंने एक महीना आईसीयू में बिताया, ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर कुछ नहीं कहना है और वे आगे बढ़ गए हैं। तो वहीं इस हादसे में जख्मी हुए गार्डन लैंडस्केपर हरीश पवार फैसले से नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि निचली अदालतों द्वारा दोषसिद्धि के लिए स्वीकार्य माने जाने वाले साक्ष्य को हाईकोर्ट ने पूरी तरह से नकार क्यों दिया?
फिर अपराध किया तो कौन लेगा जिम्मा?
वसई निवासी रानिया डिसूजा ने अपने पिता मनु-एल (36) को तब खो दिया था जब वह सिर्फ़ साढ़े छह साल की थीं। रानिया स्नातक होने के बाद नौकरी देने के लिए पश्चिम रेलवे की आभारी हैं। उनके छोटे भाई, जो उस समय सिर्फ़ ढाई साल का था। को अपने पिता की कोई याद नहीं है। ब्लास्ट में अपने पैर को गंवाने वाले हंसराज कनौजिया ने दोबारा जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें आज रिहा किया जा रहा है और वे फिर से वही अपराध करेंगे, तो ज़िम्मेदारी कौन लेगा? मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाना चाहिए। बीजेपी नेता किरीट सोमैया के साथ हंसराज कनौजिया, चिराग चौहान, रमेश नाईक, और महेंद्र पिटाले में सरकार में अतिरिक्त सचिव इकबाल सिंह चहज से मुलाकात की।
महाराष्ट्र: दुकान में घुसकर युवक ने लहंगे पर निकाला गुस्सा, दी जान से मारने की धमकी
21 Jul, 2025 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के कल्याण से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां कपड़े की दुकान में एक युवक ने गुस्से में दुकानदार के सामने 32 हजार रुपये का लहंगा फाड़ दिया. गुस्साए युवक ने दुकान में चाकू निकाला और दुकानदार को धमकाया. इतना ही नहीं उसने दुकानदार से फिरौती भी मांगी. ये पूरी घटना कल्याण पश्चिम स्थित ‘कलाक्षेत्र’ नामक फैशन स्टोर में हुई.
यहां 32,000 रुपये का लहंगा वापस न कर पाने से नाराज एक ग्राहक (युवक) दुकान पर आया. फिर चाकू निकालकर लहंगा फाड़ दिया और दुकानदार को धमकी दी. इस घटना को लेकर बाजारपेठ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. फैशन स्टोर पर ग्राहक और दुकानदार के बीच ये विवाद 19 जुलाई को हुआ.
लहंगा नहीं आया पसंद
दरअसल, कल्याण पश्चिम की निवासी मेघना मखीजा ने अपनी शादी के लिए 17 जून, 2025 को ‘कलाक्षेत्र’ स्टोर से करीब 32,300 का एक लहंगा खरीदा था. घर पहुंचने पर मेघना को वह लहंगा पसंद नहीं आया और उन्होंने दुकानदार को वापस करने के लिए संपर्क किया. दुकानदार ने बताया कि रिटर्न की सुविधा नहीं है, लेकिन उन्होंने मेघना को 31 जुलाई, 2025 तक का समय दिया कि वह उसी कीमत का कोई अन्य सामान खरीद सकती हैं.
दुकान पर जाकर जमकर हंगामा किया
19 जुलाई, 2025 को मेघना लहंगा वापस करने दुकान पर पहुंचीं. दुकानदार ने एक बार फिर नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा कि लहंगा वापस नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसके बदले उसी कीमत का कोई और वस्त्र लिया जा सकता है. उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद, मेघना का मंगेतर सुमित सयानी दुकान पर पहुंचा. मामूली बात पर दुकानदार से उसकी बहस हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुमित ने अचानक अपनी जेब से चाकू निकाला और दुकान के बीचो-बीच उस 32,300 के लहंगे को फाड़ डाला.
इतना ही नहीं, सुमित ने दुकानदार को धमकी दी, “इसी लहंगे की तरह ही तुमको भी फाड़ डालूंगा!” इसके बाद उसने दुकानदार से 3 लाख की फिरौती भी मांगी और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए, तो दुकान की सोशल मीडिया पर धज्जियां उड़ा देगा. इस धमकी और तोड़फोड़ से घबराए दुकानदार प्रवीण समतानी ने तुरंत कल्याण के बाजारपेठ पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
इन धाराओं में केस दर्ज
इस घटना से दुकानदार प्रवीण समतानी और उनके कर्मचारियों में डर का माहौल है. वहीं घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सुमित के खिलाफ भारतीय न्याय सहिंता धारा 352, 324(5), 351(3), 425 और मुंबई पुलिस एक्ट की धारा 37(1), 135 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस घटना को लेकर आगे की जांच कर रही है.
सेंट्रल रेलवे सबसे खतरनाक, 17 हजार से ज़्यादा मौतें दर्ज
19 Jul, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन अब बन रही हजारों लोगों की मौत का कारण
आरटीआई से सामने आए भयावह आंकड़े, सेंट्रल रेलवे में सबसे अधिक हादसे
मुंबई
मुंबई महानगर क्षेत्र में रेल पटरियों पर हो रही मौतों का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। जनवरी 2015 से मई 2025 के बीच कुल 26,547 लोगों की मौत रेलवे ट्रैक पर हुई है। यह जानकारी एक सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन के माध्यम से सामने आई है।
ट्रैक पार करना बना सबसे बड़ा कारण
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 14,175 मौतें ट्रैक पार करते समय हुईं। इसके अलावा चलती ट्रेन से गिरना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी प्रमुख कारण रहे। केवल इन तीन वजहों से ही लगभग 25,000 लोगों की जान गई है। अन्य कारणों में बिजली का झटका, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसना, आत्महत्या और प्राकृतिक मौतें शामिल हैं।
सेंट्रल रेलवे में सबसे ज़्यादा मौतें
सेंट्रल रेलवे के तहत सबसे अधिक 17,212 मौतें दर्ज की गईं, जो इसके बड़े नेटवर्क को देखते हुए गंभीर चिंता का विषय है। वर्ष 2015 में सबसे ज़्यादा 3,304 और कोविड-काल 2020 में सबसे कम 1,116 मौतें हुईं।
मुंब्रा हादसे से उजागर हुई लापरवाही
यह आरटीआई उस हादसे के बाद दाखिल की गई थी, जिसमें मुंब्रा स्टेशन के पास 5 यात्रियों की चलती ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी। इस दुर्घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
'जीरो डेथ मिशन' पर उठे सवाल
रेलवे प्रशासन का दावा है कि 'जीरो डेथ मिशन' के तहत कई प्रयास किए गए हैं—जैसे फुट ओवरब्रिज, प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाना, एस्केलेटर और लिफ्ट, फेंसिंग, और अतिक्रमण हटाना—लेकिन ये प्रयास नतीजे देने में असफल साबित हो रहे हैं।
स्थायी समाधान की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से निपटने के लिए अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करना ही काफी नहीं होगा। ट्रैक पार करने पर सख्त जुर्माना, जनजागरूकता अभियान, और स्थायी संरचनात्मक बदलाव समय की मांग हैं।
मराठी बनाम हिंदी विवाद पर उद्धव ठाकरे का जवाब – ‘भाषा से नहीं, बर्ताव से होता है विवाद’
18 Jul, 2025 09:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाषा विवाद पर एक दिन पहले कहा था कि राज्य में त्रिभाषा फॉर्मूले में हिंदी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार नए सिर से गठित समिति की रिपोर्ट पर फैसला लेगी। सीएम फडणवीस के बयान बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफकिया है कि जबरदस्ती हिंदी को लागू नहीं करने देंगे। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ठाकरे ने कहा कि .मैं मेरी भावनाओं पर कायम हूं। हम किसी भाषा का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन सख्ती हम नहीं लागू करने देंगे। फडणवीस ने एक दिन पहले कहा था कि त्रिभाषा सूत्र 100% लागू होगा। कांग्रेस की तरफ से राज्य में मराठी पाठशाला की मांग की जा रही है। इसके जवाब में पिछले दिनों नितेश राणे भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में मदरसे बहुत हैं। वहां पर मराठी चालू करवाओ।
फिर छिड़ गया भाषा का विवाद
महराष्ट्र में छिड़े हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने भाई राज ठाकरे केसाथ वर्ली में मंच को साझा किया था। इस कार्यक्रम में दोनोंने कहा था कि वे मराठी अस्मित के मुद्दों पर एक साथ आए हैं। महाराष्ट्र में भाषा विवाद के बढ़ने पर पहले फडणवीस सरकार ने स्कूलों में त्रिभाषा के तहत हिंदी अनिवार्य किए जाने के आदेश को वापस ले लिया था। इसे बाद सरकार ने एक समिति का गठन किया था। जो यह देख रही है कि त्रिभाषा को कैसे लागू किया जाए। फडणवीस ने कहा था कि तेलगु और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं के लिए छात्र नहीं मिलते हैं। ऐसे में हिंदी ही सिर्फ तीसरी भाषा हो सकती है। फडणवीस त्रिभाषा सूत्र के संदर्भ में नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। इसी बीच उद्धव और राज ने कहा है कि उन्हें हिंदी भाषा से विरोध नहीं है, लेकिन अगर हिंदी थोपी गई तो वे यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। गौरतलब हो कि मराठी भाषा नहीं बोलने पर मनसे के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड 29 जून को एक मारवाड़ी बिजनेसमैन को पीटा था। इसकी काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी।
महाराष्ट्र विधानसभा में झड़प के बाद आगंतुकों की एंट्री पर रोक
18 Jul, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में विधानसभा परिसर में झड़प का मामला अब सियासी रूप ले चुका है. इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे विधान भवन पहुंचने वाले लोगों की पहचान भी हो रही है. इसमें नितिन देशमुख का नाम तेजी से चर्चा में आया है. आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर ने नितिन देशमुख को वहां बुलाया था. अब इस मामले के जांच अधिकारी कोर्ट में दलील पेश करते हुए नितिन देशमुख की 7 दिन की कस्टडी की मांग की है.
जांच अधिकारी ने कहा कि नितिन देशमुख ने गैर कानून तरीके से विधान भवन परिसर में भीड़ इकट्ठा की थी और दूसरे पक्ष के सर्जराव टकले के बीच झड़प हुई. सर्जराव टकले पर 6 केस पहले से दर्ज है जबकि नितिन देशमुख पर 7 केस दर्ज है. टकले के पास विधान भवन का पास नहीं था. पुलिस का मानना है कि कुछ दिन पहले हुई झड़प को लेकर पुलिस को शक है कि प्लान करके इस घटना को अंजाम दिया गया है. पुलिस ने अदालत से 7 दिनों की कस्टडी की मांग की.
पुलिस ने आरोपियों के व्हाट्सएप चैट्स का किया जिक्र
अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के व्हाट्सएप चैट्स का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पास डिजिटल एविडेंस है कि विधान भवन की घटना को प्लान करके किया गया. वहीं, डिफेंस पक्ष ने अदालत में दलील दी की यह आकस्मिक घटना है. इसमें कोई प्लानिंग नहीं है. दोनों के बीच विवाद हुआ जिसके बाद यह घटना हुई. इसमें कोई बड़ी साजिश जैसा कुछ नहीं है.
गुरुवार को विधानसभा की लॉबी में जोरदार हंगामा हुआ, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थक आपस में भिड़ गए, बात गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई. चूंकि यह हंगामा विधानसभा की लॉबी में हुआ था, इसलिए अब इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने गंभीरता से लिया है. इस हंगामे के बाद राहुल नार्वेकर ने विधायकों को खरी-खोटी सुनाई है, साथ ही एक बड़ा फैसला भी लिया है.
विधानसभा में आगंतुकों के प्रवेश पर रोक
राहुल नार्वेकर ने फैसला किया है कि अब से विधानसभा में आगंतुकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विधायकों का व्यवहार चिंता का विषय है, हमें पद की शपथ लेते समय संविधान का गंभीरता से पालन करना होगा. इसलिए, अब से केवल विधायकों और उनके अधिकृत निजी सहायकों को ही विधानसभा में प्रवेश की अनुमति होगी.
साथ ही ज्यादातर मंत्री विधानमंडल में बैठकें करते हैं, लेकिन अब मंत्रियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपनी बैठकें मंत्रालय में ही करें. नार्वेकर ने यह भी कहा कि अगर असाधारण परिस्थितियों में बैठक होती है, तो आगंतुकों को अनुमति नहीं दी जाएगी.
18वीं मंजिल से गिरा युवक, टॉयलेट के लिए निकला था कमरे से बाहर
18 Jul, 2025 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : महाराष्ट्र के मुंबई से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां 55 साल का शख्स टॉयलेट करने के लिए 18वीं मंजिल पर निर्माणाधीन लिफ्ट के पास गया. वहां उसका बैलैंस बिगड़ा और वो 18वीं मंजिल से गिर गया. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया. मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान प्रकाश शिंदे के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि शिंदे पिछले कुछ दिन से वडाला में रहने वाली अपनी बहन के घर में ठहरे हुए थे. इस बीच वह डायरिया (दस्त) की बीमारी कि चपेट में आ गए. मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को घटना के समय शिंदे शौच के लिए जाना चाहते थे, लेकिन फ्लैट में मौजूद वॉशरूम में पहले से ही परिवार का कोई सदस्य गया हुआ था. इस वजह से मजबूरन शिंदे इमारत के उस हिस्से में चले गए जहां लिफ्ट का काम चल रहा था.
पुलिस के अनुसार, उन्होंने लिफ्ट के गड्ढे के पास शौच किया और जब उठने की कोशिश कर रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से वे सीधे 18वीं मंजिल से लिफ्ट की शाफ्ट में जा गिरे. घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत परेल के केईएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
परिवार का साजिश की आशंका से इनकार
इस संबंध में आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि परिजनों ने किसी भी तरह की साजिश की आशंका से इनकार किया है. इस वजह से मामले में दुर्घटनावश मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई है.
किसकी लापरवाही से हुआ हादसा?
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माणाधीन क्षेत्र तक पीड़ित कैसे पहुंचा और किसकी लापरवाही से यह जानलेवा हादसा हुआ. पुलिस हर एंगल से मामले की आगे की जांच कर रही है. वहीं, इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में शोक व्याप्त है.
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