महाराष्ट्र
अमेरिका से बिजनेस वीजा पर आया शख्स धर्मांतरण में लिप्त, पुलिस ने पकड़ा
28 Jul, 2025 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे : उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा हुआ। छांगुर बाबा के कारनामे ने पूरे देश में बड़े स्तर पर लव जिहाद और धर्मांतरण का खुलासा किया। अब महाराष्ट्र में पिंपरी चिंचवड पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शख्स अमेरिका का नागरिक हैं। वे यहां पर रहकर लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए माइंडवॉश करते थे। वे उन्हें रुपयों और सुविधाओं का लालच देकर इसाई धर्म में आने को कहते थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम शैफर जविन जैकब है। वह 2016 में भारत आया था। वह तब से यहां लगातार आ रहा है। वह कई बार टूरिस्ट और बिजनेज वीजा पर भारत आ चुका है। पुलिस ने जैकब के साथ एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है।
नाबालिग को फंसाया
पुलिस ने बताया कि अमेरिकी नागरिक Schaefer Javin Jacob की उम्र 41 साल है। वह कैलिफोर्निया का रहने वाला है। वह पिंपरी चिंचवड के मुकाई चौक के पास एक अपार्टमेंट में रह रहा था। पुलिस ने इस सिलसिले में 46 वर्षीय स्टीवन विजय कदम को भी अरेस्ट किया है। वह पिंपरी के रायसोनी सोसायटी में रहता है। नाबालिग लड़का 16 साल का है। उसे उसकी मां को सौंप दिया गया है।
सिंधी युवक ने कराई एफआईआर
पिंपरी के रहने वाले सनी धन्नानी (27 वर्ष) ने इस मामले में FIR दर्ज कराई थी। सिंधी समुदाय से आने वाले सनी का आरोप था कि कुछ लोग इलाके में धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 लगाई है। पुलिस ने अमेरिकी नागरिक पर विदेशी अधिनियम की धारा 14 (b) और (c) के तरह भी कार्रवाई की है।
ऐसे खुला मामला
पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11.30 बजे आरोपी सनी के घर पहुंचे। उन्होंने सनी से कहा कि अगर वह ईसाई धर्म अपना लेते हैं तो उन्हें 'खुशी, शांति, धन और अच्छा मानसिक स्वास्थ्य मिलेगा। उन्होंने सनी का माइंडवॉश करने की कोशिश की और इस बात पर जोर दिया कि यीशु मसीह ही एकमात्र भगवान हैं, जबकि अन्य भगवान सिर्फ कहानियां हैं। उनकी बातों को सुनकर सनी चौंक गए। उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
बिजनेस वीजा पर आता, पर नहीं कोई बिजनेस
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कदलांग ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच सामने आया है कि अमेरिकी नागरिक 2016 से टूरिस्ट और बिजनेस वीजा पर भारत आ रहा है। हालांकि उसे यहां कोई कारोबारी गतिविधि करते हुए नहीं पाया गया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह यहां कोई बिजनेस नहीं कर रहा था तो क्या कर रहा था।
प्रांजल खेवलकर की गिरफ्तारी से हलचल, ड्रग्स और महिलाओं के साथ रंगे हाथ पकड़े गए
28 Jul, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। पुणे पुलिस ने एक आलीशान फ्लैट में छापेमारी की। यहां पर रेव पार्टी चल रही थी। छापेमारी में नशीले पदार्थ, हुक्का और शराब जब्त की गई। एक अधिकारी ने बताया कि तड़के लगभग साढ़े तीन बजे पुलिस क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की और स्टूडियो अपार्टमेंट में एक ड्रग पार्टी का भंडाफोड़ किया। आरोपियों की हिरासत का अनुरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि छापेमारी में कोकीन और गांजा जैसे मादक पदार्थ जब्त किए गए। अदालत ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से दो का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है।
गेस्ट फर्म से बुक किए थे रूम
आरोपियों ने 25 जुलाई से 27 जुलाई के बीच की अवधि के लिए एक गेस्ट फर्म के जरिए अपार्टमेंट में तीन कमरे बुक किए थे। प्रांजल खेवलकर का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विजय थोम्ब्रे ने अपने मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्हें फंसाया गया है। थोम्ब्रे ने अदालत को बताया कि प्रांजल खेवलकर ड्रग्स नहीं लेते। वह राजनीतिक का शिकार हैं।
रोहिणी खडसे से हुई है शादी
प्रांजल खेवलकर शरद पवार की एनसीपी के नेता एकनाथ खडसे के दामाद हैं। वह एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी खडसे के पति हैं। रोहिणी खडसेNCP (SP)की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। प्रांजल खेवलकर खुद को इंस्टाग्राम पर एक उद्यमी, समाजसेवी और डॉक्टर बताते हैं।
ट्रैवल माफिया के मालिक
डॉ. प्रांजल खेवलकर एक बिजनेसमैन हैं। उनके कई कारोबार हैं। वह चीनी, बिजली, रियल एस्टेट और इवेंट मैनेजमेंट जैसी कई कंपनियां चलाते हैं। उनकी कंपनी, संत मुक्ताई शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड, ऊर्जा के क्षेत्र में आगे है। वह AP इवेंट्स एंड मीडिया नाम की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी चलाते हैं। इसके अलावा, उनकी एक ट्रैवल कंपनी भी है जिसका नाम द ट्रैवल माफिया है।
भारतीय विद्यापीठ पुणे के मालिक
प्रांजल खेवलकर का एक योगा इंस्टीट्यूट भी है। वह समवेदना नाम की एकNGO भी चलाते हैं। वह भारतीय एकता सद्भावना मिशन के राष्ट्रीय सचिव और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। वह पुणे की भारतीय विद्यापीठ संस्थान के मालिक भी हैं।
म्युजिक वीडियो भी बनाए
प्रांजल खेवलकर ने कई म्यूजिक वीडियो बनाए हैं, जिनमें गजेंद्र वर्मा का ना होना तुमसे दूर भी शामिल है। वह प्रॉडक्शन में भी शामिल हैं।उनकी समर प्रोडक्शंस के नाम से कंपनी है।
श्मशान घाट में झूलों की व्यवस्था, मनपा के अजीब फैसले पर हंगामा
26 Jul, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वसई: वसई-विरार मनपा का एक अनोखा कारनामा सामने आया है। वसई पश्चिम में स्थित एक श्मशान घाट के अंदर बच्चों के लिए खेलने कूदने के झूले और अन्य उपकरण लगाए हैं। मनपा के इस काम को लेकर स्थानीय रहवासियों में काफी रोष है। यह निर्णय स्थानीय नागरिकों को बेहद आपत्तिजनक लगा है, जिसके चलते मनपा प्रशासन की तीखी आलोचना हो रही है। उनका कहना है कि श्मशान में अंतिम दाह संस्कार के वक्त बच्चे वहां कैसे जा पाएंगे। ऐसे में मनपा अधिकारियों की खूब किरकरी हो रही है।
श्मशान की सुधार की जगह लगा दिए झूले
बता दें कि वसई-विरार मनपा पिछले 5 वर्षों से प्रशासनिक शासन के अधीन है। इस वजह से अधिकारी बिना किसी को विश्वास में लिए मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि किसी भी कार्य के लिए कोई योजना नहीं है, केवल पैसों की बर्बादी की जा रही है। वसई पश्चिम के प्रभाग (आय) वसई गांव के अंतर्गत बेनेपट्टी क्षेत्र में एक जर्जर श्मशान है। इस जर्जर श्मशान को सुधारने के बजाय मनपा ने श्मसान में ही बच्चों के लिए झूले और अन्य उपकरण लगा दिए है।
श्मसान के बगल में मैदान
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि श्मशान के ठीक बगल में मनपा का एक खुला मैदान मौजूद है, जहां ये झूले और उपकरण आसानी से लगाए जा सकते थे। बावजूद इसके, अधिकारियों ने श्मशान को ही बच्चों के खेलने की जगह बना दिया, जिससे उनकी संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों ने इस फैसले पर मनपा से स्पष्टीकरण की मांग की है और कई लोगों ने स्थानीय प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की भी अपील की है।
गाजा मुद्दे पर CPM को झटका, कोर्ट ने कहा- पहले देश के मसले सुलझाओ
26 Jul, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : CPI(M) की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामला गाजा में हुई मौतों के विरोध में सभा करने की अनुमति न देने का था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीपीआईएम को जमकर फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि देश में इतनी सारी समस्याएं हैं, उनसे आप प्रभावित नहीं हो रहे हैं और हजारों मील दूर गाजा में क्या हो रहा है, वह आपको परेशान कर रहा है? जस्टिस ने याचिका
क्या थी याचिका
पुलिस, प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सीपीआईएम ने याचिका की थी। सीपीआईएम के वकील मिहिर देसाई ने कोर्ट में कहा कि वह सिर्फ आज़ाद मैदान में मीटिंग करना चाहते थे। वे विरोध मार्च नहीं निकालना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान विरोध- प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित किया गया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा
हाई कोर्ट ने कहा कि अनुमति ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी फाउंडेशन (AIPSF) ने मांगी थी और उसे ही याचिका का अधिकार है। पिछले महीने सीपीआईएम गाजा मुद्दे पर आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करना चाहता था। इसके लिए AIPSF ने मुंबई पुलिस को अर्जी देकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसे मुंबई पुलिस ने नामंजूर कर दिया था।
हाई कोर्ट ने किए सवाल पर सवाल
हाई कोर्ट ने याचिका पर नाराजगी जताई। जस्टिस ने वकील मिहिर देसाई से पूछा कि याचिकाकर्ता भारत में कचरा, अवैध पार्किंग, बाढ़ और जल निकासी जैसी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं देते? कोर्ट ने हैरानी जताई कि इन मुद्दों पर याचिका नहीं होती। जस्टिस ने वकील से पूछा कि उनके क्लाइंट्स हजारों मील दूर हो रही घटनाओं से कैसे प्रभावित हैं?
जस्टिस बोले-देशभक्त बनो
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'देशभक्त बनो... अपने देश के मुद्दों पर बोलो।' वकील मिहिर देसाई ने बेंच से पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि बोलने और व्यक्त करने की आजादी सिर्फ भारत में हो रही चीजों के बारे में है? उन्होंने दुनिया भर के लोकतंत्रों में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होने की बात सहकर बेंच ने सवाल किए।
हाई कोर्ट ने जताई हैरानी
हाई कोर्ट ने कहा, 'हमारे देश में पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। हमें उनपर ध्यान देना चाहिए। हमें ऐसा कुछ नहीं चाहिए कि वे समस्याएं हल हों। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आप सब लोग दूर की नहीं सोच रहे हैं... आप गाजा के मामले को देख रहे हैं। अपने देश को देखो।'
मुंबई स्कीम से बाहर! जानें नई हाउसिंग पॉलिसी में कहां मिलेंगे सस्ते घर
26 Jul, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : महाराष्ट्र की नई हाउसिंग पॉलिसी में 4,000 वर्ग मीटर से अधिक के सभी हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स में 20 प्रतिशत घर म्हाडा (महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंपने का प्रावधान 20 प्रतिशत योजना के तहत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य महानगर क्षेत्रों में घरों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। हालांकि, मुंबई में यह योजना फिलहाल लागू नहीं हो सकेगी, क्योंकि इसके लिए बीएमसी एक्ट में बदलाव करना होगा। एक्ट के अनुसार, म्हाडा को घर सौंपने के लिए बीएमसी को बाध्य नहीं किया जा सकता।
योजना का दायरा बढ़ाया
महाराष्ट्र गृहनिर्माण विभाग ने हाउसिंग पॉलिसी 2025 में 20 प्रतिशत योजना को सभी महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में लागू करने का निर्णय लिया है। अब तक यह योजना 10 लाख से अधिक आबादी वाले महानगरपालिका क्षेत्र में ही लागू थी। 10 लाख आबादी की शर्त होने के कारण राज्य की केवल 9 महानगर पालिका क्षेत्र के नागरिकों को ही योजना का लाभ मिल पा रहा था।
क्या है योजना
4 हजार वर्ग मीटर से अधिक के हाउसिंग प्रॉजेक्ट में 20 फीसदी घर बिल्डर को महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण ( म्हाडा) को सौपने होते है। म्हाडा इन घरों की बिक्री लॉटरी के माध्यम से करेगी। अब तक 20 फीसदी योजना के तहत MMR में केवल ठाणे, कल्याण और नवी मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में ही घर उपलब्ध होते थे। नियम में बदलाव के बाद आगामी कुछ महीनों में MMR के अन्य महानगर पालिका क्षेत्र में तैयार हो रहे 4 हजार वर्ग मीटर से बड़े प्रॉजेक्ट के भी 20 फीसदी घर म्हाडा की लॉटरी में शामिल हो सकेंगे। सभी नियोजन प्राधिकरणों को 4 हजार वर्ग मीटर से अधिक के प्रॉजेक्ट को मंजूरी देने पर इसकी जानकारी म्हाडा के संबंधित बोर्ड को देने का आदेश दिया गया है।
क्लासमेट से रोमांस, फिर धोखा या प्लान? महिला ने क्यों कराया किडनैपिंग
26 Jul, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : चूनाभट्टी इलाके में 48 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी पूर्व सहपाठी महिला और उसके सात साथियों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। आरसीएफ इलाके की एक सरकारी कंपनी में कार्यरत पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 2003 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में कलेश के चलते उसने 2021 में तलाक ले लिया। पीड़ित की मुलाकात 2018 में अपनी स्कूल क्लासमेट से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और रिश्ता इतना गहरा हो गया कि उन्होंने अपने-अपने जीवन साथियों से तलाक लेकर एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया।
महिला ने मांगे 15 लाख
महिला ने घर खरीदने के लिए 15 लाख रुपये की मदद मांगी, जो पीड़ित ने उसे दे दिए। तलाक के बाद जब पीड़ित ने महिला से उसके पति को दिए तलाक के कागजात दिखाने को कहा, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। दोनों लिव-इन में रहने लगे, लेकिन महिला की शर्तें सामने आने के बाद रिश्ते में दरार आ गई। उसने पीड़ित से कहा कि जब तक वह अपने पीएफ में उसे वारिस नहीं बनाता या पुश्तैनी घर उसके नाम नहीं करता, वह शादी नहीं करेगी। अक्टूबर 2024 में परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने रिश्ता खत्म करने का निर्णय लिया। पीड़ित का आरोप है कि 20 दिन बाद महिला का एक दोस्त उसे धमकाने उसके बिल्डिंग के नीचे आया, जिसकी शिकायत उसने कालाचौकी पुलिस स्टेशन में की थी।
महिला पर पीटने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10 बजे वह अपने दोस्त के साथ बाइक से पनवेल हाईवे पर जा रहा था, तभी प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास एक बाइक ने उसकी गाड़ी को कट मारा। विरोध करने पर महिला का बेटा और अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि महिला के बेटे और 7-8 लोगों ने मिलकर उसे लात-घूंसों से पीटा। महिला भी वहां मौजूद थी और उसने भी मारपीट की। झगड़े के दौरान पीड़ित की सोने की चेन, घड़ी, अंगूठी और पॉकेट गायब हो गए। आरोप है कि पीड़ित को जबरन बंधक बनाकर रिक्शे से धक्का देकर नीचे फेंक दिया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर महिला, उसके बेटे और सात अन्य आरोपियों के खिलाफ अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज किया है।
मनसे का मराठी प्रेम उफान पर, एक्सप्रेसवे के होटल-रेस्टोरेंट पर फाड़े गुजराती साइनबोर्ड
25 Jul, 2025 07:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुंबई-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे पर स्थित रेस्टोरेंट और होटलों को निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि वे साइनबोर्ड और मेन्यू कार्ड की भाषा को मराठी में बदलें। मनसे के कार्यकर्ताओं ने मराठी साइनबोर्ड के इस्तेमाल की मांग को लेकर ठाणे और पालघर जिले में एक्सप्रेसवे पर स्थित कई होटलों के बाहर गुजराती में लिखे साइनबोर्ड जबरन हटा दिए। दरअसल महाराष्ट्र का पालघर जिला गुजरात की सीमा से लगा हुआ है।
मराठी-महाराष्ट्र पर कोई समझौता नहीं
यह प्रदर्शन राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी को अनिवार्य किए जाने को लेकर उठे विवाद के तुरंत बाद शुरू हुआ। वसई से मनसे कार्यकर्ता प्रशांत खांबे ने कहा कि पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि मराठी और महाराष्ट्र पर कोई समझौता नहीं होगा। मनसे के पालघर और ठाणे जिलों के प्रमुख अविनाश जाधव ने कहा कि हमने उनसे कहा है कि अगर आप महाराष्ट्र में व्यापार करना चाहते हैं तो इसे बदल दें।
गुजराती साइनबोर्ड हटाने पर किया मजबूर
इससे पहले सोमवार को मनसे सदस्यों ने अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नवी मुंबई के सीवुड्स स्थित गुजरात बीजेपी विधायक वीरेंद्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा के कार्यालय से एक गुजराती साइनबोर्ड हटाने पर मजबूर किया। गुजरात के रापर विधानसभा क्षेत्र से विधायक वीरेंद्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा के जनसंपर्क कार्यालय के बाहर पुलिस की मौजूदगी में साइनबोर्ड उतार दिया गया।
मराठी बोर्ड बदलने की मांग
पार्टी ने पिछले हफ़्ते बोर्ड हटाने की मांग करते हुए एक अल्टीमेटम जारी किया था। समूह ने अधिकारियों को अपना अनुरोध प्रस्तुत करते हुए गुजराती बोर्ड को तुरंत मराठी बोर्ड से बदलने की मांग की। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भी अनुरोध किया, जिन्होंने मराठी पहचान का अपमान किया था।
OTT पर अश्लीलता को लेकर सरकार सख्त, 25 चैनलों पर पाबंदी, प्रियंका चतुर्वेदी ने दी प्रतिक्रिया
25 Jul, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: केंद्र सरकार ने एक बड़े फैसला में अश्लीलता फैलाने वाले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगा दी है। सरकार के इस फैसले के बाद इन प्लेटफॉर्म को एक्सेस कर पाना संभव नहीं होगा। सरकार ने जिस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगाई है। उनमें ऑल्ट बालाजी और उल्लू जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कड़े फैसले का उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वागत किया है। चतुर्वेदी इस फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि यह बहुत अच्छी खबर है। मैं इन दोनों ऐप्स उल्लू और ऑल्ट बालाजी के कंटेंट के बारे में बात कर रहा थी। मैंने संचार एवं आईटी की स्थायी समिति में भी इस मुद्दे को उठाया था। खुशी है कि मंत्रालय ने ने इस पर ध्यान दिया और जो ज़रूरी था वो बहुत पहले ही कर दिया।
आगे भी उठाती रहूंगी आवाज
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा है कि जो ऐप्स अश्लील और विकृत कंटेंट स्ट्रीम कर रहे थे, उन पर आखिरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कार्रवाई की है खासकर उल्लू ऐप और ऑल्ट बालाजी पर। मैं इसका स्वागत करती हूं। जवाबदेही के लिए आवाज उठाती रहूंगी। प्रियंका चतुर्वेदी ने इसी साल मई में जब हाउस अरेस्ट रियलिटी शो में जब अश्लीलता समने आई थी तब उन्होंने आवाज उठाई थी। प्रियंका चतुर्वेदी ने तब सरकार ने पूछा था कि उल्लू एप कैसे अश्लीलता फैसला रहा है। आखिर ये कैसे बचा हुआ है।
तब प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया था मामला
तब सोशल मीडिया ताजा विवाद 'हाउस अरेस्ट' शो को लेकर खड़ा हुआ था। यह रियलिटी शो ओटीटी प्लेटफॉर्म उल्लू एप्प पर रिलीज हुआ था। जो बिग बॉस की तर्ज पर एक रियलिटी शो है। इस शो के कई वीडियो क्लिप्स वायरल हुए थे। जिन पर बवाल मचा हुआ था। वीडियो में प्रतिभागियों ने कैमरे के सामने सेक्स की पोजिशन दर्शाई थी। तब इस मुद्दे को प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया था। केंद्र सरकार ने बड़े फैसले में कथित तौर पर अश्लील, अश्लील और 'अश्लील' सामग्री रखने वाले कई ऐप्स और वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिन 25 ऐप्स और वेबसाइटों पर कार्रवाई की गई है, उनमें ऑल्ट बालाजी, उल्लू, बिग शॉट्स ऐप, देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट और गुलाब ऐप शामिल हैं।
मुंबई: सैंडल पहनने के दौरान हादसा, शू रैक पर बैठी बच्ची गिरी 12वीं मंजिल से
25 Jul, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के नायगांव स्थित नवकार सिटी में दर्दनाक घटना सामने आई है। नवकार सिटी में चार साल की एक बच्ची खेल-खेल में 12वीं मंज़िल पर स्थित अपने घर की खिड़की से गिर गई। इस हादसे में बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि उसकी मां ने उसे सैंडल पहनाने के लिए शू-रैक पर बैठाया था, जहां से वह खिड़की के चौखट पर चढ़ने लगी, तभी हादसा हो गया। सीसीटीवी में बच्ची के गिरने की घटना कैद हो गई। पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का नाम अनविका प्रजापति था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बुधवार शाम करीब 8 बजे वह अपनी मां के साथ कहीं जाने वाली थी। चार साल की अनविका घर से बाहर आती है और उसके पीछे उसकी मां भी आती है। जैसे ही उसकी मां दरवाजा बंद करती है, अनविका एक बड़े साइज का जूता पहन लेती है। इसके बाद अनविका की मां उसे शू-रैक पर बैठाकर तैयार होने लगती है। वह खुद चप्पल पहनती है और बेटी के लिए सैंडल लाती हैं।
डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित किया
इसी बीच अनविका अलमारी पर खड़ी होकर खिड़की की चौखट पर बैठने की कोशिश करती है, लेकिन किनारे पर संतुलन बनाने से पहले ही वह खिड़की के बाहर गिर जाती है। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद बच्ची की मां ने चिल्लाते हुए लोगों से मदद मांगी। शोर सुनकर पड़ोसी अपने घरों से बाहर निकले और बच्ची को उठाने के लिए दौड़े। बच्ची को वसई पश्चिम स्थित सर डीएम पेटिट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर राजनीति गर्म, फडणवीस बोले- मनसे जैसी गुंडागर्दी नहीं सहेगा प्रदेश
25 Jul, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में मराठी अध्ययन केंद्र के शुभारंभ के मौके पर फडणवीस ने कहा भाषा झगड़े की जड़ नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी बोलने का आग्रह करना स्वाभाविक है लेकिन भाषा के नाम पर विवाद या किसी के साथ जबरदस्ती या मारपीट करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र में अगर कोई भी भाषा के नाम पर जोर जबरदस्ती करेगा तो हम कार्रवाई करेंगे। राजनीतिक प्रेक्षक हिंदी बनाम मराठी विवाद को स्थानीय निकाय के चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि यह विवाद चुनावी और राजनीतिक हितों को लेकर है। अब देखना यह है कि सीएम आने वाले दिनों मनसे की गुंडागर्दी जारी रहने पर क्या एक्शन लेते हैं?
मराठी शोध केंद्र का होना गर्व है
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाषा विवाद पर दूसरी बार चेतावनी दी है। मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी नहीं बोलने पर लोगों को पीटने पर फडणवीस पहले भी वॉर्निंग दे चुके हैं। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में फडणवीस ने मराठी भाषा विभाग में कवि कुसुमाग्रज मराठी शोध केंद्र का उद्घाटन एवं छत्रपति शिवाजी महाराज सामरिक एवं संरक्षण शोध केंद्र का शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस मौके पर वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। फडणवीस ने कहा कि मराठी भाषा को सांस्कृतिक भाषा का दर्जा प्राप्त होने के बाद जेएनयू में मराठी शोध केंद्र की शुरुआत होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भाषा संवाद का माध्यम है। इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।
MNS को सीएम की चेतावनी
इस तरह मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को बता दिया है कि भाषा के नाम पर महाराष्ट्र में मारपीट की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने यह कड़ी चेतावनी ऐसे वक्त पर दी है जब महाराष्ट्र के राज्यपाल पहले ही भाषा विवाद पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने मनसे द्वारा लोगों को पीटने की तुलना तुच्छ राजनीति से की थी। राज्यपाल ने कहा था कि मुझे मारेंगेतो क्या मैं मराठी बोलूंगा। राज्यपाल ने यह भी कहा था कि अगर नफरत फैलाएंगे तो निवेश के लिए कौन आएंगा। इस पर मनसे ने कहा था कि निवेश बाद में है मराठी पहले है। राज्यपाल के बयान पर शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने आग्रह किया था कि राज्य में मराठी को तवज्जो मिले। वह आग्रह करते हैं कि राज्यपाल भी अगला भाषण मराठी में दें।
इंसानियत हुई लापता: बुजुर्ग को मारी गाड़ी, फिर तड़पता छोड़ भाग निकले आरोपी
25 Jul, 2025 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। एक ऑटो चालक ने पहले एक बुजुर्ग को टक्कर मारी। इस बुजुर्ग के घायल होने पर जब मौके पर भीड़ जमा हो गई तो ऑटो चालक वहां से अस्पताल में भर्ती कराने की बात कहकर वहां से निकल गया लेकिन उसने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराने की बजाए पुणे के रेंज हिल्स इलाके में एक सुनसान जगह पर फेंक दिया। ऐसे में बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस की जांच में इस शर्मनाक वाकये का खुलासा हुआ है।
ATM गए बुजुर्ग को मिली मौत
पुणे में यह रविवार को घटी। जानकारी के अनुसार बेलावड़ी फाटा के पास से स्थित एक एटीएम से बुजुर्ग गोपाल वाघ (63) कैश निकालकर लौट रहे थे। वह एक अस्पताल से 500 मीटर पर सड़क को पार कर रहे थे तभी उन्हें एक ऑटो ने टक्कर मार दी। जैसे ही भीड़ जमा होने लगी, ऑटोरिक्शा चालक उन्हें अस्पताल ले जाने के बहाने रेंज हिल्स ले गया और एक सुनसान इलाके में छोड़ गया। वाघ के बेटे, जो उनकी तलाश कर रहे थे, ने उसी रात बाणेर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। सोमवार दोपहर पुलिस ने गोपाल वाघ को मृत पाया। पुलिस ने ऑटो चालक के खिलाफ गैर इरादन हत्या का मामला दर्ज किया है।
बुजुर्ग को फेंक, यूपी भागा आरोपी
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत ने बताया कि जब दुर्घटना हुई तब ऑटो बालेवाड़ी से यूनिवर्सिटी चौक की ओर जा रहा था। इस घटना के बाद आरोपी ऑटो पुणे छोड़कर उत्तर प्रदेश भाग गया। पुलिस के अनुसार उसे पकड़ने के लिए एक टीम भेजी गई। बालेवाड़ी फाटा की घटना में अपने पिता को खाने के बाद बेटे अमित वाघ ने कहा कि भीड़ में से कोई भी घायल वरिष्ठ नागरिक को अस्पताल क्यों नहीं ले गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता पहले से ज्यूपीटर में एक मरीज के तौर पर पंजीकृत थे। ऐसे में अगर कोई उन्हें वहां ले जाता तो उन्हें तुरंत ही इलाज मिल जाता है। वाघ में रुंधे गले से कहा कि अस्पताल सिर्फ 600 मीटर दूरी पर था। अमित वाघ पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
परिवार में टूटा दुखों का पहाड़
पिता को 63 साल की आयु में खोने के बाद वाघ फैमिली पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। अमित वाघ सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कोई भी उसके साथ ऑटोरिक्शा में क्यों नहीं गया। क्या यह डर था, समय की कमी थी, या बस परेशान नहीं होना चाहता था? वे बच सकते थे। मानवता को क्या हो गया है? गोपाल वाघ के परिवार में उनकी पत्नी और एक और बेटा है जो बावधन में रहता है। अमित ने कहा कि दोपहर के भोजन के बाद, उन्होंने कहा कि वह एटीएम से कुछ पैसे निकालने जा रहे हैं और फिर थोड़ा घूमेंगे। जब वह दो घंटे बाद भी नहीं लौटे, तो हम घबरा गए।
एटीएम पर मिली बाइक
अमित ने बताया कि मैं एटीएम गया, जहां मैंने उनकी बाइक खड़ी देखी। जब मैंने आसपास पूछा, तो लोगों ने कहा कि इलाके में एक दुर्घटना हुई है। तभी मैंने सड़क किनारे उनकी एक चप्पल देखी और समझा कि वह दुर्घटना में शामिल रहे होंगे। वह नकदी निकालने के बाद सड़क पार कर रहे थे जब ऑटोरिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी। जबकि रविवार रात को एक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, अमित ने कहा कि पुलिस ने अगले दिन सीसीटीवी कैमरा फुटेज की जांच की। हमने सोमवार सुबह 10 बजे से दोपहर तक पुलिस स्टेशन में फुटेज देखी, लेकिन उनका पता नहीं लगा सके। उसी दोपहर बाद हमें पुलिस का फ़ोन आया कि एक शव मिला है और मुझसे उसकी पहचान करने को कहा गया। मैं गया और वो मेरे पिता थे। अमित ने बताया कि मंगलवार को अपने भाई के साथ मिलकर अपने पिता का अंतिम संस्कार किया था।
रिटायर होने के बाद आए थे पुणे
पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक इंदापुर की एक लॉ फर्म में काम करते थे। सेवानिवृत्त होने से पहले वे अपने बेटों के साथ पुणे आ गए थे, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। यह सामने आया है कि जब लोगों ने ऑटोरिक्शा के चारों ओर भीड़ लगा दी और चालक पर उसे अस्पताल ले जाने का दबाव डाला, तो वह मान गया। लेकिन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय, वह रेंज हिल्स चला गया। पुलिस ने इलाके के विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के माध्यम से ऑटोरिक्शा का पीछा किया। फिर हमारे कर्मचारियों ने इलाके का निरीक्षण किया और एक पुराने बंगले के पास एक सुनसान जगह पर शव पाया। यह संदेह है कि उनकी ऑटोरिक्शा में ही मौत हो गई।
मराठी पर समझौता नहीं! अजित पवार ने दिया बड़ा बयान, बोले– "ये महाराष्ट्र है"
25 Jul, 2025 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर जहां राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी खुलकर मैदान में मराठी अस्मिता कार्ड खेल रहे हैं। हिंदी-मराठी संग्राम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख और डिप्टी सीएम अजित पवार ने पहली बार बयान दिया है। पवार ने कहा है कि मैं मराठी नहीं बोलूंगा, महाराष्ट्र में ऐसा नहीं चलेगा। गौरतलब हो कि राज ठाकरे की मनसे के कार्यकर्ताओं द्वारा अभी तक कई लोगों को पीटा जा चुका है। मनसे कहा कहना कि मराठी नहीं बोलने पर पिटाई नहीं हो रही है बल्कि मराठी का अपमान करने पर सबक सिखाया जा रहा है।
गैर मराठी से की ये अपील
महायुति सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी के अपमान को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कि सभी भाषाओं की इज्जत करें। पवार ने यह भी कहा कि मराठी बोलने की कोशिश करें। पवार ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में नए लोगों से मराठी में धाराप्रवाह होने की उम्मीद नहीं की जाती है, लेकिन उन्हें कम से कम इसे सीखने और इसके प्रति सम्मान दिखाने का प्रयास तो करना ही चाहिए। अजित पवार ने राज्य की भाषा और संस्कृति खासकर भारत के अन्य हिस्सों से आए लोगों के प्रति अधिक सम्मान का आह्वान किया।
पवार बोले-भारत की कोई एक भाषा नहीं
मुंबई में इस मुद्दे बोलते हुए अजित पवार ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक विविध और बहुभाषी देश है, लेकिन हर राज्य की अपनी भाषाई पहचान है। जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। पवार ने कहा कि हर राज्य में उस विशेष क्षेत्र की भाषा महत्वपूर्ण है। उसका सम्मान किया जाए। उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक राष्ट्र है। महाराष्ट्र के बाहर हिंदी व्यापक रूप से बोली जाती है। उसके बाद अंग्रेजी। पवार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरे देश में यही स्थिति है। पवार का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब कुछ दिन पहले राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनन ने कहा था कि अगर मराठी नहीं बाेलूंग तो क्या मारेंगे। इस पर मनसे की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। मनसे ने कहा था कि हमारे लिए मराठी पहले है, निवेश बाद में है। राज्यपाल ने अपने बयान में यह कहा था कि अगर नफरत फैलाएंगे तो कौन निवेश को आएगा।
2006 ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, क्यों लगाया हाई कोर्ट आदेश पर स्टे?
24 Jul, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। 11 जुलाई 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों के आरोपियों को बरी कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जो दोषी जेल से रिहा हुए हैं, उन्हें फिलहाल जेल जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्हें निर्दोष न माना जाए।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले से MCOCA के तहत चल रहे दूसरे मामलों पर असर पड़ेगा। सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया। कोर्ट ने भी साफ़ किया कि हाई कोर्ट का फैसला दूसरे केसों में नजीर नहीं माना जाएगा।
2006 में हुए थे बम धमाके
मुंबई ट्रेन बम धमाके 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए थे। इन धमाकों में 209 लोगों की मौत हो गई थी। 800 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। कोर्ट ने जिन 11 दोषियों को निर्दोष बताया है, उनमें से 4 नागपुर जेल में बंद हैं। इसके अलावा 4 अमरावती जेल में थे। नागपुर जेल में बंद एक आरोपी की मौत हो चुकी है। दो आरोपियों को रिहा कर दिया गया है। एक आरोपी अभी भी जेल में है, क्योंकि उस पर एक और केस चल रहा है।
दहल गई थी मुंबई
2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में जो बम धमाके हुए थे, वे बहुत ही भयानक थे। इन धमाकों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना से पूरा मुंबई शहर दहल गया था। इस बम धमाके की जांच एनआईए (NIA) ने की थी।
MNS का बवाल: हिंदी बोलने पर युवक को पीटा, राज ठाकरे से जबरन माफी दिलवाई
24 Jul, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नांदेड़ : महाराष्ट्र में MNS कार्यकर्ताओं ने फिर एक हिंदी भाषी शख्स की पिटाई की है। उन्होंने उसे इसलिए पीटा क्योंकि उसने मराठी में बात नहीं की। उसने कहा कि मैं इस भाषा में बात नहीं करूंगा। तुम क्या करोगे? इस घटना की सीरीज के कई वीडियो सामने आए हैं। इसमें दिख रहा है कि एक आदमी नांदेड़ के बस स्टॉप पर बने पब्लिक टॉयलेट के कर्मचारी से सवाल कर रहा है। वह आरोप लगा रहा है कि महिलाओं से टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए 5 रुपये लिए जा रहे हैं। जैसे ही वह वीडियो बनाना शुरू करता है, वह आदमी कर्मचारी से उसका नाम पूछता है। कर्मचारी नाम बताने से इनकार कर देता है। वह पूछता है कि क्या आदमी खुद को कोई बड़ा आदमी समझता है। आदमी कहता है कि वह शिकायत करेगा। इस पर कर्मचारी हिंदी में उसे जाने के लिए कहता है।
जमकर हुई बहस
यह सुनकर आदमी कर्मचारी से मराठी में बात करने को कहता है। कर्मचारी जवाब देता है कि अगर मैं नहीं करूंगा तो तुम क्या करोगे? तुम क्या करोगे? जाओ। आदमी के बगल में खड़ी एक महिला भी कर्मचारी से बहस करती है। वीडियो बना रहा आदमी कहता है कि वह कर्मचारी को दिखाएगा कि वह क्या कर सकता है।
एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए
एक अन्य वीडियो में, आदमी बस स्टॉप पर बने टिकट ऑफिस में जाता है। वह कर्मचारियों से पूछता है कि क्या महिलाओं के लिए पब्लिक टॉयलेट मुफ्त नहीं है। जब कर्मचारी कहते हैं कि यह मुफ्त है, तो आदमी कहता है कि वह यह वीडियो राज ठाकरे के लोगों को दिखाएगा।
आदमी कहता है कि चाहे यह मुफ्त हो या नहीं, चाहे उसे मराठी में बात करनी चाहिए या नहीं, आदमी को कल पता चल जाएगा। वह महिलाओं से 5 रुपये ले रहा है।
शख्स के चेहरे पर मारा मुक्का
अगले दिन का एक और वीडियो सामने आया। इसमें दिखता है कि कुछ लोग पब्लिक टॉयलेट में एक कर्मचारी को घेरे हुए हैं। उनमें से एक आदमी उसे चेहरे पर मुक्का मारता है। एक दूसरा आदमी बीच-बचाव करने की कोशिश करता है, लेकिन वे लोग कर्मचारी को तीन बार थप्पड़ मारते हैं। वे पूछते हैं कि तुम महिलाओं को गाली दे रहे हो? क्या तुम मराठी में बात करोगे या नहीं? क्या तुम्हें मराठी आती है?
एमएनएस के स्कार्फ पहनकर गुंडागर्दी
एक आदमी कहता है, 'तुम्हें मराठी नहीं आती? अगर तुमने कहा होता कि तुम्हें भाषा नहीं आती और तुम सीख रहे हो, तो क्या हम यहां होते?' कर्मचारी आदमी के पैरों पर गिरकर माफी मांगता है। फिर उसे टॉयलेट से बाहर ले जाया जाता है। अब वे लोग MNS के निशान और नाम वाले स्कार्फ पहने हुए हैं। वे कर्मचारी को अपने कान पकड़ने और मराठी में दोहराने के लिए कहते हैं। 'मैं मराठी लोगों और राज ठाकरे से माफी मांगता हूं। मैं दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगा।'एक आदमी कर्मचारी से कहता है, 'तुम मराठी सीखोगे, है ना? जल्दी सीखो।'
महाराष्ट्र में लगातार हो रहे विवाद
महाराष्ट्र में हिंदी थोपने के खिलाफ MNS और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विरोध के बीच मराठी भाषा का मुद्दा गरमा गया है। इन पार्टियों का कहना है कि राज्य में तीन-भाषा नीति के नाम पर हिंदी थोपी जा रही है। इस महीने की शुरुआत में, MNS कार्यकर्ताओं ने ठाणे में एक दुकानदार को इसलिए थप्पड़ मारे थे क्योंकि उसने उनसे पूछा था कि मराठी में बात करना क्यों जरूरी है। कुछ दिनों बाद, विखरोली में भी एक दुकानदार पर हमला किया गया था।
पिछले हफ्ते, राज ठाकरे ने X पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें अपने सैनिकों पर गर्व है। उन्होंने लिखा कि जब कोई मराठी लोगों के गले में कील ठोकने की कोशिश करता है, तो मुझे गर्व होता है कि मेरे महाराष्ट्र के सैनिक उस व्यक्ति को थप्पड़ मारते हैं, व्यक्तिगत ईर्ष्या से नहीं, बल्कि मेरी भाषा और मेरे मराठी लोगों के लिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई लोगों ने हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि लोगों के मराठी नहीं बोलने पर हिंसा का सहारा लेना अस्वीकार्य है।
गणपति बप्पा के भक्तों के लिए यात्रा होगी आसान, चलेंगी 250 स्पेशल ट्रेनें
24 Jul, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: गणेश उत्सव के लिए मध्य रेलवे ( Central Railway ) ने खास इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 22 अगस्त से 10 सितंबर के बीच 250 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे और कोंकण क्षेत्र के कई स्टेशनों से चलेंगी। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। साथ ही कसारा में भूस्खलन की घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
रेलवे ने क्या बताया?
मध्य रेलवे के सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष गणपति बप्पा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मध्य रेलवे की तरफ से स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की गई है। इस दौरान 250 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया गया है। यह सभी गाड़ियां छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, सावंतवाड़ी, दिवा सहित अलग-अलग स्टेशनों से शुरू होकर कोंकण क्षेत्र की ओर जाएंगी। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
आज से शुरू होंगे रिजर्वेशन
स्वप्निल नीला ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सभी यात्राएं वैध आरक्षित टिकट के साथ ही करें। इन स्पेशल ट्रेनों के लिए सीट आरक्षण की प्रक्रिया 24 जुलाई से शुरू हो रही है। 25 जुलाई को जिन ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है, उनका बुकिंग भी उसी दिन से शुरू होगा। रेलवे की तरफ से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि बप्पा का यह उत्सव शांति और सुरक्षा के साथ मनाएं।
भूस्खलन रोकने को विशेष उपाय
हाल ही में कसारा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते प्लेटफॉर्म-4 के पास लैंडस्लाइड की घटना घटी थी, उसी समय एक लोकल ट्रेन भी आ रही थी। गनीमत रही कि किसी प्रकार की बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। स्वप्निल नीला ने बताया कि मध्य रेलवे ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भूस्खलन रोकने को विशेष उपाय किए हैं, जिनमें घास लगाना, मिट्टी की फिनिशिंग, नेट या जाली लगाना और मजबूत फेसिंग शामिल हैं। मध्य रेलवे और कोंकण रेलवे दोनों ने ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ कदम उठाए हैं। हमारा निरंतर प्रयास है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और यात्रियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक हो।
राशिफल 22 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
सिक्किम टनल हादसा: मृतक मजदूरों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पुलिस की कार्रवाई, राहुल-अखिलेश हिरासत में
