महाराष्ट्र
वनतारा से महादेवी की वापसी को लेकर गरमाया मामला, अब फडणवीस उतरे मैदान में
5 Aug, 2025 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोल्हापुर : महाराष्ट्र की महादेवी इन दिनों चर्चा में है। यह महादेवी एक हथिनी है, जो अनंत अंबानी के वनतारा में रह रही है। उसे वनतारा भेजने का विरोध हो रहा है। लगातार कोल्हापुर में प्रदर्शन हो रहे हैं। अब शिरोल तहसील के नंदनी से कोल्हापुर शहर में कलेक्टर ऑफिस तक हजारों लोगों ने 45 किलोमीटर की पदयात्रा की। पदयात्रा के बाद लोगों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में गुजरात के जामनगर से हाथी महादेवी को नंदनी जैन मठ में वापस लाने की मांग की गई। अब इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया है मामले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने अमरावती में घोषणा की कि वह सभी संबंधित लोगों को बातचीत के लिए बुलाएंगे। इस मुद्दे का हल निकाला जाएगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नंदनी मठ के भक्त नाराज हैं। वह चाहते हैं कि हथिनी को मठ में वापस लाया जाए।
क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में मैंने सांसद और विधायकों से बात की है। एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में हम कानूनी रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। फडणवीस ने कहा कि हाथी को सुविधा में स्थानांतरित करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट का था। इसमें महाराष्ट्र सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का न्यायायिक हल निकालने का प्रयास करेंगे।
लगातार विरोध-प्रदर्शन रहेगा जारी
पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने नंदनी से पदयात्री को लीड किया। यह पदयात्रा शाम को कोल्हापुर पहुंची। पदयात्रा में शामिल लोगों के हाथों में हाथी के आकार वाले कार्डबोर्ड और मूर्तियां थीं। वे इन्हें साथ लेकर पैदल चल रहे थे। राजू शेट्टी ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी मांग है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, जिन्होंने हाथी महादेवी को लेकर सुप्रीम कोर्ट को गलत रिपोर्ट दी। उन अफसरों के कारण ही महादेवी को वनतारा भेजा गया। उन्होंने कहा कि जब तक हम महादेवी को वापस नहीं लेकर आते, हमारा प्रोटेस्ट जारी रहेगा।
वनतारा के अफसरों ने दिया बयान
इस बीच वनतारा के टॉप अधिकारियों ने कोल्हापुर में अफसरों और मठ के स्वामी से मुलाकात की। उन्होंने ए बयान जारी करके कहा कि जैन मठ और उनके स्वामी के साथ सीधी बातचीत शुरू हो गई है। हम कानूनी और पशु चिकित्सा मार्गदर्शन के माध्यम से माधुरी (महादेवी) के भविष्य को लेकर सभी संभावनाएं तलाश रहे हैं। हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।
राजनीतिक हुआ मामला
हातकणंगले के शिवसेना सांसद धैर्यशील माने ने कहा कि माधुरी उर्फ महादेवी को वापस लाने के लिए कानूनी राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि बीच का रास्ता निकालने के लिए हम समाधान खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। हर कोई चाहता है कि महादेवी को वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण कानूनी अड़चनें भी हैं। सरकार और संबंधित संगठन मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कोई रास्ता निकलेगा।
क्या है वनतारा की हथिनी का विवाद
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 जुलाई को महादेवी को जामनगर में वनतारा के सुविधा केंद्र में पुनर्वासित करने का आदेश दिया था। यह आदेश एक गैर सरकारी संगठन की ओर से महाराष्ट्र वन विभाग और सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के समक्ष उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक पीड़ा पर चिंता जताए जाने के बाद दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को हाई कोर्ट का आदेश को बरकरार रखा। यह मामला अब 11 अगस्त, 2025 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए सूचीबद्ध है।
यजुवेंद्र पवार की सगाई में दिखी पवार परिवार की एकता, एक फ्रेम में शरद और अजित
4 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की सियासत में पावरफुल पवार परिवार एक बार फिर साथ नजर आया है। हालांकि यह मिलन राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक था। एनसीपी में फूट के बाद यह पहली बार था जब अजित पवार और शरद पवार एक साथ पारिवारिक समारोह में नजर आए। इतना ही नहीं उनके साथ दो खेमों में बंटा परिवार भी एक ही फ्रेम में नजर आया।
एक ही फ्रेम में आया पवार परिवार
युगेंद्र पवार उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास के बेटे हैं। वह शरद पवार के पोते हैं। यजुवेंद्र की सगाई के मौके पर अजित पवार, शरद पवार, अजित पवार की पत्नी, बहन सुप्रिया सुले और सभी एक साथ ही छत के नीचे थे। इतना ही नहीं परिवार ने एक साथ फ्रेम में आकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। सबने मिलकर नए जोड़े को आशीर्वाद दिया।
अजित पवार से हारे थे यजुवेंद्र
2023 में अजित पवार NCP से अलग हो गए थे। उनके साथ एनसीपी के कई नेता भी टूटे और अलग होकर उनके गुट में शामिल हो गए थे। शरद पवार अलग-थलग पड़ गए। यहां तक की एनसीपी को दो हिस्से हो गए। एक हिस्सा एनसीपी अजित गुट का दूसरी एनसीपी शरद पवार की हो गई। शरद पवार के साथ उनकी बेटे सुप्रिया सुले हैं। वहीं यजुवेंद्र भी शरद पवार की पार्टी में ही हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में युगेंद्र पवार अपने चाचा अजित पवार से बारामती सीट से हार गए थे।
राजनीति भुलाकर मस्ती में डूबा परिवार
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार सबसे ऊपर है। इस सगाई में परिवार की एकजुटता नजर आई। कार्यक्रम में सबने खूब मस्ती की और एक दूसरे के साथ समय बिताया। यह एक पारिवारिक मिलन था, जहां सबने पुरानी बातों को भुलाकर एक साथ मस्ती की। राजनीति की कोई बात नहीं हुई।
तनिष्का के घर पर हुईं रस्में
यजुवेंद्र पवार की सगाई का कार्यक्रम मुंबई के प्रभादेवी में इंडिया बुल्स बिल्डिंग में हुआ। यहीं पर तनिष्का संजीव कुलकर्णी का घर है। उनके घर पर ही सगाई की रस्में हुईं। युगेंद्र पवार को पवार परिवार का युवा चेहरा माना जाता है। यजुवेंद्र की सगाई से पहले परिवार के जय पवार की सगाई में परिवार एक साथ दिखा था।
मीरा रोड लोकल में अश्लीलता का नंगा नाच, कांस्टेबल की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
4 Aug, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई से सटे मीरा भाईंदर में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। नशे में धुत एक कांस्टेबल मीरा रोड स्टेशन से लोकल के महिला डिब्बे में चढ़ गया। इसके बाद उसने महिलाओं को गंदे इशारे किए। कुछ महिलाओं को पीछे से छुआ। कांस्टेबल की हरकतों से महिला डिब्बे में महिलाएं शॉक्ड रह गई। आरोप है कि कांस्टेबल ने महिला डिब्बे में टिकट जांचने का नाटक किया। इस दौरान महिलाओं को गलत नजरों से देखा। कांस्टेबल की हरकतों से परेशान महिलाओं ने इसकी सूचना रेलवे प्रशासन को दी। इसके बाद कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे अरेस्ट कर लिया गया।
मोबाइल छीनने का आराेप
जानकारी के अनुसार यह परेशान कर देने वाला वाकया दोपहर बोरीवली से विरार जा रही एक लोकल ट्रेन में हुआ। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल ने गंदी हरकतें कि और महिलाओं को छुआ। आरोप है कि मोबाइल फोन भी छीन लिए। आखिर में महिलाओं ने तंग आकर नायगांव स्टेशन पर पुलिस कांस्टेबल को जबरन उतार दिया और स्टेशन मास्टर को सूचित किया। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने वसई रोड रेलवे पुलिस को बुलाया। महिला यात्रियों ने वसई पुलिस स्टेशन और वसई रेलवे पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है। जब लोकल ट्रेनों में महिला डिब्बों में मारपीट और उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
केस दर्ज करके जांच में जुटी पुलिस
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भगवान डांगे ने बताया है कि आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी कांस्टेबल की पहचान अमोल किशोर सपकाल के तौर पर हुई है। वह मीरा भाईंदर, वसई, विरार पुलिस कमिश्नरेट में कार्यरत है। पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें पता किया जा रहा है कि महिलाओं के डिब्बे में क्यों चढ़ा। इस बार में उसके सीनियर अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। कांस्टेबल की पूरी हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है कि क्या वह किसी बीमारी से ग्रसित तो नहीं है।
अमृता फडणवीस का बेस्ट फ्रेंड कौन? तस्वीरों ने बढ़ाई सोशल मीडिया पर उत्सुकता
4 Aug, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तोते से दोस्ती पर अमृता ने क्या लिखा
अमृता फडणवीस ने लिखा, दोस्ती का कोई आकार, साइज़ या भाषा नहीं होती। यह किसी भी प्रजाति के बीच हो सकती है। दोस्ती इन सब चीजों से ऊपर है।
अमृता और टाइगर में गहरी दोस्ती
अमृता फडणवीस के पास जो तोता है, वह मकाउ तोता है। कई सालों पहले अमृता उसे लेकर आई थीं। दोनों में गहरी दोस्ती है।
अमृता के तोते का नाम है टाइगर
अमृता फडणवीस के इस मकाऊ तोते का नाम टाइगर है। खास बात है कि टाइगर कुछ सालों पहले खो भी गया था लेकिन वह फिर से उन्हें मिल गया।
बाजार में कीमत दो लाख से ज्यादा
देवेंद्र फडणवीस की पत्नी का तोता यूं तो उनके लिए अमूल्य है। वह उसे बहुत प्यार करती हैं लेकिन उसकी बाजार में कीमत दो लाख रुपये से ज्यादा की बताई जाती है।
अमेजन के जंगल से आया था यह तोता
अमृता फडणवीस फैमिली ने इस तोते को साउथ अफ्रीका के अमेजन इलाके से मंगवाया था। इसे उन्होंने शहर के एक ब्रीडर से खरीदा था।
एक बार खो गया था टाइगर
अमृता टाइगर से इतना प्यार करती हैं कि जब पिछली बार वह लापता हुआ और उन्हें वापस मिला तो वह उसे देखकर खुशी से रोने लगी थीं।
अमृता से बहुत प्यार करता है यह तोता
मकाऊ भी अमृता को देखते ही उनके कंधे पर आकर बैठ गया। उनसे खेलने लगा और फिर अमृता को छोड़ा तक नहीं।
बच्चे जैसा प्यार करती हैं अमृता
अमृता फडणवीस का यह तोता, बंगले में खुला घूमता है। उसे अमृता फडणवीस से और अमृता को उससे बहुत ज्यादा लगाव है। वह उसे अपने बच्चे जैसा प्यार करती हैं।
'सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं', जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
4 Aug, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : शरद पवार की एनसीपी के नेता जितेंद्र आव्हाड को लेकर नया विवाद सामने आया है। अब उन्होंने सनातन के खिलाफ बयान दिया है, जिसे लेकर सियासत तेज हो गई है। विधायक जितेंद्र आव्हाड कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बर्बाद कर दिया है। सनातन धर्म नाम का कोई धर्म कभी था ही नहीं है। आव्हाण के बयान पर बीजेपी और शिंदे सेना ने तीखा हमला किया है। जितेंद्र आव्हाण की पार्टी से लेकर उन्हें दूसरे दलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके बयान पर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आह्वाड की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पूरे महाराष्ट्र को बर्बाद मत कीजिए। वहीं, शिंदे सेना ने कहा कि यदि सनातन धर्म नहीं होता, तो जितेंद्र अब तक जितेंद्र से जितुद्दीन हो गए होते।
जितेंद्र आव्हाड ने कहा क्या
शरद पवार की पार्टी से विधायक जितेंद्र आव्हाण ने कहा कि हम हिंदू धर्म के अनुयायी हैं। इसी तथाकथित सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति शिवाजी महाराज को राज्याभिषेक से वंचित रखा था। इसी सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति संभाजी महाराज को बदनाम किया। इसी सनातन धर्म के अनुयायियों ने ज्योतिराव फुले की हत्या का प्रयास किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पर गोबर और गंदगी फेंकी। इसी सनातन धर्म ने शाहू महाराज की हत्या का षड्यंत्र रचा था। गौतम बुद्ध ने पहला कदम किसके खिलाफ उठाया? उन्होंने उस समय की व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि समाज में पूर्वाग्रह अपने चरम पर था। बुद्ध के शिष्यों को किसने मारा? संत तुकाराम को किसने प्रताड़ित किया? शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उनकी जाति के आधार पर किसने रोका? संभाजी महाराज के साथ विश्वासघात किसने किया? ये सभी सनातनी थे।
मनीषा कायंदे बोलीं- हिंदुओं को कर रहे बदनाम
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि जितेंद्र आव्हाड का काम सिर्फ हिंदुओं को बदनाम करना और मुस्लिम तुष्टीकरण करना रहा है। उन्होंने कहा कि जितेंद्र आव्हाड हमेशा पुलिस प्रक्रिया और देश की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते आए हैं, ताकि उनको राजनीतिक लाभ मिल सके।
नितेश राणे ने शरद पवार से किया सवाल
नितेश राणे ने कहा, 'सनातनी आतंकवाद शब्द का प्रयोग हमारे इतिहास, हिंदू परंपरा और सामाजिक क्रांति के प्रवाह का उपहास करने जैसा है। यहां का हिंदू समाज आपके 'निराधार' विचारों का कभी समर्थन नहीं करता और न ही भविष्य में करेगा। सिर्फ अपने एक निर्वाचन क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पूरे महाराष्ट्र को बर्बाद मत करो। उन्होंने कहा कि क्या शरद पवार और सुप्रिया सुले, जितेंद्र आव्हाड के इस बयान से सहमत हैं? क्या राष्ट्रवादी शरद पवार गुट का भी यही रुख है? उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए।
संजय निरुपम ने भी साधा निशाना
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जितेंद्र आव्हाड पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि जितेंद्र आव्हाड ने सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए खूब सारी फर्जी कहानियां सुनाई हैं। वे यह बताना भूल गए कि अगर सनातन धर्म नहीं होता तो वे अब तक सचमुच जित्तुद्दीन हो जाते। सनातन का सबसे बड़ा उपकार यह है कि अगर भारत की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को पिछले हजारों सालों में किसी ने बचाया है तो वह सनातनी हैं। उन्होंने कहा कि अगर सनातनी नहीं होते तो यह देश कब का सऊदी अरब बन जाता। ऐसे सनातन धर्म को आतंकवादी कहना अहसान फरामोशी है।
चलती ट्रेन से मोबाइल खींचा, नीचे गिरा युवक – ठाणे में दर्दनाक हादसा
4 Aug, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: मुंबई के ठाणे में एक भयावह घटना सामने आई है। मोबाइल फोन चोरी के दौरान चलती ट्रेन से युवक के गिरने से उसके पैर कुचल गए। यह दर्दनाक घटना रविवार को सेंट्रल रेलवे के शहाड़ और अंबिवली स्टेशनों के बीच घटी। एक चोर ने दरवाजे पर बैठे यात्री को मोबाइल खींचा। इस दौरान यात्री नीचे गिर गया। भयावह हादसे में घायल हुए यात्री की पहचान गौरव निकम के तौर पर हुई है। युवक ने हादसे के बाद बताया कि किसी ने मेरा हाथ खींचकर फोन छीन लिया और मैं गिर गया। सेंट्रल रेलवे ने इस घटना की जांच शुरू की है।
चोर हाथ से खींचा मोबाइल
पीड़ित के अनुसार जब चोर ने हाथ से मोबाइल खींचा तो उसने इस दौरान ट्रेन के दरवाजे को पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसके पैर ट्रेन के नीचे आ गए। भयावह हादसे में घायल यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक के दोनों पैर जख्मी हुए हैं। एक पैर को अच्छी चोट आई है। रेलवे यात्री का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। सेंट्रल रेलवे की कल्याण ईकाई ने मामले की जांच शुरू की है। रेलवे पुलिस चोर की तलाश कर रही है।
मोबाइल चोरी सबसे बड़ी चुनौती
मुंबई लोकल ट्रेनों में मोबाइल चोरी को रोकना राजकीय रेलवे पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती है। इससे पहले भी कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। राजकीय रेलवे पुलिस के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच 26,000 से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन चोरी हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे के सुरक्षित सफर के दावे पर सवाल खड़े कर दिया हैं। रेलवे पुलिस का दावा है कि मोबाइल चोरी की घटनाएं कुछ कम हुई हैं। मुंबई की वडाला जीटीबी लाइन एक वक्त पर मोबाइल चोरी के लिए चर्चा में आ गई थी।
जिम में एक्सरसाइज कर रहा था युवक, अचानक आया अटैक… नहीं बच पाई जान
2 Aug, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में शुक्रवार सुबह एक जिम में वर्कआउट के दौरान 39 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान मिलिंद कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो चिंचवड़ निवासी थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। जिम स्टाफ के मुताबिक, वर्कआउट करते समय कुलकर्णी को चक्कर आया और वह पानी पीने के लिए कूलर की ओर गए। इस दौरान पानी पीते ही वो अचानक गिर पड़े। जिम में मौजूद अन्य लोग तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल हॉस्पिटल (YCMH), पिंपरी रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नियमित रूप जिम आते थे मिलिंद
जिम के मैनेजर का कहना है कि मिलिंद कुलकर्णी नियमित रूप से आने वाले और अनुभवी जिम सदस्य थे। उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। वहीं डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम के प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि मौत का कारण हार्ट अटैक था। मृतक के दिल में 60 से 70 प्रतिशत तक ब्लॉकेज था, जिसकी उन्हें शायद जानकारी नहीं थी। यह उनका पहला हार्ट अटैक हो सकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह घातक साबित हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए YCMH भेजा गया।
पुलिस ने क्या बताया
चिंचवाड़ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अंकुश बांगर ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए YCMH भेजा गया। पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है और चूंकि मौत स्वाभाविक कारणों से हुई है, इसलिए किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया गया है।
ऑर्केस्ट्रा विवाद पर सियासत गरमाई, उद्धव गुट के अनिल परब ने उठाए सुरक्षा को लेकर सवाल
1 Aug, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बड़ी सर्जरी की अटकलों के बीच जहां माणिकराव कोकाटे से कृषि विभाग छीन लिया गया है तो वहीं उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी अब गृह राज्य मंत्री योगेश कदम पर आक्रामक है। मुंबई में डांस बार पर घिर गृह राज्य मंत्री के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंजूरी रद्द कर दी गई है। इसके बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी ने एक बार फिर से योगेश् कदम के इस्तीफे की मांग की है। योगेश कदम शिवसेना के दिग्गज नेता रामदास कदम के बेटे हैं। मुंबई समता नगर पुलिस ने मामले के तूल पकड़ने पर छापा मारा था तब 22 बार गर्ल्स, 22 ग्राहक और चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। योगेश कदम के पिता रामदास कदम आरोपों को राजनीतिक बता चुके हैं।
मां के नाम बार चलाने का आरोप
शिवसेना यूबीटी का आरोप है कि मुंबई में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम की मांग के नाम पर बार चल रहा था। उद्धव सेना नेता अनिल परब ने कदम के इस्तीफे की मांग की है। इसके बाद सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंज़ूरी रद्द कर दी गई है। जानकारी में सामने आया है कि मुंबई के सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंजूरी पुलिस ने दी थी। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के कारण यह मंज़ूरी रद्द की है। इस बार में खाना और शराब परोसने पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। बार के खिलाफ कार्रवाई के बाद आबकारी नियमों के अनुसार बार को 15 दिन से 2 महीने तक पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। हालांकि बार की पूर्ण मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इतना ही नहीं शराब लाइसेंस अभी तक रद्द नहीं किए गए हैं।
अनिल परब ने फिर मांगा इस्तीफा
अनिल परब ने कहा था कि अगर अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद, रामदास कदम से सावली स्थित बार का ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस वापस ले लिया गया। विधायक अनिल परब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चोर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। भले ही वह चोरी ही क्यों न करे। परब ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले में बेबस नजर आ रहे हैं। परब ने कहा कि मंत्री पद पर रहते हुए वह कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह गृह राज्य मंत्री योगेश कदम के इस्तीफे पर अडिग हैं। उन्होंने माणिकराव कोकाटे, योगेश कदम और संजय शिरसाट के इस्तीफे की भी मांग की।
पुणे दंगा: सोशल मीडिया पोस्ट ने भड़काया तनाव, यवत में लाठीचार्ज और पथराव
1 Aug, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे जिले के दौंड स्थित यवत में चार दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अपमान के कारण तनाव पैदा हो गया था। इसके कारण यवत और दौंड तालुका में बंद का आह्वान किया गया था। इसी बीच बीजेपी नेता गोपीचंद पडलकर, संग्राम जगताप और किन्नर अखाड़ा प्रमुख जगद्गुरु स्वामी हेमांगी सखीजी कल उस जगह पर आए और भाषण दिए। उनके लौटते ही आज सुबह यवत में दंगे भड़क उठे।
क्यों भड़का विवाद?
दरअसल यवत में गोपीचंद पडलकर, विधायक संग्राम जगताप और अन्य लोगों ने भाषण दिए। फिर 'फेसबुक' पर एक पोस्ट के कारण फिर से तनाव पैदा हो गया और उसके बाद आज सुबह भीड़ ने बाज़ार बंद करा दिया और कुछ घरों, बेकरी और धार्मिक स्थलों पर हमला कर दिया। कुछ दुकानों और घरों में आग लगा दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दंगा नियंत्रण दल घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इस घटना के बाद यवत में तनावपूर्ण शांति है।
आरोपी अरेस्ट, इलाके में कर्फ्यू लगा
छवि खराब करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन उसके बाद भी इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने से माहौल हिंसक हो गया। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है और इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है। आज यवत में साप्ताहिक बाजार लगता है। लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बाजार में भीड़ नहीं है।
शांति बनाए रखने की अपील
दौंड विधायक राहुल कुल ने स्थानीय लोगों से धैर्य रखने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति बनी थी। लेकिन इसी बीच किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट कर दी और हंगामा हो गया। इससे स्थिति बिगड़ गई। कुल ने घटनाक्रम बताया। हम सभी लोगों को विश्वास में लेकर और प्रशासन की मदद से शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक कुल ने कहा कि ये प्रयास सफल भी हो रहे हैं।
पारदर्शिता की मिसाल: चुनाव आयोग ने EVM की सच्चाई सबके सामने रखी
1 Aug, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से लेकर महाराष्ट्र में तमाम विपक्षी दल विधानसभा चुनावों के बाद से ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं लेकिन ईवीएम ताजा सत्यापन परीक्षा में एकदम खरी निकली हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में हारने वाले उम्मीदवारों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) यूनिट के बीच सत्यापन की मांग की थी। कुछ शिकायतों में मेमोरी या माइक्रो-कंट्रोलर की जांच और सत्यापन की मांग की गई थी। चुनाव आयोग के लाइव टेस्ट में ईवीएम 100 फीसदी खरी साबित हुई हैं। चुनाव आयोग ईवीएम के टेस्ट के बाद कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ असंभव है, यह ताजा निरीक्षण ने फिर से साबित कर दिया है।
शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में टेस्ट
चुनाव आयोग के अनुसार ईवीएम की गिनती और वीवीपीएटी पर्चियों के बीच कोई अंतर नहीं पाया गया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि महाराष्ट्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों (एसी) में किए गए सी एंड वी अभ्यास के परिणाम एक बार फिर साबित करते हैं कि ईवीएम छेड़छाड़-रहित हैं। चुनाव आयोग के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आठ आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें एसी कोपरी-पचपखड़ी, ठाणे, पैनल, अलीबाग, खडकवासला, अरनी, येवला, चांदगढ़, कोल्हापुर उत्तर और माजलगांव में ईवीएम/वीवीपीएटी की जली हुई मेमोरी या माइक्रोचिप के सत्यापन की मांग की गई थी। दो अन्य आवेदक उम्मीदवारों ने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया। चुनाव आयोग ने आवेदक उम्मीदवारों के अनुरोध पर, कोपरी-पचपखड़ी, ठाणे, खडकवासला और माजलगांव विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम के तीन सेटों में बर्न मेमोरी की पुष्टि के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया। ईवीएम में मॉक पोल के बाद वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से किया गया। इसमें सबकुछ सही निकला।
कांग्रेस ने उठाए थे कई सवाल
आयोग के 17 जून, 2025 के निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र के राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकालिंगम ने 10 उम्मीदवारों के अनुरोध पर 10 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता इकाइयों (बीयू), नियंत्रण इकाइयों (सीयू) और वीवीपैट का निरीक्षण किया। पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद कांग्रेस ने बार-बार आरोप लगाया है कि राज्य की मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जोड़ने और हटाने तथा शाम पांच बजे के बाद मतदान में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण नतीजे भाजपा के पक्ष में गए। सभी परीक्षणों में मशीनों को ठीक से काम करने का प्रमाण पत्र मिला। चुनाव आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ईवीएम से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसलिए परिणामों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है।
गुड न्यूज: जल्द खातों में आएगी लाड़ली बहना योजना की 13वीं किस्त, खुशखबरी तैयार
31 Jul, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की लाडली बहनों के लिए गुड न्यूज है। जुलाई महीने की किश्त खाते में ट्रांसफर होने का मैसेज जल्द ही उनके मोबाइल पर आ जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने 'लाडली बहनों' के जुलाई महीने की सम्मान राशि देने को मंजूरी दे दी है। महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडली बहन' योजना की पात्र लाभार्थी महिलाओं के लिए 2984 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक सरकारी फैसला जारी कर जुलाई की किस्त के धनराशि हस्तांतरित कर दी है। जानकारी के अनुसार यह सरकारी पैसा 30 जुलाई को जारी किया गया। सरकार के इस फैसले के बाद अब लाडली बहनों को जल्द ही जुलाई के रुपये मिल जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार अभी लाडली बहनों को 1500 रुपये प्रति महीने दे रही है। सरकार ने पिछले साल विधानसभा चुनावों से पहले इस योजना की शुरुआत की थी। यह योजना की 13वीं किस्त है।
26.34 लाख बहनें आउट
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना महाराष्ट्र की महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार ने जून महीने की किस्त 2.25 कराेड़ पात्र महिलाओं को वितरित की थी। सरकार ने 26.34 लाख महिलाओं के अपात्र हाेने के कारण उनका भुगतान रोक दिया था। सरकार ने बताया था कि यह भुगतान अस्थायी तौर पर रोक गया है। महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं को 12 किस्त से 18000 हजार रुपये दिए हैं। 13वीं किस्त के लिए अब सरकार ने रकम मंजूर कर दी है। महाराष्ट्र के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अनुसार आवेदनों की जांच के दौरान पता चला कि 26.34 लाख महिलाएं लाडली बहन योजना के लिए पात्र नहीं थीं या फिर इन्होंने नियमों का उल्लंघन किया।
कब तक खाते में आएंगे रुपये
महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने आवेदनों की जांच में पाया कि कई लाभार्थी महिलाएं एक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही थीं। कुछ मामलों में एक ही परिवार में दो से अधिक महिलाएं लाभार्थी थीं। हैरानी की बात यह है कि कुछ पुरुषों ने भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये इस योजना के लिए आवेदन किया था और उन्हें अब तक लाभ मिल रहा था। महिला एवं बाल कल्याण विभाग अभी एनसीपी के कोटे से मंत्री अदिति तटकरे संभाल रही हैं। वित्त विभाग भी एनसीपी के पास है। बतौर डिप्टी सीएम अजित पवार ही महाराष्ट्र के खजाने के मालिक हैं। सूत्रों की मानें तो लाडली बहनों के खाते में 13वीं किस्त की रकम रक्षाबंधन के पर्व से पहले पहुंच जाएगी।
मालेगांव ब्लास्ट पर इम्तियाज जलील का सवाल – साजिश रचने वालों को कब पकड़ा जाएगा?
31 Jul, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में 17 साल बाद एनआईए कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। एनआईए कोर्ट के जस्टिस ए के लाहोटी ने भगवा आतंकवाद की थ्योरी को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने फैसले में टिप्पणी की है कि आतंक को कोई रंग नहीं हाेता है। सितंबर, 2008 के इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित समेत सात लोग आरोपी थे। मालेगांव ब्लास्ट केस के फैसले पर औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जलील ने पूछा है कि मालेगांव मामले और ट्रेन विस्फोट मामले में झूठे सबूत किसने बनाए? इन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? अदालत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो।
जलील बोले-कोर्ट करे कार्रवाई
इम्तियाज जलील एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता हैं। वह 2019 के चुनावों में औरंगाबाद से जीतकर सांसद चुने गए थे, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनावों में जलील हार गए थे। मालेगांव ब्लास्ट से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट में फैसला देते हुए सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था, हालांकि तब महाराष्ट्र सरकार ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। मालेगांव ब्लास्ट के फैसले पर इम्तियाज जलील ने झूठे सबूत गढ़ने वाले ऑफिसर्स पर कार्रवाई की मांग की है।
साध्वी प्रज्ञा बोलीं-मैं संन्यास जीवन में थी
मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी होने पर कोर्ट में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा है कि मैं शुरू से ही यह कह रही हूं। मुझे बुलाया गया और मैं एटीएस के पास गई क्योंकि मैं कानून का सम्मान करती हूं। मुझे 13 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और प्रताड़ित किया गया। मैं एक संन्यासी की तरह जीवन जी रही थी और मुझे आतंकवादी करार दिया गया। इन आरोपों ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी। यह मामला 17 सालों से चल रहा है और मैंने संघर्ष किया है।
मालेगांव ब्लास्ट केस पर सियासत गरमाई, फडणवीस बोले- रंग देखकर आतंक तय नहीं होता
31 Jul, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सीएम फडणवीस ने कहा कि आतंकवाद कभी भगवा नहीं था, नहीं है और कभी नहीं होगा। गौरतलब को ही सितंबर, 2008 में जब मालेगांव ब्लास्ट हुआ था तब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित समेत 11 लोगों को अरेस्ट किया गया था। एटीएस से जांच एनआईए के हाथ में होने के बाद कुल आरोपियों की संख्या घटकर सात रह गई थी। एनआईए कोर्ट ने फैसल सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह तो साबित कर दिया कि मालेगांव में विस्फोट हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं कर पाया कि उस मोटरसाइकिल में बम रखा गया था। अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि घायलों की संख्या 101 नहीं, बल्कि 95 साल थी और कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट में हेराफेरी की गई थी।
कोर्ट ने खारिज की भगवा आतंकवाद की थ्योरी
एनआईए कोर्ट के जस्टिस ए के लाहोटी ने यह टिप्पणी की कि आतंक को कोई रंग नहीं होता है। महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने कहा कि आतंकवाद कभी भगवा नहीं था, नहीं है और कभी नहीं होगा। जब मालेगांव में रमजान के महीने में ब्लास्ट हुआ था तब केंद्र और राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकारें थी। 17 साल लंबे खिंचे इस मामले में पुलिस, एटीएस और फिर एनआईए ने जांच की। एनआईए कोर्ट ने कहा कि संदेह के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। कोर्ट ने भगवा आतंकवाद की थ्योरी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पुख्ता सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ सभी आरोपियों को देते हुए सभी को बरी कर दिया। कोर्ट ने जिन्हें बरी किया उनमें प्रज्ञा ठाकुर, प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी, सुधाकर चतुर्वेदी, सुधाकरधर द्विवेदी शामिल हैं।
10वीं‑12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट लाइव: 29 जुलाई को जारी—अब mahahsscboard.in पर सीधे देखें मार्कशीट
29 Jul, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल (MSBSHSE) ने आज, 29 जुलाई 2025 को 10वीं (SSC) और 12वीं (HSC) की सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट mahahsscboard.in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।
कहां चेक करें रिजल्ट?
HSC रिजल्ट: hscresult.mkcl.org
SSC रिजल्ट: sscresult.mkcl.org
इस वर्ष सप्लीमेंट्री परीक्षाएं जून-जुलाई 2025 में महाराष्ट्र बोर्ड के 9 संभागीय कार्यालयों (पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नासिक, लातूर और कोंकण) में आयोजित की गई थीं।
मार्क्स वेरिफिकेशन और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए आवेदन
जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे 30 जुलाई से 8 अगस्त 2025 तक महाराष्ट्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान वे अपने अनिवार्य विषयों के लिए मार्क्स वेरिफिकेशन करा सकते हैं और अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे छात्र अपने मूल्यांकन की जांच करवा सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार हो सकते हैं।
फोटोकॉपी मिलने के बाद, छात्र 5 कार्यदिवसों के अंदर रीइवैल्यूएशन के लिए निर्धारित फॉर्मेट और शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं।
क्लास इम्प्रूवमेंट स्कीम का लाभ
जिन छात्रों ने सभी विषयों में पहली बार परीक्षा पास की है, वे Class Improvement Scheme के अंतर्गत आने वाले पात्र होंगे। इस योजना के तहत छात्रों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कुल तीन अवसर दिए जाएंगे, जो क्रमशः फरवरी-मार्च 2026, जून-जुलाई 2026 और फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए छात्रों को बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। इस स्कीम के माध्यम से छात्र अपनी अंक सुधार कर बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।
इन छात्रों के फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे
फरवरी-मार्च 2026 में होने वाली परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस परीक्षा के लिए निम्नलिखित छात्र आवेदन कर सकेंगे: नियमित छात्र, रिपीटर्स, प्राइवेट उम्मीदवार जिनके पास रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हो, इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत शामिल छात्र और ITI छात्र जो Transfer of Credit विकल्प का लाभ लेना चाहते हैं। बोर्ड जल्द ही इस प्रक्रिया का पूरा विस्तृत कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा करेगा, ताकि सभी उम्मीदवार समय पर आवश्यक कदम उठा सकें।
कैसे चेक करें महाराष्ट्र बोर्ड सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2025?
वेबसाइट mahahsscboard.in पर जाएं।
अब ‘SSC Supplementary Result 2025’ या ‘HSC Supplementary Result 2025’ लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और मां का पहला नाम दर्ज करें।
‘View Result’ बटन पर क्लिक करें।
रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा, डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकालें।
पुणे पुलिस का बयान- एकनाथ खडसे की कोई निजी तस्वीर लीक नहीं हुई
29 Jul, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र : पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस ने उनके दामाद को दिखाते हुए ड्रग पार्टी रेड के वीडियो लीक किए हैं। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, पुलिस कार्रवाई पर संदेह व्यक्त करने का कोई कारण नहीं है। पूरी कार्रवाई पारदर्शी और कानून के अनुसार की गई।
बता दें कि पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने रविवार तड़के खराडी इलाके में स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में चल रही "ड्रग पार्टी" पर छापा मारा था। जिसमें पुलिस ने खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर और छह अन्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कोकीन, गांजा, हुक्का सेट और शराब की बोतलें जब्त करने का दावा किया है। खडसे ने दावा किया था कि पुलिस ने छापे के वीडियो और खेवलकर की निजी तस्वीरें लीक की हैं।
ठाणे में दीवार गिरने से चार घर खतरे में, खाली कराए गए
ठाणे शहर के वागले एस्टेट इलाके में सोमवार तड़के एक घर की दीवार गिर गई। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पास के चार घरों को खाली कराया गया है और उन्हें खतरनाक घोषित किया गया है। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासीन तड़वी ने बताया कि यह घटना रात करीब 1:30 बजे हुई। शकुंतला यादव के घर की दीवार गिरकर पांडुरंग पाडेकर के घर की दीवार पर जा गिरी और मलबा पास के नाले में भी चला गया। जांच के बाद यह पाया गया कि जिस घर की दीवार गिरी, उसके साथ-साथ आसपास के तीन और घर भी कमजोर हालत में हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। इसलिए, आगे कोई हादसा न हो, इसके लिए चारों घर तुरंत खाली कराए गए। तड़वी ने बताया कि निवासियों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां रुकें। यह कदम उनकी सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, भविष्य में इन घरों की मरम्मत और सुरक्षा से जुड़ा काम वागले वार्ड समिति और निर्माण विभाग करेगा।
महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर नई सख्त गाइडलाइंस
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब कोई भी कर्मचारी गोपनीय जानकारी साझा नहीं कर सकेगा, भ्रामक जानकारी नहीं फैला सकेगा और न ही सरकारी नियमों के खिलाफ कोई टिप्पणी कर सकेगा। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी गोपनीयता की सुरक्षा करना, अफवाहों को रोकना और कर्मचारियों के अनुचित बयानों से सरकार की छवि को बचाना है।
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