महाराष्ट्र
छांगुर बाबा के साम्राज्य पर जांच एजेंसियों की नजर, ED पहुंची मुंबई के ठिकानों पर
17 Jul, 2025 08:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: धर्मांतरण और हवाला ट्रांजैक्शन मामले में छांगुर बाबा का नाम विदेशी फंड से जुड़ने के बाद ईडी ने देश भर के 14 ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें से मुंबई के दो स्थान पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करोड़ों रुपए की हेराफेरी की बात सामने आने के बाद बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को मुंबई के बांद्रा और माहिम में सर्च ऑपरेशन किया। यह सर्च ऑपरेशन छांगुर बाबा के करीबी माने जाने वाले शहजादा के मुंबई निवास स्थान पर हुई।
मुंबई तक कैसे पहुंची जांच
सूत्रों के मुताबिक ईडी के दर्जन भर अधिकारी सुबह 5 बजे ही बांद्रा स्थित कनकिया पेरिस इमारत पर पहुंच गए थे। शहजादा के खाते में 2 करोड़ का ट्रांजैक्शन मिलने के बाद जांच की आंच मुंबई तक पहुंची थी। शहजादा के खाते में नवीन के बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर हुए थे। नविन भी छांगुर बाबा का करीबी माना जाता है। देश भर में कुल 14 ठिकानों पर एक साथ यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सूत्रों की मानें तो अब तक ED को छांगुर बाबा के 18 बैंक अकाउंट्स की जानकारी मिली है। इनमें 68 -70 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन हुआ है।
हवाला नेटवर्क की जांच
सूत्रों के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल छांगुर नेटवर्क की गतिविधियों और धर्मांतरण के लिए किया गया। ED अब मुंबई से लेकर बलरामपुर तक इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और कथित अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की जांच आगे बढ़ाई जा सके। छांगुर के हवाला नेटवर्क की जांच में अब तक 18 बैंक खातों का पता चला है।
कुछ खातों में 7-8 करोड़ रुपये का लेनदेन
पिछले तीन महीनों में ही कुछ खातों में 7-8 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। एजेंसियों के मुताबिक, छांगुर का नेटवर्क यूएई, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों तक फैला हुआ है। इन देशों के पांच बैंक अकाउंट्स के जरिए विदेशी फंडिंग की गई । विदेशों से कब, कितना और कहां पैसा भेजा गया, इसकी जांच जारी है।
महाराष्ट्र विधानसभा में आव्हाड-पडलकर समर्थकों की झड़प, सीढ़ियों पर मची अफरा-तफरी
17 Jul, 2025 07:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड और बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को आव्हाड और पडलकर समर्थकों ने विधान भवन में जमकर हंगामा किया। दोनों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई। ये समर्थक विधान भवन की सीढ़ियों के पास भिड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना विधान भवन परिसर में हुई। एक दिन पहले गोपीचंद पडलकर और आव्हाड के बीच तीखी बहस हुई थी। यह मामला गाली-गलौज तक बढ़ गया था। उसके बाद अब दोनों के कार्यकर्ता विधान भवन में आपस में भिड़ गए हैं। दोनों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई और उन्होंने एक-दूसरे को गालियां भी दीं।
क्या हुआ?
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई में इस समय मॉनसून सत्र चल रहा है। इसी बीच गुरुवार (17 जुलाई) दोपहर करीब 12 बजे गोपीचंद पडलकर और आव्हाड के कार्यकर्ता विधान भवन की सीढ़ियों के पास थे। इस दौरान उनके बीच हाथापाई हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गालियां दीं और मारपीट की। हाथापाई हुई। मामला बढ़ता देख विधान भवन क्षेत्र में मौजूद सुरक्षा गार्डों ने बीच-बचाव कर विवाद सुलझाने की कोशिश की। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की गई। करीब पांच से दस मिनट तक विवाद चलता रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के साथ मारपीट और गाली-गलौज भी की।
जितेंद्र आव्हाड ने क्या कहा?
इस घटना के बाद जितेंद्र आव्हाड मीडिया के सामने आए। जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे, तो उन्होंने पूछा कि हमला किसने किया? पत्रकारों ने कहा कि पडलकर समर्थकों ने किया। इसके बाद जितेंद्र आव्हाड भड़क गए। आव्हाड ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र ने देखा कि हमला किसने किया? हम इससे ज्यादा सबूत नहीं देना चाहते। अगर आप गुंडों को विधानसभा में घुसने देंगे, अगर वे हम पर हमला करेंगे, तो हमारे लोग सुरक्षित नहीं हैं। आव्हाड ने कहा कि उन्होंने मुझे गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी मुझे मारने आए थे।
विधायक विधान भवन में सुरक्षित नहीं
आव्हाड ने कहा कि अगर विधायक विधान भवन में सुरक्षित नहीं हैं, तो विधायक क्यों रहें, हमारा क्या गुनाह है? आव्हाड काफी गुस्से में नजर आए और कहा कि सत्ता इतनी मजबूत है, इतना अहंकारी है।
मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, BJP-UBT के बीच फिर नजदीकियां?
17 Jul, 2025 06:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के बीच मुलाकात हुई है। यह मुलाकात फडणवीस के एक हल्के-फुल्के बयान के बाद हुई। इसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने का न्योता दिया था। इस मुलाकात और फडणवीस के बयान ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। क्या शिवसेना (UBT) और बीजेपी फिर से साथ आ सकते हैं? क्या महाराष्ट्र में कोई नया राजनीतिक समीकरण बनने वाला है? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिल सकते हैं।
देवेंद्र फडणवीस के उद्धव ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने के न्योते के बाद गुरुवार को दोनों नेताओं ने मुलाकात की। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, फडणवीस और ठाकरे की यह मुलाकात विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे के कार्यालय में हुई। यह मुलाकात लगभग 20 मिनट तक चली। इससे पहले बुधवार को फडणवीस ने कहा था कि ठाकरे अलग तरीके से सत्ता पक्ष में आ सकते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा को संबोधित करते हुए CM ने कहा कि 2029 तक BJP के विपक्ष में आने की कोई संभावना नहीं है।
महाराष्ट्र सड़क हादसा: नासिक में बेकाबू कार ने बाइक को मारी टक्कर, 7 मृत
17 Jul, 2025 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना वानी-दिंडोरी रोड पर दिंडोरी शहर की एक नर्सरी के पास हुई। जहां एक कार और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गाड़ियां सड़क के किनारे एक छोटी नहर में गिर गईं।
पुलिस को बुधवार रात 11:57 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दोनों वाहन सड़क के किनारे एक छोटी नहर में गिरे हुए थे।
एसपी ने क्या बताया
नासिक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के मुताबिक, ये हादसा देर रात 12 बजे के करीब वाणी-डिंडोरी रोड पर हुआ। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों वाहन सड़क के किनारे एक छोटी सी नहर में गिरे हुए मिले। पुलिस ने नहर से शवों को बाहर निकाला और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही हादसे में घायल हुए दोनों लोगों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल घटना की जांच जारी है और पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
19 जून को भी हुआ था भीषण सड़क हादसा
इससे पहले, 19 जून को महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित जेजुरी मोरगांव रोड पर एक कार और पिकअप ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई थी। इस भीषण हादसे में एक महिला समेत आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुणे सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया था। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया था।
चलती बस में जन्मी मासूम जिंदगी, मां ने रास्ते में फेंक दी; घटना से यात्रियों में हड़कंप
17 Jul, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे : महाराष्ट्र के परभणी जिले के पाथरी में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पाथरी पुलिस ने एक दंपत्ति पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 94 के तहत मामला दर्ज किया है। महिला ने चलती बस में बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद बच्चे को कपड़े में लपेटकर चलती बस की खिड़की से बाहर फेंक दिया। पुलिस ने दंपत्ति को नोटिस जारी कर फिलहाल छोड़ दिया है। पाथरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर महेश लांडगे ने इस घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे हुई। दंपत्ति पुणे से एक प्राइवेट बस में परभणी जा रहे थे। नवजात शिशु मृत पाया गया था।
कपल है दिहाड़ी मजदूर
इंस्पेक्टर लांडगे ने दंपत्ति के बयान का हवाला देते हुए बताया कि वे पुणे के चाकन औद्योगिक क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं। उनका कहना है कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था। उन्हें डर था कि इससे कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। इसलिए उन्होंने बच्चे को ठिकाने लगाने का फैसला किया। प्रारंभिक जांच के दौरान, महिला ने बताया कि उसने पाथरी तालुका के देवनंद्रा गांव के पास चलती बस में बच्चे को जन्म दिया।
देवनंद्रा के पास हुई डिलीवरी
यह विवाहित जोड़ा पुणे से परभणी जा रहा था। उन्होंने सोमवार रात पुणे से एक प्राइवेट बस पकड़ी थी। जैसे ही बस देवनंद्रा के पास पहुंची, महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने बस के अंदर ही बच्चे को जन्म दिया। कुछ ही मिनटों बाद, उसने नवजात शिशु को गहरे नीले और भूरे रंग के कपड़ों में लपेटा और कथित तौर पर चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया। एक स्थानीय निवासी ने यह सब देखा और तुरंत पाथरी पुलिस को सूचित किया। कांस्टेबल अमोल जायसवाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने बस का पीछा किया और उसे रोका। दंपत्ति को बस से उतारा गया और महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस को शक है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य था, जिसका मकसद बच्चे को त्यागना और उसे ठिकाने लगाना था। दंपत्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 94(3) और 94(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धाराएं बच्चे के शव को गुप्त रूप से ठिकाने लगाकर जन्म को छिपाने से संबंधित हैं।
पुणे से परभणी जा रहे थे दंपति
पुलिस ने दंपति को नोटिस जारी किए हैं और औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इस घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस इंस्पेक्टर महेश लांडगे ने बताया कि ये घटना मंगलवार की सुबह हुई। ये जोड़ा पुणे से परभणी जा रहा था। बच्चे की लाश मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बच्चे की मौत कैसे हुई। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
मरा बच्चा पैदा होने का दावा
पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी ने बताया कि वे पुणे में मजदूरी करते हैं। उनका कहना है कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था। उन्हें डर था कि पुलिस में शिकायत करने से वे मुसीबत में फंस जाएंगे। इसलिए उन्होंने बच्चे को फेंक दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने बस में ही बच्चे को जन्म दिया था।
चलती बस से ही फेंका
ये जोड़ा पुणे से परभणी जा रहा था। रास्ते में महिला को दर्द हुआ और उसने बस में ही बच्चे को जन्म दिया। फिर उन्होंने बच्चे को कपड़ों में लपेटा और बस से बाहर फेंक दिया। एक आदमी ने ये सब देख लिया और पुलिस को बता दिया। पुलिस ने बस को रोका और उस जोड़े को पकड़ लिया। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को लगता है कि इन्होंने जानबूझकर बच्चे को फेंका है। पुलिस ने इन पर IPC की धारा 94(3) और 94(5) लगाई है। ये धाराएं बच्चे के शव को छिपाने से संबंधित हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रेलवे की नई सौगात: पुणे से हाई-स्पीड वंदे भारत कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
16 Jul, 2025 09:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, पुणे से चलेंगी चार नई वंदे भारत ट्रेनें
मुंबई।
महाराष्ट्र के पुणे शहर के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। रेलवे जल्द ही पुणे से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू करने जा रहा है, जिससे हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी को नया बल मिलेगा। इन ट्रेनों से न सिर्फ यात्रा तेज और आरामदायक होगी, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पुणे से शुरू होने वाली ये चार वंदे भारत ट्रेनें शेगाव, वडोदरा, सिकंदराबाद और बेलगावी के लिए प्रस्तावित हैं। हालांकि, रेलवे द्वारा इन ट्रेनों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही इसके संचालन की तारीखों की जानकारी दी जा सकती है।
धार्मिक यात्रा के लिए पुणे-शेगाव वंदे भारत
यह ट्रेन विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी होगी। पुणे से बड़ी संख्या में श्रद्धालु संत गजानन महाराज के दर्शन के लिए शेगाव जाते हैं। ट्रेन दौंड, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, और जालना जैसे स्टेशनों पर रुक सकती है।
व्यवसायियों के लिए पुणे-वडोदरा वंदे भारत
यह ट्रेन महाराष्ट्र और गुजरात के बीच यात्रा को तेज बनाएगी। वर्तमान में यह सफर लगभग 9 घंटे का है, जिसे वंदे भारत 6-7 घंटों में पूरा कर सकती है। संभावित स्टॉपेज: लोनावला, पनवेल, वापी, और सूरत। यह रूट खासकर व्यापारियों और नौकरीपेशा यात्रियों के लिए उपयोगी रहेगा।
आईटी प्रोफेशनल्स को फायदा: पुणे-सिकंदराबाद वंदे भारत
दौंड, सोलापुर और गुलबर्गा होते हुए सिकंदराबाद तक की यात्रा अब 2 से 3 घंटे कम समय में पूरी हो सकेगी। यह ट्रेन विशेषकर आईटी और बिजनेस ट्रैवलर्स के लिए बेहद सुविधाजनक होगी, साथ ही महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
कर्नाटक को भी फायदा: पुणे-बेलगावी वंदे भारत
इस रूट की वंदे भारत सातारा, सांगली, और मिरज जैसे स्टेशनों पर रुक सकती है। इससे पुणे और कर्नाटक के उत्तरी जिलों के बीच संपर्क अधिक तेज और सुलभ बनेगा। यात्रियों का सफर 2-3 घंटे तक कम हो सकता है।
पुणे-नागपुर स्लीपर वंदे भारत पर भी काम शुरू
रेलवे की योजना पुणे और नागपुर के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की भी है। इससे पुणे (सांस्कृतिक राजधानी) और नागपुर (उप-राजधानी) के बीच व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष:
इन चार वंदे भारत ट्रेनों के शुरू होने से पुणे की रेलवे कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा। यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर के साथ समय की भी बड़ी बचत होगी।
उर्दू हटाओ, मराठी लाओ: मदरसों को लेकर नितेश राणे का बयान बना सियासी मुद्दा
16 Jul, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे ने बड़ा बयान दिया है। राणे ने कहा है कि मदरसों में मराठी पढ़ाई जानी चाहिए। राणे ने यह बयान मनसे द्वारा मराठी नहीं बोलने पर हिंदुओं की पिटाई और कांग्रेस द्वारा मराठी पाठशाला की मांग पर दिया है। राणे ने कहा है कि मदरसों में उर्दू की जगह मराठी चालू करो। इतना ही नहीं मुसलमानों को अजान भी मराठी में देनी चाहिए। नितेश राणे ने दावा किया कि वहां बंदूक चलाने वाले मिलते हैं। वहां उर्दू की जगह मराठी पढ़ाई जानी चाहिए। इससे पिहले नितेश राणे ने मनसे को मोहम्मद अली रोड पर जाकर टोपी वालों को मराठी बुलवाने की चुनौती दी थी। मराठी नहीं बोलने पर हिंदुओं की पिटाई पर नितेश राणे ने नौटंकी करार दिया था।
नितेश राणे ने रखी नई मांग
मीर रोड पर मारवाड़ी व्यापारी की पिटाई के बाद नितेश राणे ने खुद को हिंदुओं का चौकीदार बताया था। तब राणे ने कहा था कोई भी हिंदुओं को नहीं डरा सकता है। राणे ने यह नई मांग ऐसे वक्त पर रखी है जब महाराष्ट्र विधानमंडल का सत्र चल रहा है। इतना ही नहीं त्रिभाषा फॉर्मूले पर महायुति सरकार पहले ही पीछे हट चुकी है। सरकार ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के विरोध के बाद महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदू को अनिवार्य करने के आदेश को वापस ले लिया था। नितेश राणे की मांग पर महाराष्ट्र में नए सिरे से हंगामा हो सकता है। मीरा रोड पर मनसे के कार्यकर्ताओं ने एक मारवाड़ी व्यापारी को मराठी नहीं बोलने पर पीटा था। इसके बाद पालघर वसई विरार में ऐसी घटना सामने आई थी।
नौटंकी की जरूरत नहीं है
नितेश राणे का मदरसे पर दिया गया बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि मदरसा में उर्दू की जगह मराठी पढ़ाई जाए। अलग पाठशाला की जरूरत नहीं है। न ही मीडिया में न नौटंकी करने की जरूरत पड़ेगा। राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में काफी मदरसा है। गौरतलब हो कि राज ठाकरे ने वर्ली के कार्यक्रम में कहा था कि अगर कोई नौटंकी करेगा और मराठी नहीं बोलेगा तो उसके कान नीचे मारा, लेकिन ऐसा करते हुए वीडियो न बनाए। नितेश राणे का बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
आर्यन खान केस में घिरे समीर वानखेड़े बोले – 'सोशल मीडिया बना चुका है प्रोपेगेंडा का अड्डा'
15 Jul, 2025 06:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के ड्रग केस में रिश्वत के आरोपों का सामना कर रहे समीर वानखेड़े ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए हुए एक इंटरव्यू में कहा है कि फैन क्लब उसी तरह से काम कर रहे हैं जो हिटलर के लिए गोएबल्स की भूमिका थी। वानखेड़े ने कहा है कि फैन क्लब चीजों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। वानखेड़े ने सोशल मीडिया पर मौजूद फैन क्लब पर बोलते हुए कहा कि हिटलर के जमाने में जोसेफ गोएबल्स झूठी खबरें फैलाते थे। उन्होंने ही ये तरीका निकाला था कि आप इतनी बार झूठ बोलें कि लोग उसे सच मानने लगें। आज भी ऐसा कई बार होता है। दर्शकों को ही ये तय करना होगा कि क्या सच है और क्या झूठ? समीर वानखेड़े का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब पिछले हफ्ते सीबीआई के वकील ने कोर्ट मे कहा था कि जांच एजेंसी अगले तीन महीने में रिश्वत मामले में जांच पूरी करेगी।
समीर वानखेड़े का छलका दर्द
समीर वानखेड़े ने कहा जनता को भी खबरों को सावधानी से देखना होगा। कि एक शख्स अपने फैन क्लबों के ज़रिए किस तरह नैरेटिव पर हावी हो जाता है। समीर वानखेड़े ने आगे बताया कि फैन क्लबों द्वारा निशाना बनाए जाने का लोगों और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मैं इससे गुजरा हूं। ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता नहीं था, लेकिन अब वे इसके बारे में बात कर रहे हैं। मैं इससे बहुत खुश हूं। उन्हें कोई सीमा नहीं पता, वे बिना किसी सीमा के महिलाओं और बच्चों के बारे में गंदी बातें कहते हैं। मैं इससे गुजरा हूं। इसने मुझे मजबूत बनाया है, लेकिन हर कोई इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। वे अवसाद में जा सकते हैं।
वानखेड़े बोले-कानून की नहीं जानकारी
समीर से पूछा गया कि कैसे अमीर लोगों ने सोशल मीडिया पर फ़ैन क्लबों में लाखों रुपये निवेश किए हैं। जो लोगों को गुमराह करके यह विश्वास दिलाते हैं कि देश उनके साथ है लेकिन साइबर सेल ऐसे फैन क्लबों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है? इस सवाल के जवाब में वानखेड़े ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि इसके लिए एक आईटी अधिनियम है। कुछ मामले भी सामने आए हैं, लेकिन यह एक बहुत ही नया अधिनियम है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित हो रहे हैं और साथ ही क़ानून भी। वानखेड़े ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम इन चीज़ों की पहचान करें। इसके बाद कानून के अनुसार कार्रवाई करें। समीर वानखेड़े 2021 में आर्यन खान की गिरफ़्तारी में शामिल थे। उन्होंने शाहरुख खान के बेटे आर्यन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक कथित ड्रग्स रैकेट के सिलसिले में गिरफ़्तार किया था। समीर उस समय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर थे।
जनहित में सरकार के खिलाफ लड़ने वाले ज़रूरी’ – गडकरी का बड़ा बयान
14 Jul, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकार पर अंकुश जरूरी, नहीं तो बढ़ेगी मनमानी: गडकरी ने खुद की सरकार को दी नसीहत
नागपुर: केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि “सरकार में बैठे मंत्री कई बार मनमानी करते हैं, और ऐसे में सरकार पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।” नागपुर में आयोजित प्रकाश देशपांडे स्मृति कुशल संगठक पुरस्कार समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा, “सरकार की नीतियों और फैसलों पर अंकुश लगाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले लोग और संस्थाएं समाज के लिए जरूरी हैं।”
गडकरी ने कहा, “सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ता है, क्योंकि कुछ सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन कानूनी रास्ता अपनाकर जनहित के मुद्दों पर सरकार को चुनौती देते हैं। इन लोगों की वजह से सरकार में बैठे नेताओं को अनुशासन में रहना पड़ता है।”
जनहित बिल पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी?
गडकरी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने जनहित और जनसुरक्षा बिल विधानसभा में पेश किया है, जिसे लेकर विवाद गहराया हुआ है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि यह कानून सामाजिक कार्यकर्ताओं और वामपंथी विचारधारा वाले संगठनों की आवाज दबाने के लिए लाया गया है।
हालांकि, गडकरी ने सीधे तौर पर इस बिल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को जनसुरक्षा बिल के संदर्भ में देखा जा रहा है।
न्यायपालिका की भूमिका को बताया अहम
गडकरी ने समाज सुधारक रवींद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के गलत फैसलों के खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया और जीत हासिल की। “कई बार जो काम सरकार के मंत्री नहीं कर पाते, वह न्यायालय के आदेश से संभव हो पाता है।”
भायखला के केबल-स्टे ब्रिज पर काम धीमा, जनता में बढ़ रही नाराजगी
14 Jul, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भायखला केबल-स्टे ब्रिज प्रोजेक्ट की पड़ताल: वादों की तारीख़ें बदलीं, निर्माण अब भी अधूरा
मुंबई: भायखला के 103 साल पुराने 'वाई-आकार' पुल की जगह अब एक आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज बनने जा रहा है, जो पूर्व-पश्चिम मुंबई को जोड़ने का एक अहम संपर्क मार्ग होगा। इसमें अतिरिक्त 8 लेन, 916 मीटर लंबाई, और सेल्फी पॉइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालाँकि, इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की डेडलाइन एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है – अब 2026।
2024 से 2025 और अब 2026: तारीखें बदलती रहीं
इस प्रोजेक्ट को पहले 2024 में शुरू किया जाना था, फिर इसे 2025 तक पूरा करने की बात कही गई, लेकिन अब मार्च 2026 को डेडलाइन घोषित की गई है। विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इसमें और भी देरी हो सकती है।
पुराने पुल की स्थिति और नया निर्माण
भायखला का मौजूदा पुल वर्ष 1922 में बना था और आईआईटी मुंबई की ऑडिट रिपोर्ट में इसे असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बाद इसे हटाकर नया केबल-स्टे ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। इसका निर्माण महाराष्ट्र रेल अधोसंरचना विकास निगम (MRIDC) यानी महारेल के जिम्मे सौंपा गया है।
ब्रिज की संरचना और रूट
यह ब्रिज सीएसएमटी के पास महानगर गैस स्टेशन से शुरू होकर दो हिस्सों में बंटेगा:
पहला हिस्सा: भायखला पूर्व – डेक्कन मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक के पास तक
दूसरा हिस्सा: भायखला पश्चिम – मुंबई फायर ब्रिगेड मुख्यालय तक
परियोजना की विशेषताएं
कुल लंबाई (एप्रोच सहित): 916 मीटर, ऊँचाई: 9.7 मीटर, अतिरिक्त लेन: 6 से बढ़ाकर 8 लेन,सेल्फी पॉइंट की भी योजना, कुल लागत: ₹280 करोड़
निर्माण कार्य की स्थिति
महारेल के अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक बाधित किए बिना चरणबद्ध निर्माण कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में मौजूदा पुल के समानांतर नया पुल तैयार किया जाएगा। उसके बाद पुराने पुल को हटाकर नए हिस्से से जोड़ा जाएगा। पहला चरण मार्च 2026 तक पूरा करने का अनुमान है, जबकि दूसरा चरण 280 दिनों में पूरा किया जाएगा।
स्थानीय जनता का असंतोष
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण की गति बहुत धीमी है और बार-बार बढ़ती डेडलाइन से जनता का भरोसा टूट रहा है। लोगों की मांग है कि इस महत्वपूर्ण ब्रिज को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि ट्रैफिक समस्या से राहत मिल सके।
वडाला में हादसा: संतुलन बिगड़ा और गई जान, लिफ्ट निर्माण क्षेत्र में लापरवाही!
14 Jul, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई में फिर सुरक्षा चूक , निर्माणाधीन लिफ्ट ने छीनी एक और जान
मुंबई (वडाला): मुंबई के वडाला इलाके में एक चौंकाने वाला और दुखद हादसा सामने आया है। यहां 55 वर्षीय प्रकाश शिंदे नामक व्यक्ति की लिफ्ट शाफ्ट में गिरने से मौत हो गई। हादसे के समय वह शौच के लिए गए थे, लेकिन फ्लैट का वॉशरूम व्यस्त होने के कारण उन्होंने निर्माणाधीन लिफ्ट क्षेत्र की ओर रुख किया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सीधे 18वीं मंजिल से नीचे गिर पड़े।
घटना का विवरण:
प्रकाश शिंदे कुछ दिनों से वडाला स्थित अपनी बहन के घर रुके हुए थे और डायरिया से पीड़ित थे। रविवार को जब वह शौच के लिए गए, तब फ्लैट का वॉशरूम किसी अन्य सदस्य के उपयोग में था। मजबूरन वह बिल्डिंग के उस हिस्से की ओर गए, जहां लिफ्ट का निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, शौच के बाद उठते समय संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे लिफ्ट शाफ्ट में गिर गए।
बचाव और अस्पताल में मौत की पुष्टि:
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। शिंदे को बाहर निकालकर तुरंत केईएम अस्पताल, परेल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच जारी:
आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने किसी साजिश से इनकार किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि निर्माणाधीन लिफ्ट क्षेत्र तक पीड़ित कैसे पहुंचा और क्या सुरक्षा में लापरवाही हुई थी। जांच हर कोण से की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
यह हादसा एक बार फिर अधूरे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना यह भी दर्शाती है कि भवनों में अस्थायी तौर पर असुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंच किस हद तक खतरनाक हो सकती है।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-7 की शानदार कार्रवाई , महिला तस्कर से मिली कड़ी ने खोला 252 करोड़ के रैकेट का राज
12 Jul, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-7 ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई से भारत में मेफेड्रॉन (एमडी) का रैकेट संचालित कर रहे मुख्य आरोपी मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पण के जरिए गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला आरोपी भी शामिल है।
पहली गिरफ्तारी से फैक्ट्री तक की कड़ियाँ
गुप्त सूचना के आधार पर 16 फरवरी 2024 को पुलिस ने कुर्ला के सायाजी पगारे चाल के पास परवीन बानो गुलाम शेख नामक महिला को गिरफ्तार किया। उसके पास से 641 ग्राम मेफेड्रॉन, ₹12.20 लाख नकद, और ₹1.50 लाख के सोने की बरामदगी हुई। इस कड़ी से जांच साजिद मोहम्मद आसिफ शेख उर्फ 'डॅब्ज़' तक पहुँची। उसके मीरारोड स्थित आवास से 3 किलो एमडी और ₹3.68 लाख नकद बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी दुबई में मौजूद फरार अपराधियों के संपर्क में रहते हुए सांगली जिले के कवठे महाकाल क्षेत्र में ड्रग फैक्ट्री चला रहे थे।
245 करोड़ की ड्रग फैक्ट्री पर छापा
25 मार्च 2024 को सांगली स्थित फैक्ट्री पर छापा मारते हुए पुलिस ने 122.5 किलो मेफेड्रॉन (कीमत करीब ₹245 करोड़) और ड्रग बनाने का कच्चा माल जब्त किया। इस दौरान 6 और आरोपी गिरफ्तार किए गए।
अब तक 256 करोड़ की संपत्ति जब्त
अब तक की कार्रवाई में मुंबई पुलिस ने: 126 किलो से ज्यादा मेफेड्रॉन (₹252 करोड़) ,₹3.62 करोड़ नकद , सोना, गाड़ियाँ, और अन्य संपत्तियाँ मिलाकर कुल ₹256.49 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की है। जांच में यह भी सामने आया है कि हवाला और अंगड़िया नेटवर्क के जरिए ड्रग्स का लेन-देन किया जाता था।
मुस्तफा पर रेड कॉर्नर नोटिस, UAE से लाया गया भारत
मुख्य आरोपी मुस्तफा कुब्बावाला के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। 13 जून 2025 को मुंबई पुलिस ने एक अन्य फरार आरोपी ताहेर सलीम डोला को भी गिरफ्तार किया था।
अब मुस्तफा को UAE से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है और उसे भी इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े और भी खुलासों की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है।
कपिल शर्मा का पहला इंटरनेशनल रेस्तरां 'कैप्स' बना आतंकी निशाना
12 Jul, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग, गिन्नी चतरथ बाल-बाल बचीं; खालिस्तानी आतंकी ने ली जिम्मेदारी
मुंबई। देश के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कपिल शर्मा की पत्नी गिन्नी चतरथ कनाडा में हुई फायरिंग की घटना में बाल-बाल बच गईं। यह हमला कपिल के नए रेस्तरां ‘कैप्स’ (CAPS) पर हुआ, जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ था। इस मौके पर गिन्नी भी मौजूद थीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि घटना के समय वह वहां नहीं थीं। जानकारों का कहना है कि अगर गिन्नी उस वक्त कैफे में मौजूद होतीं, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
कपिल शर्मा का पहला इंटरनेशनल प्रोजेक्ट
ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में स्थित ‘कैप्स’ कपिल शर्मा का पहला अंतरराष्ट्रीय कैफे प्रोजेक्ट है। इस फायरिंग की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी हरजीत सिंह लड्डी ने ली है। वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) संगठन से जुड़ा है और एनआईए द्वारा वांछित आतंकवादी है। उस पर ₹10 लाख का इनाम भी घोषित है।
टीम कपिल शर्मा का बयान
हमले के बाद टीम कपिल शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा, "हमें इस घटना से गहरा आघात पहुंचा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हिंसा के माध्यम से हमें चुप नहीं कराया जा सकता। हम मजबूती से खड़े रहेंगे।"
हमले के पीछे धार्मिक टिप्पणी का विवाद?
बताया जा रहा है कि यह हमला संभवतः ‘द कपिल शर्मा शो’ के एक पुराने एपिसोड में निहंग सिखों की पारंपरिक पोशाक पर की गई एक हल्की टिप्पणी को लेकर हुआ। निहंग सिख सिख धर्म के योद्धा माने जाते हैं, और आरोप है कि यह टिप्पणी उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। इस संदर्भ में जारी बयान में कहा गया है कि, "कॉमेडी के नाम पर किसी भी धर्म या आध्यात्मिक प्रतीकों का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।"
भारतीय हस्तियां लगातार निशाने पर
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय हस्तियों को कनाडा से धमकी मिली हो। इससे पहले पंजाबी गायक सिद्धू मूसावाला को भी कनाडा स्थित गैंगस्टरों ने धमकी दी थी। रंगदारी न देने पर उनकी हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड का आदेश भी कनाडा से ही आया था। कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी पन्नू और लड्डी जैसे लोग कई बार बॉलीवुड, पंजाबी और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों को निशाना बना चुके हैं। अब कपिल शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कपिल शर्मा की लोकप्रियता
बता दें, कपिल शर्मा का शो ‘द कपिल शर्मा शो’ भारत के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी टॉक शोज में से एक है। अपनी चुटीली बुद्धिमत्ता और हास्य से भरपूर स्किट्स के जरिए कपिल दर्शकों को लंबे समय से हंसाते आ रहे हैं।
ट्रैक से उतरी मालगाड़ी, लोनावला-कर्जत सेक्शन में ट्रेन सेवाएं प्रभावित
11 Jul, 2025 08:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के लोनावला और कर्जत के बीच स्थित मंकी हिल स्टेशन के पास घाट सेक्शन में शनिवार को एक मालगाड़ी के ब्रेक वैन की ट्रॉली पटरी से उतर गई, जिससे इस रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हालांकि, मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
सेंट्रल रेलवे के अनुसार, यह दुर्घटना किमी 118/25 पर दक्षिण-पूर्व घाट सेक्शन में हुई, जहां मालगाड़ी का एक हिस्सा पटरी से उतर गया। इसके चलते डाउन और मिडल लाइन पर ट्रेनों की गति बाधित हुई है। रेलवे प्रशासन ने घटना पर खेद जताते हुए बताया कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफ़ी चाहते हैं और मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पुणे की ओर जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचकर बहाली का कार्य कर रही हैं।
पैसों वाले बैग पर मचा हड़कंप, सामाजिक न्याय मंत्री ने दिया बयान
11 Jul, 2025 07:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आयकर विभाग ने सामाजिक न्याय मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट को नोटिस भेजा है। शिरसाट ने संभाजीनगर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस बारे में सीधा खुलासा किया। चुनाव के दौरान हलफनामे में घोषित संपत्ति में भारी अंतर पाए जाने के बाद आयकर विभाग ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। छत्रपति संभाजीनगर स्थित विट्स होटल मामले में मंत्री संजय शिरसाट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिरसाट को आयकर विभाग से सीधा नोटिस मिला है, जो शिंदे गुट के लिए बड़ा झटका है। उधर, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर संजय शिरसाट का एक चौंकाने वाला वीडियो शेयर किया है।
वीडियो में क्या?
संजय राउत की ओर से शेयर किए गए वीडियो में संजय शिरसाट के बैग में नोटों का एक बंडल देखा जा सकता है। इसे लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शिरसाट बेडरूम में बैठे नजर आ रहे हैं। उनके बगल में एक बैग पड़ा हुआ है और इस बैग में नोटों का एक बंडल दिखाई दे रहा है। इस दौरान वह फोन पर बात भी कर रहे हैं। संजय राउत की ओर से शेयर किए गए इस वायरल वीडियो के बाद काफी हलचल मच गई।
संजय शिरसाट ने वीडियो पर क्या कहा?
वायरल वीडियो के बाद संजय शिरसाट ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजय शिरसाट ने कहा कि संजय राउत ने आज भी भौंकने का काम किया है। सुबह उठते हैं तो एकनाथ शिंदे, दोपहर में उठते हैं तो एकनाथ शिंदे, सभा होती है तो एकनाथ शिंदे। संजय राउत ने आज अपने मन की सारी भड़ास निकाल ही दी। शिरसाट ने आगे कहा कि मुझे लगता है, क्या हमें उसके हाथ-पैर बांधकर अस्पताल ले जाना चाहिए? क्या ऐसी स्थिति पैदा हो गई है? मुझे लगता है आपको ऐसे बेवकूफ इंसान पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
संजय राउत पर बड़ा हमला
आगे बोलते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि उसका काम ही बड़बड़ाना है। वीडियो में दिख रहा घर मेरा है और मैं अपने बेडरूम में बैठा हूं। मेरा प्यारा कुत्ता उसके बगल में है और एक और बैग है। इसका मतलब है कि मैं किसी सफर से आया हूं और अपने बेड पर बैठा हूं। अरे मूर्खों, अगर इतना बड़ा पैसों का बैग रखना है, तो क्या अलमारियां खाली हैं? अगर उस बैग में नोट होते, तो क्या वे उसे अलमारियों में नहीं रखते... उन्हें पैसों के अलावा कुछ नहीं दिख रहा।
'शिवसेना प्रमुख ने हमें नेता नहीं, कार्यकर्ता बनकर रहना सिखाया है
शिरसाट ने कहा कि अब उन्हें कपड़े रखने के लिए बैग की नहीं, पैसों की जरूरत है। अगर मैं कहीं से आकर अपने बेडरूम में बैग रख दूं, तो खबर बन जाती है। मेरा घर मातोश्री 2 नहीं है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से पूछिए। अगर किसी ने यह वीडियो बनाया है, तो मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। शिरसाट ने यह भी कहा कि शिवसेना प्रमुख ने हमें नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता बनकर रहना सिखाया है, यही हमारी भूमिका है।
मैं उचित जवाब दूंगा, कुछ गलत नहीं किया-शिरसाट
संवाददाताओं ने शिरसाट से सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित उस वीडियो के बारे में पूछा, जिसमें वह आयकर नोटिस के बारे में बात करते सुनाई दे रहे हैं। जवाब में शिवसेना नेता ने कहा कि कुछ लोगों ने आयकर विभाग में मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसके आधार पर मुझे नोटिस जारी किया गया है। मुझे बुधवार को जवाब देना था, लेकिन मैंने अतिरिक्त समय मांगा। मैं उचित जवाब दूंगा। कुछ भी गलत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस दो चुनावों के बीच उनकी घोषित संपत्ति में हुई वृद्धि के संबंध में था। शिरसाट ने कहा कि लोग सोचते हैं कि नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। ऐसा नहीं है। मैं नोटिस का जवाब कानूनी तौर पर दूंगा।
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