महाराष्ट्र
Sunburn 2025 की नई मंज़िल मुंबई, बदलाव ने बढ़ाई फेस्टिवल की धड़कन
7 Aug, 2025 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : भारत का फेमस EDM आयोजन सनबर्न फेस्टिवल पहली बार मुंबई में होने जा रहा है। सनबर्न फेस्टिवल हमेशा गोवा में होता था। यह पहली बार है जब यह गोवा से मुंबई शिफ्ट हो गया है। यह फेस्टिवल इसी साल आयोजित किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव अतुल पाटणे ने सनबर्न फेस्टिवल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमेशा से भारत की संस्कृति और मनोरंजन को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहा है। इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है। अतुल पाटणे ने बताया कि मुंबई में सनबर्न फेस्टिवल जैसे बड़े इवेंट्स लाकर हम एक ऐसा माहौल बना रहे हैं जिससे म्यूजिक टूरिज्म को बढ़ावा मिले। इस इवेंट से पूरी दुनिया का ध्यान हमारी तरफ होगा। लोकल बिजनेस बढ़ेंगे और महाराष्ट्र एक शानदार डेस्टिनेशन के बनकर उभरेगा।
दिसंबर में होगा आयोजन
सनबर्न फेस्टिवल 19, 20 और 21 दिसंबर 2025 को मुंबई में आयोजित किया जाएगा। इस साल, सनबर्न फेस्टिवल को DJ Mag की 'टॉप 100 फेस्टिवल्स ऑफ 2025' लिस्ट में रखा गया है। यह लिस्ट में 8वें स्थान पर है। DJ Mag एक प्रसिद्ध मैगजीन है जो दुनिया के बेस्ट फेस्टिवल्स की लिस्ट निकालती है।
म्युजिक टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
सनबर्न के CEO करण सिंह ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि लगभग 20 साल पहले हमने एक सपना देखा। यह सपना था भारत में एक वर्ल्ड-क्लास EDM फेस्टिवल का होना। हमने इसी सपने के साथ सनबर्न फेस्टिवल शुरू किया। आज इस सनबर्न फेस्टिवल ने भारत को दुनिया के एंटरटेनमेंट मैप पर ला दिया है। इस फेस्टिवल ने म्यूजिक टूरिज्म को बढ़ावा दिया है।
सनबर्न फेस्टिवल के सीईओ क्या बोले
करण सिंह ने कहा कि गोवा सनबर्न फेस्टिवल की कहानी का एक अहम हिस्सा रहा है। गोवा में ही सनबर्न फेस्टिवल होता था। करण सिंह ने कहा कि लेकिन आगे बढ़ना भी जरूरी है। सनबर्न फेस्टिवल को मुंबई लाना सही फैसला है। इससे मुंबई में नई एनर्जी पैदा होगी और नए लोग हमने जुड़ेंगे। मुंबई हमेशा आगे बढ़ता रहता है और युवा दिलों की धड़कन है इसलिए इस फेस्टिवल के लिए यह परफेक्ट जगह है।
कई फेमस कलाकार देते हैं परफॉर्मेंस
करण सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को भारत की फेस्टिवल कैपिटल बनाने में मदद की है। इस साल इस महोत्सव का अलग ही एक्साइटमेंट है। 2007 से, मार्टिन गैरिक्स, स्क्रिलेक्स, स्वीडिश हाउस माफिया, एलन वॉकर, आर्मिन वैन बुरेन, डीजे स्नेक, टिएस्टो, द चेन्समोकर्स, डेविड गुएटा और हार्डवेल जैसे बड़े कलाकारों ने सनबर्न के स्टेज पर परफॉर्मेंस दी है। बड़े कलाकारों के इस मंच पर आने से य फेस्टिवल इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक के दीवानों के लिए एक खास जगह बन गया है।
गोवा बनाम मुंबई का खतरा
हालांकि सनबर्न फेस्टिवल के गोवा से मुंबई शिफ्ट होने के बाद मामला गोवा बनाम मुंबई का हो सकता है। कहा जा रहा है कि दोनों राज्यो के बीच तनाव हो सकता है क्योंकि बीते कुछ समय से गोवा टूरिज्म में गिरावट आ रही है। अब सनबर्न फेस्टिवल का भी गोवा से शिफ्ट होना यहां के लिए बड़ा झटका है।
एकनाथ शिंदे का बयान बना चर्चा का विषय, फाइटर प्लेन के बहाने क्या मांग ली बड़ी डील?
7 Aug, 2025 02:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बुधवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। शिंदे विशेष रूप से पीएम मोदी से मिलने के लिए ही परिवार के साथ दिल्ली आए था। इस मुलाकात की एक और खास बात थी, वह यह कि सबसे खास बात थी कि उनका पांच साल का पोता रुद्रांश परिवार के साथ नहीं आया था। उसकी अनुपस्थिति का जब कारण पूछा गया तो शिंदे ने जो कहा, उसका सियासी मायने निकाला जा रहा है। एकनाथ शिंदे अपकी पत्नी लता शिंदे, सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे और बहू वृषाली शिंदे के साथ आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब परिवार से मिलने आए तो उन्होंने देखा कि एकनाथ शिंदे का पोता नहीं है। पीएम ने रुद्रांश से बारे में पूछा।
पीएम मोदी से क्या बोले शिंदे
एकनाथ शिंदे जी ने पीएम मोदी को बताया कि रुद्रांश घर पर खेल रहा है। उन्होंने कहा कि रुद्रांश की एक डिमांड की है। उसने कहा है कि उसके दादा मोदी बाबा से फाइटर प्लेन और खिलौने लाएं। यह सुनकर प्रधानमंत्री मोदी खूब हंसे।
फाइटर प्लेन का जिक्र कर सियासी बोल
एकनाथ शिंदे ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात की और यह सारी बातें बताईं। इस दौरान वह बोले कि उनके पोते ने अच्छी डिमांड की है। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति और महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव की तरफ इशारा किया। शिंदे ने कहा कि फाइटर प्लेन का इस्तेमाल हमारी लड़ाई के लिए भी किया जा सकता है।
एक महीने में तीन बार दिल्ली पहुंचे शिंदे
एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा खास था। एक महीने में यह तीसरी बार था जब वह दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों को राजनीतिक मायने से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शिंदे और BJP के नेताओं के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है।
पीएम ने श्रीकांत शिंदे की तारीफ की!
शिंदे परिवार ने प्रधानमंत्री को सावन के महीने में भगवान शिव की एक तस्वीर भेंट की। एकनाथ शिंदे ने बताया कि मोदी ने उनके बेटे श्रीकांत शिंदे की तारीफ भी की। हालांकि शिंदे ने उन अटकलों को खारिज किया कि उनकी दिल्ली यात्राएं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मतभेदों के चलते हो रही हैं।
हिंदी न बोलने पर काजोल को मिली MNS की तारीफ या ताना? जानें क्या कहा पार्टी ने
7 Aug, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल के हिंदी बोलने से इनकार करने पर बवाल मचा हुआ है। इस बीच इस विवाद को राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे ने भी लपकने की कोशिश की है। मनसे ने काजोल का वह वीडियो एक्स पर साझा किया है जिसमें वह हिंदी बोलने से मना कर रही हैं। दरअसल, काजोल ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान मराठी में बोल रही थीं। वह कुछ अंग्रेजी में भी बोली थी। इस मौके पर जब उनसे एक पत्रकार ने हिंदी में बोलने का आग्रह किया था तो वह भड़क गई थीं। मनसे ने काजोल के इसी वीडियो को मुद्दा बनाने की कोशिश करते लिखा है काजोल ने मना कर दिया। गौरतलब हो कि राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे महाराष्ट्र में हिंदी को अनिवार्य करने का विरोध कर रही है। मराठी नहीं बोलने पर मनसे कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहे हैं।
अभी मैं हिंदी में बोलूं
काजोल ने कहा था कि "अभी मैं हिंदी में बोलूं, जिसको समझना है, समझ लेगा.." काजोल काफी समय से अभिनय से दूर हैं। उनकी आखिरी फिल्म सरजमीं आई थी। काजोल जहां हिंदी नहीं बोलने के लिए ट्रोल हो रही हैं तो वहीं मनसे ने उनके हिंदी बोलने से इंकार को लपकने की कोशिश की है। मनसे की एक्स हैंडल से पोस्ट किए गए वीडियो पर रिएक्शन भी आ रहे हैं। एक प्रभा नाम की एक्स यूजर ने लिखा है कि महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार में काजाेल को सम्मानित किया गया। काजोल मराठी में बोलीं। यह उनका मराठी भाषा के प्रति प्रेम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उनके इस कदम ने मराठी भाषा को गौरवान्वित किया। उन्होंने भाषाई विविधता को प्रोत्साहित किया है।
शर्म नहीं आती...यूजर का गुस्सा फूटा
काजोल के यह कहने पर कि अब मैं हिंदी में बोलूं, जिसे समझना है वो समझेगा। एक यूजर ने खूब क्लास ली है। यूजर ने लिखा है कि अगर हिंदी बोलने में शर्म आती है तो बॉलीवुड में काम करना बंद कर दो। ये दोगलापन छोड़ दो। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि 'हिंदी से हीरोइन बन गई। अब मराठी बोलकर नेता बन रही है। शर्म आनी चाहिए। यह विवाद ऐसे वक्त पर हुआ है जब काजोल के पति अजय देवगन की सन ऑफ सरदार 2' फिल्म आई है। इसके ट्रेलर लॉन्च पर काजोल के पति अजय देवगन ने महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर कहा था कि मैं आपको सिर्फ इतना कह सकता हूं-आता माझी सटकली।
मुंबई पुलिस कमिश्नर का जनता से जुड़ाव, बिना अपॉइंटमेंट मिलें और शिकायत करें
6 Aug, 2025 05:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 1 मई को मुंबई पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद 1994 बैच के आईपीएस देवेन भारती अब एक्शन में आ गए हैं। मुंबई पुलिस ने आयुक्त ने जनता दरबार की शुरुआत की है। देवेन भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जनता दरबार की कुछ फोटो साझा करके लिखा है कि नो अपॉइंटमेंट...हर मंगलवार को शाम साढ़े तीन बजे मैं शिकायतें सुनने के लिए उपलब्ध रहूंगा। भारती ने साफ किया है कि इसके लिए कोई अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं होगी। मुंबई पुलिस के शीर्ष अधिकारी के देवेन भारती ने साफ किया है कि इस पहल का मकसद न केवल शिकायतों का समाधान करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मुंबईकरों को अपनी बात रखने के लिए एक सुलभ और पारदर्शी मंच मिले।
मुख्यालय में जनता दरबार
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती की बड़ी पहल के बाद मुंबईकर अब अपनी शिकायतों को जरूरी होने पर शीर्ष स्तर पर भी रख सकेंगे। जनता दरबार में आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा। इस जनता दरबार की खास बात यह है कि इस मुलाकात के लिए किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। जिससे आम लोग बिना किसी औपचारिकता के अपनी बात सीधे पुलिस आयुक्त तक पहुंचा सकेंगे। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है।
सीधे जनता से होगा संवाद
मुंबई पुलिस में काफी समय बाद ऐसा हुआ है कि जब मुंबई पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी इस तरह जनता के लिए सीधे उपलब्ध होंगे। इस दरबार में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह छोटी-मोटी शिकायत हो या गंभीर मुद्दा, सीधे पुलिस आयुक्त से मिलकर अपनी बात रख सकता है। मुंबईअपराध, ट्रैफिक, और सामाजिक समस्याएं आम हैं। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के जनता दरबार को सोशल मीडिया पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। देवेन भारती 26/11 मुंबई हमले के दोषी कसाब को फांसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह मूलरूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं। उन्हें मुंबई की अच्छी समझ है क्योंकि उन्होंने अपनी पुलिस सेवा का लंबा वक्त मुंबई में बिताया है।
नंदनी मठ में फिर गूंजेगी महादेवी की चहलकदमी? CM से चर्चा के बाद उम्मीद जगी
6 Aug, 2025 05:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जैन मठ की हथिनी महादेवी उर्फ माधुरी को वापस लाने की मांग के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। बुधवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वनतारा के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुलाकात की। इसमें हाथिनी की वापसी को लेकर संवेदनशील और कानूनी रूप से संतुलित रास्ता निकालने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि वनतारा ने राज्य सरकार के प्रयासों को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वनतारा ने भरोसा दिलाया है कि वह उस याचिका का हिस्सा बनेगा। जिसे महाराष्ट्र सरकार महादेवी हाथिनी (माधुरी) को सुरक्षित रूप से नंदनी मठ वापस लाने के लिए दायर करने जा रही है। उधर दिल्ली में शिवसेना के नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया। वनतारा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया था। उनका मकसद हाथिनी को अपने पास रखने का नहीं था, बल्कि अदालत के निर्देश के अनुसार उसकी तुरंत चिकित्सा, व्यवहारिक देखभाल और भलाई सुनिश्चित करना था।
फडणवीस ने दिया बड़ा अपडेट
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी बताया कि वनतारा ने राज्य सरकार को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है, ताकि कोल्हापुर जिले के नंदनी मठ के पास वन विभाग द्वारा तय की गई जगह पर महादेवी के लिए एक पुनर्वास केंद्र बनाया जा सके। वनतारा ने एक बयान में कहा है कि यह निर्णय दिखाता है कि वनतारा ने न सिर्फ अदालत के आदेशों का ईमानदारी से पालन किया, बल्कि कोल्हापुर के लोगों की भावनाओं का भी पूरा सम्मान किया है। महादेवी की सेहत, सुरक्षा और भावनात्मक स्थिति को प्राथमिकता देकर वनतारा ने करुणा और संस्कृति के सम्मान के बीच एक सुंदर संतुलन दिखाया है। यह साझा प्रयास न सिर्फ कानून और भावनाओं को जोड़ता है, बल्कि महादेवी (माधुरी) को एक सुरक्षित, स्नेहमयी और गरिमापूर्ण भविष्य देता है। कोल्हापुर के लोगों के लिए यह एक भावनात्मक सुकून की घड़ी है। महादेवी नाम की हथिनी को जुलाई महीने के आखिर में कोल्हापुर से गुजरात जामनगर ले जाया गया था। इसके बाद लोगों का आक्रोश सामने आया था। बाद में लोगों के आंदोलन को साधु संतों का भी समर्थन मिल गया था। इसके बाद स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने यह मुद्दा उठाया था। तब सीएम फडणवीस ने कहा था कि नंदनी मठ के साथ सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी।
वनतारा ने कहा, पीड़ा हुई तो माफ करें
वनतारा ने एक बयान में कहा है कि हम यह भलीभांति समझते हैं कि जैन मठ और कोल्हापुर के लोगों के लिए महादेवी (माधुरी) एक गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का विषय हैं। दशकों से वह आध्यात्मिक परंपराओं और सामाजिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। हम श्रद्धालुओं, जैन मठ के नेतृत्व और व्यापक समुदाय की भावनाओं, चिंताओं और माधुरी से जुड़ी गहराई को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं। इस विषय में वनतारा की भूमिका केवल माननीय सुप्रीम कोर्ट और माननीय बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने तक ही सीमित रही है। यदि न्यायालय अनुमति देता है, तो वनतारा माधुरी की सुरक्षित और गरिमामयी वापसी के लिए संपूर्ण तकनीकी और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा। वनतारा ने बयान में कहा है कि यदि हमारी उपस्थिति जो कि पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही रही है। किसी भी रूप में जैन समुदाय या कोल्हापुर के लोगों के लिए पीड़ा का कारण बनी हो, तो हम अपनी गहन क्षमा याचना करते हैं। इससे पहले अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में बेकाबू हुए हाथियों को संभालने और उनकी मानसिक स्थिति ठीक करने में भी वनतारा ने हाथ बढ़ाया था। तब हाथियों के वनतारा ले जाया गया था।
TCS ऑफिस के बाहर इंजीनियर की हालत देख लोग बोले– यह सिर्फ उसकी नहीं, हमारी भी हार है
6 Aug, 2025 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पुणे इन दिनों चर्चा में है। यहां का एक इंजीनियर सौरभ मोरे की तस्वीर वायरल हो गई है। यह इंजीनियर कंपनी के सह्याद्री पार्क ऑफिस के बाहर फुटपाथ पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। वह एक चादर ओढ़े हुए है और सिर के लैपटॉप बैग है, जो तकिये की तरह रखा है। उसके हाथ में एक लेटर है, जिस पर उसने लिखा कि उन्हें सैलरी नहीं मिली। उसके पास रुपये नहीं है इसलिए फुटपाथ पर रहने के अलावा कोई चारा नहीं है। सौरभ मोरे की यह तस्वीर 2 अगस्त को 'beingpunekarofficial' नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट की गई। अब यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है। यह जमकर शेयर की जा रही है। खूब लाइक्स मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस भी छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर लोग कर्मचारियों के साथ कंपनी में होने वाले व्यवहार, उनकी बकाया सैलरी और कंपनी के अंदरूनी कामकाज को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कुछ कंपनी के पक्ष में हैं तो अधिकांश इस इंजीनियर के साथ हमदर्दी रख रहे हैं।
TCS के सौरभ मोरे के लेटर में क्या लिखा?
सौरभ मोरे के हाथ में जो लेटर नजर आ रहा है। वह हाथ से लिखा गया है। उसमें लिखा है, 'मैंने 29 जुलाई को टीसीएस सह्याद्री पार्क के पुणे ऑफिस में रिपोर्ट किया था। अभी तक मेरा ID Ultimatix और TCS सिस्टम पर एक्टिव नहीं हुआ। मुझे मेरी सैलरी नहीं दी गई। 30 जुलाई 2025 की मीटिंग हुई थी। इसमें कहा गया था कि वेतन दे दिया जाएगा। एचआर ने उन्हें अगले दिन पेमेंट अकाउंट में भेजने को कहा था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।'
सौरभ ने आगे लिखा, 'मैंने एचआर को बताया है कि मेरे पास रुपये नहीं हैं। मुझे TCS के बाहर फुटपाथ पर सोने और रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।' टीसीएस के एचआर ने सौरभ के मामले में कोई जवाब नहीं दिया। सौरभ 29 जुलाई से TCS के सामने फुटपाथ पर रह रहे हैं। सौरभ ने बताया कि वह छुट्टी पर गए थे। लौटे तो उनके इंटरनल सिस्टम का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया था। उनकी सैलरी रोक दी गई। वह अब सड़क पर आ गए हैं।
TCS ने क्या दिया जवाब?
TCS ने सौरभ मोरे के मामले पर एक बयान जारी किया है। कंपनी ने कह कि यह बिना परमिशन के छुट्टी पर जाने का मामला है। इंजीनियर ऑफिस में बिना किसी पूर्व सूचना के छुट्टी पर चला गया था। कंपनी के स्टैंडर्ड प्रोसेस के अनुसार उसकी सैलरी रोकी गई है। कंपनी ने कहा कि सौरभ मोरे अब काम पर लौट आया है। हमने फिलहाल उसे रहने की जगह दी है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि अब वह ऑफिस के बाहर नहीं रह रहा है।
यात्रियों की मुश्किल बढ़ी! 6 से 8 अगस्त तक लोकल ट्रेन सेवा में बड़ा बदलाव
6 Aug, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : लोकल ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए जरूरी खबर है। मुंबई में मध्य रेलवे ने वाशी स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने का फैसला किया है। यह सिस्टम सिग्नल को कंट्रोल करने के लिए किया जा रहा है। इस इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के चलते कई लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी। कई के टाइम में परिवर्तन किया गया है तो कुछ ब्लॉक में प्रभावित होंगी। मध्य रेलवे का वाशी स्टेशन पर काम 6 अगस्त से 8 अगस्त तक रात चलेगा। इस कुछ लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी। कुछ ट्रेनों के समय पर परिवर्तन भी किया गया है। काम 6 अगस्त से 8 अगस्त तक रोज रात 10:45 से सुबह 3:45 तक चलेगा। इस दौरान अप और डाउन दोनों लाइनों पर काम होगा।
लोकल ट्रेनों को कहां रोक जाएगा
रात 8:54 की बेलापुर-सीएसएमटी लोकल ट्रेन वाशी स्टेशन पर ही रद्द कर दी जाएगी। यह आगे नहीं जाएगी। रात 9:16 की बेलापुर-सीएसएमटी लोकल वडाला स्टेशन पर ही रोक दी जाएगी। रात 10:00 बजे की बांद्रा-सीएसएमटी लोकल वडाला स्टेशन तक ही चलेगी। रात 10:50 और 11:32 की पनवेल-वाशी लोकल नेरुल स्टेशन पर ही रोकी जाएगी।
ये लोकल ट्रेनें कैंसल
7 और 8 अगस्त की सुबह लोकल ट्रेन के शेड्यूल में परिवर्तन रहेगा। सुबह 5:10 बजे की सीएसएमटी-गोरेगांव लोकल सीएसएमटी से नहीं बल्कि वडाला रोड स्टेशन से चलेगी। 6 से 8 अगस्त के बीच कुछ लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द किया गया है। सीएसएमटी से वाशी जाने वाली रात 9:50, 10:14 और 10:30 बजे की ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है। वाशी से सुबह 4:3 और 4:25 बजे सीएसएमटी जाने वाली ट्रेनें भी रद्द रहेंगी।
वेलंकणी उत्सव पर स्पेशल ट्रेनें
वहीं गुड न्यूज यह है कि वेलंकणी उत्सव के लिए पश्चिम रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनें भी चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें बांद्रा टर्मिनस से वेलंकणी के बीच चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों को 27 अगस्त से 9 सितंबर तक ये चलाने का फैसला लिया गया है। गाड़ी नंबर 09093/4 बांद्रा टर्मिनस से रात 8:40 बजे छूटेगी। यह ट्रेन 27 अगस्त और 6 सितंबर को भी चलेगी। गाड़ी नंबर 09094 वेलंकणी टर्मिनस से रात 12:30 बजे चलेगी। इन स्पेशल ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन शुरू हो गया है।
कुत्ते पर जुल्म का वीडियो वायरल, गुस्साए लोगों ने युवक को सरेआम पीटा
6 Aug, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: नवी मुंबई के कोपरखैरने इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स आवारा कुत्ते को लकड़ी के मोटे पट्टे से बेरहमी से पीट रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना का वीडियो मो. रईज़ नाम के यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी युवक लकड़ी के मोटे प्लाईवुड से कुत्ते पर कई बार वार कर रहा है, जबकि कुत्ता बेबस होकर मार खाता रहा। इसके बाद लोगों ने आरोपी युवक को ढूंढा और फिर उसकी भी धुनाई कर डाली। वहीं बताया जा रहा है कि कुत्ते को बचा लिया गया है और उसका इलाज चल रहा है।
लोगों ने की आरोपी की धुनाई
रईज़ ने एक फॉलो-अप पोस्ट में बताया कि आरोपी युवक की मां ने इस हरकत को उकसाया और बाद में उसका समर्थन किया। उन्होंने कथित रूप से कहा कि ज़रूरत पड़ी तो फिर ऐसा करेंगे। इस बयान से सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा और भड़क गया। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, स्थानीय लोगों ने आरोपी युवक को पहचान लिया और उसका सार्वजनिक रूप से विरोध किया। एक वीडियो क्लिप में एक महिला को आरोपी को चप्पलों से पीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि दर्जनों लोग उसे घेरकर खड़े हैं।
एक्शन और रिएक्शन का वीडियो भी किया शेयर
घर के क्लेश नाम के एक यूजर ने इस पूरे मामले के एक्शन और रिएक्शन का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को 2 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। इस वीडियो में पहले भाग में आरोपी कुत्ते को पीटता हुआ दिख रहा है। वहीं दूसरे भाग में आरोपी को लोगों की भीड़ पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। भीड़ में महिलाएं भी मौजूद है जो चप्पलों से उसकी धुनाई करते हुए देखी जा सकती है।
आरती साठे की जज नियुक्ति पर विपक्ष हमलावर, राजनीतिक लिंक पर उठाए सवाल
6 Aug, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट के जज के रूप में एक नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह नियुक्ति है आरती अरुण साठे की। आरती साठे को बॉम्बे हाई कोर्ट जस्टिस की नियुक्ति का ऐलान सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 जुलाई को किया। अब उनका नाम सोशल मीडिया पर खूब चल रहा है। महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई है। आरती साठे की नियुक्ति को लेकर महाराष्ट्र में विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। दरअसल आरती साठी कोई और नहीं बल्कि बीजेपी की नेता हैं। वह महाराष्ट्र बीजेपी की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। आरती साठे का नाम लिस्ट में आने के बाद एक-दो दिन मामला शांत रहा क्योंकि किसी ने इस पर खास ध्यान नहीं दिया। जैसे-जैसे यह लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, विपक्ष ने सवाल करने शुरू कर दिए। विपक्ष के नेताओं ने कहा है कि न्यायपालिका जैसे संस्थान में राजनीतिक बैकग्राउंड वाले की नियुक्ति नहीं होना चाहिए। आरती साठे की नियुक्ति को कैंसल करने की मांग उठने लगी है।
कौन हैं आरती साठे
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 जुलाई को बॉम्बे हाई कोर्ट में 3 नए जजों की नियुक्ति की। ये 3 नाम हैं अजित कडेथनकर, आरती साठे और सुरेश गोधेश्वर। विवाद आरती अरुण साठे के नाम को लेकर है। आरती साठे महाराष्ट्र के जानेमाने फैमिली कोर्ट के लॉयर क्रांति साठे की बेटी हैं। आरती के पति अरुण भी वकील हैं। अरुण टैक्सेशन लॉ के सीनियर काउंसल हैं।
सुनील दत्त के खिलाफ बीजेपी से चुनाव लड़े थे पिता
आरती साठे का परिवार मुंबई में ही रहता है। वह लंबे समय तक महाराष्ट्र बीजेपी की प्रवक्ता रही हैं। आरती ने जनवरी 2024 में बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। उनके क्रांति साठे भी बीजेपी नेता रहे हैं। वह 1989 में बीजेपी की टिकट से मुंबई लॉर्थ वेस्ट का लोकसभा चुनाव लड़े थे। हालांकि क्रांति साठे को कांग्रेस प्रत्याशी सुनील दत्त से हार का सामना करना पड़ा था।
क्रिप्टकरंसी की एक्सपर्ट
आरती साठे खुद सीनियर काउंसल प्रेसी परदीवाला के चैंबर में काम कर चुकी हैं। प्रेसी परदीवाला इनकम टैक्स के मामले देखता है। आरती साठे की उम्र 40 साल की है। वह टैक्सेशन लॉ की एक्सपर्ट हैं। वह क्रिप्टोकरंसी की लीगल रिजीम में हैं।
रोहित पवार ने उठाए सवाल
आरती साठे की एडिशनल जज की नियुक्ति ने सियासी बवाल मचा दिया है। शरद पवार की एनसीपी के नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके आरती की नियुक्ति का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सत्ताधारी पार्टी का पक्ष रखता हो। किसी पार्टी का नेता हो, वह हाई कोर्ट का जज कैसे हो सकती है? उन्होंने आरती साठी की नियुक्ति को अनुचित बताते हुए कहा कि यह न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर प्रभाव डालेगी।
नाना पटोले बोले- सीजेआई संज्ञान में लें
रोहित पवार ने कहा कि आरती साठे की न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा आघात है। उन्होंने कहा कि इससे न्यायिक प्रणाली की निष्पक्षता पर दूरगामी परिणाम होंगे। यह न्यायपालिका को राजनीतिक अखाड़े में बदल देगा। उन्होंने कहा कि जब किसी हाई कोर्ट का जज राजनीतिक पृष्ठभूमि हो, वह खुद किसी पार्टी में रहा हो तो कौन गारंटी देगा कि न्याय राजनीतिक पूर्वाग्रह वाला नहीं होगा। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भी आरती साठे की नियुक्ति का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मामला चिंताजनक है। यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। मुख्य न्यायाधीश को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
बीजेपी ने दी सफाई
वहीं बीजेपी के चीफ स्पोक्सपर्सन केशव उपाध्याय ने कहा कि आरती साठे ने डेढ़ साल पहले ही बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। उनका इन वर्षों में पार्टी से कोई लेनादेना नहीं रहा। अब डेढ़ साल बाद उनकी नियुक्ति हुई है। उनका बेजीपी से कोई नाता नहीं है। रोहित पवार या कांग्रेस अगर उनकी नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं तो बता दूं कि उन्हें बीजेपी ने नियुक्त नहीं किया है। यह सुप्रीम कोर्ट कोलिजम की सिफारिश है।
MMRC का बड़ा दावा: आरे मेट्रो से फिल्म सिटी तक जल्द शुरू होगा रोपवे प्रोजेक्ट
6 Aug, 2025 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबईकरों के लिए गुड न्यूज है। मुंबई में अब फिल्म सिटी जाना और भी आसान हो जाएगा। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने मेट्रो लाइन 3 पर आरे स्टेशन और गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के बीच रोपवे कनेक्टिविटी का प्रस्ताव रखा है। भविष्य में इसे संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) तक भी बढ़ाया जा सकता है। इस रोपवे का मकसद है कि फिल्म सिटी जैसे व्यस्त इलाके में लोगों को आने-जाने में आसानी हो। क्योंकि वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा कम है।
प्रोजेक्ट की तैयारी कैसी?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अभी यह प्रोजेक्ट प्लानिंग के शुरुआती दौर में है और न तो बजट और न ही समय-सीमा का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सिस्टम मोनो-केबल, बाई-केबल या ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला सिस्टम का इस्तेमाल कर सकता है। यह सब जांच के बाद तय होगा कि कौन सी तकनीक सही रहेगी।
PPP मॉडल से बनेगा रोपवे
यह रोपवे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनेगा। इसमें प्राइवेट कंपनियां पैसा लगाएंगी और सरकार भी मदद करेगी। इसे डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन, हस्तांतरण (डीबीएफओटी) फ्रेमवर्क के तहत बनाया जा सकता है। कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो कॉरिडोर को मेट्रो लाइन 3 के नाम से जाना जाता है। जो कि 33.5 किलोमीटर लंबी है। यह अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है। इसका एक हिस्सा शुरू हो चुका है और दूसरा बन रहा है।
कितने यात्री कर सकेंगे सफर?
यह रोपवे मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एक कोशिश है ताकि मेट्रो लाइन 3 स्टेशनों से दूर के इलाकों तक भी पहुंचा जा सके। अनुमान है कि यह कॉरिडोर 2-3 किलोमीटर लंबा होगा। इससे हर घंटे एक दिशा में 2,000-3,000 यात्री सफर कर सकेंगे। फिल्म सिटी संजय गांधी नेशनल पार्क के पास है। वहां हर दिन बहुत से लोग काम करने और घूमने आते हैं। लेकिन वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधा नहीं है। यहां अक्सर जाम लगा रहता है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
अधिकारियों का कहना है कि रोपवे से पर्यावरण को कम नुकसान होगा। सड़कों की जगह केबल का इस्तेमाल होगा। इससे जमीन कम चाहिए होगी और हरे-भरे इलाके बच जाएंगे। अगर यह प्रोजेक्ट पूरा होता है तो यह देश के उन कुछ रोपवे में से एक होगा जो मेट्रो से जुड़ा होगा और शहर में ट्रांसपोर्ट का एक अहम हिस्सा बनेगा।
कबूतरखानों पर सख्ती के संकेत, फडणवीस बोले- अब बनेगा नया कानून
6 Aug, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा है कि कबूतरखानों को अचानक ही बंद कर देना उचित नहीं हैं। कबूतरों की देखभाल और आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए उन्हें दाना डालने और न डालने के समय के संबंध में नियम बनाना चाहिए। कबूतरखानों के बारे में लिए गए निर्णय को अमल करते हुए समय वैकल्पिक उपाय किए जाने चाहिए, ताकि कबूतरखाना क्षेत्र में कबूतरों को भूखे रहने पर मजबूर नहीं होना पड़े। उन्होंने बीएमसी को निर्देश दिया कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक कबूतरों को नियंत्रित भोजन की आपूर्ति जारी रखे।
कबूतरखानों के बंद करने के बाद पैदा हुई समस्या को हल करने के लिए मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बैठक की जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा, विधायक कालिदास कोलंबकर, मुंबई कमिश्नर भूषण गगरानी, वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर उपस्थित थे।
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि कबूतरों की जान बचाना, पर्यावरण की रक्षा करना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा जरूरी है। शहर में विभिन्न स्थानों पर कबूतरों की बड़ी संख्या के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं, बीट से होने वाला प्रदूषण और सार्वजनिक स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न की शिकायत है। सीएम ने कहा कि कबूतरखानों के स्वास्थ्य प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है और इसके लिए संबंधित विशेषज्ञों की सहायता से एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। कबूतरों की बीट की सफाई के लिए उपलब्ध तकनीकी समाधानों पर विचार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस बारे में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी चर्चा की है। कबूतरखानों से जुड़े मुद्दों पर उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है। राज्य सरकार और बीएमसी को इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखना चाहिए। यदि आवश्यक पड़ी तो राज्य सरकार आवश्यकतानुसार सर्वोच्च न्यायालय में भी अपना पक्ष रखेगी।
बीएमसी को पक्षी खाने का निर्माण और रखरखाव करने के निर्देश भी दिए। मंगलवार को बीएमसी की ओर से बताया गया कि 13 जुलाई से तीन अगस्त के बीच उन्होंने शहर भर के विभिन्न कबूतरखानों में कबूतरों को दाना डालने वाले 142 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और उसने 68,700 रुपये का जुर्माना वसूला है।
ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, महाराष्ट्र में चुनाव का रास्ता साफ
5 Aug, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में 2022 से अटके स्थानीय निकाय चुनावों का सुप्रीम कोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया है। महाराष्ट्र में मुंबई के बीएमसी चुनावों के साथ लोकल बॉडी पोल्स नई वार्डबंदी के साथ होंगे। इन चुनावों में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण भी लागू होगा। सोमवार को एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में स्थानीय निकाय के चुनावों से जुड़ी अंतिम बाधा को भी दूर कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावों में 27 फीसदी आरक्षण को स्वीकृति देने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने शीर्ष अदालत के इस निर्देश के लिए सराहना की है। गौरतलब हो कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीति गरमाई हुई। सभी की नजरें मुंबई बीएमसी चुनावों पर लगी हुई हैं। स्थानीय निकाय चुनाव तीन चरण में होने की उम्मीद है। मुंबई में अंतिम फेस में वोटिंग के आसार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव मिनी-विधानसभा चुनावों से कम नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण और नई वार्ड रचना के साथ चुनावों को मंजूरी दे दी है। कोर्ट का यह निर्देश नगर निगम, नगरपालिका और जिला परिषद चुनावों पर लागू रहेगा। कोर्ट ने नई वार्ड रचना को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को चार हफ्तों के भीतर चुनाव संबंधी निर्देश जारी करने के आदेश दिए थे। सोमवार की सुनवाई में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पिछले 27% ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव कराए जा सकते हैं। राजनीतिक प्रेक्षक दयानंन नेने कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि सरकार 2017 के वक्त जो ओबीसी आरक्षण था उसे इन चुनावों में रखे। नेने कहते हैं कि उस वक्त 27 फीसदी आरक्षण था। नेने के अनुसार मुंबई को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में चार पैनल के आधार पर ही चुनाव होंगे। मुंबई के एक वार्ड में एक कैंडिडेंट सिस्टम है।
क्या थी अभी तक अड़चन?
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य में यह विवाद था कि नई वार्ड रचना के अनुसार चुनाव कराए जाएं या पुरानी रचना के अनुसार। क्योंकि पहले महायुति सरकार ने प्रभाग रचना में बदलाव किया था, फिर महाविकास आघाड़ी सरकार ने उसमें फेरबदल किया, और इसके बाद एकनाथ शिंदे सरकार के आने पर एक बार फिर संशोधन हुआ था।
इसके बाद लातूर जिले के औसा नगर पंचायत से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसमें यह मांग की गई थी कि 11 मार्च 2022 से पहले की प्रभाग रचना के अनुसार ही चुनाव कराए जाएं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वार्डबंद तय करने का अधिकार राज्य सरकार का है, और राज्य सरकार जैसा तय करेगी उसी अनुसार चुनाव होंगे।
कितनी सीटों पर होंगे चुनाव?
शहरी क्षेत्रों में, 29 नगर निगमों (जालना और इचलकरंजी नवगठित) में से सभी प्रशासकों द्वारा संचालित हैं। ये बिना किसी निर्वाचित निकाय के हैं। राज्य में 248 नगर परिषदें हैं और सभी में प्रशासक हैं। 147 नगर पंचायतों में 42 में चुनाव होंगे। ग्रामीण महाराष्ट्र में, कुल 34 जिला परिषदों में से 32 में प्रशासक हैं। भंडारा और गोंदिया को छोड़कर, जिनका कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होगा। पंचायत समितियों के मामले में कुल 351 पंचायत समितियों में से 336 में प्रशासक हैं जहां चुनाव होंगे। सबसे ज्यादा अहम मुंबई बीएमसी के चुनाव हैं। चुनाव आयोग द्वारा नए सिरे से वार्ड बंदी की गई है।
कबूतरों के लिए दाना डाला, इंसानों से झेलनी पड़ी मार – मीरा रोड में हमला
5 Aug, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई से सटे ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में हैरान करने वाली घटना हुई। 69 साल के एक आदमी और उसके बेटे पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। यह हमला इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने एक महिला को कबूतरों को दाना डालने से मना किया था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कबूतरों को दाना डालने को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) को सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना डालने पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इससे सेहत को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो लोग इस नियम को तोड़ते हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बीएमसी को पूरे शहर में इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है।
मीरा रोड में क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, महेंद्र पटेल और उनके 46 साल का बेटे प्रेमल पर रविवार की सुबह हमला हुआ। यह घटना मीरा रोड के ठाकुर मॉल के पास डी बी ओजोन बिल्डिंग में हुई। महेंद्र पटेल ने देखा कि ए व्यास नाम की एक 56 वर्षीय महिला बिल्डिंग के कॉमन एरिया में कबूतरों को दाना डाल रही है। पटेल ने उनसे ऐसा करने से मना किया। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा कबूतर आते हैं और लोगों के लिए गंदगी होती है।
लोहे की रॉड से हमला
इस बात पर दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि व्यास ने पटेल को गाली दी। प्रेमल ने शोर सुनकर वहां पहुंचे और व्यास को अपने पिता के साथ इस तरह के व्यवहार के लिए टोका। मामला और बढ़ गया जब सोमेश अग्निहोत्री और दो अज्ञात लोग व्यास के साथ मिलकर पटेल और उनके बेटे पर हमला करने लगे। प्रेमल की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें लात मारी। मुक्का मारा और लोहे की रॉड से भी हमला किया।
एफआरआर दर्ज
प्रेमल ने पुलिस को बताया कि एक आरोपी ने तो उसका गला तक दबाने की कोशिश की। काशीमीरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रंजीत अंधले ने बताया कि उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1), 115(2), 352 और 3(5) के तहत दर्ज की गई है। यह शिकायत पीड़ित के बेटे ने दर्ज कराई है।
पुलिस ने क्या कहा?
अंधाले ने कहा कि हालांकि किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया और चोटें गंभीर नहीं हैं। फिर भी हम लोहे की छड़ के इस्तेमाल के दावों की पुष्टि कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी। संदिग्धों को नोटिस जारी किए गए हैं और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सरकार ने उठाया बड़ा कदम, महादेवी हथिनी की वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका तय
5 Aug, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गुजरात के वनतारा ले जाएगी नंदिनी मठ की हथिनी महादेवी को वापस लाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नंदिनी मठ की हथिनी महादेवी उर्फ माधुरी को वापस लाने की मांग के बीच यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में मठ के साथ पूरी तरह से खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक अलग पुनर्विचार याचिका भी दायर करेगी और हाथी की वापसी के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी। गौरतलब हो कि महादेवी को अनंत अंबानी के वनतारा में भेजे जाने के बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आंदोलन खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ यह भी ऐलान किया कि इस प्रकरण में लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। महादेवी हथिनी सालों से जैठ मठ का हिस्सा थी। लोगों के विरोध के बाद साधु संत भी इसमें जुड़ गए थे।
कैबिनेट हॉल में सीएम की बैठक
मंगलवार को नंदिनी मठ की हथिनी माधुरी उर्फ महादेवी को वापस लाने के संबंध एक बैठक हुई। इसमें इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर सहित नंदनी मठ के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बैठक में फडणवीस ने कहा कि कोल्हापुर ताल शिरोल स्थिति नंदनी मठ को माधुरी हाथिनी की वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए। सीएम ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार भी एक अलग से याचिका शीर्ष अदालत में दाखिल करेगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाएगी। महादेवी को कोर्ट के आदेश पर ही कोल्हापुर से गुजरात वनतारा भेजा गया है।
सीएम ने किया जनभावना का जिक्र
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि माधुरी हथिनी पिछले 34 सालों से नंदनी मठ में है। जनभावना है कि माधुरी मठ में वापस आनी चाहिए। सीएम ने कहा कि वन विभाग की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में अलग से विस्तृत स्थिति प्रस्तुत की जाएगी। इसमें उच्च स्तरीय समिति द्वारा सुझाए गए सभी मुद्दों और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानदंडों का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार हथिनी की देखभाल और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए डॉक्टरों सहित एक टीम का गठन करेगी। यदि जरूरी हुआ रेस्क्यू सेंटर जैसी व्यवस्था की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि उसके अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति नियुक्त करने का भी अनुरोध किया जाएगा। इस मौके पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि वन विभाग को महाराष्ट्र से बाहर ले जाए गए सभी हाथियों की जानकारी एकत्र करनी चाहिए।
434 करोड़ की ड्रग्स बरामद, शर्ट की एक तस्वीर ने खोली पूरी सप्लाई चेन
5 Aug, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह ड्रग तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई है। केस की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मुंबई की साकीनाका पुलिस ने जांच के दौरान खुलासा किया कि किस तरह ड्रग्स की तस्करी का रैकेट काम करता था। कर्नाटक से महाराष्ट्र तक ड्रग्स की तस्करी और इंटरनेशनल स्तर तक इसकी सप्लाई होती थी। ड्रग्स सप्लायर इसके लिए अनोखा और बेहद गुप्त तरीका अपनाते थे। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में 'शर्ट की फोटो' को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई और प्रोडक्शन की प्रक्रिया दो अलग-अलग गिरोह करते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों ही गैंग के सदस्यों को एक-दूसरे के बारे में कुछ पता नहीं होता था।
खतरनाक मॉडस ओपेरेंडी करते थे यूज
यह ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री और इसके सप्लाई की चेन पूरे ऑपरेशन की सबसे खतरनाक और शातिर 'मॉडस ओपेरेंडी' अपनाती थी। पुलिस ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था से नेटवर्क की परतें खोलना बेहद मुश्किल हो जाता है। हालांकि हाईटेक पुलिस ने इसकी पर्तें खोल ही लीं।
इस तरह फैक्ट्री से बेंगलुरु जाती थी खेप
साकीनाका पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मैसूर की फैक्ट्री में एमडी ड्रग्स तैयार होती थी। यहां काम करने वालों को नहीं पता होता था कि यह कहां जाएगी। खेप को एक दूसरे गैंग के जरिए सबसे पहले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचाया जाता था। बेंगलुरु में मुंबई गैंग का एक मेंबर पहले से ही मौजूद होता था। ड्रग्स सप्लाई करने और उसे लेने आने वालों को एक दूसरे को एक कोड दिखाना होता था।
ड्रग्स की ऐसे होती थी डिलीवरी
पुलिस ने बताया यह कोड एक टीशर्ट होती थी। जो हर बार सप्लाई के लिए अलग-अलग यूज की जाती थी। दोनों के पास सेम टीशर्ट का फोटो वॉट्सऐप किया जाता था। फिर वे एक दूसरे को वह दिखाकर खेप की सप्लाई करते थे। इस तरह खेप को बेंगलुरु से मुंबई तक लाया जाता था। यहां इसे मुंबई के विभिन्न इलाकों में स्थानीय सप्लायर्स के जरिए सप्लाई होता था।
सड़क मार्ग से होता था ट्रांसपोर्टेशन
पुलिस ने बताया कि ड्रग्स का पूरा ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम सड़क मार्ग पर आधारित था। वे हवाई या ट्रेन मार्गों में होने वाली जांच से बचने के लिए रोड का यूज करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क ड्रग्स को बसों और निजी वाहनों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करता था। मैसूर से बेंगलुरु और फिर मुंबई तक का सफर तय कर ड्रग्स को छिपाकर पहुंचाया जाता था। इस तरह की रणनीति से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने में काफी हद तक सफलता भी मिली।
आईबी ने भी शुरू की जांच
इस मामले में अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की भी एंट्री हो चुकी है। सोमवार को आईबी अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ड्रग्स फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। साथ ही यह भी आशंका है कि इसका लिंक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी हो सकता है। साकीनाका पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चेन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।
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