महाराष्ट्र
मुंबई में मूसलाधार बारिश से झूमी तुलसी झील, ओवरफ्लो की खुशखबरी
18 Aug, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश के लौटने झीलें पानी से भर गई हैं। एक अनुमान के अनुसार मुंबई की झीलें 90.68 प्रतिशत तक भर गई हैं। ऐसा पिछले तीन दिनों में अच्छी बारिश होने से हुआ है। इसके बाद अब मुंबई की पानी की टेंशन खत्म होते हुए दिख रही है क्योंकि मौसम विभाग (IMD) ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान दिया है। ताजा अपडेट में बताया गया है कि मुंबई को जलापूर्ति करने वाली 7 झीलों में पर्याप्त जल भंडारण हो गया है। बारिश इसी तरह होती रही तो शेष बची झीलें भी लबालब होकर छलकने लगेंगी।
तुलसी झील हुई ओवरफ्लो
तुलसी झील शनिवार शाम से पूरी तरह भरकर बहने लगी है। इससे पहले मध्य वैतरणा, मोडक सागर और तानसा झील में ओवरफ्लो हुई थी। तुलसी झील की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 804.60 करोड़ लीटर (8,046 मिलियन लीटर) है। अब अपर वैतरणा, भातसा और विहार झील ही भरना शेष रह गई है। यह तीनों झीलें भी जल्द भरने की कगार पर हैं। अपर वैतरणा में 86.48 प्रतिशत, भातसा में 89.23 प्रतिशत और विहार झील 89.92 फीसदी पानी भर चुका है। बीएमसी प्रशासन ने मौसम विभाग के हवाले से अनुमान जताया है कि बारिश इसी तरह जारी रही, तो जल्द सभी झीलें ओवरफ्लों हो जाएंगी। इससे मुंबई वासियों के साल भर के पानी की व्यवस्था हो जाएगी। बीच में बादलों के रूठने से यह चिंता खड़ी हो गई थी कि मुंबई की प्लास बुझाने वाली झीलें कब भरेंगी?
कहां पर है तुलसी झील?
तुलसी झील उत्तरी मुंबई में स्थित एक मीठे पानी की झील है। यह मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील है। यह मुंबई की प्यास बुझाने में बड़ी भूमिका अदा करती है। तुलसी साल्सेट द्वीप की तीन झीलों में से एक है। अन्य दो पवई झील और विहार झील हैं। तुलसी और विहार दोनों झीलें घने जंगलों वाले संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित हैं, जिसे बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है। यह झील सड़क मार्ग से मुंबई से 32 किमी उत्तर में स्थित है। यह झील संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंदर स्थित है, इसलिए झील में आम लोगों का प्रवेश संभव नहीं है। यही वजह है कि यह झील ज्यादा प्रदूषण का शिकार भी नहीं है।
Mumbai Weather Update: 20 अगस्त तक जारी रहेगा रेनफॉल का सिलसिला
18 Aug, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में लगातार रातभर हुई बारिश के बाद सोमवार को भी भारी बरसात का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी, सातारा, कोल्हापुर और पुणे जिले के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मुंबई में सोमवार को बारिश से जुड़ी कई घटनाएं हुईं। इनमें शॉर्ट सर्किट, पेड़ या शाखाएं गिरना और दीवार गिरने की घटनाएं शामिल हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं रविवार शाम को दक्षिण मुंबई के प्रभु गली में एक दो मंजिला इमारत की सीढ़ी का हिस्सा गिर गया।
कहां कितनी बारिश
बीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक द्वीप शहर में औसतन 23.81 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 25.01 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 18.47 मिमी बारिश हुई। कुछ जगहों पर 40-45 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के बावजूद, IMD ने रविवार सुबह तक बारिश की तीव्रता में कमी की सूचना दी। हल्की बारिश और कभी-कभी भारी बारिश हुई। हालांकि, सेंट्रल रेलवे पर लोकल ट्रेनें सोमवार सुबह थोड़ी देरी से चलीं, लेकिन अधिकारियों ने देरी का कारण नहीं बताया।
20 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान
मुंबई के साथ-साथ, आईएमडी ने आज दहानू, विक्रमगढ़, अलीबाग, रायगढ़ रिजर्व, श्रीवर्धन, हरनाई, दापोली, रत्नागिरी, विजयदुर्ग, देवगढ़, मितभाव बीच, सिंधुदुर्ग, मालवन, श्रीरामवाड़ी, वेंगुरला और सावंतवाड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में 20 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। आईएमडी के शहरवार पूर्वानुमान के अनुसार, शहर में 23 अगस्त तक हल्की बारिश जारी रहेगी। आज, मुंबई का अधिकतम तापमान 26.5°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहेगा।
मौसम विभाग ने जारी किया था रेड अलर्ट
आईएमडी ने शनिवार को मुंबई को रेड अलर्ट पर रखा था, जहां कुछ इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। शहर में रात भर हुई बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया और लोकल ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। शनिवार को पूर्वी उपनगरों के विक्रोली पार्कसाइट इलाके में बारिश के बीच हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मध्य और पश्चिमी रेलवे लाइनों पर कई स्थानों पर पटरियों पर जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। वहीं आईएमडी ने रविवार को 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया था, जिसमें मुंबई और पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में कुछ स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई थी, और कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवा चलने का अनुमान लगाया गया था।
इन जिलो में रेड अलर्ट जारी
आईएमडी ने मध्य महाराष्ट्र उपखंड के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अहिल्यानगर, धुले, जलगांव, नदुरबार, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर और नासिक शामिल हैं। 19 अगस्त तक गरज, बिजली और तेज़ आंधी के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। बीड, छत्रपति संभाजीनगर, धाराशिव, हिंगोली, झालना, लातूर, नांदेड़ और परभणी सहित मराठवाड़ा उपखंड को आज ऑरेंज अलर्ट और कल बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना के साथ येलो अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य न्यायाधीश गवई का बड़ा बयान, बोले– सपना पूरा हुआ, CM फडणवीस का लिया नाम
18 Aug, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई रविवार को कोल्हापुर में अलग अंदाज में दिखे। बॉम्बे हाई कोर्ट की नई सर्किट बेंच का शुभारंभ करने के मौके पर उन्होंने अपने पिछले सालों को याद किया। इसके मौके पर सीजेआई गवई ने कहा कि आज उनका सपना पूरा हो गया। उन्होंने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि आज हम सभी का सपना पूरा हुआ है। 40-45 साल पहले वकीलों ने एक सपना देखा था। 15 साल पहले मैं भी इस सपने का भागीदार था। 2014 में जब सीएम फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तो वे भी इसका हिस्सा बने थे। आज वह सपना पूरा हुआ है।
फडणवीस-शिंदे को नहीं जानते
सीजेआई ने यह भी कहा कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जब न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे का सवाल आता है, तो इस मामले में महाराष्ट्र पीछे नहीं है। सीजेआई ने कहा कि जो लोग यह टिप्पणी करते हैं कि न्यायिक बुनियादी ढांचे के मामले में राज्य सरकार पिछड़ रही है, वे देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बारे में नहीं जानते। गवई ने कहा कि राज्य की सीमा पर स्थित दूरदराज के इलाकों में आम पक्षकारों को न्याय दिलाने के लिए कोल्हापुर बेंच का निर्माण किया जा रहा है। यह न्याय व्यवस्था वकीलों के लिए नहीं, बल्कि गरीबों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। शाहू महाराज के विचारों के अनुरूप यहां समान न्याय प्रदान करने की अपील करते हुए सर्किट बेंच का निर्माण किया गया है। सीजेआई ने मुख्यमंत्री फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे की मौजूदगी में कोल्हापुर में सर्किट बेंच का उद्घाटन किया।
गवई हैं इसके निर्माता: फडणवीस
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई इस पीठ के निर्माता हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे कोल्हापुर सर्किट बेंच को जल्द ही एक बेंच में बदलने के लिए प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री बुनियादी सुविधाओं के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सर्किट बेंच को नियमित बेंच में बदलने के लिए हाईकोर्ट को जल्द से जल्द जो भी आवश्यक है उसे पूरा करना चाहिए। गौरतलब हो कि कोल्हापुर में एक सर्किट बेंच की मांग लंबे समय से चल रही थी। कोल्हापुर और मुंबई की दूसरी काफी ज्यादा है। यहां के वकीलों को 380 किलोमीटर का सफर करे बॉम्बे हाईकोर्ट जाना पड़ता था। सर्किट बेंच के शुरू होने से लोगों और वकीलों को बड़ी राहत मिलेगी। महाराष्ट्र बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिसिंपल बेंच जहां मुंबई में है तो वहीं दो अन्य जगह पर बेंच है। इनमें नागपुर और औरंगाबाद शामिल हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की एक बेंच गाेवा में भी है।
"मुंबई में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त, रेलवे और सड़क यातायात चरमराया"
16 Aug, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : सावन बीत गया लेकिन अब भी कई इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी है। मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। सड़कों पर पानी भर गया है। कई घरों और दफ्तरों तक में पानी भरी है। रेलवे स्टेशन से लेकर रेलवे ट्रैक लबालब हो गए हैं। बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। मुंबई के कई इलाकों अंधेरी, कुर्ला, चेंबूर के हालात बहुत खराब हो गए हैं। आधी रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक रेकॉर्ड बारिश हुई है।
IMD ने मुंबई और ठाणे के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का यह अलर्ट अगले दो दिनों 16 और 17 अगस्त के लिए है। विभाग ने कुछ जगहों पर भारी से बहुत अधिक बारिश की चेतावनी दी है। रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हर तरफ पानी ही पानी
मुंबई में बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने कोलाबा और सांताक्रूज वेधशाला ने बताया कि शुक्रवार को बीते 24 घंटों में खूब बारिश हुई है। कोलाबा में 45.2 मिमी और सांताक्रूज में 11.5 मिमी पानी बरसा है। मॉनसून की शुरुआत से अब तक कोलाबा में 1119.2 मिमी और सांताक्रूज में 1435.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मुंबई में भारी बारिश की वजह
IMD मुंबई की चीफ शुभांगी भूटे ने बताया कि पूरब-पश्चिम की ओर एक द्रोणिका (हवा का वह क्षेत्र जहां दबाव कम होता है ) बनी है। यह दक्षिणी गंगीय पश्चिम बंगाल से पूर्वी-मध्य अरब सागर तक फैली है। यह दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिणी महाराष्ट्र के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ी है। यह समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी ऊपर है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकी हुई है। इसके प्रभाव से, महाराष्ट्र में 15 से 20 अगस्त 2025 के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
रायगढ़ में रेड अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि हमने मुंबई के लिए 16 और 17 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट और रायगढ़ के लिए 16 अगस्त को रेड अलर्ट जारी किया है। मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। वॉर्निंग में कहा गया है कि 15-16 अगस्त को उत्तरी कोंकण तटों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। ये हवाएं 60 किमी प्रति घंटे तक बढ़ सकती हैं।
17-19 अगस्त को उत्तरी कोंकण तटों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। ये हवाएं 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ सकती है।
एकनाथ शिंदे ने किया चुनावी रणनीति का खुलासा, 799 करोड़ रुपये का दंड माफ
14 Aug, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र केउप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने गढ़ ठाणे में चुनावों से पहले बड़ा दांव चल दिया है। शिंदे के अगुवाई वाली नगर विकास विभाग (UDD) ने ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर लगाये गए दंड को माफ करने का फैसला किया है। यह राशि 799 करोड़ रुपये बनती है। अवैध निर्माण पर दंड को चुनावी मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है। नगर विकास विभाग ने पिछले दिनों इस संबंध में एक सरकारी निर्णय जारी किया है। ठाणे महानगरपालिका ने शहरी क्षेत्र अवैध निर्माणों पर दंड लगाया था। शिंदे की अगुवाई वाली नगर विकास विभाग के फैसले का फायदा लगभग 1 लाख 54 हजार अवैध निर्माणों को मिलेगा।
शिंदे की बड़ी चुनावी चाल
राजनीतिक प्रेक्षक लोकल बॉडी चुनावों से पहले इस फैसले को एकनाथ शिंदे ने बड़ी चाल के तौर पर देख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही ठाणे जिले के पालक मंत्री हैं। नगर विकास मंत्रालय भी शिंदे के अधीन है। उन्होंने वोटरों को लुभाने के लिए करोड़ों रुपये जुर्माना माफ करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब हो कि ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगाया गया दंड आमतौर पर 2009 से बकाया था। इससे पहले राज्य सरकार ने पुणे जिले की पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की तर्ज पर ठाणे मनपा क्षेत्र में भी दंड माफ करने का फैसला मानसून सत्र के दौरान हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। सरकार के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र नगरपालिका अधिनियम, 1942 की धारा 267 ए के तहत ठाणे मनपा क्षेत्र में 31 मार्च 2025 तक लगाया गया दंड माफ कर दिया जाएगा।
क्या है सरकार का फैसला?
सरकार ने इसके लिए नियम और शर्तें तय की हैं। अवैध निर्माण वाले संपत्ति मालिकों को मूल कर का भुगतान करना होगा। तभी बकाया दंड माफ किया जाएगा। अवैध निर्माण का दंड माफ करने का मतलब यह नहीं है कि निर्माण नियमित हो गया है। आदेश में कहा गया है कि महानगरपालिका जुर्माना माफ करने के लिए सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या मुआवजे की मांग नहीं कर सकती है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने निशाना साधा है। पार्टी ने कहा है कि महानगरपालिका तिजोरी खाली है। केवल कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दंड माफी का फैसला लिया गया है। इससे आम लोगों को फायदा नहीं होगा।
क्या टिक पाएगा यह फैसला?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बॉम्बे हाईकोर्ट ठाणे जिले और मुंबई में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों के मामलों की सुनवाई कर रहा है। राज्य को अदालतों में ऐसे निर्माणों का बचाव करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि संपत्ति मालिक माफ़ी की उम्मीद में अवैध निर्माणों के लिए जुर्माना देने से बच रहे थे। परिणामस्वरूप, मूल जुर्माना राशि की वसूली केवल 145 करोड़ रुपये ही हुई। राज्य का मानना है कि माफ़ी से कम से कम इस मूल जुर्माना राशि के भुगतान को प्रोत्साहन मिलेगा।
फडणवीस ने मीट बैन विवाद पर दी कड़ी सफाई, शाकाहारी बयान पर भी तंज
14 Aug, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि सरकार लोगों लोगों के खाने-पीने के विकल्पों को नियंत्रित करने में रुचि नहीं रखती है। मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुछ शहरों में कसाईखानों और मांस की दुकानों के बंद होने को लेकर चल रही विवादास्पद बहस को अनावश्यक करार दिया है। सीएम फडणवीस ने स्वतंत्रता दिवस समेत कुछ अवसरों पर कसाईखाने बंद करने की अनुमति देने वाले 37 साल पुराने जीआर की मौजूदगी से भी अनभिज्ञता जाहिर की। सीएम ने कहा कि ऐसे फैसले नगर निगम खुद लेते हैं। सीएम ने कहा मीट बैन के बारे में उन्हें मीडिया से पता चला। अधिकारियों ने मुझे पिछली उद्धव ठाकरे सरकार के आदेश की कॉपी भी भेजी है। उसे जल्द मीडिया के सामने दिखाऊंगा। महाराष्ट्र के पांच नगर निगमों की तरफ से 15 अगस्त को मीट पर बैन का आदेश जारी किया जा चुका है। इनमें कल्याण डोंबिवली, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव और नासिक नगर निगम शामिल हैं।
नपुंसक होने की बात बकवास
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार इस बात में दिलचस्पी नहीं रखती कि कौन क्या खाता है। हमारे सामने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, हालांकि सीएम ने उस बयान की निंदा की जिसमें कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि शाकाहारी लोग नपुंसक होते हैं। फडणवीस ने कहा कि ऐसी बकवास बातें तुरंत बंद होनी चाहिए। मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (MMR) में आने वाले कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका ने सबसे पहले 15 अगस्त को मीट बैन के संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), नागपुर और मालेगांव में यह आदेश सामने आया था। इस आदेश का एमवीए के घटना दलों ने तीखा विरोध किया था। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी इस गलत करार दिया था।
संजय राउत ने जताई थी नाराजगी
महराष्ट्र बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये को कहना है कि यह आदेश सबसे पहले तब लागू हुआ था जब राज्य के मुख्यमंत्री शरद पवार थे। स्वतंत्रता दिवस पर मांस और मछली की दुकानों को बंद रखने के मुद्दे पर संजय राउत ने महायुति सरकार को कड़े शब्दों में घेरा था। उन्होंने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस को यह दिखावा बंद करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र मर्द मराठों का महाराष्ट्र है। क्या इस राज्य को शाकाहारी राज्य घोषित कर दिया गया है? किसके दबाव में ये सब हो रहा है? यह दिन शौर्य का दिन है, हमें स्वतंत्रता मिली है और वह स्वतंत्रता नरेंद्र मोदी, अमित शाह या देवेंद्र फडणवीस की वजह से नहीं मिली है। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने इस मसले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आप महाराष्ट्र को नपुंसक बना रहे हैं। दाल-चावल, श्रीखंड-पूरी खाकर युद्ध नहीं लड़ा जाता है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है कि खाने पीने की चीजों पर पहरेदारी उचित नहीं है. इस तरह के प्रतिबंध आमतौर पर आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि, महावीर जयंती आदि जैसे मौकों पर धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लगाए जाते हैं. महाराष्ट्र में लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन करते हैं।
मुंबई में म्हाडा स्कीम के तहत दुकान खरीदने का सुनहरा अवसर
14 Aug, 2025 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र आवास विनियामक विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने आम मुंबईवासियों के अपने घर के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। म्हाडा की बदौलत आज बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में रह रहे हैं। वहीं कई लोग आज भी बड़ी उम्मीद से म्हाडा के फॉर्म भरते हैं और लॉटरी का इंतजार करते हैं। म्हाडा के जरिए आम नागरिक अपने बजट में किफायती घर खरीद सकते हैं। क्योंकि ये घर बाजार भाव से 20 से 30 लाख रुपये कम में मिलते हैं।
म्हाडा लाई सुनहरा मौका
हजारों लोगों के घर का सपना पूरा करने वाली म्हाडा अब एक और सुनहरा मौका लेकर आई है। म्हाडा अब मुंबई में न सिर्फ घर, बल्कि सस्ती दुकानें और व्यावसायिक परिसर भी उपलब्ध कराएगी। म्हाडा की ओर से कुल 149 दुकानों की ई-नीलामी की जाएगी। इस ई-नीलामी के लिए आवेदन अगले मंगलवार से शुरू होंगे। ये आवेदन 25 अगस्त तक जमा राशि के साथ किए जा सकते हैं। ई-नीलामी के नतीजे 29 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। इसलिए, बोली प्रक्रिया 28 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगी।
मुंबई के 17 स्थानों पर हैं 149 दुकानें
इस ई-नीलामी में मुंबई के 17 स्थानों पर स्थित 149 दुकानें शामिल हैं। इनमें पिछली नीलामी में नहीं बिक पाने वाली 124 दुकानें भी शामिल हैं। इसके लिए 23 लाख रुपये से 12 करोड़ रुपये के बीच बोली तय की गई है।
कितने की दुकान के लिए कितनी जमा राशि?
म्हाडा ने इस ई-नीलामी से पहले जमा की जाने वाली राशि की जानकारी दी है। 50 लाख रुपये तक की दुकानों के लिए जमा राशि 1 लाख रुपये है। 50 लाख रुपये से 75 लाख रुपये के बीच की दुकानों के लिए जमा राशि 2 लाख रुपये रखी गई है। 75 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच की दुकानों के लिए जमा राशि 3 लाख रुपये है, जबकि 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की दुकानों के लिए जमा राशि 4 लाख रुपये है। इससे अधिक बोली लगाने वाला आवेदक विजेता होगा। इसलिए मुंबई में दुकानें खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
मांस बिक्री पाबंदी पर गरमाई सियासत, बीजेपी ने पवार पर साधा राजनीतिक तीर
14 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मालेगांव, छत्रपति संभाजी नगर और कल्याण-डोंबिवली मनपा के मटन-चिकन की बिक्री पर रोक के आदेश से राज्य में हंगामा शुरू है। इस आदेश का जहां विपक्ष ने विरोध किया है, वहीं बीजेपी ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि 1988 में शरद पवार के मुख्यमंत्री रहते यह निर्णय लागू है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर मांसबंदी कोई हमारी सरकार का निर्णय नहीं है। लोग क्या खाते हैं, यह बात तय करने में सरकार की कोई रुचि नहीं है। हमारे सामने बहुत से प्रश्न है।
फडणवीस ने क्या कहा?
बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हमारी सरकार का इस निर्णय से कोई लेना देना नहीं है। साल 1988 में तत्कालीन शरद पवार सरकार ने लागू किया था और हर साल ऐसा निर्णय लिया जाता है। यहां तक कि राज्य में जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तो उस समय के निर्णय की प्रति मुझे भेजी गई।
बूचड़खाने बंद करने की नीति का भी पवार कनेक्शन
इधर, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि बूचड़खाने बंद करने की नीति पहली बार 1988 में शरद पवार के मुख्यमंत्री रहते लागू की गई थी। उन्होंने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान यही प्रथा बिना किसी विरोध के जारी रही, जिसमें जितेंद्र आव्हाड और आदित्य ठाकरे मंत्री थे। पवार चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। उपाध्ये ने कहा कि क्या वे उस समय ऐसा निर्णय लेने के लिए शरद पवार से जवाब मांगेंगे? क्या वे उनकी भी आलोचना करेंगे?
स्वतंत्रता दिवस पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना गलत- अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 15 अगस्त को मांस ब्रिकी बंद करने के आदेश पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह का प्रतिबंध लगाना गलत है। आमतौर पर इस तरह के प्रतिबंध पर आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि, महावीर जयंती आदि जैसे मौकों पर धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लगाए जाते हैं। महाराष्ट्र में लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन करते हैं।
मंगलवार को उपमुख्यमंत्री पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए इस तरह का प्रतिबंध लगाना गलत है। बड़े शहरों में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं। अगर यह भावनात्मक मुद्दा है तो लोग इसे (प्रतिबंध को) एक दिन के लिए स्वीकार कर लेते हैं लेकिन अगर आप महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश जारी करते हैं तो यह मुश्किल है।
मीट बैन विवाद: संजय राउत ने फडणवीस पर साधा निशाना, शिवाजी महाराज का उदाहरण दिया
13 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 15 अगस्त पर मांस की बिक्री रोकने को लेकर महाराष्ट्र में सियासत गरमाती जा रही है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करके सीएम फडणवीस को निशाने पर लिया है। राउत ने बुधवार को कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका द्वारा मीट बैन का आदेश दिए जाने पर कहा कि शिवाजी महाराज और उनके पूर्वज चावल और घी खाकर युद्ध नहीं लड़ते थे। उन्होंने कहा कि वे मांसहारी भोजन करते थे। राउत ने कहा कि 15 अगस्त देश का स्वतंत्रता दिवस है, यह कोई धार्मिक त्योहार नहीं है। राउत यहीं पर नहीं रुके उन्होंने कहा कि देश को यह आजादी प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह या देवेंद्र फडणवीस की वजह से नहीं मिली।
राउत ने दागे कई सवाल
राउत ने कहा कि क्या किसी ने आपसे 15 अगस्त को चिकन और मटन की दुकानें बंद करने की मांग की है? यह कौन सा नया चलन है, इसका जनक कौन है? राउत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र वरन-भात और घी खाकर युद्ध में नहीं गए थे। वे भारी मात्रा में मांस खाते थे। बाजीराव पेशवा भी मांस खाते थे। उसके बिना युद्ध नहीं लड़ा जा सकता। सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों को भी मांस खाना पड़ता है, है ना? वरन-भात, घी, पोली, श्रीखंड खाकर युद्ध नहीं लड़ा जा सकता। संजय राउत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस, आप महाराष्ट्र को कमजोर और लाचार बना रहे हैं। अगर आपको मांस नहीं खाना है, तो मत खाइए। लेकिन आप लोगों ने महाराष्ट्र को जेलखाना बना दिया है। संजय राउत ने कहा कि लोगों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
कल्याण डोंबिवली नगर निगम का आदेश
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम प्रशासन ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त की मध्यरात्रि से 15 अगस्त की मध्यरात्रि तक 24 घंटे के लिए नगर निगम क्षेत्र के सभी बूचड़खाने बंद करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार, इस अवधि के दौरान बकरे, भेड़, मुर्गे और बड़े जानवरों का वध करने वाले सभी बूचड़खाने बंद रहेंगे। यह निर्णय 19 दिसंबर, 1988 के एक प्रशासनिक प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है और इसे बाजार एवं लाइसेंसिंग विभाग की उपायुक्त कंचन गायकवाड़ ने मंजूरी दी है।
15 अगस्त को मीट बैन? महाराष्ट्र में सियासी बहस और डिप्टी CM की प्रतिक्रिया
13 Aug, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महाराष्ट्र में मांस की बिक्री को कुछ शहरों में प्रतिबंधित किए जाने को लेकर सियासत गरमाई हुई है। पिछले दिनों शरद गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाण ने फैसले के विरोध में 15 अगस्त पर मटन पार्टी रखने का ऐलान किया था। मीट बैन पर जारी बयानबाजी के बीच अब राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। अजित पवार ने कहा है कि जब आस्था का सवाल होता है तो इस तरह की पाबंदी लगाई जाती है लेकिन गैर-धार्मिक त्योहारों पर भोजन चुनने की आजादी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कल्याण महानगर पालिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) द्वारा हाल ही में 15 अगस्त पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद मंगलवार को मालेगांव, छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर नगर निगमों ने भी ऐसा ही आदेश दिया।
क्या बोले अजित पवार?
तीनों शहरों द्वारा मंगलवार को नोटिस जारी करने के बाद, उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या महाराष्ट्र दिवस जैसे दिनों में मांस की दुकानें बंद करना सही नहीं है। पवार ने तर्क दिया कि चूंकि ये दिन धार्मिक त्योहारों के लिए नहीं होते, इसलिए भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोंकण क्षेत्र के कुछ समुदाय सूखी मछली के साथ सब्ज़ियां मिलाकर व्यंजन बनाने के लिए जाने जाते हैं। पवार ने कहा कि अगर यह आषाढ़ी एकादशी या महावीर जयंती के दिन होता, तो यह प्रतिबंध समझ में आता। लेकिन जब ऐसा कोई अवसर ही नहीं है, तो मांस की दुकानों को बंद रखने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? हमारे देश में सदियों से लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन का सेवन करते आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों और आदिवासी समुदायों के लोग वास्तव में छुट्टियों के दिनों में मांसाहारी भोजन का आनंद लेते हैं।
विपक्ष पहले से है हमलावर
कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) ने सबसे पहले 15 अगस्त पर मीट बैन का ऐलान किया था। इसके शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि नगर आयुक्तों को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। उन्हें लोगों को यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि उन्हें क्या खाना चाहिए। अगरी और कोली जैसे समुदायों के लोग, जो नियमित रूप से मांसाहारी भोजन खाते हैं, क्या करेंगे? हमारे जैसे कई हिंदू समुदायों में, नवरात्रि के दौरान, हम देवी दुर्गा को मांसाहारी भोजन अर्पित करते हैं। उन्होंने कि महाराष्ट्र पर शाकाहार थोपने पर सवाल उठाया, जबकि हिंदू धर्म लोगों को अपने भोजन समूह चुनने का विकल्प देता है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर ने सरकार से यह फैसला वापस लेने की अपील की की है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे सड़कों की खराब स्थिति, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की सरकार की चाल बताया था।
सरकार अब क्या स्टैंड लेगी?
अजित पवार के इस रुख के बाद, अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार इस संबंध में क्या फैसला लेती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस दुविधा में हैं कि मांस की बिक्री पर प्रतिबंध हटाया जाए या उसे यथावत रखा जाए। इसलिए मुख्यमंत्री फडणवीस क्या फैसला लेते हैं। यह महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका फैसले के विरोध में कसाई समाज ने आंदोलन की धमकी दी है। समाज की तरफ से कहा गया है कि अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो वे 15 अगस्त को महानगरपालिका मुख्यालय के गेट पर मटन बेचेंगे।
IAS अफसरों के तबादले का बड़ा अपडेट, मुंबई और चंद्रपुर में नए नाम
13 Aug, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल: भारतीय रेलवे की आधुनिक सुरक्षा तकनीक कवच प्रणाली ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। पलवल-मथुरा सेक्शन में हुए एक ट्रायल के दौरान दो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आ गईं, लेकिन कवच तकनीक की वजह से टक्कर होते-होते बची। रेलवे अधिकारियों ने इसे तकनीक की बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि यह प्रणाली भविष्य में कई बड़े हादसों को रोक सकती है। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के दौरान दोनों ट्रेनें आमने-सामने की दिशा में एक ही ट्रैक पर दौड़ रही थीं। जैसे ही वे कवच प्रणाली के कवरेज एरिया में पहुंचीं, ऑटोमैटिक ब्रेक लग गए और ट्रेनें एक सुरक्षित दूरी पर रुक गईं।
रेलवे अधिकारियों ने बताई इसकी खासियत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कवच प्रणाली में लोको पायलट को समय रहते चेतावनी देने और जरूरत पड़ने पर ट्रेन को खुद रोकने की क्षमता है। अब इस प्रणाली का सफल ट्रायल नई दिल्ली-फरीदाबाद सेक्शन में करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रायल भी पलवल-मथुरा सेक्शन की तरह ही महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इस रूट पर भी रोजाना भारी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।
कवच प्रणाली स्वदेशी तकनीक
कवच प्रणाली भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक है, जिसे ट्रेन टक्कर से बचाने के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली लोको पायलट को वास्तविक समय में ट्रेन की गति, सिग्नल की स्थिति और संभावित खतरों की जानकारी देती है। जरूरत पड़ने पर यह स्वत: ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक देती है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि कवच प्रणाली के उपयोग से न केवल यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि रेलवे के संचालन में भी दक्षता बढ़ेगी। इससे मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाले हादसों में बड़ी कमी आएगी। रेल मंत्रालय का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश के सभी व्यस्त रेल मार्गों पर कवच प्रणाली को लागू करना है, ताकि भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के करीब लाया जा सके।मुंबई: महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है। सरकार ने अब सात आईएएस अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी किए हैं। डॉ अशोक करंजकर को शेष महाराष्ट्र वैधानिक विकास बोर्ड का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। सुशील खोडवेकर को तुकाराम मुंधे के स्थान पर असंगठित श्रम विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है। संजय कोल्टे अब मुंबई स्थित शिवशाही पुनर्वास परियोजना के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य करेंगे। राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसके कारण प्रशासन में भी कुछ बदलाव हुए हैं।
ट्रांसफर अधिकारी और पद
1- डॉ अशोक करंजकर
डॉ अशोक करंजकर को अब मुंबई स्थित शेष महाराष्ट्र वैधानिक विकास बोर्ड का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
2- डॉ संजय कोल्टे
डॉ संजय कोल्टे भंडारा जिले के जिला कलेक्टर थे। उनका तबादला हो गया है और अब वे मुंबई स्थित शिवशाही पुनर्वास परियोजना के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य करेंगे।
3- सुशील खोडवेकर
सुशील खोडवेकर मुंबई में शेष महाराष्ट्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव थे। अब उन्हें मुंबई में असंगठित श्रम विकास आयुक्त के पद पर तैनात किया गया है।
4- सावन कुमार
सावन कुमार नंदुरबार जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उनका तबादला कर दिया गया है और अब वह भंडारा जिले के जिला कलेक्टर के रूप में काम करेंगे।
5- नमन गोयल
नमन गोयल ITDP, भामरागड, गढ़चिरौली जिले के परियोजना अधिकारी और अट्टापल्ली उपखंड के सहायक जिला कलेक्टर थे। उन्हें अब नंदुरबार जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
6- जी.वी.एस. पवन दत्त
डॉ जी.वी.एस. पवन दत्त गढ़चिरौली जिले के देसाईगंज उपखंड के सहायक जिला कलेक्टर थे। उन्हें नासिक जिले के इगतपुरी उपखंड के सहायक जिला कलेक्टर के रूप में तैनात किया गया है।
7- लघिमा तिवारी
लघिमा तिवारी चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर उप-मंडल की सहायक जिला कलेक्टर थीं। अब उनका तबादला चंद्रपुर जिले के गोंडपिपरी उप-मंडल के सहायक जिला कलेक्टर के पद पर किया गया है।
पिछले सप्ताह भी बदले से पांच आईएएस
पिछले सप्ताह पांच आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया। इनमें तुकाराम मुंडे, आशा अफजल खान पठान, अभय महाजन, ओमकार पवार और नितिन पाटिल शामिल थे।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका, महाराष्ट्र पुलिस में 15,000 पद खाली
12 Aug, 2025 07:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के युवाओं के लिए खुशखबरी है। देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट ने राज्य में 15000 पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंगलवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। कैबिनेट ने सोलापुर-पुणे-मुंबई मार्ग के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएपीएफ) को भी मंजूरी दी। साथ ही कैबिनट ने सामाजिक न्याय विभाग के अलग-अलग सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की ओर से संचालित योजनाओं के तहत लोन के गारंटर के लिए मानदंडों में ढील दी।
महाराष्ट्र पुलिस फोर्स में 15 हजार की भर्ती
महाराष्ट्र पुलिस फोर्स में लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती के फैसले को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है। यह फैला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाले गृह मंत्रालय ने लिया। आइए जानते हैं आज हुई कैबिनेट मीटिंग में क्या-क्या फैसले लिए गए?
कैबिनेट में क्या फैसले लिए गए?
1. गृह विभाग
बैठक में महाराष्ट्र पुलिस फोर्स में लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंजूरी देने का फैसला लिया गया।
2. खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग
राज्य में उचित मूल्य दुकानदारों का मार्जिन बढ़ा दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरित करने का फ़ैसला लिया गया है।
3. विमानन विभाग
सोलापुर-पुणे-मुंबई हवाई यात्रा के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ़) प्रदान करने का फैसला लिया गया है।
4. सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग
सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले निगमों द्वारा क्रियान्वित विभिन्न ऋण योजनाओं में गारंटर की शर्तों में ढील दी गई है। सरकारी गारंटी को पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
अनधिकृत निर्माण पर जुर्माना माफ
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अवैध निर्माणों के कारण चर्चा में रहने वाले ठाणे नगर निगम क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण पर जुर्माना माफ करने का फैसला किया है। नगर विकास विभाग ने सोमवार को इस संबंध में एक सरकारी फैसला लिया। बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नगर निगम चुनावों से पहले नगर विकास विभाग के माध्यम से अवैध निर्माणों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना माफ करके अपने गढ़ में वोटों की बारिश की है।
कब से बकाया था जुर्माना?
ठाणे नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर लगाया गया जुर्माना 2009 से बकाया था। इसके अलावा, लगाए गए जुर्माने की राशि मूल कर से अधिक थी। इस वजह से, संपत्ति मालिकों द्वारा जुर्माना नहीं भरा जा रहा था। इसका असर ठाणे नगर निगम को करों के रूप में मिलने वाले राजस्व पर पड़ रहा था। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की तर्ज पर ठाणे नगर निगम क्षेत्र में भी जुर्माना माफ करने का फैसला मानसून सत्र के दौरान हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, जिसका उद्देश्य अनधिकृत निर्माणों पर जुर्माना माफ करना था ताकि संपत्ति मालिक मूल कर का भुगतान करें।
इस निर्णय के अनुसार, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अनुसार, ठाणे नगर निगम क्षेत्र में 31 मार्च, 2025 तक लगाए गए बकाया जुर्माने माफ कर दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने इसके लिए नियम और शर्तें निर्धारित की हैं। अवैध निर्माण वाले संपत्ति मालिकों को मूल कर का भुगतान करना होगा। तभी बकाया जुर्माना माफ किया जाएगा। अवैध निर्माण के जुर्माने माफ करने का मतलब यह नहीं होगा कि उक्त निर्माण नियमित हो गया है। सरकार के निर्णय में कहा गया है कि संबंधित नगर निगम जुर्माने की माफी के लिए राज्य सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या मुआवजे की मांग नहीं कर सकता है।
नागरिकता के लिए जरूरी है वैध सबूत, सिर्फ पहचान पत्र काफी नहीं – हाईकोर्ट
12 Aug, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक अहम मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सिर्फ आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज रखने से कोई भारत का नागरिक नहीं बन जाता। कोर्ट ने यह टिप्पणी कथित तौर पर बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार करते हुए की। जमानत अर्जी दाखिल करने वाले उक्त व्यक्ति पर जाली और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में एक दशक से भी अधिक समय तक रहने का आरोप है।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस अमित बोरकर की बेंच ने कहा कि नागरिकता अधिनियम के प्रावधान यह निर्धारित करते हैं कि भारत का नागरिक कौन हो सकता है और नागरिकता कैसे प्राप्त की जा सकती है तथा आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज केवल पहचान या सेवाओं का लाभ उठाने के लिए हैं। कोर्ट ने कथित बांग्लादेशी नागरिक बाबू अब्दुल रऊफ सरदार को जमानत देने से इनकार कर दिया। जो बिना वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेजों के अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। उसने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और भारतीय पासपोर्ट जैसे दस्तावेज बनवा लिये थे।
नागरिकता पर क्या बोले?
जस्टिस बोरकर ने रेखांकित किया कि 1955 में संसद ने नागरिकता अधिनियम पारित किया, जिसने नागरिकता प्राप्त करने के लिए एक स्थायी और पूर्ण प्रणाली बनाई। उन्होंने कहा कि मेरी राय में, 1955 का नागरिकता अधिनियम आज भारत में राष्ट्रीयता से जुड़े सवालों पर निर्णय लेने के लिए मुख्य और नियंत्रक कानून है। यह वह कानून है, जो यह निर्धारित करता है कि कौन नागरिक हो सकता है, नागरिकता कैसे प्राप्त की जा सकती है और किन परिस्थितियों में इसे खोया जा सकता है।
आधार कार्ड, पैन कार्ड पर बड़ा बयान
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज होने से कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं बन जाता। ये दस्तावेज पहचान या सेवाओं का लाभ उठाने के लिए हैं, लेकिन ये नागरिकता अधिनियम में निर्धारित नागरिकता की बुनियादी कानूनी आवश्यकताओं को समाप्त नहीं करते। पीठ ने कहा कि कानून वैध नागरिकों और अवैध प्रवासियों के बीच अंतर स्पष्ट करता है। अदालत ने कहा इसमें अवैध प्रवासियों की श्रेणी में आने वाले लोगों को नागरिकता अधिनियम में उल्लिखित ज्यादातर कानूनी मार्गों के माध्यम से नागरिकता प्राप्त करने से रोक दिया गया है।
दस्तावेजों का सत्यापन और जांच अब भी जारी
बेंच ने कहा कि यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की संप्रभुता की रक्षा करता है और यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों के लिए निर्धारित लाभ और अधिकार उन लोगों द्वारा गलत तरीके से हासिल नहीं किये जाएं, जिनके पास भारत में रहने का कोई कानूनी दर्जा नहीं है। अदालत ने सरदार को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसके दस्तावेजों का सत्यापन और जांच अब भी जारी है, तथा पुलिस को यह डर है कि जमानत मिलने पर वह फरार हो सकता है, जो वास्तविक आशंका है।
मामले में आरोप छोटे नहीं
पीठ ने कहा कि मामले में आरोप छोटे नहीं हैं और यह सिर्फ बिना अनुमति के भारत में रहने या निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय नागरिक होने का दिखावा करने के उद्देश्य से फर्जी और जाली पहचान दस्तावेज बनाने और उनका उपयोग करने का मामला है। सरदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम और ‘फॉरेनर्स ऑर्डर’ के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
2013 से ठाणे जिले में रह रहा शख्स
सरदार ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया था कि वह भारत का वास्तविक नागरिक है और यह साबित करने के लिए कोई निर्णायक या विश्वसनीय सबूत नहीं है कि वह बांग्लादेश का नागरिक है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि उसके दस्तावेज जो आयकर और व्यवसाय पंजीकरण से संबंधित है और वह 2013 से मुंबई के पड़ोसी ठाणे जिले में रह रहा है। अदालत ने कहा कि जब भारत का संविधान तैयार किया जा रहा था, तब देश ऐतिहासिक परिवर्तन से गुजर रहा था और उस समय विभाजन के कारण लोगों का बड़े पैमाने पर सीमा पार आवागमन हुआ, जिससे यह निर्णय लेने की आवश्यकता महसूस हुई कि नए राष्ट्र के नागरिक के रूप में किसे स्वीकार किया जाए।
महाराष्ट्र की सियासत में फड़फड़ाए ध्वज, शिवसेना को झटका, फडणवीस-पवार आगे
12 Aug, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : देश के 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में सत्ता संघर्ष देखने को मिला। सोमवार को जारी आदेश के तहत रायगड जिले में अदिति तटकरे और नासिक में गिरीश महाजन ध्वजारोहण करेंगे। इसे शिंदे सेना को जोर का झटका माना जा रहा है। माना जा रहा है कि शिंदे गुट को पालकमंत्री पद के लिए चल रही जद्दोजहद में अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह मामला शिंदे सेना उठा सकती है।
पालकमंत्री पद को लेकर महागठबंधन में शीत युद्ध एक बार फिर सामने आ गया है। रायगड के पालक मंत्री का पद पाने के लिए संघर्ष कर रहे शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावाले को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का अवसर नहीं मिला। इससे शिंदे गुट के विधायकों में गहरी नाराजगी है। शिंदे ने हाल ही में दिल्ली दौरे के जरिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्यमंत्री के अधीन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा घोषित ध्वजारोहण सूची ने शिंदे गुट को बड़ा झटका दिया है।
इनके नाम भी लिस्ट से गायब
ध्वजारोहण कार्यक्रम में बीजेपी, शिंदे सेना और अजित पवार गुट के एक-एक कैबिनेट मंत्री को किसी भी जिले का ध्वजारोहण करने का अवसर नहीं मिला। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, बीजेपी के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, अजित पवार गुट के बाबासाहेब पाटील शिंदे गुट के भरत गोगावले का नाम सूची में नहीं है।
सियासी गलियारे में चर्चे
साथ ही, महायुति में शामिल तीनों दलों के एक-एक राज्य मंत्री को भी यह अवसर नहीं मिला। इनमें बीजेपी की माधुरी मिसाल, शिंदे गुट के योगेश कदम और अजित पवार गुट के इंद्रनील नाइक शामिल हैं। इस निर्णय ने राजनीतिक गलियारों में कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई स्थित मंत्रालय में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि राज्यपाल पुणे में मौजूद रहेंगे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपने ठाणे जिले में ध्वजारोहण करने का अवसर मिला है, जबकि अजित पवार बीड में तिरंगा फहराएंगे।
मराठी और हिंदी में टकराव: पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में पूजा भाषा को लेकर बहस
12 Aug, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के सोलापुर में एक नया विवाद सामने आया है। यह विवाद मराठी और हिंदी भाषा को लेकर है। मामला पंढरपुर के विट्ठल मंदिर से जुड़ा है। आरोप है कि मंदिर में एक परिवार के लिए हिंदी में पूजा कराई गई। जबकि वहां 30-35 मराठी परिवार मौजूद थे। राहुल सातपुते नाम के एक व्यक्ति ने इस बारे में ट्वीट किया और मंदिर समिति से शिकायत की। मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र शेळके ने जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से मंदिर में पूजा मराठी में ही होगी।
क्या है आरोप?
राहुल सातपुते ने आरोप लगाया है कि पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में तुलसी अर्चन पूजा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। उनके अनुसार, पूजा हिंदी में कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महाराष्ट्र के प्रमुख देवता के दरबार में भी हिंदी की अनिवार्यता हो गई है? राहुल सातपुते ने बताया कि उनके परिवार ने इस पूजा में भाग लिया था।
हिंदी में हुई पूजा
तुकाराम भवन में लगभग 30-35 परिवार पूजा के लिए जमा हुए थे। एक गुरुजी मंच पर बैठकर सभी को निर्देशों के माध्यम से पूजा करवा रहे थे। शुरुआत में उन्होंने मराठी में निर्देश दिए। तभी 30-35 परिवारों में से एक परिवार ने कहा कि उन्हें मराठी समझ नहीं आती, इसलिए हिंदी में पूजा कराई जाए। राहुल के अनुसार, गुरुजी ने तुरंत हंसते हुए हामी भर दी और पूरी पूजा हिंदी में शुरू कर दी।
मराठी पर कैसा रहा मिजाज
राहुल सातपुते ने आगे आरोप लगाया कि उन्होंने गुरुजी से कहा कि वे महाराष्ट्र में हैं और उनके परिवार को हिंदी समझ नहीं आती। उन्हें मराठी समझ आती है, जो महाराष्ट्र की राजभाषा है। इसलिए कृपया मराठी में निर्देश दें। लेकिन इस पर गुरुजी गुस्सा हो गए और माइक पर बोले, इस आदमी का क्या विषय है? सिक्योरिटी और समिति वाले इधर आओ और इस आदमी से बात करो। उसके बिना आगे पूजा शुरू नहीं की जा सकती। ऐसा कहकर उन्होंने माइक बंद कर दिया।
मंदिर समिति ने क्या कहा?
इस घटना के बाद मंदिर समिति हरकत में आई है। उन्होंने मामले की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने का आश्वासन दिया है। मंदिर समिति का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि मंदिर में सभी अनुष्ठान और पूजा मराठी भाषा में ही हों।
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