महाराष्ट्र
गुड न्यूज: जल्द खातों में आएगी लाड़ली बहना योजना की 13वीं किस्त, खुशखबरी तैयार
31 Jul, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की लाडली बहनों के लिए गुड न्यूज है। जुलाई महीने की किश्त खाते में ट्रांसफर होने का मैसेज जल्द ही उनके मोबाइल पर आ जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने 'लाडली बहनों' के जुलाई महीने की सम्मान राशि देने को मंजूरी दे दी है। महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडली बहन' योजना की पात्र लाभार्थी महिलाओं के लिए 2984 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक सरकारी फैसला जारी कर जुलाई की किस्त के धनराशि हस्तांतरित कर दी है। जानकारी के अनुसार यह सरकारी पैसा 30 जुलाई को जारी किया गया। सरकार के इस फैसले के बाद अब लाडली बहनों को जल्द ही जुलाई के रुपये मिल जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार अभी लाडली बहनों को 1500 रुपये प्रति महीने दे रही है। सरकार ने पिछले साल विधानसभा चुनावों से पहले इस योजना की शुरुआत की थी। यह योजना की 13वीं किस्त है।
26.34 लाख बहनें आउट
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना महाराष्ट्र की महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार ने जून महीने की किस्त 2.25 कराेड़ पात्र महिलाओं को वितरित की थी। सरकार ने 26.34 लाख महिलाओं के अपात्र हाेने के कारण उनका भुगतान रोक दिया था। सरकार ने बताया था कि यह भुगतान अस्थायी तौर पर रोक गया है। महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं को 12 किस्त से 18000 हजार रुपये दिए हैं। 13वीं किस्त के लिए अब सरकार ने रकम मंजूर कर दी है। महाराष्ट्र के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अनुसार आवेदनों की जांच के दौरान पता चला कि 26.34 लाख महिलाएं लाडली बहन योजना के लिए पात्र नहीं थीं या फिर इन्होंने नियमों का उल्लंघन किया।
कब तक खाते में आएंगे रुपये
महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने आवेदनों की जांच में पाया कि कई लाभार्थी महिलाएं एक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही थीं। कुछ मामलों में एक ही परिवार में दो से अधिक महिलाएं लाभार्थी थीं। हैरानी की बात यह है कि कुछ पुरुषों ने भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये इस योजना के लिए आवेदन किया था और उन्हें अब तक लाभ मिल रहा था। महिला एवं बाल कल्याण विभाग अभी एनसीपी के कोटे से मंत्री अदिति तटकरे संभाल रही हैं। वित्त विभाग भी एनसीपी के पास है। बतौर डिप्टी सीएम अजित पवार ही महाराष्ट्र के खजाने के मालिक हैं। सूत्रों की मानें तो लाडली बहनों के खाते में 13वीं किस्त की रकम रक्षाबंधन के पर्व से पहले पहुंच जाएगी।
मालेगांव ब्लास्ट पर इम्तियाज जलील का सवाल – साजिश रचने वालों को कब पकड़ा जाएगा?
31 Jul, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में 17 साल बाद एनआईए कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। एनआईए कोर्ट के जस्टिस ए के लाहोटी ने भगवा आतंकवाद की थ्योरी को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने फैसले में टिप्पणी की है कि आतंक को कोई रंग नहीं हाेता है। सितंबर, 2008 के इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित समेत सात लोग आरोपी थे। मालेगांव ब्लास्ट केस के फैसले पर औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जलील ने पूछा है कि मालेगांव मामले और ट्रेन विस्फोट मामले में झूठे सबूत किसने बनाए? इन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? अदालत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो।
जलील बोले-कोर्ट करे कार्रवाई
इम्तियाज जलील एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता हैं। वह 2019 के चुनावों में औरंगाबाद से जीतकर सांसद चुने गए थे, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनावों में जलील हार गए थे। मालेगांव ब्लास्ट से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट में फैसला देते हुए सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था, हालांकि तब महाराष्ट्र सरकार ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। मालेगांव ब्लास्ट के फैसले पर इम्तियाज जलील ने झूठे सबूत गढ़ने वाले ऑफिसर्स पर कार्रवाई की मांग की है।
साध्वी प्रज्ञा बोलीं-मैं संन्यास जीवन में थी
मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी होने पर कोर्ट में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा है कि मैं शुरू से ही यह कह रही हूं। मुझे बुलाया गया और मैं एटीएस के पास गई क्योंकि मैं कानून का सम्मान करती हूं। मुझे 13 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और प्रताड़ित किया गया। मैं एक संन्यासी की तरह जीवन जी रही थी और मुझे आतंकवादी करार दिया गया। इन आरोपों ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी। यह मामला 17 सालों से चल रहा है और मैंने संघर्ष किया है।
मालेगांव ब्लास्ट केस पर सियासत गरमाई, फडणवीस बोले- रंग देखकर आतंक तय नहीं होता
31 Jul, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सीएम फडणवीस ने कहा कि आतंकवाद कभी भगवा नहीं था, नहीं है और कभी नहीं होगा। गौरतलब को ही सितंबर, 2008 में जब मालेगांव ब्लास्ट हुआ था तब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित समेत 11 लोगों को अरेस्ट किया गया था। एटीएस से जांच एनआईए के हाथ में होने के बाद कुल आरोपियों की संख्या घटकर सात रह गई थी। एनआईए कोर्ट ने फैसल सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह तो साबित कर दिया कि मालेगांव में विस्फोट हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं कर पाया कि उस मोटरसाइकिल में बम रखा गया था। अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि घायलों की संख्या 101 नहीं, बल्कि 95 साल थी और कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट में हेराफेरी की गई थी।
कोर्ट ने खारिज की भगवा आतंकवाद की थ्योरी
एनआईए कोर्ट के जस्टिस ए के लाहोटी ने यह टिप्पणी की कि आतंक को कोई रंग नहीं होता है। महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने कहा कि आतंकवाद कभी भगवा नहीं था, नहीं है और कभी नहीं होगा। जब मालेगांव में रमजान के महीने में ब्लास्ट हुआ था तब केंद्र और राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकारें थी। 17 साल लंबे खिंचे इस मामले में पुलिस, एटीएस और फिर एनआईए ने जांच की। एनआईए कोर्ट ने कहा कि संदेह के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। कोर्ट ने भगवा आतंकवाद की थ्योरी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पुख्ता सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ सभी आरोपियों को देते हुए सभी को बरी कर दिया। कोर्ट ने जिन्हें बरी किया उनमें प्रज्ञा ठाकुर, प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी, सुधाकर चतुर्वेदी, सुधाकरधर द्विवेदी शामिल हैं।
10वीं‑12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट लाइव: 29 जुलाई को जारी—अब mahahsscboard.in पर सीधे देखें मार्कशीट
29 Jul, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल (MSBSHSE) ने आज, 29 जुलाई 2025 को 10वीं (SSC) और 12वीं (HSC) की सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट mahahsscboard.in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।
कहां चेक करें रिजल्ट?
HSC रिजल्ट: hscresult.mkcl.org
SSC रिजल्ट: sscresult.mkcl.org
इस वर्ष सप्लीमेंट्री परीक्षाएं जून-जुलाई 2025 में महाराष्ट्र बोर्ड के 9 संभागीय कार्यालयों (पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नासिक, लातूर और कोंकण) में आयोजित की गई थीं।
मार्क्स वेरिफिकेशन और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए आवेदन
जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे 30 जुलाई से 8 अगस्त 2025 तक महाराष्ट्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान वे अपने अनिवार्य विषयों के लिए मार्क्स वेरिफिकेशन करा सकते हैं और अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे छात्र अपने मूल्यांकन की जांच करवा सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार हो सकते हैं।
फोटोकॉपी मिलने के बाद, छात्र 5 कार्यदिवसों के अंदर रीइवैल्यूएशन के लिए निर्धारित फॉर्मेट और शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं।
क्लास इम्प्रूवमेंट स्कीम का लाभ
जिन छात्रों ने सभी विषयों में पहली बार परीक्षा पास की है, वे Class Improvement Scheme के अंतर्गत आने वाले पात्र होंगे। इस योजना के तहत छात्रों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कुल तीन अवसर दिए जाएंगे, जो क्रमशः फरवरी-मार्च 2026, जून-जुलाई 2026 और फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए छात्रों को बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। इस स्कीम के माध्यम से छात्र अपनी अंक सुधार कर बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।
इन छात्रों के फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे
फरवरी-मार्च 2026 में होने वाली परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस परीक्षा के लिए निम्नलिखित छात्र आवेदन कर सकेंगे: नियमित छात्र, रिपीटर्स, प्राइवेट उम्मीदवार जिनके पास रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हो, इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत शामिल छात्र और ITI छात्र जो Transfer of Credit विकल्प का लाभ लेना चाहते हैं। बोर्ड जल्द ही इस प्रक्रिया का पूरा विस्तृत कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा करेगा, ताकि सभी उम्मीदवार समय पर आवश्यक कदम उठा सकें।
कैसे चेक करें महाराष्ट्र बोर्ड सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2025?
वेबसाइट mahahsscboard.in पर जाएं।
अब ‘SSC Supplementary Result 2025’ या ‘HSC Supplementary Result 2025’ लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और मां का पहला नाम दर्ज करें।
‘View Result’ बटन पर क्लिक करें।
रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा, डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकालें।
पुणे पुलिस का बयान- एकनाथ खडसे की कोई निजी तस्वीर लीक नहीं हुई
29 Jul, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र : पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस ने उनके दामाद को दिखाते हुए ड्रग पार्टी रेड के वीडियो लीक किए हैं। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, पुलिस कार्रवाई पर संदेह व्यक्त करने का कोई कारण नहीं है। पूरी कार्रवाई पारदर्शी और कानून के अनुसार की गई।
बता दें कि पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने रविवार तड़के खराडी इलाके में स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में चल रही "ड्रग पार्टी" पर छापा मारा था। जिसमें पुलिस ने खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर और छह अन्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कोकीन, गांजा, हुक्का सेट और शराब की बोतलें जब्त करने का दावा किया है। खडसे ने दावा किया था कि पुलिस ने छापे के वीडियो और खेवलकर की निजी तस्वीरें लीक की हैं।
ठाणे में दीवार गिरने से चार घर खतरे में, खाली कराए गए
ठाणे शहर के वागले एस्टेट इलाके में सोमवार तड़के एक घर की दीवार गिर गई। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पास के चार घरों को खाली कराया गया है और उन्हें खतरनाक घोषित किया गया है। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासीन तड़वी ने बताया कि यह घटना रात करीब 1:30 बजे हुई। शकुंतला यादव के घर की दीवार गिरकर पांडुरंग पाडेकर के घर की दीवार पर जा गिरी और मलबा पास के नाले में भी चला गया। जांच के बाद यह पाया गया कि जिस घर की दीवार गिरी, उसके साथ-साथ आसपास के तीन और घर भी कमजोर हालत में हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। इसलिए, आगे कोई हादसा न हो, इसके लिए चारों घर तुरंत खाली कराए गए। तड़वी ने बताया कि निवासियों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां रुकें। यह कदम उनकी सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, भविष्य में इन घरों की मरम्मत और सुरक्षा से जुड़ा काम वागले वार्ड समिति और निर्माण विभाग करेगा।
महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर नई सख्त गाइडलाइंस
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब कोई भी कर्मचारी गोपनीय जानकारी साझा नहीं कर सकेगा, भ्रामक जानकारी नहीं फैला सकेगा और न ही सरकारी नियमों के खिलाफ कोई टिप्पणी कर सकेगा। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी गोपनीयता की सुरक्षा करना, अफवाहों को रोकना और कर्मचारियों के अनुचित बयानों से सरकार की छवि को बचाना है।
अमेरिका से बिजनेस वीजा पर आया शख्स धर्मांतरण में लिप्त, पुलिस ने पकड़ा
28 Jul, 2025 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे : उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा हुआ। छांगुर बाबा के कारनामे ने पूरे देश में बड़े स्तर पर लव जिहाद और धर्मांतरण का खुलासा किया। अब महाराष्ट्र में पिंपरी चिंचवड पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शख्स अमेरिका का नागरिक हैं। वे यहां पर रहकर लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए माइंडवॉश करते थे। वे उन्हें रुपयों और सुविधाओं का लालच देकर इसाई धर्म में आने को कहते थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम शैफर जविन जैकब है। वह 2016 में भारत आया था। वह तब से यहां लगातार आ रहा है। वह कई बार टूरिस्ट और बिजनेज वीजा पर भारत आ चुका है। पुलिस ने जैकब के साथ एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है।
नाबालिग को फंसाया
पुलिस ने बताया कि अमेरिकी नागरिक Schaefer Javin Jacob की उम्र 41 साल है। वह कैलिफोर्निया का रहने वाला है। वह पिंपरी चिंचवड के मुकाई चौक के पास एक अपार्टमेंट में रह रहा था। पुलिस ने इस सिलसिले में 46 वर्षीय स्टीवन विजय कदम को भी अरेस्ट किया है। वह पिंपरी के रायसोनी सोसायटी में रहता है। नाबालिग लड़का 16 साल का है। उसे उसकी मां को सौंप दिया गया है।
सिंधी युवक ने कराई एफआईआर
पिंपरी के रहने वाले सनी धन्नानी (27 वर्ष) ने इस मामले में FIR दर्ज कराई थी। सिंधी समुदाय से आने वाले सनी का आरोप था कि कुछ लोग इलाके में धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 लगाई है। पुलिस ने अमेरिकी नागरिक पर विदेशी अधिनियम की धारा 14 (b) और (c) के तरह भी कार्रवाई की है।
ऐसे खुला मामला
पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11.30 बजे आरोपी सनी के घर पहुंचे। उन्होंने सनी से कहा कि अगर वह ईसाई धर्म अपना लेते हैं तो उन्हें 'खुशी, शांति, धन और अच्छा मानसिक स्वास्थ्य मिलेगा। उन्होंने सनी का माइंडवॉश करने की कोशिश की और इस बात पर जोर दिया कि यीशु मसीह ही एकमात्र भगवान हैं, जबकि अन्य भगवान सिर्फ कहानियां हैं। उनकी बातों को सुनकर सनी चौंक गए। उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
बिजनेस वीजा पर आता, पर नहीं कोई बिजनेस
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कदलांग ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच सामने आया है कि अमेरिकी नागरिक 2016 से टूरिस्ट और बिजनेस वीजा पर भारत आ रहा है। हालांकि उसे यहां कोई कारोबारी गतिविधि करते हुए नहीं पाया गया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह यहां कोई बिजनेस नहीं कर रहा था तो क्या कर रहा था।
प्रांजल खेवलकर की गिरफ्तारी से हलचल, ड्रग्स और महिलाओं के साथ रंगे हाथ पकड़े गए
28 Jul, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। पुणे पुलिस ने एक आलीशान फ्लैट में छापेमारी की। यहां पर रेव पार्टी चल रही थी। छापेमारी में नशीले पदार्थ, हुक्का और शराब जब्त की गई। एक अधिकारी ने बताया कि तड़के लगभग साढ़े तीन बजे पुलिस क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की और स्टूडियो अपार्टमेंट में एक ड्रग पार्टी का भंडाफोड़ किया। आरोपियों की हिरासत का अनुरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि छापेमारी में कोकीन और गांजा जैसे मादक पदार्थ जब्त किए गए। अदालत ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से दो का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है।
गेस्ट फर्म से बुक किए थे रूम
आरोपियों ने 25 जुलाई से 27 जुलाई के बीच की अवधि के लिए एक गेस्ट फर्म के जरिए अपार्टमेंट में तीन कमरे बुक किए थे। प्रांजल खेवलकर का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विजय थोम्ब्रे ने अपने मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्हें फंसाया गया है। थोम्ब्रे ने अदालत को बताया कि प्रांजल खेवलकर ड्रग्स नहीं लेते। वह राजनीतिक का शिकार हैं।
रोहिणी खडसे से हुई है शादी
प्रांजल खेवलकर शरद पवार की एनसीपी के नेता एकनाथ खडसे के दामाद हैं। वह एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी खडसे के पति हैं। रोहिणी खडसेNCP (SP)की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। प्रांजल खेवलकर खुद को इंस्टाग्राम पर एक उद्यमी, समाजसेवी और डॉक्टर बताते हैं।
ट्रैवल माफिया के मालिक
डॉ. प्रांजल खेवलकर एक बिजनेसमैन हैं। उनके कई कारोबार हैं। वह चीनी, बिजली, रियल एस्टेट और इवेंट मैनेजमेंट जैसी कई कंपनियां चलाते हैं। उनकी कंपनी, संत मुक्ताई शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड, ऊर्जा के क्षेत्र में आगे है। वह AP इवेंट्स एंड मीडिया नाम की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी चलाते हैं। इसके अलावा, उनकी एक ट्रैवल कंपनी भी है जिसका नाम द ट्रैवल माफिया है।
भारतीय विद्यापीठ पुणे के मालिक
प्रांजल खेवलकर का एक योगा इंस्टीट्यूट भी है। वह समवेदना नाम की एकNGO भी चलाते हैं। वह भारतीय एकता सद्भावना मिशन के राष्ट्रीय सचिव और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। वह पुणे की भारतीय विद्यापीठ संस्थान के मालिक भी हैं।
म्युजिक वीडियो भी बनाए
प्रांजल खेवलकर ने कई म्यूजिक वीडियो बनाए हैं, जिनमें गजेंद्र वर्मा का ना होना तुमसे दूर भी शामिल है। वह प्रॉडक्शन में भी शामिल हैं।उनकी समर प्रोडक्शंस के नाम से कंपनी है।
श्मशान घाट में झूलों की व्यवस्था, मनपा के अजीब फैसले पर हंगामा
26 Jul, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वसई: वसई-विरार मनपा का एक अनोखा कारनामा सामने आया है। वसई पश्चिम में स्थित एक श्मशान घाट के अंदर बच्चों के लिए खेलने कूदने के झूले और अन्य उपकरण लगाए हैं। मनपा के इस काम को लेकर स्थानीय रहवासियों में काफी रोष है। यह निर्णय स्थानीय नागरिकों को बेहद आपत्तिजनक लगा है, जिसके चलते मनपा प्रशासन की तीखी आलोचना हो रही है। उनका कहना है कि श्मशान में अंतिम दाह संस्कार के वक्त बच्चे वहां कैसे जा पाएंगे। ऐसे में मनपा अधिकारियों की खूब किरकरी हो रही है।
श्मशान की सुधार की जगह लगा दिए झूले
बता दें कि वसई-विरार मनपा पिछले 5 वर्षों से प्रशासनिक शासन के अधीन है। इस वजह से अधिकारी बिना किसी को विश्वास में लिए मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि किसी भी कार्य के लिए कोई योजना नहीं है, केवल पैसों की बर्बादी की जा रही है। वसई पश्चिम के प्रभाग (आय) वसई गांव के अंतर्गत बेनेपट्टी क्षेत्र में एक जर्जर श्मशान है। इस जर्जर श्मशान को सुधारने के बजाय मनपा ने श्मसान में ही बच्चों के लिए झूले और अन्य उपकरण लगा दिए है।
श्मसान के बगल में मैदान
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि श्मशान के ठीक बगल में मनपा का एक खुला मैदान मौजूद है, जहां ये झूले और उपकरण आसानी से लगाए जा सकते थे। बावजूद इसके, अधिकारियों ने श्मशान को ही बच्चों के खेलने की जगह बना दिया, जिससे उनकी संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों ने इस फैसले पर मनपा से स्पष्टीकरण की मांग की है और कई लोगों ने स्थानीय प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की भी अपील की है।
गाजा मुद्दे पर CPM को झटका, कोर्ट ने कहा- पहले देश के मसले सुलझाओ
26 Jul, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : CPI(M) की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामला गाजा में हुई मौतों के विरोध में सभा करने की अनुमति न देने का था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीपीआईएम को जमकर फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि देश में इतनी सारी समस्याएं हैं, उनसे आप प्रभावित नहीं हो रहे हैं और हजारों मील दूर गाजा में क्या हो रहा है, वह आपको परेशान कर रहा है? जस्टिस ने याचिका
क्या थी याचिका
पुलिस, प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सीपीआईएम ने याचिका की थी। सीपीआईएम के वकील मिहिर देसाई ने कोर्ट में कहा कि वह सिर्फ आज़ाद मैदान में मीटिंग करना चाहते थे। वे विरोध मार्च नहीं निकालना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान विरोध- प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित किया गया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा
हाई कोर्ट ने कहा कि अनुमति ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी फाउंडेशन (AIPSF) ने मांगी थी और उसे ही याचिका का अधिकार है। पिछले महीने सीपीआईएम गाजा मुद्दे पर आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करना चाहता था। इसके लिए AIPSF ने मुंबई पुलिस को अर्जी देकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसे मुंबई पुलिस ने नामंजूर कर दिया था।
हाई कोर्ट ने किए सवाल पर सवाल
हाई कोर्ट ने याचिका पर नाराजगी जताई। जस्टिस ने वकील मिहिर देसाई से पूछा कि याचिकाकर्ता भारत में कचरा, अवैध पार्किंग, बाढ़ और जल निकासी जैसी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं देते? कोर्ट ने हैरानी जताई कि इन मुद्दों पर याचिका नहीं होती। जस्टिस ने वकील से पूछा कि उनके क्लाइंट्स हजारों मील दूर हो रही घटनाओं से कैसे प्रभावित हैं?
जस्टिस बोले-देशभक्त बनो
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'देशभक्त बनो... अपने देश के मुद्दों पर बोलो।' वकील मिहिर देसाई ने बेंच से पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि बोलने और व्यक्त करने की आजादी सिर्फ भारत में हो रही चीजों के बारे में है? उन्होंने दुनिया भर के लोकतंत्रों में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होने की बात सहकर बेंच ने सवाल किए।
हाई कोर्ट ने जताई हैरानी
हाई कोर्ट ने कहा, 'हमारे देश में पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। हमें उनपर ध्यान देना चाहिए। हमें ऐसा कुछ नहीं चाहिए कि वे समस्याएं हल हों। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आप सब लोग दूर की नहीं सोच रहे हैं... आप गाजा के मामले को देख रहे हैं। अपने देश को देखो।'
मुंबई स्कीम से बाहर! जानें नई हाउसिंग पॉलिसी में कहां मिलेंगे सस्ते घर
26 Jul, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : महाराष्ट्र की नई हाउसिंग पॉलिसी में 4,000 वर्ग मीटर से अधिक के सभी हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स में 20 प्रतिशत घर म्हाडा (महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंपने का प्रावधान 20 प्रतिशत योजना के तहत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य महानगर क्षेत्रों में घरों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। हालांकि, मुंबई में यह योजना फिलहाल लागू नहीं हो सकेगी, क्योंकि इसके लिए बीएमसी एक्ट में बदलाव करना होगा। एक्ट के अनुसार, म्हाडा को घर सौंपने के लिए बीएमसी को बाध्य नहीं किया जा सकता।
योजना का दायरा बढ़ाया
महाराष्ट्र गृहनिर्माण विभाग ने हाउसिंग पॉलिसी 2025 में 20 प्रतिशत योजना को सभी महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में लागू करने का निर्णय लिया है। अब तक यह योजना 10 लाख से अधिक आबादी वाले महानगरपालिका क्षेत्र में ही लागू थी। 10 लाख आबादी की शर्त होने के कारण राज्य की केवल 9 महानगर पालिका क्षेत्र के नागरिकों को ही योजना का लाभ मिल पा रहा था।
क्या है योजना
4 हजार वर्ग मीटर से अधिक के हाउसिंग प्रॉजेक्ट में 20 फीसदी घर बिल्डर को महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण ( म्हाडा) को सौपने होते है। म्हाडा इन घरों की बिक्री लॉटरी के माध्यम से करेगी। अब तक 20 फीसदी योजना के तहत MMR में केवल ठाणे, कल्याण और नवी मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में ही घर उपलब्ध होते थे। नियम में बदलाव के बाद आगामी कुछ महीनों में MMR के अन्य महानगर पालिका क्षेत्र में तैयार हो रहे 4 हजार वर्ग मीटर से बड़े प्रॉजेक्ट के भी 20 फीसदी घर म्हाडा की लॉटरी में शामिल हो सकेंगे। सभी नियोजन प्राधिकरणों को 4 हजार वर्ग मीटर से अधिक के प्रॉजेक्ट को मंजूरी देने पर इसकी जानकारी म्हाडा के संबंधित बोर्ड को देने का आदेश दिया गया है।
क्लासमेट से रोमांस, फिर धोखा या प्लान? महिला ने क्यों कराया किडनैपिंग
26 Jul, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : चूनाभट्टी इलाके में 48 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी पूर्व सहपाठी महिला और उसके सात साथियों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। आरसीएफ इलाके की एक सरकारी कंपनी में कार्यरत पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 2003 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में कलेश के चलते उसने 2021 में तलाक ले लिया। पीड़ित की मुलाकात 2018 में अपनी स्कूल क्लासमेट से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और रिश्ता इतना गहरा हो गया कि उन्होंने अपने-अपने जीवन साथियों से तलाक लेकर एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया।
महिला ने मांगे 15 लाख
महिला ने घर खरीदने के लिए 15 लाख रुपये की मदद मांगी, जो पीड़ित ने उसे दे दिए। तलाक के बाद जब पीड़ित ने महिला से उसके पति को दिए तलाक के कागजात दिखाने को कहा, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। दोनों लिव-इन में रहने लगे, लेकिन महिला की शर्तें सामने आने के बाद रिश्ते में दरार आ गई। उसने पीड़ित से कहा कि जब तक वह अपने पीएफ में उसे वारिस नहीं बनाता या पुश्तैनी घर उसके नाम नहीं करता, वह शादी नहीं करेगी। अक्टूबर 2024 में परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने रिश्ता खत्म करने का निर्णय लिया। पीड़ित का आरोप है कि 20 दिन बाद महिला का एक दोस्त उसे धमकाने उसके बिल्डिंग के नीचे आया, जिसकी शिकायत उसने कालाचौकी पुलिस स्टेशन में की थी।
महिला पर पीटने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10 बजे वह अपने दोस्त के साथ बाइक से पनवेल हाईवे पर जा रहा था, तभी प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास एक बाइक ने उसकी गाड़ी को कट मारा। विरोध करने पर महिला का बेटा और अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि महिला के बेटे और 7-8 लोगों ने मिलकर उसे लात-घूंसों से पीटा। महिला भी वहां मौजूद थी और उसने भी मारपीट की। झगड़े के दौरान पीड़ित की सोने की चेन, घड़ी, अंगूठी और पॉकेट गायब हो गए। आरोप है कि पीड़ित को जबरन बंधक बनाकर रिक्शे से धक्का देकर नीचे फेंक दिया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर महिला, उसके बेटे और सात अन्य आरोपियों के खिलाफ अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज किया है।
मनसे का मराठी प्रेम उफान पर, एक्सप्रेसवे के होटल-रेस्टोरेंट पर फाड़े गुजराती साइनबोर्ड
25 Jul, 2025 07:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुंबई-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे पर स्थित रेस्टोरेंट और होटलों को निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि वे साइनबोर्ड और मेन्यू कार्ड की भाषा को मराठी में बदलें। मनसे के कार्यकर्ताओं ने मराठी साइनबोर्ड के इस्तेमाल की मांग को लेकर ठाणे और पालघर जिले में एक्सप्रेसवे पर स्थित कई होटलों के बाहर गुजराती में लिखे साइनबोर्ड जबरन हटा दिए। दरअसल महाराष्ट्र का पालघर जिला गुजरात की सीमा से लगा हुआ है।
मराठी-महाराष्ट्र पर कोई समझौता नहीं
यह प्रदर्शन राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी को अनिवार्य किए जाने को लेकर उठे विवाद के तुरंत बाद शुरू हुआ। वसई से मनसे कार्यकर्ता प्रशांत खांबे ने कहा कि पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि मराठी और महाराष्ट्र पर कोई समझौता नहीं होगा। मनसे के पालघर और ठाणे जिलों के प्रमुख अविनाश जाधव ने कहा कि हमने उनसे कहा है कि अगर आप महाराष्ट्र में व्यापार करना चाहते हैं तो इसे बदल दें।
गुजराती साइनबोर्ड हटाने पर किया मजबूर
इससे पहले सोमवार को मनसे सदस्यों ने अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नवी मुंबई के सीवुड्स स्थित गुजरात बीजेपी विधायक वीरेंद्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा के कार्यालय से एक गुजराती साइनबोर्ड हटाने पर मजबूर किया। गुजरात के रापर विधानसभा क्षेत्र से विधायक वीरेंद्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा के जनसंपर्क कार्यालय के बाहर पुलिस की मौजूदगी में साइनबोर्ड उतार दिया गया।
मराठी बोर्ड बदलने की मांग
पार्टी ने पिछले हफ़्ते बोर्ड हटाने की मांग करते हुए एक अल्टीमेटम जारी किया था। समूह ने अधिकारियों को अपना अनुरोध प्रस्तुत करते हुए गुजराती बोर्ड को तुरंत मराठी बोर्ड से बदलने की मांग की। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भी अनुरोध किया, जिन्होंने मराठी पहचान का अपमान किया था।
OTT पर अश्लीलता को लेकर सरकार सख्त, 25 चैनलों पर पाबंदी, प्रियंका चतुर्वेदी ने दी प्रतिक्रिया
25 Jul, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: केंद्र सरकार ने एक बड़े फैसला में अश्लीलता फैलाने वाले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगा दी है। सरकार के इस फैसले के बाद इन प्लेटफॉर्म को एक्सेस कर पाना संभव नहीं होगा। सरकार ने जिस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगाई है। उनमें ऑल्ट बालाजी और उल्लू जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कड़े फैसले का उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वागत किया है। चतुर्वेदी इस फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि यह बहुत अच्छी खबर है। मैं इन दोनों ऐप्स उल्लू और ऑल्ट बालाजी के कंटेंट के बारे में बात कर रहा थी। मैंने संचार एवं आईटी की स्थायी समिति में भी इस मुद्दे को उठाया था। खुशी है कि मंत्रालय ने ने इस पर ध्यान दिया और जो ज़रूरी था वो बहुत पहले ही कर दिया।
आगे भी उठाती रहूंगी आवाज
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा है कि जो ऐप्स अश्लील और विकृत कंटेंट स्ट्रीम कर रहे थे, उन पर आखिरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कार्रवाई की है खासकर उल्लू ऐप और ऑल्ट बालाजी पर। मैं इसका स्वागत करती हूं। जवाबदेही के लिए आवाज उठाती रहूंगी। प्रियंका चतुर्वेदी ने इसी साल मई में जब हाउस अरेस्ट रियलिटी शो में जब अश्लीलता समने आई थी तब उन्होंने आवाज उठाई थी। प्रियंका चतुर्वेदी ने तब सरकार ने पूछा था कि उल्लू एप कैसे अश्लीलता फैसला रहा है। आखिर ये कैसे बचा हुआ है।
तब प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया था मामला
तब सोशल मीडिया ताजा विवाद 'हाउस अरेस्ट' शो को लेकर खड़ा हुआ था। यह रियलिटी शो ओटीटी प्लेटफॉर्म उल्लू एप्प पर रिलीज हुआ था। जो बिग बॉस की तर्ज पर एक रियलिटी शो है। इस शो के कई वीडियो क्लिप्स वायरल हुए थे। जिन पर बवाल मचा हुआ था। वीडियो में प्रतिभागियों ने कैमरे के सामने सेक्स की पोजिशन दर्शाई थी। तब इस मुद्दे को प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया था। केंद्र सरकार ने बड़े फैसले में कथित तौर पर अश्लील, अश्लील और 'अश्लील' सामग्री रखने वाले कई ऐप्स और वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिन 25 ऐप्स और वेबसाइटों पर कार्रवाई की गई है, उनमें ऑल्ट बालाजी, उल्लू, बिग शॉट्स ऐप, देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट और गुलाब ऐप शामिल हैं।
मुंबई: सैंडल पहनने के दौरान हादसा, शू रैक पर बैठी बच्ची गिरी 12वीं मंजिल से
25 Jul, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के नायगांव स्थित नवकार सिटी में दर्दनाक घटना सामने आई है। नवकार सिटी में चार साल की एक बच्ची खेल-खेल में 12वीं मंज़िल पर स्थित अपने घर की खिड़की से गिर गई। इस हादसे में बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि उसकी मां ने उसे सैंडल पहनाने के लिए शू-रैक पर बैठाया था, जहां से वह खिड़की के चौखट पर चढ़ने लगी, तभी हादसा हो गया। सीसीटीवी में बच्ची के गिरने की घटना कैद हो गई। पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का नाम अनविका प्रजापति था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बुधवार शाम करीब 8 बजे वह अपनी मां के साथ कहीं जाने वाली थी। चार साल की अनविका घर से बाहर आती है और उसके पीछे उसकी मां भी आती है। जैसे ही उसकी मां दरवाजा बंद करती है, अनविका एक बड़े साइज का जूता पहन लेती है। इसके बाद अनविका की मां उसे शू-रैक पर बैठाकर तैयार होने लगती है। वह खुद चप्पल पहनती है और बेटी के लिए सैंडल लाती हैं।
डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित किया
इसी बीच अनविका अलमारी पर खड़ी होकर खिड़की की चौखट पर बैठने की कोशिश करती है, लेकिन किनारे पर संतुलन बनाने से पहले ही वह खिड़की के बाहर गिर जाती है। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद बच्ची की मां ने चिल्लाते हुए लोगों से मदद मांगी। शोर सुनकर पड़ोसी अपने घरों से बाहर निकले और बच्ची को उठाने के लिए दौड़े। बच्ची को वसई पश्चिम स्थित सर डीएम पेटिट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर राजनीति गर्म, फडणवीस बोले- मनसे जैसी गुंडागर्दी नहीं सहेगा प्रदेश
25 Jul, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में मराठी अध्ययन केंद्र के शुभारंभ के मौके पर फडणवीस ने कहा भाषा झगड़े की जड़ नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी बोलने का आग्रह करना स्वाभाविक है लेकिन भाषा के नाम पर विवाद या किसी के साथ जबरदस्ती या मारपीट करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र में अगर कोई भी भाषा के नाम पर जोर जबरदस्ती करेगा तो हम कार्रवाई करेंगे। राजनीतिक प्रेक्षक हिंदी बनाम मराठी विवाद को स्थानीय निकाय के चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि यह विवाद चुनावी और राजनीतिक हितों को लेकर है। अब देखना यह है कि सीएम आने वाले दिनों मनसे की गुंडागर्दी जारी रहने पर क्या एक्शन लेते हैं?
मराठी शोध केंद्र का होना गर्व है
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाषा विवाद पर दूसरी बार चेतावनी दी है। मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी नहीं बोलने पर लोगों को पीटने पर फडणवीस पहले भी वॉर्निंग दे चुके हैं। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में फडणवीस ने मराठी भाषा विभाग में कवि कुसुमाग्रज मराठी शोध केंद्र का उद्घाटन एवं छत्रपति शिवाजी महाराज सामरिक एवं संरक्षण शोध केंद्र का शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस मौके पर वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। फडणवीस ने कहा कि मराठी भाषा को सांस्कृतिक भाषा का दर्जा प्राप्त होने के बाद जेएनयू में मराठी शोध केंद्र की शुरुआत होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भाषा संवाद का माध्यम है। इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।
MNS को सीएम की चेतावनी
इस तरह मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को बता दिया है कि भाषा के नाम पर महाराष्ट्र में मारपीट की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने यह कड़ी चेतावनी ऐसे वक्त पर दी है जब महाराष्ट्र के राज्यपाल पहले ही भाषा विवाद पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने मनसे द्वारा लोगों को पीटने की तुलना तुच्छ राजनीति से की थी। राज्यपाल ने कहा था कि मुझे मारेंगेतो क्या मैं मराठी बोलूंगा। राज्यपाल ने यह भी कहा था कि अगर नफरत फैलाएंगे तो निवेश के लिए कौन आएंगा। इस पर मनसे ने कहा था कि निवेश बाद में है मराठी पहले है। राज्यपाल के बयान पर शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने आग्रह किया था कि राज्य में मराठी को तवज्जो मिले। वह आग्रह करते हैं कि राज्यपाल भी अगला भाषण मराठी में दें।
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