महाराष्ट्र
कबूतरखानों पर सख्ती के संकेत, फडणवीस बोले- अब बनेगा नया कानून
6 Aug, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा है कि कबूतरखानों को अचानक ही बंद कर देना उचित नहीं हैं। कबूतरों की देखभाल और आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए उन्हें दाना डालने और न डालने के समय के संबंध में नियम बनाना चाहिए। कबूतरखानों के बारे में लिए गए निर्णय को अमल करते हुए समय वैकल्पिक उपाय किए जाने चाहिए, ताकि कबूतरखाना क्षेत्र में कबूतरों को भूखे रहने पर मजबूर नहीं होना पड़े। उन्होंने बीएमसी को निर्देश दिया कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक कबूतरों को नियंत्रित भोजन की आपूर्ति जारी रखे।
कबूतरखानों के बंद करने के बाद पैदा हुई समस्या को हल करने के लिए मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बैठक की जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा, विधायक कालिदास कोलंबकर, मुंबई कमिश्नर भूषण गगरानी, वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर उपस्थित थे।
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि कबूतरों की जान बचाना, पर्यावरण की रक्षा करना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा जरूरी है। शहर में विभिन्न स्थानों पर कबूतरों की बड़ी संख्या के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं, बीट से होने वाला प्रदूषण और सार्वजनिक स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न की शिकायत है। सीएम ने कहा कि कबूतरखानों के स्वास्थ्य प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है और इसके लिए संबंधित विशेषज्ञों की सहायता से एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। कबूतरों की बीट की सफाई के लिए उपलब्ध तकनीकी समाधानों पर विचार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस बारे में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी चर्चा की है। कबूतरखानों से जुड़े मुद्दों पर उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है। राज्य सरकार और बीएमसी को इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखना चाहिए। यदि आवश्यक पड़ी तो राज्य सरकार आवश्यकतानुसार सर्वोच्च न्यायालय में भी अपना पक्ष रखेगी।
बीएमसी को पक्षी खाने का निर्माण और रखरखाव करने के निर्देश भी दिए। मंगलवार को बीएमसी की ओर से बताया गया कि 13 जुलाई से तीन अगस्त के बीच उन्होंने शहर भर के विभिन्न कबूतरखानों में कबूतरों को दाना डालने वाले 142 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और उसने 68,700 रुपये का जुर्माना वसूला है।
ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, महाराष्ट्र में चुनाव का रास्ता साफ
5 Aug, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में 2022 से अटके स्थानीय निकाय चुनावों का सुप्रीम कोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया है। महाराष्ट्र में मुंबई के बीएमसी चुनावों के साथ लोकल बॉडी पोल्स नई वार्डबंदी के साथ होंगे। इन चुनावों में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण भी लागू होगा। सोमवार को एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में स्थानीय निकाय के चुनावों से जुड़ी अंतिम बाधा को भी दूर कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावों में 27 फीसदी आरक्षण को स्वीकृति देने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने शीर्ष अदालत के इस निर्देश के लिए सराहना की है। गौरतलब हो कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीति गरमाई हुई। सभी की नजरें मुंबई बीएमसी चुनावों पर लगी हुई हैं। स्थानीय निकाय चुनाव तीन चरण में होने की उम्मीद है। मुंबई में अंतिम फेस में वोटिंग के आसार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव मिनी-विधानसभा चुनावों से कम नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण और नई वार्ड रचना के साथ चुनावों को मंजूरी दे दी है। कोर्ट का यह निर्देश नगर निगम, नगरपालिका और जिला परिषद चुनावों पर लागू रहेगा। कोर्ट ने नई वार्ड रचना को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को चार हफ्तों के भीतर चुनाव संबंधी निर्देश जारी करने के आदेश दिए थे। सोमवार की सुनवाई में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पिछले 27% ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव कराए जा सकते हैं। राजनीतिक प्रेक्षक दयानंन नेने कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि सरकार 2017 के वक्त जो ओबीसी आरक्षण था उसे इन चुनावों में रखे। नेने कहते हैं कि उस वक्त 27 फीसदी आरक्षण था। नेने के अनुसार मुंबई को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में चार पैनल के आधार पर ही चुनाव होंगे। मुंबई के एक वार्ड में एक कैंडिडेंट सिस्टम है।
क्या थी अभी तक अड़चन?
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य में यह विवाद था कि नई वार्ड रचना के अनुसार चुनाव कराए जाएं या पुरानी रचना के अनुसार। क्योंकि पहले महायुति सरकार ने प्रभाग रचना में बदलाव किया था, फिर महाविकास आघाड़ी सरकार ने उसमें फेरबदल किया, और इसके बाद एकनाथ शिंदे सरकार के आने पर एक बार फिर संशोधन हुआ था।
इसके बाद लातूर जिले के औसा नगर पंचायत से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसमें यह मांग की गई थी कि 11 मार्च 2022 से पहले की प्रभाग रचना के अनुसार ही चुनाव कराए जाएं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वार्डबंद तय करने का अधिकार राज्य सरकार का है, और राज्य सरकार जैसा तय करेगी उसी अनुसार चुनाव होंगे।
कितनी सीटों पर होंगे चुनाव?
शहरी क्षेत्रों में, 29 नगर निगमों (जालना और इचलकरंजी नवगठित) में से सभी प्रशासकों द्वारा संचालित हैं। ये बिना किसी निर्वाचित निकाय के हैं। राज्य में 248 नगर परिषदें हैं और सभी में प्रशासक हैं। 147 नगर पंचायतों में 42 में चुनाव होंगे। ग्रामीण महाराष्ट्र में, कुल 34 जिला परिषदों में से 32 में प्रशासक हैं। भंडारा और गोंदिया को छोड़कर, जिनका कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होगा। पंचायत समितियों के मामले में कुल 351 पंचायत समितियों में से 336 में प्रशासक हैं जहां चुनाव होंगे। सबसे ज्यादा अहम मुंबई बीएमसी के चुनाव हैं। चुनाव आयोग द्वारा नए सिरे से वार्ड बंदी की गई है।
कबूतरों के लिए दाना डाला, इंसानों से झेलनी पड़ी मार – मीरा रोड में हमला
5 Aug, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई से सटे ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में हैरान करने वाली घटना हुई। 69 साल के एक आदमी और उसके बेटे पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। यह हमला इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने एक महिला को कबूतरों को दाना डालने से मना किया था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कबूतरों को दाना डालने को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) को सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना डालने पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इससे सेहत को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो लोग इस नियम को तोड़ते हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बीएमसी को पूरे शहर में इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है।
मीरा रोड में क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, महेंद्र पटेल और उनके 46 साल का बेटे प्रेमल पर रविवार की सुबह हमला हुआ। यह घटना मीरा रोड के ठाकुर मॉल के पास डी बी ओजोन बिल्डिंग में हुई। महेंद्र पटेल ने देखा कि ए व्यास नाम की एक 56 वर्षीय महिला बिल्डिंग के कॉमन एरिया में कबूतरों को दाना डाल रही है। पटेल ने उनसे ऐसा करने से मना किया। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा कबूतर आते हैं और लोगों के लिए गंदगी होती है।
लोहे की रॉड से हमला
इस बात पर दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि व्यास ने पटेल को गाली दी। प्रेमल ने शोर सुनकर वहां पहुंचे और व्यास को अपने पिता के साथ इस तरह के व्यवहार के लिए टोका। मामला और बढ़ गया जब सोमेश अग्निहोत्री और दो अज्ञात लोग व्यास के साथ मिलकर पटेल और उनके बेटे पर हमला करने लगे। प्रेमल की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें लात मारी। मुक्का मारा और लोहे की रॉड से भी हमला किया।
एफआरआर दर्ज
प्रेमल ने पुलिस को बताया कि एक आरोपी ने तो उसका गला तक दबाने की कोशिश की। काशीमीरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रंजीत अंधले ने बताया कि उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1), 115(2), 352 और 3(5) के तहत दर्ज की गई है। यह शिकायत पीड़ित के बेटे ने दर्ज कराई है।
पुलिस ने क्या कहा?
अंधाले ने कहा कि हालांकि किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया और चोटें गंभीर नहीं हैं। फिर भी हम लोहे की छड़ के इस्तेमाल के दावों की पुष्टि कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी। संदिग्धों को नोटिस जारी किए गए हैं और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सरकार ने उठाया बड़ा कदम, महादेवी हथिनी की वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका तय
5 Aug, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गुजरात के वनतारा ले जाएगी नंदिनी मठ की हथिनी महादेवी को वापस लाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नंदिनी मठ की हथिनी महादेवी उर्फ माधुरी को वापस लाने की मांग के बीच यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में मठ के साथ पूरी तरह से खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक अलग पुनर्विचार याचिका भी दायर करेगी और हाथी की वापसी के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी। गौरतलब हो कि महादेवी को अनंत अंबानी के वनतारा में भेजे जाने के बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आंदोलन खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ यह भी ऐलान किया कि इस प्रकरण में लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। महादेवी हथिनी सालों से जैठ मठ का हिस्सा थी। लोगों के विरोध के बाद साधु संत भी इसमें जुड़ गए थे।
कैबिनेट हॉल में सीएम की बैठक
मंगलवार को नंदिनी मठ की हथिनी माधुरी उर्फ महादेवी को वापस लाने के संबंध एक बैठक हुई। इसमें इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर सहित नंदनी मठ के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बैठक में फडणवीस ने कहा कि कोल्हापुर ताल शिरोल स्थिति नंदनी मठ को माधुरी हाथिनी की वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए। सीएम ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार भी एक अलग से याचिका शीर्ष अदालत में दाखिल करेगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाएगी। महादेवी को कोर्ट के आदेश पर ही कोल्हापुर से गुजरात वनतारा भेजा गया है।
सीएम ने किया जनभावना का जिक्र
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि माधुरी हथिनी पिछले 34 सालों से नंदनी मठ में है। जनभावना है कि माधुरी मठ में वापस आनी चाहिए। सीएम ने कहा कि वन विभाग की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में अलग से विस्तृत स्थिति प्रस्तुत की जाएगी। इसमें उच्च स्तरीय समिति द्वारा सुझाए गए सभी मुद्दों और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानदंडों का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार हथिनी की देखभाल और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए डॉक्टरों सहित एक टीम का गठन करेगी। यदि जरूरी हुआ रेस्क्यू सेंटर जैसी व्यवस्था की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि उसके अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति नियुक्त करने का भी अनुरोध किया जाएगा। इस मौके पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि वन विभाग को महाराष्ट्र से बाहर ले जाए गए सभी हाथियों की जानकारी एकत्र करनी चाहिए।
434 करोड़ की ड्रग्स बरामद, शर्ट की एक तस्वीर ने खोली पूरी सप्लाई चेन
5 Aug, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह ड्रग तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई है। केस की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मुंबई की साकीनाका पुलिस ने जांच के दौरान खुलासा किया कि किस तरह ड्रग्स की तस्करी का रैकेट काम करता था। कर्नाटक से महाराष्ट्र तक ड्रग्स की तस्करी और इंटरनेशनल स्तर तक इसकी सप्लाई होती थी। ड्रग्स सप्लायर इसके लिए अनोखा और बेहद गुप्त तरीका अपनाते थे। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में 'शर्ट की फोटो' को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई और प्रोडक्शन की प्रक्रिया दो अलग-अलग गिरोह करते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों ही गैंग के सदस्यों को एक-दूसरे के बारे में कुछ पता नहीं होता था।
खतरनाक मॉडस ओपेरेंडी करते थे यूज
यह ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री और इसके सप्लाई की चेन पूरे ऑपरेशन की सबसे खतरनाक और शातिर 'मॉडस ओपेरेंडी' अपनाती थी। पुलिस ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था से नेटवर्क की परतें खोलना बेहद मुश्किल हो जाता है। हालांकि हाईटेक पुलिस ने इसकी पर्तें खोल ही लीं।
इस तरह फैक्ट्री से बेंगलुरु जाती थी खेप
साकीनाका पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मैसूर की फैक्ट्री में एमडी ड्रग्स तैयार होती थी। यहां काम करने वालों को नहीं पता होता था कि यह कहां जाएगी। खेप को एक दूसरे गैंग के जरिए सबसे पहले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचाया जाता था। बेंगलुरु में मुंबई गैंग का एक मेंबर पहले से ही मौजूद होता था। ड्रग्स सप्लाई करने और उसे लेने आने वालों को एक दूसरे को एक कोड दिखाना होता था।
ड्रग्स की ऐसे होती थी डिलीवरी
पुलिस ने बताया यह कोड एक टीशर्ट होती थी। जो हर बार सप्लाई के लिए अलग-अलग यूज की जाती थी। दोनों के पास सेम टीशर्ट का फोटो वॉट्सऐप किया जाता था। फिर वे एक दूसरे को वह दिखाकर खेप की सप्लाई करते थे। इस तरह खेप को बेंगलुरु से मुंबई तक लाया जाता था। यहां इसे मुंबई के विभिन्न इलाकों में स्थानीय सप्लायर्स के जरिए सप्लाई होता था।
सड़क मार्ग से होता था ट्रांसपोर्टेशन
पुलिस ने बताया कि ड्रग्स का पूरा ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम सड़क मार्ग पर आधारित था। वे हवाई या ट्रेन मार्गों में होने वाली जांच से बचने के लिए रोड का यूज करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क ड्रग्स को बसों और निजी वाहनों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करता था। मैसूर से बेंगलुरु और फिर मुंबई तक का सफर तय कर ड्रग्स को छिपाकर पहुंचाया जाता था। इस तरह की रणनीति से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने में काफी हद तक सफलता भी मिली।
आईबी ने भी शुरू की जांच
इस मामले में अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की भी एंट्री हो चुकी है। सोमवार को आईबी अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ड्रग्स फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। साथ ही यह भी आशंका है कि इसका लिंक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी हो सकता है। साकीनाका पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चेन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।
वनतारा से महादेवी की वापसी को लेकर गरमाया मामला, अब फडणवीस उतरे मैदान में
5 Aug, 2025 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोल्हापुर : महाराष्ट्र की महादेवी इन दिनों चर्चा में है। यह महादेवी एक हथिनी है, जो अनंत अंबानी के वनतारा में रह रही है। उसे वनतारा भेजने का विरोध हो रहा है। लगातार कोल्हापुर में प्रदर्शन हो रहे हैं। अब शिरोल तहसील के नंदनी से कोल्हापुर शहर में कलेक्टर ऑफिस तक हजारों लोगों ने 45 किलोमीटर की पदयात्रा की। पदयात्रा के बाद लोगों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में गुजरात के जामनगर से हाथी महादेवी को नंदनी जैन मठ में वापस लाने की मांग की गई। अब इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया है मामले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने अमरावती में घोषणा की कि वह सभी संबंधित लोगों को बातचीत के लिए बुलाएंगे। इस मुद्दे का हल निकाला जाएगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नंदनी मठ के भक्त नाराज हैं। वह चाहते हैं कि हथिनी को मठ में वापस लाया जाए।
क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में मैंने सांसद और विधायकों से बात की है। एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में हम कानूनी रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। फडणवीस ने कहा कि हाथी को सुविधा में स्थानांतरित करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट का था। इसमें महाराष्ट्र सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का न्यायायिक हल निकालने का प्रयास करेंगे।
लगातार विरोध-प्रदर्शन रहेगा जारी
पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने नंदनी से पदयात्री को लीड किया। यह पदयात्रा शाम को कोल्हापुर पहुंची। पदयात्रा में शामिल लोगों के हाथों में हाथी के आकार वाले कार्डबोर्ड और मूर्तियां थीं। वे इन्हें साथ लेकर पैदल चल रहे थे। राजू शेट्टी ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी मांग है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, जिन्होंने हाथी महादेवी को लेकर सुप्रीम कोर्ट को गलत रिपोर्ट दी। उन अफसरों के कारण ही महादेवी को वनतारा भेजा गया। उन्होंने कहा कि जब तक हम महादेवी को वापस नहीं लेकर आते, हमारा प्रोटेस्ट जारी रहेगा।
वनतारा के अफसरों ने दिया बयान
इस बीच वनतारा के टॉप अधिकारियों ने कोल्हापुर में अफसरों और मठ के स्वामी से मुलाकात की। उन्होंने ए बयान जारी करके कहा कि जैन मठ और उनके स्वामी के साथ सीधी बातचीत शुरू हो गई है। हम कानूनी और पशु चिकित्सा मार्गदर्शन के माध्यम से माधुरी (महादेवी) के भविष्य को लेकर सभी संभावनाएं तलाश रहे हैं। हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।
राजनीतिक हुआ मामला
हातकणंगले के शिवसेना सांसद धैर्यशील माने ने कहा कि माधुरी उर्फ महादेवी को वापस लाने के लिए कानूनी राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि बीच का रास्ता निकालने के लिए हम समाधान खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। हर कोई चाहता है कि महादेवी को वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण कानूनी अड़चनें भी हैं। सरकार और संबंधित संगठन मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कोई रास्ता निकलेगा।
क्या है वनतारा की हथिनी का विवाद
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 जुलाई को महादेवी को जामनगर में वनतारा के सुविधा केंद्र में पुनर्वासित करने का आदेश दिया था। यह आदेश एक गैर सरकारी संगठन की ओर से महाराष्ट्र वन विभाग और सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के समक्ष उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक पीड़ा पर चिंता जताए जाने के बाद दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को हाई कोर्ट का आदेश को बरकरार रखा। यह मामला अब 11 अगस्त, 2025 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए सूचीबद्ध है।
यजुवेंद्र पवार की सगाई में दिखी पवार परिवार की एकता, एक फ्रेम में शरद और अजित
4 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की सियासत में पावरफुल पवार परिवार एक बार फिर साथ नजर आया है। हालांकि यह मिलन राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक था। एनसीपी में फूट के बाद यह पहली बार था जब अजित पवार और शरद पवार एक साथ पारिवारिक समारोह में नजर आए। इतना ही नहीं उनके साथ दो खेमों में बंटा परिवार भी एक ही फ्रेम में नजर आया।
एक ही फ्रेम में आया पवार परिवार
युगेंद्र पवार उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास के बेटे हैं। वह शरद पवार के पोते हैं। यजुवेंद्र की सगाई के मौके पर अजित पवार, शरद पवार, अजित पवार की पत्नी, बहन सुप्रिया सुले और सभी एक साथ ही छत के नीचे थे। इतना ही नहीं परिवार ने एक साथ फ्रेम में आकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। सबने मिलकर नए जोड़े को आशीर्वाद दिया।
अजित पवार से हारे थे यजुवेंद्र
2023 में अजित पवार NCP से अलग हो गए थे। उनके साथ एनसीपी के कई नेता भी टूटे और अलग होकर उनके गुट में शामिल हो गए थे। शरद पवार अलग-थलग पड़ गए। यहां तक की एनसीपी को दो हिस्से हो गए। एक हिस्सा एनसीपी अजित गुट का दूसरी एनसीपी शरद पवार की हो गई। शरद पवार के साथ उनकी बेटे सुप्रिया सुले हैं। वहीं यजुवेंद्र भी शरद पवार की पार्टी में ही हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में युगेंद्र पवार अपने चाचा अजित पवार से बारामती सीट से हार गए थे।
राजनीति भुलाकर मस्ती में डूबा परिवार
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार सबसे ऊपर है। इस सगाई में परिवार की एकजुटता नजर आई। कार्यक्रम में सबने खूब मस्ती की और एक दूसरे के साथ समय बिताया। यह एक पारिवारिक मिलन था, जहां सबने पुरानी बातों को भुलाकर एक साथ मस्ती की। राजनीति की कोई बात नहीं हुई।
तनिष्का के घर पर हुईं रस्में
यजुवेंद्र पवार की सगाई का कार्यक्रम मुंबई के प्रभादेवी में इंडिया बुल्स बिल्डिंग में हुआ। यहीं पर तनिष्का संजीव कुलकर्णी का घर है। उनके घर पर ही सगाई की रस्में हुईं। युगेंद्र पवार को पवार परिवार का युवा चेहरा माना जाता है। यजुवेंद्र की सगाई से पहले परिवार के जय पवार की सगाई में परिवार एक साथ दिखा था।
मीरा रोड लोकल में अश्लीलता का नंगा नाच, कांस्टेबल की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
4 Aug, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई से सटे मीरा भाईंदर में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। नशे में धुत एक कांस्टेबल मीरा रोड स्टेशन से लोकल के महिला डिब्बे में चढ़ गया। इसके बाद उसने महिलाओं को गंदे इशारे किए। कुछ महिलाओं को पीछे से छुआ। कांस्टेबल की हरकतों से महिला डिब्बे में महिलाएं शॉक्ड रह गई। आरोप है कि कांस्टेबल ने महिला डिब्बे में टिकट जांचने का नाटक किया। इस दौरान महिलाओं को गलत नजरों से देखा। कांस्टेबल की हरकतों से परेशान महिलाओं ने इसकी सूचना रेलवे प्रशासन को दी। इसके बाद कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे अरेस्ट कर लिया गया।
मोबाइल छीनने का आराेप
जानकारी के अनुसार यह परेशान कर देने वाला वाकया दोपहर बोरीवली से विरार जा रही एक लोकल ट्रेन में हुआ। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल ने गंदी हरकतें कि और महिलाओं को छुआ। आरोप है कि मोबाइल फोन भी छीन लिए। आखिर में महिलाओं ने तंग आकर नायगांव स्टेशन पर पुलिस कांस्टेबल को जबरन उतार दिया और स्टेशन मास्टर को सूचित किया। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने वसई रोड रेलवे पुलिस को बुलाया। महिला यात्रियों ने वसई पुलिस स्टेशन और वसई रेलवे पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है। जब लोकल ट्रेनों में महिला डिब्बों में मारपीट और उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
केस दर्ज करके जांच में जुटी पुलिस
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भगवान डांगे ने बताया है कि आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी कांस्टेबल की पहचान अमोल किशोर सपकाल के तौर पर हुई है। वह मीरा भाईंदर, वसई, विरार पुलिस कमिश्नरेट में कार्यरत है। पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें पता किया जा रहा है कि महिलाओं के डिब्बे में क्यों चढ़ा। इस बार में उसके सीनियर अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। कांस्टेबल की पूरी हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है कि क्या वह किसी बीमारी से ग्रसित तो नहीं है।
अमृता फडणवीस का बेस्ट फ्रेंड कौन? तस्वीरों ने बढ़ाई सोशल मीडिया पर उत्सुकता
4 Aug, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तोते से दोस्ती पर अमृता ने क्या लिखा
अमृता फडणवीस ने लिखा, दोस्ती का कोई आकार, साइज़ या भाषा नहीं होती। यह किसी भी प्रजाति के बीच हो सकती है। दोस्ती इन सब चीजों से ऊपर है।
अमृता और टाइगर में गहरी दोस्ती
अमृता फडणवीस के पास जो तोता है, वह मकाउ तोता है। कई सालों पहले अमृता उसे लेकर आई थीं। दोनों में गहरी दोस्ती है।
अमृता के तोते का नाम है टाइगर
अमृता फडणवीस के इस मकाऊ तोते का नाम टाइगर है। खास बात है कि टाइगर कुछ सालों पहले खो भी गया था लेकिन वह फिर से उन्हें मिल गया।
बाजार में कीमत दो लाख से ज्यादा
देवेंद्र फडणवीस की पत्नी का तोता यूं तो उनके लिए अमूल्य है। वह उसे बहुत प्यार करती हैं लेकिन उसकी बाजार में कीमत दो लाख रुपये से ज्यादा की बताई जाती है।
अमेजन के जंगल से आया था यह तोता
अमृता फडणवीस फैमिली ने इस तोते को साउथ अफ्रीका के अमेजन इलाके से मंगवाया था। इसे उन्होंने शहर के एक ब्रीडर से खरीदा था।
एक बार खो गया था टाइगर
अमृता टाइगर से इतना प्यार करती हैं कि जब पिछली बार वह लापता हुआ और उन्हें वापस मिला तो वह उसे देखकर खुशी से रोने लगी थीं।
अमृता से बहुत प्यार करता है यह तोता
मकाऊ भी अमृता को देखते ही उनके कंधे पर आकर बैठ गया। उनसे खेलने लगा और फिर अमृता को छोड़ा तक नहीं।
बच्चे जैसा प्यार करती हैं अमृता
अमृता फडणवीस का यह तोता, बंगले में खुला घूमता है। उसे अमृता फडणवीस से और अमृता को उससे बहुत ज्यादा लगाव है। वह उसे अपने बच्चे जैसा प्यार करती हैं।
'सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं', जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
4 Aug, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : शरद पवार की एनसीपी के नेता जितेंद्र आव्हाड को लेकर नया विवाद सामने आया है। अब उन्होंने सनातन के खिलाफ बयान दिया है, जिसे लेकर सियासत तेज हो गई है। विधायक जितेंद्र आव्हाड कहा था कि सनातन धर्म ने भारत को बर्बाद कर दिया है। सनातन धर्म नाम का कोई धर्म कभी था ही नहीं है। आव्हाण के बयान पर बीजेपी और शिंदे सेना ने तीखा हमला किया है। जितेंद्र आव्हाण की पार्टी से लेकर उन्हें दूसरे दलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके बयान पर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आह्वाड की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पूरे महाराष्ट्र को बर्बाद मत कीजिए। वहीं, शिंदे सेना ने कहा कि यदि सनातन धर्म नहीं होता, तो जितेंद्र अब तक जितेंद्र से जितुद्दीन हो गए होते।
जितेंद्र आव्हाड ने कहा क्या
शरद पवार की पार्टी से विधायक जितेंद्र आव्हाण ने कहा कि हम हिंदू धर्म के अनुयायी हैं। इसी तथाकथित सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति शिवाजी महाराज को राज्याभिषेक से वंचित रखा था। इसी सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति संभाजी महाराज को बदनाम किया। इसी सनातन धर्म के अनुयायियों ने ज्योतिराव फुले की हत्या का प्रयास किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पर गोबर और गंदगी फेंकी। इसी सनातन धर्म ने शाहू महाराज की हत्या का षड्यंत्र रचा था। गौतम बुद्ध ने पहला कदम किसके खिलाफ उठाया? उन्होंने उस समय की व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि समाज में पूर्वाग्रह अपने चरम पर था। बुद्ध के शिष्यों को किसने मारा? संत तुकाराम को किसने प्रताड़ित किया? शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उनकी जाति के आधार पर किसने रोका? संभाजी महाराज के साथ विश्वासघात किसने किया? ये सभी सनातनी थे।
मनीषा कायंदे बोलीं- हिंदुओं को कर रहे बदनाम
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि जितेंद्र आव्हाड का काम सिर्फ हिंदुओं को बदनाम करना और मुस्लिम तुष्टीकरण करना रहा है। उन्होंने कहा कि जितेंद्र आव्हाड हमेशा पुलिस प्रक्रिया और देश की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते आए हैं, ताकि उनको राजनीतिक लाभ मिल सके।
नितेश राणे ने शरद पवार से किया सवाल
नितेश राणे ने कहा, 'सनातनी आतंकवाद शब्द का प्रयोग हमारे इतिहास, हिंदू परंपरा और सामाजिक क्रांति के प्रवाह का उपहास करने जैसा है। यहां का हिंदू समाज आपके 'निराधार' विचारों का कभी समर्थन नहीं करता और न ही भविष्य में करेगा। सिर्फ अपने एक निर्वाचन क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पूरे महाराष्ट्र को बर्बाद मत करो। उन्होंने कहा कि क्या शरद पवार और सुप्रिया सुले, जितेंद्र आव्हाड के इस बयान से सहमत हैं? क्या राष्ट्रवादी शरद पवार गुट का भी यही रुख है? उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए।
संजय निरुपम ने भी साधा निशाना
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जितेंद्र आव्हाड पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि जितेंद्र आव्हाड ने सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए खूब सारी फर्जी कहानियां सुनाई हैं। वे यह बताना भूल गए कि अगर सनातन धर्म नहीं होता तो वे अब तक सचमुच जित्तुद्दीन हो जाते। सनातन का सबसे बड़ा उपकार यह है कि अगर भारत की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को पिछले हजारों सालों में किसी ने बचाया है तो वह सनातनी हैं। उन्होंने कहा कि अगर सनातनी नहीं होते तो यह देश कब का सऊदी अरब बन जाता। ऐसे सनातन धर्म को आतंकवादी कहना अहसान फरामोशी है।
चलती ट्रेन से मोबाइल खींचा, नीचे गिरा युवक – ठाणे में दर्दनाक हादसा
4 Aug, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: मुंबई के ठाणे में एक भयावह घटना सामने आई है। मोबाइल फोन चोरी के दौरान चलती ट्रेन से युवक के गिरने से उसके पैर कुचल गए। यह दर्दनाक घटना रविवार को सेंट्रल रेलवे के शहाड़ और अंबिवली स्टेशनों के बीच घटी। एक चोर ने दरवाजे पर बैठे यात्री को मोबाइल खींचा। इस दौरान यात्री नीचे गिर गया। भयावह हादसे में घायल हुए यात्री की पहचान गौरव निकम के तौर पर हुई है। युवक ने हादसे के बाद बताया कि किसी ने मेरा हाथ खींचकर फोन छीन लिया और मैं गिर गया। सेंट्रल रेलवे ने इस घटना की जांच शुरू की है।
चोर हाथ से खींचा मोबाइल
पीड़ित के अनुसार जब चोर ने हाथ से मोबाइल खींचा तो उसने इस दौरान ट्रेन के दरवाजे को पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसके पैर ट्रेन के नीचे आ गए। भयावह हादसे में घायल यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक के दोनों पैर जख्मी हुए हैं। एक पैर को अच्छी चोट आई है। रेलवे यात्री का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। सेंट्रल रेलवे की कल्याण ईकाई ने मामले की जांच शुरू की है। रेलवे पुलिस चोर की तलाश कर रही है।
मोबाइल चोरी सबसे बड़ी चुनौती
मुंबई लोकल ट्रेनों में मोबाइल चोरी को रोकना राजकीय रेलवे पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती है। इससे पहले भी कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। राजकीय रेलवे पुलिस के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच 26,000 से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन चोरी हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे के सुरक्षित सफर के दावे पर सवाल खड़े कर दिया हैं। रेलवे पुलिस का दावा है कि मोबाइल चोरी की घटनाएं कुछ कम हुई हैं। मुंबई की वडाला जीटीबी लाइन एक वक्त पर मोबाइल चोरी के लिए चर्चा में आ गई थी।
जिम में एक्सरसाइज कर रहा था युवक, अचानक आया अटैक… नहीं बच पाई जान
2 Aug, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में शुक्रवार सुबह एक जिम में वर्कआउट के दौरान 39 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान मिलिंद कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो चिंचवड़ निवासी थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। जिम स्टाफ के मुताबिक, वर्कआउट करते समय कुलकर्णी को चक्कर आया और वह पानी पीने के लिए कूलर की ओर गए। इस दौरान पानी पीते ही वो अचानक गिर पड़े। जिम में मौजूद अन्य लोग तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल हॉस्पिटल (YCMH), पिंपरी रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नियमित रूप जिम आते थे मिलिंद
जिम के मैनेजर का कहना है कि मिलिंद कुलकर्णी नियमित रूप से आने वाले और अनुभवी जिम सदस्य थे। उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। वहीं डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम के प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि मौत का कारण हार्ट अटैक था। मृतक के दिल में 60 से 70 प्रतिशत तक ब्लॉकेज था, जिसकी उन्हें शायद जानकारी नहीं थी। यह उनका पहला हार्ट अटैक हो सकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह घातक साबित हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए YCMH भेजा गया।
पुलिस ने क्या बताया
चिंचवाड़ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अंकुश बांगर ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए YCMH भेजा गया। पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है और चूंकि मौत स्वाभाविक कारणों से हुई है, इसलिए किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया गया है।
ऑर्केस्ट्रा विवाद पर सियासत गरमाई, उद्धव गुट के अनिल परब ने उठाए सुरक्षा को लेकर सवाल
1 Aug, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बड़ी सर्जरी की अटकलों के बीच जहां माणिकराव कोकाटे से कृषि विभाग छीन लिया गया है तो वहीं उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी अब गृह राज्य मंत्री योगेश कदम पर आक्रामक है। मुंबई में डांस बार पर घिर गृह राज्य मंत्री के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंजूरी रद्द कर दी गई है। इसके बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी ने एक बार फिर से योगेश् कदम के इस्तीफे की मांग की है। योगेश कदम शिवसेना के दिग्गज नेता रामदास कदम के बेटे हैं। मुंबई समता नगर पुलिस ने मामले के तूल पकड़ने पर छापा मारा था तब 22 बार गर्ल्स, 22 ग्राहक और चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। योगेश कदम के पिता रामदास कदम आरोपों को राजनीतिक बता चुके हैं।
मां के नाम बार चलाने का आरोप
शिवसेना यूबीटी का आरोप है कि मुंबई में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम की मांग के नाम पर बार चल रहा था। उद्धव सेना नेता अनिल परब ने कदम के इस्तीफे की मांग की है। इसके बाद सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंज़ूरी रद्द कर दी गई है। जानकारी में सामने आया है कि मुंबई के सावली बार में ऑर्केस्ट्रा की मंजूरी पुलिस ने दी थी। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के कारण यह मंज़ूरी रद्द की है। इस बार में खाना और शराब परोसने पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। बार के खिलाफ कार्रवाई के बाद आबकारी नियमों के अनुसार बार को 15 दिन से 2 महीने तक पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। हालांकि बार की पूर्ण मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इतना ही नहीं शराब लाइसेंस अभी तक रद्द नहीं किए गए हैं।
अनिल परब ने फिर मांगा इस्तीफा
अनिल परब ने कहा था कि अगर अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद, रामदास कदम से सावली स्थित बार का ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस वापस ले लिया गया। विधायक अनिल परब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चोर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। भले ही वह चोरी ही क्यों न करे। परब ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले में बेबस नजर आ रहे हैं। परब ने कहा कि मंत्री पद पर रहते हुए वह कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह गृह राज्य मंत्री योगेश कदम के इस्तीफे पर अडिग हैं। उन्होंने माणिकराव कोकाटे, योगेश कदम और संजय शिरसाट के इस्तीफे की भी मांग की।
पुणे दंगा: सोशल मीडिया पोस्ट ने भड़काया तनाव, यवत में लाठीचार्ज और पथराव
1 Aug, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे जिले के दौंड स्थित यवत में चार दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अपमान के कारण तनाव पैदा हो गया था। इसके कारण यवत और दौंड तालुका में बंद का आह्वान किया गया था। इसी बीच बीजेपी नेता गोपीचंद पडलकर, संग्राम जगताप और किन्नर अखाड़ा प्रमुख जगद्गुरु स्वामी हेमांगी सखीजी कल उस जगह पर आए और भाषण दिए। उनके लौटते ही आज सुबह यवत में दंगे भड़क उठे।
क्यों भड़का विवाद?
दरअसल यवत में गोपीचंद पडलकर, विधायक संग्राम जगताप और अन्य लोगों ने भाषण दिए। फिर 'फेसबुक' पर एक पोस्ट के कारण फिर से तनाव पैदा हो गया और उसके बाद आज सुबह भीड़ ने बाज़ार बंद करा दिया और कुछ घरों, बेकरी और धार्मिक स्थलों पर हमला कर दिया। कुछ दुकानों और घरों में आग लगा दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दंगा नियंत्रण दल घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इस घटना के बाद यवत में तनावपूर्ण शांति है।
आरोपी अरेस्ट, इलाके में कर्फ्यू लगा
छवि खराब करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन उसके बाद भी इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने से माहौल हिंसक हो गया। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है और इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है। आज यवत में साप्ताहिक बाजार लगता है। लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बाजार में भीड़ नहीं है।
शांति बनाए रखने की अपील
दौंड विधायक राहुल कुल ने स्थानीय लोगों से धैर्य रखने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति बनी थी। लेकिन इसी बीच किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट कर दी और हंगामा हो गया। इससे स्थिति बिगड़ गई। कुल ने घटनाक्रम बताया। हम सभी लोगों को विश्वास में लेकर और प्रशासन की मदद से शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक कुल ने कहा कि ये प्रयास सफल भी हो रहे हैं।
पारदर्शिता की मिसाल: चुनाव आयोग ने EVM की सच्चाई सबके सामने रखी
1 Aug, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से लेकर महाराष्ट्र में तमाम विपक्षी दल विधानसभा चुनावों के बाद से ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं लेकिन ईवीएम ताजा सत्यापन परीक्षा में एकदम खरी निकली हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में हारने वाले उम्मीदवारों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) यूनिट के बीच सत्यापन की मांग की थी। कुछ शिकायतों में मेमोरी या माइक्रो-कंट्रोलर की जांच और सत्यापन की मांग की गई थी। चुनाव आयोग के लाइव टेस्ट में ईवीएम 100 फीसदी खरी साबित हुई हैं। चुनाव आयोग ईवीएम के टेस्ट के बाद कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ असंभव है, यह ताजा निरीक्षण ने फिर से साबित कर दिया है।
शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में टेस्ट
चुनाव आयोग के अनुसार ईवीएम की गिनती और वीवीपीएटी पर्चियों के बीच कोई अंतर नहीं पाया गया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि महाराष्ट्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों (एसी) में किए गए सी एंड वी अभ्यास के परिणाम एक बार फिर साबित करते हैं कि ईवीएम छेड़छाड़-रहित हैं। चुनाव आयोग के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आठ आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें एसी कोपरी-पचपखड़ी, ठाणे, पैनल, अलीबाग, खडकवासला, अरनी, येवला, चांदगढ़, कोल्हापुर उत्तर और माजलगांव में ईवीएम/वीवीपीएटी की जली हुई मेमोरी या माइक्रोचिप के सत्यापन की मांग की गई थी। दो अन्य आवेदक उम्मीदवारों ने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया। चुनाव आयोग ने आवेदक उम्मीदवारों के अनुरोध पर, कोपरी-पचपखड़ी, ठाणे, खडकवासला और माजलगांव विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम के तीन सेटों में बर्न मेमोरी की पुष्टि के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया। ईवीएम में मॉक पोल के बाद वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से किया गया। इसमें सबकुछ सही निकला।
कांग्रेस ने उठाए थे कई सवाल
आयोग के 17 जून, 2025 के निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र के राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकालिंगम ने 10 उम्मीदवारों के अनुरोध पर 10 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता इकाइयों (बीयू), नियंत्रण इकाइयों (सीयू) और वीवीपैट का निरीक्षण किया। पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद कांग्रेस ने बार-बार आरोप लगाया है कि राज्य की मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जोड़ने और हटाने तथा शाम पांच बजे के बाद मतदान में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण नतीजे भाजपा के पक्ष में गए। सभी परीक्षणों में मशीनों को ठीक से काम करने का प्रमाण पत्र मिला। चुनाव आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ईवीएम से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसलिए परिणामों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है।
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