महाराष्ट्र
उपराष्ट्रपति पद पर आरएसएस की एंट्री! सीपी राधाकृष्णन की नियुक्ति के बाद तस्वीर साफ
19 Aug, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का जिक्र किया था तो राजनीतिक प्रेक्षकों के साथ खुद संघ से जुड़े लोग भी आश्चर्यचकित हुए थे। अब उन्होंने 16 साल आयु में संघ से जुड़ने वाले सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA कैंडिडेट बनाकर मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा ट्रंप कार्ड चला दिया है। राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने एक अनूठा इतिहास बनेगा। जब देश के शीर्ष पदों पर संघ के स्वयंसेवक विराजमान होंगे।
संघ के लिए 'स्वर्णिम पल'
संघ से लंबे समय से जुड़े एक लेखक और प्रोफेसर कहते हैं कि 15 अगस्त के दिन वह कार ड्राइव कर रहे थे और पीएम मोदी की स्पीच सुन रहे थे। जब पीएम मोदी ने संघ का नाम लिया तो उन्होंने गाड़ी रोककर प्रशंसा में ताली बजाई। वह कहते हैं शायद इस तारीफ की संघ ने भी अपेक्षा नहीं की होगी। एक ऐसा संगठन जिसका तीन बार वध करने की कोशिश की गई, लेकिन संघ ने आपदा प्रबंधन से लेकर खुद को वनवासियों के बीच तक पहुंचाकर अपना विस्तार किया। ऐसा करने वाले ये अकेले नहीं है बल्कि पीएम मोदी ने जब संघ के काम का लाल किले से जिक्र किया तो तमम स्वयंसेवकाें के आंसू भी छलक आए।
अलग अंदाज में दिख रहे PM मोदी
आखिर में पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वह सम्मान दिया। जिस पर आरएसएस का हक था। पीएम मोदी बीजेपी में आने से पहले खुद संघ में थे। फिर उन्होंने बीजेपी संगठन में काम करने के बाद सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी हासिल की थी। शायद इसीलिए उन्हें पता है कि किस बात का कब मुफीद वक्त होता है। बतौर पीएम तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी जिस भूमिका में दिख रहे हैं। उससे जाहिर है कि वह संघ को गुरु दक्षिणा समर्पित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कुछ और आश्चर्यजनक हो तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं होगी। राजनीतिक प्रेक्षक इसे पीएम मोदी की दिव्य दृष्टि मान रहे हैं। उनके पीएम बनने के बाद लगातार बड़े पदों पर संघ का दबदबा बढ़ा है।
शताब्दी वर्ष में शीर्ष पर संघ
राष्ट्रपति पद के पद विराजमान द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला सभी संघ परिवार से निकले हैं। इतना ही नहीं नितिन गडकरी भी संघ के प्रोडक्ट हैं। अब आगे सीपी राधाकृष्णन जब उपराष्ट्रति की कुर्सी पर बैठते हैं तो वह इस पद पर पहुंचने वाले संघ के दूसरे व्यक्ति बनेंगे। इसके पहले वेंकैया नायडू उपराष्ट्रति की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नायडू से पहले भैरों सिंह शेखावत भी उपराष्ट्रपति रहे लेकिन वह सीधे भारतीय जनसंघ में आए थे। ऐसे में संघ अपने शताब्दी वर्ष में शीर्ष पर होगा। जाहिर है नागपुर में संघ के 100 के जश्न के मौके पर यह क्षण अनूठा होगा।
विजयदशमी से शुरू होगा जश्न
संघ के 100 साल का जश्न विजयदशमी के पर्व के साथ शुरू होगा। ऐसे में जब अब विजयदशमी में करीब सवा महीने का वक्त बाकी है। इससे पहले उपराष्ट्रपति का चुनाव संपन्न हो जाएगा। विजयदशमी पर नागपुर में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत स्वयंसेवकों के को संबाेधित करेंगे। इसके बाद पूरे देश में नवंबर, 2025 से लेकर जनवरी, 2026 तक संघ का साहित्य वितरित किया जाएगा। संघ ने हर गांव, हर बस्ती अभियान के लिए बड़ी तैयारी की है।
पुणे: मामूली झगड़ा बना जानलेवा, 17 साल के युवक को ट्रक से रौंदा गया
19 Aug, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे : महाराष्ट्र के पुणे में एक 17 साल के लड़के की हत्या कर दी गई। घटना पुणे से लगभग 25 किलोमीटर दूर भोर तालुका के वेलु में हुई। विवाद क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ। झगड़ा इतना बढ़ा कि दो गुट आमने-सामने आ गए। लड़के की टेम्पो ट्रक से कुचलकर हत्या कर दी गई। लड़के की हत्या के बाद पुलिस ने दोनों गुटों के लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मरने वाले लड़के का नाम अविनाश सतपुते था। अविनाश कटराज का रहने वाला था। राजगढ़ पुलिस के असिस्टेंट इंस्पेक्टर तुकाराम राठौड़ ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश करके 20 अगस्त तक पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
वेलु के रहने वाले हैं ये आरोपी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी समीर शेख (25), अनिकेत शिंदे (24), सूरज पवार (28), तनवीर पांगरे (18), और दिगंबर पांगरे (25) हैं। ये सभी आरोपी वेलु के ही रहने वाले हैं।
समझौते के लिए बुलाया
पुलिस ने बताया कि झगड़े के बाद पांचों लोगों ने अविनाश सतपुते को समझौता करने के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि बातचीत से मामला निपटा लेते हैं। उसके बाद अविनाश अपने तीन दोस्तों के साथ वेलु फाटा के पास पहुंचा। यहां पर दोनों पक्षों के बीच फिर झड़प होने लगी।
छोटे वाहन से बचा तो बड़े से रौंदा
वेलु फाटा में एक सर्विस रोड के पास दोनों गुटों में बहस हुई। पुलिस ने बताया कि पहले आरोपियों ने टेम्पो ट्रैवलर से लड़कों को मारने की कोशिश की अविनाश और उसके दोस्त भागने लगे। इस दौरान वे बच गए लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। लगभग दस मिनट बाद आरोपी एक बड़ा टेम्पो ट्रक लेकर आए और अविनाश को टक्कर मार दी। उसके बाद उसे ट्रक से रौंद दिया। अविनाश के सीने और पैरों में चोटें आईं। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अविनाश की मां ने दर्ज कराई शिकायत
राजगढ़ पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) (हत्या), 109 (हत्या का प्रयास), 189(2) (गैरकानूनी सभा), और 191(2) (दंगा) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि केस अविनाश की मां की ओर से दी गई तहरीर पर दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर राठौड़ ने बताया कि जांच के बाद सामने आया है कि दोनों गुटों के सदस्यों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अविनाश के तीन दोस्तों पर भी दंगा करने का मामला दर्ज किया गया है क्योंकि उनके पास से तलवार मिली हैं।
पूर्व रक्षा सलाहकार की चेतावनी – PoK कब्जे से भारत के सामने खड़ा हो सकता था अंतरराष्ट्रीय संकट
19 Aug, 2025 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्रपति संभाजीनगर : रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विनोद जी खंडारे एक अहम बात कही है। जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था तब वह रक्षा मंत्रालय के मुख्य सलाहकार थे। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने PoK पर कब्जा कर लिया होता तो भारत-पाक के बीच चल रहा तनाव और बढ़ जाता। इतना ही नहीं यह भारत के लिए एक नया खतरा पैदा कर देता। लेफ्टिनेंट जनरल विनोद ने कहा कि पाकिस्तान के DGMO ने भारत से अनुरोध किया था कि युद्धविराम कर दें। पाकिस्तान के डीजीएमओ के अनरोध के बाद भारत ने सीजफायर का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध कोई सस्ता समाधान नहीं है। युद्ध में बहुत खर्चा होता है और इससे देश के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
'हमें तय करना होगा...'
एलजी ने कहा कि हमें खुद यह तय करना होगा कि हम अपने देश को कहां ले जाना चाहते हैं। खासकर ऐसी स्थिति में जब हम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें यह सोचना है कि हम अपनी अगली पीढ़ी को क्या दे रहे हैं।
पाकिस्तान को बताया पुलिस स्टेट
लेफ्टिनेट जनरल महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एनजीओ ज्ञानयज्ञ फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम बोल रहे थे। उन्होंने पाकिस्तान को बेवकूफ़ देश कहा। उन्होंने कहा कि युद्ध के नियमों के अनुसार पाकिस्तान को सबक सिखाया गया है। विनोद जी खंडारे को परम विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जैसे सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने पाकिस्तान को एक पुलिस स्टेट कहा, जहां पर अक्सर सैन्य शासन और राजनीतिक अराजकता देखने को मिलती है।
ऑपरेशन सिंदूर था हाइटेक युद्ध
लेफ्टिनेंट जनरल ने ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक इच्छा और सैन्य कार्रवाई का मेल बताया। उन्होंने कहा कि मई में हुए भारत-पाक संघर्ष के दौरान देश ने किफायती और आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोग किया, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हम हाई-टेक समाधान अपना सकते हैं, जिसमें कॉमन सेंस का इस्तेमाल किया जाए। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हाइटेक युद्ध लड़ा।
इशारों में विपक्ष पर साधा निशाना
विनोद जी खंडारे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत पर लगाए गए टैरिफ का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग हमसे नाखुश हैं और हम पर टैरिफ लगा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सफलता पर पाकिस्तान ने जो सवाल उठाए, उस पर खंडारे ने कहा कि हमें उनकी बातों से फर्क नहीं पड़ता। दुख तब होता है जब हमारे देश के 'चैंपियन' ही संदेह या सवाल उठाते हैं।
बारिश का वरदान: मुंबई की 6 झीलें भरकर ओवरफ्लो, पानी की किल्लत से मिली राहत
19 Aug, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : लगातार जारी बारिश ने मुंबई की साल भर की पानी की चिंता को करीब खत्म कर दिया है। सोमवार को मुंबई को पानी की ( Mumbai lakes water levels ) आपूर्ति करने वाली विहार झील ओवरफ्लो हो गई है। अब सभी झीलों का जलस्तर 91.18 फीसदी तक पहुंच गया है। विहार के भर जाने के बाद मुंबई को पानी की आपूर्ति वाली सात झील में से छह झीलें भर चुकी हैं। बीएमसी के अनुसार, विहार झील में सोमवार दोपहर तक 2,769.8 करोड़ लीटर पानी जमा हो गया था।
पिछले साल 25 जुलाई 2024 को विहार झील भरी थी। मुंबई की पानी की जरूरत पूरी करने वाली सात झीलों में 1,44,736.3 करोड़ लीटर पानी जमा हो सकता है। 18 अगस्त की सुबह 6 बजे सभी झीलों का जलस्तर 1,31,964 करोड़ लीटर तक पहुंच चुका है।
मीठी नदी का जलस्तर बढ़ा
विहार झील के भरने के बाद मीठी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। झील से पानी छोड़े जाने के कारण नदी में पानी बढ़ गया है। कुर्ला, बांद्रा और वाकोला के आसपास पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
मुंबई की झीलों में पानी का आंकड़ा
इससे पहले दिन झीलों में 93.20% पानी भरा था। पिछले साल 2024 में यह आंकड़ा 83.45% था। BMC के डेटा से पता चलता है कि सात झीलों में से, तुलसी झील पूरी तरह से भर गई थी। तानसा झील 98.45% भरी थी। मध्य वैतरणा झील में 97.17% और विहार झील में 89.92% पानी जमा हुआ था। भतासा झील में 89.23% पानी जमा हुआ था। मोदक सागर 87.28% और अपर वैतरणा 86.48% भरी थीं।
महाराष्ट्र में मंत्रालयों पर सियासी संग्राम, भरणे का विरोध खुलकर सामने
18 Aug, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार में कृषि मंत्रालय चर्चा का विषय बना हुआ। विधानसभा सदन में अंदर मोबाइल पर रमी गेम खेलने पर माणिकराव कोकाटे से कृषि विभाग छीन लिया गया था। मुख्यमंत्री ने यह विभाग अजित पवार गुट के मंत्री दत्तात्रेय भरणे को दे दिया था और कोकाटे को खेल मंत्री बना दिया था। ऐसा लगता है कि कृषि विभाग मिलने से मंत्री दत्तात्रेय भरणे भी खुश नहीं हैं। भरणे का कहना है कि खेल मंत्रालय ही अच्छा था। कृषि मंत्रालय में बहुत सिरदर्द है। तो वहीं दूसरी ओर अजित पवार ने कहा है कि राज्य के गठन से ही यह स्पष्ट है कि पालक मंत्री, मंत्री, राज्य मंत्री अथवा किसी को भी कौन सा विभाग देना है। यह मुख्यमंत्री तय करते हैं। ऐसे में इस विषय पर विवाद करने का कोई कारण नहीं है। महाराष्ट्र में उप मुख्यमंत्री के तौर पर खुद अजित पवार ही वित्त विभाग संभाल रहे हैं। उन्होंने 2025-26 के लिए 9,710 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
पहले कोकाटे ने भी थी टिप्पणी?
दत्तात्रेय भरणे अभी तक खेल विभाग संभाल रहे थे। रमी खेलने पर कृषि विभाग गंवाने वाले माणिकराव काेकाटे ने भी एक बार टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कृषि मंत्रालय को उजाड़ गांव की जमीदारी बताया था, उनके इस बयान पर काफी बवाल हुआ था। गौरतलब हो कि महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति काफी सालों से खराब है। 79वें स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त पर राज्य के कई जगहों पर किसानों का विरोध और समाधि लेने के मामले सामने आए थे। अब मंत्री दत्तात्रेय भरणे कृषि मंत्रालय को सिरदर्द बता कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान से ऐसा लग रहा है कि महाराष्ट्र में किसानों की तरह कृषि मंत्रालय की भी हालत खराब चल रही है। आने वाले दिनों में भरणे का बयान विवाद का कारण बन सकता है।
मुंबई में मूसलाधार बारिश से झूमी तुलसी झील, ओवरफ्लो की खुशखबरी
18 Aug, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश के लौटने झीलें पानी से भर गई हैं। एक अनुमान के अनुसार मुंबई की झीलें 90.68 प्रतिशत तक भर गई हैं। ऐसा पिछले तीन दिनों में अच्छी बारिश होने से हुआ है। इसके बाद अब मुंबई की पानी की टेंशन खत्म होते हुए दिख रही है क्योंकि मौसम विभाग (IMD) ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान दिया है। ताजा अपडेट में बताया गया है कि मुंबई को जलापूर्ति करने वाली 7 झीलों में पर्याप्त जल भंडारण हो गया है। बारिश इसी तरह होती रही तो शेष बची झीलें भी लबालब होकर छलकने लगेंगी।
तुलसी झील हुई ओवरफ्लो
तुलसी झील शनिवार शाम से पूरी तरह भरकर बहने लगी है। इससे पहले मध्य वैतरणा, मोडक सागर और तानसा झील में ओवरफ्लो हुई थी। तुलसी झील की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 804.60 करोड़ लीटर (8,046 मिलियन लीटर) है। अब अपर वैतरणा, भातसा और विहार झील ही भरना शेष रह गई है। यह तीनों झीलें भी जल्द भरने की कगार पर हैं। अपर वैतरणा में 86.48 प्रतिशत, भातसा में 89.23 प्रतिशत और विहार झील 89.92 फीसदी पानी भर चुका है। बीएमसी प्रशासन ने मौसम विभाग के हवाले से अनुमान जताया है कि बारिश इसी तरह जारी रही, तो जल्द सभी झीलें ओवरफ्लों हो जाएंगी। इससे मुंबई वासियों के साल भर के पानी की व्यवस्था हो जाएगी। बीच में बादलों के रूठने से यह चिंता खड़ी हो गई थी कि मुंबई की प्लास बुझाने वाली झीलें कब भरेंगी?
कहां पर है तुलसी झील?
तुलसी झील उत्तरी मुंबई में स्थित एक मीठे पानी की झील है। यह मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील है। यह मुंबई की प्यास बुझाने में बड़ी भूमिका अदा करती है। तुलसी साल्सेट द्वीप की तीन झीलों में से एक है। अन्य दो पवई झील और विहार झील हैं। तुलसी और विहार दोनों झीलें घने जंगलों वाले संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित हैं, जिसे बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है। यह झील सड़क मार्ग से मुंबई से 32 किमी उत्तर में स्थित है। यह झील संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंदर स्थित है, इसलिए झील में आम लोगों का प्रवेश संभव नहीं है। यही वजह है कि यह झील ज्यादा प्रदूषण का शिकार भी नहीं है।
Mumbai Weather Update: 20 अगस्त तक जारी रहेगा रेनफॉल का सिलसिला
18 Aug, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में लगातार रातभर हुई बारिश के बाद सोमवार को भी भारी बरसात का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी, सातारा, कोल्हापुर और पुणे जिले के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मुंबई में सोमवार को बारिश से जुड़ी कई घटनाएं हुईं। इनमें शॉर्ट सर्किट, पेड़ या शाखाएं गिरना और दीवार गिरने की घटनाएं शामिल हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं रविवार शाम को दक्षिण मुंबई के प्रभु गली में एक दो मंजिला इमारत की सीढ़ी का हिस्सा गिर गया।
कहां कितनी बारिश
बीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक द्वीप शहर में औसतन 23.81 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 25.01 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 18.47 मिमी बारिश हुई। कुछ जगहों पर 40-45 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के बावजूद, IMD ने रविवार सुबह तक बारिश की तीव्रता में कमी की सूचना दी। हल्की बारिश और कभी-कभी भारी बारिश हुई। हालांकि, सेंट्रल रेलवे पर लोकल ट्रेनें सोमवार सुबह थोड़ी देरी से चलीं, लेकिन अधिकारियों ने देरी का कारण नहीं बताया।
20 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान
मुंबई के साथ-साथ, आईएमडी ने आज दहानू, विक्रमगढ़, अलीबाग, रायगढ़ रिजर्व, श्रीवर्धन, हरनाई, दापोली, रत्नागिरी, विजयदुर्ग, देवगढ़, मितभाव बीच, सिंधुदुर्ग, मालवन, श्रीरामवाड़ी, वेंगुरला और सावंतवाड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में 20 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। आईएमडी के शहरवार पूर्वानुमान के अनुसार, शहर में 23 अगस्त तक हल्की बारिश जारी रहेगी। आज, मुंबई का अधिकतम तापमान 26.5°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहेगा।
मौसम विभाग ने जारी किया था रेड अलर्ट
आईएमडी ने शनिवार को मुंबई को रेड अलर्ट पर रखा था, जहां कुछ इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। शहर में रात भर हुई बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया और लोकल ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। शनिवार को पूर्वी उपनगरों के विक्रोली पार्कसाइट इलाके में बारिश के बीच हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मध्य और पश्चिमी रेलवे लाइनों पर कई स्थानों पर पटरियों पर जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। वहीं आईएमडी ने रविवार को 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया था, जिसमें मुंबई और पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में कुछ स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई थी, और कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवा चलने का अनुमान लगाया गया था।
इन जिलो में रेड अलर्ट जारी
आईएमडी ने मध्य महाराष्ट्र उपखंड के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अहिल्यानगर, धुले, जलगांव, नदुरबार, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर और नासिक शामिल हैं। 19 अगस्त तक गरज, बिजली और तेज़ आंधी के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। बीड, छत्रपति संभाजीनगर, धाराशिव, हिंगोली, झालना, लातूर, नांदेड़ और परभणी सहित मराठवाड़ा उपखंड को आज ऑरेंज अलर्ट और कल बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना के साथ येलो अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य न्यायाधीश गवई का बड़ा बयान, बोले– सपना पूरा हुआ, CM फडणवीस का लिया नाम
18 Aug, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई रविवार को कोल्हापुर में अलग अंदाज में दिखे। बॉम्बे हाई कोर्ट की नई सर्किट बेंच का शुभारंभ करने के मौके पर उन्होंने अपने पिछले सालों को याद किया। इसके मौके पर सीजेआई गवई ने कहा कि आज उनका सपना पूरा हो गया। उन्होंने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि आज हम सभी का सपना पूरा हुआ है। 40-45 साल पहले वकीलों ने एक सपना देखा था। 15 साल पहले मैं भी इस सपने का भागीदार था। 2014 में जब सीएम फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तो वे भी इसका हिस्सा बने थे। आज वह सपना पूरा हुआ है।
फडणवीस-शिंदे को नहीं जानते
सीजेआई ने यह भी कहा कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जब न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे का सवाल आता है, तो इस मामले में महाराष्ट्र पीछे नहीं है। सीजेआई ने कहा कि जो लोग यह टिप्पणी करते हैं कि न्यायिक बुनियादी ढांचे के मामले में राज्य सरकार पिछड़ रही है, वे देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बारे में नहीं जानते। गवई ने कहा कि राज्य की सीमा पर स्थित दूरदराज के इलाकों में आम पक्षकारों को न्याय दिलाने के लिए कोल्हापुर बेंच का निर्माण किया जा रहा है। यह न्याय व्यवस्था वकीलों के लिए नहीं, बल्कि गरीबों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। शाहू महाराज के विचारों के अनुरूप यहां समान न्याय प्रदान करने की अपील करते हुए सर्किट बेंच का निर्माण किया गया है। सीजेआई ने मुख्यमंत्री फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे की मौजूदगी में कोल्हापुर में सर्किट बेंच का उद्घाटन किया।
गवई हैं इसके निर्माता: फडणवीस
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई इस पीठ के निर्माता हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे कोल्हापुर सर्किट बेंच को जल्द ही एक बेंच में बदलने के लिए प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री बुनियादी सुविधाओं के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सर्किट बेंच को नियमित बेंच में बदलने के लिए हाईकोर्ट को जल्द से जल्द जो भी आवश्यक है उसे पूरा करना चाहिए। गौरतलब हो कि कोल्हापुर में एक सर्किट बेंच की मांग लंबे समय से चल रही थी। कोल्हापुर और मुंबई की दूसरी काफी ज्यादा है। यहां के वकीलों को 380 किलोमीटर का सफर करे बॉम्बे हाईकोर्ट जाना पड़ता था। सर्किट बेंच के शुरू होने से लोगों और वकीलों को बड़ी राहत मिलेगी। महाराष्ट्र बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिसिंपल बेंच जहां मुंबई में है तो वहीं दो अन्य जगह पर बेंच है। इनमें नागपुर और औरंगाबाद शामिल हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की एक बेंच गाेवा में भी है।
"मुंबई में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त, रेलवे और सड़क यातायात चरमराया"
16 Aug, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : सावन बीत गया लेकिन अब भी कई इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी है। मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। सड़कों पर पानी भर गया है। कई घरों और दफ्तरों तक में पानी भरी है। रेलवे स्टेशन से लेकर रेलवे ट्रैक लबालब हो गए हैं। बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। मुंबई के कई इलाकों अंधेरी, कुर्ला, चेंबूर के हालात बहुत खराब हो गए हैं। आधी रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक रेकॉर्ड बारिश हुई है।
IMD ने मुंबई और ठाणे के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का यह अलर्ट अगले दो दिनों 16 और 17 अगस्त के लिए है। विभाग ने कुछ जगहों पर भारी से बहुत अधिक बारिश की चेतावनी दी है। रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हर तरफ पानी ही पानी
मुंबई में बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने कोलाबा और सांताक्रूज वेधशाला ने बताया कि शुक्रवार को बीते 24 घंटों में खूब बारिश हुई है। कोलाबा में 45.2 मिमी और सांताक्रूज में 11.5 मिमी पानी बरसा है। मॉनसून की शुरुआत से अब तक कोलाबा में 1119.2 मिमी और सांताक्रूज में 1435.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मुंबई में भारी बारिश की वजह
IMD मुंबई की चीफ शुभांगी भूटे ने बताया कि पूरब-पश्चिम की ओर एक द्रोणिका (हवा का वह क्षेत्र जहां दबाव कम होता है ) बनी है। यह दक्षिणी गंगीय पश्चिम बंगाल से पूर्वी-मध्य अरब सागर तक फैली है। यह दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिणी महाराष्ट्र के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ी है। यह समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी ऊपर है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकी हुई है। इसके प्रभाव से, महाराष्ट्र में 15 से 20 अगस्त 2025 के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
रायगढ़ में रेड अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि हमने मुंबई के लिए 16 और 17 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट और रायगढ़ के लिए 16 अगस्त को रेड अलर्ट जारी किया है। मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। वॉर्निंग में कहा गया है कि 15-16 अगस्त को उत्तरी कोंकण तटों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। ये हवाएं 60 किमी प्रति घंटे तक बढ़ सकती हैं।
17-19 अगस्त को उत्तरी कोंकण तटों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। ये हवाएं 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ सकती है।
एकनाथ शिंदे ने किया चुनावी रणनीति का खुलासा, 799 करोड़ रुपये का दंड माफ
14 Aug, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र केउप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने गढ़ ठाणे में चुनावों से पहले बड़ा दांव चल दिया है। शिंदे के अगुवाई वाली नगर विकास विभाग (UDD) ने ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर लगाये गए दंड को माफ करने का फैसला किया है। यह राशि 799 करोड़ रुपये बनती है। अवैध निर्माण पर दंड को चुनावी मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है। नगर विकास विभाग ने पिछले दिनों इस संबंध में एक सरकारी निर्णय जारी किया है। ठाणे महानगरपालिका ने शहरी क्षेत्र अवैध निर्माणों पर दंड लगाया था। शिंदे की अगुवाई वाली नगर विकास विभाग के फैसले का फायदा लगभग 1 लाख 54 हजार अवैध निर्माणों को मिलेगा।
शिंदे की बड़ी चुनावी चाल
राजनीतिक प्रेक्षक लोकल बॉडी चुनावों से पहले इस फैसले को एकनाथ शिंदे ने बड़ी चाल के तौर पर देख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही ठाणे जिले के पालक मंत्री हैं। नगर विकास मंत्रालय भी शिंदे के अधीन है। उन्होंने वोटरों को लुभाने के लिए करोड़ों रुपये जुर्माना माफ करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब हो कि ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगाया गया दंड आमतौर पर 2009 से बकाया था। इससे पहले राज्य सरकार ने पुणे जिले की पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की तर्ज पर ठाणे मनपा क्षेत्र में भी दंड माफ करने का फैसला मानसून सत्र के दौरान हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। सरकार के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र नगरपालिका अधिनियम, 1942 की धारा 267 ए के तहत ठाणे मनपा क्षेत्र में 31 मार्च 2025 तक लगाया गया दंड माफ कर दिया जाएगा।
क्या है सरकार का फैसला?
सरकार ने इसके लिए नियम और शर्तें तय की हैं। अवैध निर्माण वाले संपत्ति मालिकों को मूल कर का भुगतान करना होगा। तभी बकाया दंड माफ किया जाएगा। अवैध निर्माण का दंड माफ करने का मतलब यह नहीं है कि निर्माण नियमित हो गया है। आदेश में कहा गया है कि महानगरपालिका जुर्माना माफ करने के लिए सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या मुआवजे की मांग नहीं कर सकती है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने निशाना साधा है। पार्टी ने कहा है कि महानगरपालिका तिजोरी खाली है। केवल कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दंड माफी का फैसला लिया गया है। इससे आम लोगों को फायदा नहीं होगा।
क्या टिक पाएगा यह फैसला?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बॉम्बे हाईकोर्ट ठाणे जिले और मुंबई में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों के मामलों की सुनवाई कर रहा है। राज्य को अदालतों में ऐसे निर्माणों का बचाव करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि संपत्ति मालिक माफ़ी की उम्मीद में अवैध निर्माणों के लिए जुर्माना देने से बच रहे थे। परिणामस्वरूप, मूल जुर्माना राशि की वसूली केवल 145 करोड़ रुपये ही हुई। राज्य का मानना है कि माफ़ी से कम से कम इस मूल जुर्माना राशि के भुगतान को प्रोत्साहन मिलेगा।
फडणवीस ने मीट बैन विवाद पर दी कड़ी सफाई, शाकाहारी बयान पर भी तंज
14 Aug, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि सरकार लोगों लोगों के खाने-पीने के विकल्पों को नियंत्रित करने में रुचि नहीं रखती है। मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुछ शहरों में कसाईखानों और मांस की दुकानों के बंद होने को लेकर चल रही विवादास्पद बहस को अनावश्यक करार दिया है। सीएम फडणवीस ने स्वतंत्रता दिवस समेत कुछ अवसरों पर कसाईखाने बंद करने की अनुमति देने वाले 37 साल पुराने जीआर की मौजूदगी से भी अनभिज्ञता जाहिर की। सीएम ने कहा कि ऐसे फैसले नगर निगम खुद लेते हैं। सीएम ने कहा मीट बैन के बारे में उन्हें मीडिया से पता चला। अधिकारियों ने मुझे पिछली उद्धव ठाकरे सरकार के आदेश की कॉपी भी भेजी है। उसे जल्द मीडिया के सामने दिखाऊंगा। महाराष्ट्र के पांच नगर निगमों की तरफ से 15 अगस्त को मीट पर बैन का आदेश जारी किया जा चुका है। इनमें कल्याण डोंबिवली, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव और नासिक नगर निगम शामिल हैं।
नपुंसक होने की बात बकवास
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार इस बात में दिलचस्पी नहीं रखती कि कौन क्या खाता है। हमारे सामने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, हालांकि सीएम ने उस बयान की निंदा की जिसमें कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि शाकाहारी लोग नपुंसक होते हैं। फडणवीस ने कहा कि ऐसी बकवास बातें तुरंत बंद होनी चाहिए। मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (MMR) में आने वाले कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका ने सबसे पहले 15 अगस्त को मीट बैन के संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), नागपुर और मालेगांव में यह आदेश सामने आया था। इस आदेश का एमवीए के घटना दलों ने तीखा विरोध किया था। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी इस गलत करार दिया था।
संजय राउत ने जताई थी नाराजगी
महराष्ट्र बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये को कहना है कि यह आदेश सबसे पहले तब लागू हुआ था जब राज्य के मुख्यमंत्री शरद पवार थे। स्वतंत्रता दिवस पर मांस और मछली की दुकानों को बंद रखने के मुद्दे पर संजय राउत ने महायुति सरकार को कड़े शब्दों में घेरा था। उन्होंने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस को यह दिखावा बंद करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र मर्द मराठों का महाराष्ट्र है। क्या इस राज्य को शाकाहारी राज्य घोषित कर दिया गया है? किसके दबाव में ये सब हो रहा है? यह दिन शौर्य का दिन है, हमें स्वतंत्रता मिली है और वह स्वतंत्रता नरेंद्र मोदी, अमित शाह या देवेंद्र फडणवीस की वजह से नहीं मिली है। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने इस मसले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आप महाराष्ट्र को नपुंसक बना रहे हैं। दाल-चावल, श्रीखंड-पूरी खाकर युद्ध नहीं लड़ा जाता है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है कि खाने पीने की चीजों पर पहरेदारी उचित नहीं है. इस तरह के प्रतिबंध आमतौर पर आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि, महावीर जयंती आदि जैसे मौकों पर धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लगाए जाते हैं. महाराष्ट्र में लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन करते हैं।
मुंबई में म्हाडा स्कीम के तहत दुकान खरीदने का सुनहरा अवसर
14 Aug, 2025 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र आवास विनियामक विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने आम मुंबईवासियों के अपने घर के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। म्हाडा की बदौलत आज बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में रह रहे हैं। वहीं कई लोग आज भी बड़ी उम्मीद से म्हाडा के फॉर्म भरते हैं और लॉटरी का इंतजार करते हैं। म्हाडा के जरिए आम नागरिक अपने बजट में किफायती घर खरीद सकते हैं। क्योंकि ये घर बाजार भाव से 20 से 30 लाख रुपये कम में मिलते हैं।
म्हाडा लाई सुनहरा मौका
हजारों लोगों के घर का सपना पूरा करने वाली म्हाडा अब एक और सुनहरा मौका लेकर आई है। म्हाडा अब मुंबई में न सिर्फ घर, बल्कि सस्ती दुकानें और व्यावसायिक परिसर भी उपलब्ध कराएगी। म्हाडा की ओर से कुल 149 दुकानों की ई-नीलामी की जाएगी। इस ई-नीलामी के लिए आवेदन अगले मंगलवार से शुरू होंगे। ये आवेदन 25 अगस्त तक जमा राशि के साथ किए जा सकते हैं। ई-नीलामी के नतीजे 29 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। इसलिए, बोली प्रक्रिया 28 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगी।
मुंबई के 17 स्थानों पर हैं 149 दुकानें
इस ई-नीलामी में मुंबई के 17 स्थानों पर स्थित 149 दुकानें शामिल हैं। इनमें पिछली नीलामी में नहीं बिक पाने वाली 124 दुकानें भी शामिल हैं। इसके लिए 23 लाख रुपये से 12 करोड़ रुपये के बीच बोली तय की गई है।
कितने की दुकान के लिए कितनी जमा राशि?
म्हाडा ने इस ई-नीलामी से पहले जमा की जाने वाली राशि की जानकारी दी है। 50 लाख रुपये तक की दुकानों के लिए जमा राशि 1 लाख रुपये है। 50 लाख रुपये से 75 लाख रुपये के बीच की दुकानों के लिए जमा राशि 2 लाख रुपये रखी गई है। 75 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच की दुकानों के लिए जमा राशि 3 लाख रुपये है, जबकि 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की दुकानों के लिए जमा राशि 4 लाख रुपये है। इससे अधिक बोली लगाने वाला आवेदक विजेता होगा। इसलिए मुंबई में दुकानें खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
मांस बिक्री पाबंदी पर गरमाई सियासत, बीजेपी ने पवार पर साधा राजनीतिक तीर
14 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मालेगांव, छत्रपति संभाजी नगर और कल्याण-डोंबिवली मनपा के मटन-चिकन की बिक्री पर रोक के आदेश से राज्य में हंगामा शुरू है। इस आदेश का जहां विपक्ष ने विरोध किया है, वहीं बीजेपी ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि 1988 में शरद पवार के मुख्यमंत्री रहते यह निर्णय लागू है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर मांसबंदी कोई हमारी सरकार का निर्णय नहीं है। लोग क्या खाते हैं, यह बात तय करने में सरकार की कोई रुचि नहीं है। हमारे सामने बहुत से प्रश्न है।
फडणवीस ने क्या कहा?
बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हमारी सरकार का इस निर्णय से कोई लेना देना नहीं है। साल 1988 में तत्कालीन शरद पवार सरकार ने लागू किया था और हर साल ऐसा निर्णय लिया जाता है। यहां तक कि राज्य में जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तो उस समय के निर्णय की प्रति मुझे भेजी गई।
बूचड़खाने बंद करने की नीति का भी पवार कनेक्शन
इधर, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि बूचड़खाने बंद करने की नीति पहली बार 1988 में शरद पवार के मुख्यमंत्री रहते लागू की गई थी। उन्होंने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान यही प्रथा बिना किसी विरोध के जारी रही, जिसमें जितेंद्र आव्हाड और आदित्य ठाकरे मंत्री थे। पवार चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। उपाध्ये ने कहा कि क्या वे उस समय ऐसा निर्णय लेने के लिए शरद पवार से जवाब मांगेंगे? क्या वे उनकी भी आलोचना करेंगे?
स्वतंत्रता दिवस पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना गलत- अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 15 अगस्त को मांस ब्रिकी बंद करने के आदेश पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह का प्रतिबंध लगाना गलत है। आमतौर पर इस तरह के प्रतिबंध पर आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि, महावीर जयंती आदि जैसे मौकों पर धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लगाए जाते हैं। महाराष्ट्र में लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन करते हैं।
मंगलवार को उपमुख्यमंत्री पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए इस तरह का प्रतिबंध लगाना गलत है। बड़े शहरों में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं। अगर यह भावनात्मक मुद्दा है तो लोग इसे (प्रतिबंध को) एक दिन के लिए स्वीकार कर लेते हैं लेकिन अगर आप महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश जारी करते हैं तो यह मुश्किल है।
मीट बैन विवाद: संजय राउत ने फडणवीस पर साधा निशाना, शिवाजी महाराज का उदाहरण दिया
13 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: 15 अगस्त पर मांस की बिक्री रोकने को लेकर महाराष्ट्र में सियासत गरमाती जा रही है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करके सीएम फडणवीस को निशाने पर लिया है। राउत ने बुधवार को कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका द्वारा मीट बैन का आदेश दिए जाने पर कहा कि शिवाजी महाराज और उनके पूर्वज चावल और घी खाकर युद्ध नहीं लड़ते थे। उन्होंने कहा कि वे मांसहारी भोजन करते थे। राउत ने कहा कि 15 अगस्त देश का स्वतंत्रता दिवस है, यह कोई धार्मिक त्योहार नहीं है। राउत यहीं पर नहीं रुके उन्होंने कहा कि देश को यह आजादी प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह या देवेंद्र फडणवीस की वजह से नहीं मिली।
राउत ने दागे कई सवाल
राउत ने कहा कि क्या किसी ने आपसे 15 अगस्त को चिकन और मटन की दुकानें बंद करने की मांग की है? यह कौन सा नया चलन है, इसका जनक कौन है? राउत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र वरन-भात और घी खाकर युद्ध में नहीं गए थे। वे भारी मात्रा में मांस खाते थे। बाजीराव पेशवा भी मांस खाते थे। उसके बिना युद्ध नहीं लड़ा जा सकता। सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों को भी मांस खाना पड़ता है, है ना? वरन-भात, घी, पोली, श्रीखंड खाकर युद्ध नहीं लड़ा जा सकता। संजय राउत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस, आप महाराष्ट्र को कमजोर और लाचार बना रहे हैं। अगर आपको मांस नहीं खाना है, तो मत खाइए। लेकिन आप लोगों ने महाराष्ट्र को जेलखाना बना दिया है। संजय राउत ने कहा कि लोगों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
कल्याण डोंबिवली नगर निगम का आदेश
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम प्रशासन ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त की मध्यरात्रि से 15 अगस्त की मध्यरात्रि तक 24 घंटे के लिए नगर निगम क्षेत्र के सभी बूचड़खाने बंद करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार, इस अवधि के दौरान बकरे, भेड़, मुर्गे और बड़े जानवरों का वध करने वाले सभी बूचड़खाने बंद रहेंगे। यह निर्णय 19 दिसंबर, 1988 के एक प्रशासनिक प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है और इसे बाजार एवं लाइसेंसिंग विभाग की उपायुक्त कंचन गायकवाड़ ने मंजूरी दी है।
15 अगस्त को मीट बैन? महाराष्ट्र में सियासी बहस और डिप्टी CM की प्रतिक्रिया
13 Aug, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महाराष्ट्र में मांस की बिक्री को कुछ शहरों में प्रतिबंधित किए जाने को लेकर सियासत गरमाई हुई है। पिछले दिनों शरद गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाण ने फैसले के विरोध में 15 अगस्त पर मटन पार्टी रखने का ऐलान किया था। मीट बैन पर जारी बयानबाजी के बीच अब राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। अजित पवार ने कहा है कि जब आस्था का सवाल होता है तो इस तरह की पाबंदी लगाई जाती है लेकिन गैर-धार्मिक त्योहारों पर भोजन चुनने की आजादी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कल्याण महानगर पालिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) द्वारा हाल ही में 15 अगस्त पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद मंगलवार को मालेगांव, छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर नगर निगमों ने भी ऐसा ही आदेश दिया।
क्या बोले अजित पवार?
तीनों शहरों द्वारा मंगलवार को नोटिस जारी करने के बाद, उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या महाराष्ट्र दिवस जैसे दिनों में मांस की दुकानें बंद करना सही नहीं है। पवार ने तर्क दिया कि चूंकि ये दिन धार्मिक त्योहारों के लिए नहीं होते, इसलिए भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोंकण क्षेत्र के कुछ समुदाय सूखी मछली के साथ सब्ज़ियां मिलाकर व्यंजन बनाने के लिए जाने जाते हैं। पवार ने कहा कि अगर यह आषाढ़ी एकादशी या महावीर जयंती के दिन होता, तो यह प्रतिबंध समझ में आता। लेकिन जब ऐसा कोई अवसर ही नहीं है, तो मांस की दुकानों को बंद रखने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? हमारे देश में सदियों से लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन का सेवन करते आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों और आदिवासी समुदायों के लोग वास्तव में छुट्टियों के दिनों में मांसाहारी भोजन का आनंद लेते हैं।
विपक्ष पहले से है हमलावर
कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) ने सबसे पहले 15 अगस्त पर मीट बैन का ऐलान किया था। इसके शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि नगर आयुक्तों को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। उन्हें लोगों को यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि उन्हें क्या खाना चाहिए। अगरी और कोली जैसे समुदायों के लोग, जो नियमित रूप से मांसाहारी भोजन खाते हैं, क्या करेंगे? हमारे जैसे कई हिंदू समुदायों में, नवरात्रि के दौरान, हम देवी दुर्गा को मांसाहारी भोजन अर्पित करते हैं। उन्होंने कि महाराष्ट्र पर शाकाहार थोपने पर सवाल उठाया, जबकि हिंदू धर्म लोगों को अपने भोजन समूह चुनने का विकल्प देता है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर ने सरकार से यह फैसला वापस लेने की अपील की की है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे सड़कों की खराब स्थिति, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की सरकार की चाल बताया था।
सरकार अब क्या स्टैंड लेगी?
अजित पवार के इस रुख के बाद, अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार इस संबंध में क्या फैसला लेती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस दुविधा में हैं कि मांस की बिक्री पर प्रतिबंध हटाया जाए या उसे यथावत रखा जाए। इसलिए मुख्यमंत्री फडणवीस क्या फैसला लेते हैं। यह महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका फैसले के विरोध में कसाई समाज ने आंदोलन की धमकी दी है। समाज की तरफ से कहा गया है कि अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो वे 15 अगस्त को महानगरपालिका मुख्यालय के गेट पर मटन बेचेंगे।
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