महाराष्ट्र
मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की कार पलटी, सतारा में दर्दनाक हादसा
27 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले के म्हसवड शहर के पास धुलदेव गांव के पास आज सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ. सतारा-पंढरपुर सड़क पर ऑल्टो कार पलट गई. इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा उस समय हुआ जब लोग पंढरपुर के दर्शन के लिए जा रहे थे।कार में बैठे लोग सड़क पर उखड़ी और अधूरी हालत में काम चल रहे हिस्से के बारे में नहीं जानते थे. इसी वजह से गाड़ी पलट गई और बड़ा नुकसान हुआ. इस हादसे ने इलाके में एक बार फिर सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों हो रहे बार-बार हादसे
स्थानीय लोग और यात्रियों का कहना है कि इस सड़क का काम पिछले कई सालों से अधूरा पड़ा है. इसी वजह से बार-बार इस इलाके में दुर्घटनाएं होती रहती हैं. पिछले एक साल में ही सैकड़ों लोग इसी अधूरी सड़क के कारण जान गंवा चुके हैं। स्थानीय नागरिक कई बार प्रशासन से यह अनुरोध कर चुके हैं कि सड़क का काम पूरा किया जाए और लोगों की जान बचाई जाए. लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. लोग प्रशासन के उदासीन रवैये से काफी नाराज हैं।
घायलों को मदद और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को पकड़कर पास के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया. घायल मरीजों को तुरंत प्राथमिक इलाज मिला. प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। स्थानीय लोग इस दुर्घटना के लिए सड़क की खराब स्थिति और अधूरा काम जिम्मेदार बता रहे हैं. उनका कहना है कि अगर सड़क समय पर पूरी हो जाती तो कई जानें बच सकती थी. लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क का काम जल्द पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
प्रशासन का बड़ा फैसला: भीड़ लगी तो कम तेल मिलेगा
26 Mar, 2026 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। स्थित जालना में पेट्रोल और डीज़ल खत्म होने की अफवाह फैलते ही नागरिक बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए उमड़ रहे हैं. प्रशासन ने पेट्रोल की कमी को महज़ अफवाह बताया . हालांकि, लोगो की भीड़ देखते हुए जालना की जिला आपूर्ति अधिकारी सविता चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार, दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम 200 रुपये और तीन तथा चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम 2,000 रुपये तक का पेट्रोल ही दिया जाएगा. जालना जिले में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है. पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने ये प्रतिबंध लागू किए हैं. इसके अलावा, हर पेट्रोल पंप संचालक के लिए उपलब्ध स्टॉक, मांगा गया स्टॉक और प्राप्त स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
उद्धव के सामने ही बढ़ा विवाद, प्रियंका चतुर्वेदी ने राउत पर उठाए सवाल
26 Mar, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे UBT) की हालिया बैठक में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं. राज्यसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सांसदों को संबोधित करते हुए एकजुटता का संदेश दिया था, लेकिन बैठक के दौरान कई मुद्दों पर असहमति भी दिखी. यह जानकारी चुनाव के करीब 10 दिन बाद सामने आई है. सूत्रों ने दावा किया है कि बैठक की शुरुआत करते हुए उद्धव ठाकरे ने सांसदों से साफ कहा कि विपक्षी दल लगातार यह कह रहे हैं कि उनके सांसद टूट सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने लोगों पर पूरा भरोसा है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा था कि वह पूरी राजनीतिक लड़ाई अपने सांसदों के भरोसे ही लड़ रहे हैं. उनके इस बयान का मकसद साफ तौर पर पार्टी में एकता बनाए रखना था.
राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का दबाव
सूत्रों का दावा है कि बैठक के बीच ही राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस की ओर से दबाव भी सामने आया. मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला ने उद्धव ठाकरे से संपर्क कर सीट कांग्रेस को देने की मांग की. इस पर उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बात करनी चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
प्रियंका चतुर्वेदी का विरोध, संजय राउत पर सवाल
दावा है कि बैठक के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब निवर्तमान राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी अचानक नाराज हो गईं. उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह विरोध दर्ज कराना चाहती हैं और सवाल उठाया कि संजय राउत ने शरद पवार का नाम क्यों लिया. इस पर उद्धव ठाकरे ने तुरंत संजय राउत का बचाव किया और कहा कि अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख के तौर पर वही लेंगे।
बैठक के बाद भी उठे सवाल
दावा है कि बैठक खत्म होने के बाद भी असंतोष खत्म नहीं हुआ. एक सांसद ने सवाल उठाया कि प्रियंका चतुर्वेदी को छह साल मौका देने के बाद भी क्या हासिल हुआ? वहीं मराठवाड़ा के एक सांसद ने आदित्य ठाकरे की सक्रियता पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि आदित्य को पूरे महाराष्ट्र में ज्यादा सक्रिय होकर दौरे करने चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूद आदित्य ठाकरे ने ज्यादा बातचीत नहीं की और कुछ नाराज़ नजर आए. उनकी चुप्पी ने भी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को और हवा दे दी. यह बैठक जहां एक तरफ एकजुटता का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी, वहीं दूसरी तरफ इसने पार्टी के अंदर मौजूद मतभेदों को भी उजागर कर दिया।
जब मां ने मुंह मोड़ा, अस्पताल ने अपनाया; नवराज की मार्मिक कहानी
26 Mar, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के सांगली के सिविल अस्पताल से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत की मिसाल पेश की है. 26 नवंबर 2025 को यहां एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के अगले ही दिन वह नवजात को छोड़कर फरार हो गई. अस्पताल प्रशासन ने मां की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मां के बिना रह गए इस नवजात की हालत भी जन्म के समय नाजुक थी. उसे करीब 15 दिनों तक आईसीयू में रखा गया, जहां उसका इलाज किया गया. इसी दौरान बच्चे को हर्निया की समस्या भी हुई, जिसका सफल ऑपरेशन किया गया. इसके बाद अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।
नर्स और डॉक्टर ने बच्चे को मां की तरह किया प्यार
करीब तीन महीनों तक इस बच्चे को अस्पताल के स्टाफ ने अपने बच्चे की तरह पाला. हर नर्स और डॉक्टर ने उसे मां जैसा स्नेह दिया. बच्चे के साथ एक भावनात्मक रिश्ता बन गया, मानो वह पूरे अस्पताल परिवार का हिस्सा बन चुका हो. जब अदालत के आदेश के बाद इस बच्चे को आगे की देखभाल के लिए पुणे भेजने का समय आया तो अस्पताल स्टाफ ने उसे भावभीनी विदाई देने का निर्णय लिया. इस मौके पर बच्चे का नामकरण भी किया गया. पूरे स्टाफ ने मिलकर उसका नाम “वीरप्रताप” रखा।
लोगों का प्यार लेकर पुणे रवाना हुआ वीरप्रताप
नामकरण समारोह के लिए अस्पताल में पालना सजाया गया, रंगोली बनाई गई और गुब्बारों से सजावट की गई. यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था, लेकिन माहौल भावनाओं से भरा हुआ था. जब तीन महीने के वीरप्रताप को विदा किया जा रहा था तो उसे पालने वाले स्टाफ की आंखें नम हो गईं. कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए. जन्म के बाद भले ही मां का साया इस बच्चे से दूर हो गया, लेकिन इन तीन महीनों में अस्पताल के हर सदस्य ने उसे मां का प्यार दिया. वीरप्रताप जब पुणे के लिए रवाना हुआ, तो वह अकेला नहीं था वह अपने पीछे सैकड़ों मांओं का स्नेह छोड़ गया।
मुंबई में भ्रष्टाचार पर वार, GST इंस्पेक्टर रिश्वत लेते गिरफ्तार
25 Mar, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक जीएसटी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अविनाश मेश्राम के रूप में हुई है, जो राज्य कर निरीक्षक के पद पर जीएसटी भवन में तैनात था. इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
वार्षिक रिटर्न के नाम पर मांगी रिश्वत
मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम करता है. कंपनी के वार्षिक जीएसटी रिटर्न तैयार करने का काम चल रहा था. इसी दौरान आरोपी अधिकारी अविनाश मेश्राम ने इस काम को आगे बढ़ाने के लिए शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की. शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी दफ्तर में दर्ज कराई. एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की. सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि अविनाश मेश्राम ने पहले 50 हजार रुपये की मांग की थी. बाद में बातचीत के बाद वह 30 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया. इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार, मामला दर्ज
जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं. इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
संजय राउत का बयान—ट्रंप नहीं, पाकिस्तान से बातचीत करें पीएम मोदी
25 Mar, 2026 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज (25 मार्च) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस पर संजय राउत ने कहा कि हम ये पूछेंगे कि अभी जो संघर्ष चल रहा है उसमें हमारे भारत देश की भूमिका क्या है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसा देश एक भूमिका लेकर आज खड़ा है और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को कह रहे हैं कि हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. ट्रंप उसका स्वागत भी करते हैं. ट्रंप से बात करने से अच्छा है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस देश के विपक्ष से बात करें. उनको अच्छे सुझाव मिलेंगे। संजय राउत ने कहा, "इस बैठक में अगर प्रधानमंत्री आते हैं और बातचीत करते हैं तो सभी दलों के नेताओं को जाकर उनके सामने अपनी बात रखनी चाहिए. इस पूरे मामले भारत का अस्तित्व है कि नहीं, ये पता नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का अभिनंदन ट्रंप ने किया है. क्योंकि पाकिस्तान ने ये पहल की है कि ईरान और इजरायल का जो युद्ध चल रहा है, उसमें हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. पाकिस्तान ने खुले तौर पर ये भूमिका ली है लेकिन भारत सरकार ने ये भूमिका नहीं ली है. अगर ट्रंप ने पाकिस्तान का स्वागत किया है तो मोदी जी कहां हैं?" विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की आखिरी स्पीच, विदाई समारोह में बोले- 'मेरा स्वभाव राजनीति का नहीं...'
राजनाथ सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध संकट पर चर्चा के लिए सरकार ने शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
युद्ध का 26वां दिन
मिडिल ईस्ट में जंग का आज 26वां दिन है. ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों की 80वीं खेप दागी है. भीषण तबाही जारी है. इजरायल भी ईरान पर एयरस्ट्राइक कर रहा है।
ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं
अमेरिका-ईरान में 48 घंटे में शांति वार्ता संभव है लेकिन इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना कम है. ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं है. वार्ता के लिए ईरान की पसंद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हैं. अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर ईरान को भरोसा नहीं है।
बातचीत के लिए अमेरिका ने भेजा 15 प्वाइंट्स का एजेंडा
वहीं ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का एजेंडा भेजा है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, इन शर्तों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को कब्जा मुक्त करना शामिल है।
प्रेमिका के लिए पति बना कातिल, पत्नी की हत्या का डेढ़ साल बाद खुलासा
25 Mar, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। के साकीनाका इलाके में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है. जहां एक पति ने महज अपनी प्रेमिका के साथ जिंदगी बिताने के लिए अपनी ही पत्नी की हत्या की साजिश रची और 6.70 लाख की सुपारी दी. हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या मान लिया गया था और फाइल बंद होने की कगार पर थी। लेकिन एक पिता के शक ने पूरी कहानी बदल दी और डेढ़ सालों बाद आत्महत्या के पीछे छिपी हत्या की गहरी और चौकाने वाली साजिश का न सिर्फ पर्दाफाश हुआ बल्कि आरोपी पति समेत कुल चार आरोपियों को साकीनाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिनकी पहचान सकाराम चौधरी (36 उम्र पति) शंकर डांगी(36), बाबू उर्फ राघव उर्फ अमरचंद गायरी(22) और दिनेश गायरी(20) के रूप में हुई।
डाक्टरों ने मृतका के पोस्टमार्टम में मौत की वजह नहीं की स्पष्ट
पुलिस ने अनुसार 14 अक्टूबर 2024 को साकीनाका के संघर्ष नगर में रहने वाली 34 साल की नारंगी उर्फ गीता चौधरी का शव घर के किचन में पंखे से लटके होने की जानकारी उन्हें मिली. मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और इसे आत्महत्या मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इस दौरान मुंबई में डाक्टरों ने मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अंत तक स्पष्ट नहीं की। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव राजस्थान ले जाया गया और परिवार ने उसे वहां दफन कर दिया. लेकिन मृतका के पिता भानाराम चौधरी (66) को अपनी बेटी की मौत पर संदेह हुआ और उन्होंने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. उनकी इस शिकायत पर राजस्थान में केस दर्ज हुआ. जिसने पूरे मामले को नई दिशा दी।
पिता के प्रयास के बाद शव को कब्र से निकालकर हुआ पोस्टमार्टम
मृतका के पिता के लगातार प्रयास के बाद शव को कब्र से निकालकर दोबारा राजस्थान में पोस्टमार्टम कराया गया. दोबारा कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नारंगी की रस्सी से गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई. राजस्थान पुलिस ने जीरो प्राथमिकी दर्ज कर उसे मुंबई की साकीनाका पुलिस को ट्रांसफर किया. प्राथमिकी में बदलने के बाद साकीनाका पुलिस ने विशेष टीम का गठन करके गहन जांच शुरू की। मुंबई पुलिस के 10 जोन के DCP दत्ता नलावड़े ने बताया कि 4 अक्टूबर 2024 से पहले भी आरोपी पति अपनी पत्नी को मारने की दो बार कोशिश कर चुका था. पहली बार पवई में सड़क हादसे का रूप देकर और दूसरी बार मारपीट कर जान लेने की कोशिश. लेकिन दोनों बार उसकी साजिश नाकाम रही।
आरोपी ने दोस्त को 6.70 लाख रुपये में पत्नी की दी सुपारी
आखिरकार आरोपी पति ने तीसरी बार पूरी योजना के साथ हत्या करने का फैसला किया. उसने अपने दोस्त शंकर डांगी को 6.70 लाख रुपये में पत्नी की हत्या की सुपारी दी. शंकर ने आगे दो अन्य आरोपियों बाबू गायरी और दिनेश गायरी को भी इस काम में शामिल किया. 14 अक्टूबर 2024 को सकाराम ने बाबू और दिनेश के साथ मिलकर रस्सी से गला दबाकर नारंगी की हत्या कर दी. इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया। ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके. शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण मामला लगभग बंद होने वाला था. अगर दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होता तो यह हत्या हमेशा के लिए आत्महत्या मान ली जाती।
आरोपी ने तीन बार की पूछताछ में बाद चौथी बार में कबूली साजिश
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सकाराम और उसके परिवार से पूछताछ की. इस दौरान सकाराम तीन बार की पूछताछ में साजिश को छिपाने में कामयाब रहा, लेकिन चौथी बार की सख्त पूछताछ में वह टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली. जांच में खुलासा हुआ कि सकाराम का डिंपल चौधरी नामक एक अन्य महिला से प्रेम संबंध था और वह उसके साथ रहना चाहता था. पत्नी इस रास्ते की सबसे बड़ी बाधा थी. इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस केस में अगर मृतका के पिता को शक न होता और उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग न की होती. तो यह केस हमेशा के लिए आत्महत्या मानकर बंद हो जाता. लेकिन एक पिता की जिद और पुलिस की जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
एमएनएस का अल्टीमेटम: मांगें नहीं मानीं तो यूपी-बिहार ट्रेनों पर लगेगा ब्रेक
24 Mar, 2026 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। से कोकण जाने वाले आम यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रत्नागिरी–दादर पैसेंजर ट्रेन को फिर से शुरू करने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आक्रामक रुख अपना लिया है. पहले यह ट्रेन दादर से रत्नागिरी तक चलती थी, लेकिन कोरोना काल के बाद इसे केवल दिवा स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया। इस फैसले के कारण कोकण जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अब उन्हें दिवा स्टेशन जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है. मनसे की मांग है कि यह ट्रेन पहले की तरह सीधे दादर तक चलाई जाए।
'रोक देंगे यूपी- बिहार जाने वाली ट्रेनें'
मनसे नेता संदिप देशपांडे चेतावनी दी है कि अगर 15–20 दिनों के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक देंगे. उन्होंने यह बयान मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
'हमारी मांग को किया जा रहा नजरअंदाज'
पार्टी के दूसरे नेता नितिन सरदेसाई ने भी कहा कि रेलवे विभाग बार-बार मांग के बावजूद इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है. उनका कहना है कि दिवा तक सीमित करने से यात्रियों को भारी असुविधा होती है और यह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को स्वीकार नहीं है।
'स्थानीय लोगों ने दी थी जमीन'
उन्होंने यह भी कहा कि कोकण रेलवे के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, लेकिन अब उनकी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है. रेलवे का तर्क है कि दादर तक ट्रेन चलाने से लोकल ट्रेनों के समय-सारिणी पर असर पड़ेगा, लेकिन मनसे का कहना है कि यह बहाना स्वीकार्य नहीं है।
'मनसे स्टाइल में देंगे जवाब'
नितीन सरदेसाई ने आगे कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 'मनसे स्टाइल' में जवाब दिया जाएगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कोकण और मुंबई-गोवा हाईवे की समस्याओं पर वर्षों से चर्चा हो रही है, लेकिन समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा.उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से पूछा कि ये मुद्दे संसद में क्यों नहीं उठाए जाते और कोकण के लोगों को आखिर कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
फर्जी रिकवरी एजेंट बनकर लूट की कोशिश, हाईवे पर बड़ा गिरोह बेनकाब
24 Mar, 2026 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे-मुंबई। पुराने पुणे-मुंबई हाईवे पर लोणावला के पास कार ड्राइवरों को निशाना बनाने वाला एक चौंकाने वाला गिरोह सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है. यह गिरोह फर्जी बैंक लोन का बहाना बनाकर कार ड्राइवरों से लूटपाट की कोशिश कर रहा है. हालांकि, एक सतर्क ड्राइवर की समझदारी से एक बड़ी वारदात टल गई।जानकारी के मुताबिक, संबंधित ड्राइवर ने कुछ दिन पहले ही Cars24 से एक पुरानी हुंडई वेरना कार खरीदी थी. जब वह लोणावला के पास से गुजर रहा था, तभी दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल पर उसका पीछा करने लगे. एक सुनसान स्थान पर पहुंचकर उन्होंने जबरन कार रुकवाई।
फर्जी कर्ज बताकर कार जब्त करने की दी धमकी
कार रुकते ही दोनों युवकों ने खुद को बैंक से जुड़ा बताकर ड्राइवर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने दावा किया कि कार पर ICICI Bank का 10 लाख रुपये का कर्ज बकाया है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कार जब्त कर ली जाएगी. आरोपियों ने ड्राइवर को बाहर आने के लिए कहा और कार खींचकर ले जाने की धमकी दी।
ड्राइवर की सूझबूझ से टली वारदात
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई. उसने न तो कार का दरवाजा खोला और न ही पूरी तरह खिड़की नीचे की. इसके बजाय उसने तुरंत पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की. पुलिस के आने की भनक लगते ही दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए. बाद में जांच करने पर सामने आया कि कार पर किसी भी प्रकार का कोई कर्ज बकाया नहीं था और पूरा मामला फर्जी निकला. इस पूरी घटना का वीडियो कार के डैशबोर्ड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। हालांकि, इस मामले में कार ड्राइवर के लोणावला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है. इसके बावजूद पुलिस निरीक्षक राजेश रामाघरे उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरह की घटनाएं और कहां-कहां हुई हैं।
महाराष्ट्र में नए कानून का स्वागत: संत समाज ने बताया समाज के लिए जरूरी
24 Mar, 2026 04:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार द्वारा 'धर्म स्वतंत्र कानून' लागू करने का लिया गया महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय अत्यंत स्वागत योग्य है. इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा भी उत्साह पूर्वक स्वागत किया जा रहा है. विशेष रूप से संत समाज ने इस पहल को समाज में संतुलन बनाए रखने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।
महाराष्ट्र में 17 मार्च को ‘धर्म स्वतंत्र विधेयक’ का महत्व प्राप्त हुआ
आज हिंदू समाज की ओर से पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया. जहां जगद्गुरु सूर्याचार्य कृष्णदेवनंद गिरीजी महाराज (द्वारका, जुना आखाडा), पूज्य स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराज और विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से राज्य सरकार के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में धर्मांतरण विरोधी कानूनों की अवधारणा 1956 में प्रस्तुत भवानी शंकर समिति की रिपोर्ट पर आधारित है. गुजरात के बाद महाराष्ट्र में भी 17 मार्च को ‘धर्म स्वतंत्र विधेयक’ प्रस्तुत किए जाने से इस विषय को नई गति और महत्व प्राप्त हुआ है।
धर्मांतरण की घटनाओं के अध्ययन के लिए समिति का गठन
मध्य प्रदेश सरकार ने उस समय धर्मांतरण की घटनाओं का अध्ययन करने के लिए न्यायमूर्ति डॉ. एम. भवानी शंकर नियोगी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था. इस समिति ने 5 जून 1954 से 5 नवंबर 1955 के दौरान पूरे देश में दौरे कर विभिन्न क्षेत्रों का गहन अध्ययन किया. समिति ने 17 स्थानों का दौरा करते हुए लगभग 7,000 गांवों के 11,360 नागरिकों से सीधे संवाद किया है. 18 अप्रैल 1956 को प्रस्तुत रिपोर्ट में कुछ स्थानों पर प्रलोभन, भय या चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से धर्मांतरण होने की घटनाओं का उल्लेख किया गया है. साथ ही आदिवासी समाज के अपने सांस्कृतिक मूलों से दूर जाने की प्रक्रिया संबंधी टिप्पणियां भी दर्ज की गई हैं।
अनुच्छेद 25 में हर नागरिक को धर्म का प्रचार करने का अधिकार
इस समिति की सिफारिशों के बाद देश के कई राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए गए हैं. वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में ऐसे कानून लागू हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार प्रत्येक नागरिक को धर्म का प्रचार और पालन करने का अधिकार है, लेकिन छल, दबाव या बलपूर्वक धर्मांतरण को रोकने के लिए राज्य सरकारों को कानून बनाने का अधिकार भी प्राप्त है. 'धर्म स्वतंत्र कानून' राज्य के नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने वाला है और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और उनकी स्वायत्तता की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
'शिक्षा के नाम पर धर्मांतरण कराया जाता है'
जगद्गुरु सूर्याचार्य कृष्णदेवनंद गिरी महाराज ने कहा कि शिक्षा के नाम पर और रोजगार का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जाता है. उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि विद्यार्थियों को शिक्षा निशुल्क प्रदान की जाए. भारतानंद सरस्वती महाराज ने मांग की कि इस कानून का सख्ती से पालन किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि गौहत्या पर प्रतिबंध होने के बावजूद गोवंश हत्या पूरी तरह बंद नहीं हुई है, इसलिए इस कानून के लागू होने से पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. इस कानून के माध्यम से धोखाधड़ी, दबाव या बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी तथा समाज में पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान और अधिक मजबूत होगा, ऐसा भी विश्वास व्यक्त किया गया है।
अशोक खरात मामले में गरमाई सियासत, Raj Thackeray ने उठाए सवाल
23 Mar, 2026 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के नासिक में खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन' पुलिस की गिरफ्त में है. महिला से रेप के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है. इस पर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अशोक खरात मामले में घिनौनी बातें पढ़कर सचमुच सिर चकरा गया. यह खरात महिलाओं का शोषण कर रहा था और बदले में किसी 'अलौकिक शक्ति' से लाभ होने की उम्मीद में लोग उस पर भरोसा कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यह अंधविश्वास और निर्लज्जता आखिर इस समाज में कहां से आई? उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार को भी घेरा।
महाराष्ट्र को किस दिशा में ले जाया जा रहा
MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, ''कुछ ही दिन पहले, 19 मार्च 2026 को हमारी पार्टी के गुड़ी पड़वा मेले से हमने महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा और इस राज्य ने देश को दिए महान व्यक्तित्वों का प्रस्तुतीकरण किया था. उसमें संत ज्ञानेश्वर (Sant Dnyaneshwar), संत तुकारा से लेकर संत Gadge Baba और हमारे आजोबा प्रबोधनकार ठाकरे तक इन सभी ने मराठी समाज की चेतना को कैसे विकसित किया, यह दिखाया गया था. और उसी महाराष्ट्र में जब अशोक खरात जैसा नीच व्यक्ति, राजनेताओं के आशीर्वाद से उत्पात मचाता है, तब सच में सवाल उठता है कि महाराष्ट्र को आखिर किस दिशा में ले जाया जा रहा है?”
खरात जैसे लोगों के पीछे चल पड़ना भयावह
उन्होंने आगे कहा, ''जिस महाराष्ट्र में शासक संतों का आशीर्वाद लेते थे, जहां बाल गंगाधर तिलक जैसे नेता ‘गीतारहस्य’ ग्रंथ लिखते थे, जहां यशवंतराव चव्हाण और तर्कतीर्थ लक्ष्मणशास्त्री जोशी जैसे विद्वानों के बीच संवाद होता था उसी महाराष्ट्र के नेता आज तर्क को छोड़कर किसी अजीब ‘तीर्थ’ के नाम पर अशोक खरात जैसे लोगों के पीछे चल पड़ते हैं, यह बेहद भयावह है।
राज्य के पतन का संकेत
राज ठाकरे ने कहा, ''महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है और विवेक की परंपरा मजबूत रही है. इसी का परिणाम था कि दिसंबर 2013 में महाराष्ट्र विधानसभा में अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक पारित हुआ. उस समय जिन विधायकों ने यह विधेयक पास किया था, उनमें से कई आज भी विधायक हैं और उनमें से कुछ इस मामले में संदेह के घेरे में हैं. यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण विरोधाभास है और राज्य के पतन का संकेत भी है।
महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह उलझ गई
उन्होंने कहा कि पहले चुनाव टिकट पाने की दौड़, फिर जीतने के लिए किसी भी हद तक जाना, फिर मंत्री पद की चाह. अगर वह नहीं मिला तो सत्ता पक्ष को खुश करने की कोशिश, वफादारी साबित करने की होड़. मंत्री पद मिलने के बाद उसे बचाए रखने की चिंता और इसी बीच नए लोगों के सत्ता में आने का डर. इसी चक्र में महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह उलझ गई है. उन्होंने कहा, ''इन्हीं खोखली चिंताओं में उलझे नेता, जब कोई खरात जैसा व्यक्ति 'चमत्कार' का भरोसा देता है, तो उसके पीछे चल पड़ते हैं. अब तो कुछ अधिकारी भी मंत्रियों के हर तरह के सलाहकार बन गए हैं, जिन्हें किसी भी तरह सत्ता से जुड़े रहना है।''
समाज और मानसिकता पर बुरा असर
एमएनएस प्रमुख ने सवाल उठाते हुए ये भी कहा कि इन सबका महाराष्ट्र के समाज और मानसिकता पर क्या असर पड़ रहा है? क्या इस पर अब विचार होगा? मीडिया इस मामले को लगातार उठा रहा है, यह अच्छी बात है लेकिन साथ ही, उन्हें जनता को यह भी दिखाना चाहिए कि हमारा वास्तविक सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत क्या है. गुड़ी पड़वा मेले में मैंने यही दिखाने की कोशिश की थी ताकि नई पीढ़ी इसे समझ सके. मैं अपने स्तर पर यह काम जारी रखूंगा।''
राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को भी घेरा
उन्होंने आगे कहा, ''महाराष्ट्र की जनता को भी सोचना होगा आप किन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं. आज भी गांव-गांव में कीर्तन होते हैं, ज्ञानेश्वरी का पाठ होता है, तर्क और विवेक की परंपरा जीवित है, लेकिन अगर आप ऐसे लोगों को नेता बनाएंगे, तो महाराष्ट्र का भविष्य सुरक्षित नहीं है. राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह मामला उन्होंने ही उजागर किया और इसकी जांच शुरू की. अगर इसका श्रेय लेना है, तो यह भी सवाल उठता है कि जब यह सब हो रहा था और आपके ही गठबंधन के लोगों के नाम सामने आ रहे थे, तब इसकी भनक क्यों नहीं लगी?''राज ठाकरे ने ये भी कहा कि यह भी सुनने में आ रहा है कि किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को रोकने के लिए इस मामले का इस्तेमाल किया जा रहा है. यानी, अगर सामने वाला झुक गया, तो मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. मेरा मीडिया से अनुरोध है कि इस तरह की राजनीतिक चालों का हिस्सा न बनें. ऐसे ढोंगी बाबाओं को सामने लाएं, उनके कृत्यों का पर्दाफाश करें और तब तक इस मुद्दे को उठाते रहें, जब तक अशोक खरात को कड़ी सजा नहीं मिल जाती है।
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23 Mar, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। केंद्रीय मंत्री और आरपीआई के चीफ रामदास अठावले ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी. साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि इस बार वहां एनडीए की सरकार बनेगी. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने स्टैंड लिया है कि सभी सीटों पर हम बीजेपी का समर्थन करेंगे। रामदास अठावले ने कहा, "मुझे लगता है कि वहां स्थिति ये है कि बीजेपी एनडीए की सरकार आने वाली है. मेरी पार्टी ने स्टैंड लिया है कि वेस्ट बंगाल में हम एक भी सीट नहीं लड़ेंगे. वहां पूरी सीटों पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया बीजेपी का समर्थन करेगी. 5 तारीख को मैं वहां जा रहा हूं।"
AIMIM का जिक्र कर क्या बोले अठावले?
इसके आगे उन्होंने कहा, "दूसरी बात ये है कि वहां AIMIM किसी और के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. हर एक को चुनाव लड़ने का अधिकार है. अपनी सीटें जिताने का सबको अधिकार है. लेकिन वहां की स्थिति ये है कि ममता दीदी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी. वहां मुख्यमंत्री बीजेपी का बनेगा. अगर ममता दीदी एनडीए में आना चाहती हैं कि तो आ सकती हैं. 2029 में भी एनडीए की सरकार (केंद्र) बनेगी. चौथी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होंगे, ऐसे मुझे विश्वास है।"
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इसके साथ ही उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के सबसे ज्यादा कार्यकाल के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं. उनकी तबीयत बहुत अच्छी है. 2029 में भी चौथी बार प्रधानंमत्री बनना चाहिए, ऐसी मेरी पार्टी की भूमिका है. 2029 में भी एनडीए की सरकार आएगी।"
ईरान-इजरायल यु्द्ध पर क्या बोले?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "ईरान-इजरायल और अमेरिका का जो युद्ध चल रहा है, पीएम मोदी ने अपनी भूमिका पहले भी रखी है कि शांति होनी चाहिए. ईरान में सबसे ज्यादा गैस और क्रूड ऑयल होता है. युद्ध की वजह से पूरा ट्रांसपोर्टेशन बंद है. भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में स्थिति (संकट) निर्माण हुई है।"
Satara में ZP चुनाव को लेकर सियासी घमासान, सीएम ने दिए जांच के आदेश
23 Mar, 2026 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले में हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव ने महायुति सरकार की राजनीति में नया हलचल पैदा कर दी है। बीते शुक्रवार को हुए इस चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने अध्यक्ष का पद जीत लिया, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। इस नाजुक चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के कुछ सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर जीत हासिल की, जिससे सत्ता गठबंधन में मतभेद दिखाई देने लगी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा कि पिछले हफ्ते सतारा जिला परिषद के कुछ निर्वाचित सदस्यों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या के समान है। अपने बयान में शिंदे ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों ने चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। हालांकि इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि पूरे मामले की सही तरीके से जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब समझिए चुनाव और जीत का समीकरण
बता दें कि महाराष्ट्र के सतारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव शुक्रवार को हुआ। भाजपा की प्रिया शिंदे इस पद के लिए चुनी गईं, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन की उम्मीदवार हार गईं। चुनाव में भाजपा ने केवल दो वोट के अंतर से गठबंधन को मात दी। खबर है कि चुनाव से पहले पुलिस ने कथित तौर पर कुछ जिला परिषद के सदस्यों को मतदान से पहले हटाया। शिवसेना के शंभुराज देसाई और एनसीपी के मकरंद पाटिल ने भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान स्थानीय पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
पुलिस कार्रवाई पर क्यों भड़के शिंदे?
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उन्हें बताया गया कि एक निर्वाचित सदस्य पर पुराने मामले का आरोप दर्ज था। उन्होंने तत्काल सतारा एसपी तुषार दोशी से संपर्क किया, जिन्हें उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्वाचित सदस्य को मतदान से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। शिंदे ने आगे कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने चुनाव के समय सदस्यों को हटाकर कार्रवाई की। उन्होंने इसे चुनाव के परिणाम को बदलने के प्रयास के रूप में बताया।हालांकि विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने इस घटना के बाद सतारा एसपी तुषार दोशी को निलंबित करने का निर्देश दिया।
शिवसेना मंत्री ने कहा, भविष्य में इसका असर जरूर दिखेगा।
21 Mar, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के सतारा जिले में हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव ने महायुति सरकार की राजनीति में नया हलचल पैदा कर दी है। शुक्रवार को हुए इस चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने अध्यक्ष का पद जीत लिया, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। इस नाजुक चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के कुछ सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर जीत हासिल की, जिससे सत्ता गठबंधन में मतभेद दिखाई देने लगी है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और भविष्य के बड़े चुनावों में इसका गंभीर असर होने की चेतावनी दी। बता दें कि भाजपा की यह जीत शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के उम्मीदवार को हराकर आई, हालांकि गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। भाजपा ने गठबंधन के सदस्य को पार करके संकरी जीत हासिल की। इस जीत के बाद शिवसेना के मंत्री और सतारा के संरक्षक मंत्री शंभूराज देसाई ने भाजपा पर हमला बोला।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
शंभूराज देसाई ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना और एनसीपी के दो-2 सदस्यों को अपने पक्ष में लिया, जिससे गठबंधन की जीत रुक गई। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य के बड़े चुनावों में इसका भारी असर पड़ेगा और गठबंधन अपना सही फैसला लेगा। देसाई ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। सतारा जिले में इसके परिणाम गंभीर होंगे। मैं महायुति सरकार में मंत्री होने के बावजूद अपनी पार्टी के लिए काम करने का हक रखता हूं। भाजपा अपनी जीत का शोर मचा सकती है, लेकिन नैतिक जीत शिवसेना-एनसीपी की है।
पुलिस पर भी लगाए आरोप
इसके साथ ही देसाई ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और इसका मुद्दा वह अगले हफ्ते कैबिनेट बैठक में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री तक को पुलिस मारपीट कर रही है, तो हम इसे कड़ा निंदा करते हैं। पुलिस भाजपा की घरेलू मदद की तरह काम कर रही थी।
रुपाली चाकणकर ने अपनी अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा
21 Mar, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। एनसीपी अजीत पवार गुट की नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात कांड उजागर होने और बाबा के साथ नजदीकियों का खुलासा होने के बाद लगातार रुपाली के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. खरात की कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं. खरात के पास के कई आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं. सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए इस्तीफे में रुपाली चाकणकर ने कहा कि वो व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रही हैं।
15 अक्टूबर 2024 को पद पर हुई थी नियुक्ति
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा, "15 अक्टूबर 2024 को मेरी नियुक्ति महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा के रूप में हुई थी. व्यक्तिगत कारणों के चलते मैं स्वेच्छा से उक्त पद से अपना इस्तीफा इस पत्र के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हूं. अब तक आपने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया और मुझे जो सहयोग प्रदान किया, उसके लिए मैं आपकी एवं सभी सहयोगियों की हृदय से आभारी हूं. भविष्य में भी आपका मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहेगा, ऐसा मुझे विश्वास है. अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत अध्यक्षा, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग पद से इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें।"
कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?
अशोक खरात को 'कैप्टन' खरात के नाम से भी जाना जाता है. उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोन्धे ने कहा कि खरात मामले की एसआईटी जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक की महिला पुलिस अधिकारी को करना चाहिए।
'खरात की बातों में आकर रुपाली ने काटी अपनी उंगली'
वहीं उद्धव गुट की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए चाकणकर का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि रुपाली चाकणकर ने खरात की बातों में आकर अपनी उंगली काट ली थी. अंधारे ने ऐसी तस्वीरें भी दिखाईं जिनमें चाकणकर की अनामिका उंगली पर पट्टी बंधी हुई दिख रही है।
18 मार्च को गिरफ्तार हुआ फर्जी बाबा
अशोक खरात को बुधवार (18 मार्च) को नासिक जिले में एक महिला का तीन साल तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने दावा किया कि आरोपी ने विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं का शोषण किया. उपायों और सलाह के माध्यम से धनवान भक्तों से पैसे वसूले. एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि खरात प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने अशोक खरात की तुलना अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी रहे जेफरी एपस्टीन से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह एपस्टीन मासूम बच्चियों का शोषण करता था, वैसे ही खरात पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. उन्होंने इस मामले को 'खरात फाइल्स' करार दिया।
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