महाराष्ट्र
e-KYC न होने पर खातों पर रोक, लाखों लाभार्थी प्रभावित
2 Apr, 2026 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सरकार की 'लाडकी बहिन योजना' से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. इस योजना के तहत करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए हैं. इसकी वजह यह बताई गई है कि इन लोगों ने समय सीमा के अंदर अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना में कुल 2.43 करोड़ खाते रजिस्टर थे. लेकिन इनमें से लगभग 68 लाख खातों ने तय समय यानी 31 मार्च तक ई-केवाईसी नहीं कराया. जिसके चलते उन्हें अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. अब योजना में सक्रिय खातों की संख्या घटकर करीब 1.75 करोड़ रह गई है।
सरकार ने बढ़ाई ई-केवाईसी की अंतिम तारीख
ई-केवाईसी यानी ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन एक जरूरी प्रक्रिया है, जिसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे. इसी कारण सभी लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया समय पर पूरी करना अनिवार्य किया गया था. हालांकि, सरकार ने लोगों को राहत देते हुए ई-केवाईसी की अंतिम तारीख को बढ़ा दिया है. अब लाभार्थी 30 अप्रैल तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि जो लोग इस नई समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अपडेट कर देंगे, उनके खाते फिर से सक्रिय किए जा सकते हैं।
जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करें लोग- सरकार
सरकार का मानना है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी या निष्क्रिय खातों को हटाया जा सकेगा. वहीं, जिन लोगों के खाते बंद हुए हैं, उनसे अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करें, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिलता रहे. इस फैसले के बाद लाभार्थियों में चिंता भी देखी जा रही है, लेकिन समय सीमा बढ़ने से उन्हें एक और मौका मिल गया है।
अहिल्यानगर हादसा: तालाब में डूबे तीन बच्चे, एक की मौत, दो लापता
1 Apr, 2026 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। अहिल्यानगर जिले के नेवासा तालुका के सोनई गांव में एक चौंकाने वाली घटना हुई है, जहां भंडारण तालाब में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. जिसकी उम्र करीब 8 से 12 साल की थी. बताया जा रहा है कि ये तीनों बच्चे एक ही गांव के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार, सोनाई गांव में रहने वाले तीन बच्चे भंडारण तालाब में तैरने गए थे. तीनों बच्चे तैरने के लिए तालाब में कूदे, लेकिन तलब की गहराई और पानी की हालत का अंदाज न होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और पानी में डूब गए. इसस हादसे से पूरे गांव में डर और चिंता फैल गई है।
बच्चों को बचाने की कोशिशें
इस बीच, जब बच्चों के डूबने की जानकारी लोगों को मिली, तो स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए. इसके तुरंत बाद लोगों पुलिस को सूचना दी, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों की खोज शुरू की. पहले ही प्रयास में एक बच्चे का शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
दो बच्चों की तलाश जारी
बाकी दो और बच्चों की तलाश जारी है, क्योंकि दोनों बच्चों के शव अभी तक नहीं मिले हैं. पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों बच्चों की तलाश में जुटे हैं. फिलहाल, इसके लिए बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच चुका है और वह भी दोनों बच्चों के शवों को खोजने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। इस घटना के बाद तालाब के पास बड़ी संख्या में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है. लोग बच्चों के मिलने की दुआ कर रहे हैं. इस घटना से अहिल्यानगर में सनसनी फैल गई है. इस घटना की जांच जारी है. स्थानीय पुलिस प्रशासन ने बच्चों के परिवार वालों से सबर रखने और खोजने में मदद करने की अपील की है।
रक्षक बन भक्षक, अकोला पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप
1 Apr, 2026 04:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अकोला से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 'सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय' का नारा देने वाली पुलिस पर ही आरोप लग रहे हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी भूलती जा रही है. पुलिस हिरासत में एक महिला आरोपी के साथ ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी द्वारा आपत्तिजनक बातचीत करने का मामला सामने आया है। इसस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी का राजेश जाधव बताया जा रहा है, जो सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर था. महिला से छेड़छाड़ और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उसके खिलाफ सिविल पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
लॉकअप में महिला से की गई शर्मनाक मांग
यह घटना 31 मार्च की रात अकोला शहर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के पुलिस लॉकअप में हुई. मिली जानकारीके अनुसार, 80 लाख की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार महिला को सिविल पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया था।
इसी दौरान आरोपी एसआई राजेश जाधव नामक पुलिस अधिकारी ने आरोपी महिला से पूछा कि तुम्हारी बेटी की उम्र क्या है? और फिर 10 हजार रुपये देने का लालच देकर कहा कि उसे रात भर अपनी बेटी को मेरे पास भेज दो. यह सुनकर महिला हैरान रह गई और उसने इस पूरे मामले की जानकारी अधकारियों को दी।
वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई से सवाल किया कि 'तूने वर्दी पहनी है, ऐसा करते हुए शर्म क्यों नहीं आई.' जानकारी के मुताबिक, गुस्सा अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस वर्दी में होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हाथ पीछे खींचना पड़ा. यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई है।
पुलिस पर उठे सवाल
हालांकि, इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में बड़ा हंगामा हुआ. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही शारीरिक सुख की मांग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया जाएगा. इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में ही महिलाओं की असुरक्षा का माहौल है. इसलिए महिलाओं की सुरक्षा का एक बड़ा सवाल यहां उठता है।
वसई में दोस्त बना कातिल, मामूली झगड़े में की हत्या; पहचान टैटू से हुई
1 Apr, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पालघर जिले के वसई से सामने आए सिर कटे शव के मामले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. यह घटना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि भरोसे और दोस्ती के टूटने की भी कहानी को उजागर किया है. जिस दोस्त पर मृतक ने भरोसा करके एक छोटी सी दुकान साझेदारी में शुरू की थी, उसी दोस्त ने पैसों के विवाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। सोमवार सुबह 9 बजे के आसपास मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) के पास पेल्हार पुलिस स्टेशन की सीमा में आम के बाग में एक बोरी में सिर कटा हुआ शव मिला. पुलिस के सामने शव की पहचान करना मुश्किल था, लेकिन हाथ पर बने एक नाम के टैटू के जरिए मृतक की पहचान हुई. पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और महज 8 घंटे में आरोपी तक पहुंच गई।
दोस्ती बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मृतक अशोक सिंह राजपूत और आरोपी दिनेशकुमार प्रजापति ने मिलकर घर बसाने के लिए वसई के जाबरपाड़ा में किराने का एक छोटा सा व्यवसाय शुरू किया था। लेकिन धीरे-धीरे पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि आरोपी ने सीधे अपने दोस्त की जान लेने का फैसला किया. पैसों के झगड़े मआरोपी इस हद तक गिर गया कि उसने अपने दोस्त को मार डाला। सिर्फ इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए उसने शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया. उसने धड़ को खाणीवडे खाड़ी में फेंक दिया, जबकि सिर को नदी के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया।
पुलिस की तेजी से खुली राज
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई. इसी आधार पर दिनेशकुमार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने साथी का नाम भी बताया। इस सनसनीखेज घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, घटना स्थल पर जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई. इसके आधार पर दिनेशकुमार प्रजापति को जाबरपाड़ा से हिरासत में लिया गया.।पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने साथी संदीप तिवारी का भी नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत ड्रोन की मदद से इलाके में तलाशी ऑपरेशन चलाया और मृतक का सिर, मोबाइल फोन और अन्य सबूत बरामद किए. फॉरेंसिक टीम की मदद से सभी वस्तुओं को जब्त कर लिया गया है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और वसई कोर्ट ने उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, उसे “चोरी” के आरोप में बदनाम किया गया था
31 Mar, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के बीड़ जिले के मांजरसुंबा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम संबंधों के विवाद के चलते 23 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान ज्ञानेश्वर तुकाराम कोकाटे के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गर्लफ्रेंड के परिजनों के की गई मारपीट और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि ज्ञानेश्वर का नेकनूर के पास एक गांव की लड़की के साथ प्रेम संबंध था. जब इस रिश्ते की जानकारी लड़की के परिवार को मिली तो उन्होंने गुस्से में उसे गांव बुलाया. वहां उसकी बाइक और मोबाइल छीन लिए गए और चार लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की. इतना ही नहीं उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर गांव में बदनाम करने की भी कोशिश की गई।
आत्महत्या से पहले लिखा सुसाइड नोट
इस घटना के बाद ज्ञानेश्वर गहरे मानसिक तनाव में चला गया था. आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा , “मुझे बहुत मारा, गांव में चोर के रूप में बदनाम किया, तुम्हें जान से मार देंगे ऐसी धमकियां दी.” इसके बाद उसने धुले–सोलापुर हाईवे के पास एक टायर पंचर की दुकान में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
मेरे बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा गया- मां
घटना के बाद मृतक की मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा गया और उसकी वीडियो भी बनाई गई. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस मामले में नेकनूर पुलिस स्टेशन में चार आरोपियों वसंत उंदरे, सचिन उंदरे, अशोक उंदरे और प्रेम उंदरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
Bharatiya Janata Party ने सहयोगी दल को संयम बरतने की सलाह दी
31 Mar, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत चलाए जा रहे 'ऑपरेशन तुतारी' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) हाईकमान ने ब्रेक लगा दिया है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को यह अभियान आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी की ओर से ‘रेड सिग्नल’ दिया गया है। बताया जा रहा है कि 'तुतारी' यानी शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सांसद अगर महायुति में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के गुट के जरिए आना चाहिए. ऐसी सलाह बीजेपी आलाकमान ने एकनाथ शिंदे को दी है।
ठाकरे-पवार के 6-6 सांसद शिंदे के संपर्क में?
खबरों के मुताबिक, 'ऑपरेशन तुतारी' के तहत 6 सांसद (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 6 सांसदों को अपने पक्ष में लाने की शिंदे की तैयारी थी. फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) के पास 7 सांसद हैं. अगर पवार गुट के 6 और ठाकरे गुट के 6 सांसद शिंदे के साथ आते हैं, तो कुल संख्या 19 हो सकती है।
इस रणनीति के पीछे क्या है उद्देश्य?
एकनाथ शिंदे ने इस ऑपरेशन के तहत 19 सांसदों के साथ राजनीतिक सौदेबाजी की ताकत बढ़ाने की कोशिश की है. इससे शिंदे गुट लोकसभा चुनाव 2029 में कम से कम 19 सीटों पर दावा कर सकता है. हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी इस रणनीति को ‘ग्रीन सिग्नल’ नहीं मिला है. विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी नहीं की।
उद्धव ठाकरे का साथ क्यों छोड़ सकते हैं सांसद?
कुछ संभावित कारणों के चलते शिवसेना यूबीटी के सांसद अपनी पार्टी से नाराज हो सकते हैं. ये कारण कुछ इस प्रकार हैं-
- अगले 5 वर्षों तक महायुति सरकार स्थिर रहने की संभावना है
- कई सांसद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं
- विकास कार्यों के लिए निधि प्राप्त करने में कठिनाई
- केंद्र और राज्य, दोनों जगह महायुति सरकार होने का लाभ
- पार्टी और चुनाव चिन्ह का मुद्दा सेकंडरी होता जा रहा है
- बीजेपी के साथ होने से विकास कार्यों और फंड में आसानी होगी
बयान में सरकार के दावे और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर का मुद्दा उठाया
31 Mar, 2026 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने देश को नक्सल मुक्त बनाने की तारीख रखी थी 31 मार्च. इससे एक दिन पहले ही उन्होंने लोकसभा में ऐलान कर दिया कि अब भारत नक्सल मुक्त हो गया है. नक्सलियों के नेटवर्क को चलाने वाले टॉप 12 नक्सली मारे जा चुके हैं और लाल आतंक का खात्मा हो गया है. अमित शाह के ऐलान पर शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सासंद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया आई है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "नक्सलवाद पर कार्रवाई यूपीए के कार्यकाल से शुरू हुई थी. अब ये लोग आकर इसके खात्मे का क्रेडिट ले रहे हैं. उसमें योगदान सिर्फ एक सरकार का नहीं हो सकता. नक्सलियों का खात्मा लगातार जारी रहने वाला एक्शन है. पुलिस फोर्सेस को पुख्ता करना, कोब्रा जैसे फोर्स बनाना... छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार ने इसपर काम किया था।"
'इकलौता क्रेडिट लेना दुर्भाग्यपूर्ण'
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "कोई भी इसपर इकलौता हक जमाए कि नक्सलियों का खात्मा उनकी वजह से हुआ है, यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. जबसे बीजेपी सरकार में आई है तबसे ऐसी ही चीजें देखने को मिल रही हैं।"
'नक्सलवाद पर बात हो रही, पहलगाम हमले पर क्यों नहीं?'
शिवसेना यूबीटी नेता ने आगे कहा, "नक्सलवाद के खात्मे पर सदन में चर्चा हुई, बहुत अच्छी बात है, लेकिन इस बात पर चर्चा कब होगी कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले जो जानकारी लीक हो गई थी, इंटेलिजेंस फेलियर की वजह से इतना बड़ा आतंकवादी हमला हुआ... फिर लाल किले पर टेरर अटैक हुआ. इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो की वर्किंग पर कब चर्चा होगी? इसकी जवाबदेही कब तय की जाएगी?"
'जनता के मुद्दे की बात पर चर्चा कब होगी?'- प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना यूबीटी सांसद ने आगे कहा, "अभी जनता को सबसे ज्यादा क्या प्रभावित कर रहा है. जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है, हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं, उसकी वजह मिडिल ईस्ट में हो रहा युद्ध है. लोगों को एलपीजी सिलेंडर के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, यह इसी युद्ध की वजह से हो रहा है. हम मांग कर रहे हैं कि इसपर भी चर्चा हो."बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "चलिए आप नक्सलवाद पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तो थपथपाइये, लेकिन जो मौजूदा समय में सबसे बड़ा संकट हमारे देश में आया हुआ है, जो दूसरे देशों की वजह से हो रहा है, उसपर भी चर्चा होनी चाहिए।"
सपा सांसद राजीव राय ने भी दिया बड़ा बयान
घोसी से समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा, "किसी भी बीमारी की डायग्नोसिस करनी चाहि, वजह पता करनी चाहिए कि नक्सलवाद क्यों होता है? कोई हिंसा का समर्थन नहीं करता. हम बहुत ही खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं. जो लोग देश के लिए शहादत देते हैं, संसद से लेकर सीमा तक जो लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हैं, उनका अपमान होता है. समाज में जाति-मजहब और कपड़ा देखकर अन्याय होता है. कोई मां की कोख से नक्सली या आतंकी पैदा नहीं होता. अगर सरकार लगातार दमनकारी नीति अपनाती रहे, भेदभाव करती रहे, लोगों में असमानता का भाव रहे. भाषणों में तो अच्छा लगता है लेकिन जमीन पर वह हकीकत नजर नहीं आती है।"
अमरावती में खौफनाक वारदात, मामूली रकम के लिए हत्या और दुष्कर्म
30 Mar, 2026 02:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के अमरावती से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. फ्रेजरपुरा पुलिस स्टेशन की सीमा में भानखेड़ा गांव की ओर जाने वाली सड़क पर जंगल के पास एक लड़की और उसके दोस्त को रोककर बदमाशों ने मारपीट लूटपाट की घटना को अंजाम दिया. सिर्फ इतना ही नहीं, उन दरिंदों ने लड़की के साथ बलात्कार जैसी घिनौनी हरकत भी की, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी के बाद फ्रेजरपुरा पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आगे की जांच शुरू की. जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कारवाई करते हुए इस गंभीर अपराध में शामिल कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
120 रुपए छीने, फिर किया रेप
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित लड़की अपने दोस्त के साथ एक्टिवा वाहन से जा रही थी, तभी अचानक पांच अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका. आरोपियों ने दोनों को बेरहमी से मारपीट कर लात-घूसों से बुरी तरह पीटा और उनके पास मौजूद करीब 120 रुपये की नकदी छीन ली. मारपीट और लूट के बाद एक आरोपी लड़की को जबरन जंगल के एक तरफ ले गया, जहां उसके साथ बलात्कार किया. इस दौरान उनके अन्य आरोपी भी आसपास मौजूद थे. फिलहाल पीड़ित लड़की का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस की हिरासत में पांच आरोपी
घटना की जानकारी मिलते ही फ्रेजरपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर इस गंभीर अपराध में पांच आरोपियों को हिरासत में लिया. इस मामले की आगे की जांच फ्रेजरपुरा पुलिस कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि पीड़िता, गवाहों और आरोपियों के बारे में जानकारी आधिकारिक पुष्टि से पहले साझा न करें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मौजूदा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिडिल ईस्ट तनाव पर संजय राउत का बयान, केंद्र सरकार को घेरा
30 Mar, 2026 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना यूबीटी से राज्यसभा के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारत की स्पष्ट विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मध्य पूर्व संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों ने अपना रुख साफ कर दिया है, लेकिन भारत अब तक चुप है और कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। राउत ने कहा कि इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों में भारतीय प्रभावित हुए हैं, कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में नौकरियां चली गई हैं. इसके बावजूद भारत सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने पूछा कि जब भारतीय नागरिक संकट में हैं तो सरकार की प्राथमिकता क्या है और वह इस मुद्दे पर क्यों चुप है।
'भारत को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा'
संजय राउत ने कहा, "भारत के सामने एक अलग संकट है. भारत पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं हो रहे हैं लेकिन ईरान के आसमान पर छाये काले बादल भारत पर कहर ढा सकते हैं. दूसरे जो कुछ कर रहे हैं, उसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ सकता है।"शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा, "ईरान में बार बार हो रहे हमलों के कारण आसमान में उठने वाला काला धुआं कई जहरीली गैस लिए हुए है. इस जहरीली गैस के कारण ईरान के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि यह धुआं जानलेवा साबित हो सकता है।"संजय राउत ने कहा कि भारत के सीमावर्ती राज्यों, खास कर गुजरात, राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों में इसका गहरा असर पड़ सकता है. ‘‘ईरान के आसमान पर छाये गहरे काले बादल पूरी मानवता के लिए खतरा हैं।’’
ट्रंप और पाकिस्तान का जिक्र कर साधा निशाना
शिवसेना यूबीटी सांसद ने पीटीआई को दिए बयान में कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान तो अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है और डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान की भूमिका का स्वागत कर रहे हैं. लेकिन भारत को चुप रखा गया है, बोलने से मना किया गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को सिर्फ चुनाव प्रचार पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है और ट्रंप तय करेंगे कि मोदी जी केरल में चुनाव प्रचार करेंगे या पश्चिम बंगाल में, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट पर कुछ नहीं कहा जा रहा है।
बंगाल हिंसा और बीजेपी समर्थकों पर भी टिप्पणी
राउत ने पश्चिम बंगाल में हालिया हिंसा पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनकी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी समर्थक वर्ग की गतिविधियां हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस पर बयान दे रही हैं तो उसमें सच्चाई है और स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
चोरी की कोशिश पड़ी भारी, बिजली टावर बना काल
30 Mar, 2026 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। के बीड जिले के केज तालुका से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, यहां हाई वोल्टेज बिजली के तार चुराने की कोशिश में पूरा टॉवर गिरने से दो चोरों की मौके पर ही मौत हो गई. चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद अन्य साथियों ने दुर्घटना का नाटक रचकर शवों को परभणी ले गए, लेकिन वहां जाने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे से पांच लोगों का एक गिरोह केज तालुका के नांदूर घाट शिवर में तार चुराने के उद्देश्य से आया था. शनिवार की रात को ये चोर हाई वोल्टेज टॉवर पर चढ़ गए और तार काटने का काम शुरू कर दिया. हालांकि, इसी दौरान टॉवर जमीन पर गिर गया. इस भीषण दुर्घटना में अविनाश पाटोले और आकाश आडे नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क हादसे का नाटक कर शव छोड़ फरार हुए साथी
घटना के बाद घबराए अन्य तीन साथियों (आकाश पेठे, दीपक भगत और वैभव आदत) ने पुलिस से बचने के लिए एक तरकीब निकाली. उन्होंने इन मौतों को 'सड़क दुर्घटना' का रूप देने की कोशिश की. दोनों शवों को एक कार में डालकर उन्होंने सीधे परभणी का रुख किया. परभणी पहुंचने के बाद, तीनों साथी शवों को गाड़ी में छोड़कर वहां से भाग गए। जब गाड़ी के ड्राइवर ने एम्बुलेंस की मदद से शवों को अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की तो मृतकों के रिश्तेदारों को इस घटना की जानकारी मिली. रिश्तेदारों ने पूछताछ की और पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद चोरी का यह चौंकाने वाला मामला सामने आया।
फरार आरोपियों की तलाश कर रही है पुलिस
इस घटना की जानकारी मिलते ही परभणी और केज पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और पंचनामा किया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि टॉवर कैसे गिरा और क्या इस गिरोह का जाल कहीं और भी फैला हुआ है. फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस घटना से बीड और परभणी जिले में हड़कंप मच गया है।
बड़ा खुलासा: NCB अधिकारियों पर केस दर्ज, मृतक की पत्नी ने उठाए सवाल
28 Mar, 2026 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। नवी मुंबई के बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. NRI सागरी पुलिस स्टेशन में यह FIR मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. डॉ. किरण चिचकर ने अपने बयान में बताया कि घटना की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को हुई, जब NCB अधिकारी आकाश मलिक 15-20 लोगों की टीम के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचे. उस समय वे घर पर नहीं थे. आरोप है कि अधिकारियों ने घर के नौकर को पीटा, उसका फोन छीन लिया और जबरन घर की तलाशी ली. इस दौरान टीम ने बिना किसी जब्ती सूची (पंचनामा) के घर से 2 लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां और जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट जब्त कर लिए।
घावटे ने संपत्ति कुर्क करने की दी धमकी- डॉ. किरण
शिकायत के अनुसार, जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने गुरुनाथ चिचकर को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया. डॉ. किरण का आरोप है कि घावटे ने उनके पति को धमकी दी थी कि यदि वे अपने बच्चों का नाम केस से हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें 10 से 15 करोड़ रुपये देने होंगे. पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे ड्रग्स केस में फंसाकर जेल भेजने और संपत्ति कुर्क करने की धमकी दी गई थी. पीड़िता ने केवल NCB ही नहीं, बल्कि ANC (एंटी नार्कोटिक्स सेल) बेलापुर के वरिष्ठ अधिकारी संदीप निगड़े पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. बयान के मुताबिक, निगड़े ने बिल्डर के ऑफिस आकर सबके सामने उन्हें गाली-गलौज की और पैसों की मांग की. उन्होंने धमकी दी थी कि पैसे लाओ या बच्चों को हाजिर करो, वरना तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को जेल में डाल देंगे।
धमकियों से मानसिक दबाव में थे पति- किरण
डॉक्टर किरण ने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के कारण गुरुनाथ चिचकर गहरे मानसिक दबाव में थे. इसी तनाव के चलते 21 अप्रैल को उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. आखिरकार, 25 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने कार्यालय में सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन अधिकारियों के नाम लिखे हैं जो उन्हें परेशान कर रहे थे. डॉ. किरण ने पुलिस को बताया कि उनके पति ने आत्महत्या से पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली. अब पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में अब तक हो चुकी है 9 गिरफ्तारियां- घावटे
NCB के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने ABP न्यूज को बताया कि एनसीबी (NCB) मुंबई ने जनवरी 2025 में बेलापुर से कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए थे, जिसके बाद जुलाई 2025 में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की गई थी. इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना नवीन गुरुनाथ चिचकर था, जिसे मलेशिया से प्रत्यर्पित (Deport) कर गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में अब तक कुल 09 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं. आरोपी उदय गवांडे को पारिवारिक आधार पर 2 महीने की अंतरिम जमानत मिलने के अलावा, इस मामले में अब तक किसी भी अन्य आरोपी को जमानत नहीं मिली है. इस कार्रवाई के जरिए एनसीबी मुंबई ने चिचकर द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है.आगे कहा कि मामले की वित्तीय जांच के दौरान चिचकर की 10.6 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज (Freezed) कर दिया गया है. संपत्ति फ्रीज करने के इस आदेश की पुष्टि साफेमा (SAFEMA) मुंबई द्वारा भी कर दी गई है. एनसीबी मुंबई का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी अदालती और जांच प्रक्रिया में कानून का पालन किया गया है और किसी भी प्रकार की कोई अवैध कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस पर ही आरोप: अपहरण कर लूटे 10 हजार डॉलर, दो कांस्टेबल पकड़े गए
28 Mar, 2026 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के जूहू इलाके में दो पुलिस कांस्टेबल एक फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर उससे 10,000 अमेरिकी डॉलर लूटने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि लूटी गई रकम अभी तक बरामद नहीं हो सकी है. मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
वर्दी और पद का दुरुपयोग कर दिया वारदात को अंजाम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप शिंदे उम्र 33 वर्ष और गजेंद्र राजपूत उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है. दोनों क्रमशः बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में तैनात थे. आरोप है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार घटना 25 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है. पीड़ित बांद्रा स्थित एक फॉरेक्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत है और वह जूहू इलाके में विदेशी मुद्रा देने पहुंचा था. इसी दौरान जूहू सर्कल के पास आरोपियों ने उसे एक एर्टिगा कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया। कार के अंदर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद आरोपी पीड़ित को दहिसर ले गए जहां उससे 10,000 डॉलर से भरा बैग छीन लिया गया और लगातार पिटाई भी की गई।
एक मौके से भागा, दूसरा ठाणे से गिरफ्तार
पीड़ित ने शोर मचाया और आसपास के लोग आ गए, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई. लोगों को आता देख आरोपी भागने लगे लेकिन पुलिस एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर पाई जबकि दूसरा भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव से लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दूसरे आरोपी गजेंद्र राजपूत को ठाणे स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, उगाही, डकैती और सरकारी कर्मचारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लव प्रॉमिस बना धोखा: रेप के बाद शादी से इनकार, आरोपी पकड़ा गया
28 Mar, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। के नेहरूनगर इलाके में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म करना का मामला सामने आया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले युवती से दोस्ती की और धीरे-धीरे उससे नजदीकियां बढ़ाईं. उसने युवती को शादी का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता. इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए, आरोपी ने कथित तौर पर कई बार युवती के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए. जब युवती ने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया, तो उसने साफ तौर पर इंकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।
शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने लड़के ने बात की बंद
उन्होंने बताया कि जब लड़की बार-बार शादी का दबाव बनाने लगी तो आरोपी ने लड़की से बात कर बंद कर दिया और दूर चला गया. इसके बाद पीड़ित लड़की ने नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. वहीं, पीड़िता को कानूनी सहायता के साथ-साथ काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उसे मानसिक रूप से सहारा मिल सके।
आरोपी ने शादी का विश्वास दिलाकर बनाए शारीरिक संबंध
पुलिस के अनुसार तहरीर में बताया गया कि आरोपी उससे बाहर मिला था, इसके बाद धीमे-धीमे दोनों लोगों में दोस्ती हो गई और आरोपी लड़के ने शादी का विश्वास दिलाकर घर आने-जाने लगा. इसके बाद उसकी इच्छा के विरुद्ध कई सालों तक शारीरिक संबंध बनाया और शादी करने की बात करता रहा। तहरीर में आगे बताया गया कि धीमे-धीमे कई साल बीत जाने के बाद लड़की शादी का दबाव डालने लगी, जिसके बाद आरोपी लड़के ने उससे बात करना बंद कर दिया और शादी से इनकार करने लगा. जब पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कही तो आरोपी उसे धमकी देने लगे. इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है. आरोपी ने शादी की बात स्वीकार की है. दोनों के परिजनों से बात की जा रही है, जिससे मामले को जल्दी सुलझाया जा सके।
लॉकडाउन टिप्पणी पर सियासत तेज, ममता बनर्जी को लेकर राउत का बयान
27 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लॉकडाउन वाले बयान पर शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बात में तो दम लगता है. जिस तरह से बड़ी बड़ी कतार पेट्रोल-डीजल और किरोसिन के लगी है और जिस तरह से सरकार में जोरदार हलचल चल रही है तो लगता है कि पीएम नरेंद्र मोदी फिर एक बार 10-15 दिनों के लिए डीजल और पेट्रोल की बचत करने के लिए लॉकडाउन लगा सकते हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार लॉकडाउन लगा सकती है. पांडेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर लॉकडाउन लगा सकते हैं और लोगों को घरों में कैद कर सकते हैं।
लॉकडाउन की बात अफवाह- हरदीप पुरी
हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने शुक्रवार (27 मार्च) को साफ किया कि लॉकडाउन की बात अफवाह है. उन्होंने साफ किया कि सरकार में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, "लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें।"
संजय राउत ने केंद्र को घेरा
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच पीएम मोदी के संसद में संबोधन पर उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने केंद्र को घेरा था. उन्होंने कहा कि युद्ध के 25 दिन बाद प्रधानमंत्री सदन में आए. उनकी बॉडी लैंग्वेज को जब ऑब्जर्व किया तो हम सबको लगा कि पीएम मोदी डिप्रेशन में हैं और कंट्रोल छूट गया है. राउत ने ये भी कहा था कि पीएम मोदी की ज्यादा दिन सत्ता में रहने की मानसिकता नजर नहीं आती है. पीएम नरेंद्र मोदी ने (23 मार्च) को लोकसभा को संबोधित किया था।
ईंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट, फडणवीस ने बताया कितने दिन का स्टॉक उपलब्ध
27 Mar, 2026 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. उन्होंने ये भी कहा कि हमारे यहां पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. सीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं क्योंकि हमारे पास अगले एक महीने के लिए पर्याप्त पेट्रोल और डीजल मौजूद है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं, युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है. इससे यह सुनिश्चित हुआ कि इसका बोझ ग्राहकों पर न पड़े और कंपनी ही ये भार सहन करेगी. प्रधानमंत्री ने लोगों को बहुत बड़ा फायदा दिया है।"
पीएम मोदी की डिप्लोमेसी काबिले तारीफ
उन्होंने आगे कहा, ''हमलोग देख रहे हैं कि जहां हमारे आसपास के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस संकट के कारण करीब करीब शटडाउन की परिस्थिति आई है, दफ्तर बंद हैं. कई जगह पर संस्थान बंद हो रहे हैं. ऐसे समय में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने संकट की स्थिति में बेहतर तरीके से मैनेजमेंट किया है. हमारे यहां पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है. घरेलू गैस भी दिए जा रहे हैं. कमर्शियल गैस सिलेंडर में कुछ कटौती की गई है लेकिन उसको भी 50 फीसदी पर लाया जा रहा है. जिस प्रकार की डिप्लोमेसी हमारे प्रधानमंत्री ने की है वो काबिले तारीफ है।''
पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा, ''मैं विशेष रूप से आम लोगों से ये अपील करता हूं कि वे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें न लगाएं क्योंकि हमारे पास अगले एक महीने के लिए पर्याप्त पेट्रोल और डीजल मौजूद है. इस प्रकार से वो कतारें लगाकर इस अंदेशे में कि शायद इसकी कमी होगी वो पेट्रोल-डीजल भरेंगे तो सप्लाई और डिमांड के साइकल पर उसका दबाव बढ़ेगा, एक आर्टिफिशियल कमी उसके कारण तैयार होगी इसलिए ऐसा न करें।
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