महाराष्ट्र
काले कपड़ों में प्रदर्शनकारियों का हुजूम, Vidarbha राज्य की मांग तेज
1 May, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री ने हुतात्माओं को दी श्रद्धांजलि, दूसरी ओर अलग विदर्भ की मांग को लेकर प्रदर्शन
मुंबई: महाराष्ट्र राज्य के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर में उत्साह और गौरव का माहौल रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हुतात्मा स्मारक पहुंचकर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को नमन किया। वहीं, दूसरी ओर अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर नागपुर में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।
मुख्यमंत्री का संबोधन: 'महाराष्ट्र देश का पावर इंजन'
हुतात्मा स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा:
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित 'महाराष्ट्र धर्म' और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ही राज्य की असली पहचान है।
महाराष्ट्र आज देश का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है और निरंतर प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
मजदूर दिवस पर श्रमिकों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि आज हम जो भी विकास देख रहे हैं, वह कामगारों के पसीने और मेहनत का ही फल है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए भी नागरिकों को शुभकामनाएँ देते हुए महाराष्ट्र को एक प्रगतिशील और विकसित राज्य बताया।
राजभवन में ध्वजारोहण
महाराष्ट्र दिवस के पावन अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई स्थित लोक भवन (राजभवन) में तिरंगा फहराया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस गरिमामयी समारोह में राष्ट्रगान और राज्य गीत की धुनें बजाई गईं। कार्यक्रम में राज्यपाल की पत्नी सुधा देव वर्मा सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा।
अलग विदर्भ के लिए काला दिवस और विरोध
स्थापना दिवस के जश्न के बीच अलग विदर्भ राज्य की मांग एक बार फिर उठी। नागपुर के संविधान चौक और विधान भवन के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने हवा में काले गुब्बारे छोड़े और जमकर नारेबाजी की। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर बॉम्बे स्टेट का विभाजन कर महाराष्ट्र राज्य का गठन किया गया था। इसकी नींव 1950 के दशक में चले 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' ने रखी थी। तभी से हर साल 1 मई को पूरे राज्य में स्थापना दिवस को सांस्कृतिक गौरव के साथ मनाया जाता है।
Nitesh Rane बोले- कांग्रेस हर बार महिला हितों का करती है विरोध
1 May, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नितेश राणे का कांग्रेस पर तीखा हमला: बोले- मोदी सरकार दे रही महिलाओं को हक, पर कांग्रेस बन रही रोड़ा
सिंधुदुर्ग: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे अपने निर्वाचन क्षेत्र सिंधुदुर्ग के दौरे पर हैं। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार की जमकर तारीफ की और कांग्रेस को महिला विरोधी करार दिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बड़ी बात
नितेश राणे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति बिल 2023' पारित कर महिलाओं को राजनीति में नेतृत्व का अधिकार दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार अब इस कानून को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर जल्द से जल्द लोकसभा और विधानसभा में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। राणे ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे मोदी सरकार महिलाओं को अधिकार दे रही है, कांग्रेस इसमें अड़चनें पैदा करने की कोशिश कर रही है।
"हर महिला हितैषी फैसले का विरोध करती है कांग्रेस"
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं के विकास के लिए कोई कदम उठाया गया, कांग्रेस उसके खिलाफ खड़ी हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
तीन तलाक: जब मोदी सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून लाई, तो कांग्रेस ने विरोध किया।
लाडकी बहिन योजना: महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार जब 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' लेकर आई, तब भी कांग्रेस ने अड़ंगे लगाए।
आरक्षण की शर्तों को हटाने की तैयारी
गौरतलब है कि सितंबर 2023 में पारित हुए 106वें संविधान संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लागू होने के लिए पहले जनगणना और परिसीमन की शर्त रखी गई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से इस कानून को प्रभावी कर दिया है और अब इसे तकनीकी बाधाओं से मुक्त कर सीधे लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इस कानून के पूर्ण रूप से प्रभावी होने के बाद विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हो जाएंगी।
रेलवे की सख्त कार्रवाई: वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो के लिए हटाई गईं 45 झोपड़ियां, अतिक्रमण मुक्त हुई जमीन
30 Apr, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई के महत्वपूर्ण वाडी बंदर यार्ड में वंदे भारत ट्रेनों के आधुनिक मेंटेनेंस डिपो के निर्माण की दिशा में मध्य रेलवे ने एक बड़ी बाधा पार कर ली है। अदालत के आदेशों का पालन करते हुए, रेलवे प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाकर दशकों पुराने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है। इससे अब वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव और सर्विसिंग के लिए प्रस्तावित परियोजना के काम में तेजी आएगी।
1. 45 झोपड़ियों और दो-मंजिला अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
हैनकॉक ब्रिज के पास बीडी चॉल क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में कुल 45 अवैध झोपड़ियों को जमींदोज कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यहाँ एक दो-मंजिला अवैध ढांचा भी कई वर्षों से रेलवे की बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमाए हुए था। तीन अर्थमूवर मशीनों और 60 से अधिक कर्मचारियों की मदद से बिना किसी कानूनी बाधा के इस अभियान को सफलता पूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान आरपीएफ और स्थानीय पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
2. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया डिपो
यह जमीन वाडी बंदर यार्ड का हिस्सा है, जहाँ वंदे भारत ट्रेनों के लिए 5 नई स्टेबलिंग लाइन और 400 मीटर लंबा एक विशाल शेड बनाया जाएगा। इस शेड को 'ग्रीन बिल्डिंग' की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिसमें सोलर ट्यूब, वेंटिलेशन सिस्टम और पॉलीकार्बोनेट छत का इस्तेमाल होगा ताकि बिजली की बचत हो सके। साथ ही, ट्रेनों के अंडरफ्रेम की जांच के लिए विशेष मेंटेनेंस पिट्स और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नई एप्रोच रोड का निर्माण भी किया जाएगा।
3. परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजना
1882 में स्थापित ऐतिहासिक वाडी बंदर यार्ड अब भविष्य की हाई-स्पीड ट्रेनों का केंद्र बनेगा। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट का सिविल और सिग्नलिंग से जुड़ा करीब 17 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद अब मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों के टेंडर अंतिम चरण में हैं। जल्द ही यहाँ एक समर्पित सबस्टेशन भी स्थापित किया जाएगा ताकि ट्रेनों के रखरखाव में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
पुणे पुलिस की बड़ी कामयाबी: हत्या कर लाश जलाने वाले आरोपी महज 4 घंटे में गिरफ्तार
30 Apr, 2026 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे/मावल: मावल तहसील के पवनानगर इलाके में अपराध का एक ऐसा भयावह चेहरा सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक युवक की नृशंस हत्या करने के बाद साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए उसके शरीर और वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस ने तकनीकी कौशल दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
1. हत्या के बाद शव को जलाने का क्रूर प्रयास
मृतक की पहचान 33 वर्षीय अमोल अनंता मोहोल (निवासी वारू) के रूप में हुई है। हमलावरों ने न केवल अमोल की जान ली, बल्कि अपराध के निशान मिटाने के लिए उसके शव को उसकी ही दोपहिया गाड़ी के साथ रखकर जला दिया। पवनानगर क्षेत्र में इस जघन्य कृत्य की खबर मिलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
2. पुलिस की तत्परता: 4 घंटे के भीतर दो गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीपसिंग गिल ने तत्काल विशेष टीमों का गठन किया। लोणावला ग्रामीण पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने संयुक्त रूप से तकनीकी जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर संदिग्धों का पीछा किया। पुलिस की मुस्तैदी का परिणाम यह रहा कि वारदात के 4 घंटे के भीतर आरोपी भरत काशिनाथ वाल्हेकर और सुनील भीमा पवार को हिरासत में ले लिया गया।
3. रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह खौफनाक हत्याकांड किसी पुराने व्यक्तिगत विवाद या आपसी रंजिश का परिणाम था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे। इतनी तेजी से मामले का खुलासा करने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है।
मौत का तार: घर में लगे वाई-फाई केबल से करंट लगने से अधेड़ महिला की मौत
30 Apr, 2026 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे/निगड़ी: पिंपरी-चिंचवड़ के निगड़ी प्राधिकरण (सेक्टर 26) में प्रशासन और केबल ऑपरेटरों की बड़ी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। सड़क पर मौत का जाल बनकर लटक रहे एक वाई-फाई केबल की वजह से एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
1. सड़क पर बिछा 'मौत का जाल' और हादसा
50 वर्षीय संपदा पटवर्धन अपने दोपहिया वाहन से जा रही थीं, तभी अचानक सड़क पर नीचे की ओर लटक रही वाई-फाई केबल उनके वाहन में उलझ गई। संतुलन बिगड़ने के कारण वह सड़क पर बेहद बुरी तरह गिरीं और उनके सिर में गंभीर चोट आई। दो दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद, उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
2. अवैध केबलों के जाल पर उठे सवाल
मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध रूप से बिछाई गई केबलों का नतीजा है। पिंपरी-चिंचवड़ के कई इलाकों में निजी ऑपरेटरों द्वारा बिना किसी सुरक्षा मानकों के पेड़ों और खंभों के सहारे केबल लटकाए जा रहे हैं, जो अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
3. पुलिस कार्रवाई और स्थानीय नागरिकों की मांग
वर्तमान में निगड़ी पुलिस ने इसे 'आकस्मिक मृत्यु' (ADR) के तौर पर दर्ज किया है, लेकिन जनता में इस बात को लेकर नाराजगी है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित केबल ऑपरेटर के खिलाफ 'गैर इरादतन हत्या' का मामला दर्ज किया जाए। लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शहर की सड़कों पर ऐसे 'अदृश्य फंदे' लटकते रहेंगे।
खून से सनी दीवारें: बंद कमरे में मिली मां-बेटी की लाश, आरोपी ने खुद पर किया जानलेवा हमला
30 Apr, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/विरार: विरार पश्चिम स्थित विवा कॉलेज के पास एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक रिहायशी कॉम्प्लेक्स के बंद कमरे में माँ-बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद हमलावर ने स्वयं भी आत्महत्या का प्रयास किया। इस दोहरे हत्याकांड ने स्थानीय निवासियों के बीच डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
1. घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला
घटना पूनम आकांक्षा हाउसिंग सोसाइटी की है, जहाँ सरिता मिश्रा और उनकी 24 वर्षीय बेटी नैन्सी मिश्रा किराए के फ्लैट में रहती थीं। पुलिस के अनुसार, शिवम उपाध्याय नामक युवक जबरन उनके घर में दाखिल हुआ। उसने पहले घर में तोड़फोड़ की और फिर धारदार हथियार से माँ-बेटी पर प्राणघातक हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अधिक रक्तस्राव होने के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
2. आरोपी की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिवम ने खुद पर भी वार किए और अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने माँ-बेटी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, लहूलुहान हालत में मिले आरोपी को तुरंत संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
3. हत्या की वजह अब भी अनसुलझी
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी ने इस खौफनाक कदम को क्यों उठाया। पुलिस पड़ोसियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके।
दाऊद गैंग से जुड़ा सलीम डोला दिल्ली से मुंबई शिफ्ट, NCB करेगी सुपुर्द
29 Apr, 2026 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग्स सिंडिकेट को संभालने वाले बेहद करीबी गुर्गे सलीम डोला को बुधवार (29 अप्रैल) को मुंबई लाया जा रहा है। तुर्किये के इस्तांबुल में एक बड़े गुप्त ऑपरेशन के जरिए हिरासत में लिए गए डोला को लेकर भारतीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है।
दिल्ली में शुरुआती पूछताछ पूरी
मंगलवार (28 अप्रैल) की सुबह सलीम डोला को एक विशेष विमान से दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लाया गया था। वहां केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीमों ने उससे गहन पूछताछ की। शुरुआती जांच के बाद अब एनसीबी उसे मुंबई लेकर आएगी, जिसके बाद उसे आगे की तफ्तीश के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच खंगालेगी ड्रग्स कनेक्शन
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सलीम डोला को कस्टडी में लेने की पूरी तैयारी कर ली है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन मामलों में डोला से जवाब मांगेगी:
सांगली, मैसूर और तेलंगाना ड्रग्स फैक्ट्रियां: इन तीनों राज्यों में पकड़ी गई अवैध ड्रग्स फैक्ट्रियों का मुख्य मास्टरमाइंड सलीम डोला को माना जा रहा है।
सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई: डोला पर आरोप है कि वह विदेश में बैठकर भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता था और उसके इशारे पर ही देशभर में नशीले पदार्थों का काला कारोबार चल रहा था।
रेड नोटिस और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सलीम डोला मूल रूप से मुंबई का निवासी है और लंबे समय से देश छोड़कर फरार था। वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
इंटरपोल का एक्शन: मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने डोला के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था।
संयुक्त ऑपरेशन: इस्तांबुल में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के एक साझा ऑपरेशन के बाद उसे दबोच लिया गया।
एनसीबी ने कोर्ट को सूचित किया है कि चूंकि सलीम डोला के खिलाफ मुख्य मामले मुंबई में दर्ज हैं, इसलिए उसे वहां ले जाना अनिवार्य है। डोला की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भारत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। अब पुलिस की कोशिश डोला के जरिए भारत में मौजूद उसके अन्य मददगारों और ठिकानों का पता लगाने की होगी।
जलगांव में बारात की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, दुल्हन समेत तीन की जान गई
29 Apr, 2026 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। जलगांव जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना की खबर सामने आई है। जिस घर में कुछ ही घंटों पहले विवाह की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम छा गया है। जलगांव की धरणगांव तहसील के वराड खुर्द गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में नवविवाहित दुल्हन सहित तीन लोगों की जान चली गई।
विदाई के बाद घर पहुंचने से पहले हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब गुजरात में शादी की रस्में पूरी होने के बाद बारात वापस महाराष्ट्र के अकोला लौट रही थी। पुलिस के अनुसार, बारात लेकर जा रही तेज रफ्तार क्रूजर गाड़ी जैसे ही वराड खुर्द गांव के पास पहुंची, अचानक उसका अगला टायर धमाके के साथ फट गया।
टायर फटने से गाड़ी का पहिया निकल गया और चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। बेकाबू क्रूजर सीधे हाईवे किनारे खड़े एक गैस टैंकर से जा टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।
हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
इस दुर्घटना ने खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
पूजा रवि वाघलकर (नई नवेली दुल्हन)
दत्तू भागवत
जगदीश वाघलकर
अकोला स्थित दुल्हन के ससुराल में जहां गृह प्रवेश की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
कई लोग घायल, बच्चे की हालत गंभीर
हादसे के वक्त क्रूजर में सवार छह अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में एक छोटा बच्चा भी शामिल है, जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव से बनाई दूरी, पार्टी ने दूसरे चेहरे पर जताया भरोसा
29 Apr, 2026 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने घोषणा की कि उद्धव ठाकरे के स्थान पर अंबादास दानवे महाविकास अघाड़ी (MVA) के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। दानवे गुरुवार, 30 अप्रैल को सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
उद्धव ठाकरे के चुनाव लड़ने पर लगा विराम
पिछले काफी समय से चर्चा थी कि उद्धव ठाकरे स्वयं विधान परिषद का चुनाव लड़ सकते हैं। शरद पवार गुट और कांग्रेस ने भी उनके नाम का समर्थन किया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस (SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी उनसे चुनाव मैदान में उतरने का आग्रह किया था। हालांकि, अब अंबादास दानवे के नाम की घोषणा के साथ ही इन कयासों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
संजय राउत ने दी आधिकारिक जानकारी
सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
"अंबादास दानवे विधानसभा के लिए शिवसेना यानी महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार होंगे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनके नाम की घोषणा की है और वे कल सुबह 11 बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगे।"
सीटों का गणित और समीकरण
महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें 9 नियमित और 1 उपचुनाव की सीट शामिल है। वर्तमान विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर एक सीट के लिए 28 वोटों का कोटा जरूरी है। इस गणित के अनुसार:
भाजपा: 6 सीटें जीत सकती है।
शिवसेना (शिंदे गुट): 2 सीटें।
एनसीपी (अजित पवार गुट): 1 सीट।
महाविकास अघाड़ी (MVA): 1 सीट।
12 मई को होगा फैसला
महाराष्ट्र विधान परिषद की इन 10 सीटों के लिए मतदान 12 मई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। अंबादास दानवे, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था, अब एक बार फिर परिषद में अपनी जगह बनाने के लिए मैदान में हैं।
दिन का तापमान 45 डिग्री के आसपास, गर्म हवाओं का प्रकोप
28 Apr, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में सूर्य का सितम: नागपुर में 10 दिनों में 13 मौतें, विदर्भ में पारा 45 डिग्री के पार
महाराष्ट्र वर्तमान में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की प्रचंड चपेट में है। राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है।
नागपुर में बढ़ता मौतों का आंकड़ा
विदर्भ के नागपुर जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर 13 लोगों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इन मौतों को लू और हीटस्ट्रोक से जोड़कर देखा जा रहा है।
अस्पतालों की रिपोर्ट: नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMCH) में 8 और मेयो अस्पताल (IGGMCH) में 5 मौतें दर्ज की गई हैं।
प्रभावित वर्ग: जान गंवाने वाले अधिकांश लोग 32 से 55 वर्ष की आयु के थे। इनमें मुख्य रूप से सड़क किनारे रहने वाले और सिग्नलों पर सामान बेचने वाले मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं।
मेडिकल जांच: हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौत की मुख्य वजह लू ही थी, लेकिन अत्यधिक गर्मी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
तापमान का रिकॉर्ड: भट्टी की तरह तप रहा विदर्भ
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में पारा सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है:
अधिकतम तापमान: 44 से 45.5 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम तापमान: 27 से 29 डिग्री सेल्सियस। दिन भर चलने वाले गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
अन्य इलाकों की स्थिति
मुंबई और कोंकण: यहाँ तापमान विदर्भ के मुकाबले थोड़ा कम (34.5°C) है, लेकिन हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को बीमार कर रही है।
अलर्ट वाले जिले: मौसम विभाग (IMD) ने धुले, नंदुरबार, नासिक और जलगांव में आगामी दिनों के लिए हीटवेव का अनुमान जताया है।
प्रशासन की सलाह और बचाव के उपाय
अस्पतालों की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
दोपहर में बचाव: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।
सही पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को रुमाल या टोपी से ढंकें।
तरल पदार्थ: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच, परिजनों से पूछताछ जारी
28 Apr, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पायधुनी। मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत ने सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में जहां इस त्रासदी को तरबूज खाने से जुड़ी 'फूड पॉइजनिंग' माना जा रहा था, वहीं अब पुलिस की जांच किसी नए मोड़ की ओर इशारा कर रही है।
विक्रेता से पूछताछ: कोई संदिग्ध सुराग नहीं
पुलिस ने उस फल विक्रेता से लंबी पूछताछ की है, जिससे परिवार ने तरबूज खरीदा था। हालांकि, जांच में विक्रेता के खिलाफ कोई ठोस सबूत या संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि उस दुकान से उसी दिन कई अन्य लोगों ने भी फल खरीदे थे, लेकिन पूरे इलाके में फूड पॉइजनिंग का कोई दूसरा मामला सामने नहीं आया है।
जांच में आए नए मोड़
जांच अधिकारी अब इस मामले को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, क्योंकि केवल एक ही परिवार का प्रभावित होना कई सवाल खड़े करता है:
विशिष्ट विषाक्तता: क्या तरबूज के अलावा परिवार ने कुछ और खाया था?
मिलावट का संदेह: क्या यह मामला खाद्य विषाक्तता का है या इसमें किसी तरह की बाहरी मिलावट शामिल है?
स्थानीय प्रभाव: पायधुनी की घाटी गली में इस घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं, लेकिन किसी अन्य पड़ोसी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।
पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं:
विसरा सैंपल: मृतकों के विसरा को सुरक्षित कर 'केमिकल एनालिसिस' (रासायनिक विश्लेषण) के लिए लैब भेज दिया गया है।
मेडिकल रिपोर्ट: अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह केवल पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और लैब के नतीजों से ही साफ हो पाएगी।
दहशत का माहौल
पायधुनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में एक साथ चार लोगों की मौत ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों को चिंता में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि वे हर संभावित पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, सभी की नजरें फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस केस में निर्णायक साबित होगी।
बयान देने वालों पर साधा निशाना, भाषा की मर्यादा की दी नसीहत
28 Apr, 2026 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजस्थान की सियासत में उबाल: पायलट पर बीजेपी प्रभारी के तंज के बाद अशोक गहलोत का बचाव में पलटवार
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस विधायक सचिन पायलट की निष्ठा पर सवाल उठाने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके समर्थन में उतर आए हैं।
बीजेपी प्रभारी का विवादित बयान
टोंक में एक कार्यक्रम के दौरान राधा मोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और। उन्होंने बिना नाम लिए पायलट को 'धोखेबाज' तक कह दिया और उनके बाहरी होने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वह राजस्थान के मूल निवासी नहीं हैं।
अशोक गहलोत का करारा जवाब
बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि पायलट कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। गहलोत ने कहा:
निष्ठा पर कोई संदेह नहीं: सचिन पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और भविष्य में भी पार्टी में ही बने रहेंगे।
अनुभव से मिली सीख: गहलोत ने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए कहा कि पायलट ने अपनी पिछली गलतियों से सबक लिया है और अब वे अधिक परिपक्वता व समझदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
बीजेपी पर निशाना: गहलोत ने 2021 के संकट को याद करते हुए आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी उनकी सरकार गिराने की पुरजोर कोशिश कर रही थी।
कांग्रेस ने माँगी माफी: डोटासरा का रुख
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी प्रभारी की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है। डोटासरा के मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:
मर्यादा का उल्लंघन: राजनीति में वैचारिक मतभेद होना सामान्य है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी करना राजनीतिक शुचिता के खिलाफ है।
माफी की मांग: डोटासरा ने कहा कि इस तरह के बयान बीजेपी की गिरती सियासी संस्कृति का परिचायक हैं। उन्होंने मांग की है कि राधा मोहन दास अग्रवाल अपने शब्दों के लिए माफी मांगें।
एक को बचाने उतरे दो और मजदूर, जहरीली गैस से तीनों की गई जान
27 Apr, 2026 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। पुणे में एक बार फिर ड्रेनेज टैंक (सीवेज टैंक) की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहाँ टैंक की सफाई करने उतरे एक मजदूर की जान बचाने के चक्कर में दो अन्य मजदूर भी काल के गाल में समा गए। जहरीली गैस के रिसाव के कारण तीनों मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई।
पुणे: ड्रेनेज टैंक की सफाई के दौरान हादसा, तीन मजदूरों की जहरीली गैस से मौत
पुणे: शहर में ड्रेनेज लाइन और टैंकों की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। इस ताजा घटना में तीन मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह हादसा उस समय हुआ जब टैंक के भीतर जमी गंदगी और जहरीली गैस के कारण एक मजदूर बेहोश हो गया, और उसे बचाने के प्रयास में उतरे दो अन्य साथी भी वापस नहीं आ सके।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा पुणे के एक आवासीय इलाके में स्थित ड्रेनेज टैंक की सफाई के दौरान हुआ।
शुरुआत: सबसे पहले एक मजदूर टैंक के भीतर उतरा था, लेकिन कुछ ही देर में जहरीली गैस के प्रभाव से उसका दम घुटने लगा और वह अंदर ही फंस गया।
बचाने की कोशिश: अपने साथी को मुसीबत में देख, बाहर मौजूद दो अन्य मजदूर उसे बचाने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के एक-एक कर टैंक में उतर गए।
दुखद अंत: टैंक के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी और मीथेन जैसी जहरीली गैसों का दबाव इतना अधिक था कि तीनों ही मजदूर बेहोश हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को टैंक से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ड्रेनेज सफाई के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
बिना उपकरण सफाई: क्या मजदूरों को सुरक्षा किट, मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए थे?
प्रतिबंध का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा 'मैनुअल स्कैवेंजिंग' (हाथ से मैला ढोने या सफाई करने) पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद, मजदूरों को टैंक के भीतर क्यों उतारा गया?
लापरवाही: इस कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार या हाउसिंग सोसाइटी पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने इस मामले में लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि ड्रेनेज या सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए केवल आधुनिक मशीनों का ही उपयोग किया जाए और इंसानों को सीधे टैंक में न उतारा जाए।
जानलेवा गर्मी बनी आफत, हीटस्ट्रोक से मासूम समेत कई की गई जान
27 Apr, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में अप्रैल की गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा तक पूरा राज्य भीषण लू (Heatwave) की चपेट में है। गर्मी का आलम यह है कि कई जिलों में तापमान ने पिछले 5 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस तपती गर्मी के बीच लातूर जिले से दो लोगों की मौत की दुखद खबर सामने आई है।
हृदयविदारक: टीन की छत के नीचे मासूम ने तोड़ा दम
लातूर जिले के गोंद्री गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 9 महीने की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई।
घटना का कारण: बच्ची कम ऊंचाई वाले टीन के घर में लगे झूले में सो रही थी। दोपहर की चिलचिलाती गर्मी और टीन की छत की तपिश के कारण घर के भीतर उमस असहनीय हो गई।
दुखद अंत: तेज प्यास और गर्मी से बच्ची का गला सूख गया और उसकी मौत हो गई। जब तक मां काम से वापस आई, मासूम दम तोड़ चुकी थी।
खेत में काम करते समय किसान की गई जान
लातूर के ही निलंगा इलाके में 60 वर्षीय किसान लक्ष्मण दादाराव भंडारे की लू लगने से मृत्यु हो गई। वह 42.8 डिग्री तापमान में अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक चक्कर आने से गिर पड़े। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। राज्य में हीट स्ट्रोक से यह तीसरी मौत दर्ज की गई है।
अकोला में 5 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 46.9°C पार
विदर्भ के अकोला में रविवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। यहाँ तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में अप्रैल का सर्वाधिक स्तर है। अन्य शहरों की स्थिति भी चिंताजनक है:
अमरावती: 46.8°C
वर्धा: 46.4°C
यवतमाल: 46.0°C
नागपुर/चंद्रपुर: 44 से 45°C
मराठवाड़ा के परभणी और सोलापुर जैसे जिलों में भी पारा 43 डिग्री के पार बना हुआ है। वहीं, मुंबई और कोंकण क्षेत्र में तापमान भले ही कम हो, लेकिन भारी नमी (Humidity) ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और राहत की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में बनी प्रतिचक्रवाती स्थिति (Anticyclonic condition) के कारण तापमान में यह उछाल आया है।
अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने अकोला, अमरावती और वर्धा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं नागपुर, चंद्रपुर और बुलढाणा के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है।
राहत कब?: अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों में लू का असर थोड़ा कम होगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
मराठी जानना जरूरी या नहीं? ऑटो परमिट पर सरकार ने रोका फैसला
27 Apr, 2026 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता वाले अपने पिछले फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। नए अपडेट के अनुसार, 1 मई से लागू होने वाला यह नियम अब अगले 6 महीनों तक प्रभावी नहीं होगा। सरकार के इस कदम को बढ़ते विरोध और राजनीतिक बहस के बीच एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या था सरकार का फैसला?
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पहले घोषणा की थी कि मुंबई में ऑटो रिक्शा का परमिट केवल उन्हीं चालकों को आवंटित किया जाएगा, जिन्हें मराठी भाषा बोलना और पढ़ना आता हो। सरकार का तर्क था कि इस कदम से स्थानीय भाषा और महाराष्ट्र की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस शर्त को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है।
यूनियनों का कड़ा विरोध और हड़ताल की चेतावनी
सरकार के इस फैसले का ऑटो रिक्शा यूनियनों ने पुरजोर विरोध किया है।
रोजगार पर संकट: यूनियनों का मानना है कि भाषा की शर्त थोपने से हजारों उन चालकों की आजीविका छिन सकती है जो गैर-मराठी भाषी हैं।
4 मई को चक्का जाम: विरोध स्वरूप यूनियनों ने 4 मई को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में बड़े पैमाने पर हड़ताल करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि परमिट देने का आधार भाषा नहीं, बल्कि चालक की योग्यता होनी चाहिए।
राजनीतिक घमासान और मनसे का रुख
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) इस फैसले के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।
स्टिकर अभियान: मनसे कार्यकर्ताओं ने ऑटो रिक्शाओं पर मराठी भाषा से संबंधित स्टिकर लगाने का अभियान शुरू कर दिया है।
पार्टी का स्टैंड: पार्टी का स्पष्ट कहना है कि महाराष्ट्र में रहने और काम करने वाले हर व्यक्ति को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए। जो लोग मराठी नहीं जानते, उन्हें इसे सीखने की कोशिश करनी चाहिए।
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