महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में कड़ाके की ठंड, अगले तीन दिन शुष्क रहेगा मौसम
20 Nov, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में पिछले एक हफ्ते से ठंड बढ़ी है. इस साल नवंबर महीने में मुंबई के लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार सुबह सांताक्रूज वेधशाला में 16.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. यह पिछले 11 सालों में सबसे कम तापमान है. इस साल नवंबर महीने की गुरुवार की सुबह पिछले दस सालों की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई है.
मुंबई में तापमान ने 11 नवंबर 2016 के न्यूनतम तापमान को तोड़ दिया है. इस दौरान औसत तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया. इस न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट आई है.
सिर्फ मुंबई ही नहीं, बदलापुर जैसे उपनगरों में भी पारा 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था. इस वजह से बदलापुर में महाबलेश्वर जितनी ठंड थी. मुंबई में ठंड बढ़ने के कारण आज सुबह से ही कोहरा छाया हुआ था. हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है और AQI 170 तक पहुंच गया है.
महाराष्ट्र में कहां है कितना तापमान?
स्थान न्यूनतम तापमान (∘C)
सांताक्रूज 16.2 (11 सालों में सबसे कम)
कोलाबा 21.6
बदलापुर 11.0
पुणे 9.4
मक्खन काला 6.9 (राज्य में सबसे कम तापमान)
ठंड बढ़ने का क्या कारण है?
इस साल नवंबर में ही ठंड बढ़ने के कई कारण सामने आए हैं. फिलहाल मध्य और उत्तर भारत से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण ठंड बढ़ी है. जैसे-जैसे उत्तर भारत में ठंड बढ़ी है, ये ठंडी हवाएं महाराष्ट्र में प्रवेश कर रही है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों के प्रभाव से वायुमंडल में जलवाष्प की कमी बढ़ गई है, जिसके कारण शीत लहर जैसी स्थिति बन गई है. इसके साथ ही मानसून की वापसी यात्रा पूरी होने से वायुमंडल में बदलाव साफ दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण ठंड ने जल्दी दस्तक दे दी है.
जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष ला नीना मौसम प्रक्रिया अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. जब ला नीना सक्रिय होता है, तो तापमान में गिरावट आती है और इस वर्ष सामान्य से अधिक ठंड पड़ने की संभावना है.
जानें अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा जिलों में ज्यादातर धूप वाला मौसम रहने की संभावना है.
22 नवंबर को दक्षिण कोंकण-गोवा और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है और बाकी इलाके में ज्यादातर धूप वाला मौसम रहने की संभावना है.
23 नवंबर को दक्षिण कोंकण-गोवा और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
किसानों की आत्महत्या का दर्दनाक सच...10 महीनों में 899 जानें, जानिए क्या है इसके पीछे के कारण?
18 Nov, 2025 07:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जनवरी से अक्तूबर महीने के बीच महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के 899 किसानों ने आत्महत्या की है। ये आंकड़े छत्रपति संभाजीनगर के संभागीय आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी किए गए हैं।
बाढ़ और बारिश के 6 महीनों में 537 मौतें
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इन 899 किसान आत्महत्याओं में से 537 मौतें केवल मई से अक्तूबर के बीच हुई हैं। ये वही महीने है जब इस क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ ने फसलों को बड़े पैमाने पर बर्बाद कर दिया था। सबसे अधिक आत्महत्या के मामले बीड और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में दर्ज किए गए हैं।
किस जिले में कितने किसानों ने दी जान?
मई से अक्तूबर के बीच बाढ़ ने मराठवाड़ा की कृषि अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया। इसी अवधि में बीड जिले के 108 किसानों ने आत्महत्या की। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर के 112, नांदेड़ के 90, धाराशिव के 70, लातूर के 47, परभणी के 45, हिंगोली के 33 और जालना के 32 किसानों ने आत्महत्या की।
किसान आत्महत्या पर सरकार गंभीर
महाराष्ट्र के कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल के अनुसार, सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसानों से जुड़ीं योजनाओं पर खर्च को बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने मराठवाड़ा के प्रभावित किसानों के लिए लगभग 32 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे के पैकेज की भी घोषणा की है।
किसानों को मामूली मुआवजा
किसान नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने इन आत्महत्याओं पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश और बाढ़ ने किसानों का मनोबल तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसलों के नुकसान के लिए मामूली मुआवजा मिला है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया, एक केला किसान का सौदा एक व्यापारी से 25,000 रुपये प्रति टन के हिसाब से लगभग 100 टन की फसल के लिए हुआ था। लेकिन जब बाढ़ में उसकी पूरी फ़सल बह गई, तो उसे मुआवजे के तौर पर सिर्फ 25,000 रुपये मिले।
किसानों के लिए काम करने वाली संस्था शिवर हेल्पलाइन के संस्थापक विनायक हेगना ने सरकार से एक रणनीतिक और लंबे समय तक काम करने वाली आपदा प्रबंधन योजना लागू करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को जलवायु परिवर्तन के पैटर्न को पहचानना चाहिए और कोविड-19 महामारी की तरह एक टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए, जो स्थानीय स्तर पर किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान कर सके।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में नवाब मलिक पर आज कसेगा शिकंजा, PMLA कोर्ट में आरोप तय होने की उम्मीद
18 Nov, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक के लिए आज का दिन अहम साबित हो सकता है. मंगलवार को विशेष PMLA कोर्ट फरवरी 2022 में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मलिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आरोप तय होने के दौरान आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य होगी. मलिक फिलहाल जमानत पर हैं, लेकिन उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश होना होगा.
वहीं, कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मलिक की कंपनी, मलिक इंफ्रास्ट्रक्चर, की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी. कंपनी ने तर्क दिया कि ईडी का मामला केवल अनुमान और कल्पना पर आधारित है और कथित लेनदेन के समय कंपनी अस्तित्व में नहीं थी. हालांकि, विशेष न्यायाधीश सत्यनारायण आर. नवंदर ने माना कि प्रथम दृष्टया सबूत रिकॉर्ड में मौजूद हैं. कोर्ट ने कहा कि नवाब मलिक ने डी-कंपनी से जुड़े व्यक्तियों – हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को वैध बनाने में भूमिका निभाई. यह संपत्ति अपराध की आय के दायरे में आती है.
हाई कोर्ट में याचिका लंबित
नवाब मलिक ने कोर्ट से आरोप तय करने की प्रक्रिया छह सप्ताह के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया, क्योंकि उनकी आपराधिक रिट याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है. उनके वकील तारक सईद ने आरोप लगाया कि ईडी ने कुछ जब्त किए गए दस्तावेज छिपाए हैं जो उनके बचाव के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं. लेकिन अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया.
हाई कोर्ट से आदेश नहीं हुआ प्राप्त
विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंजाल्विस ने कहा कि हाई कोर्ट से कोई स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए कार्यवाही रोकी नहीं जा सकती. कोर्ट ने भी अभियोजन पक्ष से सहमति जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सांसदों-विधायकों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए. स्थगन आदेश के बिना मुकदमों को आगे बढ़ने से नहीं रोका जा सकता.
कुर्ला में बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा
वहीं ईडी के अनुसार, नवाब मलिक ने मुंबई के कुर्ला में लगभग 3 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया. जमीन हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया. इस पूरे लेन-देन में दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का नाम शामिल है. कुल ₹16 करोड़ की संपत्ति को “अपराध की कमाई” बताया गया है. यह मामला 2022 से लंबित है.
फरवरी 2022 में हुए थे गिरफ़्तार
ईडी ने नवाब मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ़्तार किया था. एजेंसी ने उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा 3, 4 और 70 के तहत मामला दर्ज किया था. मई 2022 में, कोर्ट ने मलिक, दो व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की. याचिका लंबित होने के कारण मुकदमे की प्रक्रिया रुकी हुई थी. अब, आरोप तय होने के बाद, मुकदमा आगे बढ़ेगा और मामला अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ेगा.
पुणे से गिरफ्तार इंजीनियर के अल-कायदा लिंक की जांच, एटीएस ने टीचर से की पूछताछ
12 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के पुणे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को गिरफ्तार किया गया है। इंजीनियर को अल-कायदा और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में जांच के दौरान ठाणे के एक शिक्षक से पूछताछ की गई है।
दरअसल, गिरफ्तार इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर ने ठाणे जिले के मुंब्रा स्थित शिक्षक के घर का इस्तेमाल एक बैठक के लिए किया था। इसी सिलिसले में एटीएस अधिकारियों ने मंगलवार को शिक्षक के घर का दौरा किया और हंगरगेकर तथा उनकी बैठक के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस मामले में न तो आरोपी है और न ही गवाह।
घर की तलाशी के दौरान मिली ये चीजें
एटीएस ने इस महीने की शुरुआत में पुणे की एक अदालत को बताया था कि हंगरगेकर कथित तौर पर शहर के कोंढवा इलाके में "आक्रामक" तरीके से धार्मिक प्रवचन देता था। एटीएस ने बताया कि घर की तलाशी के दौरान, एटीएस ने मोबाइल फोन जब्त किए जिनमें 'अल कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) एंड ऑल इट्स मैनिफेस्टेशंस' शीर्षक वाली डिलीट की गई पीडीएफ फाइलें थीं।
27 अक्टूबर को किया गया गिरफ्तार
गौरतलब है कि जुबैर हंगरगेकर को 27 अक्टूबर को अल-कायदा और भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों से कथित संबंधों और कट्टरपंथी गतिविधियों में उसकी संदिग्ध संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान, एटीएस को उसके पुराने फोन में एक पाकिस्तानी संपर्क नंबर सेव मिला था।
पांच अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर
एटीएस ने यह भी बताया कि तलाशी के दौरान, एक व्यक्ति के पास से हंगरगेकर का एक पुराना फोन बरामद हुआ। फोन की संपर्क सूची की जांच के दौरान, पांच अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर सेव पाए गए, जिनमें एक पाकिस्तान का, दो सऊदी अरब का और एक-एक कुवैत व ओमान का था। हालांकि, एटीएस ने बताया कि फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड में इन सेव किए गए नंबरों पर कोई कॉल नहीं दिखाई देती।
ओसामा बिन लादेन का भाषण
एटीएस ने जांच के दौरान ईद-उल-फितर पर अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन द्वारा दिए गए भाषण का उर्दू अनुवाद भी बरामद किया। इसके अलावा, 'इंस्पायर' नामक एक पत्रिका मिली, जिसमें ओएसजी गन स्कूल में एके-47 प्रशिक्षण की तस्वीरें और ओएसजी बम स्कूल से एसीटोन पेरोक्साइड का उपयोग करके आईईडी बनाने की प्रक्रिया का विवरण देने वाले दस्तावेज थे।
राहुल गांधी का पार्थ पवार पर तंज – ‘एक तो लूट, उस पर कानूनी मुहर में भी छूट!’
7 Nov, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के पुणे में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी से जुड़े कथित जमीन घोटाले ने तूल पकड़ लिया है. विपक्ष इस मामले को लेकर उन्हें घेर रहा है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी हमला बोला है. उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में ₹1800 करोड़ की सरकारी जमीन, जो दलितों के लिए आरक्षित थी, सिर्फ ₹300 करोड़ में मंत्री जी के बेटे की कंपनी को बेच दी गई. ऊपर से स्टांप ड्यूटी भी हटा दी गई. मतलब एक तो लूट और उसपर कानूनी मुहर में भी छूट!
राहुल गांधी यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा, ये है जमीन चोरी, उस सरकार की, जो खुद वोट चोरी से बनी है. उन्हें पता है चाहे जितना भी लूटें वोट चोरी कर फिर सत्ता में लौट आएंगे. न लोकतंत्र की परवाह, न जनता की, न दलितों के अधिकार की. मोदी जी, आपकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है. क्या आप इसीलिए खामोश हैं क्योंकि आपकी सरकार उन्हीं लुटेरों पर टिकी है जो दलितों और वंचितों का हक हड़पते हैं?
बढ़ने वाली हैं पार्थ पवार की मुश्किलें?
राहुल गांधी के इस हमले के बीच बड़ी जानकारी सामने आ रही है. सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कंपनी के कानूनी अधिकार के रूप में दिग्विजय पाटिल पर मामला दर्ज किया गया है, लेकिन आगे की जांच में मुख्य कंपनी में पद पर रहे पार्थ पवार पर भी मामला दर्ज होने की संभावना है.
…तो FIR में जोड़ा जा सकता है नाम
सूत्रों का कहना है कि पार्थ पवार ने जिस कंपनी के माध्यम से सरकारी जमीन खरीदी, उस कंपनी में वे पद पर थे. इसलिए पार्थ पवार पर भी मामला दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है. जांच में पार्थ पवार का नाम सामने आने पर एफआईआर में उनका नाम जोड़ा जा सकता है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. साथ ही अतिरिक्त चार्जशीट में भी नाम हो सकता है. अभी पुणे जमीन घोटाले में 2 अलग-अलग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है.
भिवंडी की डाइंग यूनिट में हादसे से हड़कंप, सुरक्षा सवालों के घेरे में
7 Nov, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के भिवंडी के औद्योगिक क्षेत्र शरावली में शुक्रवार सुबह एक कंपनी में भीषण आग लग गई. कंपनी में कपड़ों की डाइंग (रंगाई) का काम किया जाता था, जिसके चलते वहां बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ और ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिससे आग तेजी से फैल गई. इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
जानकारी के मुताबिक, मंगल मूर्ति Knit Dyeing कंपनी में यह हादसा सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर हुआ. हादसे की सूचना मिलते ही कोनगांव पुलिस स्टेशन से एक टीम मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं.
कंपनी में कपड़ों की रंगाई का काम होता था
फायर ब्रिगेड के नितिन लाड के अनुसार, आग भीषण लगी है और अभी तक इसके कारणों का पता नहीं चल सका है. माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के चलते भड़की होगी. चूंकि कंपनी में कपड़ों की रंगाई और धुलाई का काम होता था, इसलिए वहां रखे केमिकल्स, डाई ने आग को और फैलने में मदद की.
अधिकारियों के मुताबिक, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है. कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. हालांकि आग ने पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. कंपनी परिसर से उठता हुआ धुआं दूर-दूर तक देखा जा सकता है.
इलाके में लोगों के आने-जाने पर रोक
अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके पर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. आसपास के अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क कर दिया गया है. स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोक दी है. कंपनी से जुड़े लोगों के मुताबिक, आग बुझने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकता है.
BMC की नई योजना से मुंबईवासियों को घर खरीदने का अवसर, अंधेरी और अन्य इलाकों में बिक्री की पूरी जानकारी
4 Oct, 2025 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबईः कमाई के नए स्रोत खोजने के लिए परेशान बीएमसी को नया रास्ता मिल गया है। नए डिवेलपमेंट प्लान (डीपी) के अनुसार, बड़े प्लॉट पर बिल्डरों से मिलने वाले घरों को लॉटरी के जरिए बिक्री करने से बीएमसी को कमाई होगी। बीएमसी जल्द ही 184 घरों के लिए लॉटरी निकालने की प्रक्रिया शुरू करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन घरों की बिक्री से करीब 150 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। बीएमसी रेडी रेकनर घरों से कुछ अतिरिक्त कीमत पर ही इन घरों की बिक्री करेगी। फिलहाल, बीएमसी को करीब 110 घरों का पजिशन मिल चुका है, बाकी घरों का भी जल्द ही पजिशन मिलेगा। गौरतलब है कि नए डिवेलपमेंट प्लान के मुताबिक, 4000 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़े प्लॉट पर निर्माण करते समय बीएमसी को 20 प्रतिशत घरों अत्यल्प और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बनाकर देना अनिवार्य होता है।
कहां-कहां होगे घर ?
बीएमसी को बिल्डरों से यह घर कांजुरमार्ग, भायखला, बोरिवली, अंधेरी के इलाकों में मिलेंगे। 2018 में नए डिवेलपमेंट प्लान (डीपी) की मंजूरी के बाद के बाद मंजूर हुए यह प्लॉट में बिल्डिंग अब बनकर तैयार हो गई हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, मुंबई में सभी को घर देने का सपना पूरा करने के उद्देश्य से हम यह पहल कर रहे हैं। आने वाले कुछ महीनों में हमें 300-400 घर और मिलेंगे। जिसे फिर हम फिर लॉटरी के माध्यम से ही जनता को देंगे।
कैसे निकाली जाएगी घरों की लॉटरी ?
बीएमसी ने लॉटरी के माध्यम से घरों की बिक्री के लिए म्हाडा की तर्ज पर ही प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया है। एक अधिकारी के मुताबिक, बीएमसी भी म्हाडा की ही तर्ज पर लॉटरी के लिए रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजी कार्रवाई पूरी करेगी। जिसके बाद लॉटरी निकलेगी। एक अधिकारी के मुताबिक, हम इन घरों की लॉटरी निकालने के लिए म्हाडा के संपर्क करने का भी विचार कर रहे हैं। म्हाडा के पास लॉटरी निकालने का पूरी व्यवस्था है, जबकि हमारे पास इसे नए सिरे से विकसित करना होगा।
पैसों की जरूरत
बीएमसी ने पिछले कुछ साल में कई नए इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट की योजना बनाई है। वर्तमान में बीएमसी के पास करीब 70,000 करोड़ रुपये ही जमा है। जानकारों का कहना है कि इन प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने में 2 लाख करोड़ से ज्यादा का खर्च अनुमानित है। इसीलिए, बीएमसी को पैसों की जरूरत है। इसी सिलसिले में बीएमसी हर हाल में अपनी आय बढ़ाने के नए स्रोत खोजने में जुटी है।
दो जजों इरफान शेख और धनंजय निकम को बॉम्बे हाई कोर्ट ने किया बर्खास्त, न्यायपालिका में मचा राजनीतिक और कानूनी हंगामा
4 Oct, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने कदाचार और न्यायपालिका के अधिकारियों के अनुरूप आचरण न करने के आरोप में निचली अदालत के दो जजों को बर्खास्त कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धनंजय निकम और दीवानी न्यायाधीश इरफान शेख को बर्खास्त करने का फैसला एक अनुशासन समिति की जांच के बाद लिया गया। निकम पर रिश्वतखोरी का आरोप है और एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई करने वाले शेख पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने एवं जांच के दौरान जब्त किए गए नशीले पदार्थों का दुरुपयोग करने का आरोप है। इरफान शेख के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर एक याचिका अब भी लंबित है। हाई कोर्ट ने दोनों को बर्खास्त करने का शुक्रवार को आदेश दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत देने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सातारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकम के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
हाई कोर्ट खारिज की याचिका
धनंजय निकम ने जनवरी में अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि वह निर्दोष हैं एवं उन्हें मामले में फंसाया गया है। हाई कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से मार्च में इनकार कर दिया था।
क्या है पूरा मामला
एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में उसके पिता को न्यायिक हिरासत में रखा गया है। महिला ने बताया कि उसके पिता को जमानत देने से निचली अदालत के इनकार के बाद उसने सातारा सत्र न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी और धनंजय निकम ने याचिका पर सुनवाई की थी। एसीबी ने आरोप लगाया है कि धनंजय निकम के कहने पर मुंबई निवासी किशोर संभाजी खरात और सातारा निवासी आनंद मोहन खरात ने जमानत मंजूर करने के लिए महिला से पांच लाख रुपये मांगे थे। जांच एजेंसी ने दावा किया कि 3 से 9 दिसंबर 2024 के बीच की गई उसकी जांच के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। एसीबी ने निकम, संभाजी खरात एवं मोहन खरात और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
मुंबई धारावी में 3 दिन का व्लॉग, लोगों ने देखा तो सोशल मीडिया पर मचा बवाल, कहा- पाकिस्तानी एजेंट
4 Oct, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : भारत विदेशियों के लिए सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक बना हुआ है, जहां कई लोग देश भर में अपने अनुभवों को दर्ज करते हैं। हाल के वर्षों में, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया सहित कई अंतरराष्ट्रीय YouTubers को नागरिक मुद्दों, प्रदूषण और महिला सुरक्षा पर टिप्पणी करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल ही में एक ऑस्ट्रेलियाई यात्री ने मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती की खोज करते हुए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। पीट ज़ोगुलस ने धारावी को भारत की सबसे ख़तरनाक झुग्गी बस्ती बताया। वह यहां तीन दिनों तक रहे। वायरल वीडियो में, वह धारावी की संकरी गलियों से गुज़रते हैं और अपनी भारतीय दोस्त आयुषी से मिलवाते हैं। दोनों एक स्थानीय घर में प्रवेश करते हैं। निवासियों का अभिवादन करते हैं और अंततः रात बिताने के लिए एक बिस्तर पर लेट जाते हैं।
भड़के सोशल मीडिया यूजर्स
YouTube क्लिप में वे स्थानीय लोगों से बातचीत करते हैं। इलाके का पता लगाते हैं और दर्शकों को झुग्गी बस्ती के दैनिक जीवन की एक झलक दिखाते हैं। इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए, ज़ोगुलस ने लिखा, 'मैंने भारत की 'सबसे ख़तरनाक झुग्गी बस्ती' में जीवित रहने की कोशिश की।' जिसकी शुरुआत धारावी की संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों के दृश्यों से होती है।
शुरू हुई आलोचना
वह एक स्थानीय निवासी से मिले और पूछा कि क्या वह वहां रहती है। महिला ने उसे अंदर बुलाया और घर दिखाया। घर में एक छोटी सी रसोई और छोटे-छोटे रहने के इंतज़ाम दिखाए गए। फिर पीट एक बंक बेड पर चढ़ गया, जहां परिवारों के लिए जगह की कमी देखकर वह हैरान लग रहा था। इस वीडियो ने ऑनलाइन खूब सुर्खियां बटोरीं, कुछ यूज़र्स ने इसे शहरी गरीबी पर एक चौंकाने वाला दृश्य बताया, जबकि कुछ ने ऐसी परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के संघर्षों को सनसनीखेज बनाने के लिए इसकी आलोचना की।
लोगों ने कहा घटिया काम
वीडियो ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने लिखा, 'अरे बेवकूफ़, मेरा सुझाव है कि आप भारत के दूसरे पहलुओं को भी देखें। क्योंकि आपके ज़्यादातर हालिया वीडियो मुंबई के ग्रामीण इलाकों में ही दिखाए गए हैं। एक भारतीय होने के नाते, मुझे लगता है कि आपके दर्शकों का एक हिस्सा आपके द्वारा कवर किए गए किसी खास क्षेत्र के आधार पर पूरे देश का आकलन करेगा।' एक अन्य यूज़र ने टिप्पणी की, 'गरीब लोग, घटिया चुनाव, भारत में लद्दाख और ताजमहल जैसी कई अच्छी जगहें हैं, फिर भी वे यहां हैं'
किसी ने कहा पाकिस्तानी एजेंट
एक तीसरे यूज़र ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अगली बार सबसे महंगे भारतीय होटल में भी जाना और झुग्गियों से परेशान होना बंद करना। भारत सिर्फ़ यहीं तक सीमित नहीं है।' एक अन्य यूज़र ने कहा, 'वह पाकिस्तान का एजेंट हो सकता है और भारत को गरीब दिखाने की कोशिश कर रहा हो' एक कॉमेंट में लिखा था, 'बस एक सवाल, क्यों?' एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, 'सिर्फ़ व्यूज़ और पैसे के लिए। वे सिर्फ़ गरीब जगहों पर ही जाते हैं।' किसी ने लिखा, 'अगली बार जब आप कहीं जाएं, तो 100 डॉलर से ज़्यादा ले जाए।' कुछ लोगों ने कहा कि केवल कुछ हिस्सों को दिखाने से पूरे देश की भ्रामक छवि बन सकती है।
रामदास कदम ने किया सनसनीखेज दावा, बाल ठाकरे का शव मातोश्री में दो दिन रखा गया और थंब प्रिंट लिए गए
4 Oct, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: गोरेगांव में गुरुवार को दशहरा रैली में शिवसेना ( एकनाथ शिंदे) नेता रामदास कदम ने सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे के निधन के बाद उनका शव दो दिन तक उनके निवास स्थान 'मातोश्री' में रखा गया और उनके फिंगरप्रिंट लिए गए। कदम ने शुक्रवार को कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और आगे शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की कथित भूमिका पर और खुलासे करेंगे। कदम ने कहा कि मैंने रैली में जो कहा वह आवेश में था, लेकिन सच था । लोगों को जानना चाहिए कि उद्धव ठाकरे वास्तव में कैसे हैं। उन्होंने बालासाहेब के शरीर को दो दिन तक यातनाएं दीं। हम दोनों का नार्को टेस्ट हो और सच्चाई सामने आए। उन्होंने चुनौती दी कि उद्धव ठाकरे अपने बेटे के सिर पर हाथ रखकर कसम खाएं और बताएं कि क्या उन्होंने फिंगरप्रिंट लिए थे और उनका इस्तेमाल कैसे हुआ।
'शरद पवार को शव नहीं देखने 'दिया'
कदम ने यह भी कहा कि वह जल्द ही बाल ठाकरे की वसीयत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करेंगे। बकौल कदम 'मैं बताऊंगा कि वसीयत किसने बनाई, उस पर किसके हस्ताक्षर हुए।' उन्होंने यह दावा भी किया कि बाल ठाकरे के निधन के बाद जब एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार मातोश्री पहुंचे थे, तब उन्हें शव देखने नहीं दिया गया। मैं उस समय वहां मौजूद था। शरद पवार ने भी पूछा था कि बालासाहेब के शव को क्यों परेशान किया जा रहा है। तब उद्धव ने बताया कि उन्होंने उनके हाथों के निशान रखे हैं, उन्होंने आगे कहा कि मुझसे कहा गया था कि मैं बालासाहेब के निधन की घोषणा करूं। मैंने उद्धव ठाकरे से कहा कि बालसाहेब हमारे आराध्य हैं, उनके पेरों के निशान रखो। उन्होने कहा कि उन्होंने हाथों के निशान रखे हैं।
इस तरह टिप्पणी करना अमानवीयः सुप्रिया सुले
बाल ठाकरे का निधन 17 नवंबर 2012 को 86 वर्ष की आयु में हुआ था। 2022 में जब उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना का विभाजन किया, तो कदम उनके गुट में शामिल हो गए। कोकण से चार बार विधायक रह चुके कदम शिवसेना- बीजेपी सरकार में मंत्री भी रहे हैं। कदम के इस दावे पर शिवसेना (UBT) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सांसद संजय राऊत ने कहा, 'हम बालासाहेब की बीमारी के समय पूरे वक्त मातोश्री थे। किसी ने कदम के मुंह में गोबर भर दिया है, वही अब बाहर निकल रहा है। ऐसे बयान विश्वासघात हैं।' एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि राजनीति का स्तर इतना गिर गया है कि उसमें न संस्कृति बची है, न मानवता। किसी दिवंगत व्यक्ति और उनके परिवार पर इस तरह टिप्पणी करना अमानवीय है।
राजनीतिक तूफान: मनोज जरांगे ने पंकजा मुंडे, धनंजय और अजित पवार को चेताया, मुझसे पंगा न लेने की दी धमकी
4 Oct, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : मराठा आरक्षण का चेहरा बने मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र की कैबिनेट मंत्री पंकजा मुंडे और उनके चचेरे भाई पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक धनंजय मुंडे को चेतावनी दी है। मनोज जरांगे ने कहा, मुंडे बहन-भाई मुझसे पंगा न लें, वरना उनका राजनीतिक करियर खत्म कर देंगे। दशहरे के दिन पंकजा मुंडे ने बीड जिले के सावरगांव घाट पर एक रैली का आयोजन किया था। इस मौके पर पंकजा ने कहा, गोपीनाथ मुंडे ने मराठा आरक्षण का समर्थन किया था और हम भी इसके पक्ष में हैं, लेकिन इसे हमारी थाली से मत छीनिए। मेरा समुदाय आज भूख से जूझ रहा है। पंकजा के चचेरे भाई और अजित पवार की पार्टी के विधायक धनंजय मुंडे भी रैली में मौजूद थे। उन्होंने भी ओबीसी समुदाय के हिस्से से मराठों को आरक्षण दिए जाने का विरोध किया।
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया है जीआर
मनोज जरांगे ने कहा, 'मैं उन दोनों (पंकजा मुंडे और धनंजय मुंडे) को चेतावनी दे रहा हूं। छगन भुजबल की बात मत मानो और मुझसे पंगा मत लो। कोई तुम्हारा राजनीतिक करियर बचाने नहीं आएगा। समझदार बनो, अब भी समय है।’ महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने दो सितंबर को हैदराबाद गजेटियर को लागू करने के लिए एक शासनादेश (जीआर) जारी किया था, जिससे मराठा समुदाय के पात्र सदस्य कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे प्रमाण पत्र जारी होने के बाद मराठा ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा कर सकेंगे। यह जीआर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के मुंबई में 29 अगस्त से पांच दिन तक अनशन करने के बाद जारी किया गया था। हालांकि, इसे लेकर भुजबल समेत ओबीसी समुदाय के सदस्यों में नाराजगी फैल गई है, जो मराठों को ओबीसी श्रेणी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
पंकजा मुंडे ने क्या कहा
पंकजा ने कहा, 'गोपीनाथ मुंडे ने मराठा आरक्षण का समर्थन किया था और हम भी इसके पक्ष में हैं लेकिन इसे हमारी थाली से मत छीनिए। मेरा समुदाय आज भूख से जूझ रहा है। लोगों का संघर्ष देखने के बाद मेरी नींद उड़ गई है।' धनंजय मुंडे ने सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में उनके करीबी सहयोगी वाल्मीकि कराड की गिरफ्तारी के बाद राज्य के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जरांगे ने धनंजय पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जिनके हाथ खून से रंगे हों, उन्हें मेरे समुदाय के बारे में नहीं बोलना चाहिए।’
'अजित पवार को भी नहीं बख्शेंगे'
कार्यकर्ता ने कहा कि वह धनंजय मुंडे की वजह से एनसीपी प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भी नहीं बख्शेंगे। उन्होंने कहा कि हम उनके उम्मीदवारों को चुनाव में हराएंगे, चाहे वे मराठा समुदाय के ही क्यों न हों। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय की लंबे समय से जारी मांग को पूरा किया जा रहा है, लेकिन अगर कोई जीआर को चुनौती देता है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
सरकार को क्या पत्र लिखेंगे जरांगे?
मनोज जरांगे ने आगे कहा, ‘ऐसी स्थिति में, मराठा समुदाय के सदस्यों को ओबीसी श्रेणी के तहत कई समुदायों को आरक्षण देने वाले 1994 के जीआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन के साथ तहसील और जिलाधिकारी कार्यालयों से संपर्क करना चाहिए। मैं भी सरकार को पत्र लिखकर 50 प्रतिशत की सीमा से परे दो प्रतिशत अतिरिक्त कोटा रद्द करने की भी मांग करूंगा।’ जरांगे ने कहा कि वह यह भी मांग करेंगे कि जिन समुदायों ने प्रगति की है उन्हें आरक्षण के लाभों से बाहर रखा जाए।
राज ठाकरे की गैरहाज़िरी ने बढ़ाए सियासी सवाल, बारिश के बीच शिवतीर्थ पर गरजे उद्धव ठाकरे, कार्यकर्ताओं में दिखा जोश
3 Oct, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई में बीएमसी चुनावों से पहले दशहरा रैली को शिवसेना के दोनों खेमों के लिए शक्ति प्रदर्शन माना गया था, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी की रैली में मनसे चीफ राज ठाकरे के शामिल होने की खूब चर्चा हुई लेकिन शिवाजी पार्क में शिवसैनिकों के लिए अकेले उद्धव ठाकरे की शिवगर्जना हुई लेकिन राज ठाकरे ने अपने आवास शिवतीर्थ पर ही दशहरे या विजयादशर्मी का पर्व मनाया। उन्होंने पत्नी के साथ शस्त्र पूजा भी की। सोशल मीडिया शिंदे और उद्धव समर्थकों के बीच जंग छिड़ी हुई कि किसकी रैली सफल रही? इसके साथ ही कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। जिनमें उद्धव ठाकरे बारिश के बीच शिवसैनिकों को संबोधित कर रहे हैं।
क्याें नहीं राज ठाकरे?
विजयदशमी के मौके पर हुई दशहरा रैली को शिवसेना के बड़े कार्यक्रमों में गिना जाता है। इस बात की खूब चर्चा हुई थी। कि दशहरा रैली में दोनों भाई न सिर्फ साथ आ सकते हैं बल्कि शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का ऐलान भी हो सकता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। राज ठाकरे ने शिवतीर्थ पर ही विजयदशमी का पर्व मनाया। राज ठाकरे के दशहर रैली का हिस्सा नहीं बनने के पीछे सबसे बड़ी वजह है कि उन्हें शिवसेना यूबीटी की तरफ से कोई सार्वजनिक निमंत्रण नहीं मिला था। वह खुद एक राजनीतिक दल के मुखिया हैं। ऐसे में वह कैसे दशहरा रैली में शिरकत करते। 2005 में दोनों भाईयों के अलग होने के बाद इस साल वे वर्ली में एक गैर राजनीतिक मंच पर एक साथ आए थे। शिवाजी पार्क में दशहरा रैली का आयोजन 1966 से लगातार हो रहा है। कुछ पार्टी नेताओं का मत था कि अगर दशहरा रैली में दोनों भाई साथ होते तो आगामी चुनावों के लिए अच्छा मैसेज होता, क्योंकि यह रैली शिवसेना की पहचान, अस्तित्व और संस्थापक बाल ठाकरे से जुड़ी है।
'सिर्फ पतंगबाजी और कुछ नहीं'
महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषक दयानंद नेने कहते हैं कि यह सिर्फ मीडिया हाइप थी कि राज ठाकरे आएंगे? नेने कहते हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर बहुत ज्यादा हाइप क्रिएट कर दी गई है। उनका कहना है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर राज ठाकरे ने अभी तक सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा है। जो भी प्रतिक्रियाएं हुई हैं। वे यूबीटी की तरफ से हुई है। नेने कहते हैं महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों काे छोड़ दीजिए। अगर मुंबई की बात करें तो यहां पर दोनों पार्टियों का ज्यादा प्रभाव एक ही क्षेत्र में है। वह माहिम से वर्ली का एरिया है। इसके अलावा भांडुप का इलाका है। ऐसे में जब कौन से पार्टी किसे और कैसे और कितना शेयर देगी। जब तक यह तय नहीं होगा तब तक गठबंधन की बातें पतंगबाजी ही हैं। गौरतलब हो कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के पास 20 विधायक हैं। इनमें ज्यादातर मुंबई से जीते हैं। ऐसे में जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिया है कि 31 जनवरी, 2026 तक चुनाव होने चाहिए तब देखना होगा दोनों दल गठबंधन के मुद्दे पर कब तक चुप रहेंगे।
धार्मिक प्रचार का नया रंग: कुर्ला में मुस्लिम स्टिकर के बाद हिंदू संगठन ला रहे 'I Love Mahadev', सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
3 Oct, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: कुर्ला इलाके में धार्मिक नारों वाले स्टिकरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लोग जबरन वाहनों पर ‘I Love Muhammad’ लिखे स्टिकर चिपकाते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद से ही इलाके में तनाव बढ़ गया है। इसमें साफ दिख रहा है कि कुछ युवक सड़कों पर वाहनों को रोककर मालिक की अनुमति लिए बिना उन पर स्टिकर चिपका रहे हैं। अब तक इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह घटनाक्रम देखते ही देखते साम्प्रदायिक रंग लेने लगा। इसके जवाब में हिंदू संगठनों ने पूरे मुंबई में समानांतर अभियान की घोषणा की है। उन्होंने ‘I Love Mahadev’ नाम से कार्यक्रम शुरू करने की बात कही है।
कानपुर में कईयों पर दर्ज हुए थे केस
संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि मुस्लिम समुदाय की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का मकसद माहौल बिगाड़ना है, इसलिए वे इसका शांतिपूर्ण जवाब देंगे। इस संबंध में 24 सितंबर को आरे मिल्क कॉलोनी में एक बैठक भी आयोजित की गई। मामला केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। यह विवाद कानपुर से जुड़ा हुआ है, जहां पुलिस ने इसी तरह के ‘I Love Muhammad’ बैनर सार्वजनिक जगहों पर लगाने पर मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस का तर्क था कि ऐसे बैनर अन्य समुदायों की भावनाओं को आहत कर सकते हैं। कानपुर की घटना के बाद मुंबई में भी मस्जिदों और सड़कों के बाहर मुस्लिम समूहों ने बैनर लगाकर धार्मिक अभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया।
बजरंग दल ने इस अभियान पर कड़ा ऐतराज जताया
हिंदूवादी संगठनों, खासकर बजरंग दल ने इस अभियान पर कड़ा ऐतराज जताया है। बजरंग दल के कोंकण प्रांत सह-संयोजक गौतम रवारिया ने कहा कि हमें बैनरों से आपत्ति नहीं है, लेकिन इनके पीछे की नीयत संदिग्ध लगती है। कश्मीर में इसी तरह के बैनर लेकर लोगों ने पुलिसकर्मियों का पीछा किया था, जो बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि उनका ‘I Love Mahadev’ अभियान अन्य राज्यों तक भी फैल सकता है। दूसरी ओर, मुस्लिम संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताया है। मुंबई स्थित रज़ा अकादमी ने 24 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में दर्ज मामलों की निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।
एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला: 'हम दिल्ली विकास के लिए जाते हैं, वे 10 जनपथ पर मुजरा करने', विपक्षी नेताओं पर साधा निशाना
3 Oct, 2025 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: गोरेगांव के नेस्को ग्राउंड में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बगैर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली जाते हैं महाराष्ट्र के विकास के लिए, महाराष्ट्र की विकास योजनाओं को गति देने के लिए और वे (ठाकरे परिवार ) 10 जनपथ में मुजरा करने जाते हैं। शिंदे ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर गुणगान की और बालासाहेब ठाकरे के सपनों को पूरा करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि कोई भी माई का लाल मुंबई का महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकता। मुंबई महाराष्ट्र की है, मराठी माणूस की है और मराठी माणुस की ही रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन मराठियों को मुंबई से बाहर किया उन्हें हम मुंबई लाकर रहेंगे।
दशहरा रैली के लिए शिंदे का जगह बदलना फायदेमंद रहा। बाहर तेज बारिश हो रही थी और अंदर शिंदे उद्धव ठाकरे पर गरज रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने 20 मिनट से ज्यादा समय बाढ़ ग्रस्त किसानों की मदद करने पर बोला। उनकी सरकार और उनके शिवसैनिक किसानों की मदद कर रहे हैं। तो दूसरी ओर वे हमारी आलोचना कर रहे हैं कि मदद के ट्रक में शिंदे की फोटो लगी। शिंदे तो देता है। शिंदे लेना बैंक नहीं, देना बैंक है। उनके पास हमारी आलोचना के अलावा कोई काम नहीं है। उद्धव का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा कि "उन्हें चाहिए काजू बादाम, पानी में उतरे तो सर्दी जुकाम" । शिंदे ने कहा कि लोकसभा जीती, विधानसभा जीती और अब स्थानीय निकाय चुनाव जीतकर महायुति का भगवा लहराना है।
शिंदे ने जोर देकर कहा कि लाडली बहना योजना बंद रही होगी। इसका वे वचन देते हैं। शिंदे ने कहा कि यह स्थगित सरकार नहीं प्रगति सरकार है। हमने विकास के सभी स्पीड ब्रेकर हटा दिए। विकास योजना शुरू हुई। ढ़ाई साल में बहुत काम किया। अब दूसरी पारी शुरू है। हम व देवेंद्र फडणवीस मिलकर काम कर रहे हैं। आज महाराष्ट्र निवेश में पहले नंबर पर, स्टार्टअप में पहले नंबर पर है। महाराष्ट्र विकास में नंबर वन है। महाराष्ट्र उद्योग फ्रेंडली राज्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए शिंदे ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश महाशक्ति बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाया। सिंदूर अभी भी चालू है। इस पर हमें अभिमान है। मोदी की आलोचना करने वालों की खबर लेते हुए शिंदे ने कहा कि गीदड़ खाल पहन शेर नहीं बन सकता। शिंदे ने कहा कि यूपीए सरकार के 10 साल में घोटाले ही घोटाले किए, लेकिन मोदी ने 10 साल में एक भी घोटाला नहीं। मैं अभिमान से बोलता हूं कि बेदाग प्रधानमंत्री हैं मोदी। तालियों की गणगड़हाटक के बीच शिंदे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के सपने को पूरा करने का वे वचन देते हैं। जो मराठी मुंबई से बाहर गया है उन्हें फिर से मुंबई में बसाना। आरएसएस के काम की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि वे 100 साल से समर्पित भावना से सेवा कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रभक्ति, देशभक्ति के रूप में काम कर रहे हैं। शिवसेना उन्हें बधाई देती है।
पुणे पुरंदर एयरपोर्ट की तैयारी तेज, किसानों की अधिकांश सहमति के साथ निर्माण की राह आसान, शुक्रवार को हो सकता है बड़ा फैसला
25 Sep, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में पुरंदर एयरपार्ट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। एयरपार्ट के लिए सहमति देने वालों की संख्या सभी सात गांवों से बढ़ रही है। सहमति अवधि बढ़ाए जाने के बाद बीते मंगलवार तक 94 प्रतिशत किसानों ने सहमति दे दी है। ऐसे में अब कल यानी शुक्रवार से जिला प्रशासन जमीन की नाप-जोख शुरू करेगा। इसे 20 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं जमीन का असली अधिग्रहण नवंबर में शुरू होगा। महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) ने जमीन के माप और सर्वे के लिए 4.82 करोड़ रुपये दिए हैं। जो किसान अपनी जमीन दे रहे हैं। उन्हें सरकार अच्छा मुआवजा देगी। जो नहीं देंगे, उनसे जमीन जबरदस्ती ली जाएगी, लेकिन उन्हें कम फायदे मिलेंगे।
किन गांवों में बनेगा एयरपोर्ट
दरअसल पुरंदर तालुका के सात गांवों, कुंभारवलन, एखतपुर, परगाँव, मुंजावाड़ी, खानवाड़ी, उदाची वाड़ी और वनपुरी में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन ने 25 अगस्त से भूमि आवंटन के लिए किसानों से परामर्श और उनकी सहमति लेना शुरू कर दिया है। 18 सितंबर तक की निर्धारित अवधि में लगभग 90 प्रतिशत किसानों ने अपनी सहमति दे दी है। अवधि समाप्त होने के बाद कुछ किसानों और सरपंचों ने समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
कब तक थी समय सीमा?
इसके बाद जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने समय सीमा 25 सितंबर तक बढ़ा दी है। समय सीमा बढ़ने के साथ अधिक किसान अपनी सहमति देने के लिए आगे आ रहे हैं। पिछले एक महीने से भूमि अधिग्रहण उप-मंडल समन्वयक और अधिकारी सासवाड़ में डेरा डाले हुए हैं और सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके कारण सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आने लगी है।
एयरपोर्ट के लिए कितनी जमीन जरूरी?
एयरपोर्ट के लिए लगभग तीन हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की योजना है। किसान 2700 एकड़ से अधिक भूमि देने के लिए सहमत हो गए हैं। इसलिए 100 प्रतिशत किसान हवाई अड्डा परियोजना के लिए अपनी सहमति दे रहे हैं। तालुका के सभी सात गांवों में लगभग दो सौ एकड़ भूमि सरकार के स्वामित्व में है। इसलिए ऐसा लगता है कि 2,900 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध होगी।
94 प्रतिशन जमीन देने के लिए राजी
पुणे के ज़िला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने बताया कि पुरंदर हवाई अड्डे के लिए ज़मीन देने के लिए 66 किसानों ने अपनी सहमति दे दी है और अब तक 94 प्रतिशत सहमति मिल चुकी है। सहमति मिलने के बाद हम शुक्रवार से सर्वे करेंगे। इसके बाद हम किसानों की जमीन की कीमत तय करेंगे और बातचीत के जरिए वापसी का प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे। इसके बाद सहमति वाली ज़मीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राशिफल 21 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली
सीएचसी पलारी के लैब में जांच सुचारू रूप से संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की भेंट
ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार इनके हित की चिंता करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
