महाराष्ट्र
हाईकोर्ट का अहम आदेश: अब टॉप फ्लोर में रहने वालों से नहीं लिया जाएगा मेंटेनेंस चार्ज, सोसायटी नियमों में होगा बदलाव
12 Sep, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिल्डिंग के टेरेस के आंतरिक मरम्मत कार्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि नियमों के तहत टेरेस सोसायटी की संपत्ति है। लिहाजा टेरेस का रिपेयर वर्क सोसायटी की जिम्मेदारी है। सोसायटी टेरेस रिपेयर की लागत टॉप फ्लोर पर रहने वाले सदस्यों से नहीं ले सकती है। टेरेस से पानी लीकेज के मरम्मत खर्च को मेंटेनेंस बिल में शामिल नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने नवी मुंबई की 12 बिल्डिगों की एक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी की याचिका को खारिज कर यह फैसला सुनाया है।
सोसायटी ने अथॉरिटी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी
अदालत ने साफ किया है कि सोसायटी को राहत न देने के संबंध में साल 2015 में सहकारिता विभाग की रिवीजनल अथॉरिटी (मंत्री) ने जो कारण बताए हैं, वे ठोस हैं। वह कानून के प्रावधानों के अनुरूप है। अथॉरिटी के आदेश में कोई खामी नहीं है। इसलिए उसे कायम रखा जाता है। इससे पहले जॉइंट रजिस्ट्रार ने भी सोसायटी को राहत देने से इनकार कर दिया था। सोसायटी ने अथॉरिटी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
‘टेरेस सोसायटी की संपत्ति’
जस्टिस मिलिंद जाधव ने साफ किया कि मौजूदा मामला सोसायटी और सदस्यों के बीच विवाद का नहीं, बल्कि नियमों के अमल से संबंधित है। सोसायटी बाय लॉ नंबर 160ए के तहत टेरेस के आंतरिक मरम्मत का खर्च टॉप फ्लोर के सदस्यों से नहीं लिया जा सकता है। क्योंकि बिल्डिंग की टेरेस सोसायटी की संपत्ति है। सहकारिता विभाग की रिवीजनल अथॉरिटी ने कहा था कि यदि सोसायटी ने उक्त सदस्यों से मरम्मत खर्च लिया हो तो वह उन्हें वापस करे। जस्टिस जाधव ने अथॉरिटी के इस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सोसायटी के सदस्य विशेष आम सभा बैठक में बहुमत से सोसायटी बाय लॉ नंबर 160ए के विपरीत मरम्मत निधि एकत्रित करने का निर्णय लेते हैं, तो इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।
Elphinstone Bridge क्लोजर अलर्ट: आज आधी रात से पुल रहेगा बंद, यातायात के रूट और डाइवर्ज़न में बड़े बदलाव
12 Sep, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) एल्फिंस्टन ब्रिज को तोड़कर उसकी जगह नया एल्फिंस्टन फ्लाईओवर और शिवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर फ्लाईओवर बनाएगा। इस कार्य के चलते 12 सितंबर यानि आज की रात 11:59 बजे से पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा और वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग लागू किए जाएंगे।
नया ट्रैफिक अपडेट क्या?
ट्रैफिक पुलिस ने आदेश जारी करते हुए सलाह दी है कि पूर्व से पश्चिम जाने वाले वाहन दादर पूर्व से पश्चिम और दादर मार्केट की ओर जाने के लिए तिलक ब्रिज का उपयोग करें। परेल से प्रभादेवी और लोअर परेल जाने वाले वाहन सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक करी रोड ब्रिज का उपयोग कर सकेंगे, जबकि परेल और भायखला से वर्ली, कोस्टल रोड व सी-लिंक की ओर जाने वाले वाहन चिंचपोकली ब्रिज का प्रयोग करेंगे।
एल्फिंस्टन ब्रिज ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्मा कार्य के चलते 12 सितंबर की रात 11:59 बजे से इस पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। वाहन चालकों से अपील है कि वे वाहनों के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
इसी तरह पश्चिम से पूर्व आने वाले वाहन दादर वेस्ट से दादर ईस्ट की ओर तिलक ब्रिज का उपयोग करेंगे। प्रभादेवी और लोअर परेल से परेल, टाटा व केईएम अस्पताल की ओर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक करी रोड ब्रिज से गुजर सकेंगे। वहीं, वर्ली और सी-लिंक की ओर से आने वाले वाहन चिंचपोकली ब्रिज का उपयोग करेंगे।
महादेव पलव रोड पर वनवे ट्रैफिक कब से कब तक?
महादेव पलव रोड (करी रोड रेलवे ब्रिज) पर सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक और शाम 3 से रात 11 बजे तक एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू होगी। रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक दोनों दिशाओं में यातायात सुचारु रहेगा। नागरिकों की सुविधा के लिए एमएमआरडीए ने परेल और प्रभादेवी रेलवे स्टेशनों पर दो एंबुलेंस और व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की है, ताकि मरीजों को अस्पताल लेकर जाने में कोई दिक्कत न हो। बता दें कि यह ब्रिज 125 साल पुराना है जिसे खतरनाक घोषित कर दिया गया था।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील
अनिल कुंभारे, जॉइंट सीपी, मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि एल्फिंस्टन ब्रिज ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्मा कार्य के चलते 12 सितंबर की रात 11:59 बजे से इस पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। वाहन चालकों से अपील है कि वे वाहनों के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
मालेगांव विस्फोट मामले में पीड़ितों ने की बड़ी कानूनी लड़ाई की शुरुआत, बरी के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
9 Sep, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: साल 2008 में मालेगांव में हुए बम धमाके के पीड़ितों के छह परिवारों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। उन्होंने विशेष अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें मामले के सात आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इन आरोपियों में बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित भी शामिल हैं। निसार अहमद सैयद बिलाल और पांच अन्य लोगों ने अपने वकील मतीन शेख के माध्यम से हाई कोर्ट में अपील की है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि विशेष अदालत ने जो फैसला दिया है, उसे रद्द कर दिया जाए। है।
क्या है मामला?
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित नासिक जिले के मालेगांव कस्बे में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट हुआ था। इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और 101 अन्य घायल हो गए थे। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि 31 जुलाई को विशेष एनआईए अदालत की ओर से सात आरोपियों को बरी करने संबंधी आदेश गलत और कानून की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है, इसलिए रद्द करने योग्य है।
अदालत ने क्या कहा था?
अदालत ने कहा था कि मात्र संदेह वास्तविक सबूत की जगह नहीं ले सकता। साथ ही उसने यह भी कहा था कि किसी भी सबूत के अभाव में आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि कुल मिलाकर सभी साक्ष्य अभियुक्तों को दोषी ठहराने के लिए विश्वसनीय नहीं हैं। दोषसिद्धि के लिए कोई विश्वसनीय और ठोस सबूत नहीं है।
अभियोजन पक्ष का दावा क्या?
अभियोजन पक्ष का दावा था कि विस्फोट दक्षिणपंथी चरमपंथियों की ओर से स्थानीय मुस्लिम समुदाय को आतंकित करने के इरादे से किया गया था। एनआईए ने दावा किया कि आरोपियों का इरादा मुस्लिम समुदाय के एक वर्ग को आतंकित करना था। एनआईए अदालत ने अपने फैसले में अभियोजन पक्ष के मामले और की गई जांच में कई खामियों को उजागर किया था और कहा था कि आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। ठाकुर और पुरोहित के अलावा, आरोपियों में मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे।
वर्सोवा–बांद्रा सी लिंक की लागत में बड़ा उछाल, 6788 करोड़ बढ़ने के बाद क्या बदलेगी टाइमलाइन और रूट
9 Sep, 2025 02:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की ओर से बनाए जा रहे वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक ( Versova-Bandra Sea Link ) पर बड़ा अपडेट सामने आया है। इसकी लागत में 6788 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। मछुआरों की मांग के अनुसार, कुछ कनेक्टर्स की लंबाई में बदलाव और वृद्धि की गई है। इसलिए लागत में इजाफा हुआ है। वास्तविक निर्माण लागत में 3900 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
क्यों हो रहा ये निर्माण?
पश्चिमी एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने और दक्षिण मुंबई से उत्तर मुंबई तक तेज पहुंच प्रदान करने के लिए एमएसआरडीसी ने इस समुद्री पुल का निर्माण शुरू किया है। वर्तमान में समुद्र में खंभे लगाने का काम मुख्य रूप से चल रहा है। पुल के वर्तमान मूल डिजाइन के अनुसार, जुहू और वर्सोवा जंक्शन पर यातायात की भीड़भाड़ की संभावना है। इसलिए स्थानीय मछुआरों ने इसमें बदलाव और वृद्धि की मांग की थी।
वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के रूट में बदलाव
वहीं, हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय की एक टीम की ओर से पुल का भौतिक निरीक्षण किया गया। इसमें इस पुल से जुड़ने वाले सभी जंक्शनों पर यातायात की भीड़भाड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए मार्ग परिवर्तन का सुझाव दिया गया है। साथ ही पुल के जुहू और वर्सोवा कनेक्टर को वेस्टर्न एक्सप्रेसवे से जोड़ने की जरूरत भी सामने आई है। इसके लिए इस पुल से जुड़े अहम बदलाव किए जाएंगे। इसी वजह से लागत में यह बढ़ोतरी हो रही है।
पुल के दो हिस्सों को किया जाएगा ट्रांसफर
इस संबंध में एमएसआरडीसी ने महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एमसीजेडएमए) को आवेदन दिया था। इसके अनुसार, इस पुल के दो हिस्सों को ट्रांसफर किया जाएगा और एक हिस्से की लंबाई 100 से बढ़ाकर 110 मीटर की जाएगी। जुहू कनेक्टर की लंबाई 3.54 किलोमीटर से बढ़ाकर 4.45 किलोमीटर की जाएगी। इससे पुल में 120 मीटर लंबे दो अतिरिक्त हिस्से जोड़ने पड़ेंगे। साथ ही, समुद्र की ओर पानी के ठहराव को रोकने के लिए जुहू कनेक्टर पर खंभों की जगह केबल-आधारित पुल बनाया जाएगा।
वर्सोवा कनेक्टर की लंबाई कितनी?
वर्सोवा कनेक्टर की लंबाई 2.72 किलोमीटर से बढ़ाकर 4.29 किलोमीटर की जाएगी। इस कनेक्टर पर वेस्टर्न एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाली सड़क पर एक अतिरिक्त केबल-आधारित पुल बनाना होगा। इसके अलावा चारों टोल प्लाजा के डिज़ाइन में भी बदलाव किया जाएगा। लागत में वृद्धि का यही कारण है, जैसा कि एमएसआरडीसी द्वारा एमसीजेडएमए में दायर आवेदन और इस संबंध में हाल ही में हुई सुनवाई में सामने आया है।
एमएसआरडीसी के आवेदन को मंजूरी
एमसीजेडएमए ने पुल में बदलाव के संबंध में एमएसआरडीसी के आवेदन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद परियोजना को आगे की मंजूरी के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण को भेजने की सिफारिश की गई है।
परियोजना का क्या स्टेटस?
इस परियोजना में भारी देरी हुई है और लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। मूल रूप से अनुमानित 11,332.82 करोड़ रुपये का बजट अब 18,120.96 करोड़ रुपये है। जो 6,788.14 करोड़ रुपये की वृद्धि है। राज्य के अधिकारियों के अनुसार, 2025 के मध्य तक लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सरकार ने इस लिंक को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस खंड को दहिसर और भयंदर से जोड़ने वाले उत्तर की ओर विस्तार कार्य अगले दो से तीन सालों में पूरा किया जाना है।
शिंदे गुट ने किया सनसनीखेज़ दावा, कहा- निकाय चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे के 2 को छोड़ बाकी सब विधायक साथ छोड़ देंगे
9 Sep, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर : महाराष्ट्र की राजनीति में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक कृपाल तुमाने ने सनसनीखेज दावा किया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के सिर्फ दो विधायकों को छोड़कर बाकी सभी विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और जल्द ही उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने दशहरा मेला के अवसर पर बड़े खुलासे और पार्टी प्रवेश समारोह की संभावना का भी जिक्र किया। कृपाल तुमाने ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यूबीटी के लोग संजय राउत के रवैये से तंग आ चुके हैं। यही वजह है कि उनके दो विधायकों को छोड़कर बाकी सभी हमारे संपर्क में हैं। इसके अलावा, मुंबई के 80 प्रतिशत पूर्व नगरसेवक भी शिंदे गुट के साथ जुड़ने को तैयार हैं।
2022 में उद्धव से अलग हुए थे एकनाथ शिंदे
2022 में महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय भूचाल आया था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे ने बगावत का झंडा बुलंद किया। इस बगावत के परिणामस्वरूप शिवसेना में फूट पड़ गई और शिंदे के साथ 39 अन्य विधायकों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन कर लिया था।
फिर बदलाव की आहट
इस घटना ने महाविकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन सरकार, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी- शरद गुट) और कांग्रेस शामिल थे, को सत्ता से बाहर कर दिया था। एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के बीच तनातनी अब भी जारी है। फिलहाल, बीएमसी चुनाव से पहले शिंदे गुट का यह दावा महाराष्ट्र की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।
ठाकरे ब्रदर्स आए हैं एक साथ
यह दावा ऐसे समय में भी किया जा रहा है, जब बीएमसी चुनाव से पहले 'ठाकरे ब्रदर्स' एकजुट हो रहे हैं। लगभग 20 साल के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आए हैं। इसके कारण महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पहले ही बदल चुके हैं। हालांकि, 'ठाकरे ब्रदर्स' पहली परीक्षा में असफल रहे हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में बेस्ट एम्प्लॉयीज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के चुनावों में दोनों भाइयों उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन खाता भी नहीं खुला।
अक्षय कुमार संग बीच सफाई के दौरान अमृता फडणवीस की ड्रेस बनी मीम्स का विषय, सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ कमेंट्स
9 Sep, 2025 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने रविवार को गणपति विसर्जन के बाद जुहू बीच पर एक सफाई अभियान चलाया। अमृता फडणवीस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सहयोग से अपने फाउंडेशन, दिव्यज फाउंडेशन की ओर से इस सफाई अभियान का आयोजन किया। इसमें बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार भी शामिल हुए। वीडियो में, अक्षय कुमार जुहू बीच की सफाई करते हुए एक बैग में बड़ी-बड़ी फूलों की मालाएं और बोतलें, गंदे कपड़े वगैरह डालकर सफाई करते नजर आए।
ट्रोल हुईं अमृता फडणवीस
क्लीनिंग ड्राइव के दौरान अक्षय कुमार से ज्यादा वीडियो और तस्वीरें अमृता फडणवीस की शेयर होने लगीं। लोगों ने तरह-तरह के कॉमेंट करने शुरू कर दिए। ये कॉमेंट थे अमृता फडणवीस की ड्रेस को लेकर। कुछ लोगों ने इसे अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी को गरिमा बनाए रखनी चाहिए। वहीं कुछ समर्थन में आए। उन्होंने कहा कि ड्रेस उनकी पर्सनल चॉइस है। ट्रोलिंग बंद करो। कुछ ने पूछा कि ऐसे कपड़े पहनकर कूड़ा उठाने का लॉजिक समझाओ? तो कुछ ने पूछा कि अमृता फडणवीस की ड्रेस पर बवाल क्यों?
जुहू बीच पर सफाई अभियान में शामिल हुईं अमृता फडणवीस
अमृता फडणवीस ने कहा कि हमने आज जुहू बीच पर एक समुद्र तट सफाई अभियान का आयोजन किया है। हम इस सफाई अभियान में सभी क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी से बहुत खुश हैं। इस पहल में बीएमसी सहित कई संगठनों ने हमारी मदद की क्योंकि समुद्र तटों को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। जैसे त्योहार मनाना हमारा अधिकार है, वैसे ही सफाई भी हमारा अधिकार है। मैं युवाओं को बस इतना बताना चाहती हूं कि पृथ्वी एक ही है। इसका विकास और पोषण हमारी ज़िम्मेदारी है और कोई भी एलियन हमारे लिए यह काम करने नहीं आएगा। हमें यह खुद ही करना होगा।
सासंद डिंपल यादव से हुई तुलना
लोगों ने अमृता फडणवीस की तस्वीरों के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की तस्वीरें शेयर कीं। साड़ी पहने डिंपल यादव की तस्वीरों के साथ लोगों ने अमृता फडणवीस की तुलना की। एक यूजर ने लिखा। दोनों ही सीएम की पत्नियां हैं। आपको किसका पहनाया अच्छा लगा? वहीं एक विकास नाम के यूजर ने लिखा कि कुछ लोग डिंपल यादव का तुलना अमृता फडणवीस जी से कर रहे हैं। तुलना भी लेवल के लोगों से किया जाता हैं। डिंपल भाभी भारतीय सभ्यता में और वह (अमृता फडणवीस) कहां वेस्टर्न कल्चर को बढ़ावा दे रही हैं।
लोगों ने किया ट्रोल, कई ने किए भद्दे कॉमेंट
एक यूजर ने लिखा, यह महिला CM देवेंद्र फडणवीस की धर्म पत्नी हैं जिनका नाम अमृता है जिनके बदन से चिपकी हुई पोशाक पहनी हुई है जो इन्हे शोभा नहीं देती है। क्या ये केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कर रही हैं? कई ने भद्दे-भद्दे कॉमेंट भी किए। विपिन नाम के यूजर ने लिखा, यह मोहतरमा एक राज्य के मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस हैं। आप इनके कपड़े देखिए.. लाज-शर्म तो कुछ बची ही नहीं है। साथ में इनके पीछे सटे बुजुर्ग को देखिए..
समर्थन में भी आए लोग
वीनू नाम के एक यूजर ने लिखा कि भारत के लोग अभी भी कपड़ों पर बहस और ट्रोलिंग में उलझे हैं जबकि दुनिया के देश विज्ञान और तकनीक में नई खोजें कर रहे हैं।अमृता फडणवीस ने जुहू बीच पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया, यह काबिले-तारीफ काम है। उनका पहनावा व्यक्तिगत पसंद है, उस पर सवाल उठाना समाज की संकीर्ण सोच को दिखाता है। हमें लोगों के काम और योगदान पर चर्चा करनी चाहिए, न कि उनके कपड़ों पर। जब तक ध्यान सही दिशा में नहीं जाएगा, हम प्रगति में पीछे ही रहेंगे। एक अन्य यूजर ने लिखा, कपड़े इंसान की पर्सनैलिटी को निखारते हैं, लेकिन किसी के कपड़ों को लेकर उसके परिवार पर सवाल उठाना या ट्रोल करना बिल्कुल गलत है। चाहे बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस की हो या किसी और की।
दिमाग की सफाई की जरूरत
राजेश लोढ़ा नाम के एक यूजर ने भी अमृता फडणवीस का समर्थन किया। उन्होंने लिखा, मुंबई के जुहू बीच पर गणेश विसर्जन के बाद सफाई अभियान चला। अभिनेता अक्षय कुमार, बिल्डर हीरानंदानी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने खुद बीच पर उतरकर कचरा उठाया। लेकिन सोशल मीडिया पर सफाई से ज़्यादा ट्रोलिंग अभियान चला। किसी ने कहा कचरे से ज्यादा तो कैमरे थे। किसी ने कहा यह तो फूल-मालाएं हैं, कचरा कहां है? और कुछ लोग तो अमृता फडणवीस के कपड़ों पर ही अटक गए। अब ज़रा सोचिए- जिन्हें बीच पर फैला कचरा सामान्य लग रहा है, और जिनकी नजर सफाई से ज़्यादा कपड़ों पर अटकी है… असल में सफाई की ज़रूरत बीच को कम, इनके दिमाग को ज़्यादा है।
अमृता फडणवीस की ड्रेस क्या थी?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता जुहू बीच पर क्लीन-अप ड्राइव में शामिल हुईं। यहां वह एक टाइट जिम वियर ड्रेस पहनकर पहुंची। यह ड्रेस स्किन कलर की थी और स्किन टाइट थी। उनकी इस ड्रेस ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया।
महाराष्ट्र विधान परिषद में उद्धव ठाकरे का मास्टरस्ट्रोक, नेता विपक्ष की पोस्ट कांग्रेस के नाम, जानें पर्दे के पीछे की कहानी
9 Sep, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता (एलओपी) पद के लिए दावा पेश किया। अचानक हुए इस ऐलान ने सबको हैरान कर दिया। इस घोषणा से पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट और विधायक दल के उपनेता अमीन पटेल का एक प्रतिनिधिमंडल शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिला। यह मुलाकात उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री में हुई। यहां पर आने वाले महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों, विधानसभा और विधान परिषद में रिक्त विपक्ष के पदों के अलावा भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। थोराट ने कहा कि हमने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर विस्तार से चर्चा की। हमने विधान परिषद और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति पर भी चर्चा की। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद वडेट्टीवार के कार्यकाल की समाप्ति और नवंबर 2024 में विधानसभा चुनाव होने के बाद से खाली है।
कांग्रेस ने पहले ही किया था दावा
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद अगस्त में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के अंबादास दानवे का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हो गया था। शिवसेना यूबीटी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए पहले ही दावा कर दिया था, जबकि कांग्रेस विधान परिषद में इसी तरह के पद की उम्मीद कर रही है। शिवसेना यूबीटी के 20 विधायक हैं, जो विपक्षी दलों में सबसे अधिक हैं।
शरद पवार से भी करेंगे चर्चा
वडेट्टीवार ने कहा कि हमने ठाकरे से इस बारे में चर्चा की है कि स्थानीय चुनाव कैसे लड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार से भी मुलाकात करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि अगर शिवसेना (उबाठा) राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन करती है, तो कांग्रेस का क्या रुख होगा, तो इस पर वडेट्टीवार ने कहा कि इस पर चर्चा हुई है। हम इस बारे में अपने शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा करेंगे और बाद में इस पर टिप्पणी करेंगे। वडेट्टीवार ने कहा कि यह सच है कि अब परिषद में कांग्रेस के विधायकों की संख्या ज़्यादा है। हालांकि, यह ज़रूरी है कि विपक्ष के नेता के मुद्दे पर पहले गठबंधन के भीतर चर्चा हो और इसलिए हमने उद्धव ठाकरे के साथ बैठक की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल अपने अन्य सहयोगी दल, एनसीपी-एसपी के प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात करेगा।
सतेज पटेल के नाम पर चर्चा
ठाकरे से मुलाकात के बाद, कांग्रेस नेताओं ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता की नियुक्ति पर चर्चा करने के लिए विधान परिषद के सभापति राम शिंदे से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस वरिष्ठ विधायक सतेज पाटिल के नाम पर ज़ोर दे सकती है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और शिवसेना-यूबीटी नेता अंबादास दानवे के पिछले महीने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद से यह पद रिक्त पड़ा है।
देवेंद्र फडणवीस से भी करेंगे मुलाकात
वडेट्टीवार ने कहा कि बात सिर्फ़ विधान परिषद के पद की नहीं है, बल्कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भी रिक्त है। इसे भरा जाना है और हम विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शिवसेना-यूबीटी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के लिए पूर्व मंत्री भास्कर जाधव का नाम दिया है, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है।
अदला-बदली पर बनी बात?
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पहले जिन समाधानों पर चर्चा हुई थी, उनमें से एक पदों की अदला-बदली का था, जिसमें शिवसेना-यूबीटी को राज्यसभा में विपक्ष का नेता पद दिया जाए, जबकि कांग्रेस को विधानसभा में विपक्ष का नेता पद दिया जाए। लेकिन यह आगे नहीं बढ़ पाया। सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सतेज पाटिल राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
मराठा और कुनबी समाज के आरक्षण विवाद में विधायक मनोज जरांगे पाटिल और छगन भुजबल भिड़े
8 Sep, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में मनोज जरांगे पाटील का आंदोलन खत्म होने के बाद आरक्षण का घमासान मचा हुआ है। राज्य के बड़े ओबीसी नेता छगन भुजबल नाराज बताए जा रहे हैं, उनकी यह नाराजगी जरांगे के मुंबई आंदोलन के परिणामस्वरूप हैदराबाद गैजेट को राज्य सरकार की मान्यता और जीआर को लेकर है। जरांगे ने ओबीसी नेताओं की चेताया है कि अगर जीआर को चुनौती दी गई तो वहीं 1994 में ओबीसी के पक्ष में जारी किए जीआर को रद्द करवाने के लिए अदालती लड़ाई छेड़ेंगे। इस सब के बीच कुनबी (कुणबी) जाति में चर्चा में बनी है। मराठा समुदाय के किसी व्यक्ति को सरकार कुनबी मान लेती है तो उसे ओबीसी आरक्षण स्वत: मिल जाएगा, क्योंकि कुनबी जाति पहले से ओबीसी में हैं। ऐसे में सवाल यह है महाराष्ट्र में मराठा और ओबीसी के टकराव के बीच चर्चा में आई कुनबी आखिर कौन हैं?
कुनबी कौन हैं?
महाराष्ट्र में वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक दयानंद नेने के अनुसार कुनबी एक पारंपरिक कृषक समुदाय है जो महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण, पश्चिमी महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में बड़ी संख्या में पाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि 'कुनबी' शब्द की उत्पत्ति 'कुन' (बीज/अनाज) और 'ब' (बीज) से हुई है। जिसका अर्थ है बीज बोने वाला यानी किसान। नेने कहते हैं कि कुनबी समुदाय का मुख्य व्यवसाय कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय थे। उनकी जीवनशैली सरल, मेहनती और भूभाग के अनुसार बदलती रहती है। विभिन्न उपजातियां-लेवा कुनबी, तलोदेकर कुनबी, ढोके कुनबी, तेली कुनबी क्षेत्रीय विभाजनों में पाई जाती हैं। महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय विशेष रूप से विदर्भ में बसा हुआ है।
मराठा कौन हैं ?
मराठा समुदाय मुख्य रूप से महाराष्ट्र में योद्धा, प्रशासक और किसान समूहों से बना था।इतिहास में, मराठा शब्द 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित स्वराज्य के कारण व्यापक रूप से प्रचलित हुआ। 'मराठा' को केवल एक जाति समाज ही नहीं, बल्कि एक विशाल राजनीतिक-सामाजिक समूह माना जाता है। मराठों के विभिन्न स्तर थे जैसे जमींदार, किसान, सरदार, पेशवा और सैनिक।
तो पहले कौन आया?
ऐसे में सवाल खड़ा होता है पहले कौन आया। इसको लेकर इतिहासकारों का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। कुनबी समुदाय को एक प्राचीन समुदाय माना जाता है जो मूल रूप से महाराष्ट्र में खेती-किसानी करता था। मराठा समुदाय एक विशाल सामाजिक-राजनीतिक समूह है जो बाद के समय में किसान, कुनबी, धनगर, गवली, जोशी, देशस्थ आदि विभिन्न समूहों से उभरा। दयानंन नेने कहते हैं कि ऐसे समय के साथ पहले कुनबी समुदाय अस्तित्व में आया। इसके बाद फिर कई समूहों के एकीकरण और संघर्ष के माध्यम से मराठों का विस्तृत समुदाय उभरा। समाजशास्त्री इरावती कर्वे ने उल्लेख किया है कि पश्चिमी महाराष्ट्र की लगभग 40 फीसदी जनसंख्या मराठा-कुनबी समूह की है। समाजशास्त्री लेले (1990) के अनुसार पूरे महाराष्ट्र में यह अनुपात 31 फीसदी है।
उप समूहों में बंट गया कुनबी
दयानंद नेने कहते हैं कि इतिहास के अध्ययन में यह सामने आता है कि कुनबी समाज समरूप नहीं रहा, बल्कि समय के साथ कई उपसमूहों में विभाजित हो गया। यह विविधता समाज की गतिशीलता और संस्कृतिकरण की प्रक्रिया का प्रमाण है।
कृषक समूह - साधा कुनबी, लेवा पाटीदार, देशस्थ, तिरले
व्यवसाय समूह - लोहारी, तंबोली, दर्जी, बढ़ई, धोबी, नाभिक, तेली, भाट
धार्मिक समूह - गोसावी, गुरव, परदेशी, देवांग
सांस्कृतिक-सामाजिक मिश्रण-गवली/यादव, भोसले, शिंदे, पवार, निंबालकर आदि।
कुनबी से मराठा की एक यात्रा
दयानंद नेने कहत हैं कि मध्यकालीन चरण 14वीं शताब्दी के बाद स्थानीय युवाओं को बहमनी सुल्तानों की सेना में नौकरियां मिलने लगीं। परिणामस्वरूप दो पहचानें उभरीं। इसमें किसान यानी कुनबी और सैनिक यानी मराठा। ब्रिटिश काल के साक्ष्य में अंग्रेजों द्वारा संकलित गजेटियर दस्तावेजों में यह स्पष्ट रूप से दर्ज है। इंपीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया, बॉम्बे प्रेसीडेंसी (1909) कहा गया है कि सामाजिक और व्यवसायिक रूप से मराठा और कुनबी के बीच शायद ही कोई अंतर है। वे एक ही लोग हैं। इसी प्रकार से हैदराबाद गजेटियर (1918) में कहा गया है कि कुनबी मराठों का मूल वंश है। कई जिलों में, जब कुनबी सैन्य सेवा में शामिल होते हैं, तो उन्हें मराठा कहा जाता है, जबकि जो लोग कृषक बने रहते हैं, उन्हें कुनबी ही कहा जाता है।
काम से बनी पहचान
कुनबी, मराठों का मूल तत्व हैं। जो खेती करते हैं उन्हें कुनबी कहा जाता है, जबकि जो सेना में जाते हैं उन्हें मराठा कहा जाता है। बॉम्बे गजेटियर, धारवाड़ जिला (1884) में लिखा है कि मराठा वास्तव में कुनबी हैं, जो सैन्य सेवा या दक्कन के शासकों की सेनाओं में पद धारण करने के कारण मराठा कहलाए। मराठा वास्तव में कुनबी हैं; लेकिन अपनी सैन्य सेवा और पदों के कारण उन्हें मराठा कहा जाने लगा। इस सब के अलावा समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण भी हैं। इरावती कर्वे और अन्य शोधकर्ताओं के अनुसार, मराठा जाति संस्कृतिकरण की प्रक्रिया के माध्यम से कुनबी समुदाय से उत्पन्न हुई। राजवंश और सरदारी में देखें तो शिंदे, गायकवाड़, पवार, निंबालकर, भोसले आदि जैसे कई राजवंश मूल कुनबी समुदाय से जुड़े थे। शिवाजी महाराज की सेना में अधिकांश सैनिक कुनबी थे। बाद में ये राजवंश मराठा सरदारी में स्थापित हुए।
आज भी विवाह की परंपरा
दयानंद नेने कहते हैं मराठवाड़ा के कुनबी समुदाय में आज भी चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह का प्रचलन है। शिवाजी महाराज के पुत्र राजाराम महाराज का विवाह उनकी ममेरी बहन ताराबाई से हुआ था। यह प्रथा आर्य/राजपूत क्षत्रियों में मान्य नहीं थी, लेकिन दक्कनी कृषक समुदाय में इसे स्वीकार किया गया था। यह कुनबी समुदाय की अलग सांस्कृतिक पहचान को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। महाराष्ट्र सरकार ने 1991 में कुनबी/मराठा-कुनबी को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया। भारत सरकार ने 2006 में कुर्मी और कुनबी को समान माना और सामाजिक-शैक्षणिक आरक्षण प्रदान किया।
कुनबी कहां हैं?
कुनबी समुदाय केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है। उनकी आबादी अन्य राज्यों में भी है। महाराष्ट्र के विदर्भ (भंडारा, नागपुर, अकोला, अमरावती, वर्धा), मराठवाड़ा (लातूर, परभणी, नांदेड़), पश्चिमी महाराष्ट्र, कोंकण में कुनबी है। इसके साथ गुजरात के दक्षिण क्षेत्र और खेड़ा क्षेत्र में है। इसके अलावा मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी, महाकौशल और निमाड़ में मौजूदगी है। कर्नाटक के उत्तरी कर्नाटक का धारवाड़, बेलगाम, बीजापुर क्षेत्र में है। गोवा में भी कुछ कृषक समूह कुनबी से निकले हैं। कुनबी और मराठा समुदाय ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कुनबी की पहचान किसान के रूप में थी जबकि मराठों की पहचान योद्धा और शासक के रूप में थी। शिवाजी महाराज के समय से, "मराठा" की पहचान ने राजनीतिक महत्व प्राप्त कर लिया, जबकि कुनबी एक कृषि प्रधान समाज के रूप में ही रहा। आज, कई स्थानों पर, कुनबी और मराठा, दोनों समुदायों के बीच की सीमाएं धुंधली हो गई हैं, क्योंकि दोनों समुदाय आपस में घुल-मिल गए हैं।
मराठा और कुनबी का निष्कर्ष
कुनबी एक मूल कृषक समुदाय, प्राचीन काल से महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में विद्यमान था। मराठा एक परवर्ती राजनीतिक-सामाजिक समूह है जिसमें कुनबी सहित कई समुदाय शामिल थे। कुनबी का विस्तार केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गोवा जैसे राज्यों में भी देखा जाता है। दोनों समुदाय महाराष्ट्र के इतिहास और संस्कृति में एक अभिन्न स्थान रखते हैं।
मुंबई की अर्थर जेल ने मेहुल चौकसी के लिए 12 नंबर बैरक में बढ़ाई सुरक्षा, जानिए क्या खास इंतजाम किए गए
8 Sep, 2025 03:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : मेहुल चौकसी को भारत लाए जाने की तैयारी तेज हो गई है। गृह मंत्रालय ने बेल्जियम के न्याय मंत्रालय को एक पत्र लिखकर इंडियन बिजनेसमैन मेहुल चोकसी को हिरासत में रखने की शर्तों के बारे में औपचारिक आश्वासन दिया है। गृह मंत्रालय ने महुल चौकसी को बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पित करने के लिए रखी गई शर्तों को पूरा करने का आश्वनस दिया है। मेहुल चोकसी को अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। मेहुल चोकसी और भतीजा नीरव मोदी 13000 करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी वाले लेनदेन से जुड़े पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। सरकार ने बेल्जियम के अधिकारियों को हिरासत मानकों के संबंध में विशिष्ट परिचालन गारंटी प्रदान की है, जिसमें सुविधा विनिर्देशों, अधिभोग प्रतिबंधों, चिकित्सा प्रावधानों और निगरानी प्रणालियों का विवरण दिया गया है।
कैसी है बैरक 12
गृह मंत्रालय ने मेहुल चोकसी की हिरासत के लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक संख्या 12 को चुना है। इस बैरक को सीपीटी मानदंडों का पालन करते हुए, फर्नीचर को छोड़कर, तीन वर्ग मीटर का निजी स्थान दिया गया है। यह बैरक दो कोठरी वाली है और इसमें छह लोगों के रहने की क्षमता है। फिलहाल यह खाली है।
दिन में तीन बार मिलेगा खाना
इस सुविधा में सूती चटाई, तकिए, चादरें और कंबल सहित सोने की व्यवस्था है, और चिकित्सकीय सलाह पर बिस्तर उपलब्ध हैं। कोठरियों में वेंटिलेशन, पंखे, नियमित सफाई, निरंतर पानी की आपूर्ति और फ्लश शौचालय और वॉश बेसिन भी है। बंदियों को दिन में तीन बार पर्याप्त भोजन मिलेगा। साथ ही चिकित्सकीय अनुमति के अधीन विशेष आहार संबंधी आवश्यकताओं के लिए व्यवस्था भी की जाएगी।
खेलने को बैडमिंटन
जेल कैंटीन में खाने की व्यवस्था है। फल और साधारण नाश्ते जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। खुले आसमान वाले आंगन में रोज बाहरी व्यायाम की अनुमति दी जाएगी। इनडोर मनोरंजन में बोर्ड गेम और साधारण बैडमिंटन खेलने को मिलेगा। जेल में योग, ध्यान, पुस्तकालय और लिखने-पढ़ने के लिए सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मेडिकल फेसिलिटी भी
गृह मंत्रालय ने बेल्जियम को बताया है कि स्वास्थ्य सेवा में छह चिकित्सा अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों के साथ चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। 20 बिस्तरों वाला एक जेल अस्पताल आईसीयू सेवाएं प्रदान करता है, और आपातकालीन स्थिति में पास के सर जेजे ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स में रेफर किया जा सकता है। निजी चिकित्सा देखभाल व्यक्तिगत खर्च पर, पूर्व-मौजूदा स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, दी जा सकती है।
टीवी अभिनेता आशीष कपूर पर गंभीर आरोप, कोर्ट ने सुनाया 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश, मामला बना चर्चा का विषय
8 Sep, 2025 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: टेलीविजन अभिनेता आशीष कपूर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें 24 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के सिलसिले में पिछले हफ़्ते पुणे से गिरफ्तार किए गया था। मामले की जांच कर रही टीम ने कोर्ट में बताया कि उन्हें अभी तक महिला का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है, जिसके बारे में उनका दावा है कि वह हमले के दौरान छीन लिया गया था। इसके साथ ही आरोपियों के उपकरण भी बरामद नहीं हुए हैं।
बता दें गुरुग्राम में रहने वाली महिला की शिकायत के अनुसार उसे 10 अगस्त को दिल्ली के सिविल लाइंस में एक हाउस पार्टी में आमंत्रित किया गया था। उसने आरोप लगाया कि आशीष कपूर और उसके दोस्त उसे जबरन शौचालय में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। उन्होंने इस कृत्य का वीडियो भी बनाया। उसने यह भी दावा किया कि पार्टी में मौजूद एक महिला ने उसके साथ मारपीट की और वीडियो लीक करने की धमकी दी। महिला ने कहा कि घटना के बाद उसका फोन छीन लिया गया। 11 अगस्त को सामूहिक बलात्कार और हमले के आरोपों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। आशीष कपूर को इस मामले में मुख्य अपराधी बताया गया।
तीन हफ्तों तक पुलिस से छिपता रहा
पुलिस ने बताया कि 40 वर्षीय अभिनेता तीन हफ़्तों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। आखिरकार उसे पिछले मंगलवार को पुणे में एक दोस्त के घर से गिरफ्तार कर लिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि वह गोवा में है, लेकिन जब तक टीम पहुंची, वह भाग गया। बाद में उसे पुणे में ट्रैक किया गया, जहां उसे पकड़ लिया गया। रविवार को, पुलिस ने पुष्टि की कि कपूर का एम्स में मेडिकल पोटेंसी टेस्ट हुआ था। इस टेस्ट के नतीजों का इंतज़ार है।
महिला के फोन की तलाश
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसका फ़ोन छीनने से पहले इस हरकत को उसमें रिकॉर्ड कर लिया था। अधिकारियों ने कहा कि गुम हुए फ़ोन का पता लगाना जांच का एक अहम हिस्सा है। एक जांचकर्ता ने कहा कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, फोन आखिरी बार सिविल लाइंस इलाके में सक्रिय था जहां पार्टी हुई थी। हमने आरोपी के घर और उसके परिवार के रेस्टोरेंट की तलाशी ली, लेकिन वह नहीं मिला पुलिस ने अभी तक पुणे में उन उपकरणों की तलाश नहीं की है, जहां कपूर छिपा हुआ था।
पीड़ित महिला ने बयान बदले
हालांकि शुरुआती एफआईआर में कपूर, उसके दोस्त, दोस्त की पत्नी और दो अन्य लोगों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया गया था, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बदलाव किया। उसने अपने आरोप को सिर्फ़ कपूर द्वारा बलात्कार तक सीमित कर दिया और बाकी लोगों के खिलाफ आरोप वापस ले लिए। पुलिस ने कहा कि महिला ने पहले अदालत को बताया था कि कपूर ने उसके साथ बलात्कार किया जबकि बाकी लोग खड़े रहे। बाद में पार्टी में हाथापाई हुई, जिसमें कथित तौर पर एक महिला ने उसे मारा। इसके बाद आशीष कपूर उसे घर छोड़ गया और कथित वीडियो दिखाकर धमकाया।
मुंबई से यूपी-बिहार के लिए सफ़र होगा आसान, रेलवे की ओर से 944 विशेष ट्रेनों का ऐलान
8 Sep, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आगामी त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए सेंट्रल रेलवे ( Central Railway ) जोन ने एक बड़ा फैसला लिया है। सेंट्रल रेलवे त्योहारों पर 944 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान अलग-अलग जगहों के लिए चलेंगी। इन ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग अगले हफ्ते से शुरू होगी। इससे यात्रियों को त्योहारों में आसानी से टिकट मिल सकेंगे और वे आराम से यात्रा कर पाएंगे।
944 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला
सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर डॉ स्वप्निल नीला ने बताया कि कि सेंट्रल रेलवे ने आगामी पूजा, दिवाली और छठ त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अलग जगहों के बीच 944 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मुंबई-कोल्हापुर के बीच 20 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)-तिरुवनंतपुरम के बीच 20, एलटीटी-सावंतवाड़ी रोड के बीच 8, मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CSMT)-गोरखपुर के बीच 132, एलटीटी-दानापुर के बीच 134, एलटीटी-नागपुर के बीच 20 और एलटीटी-लातूर के बीच 20 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
कहां के लिए कितनी ट्रेनें?
स्वप्निल नीला ने कहा कि मुंबई-कोल्हापुर के बीच 20 स्पेशल ट्रेन सेवाएं, एलटीटी-तिरुवनंतपुरम के बीच 20 सेवाएं, एलटीटी-सावंतवाड़ी रोड के बीच 8 सेवाएं, मुंबई CSMT और गोरखपुर के बीच 132 सेवाएं, एलटीटी और दानापुर के बीच 134 सेवाएं, एलटीटी और नागपुर के बीच 20 सेवाएं और एलटीटी और लातूर के बीच 20 ट्रेनें चलेंगी। सेंट्रल रेलवे जो फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है, उनमें से कुछ खास ट्रेनें इस प्रकार हैं:-
सेंट्रल रेलवे: फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट 2025
पुणे–हजरत निजामुद्दीन–पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल (20 फेरे)
01491 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 26.09.2025 से 28.11.2025 तक हर शुक्रवार को पुणे से 17.30 बजे प्रस्थान करेगी (10 सेवाएं) और अगले दिन 20.00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।
01492 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 27.09.2025 से 29.11.2025 तक हर शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से 21.25 बजे प्रस्थान करेगी (10 सेवाएं) और अगले दिन 23.55 बजे पुणे पहुंचेगी।
स्टॉपेज: लोनावला, कल्याण, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, वापी, वलसाड, उधना, वडोदरा जंक्शन, गोधरा (केवल 01492 के लिए), रतलाम, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर जंक्शन, मथुरा।
कोच: एक एसी 2-टियर, चार एसी 3-टियर, 11 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी, गार्ड ब्रेक यान।
कोल्हापुर-मुंबई सीएसएमटी-कोल्हापुर साप्ताहिक स्पेशल (20 फेरे)
01418 साप्ताहिक स्पेशल 24.09.2025 से 26.11.2025 (10 सेवाएं) तक प्रत्येक बुधवार को 22.00 बजे कोल्हापुर से रवाना होगी और अगले दिन 13.30 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी।
01417 साप्ताहिक विशेष ट्रेन 25.09.2025 से 27.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार को 14.30 बजे सीएसएमटी से रवाना होगी (10 सेवाएं) और अगले दिन 04.20 बजे कोल्हापुर पहुंचेगी।
स्टॉपेज: मिराज, सांगली, किर्लोस्कर वाड़ी, कराड, सतारा, लोनंद, जेजुरी, पुणे, लोनावाला, कल्याण।
कोच: एक एसी 2-टियर, 3 एसी 3-टियर, 10 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी, गार्ड ब्रेक यान।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस-तिरुवनंतपुरम उत्तर - लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (20 फेरे)
01463 साप्ताहिक विशेष ट्रेन दिनांक 25.09.2025 से 27.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार को 16.00 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रवाना होगी और अगले दिन 20.45 बजे तिरुवनंतपुरम उत्तर पहुँचेगी। (10 फेरे)
01464 साप्ताहिक विशेष ट्रेन दिनांक 27.09.2025 से 29.11.2025 तक प्रत्येक शनिवार को 16.20 बजे तिरुवनंतपुरम उत्तर से रवाना होगी और अगले दिन 21.50 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। (10 फेरे)
स्टॉपेज: ठाणे, पनवेल, पेन, रोहा, चिपलुन, रत्नागिरी, कंकावली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, मडगांव, कारवार, कुमता, कुंडापुरा, उडुपी, मैंगलोर, कासरगोड, कन्नानोर, कालीकट, तिरुर, शोरानूर, त्रिचूर, एर्नाकुलम टाउन, कोट्टायम, तिरुवल्ला, चेंगन्नूर, कायनकुलम जंक्शन और कोल्लम।
कोच: एक एसी-2 टियर, छह एसी-3 टियर, 9 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 1 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड की ब्रेक वैन और 1 जेनरेटर कोच।
पुणे – सांगानेर जंक्शन – पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल (20 फेरे)
01433 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 24.09.2025 से 26.11.2025 तक (10 सेवाएं) प्रत्येक बुधवार को पुणे से 09.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 05.40 बजे सांगानेर जंक्शन पहुंचेगी।
01434 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 25.09.2025 से 27.11.2025 तक (10 सेवाएं) प्रत्येक गुरुवार को सांगानेर जंक्शन से 11.35 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 09.30 बजे पुणे पहुंचेगी।
स्टॉपेज: लोनावाला, कल्याण, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, वडोदरा, रतलाम, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर।
कोच: 1 एसी प्रथम श्रेणी, एक एसी-2 टियर, दो एसी 3 टियर, 5 शयनयान श्रेणी, 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस - सावंतवाड़ी रोड - लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (8 फेरे)
01179 साप्ताहिक विशेष ट्रेन 17.10.2025 से 07.11.2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 08.20 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान करेगी (4 फेरे) और उसी दिन 21.00 बजे सावंतवाड़ी रोड पहुंचेगी।
01180 साप्ताहिक विशेष ट्रेन 17.10.2025 से 7.11.2025 तक (4 सेवाएं) प्रत्येक शुक्रवार को 22.20 बजे सावंतवाड़ी रोड से रवाना होगी और अगले दिन 10.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
स्टॉपेज: ठाणे, पनवेल, पेन, रोहा, मानगांव, वीर, खेड़, चिपलून, सावर्डा, अरावली रोड, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, अडावली, विलावडे, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, नंदगांव, कंकावली, सिंधुदुर्ग, कुडाल।
कोच: 1 एसी प्रथम श्रेणी, तीन एसी-2 टियर, सात एसी 3-टियर, 8 स्लीपर क्लास, एक पेंट्री, 2 जेनरेटर वैन।
लातूर - हडपसर- लातूर स्पेशल (74 फेरे)
01429 स्पेशल ट्रेन 26.09.2025 से 28.11.2025 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 09.30 बजे लातूर से रवाना होगी और उसी दिन 15.30 बजे हडपसर पहुंचेगी। (37 फेरे)
01430 स्पेशल ट्रेन 26.09.2025 से 28.11.2025 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को शाम 05.05 बजे हडपसर से रवाना होगी और उसी दिन 21.20 बजे लातूर पहुंचेगी। (37 फेरे)
स्टॉपेज: हरंगुल, मुरुड, धाराशिव, बरसी टाउन, कुर्दुवाड़ी, जेउर और दौंड।
कोच: एक एसी प्रथम श्रेणी, दो एसी-2 टियर, चार एसी-3 टियर, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन।
सीएसएमटी मुंबई - गोरखपुर - सीएसएमटी मुंबई स्पेशल (132 फेरे)
01079 स्पेशल 26.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रतिदिन 22.30 बजे सीएसएमटी मुंबई से रवाना होगी और तीसरे दिन 10.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। (66 फेरे)
01080 स्पेशल 28.09.2025 से 02.12.2025 तक प्रतिदिन 14.30 बजे गोरखपुर से रवाना होगी और तीसरे दिन 00.40 बजे सीएसएमटी मुंबई पहुंचेगी। (66 फेरे)
स्टॉपेज: दादर, ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, बस्ती और खलीलाबाद।
कोच: तीन एसी-3 टियर, 10 स्लीपर क्लास, 5 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन।
पुणे - गोरखपुर - पुणे विशेष (130 फेरे)
01415 विशेष ट्रेन 27.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रतिदिन 06.50 बजे पुणे से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। (65 फेरे)
01416 विशेष ट्रेन 28.09.2025 से 01.12.2025 तक प्रतिदिन 17.30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 03.15 बजे पुणे पहुंचेगी। (65 फेरे)
स्टॉपेज: दौंड कॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा और बस्ती।
कोच: चार एसी-3 टियर, 6 स्लीपर क्लास, 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन।
दौंड - कलबुर्गी - दौंड अनारक्षित विशेष - सप्ताह में 5 दिन (96 फेरे)
01421 अनारक्षित विशेष ट्रेन 26.9.2025 से 1.12.2025 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को 05.00 बजे दौंड से रवाना होगी और उसी दिन 11.20 बजे कलबुर्गी पहुंचेगी। (48 फेरे)
01422 अनारक्षित विशेष ट्रेन 26.9.2025 से 1.12.2025 तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को 16.10 बजे कलबुर्गी से रवाना होगी और उसी दिन 22.20 बजे दौंड पहुंचेगी। (48 फेरे)
स्टॉपेज: भीगवान, पारेवाड़ी, जेउर, केम, कुर्दुवाड़ी, माधा, मोहोल, सोलापुर, टिकेकरवाड़ी, होटगी, अकालकोट रोड, बोरोटी, दुधानी और गणगपुर।
कोच: 10 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-सामान-सह-गार्ड के डिब्बे
दौंड - कलबुर्गी - दौंड अनारक्षित द्वि-साप्ताहिक विशेष (40 फेरे)
01425 अनारक्षित विशेष ट्रेन 25.9.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार और रविवार को दौंड से सुबह 05.00 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन सुबह 11.20 बजे कलबुर्गी पहुंचेगी। (20 फेरे)
01426 अनारक्षित विशेष गाड़ी 25.9.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार और रविवार को 20.30 बजे कलबुर्गी से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 02.30 बजे दौंड पहुंचेगी। (20 फेरे)
स्टॉपेज: भीगवान, पारेवाड़ी, जेउर, केम, कुर्दुवाड़ी, माधा, मोहोल, सोलापुर, टिकेकरवाड़ी, होतगी, अकालकोट रोड, बोरोटी, दुधानी और गंगापुर।
कोच: 10 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-सामान-सह-गार्ड के डिब्बे।
नागपुर-पुणे-नागपुर साप्ताहिक विशेष (20 फेरे)
01209 विशेष ट्रेन दिनांक 27.9.2025 से 29.11.2025 तक प्रत्येक शनिवार को नागपुर से 19.40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 11.25 बजे पुणे पहुंचेगी। (10 फेरे)
01210 विशेष ट्रेन दिनांक 28.9.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक रविवार को पुणे से 15.50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 06.30 बजे नागपुर पहुंचेगी। (10 फेरे)
स्टॉपेज: उरुली, दौंड कॉर्ड लाइन, अहमदनगर, बेलापुर, कोपरगांव, मनमाड, जलगांव, भुसावल, मलकापुर, शेगांव, अकोला, बडनेरा, धामणगांव और वर्धा।
कोच: चार एसी 3-टियर, 6 स्लीपर क्लास, 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन।
नागपुर- समस्तीपुर- नागपुर साप्ताहिक स्पेशल (20 फेरे)
01207 साप्ताहिक स्पेशल दिनांक 24.09.2025 से 26.11.2025 तक प्रत्येक बुधवार को नागपुर से 10.40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 21.30 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। (10 फेरे)
01208 साप्ताहिक स्पेशल दिनांक 25.09.2025 से 27.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार को समस्तीपुर से 23.45 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 07.00 बजे नागपुर पहुंचेगी। (10 फेरे)
स्टॉपेज: बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, छपरा, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर।
कोच: 4 एसी-3 टियर, 6 स्लीपर क्लास और 6 सेकंड क्लास जिसमें 2 सामान्य सेकंड क्लास सह गार्ड ब्रेक वैन शामिल हैं।
पुणे - हजरत निजामुद्दीन - पुणे द्वि-साप्ताहिक विशेष (36 फेरे)
01483 द्वि-साप्ताहिक विशेष ट्रेन 30.09.2025 से 29.11.2025 तक प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को 17.30 बजे पुणे से रवाना होगी और अगले दिन 20.00 बजे हज़रत निज़ामुद्दीन पहुंचेगी। (18 फेरे)
01484 द्वि-साप्ताहिक विशेष ट्रेन 01.10.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक बुधवार और रविवार को 21.25 बजे हज़रत निज़ामुद्दीन से रवाना होगी और अगले दिन 23.55 बजे पुणे पहुंचेगी। (18 फेरे)
स्टॉपेज: लोनावला, कल्याण, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, वापी, वलसाड, उधना, वडोदरा जंक्शन, गोधरा (केवल 01484 के लिए), रतलाम, भवानी मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर जंक्शन और मथुरा।
कोच: चार एसी 3-टियर, 6 स्लीपर क्लास, 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड की ब्रेक वैन।
एलटीटी-दानापुर-एलटीटी दैनिक स्पेशल (134 फेरे)
01143 दैनिक स्पेशल 25.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रतिदिन 10.30 बजे एलटीटी मुंबई से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 18.45 बजे दानापुर पहुंचेगी। (67 फेरे)
01144 दैनिक स्पेशल दिनांक 26.09.2025 से 01.12.2025 तक प्रतिदिन 21.30 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 04.50 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। (67 फेरे)
स्टॉपेज: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जं.,बक्सर एवं आरा.
कोच: तीन एसी 3-टियर, 10 स्लीपर क्लास, 5 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन
एलटीटी-नागपुर-एलटीटी साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल (20 फेरे)
02139 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 25.09.2025 से 27.11.2025 तक प्रत्येक गुरुवार को एलटीटी, मुंबई से 00.25 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 15.30 बजे नागपुर पहुंचेगी (10 फेरे)
02140 साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 26.09.2025 से 28.11.2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को नागपुर से 13.30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 04.10 बजे एलटीटी, मुंबई पहुंचेगी (10 फेरे)
स्टॉपेज: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, जलगांव, भुसावल, मलकापुर, शेगांव, अकोला, मुर्तिजापुर, बडनेरा, धामनगांव और वर्धा।
कोच: तीन एसी थ्री-टियर, 10 स्लीपर क्लास, 5 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन
पुणे - दानापुर-पुणे स्पेशल (134 फेरे)
01449 स्पेशल ट्रेन 25.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रतिदिन 15.30 बजे पुणे से रवाना होगी और तीसरे दिन 02.00 बजे दानापुर पहुंचेगी।
01450 स्पेशल ट्रेन 27.09.2025 से 02.12.2025 तक दानापुर से 05.30 बजे रवाना होगी और अगले दिन 18.15 बजे पुणे पहुंचेगी।
स्टॉपेज: दौंड कॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा।
कोच: चार एसी थ्री-टियर, 6 स्लीपर क्लास, 6 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन
एलटीटी-लातूर-एलटीटी साप्ताहिक विशेष (20 फेरे)
01007 साप्ताहिक विशेष ट्रेन 28.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक रविवार को एलटीटी मुंबई से 00.55 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 13.30 बजे लातूर पहुंचेगी। (10 फेरे)
01008 साप्ताहिक विशेष ट्रेन 28.09.2025 से 30.11.2025 तक प्रत्येक रविवार को 16.00 बजे लातूर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 04.50 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। (10 फेरे)
स्टॉपेज: ठाणे, कल्याण, लोनावाला, पुणे, दौंड, कुर्दुवाड़ी और धाराशिव
कोच: तीन एसी 3-टियर, 10 स्लीपर क्लास, 5 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर फडणवीस की सख्त टिप्पणी: “भारत किसी की मान्यता से नहीं, अपनी ताकत से चलता है”
6 Sep, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महान नेता हैं। भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह बात कहें या न कहें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद बनाता है। कोई दूसरा देश हमें यह नहीं बता सकता कि क्या करना है? उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान पर कही, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की थी। ट्रंप ने कहा था कि वह हमेशा मोदी के दोस्त रहेंगे।
ट्रंप ने क्या कहा था?
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि मैं हमेशा (नरेन्द्र) मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। वह महान हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं आ रहा है। ट्रंप की ओर से भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिका की ओर से लगाए गए शुल्क में भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर क्या बोले फडणवीस?
फडणवीस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ट्रंप कहें या न कहें, प्रधानमंत्री मोदी महान हैं। सभी विश्व नेताओं को लगता है कि वह एक महान नेता हैं। इन दिनों अमेरिका का रुख यह है... कुछ लोग हमारी प्रशंसा करते हैं और कुछ हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह एक नया भारत है... मोदीजी का भारत। हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं और कोई भी हमें निर्देशित नहीं कर सकता।
विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी
उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी रहेगा। फडणवीस दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को वहां एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
मुंबई की सिनेमाई पहचान को झटका, 24 सिंगल-स्क्रीन थिएटर बंद होने की कगार पर, नए टावरों का होगा निर्माण
6 Sep, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में जहां कभी सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों की चकाचौंध हुआ करती थी, वहीं अब इन थिएटरों का दौर धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है। सौ साल से अधिक पुरानी यह परंपरा अब परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। शहर के कई बंद हो चुके थिएटरों के मालिक अपनी संपत्तियों को नए सिरे से विकसित करने के लिए अनुमति मांग रहे हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में करीब दो दर्जन सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों ने पुनर्विकास के प्रस्ताव जमा किए हैं। इनमें से अधिकांश थिएटरों को व्यावसायिक टावरों में बदलने की योजना है, जबकि कुछ प्रस्तावों में आवासीय इमारतों के निर्माण की भी योजना शामिल है।
थिएटर मालिकों के सामने ये चुनौती
हालांकि, राज्य सरकार के नियम थिएटर मालिकों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। नियमों के मुताबिक, हर पुनर्विकास परियोजना में एक छोटे थिएटर का समावेश करना अनिवार्य है। यह शर्त थिएटर मालिकों के लिए कठिनाई का कारण बन रही है, क्योंकि दर्शकों की संख्या लगातार घट रही है और थिएटर चलाना आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं रह गया है। थिएटर मालिकों ने दर्शकों की संख्या में गिरावट का हवाला देते हुए कहा है कि यह आवश्यकता एक बड़ी बाधा है। मुंबई की नवीनतम विकास योजना के नियम 17(2) के अनुसार, पुनर्विकास के इच्छुक मालिकों को मौजूदा थिएटर में अंतिम लाइसेंस प्राप्त सीटों की संख्या के आधार पर बैठने की क्षमता का 33% प्रदान करना होगा, जिसमें न्यूनतम 150 सीटें या राज्य द्वारा निर्धारित सीटें शामिल होंगी।
जानें क्या है नियम
उदाहरण के लिए, 600 सीटों वाले थिएटर में पुनर्विकसित संपत्ति में कम से कम 200 सीटें होनी चाहिए। दक्षिण मुंबई के ग्रांट रोड पर स्थित, 625 सीटों वाला प्रतिष्ठित ड्रीमलैंड थिएटर इस दशक की शुरुआत में हमेशा के लिए बंद हो गया। मालिक, मेसर्स सिने प्रॉपर्टीज़ एंड फ़ाइनेंस द्वारा प्रस्तुत पुनर्विकास योजनाओं के अनुसार, एक उच्च-स्तरीय आवासीय और व्यावसायिक टावर निर्माणाधीन है। पहले कृष्णा टॉकीज़ के नाम से प्रसिद्ध, इस थिएटर का संचालन 1919 में मूक फ़िल्मों के दौर में शुरू हुआ था।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस को मिला बम धमकी भरा मैसेज, 400 किलो आरडीएक्स का जिक्र, आरोपी नोएडा से पकड़ा गया
6 Sep, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप पर आतंकी हमले की झूठी धमकी देने वाले आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अश्विनी के रूप में हुई है। नोएडा पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात शख्स ने मैसेज भेजा था। इस मैसेज में दावा किया गया था कि लश्कर-ए-जिहादी के 14 आतंकी मुंबई में प्रवेश कर चुके हैं और 34 गाड़ियों में 400 किलो आरडीएक्स लगाकर बड़े धमाके की साजिश रच रहे हैं, जिससे भारी जनहानि हो सकती है। धमकी भरे मैसेज के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के जरिए संदिग्ध की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुंबई पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद नोएडा पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की और आरोपी अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया।
हेल्पलाइन नंबर में भेजा गया था मैसेज
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर भेजे गए मैसेज में दावा किया गया था कि 34 गाड़ियों में बम लगाए गए हैं और 400 किलो आरडीएक्स के विस्फोट से पूरा मुंबई शहर हिल जाएगा। इस मैसेज में 'लश्कर-ए-जिहादी' नामक संगठन का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि इस विस्फोट से 1 करोड़ लोगों की जान जा सकती है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह की धमकी दी गई है। इससे पहले, 22 अगस्त को मुंबई के गिरगांव स्थित इस्कॉन मंदिर को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। धमकी भरा ईमेल इस्कॉन मंदिर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आया था। सूचना के बाद मौके पर पुलिस और बम निरोधक टीम पहुंची और पूरे मंदिर परिसर की गहन जांच की गई। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं पाई गई थी।
अंतिम संस्कार से पहले ‘ब्रेन डेड’ युवक के खांसने का मामला, नासिक में चौंकाने वाली घटना पर जांच शुरू
6 Sep, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां त्र्यंबकेश्वर तालुका के 19 वर्षीय युवक भाऊ लाचके को कुछ दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें लगी थीं। अडगांव के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवारजन अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। परिजनों के मुताबिक, ठीक उसी समय जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, युवक अचानक हिलने-डुलने लगा और खांसने लगा। यह देखकर सभी स्तब्ध रह गए। वो तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत बेहद गंभीर है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
परिवार ने लगाए ये आरोप
युवक के रिश्तेदार गंगाराम शिंदे ने कहा कि हम लोग अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। तभी भाऊ अचानक हिला और खांसा। हमें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। हमने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर अब उसका इलाज कर रहे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर है। हालांकि, जिस निजी अस्पताल में युवक का इलाज हो रहा था, उसके प्रबंधन ने परिवार के आरोपों को गलत बताया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भाऊ लाचके को कभी मृत घोषित नहीं किया गया था। उनका कहना है कि परिवारजन मेडिकल शब्दावली को लेकर भ्रमित हो गए।
अस्पताल ने किया ये दावा
आमतौर पर ‘ ब्रेन डेड ’ का मतलब होता है कि रोगी का दिमाग काम करना बंद कर देता है और व्यक्ति जीवन के सामान्य कार्यों के लिए मशीनों पर निर्भर हो जाता है। हालांकि कानूनी तौर पर इसे मौत के समान माना जाता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इसे लेकर परिवारों में कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है। भाऊ लाचके का मामला भी अब उसी तरह का माना जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि युवक अंतिम संस्कार से पहले हिला और खांसा, तो अस्पताल ने उन्हें ‘ब्रेन डेड’ बताकर गुमराह क्यों किया? वहीं, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उन्होंने कभी युवक को मृत नहीं बताया।
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