महाराष्ट्र
बेटी की सुरक्षा को लेकर लिया गया कठोर फैसला, समाज में बहस
25 Apr, 2026 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरुड इलाके से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अपनी ही नाबालिग बेटी की सुरक्षा को लेकर माता-पिता की 'अति-सतर्कता' प्रताड़ना की सीमा तक पहुँच गई। आरोप है कि माता-पिता ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के पूरे बाल काट दिए और उसे घर के भीतर ही कैद कर लिया।
सुरक्षा के नाम पर प्रताड़ना
शुरुआती जानकारी के अनुसार, माता-पिता ने यह हैरान करने वाला कदम इसलिए उठाया ताकि उनकी बेटी पर किसी की 'गलत नजर' न पड़े। बताया जा रहा है कि एक युवक लड़की का पीछा करता था और उसे बुरी नीयत से देखता था। परिवार इस बात को लेकर काफी डरा हुआ और चिंतित था।
कानूनी कार्रवाई: इस मामले में माता-पिता ने पहले उस युवक के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
विवादित फैसला: युवक के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद, माता-पिता ने बेटी की सुरक्षा के नाम पर उसके बाल काट दिए और उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
नाबालिग ने खुद उठाई आवाज
घर के भीतर हो रहे इस दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 16 वर्षीय लड़की ने साहस दिखाया और खुद पुलिस स्टेशन पहुँच गई। उसने अपने ही माता-पिता के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस भी सन्न रह गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
वरुड पुलिस स्टेशन में पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है:
अन्य दुर्व्यवहार की जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बाल काटने के अलावा लड़की के साथ किसी और तरह की शारीरिक या मानसिक हिंसा हुई है।
कानूनी प्रक्रिया: माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और लड़की की सुरक्षा और काउंसलिंग पर ध्यान दिया जा रहा है।
यह मामला इस बहस को जन्म देता है कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर क्या माता-पिता को उनके मौलिक अधिकारों और गरिमा का हनन करने की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल, इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुखबिर से लिया खौफनाक बदला, आरोपी गिरफ्तार
25 Apr, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ करीब 25 साल पुराने एनकाउंटर का बदला लेने के लिए एक युवक ने 78 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को नागपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ढाई दशक पुरानी रंजिश और कत्ल की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला 1999 में हुए एक एनकाउंटर से जुड़ा है। उस समय छोटा शकील गैंग का गुर्गा शादिक कालिया पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। शादिक कालिया के भतीजे, 29 वर्षीय शादिक जावर को यकीन था कि उसके चाचा की मुखबिरी इकबाल इब्राहिम सेलिया (78) ने की थी।
आरोप है कि सेलिया की सूचना पर ही तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने शादिक कालिया को ढेर किया था। इसी का प्रतिशोध लेने के लिए शादिक जावर ने दशकों बाद हत्या की खौफनाक साजिश रची।
घर में घुसकर 20 से अधिक वार
वारदात 20 अप्रैल की शाम को नागपाड़ा इलाके में हुई।
हमला: जब सेलिया घर में अकेले थे, तब दो हमलावर वहां पहुंचे और धारदार हथियारों से उन पर टूट पड़े।
क्रूरता: हमलावरों ने बुजुर्ग पर 20 से ज्यादा वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
खुलासा: जब मृतक की पत्नी और बेटा घर लौटे, तो उन्होंने कमरे के भीतर खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचित किया।
सीसीटीवी और तकनीक से मिली कामयाबी
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन उनकी हरकतें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं।
ट्रैकिंग: पुलिस ने फुटेज के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि वे अंटोप हिल और विद्याविहार होते हुए कल्याण पहुंचे और वहां से नागपुर भाग गए।
गिरफ्तारी: टेक्निकल सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच ने शादिक जावर और उसके 22 वर्षीय साथी नौशाद मिथानी को नागपुर से धर दबोचा। दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
अतीत का साया: जूते बेचने वाले से गैंगस्टर बनने तक का सफर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शादिक कालिया 90 के दशक में फुटपाथ पर जूते बेचता था, लेकिन बाद में वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में सक्रिय हो गया। नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उसे मार गिराया था। जिस वक्त यह एनकाउंटर हुआ, उसका भतीजा शादिक जावर महज 2 साल का था। जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ, उसके मन में बदले की आग सुलगती रही और अंततः उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड के किसी अन्य सदस्य का भी हाथ है।
गडकरी को धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज
24 Apr, 2026 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है। धंतोली थाना पुलिस ने इस संबंध में एक व्यक्ति की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो देख हुआ खुलासा
शिकायतकर्ता, जो दिल्ली का निवासी है और एक संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है, 18 अप्रैल 2026 को निजी कार्य से नागपुर आया था। उसने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल को जब वह यशवंत स्टेडियम इलाके में था, तब उसने फेसबुक पर “सनातनी शेर” नाम की आईडी से अपलोड किया गया एक वीडियो देखा।
केंद्रीय मंत्री और परिवार को धमकी
आरोप है कि वीडियो में आयुष अग्रवाल नामक व्यक्ति ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिजनों के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वीडियो में उनके पुत्र पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए 48 घंटे के भीतर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं, जो कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और भड़काऊ भाषा का उपयोग करने वाले हैं।
आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई
पुलिस जांच के अनुसार:
आरोपी का विवरण: आरोपी की पहचान 44 वर्षीय आयुष रमेशचंद्र अग्रवाल के रूप में हुई है, जो नागपुर के मानेवाड़ा चौक क्षेत्र का रहने वाला है।
पुलिस की भूमिका: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयुष ने अफवाहें फैलाकर सार्वजनिक शांति भंग करने और समाज में असुरक्षा का माहौल बनाने का प्रयास किया है।
वर्तमान स्थिति: धंतोली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपी की गतिविधियों की गहराई से जांच की जा रही है।
राउत का तीखा बयान: ट्रंप पर हमला, भारतीय नेताओं का नाम लिया
24 Apr, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को आधार बनाकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, एस. जयशंकर और देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें ट्रंप की टिप्पणियों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
"देश को नरक में धकेलने" के आरोप पर पलटवार
संजय राउत ने कहा कि यदि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की स्थिति खराब हुई है, तो इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके "मित्र" डोनाल्ड ट्रंप ने कड़वा सच सबके सामने रख दिया है। राउत ने मांग की कि पीएम मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा करनी चाहिए कि भारत "नरक" नहीं बल्कि "स्वर्ग" है।
उद्धव ठाकरे के विधान परिषद जाने पर चर्चा
महाविकास आघाड़ी (MVA) की अंदरूनी राजनीति पर बात करते हुए राउत ने कहा:
नेतृत्व की मांग: सुप्रिया सुले और विजय वड्डेटीवार सहित एमवीए के कई नेता चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे विधान परिषद में गठबंधन का नेतृत्व करें।
मनाने की कोशिश: राउत ने बताया कि फिलहाल उद्धव ठाकरे को इसके लिए मनाने के प्रयास जारी हैं, हालांकि अंतिम फैसला उन्हीं का होगा।
रणनीति: हर्षवर्धन सकपाल की मातोश्री यात्रा के दौरान आगामी लोकसभा और अन्य चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई है।
मराठी भाषा और रिक्शा विवाद
ऑटो रिक्शा में मराठी भाषा को अनिवार्य करने के मुद्दे पर राउत ने एकनाथ शिंदे गुट को घेरा। उन्होंने कहा:
जो लोग महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रहकर मराठी का विरोध कर रहे हैं, वे राज्य के हितैषी नहीं हो सकते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन क्षेत्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना महाराष्ट्र के स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।
'नारी शक्ति वंदन' को बताया दिखावा
केंद्र की महिला सशक्तिकरण की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए राउत ने इसे केवल 'इवेंट' करार दिया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर पंकजा मुंडे जैसी किसी महिला को बैठाए या देश के प्रधानमंत्री पद की कमान किसी महिला को सौंपे, तभी सही अर्थों में नारी शक्ति का सम्मान होगा।
मानवाधिकार उल्लंघन पर कोर्ट नाराज, मुआवजा देने का निर्देश
24 Apr, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे। हाई कोर्ट ने पुलिसिया कार्रवाई के दौरान मानवीय गरिमा के उल्लंघन पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को एक वकील और एक पूर्व सैनिक को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस आधार के किसी नागरिक को हथकड़ी पहनाकर सार्वजनिक रूप से घुमाना उनके मौलिक अधिकारों और सम्मान का हनन है।
न्यायालय का कड़ा रुख
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखते समय व्यक्तियों के आत्मसम्मान और गरिमा का ख्याल रखना अनिवार्य है। अदालत ने माना कि वकील योगेश्वर कावड़े और पूर्व सैनिक अविनाश दाते को जिस अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ा, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।
घटना का विवरण
यह मामला अगस्त 2010 का है, जब दोनों याचिकाकर्ता अपनी कार को नुकसान पहुँचाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने अमरावती के तलेगांव पुलिस स्टेशन पहुँचे थे।
विवाद की शुरुआत: आरोपी ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी, जिसके बाद पुलिस ने आधी रात को दोनों को हिरासत में ले लिया।
मानवीय गरिमा का हनन: आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कपड़े उतारने पर विवश किया और अगले दिन हथकड़ी लगाकर सार्वजनिक बस से अदालत ले गई।
अदालत का निर्णय
अमरावती पुलिस अधीक्षक की ओर से दी गई दलील कि दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है, हाई कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर सकी। कोर्ट ने कहा कि केवल विभागीय जांच पर्याप्त नहीं है; न्याय का तकाजा है कि पीड़ितों को हुई मानसिक और सामाजिक क्षति की भरपाई की जाए।
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि आठ सप्ताह के भीतर मुआवजे की राशि का भुगतान किया जाए। कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खाकी वर्दी किसी को भी कानून से ऊपर होने या किसी नागरिक की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं देती।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर गरमाई सियासत, संजय राउत का ममता पर दावा
23 Apr, 2026 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन चुनावों को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।
"चुनाव आयोग के दफ्तर पर भाजपा का झंडा": संजय राउत का बड़ा बयान
संजय राउत ने चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. बंगाल में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर सवाल
राउत ने कहा कि बंगाल में जिस तरह हजारों जवानों को तैनात किया गया है, उससे ऐसा लगता है जैसे वहां मतदाताओं से ज्यादा पुलिस बल मौजूद है। उन्होंने इसे केंद्र की 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि वहां एक तरह की 'गुंडागर्दी' का माहौल बनाया गया है।
2. चुनाव आयोग पर तंज
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, "ऐसा लगता है जैसे पूरा चुनाव आयोग ही भाजपा में शामिल हो गया है। मुझे तो आयोग के दफ्तर पर भाजपा का झंडा लहराता दिख रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को चुनाव लड़ने से रोकने और उन्हें हराने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन बंगाल की जनता पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी है।
3. अमित शाह को सलाह
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बंगाल की खान-पान संस्कृति और वहां के लोगों की फिक्र करने के बजाय असम के हालात पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोलकाता में लोग खुश हैं और वहां किसी पर कोई पाबंदी नहीं है।
मतदान के ताजा आंकड़े
आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया जारी है। दोपहर 1 बजे तक के वोटिंग प्रतिशत इस प्रकार हैं:
राज्य,कुल सीटें,वोटिंग प्रतिशत (दोपहर 1 बजे)
पश्चिम बंगाल,152 (प्रथम चरण),62.18%
तमिलनाडु,234 (सभी सीटें),56.81%
बारामती में बढ़ी वोटिंग, राहुरी में धीमी रफ्तार—लेटेस्ट ट्रेंड्स जारी
23 Apr, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र और गुजरात की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है. निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया है.
उपचुनाव अपडेट: दोपहर 1 बजे तक का मतदान प्रतिशत
महाराष्ट्र की दो और गुजरात की एक सीट पर हो रहे इस उपचुनाव में वोटिंग की रफ्तार दोपहर होते-होते बढ़ गई है. चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर 1 बजे तक की स्थिति इस प्रकार है:
विधानसभा सीट,राज्य,दोपहर 1 बजे तक वोटिंग
बारामती,महाराष्ट्र,31.91%
राहुरी,महाराष्ट्र,29.67%
उमरेठ,गुजरात,37.14%
सुबह से अब तक का सफर
इससे पहले सुबह के सत्र में भी मतदान सुचारू रूप से चलता रहा:
सुबह 11 बजे: बारामती में 20.55%, राहुरी में 18.22% और उमरेठ में 25.65% मतदान हुआ था.
सुबह 9 बजे: शुरुआती दो घंटों में उमरेठ (10%) सबसे आगे था, जबकि बारामती में 8.01% और राहुरी में 6.39% वोट डाले गए थे.
चुनावी मैदान के मुख्य चेहरे
तीनों सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प है, जहाँ प्रमुख पार्टियों ने अपने कद्दावर उम्मीदवारों को उतारा है:
बारामती (महाराष्ट्र): यहाँ मुख्य मुकाबला उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच है. यह सीट अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद रिक्त हुई थी.
राहुरी (महाराष्ट्र): भाजपा की ओर से अक्षय कर्डिले मैदान में हैं, जिनका मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के गोविंद मोकाटे और वंचित बहुजन अघाड़ी के संतोष चाळके से है.
उमरेठ (गुजरात): यहाँ भाजपा के हर्षभाई गोविंद भाई परमार और कांग्रेस के भृगुराजसिंह प्रतापसिंह चौहान के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है.
उपचुनाव के पीछे का समीकरण
1. बारामती का घटनाक्रम:
यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के 28 जनवरी 2026 को एक दुखद विमान दुर्घटना में हुए निधन के कारण हो रहा है. इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3.84 लाख मतदाता हैं, जो आज 23 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे.
2. राहुरी की स्थिति:
राहुरी विधानसभा सीट पिछले साल अक्टूबर में भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के बाद खाली हुई थी. उनके पुत्र अक्षय कर्डिले अब इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.
3. महाराष्ट्र विधानसभा का गणित:
वर्तमान में महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन 235 सीटों के साथ बेहद मजबूत स्थिति में है, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी के पास 50 सीटें हैं. इन उपचुनावों के परिणाम गठबंधन की भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. वोटिंग का समय: मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से मतदान करने की अपील की है.
चौंकाने वाला खुलासा: खरात केस में सोनोग्राफी सेंटर भी जांच के घेरे में
23 Apr, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक के चर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले सच सामने आ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अब इस काले कारनामे में कुछ सफेदपोशों के शामिल होने का अंदेशा है।
नासिक का 'पाखंडी बाबा' केस: अब डॉक्टरों और सोनोग्राफी सेंटर्स पर टिकी जांच की सुई
अशोक खरात मामले में एसआईटी की जांच अब उस नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसने इस घिनौने अपराध में बाबा का साथ दिया। ताजा खुलासे एक पीड़ित महिला के गर्भपात से जुड़े हैं, जिसने इस केस को और भी गंभीर बना दिया है।
डॉक्टरों और चिकित्सा तंत्र की संदिग्ध भूमिका
जांच एजेंसियों को संदेह है कि अशोक खरात को नासिक के कुछ नामी डॉक्टरों और नगर महापालिका के एक चिकित्सक का संरक्षण प्राप्त था।
गर्भपात का जाल: आरोप है कि इन डॉक्टरों की मिलीभगत से पीड़ित महिलाओं को गर्भपात की दवाइयां मुहैया कराई जाती थीं।
सोनोग्राफी सेंटर्स: पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या कुछ सोनोग्राफी सेंटर्स का इस्तेमाल गैरकानूनी तरीके से किया गया। सूत्रों के अनुसार, संबंधित डॉक्टरों को जल्द ही समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
'दैवीय शक्ति' के नाम पर महिलाओं का शोषण
अशोक खरात का शिकार करने का तरीका बेहद शातिर था। वह खुद को "दैवीय अवतार" और "चमत्कारी शक्तियों" का स्वामी बताकर महिलाओं को मानसिक रूप से अपने वश में करता था।
झांसा: व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को जड़ से खत्म करने का वादा कर वह महिलाओं का भरोसा जीतता था।
शोषण: भरोसे की आड़ में वह भोली-भाली महिलाओं का शारीरिक शोषण करता था और विरोध करने पर उन्हें डराता-धमकाता था।
हेल्पलाइन पर शिकायतों की बाढ़
महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिसका असर बड़े पैमाने पर दिख रहा है:
सैकड़ों कॉल्स: पिछले महज 23 दिनों में इस हेल्पलाइन पर सैकड़ों फोन कॉल आए हैं।
प्रतिदिन की स्थिति: अधिकारियों के मुताबिक, हर दिन 5 से 6 नई महिलाएं सामने आकर अशोक खरात के खिलाफ अपनी आपबीती सुना रही हैं।
जांच जारी: पुलिस इन सभी शिकायतों का विश्लेषण कर रही है ताकि केस को और मजबूत बनाया जा सके।
PM मोदी पर खरगे की टिप्पणी को संजय राउत ने दिया नया नाम
22 Apr, 2026 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में दिए गए कथित बयान पर छिड़े सियासी घमासान में अब शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत भी कूद पड़े हैं। राउत ने खरगे के बयान का बचाव करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए हैं।
'पॉलिटिकल टेररिज्म' पर संजय राउत का बयान
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश भर में भय का माहौल बना रहे हैं।
एजेंसियों का दुरुपयोग: राउत ने आरोप लगाया कि ईडी (ED), सीबीआई (CBI), चुनाव आयोग और यहां तक कि न्यायपालिका का डर दिखाकर विपक्ष को दबाया जा रहा है। उन्होंने इन संस्थाओं को पीएम मोदी के 'हथियार और मिसाइल' करार दिया।
दहशत और चुनाव: राउत के अनुसार, महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी दहशत के दम पर चुनाव जीते जा रहे हैं, जिसे 'पॉलिटिकल टेररिज्म' (राजनीतिक आतंकवाद) कहना गलत नहीं होगा।
धमकी भरी भाषा: उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री अक्सर 'परिणाम भुगतने' की बात करते हैं। राउत ने पूछा, "आप हमें धमकियां क्यों दे रहे हैं? यह डराने वाली भाषा ही दूसरे शब्दों में आतंकवाद है।"
महाराष्ट्र में मराठी भाषा की अनिवार्यता का समर्थन
टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर संजय राउत ने दो टूक जवाब दिया:
स्थानीय भाषा का सम्मान: राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी की अनिवार्यता पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दी है।
रोजगार और भाषा: उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग यहां काम करने और पैसा कमाने आते हैं, उन्हें स्थानीय भाषा सीखनी ही चाहिए। महाराष्ट्र में अपनी भाषा का सम्मान करना कोई विद्रोह नहीं है।
पहलगाम हमले और केंद्र की विदेश नीति पर प्रहार
पहलगाम हमले की बरसी का जिक्र करते हुए संजय राउत ने सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीति पर सवाल उठाए:
न्याय पर सवाल: राउत ने पूछा कि हमले में मारे गए निर्दोष हिंदू पर्यटकों को अब तक क्या न्याय मिला? उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से इस पर जवाब मांगा।
ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप का जिक्र: राउत ने आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राजनीति की गई। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक फोन के बाद भारत ने अपने कदम पीछे खींच लिए, जबकि आरोपी आतंकवादी आज भी पाकिस्तान में सुरक्षित हैं।
महिला के समर्थन में उतरीं प्रियंका चतुर्वेदी, बयान ने बढ़ाई सियासत
22 Apr, 2026 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: वर्ली में भारतीय जनता पार्टी की 'महिला जन आक्रोश रैली' के दौरान लगा ट्रैफिक जाम अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जाम से परेशान होकर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन को खरी-खोटी सुनाने वाली महिला के पक्ष में विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला को बताया 'साहसी'
शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंत्री से भिड़ने वाली महिला की सराहना करते हुए कहा:
सलाम और समर्थन: प्रियंका चतुर्वेदी ने उस महिला के साहस को सलाम किया, जिसने राजनीतिक प्रदर्शन के नाम पर आम जनता का रास्ता रोकने वाले सत्ताधारी दल और मंत्री को सीधा जवाब दिया।
जनता की सहनशीलता: उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता पहले ही घंटों ट्रैफिक जाम से जूझती है, ऐसे में वीआईपी मूवमेंट और राजनीतिक रैलियां उनकी परेशानी को और बढ़ा देती हैं। सत्ता पक्ष को जनता की तकलीफों की कोई परवाह नहीं है।
सत्ता पक्ष से तीखे सवाल
पूर्व सांसद ने रैली के आयोजन और प्रशासन की अनुमति पर भी सवाल उठाए हैं:
सड़क ही क्यों? बीजेपी ने निर्धारित मैदानों के बजाय व्यस्त सड़कों पर विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
अनुमति का आधार: पीक आवर्स (व्यस्त समय) में इस तरह के प्रदर्शन की इजाजत किसने और क्यों दी?
आमजन की परेशानी: राजनीतिक दिखावे और शक्ति प्रदर्शन के लिए आम मुंबईवासियों को बंधक क्यों बनाया जा रहा है?
विवाद की पृष्ठभूमि: क्या हुआ था वर्ली में?
बीते दिनों वर्ली इलाके में बीजेपी की रैली के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। इसी बीच वहां फंसी एक महिला यात्री का सब्र टूट गया और वह सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद जल शक्ति मंत्री गिरीश महाजन से उलझ पड़ी। महिला ने तीखे शब्दों में नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री को वहाँ से चले जाने तक कह दिया था।
गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति
जहां एक ओर मंत्री गिरीश महाजन ने महिला की भाषा को 'अनुचित' करार दिया है, वहीं विपक्ष इसे आम आदमी के मौलिक गुस्से की अभिव्यक्ति मान रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, उस महिला का गुस्सा केवल उसका व्यक्तिगत गुस्सा नहीं है, बल्कि उन तमाम मुंबईवासियों की आवाज है जो रोज ट्रैफिक की अव्यवस्था से प्रताड़ित होते हैं।
मुंबई BJP रैली में ‘गेट आउट’ विवाद, मंत्री गिरीश महाजन का बयान
22 Apr, 2026 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई में महिला आरक्षण के समर्थन में आयोजित भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की रैली के दौरान एक महिला और कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के बीच हुई तीखी बहस का मामला गरमाया हुआ है। इस घटना में महिला के कड़े रुख और 'गेट आउट' कहने के बाद अब मंत्री महाजन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
क्या था पूरा मामला?
बीजेपी की ओर से आयोजित इस विशाल मोर्चे के कारण दक्षिण मुंबई के वर्ली इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। घंटों तक यातायात बाधित रहने से परेशान एक महिला यात्री अपना आपा खो बैठी और सीधे मंत्री गिरीश महाजन पर भड़क गई। महिला की नाराजगी और भाषा को लेकर अब मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मंत्री गिरीश महाजन की सफाई और प्रतिक्रिया
विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए गिरीश महाजन ने कहा:
आक्रोश का कारण: महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण महिलाओं में भारी गुस्सा है, इसी वजह से मुंबई से लेकर दिल्ली तक हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं।
भाषा पर आपत्ति: महाजन ने कहा कि ट्रैफिक जाम से परेशानी होना स्वाभाविक है और उस महिला की समस्या जायज थी, लेकिन जिस तरह की भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया, वह अनुचित थी। उन्होंने पुलिस के साथ भी बदसलूकी की और पानी की बोतल तक फेंकी।
संयम का परिचय: मंत्री ने बताया कि महिला की बातें सुनकर बीजेपी कार्यकर्ता भी भड़क गई थीं, लेकिन उन्होंने सभी को शांत रहने को कहा। उन्होंने मौके पर ही माफी मांगकर जल्द ट्रैफिक साफ कराने का निर्देश दिया था।
विपक्ष पर साधा निशाना
गिरीश महाजन ने विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार पर पलटवार करते हुए कहा कि यह महिलाओं का स्वतःस्फूर्त आंदोलन था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी सभाओं और कार्यक्रमों में भीड़ क्यों नहीं जुटती। कुछ नेता केवल बैठकों तक सीमित हैं, जबकि बीजेपी जमीन पर उतरकर संघर्ष कर रही है।
धर्मांतरण मामले पर भी बोले मंत्री
नासिक में सामने आए धर्मांतरण के मामले पर महाजन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस गंभीर मुद्दे पर नजर रखे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
शरद पवार अस्पताल में भर्ती, चोट लगने के बाद उपचार जारी
21 Apr, 2026 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: दिग्गज नेता शरद पवार पिछले दो दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद उनके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके कारण उन्हें भर्ती करना पड़ा। हालांकि उन्हें सोमवार को छुट्टी मिलने वाली थी, लेकिन डॉक्टरों ने बेहतर रिकवरी के लिए उन्हें अभी अस्पताल में ही रुकने और पूर्ण विश्राम करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य को लेकर पहले भी रहे हैं अलर्ट
85 वर्षीय शरद पवार पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है:
फरवरी 2026: इसी साल फरवरी के अंतिम सप्ताह में भी उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
पुणे में इलाज: इससे पहले फरवरी की शुरुआत में सीने में जकड़न की शिकायत के बाद उन्हें पुणे के रूबी हॉल अस्पताल ले जाया गया था, जिसकी जानकारी उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की थी।
राजनीतिक सक्रियता और जज्बा
बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद शरद पवार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। शारीरिक कमजोरी के चलते उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर यह शपथ ग्रहण की थी, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
बारामती उपचुनाव: सभा में नहीं हो पाएंगे शामिल
अस्पताल में होने के कारण शरद पवार बारामती विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
उपचुनाव का कारण: यह सीट शरद पवार के भतीजे और पूर्व नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन (28 जनवरी को विमान दुर्घटना में) के बाद खाली हुई थी।
चुनावी मुकाबला: इस सीट पर अब अजित पवार की पत्नी और वर्तमान डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार सहित कुल 23 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान: बारामती सीट पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
एक्साइज पॉलिसी केस में केजरीवाल को राहत नहीं, राउत का तीखा हमला
21 Apr, 2026 03:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आबकारी मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के फैसले को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार (20 अप्रैल) को कोर्ट द्वारा केजरीवाल की याचिका खारिज किए जाने के बाद, संजय राउत ने न्यायपालिका की निष्पक्षता और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है।
'न्याय व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति'
मंगलवार (21 अप्रैल) को मीडिया से रूबरू होते हुए संजय राउत ने अदालत के रुख पर नाराजगी व्यक्त की। उनके बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
विश्वास का अभाव: राउत ने कहा कि यदि किसी पक्ष को जज की निष्पक्षता पर संदेह है और उससे जुड़े साक्ष्य दिए गए हैं, तो सुनवाई से न हटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
हितों का टकराव: उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी खास विचारधारा या सरकार से लाभ लेने की बात सामने आती है, तो न्याय की गरिमा प्रभावित होती है।
SC से हस्तक्षेप की मांग: राउत ने इस पूरे विषय पर सर्वोच्च न्यायालय से दखल देने की अपील की है।
'उड़ता भाजपा' और ड्रग्स का मुद्दा
संजय राउत ने महाराष्ट्र के वर्तमान हालात पर कटाक्ष करते हुए प्रदेश भाजपा को 'उड़ता भाजपा' करार दिया।
नशे का कारोबार: उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में ड्रग्स की बरामदगी लगातार बढ़ रही है, जिससे राज्य की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
महिला आरक्षण पर घेरा: उन्होंने भाजपा के मोर्चे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो चुके हैं, तो अब इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने का क्या औचित्य है।
खुली बहस की चुनौती
मुख्यमंत्री की ओर से दी गई 'ओपन डिबेट' की चुनौती पर राउत ने कहा:
उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि वे पहले लोकसभा में हुई चर्चाओं का अध्ययन करें।
राउत ने सीधे तौर पर कहा कि यदि डिबेट करनी है, तो उनके स्तर के नेता को सामने लाएं। उन्होंने इस बहस के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने की बात भी कही।
नाबालिग बच्चे को पीटने का आरोप, मुंबई पुलिस अधिकारी पर सवाल
21 Apr, 2026 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। ताड़देव पुलिस स्टेशन में तैनात एपीआई (API) हितेश जोष्ठे पर एक नाबालिग बच्चे के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करने के संगीन आरोप लगे हैं। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर पीड़ित परिवार ने गहरा रोष व्यक्त किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 17 अप्रैल 2026 की शाम ताड़देव के तुलसीवाडी इलाके में घटित हुई।
अमानवीय व्यवहार: सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में पहुंचे एपीआई जोष्ठे ने रास्ते से गुजर रहे एक किशोर को रोककर उसका नाम पूछा। आरोप है कि नाम बताने के दौरान ही जोष्ठे ने जानबूझकर अपना पैर बच्चे के पैर पर रख दिया और विरोध करने पर उसे और जोर से दबाया।
सरेआम पिटाई: जब नाबालिग ने अपना पैर छुड़ाने की कोशिश की, तो जोष्ठे ने उसे कई थप्पड़ जड़ दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे को पकड़ रखा था ताकि अधिकारी उसे पीट सके।
आरोपी अधिकारी का पुराना 'ट्रैक रिकॉर्ड'
पीड़ित बच्चे की माँ ने बताया कि हितेश जोष्ठे का व्यवहार पहले भी हिंसक रहा है:
पहले भी की मारपीट: पिछले साल भी इसी अधिकारी ने उनके दूसरे बेटे के साथ मारपीट की थी।
राहगीरों से बदसलूकी: कुछ वर्ष पूर्व ताड़देव सिग्नल पर एक बाइक सवार को भी बिना किसी गलती के थप्पड़ मारने का मामला सामने आया था, लेकिन उस समय भी कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
घटना की पूरी फुटेज CCTV में कैद होने और ताड़देव डिवीजन के एसीपी (ACP) के पास लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
प्रमुख बिंदु:
पीड़ित परिवार ने आरोपी अधिकारी की तत्काल बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों का इस तरह का व्यवहार इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों में पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी असुरक्षा का भाव है।
सूरत से मजदूरों का पलायन: संजय राउत ने पूछा—गुजरात में रोजगार और चूल्हे क्यों बंद हैं?
20 Apr, 2026 03:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सूरत में मजदूरों के पलायन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने गुजरात के हालातों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां आज भी मुख्यमंत्री के तौर पर केवल नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही नजर आते हैं।
मजदूरों के पलायन पर तंज
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ और पुलिसिया कार्रवाई का जिक्र करते हुए राउत ने कहा, "गुजरात में सब ठीक क्यों नहीं है? लोग पलायन कर रहे हैं क्योंकि उनके पास रोजगार नहीं है और चूल्हे बंद हो गए हैं।" बता दें कि औद्योगिक मंदी और छुट्टियों के चलते रविवार को स्टेशन पर हजारों मजदूरों के जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर घेरा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर राउत ने देवेंद्र फडणवीस के पुराने पोस्ट का हवाला देते हुए पूछा कि जब कानून बन चुका है, तो अब पीछे क्यों हट रहे हैं? उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने केवल सीटों के 'गैर-कानूनी' परिसीमन और लोकसभा की 850 सीटें करने की योजना का विरोध किया है, क्योंकि यह सत्ता में बने रहने की एक चाल थी। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल चुनाव में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
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