सूरजभान के पिता की हत्या पर सस्पेंस, हर एंगल से जांच कर रही पुलिस
बेगूसराय। बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बीच पुरानी दुश्मनी रही है। हालांकि इस मामले में चर्चा जिस सूरजभान सिंह की हो रही है, वह दूसरा व्यक्ति है। अनंत सिंह के करीबी युवक सूरजभान सिंह और उसके बड़े भाई आशीष सोनू के पिता की बेगूसराय में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जमीन कारोबारी की हत्या जिस तरह से की गई और जिस तरह से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, उसके कारण यह घटना बेगूसराय से लेकर पटना तक चर्चा का विषय बन गई है।
जमीन को लेकर हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
सोमवार, 9 मार्च को दिन के करीब दो बजे बेगूसराय नगर निगम के वार्ड 13 में प्रॉपर्टी डीलर वरुण सिंह की तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस पूरे प्रकरण पर सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे का कहना है कि जमीन विवाद में हत्या की आशंका है। हालांकि पुलिस इस घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंच पाएगी या नहीं, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। शूटर की गिरफ्तारी हो भी जाती है तो क्या असली गुनहगार सामने आएंगे, इसे लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
जांच में अब तक ये तथ्य आए सामने
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में गांव से लेकर शहर तक करीब बीस बीघा से अधिक जमीन का कारोबार हुआ था। प्राथमिकी में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी से पुलिस जांच की दिशा तय हो पाएगी। बेगूसराय के क्राइम रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में जमीन कारोबार के विवाद में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और शहर में करीब एक दर्जन से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें कई मामलों में शूटर और लाइनर की गिरफ्तारी के बावजूद असली मास्टरमाइंड का खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसे में बिहार के बाहुबली विधायक के करीबी से जुड़े इस मामले ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में चिंता
बेगूसराय में इस तरह की वारदात से कहीं प्रॉपर्टी डीलिंग में गैंगवार की आशंका को बल न मिले, इसे लेकर जमीन कारोबारियों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में भी चिंता देखी जा रही है। जिस क्षेत्र में यह हत्या हुई है, वहां कई ऐसे भूमाफिया सक्रिय बताए जाते हैं, जो जमीन कारोबारियों को अपने साथ जोड़ने या लेन-देन के विवाद में उलझाने की कोशिश करते रहते हैं। क्राइम हिस्ट्री के अनुसार भूमि कारोबारियों की हत्या के मामलों में पार्टनरशिप या हिसाब-किताब के लेन-देन को प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
पुलिस को मंगानी बैकअप पड़ी फोर्स
सदर अस्पताल में भीड़ को देखते हुए प्रशासन को बैकअप पुलिस फोर्स भी मंगानी पड़ी। घटना स्थल को पुलिस ने फोरेंसिक टीम के लिए घेराबंदी कर सुरक्षित रखा। एसपी मनीष घटनास्थल पर पहुंचे और विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की।

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