बिहार-झारखण्ड
बिहार में ज़हरीली शराब पीने से अब तक करीब पाँच लोगों की मौत
15 Mar, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण, । बिहार के सारण ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से 11 मार्च से अब तक करीब पाँच लोगों की मौत हो गई है और चार अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने ज़हरीली शराब पी थी। हालांकि ज़िला प्रशासन ने इन मौतों की वजह अलग-अलग कारण बताए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों और मृतकों के परिवारों ने इसके लिए अवैध शराब को ज़िम्मेदार ठहराया है। मशरक थाना क्षेत्र के पूरब टोला के रहने वाले रघुवीर महतो की 13 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया गया है कि उन पर शराब बेचने का भी आरोप था। इससे पहले, 11 मार्च को मशरक इलाके के चंद्रमा महतो के बेटे संतोष महतो की भी मौत हो गई थी। प्रशासन ने इसे बीमारी से हुई मौत बताया, जबकि परिवार वालों का कहना था कि शराब पीने के बाद वह घर लौटे थे। उधर पनापुर थाना क्षेत्र के धेनूकी गाँव के रहने वाले 50 वर्षीय सुकन नट की भी 12 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रशासन ने इसे एक सामान्य मौत बताया। इसी बीच, उसी थाना क्षेत्र के डुबौली गाँव के रहने वाले 42 वर्षीय धर्मेंद्र राय की 12 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनकी मौत ज़हरीली शराब पीने से हुई है। धर्मेंद्र के मामले में, पुलिस ने भी ज़हरीली शराब पीने की आशंका जताई है और जाँच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, शराब पीने के बाद कई अन्य लोग भी बीमार पड़ गए हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। मशरक थाना क्षेत्र के पूरब टोला के रहने वाले स्वर्गीय उमेश सिंह के बेटे पंकज कुमार सिंह और परशुराम महतो के बेटे रघुवीर महतो, दोनों की मौत 13 मार्च को हो गई। रघुवीर की मौत तब हुई जब पुलिस ने उन्हें शराब बेचने के आरोप में गिरफ़्तार किया था। इस मामले में सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव कहते हैं कि, अब तक, ज़हरीली शराब से किसी की भी मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संतोष की मौत बीमारी से हुई थी, जबकि धर्मेंद्र की मौत पटना में इलाज के दौरान हुई। डीएम ने कहा कि परिवार वाले दावा कर रहे हैं कि मृतकों ने शराब जैसी कोई चीज़ पी थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और फ़ॉरेंसिक जाँच के लिए विसरा (आंतरिक अंग) सुरक्षित रख लिया गया है। मौत का असली कारण रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर घर पर कोई बीमार पड़ता है, तो तुरंत अस्पताल जाकर इलाज करवाएँ।
सीएम नीतिश के आगमन के पहले हेलीपैड के अंदर घुस गया सांड..........फिर हुआ क्या
15 Mar, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगुसराय । बिहार के बेगूसराय में अजीब वाकया हुआ। सीएम नीतीश कुमार के आगमन के पहले यहां एक सांड़ घुस आया। सांड सीधे सीएम नीतिश के आगमन के पहले हेलीपैड के अंदर घुस गया। इसके बाद सांड को भगाने के लिए पुलिसकर्मियों को लगाया गया जिसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन
बता दें कि समृद्धि यात्रा के बहाने नीतीश बेगुसराय पहुंचने वाले थे नीतीश यहां यहां कुल 330 करोड़ की 402 योजनाओं में से 118.67 करोड़ की 190 परियोजनाओं का शिलान्यास करने वाले है। जबकि 211.97 करोड़ रुपए की 212 परियोजनाओं का उद्घाटन होगा। इसके साथ ही वे कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला भी रखने वाले है। साथ ही निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ कैंपस में चल रही विभिन्न फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने वाले है।
2005 में न्याय यात्रा, 2026 में समृद्धि यात्रा
नीतीश ने साल 2005 में न्याय यात्रा से इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद 2009 में विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा और प्रवास यात्रा में वे बेगूसराय आए। वर्ष 2010 में विश्वास यात्रा के बाद एनडीए सरकार को पूर्ण बहुमत मिला और 2011 में जनता के प्रति आभार जताने के लिए सेवा यात्रा के तहत बेगूसराय पहुंचे। साल 2012 में अधिकार यात्रा, 2014 में संकल्प यात्रा और 2015 में संपर्क यात्रा का आयोजन हुआ। 2019 में जल-जीवन-हरियाली यात्रा और 2021 में समाज सुधार अभियान यात्रा शुरू हुई। इसके बाद 2023 में समाधान यात्रा और 2025 में प्रगति यात्रा ने नीतीश कुमार को एक बार फिर जन-जन का नेता साबित किया। सीएम नीतीश 2026 में समृद्धि यात्रा कर रहे हैं। समृद्धि यात्रा सीएम नीतीश का बिहार में मुख्यमंत्री के रुप में अंतिम यात्रा है।
बिहार के पूर्णिया में सनसनी: ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक की हत्या, खेत में मिला शव
14 Mar, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। में एक निजी ट्यूशन शिक्षक की अज्ञात अपराधियों ने अत्यंत क्रूर तरीके से हत्या कर दी। अपराधियों ने हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को मक्के के खेत में फेंक दिया। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। घटना कसबा थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव के पास हुई है। मृतक की पहचान मथोर गांव निवासी ट्यूशन टीचर आबिद के रूप में की गई। परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबिद प्रतिदिन की तरह गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे अपने घर से छात्रों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए निकले थे। शाम ढलने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता होने लगी। देर रात तक उनकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था और कहीं कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार की सुबह कमालपुर गांव के पास एक मक्के के खेत में सिंचाई करने पहुंचे ग्रामीण ने एक शव देखा, जिसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। हत्या की इस वारदात ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों ने आबिद की हत्या में चरम क्रूरता का परिचय दिया। शिक्षक के शरीर के कई हिस्सों को चाकू से बुरी तरह गोदा गया था। इतना ही नहीं, अपराधियों ने उनकी आंखों को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों ने बड़ी बेरहमी से इस घटना को अंजाम दिया। मृतक आबिद पिछले 20 वर्षों से अपने ससुराल मथोर में ही रहकर गांव के बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके ससुर अब्दुल गफ्फार ने बताया कि आबिद एक सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। फिलहाल, इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया से फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू से जांच कर रही है। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मृतक के कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गैस संकट पर सियासत तेज, रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी से पूछा बड़ा सवाल
14 Mar, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। देशभर में एलपीजी संकट को लेकर मचे हाहाकार के बीच राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने सीधे पीएम मोदी से सवाल किया है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब प्रधानमंत्री, उनके साथ-साथ केंद्र सरकार के दर्जनों मंत्री और पूरी सरकारी मशीनरी एक सुर में कई बार यह कह चुकी है कि “किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं है और संकट की बात विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाह है”, तो अब किस संकट की बात की जा रही है, प्रधानमंत्री जी? रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री के विरोधाभासी वक्तव्य से ऐसा प्रतीत होता है कि वे “स्टेट ऑफ डिलीरियम (प्रलाप की अवस्था)” यानी ऐसी मानसिक स्थिति से जूझ रहे हैं, जिसमें किसी विषय पर सोचने, ध्यान केंद्रित करने, बोलने और उसे समझने में भारी भ्रम और बेचैनी की समस्या होती है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि एलपीजी गैस की कमी के कारण पूरे देश में हाहाकार है। मगर अफ़सोस है कि जिनके हाथों में देश की कमान है। उनका सिर्फ झूठ बोलने से सरोकार है।
रोहिणी बोली- झूठ बोलने का कॉपीराइट हासिल कर चुकी मोदी सरकार
एक दिन पहले रोहिणी ने पीएम मोदी और एलपीजी गैस सिलिंडर की तस्वीर साधा करते हुए लिखा था कि देश में गैस सिलेंडर की भारी कमी है। यह वो कड़वी सच्चाई है, जिससे पूरा देश वाकिफ और परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ बोलने का कॉपीराइट हासिल कर चुकी मोदी सरकार, भाजपा और उनके मानसिक तौर पर दिवालिया अंधभक्तों के लिए अफवाह है। मोदी सरकार के लगभग 12 वर्षों के शासनकाल की यही यूएसपी ही रही है कि हरेक उस कड़वे सच से, जिससे मोदी जी, भाजपा और उनकी सरकार के झूठ की पोल खुलती है, उसे अफवाह बता कर मोदी जी और मोदी सरकार की नाकामी पर पर्दा डाला जाता है।
मुख्य न्यायाधीश ने अता हसनैन को दिलाई बिहार के राज्यपाल पद की शपथ
14 Mar, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने शपथ ले लिया है। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन ने शपथ दिलाई। शनिवार सुबह बिहार लोकभवन (राजभवन) में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। सेना से सेवानिवृत सैयद अता हसनैन कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। 40 साल उन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी। जम्मू कश्मीर में शांति बहाली और आतंकवद पर लगाम लगाने में उन्होंने काफी अहम भूमिका निभाई। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था तथा नागरिक-सैन्य संबंधों को बेहतर बनाने में योगदान दिया। आइए
कहां से पढ़े, सेना में कैसे आए?
सैयद अता हसनैन का जन्म वर्ष 1952 में एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके पिता मेजर जनरल सैयद महदी हसनैन भी भारतीय सेना में उच्च पद पर रहे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1972 में इतिहास विषय में स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने सुरक्षा और रणनीति से जुड़े अध्ययन के लिए लंदन भी गए। अपनी पढ़ाई पूरी करने बाद सैयद हसनैन ने 16 जून 1974 को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला और उनकी नियुक्ति गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में हुई। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन में भाग लिया और पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशनों के तहत मोजाम्बिक और रवांडा में भी अपनी सेवाएं दीं।
कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई
सैयद अता हसनैन ने सेना में रहते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। ब्रिगेडियर के रूप में उन्होंने उरी क्षेत्र में 12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके बाद मेजर जनरल के रूप में बारामूला स्थित 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन का नेतृत्व किया। लेफ्टिनेंट जनरल बनने के बाद उन्हें भोपाल में XXI कोर का जनरल ऑफिसर कमांडिंग बनाया गया। वर्ष 2010 में वे कश्मीर में XV कोर के कमांडर बने। यहीं पर उन्होंने ‘हार्ट्स डॉक्ट्रिन’ के माध्यम से स्थानीय लोगों और सेना के बीच भरोसा मजबूत करने की पहल की।
2018 में कुलाधिपति बने
30 जून 2013 को सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी सैयद अता हसनैन रणनीतिक और सुरक्षा मामलों में सक्रिय रहे। वर्ष 2018 में उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर का कुलाधिपति नियुक्त किया गया, जबकि 2020 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया। इतना ही नहीं अपने उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व और सेवाओं के लिए सैयद अता हसनैन परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान भी पा चुके हैं।
पत्नी ने लगाया आरोप, कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
14 Mar, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के पताही निवासी दिलीप साह के पुत्र पुतुल उर्फ शशि भूषण कुमार (32) के रूप में की गई है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि पुतुल अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच के दौरान उसके पास से शराब भी बरामद की गई है। मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। मृतक की पत्नी चंचल देवी ने बताया कि उनकी दादी की तबीयत खराब थी, इसलिए पुतुल उन्हें मायके छोड़ने गया था। रात करीब 9 बजे उनकी आखिरी बार पुतुल से बात हुई थी। इसी दौरान पुतुल की बातचीत हर्ष नामक युवक से हुई थी। चंचल के अनुसार पुतुल ने हर्ष से करीब दो लाख रुपये कर्ज लिए थे और वह लगातार पैसे के लिए दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा था। पत्नी का आरोप है कि हर्ष ने ही उसके पति की हत्या कर दी। इधर, सदर थाना अध्यक्ष अश्मित कुमार ने बताया कि एक शव बरामद हुआ है और मृतक की पहचान कर ली गई है। मामले की जांच के लिए एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम को बुलाया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गंगा में नहाते समय हादसा, बचाने गए तीन लोग भी फंसे
14 Mar, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उमानाथ गंगा घाट के दूसरी ओर स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। स्नान कर रही एक ही परिवार की चार लड़कियां अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए तीन अन्य लोग भी पानी में कूद गए, लेकिन तेज धार के कारण वे भी डूबने लगे। मिली जानकारी के अनुसार नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र से एक परिवार श्राद्ध कर्म के बाद शुद्धिकरण के लिए उमानाथ गंगा घाट पर स्नान करने आया था। परिवार के कुछ सदस्य नाव से गंगा के दूसरे छोर पर स्नान करने चले गए, जबकि कुछ लोग इस पार ही रुके हुए थे। बताया जाता है कि उमानाथ घाट के सामने गंगा के दूसरे किनारे पर कोई पक्का घाट नहीं बना है। वहां कहीं पानी कम तो कहीं अचानक गहरा हो जाता है, इसके बावजूद लोग स्नान करने के लिए उस पार चले जाते हैं। इसी दौरान परिवार की चार लड़कियां अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं और बचाने के लिए शोर मचाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद एक महिला समेत तीन लोग उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए। लेकिन गंगा की तेज धारा और घबराई लड़कियों ने बचाने आए लोगों को कसकर पकड़ लिया, जिससे कुल सातों लोग डूबने लगे। घटना के दौरान आसपास मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। नाविकों ने छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक लड़की गंगा में डूबकर लापता हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। लापता लड़की की तलाश के लिए स्थानीय नाविकों और गोताखोरों की मदद से खोजबीन की जा रही है।
पटना हादसा: हाईवा की टक्कर से पुलिस वाहन में लगी आग
14 Mar, 2026 07:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। भखरी पुल के पास तेज रफ्तार बालू लदे हाईवा ट्रक ने डायल 112 की पुलिस गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि गाड़ी में सवार पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। हादसे में गाड़ी में मौजूद एएसआई मोहम्मद असलम कुरैशी, चालक दिलीप कुमार और महिला आरक्षी मोनी कुमारी को हल्की चोटें आईं। टक्कर मारने के बाद भागने के दौरान हाईवा ट्रक भखरी पुल के पास रेलिंग से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल की गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के संबंध में एएसआई मोहम्मद असलम कुरैशी ने बताया कि शनिवार सुबह वे डायल 112 की गाड़ी से चालक दिलीप कुमार और महिला आरक्षी मोनी कुमारी के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि भखरी गांव में एक बारात के दौरान कुछ लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटना हुई है। सूचना मिलने पर वे मौके पर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी भखरी पुल के पास पहुंची, पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे बालू लदे हाईवा ट्रक ने डायल 112 की गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही सभी पुलिसकर्मी गाड़ी से बाहर निकल गए। उन्होंने देखा कि पुलिस की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों ने हाईवा ट्रक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन भागने के दौरान ट्रक रेलिंग से टकरा गया और उसमें आग लग गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने ट्रक में सवार खलासी पंकज कुमार को खदेड़कर पकड़ लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना धनरूआ थाना प्रभारी और पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और आग बुझाई गई। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। महिला आरक्षी मोनी कुमारी ने बताया कि यदि उस समय डायल 112 की गाड़ी सड़क के बीच में होती तो हाईवा ट्रक सीधे पुलिस वाहन को कुचल देता।
SC-ST केस का दबाव या साजिश? युवक की मौत से उठे कई सवाल
13 Mar, 2026 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। जिले से एक दुखद और परेशान करने वाली घटना सामने आई है। यहां महज 18 साल के एक युवक ने कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर से आत्महत्या कर ली। यह घटना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग जीरो माइल इलाके की है। मृतक की पहचान गुलाबबाग जीरो माइल निवासी मोहम्मद याकिब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर उसने अपने ही घर में फंदे से झूलकर जान दे दी।
होली से पहले हुई कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार इस घटना की जड़ें होली से एक दिन पहले हुई एक मामूली कहासुनी से जुड़ी हैं। बताया जाता है कि जब याकिब घर लौट रहा था, तभी दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से उसकी बहस हो गई। देखते ही देखते यह बहस झड़प में बदल गई। इस घटना के बाद 9 मार्च को दूसरे पक्ष ने याकिब समेत 10 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया।
केस के बाद मानसिक दबाव का आरोप
याकिब की मौत के बाद उसके परिजनों और स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा देखा गया। परिजनों का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से ही विपक्षी पक्ष याकिब पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा था। परिवार का कहना है कि केस वापस लेने के बदले उनसे बड़ी रकम की मांग की जा रही थी। जेल जाने के डर और इस आर्थिक दबाव के कारण 18 साल के युवक ने यह कदम उठा लिया।
लोगों ने पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने से रोका
आत्महत्या की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीपीओ ने खुद वहां पहुंचकर परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि दूसरे पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। उसी के आधार पर कानून के अनुसार केस दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार पहली नजर में यह मामला गिरफ्तारी के डर से की गई आत्महत्या का लगता है। फिलहाल पुलिस अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों सहित सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
भीड़ का खौफनाक चेहरा: बकरी चोरी के शक में युवक की जान गई
13 Mar, 2026 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां बकरी चोरी के मामूली शक में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान महुआवा पंचायत निवासी मोतीलाल राऊत के रूप में हुई है। घटना के बाद से मृतक के घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव के लोगों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बकरी चोरी का आरोप लगाकर की बेरहमी से पिटाई
जानकारी के अनुसार मोतीलाल राऊत पर बकरी चोरी करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी पप्पू राय और उसके साथियों ने युवक को लगातार पीटा। मारपीट इतनी ज्यादा थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और लहूलुहान हो गया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत घायल युवक को पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बथनाहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने पप्पू राय को इस हत्या का मुख्य आरोपी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
गांव में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई गश्त
इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। बथनाहा थाना पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
खौफनाक वारदात: जमीन विवाद में बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या
13 Mar, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांका। बिहार के बांका जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बांका थाना क्षेत्र के बसन्तपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर देर रात अज्ञात अपराधियों ने एक वृद्ध दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गांव में दहशत का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान बसन्तपुर गांव निवासी कैलाश यादव और उनकी पत्नी समरी देवी के रूप में हुई है।
गोहाल में सो रहे थे दंपति
मिली जानकारी के अनुसार वृद्ध दंपति रोज की तरह अपने घर के पास बने गोहाल में सो रहे थे। देर रात अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और धारदार हथियार से दोनों का गला रेतकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। सुबह जब आसपास के लोगों की नजर गोहाल की ओर पड़ी तो उन्होंने दंपति को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। यह खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई।
जमीन विवाद की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार मृतक दंपति का गांव के ही कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के कारण अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अमर विश्वास और थानाध्यक्ष सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है, ताकि अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़े सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दर्दनाक घटना के बाद बसन्तपुर गांव और आसपास के इलाकों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।
एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई, आरोपी उपमहाप्रबंधक के घर से करोड़ों की संपत्ति मिली
13 Mar, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। में स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम (BMSICL) के उप महाप्रबंधन (प्रोजक्ट) पंकज कुमार के ठिकाने पर छापेमारी की। चौंकाने वाली बात यह है कि गुरुवार को जब पंकज कुमार को जानकारी मिली की उनके घर पर एसवीयू की टीम आ रही है तो उन्होंने अपने घर में रखे जेवर और कैश को अपार्टमेंट के बाहर फेंक दिया। हालांकि, सही समय पर एसवीयू की टीम ने उसे बरामद कर लिया। जांच में पता चला कि फेंके गए सोने, हीरे और चांदी के जेवर एक करोड़ 32 लाख के थे। इतना ही नहीं 32 लाख के कैश भी मिले। इतनी संपत्ति देखकर एसवीयू की टीम हैरान रह गई।
94.46 लाख रुपये की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित करने का आरोप
एसवीयू के उपमहाप्रबंधक पंकज कुमार पर 94.46 लाख रुपये की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित करने का आरोप लगा था। आरोप की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। इसके बाद एसवीयू ने प्राथमिक की दर्ज की। कोर्ट से छापामारी का वारंट निकलवाया। अलग-अलग धावा दल का गठन किया। इसके बाद टीम ने कदमकुआं स्थित कनिका मैहर अपार्टमेंट, सुलतानगंज थाना क्षेत्र के रानीघाट स्थित आवास और पीएमसीएम परिसर स्थित बीएमएसआईसीएल कार्यालय में छापेमारी की। जांच के दौरान कनिका मैहर अपार्टमेंट से 32 लख रुपए नगद एक करोड़ 32 लख रुपए के हीरा सोना और चांदी के जेवर कई बैंक खाता और कई फ्लैट के दस्तावेज मिले। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि पंकज कुमार ने कंकड़बाग के पृथ्वीपुर इलाके में शिवम अपार्टमेंट में दो फ्लैट भी खरीदा है। पत्नी के नाम से कई चल अचल संपत्ति जमा कर ली है।
तीन ठिकानों पर छापेमारी, पंकज कुमार बोले- कैश-जेवर मेरे ही हैं
स्पेशल विजिलेंस यूनिट के अधिकारियों की माने तो पंकज कुमार के घर कार्यालय समेत तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई थी इस दौरान उनके ठिकाने से कैश जेवर बैंक खाता और फ्लैट जमीन के दस्तावेज बरामद हुए। पंकज कुमार ने करीब 13 वर्ष की सेवा अवधि में अपनी आई से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की। एसवीयू की कार्रवाई के बाद पंकज कुमार ने यह स्वीकार किया कि यह सब संपत्ति उनकी ही है।
गांव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, निशांत कुमार ने पूर्वजों को किया नमन
13 Mar, 2026 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण विगहा पहुंचे। इस दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। भारी सुरक्षा घेरे के बीच दोपहर करीब 3:30 बजे निशांत कुमार का काफिला गांव की सीमा में दाखिल हुआ। सैकड़ों समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
पूर्वजों की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि
कल्याण विगहा पहुंचने के बाद निशांत कुमार सीधे 'रामलखन सिंह वाटिका' गए। वहां उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय रामलखन सिंह, दादी परमेश्वरी देवी और माता स्वर्गीय मंजू सिंह की आदमकद प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए। वाटिका में नमन करने के बाद उन्होंने गांव के देवी स्थान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
नारों से गूंजा कल्याण विगहा
निशांत कुमार के आगमन को लेकर रामलखन सिंह वाटिका और आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही तैयारी पूरी कर ली गई थी। स्वागत में जुटे कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर था। समर्थकों ने 'निशांत कुमार जिंदाबाद' और 'बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो' जैसे नारे लगाए। इन नारों ने राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य की नई चर्चाओं को जन्म दिया।
अपनों के बीच सहज अंदाज
धार्मिक अनुष्ठान और पुष्पांजलि के बाद निशांत कुमार अपने पैतृक आवास पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मुलाकात की और लोगों की बातें सुनीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और सभी के बीच सहज अंदाज में नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
निशांत कुमार का संदेश
इस अवसर पर निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए 20 साल में जो विकास किया है, वह उसे आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आज यहां कई विधायक भी मौजूद हैं और सभी एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने दादा-दादी और मां का आशीर्वाद लेने के बाद जनता के दिल को जीतने के लिए कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया। इसके बाद निशांत कुमार का काफिला इंडोर शूटिंग रेंज पहुँचा, जहां वह निशाना लगाते हुए भी नजर आए। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार का यह पहला दौरा उनके राजनीतिक भविष्य और क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है।
शादी मंडप में हंगामा: वरमाला से पहले दुल्हन ने शादी से किया इनकार
13 Mar, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कलिगांव। में एक शादी के दौरान बड़ी घटना सामने आई। बैंड बाजा और बारात लेकर आए दूल्हे से ठीक वरमाला के समय दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया। जानकारी मिलने के बाद दुल्हन वालों ने दूल्हा और उसके परिवार को बंधक बना लिया। दुल्हन वालों का कहना है कि दहेज में दिए गए समान और पैसे वापस किए जाएँ। इस मामले को सुलझाने के लिए गुरुवार को पंचायत भी बुलाई गई।
दूल्हे की दूसरी शादी का खुलासा
बताया गया कि मोरो थाना क्षेत्र निवासी शिवमंगल राम के बेटे सुरेंद्र कुमार की शादी सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कलिगांव में होनी थी। शादी के समय यह पता चला कि सुरेंद्र कुमार की यह दूसरी शादी थी। इस बात की जानकारी मिलने पर दुल्हन ने वरमाला के समय शादी से साफ इंकार कर दिया। दूल्हा सुरेंद्र कुमार 11 मार्च को बैंड बाजा और बारात लेकर दुल्हन के घर पहुँचा। हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार द्वार पूजाई की रस्म पूरी हुई और दूल्हे को वरमाला के लिए मंच पर बैठाया गया। दुल्हन को भी वरमाला के लिए बुलाया गया था, लेकिन दूल्हे की दूसरी शादी की जानकारी मिलने के बाद दुल्हन ने शादी से मना कर दिया।
पंडाल में हंगामा
दुल्हन के इंकार के बाद पंडाल में हंगामा मच गया। दुल्हन वालों ने दूल्हा और उसके परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। वहीं, उन्होंने शादी में दिए गए दहेज का सामान और पैसा वापस करने की मांग भी कर दी। गुरुवार को इस मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई। दुल्हन वाले दहेज में दिया गया सारा सामान और पैसे वापस करने पर अड़े हुए हैं। बंधक बने दूल्हा सुरेंद्र कुमार ने कहा कि यह उनकी दूसरी शादी थी और इसके बारे में दुल्हन वालों को जानकारी नहीं थी। वरमाला के समय यह जानकारी सामने आई तो लोगों ने हमें और हमारे परिवार को बंधक बना लिया और दहेज में दिया गया सामान वापस करने की मांग की जा रही है।
स्थानीय राजनीति में बड़ा झटका, पार्षद का त्यागपत्र
12 Mar, 2026 05:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। नगर निगम में गुरुवार को आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्ड संख्या 20 के पार्षद संजय कुमार केजरीवाल ने अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र महापौर को संबोधित करते हुए भेजा है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। बैठक के बीच अचानक लिए गए इस फैसले से नगर निगम के पार्षद और अधिकारी हैरान रह गए। वार्ड पार्षद के इस कदम से पूरी बैठक में हलचल मच गई। महापौर, उप महापौर और अन्य पार्षद भी इस घटना से अचंभित नजर आए।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अपने त्यागपत्र में वार्ड पार्षद संजय कुमार केजरीवाल ने नगर निगम की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा है कि एक बोर्ड सदस्य के रूप में वह अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब बोर्ड की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन ही नहीं होता और भ्रष्टाचार पर भी रोक नहीं लगती, तो ऐसे में पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने यह भी लिखा कि जिन समस्याओं को वह लगातार उठाते रहे हैं, उनकी अनदेखी की जा रही है।
इस्तीफे में लिखी भावुक बात
वार्ड पार्षद संजय केजरीवाल ने अपने त्यागपत्र के अंत में लिखा कि वह एक इंसान के तौर पर सत्य और असत्य का अंतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि जिस बोर्ड के वह स्वयं सदस्य हैं, उसी में अगर उन्हें नाकाम सदस्य कहा जाए तो यह उन्हें स्वीकार नहीं है। वार्ड पार्षद के इस कदम के बाद मुजफ्फरपुर की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उनके त्यागपत्र को स्वीकार करते हैं या फिर उनके उठाए गए मुद्दों पर कोई कार्रवाई करते हैं।
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