बिहार-झारखण्ड
मोबाइल हैक कर बैंक खाते पर किया हाथ साफ, साइबर ठगी का मामला दर्ज
8 Jun, 2026 10:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिला अंतर्गत नगर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर (एन क्लब के सामने) में रहने वाले शंकर मंडल एक शातिर साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। अज्ञात साइबर अपराधियों ने तकनीक का दुरुपयोग कर उनके बैंक खाते से 96,666 रुपये की मोटी रकम पर हाथ साफ कर दिया। इस वित्तीय धोखाधड़ी के संबंध में पीड़ित ने स्थानीय नगर थाने में एक लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी डूबी हुई रकम को वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
मोबाइल की स्क्रीन ब्लैक हुई और खाते से उड़े पैसे
पीड़ित शंकर मंडल द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 जून 2026 को घटित हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया था और कुछ समय के लिए किसी काम से घर से बाहर चले गए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके फोन की स्क्रीन पूरी तरह से अक्रिय (ब्लैक) हो चुकी थी और हैंडसेट के भीतर से कुछ अजीब सी आवाजें आ रही थीं। काफी कोशिशों के बाद भी फोन सामान्य रूप से काम नहीं कर रहा था, लेकिन करीब 15 से 20 मिनट बीतने के बाद मोबाइल अपने आप सामान्य स्थिति में आ गया।
बिना किसी ओटीपी और फोन कॉल के हुआ ऑनलाइन फ्रॉड
जैसे ही मोबाइल फोन दोबारा चालू हुआ, शंकर मंडल के होश उड़ गए क्योंकि उनके स्क्रीन पर बैंक से पैसे कटने का अलर्ट मैसेज आया हुआ था। संदेश के मुताबिक, उनके खाते से यूपीआई (UPI) के जरिए अवैध रूप से 96,666 रुपये निकाल लिए गए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित के पास न तो कोई बैंक का ओटीपी (OTP) आया और न ही उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन कॉल प्राप्त हुआ था। पीड़ित को अंदेशा है कि जब उनका फोन ब्लैक था, तभी अपराधियों ने रिमोट एक्सेस के जरिए उनके डिवाइस को हैक कर इस वारदात को अंजाम दिया।
साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज और पुलिसिया तफ्तीश जारी
बैंक खाता खाली होने के बाद पीड़ित ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, ताकि पैसे के ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया जा सके। इसके बाद उन्होंने नगर थाने में भी अपनी शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता ने बताया कि पीड़ित शंकर मंडल का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। पुलिस की साइबर टीम तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की मदद से मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भूटान भूकंप का असर बिहार तक, किशनगंज में देर रात डोली जमीन
8 Jun, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले में रविवार की रात तकरीबन 11:06 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। देर रात अचानक महसूस हुए इस कंपन के कारण बहुत से लोग डर के मारे अपने घरों से निकलकर सुरक्षित और खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। राहत की बात यह रही कि जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग को जिले के किसी भी हिस्से से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
भूटान में था केंद्र और कई देशों में दिखा असर
भूकंप की निगरानी करने वाली वैश्विक और राष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, इस भूगर्भीय हलचल का मुख्य केंद्र पड़ोसी देश भूटान के पुनाखा क्षेत्र के समीप जमीन के भीतर था। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई है। केंद्र बिंदु भूटान में होने की वजह से इसका व्यापक असर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और चीन के सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिला, जहां लोगों ने हल्के और मध्यम दर्जे के झटके महसूस किए।
दहशत में आए लोग और संवेदनशील जोन की स्थिति
किशनगंज मुख्य शहर सहित बहादुरगंज, ठाकुरगंज और टेढ़ागाछ जैसे अनुमंडलों व ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 से 12 सेकंड तक धरती डोलती रही। रात का समय होने के कारण ज्यादातर लोग सोने की तैयारी में थे, जिससे कंपन होते ही वे तुरंत सतर्क हो गए। कुछ इलाकों में उस वक्त रिमझिम बारिश भी हो रही थी, जिससे कई लोगों को शुरुआत में इसका पता नहीं चला, लेकिन बाद में शोर सुनकर वे भी बाहर आ गए। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि भौगोलिक बनावट के लिहाज से किशनगंज जिला भूकंप के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील 'जोन-IV' (सीस्मिक जोन-4) के अंतर्गत आता है।
प्रशांत महासागरीय क्षेत्र फिलीपींस में भीषण भूकंप और सुनामी की चेतावनी
दूसरी ओर, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देश फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप में सोमवार की सुबह 7.8 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप दर्ज किया गया। इस तीव्र झटके के फौरन बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी का हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस भूकंप का केंद्र जनरल सैंटोस शहर के पास केंद्रित था। भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देश "पैसिफिक रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में आते हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की अत्यधिक सक्रियता के कारण अक्सर बड़े पैमाने पर भूकंप और ज्वालामुखी फटने जैसी आपदाएं आती रहती हैं।
पटना में उमस भरी गर्मी से लोगों को मिली राहत, झमाझम बारिश से सुहाना हुआ मौसम
7 Jun, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना में अचानक मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से मौसम सुहाना हो गया तथा पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। दरअसल पटना सहित बिहार के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। शनिवार को भी दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन पटना में शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले मौसम विभाग ने पटना, अरवल, औरंगाबाद, भोजपुर, गया, जहानाबाद और रोहतास जिलों के कुछ हिस्सों में अगले तीन घंटे के भीतर मेघ गर्जन, वज्रपात, बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। साथ ही ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप हुई बारिश से पटना का मौसम खुशनुमा हो गया है और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली है।
पटना में अग्नि सुरक्षा नियमों में मिलीं गंभीर खामियां, 4 अस्पताल और 1 होटल होंगे सील- डीआईजी
7 Jun, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। दिल्ली और बिहार में हाल ही में हुई भीषण अग्निकांड की घटनाओं के बाद बिहार अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राजधानी पटना में पिछले दो दिनों के दौरान अग्निशमन विभाग ने करीब 70 होटल और अस्पतालों का निरीक्षण किया, जिसमें कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। डीआईजी अग्निशमन मनोज नट ने कहा कि जांच के दौरान पटना के चार अस्पतालों और एक होटल में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सील किए जाने वाले प्रतिष्ठानों में कुणाल होटल, एडवांस पटना सेंट्रल हॉस्पिटल, आरोग्यवर्धन हॉस्पिटल, पिनेकल हॉस्पिटल, श्याम ट्रस्ट रिसर्च हॉस्पिटल और अपेक्स हॉस्पिटल शामिल हैं। विभाग का कहना है कि इन संस्थानों ने अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का समुचित पालन नहीं किया है, जिससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। डीआईजी मनोज नट ने यह भी बताया कि खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट में भी कुछ कमियां पाई गई हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संस्थान के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो संस्थान सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की सख्ती के बाद कई प्रतिष्ठानों ने अपनी कमियों को दूर करने का काम भी शुरू कर दिया है।
बक्सर-बरौनी रेलखंड के रेलवे ओवरब्रिज में धंसाव: तीन इंजीनियर निलंबित, जांच तेज
7 Jun, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बक्सर-बरौनी रेलखंड पर स्थित एलसी-70ए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) में धंसाव की घटना को लेकर बिहार सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था और इसकी अंतिम कमीशनिंग प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर धंस गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से पुल की मुख्य संरचना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और ओवरब्रिज पूरी तरह सुरक्षित है। उनके अनुसार, निर्माण के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास कंक्रीट का एक छोटा हिस्सा अपनी जगह से अलग हो गया था, जिससे उस हिस्से में सड़क धंस गई। घटना की सूचना मिलते ही विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम को मौके पर भेजा गया। जांच में पाया गया कि पुल की मुख्य संरचना सुरक्षित है और किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। उन्होंने बताया कि तकनीकी मानकों के अनुसार मरम्मत के बाद कंक्रीट को पर्याप्त समय तक मजबूत होने दिया जाना चाहिए था। लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही रेलवे प्रशासन द्वारा नीचे स्थित रेलवे फाटक बंद कर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया। समय से पहले बढ़े यातायात दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हिस्सा और अधिक धंस गया। घटना के बाद एहतियातन ओवरब्रिज पर वाहनों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई है। लोगों की सुविधा के लिए पुराने रेलवे फाटक को फिर से खोल दिया गया है और फिलहाल यातायात उसी मार्ग से संचालित किया जा रहा है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन इंजीनियरों के निलंबन के अलावा अन्य अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया है। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और तकनीकी जांच युद्धस्तर पर जारी है। विभाग का कहना है कि सभी सुरक्षा और गुणवत्ता रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही ओवरब्रिज पर दोबारा वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।
सरकार का कट-ऑफ कमांड आया था : राबड़ी देवी आवास से सुरक्षा हटाने पर तेज प्रताप यादव का बड़ा आरोप
7 Jun, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती तथा उनके पटना स्थित आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटाए जाने पर तेज प्रताप यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षाकर्मियों को हटाने के पीछे सरकार का कट-ऑफ कमांड था और यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि राबड़ी देवी के आवास से सुरक्षा कर्मियों को अचानक हटाया गया, जिससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्य से लिया गया है। दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा आकलन और मानकों के आधार पर लिया गया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव: चिराग पासवान के मुस्लिम दांव से आरजेडी-कांग्रेस के कोर वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी
6 Jun, 2026 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार विधान परिषद की एक सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सदन में 19 विधायकों की ताकत रखने वाली इस पार्टी ने अपने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को चुनावी मैदान में उतारा है। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने राज्य में होने वाले द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर गहन विचार-विमर्श करने के बाद अशरफ अंसारी के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है।
भाजपा और जदयू पहले ही खोल चुके हैं पत्ते
लोजपा (रामविलास) की इस घोषणा से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के अन्य प्रमुख घटकों, भाजपा और जदयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की फेहरिस्त जारी की थी। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भोजपुरी फिल्म अभिनेता पवन सिंह, संजय मयूख, शीला मंडल और अनिल ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने विधान परिषद के मुख्य चुनाव और उपचुनाव दोनों के लिए निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार घोषित कर एनडीए के खेमे को मजबूती दी है।
महागठबंधन के सामने मुस्लिम कार्ड से बढ़ी हलचल
बिहार विधान परिषद की खाली हो रही नौ सीटों और नीतीश कुमार के इस्तीफे से रिक्त हुई एक सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया जारी है, जिसमें नामांकन के लिए अब केवल दो दिन का समय बचा है। एनडीए ने अपनी रणनीति के तहत नौ सीटों पर चेहरे साफ कर दिए हैं, जिसमें एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के दीपक प्रकाश के हिस्से जाएगी। इस बीच, एनडीए द्वारा अचानक एक मुस्लिम चेहरा उतार देने से महागठबंधन के खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष को अभी अपनी सीट पर उम्मीदवार तय करना है, लेकिन आंतरिक मतभेद जारी हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जहां दलित समुदाय से शिवचंद्र राम को सदन भेजना चाहते हैं, वहीं राबड़ी देवी की इच्छा तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी बनाने की है।
पिछली बार की तरह कड़े मुकाबले के आसार
एनडीए के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद बिहार विधान परिषद की इस सीट पर ठीक वैसी ही राजनीतिक परिस्थितियां बनती दिख रही हैं, जैसी पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान देखने को मिली थीं। उस वक्त पांचवीं सीट के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अमरेंद्र धारी सिंह और भाजपा के शिवेश राम के बीच बेहद दिलचस्प और कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसमें अंततः भाजपा प्रत्याशी ने बाजी मारी थी। अब विधान परिषद के इस रण में भी एनडीए और महागठबंधन के बीच एक सीट पर सीधे और कड़े चुनावी दंगल की तस्वीर साफ हो चुकी है।
खून से लथपथ मिली लाश: सीवान में अपराधियों ने सोते हुए शख्स को उतारा मौत के घाट, वारदात से सहमे ग्रामीण
6 Jun, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान | बिहार के सीवान जिले के सिसवन थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए महज चार दिनों के भीतर दूसरी हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। सईपुर गांव में शुक्रवार देर रात अपने घर में विश्राम कर रहे एक अधेड़ व्यक्ति की धारदार हथियार से गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस वीभत्स घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
ससुराल में रह रहे अधेड़ पर सोते समय वार
मृतक की पहचान 48 वर्षीय सोहन राम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चैनपुर थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव के रहने वाले थे, लेकिन पिछले काफी समय से सईपुर गांव स्थित अपने ससुराल में ही निवास कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, सोहन राम अपने झोपड़ीनुमा मकान में परिवार के साथ सोए हुए थे। इसी दौरान देर रात अज्ञात हमलावर घर में दाखिल हुए और गहरी नींद में सो रहे सोहन राम पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले के वक्त जब उनकी पत्नी की आंख खुली, तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। महिला की आवाज सुनकर जब तक पड़ोसी वहां पहुंचे, तब तक अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो चुके थे और सोहन राम दम तोड़ चुके थे।
फोरेंसिक जांच और शव का पोस्टमार्टम
वारदात की जानकारी मिलते ही सिसवन थाना प्रभारी चितरंजन कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और मातहत अधिकारियों को जल्द से जल्द अपराधियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। मौके पर बुलाई गई एफएसएल की विशेष टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक सबूत एकत्र किए हैं। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया है, साथ ही पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से पूछताछ कर दुश्मनी या हत्या के संभावित कारणों का पता लगाया जा रहा है।
चार दिनों में दूसरी वारदात से बढ़ा आक्रोश
सिसवन इलाके में बढ़ते अपराध ग्राफ ने स्थानीय पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले बुधवार की रात को भी इसी थाना क्षेत्र के हरिहर छपरा गांव में एक युवक की चारपाई पर सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अभी उस मामले की जांच कर ही रही थी कि इस दूसरी वारदात ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया है। चार दिन में दो लोगों की एक ही तरीके से हुई हत्याओं के कारण स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा असंतोष है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में भय का माहौल खत्म करने के लिए अपराधियों के खिलाफ अविलंब दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
22 दिवसीय स्वच्छता अभियान का भव्य समापन: शहर को सुंदर और कचरा मुक्त बनाने का संकल्प हुआ पूरा
6 Jun, 2026 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला | नगर पंचायत द्वारा शहर को साफ-सुथरा और आकर्षक रूप देने के उद्देश्य से संचालित विशेष 22 दिवसीय व्यापक स्वच्छता अभियान का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस मुहिम के पूरे होने के उपलक्ष्य में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वार्ड नंबर 11 दीवानसाही में स्थित रिवरव्यू पार्क में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम की कमान नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने संभाली।
पौधारोपण और पुराने कूड़े का निस्तारण
इस आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत नगर पंचायत अध्यक्ष और उनकी टीम ने विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधों को रोपा। अध्यक्ष मनोज चौधरी ने अभियान की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि इन 22 दिनों के भीतर नगर पंचायत क्षेत्र के अलग-अलग कोनों में सालों से इकट्ठा पड़े कूड़े-कचरे के ढेरों को पूरी तरह साफ किया गया है। इसके साथ ही जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नालियों की सघन सफाई की गई और आम जनता को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार की अपील
नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि इस अभियान का मकसद केवल तात्कालिक सफाई करना नहीं था, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक में शहर के प्रति जवाबदेही का भाव जगाने का एक ईमानदार प्रयास था। उन्होंने स्थानीय निवासियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और रोपे गए पौधों की जिम्मेदारी से देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर “स्वच्छ सरायकेला-हरित सरायकेला” के विजन को साकार करने का सामूहिक संकल्प लिया।
समारोह में प्रमुख लोगों की गरिमामयी मौजूदगी
इस समापन कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। मौके पर उपाध्यक्ष अविनाश कवि, पार्षद गौतम नायक, अंजली राय, ज्योति साहू, विक्रम सिंह मोदक के अलावा नगर प्रबंधक सुमित सुमन, महेश जारिका और स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर चांदनी मिंज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास को सराहा।
गुमला में सनसनी: तीन बच्चों की मां ने घर में लगाया फंदा, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की मामले की तफ्तीश
6 Jun, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुमला | झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत सेरका पंचायत के सियार टोली गांव में 29 वर्षीय रीना देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। वह अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी पाई गईं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह जब उनके पति मनोज बैठा सोकर उठे, तो उन्होंने रीना को फंदे से झूलता देखा। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए बिशुनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आजीविका के लिए बिशुनपुर में रह रहा था परिवार
रीना देवी पिछले कई सालों से अपने पति और तीन बच्चों के साथ सियार टोली में रह रही थीं। यह परिवार मूल रूप से घाघरा थाना क्षेत्र के बड़का डीह गांव का रहने वाला है और अपनी आजीविका चलाने के लिए बिशुनपुर में काम करता था। मृतका बिशुनपुर में फल की दुकान चलाती थी, जबकि उनके पति मनोज एक स्टूडियो और इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान का संचालन करते हैं। पति के मुताबिक, गुरुवार की रात सब कुछ पूरी तरह सामान्य था, दोनों ने साथ में खाना खाया और बच्चों के साथ सो गए थे। रात के समय यह आत्मघाती कदम कब और किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसकी भनक किसी को नहीं लग सकी।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
इस बीच, मृतका के मायके वालों ने इस पूरी घटना को लेकर गहरा संशय व्यक्त किया है। मायके पक्ष के लोगों का कहना है कि रीना और मनोज ने अलग-अलग जातियों से होने के बावजूद प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर आपसी मनमुटाव और झगड़े होने की बातें सामने आती रहती थीं। परिजनों ने आशंका जताई है कि यह सीधे तौर पर खुदकुशी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हत्या की साजिश भी हो सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
हादसे की जानकारी मिलते ही बिशुनपुर पुलिस की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। थाना प्रभारी अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, फिर भी पुलिस हर संभावित कोण से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है। मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
अभिभावकों को बड़ी राहत: गढ़वा जिला प्रशासन सख्त, बिना अनुमति 10 फीसदी से ज्यादा ट्यूशन फी बढ़ाई तो खैर नहीं
6 Jun, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा | झारखंड के गढ़वा जिले में निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा मनमाने ढंग से शुल्कों में बढ़ोतरी, दोबारा दाखिले (री-एडमिशन) के नाम पर वसूली और विशेष दुकानों से किताबें व पोशाक (यूनिफॉर्म) खरीदने के लिए बाध्य कर अभिभावकों के आर्थिक शोषण की मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अगुवाई में जिला स्तरीय शुल्क नियामक समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्कूल प्रबंधकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की दलीलें सुनने के बाद उपायुक्त ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए फीस वृद्धि की एक निश्चित सीमा (लक्ष्मण रेखा) निर्धारित कर दी है।
ट्यूशन और एनुअल फीस बढ़ोतरी की सीमा तय
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के कानूनी प्रावधानों के तहत प्रशासन द्वारा कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब जिला क्षेत्र का कोई भी निजी स्कूल एक शैक्षणिक वर्ष में अपनी ट्यूशन फीस में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही, सालाना तौर पर ली जाने वाली एनुअल फीस में की जाने वाली वृद्धि भी संबंधित छात्र की ट्यूशन फीस के अधिकतम 15 प्रतिशत की राशि से ऊपर नहीं होनी चाहिए, जिससे अभिभावकों पर अचानक बड़ा आर्थिक बोझ न पड़े।
स्कूलों के लिए पारदर्शिता और यूनिफॉर्म-किताबों पर नियम
प्रशासन ने आदेश दिया है कि सभी स्कूलों को अपनी वार्षिक फीस का पूरा विवरण (ब्रेकअप) सार्वजनिक करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार का छिपा हुआ शुल्क (हिडन चार्ज) न लिया जा सके। इसके अलावा, कोई भी विद्यालय प्रबंधन 5 वर्ष की अवधि से पहले अपने छात्रों की यूनिफॉर्म (पोशाक) के रंग या डिजाइन में बदलाव नहीं कर सकेगा। सबसे बड़ी राहत देते हुए यह भी साफ किया गया है कि अभिभावक खुले बाजार के किसी भी बुक स्टोर से किताबें खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं और स्कूल उन्हें किसी चुनिंदा या चिन्हित दुकान से सामग्री लेने के लिए विवश नहीं कर सकते।
बैठक में दोनों पक्षों की दलीलें और प्रशासनिक उपस्थिति
समीक्षा के दौरान निजी स्कूल संचालकों और प्राचार्यों ने तर्क दिया कि एनुअल चार्ज के माध्यम से ही परीक्षा का आयोजन, स्कूल भवन का रख-रखाव, शिक्षकों का पीएफ, ग्रेच्युटी, होल्डिंग टैक्स और बिजली बिल जैसे बड़े खर्चों का भुगतान किया जाता है, तथा उन्होंने दावा किया कि प्रवेश शुल्क केवल पहली बार ही लिया जाता है। इस पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सुविधाओं के नाम पर अभिभावकों की जेब को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्र-अभिभावक संघ के प्रतिनिधि मुख्य रूप से शामिल थे।
खान सर के कोर्ट पहुंचने से पटना पुलिस महकमे में खलबली: सरेंडर की अर्जी के बीच भारी हंगामे के चलते टली गिरफ्तारी
6 Jun, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी स्थानीय पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। कड़े पहरे और कानूनी दबाव के बीच खान सर अब खुद आत्मसमर्पण करने के लिए पटना सिविल कोर्ट पहुंच चुके हैं, जहां अदालती प्रक्रिया के बाद उन्हें जेल भेजा जा सकता है। इससे पहले, शुक्रवार रात से ही उनकी कोचिंग के बाहर शिष्यों और समर्थकों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। पुलिस प्रशासन ने शहर की कानून-व्यवस्था बिगड़ने के डर से उन्हें जबरन गिरफ्तार करने से परहेज किया और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कक्षाओं का संदेश और पुलिस की अपील
शनिवार सुबह खान सर के संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों के मोबाइल पर एक संदेश भेजा गया, जिसमें सुबह 10 से 11 बजे के बीच उनकी क्लास होने की बात कही गई थी। हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने कोई कक्षा नहीं ली और सीधे अदालत की शरण में जाने का फैसला किया। इस बीच, पटना पुलिस ने युवाओं और छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या कोचिंग संचालकों के उकसावे में न आएं। पुलिस प्रशासन ने पूरी निष्पक्षता से कानूनी जांच करने का भरोसा देते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा है।
अंगरक्षकों का बयान और फायरिंग का आदेश
खान सर पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने भीड़ को डराने और इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से अपने निजी सुरक्षाकर्मियों को गोली चलाने का हुक्म दिया था। हिरासत में लिए गए दोनों अंगरक्षकों ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि कोचिंग के बाहर कुछ उग्र तत्वों द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने के बाद खान सर ने खुद बाहर आकर उन्हें तुरंत फायरिंग करने का आदेश दिया था। खान सर के कथित निर्देश 'जो होगा मैं समझ लूंगा, अविलंब फायर करो' के बाद ही सुरक्षा गार्डों ने हवा में दो-दो राउंड गोलियां चलाई थीं।
कानूनी धाराएं और संभावित सजा के प्रावधान
इस मामले में पुलिस ने खान सर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाना) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत में यह सिद्ध हो जाता है कि गोलीबारी खान सर के सीधे आदेश पर हुई थी, तो उन्हें सह-आरोपी के रूप में मुख्य अपराधी जितनी ही सजा भुगतनी पड़ सकती है। इन संगीन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर खान सर को अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है, जिससे उनकी मुश्किलें काफी बढ़ती नजर आ रही हैं।
जमशेदपुर में दौड़ा पर्यावरण प्रेम: विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्रीनाथॉन का आयोजन, गूंजा 'पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ' का नारा
5 Jun, 2026 03:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर | विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जमशेदपुर वन प्रमंडल द्वारा 5 जून को शहर में एक अनूठी पहल करते हुए ‘ग्रीनाथॉन- वॉक फॉर एनवायरमेंट’ (पर्यावरण पदयात्रा) का शानदार आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय आम जनता के बीच प्रकृति के प्रति लगाव पैदा करना, पर्यावरण का संरक्षण करना और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सोनारी स्थित वन भवन परिसर से शुरू हुई इस मुहिम में वन विभाग के आला अधिकारियों सहित विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, सामाजिक संस्थाओं और प्रकृति प्रेमियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
अधिक से अधिक पौधारोपण और सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहने का संदेश
इस पदयात्रा के दौरान आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने आम जनमानस से संवाद करते हुए धरती को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने और अपने आस-पास के परिवेश को साफ-सुथरा रखने पर विशेष जोर दिया। यह मार्च इस बात का प्रतीक था कि पर्यावरण को बचाना किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जवाबदेही है। हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला यह दिवस वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय चुनौतियों से लड़ने का संकल्प दिलाता है और जमशेदपुर में हुई इस ग्रीनाथॉन ने स्थानीय स्तर पर इसी चेतना को जगाने का काम किया है।
नुक्कड़ नाटक और पोस्टर मेकिंग के जरिए बदली लोगों की सोच
पर्यावरण के प्रति लोगों के व्यवहार और नजरिए में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से इस आयोजन में कई अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जोड़ी गईं। वन भवन परिसर में कलाकारों द्वारा आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, साथ ही बच्चों के लिए पोस्टर प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जहां कला के माध्यम से प्रदूषण के खतरों को दर्शाया गया। इसके साथ ही पर्यावरण विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए।
वनीकरण और जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जारी
झारखंड सरकार और वन विभाग राज्य में हरियाली का दायरा बढ़ाने, गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल संरक्षण करने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार दूरगामी नीतियां लागू कर रहे हैं। जमशेदपुर वन प्रमंडल द्वारा आयोजित की गई यह ग्रीनाथॉन भी इसी बड़ी पर्यावरण सुधार श्रृंखला का एक अहम हिस्सा है। वन विभाग को पूरी उम्मीद है कि इस तरह के आयोजनों से शहर के निवासियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी और वे भविष्य में भी प्रकृति को बचाने की हर मुहिम में सक्रिय भागीदार की भूमिका निभाएंगे।
दाखिल-खारिज के फेर में फंसा युवक, टावर पर चढ़कर किया हाईवोल्टेज ड्रामा: नीचे पुलिस और प्रशासन के फूले हाथ-पांव
5 Jun, 2026 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हजारीबाग | झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बानादाग गांव में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब अपनी पुश्तैनी जमीन के विवाद और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) न होने से क्षुब्ध एक युवक 85 फीट ऊंचे एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर बैठकर युवक ने अंचल कार्यालय (अंमदर) के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और भू-माफियाओं से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई।
रिश्वतखोरी और गलत जमाबंदी का लगाया गंभीर आरोप
टावर पर चढ़े युवक का आरोप है कि अंचल कार्यालय के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के चलते उसकी मिल्कियत वाली जमीन की जमाबंदी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई है। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी ही जमीन का हक वापस पाने के लिए पिछले लंबे समय से ब्लॉक और अंचल कार्यालय के चक्कर काट-काट कर थक चुका था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। अपनी ही जमीन से बेदखल होने के सदमे और प्रशासनिक बेरुखी से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।
सीओ को मौके पर बुलाने की जिद और पुलिस की मशक्कत
मोबाइल टावर के शीर्ष पर पहुंचे युवक ने साफ कर दिया कि जब तक अंचल अधिकारी (सीओ) खुद मौके पर आकर उसकी समस्या का तुरंत निपटारा नहीं करते, वह नीचे नहीं उतरेगा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की भनक लगते ही कटकमदाग थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक को काफी देर तक ढांढस बंधाया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर नीचे उतरने के लिए राजी करने का प्रयास किया।
हाईवे पर लगा लंबा जाम और राजस्व विभाग पर उठे सवाल
इस अजीबोगरीब वाकये की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिससे तमाशबीनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ टावर के नीचे जमा हो गई। लोगों की भारी मौजूदगी के कारण स्थानीय सड़क पर वाहनों का चक्का जाम हो गया, जिसे सुचारू कराने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने भी अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि दाखिल-खारिज की कछुआ चाल और राजस्व विभाग की लेट-लतीफी के कारण आम जनता त्रस्त है और यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर जनसुनवाई हो, तो किसी को अपनी जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाल विवाह के खिलाफ सिमरिया में प्रशासनिक हुंकार: बीडीओ ने संभाली कमान, ग्रामीणों को शपथ दिलाकर सामाजिक बदलाव की रखी नींव
5 Jun, 2026 03:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चतरा | झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में बाल विवाह जैसी रूढ़िवादी और सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक प्रभावी पहल की गई है। प्रखंड के दुंदुआ गांव में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रदेव प्रसाद की मौजूदगी में एक विशेष बाल विवाह विरोधी शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस मुहिम में स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य ध्येय लोगों को कम उम्र में होने वाली शादियों के शारीरिक व मानसिक नुकसान के प्रति सचेत करना और इस कुप्रथा के खिलाफ सामाजिक एकजुटता कायम करना था।
ग्रामीणों ने खाई कसमें और बीडीओ ने समझाए कानून के कड़े नियम
इस मौके पर बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद ने उपस्थित जनसमूह को सामूहिक रूप से प्रतिज्ञा दिलाई कि वे न तो अपने घरों में और न ही अपने आस-पड़ोस या गांव में कहीं भी बाल विवाह होने देंगे। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। बीडीओ ने इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि कम उम्र में बच्चों का विवाह करना भारतीय कानून के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इस कुप्रथा को बढ़ावा देने, शादी का आयोजन करने या उसमें शामिल होकर सहयोग करने वाले तमाम लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।
शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक जवाबदेही की पुरजोर अपील
समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह पर पूर्ण विराम लगाना केवल कानून या पुलिस के भरोसे संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे बेटियों और बेटों की पढ़ाई-लिखाई और उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें, न कि कच्ची उम्र में उन पर गृहस्थी का बोझ डालें। एक जागरूक और शिक्षित समाज ही इस कुरीति को हमेशा के लिए उखाड़ फेंकने में सक्षम है।
पहले हो चुकी है बड़ी कार्रवाई, अब दिखने लगा है जमीनी सुधार
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्व में की गई एक बड़ी कार्रवाई का हवाला देते हुए बताया कि सिमरिया क्षेत्र में ही बीते दिनों एक बाल विवाह संपन्न कराने के आरोप में 50 से अधिक लोगों पर नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन के इसी कड़े रुख और लगातार चलाए जा रहे अभियानों का असर है कि अब ग्रामीण खुद आगे आकर ऐसी शादियों का विरोध कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान को और धार देने के लिए स्कूलों तथा पंचायतों में नियमित कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस खास मौके पर प्रमुख रोहन साहू और तेज नारायण प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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