बिहार-झारखण्ड
15 साल की लड़की ने दिखाई अदम्य हिम्मत और जज्बा
12 Mar, 2026 05:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यह कहानी एक ऐसी बेटी की है जिसने व्यवस्था की उदासीनता और अपनी शारीरिक परेशानी के बावजूद हार नहीं मानी। यह कहानी है 15 वर्ष की सोनी कुमारी की। उसके पैरों में ताकत नहीं है, लेकिन उसके इरादे इतने मजबूत हैं कि वह हर दिन कठिन रास्ता तय कर पढ़ाई करने विद्यालय पहुंचती है।
मंत्री के क्षेत्र की रहने वाली है सोनी
सोनी कुमारी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के विधानसभा क्षेत्र भोरे के रामनगर हुसेपुर गांव की रहने वाली है। वह एक जर्जर फूस की झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रहती है। सोनी दोनों पैरों से पूरी तरह दिव्यांग है। हैरानी की बात यह है कि जिस उम्र में बच्चे उच्च विद्यालय की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं, उस उम्र में सोनी पहली कक्षा में पढ़ रही है। गरीबी और साधनों की कमी के कारण उसके जीवन के कई शुरुआती वर्ष पढ़ाई से दूर गुजर गए। हालांकि पढ़ने की उसकी इच्छा कभी कमजोर नहीं हुई।
हर दिन दो किलोमीटर चलकर पहुंचती है विद्यालय
सोनी हर दिन करीब दो किलोमीटर का रास्ता तय कर विद्यालय जाती है। उसके पास चलने के लिए कोई विशेष गाड़ी या दूसरा साधन नहीं है। वह कच्ची और धूल भरी सड़कों पर अपने कमजोर पैरों के सहारे धीरे-धीरे चलकर विद्यालय पहुंचती है। कई बार वह रास्ते में गिर भी जाती है, लेकिन फिर संभलकर आगे बढ़ जाती है।
जन्म से ही संघर्षों से भरा रहा जीवन
सोनी का जीवन शुरू से ही कठिनाइयों से भरा रहा है। उसकी मां लाईची देवी बताती हैं कि सोनी के जन्म के कुछ समय बाद ही उसके पिता नंदकिशोर राम का निधन हो गया था। घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। परिवार के लोग खेतों में मजदूरी करके किसी तरह दो वक्त का भोजन जुटाते हैं। इसी गरीबी के कारण सोनी को बचपन में विद्यालय नहीं भेजा जा सका।
पढ़कर डॉक्टर बनना चाहती है सोनी
सोनी ने जब गांव की अन्य लड़कियों को विद्यालय की पोशाक पहनकर पढ़ने जाते देखा, तो उसने भी पढ़ने की जिद कर ली। आज वह विद्यालय जा रही है और मन लगाकर पढ़ाई कर रही है। सोनी का सपना है कि वह आगे चलकर डॉक्टर बने और समाज के लोगों की सेवा करे।
बच्ची का हौसला देखकर लोग कर रहे मदद की मांग
सोनी के संघर्ष का एक दृश्य अब समाज माध्यमों पर तेजी से फैल रहा है। लोग उसके साहस और जज्बे की सराहना कर रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सोनी को जल्द से जल्द चलने के लिए तीन पहियों वाली गाड़ी और अन्य सरकारी सुविधाएं दी जाएं, ताकि उसकी पढ़ाई आसान हो सके।
पूर्णिया में विकास की रफ्तार तेज, समृद्धि यात्रा के दौरान 200 योजनाओं की शुरुआत
12 Mar, 2026 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत आज पूर्णिया पहुंचे। यहां उन्होंने कई विकास योजनाओं की शुरुआत की और एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर क्षेत्र का विकास करना और लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत शहर के ऐतिहासिक मां पूरणदेवी मंदिर में माथा टेककर की। उन्होंने करीब 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे सीधे थाना चौक स्थित मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के कार्यालय पहुंचे। मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के कार्यालय में मुख्यमंत्री ने दूर से संकेत देकर 485 करोड़ रुपये की लागत वाली 200 महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं से सीमांचल क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
जनसभा में 2005 से पहले के बिहार का किया जिक्र
इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। सभा में उन्होंने वर्ष 2005 से पहले के बिहार की स्थिति को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में जब पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनी, तब से बिहार की स्थिति बदलनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उससे पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया था। उस समय लोग शाम होते ही घरों से निकलने से डरते थे। हत्या, लूट और डकैती की घटनाएं अधिक होती थीं। हमारी सरकार ने इन सब पर रोक लगाई और राज्य में कानून का राज स्थापित किया।
सांप्रदायिक सौहार्द पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सांप्रदायिक सौहार्द की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जानबूझकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच झगड़े कराए जाते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू कराई गई। इसके बाद वर्ष 2016 से मंदिरों की भी घेराबंदी करवाई गई, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में प्रेम और भाईचारे का माहौल है।
महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जीविका दीदी योजना से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया गया है। इसके साथ ही पुलिस भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जो सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा लक्ष्य
युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने बिहार के लिए मिले विशेष आर्थिक पैकेज और मखाना बोर्ड के गठन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूर्णिया में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर में यातायात व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए।
10 मार्च से शुरू हुई समृद्धि यात्रा
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा 10 मार्च को सुपौल और मधेपुरा से शुरू हुई थी। यह यात्रा 14 मार्च को शेखपुरा में समाप्त होगी। इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंच पर मंत्री विजय चौधरी, श्रवण कुमार और मंत्री लेशी सिंह समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
सीएम का पूर्णिया दौरा आज, विकास योजनाओं का करेंगे शिलान्यास
12 Mar, 2026 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पूर्णिया जिले के प्रवास पर रहेंगे। अपनी समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री जिले को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं का उपहार देंगे। इस यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा पूर्णिया जिले में कुल 485 करोड़ रुपये की लागत वाली विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा। इसमें 321 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 8 नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है, जो जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इसके साथ ही, 164 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई 84 विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें आम जनता को समर्पित किया जाएगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जिला स्तर पर क्रियान्वित हो रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।
समृद्धि यात्रा की सफलता और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी अंशुल कुमार और पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने महानंदा सभागार में संयुक्त ब्रीफिंग बैठक की। इस बैठक में जिला स्तरीय सभी आला अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित थे, जबकि प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थलों पर समय से पूर्व उपस्थित होकर सेवा भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और महत्वपूर्ण चौराहों पर पुलिस बल की सघन तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के काफिले के मार्ग में पड़ने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाने, पार्किंग स्थलों के प्रबंधन, चिन्हित जगहों पर ड्रॉप गेट लगाने और हेलीपैड की सुरक्षा व्यवस्था की विभागवार गहन समीक्षा की गई। शहर की साफ-सफाई और सुरक्षा के चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री इस यात्रा के माध्यम से न केवल योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, बल्कि स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समृद्ध बिहार के लक्ष्यों की समीक्षा भी करेंगे। यह यात्रा जिले में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने और विकास की गति को तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
बिहार के युवक पर होली पार्टी में क्रूर हमला, ऑपरेशन से बची जान
12 Mar, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महाराष्ट्र में काम करने वाले एक बिहारी युवक के साथ उसके ही दोस्तों ने होली के जश्न के दौरान ऐसी क्रूरता की, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। आपसी विवाद के बाद नशे में धुत दोस्तों ने युवक के गुदा मार्ग में स्टील का एक बड़ा ग्लास डाल दिया। सात दिनों तक असहनीय पीड़ा और मौत से जूझने के बाद, पूर्णिया के डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई है। घटना 4 मार्च की है, जब पीड़ित युवक महाराष्ट्र में अपने दोस्तों के साथ होली मना रहा था। शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गई। नशे के जुनून में दोस्तों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं और युवक को बुरी तरह पीटने के बाद उसके शरीर के संवेदनशील हिस्से में स्टील का ग्लास जबरन घुसा दिया।
लोक-लाज और आरोपियों के डर के मारे युवक ने महाराष्ट्र में किसी को कुछ नहीं बताया। वह अपनी जान बचाने और इलाज की उम्मीद में उसी हालत में ट्रेन पकड़कर पूर्णिया के लिए रवाना हो गया। तीन दिनों की लंबी और कष्टकारी ट्रेन यात्रा के दौरान वह असहनीय दर्द से तड़पता रहा। पूर्णिया पहुंचने के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के सर्जन डॉ. तारकेश्वर कुमार और एनेस्थेटिस्ट डॉ. विकास कुमार ने जब युवक की जांच की, तो वे भी दंग रह गए। सिग्मॉइडोस्कोपी में पाया गया कि स्टील का ग्लास मलाशय की काफी गहराई में फंसा हुआ था, जिससे अंदरूनी अंगों के फटने और सेप्सिस फैलने का गंभीर खतरा था। चुनौती को स्वीकार करते हुए डॉक्टरों की टीम ने स्पाइनल एनेस्थीसिया के जरिए बिना किसी बड़ी चीर-फाड़ के, बड़ी कुशलता से ग्लास को शरीर से बाहर निकाल दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर थोड़ी भी और देरी होती, तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता था, जो जानलेवा साबित होता। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन आंतरिक चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे अभी मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
रास्ते में रोका, लूट की कोशिश में हुई हिंसा
12 Mar, 2026 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र में बीती रात शादी समारोह में जा रहे दो युवकों को बदमाशों ने गोली मार दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 और बिस्फी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से दोनों घायलों को देर रात इलाज के लिए डीएमसीएच (दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार एक युवक के हाथ में गोली लगी है, जबकि दूसरे युवक की कमर में गोली लगी है।
घटना के संबंध में घायल युवक रविंद्र सहनी ने बताया कि वह अपने दोस्त आदित्य के साथ एक शादी समारोह में जा रहा था। इसी दौरान सहदुल्लाहपुर चौक के पास दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल व पैसे छीनने की कोशिश करने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। रविंद्र ने बताया कि गोली उसके हाथ को छूते हुए उसके दोस्त की कमर में जा लगी, जिससे दोनों घायल हो गए। वहीं घायल रणवीर सहनी के पिता संतोष सहनी ने बताया कि वह भी एक शादी समारोह में गए हुए थे। इसी बीच पुलिस से सूचना मिलने पर वह डीएमसीएच पहुंचे, जहां उन्होंने अपने बेटे को घायल अवस्था में देखा। रणवीर सहनी ने बताया कि सहदुल्लाहपुर चौक के पास एक अपाचे बाइक और एक बिना नंबर की बाइक पर सवार कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल व पैसे छीनने लगे। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चला दी। उन्होंने बताया कि वह किसी भी हमलावर को पहचानते नहीं हैं। घटना की सूचना मिलते ही बिस्फी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
‘भारत की प्रतिनिधि लघुकथाएं’ का भागलपुर में विमोचन, डॉ. आरोही बोले– मिट्टी से जुड़ी है लघुकथा
11 Mar, 2026 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। के संतनगर बरारी स्थित बाबा श्री छोटेलाल दास जी आश्रम में ‘शब्दयात्रा भागलपुर’ के तत्वावधान में देश-विदेश के एक सौ लेखकों की बहुचर्चित पुस्तक ‘भारत की प्रतिनिधि लघुकथाएं’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में लघुकथाओं का पाठ और पुस्तक पर विस्तार से चर्चा भी हुई। कार्यक्रम में बिहार अंगिका अकादमी, पटना के निवर्तमान अध्यक्ष एवं प्रतिष्ठित समालोचक साहित्यकार प्रोफेसर (डॉ.) लखनलाल सिंह ‘आरोही’ ने कहा कि लघुकथा भारत की मिट्टी की उपज है। उन्होंने बताया कि लघुकथा की चर्चा अग्नि पुराण में भी मिलती है, जहां ‘लघुकथानिका’ का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में हिंदी साहित्य ने लघुकथा को अपनाया, जबकि दक्षिण भारत में कन्नड़ और मराठी में 19वीं सदी से लघुकथाएँ लिखी जा रही थीं।
डॉ. आरोही ने बताया कि मराठी लघुकथाकार माधवराव सप्रे ने हिंदी में पहली लघुकथा ‘टोकरी भर मिट्टी’ लिखी, जो 1937 में प्रकाशित हुई। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में वरिष्ठ साहित्यकार पारस कुंज ने लघुकथा आंदोलन को गति दी, जिसका साकार रूप यह पुस्तक है। यह पुस्तक आध्यात्मिक साहित्य के रचयिता श्री छोटेलाल दास जी की अध्यक्षता में लोकार्पित की गई। इसमें देश-विदेश के सौ स्थापित और नवोदित लेखकों की कुल 113 लघुकथाओं को शामिल किया गया है। पुस्तक का संपादन वरिष्ठ लघुकथाकार, कवि और पत्रकार पारस कुंज ने किया है, जिन्हें हाल ही में ‘आनंद शंकर माधवन साहित्य रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में चर्चित लघुकथाकार-कवयित्री सपना चन्द्रा, अंजनी कुमार शर्मा, बगुला मंच की संस्थापिका उषा राही तथा लघुकथाकार कवयित्री रीता मिश्रा तिवारी ने पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए संपादक पारस कुंज के कार्य की सराहना की। कार्यक्रम में छोटेलाल दास, अभय कुमार भारती, अंजनी कुमार शर्मा, डॉ. कुमार गौरव, कुमार सम्भव, पारस कुंज, माधवी चौधरी, महेंद्र प्रसाद निशाकर, रीता मिश्रा तिवारी, डॉ. लखनलाल सिंह ‘आरोही’, डॉ. विभु रंजन, शितांशु अरुण, शिवाक्षी कौशिक, शिवानी साह, डॉ. सुजाता कुमारी, सपना चन्द्रा, सुनील कुमार मिश्र और सिन्हा वीरेन्द्र सहित अनेक लघुकथाकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ लघुकथाकार सुनील कुमार मिश्र ने किया, जबकि संचालन शिवाक्षी कौशिक और सिन्हा वीरेन्द्र ने किया।
बड़ी वारदात: पंचायत सचिव के घर से 15 लाख की चोरी, परिवार को कमरे में किया बंद
11 Mar, 2026 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के बरुराज थाना क्षेत्र के नुनियाडीह गांव में चोरों ने एक पंचायत सचिव के घर बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर घर की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे और परिवार के सदस्यों को बाहर से बंद कर करीब 12 से 15 लाख रुपये की संपत्ति चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल है।
चोरी की नहीं लगी किसी को भनक
पीड़ित पंचायत सचिव सुमित कुमार (पिता–विनोद कुमार सिंह) ने बताया कि चोरों ने घर के चार कमरों को निशाना बनाया। उनके भाई और पिता के कमरे की अलमारी समेत कई सामान को खंगालकर नकदी और जेवरात सहित करीब 12 से 15 लाख रुपये की संपत्ति चोरी कर ली। उन्होंने बताया कि चोरों ने इतनी शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि रात में किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बाहर से रिश्तेदारों ने खोला दरवाजा
उन्होंने बताया कि सुबह जब दरवाजा बाहर से बंद मिला तो परिवार के सदस्यों ने दूसरे रिश्तेदार को फोन कर बुलाया, जिसके बाद दरवाजा खोला गया। तब घर में चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद मामले की सूचना बरुराज थाना पुलिस को दी गई।
जांच में जुटी पुलिस
वहीं, मामले में डायल 112 के एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि पंचायत सचिव के घर चोरी की सूचना मिली है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और फरार चोरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड टीम को भी बुलाया जा रहा है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर प्रशांत किशोर का हमला
11 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर तंज कसते हुए कहा कि पहले सिर्फ बिहार से युवाओं का पलायन होता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री भी पलायन कर रहे हैं। सरकार ने चुनाव के समय अपराध पर लगाम लगाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने एवं पलायन रोकने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे और आज स्थिति यह है कि सब कुछ पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
'50 से ज्यादा बिहारियों की अन्य राज्यों में मौत'
उन्होंने पलायन के मुद्दे पर जोर देकर कहा कि पिछले वर्ष नवंबर के बाद से बिहार के 50 से ज्यादा लोगों की अन्य राज्यों में मौत हो चुकी है। अगर लोग इसी तरह धर्म, जाति एवं पैसों के लालच में वोट देंगे, तो बिहार की स्थिति कभी नहीं सुधरेगी। बता दें कि प्रशांत किशोर मंगलवार को सासाराम आगमन के दौरान एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
अपनी हार पर क्या बोले प्रशांत?
प्रशांत किशोर ने पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार पर कहा कि उन्होंने हिंदू मुस्लिम, ऊंच नींच, जाति एवं पैसे के प्रलोभन वाली राजनीति ना करके बहुत बड़ी गलती कर दी। उन्होंने ईमानदारी से बिहार के बच्चों के नाम पर वोट देने की अपील की, लेकिन लोगों को बात समझ में नहीं आई। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, जनसुराज पूरी ईमानदारी से प्रयास करता रहेगा।
मुख्यमंत्री को लेकर कही गई बात हुई सच
पीके ने कहा कि जब मैंने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री नहीं रहने की बात कही थी, तो लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया था। पिछले एक साल से मैं कहता आ रहा हूं कि नीतीश कुमार की मानसिक व शारीरिक हालत ऐसी नहीं है कि वे मुख्यमंत्री बने रह सकें और यह बात आज सच साबित हुई है। आज 202 विधायकों का समर्थन रहने के बावजूद भी वे मुख्यमंत्री बने रहने की स्थिति में नहीं हैं।
निशांत कुमार का किया स्वागत
वहीं पीके ने निशांत कुमार के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि हर किसी को राजनीति में आने का अधिकार है, इसलिए उनका भी पूरा स्वागत है। हालांकि उन्होंने निशांत कुमार के बहाने परिवारवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं ने अपने बच्चों के लिए राज सिंहासन की व्यवस्था कर दी है, लेकिन दुर्भाग्य है कि जनता अपने बच्चों की चिंता नहीं कर रही है।
व्यवस्था परिवर्तन के लिए फिर प्रयास शुरू करेगा जन सुराज
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के नवनिर्माण एवं व्यवस्था परिवर्तन के लिए आगामी छः महीने के अंदर जन सुराज एक बार फिर पूरी शिद्दत से प्रयास शुरू करेगा। हालांकि उन्होंने बिहार नवनिर्माण अभियान को शुरू करने से पहले संगठन को पुनर्गठित करने की बात कही और बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में तीन दिनों का प्रवास कर कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की मजबूती के लिए चर्चा की जाएगी। ताकि कार्यकर्ताओं के सुझावों से संगठन को एक बार फिर मजबूती से खड़ा किया जा सके।
NDA में बढ़ी सियासी सरगर्मी, आईपी गुप्ता ने नीतीश-चिराग के विधायकों पर किया दावा
11 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। महागठबंधन हर हाल में राज्यसभा की पांचवी सीट पर अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को विजयी बनाना चाहता है। मंगलवार को तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के सभी विधायकों को एकजुट किया। बातचीत हुई। राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने सारी बातें स्पष्ट कर दी। इसके बाद महागठबंधन के सहयोगी घटक दल के प्रमुख इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने एक ऐसा बयान दे दिया, जिसने राष्ट्रीय जनतांत्रिग गठबंधन में टेंशन बढ़ा दी। आईपी गुप्ता ने कहा कि महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह की जीत तय है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी विधायकों के अलावा एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक हमारे उम्मीदवार को समर्थन दे रहे हैं। तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम से बातचीत कर ली है।
45 विधायक एडी सिंह को अपना समर्थन दे रहे हैं
इंडियन इनक्लूसिव पार्टी के प्रमुख आईपी गुप्ता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल एक सीट का मामला नहीं है। यह बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिल रहा है। 45 विधायक एडी सिंह को अपना समर्थन दे रहे हैं। इसमें महागठबंधन के 35, एआईएमआईएम के पांच, बसपा के एक और बाकी जदयू और लोजपा (राम) के विधायक हैं। आईपी गुप्ता ने दावा कि एनडीए के कुछ ऐसे विधायक संपर्क में हैं, जो अंदर से महागठबंधन के उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
महागठबंधन के विधायकों के साथ मीटिंग की तेजस्वी ने
दरअसल, एक दिन पहले तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के विधायकों के साथ मीटिंग की थी। यह मीटिंग तीन घंटे तक चली गई। इसमें एआईएमआईएम और बसपा को बुलाने की भी बात सामने आई थी। लेकिन, इन दोनों पार्टी के विधायक नहीं आए। इसके बाद बसपा विधायक ने कहा कि उन्हें नहीं बुलाया गया था। इधर, राजद के दो और कांग्रेस के तीन विधायक गायब दिखे। इससे सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया।
बस पड़ाव निर्माण की तैयारी तेज, सुपौल बायपास परियोजना पर लगा ब्रेक
11 Mar, 2026 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुपौल।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुपौल दौरे के बाद जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने मंगलवार शाम कार्यालय वेश्म में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि सुपौल जिला मुख्यालय में बस पड़ाव निर्माण के लिए अगले एक सप्ताह में निविदा (टेंडर) जारी की जाएगी, जबकि सुपौल में प्रस्तावित नए बायपास का निर्माण फिलहाल नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
डीएम ने बताया कि समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्मली प्रखंड पहुंचकर निर्मली रिंग बांध के मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य का उद्घाटन किया और मौके पर जाकर स्थल का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ही अनुमंडल कार्यालय निर्मली के सामने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास योजनाओं के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
कुल 84 योजनाओं का शिलान्यास'
उन्होंने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुपौल जिले में कुल 84 योजनाओं का शिलान्यास (करीब 435 करोड़ रुपये) और 129 योजनाओं का उद्घाटन (करीब 135 करोड़ रुपये) किया। कार्यक्रम में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी कर्मियों और जिलेवासियों को धन्यवाद दिया। वहीं, जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
प्रगति यात्रा में हुई थी बायपास और बस पड़ाव की घोषणा
डीएम ने बताया कि 20 जनवरी 2025 को प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुपौल, पिपरा और त्रिवेणीगंज में बायपास निर्माण की घोषणा की थी। इसके साथ ही सुपौल में बस पड़ाव सहित कई अन्य योजनाओं की भी घोषणा की गई थी। हालांकि अब पिपरा और त्रिवेणीगंज बायपास को राष्ट्रीय राजमार्ग 327ई में समायोजित कर लिया गया है, जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी
प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि जिले में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तपुर और त्रिवेणीगंज में सुरसर नदी के चैनलाइजेशन तथा क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं वीरपुर में निबंधन कार्यालय चालू हो चुका है और इसके लिए नए भवन निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई है। इसके अलावा सुपौल इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम जारी है, जबकि बाबा तिलहेश्वरनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के साथ मंदिर से सुखपुर बाजार तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही वीरपुर में हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। डीएम ने कहा कि प्रशासन इन सभी योजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
प्राइमरी स्कूल में चापाकल का पानी बना मुसीबत, 12 बच्चे अस्पताल पहुंचे
11 Mar, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम चंपारण। जिले के चनपटिया प्रखंड स्थित भैंसही रिफ्यूजी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों ने विद्यालय के चापाकल का पानी पीया और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
चापाकल का पानी पीने से बिगड़ी तबियत
बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। शिक्षकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण भी घबरा गए। बीमार होने वाले बच्चों में शामिल हैं, पिंकी कुमारी, हिमांशु कुमार, प्रिंस कुमार, अरुण कुमार, शिवानी कुमारी, बिट्टू कुमार, साजन कुमार, सिमरन कुमारी, भोला कुमार, विशाल कुमार, कृष्णा कुमार और विकास कुमार। बताया गया है कि स्कूल खुलने के कुछ देर बाद चार-पांच बच्चों ने चापाकल का पानी पीया था। थोड़ी ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद कुछ अन्य बच्चों ने भी वही पानी पी लिया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12 बच्चे बीमार हो गए।
बच्चों को जीएमसीएच में कराया गया भर्ती
स्थिति बिगड़ते देख विद्यालय प्रशासन ने तुरंत बच्चों को भैंसही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस से बेतिया के जीएमसीएच भेजा गया। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें जीएमसीएच रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी की जांच के बाद ही बीमारी का सही कारण पता चलेगा।
विधायक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जीएमसीएच प्रशासन से फोन पर बात कर बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माला कुमारी ने कहा कि बच्चे प्रतिदिन इसी चापाकल का पानी पीते हैं, इसलिए पानी की जांच बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद अभिभावकों में चिंता और भय का माहौल है। स्थानीय लोग भी स्कूल के पानी की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
बिहार राज्य आवास बोर्ड का ‘तिलस्मी’ खेल, प्लॉट की लोकेशन और नक्शा दोनों गायब
10 Mar, 2026 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार राज्य आवास बोर्ड ने 25 नवंबर 2025 से आम लोगों को पटना में आवासन देने के लिए एक स्कीम लायी थी। उस स्कीम के तहत प्लॉट मिलने थे। स्कीम आई और तकनीकी खामियां बताए जाने के बाद 18 फरवरी को कथित तौर पर बंद भी हो गई। आवेदन में क्या खेल हुआ, इसका खुलासा पिछली खबर में किया गया था। अब यह जानिए कि वह स्कीम किस हद तक 'तिलस्मी' थी। क्योंकि, इस स्कीम की ज्यादातर जानकारी छिपाने के उद्देश्य को लेकर सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित की गई थी। इतने तरह से कन्फ्यूज किया गया कि पता नहीं चले कि आवेदन कहां से करें और कब तक कर सकते हैं? किस जमीन की कीमत 1.70 करोड़ है और किसकी 80 लाख?
लोकेशन... ढूंढते रह जाओगे वाली राज्य आवास बोर्ड की स्कीम
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना अथॉरिटी या डीडीए आदि की हाउसिंग स्कीम आती है तो साफ-साफ लोकेशन पता चल जाता है कि आपको किस जगह पर प्लॉट मिलना है। अगर आप पटना में रहते हैं तो भी क्या इस पते को ढूंढ़ सकते हैं?- "6H/46, बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड डिविजन-2, पटना। या, Q681, बिहार स्टेट हाउसिंग बोर्ड डिविजन-1, कंकड़बाग।" इस तरह से सभी प्लॉट की जानकारी 'लोहियानगर एवं बहादुरपुर आवासीय कॉलोनी, पटना स्थित भूखंडों एवं मकानों के आवंटन हेतु विवरणिका पुस्तिका' में दी गई। स्कीम की आधी-अधूरी जानकारी देने वाले सूत्रों के सवालों का जवाब तलाशते हुए जब 9 फरवरी को राज्य आवास बोर्ड के सचिव राहुल बर्मन से बात हुई, तब जाकर यह विवरणिका पुस्तिका वेबसाइट (पोर्टल)- erpbshb.bihar.gov.in पर अपलोड की गई, लेकिन होम पेज पर नहीं बल्कि अंदर के एक सब-सेक्शन में। उस तारीख से पहले, जब भी इन प्लॉट्स के बारे में विभाग की हेल्पलाइन पर पूछा गया तो जवाब मिला कि फलां अखबार में पूरा विज्ञापन छपा है। इससे जुड़ा सवाल यह तब भी था और अब भी है कि-
अरसे बाद प्लॉट आवंटन की कोई योजना आई तो उसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं कर, किसी अखबार के किसी पेज पर एक विज्ञापन भर छापकर क्यों छोड़ दिया गया?
इस बारे में संवाददाता सम्मेलन कर जानकारी क्यों नहीं जनता के बीच दी गई?
पहले दिन से पोर्टल साइट पर प्लॉट का विवरण क्यों नही दिया गया?
पोर्टल बनाने वाली आईटी टीम गूगल लोकेशन उससे हाइपर लिंक क्यों नहीं कर सकी, ताकि लोग क्लिक कर समझ सकें?
1.70 करोड़ तक की कीमत वाली जमीन का लोकेशन सिर्फ प्लॉट नंबर से समझने के लिए क्यों छोड़ दिया गया?
तारीख भी तिलस्मी... ताकि आवेदन करने को लेकर रहे संशय
बिहार राज्य आवास बोर्ड की सरकार की ओर से प्रचारित और गूगल पर आसानी से मिलने वाली पोर्टल-वेबसाइट bshb.bihar.gov.in इस पड़ताल के दौरान चल रही थी। पिछले कुछ दिनों से ERR_CERT_DATE_INVALID के आधार पर बंद थी। 'अमर उजाला' की सोमवार को प्रकाशित खबर के बाद ऑपरेशनल हो गई। इसकी हालत की जानकारी आगे देंगे, फिलहाल यह जान लें कि इस पोर्टल पर इस स्कीम की जानकारी पहले तो दी ही नहीं गई थी। होम पेज पर सबसे नीचे एक लिंक दिया गया था, जो समझने वाले ही समझ सकते हैं। साइट मैप पर खोजने से वह लिंक मिल रहा था, जिसके बारे में आवास बोर्ड को सचिव की जानकारी दी गई तो लिंक को ऊपर किया गया था। उसी लिंक से दूसरी नई वेबसाइट (पोर्टल)- erpbshb.bihar.gov.in पर री-डायरेक्ट होता था। इस नए पोर्टल पर भी आवेदन की तारीख को लेकर तिलस्म बना रहा। 19 फरवरी 2026 तक आवेदन की तारीख होने से पहले तकनीकी खामियों के बारे में अवगत कराने पर 18 फरवरी को भले ही इसकी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई, लेकिन तारीखों के तिलस्मी होने का प्रमाण आज भी साइट पर उपलब्ध है। इस पोर्टल पर अब भी-
New Housing Scheme Notification के तहत इस स्कीम के बारे में बताया जा रहा है कि आवेदन के साथ पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 थी, जिसे 9 फरवरी 2026 किया गया।
अगर यही अंतिम सूचना है तो 19 तारीख तक आवेदन नहीं लिया जाना चाहिए था। और, अगर 19 फरवरी तक आवेदन लेने की तारीख थी तो इस 18 फरवरी को इसके स्थगन से पहले भी New Housing Scheme Notification के तहत यह जानकारी स्पष्ट तरीके से दी जानी चाहिए थी।
Tenders सेक्शन में Download Tender के तहत भी 9 फरवरी 2026 तक आवेदन तारीख वाला पीडीएफ ही दिख रहा है। और तो और होम पेज पर New Notification के स्क्रॉलिंग लिंक पर भी क्लिक करेंगे तो यही तारीखें दिखेंगी। मतलब, हर तरह का संशय रखा गया है कि कब से शुरू हुआ और कब स्थगित हुआ। वैसे, स्थगित होने वाली जानकारी तो अब कहीं नहीं दिख रही है। 9 फरवरी तक आवेदन होने की जानकारी जरूर दिख रही है।
बिहार में ट्रांसपोर्ट का हाईटेक अपग्रेड, पटना में चलेंगे ‘अल्ट्रा पॉड्स’
10 Mar, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही आधुनिक और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की नई शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार पुराने सचिवालय परिसर और आसपास के प्रमुख प्रशासनिक भवनों को जोड़ने के लिए ‘अल्ट्रा पॉड्स’ (UltraPODs by Ultra PRT) परियोजना शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की टीम के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें कंपनी ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना की रूपरेखा पेश की। बैठक में बताया गया कि यह परियोजना पुराने सचिवालय परिसर को आसपास के प्रशासनिक भवनों से जोड़ने के लिए एक अंतर-सरकारी (Intra-Government) स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशन होगी। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को करीब 15 महीनों में पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
5 किलोमीटर लंबा होगा ट्रैक
अल्ट्रा पॉड्स परियोजना की कुल लागत लगभग 296 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके तहत करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा। यह ट्रैक विश्वेश्वरैया भवन से शुरू होकर विकास भवन और विधान सभा होते हुए पुराने सचिवालय तक जाएगा। इस आधुनिक ट्रांजिट सिस्टम के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को एक भवन से दूसरे भवन तक तेज और सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिलेगी।
हर 7 सेकंड में मिलेगा अगला पॉड
इस परियोजना की खासियत यह है कि यात्रियों को हर 7 सेकंड के अंतराल पर अगला पॉड उपलब्ध होगा। एक पॉड में एक साथ 6 लोग यात्रा कर सकेंगे। पूरे ट्रैक पर कुल 59 अल्ट्रा पॉड्स का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रा तेज और निर्बाध होगी।
बनेंगे 9 स्टेशन और कंट्रोल रूम भी
परियोजना के पहले चरण में कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 2 स्टेशनों के पास पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम और एक अल्ट्रा पॉड पार्किंग फैसिलिटी का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे सिस्टम का संचालन और निगरानी की जा सकेगी।
पूरी तरह स्वचालित और सुरक्षित होगा सिस्टम
अल्ट्रा पॉड्स पूरी तरह से स्वचालित (Automated) होंगे और इनमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। सुरक्षा के लिए हर पॉड में कैमरे लगाए जाएंगे। यह पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम होगा, जिसमें निर्धारित भवनों के बीच बिना किसी अनशेड्यूल्ड हॉल्ट के सीधे गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा। इससे बाहरी बाधाओं का जोखिम कम होगा और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
पर्यावरण के अनुकूल होगी परियोजना
यह परियोजना पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल और कार्बन-पॉजिटिव नेटवर्क पर आधारित होगी। खास बात यह है कि अल्ट्रा पॉड्स के ट्रैक निर्माण में किसी भी पेड़ को नहीं काटा जाएगा। साथ ही सरकारी वाहनों की आवाजाही कम होने से क्षेत्र में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी।
आम लोगों को भी मिलेगी ट्रैफिक से राहत
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से खासकर सुबह और शाम के ऑफिस टाइम में लगने वाले जाम में कमी आएगी। इससे आम लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। अल्ट्रा पॉड्स का किराया भी बेहद मामूली रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। यात्री टोकन या कार्ड रिचार्ज कर इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। बिहार सरकार की यह पहल भारत सरकार के स्मार्ट, सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मोबिलिटी के विजन के अनुरूप मानी जा रही है। इससे न केवल प्रशासनिक भवनों के बीच आवाजाही आसान होगी, बल्कि सुरक्षा और कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
बिहार में बेखौफ बदमाश, रास्ता रोककर युवक को मारी गोली
10 Mar, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। में अपराधियों का मनोबल एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। ताजा मामला पीरपैंती थाना क्षेत्र के त्रिमोहन चौक के पास का है, जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
शेरमारी बाजार का रहने वाला था मृतक
मृतक की पहचान शेरमारी बाजार निवासी 35 वर्षीय ऋषभ झा के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि बीती रात ऋषभ झा अपने प्रॉपर्टी डीलर दोस्त सौरभ उर्फ मयंक के साथ बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान त्रिमोहन चौक के पास स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और उन्होंने बाइक चला रहे सौरभ को रुकने का इशारा किया।
ऋषभ के पेट में लगी गोली
हालांकि सौरभ ने बाइक नहीं रोकी और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान बदमाशों ने पीछे बैठे ऋषभ झा को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गोली ऋषभ के पेट में लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद सौरभ ने तुरंत अपने सहयोगियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद घायल ऋषभ को आनन-फानन में इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल हत्या के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिल्मी अंदाज में फरारी की कोशिश, हाजीपुर कोर्ट की छत से पोखर में कूदा कैदी
10 Mar, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। जिले के हाजीपुर कोर्ट में एक कैदी ने अचानक कोर्ट की छत से कोर्ट के बगल वाले पोखर में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया और भारी संख्या में भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर तुरंत पुलिस पदाधिकारी पहुंचे, जहां कैदी को रेस्क्यू कर पुलिस ने पोखर से बाहर निकाला।
अपहरण के मामले में बंद था आरोपी
जानकारी के अनुसार एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद सोमवार को उसे कोर्ट में हाजिरी के लिए लाया गया था।बताया जाता है कि हाजत से निकालकर जब उसे कोर्ट ले जाया जा रहा था, उसी दौरान कैदी कोर्ट की छत पर चढ़ गया और वहां से कोर्ट के बगल में स्थित एक पोखर में छलांग लगा दी। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को आवाज दी, जिसके बाद पोखर को चारों तरफ से घेर लिया गया।
पोखर से निकाला गया कैदी
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीपीओ की देखरेख में कैदी को पोखर से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि पोखर में कूदने से कैदी को चोट भी लगी है। वहीं मौके पर मौजूद भारी भीड़ ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। आरोपी वैशाली जिले के देसरी थाना के चांदपुर (ओपी) में दर्ज कांड संख्या 416/25 में बंद था।
हाजिरी के लिए कोर्ट आया था आरोपी
कैदी की पहचान चांदपुरा ओपी क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव निवासी स्वर्गीय निवासी राय के पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि जिस नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया था, वह उसी गांव की रहने वाली थी। उसके पिता ने इस पूरे मामले को लेकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस संबंध में पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि हाजीपुर कोर्ट से अपहरण के मामले में गिरफ्तार एक अभियुक्त भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पकड़ लिया गया है। उसे न्यायालय में हाजिरी के लिए जेल से लाया गया था।
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