बिहार-झारखण्ड
मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: झारखंड के 14 जिलों में खराब मौसम की आशंका
10 Jun, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। प्रांतीय राजधानी समेत पूरे झारखंड में बुधवार, 10 जून से मौसम का मिजाज बदलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य में 15 से 17 जून के बीच संताल परगना के मार्ग से मानसून के दस्तक देने के आसार बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बुधवार को कोडरमा और हजारीबाग को अलग छोड़ दें, तो राज्य के शेष सभी जिलों में आसमान में बादल छाए रहने, बिजली कड़कने और तेज रफ्तार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम में आने वाले इस बदलाव को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
11 जून को अंधड़ और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 जून को राज्य के कई हिस्सों में मौसम का ज्यादा उग्र रूप देखने को मिल सकता है। रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चलने, आकाशीय बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इस गंभीर मौसमी स्थिति के मद्देनजर विभाग ने इन संबंधित जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है।
12 से 15 जून तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल
आगामी 12 जून को भी झारखंड के अनेक जिलों में बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है, जिसके लिए दोबारा यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून की यह सक्रियता रुक-रुक कर आगामी 15 जून तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बनी रह सकती है, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलेगी।
देश और राज्य में मानसून की मौजूदा स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार को लेकर मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार तक इसके सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद अगले चार से पांच दिनों के भीतर अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ झारखंड में भी प्रवेश करने की पूरी संभावना बनी हुई है।
दिल्ली के छात्र ने पटना में किया सुसाइड, इलाज कराने बाहर गया था परिवार
10 Jun, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी के फुलवारीशरीफ इलाके के कन्हैया नगर में मंगलवार को एक इंजीनियरिंग के छात्र ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। मृत युवक की शिनाख्त 26 वर्षीय धीरज शर्मा के तौर पर हुई है। रिश्तेदारों के मुताबिक, वह दिल्ली में रहकर बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि धीरज काफी मिलनसार और पढ़ने में बेहद तेज था। होनहार होने की वजह से माता-पिता को उससे काफी उम्मीदें बंधी हुई थीं और वह कुछ ही दिनों पहले दिल्ली से अपने घर फुलवारीशरीफ लौटा था।
परिजनों के बाहर जाते ही कमरे में लगाई फांसी
बताया जाता है कि मंगलवार को धीरज की मां के दांत में तेज तकलीफ थी, जिसके उपचार के लिए धीरज के पिता विजय शर्मा और बड़े भाई गोलू शर्मा उन्हें लेकर पटना अस्पताल गए हुए थे। इसी दौरान उसकी दोनों बहनें भी ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से बाहर गई हुई थीं। जब परिवार के लोग डॉक्टर के पास से इलाज करवाकर वापस लौटे, तो धीरज के कमरे का किवाड़ भीतर से बंद मिला। परिजनों ने काफी देर तक कुंडी खटखटाई और आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका होने पर जब उन्होंने खिड़की के रास्ते अंदर देखा, तो धीरज का शव छत के पंखे के सहारे फंदे पर झूल रहा था। बदहवास परिवार ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, जांच के लिए बुलाई गई एफएसएल टीम
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से पूरी तरह लॉक था, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा। घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने शुरुआती कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया है।
गंभीर मानसिक तनाव में था छात्र, आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ रहा था बीटेक
स्थानीय पुलिस के अनुसार, शुरुआती छानबीन और परिजनों से हुई बातचीत में यह बात सामने आई है कि धीरज पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव का सामना कर रहा था। हालांकि, डिप्रेशन की असली वजह क्या थी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। धीरज के पिता मजदूरी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं और तंगहाली के बाद भी बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए पढ़ा रहे थे। पुलिस सुसाइड के सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बिहार राजनीति में हलचल: उपमुख्यमंत्री की चिट्ठी से 1934 का मुद्दा फिर सुर्खियों में
10 Jun, 2026 09:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों के सफल कार्यकाल को पूरा करने के ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में एक सशक्त और समृद्ध बिहार अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राज्य की महान सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत को याद करते हुए सूबे के सर्वांगीण विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आर्यभट्ट, चाणक्य और नालंदा जैसे गौरवशाली अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ही राजगीर में नए नालंदा विश्वविद्यालय के रूप में इस विरासत को दोबारा पुनर्जीवित किया जा सका है। साथ ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति और जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को बिहार के लिए अत्यंत सम्मान का विषय बताया।
केंद्रीय सहयोग से बदला बिहार के बजट और बुनियादी ढांचे का स्वरूप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि बिहार के चहुंमुखी विकास में केंद्र सरकार की ओर से लगातार भारी आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने वर्ष 2015 में घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को याद दिलाया, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सड़कों और पुलों के जाल को बिछाने में खर्च किया गया। वर्तमान में बिहार सरकार का कुल बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें राज्य के अपने संसाधनों से करीब 75 हजार करोड़ रुपये ही जुटते हैं, जबकि शेष विशाल धनराशि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी और विभिन्न अनुदानों के रूप में प्राप्त हो रही है। इसी सहयोग के चलते वर्ष 1934 के भूकंप के बाद दो हिस्सों में बंटे मिथिलांचल को कोसी महासेतु के जरिए दोबारा जोड़ा गया। इसके साथ ही गंगा नदी पर गांधी सेतु का कायाकल्प, मोकामा में छह लेन का पुल, मुंगेर में श्रीकृष्ण सेतु और पटना समेत भागलपुर में नए पुलों का निर्माण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
एक्सप्रेस-वे, आधुनिक एयरपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार
बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों पर पहली बार पांच नई एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों और पटना मेट्रो के तेज काम के अलावा इस साल हाई स्पीड ट्रेन की भी बड़ी घोषणा हुई है। उड्डयन क्षेत्र में पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल, दरभंगा और पूर्णिया में नए हवाई अड्डों के विकास तथा बिहटा एयरपोर्ट के कार्य ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग से दरभंगा में सूबे का दूसरा एम्स आकार ले रहा है, जबकि पांच नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण और बेहतर सिंचाई के लिए बागमती-बूढ़ी गंडक और कोसी-मेची जैसी बड़ी रिवर लिंक परियोजनाओं को रफ्तार मिली है, जिसकी प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
सांस्कृतिक धरोहरों का कायाकल्प और करोड़ों गरीबों को मिला जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ
विकास कार्यों के समानांतर बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण शुरू किया गया है, जिसे राम-जानकी पथ और रेल सेवा के माध्यम से सीधे अयोध्या से जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त नालंदा और गयाजी में भी विशेष कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की दूरगामी योजनाओं से सूबे के करोड़ों नागरिकों को सीधा संबल मिला है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना से लगभग 5 करोड़ लोग, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 1 करोड़ किसान परिवार तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत करीब 8 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। पत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के इस कार्यकाल को देश और बिहार के लिए एक स्वर्णिम युग बताते हुए कामना की कि आगे भी इसी तरह के सहयोग से 'समृद्ध बिहार' का सपना साकार होता रहेगा।
RJD में बढ़ी सियासी हलचल, शिवचंद्र राम के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव
9 Jun, 2026 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर का अंतर्विरोध खुलकर सतह पर आ गया है। पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने संगठन की सभी जिम्मेदारियों से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतृत्व ने उन्हें उच्च सदन भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन आखिरी वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। शिवचंद्र राम के इस बगावती कदम के बाद अब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी उनके पक्ष में आ खड़े हुए हैं।
तेज प्रताप ने किया समर्थन और प्रेस कॉन्फ्रेंस में छलके शिवचंद्र के आंसू
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर शिवचंद्र राम का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि शिवचंद्र राम का पार्टी के पदों से इस्तीफा देना अत्यंत पीड़ादायक है। वर्षों तक संगठन और समाज को सींचने वाले नेता का उचित सम्मान होना चाहिए था, उनके साथ जो हुआ वह निंदनीय है। इससे पहले सोमवार को महागठबंधन के उम्मीदवार सुनील सिंह के नामांकन के बाद शिवचंद्र राम का दर्द सरेआम छलक पड़ा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वे फूट-फूटकर रोने लगे और कहा कि पार्टी के धोखे के कारण वे कई रातों से सो नहीं पाए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्होंने केवल एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, वे पार्टी के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे। इस सियासी ड्रामे के बीच तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
टिकट न मिलने से दलित समाज की उपेक्षा और अंदरूनी नाराजगी का दावा
विधान परिषद चुनाव के लिए आरजेडी के संभावित दावेदारों में शिवचंद्र राम का नाम सबसे आगे चल रहा था। राजनीतिक जानकारों का मानना था कि जेडीयू और बीजेपी द्वारा किसी दलित को टिकट न दिए जाने के बाद तेजस्वी यादव इस वर्ग को साधने के लिए शिवचंद्र राम को मौका दे सकते हैं। अंतिम सूची से नाम गायब होने के बाद शिवचंद्र राम ने आरजेडी नेतृत्व को लिखे पत्र में कहा कि इस फैसले से पूरे रविदास और दलित समाज में भारी मायूसी है। उन्होंने पार्टी से मांग की कि विधान परिषद और राज्यसभा के टिकट बंटवारे में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की आनुपातिक हिस्सेदारी तय करने के लिए एक ठोस और पारदर्शी नीति बनाई जानी चाहिए।
लालू परिवार का जताया आभार और पार्टी के प्रति वफादारी का हवाला
इस गहरी नाराजगी के बावजूद शिवचंद्र राम ने अपने त्यागपत्र में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि उनके दिल में नेतृत्व के प्रति कोई व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं है, लेकिन कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान की खातिर पद छोड़ना उनकी नैतिक मजबूरी थी। गौरतलब है कि शिवचंद्र राम साल 1990 से ही लालू यादव की विचारधारा और आरजेडी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पार्टी के हर अच्छे-बुरे दौर में गांव-गांव जाकर संगठन के आधार को मजबूत किया था। यही वजह है कि अचानक दरकिनार किए जाने के बाद उनके समर्थक बेहद आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
भीषण सड़क हादसे में दो की मौत, देवघर से लौट रहा UP का परिवार हादसे का शिकार
9 Jun, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जिले के बख्तियारपुर थाना इलाके में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि परिवार के आठ अन्य सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह दर्दनाक हादसा पटना-बख्तियारपुर फोरलेन मार्ग पर स्थित महाविहार होटल के पास उस वक्त हुआ, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक विशाल पेड़ से सीधे जा भिड़ी।
देवघर से दर्शन कर लौट रहे कुशीनगर के मां-बेटे की मौत
इस भीषण टक्कर में जान गंवाने वाले यात्रियों की शिनाख्त उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले उपेंद्र सिंह और उनकी माता फूलमती देवी के रूप में की गई है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कुशीनगर का यह परिवार झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद वापस अपने घर लौट रहा था। इसी वापसी के सफर के दौरान बख्तियारपुर फोरलेन पर चालक का गाड़ी से नियंत्रण खो गया और वाहन पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
हादसे में तीन बच्चों सहित आठ सहयात्री गंभीर रूप से जख्मी
इस दुर्घटना की चपेट में आने से गाड़ी में सवार तीन मासूम बच्चों समेत कुल आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर बख्तियारपुर थाने की पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद वाहन के भीतर फंसे सभी घायलों को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया।
घायलों को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया और शव पोस्टमार्टम को भेजे
अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद सभी घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एनएमसीएच (NMCH) पटना रेफर कर दिया गया है। दूसरी तरफ, पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ भेज दिया है। हादसे में बचीं घायल निक्की देवी ने रोते हुए बताया कि पूरा परिवार बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर खुशी-खुशी घर लौट रहा था और रास्ते में अचानक यह वज्रपात हो गया। बख्तियारपुर थाना प्रभारी देवानंद शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया गाड़ी के अनियंत्रित होने से यह हादसा हुआ है, जिसमें दो लोगों की मौत और आठ लोग घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश में रहने वाले इनके अन्य रिश्तेदारों को हादसे की खबर दे दी गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अस्पताल में अचानक भड़की आग, बाल-बाल बचे मरीज; मचा हाहाकार
9 Jun, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। मुजफ्फरपुर की घटना के बाद अब बेगूसराय सदर अस्पताल के भीतर अचानक आग भड़कने का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में धुआं और आग की लपटें उठते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक, यह आग बच्चों के इलाज के लिए बने बाल चिकित्सा वार्ड के ठीक पास स्थित एक कमरे में लगी थी। गनीमत यह रही कि अस्पताल के कर्मचारियों, मुस्तैद सुरक्षा गार्डों और अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत सक्रियता दिखाई और आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पा लिया।
आईसीयू भवन के स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग
सदर अस्पताल परिसर में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आईसीयू (ICU) भवन के पहले माले पर बने पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा) वार्ड के ठीक बगल में एक मीटिंग हॉल और स्टोर रूम है। इसी कमरे में लगे एक छत के पंखे में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। बिजली के तार से निकली चिंगारियां ठीक नीचे रखी प्लास्टिक और कुशन की कुर्सियों पर जा गिरीं, जिसने देखते ही देखते आग का रूप धारण कर लिया। कमरे से तेज धुआं निकलता देख बगल के वार्ड में भर्ती बीमार बच्चों के माता-पिता और तीमारदार बुरी तरह सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी से टला एक बड़ा और भयानक हादसा
धुएं का गुबार उठते ही अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग की लपटों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे एक बहुत बड़ी अनहोनी होने से बच गई। हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार और सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे हालात का निरीक्षण किया। राहत और संतोष की बात यह रही कि इस पूरे वाकये में किसी भी मरीज, नवजात शिशु, परिजन या ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ को किसी तरह की कोई चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है।
सरकारी अस्पतालों की विद्युत सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों पर उठे सवाल
इस अग्निकांड के पूरी तरह शांत होने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन इस लापरवाही की बारीकी से पड़ताल करने में लग गया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर सूबे के सरकारी चिकित्सालयों में बिजली के रखरखाव, वायरिंग की सुरक्षा और आग से निपटने की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया को बताया कि अस्पताल के भीतर इस तरह आग लगने की वजहों की गहराई से प्रशासनिक जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए पुख्ता कदम उठाए जाएंगे।
65वीं सुब्रतो कप प्रतियोगिता की तारीखों का ऐलान, झारखंड में खेल जगत में उत्साह
9 Jun, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने आगामी 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता (2026-27) के सफल आयोजन के लिए समय-सारणी की घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन को लेकर राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन स्कूल स्तर से लेकर नेशनल लेवल तक अलग-अलग चरणों में किया जाएगा, जिसका मुख्य मकसद छात्र-छात्राओं के भीतर खेल कौशल को निखारना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन ने सभी प्रभारियों को हिदायत दी है कि पूरा खेल आयोजन तय समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होना चाहिए।
प्रतियोगिता के जरिए छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास
शिक्षा विभाग के इस कदम से राज्य के होनहार खिलाड़ियों को खेल जगत में अपनी पहचान बनाने का एक सुनहरा मौका मिलेगा। विभाग ने साफ किया है कि इस बार मैदान पर लड़के और लड़कियों दोनों के अलग-अलग आयु वर्ग के मुकाबले देखने को मिलेंगे। इसमें बालिका वर्ग के लिए अंडर-17 और अंडर-19 के मैच होंगे, जबकि बालक वर्ग में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 श्रेणियों के तहत फुटबॉल मैच खेले जाएंगे।
सरकारी और निजी समेत सभी श्रेणी के स्कूलों को खेलने की अनुमति
इस खेल महाकुंभ में राज्य के भीतर संचालित होने वाले हर वर्ग के स्कूलों को शामिल होने का अवसर दिया गया है। जारी आदेश के तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यक स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय, मॉडल स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय, ब्लॉक लेवल के आदर्श स्कूल और सरकार से मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी इस 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता में अपना दम-खम दिखा सकेंगे।
स्कूल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मैचों का पूरा टाइम-टेबल
टूर्नामेंट को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए परियोजना परिषद ने जून से लेकर सितंबर तक का पूरा शेड्यूल तय कर दिया है, जो इस प्रकार है:
विद्यालय स्तरीय मैच: 16 जून से 20 जून 2026 तक
ब्लॉक स्तरीय मैच: 23 जून से 30 जून 2026 तक
जिला स्तरीय मैच: 01 जुलाई से 05 जुलाई 2026 तक
प्रमंडल स्तरीय मैच: 08 जुलाई से 12 जुलाई 2026 तक
राज्य स्तरीय मैच: 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक
राज्य स्तरीय ट्रेनिंग कैंप: 25 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक
राष्ट्रीय स्तरीय मुख्य प्रतियोगिता: 18 अगस्त से 25 सितंबर 2026 तक
जमशेदपुर के युवक के साथ बड़ा हादसा, नदी में डूबने के बाद तलाश तेज
9 Jun, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। जिला अंतर्गत चांडिल प्रखंड के मशहूर जयदा मंदिर के समीप सोमवार की देर शाम सुवर्णरेखा नदी में स्नान करने के दौरान एक नौजवान के डूबने का दर्दनाक वाकया सामने आया है। लापता युवक की पहचान जमशेदपुर के सोनारी थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले पंचवटी नगर (सिद्धू-कान्हू बस्ती, जोन नंबर-2) के निवासी 23 वर्षीय प्रेम कुमार उर्फ बल्लू के तौर पर हुई है। इस हादसे के बाद से ही पानी में डूबे युवक की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है।
सैर-सपाटे पर निकले दो दोस्त और वीडियो बनाने के दौरान हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रेम कुमार सोमवार को अपने मित्र आशुदेव कुमार के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर चांडिल इलाके में घूमने के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि सफर के दौरान दोनों दोस्तों ने खान-पान और पार्टी भी की थी। इसके बाद देर शाम दोनों जयदा मंदिर के पास पहुंचे और अपनी बाइक खड़ी करने के बाद परिसर के नीचे बहने वाली सुवर्णरेखा नदी के घाट की तरफ बढ़ गए। घाट पर बनी सीढ़ियों के पास दोनों ने अपने वस्त्र उतारे और फिर प्रेम कुमार पानी में नहाने के लिए उतर गया। उसी वक्त उसका दोस्त आशुदेव किनारे पर खड़ा होकर मोबाइल से उसका वीडियो बना रहा था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन नहाते-नहाते अचानक प्रेम गहरे पानी की तरफ चला गया और उसका संतुलन बिगड़ गया।
चीख-पुकार मचाता रहा मित्र पर एकांत होने से नहीं मिली सहायता
प्रेम कुमार को पानी में डूबते और हाथ-पांव मारते देख किनारे पर खड़ा उसका दोस्त बुरी तरह घबरा गया और उसे बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाने लगा। चूंकि वक्त देर शाम का था और उस समय घाट के आस-पास कोई भी अन्य इंसान मौजूद नहीं था, इसलिए उसकी आवाज सुनकर कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आ सका। देखते ही देखते प्रेम गहरे पानी के भीतर समा गया और आंखों से ओझल हो गया। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर बाद जब वहां से गुजर रहे स्थानीय ग्रामीणों को इस बात का पता चला, तब जाकर मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और परिजनों में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही चांडिल और चौका थाने की पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए फौरन सुवर्णरेखा नदी घाट पर पहुंच गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक को खोजने का काम शुरू कर दिया। दूसरी तरफ जैसे ही इस अनहोनी की सूचना जमशेदपुर में रहने वाले युवक के परिवार को मिली, वे बदहवास हालत में जयदा घाट पहुंचे। इकलौते जवान बेटे के नदी में समा जाने की खबर से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरा सन्नाटा और शोक छाया हुआ है।
झारखंडवासियों को गर्मी से राहत, 17 जून तक मानसून की एंट्री के संकेत
9 Jun, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज यानी 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) और तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर हल्की फुल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं। वहीं 10 जून को राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य हिस्सों को छोड़कर बाकी तमाम इलाकों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका जताई गई है।
चक्रवातीय तंत्र के असर से 11 जून से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय परिसंचरण) के सक्रिय होने की वजह से झारखंड में 11 जून से मौसम के तेवर पूरी तरह बदल सकते हैं। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 12 जून से लेकर अगले तीन दिनों तक राज्य के एक बड़े हिस्से में अंधड़ चलने, बिजली कड़कने और अच्छी बारिश होने का अनुमान है। विशेष रूप से 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी आने, वज्रपात होने और झमाझम बारिश की संभावना है।
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
इस आसन्न मौसमी संकट और भारी उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रभावित होने वाले प्रमुख जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर लोगों को सावधान रहने की ताकीद की है। इसके बाद 12 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहने और रुक-रुक कर वर्षा का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है, जिससे तपती गर्मी से परेशान लोगों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
बीते 24 घंटों में तपिश बढ़ी, मेदिनीनगर में पारा 43 डिग्री के पार
इस संभावित बदलाव से पहले सोमवार को राज्य के कई शहरों में धूप के कारण पारे में भारी उछाल देखा गया। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 24 घंटों के मुकाबले 2.6 डिग्री सेल्सियस की तेजी आई। वहीं मेदिनीनगर 43.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जहां तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़त हुई। इसके अलावा जमशेदपुर का तापमान 4.5 डिग्री बढ़कर 41.3 डिग्री, चाईबासा का 4 डिग्री बढ़कर 40.8 डिग्री और बोकारो का अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इस बीच सोमवार को रामगढ़ में हल्की राहत के रूप में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हैवानियत की हदें पार: नाबालिग से गैंगरेप कर अधमरा छोड़ा, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही पीड़िता
9 Jun, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम दिया गया है। हैवानियत की सारी हदें पार करने के बाद आरोपी गंभीर रूप से घायल पीड़िता को मरणासन्न हालत में तड़पता हुआ छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए। वर्तमान में पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
नाबालिग से दरिंदगी और पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराना
यह खौफनाक वाकया विजयीपुर थाना इलाके के एक ग्रामीण क्षेत्र का है। जैसे ही इस बर्बरता की भनक स्थानीय पुलिस को लगी, महकमा तुरंत हरकत में आ गया और पुलिस की टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित किशोरी को बेहद नाजुक हालत में इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम मुस्तैदी से उसके इलाज और देखभाल में जुटी हुई है।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस डरावनी घटना के बाद पीड़िता की लाचार विधवा मां ने हौसला दिखाते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन में लिखित तहरीर दी है। मां के इसी बयान को आधार बनाते हुए पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कानून की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। न्याय के लिए गुहार लगाते हुए रोती-बिलखती मां ने पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि उसकी बेटी के गुनहगारों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
इस जघन्य अपराध को लेकर गोपालगंज पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े रुख के बाद आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। स्थानीय थाना पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और ऐसी घिनौनी करतूत करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा और तनाव देखा जा रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है।
झारखंड की राजनीति में नया मोड़, राज्यसभा चुनाव के बीच रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की एंट्री
8 Jun, 2026 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, सत्तारूढ़ महागठबंधन अपने सभी विधायकों की संभावित टूट और पाला बदलने से रोकने के लिए उन्हें तेलंगाना भेजने की तैयारी में है। रणनीति के अनुसार, इन विधायकों को मतदान से ठीक एक दिन पहले ही वापस रांची लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में आगामी 18 अगस्त को राज्यसभा की दो सीटों के लिए वोट डाले जाने हैं। इस चुनावी समर में महागठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शुरुआत में यह मुकाबला बेहद सीधा लग रहा था, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के अचानक चुनावी मैदान में उतरने से पूरी बाजी पलट गई है और मुकाबला त्रिकोणीय व बेहद दिलचस्प हो चला है। सूत्रों का कहना है कि नाथवानी को विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का परोक्ष रूप से पूरा समर्थन हासिल है।
जीत के लिए 28 वोटों का गणित और एनडीए की घेराबंदी
झारखंड विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट पर फतह हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को न्यूनतम 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सत्ताधारी महागठबंधन के पाले में इस समय कुल 56 विधायक मौजूद हैं, जो अंकगणित के लिहाज से दोनों सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त हैं। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी खेमे एनडीए के पास अपने कुल 24 विधायक हैं, जो अकेले दम पर एक भी सीट जिताने की स्थिति में नहीं हैं। इसी कमजोरी को दूर करने और सत्तापक्ष में सेंध लगाने के लिए निर्दलीय चेहरे को आगे कर एनडीए ने अपनी मजबूत घेराबंदी शुरू कर दी है, जिससे चुनाव का रोमांच चरम पर पहुंच गया है।
परिमल नाथवानी की एंट्री से बढ़ी कांग्रेस की धड़कनें
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर परिमल नाथवानी के नामांकन दाखिल करने के बाद से सबसे ज्यादा बेचैनी कांग्रेस खेमे में देखी जा रही है। सत्तापक्ष को डर है कि नाथवानी के प्रभाव और एनडीए के रणनीतिक कौशल के कारण उनके कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं। इस संभावित क्रॉस वोटिंग (भीतरघात) के खतरे को भांपते हुए ही शीर्ष नेतृत्व ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित स्थान पर भेजने का फैसला किया है, ताकि मतदान के दिन तक पूरे कुनबे को एक सूत्र में बांधकर रखा जा सके।
विधायकों को एकजुट रखने के लिए रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का सहारा
चुनाव की तारीख नजदीक आते ही दोनों ही खेमों में शह-मात का खेल तेज हो गया है। महागठबंधन जहां अपने 56 विधायकों की एकजुटता का दावा कर रहा है, वहीं पर्दे के पीछे 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' का सहारा लेकर खुद को सुरक्षित करने में जुटा है। एनडीए के रणनीतिकार भी निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में आवश्यक अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ करने के लिए छोटे दलों और असंतुष्ट विधायकों से संपर्क साध रहे हैं। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि 18 अगस्त को होने वाले इस कड़े मुकाबले में महागठबंधन अपनी दोनों सीटें बचाने में कामयाब रहता है या परिमल नाथवानी कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल होते हैं।
खान सर को कब मिलेगी राहत? जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख सामने आई
8 Jun, 2026 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी में हुए बहुचर्चित कोचिंग उपद्रव और गोलीबारी मामले में प्रसिद्ध शिक्षक खान सर की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसके साथ ही वारदात के दौरान हवाई फायरिंग करने वाले उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों (गार्ड्स) की जमानत के लिए भी अदालत में अर्जी लगाई गई थी। इस मामले पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। खान सर ने अपने वकीलों के माध्यम से दायर याचिका में खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और गोली चलने की इस घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अब इस पूरे मामले पर आगामी मंगलवार को अदालत द्वारा अगली सुनवाई की जाएगी।
वकील ने सरेंडर की अटकलों को खारिज कर दायर की अग्रिम जमानत
खान सर के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आए। इस दौरान प्रशासनिक और कानूनी हलकों में यह जोरदार चर्चा थी कि खान सर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर सकते हैं। हालांकि, उनके वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए पहले ही साफ कर दिया था कि वे सरेंडर नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए अग्रिम जमानत के लिए अपील करेंगे। इसी रणनीति के तहत सिविल कोर्ट में याचिका पेश की गई, जिस पर वकील ने कहा कि अब पूरा मामला न्यायालय के अधीन है और कोर्ट ही इस पर अंतिम फैसला सुनाएगी।
कोचिंग संचालक रौशन आनंद की रिहाई पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य कड़ी में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की रिहाई को लेकर भी अदालत में तीखी बहस हुई, जिसके बाद जज ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों रौशन आनंद को बेकसूर बताते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के हजारों छात्र और छात्राएं सड़कों पर उतर आए थे और उनकी तुरंत रिहाई के लिए जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा था कि रौशन सर को इस विवाद में जबरन घसीटा जा रहा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत रौशन आनंद की जमानत याचिका पर क्या रुख अपनाती है।
2 जून की हिंसक झड़प और गार्ड्स के कबूलनामे से फंसा पेंच
यह पूरा विवाद बीते 2 जून की देर रात को शुरू हुआ था, जब खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर अचानक दो गुटों में हिंसक झड़प, पथराव और मारपीट हो गई थी। इस दौरान वहां ताबड़तोड़ गोलियां भी चलाई गईं। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसके आधार पर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खान सर के दो निजी गार्ड सरेआम राइफल से फायरिंग करते नजर आ रहे थे। पुलिस ने जब इन दोनों सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने बयान दिया कि उन्होंने खान सर के सीधे आदेश पर ही आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाई थीं। इसी कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
हत्या की साजिश पर फिरा पानी, जिस पर भरोसा किया वही निकला गोविंद गैंग का सदस्य
8 Jun, 2026 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बहुचर्चित गोविंद हत्याकांड में पुलिस की गिरफ्त में आए कुख्यात अपराधी बाबुल चौधरी ने रिमांड पर हुई पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया है कि वह पिछले कई महीनों से गोविंद को रास्ते से हटाने की साजिश रच रहा था। विवाद की मुख्य वजह कलमबाग चौक स्थित 15 कट्ठा की बेशकीमती जमीन का सौदा और विश्वविद्यालय का 3 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका (टेंडर) था। जब गोविंद ने बाबुल पर इस ठेके और जमीन के काम से पूरी तरह पीछे हटने का दबाव बनाया, तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया। बात न बनने पर जब गोविंद खुद बाबुल को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा, तो बाबुल ने पहले ही उसकी हत्या का ताना-बाना बुन डाला।
खुद के गुर्गे ने ही गोविंद तक पहुंचाई थी पहली सुपारी की खबर
साजिश के शुरुआती दौर में बाबुल चौधरी ने मुशहरी थाना क्षेत्र के प्रहलादपुर गांव के एक शातिर अपराधी को गोविंद की हत्या का जिम्मा सौंपा था। हालांकि, यह दांव बाबुल पर ही उल्टा पड़ गया, क्योंकि वह अपराधी अंदरूनी रूप से गोविंद शर्मा के ही गैंग से जुड़ा हुआ था और उसने इस पूरी साजिश की भनक गोविंद को दे दी। इस खुलासे के बाद गोविंद बेहद सतर्क रहने लगा और उसने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी। इसी दौरान बाबुल की मुलाकात अमित पांडे से हुई, जिसने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने सगे भांजे सौरभ को बाबुल से मिलवाया और इसके बाद नए सिरे से हत्या की खौफनाक पटकथा लिखी गई।
सफेदपोशों से फंडिंग की आशंका और बैंक खातों की सघन जांच
पुलिस की तफ्तीश में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि बाबुल चौधरी इस पूरे हत्याकांड का महज एक मोहरा है और उसे पीछे से बड़े खिलाड़ियों द्वारा मोटी फंडिंग की जा रही थी। बाबुल ने शूटर राजा को हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी और मुख्य साजिशकर्ता सौरभ को छिपने के लिए आइकॉन टावर के फ्लैट नंबर 406 में रखने का पूरा खर्च भी उठाया था, जहां वह 2 मई से रह रहा था। गोविंद की पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर पुलिस अब शहर के कई रसूखदार सफेदपोशों, ओंकार, बाबुल और कलमबाग चौक के आशुतोष उर्फ फुद्दु के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है।
फरार शूटरों की तलाश में छापेमारी और लेडी डॉक्टर पर गहराया शक
सौरभ और बाबुल से मिली कड़ियों के आधार पर पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे मुख्य शूटर राजा सिंह, हत्या में इस्तेमाल हथियार को छिपाने वाले मनीष और शूटरों को फ्लैट में शराब व चिकन पहुंचाने वाले मददगार वैभव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही, इस पूरे षड्यंत्र में पटना की एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपियों के जब्त मोबाइलों के फॉरेंसिक डेटा से कई और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
गढ़वा में संवाद का मंच तैयार, पर्यावरण और सामाजिक संगठनों को बुलावा
8 Jun, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा। आम जनता और प्रशासनिक अमले के बीच के फासले को पाटने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार द्वारा शुरू की गई अनूठी पहल “कॉफी विद एसडीएम” इस सप्ताह एक विशेष विषय वस्तु (थीम) पर आधारित होने जा रही है। आगामी बुधवार, 10 जून को आयोजित होने वाले इस विशेष सत्र में क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यह विचार-विमर्श कार्यक्रम बुधवार सुबह 11 बजे से अनुमंडल कार्यालय के मुख्य सभागार में आयोजित किया जाएगा, जहां अनौपचारिक माहौल में चाय-कॉफी की चुस्कियों के साथ गढ़वा के सर्वांगीण विकास की भावी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जमीनी हकीकत और नवाचार को मिलेगा प्रशासनिक मंच
इस रचनात्मक संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि व्यवस्था में सकारात्मक सुधार और सामाजिक बदलाव के लिए सरकारी तंत्र के साथ-साथ नागरिक समाज की सक्रिय सहभागिता अत्यंत अनिवार्य है। धरातल पर काम करने वाले सामाजिक संगठनों को जमीनी समस्याओं और व्यावहारिक चुनौतियों का व्यापक अनुभव होता है। उनके पास कई ऐसे अभिनव और कल्याणकारी सुझाव होते हैं, जिनकी मदद से लोकहित की योजनाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और असरदार बनाया जा सकता है। यह आयोजन सभी प्रतिनिधियों को अपनी बात और रचनात्मक सुझाव सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का एक सुदृढ़ मंच प्रदान करेगा।
गढ़वा-मेराल क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और संगठनों से शामिल होने की अपील
अनुमंडल प्रशासन ने गढ़वा नगर सहित मेराल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पंजीकृत और गैर-पंजीकृत सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जागरूक बुद्धिजीवियों और एनजीओ के प्रतिनिधियों से इस बैठक में शामिल होने का सादर अनुरोध किया है। प्रशासन का मानना है कि इन संस्थाओं के पास व्यावहारिक कार्यशैली और नए विचारों का जो खजाना है, वह सरकारी मशीनरी को बेहतर ढंग से काम करने में संबल प्रदान करेगा। सभी इच्छुक प्रतिभागियों से अपील की गई है कि वे बुधवार को ठीक सुबह 11 बजे अनुमंडल कार्यालय के सभागार में पहुंचकर चर्चा का हिस्सा बनें और क्षेत्र के विकास में अपना योगदान दें।
पर्यावरण, नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर होगा मंथन
इस विशेष बैठक के दौरान मुख्य रूप से जनसरोकार से जुड़े कई गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। एजेंडे के अनुसार, क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, व्यापक स्वच्छता अभियान, सरस्वतिया नदी के पुनरुद्धार व संरक्षण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, ग्रामीण व सामुदायिक विकास, युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए नशामुक्ति अभियान और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर रणनीतिक विमर्श होगा। इस अनूठे संवाद के माध्यम से प्रशासन और सामाजिक शक्तियों के बीच समन्वय स्थापित कर एक बेहतर सामाजिक ताने-बाने का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्री-मानसून बारिश से मिली राहत, लेकिन वज्रपात ने ली तीन लोगों की जान
8 Jun, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के विभिन्न अंचलों में बादलों की आवाजाही के बीच झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। हालांकि, मौसम के इस बदले रूप के साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने के कारण तीन लोगों की असामयिक मौत की दर्दनाक खबर भी सामने आई है। गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड अंतर्गत परासपानी कला गांव में शनिवार की शाम आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 12 साल के मासूम क्रमु कुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं रामगढ़ के गंडके पाहन टोला में 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला में 16 वर्षीय किशोर साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई।
सिमडेगा में भारी बारिश और डाल्टनगंज रहा सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं और मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे का मानसूनी पानी बरसा है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की गई, जिसमें सिमडेगा का थर्थाइटांगर क्षेत्र सबसे आगे रहा और वहां रिकॉर्ड 70.3 मिलीमीटर वर्षा मापी गई। पारे की बात करें तो इस अवधि में डाल्टनगंज जिला 37.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जबकि लातेहार-AWS में न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां रात के समय लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हुआ।
पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक ट्रफ लाइन सक्रिय, येलो अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने आने वाले दिनों में भी राज्य के भीतर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी जारी की है। मौसम को देखते हुए विभाग ने कई संवेदनशील जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक एक प्रभावी ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके सीधे प्रभाव के चलते पूरे झारखंड के मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
रांची समेत दक्षिणी व मध्य झारखंड में कल झमाझम वर्षा के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 9 जून को राजधानी रांची के अलावा बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित सूबे के दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में तेज रफ्तार हवाओं और मेघगर्जन के साथ अच्छी बारिश होने के पुख्ता संकेत हैं। विशेषकर राजधानी रांची और उसके आसपास के इलाकों में 10 और 11 जून को भी आसमान में काले बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
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