बिहार-झारखण्ड
मसौढ़ी में बड़ी वारदात, मंदिर से कीमती मूर्तियां गायब
17 Mar, 2026 02:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। के मसौढ़ी अनुमंडल स्थित प्राचीन छाता मठ से भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की अष्टधातु मूर्तियों की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चोरी गई इन मूर्तियों की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार की देर रात की है, जब अज्ञात चोरों ने मठ परिसर में घुसकर मंदिर के गर्भगृह को निशाना बनाया। चोरों ने पहले मंदिर के ताले तोड़े और फिर भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियों को अपने साथ ले गए। सुबह जब महिला पुजारी चिंता देवी पूजा के लिए मंदिर पहुंची, तब यह घटना उजागर हुई और उन्होंने तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचित किया।
मूर्तियों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
मठ के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य बताते हैं कि ये मूर्तियां काफी प्राचीन और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण थीं। इनकी ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी कीमत का आकलन करना भी मुश्किल है। इसके साथ ही मूर्तियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस की जांच और डॉग स्क्वाड का इस्तेमाल
घटना की सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि चोरी में किसी पेशेवर गिरोह का हाथ हो सकता है, जो पहले से ही मंदिर की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी रखता था। पुलिस ने डॉग स्क्वाड टीम को भी बुला लिया है और तकनीकी सबूतों की मदद से चोरी करने वालों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मठ का ऐतिहासिक महत्व
छाता गांव के मुखिया रवि प्रकाश ने बताया कि कल्लू भगवान ठाकुरवाड़ी की स्थापना ब्रिटिश काल, वर्ष 1935 में की गई थी। तभी ठाकुरबाड़ी में अष्टधातु की मूर्ति की स्थापना की गई थी। प्रत्येक वर्ष वहां हिंदू धार्मिक पूजा और अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
मंदिर कमेटी के सचिव मुन देव सिंह ने मसौढ़ी थाने में चोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थाने की पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मसौढ़ी थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल एविडेंस और स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ ही डॉग स्क्वाड का उपयोग भी किया जा रहा है ताकि चोरी की वारदात में शामिल लोगों को पकड़ा जा सके।
सप्लाई बाधित, कई इलाकों में संकट गहराया
17 Mar, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सासाराम। ईरान के बीच चल रहे युद्ध के प्रभाव से घरेलू गैस सिलिंडरों की किल्लत अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गई है। शहर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के कारण बंद हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से सासाराम में एलपीजी सिलिंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। उपभोक्ताओं को घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
प्रशासन के दावे और वास्तविकता
जिला प्रशासन लगातार प्रेस बयान जारी कर दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि, धरातल पर स्थिति प्रशासन के दावों के बिल्कुल विपरीत है। सासाराम स्थित सभी गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती भी की गई है।
लोगों की नाराजगी और आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। जब वे स्वयं एजेंसी पहुंचते हैं, तो वहां स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। कुछ लोग इसे अंतरराष्ट्रीय तनाव और आपूर्ति बाधित होने से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि स्टॉक होने के बावजूद एजेंसी संचालकों द्वारा जमाखोरी और कालाबाजारी की जा रही है।
गैस एजेंसी पर भारी भीड़ और परेशानियां
सभी एजेंसियों पर गैस लेने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी कार्यालय के पास एक मोबाइल नंबर लिखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क किया जा सके, लेकिन नंबर काम नहीं कर रहा है। इस वजह से लोग बार-बार एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को इस किल्लत और लंबी कतारों में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस को धमकी देकर वर्चस्व बनाना चाहता था आरोपी
17 Mar, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी। जिले के चकिया थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में एसटीएफ के जवानों ने दो अपराधियों को मार गिराया। वहीं, मौके से पुलिस ने दो अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों अपराधी पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं।
खुलेआम दी थी धमकी
घटना से कुछ घंटे पहले मारे गए अपराधियों में से एक, कुंदन ठाकुर ने चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को धमकी दी थी। उसने कहा था कि अगली खबर में आप पढ़ेंगे कि अपराधी और पुलिस की मुठभेड़ में 10-15 पुलिसकर्मी मारे जाएंगे और अपराधी फरार हो जाएंगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो के आधार पर चकिया थाना में कांड संख्या 115/26 दर्ज किया गया। कुंदन ठाकुर की इस खुली धमकी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस ने तैयार की रणनीति
कल ही चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय मोतिहारी पुलिस अंचल का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के साथ मिलकर पूरी घटना पर रणनीति तैयार की और कुंदन ठाकुर तथा उसके गिरोह के इतिहास की जांच शुरू की। इस बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुंदन ठाकुर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ उज्जवल के घर पर छुपकर किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहा है।
मुठभेड़ और जवान की शहादत
पुलिस ने उक्त घर को चारों तरफ से घेर लिया और सभी अपराधियों को सरेंडर करने का आदेश दिया। लेकिन कुंदन ठाकुर और उसके साथी घिरते देख पुलिस पर कर्बाइन से फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एसटीएफ के जवान श्री राम यादव शहीद हो गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे को मार गिराया।
अपराधियों का इतिहास और गिरफ्तारी
कुंदन ठाकुर का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। उसके ऊपर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस बार उसने पुलिस को धमकाकर अपने आप को दिखावा करने की कोशिश की, जो उसकी और गिरोह के सदस्यों की जान का कारण बन गई। घटना के बाद पुलिस ने टी उज्ज्वल कुमार और उनके पिता संत तिवारी को गिरफ्तार किया। मौके से एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और 17 खोखा बरामद किया गया।
घायल युवक को पटना भेजा गया इलाज के लिए
17 Mar, 2026 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। गया शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात अपराधियों ने एक युवक को घर के पास ही घेरकर गोली मार दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर कर दिया। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे प्रेम‑प्रसंग और अंतरजातीय शादी को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है। घायल युवक की पहचान धनिया बगीचा निवासी अविनाश कुमार (30 वर्ष) के रूप में हुई है। गोली उनके कंधे के पास लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
जानें पूरा मामला
जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात अविनाश कुमार किसी काम से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह अपने घर के करीब पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही अविनाश सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति गंभीर देख उन्हें पटना रेफर कर दिया गया।
विवाद की वजह
स्थानीय लोगों और परिजनों के मुताबिक, घटना के पीछे प्रेम‑प्रसंग और अंतरजातीय शादी को लेकर विवाद बताया जा रहा है। अविनाश कुमार ने कुछ समय पहले दूसरे समाज की युवती से शादी की थी, जिसके कारण युवती के परिजन नाराज बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी नाराजगी और विवाद के कारण यह हमला हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही डेल्हा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। प्रेम‑प्रसंग और पारिवारिक विवाद सहित अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चिंतित हैं और पुलिस से फौरन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोकसभा की 40 में से 30 सीटों पर NDA का कब्जा
17 Mar, 2026 06:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार। रविवार को भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव का एलान किया। उन राज्यों से कम सरगर्मी बिहार में नहीं थी। सोमवार को बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ। चार सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की तय थी। एक पर जिच था। वह भी माहिर मैनेजमेंट के कारण एनडीए की झोली में आ गई। अब एनडीए के बैनर तले भारतीय जनता पार्टी बिहार में नया अध्याय लिखने की तैयारी में है। इतिहास बदलने की तैयारी चल रही है। संभव है कि इस अक्षय तृतीया पर वह नया अध्याय शुरू हो। अभी खरमास चल रहा है और भाजपा इसमें नया कुछ नहीं करती है। भाजपा के नए अध्याय की शुरुआत से पहले उसकी ताकत भी समझनी चाहिए।
एनडीए के लिए बिहार एक मजबूत राज्य
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार की 40 में से 30 सीटें जीत ली थीं। इसके बाद, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने राज्य की 243 सीटों में से 202 अपने नाम कर लिया। अब 16 मार्च 2026 को जब राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव हुआ तो सभी पर जीत हो गई। इस जीत के बाद बिहार से राज्यसभा की 16 सीटों में से 12 एनडीए के पास हैं।
भाजपा हर जगह सहयोगी दलों का 'बड़ा भाई'
बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव तक एनडीए के अंदर 'बड़ा भाई-छोटा भाई' की बात होती थी। बिहार में निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी- जदयू को बड़ा भाई का मुकाम हासिल था। लेकिन, 2020 के चुनाव ने सबकुछ बदल डाला। चिराग पासवान की बगावत ने जदयू को एक बार जो छोटा किया तो फिर वापसी नहीं हो सकी। अब 'बड़ा भाई-छोटा भाई' वाला सवाल भी नहीं आता। लोकसभा चुनाव 2024 में भले ही जदयू-भाजपा को 12-12 सीटें मिलीं और बराबरी की बात हुई, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने जदयू को पीछे छोड़ दिया। भाजपा के 89 और जदयू के 85 विधायक बने। अब राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व देखें तो भाजपा के सात और जदयू के चार सांसद हैं।
विधान परिषद् का इस साल दो चुनाव, उसमें भी आगे
जहां तक विधान परिषद् का सवाल है तो वहां भी जदयू के 20 के मुकाबले 22 सीटों के साथ भाजपा आगे है। विधान परिषद् का हिसाब बदलने वाला है, इसलिए फिलहाल इस गणित को छोड़ देते हैं। विधान परिषद की 17 सीटों पर इसी साल चुनाव होंगे। नौ सीटों का कार्यकाल तो जून 2026 में खत्म होने से पहले मई में चुनाव होंगे। इनमें से जदयू के पास तीन, राजद के पास दो, कांग्रेस और भाजपा की एक-एक सीट है। दो पहले से खाली हैं। नवंबर में खाली होने वाली आठ सीटों में दो भाजपा की हैं। एक-एक सीपीआई-कांग्रेस-जदयू की और दो निर्दलीय हैं। इनमें चार सीटें स्नातक और चार शिक्षक कोटे की हैं।
कॉल पर धमकी देने के बाद पुलिस टीम पर फायरिंग
17 Mar, 2026 06:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में मंगलवार की सुबह लगभग 2:30 बजे STF और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि STF का एक जवान बलिदान हो गया।
मारे गए अपराधियों की पहचान
मारे गए अपराधियों की पहचान कुंदन ठाकुर और प्रियंशु दुबे के रूप में हुई है। दोनों अपराधी चकिया थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और उन पर पहले आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जानकारी मिली है कि मुठभेड़ से पहले कुंदन ठाकुर ने चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को नेपाल के नंबर से फोन कर धमकी दी थी। फोन पर उसने कहा, “सर, न्यूज में देख रहे हैं कि पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़ में एक बदमाश घायल है। पता है अगला न्यूज क्या होगा? अपराधी और पुलिस की मुठभेड़ में दस से पंद्रह पुलिसकर्मियों की मौत और अपराधी फरार। गुंडागर्दी क्या होती है, आपको और पूरे शहर को दिखा देंगे।”
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की
धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कॉल ट्रेसिंग शुरू की और जल्दी ही अपराधियों का लोकेशन पता लग गया। इसके बाद पुलिस और STF की टीम मौके पर पहुंची और अपराधियों को चारों ओर से घेर लिया। घिरते देख कुंदन ठाकुर और प्रियंशु दुबे ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कुछ देर तक गोलाबारी जारी रही। मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से दोनों अपराधी ढेर हो गए। इस मुठभेड़ में STF का एक जवान श्री राम यादव बलिदान हो गया। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद DIG से लेकर SP तक मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर रखा है और छुपे हुए अपराधियों की तलाश जारी है। पुलिस ने घटना स्थल से एक कार्बाइन ,दो पिस्टल , दो कट्टा , पांच जिंदा कारतूस और सत्रह खोखा बरामद किया है। साथ ही मौके वारदात से दो अपराधी उज्ज्वल कुमार और संत कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया है।ये दोनों पिता पुत्र बताए जा रहे है।मृतक अपराधी प्रियांशु दुबे मुजफ्फरपुर जिला के साहेबगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
वायरल वीडियो में दिखा मुजफ्फरपुर में डांसर के साथ बर्बर व्यवहार
16 Mar, 2026 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुज्फ्फरपुर। बिहार के मुज्फ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. यहां राजेपुर थाना क्षेत्र में शादी समारोह में स्टेज कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान स्टेज पर डांसर डांस कर रही थी, वहीं एक धनंजय शर्मा नाम का भोजपुरी सिंगर भी स्टेज पर मौजूद था. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि लोग हैरान रह गए. स्टेज पर मौजूद सिंगर धनंजय शर्मा ने पहले तो डांसर को जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश की, इस दौरान डांसर भागती हुई दिखाई दी. लेकिन फिर देखते ही देखते धनंजय शर्मा ने डांसर को उठाकर स्टेज से फेंक दिया. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसके बाद लोगों ने घटना को लेकर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
स्टेज पर पहले खींचा और फिर फेंक दिया
पूरा मामला राजेपुर थाना क्षेत्र के मौना गांव का है. बताया जा रहा है कि 11 मार्च की रात को शादी समारोह के मौके पर स्टेज पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. धूम-धड़ाके के बीच लोग झूम और गा रहे थे. स्टेज पर एक डांसर परफॉर्म कर रहे थे. इस दौरान लोग भी काफी एंजॉय कर रहे थे. लेकिन तभी स्टेज पर मौजूद भोजपुरी सिंगर धनंजय शर्मा ने कुछ ही सेकेंड्स मे कुछ ऐसी करतूत की लोगों के होश उड़ गए. स्टेज पर डांस कर रही डांसर को धनंजय शर्मा ने पकड़कर खींच लिया. इस दौरान डांसर खुद को बचाते हुए भागती हुई दिखाई दी. लेकिन धनंजय शर्मा फिर भी नहीं माना और डांसर को खींचकर उठा लिया और भीड़ में फेंक दिया।
‘ऐसा एक्शल लिया जाए, ताकि दोबारा घटिया काम ना कर सके‘
वहीं भोजपुरी सिंगर धनंजय शर्मा की इस करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसको लेकर लोगों ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर कल्पना वास्तव नाम की एक यूजर ने लिखा, ‘इस तरह की बेशर्मी शर्मसार करने वाली है. भोजपुरी गायक धनंजय शर्मा मंच पर गाना गा रहे थे, तभी धनंजय शर्मा ने एक नर्तकी को उठा कर जनता के बीच फेंक दिया. कितनी घटिया मानसिकता है. इसकी बिहार पुलिस को इस पर सख्त एक्शन लेना चाहिए, ताकि ऐसा घटिया काम दोबारा ना कर सके.’हालांकि घटना को लेकर सिंगर धनंजय शर्मा ने सफाई दी है. सिंगर ने कहा कि उस वक्त स्टेज पर जो हुआ, किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा से नहीं था. मस्ती-मजाक का माहौल था, उसी दौरान यह घटना हो गई।
पटना में अहम मुलाकात: तेजस्वी यादव से मिलीं मांझी परिवार की महिलाएं
16 Mar, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी और बहू दीपा मांझी तेजस्वी यादव के कमरे से बातचीत करके निकलती हुई देखी गईं। उनके पीछे AIMIM के प्रमुख अख्तरूल ईमान और राजद के राज्यसभा उम्मीदवार एडी सिंह भी कमरे से बाहर निकले। ज्योति मांझी और दीपा मांझी की तेजस्वी के बातचीत की खबर से सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। हालांकि, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि मतदान शुरू होने से पहले ही ज्योति और दीपा मांझी विधानसभा पहुंच गईं थीं। इस दौरान कुछ देर के लिए दोनों तेजस्वी यादव से मुलाकात करने उनके कमरे में पहुंचीं। कुछ मिनट की बातचीत के बाद कमरे से बाहर निकल गईं। इस मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी नाराज हैं। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह केवल शिष्टचार मुलाकात है। इस मुलाकात के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई कि क्या यह केवल औपचारिक मुलाकात थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति है। खासकर इसलिए भी कि उस समय बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान चल रहा था और हर वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा था। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में एनडीए और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर के माहौल में ऐसी मुलाकातें अक्सर नए सियासी संकेत पैदा करती हैं, इसलिए इस घटना ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
घर में सोते समय हुई हत्या, सुबह बिस्तर पर मिला शव; पुलिस हर एंगल से जांच में
16 Mar, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमुई। बिहार के जमुई टाउन थाना क्षेत्र के लगमा गांव में सोमवार देर रात 55 वर्षीय व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान लगमा गांव निवासी गणेश रावत (55), पिता स्वर्गीय छेदी रावत के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों के अनुसार, गणेश रावत रविवार रात अपने पुराने घर से खाना खाने के बाद कुछ दूरी पर स्थित नए घर में सोने के लिए गए थे। सोमवार सुबह जब उनकी पत्नी सीता देवी उन्हें जगाने के लिए कमरे में पहुंचीं तो देखा कि घर का दरवाजा बाहर से बंद है। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर गणेश रावत बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े मिले। यह दृश्य देखकर पत्नी की चीख निकल गई, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। घटना रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या गोली मारकर की गई है या किसी अन्य हथियार से हमला किया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मृतक की पत्नी सीता देवी ने बताया कि करीब दो साल पहले गांव के ही जितेंद्र रावत और धारो रावत के साथ नगर परिषद चुनाव को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान गोली चलने की घटना भी हुई थी और दोनों पक्षों की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि पुरानी रंजिश के कारण ही हत्या की गई हो सकती है। सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए नेताओं की तस्वीरें बदलीं, युवक गिरफ्तार
16 Mar, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी। वह पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं रखता था और अक्सर मोबाइल पर रील बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने में लगा रहता था। लोगों से कहा करता था कि वह बहुत जल्द सोशल मीडिया पर फेमस हो जाएगा। वह एक्टर्स की तस्वीर पर ज्यादा रीच देखकर वैसा ही कुछ करना चाहता था। चुन लिया सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर को। फेमस होने की उसकी चाहत में इन दो नेताओं की तस्वीर चुनना उसके लिए मुसीबत का सबब बन गया। उसे जेल जाना पड़ा। यह हकीकत है गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र निवासी विकास कुमार यादव की। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर की उसने आपत्तिजनक तस्वीर-रील बनाई और उसे वायरल कर दिया। पुलिस ने शब्दो गांव निवासी विकास कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी युवक फतेहपुर में रहकर पढ़ाई करता था, लेकिन सोशल मीडिया पर फेमस होने की चाह ने उसे कानून के शिकंजे में पहुंचा दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि वह अक्सर सोशल मीडिया पर रील बनाकर पोस्ट करता था और चाहता था कि उसके वीडियो ज्यादा से ज्यादा वायरल हों। रील पर ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स नहीं आते थे। इसी कारण उसने कुछ अलग और सनसनीखेज करने की योजना बनाई।
निशांत की इंटरनेट पर धूम, इसलिए किया टारगेट
आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार हाल के दिनों में राजनीति में सक्रिय हुए तो इंटरनेट पर खूब सर्च किए जा रहे थे। इसके अलावा मैथिली ठाकुर तो ट्रेंड में आती ही रहती हैं। सो, उसके मन में विचार आया कि क्यों न निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर की तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई तकनीक से आपत्तिजनक फोटो बना दिया जाए। उसने दोनों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर एक आपत्तिजनक रील तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। रील पोस्ट होने के कुछ ही समय बाद उस पर लाइक्स, कमेंट्स और शेयर तेजी से बढ़ने लगे। इससे आरोपी को लगा कि उसकी योजना सफल हो गई है और वह सोशल मीडिया पर फेमस हो जाएगा। हालांकि उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह हरकत उसे सीधे जेल तक पहुंचा देगी।
फिल्मी कलाकारों को देखकर बनाई यह योजना
आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर कई बार फिल्मी कलाकारों के साथ भी इस तरह की एडिट की हुई तस्वीरें और वीडियो वायरल होते देखता था। उसे लगा कि ऐसा करने से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती है। इसी गलतफहमी में उसने यह कदम उठा लिया। 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह आपत्तिजनक तस्वीर और रील वायरल हुई थी। इसमें निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया था। मामला सामने आने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। तकनीकी सेल की मदद से सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि यह आपत्तिजनक फोटो और रील एक एक्स अकाउंट के माध्यम से वायरल की गई थी, जो विकास कुमार यादव से जुड़ी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। फतेहपुर थाना में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर एआई तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करने की कोशिश करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में किसी और की भी भूमिका तो नहीं है।
राज्यसभा वोट के बाद अनंत सिंह का फैसला, चुनावी राजनीति से लेंगे संन्यास
16 Mar, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोकामा। से जनता दल यूनाईटेड के टिकट पर विधायक बने बाहुबल अनंत सिंह ने 2030 में विधानसभा चुनाव नही लड़ने का एलान कर दिया है। राज्यसभा के लिए वोटिंग करने बेऊर जेल से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह ने स्पष्ट कह दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। हालांकि, नीतीश कुमार भले ही राज्यसभा जा रहे लेकिन हमारे दल के नेता रहेंगे। अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार में काफी संभावनाएं हैं, उनमें सीएम बनने के सारे गुण हैं।
सीएम नीतीश कुमार के राज्सभा जाने से आहत हुए अनंत
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर से वह काफी आहत हैं। इसलिए उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं। जनता के बीच हमेशा रहेंगे। केवल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जेल से निकलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही जेल से बाहर निकलेंगें।
अनंत सिंह के बेटों ने की थी सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात
दो महीना पहले ही अनंत सिंह के बेटे अंकित और अभिषेक ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। अंकित और अभिषेक के साथ उनकी मां और मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी भी थीं। तब से इस बात की चर्चा थी कि अंकित और अभिषेक अपने पिता की विरासत जल्द संभाल सकते हैं। अब आज अनंत सिंह के एलान के बाद यह बात साफ हो गई कि उनके बेटे राजनीति में आएंगे।
अनंत सिंह पर दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप
बिहार में विगत 30 अक्तूबर (बृहस्पतिवार) को दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष के साथ मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दोपहर करीब एक बजे हिंसक झड़प की खबर आई थी। दुलारचंद्र के परिजनों ने आरोप लगाया था कि बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों ने योजना बनाकर हत्याकांड को अंजाम दिया। इसके बाद पटना पुलिस ने अनंत सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अनंत सिंह जेल से ही चुनाव लड़े और जीते। फिलहाल वह जेल में ही हैं।
LPG संकट का असर, दरभंगा में चाय के दाम बढ़े; ग्राहक परेशान
16 Mar, 2026 07:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब छोटे-छोटे चाय-नाश्ते की दुकानों पर साफ दिखाई देने लगा है। कई दुकानों को बंद करना पड़ा है, जबकि कुछ दुकानदार लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर काम चला रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। चौक-चौराहों पर मिलने वाली चाय की कीमत अब 10 रुपये से बढ़कर 12 रुपये तक हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है। पहले 12 से 15 रुपये किलो मिलने वाली लकड़ी अब 25 से 30 रुपये किलो तक बिक रही है, जबकि कोयले की कीमत भी 20 रुपये से बढ़कर करीब 30 रुपये किलो हो गई है। चाय विक्रेता कन्हैया मंडल ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिलने के कारण दुकान चलाने में काफी परेशानी हो रही है। परिवार चलाने के लिए मजबूरन लकड़ी और कोयले पर चाय बनानी पड़ रही है, लेकिन इनकी कीमत भी काफी बढ़ गई है। इसके अलावा लकड़ी और कोयले पर चाय बनाने में ज्यादा समय लगता है, जिससे दुकानदारों को दिक्कत होती है। इसी कारण चाय की कीमत थोड़ी बढ़ानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि गैस की समस्या कब तक दूर होगी। दूसरी ओर कई रेस्टोरेंट और होटलों में भी कोयले पर खाना बनाने की मजबूरी है, जिसके कारण मेन्यू के दामों में भी बढ़ोतरी की गई है। इसका असर अब सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ने लगा है। ग्राहक आलोक कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है और लोग लकड़ी, इंडक्शन या कोयले के चूल्हे का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैस संकट का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ रहा है और चाय की कीमत में 2 से 4 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।
इंसानियत की मिसाल बना रेलकर्मी, बेजुबान को बचाते हुए गंवाई जान
16 Mar, 2026 06:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। में एक मवेशी को बचाने के प्रयास में रेलवे कर्मचारी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी हमेशा के लिए छीन लिया है। मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई। घटना केनगर थाना क्षेत्र के बाघमारा के समीप रविवार देर रात हुई। जब वे अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। मृतक की पहचान बालूघाट बेला रिकावगंज के निवासी शिव नारायण यादव के पुत्र नवल किशोर यादव (35 वर्ष) के रूप में की गई। मृतक पूर्णिया जंक्शन पर रेलवे कर्मी के रूप में तैनात थे। परिजनों ने बताया कि नवल बेहद मिलनसार और अपने काम के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। हर रोज की तरह रविवार रात भी वे अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाघमारा के पास अचानक एक भैंस का बच्चा सड़क पर दौड़ गया। उसे बचाने की कोशिश में नवल की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में उन्हें पूर्णिया जीएमसीएच ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे की सबसे दुखद कड़ी नवल किशोर के पीछे छूटा उनका परिवार है। वे अपने पीछे तीन छोटे बच्चे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। नवल किशोर की मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। अस्पताल परिसर में जब परिजनों ने नवल किशोर का पार्थिव शरीर देखकर परिजन दहाड़ मारकर लोगों लगा। मृतक ही अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, और अब उनके जाने से इन तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही नवल किशोर के निधन की सूचना मिली, पूर्णिया जंक्शन के उनके साथी रेलकर्मी भी अस्पताल पहुँचे। सहकर्मियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और ढांढस बंधाया। सहकर्मियों का कहना था कि नवल एक होनहार साथी थे और उनके इस तरह चले जाने से विभाग ने एक कर्मठ सदस्य खो दिया है। सूचना मिलते ही केनगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। थाना पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि सड़क पर अचानक आए भैंस के बच्चे को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई थी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा और खगड़िया में सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर- डॉ.अनुप्रिया यादव
15 Mar, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जद (यू) की प्रदेश प्रवक्ता डॉ.अनुप्रिया यादव ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ये यात्रा उस विकास-दृष्टि और उस जनप्रतिबद्धता की है, जिसने बिहार को बदला, बिहार की सोच को बदला, और बिहार के हर जिले, हर प्रखंड, हर गांव और हर परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया। उन्होंने हमेशा जनता के बीच जाकर, यात्रा के माध्यम से, सीधे रूबरू होकर, योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझा, धरातल पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। 2005 से 2026 तक, दो दशकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार भर की 16 यात्राएं कीं। यह अपने आप में अद्भुत और ऐतिहासिक है। देश की राजनीति में बहुत कम ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने शासन को दफ्तरों, फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लगातार जनता के बीच जाकर प्रशासन को जवाबदेह बनाया।
सबसे पहले यदि हम सहरसा की बात करें, तो मुख्यमंत्री जी ने सहरसा की धरती पर 512 करोड़ रूपये की ऐतिहासिक विकास सौगात दी। सहरसा में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कुल 125 विकास योजनाओं को गति दी। इनमें लगभग 286 करोड़ रूपये की लागत से 70 योजनाओं का उद्घाटन, 90 करोड़ रूपये की लागत से 20 योजनाओं का शिलान्यास, और लगभग 136 करोड़ रूपये की लागत से 35 योजनाओं का कार्यारंभ किया गया। सहरसा में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जो दृश्य देखने को मिला, वह अत्यंत प्रेरक था। शाहपुर में जीविका सिलाई सह उत्पादन केंद्र का उद्घाटन केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह महिलाओं के आत्मसम्मान, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए युग का उद्घाटन था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी ने 3,021 जीविका स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को लगभग 133 करोड़ रूपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया।
खगड़िया जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की बात करें, तो वहां भी उन्होंने 304 करोड़ रूपये की विकास योजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी। इनमें लगभग 261 करोड़ रूपये की लागत से 284 योजनाओं का उद्घाटन और लगभग 45 करोड़ रूपये की लागत से 35 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कुल मिलाकर 319 विकास योजनाओं से खगड़िया की जनता को लाभ मिला। यह केवल किसी एक जिले के लिए विकास पैकेज नहीं, बल्कि उस इलाके के लिए नई दिशा है, जिसकी पहचान कभी बाढ़ और बदहाली से जुड़ी रही है।
खगड़िया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केवल बड़े निर्माण कार्यों पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि गरीब कल्याण और सामाजिक न्याय के मोर्चे पर भी सीधे लाभ पहुंचाया। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत 1,245 परिवारों को दूसरी किस्त के रूप में लगभग 4.58 करोड़ रूपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि भूमिहीन को सम्मान, गरीब परिवार को आजीविका, दिव्यांगजन को सुविधा, प्रवासी श्रमिक को सुरक्षा और किसान को तकनीक से जोड़ना-यही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार का समावेशी विकास है।
एलपीजी और तेल संकट पर केंद्र सरकार विफल, जनता परेशान और प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त- राजेश राम
15 Mar, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने देश में उत्पन्न एलपीजी और तेल संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में एलपीजी और तेल की भारी किल्लत से लोग परेशान हैं। सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों से ऐसी दुखद खबरें सामने आ रही हैं कि लोग घंटों लाइन में लगने के दौरान अपनी जान तक गंवा रहे हैं। राजेश राम ने कहा कि यह स्थिति बेहद भयावह और चिंताजनक है, लेकिन इस संकट को पैदा करने वाली केंद्र सरकार के लिए जनता की परेशानी से ज्यादा चुनावी राजनीति महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री इस गंभीर स्थिति के बावजूद पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि खुद चुनावी मंचों से बड़े-बड़े वैश्विक व्यापार समझौतों की बातें कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब देश की जनता एलपीजी और तेल के संकट से जूझ रही है, तब क्या सरकार का पूरा ध्यान इस समस्या के समाधान पर नहीं होना चाहिए? राजेश राम ने कहा कि इतनी गंभीर स्थिति में भी अगर सरकार के लिए राजनीति और चुनाव ही सर्वोपरि है, तो यह देश की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार से अविलंब हस्तक्षेप कर एलपीजी और तेल की आपूर्ति को सुचारू करने तथा जनता को राहत देने की मांग की।
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