बिहार-झारखण्ड
तीन बच्चों के साथ प्रेमी संग भागी महिला, पति पहुंचा थाने
23 Mar, 2026 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के हाबीपुर गांव से एक महिला अपने प्रेमी के साथ तीन बच्चों को लेकर फरार हो गई। इस मामले में महिला के पति ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित पति चुल्हाई महतो, जो गोढ़ैला पंचायत के हाबीपुर गांव का निवासी है। उसने अपने आवेदन में बताया कि वह हैदराबाद में रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 20 फरवरी को उसकी पत्नी राजकुमारी देवी (28) अपने तीन बच्चों सन्नी कुमार (6), संदीप कुमार (4) और स्वीटी कुमारी (3) के साथ 10 हजार रुपये लेकर मायके बरुआरा जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उस समय वह खुद घर पर मौजूद नहीं था।
पीड़ित के साथ आरोपी ने की मारपीट
इसके बाद जब वह मायके नहीं पहुंची तो परिजनों ने काफी खोजबीन की। इसके बाद जानकारी मिली कि महिला को पड़ोसी गांव बसंत का रहने वाला मनीष कुमार दास बहला-फुसलाकर अपने साथ बच्चों सहित भगा ले गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब परिजन आरोपी के घर जाकर महिला और बच्चों के बारे में पूछताछ करने पहुंचे, तो मनीष कुमार दास, उसके पिता झब्बू दास, चाचा जागेश्वर दास और नंदू दास ने मिलकर उनके साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया।
आरोपी दे रहा जान से मारने की धमकी
पीड़ित परिवार किसी तरह वहां से जान बचाकर अपने घर लौटा। इसके बाद आरोपियों द्वारा लगातार फोन पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। इस मामले को लेकर गांव स्तर पर पंचायत के माध्यम से समझौता कराने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी पक्ष ने पंचायत की बात मानने से इनकार कर दिया।
'मामले की जांच की जा रही'
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर बिशनपुर थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
Vaishali के युवक की संदिग्ध मौत, मुजफ्फरपुर में जांच तेज
23 Mar, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। में अंतरजातीय विवाह के बाद एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान अमित कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है। मृतक के भाई गौतम कुमार पाण्डेय ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है।
रात 10 बजे मिली युवक के मौत की खबर
वैशाली जिले के मांगनपुर गांव निवासी गौतम कुमार पाण्डेय ने बताया कि 19 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें उनके भाई अमित कुमार पाण्डेय की मौत की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुजफ्फरपुर के भीखनपुरा उत्तर टोला स्थित महाराणा नगर रोड नंबर 05 पहुंचे, जहां अमित रहते थे। वहां उन्हें बताया गया कि पुलिस अमित को अस्पताल ले गई है।
2020 में मृतक ने किया था प्रेम विवाह
बताया गया कि अमित कुमार पाण्डेय ने वर्ष 2020 में तुर्की थाना क्षेत्र के जावा दिह निवासी रागिनी प्रजापति से कोर्ट मैरिज के जरिए अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। शादी के लगभग एक वर्ष तक दाम्पत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद अमित को पत्नी और ससुराल वालों द्वारा मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन पर गांव की पैतृक जमीन बेचकर शहर में बसने का दबाव बनाया जा रहा था।
शादी के बाद मुजफ्फरपुर में रहने लगा था मृतक
माता-पिता के बुजुर्ग होने और भाइयों के बीच बंटवारा नहीं होने के कारण अमित पत्नी के दबाव में गांव छोड़कर मुजफ्फरपुर में रहने लगे थे। गौतम कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि उनकी भाभी का आचरण ठीक नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी अमित पर पत्नी और ससुराल पक्ष द्वारा हमला किया गया था, जिसे परिवार के लोगों ने समझा-बुझाकर शांत कराया था।
'यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या'
गौतम ने कहा कि उन्हें अपने भाई के स्वभाव की पूरी जानकारी है और पिछली घटनाओं को देखते हुए उन्हें विश्वास है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उन्होंने बताया कि घटना के समय पति-पत्नी दोनों साथ थे, इसलिए उन्हें पत्नी और कुछ अन्य लोगों की मिलीभगत से हत्या की आशंका है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और न्याय की मांग की है।
गया में रिश्तों का कत्ल, जमीन विवाद में भाई ने ही भाई को मारी गोली
23 Mar, 2026 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। जिले के चेरकी थाना क्षेत्र में हुए पेंटर अक्षय यादव हत्याकांड का पुलिस ने तेजी से खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सिंपल कुमार, दीपक कुमार और रोहित कुमार शामिल हैं। इनमें सिंपल कुमार मृतक का चचेरा भाई बताया जा रहा है, जिससे जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
काम के बहाने मृतक को अपने साथ ले गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 18 मार्च की शाम कुछ लोग अक्षय यादव के घर पहुंचे और काम के बहाने उसे अपने साथ बाहर ले गए। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 19 मार्च को उसकी पत्नी ने थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया। शुरुआती जांच अपहरण के एंगल से की जा रही थी, लेकिन 20 मार्च को मामला पूरी तरह बदल गया।
20 मार्च को बरामद हुआ था शव
भुसिया घाट के पास नदी किनारे एक शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद किया, जिसकी पहचान अक्षय यादव के रूप में हुई। शव के सिर में गोली के निशान मिले, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह अपहरण नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में बदलते हुए 21 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल टीम गठित की। बोधगया एसडीपीओ के नेतृत्व में तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच तेज की गई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और आसपास के नेटवर्क की गहन जांच की। इसी क्रम में संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
आरोपियों ने कबूल कर लिया अपना जुर्म
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि जमीन विवाद को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा था। इसी रंजिश में योजना बनाकर अक्षय को घर से बुलाया गया और भुसिया घाट के पास ले जाकर उसके सिर में गोली मार दी गई। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस अब तक हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद नहीं कर सकी है। फिलहाल आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनके जरिए घटना से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हथियार भी बरामद कर लिया जाएगा।
गया में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार में टकराईं बाइकें, दो की मौके पर जान गई
23 Mar, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। जिले के चंदौती थाना क्षेत्र के केवाली गांव के पास सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
दो बाइकों के बीच हुई सीधी टक्कर
मिली जानकारी के अनुसार, चंदौती थाना इलाके में सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे केवाली गांव स्थित बीपी आजाद बीएड कॉलेज के समीप दो बाइकों के बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर चोटों के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
शादीशुदा थे दोनों युवक
मृतकों की पहचान केशरु-धरमपुर पंचायत के धरमपुर गांव निवासी जितेंद्र चौधरी के 22 वर्षीय पुत्र अक्षय कुमार उर्फ कारू और पंचानपुर थाना क्षेत्र के बेलमा गांव निवासी भोली साव के 25 वर्षीय पुत्र सुभाष कुमार के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही दोनों घरों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों बाइकें काफी तेज रफ्तार में थीं। अचानक आमने-सामने आने के कारण चालक संभल नहीं सके और जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों युवकों की सांसें थम चुकी थीं। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हादसे से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही चंदौती थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने में जुट गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
दो दिन पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। गौरतलब है कि इसी सड़क पर दो दिन पहले भी एक सड़क हादसे में बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से लोगों में दहशत और नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
रिजल्ट का इंतजार खत्म! जानें इस बार कितने बजे जारी होंगे नतीजे
23 Mar, 2026 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट आज दोपहर 1:30 बजे जारी किया जाएगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रिजल्ट जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों छात्र-छात्राएं अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि पिछले साल के रिजल्ट में किस स्टीम में किसने टॉप किया था।
पिछले साल लड़कियों ने मारी थी बाजी
पिछले कुछ वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालें तो लड़कियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा कायम रखा है। साल 2025 के रिजल्ट में भी तीनों स्ट्रीम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। आर्ट्स स्ट्रीम में अंकिता कुमारी (वैशाली) और शाकिब शाह (बक्सर) ने 94.6% अंक के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया था। वहीं साइंस स्ट्रीम में प्रिया जायसवाल और कॉमर्स में रोशनी कुमारी ने पहला स्थान हासिल किया था।
12वीं की परीक्षा के लिए कितने विद्यार्थी पंजीकृत?
इस वर्ष (2026 में) बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा का आयोजन कुल 28 लाख 30 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए किया गया। इसमें मैट्रिक परीक्षा (10वीं) के लिए 15,12,687 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वहीं, 12वीं की परीक्षा कुल 13,17,846 परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गई।
कब हुईं बिहार बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं?
बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 2 से 13 फरवरी, 2026 तक 1,762 परीक्षा केंद्रों पर दो शिफ्ट में आयोजित हुईं। सुबह की शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक आयोजित की गई, जबकि शाम की शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक थी। 12वीं के परिणाम मार्च, 2026 के अंतिम सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं।
बिहार में दो गुटों में भिड़ंत, पत्थरबाजी में कई लोग घायल
23 Mar, 2026 07:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के नगर थाना क्षेत्र के कन्हौली टीओपी इलाके में रविवार देर शाम दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच रोड़ेबाजी शुरू हो गई। हालात बिगड़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
बताया जा रहा है कि देर शाम आपसी वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष पर रोड़ेबाजी कर दी। अचानक हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद नगर थाना की टीम मौके पर पहुंची और हालात को शांत कराया।
रोड़ेबाजी के दौरान कई लोगों के सिर फटे
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक पक्ष के ‘मैंगो’ नामक युवक ने पहले दूसरे पक्ष पर हमला किया, जिसमें एक महिला समेत कई लोग घायल हो गए। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने मैंगो के मोहल्ले में घुसकर रोड़ेबाजी की, जिससे कई लोगों के सिर फट गए। घटना के दौरान सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया।
पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष
बवाल की सूचना पर नगर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इस मामले में नगर थानाध्यक्ष अनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। माहौल खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। दोनों पक्षों से तीन लोगों को डिटेन किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और घायलों का इलाज जारी है।
विवाद के बाद मारपीट, कई श्रद्धालु घायल हुए।
21 Mar, 2026 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक, गोपालगंज स्थित थावे दुर्गा मंदिर परिसर से एक अप्रिय घटना सामने आई है। शनिवार को प्रसाद खरीदने के दौरान एक मामूली बात को लेकर दुकानदार और श्रद्धालुओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस मारपीट में कई श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दुकानदारों ने एकजुट होकर श्रद्धालुओं पर किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक दुकान पर प्रसाद की कीमत और गुणवत्ता को लेकर हुई। श्रद्धालु और दुकानदार के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। आरोप है कि स्थानीय दुकानदारों ने एकजुट होकर श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया।
मंदिर परिसर में मची रही चीख-पुकार
इस अफरा-तफरी और मारपीट के कारण मंदिर परिसर में काफी देर तक चीख-पुकार मची रही और दर्शन के लिए आए अन्य भक्तों में भी दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
श्रद्धालुओं में आक्रोश
इस घटना के बाद दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। भक्तों का कहना है कि आस्था के केंद्र पर इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए जाएं और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
20 साल में पहली बार गांधी मैदान नहीं पहुंचे नीतीश कुमार।
21 Mar, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। आज देश के साथ-साथ पूरे बिहार में भी ईद मनाई जा रही है। पटना के गांधी मैदान समेत कई जगहों पर ईद की नमाज अदा की गई। 20 हजार से अधिक लोगों ने ईद की नमाज अदा की। सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ जुटी और तय समय पर इमाम की अगुवाई में नमाज पढ़ी गई। नमाज के दौरान रोजेदारों ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। पूरा माहौल रूहानी रंग में रंगा नजर आया। नमाज के बाद खुतबा में आपसी प्रेम और सौहार्द का पैगाम दिया गया। लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। बारिश के बावजूद बेहतर इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की टीम अलग अलग जगहों पर मुस्तैद रही और पूरे राज्य में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
सीएम नीतीश कुमार नहीं पहुंचे गांधी मैदान
इधर, पटना के गांधी मैदान में पिछले 20 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब सीएम नीतीश कुमार ईद की नमाज कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह उनके बेटे और जनता दल यूनाईटेड के नेता निशांत कुमार यहां पर पहुंचे। उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और अन्य अधिकारी भी थे। उन्होंने राज्यसभा ईद की मुबारकबाद दी। गांधी मैदान में बनाए गए मंच पर मुस्लिम नेताओं ने निशांत कुमार को गमछा ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। एक युवक ने निशांत कुमार को तिरंगा झंडा भी भेंट किया। निशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से मैं बिहार वासियों को ईद की मुबारकबाद देता हूं।
सीएम नीतीश ने क्या कहा ईद को लेकर?
वहीं सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईद के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों को तथा विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। खुदा इस मुबारक दिन पर हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करें और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए। इधर, जनता दल यूनाईटेड ने लिखा कि बिहार आज सामाजिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण बन चुका है। नीतीश कुमार जी ने सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर विकास की राह तय की है। कब्रिस्तानों की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए मजबूत घेराबंदी सुनिश्चित की गई है।
मां चंद्रघंटा भक्तों के कष्ट हरती हैं, सुख-शांति का आशीर्वाद देती हैं।
21 Mar, 2026 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। चैत्र नवरात्रि पर्व का आज तीसरा दिन है और शनिवार को देवी दुर्गा के तीसरे रूप, चंद्रघंटा देवी, के पूजन का विधान है। इस दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप, मां चंद्रघंटा, की विशेष रूप से पूजा की जाती है। कहा जाता है कि देवी के इस रूप से शांति, साहस और कल्याण की प्राप्ति होती है। शहर के दुर्गा मंदिरों में आज माता के दर्शन, पूजन और अनुष्ठान के लिए भक्तों की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ रही है।
बाघ पर सवार होती हैं चंद्रघंटा
नौ दुर्गा के रूपों में से माता दुर्गा का यह तीसरा रूप शांति, साहस और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। माता का यह चंद्रघंटा रूप बाघ पर सवार होती हैं, जिससे वे भक्तों में भी तेजस्वी ऊर्जा का संचार करती हैं और उन्हें निर्भय बनाती हैं। वहीं, उनका सौम्य स्वरूप शांति और सुख प्रदान करता है और भक्तों के सभी कष्ट दूर करता है। उनके मस्तक पर अर्धचंद्र विराजमान है, इसलिए उन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।
मां की उपासना से शत्रुओं पर प्राप्त होती है विजय
मां चंद्रघंटा की दस भुजाएं हैं, जिनमें वे कमल, धनुष-बाण, खड्ग, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा सहित कई अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए रहती हैं। इनकी उपासना करने से भय दूर होता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, और भक्त के भीतर सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
माता संतोषी मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़
मुजफ्फरपुर शहर में भी आज माता के इस तीसरे रूप का दर्शन और पूजन किया जा रहा है। शहर के धर्मशाला चौक स्थित माता संतोषी मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। महिलाएं, बच्चे, पुरुष और बुजुर्ग सभी माता के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में पहुंच रहे हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित बताते हैं कि आज देवी दुर्गा के तीसरे रूप का पूजन किया जाता है। माता को लाल और पीले रंग के कपड़े पहने भक्त प्रिय हैं। भक्त आज माता का अनुष्ठान करके व्रत रखते हैं और सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं, तो उनकी मुरादें पूरी होती हैं।
डीएम को गुमराह करने के आरोप में इंस्पेक्टर पर कार्रवाई।
21 Mar, 2026 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार में खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन के आरोपी खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह नाटकीय ढंग से थाने से फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सदर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में स्थित 12 बालू घाटों की इस सत्र में नीलामी नहीं हुई थी। जब जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने इस बारे में पूछताछ की, तो खनन विभाग की ओर से रिपोर्ट दी गई कि जिले में अब कोई बालू घाट बचा ही नहीं है और वे सभी अब खेती योग्य भूमि बन चुके हैं।संदेह होने पर शुक्रवार को डीएम खुद स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक ने डीएम को गुमराह करने की हरसंभव कोशिश की। वह डीएम को वास्तविक बालू घाटों पर ले जाने के बजाय करीब चार किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाता रहा।
डीएम की सख्ती और गिरफ्तारी
अधिकारी की चालाकी को भांपते हुए डीएम खुद सीधे घाटों पर पहुंच गए। वहां न केवल बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता पाया गया, बल्कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि डीएम के आने की सूचना पाकर आनन-फानन में जेसीबी और डंपरों को वहां से हटाया गया था। डीएम ने इसे सरकारी कार्य में बाधा और धोखाधड़ी मानते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।जादोपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार के मुताबिक, डीएम के निर्देश पर केस दर्ज कर माइनिंग इंस्पेक्टर को हिरासत में ले लिया गया था। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि नीलामी न होने के पीछे खनन निरीक्षक की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हो गई है।
थाने से फरारी और हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद देर शाम खबर आई कि आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक जादोपुर थाने से फरार हो गया है। देर रात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। एक सरकारी अधिकारी का पुलिस अभिरक्षा से भाग जाना जिले के पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी फजीहत का सबब बन गया है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार इंस्पेक्टर की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
खनन माफिया से सांठ-गांठ का पुराना खेल
बिहार में यह पहला मौका नहीं है जब माफिया और अधिकारियों की जुगलबंदी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बड़े अधिकारियों पर माफिया से संबंध रखने के आरोप में गाज गिर चुकी है। आलम यह है कि भ्रष्ट अधिकारियों की मदद से माफिया को छापेमारी की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं।
वज्रपात से तीन लोगों की मौत, कई इलाकों में खतरा।
21 Mar, 2026 08:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के 26 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार सुबह से ही पटना समेत कई जिलों में हल्की बारिश हो रही है। कोसी सीमांचल के जिलों में अहले सुबह बारिश हुई है। लोगों को ठंड महसूस हो रही है। आज मौसम विभाग ने 21 जिलों में बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार को गया, जहानाबाद, अरवल, पटना, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, सीवान, वैशाली, गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण में बारिश के आसार हैं। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है।
पिछले 24 घंटे में तीन लोगों की मौत
पिछले 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में आंधी और बारिश हुई। शुक्रवार शाम और रात वज्रपात के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बरहा गांव में शुक्रवार को वज्रपात की एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 55 वर्षीय महेंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जमुई के चकाई बाजार से ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही एक छात्रा वज्रपात की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान चकाई प्रखंड के जलखरिया गांव निवासी शिक्षक रंजीत दास की 15 वर्षीय पुत्री रागिनी कुमारी के रूप में हुई है।
मौसम विभाग की अपील पढ़िए
मौसम विभाग ने आम लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की। कहा कि यदि आप खुली जगह पर हैं तो जल्द से जल्द पक्के मकान में शरण ले लें। ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभो से दूर रहें। खेतों की ओर से नहीं जाएं। मौसम सामान्य होने तक का इंतजार करें।
सारण में युवक की हालत बिगड़ी, अस्पताल में इलाज जारी।
21 Mar, 2026 07:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। प्रमंडल में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार की पोल खुलती जा रही है। सारण, सिवान और गोपालगंज जैसे जिलों में अवैध शराब का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। कई बार जहरीली शराब पीने से लोगों की जान जा चुकी है, बावजूद इसके यह अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के हरख पकड़ी सतजोड़ा गांव का है, जहां शराब पीने के बाद एक युवक की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। फिलहाल उसे छपरा स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी युवक की हालत
बीमार युवक की पहचान सारण जिले के पानापुर प्रखंड अंतर्गत हरख पकड़ी गांव निवासी जितेंद्र प्रसाद के 23 वर्षीय पुत्र रंजीत प्रसाद के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की देर शाम रंजीत गांव के गाछी में गया, जहां उसने कथित रूप से देशी शराब का सेवन किया। शराब पीने के कुछ ही देर बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
पहले घबराहट की शिकायत फिर बेहोश हो कर गिरा युवक
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रंजीत को अचानक घबराहट हुई और उसने आंखों से धुंधला दिखाई देने की शिकायत की। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मसरख ले जाया गया। हालांकि मसरख सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। स्थानीय वार्ड पार्षद राहुल यादव ने भी घटना की पुष्टि की।
समय पर इलाज मिलने से बची युवक की जान
छपरा सदर अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई। स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। हालांकि चिकित्सक दबी ज़ुबान में आशंका जता रहे हैं कि शराब में किसी प्रकार की मिलावट या जहरीले तत्व होने की वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई होगी।
बिहार में लागू है पूर्ण शराबबंदी
गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव सीमित नजर आता है। खासकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सस्ते नशे के चक्कर में अवैध शराब माफियाओं के जाल में फंसते जा रहे हैं। कई मामलों में शराब पीने के बाद लोगों की आंखों की रोशनी चली जाती है या जान तक चली जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों पर कठोर दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बिहार की राजनीति गरमाई: क्या भारतीय जनता पार्टी बनाएगी अपना मुख्यमंत्री?
20 Mar, 2026 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भारतीय जनता पार्टी अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्यादा समय देने के विचार में नहीं है। बिहार में इतिहास रचने के लिए वह खरमास के खत्म होने का इंतजार करे, यह भी शायद संभव नहीं हो। और, मौका है रामनवमी का तो तैयारी उसी हिसाब से हो रही है। जी हां, संभव है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने वाली पार्टी इस बार रामनवमी पर बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है।
रोज चौंका रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा ने राज्यसभा जाने के लिए राजी कराया है, यह राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन, अब यह भी लोग समझ रहे हैं कि मुख्यमंत्री भाजपा को संशय में डाल रहे हैं। इधर उन्होंने राज्यसभा का नामांकन किया और उधर समृद्धि यात्रा पर निकल गए। राज्यसभा चुनाव के दिन पटना में रहे, लेकिन वोटिंग के दौरान विधानसभा का रुख भी नहीं किया। और तो और, अगले दिन फिर समृद्धि यात्रा पर बिहार के लोगों से मिलने निकल गए। अलग-अलग जिले घूम रहे हैं। इस दौरान वह यह तो बता रहे हैं कि आगे की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि वह बिहार छोड़ने जा रहे हैं।
अब तक कई कंधों पर हाथ रख चुके
नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, यह उन्होंने कभी नहीं कहा। निशांत के राजनीति में आने पर भी उन्होंने एक बार भी कुछ नहीं कहा। दूसरी तरफ नीतीश समर्थक निशांत के लिए डिप्टी सीएम की कुर्सी पर अड़े हैं। हालांकि, नीतीश कुमार लगातार अलग-अलग संकेत देकर भाजपा को ही संशय में डाल रहे। समृद्धि यात्रा में उन्होंने सबसे ज्यादा भाजपाई डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रख आगे की जिम्मेदारी संभालने की बात कही, जबकि भाजपा के अंदर से संघ-विद्यार्थी परिषद् बैकग्राउंड वाले किसी नेता को आगे करने की चर्चा निकल रही है। नीतीश ने सम्राट चौधरी को पसंद बताया है। लेकिन, वह इसके साथ ही बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी व लेसी सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के कंधे पर भी इसी अंदाज में हाथ रख चुके हैं।
भाजपा की प्लानिंग अब आएगी सामने
चैत्र नवरात्र शुरू हो चुका है। पहले बात चल रही थी कि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के बीच नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण नहीं होगा। लेकिन, अब भाजपा की तैयारी नवरात्र में ही अपने पहले मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने की है। बिहार भाजपा में नेताओं की चर्चा के दौरान अब भी रोज कई मुख्यमंत्री बन रहे हैं और हट रहे हैं, हालांकि नवरात्र का पहला दिन निकलते-निकलते यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि रामनवमी या उसके अगले दिन नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा।
नवरात्र के लिए राजनीतिक माहौल बनाया
खरमास बाद नई सरकार की चर्चा चल रही थी। कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार राज्यसभा के नए कार्यकाल के लिए अप्रैल में मौजूदा सांसदों का समय पूरा होने तक यहीं जमे रहेंगे। लेकिन, अब नवरात्र शुरू होते ही माहौल बदला है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय के नेताओं की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास यह जानकारी पहुंचा दी गई है कि उन्हें 30 मार्च के पहले ही राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करनी है। वह 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए 14 दिन ही उनके पास निर्णय के लिए बचते हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता 30 मार्च के पहले ले लेंगे तो उसके बाद उन्हें नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखने का विकल्प हो सकता है या नहीं- इसपर भी चर्चा चल रही है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच रामनवमी पर शपथ ग्रहण की चर्चा भाजपा में पटना से लेकर दिल्ली तक है।
घर से निकले, सड़क पर पेड़ से टकराई कार; युवक ने तोड़ा दम
20 Mar, 2026 11:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवादा। बिहार के नवादा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव और जनता दल यूनाईटेड की विधायक विभा देवी के छोटे बेटे अखिलेश कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार देर शाम हुआ। बताया जा रहा है कि अखिलेश कुमार अपने घर से कार लेकर निकले थे, तभी उनकी थार गाड़ी अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
तीन बेटों को अपने पीछे चले गए
घटना के बाद परिवार के लोग उनके पार्थिव शरीर को पटना से नवादा के पैतृक गांव पथरा इंग्लिश लेकर रवाना हो गए हैं। घर के सबसे छोटे बेटे की असमय मृत्यु से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। जदयू विधाायक विभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि अखिलेश कुमार पेशे से पेट्रोल पंप संचालक थे और राजनीति से दूर रहते थे। हालांकि, वह पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होते थे। अखिलेश अपने पीछे तीन बेटों को छोड़कर चले गए। तीनों बच्चों पटना में पढ़ाई करते हैं।
जानिए कैसे क्या हुआ?
हादसे के बाद मृत अखिलेश के बड़े भाई एकलव्य यादव ने बताया कि अखिलेश घर से गाड़ी लेकर निकला था। घर के बाद ही गाड़ी बरगद के पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि अखिलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। फौरन हमलोग उसे स्थानीय अस्पताल लेकर गए। यहां से उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। इसके बाद पटना में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाए लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए।
दुर्गंध से गई मासूम की जान, हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन
20 Mar, 2026 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। जिले के नयागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत राजापुर गांव में संचालित अवैध पोल्ट्री फार्मों से फैल रही दुर्गंध के कारण 30 दिन के एक नवजात शिशु की गुरुवार देर शाम मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शिशु तेज दुर्गंध को सहन नहीं कर सका, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और अंततः उसकी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही नयागांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आवेदन के आधार पर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेज दिया। एक महीने के नवजात की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ा दी है, वहीं अवैध रूप से संचालित पोल्ट्री फार्मों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिता ने किस पर लगाया आरोप?
मृत नवजात के पिता राज कुमार राउत ने नयागांव थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनके घर के समीप संचालित एक मुर्गी एवं अंडा फार्म से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण उनके नवजात की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत मदरौली गांव निवासी तारकेश्वर राउत का है। उनके पुत्र राज कुमार राउत ने अपने आवेदन में बताया है कि वह अपनी बहन के यहां पत्नी और बच्चों के साथ आए हुए थे। गुरुवार को पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध के कारण उनके नवजात की तबीयत बिगड़ गई। उससे अस्पताल ले गए लेकिन उसकी जान नहीं बचा पाए। पिता ने कहा कि मेरे सामने मेरा बच्चा तड़पता रहा लेकिन मैं उसकी जान नहीं बचा पाया।
लगातार दुर्गंध और गंदगी फैल रही
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कई पोल्ट्री फार्म बिना निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं, जिससे लगातार दुर्गंध और गंदगी फैल रही है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, इन अवैध फार्मों से निकलने वाली दुर्गंध और कचरे के कारण आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। इस संबंध में पहले भी नयागांव थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर फार्म बंद कराने की मांग की गई थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कार्रवाई कर रही है सारण पुलिस
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मृत नवजात के परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित विभागों को भी सूचना दी जा रही है, ताकि पोल्ट्री फार्म की वैधता और संचालन मानकों की जांच की जा सके।
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