सप्लाई बाधित, कई इलाकों में संकट गहराया
सासाराम। ईरान के बीच चल रहे युद्ध के प्रभाव से घरेलू गैस सिलिंडरों की किल्लत अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गई है। शहर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के कारण बंद हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से सासाराम में एलपीजी सिलिंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। उपभोक्ताओं को घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
प्रशासन के दावे और वास्तविकता
जिला प्रशासन लगातार प्रेस बयान जारी कर दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि, धरातल पर स्थिति प्रशासन के दावों के बिल्कुल विपरीत है। सासाराम स्थित सभी गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती भी की गई है।
लोगों की नाराजगी और आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। जब वे स्वयं एजेंसी पहुंचते हैं, तो वहां स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। कुछ लोग इसे अंतरराष्ट्रीय तनाव और आपूर्ति बाधित होने से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि स्टॉक होने के बावजूद एजेंसी संचालकों द्वारा जमाखोरी और कालाबाजारी की जा रही है।
गैस एजेंसी पर भारी भीड़ और परेशानियां
सभी एजेंसियों पर गैस लेने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी कार्यालय के पास एक मोबाइल नंबर लिखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क किया जा सके, लेकिन नंबर काम नहीं कर रहा है। इस वजह से लोग बार-बार एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को इस किल्लत और लंबी कतारों में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम गोढ़ी में हुआ किसान सम्मेलन
रतलाम के डायल-112 हीरोज
भोपाल नगर निगम का नवीन भवन बनेगा सुशासन का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मादा नीलगाय शिकार मामले में तीन आरोपियों का सरेंडर
धान के खेतों में अब उपज रही औषधीय समृद्धि
आदर्श जिला बनाने के लिए समन्वित प्रयास करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
समाज के समृद्ध लोग सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का करें ट्रेंड सेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
‘ममता की हार का बदला लिया गया’: सुवेंदु अधिकारी का चौंकाने वाला आरोप
प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करें - अरुण साव
‘सेवा सेतु’: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन का नया अध्याय
