बिहार-झारखण्ड
प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर अर्जुन मुंडा गंभीर, श्रमायुक्त को भेजा विस्तृत पत्र
12 Jun, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दूसरे राज्यों में काम करने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, अधिकारों और संकट के समय फौरन मदद पहुंचाने की लचर प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य के श्रमायुक्त (लेबर कमिश्नर) को एक विस्तृत और आधिकारिक पत्र लिखकर कई तीखे सवाल पूछे हैं और इस दिशा में एक कारगर नीति बनाने का अनुरोध किया है। 6 जून 2026 को भेजे गए इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई दो झारखंडी श्रमिकों की असामयिक मौतों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं ने न केवल उनके परिवारों को तबाह कर दिया, बल्कि अन्य राज्यों में पसीना बहा रहे झारखंड के लाखों मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चल रहे सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है।
प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु और पार्थिव शरीर लाने में हुई फजीहत
अर्जुन मुंडा ने पत्र में विशेष रूप से खरसावां क्षेत्र के हलुदबनी के रहने वाले विशाल महतो की घटना का जिक्र किया, जो कर्नाटक के बेंगलुरु में एक निजी तकनीक कंपनी में कार्यरत थे और झारखंड वापस आते समय आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ट्रेन के भीतर अचानक तबीयत खराब होने से दम तोड़ बैठे। इसी तरह बहरागोड़ा के आसनबनी निवासी कार्तिक मुंडा की भी आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में काम के दौरान असमय मृत्यु हो गई। वरिष्ठ नेता ने आक्रोश जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में दोनों मृत श्रमिकों के शवों को उनके पैतृक गांवों तक वापस लाने में परिजनों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। पीड़ित परिवारों की गुहार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यालय ने व्यक्तिगत स्तर पर दोनों राज्यों के जिला कप्तानों और प्रशासनिक अमले से संपर्क साधा, तब जाकर शवों की ससम्मान वापसी मुमकिन हो सकी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्पष्ट करती है कि संकटकाल में अपने ही नागरिकों की मदद करने वाला सरकारी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय साबित हो रहा है।
श्रम विभाग के पास डिजिटल डेटाबेस और हेल्पलाइन का अभाव
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सीधे तौर पर झारखंड के श्रम विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि क्या राज्य सरकार के पास वर्तमान में अन्य प्रदेशों में काम कर रहे झारखंड के प्रवासी कामगारों का कोई प्रामाणिक और अद्यतन (अपडेटेड) डिजिटल डेटाबेस मौजूद है, जिससे यह सटीक जानकारी मिल सके कि कितने श्रमिक किस राज्य की किस कंपनी या ठेकेदार के अधीन कार्यरत हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना के समय संबंधित नियोक्ताओं से तुरंत संपर्क साधा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विभाग द्वारा मजदूरों और उनके आश्रितों के लिए कोई 24 घंटे चलने वाली आपातकालीन टोल-फ्री हेल्पलाइन संचालित की जा रही है, क्योंकि ठोस आंकड़ों और प्रभावी हेल्पलाइन के अभाव में दुर्घटना, बीमारी या मृत्यु के समय पीड़ितों तक त्वरित सहायता पहुंचाना नामुमकिन हो जाता है।
मजदूरों के अनिवार्य पंजीकरण और नैतिक जिम्मेदारी की मांग
इस संवेदनशील मुद्दे पर जोर देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए राज्य सरकार को प्रवासी श्रमिकों के लिए एक अनिवार्य पंजीकरण नीति लागू करनी चाहिए। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर ही पंजीकरण केंद्र खोलकर एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाना चाहिए, साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक पूर्णकालिक 24×7 टोल-फ्री सहायता केंद्र स्थापित करना बेहद जरूरी है। अर्जुन मुंडा ने श्रमायुक्त से विभाग की वर्तमान तैयारियों, उपलब्ध आंकड़ों और भविष्य की कार्ययोजना का पूरा ब्योरा साझा करने को कहा है। उन्होंने अंत में याद दिलाया कि ये प्रवासी मजदूर राज्य की आर्थिक रीढ़ हैं, इसलिए विपत्ति के समय उनकी सुरक्षा और गरिमा को अक्षुण्ण रखना केवल एक कागजी प्रशासनिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह चुनी हुई सरकार की सबसे बड़ी नैतिक जवाबदेही भी है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल: डीडीसी ने किया सीएचसी सरायकेला का निरीक्षण
12 Jun, 2026 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रीना हांसदा ने गुरुवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का अचानक दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं, जीवन रक्षक दवाओं के स्टॉक, सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव, साफ-सफाई की स्थिति और भर्ती मरीजों को दी जा रही भोजन व अन्य जरूरी सेवाओं की गहनता से पड़ताल की। प्रशासनिक प्रमुख के इस औचक दौरे से अस्पताल परिसर में दिनभर हड़कंप का माहौल बना रहा।
बायोमेट्रिक हाजिरी और समयबद्धता के कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित ड्यूटी पर मौजूद सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त हिदायत दी कि वे निर्धारित समय पर अस्पताल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग करने का आदेश दिया और साफ कहा कि ड्यूटी से नदारद रहने वाले या लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्य स्टोर में दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की और निर्देश दिया कि प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जरूरी दवाइयों की सप्लाई समय पर की जाए ताकि ग्रामीण मरीजों को परेशान न होना पड़े। उन्होंने दवा भंडार पंजी (स्टॉक रजिस्टर) सहित सभी आवश्यक अभिलेखों को रोजाना अपडेट रखने पर भी विशेष बल दिया।
मरीजों से बेहतर व्यवहार और स्वच्छता पर जोर
डीडीसी ने डॉक्टरों और नर्सों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अस्पताल आने वाले पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों के प्रति अधिक संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। अस्पताल में आने वाले हर एक मरीज को बिना किसी देरी के उचित परामर्श, जरूरी पैथोलॉजी जांच और बेहतर इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग), जनरल वार्ड और पूरे अस्पताल परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई और कीटाणुशोधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने पीने के पानी, शौचालय और मरीजों के बैठने की उत्तम व्यवस्था करने को कहा ताकि तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी देखी। उन्होंने विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण अभियानों तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनों के जमीनी क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, क्योंकि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हर नागरिक तक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
रेलवे में चोरी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 174 मोबाइल के साथ दो आरोपी दबोचे गए
12 Jun, 2026 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साहिबगंज। झारखंड के मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बरहरवा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। रांची से भागलपुर की ओर जा रही वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन में सघन चेकिंग अभियान चलाकर आरपीएफ ने 174 पीस चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही इस अवैध खेप को ले जा रहे दो तस्करों को भी दबोचा गया है। जब्त किए गए सभी स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 58.95 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक इलाके के रहने वाले हैं। आरपीएफ को खुफिया तंत्र से इनपुट मिला था कि ट्रेन संख्या 13403 अप वनांचल एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में दो यात्री भारी मात्रा में संदिग्ध मोबाइल लेकर सफर कर रहे हैं, जिसके बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई।
चलती ट्रेन में घेराबंदी कर दबोचे गए तस्कर
पुख्ता जानकारी मिलते ही आरपीएफ के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सीपीडीएस और आरपीएफ के जवानों को शामिल किया गया। सुरक्षाबलों ने गुमानी स्टेशन से लेकर बरहरवा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के भीतर एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इस सघन जांच के दौरान ट्रेन के जनरल कोच में दो युवक बड़े-बड़े पिट्ठू बैग के साथ बेहद संदेहास्पद स्थिति में दिखाई दिए। पुलिस टीम को अपनी तरफ आता देख दोनों घबरा गए और चलती ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घेराबंदी कर दोनों को ट्रेन के भीतर ही दबोच लिया। पूछताछ में उनकी पहचान मोहम्मद नासरुद्दीन शेख (28 वर्ष) और मोहम्मद रहमत शेख (23 वर्ष) के रूप में हुई।
बिना वैध कागजात के मिले 58 लाख के स्मार्टफोन
बरहरवा स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद सुरक्षाबलों ने जब दोनों आरोपियों के बैगों की बारीकी से तलाशी ली, तो उनके भीतर से कुल 174 पुराने और इस्तेमाल किए जा चुके एंड्रॉइत फोन बरामद हुए। इनमें से 85 मोबाइल नासरुद्दीन के पास से और 89 फोन रहमत के बैग से मिले। बाजार में इन फोन्स की कुल कीमत 58,95,878 रुपये आंकी गई है। जब पुलिस ने इनसे इन मोबाइलों की खरीद या मालिकाना हक से जुड़े वैध कागजात मांगे, तो वे कोई भी दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की उचित धाराओं के तहत सभी मोबाइलों को जब्त कर लिया गया और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बरहरवा जीआरपी (रेल थाना) के हवाले कर दिया गया।
अंतरराज्यीय मोबाइल चोर सिंडिकेट की आशंका
आरपीएफ और स्थानीय रेल पुलिस के शुरुआती कयासों के अनुसार, यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह से जुड़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि एक संगठित सिंडिकेट अलग-अलग राज्यों और शहरों से लोगों के कीमती मोबाइल फोन चोरी या छिनैती कर इन्हें ठिकाने लगाने का काम करता है। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पकड़े गए दोनों तस्करों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है, इन्हें यह खेप किसने सौंपी थी और इसे आगे कहां बेचा जाना था। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
सड़क पर कहर: बिहार में हाइवा की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, तीन की हालत नाजुक
12 Jun, 2026 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी से सटे नौबतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बादीपुर गांव के मुख्य मार्ग पर गुरुवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार हाइवा ने आगे जा रहे ट्रैक्टर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक जानीपुर के रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग संजीवन राम कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर नौबतपुर से वापस अपने घर की ओर लौट रहे थे। इसी बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर बादीपुर गांव के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने उनके ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मार दी। इस जबरदस्त टक्कर के कारण ट्रैक्टर और उससे जुड़ी ट्रॉली टूटकर अलग-अलग हो गए तथा पूरा वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में संजीवन राम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं ट्रैक्टर पर सवार महंगूपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद, मंटू कुमार और उनका एक अन्य रिश्तेदार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए एम्स पटना भेजा, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
दुर्घटना की खबर मिलते ही आस-पास के गांवों के सैकड़ों लोग रात में ही घटना स्थल पर एकत्र हो गए। इस हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बादीपुर के पास टायर-ट्यूब जलाकर पटना-नौबतपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का गंभीर आरोप था कि इस रूट पर चलने वाले भारी वाहनों की रफ्तार पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है, जिसकी वजह से इस इलाके में आए दिन इस तरह की जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
सड़क जाम से लगा वाहनों का लंबा जाम
ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं। कई घंटों तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम राहगीरों और मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख प्रशासन तुरंत हरकत में आया और स्थिति को संभालने के लिए नौबतपुर, जानीपुर तथा पिपलामा थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने-बुझाने और शांत करने का प्रयास किया।
चालक फरार, आश्वासन के बाद खुला मार्ग
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बादीपुर के पास हाइवा और ट्रैक्टर के बीच हुई इस भिड़ंत में एक वृद्ध की मौत हुई है और तीन लोग घायल हैं। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद हाइवा का चालक अपने वाहन को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा राशि और हर संभव कानूनी मदद जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर दोबारा यातायात को बहाल कराया जा सका। पुलिस ने मृतक के शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
यात्रियों के लिए जरूरी खबर: बिहार के तीन पुलों पर यातायात रहेगा बंद
12 Jun, 2026 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में धीरे-धीरे मानसूनी वर्षा की रफ्तार तेज होने लगी है, जिसके मद्देनजर राज्य के तीन प्रमुख पीपा पुलों (फ्लोटिंग ब्रिज) पर वाहनों के परिचालन को पूरी तरह से रोकने की तैयारी कर ली गई है। आगामी 15 जून की आधी रात से इन तीनों अस्थायी पुलों पर गाड़ियों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह अहम कदम उठाया गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के पटना-1 कार्य प्रमंडल द्वारा इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। जिन पीपा पुलों को बंद किया जा रहा है, उनमें पटना और वैशाली को जोड़ने वाला कच्ची दरगाह-रूस्तमपुर पीपा पुल, ग्यासपुर-कालादियारा पीपा पुल और पटना तथा सारण जिले के बीच संपर्क स्थापित करने वाला दानापुर-पानापुर पीपा पुल शामिल हैं। ये तीनों मार्ग स्थानीय लोगों के दैनिक सफर के लिए लाइफलाइन माने जाते हैं।
बाढ़ और तेज बहाव के खतरे से सुरक्षा की कवायद
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी की तेज धारा के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या अप्रिय घटना को टालने के लिए 15 जून की मध्यरात्रि से ही इन पुलों को खोलने (हटाने) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पीपा पुल पूरी तरह से एक अस्थायी ढांचा होते हैं, जिन्हें केवल शुष्क मौसम में नदी का पानी कम होने पर ही इस्तेमाल में लाया जाता है। हर साल मानसून की दस्तक से पहले इन्हें नदी से बाहर निकाल लिया जाता है, क्योंकि वर्षा ऋतु में नदी के उफान पर होने से इनके बहने या पलटने का गंभीर खतरा बना रहता है। बरसात का मौसम पूरी तरह समाप्त होने और जलस्तर के दोबारा सामान्य होने पर इन पुलों को फिर से स्थापित कर दिया जाएगा।
प्रशासन की अपील और वैकल्पिक मार्गों का चयन
पुलों को हटाए जाने के कारण इन रूटों पर यात्रा करने वाले हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे 15 जून के बाद इन मार्गों से यात्रा करने की कोई योजना न बनाएं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले से ही निर्धारित अन्य स्थायी पुलों और वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सूबे में मानसून का प्रवेश और आगे का पूर्वानुमान
मौसम के ताजा घटनाक्रम की बात करें तो बिहार में किशनगंज और अररिया के रास्ते मानसून ने बुधवार की देर रात दस्तक दे दी है। गुरुवार की शाम तक इसका प्रभाव सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा जैसे सीमावर्ती जिलों तक विस्तृत हो चुका है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में मौसमी परिस्थितियां आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे उम्मीद है कि 14 से 15 जून तक मानसून पूरे बिहार को अपनी आगोश में ले लेगा। इसके बाद राज्य के तमाम हिस्सों में हल्की से लेकर भारी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
36.6°C के साथ तपता रहा सारण, क्या बारिश दिलाएगी गर्मी से राहत?
12 Jun, 2026 07:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के आगमन से पहले की मौसमी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ ही तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने के आसार बने हुए हैं। इस मौसमी बदलाव के बीच भी गुरुवार को सूबे में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान सारण जिले में 36.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो पूरे बिहार में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए पटना, गया, नालंदा, नवादा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, बांका और जमुई सहित कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि सारण समेत पश्चिमी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है।
तापमान में गिरावट के बाद भी उमस का असर
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सारण भले ही राज्य का सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया हो, लेकिन बीते 24 घंटों के मुकाबले वहां के पारे में 3.7 डिग्री सेल्सियस की कमी भी देखी गई है। इसके अलावा कैमूर में 36.0 डिग्री, देहरी में 35.0 डिग्री, गया में 34.4 डिग्री, शेखपुरा में 34.6 डिग्री और औरंगाबाद में 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, बारिश होने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम बिहार और सारण प्रमंडल के क्षेत्रों में लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। हीट इंडेक्स के विश्लेषण से पता चला है कि सारण का हीट इंडेक्स 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिसका सीधा मतलब है कि वातावरण में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा तपिश महसूस हो रही थी।
अंधड़ और बारिश को लेकर विभिन्न जिलों में चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सूबे के कई हिस्सों में पिछले एक दिन के दौरान हुई वर्षा और आगामी 24 घंटों में आंधी-पानी की संभावना के चलते अधिकांश क्षेत्रों के पारे में 3 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना में तापमान गिरकर 29.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 8.9 डिग्री कम है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में 28 डिग्री, दरभंगा में 28.6 डिग्री, मधुबनी में 28.3 डिग्री, सुपौल में 28.6 डिग्री और किशनगंज में 28.8 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया। मौसम केंद्र ने गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर, बांका, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इन जगहों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की प्रबल आशंका है।
येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों के लिए विशेष गाइडलाइन
दूसरी तरफ सारण, सीवान, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद के लिए येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। इन जिलों में भी आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है। मौसम विभाग ने बिगड़ते मौसम को ध्यान में रखकर आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें खराब मौसम के वक्त किसी भी खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों या बिजली के टावरों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों के किसानों को कृषि कार्य करते समय बेहद सावधान रहने तथा मौसम से जुड़े अपडेट्स पर लगातार नजर रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
राबड़ी आवास में जन्मदिन की रौनक, लालू समर्थकों के लिए खास दावत का आयोजन
11 Jun, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के जन्मदिवस के अवसर पर बिहार के सियासी गलियारों से लेकर सामाजिक स्तर तक बधाइयों का तांता लगा हुआ है। इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। वर्तमान में पटना स्थित राबड़ी आवास पर उत्सव का माहौल बना हुआ है, जहां पार्टी के सांसद, विधायक, पदाधिकारी और आम समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने और उन्हें बधाई देने के लिए सुबह से ही पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही देश भर से विभिन्न राजनेताओं और शुभचिंतकों द्वारा दूरभाष के माध्यम से भी उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। काफी लंबे अंतराल के बाद लालू प्रसाद को इस तरह अपने कार्यकर्ताओं के बीच बेहद प्रसन्नचित मुद्रा में देखा गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर की दीर्घायु की कामना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए आरजेडी प्रमुख को बधाई दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जी को जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएं और वे ईश्वर से उनके सदैव स्वस्थ रहने, दीर्घायु होने तथा यशस्वी जीवन की मंगलकामना करते हैं। इधर राबड़ी आवास पर जुटी प्रशंसकों की भारी भीड़ से खुद लालू प्रसाद ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके द्वारा लाए गए उपहारों व पुष्पगुच्छ को बेहद आत्मीयता के साथ स्वीकार किया।
पारिवारिक सदस्यों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कटा भव्य केक
लालू प्रसाद यादव के इस जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए राबड़ी आवास पर एक विशाल केक लाया गया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी यादव, पुत्री मीसा भारती और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में केक काटकर उत्सव की शुरुआत की। इससे पूर्व, बुधवार की मध्यरात्रि को ही लालू प्रसाद ने अपने पूरे परिवार के साथ केक काटकर जन्मदिवस मनाया था, जिसकी तस्वीरें तेजस्वी यादव ने इंटरनेट पर साझा की थीं। इसके साथ ही उनकी पुत्री रोहिणी आचार्य और बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने भी सोशल मीडिया पर अपने पिता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए बेहद भावुक संदेश लिखे।
राबड़ी आवास पर भव्य भोज और तेजस्वी यादव का बयान
इस मांगलिक अवसर पर राबड़ी आवास पर आने वाले सभी मेहमानों और कार्यकर्ताओं के लिए एक भव्य भोज का प्रबंध किया गया है। रसोई में पूड़ी, मौसमी सब्जियां, बुनिया, पुलाव और विशेष दाल सहित कई तरह के पारंपरिक पकवान तैयार कर कार्यकर्ताओं को आदरपूर्वक परोसे जा रहे हैं। मीडिया प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि आज पूरे बिहार की जनता की ओर से आदरणीय लालू जी को स्नेह और शुभकामनाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार और पार्टी यही चाहती है कि लालू जी के कुशल मार्गदर्शन में वे सब मिलकर बिहार को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते रहें।
मुंगेर में भर्ती घोटाले का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार; जांच एजेंसियां अलर्ट
11 Jun, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में हुए कथित फर्जीवाड़े, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सॉल्वर गैंग (दूसरों के स्थान पर परीक्षा देना) के माध्यम से जालसाजी करने के मामले में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना पुलिस की विशेष टीम ने मुंगेर पुलिस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए मुंगेर जिले के विभिन्न इलाकों से 15 नामजद आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए इन सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ और रिमांड की वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए पटना लाया गया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस सरकारी भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले पूरे गिरोह की जड़ों को खंगाला जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कुछ और बड़े चेहरों बेनकाब होने की संभावना है।
दो अलग-अलग मुकदमों के आधार पर हुई कार्रवाई
यह बड़ी छापेमारी पटना के दो अलग-अलग थानों में दर्ज आपराधिक मामलों के आधार पर की गई है, जिसमें सचिवालय थाना कांड संख्या 160/25 और गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 76/25 शामिल हैं। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया था कि सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान कई असली परीक्षार्थियों की जगह पैसों के दम पर डमी उम्मीदवारों को बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई थी। इसके अलावा सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षणिक व अन्य प्रमाण पत्रों का भी सहारा लिया गया था। इसी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों का सुराग मिलने पर पटना पुलिस की तकनीकी टीम ने मुंगेर में जाल बिछाया था।
मुंगेर और तारापुर के इन क्षेत्रों से दबोचे गए आरोपी
पुलिस की टीमों ने मुंगेर के बरियारपुर थाना क्षेत्र के काजीचक रतनपुर से राजा बाबू को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा शामपुर पुलिस थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर से रौशन कुमार, लोहची से सत्यम कुमार और शिवपुर लौंगाय से गोपाल कुमार को हिरासत में लिया गया। वहीं सफियासराय थाना अंतर्गत महमदपुर फरदा के रहने वाले छोटू कुमार व वरुण कुमार, बांक फरदा निवासी रंजन कुमार तथा कासिम बाजार थाना क्षेत्र के नवटोलिया से सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह तारापुर अनुमंडल क्षेत्र के संग्रामपुर थाना अंतर्गत ददरीजाला से सन्नू कुमार, हरपुर थाना क्षेत्र से बलराम कुमार व मिथुन कुमार, तारापुर थाना के काजीचक मिल्की से राहुल कुमार, मोहंगंज से सुभाष पासवान और महापुर से रामजीवन कुमार तांती को दबोचा गया है।
पूरे सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को तोड़ेगी पुलिस
मुंगेर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने इस संयुक्त कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पटना पुलिस को इन फरार चल रहे आरोपियों की तलाश थी, जिन्हें स्थानीय थानों की मदद से सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। पुलिस का मानना है कि पकड़े गए आरोपी महज इस गिरोह के प्यादे हैं, जबकि इसके पीछे कई बड़े मास्टरमाइंड शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और किन-किन लोगों ने अवैध तरीके से लाभ कमाया है। पुलिस की इस तत्परता से आने वाले दिनों में परीक्षा माफियाओं के खिलाफ और भी कड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
छऊ मुखौटा गुरु सुशांत महापात्र होंगे सम्मानित, संगीत नाटक अकादमी ने किया चयन
11 Jun, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण कला के प्रख्यात साधक गुरु सुशांत महापात्र को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी द्वारा इस सर्वोच्च सम्मान की घोषणा किए जाने के बाद से ही समूचे कला जगत और छऊ कलाकारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस घोषणा के बाद से ही देश-विदेश के कलाकारों द्वारा उन्हें बधाइयां देने का सिलसिला जारी है और इसे छऊ विधा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया जा रहा है। इस गौरवमयी पुरस्कार के लिए चुने जाने पर 79 वर्षीय छऊ गुरु सुशांत महापात्र भावुक हो उठे। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि भले ही विलंब से सही, लेकिन उनकी आजीवन कला साधना और समर्पण को राष्ट्र स्तर पर सम्मान मिला है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अंतिम सांस तक छऊ नृत्य और मुखौटा कला के संवर्धन के लिए कार्य करते रहेंगे। यह गरिमामयी राष्ट्रीय पुरस्कार देश के राष्ट्रपति द्वारा एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है।
बचपन से ही विरासत में मिली कला को संजोया
गुरु सुशांत महापात्र को इस अद्भुत मुखौटा निर्माण कला का हुनर अपने परिवार से विरासत के रूप में प्राप्त हुआ था। उन्होंने मात्र आठ वर्ष की अल्पायु में ही अपने ताऊजी (बड़े पिताजी) के सानिध्य में इस सूक्ष्म कला की बारीकियों को सीखना और आत्मसात करना शुरू कर दिया था। वे पिछले कई दशकों से मुखौटा बनाने की अत्यंत प्राचीन और पारंपरिक पद्धतियों को अक्षुण्ण रखते हुए इस बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी के युवाओं तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के भगीरथ कार्य में जुटे हुए हैं।
सरायकेला छऊ को मुखौटे से मिली वैश्विक पहचान
महापात्र परिवार की कई पीढ़ियां इस अनूठी मुखौटा निर्माण कला को जीवित रखने के लिए समर्पित रही हैं। इतिहास के पन्नों को पलटें तो वर्ष 1925 में प्रसन्न कुमार महापात्र ने सरायकेला शैली के छऊ नृत्य के लिए पहला आधुनिक और भावपूर्ण मुखौटा तैयार किया था, जिसने इस लोक नृत्य को एक विशिष्ट और बेजोड़ पहचान प्रदान की। सुशांत महापात्र द्वारा तैयार किए गए कलात्मक मुखौटों की गूंज सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न महानगरों के अलावा अमेरिका, जर्मनी के बर्लिन और ऑस्ट्रिया के वियना जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इनके मुखौटों की भव्य प्रदर्शनियां लग चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
सरायकेला छऊ को सात समंदर पार तक लोकप्रिय बनाने वाले गुरु सुशांत महापात्र को पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। इसी क्रम में वर्ष 2022 में ओडिशा के पुरी में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव "अप्सरा-2022" के मंच पर उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए गौरवशाली ‘गुरु ब्रह्मा अवार्ड’ से नवाजा गया था। इसके अतिरिक्त भी वे कई सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं, और अब संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलना उनकी कला यात्रा का सबसे स्वर्णिम अध्याय है।
डॉक्टर बनने की राह होगी आसान, RIMS रांची में UG-PG सीट विस्तार को मंजूरी
11 Jun, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में बड़ा इजाफा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भेजकर विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत मेडिकल सीटों को बढ़ाने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के माध्यम से प्रति सीट करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिसमें 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार और 40 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा साझा की जाएगी।
रिम्स में सीटों की संख्या बढ़ाने का खाका तैयार
नये दिशा-निर्देशों के अनुसार रिम्स प्रशासन को एक व्यापक प्रस्ताव तैयार कर उसे शासी परिषद (गवर्निंग बॉडी) के एजेंडे में शामिल करना होगा। इस योजना के तहत रिम्स में एमबीबीएस (यूजी) की सीटों को 180 से बढ़ाकर 250 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह पीजी की सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटों को 11 से बढ़ाकर सीधे 100 तक पहुंचाया जाएगा। इस सीट वृद्धि के अनुपात में ही संस्थान के भीतर नए भवनों के निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य आवश्यक संसाधनों के विस्तार का पूरा ब्योरा तैयार करने को कहा गया है।
जमशेदपुर और धनबाद मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रिम्स से पहले राज्य के दो अन्य प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को भारत सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है। इसके तहत एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में यूजी सीटों को 150 से बढ़ाकर 250 और पीजी सीटों को 49 से बढ़ाकर 200 करने की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद में भी यूजी सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 और पीजी सीटों को 19 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे रिम्स-टू के हाईटेक हॉस्टल
परियोजना के दूसरे चरण यानी 'रिम्स-टू' के विकास के लिए सरकार ने एक नई और आधुनिक रणनीति पर काम करने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत छात्रों के लिए हॉस्टल का निर्माण सीधे सरकारी खजाने के बजाय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इस निर्माण कार्य के लिए भारत सरकार के वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) से वित्तीय अनुदान लेने का प्रयास किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर आर्थिक भार कम पड़ेगा और निजी क्षेत्र के सहयोग से छात्रावासों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर रखरखाव व सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। इसके साथ ही रिम्स के पुराने हॉस्टलों के जीर्णोद्धार और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नए आवासों का आकलन करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
लोहरदगा में क्रिकेट विकास की नई उम्मीद, JSCA अध्यक्ष संग बैठक में कई अहम चर्चा
11 Jun, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बेहद सराहनीय कदम उठाया गया है। लोहरदगा के पूर्व रणजी खिलाड़ी आशीष कुमार ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव से एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान जिले में खेल की बारीकियों को सुधारने, स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार करने तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के उभरते हुए युवा क्रिकेटरों को मुख्यधारा में लाने के लिए अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बलदेव साहू टूर्नामेंट और एलपीएल को भव्य बनाने की योजना
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लोहरदगा के गौरवशाली इतिहास से जुड़े बलदेव साहू क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। हर दूसरे वर्ष आयोजित होने वाली इस ऐतिहासिक खेल प्रतियोगिता को इस बार और अधिक भव्य तथा आकर्षक स्वरूप देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पूर्व रणजी क्रिकेटर आशीष कुमार ने बताया कि जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं में क्रिकेट के प्रति अटूट दीवानगी को देखते हुए आगामी 'लोहरदगा प्रीमियर लीग' (एलपीएल) के आयोजन को बेहद खास और पेशेवर अंदाज में आयोजित करने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है।
दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को भेजा गया न्योता
इस पूरे घटनाक्रम और आगामी लीग की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पूर्व रणजी खिलाड़ी आशीष कुमार ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सफलतम कप्तान और विश्व क्रिकेट के महानतम विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को 'लोहरदगा प्रीमियर लीग' के मुख्य समारोह में बतौर अतिथि शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण पत्र भेजा है। स्थानीय खेल संघ और क्रिकेट के प्रशंसकों को पूरी उम्मीद है कि यदि खेल की व्यस्तताओं के बीच कार्यक्रम तय हो जाता है, तो आगामी टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर 'माही' की गरिमामयी मौजूदगी लोहरदगा के युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और दर्शकों के लिए एक कभी न भूलने वाला पल साबित होगी।
स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच
लोहरदगा के खेल समीक्षकों और वरिष्ठ खिलाड़ियों का स्पष्ट मानना है कि यदि जिले में क्रिकेट एसोसिएशन और पूर्व खिलाड़ियों द्वारा इस प्रकार के सकारात्मक और दूरगामी प्रयास निरंतर जारी रहे, तो यहां के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए एक शानदार राष्ट्रीय मंच मिल सकेगा। इस तरह की उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से न केवल खेल के स्तर में गुणात्मक सुधार होगा, बल्कि लोहरदगा आने वाले समय में देश के मानचित्र पर क्रिकेट के एक नए गढ़ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने में सफल रहेगा।
बदल गया मौसम का मिजाज! पटना में बारिश से राहत, 22 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
11 Jun, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। प्रांतीय राजधानी पटना सहित आसपास के अनेक जिलों में गुरुवार तड़के से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। पटना में सुबह के वक्त करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के बाद हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए तत्काल प्रभाव से ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में तेज हवाओं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त की है।
इन जिलों में आंधी और वज्रपात की चेतावनी
प्राकृतिक बदलावों को देखते हुए विभाग ने उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। अररिया, बेगूसराय, दरभंगा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, खगड़िया, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल और वैशाली के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ वर्षा होने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त पटना, जहानाबाद और अरवल जिलों के लिए भी आपातकालीन चेतावनी जारी की गई है, जहां कुछ ही समय में मध्यम दर्जे की मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
आगामी तीन दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 जून की सुबह तक मौसम का यह कड़ा रुख बरकरार रहने की उम्मीद है। इस दौरान उत्तर, पूर्वी और मध्य बिहार के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। हालात को देखते हुए किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बांका, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा और चंपारण जैसे क्षेत्रों को संवेदनशील (ऑरेंज अलर्ट) श्रेणी में रखा गया है। वहीं दूसरी तरफ गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद सहित दक्षिण-पश्चिमी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन
मौसम में अचानक आए इस बदलाव और बिजली गिरने के बढ़ते खतरों को देखते हुए आम जनता के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और खुले मैदानों से पूरी तरह दूर रहें और सुरक्षित पक्के मकानों में ही शरण लें। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी करने वाले भाइयों को भी विशेष हिदायत दी गई है कि जब तक आसमान पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक वे खेतों में जाकर काम करने से बचें ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
कोसी में नाव दुर्घटना, चार किसानों की तलाश में जुटी राहत एवं बचाव टीमें
10 Jun, 2026 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। जिले के जमालपुर थाना इलाके में बुधवार को कोसी नदी के उफान के बीच एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। बनरी ढलान के समीप खेती-किसानी के काम से जा रहे ग्रामीणों से खचाखच भरी एक डोंगी (नाव) अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में पलट गई। इस नाव पर सवार लगभग एक दर्जन लोग देखते ही देखते नदी की तेज लहरों में समा गए। दुर्घटना के फौरन बाद नाव पर मौजूद सात साहसी लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर अपनी जान सुरक्षित बचा ली, परंतु चार अन्य लोग नदी के तेज बहाव में लापता हो गए हैं। इस भीषण जल त्रासदी के बाद से पूरे तटीय क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है और लापता ग्रामीणों के घरों में कोहराम का माहौल है।
खेतों में मूंग की फसल तोड़ने जा रही थीं महिलाएं, मझधार में डूबी नाव
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नाव पर सवार सभी ग्रामीण कोसी नदी के दूसरे छोर पर स्थित अपने कृषि खेतों में मूंग की फसल काटने और फलियां तोड़ने के उद्देश्य से निकले थे। बताया जा रहा है कि इस छोटी नाव पर कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक थी। नदी को पार करने के दौरान बीच धारा में अचानक नाव का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। पानी के तेज थपेड़ों और लहरों की मार के कारण नाव में तेजी से पानी भरने लगा और जब तक लोग संभल पाते, तब तक नाव पूरी तरह उलट कर कोसी नदी की गहराई में समा गई। हादसे के बाद लहरों से जंग लड़ते हुए सात लोग सुरक्षित तट पर आ गए, जबकि चार लोग पानी की धार में विलीन हो गए।
प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद, एसडीआरएफ की टीमें खोजबीन में जुटीं
नदी में नाव पलटने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद हजारों की संख्या में ग्रामीण और तमाशबीन नदी किनारे एकत्र हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित किया, जिसके बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने नावों के जरिए नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने स्वयं कमान संभालकर राहत कार्यों की निगरानी शुरू की और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की।
लापता ग्रामीणों की तलाश में युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी
अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि कोसी नदी की गहराई और तेज बहाव को देखते हुए लापता लोगों को ढूंढने के लिए युद्धस्तर पर महाअभियान चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ की मोटर बोट्स और विशेषज्ञ गोताखोर लगातार नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं, हालांकि पानी मटमैला और बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित या उनके शवों को बरामद करने की है और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के साथ-साथ आपदा नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
रोजगार के मोर्चे पर सरकार घिरी, हजारों खाली पदों को लेकर उठे सवाल
10 Jun, 2026 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड राज्य के निर्माण को ढाई दशक (25 वर्ष) का लंबा समय बीत जाने के उपरांत भी स्थानीय नियोजन नियमावली और सरकारी नौकरियों का मसला प्रदेश में एक बड़ा विवाद बना हुआ है। राज्य के युवाओं, विभिन्न छात्र यूनियनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने रुकी हुई सरकारी भर्तियों तथा खाली पड़े पदों को लेकर वर्तमान सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। इस संवेदनशील विषय के चलते प्रदेश के सामाजिक और राजनैतिक माहौल में एक बार फिर गर्माहट आ गई है, और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है।
हजारों सरकारी पद रिक्त, कछुआ गति से चल रही भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रांत की राजधानी रांची सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के युवा वर्ग ने सरकारी महकमों में खाली पड़े पदों को तुरंत भरने और एक पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई है। आक्रोशित अभ्यर्थियों का आरोप है कि शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत हजारों पद धूल फांक रहे हैं, परंतु उन्हें भरने के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतिम परिणाम महीनों से दबे पड़े हैं, तो कुछ बड़ी वैधानिक नियुक्तियां प्रशासनिक कमियों और कानूनी मुकदमों के फेर में फंसकर अधर में लटकी हुई हैं। इसके कारण वर्षों से कड़े परिश्रम के साथ तैयारी में जुटे नौजवानों का मनोबल टूट रहा है और उनमें गहरा असंतोष पनप रहा है।
युवाओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, चुनावी वादों को धरातल पर लाने की मांग
विभिन्न छात्र संगठनों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता पक्ष ने चुनाव के समय युवाओं को बड़े पैमाने पर सम्मानजनक रोजगार देने के जो लोक-लुभावन वादे किए थे, वे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और धरातल पर उनका कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक निश्चित समय-सीमा तय करके रिक्त पदों पर विज्ञापन निकालकर नियुक्तियां पूरी नहीं की गईं, तो पूरे राज्य में इस आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक रूप दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षाओं में होने वाली निरंतर देरी की वजह से उनकी उम्र सीमा निकली जा रही है, जिससे उनका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो गया है।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना, शासन का दावा- अंतिम दौर में हैं नियुक्तियां
नौकरियों के इस सुलगते मुद्दे ने अब एक बड़ा सियासी रंग अख्तियार कर लिया है, जिससे मुख्य विपक्षी दल भाजपा सहित अन्य विरोधी पार्टियों को सरकार पर चौतरफा हमला बोलने का बड़ा हथियार मिल गया है। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप मढ़ते हुए कहा है कि शासन हर मोर्चे पर विफल साबित हुआ है, जिसका सीधा असर आगामी चुनावों के नतीजों पर देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, सरकार ने अपनी सफाई पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में चयन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। सरकारी प्रवक्ताओं के अनुसार, कई प्रमुख विभागों की भर्तियां अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हैं और बहुत जल्द योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत, महंगाई भत्ता 60 फीसदी तक बढ़ा
10 Jun, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके महंगाई भत्ते (डीए) में दो फीसदी का इजाफा किया है। वित्त विभाग की ओर से जारी आधिकारिक संकल्प के मुताबिक, सातवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले सभी राज्य कर्मियों का महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है। डीए में की गई यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 की बैक डेट से लागू मानी जाएगी। इसके तहत सभी प्रभावित कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते के साथ-साथ जनवरी महीने से अब तक की बकाया राशि (एरियर) का एकमुश्त भुगतान भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह कल्याणकारी फैसला केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी किए जाने के बाद लिया है।
कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद वित्त विभाग ने जारी किया आदेश
मुख्यमंत्री की अगुवाई में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी, जिसके पश्चात वित्त विभाग ने इसके क्रियान्वयन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता सिर्फ कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक सैलरी) पर ही जोड़ा जाएगा। झारखंड सेवा संहिता के प्रावधानों के तहत किसी भी प्रकार के विशेष वेतन या वैयक्तिक वेतन को डीए की गणना का आधार नहीं बनाया जाएगा। सरकार के इस कदम से सूबे के लाखों कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी बढ़ जाएगी, जिससे उन्हें महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त वित्तीय संबल मिलेगा।
कोल इंडिया के वेज बोर्ड कर्मचारियों का वीडीए बढ़कर हुआ 25 प्रतिशत
एक अन्य बड़े फैसले में कोल इंडिया लिमिटेड के प्रबंधन ने अपने वेज बोर्ड कर्मचारियों के लिए वैरिएबल डियरनेस अलाउंस (वीडीए) की संशोधित दरें घोषित कर दी हैं। इसके तहत कर्मियों को 1 जून से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि के लिए 25 फीसदी वीडीए का लाभ दिया जाएगा। भत्ते में यह बदलाव जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (एआईसीपीआई) के औसत आंकड़ों को आधार मानकर किया गया है।
लाखों कोयला कामगारों और अनुषंगी कंपनियों के स्टाफ को मिलेगा फायदा
वीडीए में की गई इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ कोल इंडिया के साथ-साथ उसकी सभी सहायक (अनुषंगी) कंपनियों में कार्यरत वेज बोर्ड के अधीन आने वाले लाखों कर्मचारियों और कामगारों को मिलेगा। जून महीने से मिलने वाले इस बढ़े हुए भत्ते से कोयला क्षेत्र से जुड़े परिवारों की मासिक आय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
