बिहार-झारखण्ड
खेलते-खेलते हुआ बड़ा हादसा, पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत
18 Jun, 2026 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास। जिले के करगहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाउर गांव में बुधवार को एक अत्यंत ह्रदय विदारक घटना सामने आई, जहां तालाब में डूबने से सगे भाई-बहन की अकाल मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। मृत मासूम बच्चों की शिनाख्त बाउर गांव के रहने वाले अनिल बैठा के 8 वर्षीय पुत्र सीटू कुमार और 10 वर्षीय पुत्री दिव्या कुमारी के रूप में की गई है।
घर से खेलने निकले और फिर नहीं लौटे
प्राप्त विवरण के अनुसार, बुधवार के दिन बच्चों के पिता अनिल बैठा किसी निजी कार्य के सिलसिले में घर से कहीं बाहर गए हुए थे। इसी बीच दोनों मासूम बच्चे परिजनों की नजरों से बचकर घर के बाहर खेलने के लिए निकल गए। दोपहर के वक्त जब पिता वापस लौटे, तो बच्चों को घर पर न पाकर उन्होंने उनकी खोजबीन शुरू की। परिवार के सदस्यों ने गांव की गलियों और आस-पास के संभावित स्थानों पर काफी देर तक दोनों को ढूंढा, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
किनारे पर मिली चप्पलों से खुला राज
शाम ढलने के दौरान जब कुछ स्थानीय ग्रामीण गांव के पास बने तालाब की तरफ से गुजर रहे थे, तो उन्हें पानी के किनारे दो जोड़ी छोटे बच्चों की हवाई चप्पलें लावारिस हालत में दिखाई दीं। चप्पलों को देखकर ग्रामीणों को किसी अनहोनी का गहरा अंदेशा हुआ, जिसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय तैराकों व ग्रामीणों ने तुरंत तालाब के गहरे पानी में बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
शव मिलते ही चीत्कारों से गूंजा गांव
कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस दुखद हादसे की सूचना मिलते ही करगहर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दोनों मासूमों के शवों को अपने संरक्षण में लेकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भिजवा दिया। एक साथ दो चिरागों के बुझ जाने से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चों के शवों से लिपटकर विलाप करते पिता को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, वहीं पुलिस ने इस अप्राकृतिक मौत के मामले में वैधानिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रांची समेत 17 जिलों में भारी बारिश-आंधी का खतरा, मौसम विभाग का अलर्ट
18 Jun, 2026 08:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने के लिए तैयार है। प्रशांत महासागर में अल नीनो के प्रभाव और अब तक मॉनसून की सुस्ती के बाद, गुरुवार से राज्य में वर्षा तंत्र के दोबारा सक्रिय होने के अनुकूल संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमानों के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के एक बड़े हिस्से में वायुमंडलीय बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
17 जिलों में ऑरेंज और बाकी हिस्सों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को प्रांतीय राजधानी रांची सहित राज्य के 17 संवेदनशील जिलों में दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस दायरे में खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने, बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के शेष सात जिलों में भी मध्यम गति की हवाओं के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना के मद्देनजर 'येलो अलर्ट' प्रभावी किया गया है। तापमान की बात करें तो इन दो दिनों में रांची का पारा अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
सप्ताहांत में आंशिक बादल और मध्यम बारिश का अनुमान
मौसम के इस बदले रुख का असर सप्ताहांत में भी देखने को मिलेगा, जिसके तहत 20 जून को पूरे राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान झारखंड के अनेक इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ सुदूरवर्ती अंचलों में आकाशीय बिजली चमकने तथा हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की बात कही गई है, जिससे वातावरण में मौजूद उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
जून महीने में सामान्य से आधी भी नहीं हुई बरसात
मौसमविदों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू सीजन में 1 जून से लेकर 17 जून के मध्य झारखंड को भारी मानसूनी बेरुखी का सामना करना पड़ा है। इस समयावधि में राज्य के भीतर औसत के मुकाबले बेहद कम पानी बरसा है, जो कि सामान्य स्तर से लगभग 56 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। सांख्यिकीय तौर पर इस पखवाड़े में झारखंड में कम से कम 67 मिलीमीटर पारंपरिक वर्षा दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन अल नीनो की सक्रियता के कारण बादलों की आवाजाही प्रभावित हुई और अब तक उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं गिरा है।
महुआ शराब के दौरान शुरू हुआ विवाद, युवक की मौत के बाद जांच तेज
17 Jun, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला-खरसावां। जिला अंतर्गत चांडिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सालगाडीह गांव के खोखरोडीह टोले में महुआ शराब के सेवन को लेकर उपजा मामूली विवाद कुछ ही देर में खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसमें एक स्थानीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृत घोषित किए गए युवक की पहचान सालगाडीह के रहने वाले छूटू लोहार के रूप में की गई है। इस अचानक हुई हिंसक वारदात के बाद से समूचे ग्रामीण इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल व्याप्त है। मृतक के शोकाकुल परिजनों और ग्रामवासियों ने भादुडीह निवासी अवैध महुआ शराब के धंधेबाज मानिक मंडल पर डंडों से पीट-पीटकर हत्या को अंजाम देने का सीधा आरोप जड़ा है। हालांकि, पुलिस प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई भी औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
शराब पीने के दौरान भड़की बहस और खौफनाक हमला
घटनाक्रम के विवरण के मुताबिक, बीते मंगलवार की शाम को छूटू लोहार हमेशा की तरह महुआ शराब का सेवन करने के लिए मानिक मंडल के ठिकाने पर गया हुआ था। वहां शराब पीने के दौरान ही दोनों के मध्य किसी पुरानी या तात्कालिक बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों ने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि आपा खोकर मानिक मंडल ने पहले तो छूटू के ऊपर खौलता हुआ गर्म पानी फेंक दिया और फिर उस पर भारी पत्थरों तथा लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया। इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए छूटू को आनन-फानन में इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की दबिश और फरार शराब कारोबारी की खोजबीन तेज
अस्पताल से मौत की आधिकारिक सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित भिजवा दिया। इस खूनी वारदात को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी मानिक मंडल अपने ठिकाने से ताला बंद कर फरार चल रहा है। पुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उसके संभावित छिपने के ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार छापेमारी और दबिश देने की कार्रवाई तेज कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच और पुलिसिया तफ्तीश
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चांडिल के थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बताया कि शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन मौत की असली और सटीक वजहों का खुलासा पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही विधिक रूप से हो सकेगा। उन्होंने पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं और वह लंबे समय से अपने जीजा के घर पर ही आश्रित था तथा अत्यधिक नशा करने का आदी हो चुका था। फिलहाल पुलिस आपसी रंजिश सहित तमाम अन्य कड़ियों को जोड़ते हुए हर संभावित पहलू पर गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।
रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, गोड्डा-पीरपैंती परियोजना के दूसरे फेज पर काम शुरू होने की तैयारी
17 Jun, 2026 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोड्डा। स्वतंत्रता के एक लंबे समय के बाद भी बिहार और झारखंड के सीमावर्ती प्रक्षेत्र गोड्डा से पीरपैंती के मध्य सीधे रेल संपर्क की अनुपलब्धता के कारण यहां के स्थानीय निवासियों को पूरी तरह से सड़क परिवहन पर ही आश्रित रहना पड़ता था। मगर, अब पूर्व रेलवे के निर्माण विभाग की विशेष मुस्तैदी से इस बड़ी असुविधा को खत्म करने की कवायद बेहद तेज हो चुकी है। कुल 1,393 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली इस नई रेल लाइन परियोजना के पहले फेज का जमीनी काम इन दिनों काफी तेज गति पकड़ चुका है। इसी सिलसिले में, पहले चरण का ढांचागत काम मुकम्मल होने से पहले ही दूसरे चरण के निर्माण के लिए जरूरी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक तैयारी भी समानांतर रूप से शुरू कर दी गई है, ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक रुकावट के बिना इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
दो भागों में बंटी पूरी योजना और रेलवे को मिली 150 एकड़ भूमि
इस पूरी रेल परियोजना के भौगोलिक विस्तार को सुचारू ढंग से पूरा करने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है। कुछ समय पूर्व इस योजना को गति देने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने रेलवे प्रशासन को 150 एकड़ जमीन आधिकारिक रूप से हस्तांतरित कर दी थी। गोड्डा के जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को इस भूमि आवंटन का आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपे जाने के बाद से ही रेलवे की इंजीनियरिंग टीम धरातल पर पूरी मुस्तैदी से डटी हुई है। लगभग 62 किलोमीटर लंबी इस संपूर्ण रेल लाइन के पहले फेज में गोड्डा से महागामा तक पटरी बिछाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है, जबकि इसके अगले और दूसरे फेज के अंतर्गत महागामा से पीरपैंती तक के हिस्से को आपस में जोड़ा जाएगा।
एनटीपीसी फरक्का को ईंधन ढुलाई में सुगमता और स्टोन चिप्स कारोबार को रफ्तार
इस नए रेलखंड के पूरी तरह से क्रियाशील हो जाने के बाद एनटीपीसी (NTPC) फरक्का को ललमटिया खदानों (माइंस) से कोयले की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक वैकल्पिक और काफी छोटा रेल मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इसके चालू होने से वर्तमान में कहलगांव होकर गुजरने वाले पारंपरिक रूट का अतिरिक्त परिचालन दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा। इसके साथ ही, मिर्जाचौकी, पाकुड़ और साहेबगंज प्रक्षेत्र से होने वाले स्टोन चिप्स (गिट्टी) के मालवहन के लिए भी यह नया ट्रैक सबसे सुगम और किफायती साबित होगा। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा पीरपैंती प्रक्षेत्र में प्रस्तावित नए पावर प्लांट की बुनियादी जरूरतों और इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की दिशा में भी यह नई रेल परियोजना एक गेम-चेंजर की भूमिका निभाएगी।
समय पर काम पूरा करने को लेकर लाइव मॉनिटरिंग और दूसरे फेज का खाका
पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के तमाम छोटे-बड़े आला अधिकारी इस पूरी परियोजना की लाइव मॉनिटरिंग (सतत निगरानी) कर रहे हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण एजेंसियों और कार्यबल को धरातल पर क्रियाशील रखा जा सके। इस रेल मार्ग के शुरू होने से न केवल आम मुसाफिरों को यात्रा का एक सुगम और सस्ता जरिया मिलेगा, बल्कि दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के व्यापारिक परिदृश्य को भी एक नई आर्थिक मजबूती मिलेगी। पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने इस संबंध में बताया कि झारखंड सरकार से 150 एकड़ जमीन का कब्जा प्राप्त हो चुका है और गोड्डा से महागामा तक पहले चरण का काम सुचारू रूप से चल रहा है। प्रथम चरण के निर्माण को गति देने के साथ-साथ दूसरे फेज के भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा भी जल्द ही धरातल पर उतार दी जाएगी ताकि पूरी परियोजना बिना किसी विसंगति के समय पर पूरी हो सके।
बिहार की सियासत में तीखा वार, लालू ने नीतीश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
17 Jun, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में कटौती और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने के नोटिस को लेकर सूबे में मचे सियासी घमासान के बीच एक बेहद बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की जा रही यह तमाम दंडात्मक और प्रशासनिक कार्रवाइयां पूरी तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे और मर्जी पर ही अमल में लाई जा रही हैं। राजधानी पटना में मीडिया कर्मियों से औपचारिक अनौपचारिक बातचीत के दौरान राजद प्रमुख ने अपनी सुरक्षा में की गई कटौती और सरकारी बंगले से जुड़े विवादों पर खुलकर अपनी बात रखी और खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप मढ़ा कि उनके पूरे परिवार और पार्टी के शीर्ष नेताओं को इस तरह की सरकारी कार्रवाइयों के जरिए राजनीतिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक गहरी साजिश रची जा रही है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी अन्य मुद्दे पर विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके बयानों की पूरी सुई सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घेराबंदी करने पर ही टिकी रही।
सुरक्षा में कटौती को लेकर लालू खेमे में भारी असंतोष
राजद सुप्रीमों के इस बयान के बाद पार्टी के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है। लालू प्रसाद यादव के करीबियों का मानना है कि उनकी जनप्रियता और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उनके सुरक्षा घेरे में किसी भी तरह का बदलाव करना व्यावहारिक रूप से सही नहीं है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के चलते जानबूझकर लालू परिवार की सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जो कि लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है।
राबड़ी आवास को खाली कराने के नोटिस पर सियासी रार
सुरक्षा के साथ-साथ राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली कराने के प्रशासनिक नोटिस ने भी इस आग में घी डालने का काम किया है। लालू यादव ने संकेत दिया कि जिस आवास से उनकी पार्टी की तमाम बड़ी राजनीतिक गतिविधियां और फैसले संचालित होते हैं, उसे निशाना बनाकर वास्तव में राजद की रीढ़ पर वार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के सरकारी दबावों के आगे उनका परिवार और संगठन झुकने वाला नहीं है और वे इसका राजनीतिक मुकाबला करेंगे।
नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच बढ़ी राजनीतिक तल्खी
इस ताजा बयानबाजी से साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के बीच की तल्खी और ज्यादा बढ़ने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव द्वारा सीधे मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा करने से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी स्तर पर टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। फिलहाल, विपक्षी खेमे ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और वे इसे जनता के बीच ले जाने की रणनीति बना रहे हैं।
रांची में RSS कार्यालय पर हमला, पेट्रोल बम फेंककर आरोपी फरार
17 Jun, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड की राजधानी के निवारणपुर इलाके में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर मंगलवार की देर रात कथित तौर पर पेट्रोल बम से हमला किए जाने की एक बेहद संवेदनशील घटना प्रकाश में आई है। इस दुस्साहसिक वारदात की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही राजनीतिक गलियारों और सामाजिक संगठनों में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बाबूलाल मरांडी, सीपी सिंह और संजय सेठ जैसे कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग तुरंत स्थिति का जायजा लेने आरएसएस दफ्तर पहुंचे। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की आला टीमें भी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं और मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई हमलावरों की करतूत
घटनास्थल के आस-पास और संघ कार्यालय परिसर में लगे तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की जब सघनता से जांच की गई, तो उसमें चौंकाने वाले दृश्य सामने आए हैं। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मोटरसाइकिल या पैदल आए दो नकाबपोश हमलावर ज्वलनशील पदार्थ से भरा पेट्रोल बम संघ कार्यालय की इमारत पर फेंकने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, मुस्तैदी या किसी अन्य तकनीकी वजह से यह विस्फोटक पूरी तरह अपने निशाने पर नहीं लगा, लेकिन इस हरकत ने सुरक्षा व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी है। पुलिस ने इस फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के हुलिये के आधार पर उनकी धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आरएसएस जैसे बड़े संगठन के मुख्य दफ्तर को निशाना बनाए जाने की सूचना मिलते ही देर रात ही प्रमुख राजनेताओं का वहां जमावड़ा शुरू हो गया। नेताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे शहर की शांति और आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने पुलिस के आला अफसरों से बात कर अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करने और संगठन के कार्यालयों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की मांग उठाई है। इस घटना के बाद से मुख्य मार्ग और संवेदनशील चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिसिया तफ्तीश और इलाके में एहतियातन गश्त तेज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) की मदद भी ली जा रही है ताकि घटनास्थल से बारूद या पेट्रोल के अवशेष और अन्य अहम सबूत जुटाए जा सकें। थाना प्रभारी और वरीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर के माहौल को किसी भी सूरत में खराब नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस अपराधियों के भागने के रूट को खंगालने के लिए शहर के अन्य प्रमुख रास्तों पर लगे कैमरों की भी जांच कर रही है। एहतियात के तौर पर पूरे निवारणपुर और आस-पास के इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
मुजफ्फरपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा का दूसरा चरण, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
17 Jun, 2026 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। केंद्रीय चयन परिषद की ओर से आज बुधवार को बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के द्वितीय चरण का संचालन किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस लिखित परीक्षा के जरिए मद्य निषेध सिपाही, जेल वार्डर (कक्षपाल) और चलंत दस्ता सिपाही के रिक्त पदों को भरा जाना है। भर्ती परीक्षा का यह सिलसिला बीते शनिवार यानी 14 जून से प्रारंभ हुआ था, जो आज 17 जून को भी जारी है। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए अकेले मुजफ्फरपुर जिले के भीतर 22 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां दो अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा स्थलों पर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। केंद्रों के बाहर जमा होने वाली भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस बल के अतिरिक्त निजी सुरक्षा कंपनियों के सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों को भी मुस्तैद किया गया है। वहीं, संपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पुख्ता ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया था।
कमांडो चेकिंग और केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती
सिपाही बहाली परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश पर सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस अफसरों और सशस्त्र बलों को तैनात किया गया है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं की सहूलियत और सुरक्षा को देखते हुए सभी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को समय से पहले अपने निर्धारित पॉइंट पर रिपोर्ट करने तथा हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में बैठाने से पहले मुख्य गेट से लेकर क्लासरूम के प्रवेश द्वार तक बेहद बारीकी से जांचने के आदेश दिए गए हैं।
उम्मीदवारों के लिए रिपोर्टिंग टाइम और एंट्री के सख्त नियम
प्रशासनिक नियमावली के मुताबिक, सुबह की पहली पाली में बैठने वाले परीक्षार्थियों के लिए केंद्र पर पहुंचने का आखिरी समय सुबह 8 बजे तय किया गया है, जिसके बाद मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। इसी तरह, दोपहर की दूसरी पाली के अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग का समय दिन में 1 बजे मुकर्रर किया गया है। जिला अधिकारियों ने साफ लफ्जों में कहा है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद पहुंचने वाले उम्मीदवारों को किसी भी सूरत में भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। तलाशी के वक्त अभ्यर्थियों के पास केवल उनका आधिकारिक प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) और लिखने के लिए पेन ही होना चाहिए, इसके अलावा अन्य कोई भी वस्तु अंदर ले जाना वर्जित है।
डिजिटल गैजेट्स पर पूर्ण पाबंदी और कंट्रोल रूम से निगरानी
पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा भवन के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे—मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां, ब्लूटूथ इयरफोन, कैलकुलेटर या अन्य कोई डिजिटल डिवाइस ले जाना पूरी तरह गैर-कानूनी होगा। इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए मुख्य द्वार पर ही अभ्यर्थियों की गहन फ्रिस्किंग (शारीरिक जांच) की जा रही है। परीक्षा की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिए हर केंद्र पर लाइव वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का बंदोबस्त भी किया गया है। इसके अलावा, पूरी परीक्षा प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) भी चालू किया गया है, जहां से जिले के सभी केंद्रों पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।
मोबाइल बचाने की कोशिश में युवक को गोली, बदमाश वारदात के बाद फरार
17 Jun, 2026 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। जिले में बेखौफ अपराधियों का तांडव एक बार फिर देखने को मिला है। मधुबनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए बदमाशों ने एक सैलून संचालक को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बेखौफ अपराधी उक्त युवक का कीमती मोबाइल फोन लूटने की कोशिश कर रहे थे, और जब पीड़ित ने इस बात का विरोध जताया तो बदमाशों ने उस पर सीधे गोली चला दी और मोबाइल छीनकर चंपत हो गए। यह पूरी वारदात मंगलवार की देर रात डीएवी चौक के पास स्थित सौंदर्य विहार इलाके में घटित हुई। जख्मी व्यक्ति की पहचान चूनापुर के रहने वाले धनीराम ठाकुर के 35 वर्षीय बेटे मुकेश कुमार ठाकुर के रूप में की गई है, जो इसी क्षेत्र में अपनी नाई की दुकान चलाते हैं।
रोजमर्रा की तरह घर वापसी के दौरान घात लगाकर हमला
अस्पताल में उपचाराधीन मुकेश कुमार ठाकुर ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह हर दिन की तरह देर रात अपनी दुकान के शटर गिराकर साइकिल से वापस अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह डीएवी चौक पार कर थोड़ा आगे बढ़ा, वैसे ही सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर पहले से ही इंतजार कर रहे बाइक सवार दो लुटेरों ने उसे जबरन बीच रास्ते में रोक लिया। बदमाशों ने तुरंत उसकी जेब से मोबाइल फोन निकालने का प्रयास किया। मुकेश ने जब अपनी संपत्ति को बचाने के लिए अपराधियों से हाथापाई की और शोर मचाया, तो बदमाशों ने तैश में आकर पिस्तौल से फायरिंग कर दी।
जांघ में धंसी गोली और लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती
अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली सीधे मुकेश के बाएं पैर की जांघ में जा धंसी, जिसके कारण वह लहूलुहान होकर तड़पते हुए बीच सड़क पर ही गिर पड़ा। सन्नाटे को चीरती हुई गोली की आवाज सुनकर आस-पास के रहवासी और राहगीर तुरंत मदद के लिए घटना स्थल की तरफ दौड़े। लोगों को अपनी तरफ आता देख शातिर अपराधी अंधेरे का लाभ उठाते हुए लूटा हुआ मोबाइल लेकर रफूचक्कर हो गए। वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों ने बिना वक्त गंवाए तड़प रहे मुकेश को इलाज के लिए तुरंत पूर्णिया जीएमसीएच पहुंचाया। अत्यधिक खून बह जाने की वजह से युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और चिकित्सकों की एक विशेष टीम की देखरेख में उसका सघन उपचार किया जा रहा है।
पुलिसिया तफ्तीश, सीसीटीवी की जांच और स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस सनसनीखेज वारदात की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ तुरंत अस्पताल परिसर पहुंची और घायल युवक के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लुटेरों की तलाश के लिए जाल बिछा दिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, वारदात वाली जगह और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों के भागने के रूट और उनकी बाइक का नंबर ट्रेस किया जा सके। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द ही इस घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। दूसरी ओर, इस वारदात के बाद से स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में पुलिसिया गश्त और कानून व्यवस्था के ढीले रवैये को लेकर काफी आक्रोश और खौफ देखा जा रहा है।
आखिर होटल में क्यों ठहराए गए NDA विधायक? राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
16 Jun, 2026 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आते ही राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। आगामी 18 जून को होने वाले मतदान से ठीक पहले सूबे की राजधानी में सियासी सरगर्मियां अप्रत्याशित रूप से तेज हो गई हैं। चुनाव में किसी भी प्रकार की 'क्रॉस वोटिंग' या विरोधी खेमे द्वारा संभावित सेंधमारी की आशंका को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस रणनीति के तहत गठबंधन के सभी विधायकों को एक साथ रांची के विख्यात पांच सितारा होटल 'रेडिसन ब्लू' में ठहराया जा रहा है। हालांकि एनडीए नेतृत्व अपने समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी की विजय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है, फिर भी चुनावी बिसात पर किसी भी चूक से बचने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार जाने-माने उद्योगपति परिमल नाथवानी को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना पूर्ण समर्थन दे रही है और पार्टी का दावा है कि नाथवानी को आवश्यक 28 मतों का जादुई आंकड़ा हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
बीजेपी दफ्तर में एनडीए दिग्गजों का महामंथन
इस बड़े राजनैतिक घटनाक्रम के बीच रांची स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में एनडीए के शीर्ष रणनीतिकारों और विधायकों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस हाई-प्रोफाइल मंथन में स्वयं भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी भी उपस्थित रहे। बैठक में भाजपा के अलावा सहयोगी दल आजसू और जदयू के विधायकों ने हिस्सा लिया, जहां बंद कमरे में मतदान की बारीकियों और एक-एक वोट की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके तुरंत बाद सभी विधायकों को कड़ी सुरक्षा के बीच होटल रेडिसन ब्लू ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया। रणनीतिकारों का इरादा साफ है कि 18 जून की सुबह सभी विधायकों को एकजुट होकर सीधे होटल से ही विधानसभा परिसर ले जाया जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
दिग्गज चेहरों की मौजूदगी और एकजुटता का प्रदर्शन
इस पूरी चुनावी व्यूहरचना को अमलीजामा पहनाने के लिए गठबंधन के कई बड़े नेता खुद मोर्चे पर डटे हुए हैं। सांगठनिक बैठक में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा विशेष पर्यवेक्षक के रूप में रणनीतिक कमान संभालते नजर आए। होटल शिफ्टिंग के इस पूरे घटनाक्रम के दौरान परिमल नाथवानी के साथ मंजू देवी, नीरा यादव, राज सिन्हा, सी पी सिंह, प्रदीप प्रसाद, उज्ज्वल दास, नवीन जयसवाल और सतेंद्र नाथ तिवारी सहित एनडीए कुनबे के तमाम विधायक पूरी तरह एकजुट दिखाई दिए।
28 वोटों का गणित और होटल पॉलिटिक्स
झारखंड के मौजूदा विधायी समीकरणों के लिहाज से राज्यसभा की इस सीट पर फतह हासिल करने के लिए प्रथम वरीयता के न्यूनतम 28 वोटों की दरकार है। एनडीए के सिपहसालारों का दावा है कि आजसू और जदयू के संख्याबल को मिलाकर निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की स्थिति बेहद सुदृढ़ है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन की ओर से भी लगातार शह और मात का खेल जारी है, जिसे देखते हुए ही एनडीए ने अपने विधायकों को एक छत के नीचे रखने के लिए इस 'होटल पॉलिटिक्स' का सहारा लिया है। अब पूरे राज्य की निगाहें 18 जून को होने वाली वोटिंग पर टिक गई हैं, जहां हर एक माननीय का मत सूबे के नए सियासी समीकरण की इबारत लिखेगा।
बंद घर से आई तेज दुर्गंध, अंदर मिला मजदूर का शव
16 Jun, 2026 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जामताड़ा । क्षेत्र के पबिया स्थित पुराने शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर के एक बंद और जर्जर मकान से सोमवार देर शाम एक श्रमिक का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की शिनाख्त पबिया के ही रहने वाले रमा बावरी उर्फ धोना बावरी (27 वर्ष) के तौर पर की गई है। बंद मकान से लाश मिलने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी।
शनिवार से लापता था श्रमिक
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, रमा बावरी मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा चलाता था। उसकी शादी को अभी महज एक साल ही हुआ था। वह बीते शनिवार से अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों के यहां भी पता लगाया, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चल सका था। सोमवार की शाम को जब बंद पड़े मकान के आसपास से बेहद तेज बदबू आने लगी, तो स्थानीय ग्रामीणों को किसी अनहोनी का शक हुआ। लोग जब हिम्मत जुटाकर मकान के भीतर दाखिल हुए, तो वहां रमा का शव अत्यंत खराब स्थिति में पड़ा हुआ था।
घटनास्थल पर उमड़ी भीड़, पुलिस ने दर्ज किया केस
जैसे ही यह खबर फैली, देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम इकट्ठा हो गया। सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक औपचारिकताएं शुरू कीं। पुलिस ने इस संबंध में अस्वाभाविक मौत (यूडी केस) का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाने के इंतजाम किए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
थाना प्रभारी मुराद हसन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि युवक के गुमशुदा होने की कोई भी लिखित शिकायत पहले थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी कोणों से तफ्तीश शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत का असल कारण पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा और उसी रिपोर्ट को आधार मानकर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का दबी जुबान में कहना है कि युवक अत्यधिक मदिरापान का आदी था, लेकिन पुलिस अभी शॉर्ट-पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।
बेटे को घर लाने निकले पिता हादसे का शिकार, ट्रैक्टर की टक्कर से गई जान
16 Jun, 2026 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमुई। बिहार के जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर स्थित बिजली विभाग कार्यालय के नजदीक सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। यहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद आरोपी चालक अपने वाहन सहित मौके से रफूचक्कर होने में कामयाब रहा। स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
हादसे का शिकार हुए व्यक्ति की पहचान सिकंदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसैया गांव के निवासी बमबम सिंह के तौर पर की गई है। प्राप्त विवरण के मुताबिक, उनका बेटा मोहित कुमार सिंह पटना में अपनी कोई परीक्षा देने गया था और वहां से वापस लौट रहा था। रात काफी अधिक हो जाने की वजह से उसे आगे अपने गांव जाने के लिए कोई बस या अन्य सवारी गाड़ी नहीं मिल पा रही थी। बेटे की इस मजबूरी और परेशानी का पता चलते ही बमबम सिंह अपनी बाइक उठाकर उसे रिसीव करने के लिए महिसौड़ी चौक की तरफ रवाना हुए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और बीच रास्ते में ही काल ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया।
भीषण भिड़ंत में मौके पर ही तोड़ा दम
चश्मदीदों के अनुसार, बमबम सिंह अपनी मोटरसाइकिल से जैसे ही विद्युत विभाग के दफ्तर के पास पहुंचे, तभी सामने की दिशा से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और बमबम सिंह उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में इतनी गंभीर चोटें आईं कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसका फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक वाहन सहित अंधेरे का लाभ उठाते हुए भाग निकला।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
सड़क दुर्घटना की भयावह खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया। जैसे ही इस अनहोनी की खबर मृतक के घर पहुंची, अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए वारदात वाली सड़क और उसके आसपास की दुकानों व इमारतों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि ट्रैक्टर के नंबर और चालक की पहचान की जा सके।
गावं में छाया मातम, परिजनों में भारी आक्रोश
बमबम सिंह की इस अचानक और दर्दनाक मौत की खबर से उनके पैतृक गांव बसैया में सन्नाटा पसर गया है और हर आंख नम है। शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लगातार रिश्तेदारों और ग्रामीणों का हुजूम उनके घर पहुंच रहा है। मृतक के रोते-बिलखते परिजनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि हत्यारे ट्रैक्टर चालक को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का सख्त मुकदमा दर्ज कर न्याय दिया जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
छात्र सीखेंगे मिट्टी की सेहत जांचना, विजय सिन्हा ने की बड़ी घोषणा
16 Jun, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य के 629 सरकारी स्कूलों में मिट्टी जांच (मृदा परीक्षण) प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। सोमवार को कृषि भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत चल रहे अलग-अलग कार्यक्रमों के कामकाज का जायजा लिया। इस बैठक में खेती-किसानी में वैज्ञानिक तरीकों को शामिल करने, छात्र-छात्राओं में रिसर्च और प्रैक्टिकल करने की क्षमता बढ़ाने तथा किसानों को अपनी जमीन की सेहत के प्रति जागरूक करने की योजनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई।
कृषि मंत्री के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 'स्कूल सॉयल हेल्थ प्रोग्राम' के तहत राज्य के 160 पीएम श्री और अन्य सरकारी स्कूलों में छोटी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं पहले ही चालू की जा चुकी हैं। इस योजना का मकसद स्कूली बच्चों को मिट्टी की जांच करने के वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ना और पर्यावरण के प्रति उनकी समझ को बेहतर करना है। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए साल 2026-27 में इस योजना का बड़ा विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत 629 सरकारी स्कूलों को इस पारदर्शी योजना से जोड़ा जाएगा। इन लैब्स में कक्षा 7वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राएं खुद मिट्टी के सैंपल जुटाने और उनकी जांच करने का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, जिससे उनमें तकनीकी हुनर और वैज्ञानिक सोच का विकास होगा।
लागत और केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी
इस पूरी योजना के खर्च का ब्योरा देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि हर एक स्कूल में इस मिनी लैब को स्थापित करने में कुल एक लाख रुपये का खर्च आएगा। इस बजट में 60 फीसदी रकम केंद्र सरकार देगी, जबकि बाकी की 40 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाएगी। भारत सरकार ने प्रत्येक चिन्हित स्कूल को कम से कम 50 मिट्टी के नमूनों का टेस्ट करने और किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड बांटने का टारगेट दिया है। इस अनूठी पहल से विद्यार्थियों और किसानों के बीच एक सीधा संपर्क बनेगा, जिससे खेतों में जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा स्कूलों में मिट्टी जांच और ड्रैगन फ्रूट जैसी महंगी फसलों की खेती से कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आएगी।
ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने चौथे कृषि रोड मैप के तहत तैयार किए गए प्रोजेक्ट के आधार पर ड्रैगन फ्रूट विकास योजना की प्रगति को भी परखा। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के अंतर्गत पिछले तीन सालों के लिए कुल तीन करोड़ रुपये के बजट के साथ इस योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय 60 लाख रुपये के फंड में से 13.62 लाख रुपये की राशि जारी कर खर्च करने की अनुमति दे दी गई है।
अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश
कृषि विभाग की इस समीक्षा बैठक के अंत में मंत्री ने मौजूद सभी अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे सरकार की इन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरी ईमानदारी और तय समय सीमा के भीतर जमीन पर उतारें। उन्होंने कहा कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि सूबे के किसानों और छात्र-छात्राओं को इस सरकारी प्रयास का पूरा और सीधा फायदा मिल सके।
प्रिंस यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, CBI जांच की उठी मांग
16 Jun, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदेहास्पद हालातों में जान गंवाने वाले प्रिंस यादव का मंगलवार देर रात उनके पैतृक गांव धमसेना में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दुखद घड़ी में शामिल होने के लिए पटना से जमानत पर रिहा हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद सीधे अपने गांव पहुंचे। अपने भाई को अंतिम विदाई देने के बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
सौरबाजार थाना इलाके की सहुरिया पश्चिमी पंचायत के अंतर्गत आने वाले धमसेना गांव के रहने वाले 28 वर्षीय प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर नेपाल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां लाया गया था। रात के करीब सवा दस बजे गांव के पूर्व दिशा में स्थित उनकी पैतृक भूमि पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
रोशन आनंद की रिहाई और समर्थकों का हुजूम
जमानत की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोशन आनंद मंगलवार की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने शुभचिंतकों और विद्यार्थियों के साथ पैतृक आवास पर पहुंचे। उनके आते ही सांत्वना देने वाले ग्रामीणों, छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले दिनभर कई राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिनमें सहरसा विधायक आई.पी. गुप्ता, पूर्व विधायक आलोक रंजन, महिषी विधायक गौतम कृष्ण, राजद नेता रंजीत यादव और जिला परिषद प्रतिनिधि अमर यादव सहित कई शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
सीबीआई जांच की मांग और संघर्ष का संकल्प
अपने भाई के अंतिम दर्शन करने के बाद रोशन आनंद ने भावुक होकर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को साजिश के तहत प्रताड़ित किया जा रहा है और इस मौत के पीछे की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। निष्पक्ष न्याय के लिए मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए उनका शैक्षणिक कार्य हमेशा की तरह आगे भी जारी रहेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि और नेपाल में हादसा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर और प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के बीच पोस्टर हटाने को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प और गोलीबारी तक पहुंच गया था। इसी मामले की तफ्तीश के दौरान पटना पुलिस ने रोशन आनंद को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, जबकि इस केस में प्रिंस यादव का नाम भी घसीटा गया था। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से प्रिंस अपने कुछ करीबियों के साथ नेपाल चले गए थे, जहां एक होटल के कमरे में उनका शव बरामद हुआ। चूंकि पिता की तबीयत काफी खराब थी, इसलिए प्रिंस के चचेरे दादा उपेंद्र यादव ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
चार दिन में और सक्रिय होगा मानसून, तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
16 Jun, 2026 07:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार आगामी दो दिनों के लिए थोड़ी धीमी पड़ने की संभावना है। इसी बीच, प्रशांत महासागर में 'अलनीनो' के सक्रिय होने की पुष्टि हुई है, जिसकी गहराई और प्रभाव का सटीक आकलन करने में मौसम वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अलनीनो का प्रभावी होना कृषि क्षेत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं, क्योंकि इससे खेती-किसानी पर विपरीत असर पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून राज्य के नए इलाकों की तरफ बढ़ चुका है। अब धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां के शत-प्रतिशत हिस्सों सहित गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रांची और रामगढ़ के कुछ अंचलों में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है। मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में स्थितियां अनुकूल होने पर मानसून सूबे के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा।
वज्रपात और आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा। उत्तर-पश्चिम अंचल को छोड़कर बाकी इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, 17 जून को राजधानी रांची समेत लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, पश्चिमी सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में वज्रपात के साथ अंधड़ और तेज बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
पारे में उछाल से बढ़ी तपिश
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और तपन का सामना करना पड़ा। दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, मेदिनीनगर का 40.4 डिग्री, जमशेदपुर का 40.0 डिग्री, बोकारो का 38.5 डिग्री और चाईबासा का 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कांके में रिकॉर्डतोड़ बरसे बदरा
एक तरफ जहां राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप और गर्मी का असर देखा गया, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में झमाझम बारिश भी हुई। बीते चौबीस घंटों में रामगढ़ में जहां महज एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, वहीं रांची के कांके मौसम स्टेशन क्षेत्र में रिकॉर्ड 86.4 मिलीमीटर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां के स्थानीय मौसम में काफी तरावट आई है।
रिम्स अस्पताल में महिला सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर चिंता
15 Jun, 2026 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राँची। झारखंड के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इन दिनों बुनियादी सुविधाओं का भारी टोटा देखने को मिल रहा है, जिसके कारण मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल के पुराने भवन में स्थित आपातकालीन विभाग (इमरजेंसी वार्ड) के समीप महिला रोगियों और उनके साथ आई महिलाओं के लिए पृथक प्रसाधन की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें विवश होकर पुरुषों के साथ साझा शौचालय का प्रयोग करना पड़ रहा है। इसके साथ ही परिसर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे करोड़ों रुपये के वार्षिक बजट वाले इस बड़े सरकारी अस्पताल की कागजी सुविधाओं और जमीनी हकीकत का अंतर साफ उजागर हो गया है।
महिलाओं की निजता और सुरक्षा पर गहराता संकट
रिम्स के पुराने विंग में स्थित इमरजेंसी वार्ड के पास महिला और पुरुष दोनों के लिए केवल एक ही संयुक्त शौचालय क्रियाशील है। पृथक व्यवस्था न होने के कारण दिन-रात महिलाओं को उसी प्रसाधन कक्ष में जाना पड़ता है, जहां पुरुष आते-जाते हैं। चिकित्सा संस्थान में सुरक्षा और सहूलियत को लेकर किए जाने वाले ऊंचे-ऊंचे दावों के बीच महिलाओं की प्राइवेसी से जुड़ा यह गंभीर मामला अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को बयां कर रहा है, जिसे लेकर वहां आने वाले लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
अस्पताल परिसर में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत
संस्थान के भीतर मरीजों और आम जनता की प्यास बुझाने के लिए लगाई गई वाटर कूलर और फिल्टर मशीनें वर्तमान में बदहाली के आंसू बहा रही हैं। इन पेयजल स्रोतों के चारों तरफ गंदगी और कीचड़ का साम्राज्य फैला हुआ है, वहीं मशीनों से आने वाले पानी की शुद्धता भी संदेह के घेरे में है। इस अव्यवस्था के चलते सुदूर ग्रामीण अंचलों से आने वाले निर्धन परिवारों को जेब ढीली कर बाहर से बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर अन्य लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परिसर में भटकने को विवश हैं।
प्रशासन की ओर से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा
अस्पताल के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने पेयजल से जुड़ी इस गंभीर खामी की बात को स्वीकार करते हुए इस पर जल्द सुधारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन विभाग के निकट महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट न होने का विषय भी उनके संज्ञान में आया है। महिलाओं की सहूलियत, सुरक्षा और निजता को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही वहां विशेष प्रसाधन कक्ष का निर्माण कराया जाएगा, ताकि अस्पताल आने वाले हर नागरिक को एक स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिल सके।
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