बिहार-झारखण्ड
सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आया
31 Mar, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ कथित अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोपी मौलाना अब्दुल्लाह सालिम कमर कासमी चतुर्वेदी को यूपी एसटीएफ ने सोमवार देर शाम पूर्णिया जिले से गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से अररिया जिले के जोकीहाट निवासी मौलाना को पूर्णिया के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर चौक से उस समय पकड़ा गया, जब वे वहां मौजूद थे। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सीमांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मौलाना अब्दुल्लाह सालिम पर आरोप है कि उन्होंने रमजान के दौरान एक मजहबी जलसे में मुख्यमंत्री की माता के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य के 83 थानों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यूपी एसटीएफ लंबे समय से उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी, जो सोमवार को पूर्णिया के अमौर में मिली। इस बीच AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने मौलाना को अचानक उठा लिया, जिसे स्थानीय लोगों ने पहले अपहरण समझा। हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह यूपी एसटीएफ की टीम थी, जो ट्रांजिट रिमांड पर मौलाना को अपने साथ ले गई है। गिरफ्तारी से पहले मौलाना ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनके पुराने बयान को काट-छांटकर गलत तरीके से पेश किया गया है और यह एक राजनीतिक साजिश है। बावजूद इसके, यूपी पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपी मानते हुए कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि यूपी एसटीएफ उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी में है, जहां दर्ज मामलों में उनसे पूछताछ की जाएगी। पूर्णिया और अररिया के सीमावर्ती इलाकों में एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है।
विदेशी जहाजों में माल फंसने से सप्लाई चेन बाधित हुई
31 Mar, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का सीधा असर मिथिलांचल के सुपर फूड मखाना के कारोबार पर पड़ा है। मिथिलांचल से निर्यात के लिए विदेश भेजा गया मखाना जहाजों और विदेशी गोदामों में ही फंसा रह गया है। इस स्थिति ने पूरे व्यापार चक्र को प्रभावित कर दिया है और निर्यात पर निर्भर कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कीमतों में गिरावट, बाजार में दबाव
इस संकट का असर अब घरेलू बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। जो मखाना पहले 800 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब घटकर करीब 500 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। मांग में कमी और निर्यात रुकने से बाजार पर दबाव बढ़ा है, जिससे व्यापारियों और किसानों दोनों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
निर्यात ठप, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
मखाना कारोबारियों का कहना है कि नया माल का निर्यात पूरी तरह से बंद हो गया है। पहले से भेजा गया माल भी विदेशी गोदामों में पड़ा हुआ है और बिक नहीं पा रहा है। ऐसे में नया ऑर्डर नहीं मिल रहा है, जिससे पूंजी फंस गई है। व्यापारियों के सामने अब यह चिंता भी खड़ी हो गई है कि वे आगे खेती और उत्पादन कैसे जारी रखेंगे।
सप्लाई चेन टूटी, अरब देशों में मांग प्रभावित
मखाना व्यापारी रामप्रवेश सहनी के अनुसार, अरब देशों में मखाना की बड़ी खपत होती है, लेकिन पश्चिम एशिया के देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह से टूट गई है। जहाजों की आवाजाही बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। एक ओर निर्यात रुक गया है, तो दूसरी ओर घरेलू बाजार में कीमतों में 200 से 300 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
आर्थिक संकट की आशंका
व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार जल्द सामान्य नहीं हुआ, तो इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों के सामने आर्थिक संकट गहरा सकता है। घटती कीमतों और विदेशी मांग में कमी ने पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है।
बाजार विविधीकरण की जरूरत पर जोर
दरभंगा मखाना अनुसंधान केंद्र के विज्ञानी मनोज कुमार ने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध का असर मखाना व्यवसाय पर पड़ना स्वाभाविक है, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह समय निर्यातकों के लिए बाजार विविधीकरण का है। केवल अमेरिका और पश्चिम एशियाई देशों पर निर्भर रहने के बजाय यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया और अन्य उभरते बाजारों में नए अवसर तलाशने की आवश्यकता है।
भारत की वैश्विक बढ़त बरकरार
उन्होंने यह भी बताया कि मखाना उत्पादन में भारत की वैश्विक बढ़त है और इस क्षेत्र में कोई अन्य देश आसानी से चुनौती नहीं दे सकता। वैश्विक आपूर्ति का लगभग 90 प्रतिशत मखाना भारत और विशेष रूप से बिहार से ही आता है, जिससे यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बना हुआ है।
घटना के बाद तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया
31 Mar, 2026 08:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास। जिले में 24 मार्च को जमीनी विवाद में हुई एक व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या के बाद उसकी पत्नी ने गहरे मानसिक तनाव में आकर अपने दो बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हसन राजा की पत्नी रेशमा खातून ने सोमवार रात अपने बच्चों तैयबा खातून और हमजद के साथ घर का दरवाजा बंद कर जहर खा लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर तीनों अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर स्थिति में वाराणसी रेफर कर दिया है। गौरतलब है कि रेशमा खातून के पति हसन राजा की 24 मार्च को सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुरादाबाद गांव में जमीनी विवाद के चलते हत्या कर दी गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें हमलावर उन्हें लाठी-डंडों से पीटते और रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटते नजर आए थे। पति की हत्या के बाद से ही रेशमा गहरे सदमे में थी और किसी से बातचीत नहीं कर रही थी। इधर, घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। पुलिस ने हत्या मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। इस नई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
आरोपी हथकड़ी खोलकर चलती पुलिस गाड़ी से कूद गया
31 Mar, 2026 07:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। जिले में पुलिस अभिरक्षा से एक शराब तस्कर के फरार होने की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यह मामला काको थाना क्षेत्र का है, जहां जेल ले जाते समय आरोपी ने पुलिस को चकमा दे दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाना पुलिस ने शनिवार को एक ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद करते हुए चालक और उपचालक सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में काको स्थित मंडल कारा ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस वाहन काको बाजार पहुंचा, वहां ट्रैफिक जाम के कारण गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान दो आरोपियों ने मौका देखकर हथकड़ी ढीली कर ली और चलती गाड़ी से कूदकर भागने लगे। कैदियों को भागते देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत वाहन रोककर उनका पीछा किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन दूसरा तस्कर भीड़ का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। फरार आरोपी की पहचान कर्णाव कुमार के रूप में हुई है, जो ट्रक का उपचालक बताया जा रहा है। इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि शराब बरामदगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा जा रहा था, तभी रास्ते में एक कैदी फरार हो गया। उन्होंने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। बीच बाजार से कैदी के फरार होने की इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल है और आम लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
संदिग्ध हालात में महिला की मौत, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
30 Mar, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झाझा। जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूबांक मोहल्ले में रविवार देर रात एक 29 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान बाबूबांक निवासी विजय कुमार चौधरी की पत्नी जूही कुमारी के रूप में की गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल व्याप्त है।
दूध की दुकान चलाते हैं मृतका के पति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका के पति विजय कुमार चौधरी झाझा दुर्गा मंदिर के समीप दूध की दुकान चलाते हैं। रविवार रात वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौटे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी कमरे में पंखे से फंदे के सहारे लटकी हुई है। यह देख वह घबरा गए और तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर बुलाई गई एफएसएल की टीम
घटना की सूचना मिलते ही झाझा थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। बताया गया कि दोनों की शादी करीब छह वर्ष पूर्व हुई थी और उनके दो छोटे बेटे हैं। घटना के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का कर रही इंतजार
झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि महिला की मौत फंदे से लटकने के कारण हुई प्रतीत हो रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। वहीं पुलिस कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया है।घटना के बाद मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।
यात्रियों के लिए खुशखबरी, बिहार से साउथ जाने वाली ट्रेन को रोजाना मंजूरी
30 Mar, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। पूर्वी चंपारण के भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल स्टेशन से दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थल तिरुपति तक नई नियमित ट्रेन सेवा को रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। ट्रेन संख्या 17434/17433 'रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस'अब नियमित रूप से संचालित होगी। इस फैसले से भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के रक्सौल सहित पूरे चंपारण के रेल यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।
पश्चिम चंपारण के सांसद की मेहनत रंग लाई
पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल के लगातार प्रयासों को इस उपलब्धि का श्रेय दिया जा रहा है। उन्होंने रेल मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस ट्रेन को नियमित करने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। सांसद ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
तिरुपति जाने में इलाके के लोगों को होती थी दिक्कत
अब तक रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को तिरुपति जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीधी ट्रेन सेवा के अभाव में यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रा अब सुगम और सुलभ हो जाएगी।
उत्तर और दक्षिण भारत के बीच आध्यात्मिक सेतु का कार्य करेगी ट्रेन
सांसद डॉ. जायसवाल ने बताया कि यह ट्रेन केवल परिवहन सुविधा ही नहीं है, बल्कि उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु का कार्य भी करेगी। यह सेवा नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर और दक्षिण भारत के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने में भी सहायक होगी, जिससे इसका धार्मिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व है।
लोगों में खुशी की लहर
घोषणा के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। रक्सौल विधायक प्रमोद सिन्हा सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सांसद के प्रयासों की सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस नई ट्रेन सेवा से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बिहार राजनीति में हलचल: नीतीश के बाद नितिन नवीन ने भी दिया इस्तीफा
30 Mar, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज अपनी विधायकी छोड़ दी है। उन्होंने सोमवार सुबह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अपना देने के लिए विधानसभा भेजा। संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को नितिन नवीन का इस्तीफा सौंप दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रविवार को ही नितिन नवीन ने बांकीपुर विधानसभा की सदस्य के तौर पर अपना इस्तीफा मुझे दिया था। आज मैंने विधानसभा जाकर इसे अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंप दिया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संजय सरावगी के माध्यम से बांकीपुर विधानसभा के सदस्य नितिन नवीन का इस्तीफा मिला है। हमने इसे स्वीकार कर आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। बिहार की राजनीति दोनों नेताओं का काफी योगदान रहा। आगे भी दोनों बिहार और देश के लिए काम करते रहे हैं। दोनों नेताओं के साथ काफी लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दोनों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। अब वह दिल्ली जाकर राज्यसभा की सदस्यता का शपथ ग्रहण करेंगे। बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार के विधायक रहे नितिन नवीन अब पूरी तरह से क्रेंद्र की राजनीति पर फोकस कर पाएंगे।
इस्तीफा देने की बात कर नितिन नवीन ने और क्या कहा?
भाजप के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर इस्तीफा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज मैं बिहार विधानसभा के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे रहा हूं। पार्टी ने मुझे जो नई भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं संकल्पित रहूँगा। मेरे कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा जो अटूट संबंध है, वह सदैव बना रहेगा और मुझे हमेशा नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन देता रहेगा। पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 2047 के विकसित भारत एवं विकसित बिहार बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में मैं निरंतर प्रयासरत रहूंगा।
जल्द हो सकता है उपचुनाव का घोषणा
इधर, नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। हालांकि, यह उपचुनाव कब होगा? इसके बारे में चुनाव आयोग की ओर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। एक बार साफ जरूर है कि उपचुनाव में भाजपा ही अपना प्रत्याशी उतारेगी। चूंकि पिछले कई वर्षों बांकीपुर सीट पर भाजपा के पास ही है।
जानिए कौन हैं नितिन नवीन
नितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिवंगत नवीन सिन्हा के बेटे हैं। 23 मई 1980 पटना में नितिन नवीन का जन्म हुआ है। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली में हुई। 2005 में पटना पश्चिम सीट से विधायक रहे 55 साल के नवीन सिन्हा का निधन दिल्ली में हो गया था। उस वक्त नितिन महज 26 साल के थे। भाजपा ने नितिन नवीन को अपने पिता की विरासत संभालेंगे के लिए कहा। लेकिन, शुरू में नितिन नहीं मानें। उनकी मां मीरा सिन्हा ने उन्हें समझाया तो वह मान गए। नितिन चुनावी मैदान में पटना पश्चिम उतरे। उपचुनाव में वह पहली बार जीते। इसके बाद से जो जीत का सिलसिला शुरू हुआ, वह 2025 के विधानसभा चुनाव तक जारी रहा।
संगठन में भी कई बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
नितिन नवीन का कद संगठन में भी बड़ा है। इस बात का सबूत उन्हें अलग-अलग समय पर मिलने वाली जिम्मेदारी है। 2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा, का राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रभारी बनाया गया। 2010 से 2013 के बीच नितिन भाजयुमो राष्ट्रीय महामंत्री बने। 2013 में वह IVLP कार्यक्रम के अंतर्गत 15 दिनों की अमेरिकी यात्रा पर गए। इसके बाद 2016-2019 में वह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2019 में ही उन्हें भाजपा ने सिक्किम राज्य का लोकसभा और विधानसभ चुनाव प्रभारी बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे। 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने। जुलाई 2024 से अब तक वह छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को देख रहे हैं। 2023 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हुआ था। उस वक्त वहां कांग्रेस अच्छी स्थिति में थी। किसी ने नहीं सोचा था कि भाजपा चुनाव जीतेगी। लेकिन, चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की। उस वक्त भी नितिन नवीन छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी थे। जीत के बाद उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी। भाजपा के दिग्गजों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में नितिन ने अहम भूमिका निभाई।
कार्यपालक सहायक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने उठाए सवाल
30 Mar, 2026 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाढ़ी गांव स्थित पंचायत भवन में एक महिला कार्यपालक सहायक का शव फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृत महिला की पहचान गड़खा थाना क्षेत्र के महमदपुर रसूलपुर गांव निवासी 35 वर्षीय प्रियंका कुमारी के रूप में की गई है, जो सदर प्रखंड अंतर्गत बसाढ़ी पंचायत में कार्यपालक सहायक के पद पर कार्यरत थीं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
शादीशुदा थीं मृतका
घटना के संबंध में बताया जाता है कि प्रियंका कुमारी शादीशुदा थीं और उनके दो बच्चे भी हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, ससुराल पक्ष के साथ उनके संबंध ठीक नहीं चल रहे थे, जिस कारण वे गड़खा थाना क्षेत्र अंतर्गत चिरांद रोड स्थित अपने मायके में रह रही थीं और वहीं से नौकरी कर रही थीं।
'आखिरी बार शनिवार को हुई थी बेटी से बात'
इस संबंध में मृतका के पिता मदन राय ने बताया कि उनकी बेटी से अंतिम बार शनिवार को दोपहर तक बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑन रहने के बावजूद रिसीव नहीं हो रहा था। इससे परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पंचायत भवन के पास प्रियंका की स्कूटी खड़ी मिली, जिससे आशंका और गहरी हो गई। इसके बाद परिजनों ने पंचायत भवन का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर जब अंदर झांककर देखा गया, तो प्रियंका का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।
पिता ने लगाया हत्या का आरोप
मृतका के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि पति, ससुर और देवर सहित अन्य लोगों ने उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सुसाइड नोट बरामद
वहीं, सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतका के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इंडिगो की नई पहल, दरभंगा-शंघाई फ्लाइट सेवा का शुभारंभ
30 Mar, 2026 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। एयरपोर्ट से चीन के शंघाई के लिए इंडिगो एयरलाइंस की विमान सेवा शुरू कर दी गई है। यह फ्लाइट दरभंगा से वाया कोलकाता होते हुए शंघाई के लिए संचालित होगी। पहले दिन 18 यात्रियों को लेकर विमान ने उड़ान भरी। यह कनेक्टिंग फ्लाइट दरभंगा से यात्रियों को लेकर कोलकाता जाएगी, जहां करीब 8 घंटे रुकने के बाद रात 12 बजे चीन के शंघाई के लिए उड़ान भरेगी।
बोर्डिंग पास और गुलाब का फूल से यात्रियों का स्वागत
दरभंगा एयरपोर्ट से चीन के शंघाई शहर के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू होने से यात्री काफी प्रसन्न नजर आए। निर्धारित समय पर एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों को बोर्डिंग पास लेने के लिए कतार में लगना पड़ा। इस मौके पर विशेष स्वागत की व्यवस्था भी की गई थी। बताया जाता है कि पहले यात्री को बोर्डिंग पास और गुलाब का फूल देकर एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्वागत किया, इसके बाद सभी यात्रियों को रवाना किया गया।
पहले दिल्ली और कोलकाता से लेनी पड़ती थी फ्लाइट
यात्रियों ने बताया कि इंडिगो की सेवा शुरू होने से यात्रा आसान हो गई है। पहले दिल्ली और कोलकाता से शंघाई के लिए फ्लाइट लेनी पड़ती थी, लेकिन अब दरभंगा से इसकी शुरुआत होने से काफी सुविधा हो गई है।
दोपहर 12:38 बजे उड़ान भरेगी फ्लाइट
इंडिगो की यह फ्लाइट दोपहर 12:38 बजे उड़ान भरेगी और लगभग एक घंटे बाद कोलकाता पहुंचेगी। एयरपोर्ट के निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि विमान संचालन की पूरी व्यवस्था कर दी गई है और यात्रियों ने उड़ान भरना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में सारण चमका, एक सातवें तो दो आठवें स्थान पर
30 Mar, 2026 08:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित वर्ष 2026 के मैट्रिक परीक्षा परिणाम में सारण जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का मान और सम्मान बढ़ाया है। सबसे खास बात यह है कि सारण जिले के तीन मेधावी छात्रों ने राज्य स्तर पर टॉप-10 में स्थान हासिल कर शिक्षा जगत में नई मिसाल पेश की है।
अमित ने हासिल किया सातवां स्थान
सारण के बनियापुर प्रखंड अंतर्गत हरपुर छतवा गांव निवासी राकेश राय के पुत्र अमित कुमार ने 484 अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में सातवां स्थान हासिल किया है। ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। सारण जिले के इन तीनों प्रतिभाशाली—एक छात्रा और दो छात्रों—की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मनीष कुमार ने पाया आठवां स्थान
वहीं, महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित गिरीश तिवारी द्वारा पैतृक गांव मांझी प्रखंड के बरेजा गांव में स्थापित बरेजा उच्च विद्यालय के मेधावी छात्र मनीष कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 483 अंक प्राप्त कर राज्य में आठवां स्थान हासिल किया है। मनीष की इस सफलता से उनके गांव और प्रखंड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और कोचिंग संस्थान को दिया है।
बेटियां भी नहीं रहीं पीछे
इसी कड़ी में छपरा सदर प्रखंड के दौलतगंज रतनपुरा मोहल्ला निवासी शताक्षी मित्तल ने भी 483 अंक हासिल कर आठवां स्थान प्राप्त किया है। वह शहर के गांधी उच्च विद्यालय की छात्रा हैं। शताक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को देते हुए भविष्य में यूपीएससी की तैयारी कर देश सेवा का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना ने संरक्षित स्थल बलिराजगढ़ में उत्खनन कार्य शुरू
29 Mar, 2026 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी,। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना मंडल, पटना के संरक्षित तथा मधुबनी जिला अंतर्गत स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में उत्खनन कार्य का शुभारंभ शनिवार को सांसद एवं अध्यक्ष संसदीय स्थायी समिति परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संजय कुमार झा के द्वारा कुदाल चलाकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बलिराजगढ़ का उत्खनन कार्य मिथिला की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस स्थल से प्राप्त होने वाले पुरातात्विक साक्ष्य न केवल मिथिला क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को उजागर करेंगे, बल्कि शोध एवं अकादमिक अध्ययन के नए आयाम भी स्थापित करेंगे। इस पहल से मधुबनी जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित होंगी. जिससे स्थानीय रोजगार सृजन, आर्थिक सशक्तिकरण एवं आधारभूत संरचना के विकास को बल मिलेगा। साथ ही, मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि बहुत पहले ही बलिराजगढ़ का खुदाई होना चाहिए था। विजयादशमी के अवसर पर उत्खनन कार्य प्रारंभ होना शुभ संकेत है। खुदाई कार्य मे इस बार किसी प्रकार की ढिलाई नही बरती जायेगी। इस बार बलिराजगढ़ के उत्खनन से मिथिला के इतिहास का पता अवश्य लगाया जायेगा। पूर्व में इस क्षेत्र से जो सामान मिला है, वह विदेह काल का प्रतीत होता है। बलिराजगढ़ क्षेत्र 176 एकड़ में फैला है, लगभग तीन किलोमीटर में बना चहारदीवारी उस समय के कार्य कुशलता को दर्शाता है। पूर्व में खुदाई होने पर पानी का स्तर ऊपर आ जाता था, इस बार पुरातत्व विभाग की टीम नीचे तक खुदाई कर पता लगाने की कोशिश करेगा। यदि खुदाई में सामग्री मिला तो उसे संरक्षित करने तथा इस स्थल पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां विशिष्ट संग्रहालय की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बलिराजगढ़ के उत्खनन से हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के जैसे कि इतिहास निकल कर सामने आएगा। जिससे बलिराजगढ़ को देश ही नही दुनिया भर से लोग मिथिला के प्राचीन रहन-सहन, खान-पान आदि के बारे में देखने आएंगे और यह पर्यटन का केंद्र बनेगा। वर्तमान समय मे पर्यटन के क्षेत्र से बढ़िया कोई क्षेत्र नही है, जो कम लागत में अधिक-से-अधिक रोजगार देता है।इस अवसर पर सांसद झंझारपुर रामप्रीत मंडल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बलिराजगढ़ के उत्खनन कार्य के प्रारंभ होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त किए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ.अभिषेक कुमार ने किया। इस अवसर पर विधायक, बाबूबरही, मीना कामत, जिलाधिकारी, आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार, डॉ.हरिओम शरण, अधीक्षक, पुरातत्व विभाग सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
भाजपा-जदयू को बस सत्ता, कुर्सी की चिंता है, जनता की नहीं- अरुण यादव
29 Mar, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने नीतीश-भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है, इसीलिए अपराधियों में पुलिस और कानून का डर नहीं है। राज्यभर में बेखौफ अपराधी तांडव मचा रखा है। राज्यभर में अपराधी प्रत्येक दिन दिलदहलाने वाली आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा है, निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दे रहा है। वहीं शासन प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 48 घण्टे के अंदर राज्यभर में अपराधियों ने दर्जनों लोगों की निर्मम हत्या कर दी। भागलपुर के नाथनगर में अपराधियों ने युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी। रोहतास में एक युवक की हत्या कर दी गई। सासाराम के मुरादाबाद इलाके में एक व्यक्ति की दिनदहाड़े बीच सड़क पर पीट पीटकर हत्या कर दी गई। सिवान में अलग-अलग घटना में तीन युवकों को गोली मार दी गई। नालंदा के हरनौत में एक 16 वर्षीय छात्रा की घर मे घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उदाहरण मात्र है। राज्यभर में ऐसा एक भी दिन नही है जिस दिन दर्जनों हत्या नहीं होती है। राजद प्रवक्ता राज्यभर में ऐसा लग रहा है कि मानो राज्य में कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों का राज स्थापित हो गया है। सरकार में बैठे लोगों को जनता की चिंता नहीं है। सरकार में बैठी भाजपा-जदयू को बस सत्ता, कुर्सी और कमीशनखोरी से अवैध कमाई की चिंता है। राज्य की जनता भगवान भरोसे जीने को मजबूर है।
खाद की किल्लत, कालाबाजारी और बीज में धांधली से स्पष्ट हो गया कि बिहार में लुट वाली सरकार चल रही है- एजाज अहमद
29 Mar, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में सरकार किस तरह से चल रही है यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है ये उसी तरह से है कि किसी की टोपी किसी का सर ? सत्ता की कवायद में मलाई के लिए लड़ाई चल रही है जिसके कारण बिहार के किसान और मजदूर के साथ आमजन बेहाल है और उनके प्रति सरकार का कोई सोच नहीं है। इन्होंने आगे कहा कि बिहार में सत्ता के मद में सत्तारूढ़ दल के नेता जनता के हितों और बिहार के विकास के कार्यों को छोड़कर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी में लगे हैं और इस बात में लगे हुए है कि किसी भी तरह से मोदी और अमित शाह खुश हो जाए, जिससे कि उनकी राजनीतिक आभा बनी रहे। एजाज ने आगे कहा कि बिहार के कृषि मंत्री भी अपने विभाग का काम छोड़कर इन दोनों नेताओं को खुश करने की राजनीति में बड़ी-बड़ी बातें कह रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि बिहार में खाद की किल्लत और कालाबाजारी हो रही है। और अब बीज में भी धांधली की बातें सामने आ रही है सरकार में बैठे हुए मंत्री किसानों के हित में कोई कार्य नहीं कर रहे हैं ऐसा लगता है कि किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है और यह अपने राजनीतिक गोटी सेट करने में लगे हुए हैं। इन्होंने ने आगे कहा कि देश के सबसे गरीब राज्य बिहार के गरीब, किसानों और मजदूरों को लूटने और उनके बच्चों का वर्तमान और भविष्य निगलने मे लगी हुई एनडीए सरकार अपने नकारापन कार्यों से बिहार की जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया है और सत्ता और स्वार्थ के लिए बिहार के मंत्रियों में इस बात की होड़ है की कैसे गुजराती लॉबी को ठीक रखा जाए जिससे कि उनका भला हो जाए उसका राजनीतिक लाभ मिल जाए, क्योंकि अभी बिहार में कुर्सी कुर्सी का खेल चल रहा है।
नीतीश ने 32 जिलों में 32 जनसभाओं को संबोधित किया, कहीं भी राज्यसभा जाने या मुख्यमंत्री पद छोड़ने का जिक्र नहीं किया
29 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। नीतीश कुमार, जो अभी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं, ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में पहले ही जीत हासिल की। नियमों के अनुसार, नीतीश कुमार को संसद के लिए चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है। इस स्थिति में राज्य विधानसभा या विधान परिषद सदस्य न होने की स्थिति में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा की सदस्यता को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री ने अपनी समृद्धि यात्रा के 5 चरणों के दौरान इस मामले पर एक भी शब्द नहीं कहा। यह यात्रा 26 मार्च को पटना में समाप्त हुई थी। समृद्धि यात्रा के दौरान, बिहार के मुख्यमंत्री ने 32 जिलों में 32 जनसभाओं को संबोधित किया, लेकिन कहीं भी राज्यसभा जाने या मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में उन्होंने नामांकन दाखिल किया और पहली बार उच्च सदन के सदस्य के रूप में चुने गए।
10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम: 81.79% छात्रों ने परीक्षा पास की, पुष्पांजलि और सबरीन बने टॉपर
29 Mar, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार बोर्ड ने आज रविवार को 10वीं क्लास का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस साल 15 लाख 10 हजार 928 छात्र-छात्राओं ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी, जिनमें से 81.79 फीसदी पास हुए हैं। परीक्षा परिणाम में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पूरे राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जमुई जिले की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली जिले की सबरीन परवीन ने 492 अंक यानी 98.4 फीसदी नंबर लाकर यह उपलब्धि हासिल की है, जो उनकी कड़ी मेहनत और लगन का सीधा नतीजा है।
पुष्पांजलि और सबरीन ने बिहार का नाम किया रोशन
पुष्पांजलि कुमारी जमुई से और सबरीन परवीन वैशाली से आती हैं। दोनों ने 500 में से 492 अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने जिले बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। यह प्रदर्शन उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगा जो बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। बिहार बोर्ड हर साल की तरह इस साल भी समय पर परिणाम जारी करने में सफल रहा है, जो इसकी दक्षता और छात्रों के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्र-छात्राएं अब बिना किसी देरी के अपना परिणाम बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर देख सकते हैं। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि छात्रों को अपने परिणाम जानने के लिए कोई परेशानी न हो। परिणाम देखने के लिए छात्रों को सिर्फ अपने रोल नंबर और रोल कोड की आवश्यकता होगी, जो उनके एडमिट कार्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित होता है।
ऐसे चेक करें बिहार बोर्ड 10वीं का परिणाम
बिहार बोर्ड 10वीं क्लास का रिजल्ट ऑनलाइन चेक करने के लिए छात्रों को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले, आपको बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर पहुंचने के बाद, आपको ‘Result’ सेक्शन ढूंढना होगा। यह सेक्शन आमतौर पर मुख्य नेविगेशन बार या महत्वपूर्ण लिंक्स में दिखाई देता है।
एक बार जब आपको ‘Result’ सेक्शन मिल जाए, तो ‘BSEB Bihar Board 10th Result 2026 Download’ लिंक पर क्लिक करें। यह लिंक आपको परिणाम देखने के लिए एक नए पेज पर ले जाएगा। इस नए पेज पर आपको अपना रोल नंबर और रोल कोड सही-सही भरना होगा। यह जानकारी एडमिट कार्ड पर उपलब्ध होती है। सभी विवरण भरने के बाद, ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
सबमिट करने के तुरंत बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। छात्र इस परिणाम को यहीं से डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आपको इसकी हार्डकॉपी चाहिए, तो आप प्रिंटर के माध्यम से इसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं। यह प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ के लिए उपयोगी होगा, हालांकि यह अंतिम मार्कशीट नहीं है। यह प्रक्रिया बेहद सीधी और सुरक्षित है। छात्र अपने घर, स्कूल या किसी भी साइबर कैफे से अपना रिजल्ट आसानी से चेक कर सकते हैं। परिणाम की तुरंत उपलब्धता छात्रों को आगे की पढ़ाई, जैसे 11वीं कक्षा में प्रवेश या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए योजना बनाने में मदद करेगी।
छात्रों की सुविधा के लिए, बिहार बोर्ड ने रिजल्ट देखने के लिए एक वैकल्पिक वेबसाइट भी उपलब्ध कराई है। बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा, आप अपना परिणाम https://matricbiharboard.com पर भी देख सकते हैं। यह विकल्प तब उपयोगी हो सकता है जब मुख्य वेबसाइट पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण लोड होने में दिक्कत आ रही हो।
फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड डिवीजन में पास हुए इतने छात्र
बिहार बोर्ड ने इस बार डिवीजन के हिसाब से पास होने वाले छात्र-छात्राओं का आंकड़ा भी जारी किया है। जानकारी के मुताबिक, 10वीं की परीक्षा में कुल 2 लाख 34 हजार 501 छात्र और 2 लाख 9 हजार 222 छात्राएं प्रथम श्रेणी में पास हुई हैं। यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
इसी तरह, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी काफी अधिक है। कुल 2 लाख 25 हजार 11 छात्र और 2 लाख 50 हजार 500 छात्राएं द्वितीय श्रेणी में पास हुए। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि द्वितीय श्रेणी में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है, जो लड़कियों के अच्छे प्रदर्शन को उजागर करता है।
तृतीय श्रेणी में पास होने वाले छात्र-छात्राओं की बात करें तो, 1 लाख 35 हजार 676 छात्र और 1 लाख 67 हजार 427 छात्राएं इस श्रेणी में सफल हुई हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन काफी संतोषजनक रहा है और बड़ी संख्या में छात्र अगले शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए योग्य हो गए हैं। यह आंकड़े बिहार में शिक्षा के स्तर और छात्रों की मेहनत को दर्शाते हैं। बड़ी संख्या में छात्रों का विभिन्न श्रेणियों में उत्तीर्ण होना राज्य के शैक्षणिक भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह उन सभी शिक्षकों और संस्थानों के प्रयासों का भी परिणाम है जिन्होंने इन छात्रों को सफलता के लिए मार्गदर्शन किया।
बिहार बोर्ड द्वारा समय पर परीक्षा परिणाम जारी करना छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की बात है, जिससे वे आगे की पढ़ाई के लिए अपनी योजना बना सकेंगे।
समाज के समृद्ध लोग सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का करें ट्रेंड सेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
‘ममता की हार का बदला लिया गया’: सुवेंदु अधिकारी का चौंकाने वाला आरोप
प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करें - अरुण साव
‘सेवा सेतु’: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन का नया अध्याय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को दिया सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद
सोमनाथ हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान का है प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
विजय के समर्थन पर सस्पेंस, CPI गठबंधन शुक्रवार को करेगा ऐलान
डिप्टी CM नहीं, अब मंत्री बनेंगे निशांत कुमार! विभाग को लेकर अटकलें
यात्रियों को मिलेगी तेज और बेहतर टिकट बुकिंग सुविधा
सिंहस्थ मेला की व्यापक तैयारियों को लेकर भोपाल में सुरक्षा सम्मेलन व संगोष्ठी आयोजित
