बिहार-झारखण्ड
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई
23 Jun, 2026 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई बड़ी लापरवाही को बिहार सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कुमार ऋत्विक को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। विभाग द्वारा जारी ऑफिशियल लेटर के मुताबिक, 23 मई को मुख्यमंत्री के दौरे के समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में यह सख्त कदम उठाया गया है।
हेलीकॉप्टर लैंडिंग में हुई थी दिक्कत, बैठाई गई थी जांच
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के बक्सर दौरे के समय उनका हेलीकॉप्टर किला मैदान में तय की गई जगह पर लैंड नहीं हो पाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने फौरन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) की अगुवाई में एक हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी बनाई थी।
जांच रिपोर्ट में खुली लापरवाही की पोल
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में लगी इस सेंध के लिए कसूरवार पाया। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि अफसर ने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया, ड्यूटी में भारी लापरवाही की और सीनियर अधिकारियों के गाइडलाइंस को भी नजरअंदाज किया। वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी चूक को बेहद गंभीर माना गया।
सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
बक्सर के जिला अधिकारी (DM) द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने माना कि कार्यपालक पदाधिकारी का यह बर्ताव 'बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976' के नियमों के खिलाफ है। इसके बाद 'बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005' के तहत उन्हें आगामी आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
क्या मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कड़ी था पीएमसीएच छात्र?
23 Jun, 2026 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीट (NEET) परीक्षा में सॉल्वर गैंग की सेंधमारी की जांच के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के 47 एमबीबीएस और पीजी छात्र नीट पुनर्परीक्षा वाले दिन कॉलेज से नदारद पाए गए। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के कड़े निर्देशों के बावजूद, जिसमें छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई थी, इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का गायब होना कॉलेज प्रशासन के गले नहीं उतर रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 37 छात्रों ने छुट्टी के लिए कोई सूचना भी नहीं दी थी।
24 घंटे में मांगा जवाब, होगी सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमसीएच प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। कॉलेज प्रबंधन ने इन सभी गायब छात्रों की गतिविधियों और अनुपस्थिति के कारणों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। सभी संबंधित छात्रों को अल्टीमेटम देते हुए 24 घंटे के भीतर अपनी गैर-हाजिरी का पुख्ता कारण और दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि अगर तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो बिना जानकारी गायब रहने वाले छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार छात्र को लेकर बड़ा खुलासा, बायोमेट्रिक में की थी हेराफेरी
इस बीच, लखीसराय से गिरफ्तार किए गए पीएमसीएच के छात्र को लेकर भी स्थिति साफ हुई है। जांच में सामने आया है कि उसका नाम मयंक कश्यप नहीं, बल्कि अश्विनी कुमार है। आरोप है कि उसने कॉलेज के अटेंडेंस रजिस्टर और बायोमेट्रिक सिस्टम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अपने एक दोस्त की मदद ली थी, ताकि रिकॉर्ड में वह प्रेजेंट दिखे। जबकि असलियत में वह परीक्षा से जुड़े संदिग्ध कामों के लिए लखीसराय पहुंच गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अश्विनी इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड सम्राट का बेहद करीबी है और पटना में लगातार उसके संपर्क में था।
कौन है मास्टरमाइंड सम्राट और क्या थी उसकी साजिश?
इस पूरे सॉल्वर गैंग का मुख्य आरोपी रविशंकर उर्फ सम्राट बताया जा रहा है, जो नालंदा के भगवान महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र है। सम्राट फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। शुरुआती जांच के अनुसार, सम्राट ने ही लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों पर असली अभ्यर्थियों की जगह 9 मेडिकल छात्रों को बैठाकर परीक्षा दिलाने का पूरा ताना-बाना बुना था। मामले की कड़ियों को देखते हुए अब इसकी जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई है, जो इस गिरोह के बैंक खातों, पैसों के लेन-देन और नेटवर्क की जांच कर रही है।
6 राज्यों तक फैले हैं तार, अब तक 30 आरोपी गिरफ्तार
21 जून को देशभर में आयोजित हुई नीट पुनर्परीक्षा में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद इस गैंग ने एक बड़ी साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि इस सॉल्वर गैंग का नेटवर्क सिर्फ बिहार (गया, पटना, लखीसराय) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हैं। इन राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के छात्र इस गैंग का हिस्सा थे, जो बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से असली कैंडिडेट की जगह परीक्षा में बैठने वाले थे। इस फर्जीवाड़े के लिए प्रति अभ्यर्थी 38 से 40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। बिहार पुलिस इस मामले में अब तक 30 लोगों को दबोच चुकी है।
रात में सांप के काटने से बच्ची घायल, परिजनों में चीख-पुकार
23 Jun, 2026 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। जिले के भोरे थाना इलाके के छठियाव गांव से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ रात में सो रही एक 17 साल की लड़की की सांप के काटने से जान चली गई। तबियत बिगड़ने पर घरवाले उसे आनन-फानन में कई अस्पतालों में लेकर भटके, लेकिन आखिरकार पटना के पीएमसीएच पहुँचने से ठीक पहले रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृत किशोरी की पहचान रामपुकार राम की बेटी गायत्री कुमारी के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
चारपाई पर सोते समय सांप ने काटा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, गायत्री रोजाना की तरह रात को अपने घर में चौकी पर सोई हुई थी। इसी बीच एक विषैले सांप ने उसकी गर्दन पर डस लिया। जहर फैलने की वजह से कुछ ही देर में लड़की की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई। जैसे ही घरवालों को इस बात का पता चला, घर में चीख-पुकार मच गई और वे तुरंत उसे लेकर अस्पताल की तरफ भागे।
एक से दूसरे अस्पताल रेफर करते रहे डॉक्टर्स
बेहद नाजुक हालत में परिजन सबसे पहले गायत्री को स्थानीय भोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर गए। वहाँ के डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज तो किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उसे सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी काफी कोशिश की, पर स्थिति में सुधार न होता देख उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया।
पटना पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
परिजन एम्बुलेंस से गायत्री को लेकर पटना के लिए निकले ही थे कि रास्ते में उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पीएमसीएच के डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गाँव वालों ने की पुख्ता इलाज और एंटी-वेनम की मांग
इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए और दुखी ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण इलाकों में सांप के काटने के इलाज (एंटी-स्नेक वेनम) और इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय अस्पतालों में ही समय पर सही इलाज मिल जाए, तो ऐसी असमय मौतों को रोका जा सकता है।
फैक्ट्री में लगी भीषण आग, भारी नुकसान की आशंका
23 Jun, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिला अंतर्गत बेला इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चालू फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरी फैक्ट्री इसकी जद में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में कारखाने के भीतर रखीं कीमती मशीनें और लाखों रुपये का कच्चा व तैयार माल जलकर पूरी तरह बर्बाद हो गया। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई।
धुएं का गुबार देख मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के मुताबिक, बेला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में संचालित 'श्री कृष्णा फैक्ट्री' से अचानक धुएं की मोटी परत उठती दिखाई दी। पल भर में ही आग की ऊंची लपटों ने पूरे परिसर को घेर लिया। कारखाने से उठती आग की लपटें देखकर वहां काम कर रहे श्रमिकों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोग तुरंत फैक्ट्री परिसर से बाहर की ओर भागे।
शॉर्ट सर्किट की वजह से हादसे की आशंका
शुरुआती तौर पर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हादसा बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ है। हालांकि, प्रशासन द्वारा आग लगने के सटीक कारणों की पड़ताल की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद सामान या मशीनों को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला।
दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई आग
हादसे की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत एक्शन में आई। आग के रौद्र रूप को देखते हुए फायर स्टेशन से दो बड़ी दमकल गाड़ियों को फौरन मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और घंटों की भारी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
कोई जनहानि नहीं, नुकसान का आकलन जारी
अग्निशमन विभाग के अफसरों ने पुष्टि की है कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल विभाग और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है, और मामले की गहराई से जांच जारी है।
बिसुनडीह गांव में युवक की मौत, पुलिस जुटी कारणों की पड़ताल में
22 Jun, 2026 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिसुनडीह गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 26 वर्षीय युवक ने अपने ही घर के भीतर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी सुनील गोप के रूप में की गई है। घटना की भनक लगते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने तुरंत इस अप्रत्याशित हादसे की लिखित जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी, जिसके बाद कानून व्यवस्था के अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की।
पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया और अस्पताल भेजा
वारदात की सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची ईचागढ़ थाना पुलिस ने स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस कर्मियों ने फंदे से लटक रहे शव को नीचे उतरवाया और उसे अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कागजी औपचारिकताएं और पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम की कानूनी कार्रवाई के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है, ताकि मौत के समय और स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
मानसिक तनाव और अस्वस्थता बनी आत्मघाती कदम की वजह
ईचागढ़ थाना प्रभारी ने मामले के संदर्भ में प्राथमिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए यह पूरी तरह से खुदकुशी (आत्महत्या) का मामला नजर आ रहा है। परिजनों से की गई शुरुआती पूछताछ में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि मृतक सुनील गोप पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था और उसका मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं था। संभवतः इसी मानसिक अस्वस्थता और अवसाद के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी कानूनी तफ्तीश
थाना प्रभारी के मुताबिक, हालांकि शुरुआती लक्षण खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस हर संभावित बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार की जाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही मौत के असली और सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं और रिपोर्ट आने के इंतजार में आगे की वैधानिक कार्रवाई को रोक रखा है, जिसके बाद ही मामले का अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
मंत्री-सांसद ने रखी विकास की नींव, 23 करोड़ की चार सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास
22 Jun, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलामू। झारखंड के वित्त, योजना एवं विकास मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्थानीय सांसद विष्णु दयाल राम ने रविवार को एक संयुक्त कार्यक्रम के दौरान पलामू जिले के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 23 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली चार बड़ी सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर वित्त मंत्री ने क्षेत्र की उन्नति को लेकर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति जाहिर की और कहा कि वे विकास कार्यों में किसी भी तरह की दलगत राजनीति या सियासी भेदभाव को आड़े नहीं आने देंगे। उन्होंने सुदूर ग्रामीण अंचलों की प्रगति के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत प्रशासनिक तालमेल को बेहद जरूरी बताया। नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि जो इलाका कभी धुर उग्रवाद की गिरफ्त में था, वहाँ सबसे पहले सुरक्षा चौकियां स्थापित कर अमन-चैन बहाल किया गया और अब बुनियादी ढाँचे को मजबूत कर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत क्षेत्र में 100 से अधिक नई ग्रामीण सड़कों के जाल बिछाने का खाका खींचा गया है।
दशकों की जर्जरता से मुक्ति दिलाएगा सरईडीह-डगरा मार्ग
इन स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे मुख्य और बड़ी सौगात नौडीहा बाजार प्रखंड के निवासियों को सरईडीह-डगरा पथ के रूप में मिली है। योजना एवं विकास विभाग की अनाबद्ध निधि से मंजूर की गई इस विशेष सड़क की कुल लंबाई 8.87 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जिसके निर्माण पर सरकार करीब 9 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च करने जा रही है। वर्तमान में इस रास्ते की हालत इतनी खस्ताहाल है कि महज 9 किलोमीटर का सफर पूरा करने में राहगीरों को दो घंटे से भी ज्यादा का समय बर्बाद करना पड़ता है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर के विशेष प्रयासों से स्वीकृत इस मार्ग के धरातल पर उतरने के बाद हार्वे, सलैया, डागरा, अंतकाल और जमुना सहित दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी को आवागमन की इस बड़ी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
उग्रवाद के खात्मे के बाद अब बुनियादी विकास की बारी
सार्वजनिक मंच से जनता को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने पुराने दौर को याद किया और बताया कि डगरा और उसके आस-पास का क्षेत्र कभी घोर नक्सली और उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था, जहां खौफ के कारण आम नागरिकों का दिन में भी निकलना दूभर था। सरकार की नीति के तहत पहले इलाके को पूरी तरह उग्रवाद मुक्त कराया गया और अब शांति की स्थापना के बाद यहाँ तीव्र गति से सड़क, बिजली, शिक्षा और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सांसद ने भरोसा दिलाया कि सुदूरवर्ती इलाकों का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन सड़कों के बन जाने से आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
शिलान्यास समारोह में उमड़ा जनसैलाब और गणमान्य जनों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक शिलान्यास कार्यक्रम के गवाह बनने के लिए नौडीहा बाजार प्रखंड और छतरपुर क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भारी संख्या में आयोजन स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और स्थानीय नेतृत्व की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिसमें प्रखंड प्रमुख रेशम कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) परितोष प्रियदर्शी और स्थानीय मुखिया विनोद सिंह प्रमुख रूप से मंच पर मौजूद रहे। उनके अलावा सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता संतोष पाठक, मोहन जायसवाल, धर्मदेव यादव, ईश्वरी पांडे और आलोक यादव ने भी इस विकास योजना का स्वागत करते हुए क्षेत्र की जनता को बधाई दी और अधिकारियों से निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने का आग्रह किया।
रफ्तार बनी काल, ट्रक में जा घुसी कार; हादसे में एक की मौत, तीन घायल
22 Jun, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। फकुली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रजला स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में अनियंत्रित होकर जा घुसी। इस दर्दनाक भिड़ंत में कार सवार एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक सहित तीन अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
नियंत्रण खोने से ट्रक के नीचे घुसी तेज रफ्तार कार
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक दोनों मुजफ्फरपुर से पटना की तरफ जा रहे थे। जैसे ही दोनों वाहन रजला हाईवे के समीप पहुंचे, अचानक कार चालक ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। इस भयानक एक्सीडेंट के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन पूरी तरह बाधित हो गई और देखते ही देखते सड़कों पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने बहाल कराया यातायात और शव को अस्पताल भेजा
सड़क दुर्घटना की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे कराया, जिससे यातायात को दोबारा सामान्य किया जा सका। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने कार में फंसे मृतक के शव को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और उसे अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवा दिया।
वैशाली के निवासी के रूप में पहचान और घायलों का इलाज
पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि मृतक वैशाली जिले के सेंदुआरी गांव का रहने वाला था। हादसे में घायल हुए अन्य तीनों व्यक्तियों को इलाज के लिए पास के ही एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि कार और ट्रक की इस भिड़ंत में एक व्यक्ति की जान गई है। पुलिस फिलहाल परिजनों को सूचित करने के साथ ही मामले की विस्तृत जांच और अन्य जरूरी तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी हुई है।
एक दिन से गायब युवक की नदी में मिली लाश, हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच
22 Jun, 2026 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। कोचाधामन प्रखंड के बिशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खकुआ नदी घाट पर रविवार की शाम एक युवक का शव बरामद होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की शिनाख्त बिशनपुर हाट के रहने वाले 35 वर्षीय विक्की के रूप में की गई है, जो बीते 24 घंटों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था। जानकारी के मुताबिक, रविवार की देर शाम नदी में एक लाश को उतराता देख घाट पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद देखते ही देखते वहां भारी संख्या में स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। घटना की भनक लगते ही बिशनपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया।
शनिवार से लापता था युवक और परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायत
पुलिसिया तफ्तीश और परिजनों द्वारा की गई पहचान में यह साफ हुआ कि मृतक विक्की बिशनपुर बाजार का ही निवासी था। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि वह शनिवार के दिन से ही अचानक घर से गायब था। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और संभावित ठिकानों पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई अता-पता नहीं चला तो रविवार की सुबह थक-हारकर बिशनपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव और विभिन्न एंगल से जांच शुरू
बिशनपुर थाने के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को नदी से बरामद करने के बाद इसकी सूचना तुरंत पीड़ित परिवार को दे दी गई थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच में शरीर पर किसी स्पष्ट चोट के निशान न होने के कारण मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है, जिसके चलते पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मर्डर और सुसाइड दोनों ही बिंदुओं को केंद्र में रखकर साक्ष्य खंगाल रही है।
बाजार क्षेत्र में फैला तनाव और पुलिस की संयम बरतने की अपील
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के असली कारणों का अधिकारिक खुलासा हो पाएगा। इस दर्दनाक घटना के बाद से ही पूरे बिशनपुर बाजार इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त कर रहे हैं, वहीं मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आम जनता से किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर यकीन न करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
बड़े भाई पर हमले से सदमे में पंकज त्रिपाठी का परिवार, गंभीर हालत में पटना रेफर
22 Jun, 2026 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी के पैतृक गांव से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलसंड गांव में अभिनेता के बड़े भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर कुछ बदमाशों ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में वे बुरी तरह लहूलुहान हो गए। वारदात के तुरंत बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में गोपालगंज सदर अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। वर्तमान में उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं।
पुरानी दुश्मनी और आपसी रंजिश के चलते हमले की आशंका
स्थानीय सूत्रों और प्राथमिक इनपुट के अनुसार, इस खूनी वारदात के पीछे किसी पुरानी रंजिश या आपसी दुश्मनी के होने का अंदेशा जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव के ही कुछ लोगों के साथ उनका काफी समय से कोई विवाद चल रहा था, जिसके नतीजे में इस भयावह घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, जांच एजेंसियां जमीनी स्तर पर सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही हैं ताकि हमले की असली वजह और इसके पीछे के किरदारों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।
मुख्य आरोपी की पहचान और पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
वारदात की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य हमलावर की पहचान स्थापित कर ली है और उसकी धरपकड़ के लिए इलाके में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेलसंड गांव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
परिजनों के बयान दर्ज और पूरे इलाके में पसरा सन्नाटा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस हिंसक घटना की वास्तविक वजह साफ हो पाएगी। दूसरी ओर, इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से पूरे गोपालगंज जिले और अभिनेता के पैतृक गांव में गहरी चिंता और तनाव का माहौल है, जहां लोग पीड़ित के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
झारखंड में बारिश की एंट्री, मौसम विभाग ने 27 जून तक जारी किया येलो अलर्ट
22 Jun, 2026 07:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सूबे के ज्यादातर इलाकों में आगामी कुछ दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही झोंकेेदार हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे लेकर 27 जून तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। दरअसल, वर्तमान में पंजाब से लेकर बिहार तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जबकि झारखंड से होकर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य ट्रफ भी गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों के असर से राज्य के वायुमंडल में लगातार नमी आ रही है, जिससे 23 जून के आस-पास मॉनसून के झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की उम्मीद है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही का अनुमान
मौसम केंद्र के मुताबिक, 25 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ फुहारें गिरने का सिलसिला जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण 22 और 23 जून के दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के दिनों में पारे में दोबारा दो से तीन डिग्री की आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है।
गुमला के चैनपुर में दर्ज की गई सबसे भीषण वर्षा
बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई अंचलों में हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश गुमला जिले के चैनपुर इलाके में हुई, जहां 40.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा प्रांतीय राजधानी रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम के ग्रामीण क्षेत्रों में 23.5 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है।
तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 22 जून को विशेष रूप से दक्षिणी भाग यानी कोल्हान प्रमंडल और उससे सटे मध्य जिलों (रांची व आस-पास के क्षेत्र) में तेज हवाओं के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर चेतावनी दी है। इसके बाद, 23 से 27 जून के दौरान पूरे राज्य में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा बिजली कड़कने की आशंका है, जिसको देखते हुए नागरिकों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
भोजपुर एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, बढ़ते जनाक्रोश के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला
21 Jun, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच बिहार सरकार ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच पटना उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की सच्चाई सामने आ सके। इस एनकाउंटर को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि विपक्ष से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि मामला कई गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि केवल चार पुलिसकर्मियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी उतनी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जितनी किसी अपराधी के खिलाफ की जाती है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था और वह निहत्था था, तो फिर उस पर गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गूंज अब बिहार से निकलकर झारखंड तक पहुंच गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार को घेरते हुए पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की और मृतक भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से कर दी। बहरहाल न्यायिक जांच की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस जांच से एनकाउंटर से जुड़े विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों पर से पर्दा उठ सकता है।
बिहार में दूध उत्पादन ने बनाई नई ऊंचाई, एक साल में 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी
21 Jun, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य में इस वर्ष दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार बिहार में अब प्रतिदिन करीब 26 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा लगभग 22 लाख लीटर प्रतिदिन था। इस तरह एक साल के भीतर दूध उत्पादन में करीब 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे हरे चारे की बेहतर उपलब्धता, अनुकूल मौसम और दुधारु पशुओं में बड़ी संक्रामक बीमारियों का नहीं फैलना प्रमुख कारण हैं। सामान्य तौर पर गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में गिरावट देखी जाती है, लेकिन इस बार समय-समय पर हुई बारिश और अपेक्षाकृत बेहतर मौसम ने पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव डाला। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गायों और भैंसों में कोई बड़ी संक्रामक बीमारी नहीं फैली, जिससे पशुपालकों को नुकसान नहीं हुआ और दूध उत्पादन लगातार बना रहा। बेहतर पशु स्वास्थ्य के कारण डेयरी क्षेत्र को भी मजबूती मिली है। हालांकि, राज्य में पशुधन की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है। 20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार बिहार में लगभग 1 करोड़ 53 लाख गाय और 77 लाख भैंस थीं। वहीं, मार्च 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक गायों की संख्या घटकर करीब 1 करोड़ 48 लाख रह गई है। भैंसों की संख्या में भी कमी देखी गई है। इसके अलावा राज्य में पोल्ट्री पक्षियों की संख्या 2.25 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, हालांकि वर्ष 2025 की पशुधन गणना की अंतिम रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। विभाग का मानना है कि पशुपालकों द्वारा अपनाए जा रहे बेहतर पशु प्रबंधन, संतुलित आहार और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता ने दूध उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे न केवल डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के लाखों पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पशुपालन और डेयरी विकास की योजनाओं को इसी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाता रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
एक लाख रुपये के विवाद में समधन की गोली मारकर हत्या, आरोपी समधी परिवार समेत फरार
21 Jun, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के खरफर गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। महज एक लाख रुपये के विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी समधन की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी समधी अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मृतका की पहचान 45 वर्षीय रानी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति संजय पासवान और पुत्र सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि आरोपी वीरू पासवान अपने दो साथियों के साथ उनके घर पहुंचा था। बकाया रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने हथियार निकालकर गोली चला दी। परिजनों का कहना है कि गोली संजय पासवान को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन वह रानी देवी को लग गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- भैंस खरीदने के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले भैंस खरीदने को लेकर ढाई लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। इसमें से डेढ़ लाख रुपये वापस किए जा चुके थे, जबकि लगभग एक लाख रुपये बकाया था। इसी रकम को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बकाया राशि लौटाने के लिए 30 जून तक का समय तय किया गया था, लेकिन आरोपी लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था। इतना ही नहीं, हत्या से करीब 15 दिन पहले भी आरोपी पक्ष द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
- पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
मृतका के बेटे सोनू कुमार ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले आरोपी के बड़े भाई ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की थी और गोली मारने की धमकी भी दी थी। हालांकि परिवार ने उस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार रात वही धमकी हकीकत में बदल गई।गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थ ल पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि रानी देवी घर के अंदर खून से लथपथ पड़ी थीं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
- एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पचरुखिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं, एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की और नमूने एकत्र किए। सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि आरोपी वीरू पासवान और उसके साथियों की तलाश जारी है तथा उन्हें जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिहार में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
21 Jun, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद। बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजिला हथियार तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तस्कर कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने का काम करते थे। उनकी गिरफ्तारी से हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपहारा थाना क्षेत्र के झाड़ी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली तथा इश्तेखार आलम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर समेत कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर 19 जून को गोह थाना पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार के समीप घेराबंदी कर तीन बाइक पर सवार चार संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन लोडेड पिस्टल, दो देशी कार्बाइन, दो कट्टा, एक खराब कट्टा, 159 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, तीन बाइक, चार मोबाइल फोन और दो खोखा बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की गई, जहां से अतिरिक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से हथियारों की खरीद-बिक्री में सक्रिय था और कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला हुआ था। एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई जारी है। सभी आरोपियों को गोह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खेप कहां से लाई जा रही थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
उत्पाद विभाग की छापेमारी, अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा; दो लोग गिरफ्तार
20 Jun, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त और उत्पाद अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले के भीतर अवैध मदिरा के निर्माण और उसकी तस्करी के खिलाफ एक व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने गोईलकेरा तथा सोनुआ थाना क्षेत्रों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त दलबल ने गोईलकेरा के हाट बाजार और क्रिश्चियन टोली जैसे संवेदनशील इलाकों में दबिश देकर अवैध रूप से महुआ शराब बेचते हुए एक धंधेबाज को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि बाजार के पीछे सुनसान इलाके में शराब बनाने के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में जावा-महुआ मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
सोनुआ के बालजोरी में दबिश और भारी मात्रा में जावा-महुआ नष्ट
कार्रवाई के दूसरे चरण में संयुक्त टीम ने सोनुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालजोरी गांव में अवैध शराब की बिक्री की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी की। पुलिस ने यहां से भी अवैध धंधे में संलिप्त एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। दोनों ही थाना क्षेत्रों में की गई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कुल 25 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई, जबकि शराब बनाने के काम आने वाला करीब 300 किलो जावा-महुआ मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी मदिरा दुकान का औचक निरीक्षण और तय दामों पर बिक्री के निर्देश
अवैध अड्डों को ध्वस्त करने के बाद प्रशासनिक टीम ने उपायुक्त के आदेशानुसार लाइसेंसी शराब दुकानों की जांच का अभियान चलाया, जिसके तहत सोनुआ नंबर-2 स्थित कंपोजिट सरकारी शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकान के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और बारकोड की सघन जांच की। दुकान संचालकों को कड़े शब्दों में हिदायत दी गई कि वे आबकारी नियमों का अक्षरशः पालन करें और किसी भी सूरत में ग्राहकों से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से एक भी रुपया अतिरिक्त न वसूलें।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी और आम जनता से सहयोग की अपील
उत्पाद विभाग ने इस सफल कार्रवाई के बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए ऐसे औचक छापे आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस काले कारोबार को संरक्षण देने वाले या इसमें शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाले शराब के अवैध निर्माण, भंडारण या उसकी बिक्री से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समाज को इस लत से सुरक्षित रखा जा सके।
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