बिहार-झारखण्ड
सुरक्षा पर सवाल! SSP कार्यालय से चंद कदम दूर चली गोली, खोखा मिला
20 Jun, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर। औद्योगिक नगरी में बेखौफ अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और कानून व्यवस्था का डर जैसे पूरी तरह काफूर हो चुका है। इसका सबसे ताजा और सनसनीखेज उदाहरण शुक्रवार की रात उस समय देखने को मिला, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित व्यस्त जुबिली रोड गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। एक दुस्साहसी युवक, जिसने पीली टी-शर्ट और काली टोपी पहन रखी थी, ने अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इस व्यावसायिक क्षेत्र में सरेआम फायरिंग कर पुलिस की चौकसी को खुली चुनौती दे डाली।
भीड़ के बीच अचानक हवाई फायरिंग से मची भगदड़
यह वारदात शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे की बताई जा रही है। जुबिली रोड पर स्थित 'अभिषेक जुबिली' नामक प्रतिष्ठान के समीप अचानक हुई इस गोलाबारी से पूरा इलाका दहल उठा। जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, उस समय दुकान के इर्द-गिर्द करीब 40 से 50 लोगों की मौजूदगी थी, जो रोजमर्रा की तरह वहां चाय-नाश्ते और आपसी गुफ्तगू में मग्न थे। इसी दौरान एक युवक सामान्य रूप से पैदल चलता हुआ दुकान के पास पहुंचा और कमर से कट्टा निकालकर हवा में गोली दाग दी। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद नागरिकों में अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
दहशत में सिमटा बाजार और सीसीटीवी में कैद हुआ हमलावर
फायरिंग की आवाज से इलाके के व्यापारियों और राहगीरों में इस कदर खौफ फैल गया कि आसपास के चाय दुकानदारों और अन्य ठेला संचालकों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। इधर वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिना किसी हड़बड़ाहट के बेहद इत्मीनान से पैदल चलते हुए सड़क के पार गया। उसने पहले से ही सड़क के दूसरी ओर एक सुरक्षित दूरी पर अपनी गाड़ी खड़ी कर रखी थी, ताकि भागने में आसानी हो। वह उसी वाहन में सवार होकर रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटना स्थल से एक खाली खोखा बरामद कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें आरोपी का सुराग मिला है।
एसएसपी दफ्तर के पास वारदात से सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल
जिला पुलिस मुख्यालय यानी एसएसपी कार्यालय और साकची थाने के इतने करीब हुए इस दुस्साहसिक कृत्य ने शहर की रात्रि गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि जब अपराधी पुलिस के सबसे बड़े दफ्तर के नाक के नीचे ऐसी वारदात करने से नहीं हिचक रहे हैं, तो आम गलियों और मोहल्लों की सुरक्षा का भगवान ही मालिक है। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साकची थाना पुलिस को फुटेज के आधार पर शूटर की पहचान कर उसकी अविलंब गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
भीषण सड़क हादसे में दो भाई-बहनों की मौत, एक की हालत गंभीर
20 Jun, 2026 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा-गुमला मुख्य मार्ग पर स्थित मिशन चौक के समीप शुक्रवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस भीषण हादसे में स्कूटी पर सवार होकर जा रही दो सगी बहनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद सगा भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही घायल भाई ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया।
शादी समारोह की खुशियां मातम में बदलीं
प्राप्त विवरण के अनुसार, लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली के रहने वाले स्वर्गीय मुकेश साहू के तीन बच्चे- रोहित कुमार साहू अपनी दोनों बहनों सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी के साथ स्कूटी पर सवार होकर सेन्हा रोड स्थित तेली धर्मशाला में आयोजित एक विवाह उत्सव में सम्मिलित होने के लिए निकले थे। जैसे ही उनकी स्कूटी मिशन चौक के पास पहुंची, तभी सेन्हा की दिशा से बेहद लापरवाही और तेज गति से आ रहे एक बॉक्साइट लदे भारी ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय निवासियों द्वारा रेस्क्यू और अस्पताल में दम तोड़ना
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों भाई-बहन वाहन सहित ट्रक के नीचे फंस गए, जबकि दुर्घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके पर ही ट्रक छोड़कर फरार हो गया। घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने दोनों बहनों सपना और सृष्टि को मृत घोषित कर दिया, वहीं तड़प रहे रोहित को गंभीर हालत में रिम्स (रांची) रेफर किया गया, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही उसकी भी सांसें थम गईं।
पुलिसिया कार्रवाई और समूचे क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
आकस्मिक हादसे की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और दुर्घटनाकारित ट्रक को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही घर के तीन चिरागों के इस तरह असमय बुझ जाने से बरवाटोली मोहल्ले सहित पूरे लोहरदगा शहर में गहरा शोक व्याप्त है। शादी वाले घर में जहां कुछ समय पहले तक शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां इस मनहूस खबर के पहुंचते ही कोहराम मच गया और पुलिस आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बारिश बनी चुनौती, गांव वालों ने कंधों पर उठाकर नदी पार कराई और पहुंचाया दूल्हा
20 Jun, 2026 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस सीमावर्ती जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत दल्लेगांव से एक ऐसी विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने बुनियादी विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो और तस्वीरों में एक दूल्हा अपनी बारात के साथ उफनती हुई मेची नदी को पार करने के लिए ग्रामीणों के कंधों पर सवार दिखाई दे रहा है। सुदूर इलाके के इस गांव में नदी पर पुल की सुविधा न होने के कारण पूरी बारात को इसी प्रकार जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ी।
कंधों का सहारा लेकर पार हुआ उफनता दरिया
प्राप्त विवरण के अनुसार, दल्लेगांव में एक विवाह समारोह संपन्न होना था, जिसमें शामिल होने आ रही बारात के रास्ते में मेची नदी मुख्य बाधा बनी हुई थी। मानसूनी बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और वहां चल रहा पुल का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध था। नदी पार करने का कोई अन्य सुरक्षित जरिया या नाव उपलब्ध न होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और दूल्हे को अपने कंधों पर बिठाकर अत्यंत सावधानी से नदी के दूसरे किनारे तक पहुंचाया। इस अनोखी और लाचारी से भरी विदाई का वीडियो वहां उपस्थित किसी ग्रामीण ने अपने कैमरे में सहेज लिया, जो अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
वर्षों से अधर में लटका है सेतु का निर्माण
क्षेत्रीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए बताया कि दल्लेगांव और उसके समीपवर्ती दर्जनों गांवों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने के उद्देश्य से मेची नदी पर पुल का निर्माण कार्य वर्षों पूर्व स्वीकृत और शुरू किया गया था, परंतु प्रशासनिक ढुलमुल नीति के कारण यह आज तक मुकम्मल नहीं हो पाया। शुष्क मौसम में तो ग्रामीण नदी की उथली धारा को जैसे-तैसे लांघ लेते हैं, किंतु वर्षा ऋतु आते ही पूरा क्षेत्र टापू में तब्दील हो जाता है। पुल न होने का खामियाजा प्रतिदिन स्कूल जाने वाले नौनिहालों, गंभीर मरीजों, अपनी उपज मंडी तक ले जाने वाले किसानों और आम राहगीरों को भुगतना पड़ता है। कई बार चिकित्सा आपातकाल के समय लोग जान हथेली पर रखकर उफनते पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होते हैं।
वायरल दृश्यों ने खड़े किए व्यवस्था पर गंभीर सवाल
दूल्हे को कंधों पर बिठाकर नदी पार कराने के इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ लोग विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों द्वारा की गई इस आपसी सहायता और अनूठे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजन्स और स्थानीय जनता अधूरे पड़े बुनियादी ढांचे को लेकर शासन-प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस महत्वपूर्ण सेतु का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक हजारों की आबादी को प्रतिवर्ष इसी प्रकार की जानलेवा दिक्कतों से दो-चार होना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मॉनसून की गंभीरता को देखते हुए इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।
अंतरिम संरक्षण बढ़ने से फैजल खान को राहत, विरोधी पक्ष के गंभीर आरोपों से बढ़ी हलचल
20 Jun, 2026 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में विख्यात शिक्षक फैजल खान (खान सर) को न्यायपालिका से एक बड़ी राहत मिली है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में संपन्न हुई एक महत्वपूर्ण वैधानिक कार्यवाही के दौरान अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर विचार करते हुए उनके अंतरिम राहत के दायरे को आगामी सुनवाई तक के लिए विस्तारित कर दिया है। न्यायालय के इस न्यायिक आदेश के बाद अगली निर्धारित तिथि तक खान सर की संभावित गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश प्रभावी रहेगा।
केस डायरी का अवलोकन और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
शनिवार की अदालती कार्यवाही के दौरान जांच एजेंसी की ओर से मामले की अद्यतन केस डायरी (जांच प्रतिवेदन) न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की गई। केस डायरी के कानूनी तथ्यों का बारीकी से अध्ययन करने के पश्चात अदालत ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुना। न्यायालय ने वर्तमान परिस्थितियों में कोई भी अंतिम निर्णय पारित करने के बजाय मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने फैजल खान और उनके सहयोगियों को दंडात्मक संरक्षण (नो कोर्सिव एक्शन) प्रदान करते हुए पुलिस प्रशासन को किसी भी तरह की दमनकारी या कठोर कार्रवाई न करने की हिदायत दी है।
सुरक्षाकर्मियों की अर्जी पर तीखी कानूनी बहस
इस बहुचर्चित प्रकरण में विधिक प्रक्रिया उस समय और अधिक पेचीदा हो गई, जब मुख्य आरोपी के साथ-साथ उनके दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिकाएं भी विचारार्थ पटल पर रखी गईं। अदालत कक्ष में एक ओर जहां मुख्य आरोपी फैजल खान को अंतरिम सुरक्षा मिल गई, वहीं दूसरी ओर उनके अंगरक्षकों की विधिक रिहाई के प्रश्न पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के मध्य तीखे वैधानिक तर्क-वितर्क और कानूनी दांव-पेंच देखने को मिले।
विपक्षी खेमे के संगीन दावे और एफआईआर की मांग
इससे पूर्व, विरोधी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता निरंजन कुमार ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने पीठ के समक्ष यह दलील दी कि इस कथित आपराधिक साजिश और कोचिंग विवाद की पूरी रूपरेखा 'खान ग्लोबल स्टडीज' संस्थान के भीतर ही तैयार की गई थी। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि पीड़ित रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में लिखित शिकायत दिए जाने के उपरांत भी अब तक पुलिस द्वारा औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि इसके पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। विपक्षी वकील ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पीड़ित पर कारागार के भीतर भी जानलेवा हमले का प्रयास किया गया और उनके भाई प्रिंस के साथ भी अमानवीय कृत्य हुआ है, जिसके कारण इस पूरे नेक्सस की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य है।
22 जून तक सताएगी लू, पटना समेत कई जिलों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
20 Jun, 2026 07:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के निवासियों को फिलहाल झुलसाने वाली गर्मी और उमस से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जून से 22 जून तक प्रदेश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में भीषण लू (हीट वेव) के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म (वॉर्म नाइट) रहने की प्रबल आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क व गर्म हवाओं के थपेड़े दिन के समय बेचैनी बढ़ाएंगे, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी ऊंचा रहने से लोग उमस भरी गर्मी से त्रस्त रहेंगे।
अलग-अलग अंचलों में लू का प्रकोप और वज्रपात की चेतावनी
मौसम संबंधी बुलेटिन के मुताबिक, 20 जून को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जनपदों में लू का असर बना रहेगा, जबकि उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं, 21 जून को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में उष्ण लहर का प्रकोप रहने की संभावना है, तो दूसरी तरफ उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में बादलों की गर्जना, आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है। आगामी 22 जून को भी दक्षिण-पश्चिम बिहार में लू की स्थिति बनी रहेगी, जबकि अररिया, किशनगंज और पूरे सीमांचल क्षेत्र में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश हो सकती है। कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
भीषण गर्मी से सेहत को खतरा और खान-पान में सावधानी की सलाह
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि इस जानलेवा गर्मी के कारण आम जनमानस में हीट स्ट्रोक (लू लगना), शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और अत्यधिक शारीरिक थकावट जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इस मौसमी थपेड़े का सबसे घातक असर नवजात बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने वाले श्रमिकों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को हिदायत दी है कि वे दोपहर के वक्त सीधे धूप में निकलने या भारी शारीरिक श्रम वाले कार्यों को करने से पूरी तरह बचें। इसके साथ ही, शरीर को डिहाइड्रेट करने वाले पेय पदार्थों जैसे चाय, कॉफी, अत्यधिक मीठे कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा प्रोटीन वाले अथवा बासी भोजन के सेवन से परहेज करने को कहा गया है।
हीट स्ट्रोक के आपातकालीन लक्षण और तत्काल चिकित्सीय उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम केंद्र ने आपातकालीन गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति में अत्यधिक तेज बुखार, अचानक चक्कर आना, शरीर में बेतहाशा कमजोरी, उल्टी आना, सिर में तेज दर्द होना, मानसिक भ्रम की स्थिति पैदा होना या बेहोशी छाने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत बिना समय गंवाए धूप से हटाकर किसी हवादार, छायादार और ठंडे स्थान पर ले जाएं। पीड़ित को प्राथमिक उपचार के तौर पर गीले कपड़े से बदन पोंछने और ओआरएस का घोल देने के बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के पास ले जाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
सावधान! गढ़वा में हर मौसम में सर्पदंश का खतरा, पांच महीने में 59 मामले
19 Jun, 2026 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा। जिले में लगातार बदल रहे पर्यावरण और मौसम के मिजाज ने आम जनता के सामने एक बेहद गंभीर और नई स्वास्थ्य चुनौती ला खड़ी की है। पहले जहां सांपों के डसने का खतरा केवल मानसून या बाढ़ के दिनों तक ही सीमित माना जाता था, वहीं अब यह समस्या पूरे बारह महीने बनी हुई है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, चालू वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों (जनवरी से मई) के दौरान ही जिले में सर्पदंश के कुल 59 आधिकारिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आमतौर पर शांत रहने वाले शीतकाल और वसंत ऋतु में भी सांपों के बिलों से बाहर आने और इंसानों पर हमला करने की इन घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
असमय बदलते तापमान और इंसानी दखल से बदला सांपों का व्यवहार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और महामारी विज्ञानियों के अनुसार, पहले सांप काटने की घटनाएं मुख्य रूप से जुलाई से सितंबर के बीच भारी बारिश के समय होती थीं, जब बिलों में पानी भरने से जीव बाहर आते थे। मगर अब जनवरी की तीव्र ठंड और फरवरी-मार्च के महीनों में भी सांपों का खौफ देखा जा रहा है। इसके पीछे तीन बड़े कारण सामने आए हैं; पहला, वैश्विक तापमान में असंतुलन के कारण सर्दियों में भी गर्मी का अहसास होना, जिससे सांपों की शीतकालीन निद्रा बाधित हो रही है। दूसरा, जंगलों की अंधाधुंध कटाई से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं और वे भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर भाग रहे हैं। तीसरा, घरों के आसपास जमा कचरा और अनाजों के सही रखरखाव न होने से चूहों की तादाद बढ़ गई है, जो सांपों का पसंदीदा शिकार हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में 5, फरवरी में 16, मार्च में 20, अप्रैल में 9 और मई में 9 मामले अस्पतालों में दर्ज किए गए हैं।
जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण ओझा-गुनी के चक्कर में फंस रहे ग्रामीण
इस गंभीर समस्या का दूसरा चिंताजनक पहलू यह है कि सामने आए 59 मामले केवल वे हैं जो पीड़ित समय रहते सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच गए। जिले के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में जमीनी हकीकत इससे कहीं अधिक भयावह हो सकती है। आज भी शिक्षा के अभाव और गहरे अंधविश्वास के चलते लोग सांप के काटने पर अस्पताल भागने के बजाय स्थानीय ओझा-गुनी, तांत्रिकों और झाड़-फूंक करने वालों की शरण में चले जाते हैं। इस अंधविश्वास के चक्कर में बहुमूल्य समय नष्ट हो जाता है और जब तक गंभीर हालत में मरीज को सदर अस्पताल लाया जाता है, तब तक विष पूरे शरीर में फैल चुका होता है, जिससे इलाज करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त एंटी-वेनम और जीवन रक्षा के जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) गौरव कुमार ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि जिले का चिकित्सा तंत्र इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। गढ़वा सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में सांप के जहर को बेअसर करने वाली दवा 'एंटी-स्नेक वेनम' प्रचुर मात्रा में मुफ्त उपलब्ध है। विभाग ने गाइडलाइन जारी कर बताया है कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत और स्थिर रखें, प्रभावित अंग से अंगूठी या तंग कपड़े हटा दें और तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल लाएं। वहीं, घाव पर चीरा लगाने, मुंह से जहर चूसने या किसी भी तरह की घरेलू जड़ी-बूटी देने से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी गई है।
पुलिसिंग में सुधार की पहल, एसपी निधि द्विवेदी ने थानों की कार्यप्रणाली पर दिया जोर
19 Jun, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एसपी निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और हाल के दिनों में बढ़ी सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिला पुलिस प्रमुख ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे आपसी तालमेल और टीम वर्क के साथ काम करें तथा आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर पुलिसिंग को और अधिक मजबूत व विश्वसनीय बनाएं।
बढ़ते सड़क हादसों पर जताई चिंता और मुहर्रम को लेकर सतर्कता के निर्देश
बैठक के दौरान एसपी निधि द्विवेदी ने जिले के विभिन्न मार्गों पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं और आम जनमानस को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। इसके साथ ही, आगामी मुहर्रम त्योहार के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया गया।
लंबित मामलों का त्वरित निपटारा और महिला सुरक्षा पर विशेष बल
पुलिस अधीक्षक ने आपराधिक मामलों की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया और लंबे समय से वांछित चल रहे अपराधियों तथा वारंटियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने जांच अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की हिदायत दी। इसके अलावा, महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों और पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े संवेदनशील मामलों की त्वरित व प्रभावी ढंग से जांच कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिला पुलिस बल के इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक में जिले के कई आला अधिकारी और थाना प्रभारी रणनीतिक चर्चा के लिए उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों में मुख्य रूप से एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज और एसडीपीओ चांडिल शामिल थे। इनके अतिरिक्त सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार, खरसावां प्रभारी राहुल सिंह, आदित्यपुर प्रभारी अंजनी कुमार, गम्हरिया प्रभारी संजय प्रसाद और चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी सहित जिले के तमाम पुलिस अंचलों के निरीक्षक मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड में मुस्तैदी से काम करने के आवश्यक निर्देश दिए गए।
छात्रों के लिए खुशखबरी! एएन कॉलेज से शुरू होगी रात 8 बजे तक क्लास की व्यवस्था
19 Jun, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के सरकारी कॉलेजों में अब शैक्षणिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाते हुए पढ़ाई का समय रात 8 बजे तक करने का फैसला किया गया है। राज्य सरकार इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, बिजली, अत्याधुनिक पुस्तकालय और अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराएगी। इस अभिनव पहल की शुरुआत राजधानी के प्रतिष्ठित एएन कॉलेज से होने जा रही है, जिसकी प्रक्रिया आगामी जुलाई महीने से शुरू कर दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस योजना के लिए चयनित प्रमुख कॉलेजों की सूची तैयार कर बिहार लोक भवन भेज दी है, ताकि मौजूदा संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिक अवसर दिए जा सकें।
स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को एएन कॉलेज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान की। यह आयोजन महान स्वतंत्रता सेनानी अनुग्रह नारायण सिंह की 149वीं जयंती और कॉलेज के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में समय बढ़ाने से छात्र-छात्राओं को एक उन्नत और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिलेगा। देर शाम तक कक्षाएं और लाइब्रेरी खुली रहने से विद्यार्थी शोध तथा अपनी पढ़ाई को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे, जिससे सूबे की उच्च शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी।
एक वर्ष में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का विक्रमशिला विश्वविद्यालय
समारोह के मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य की उच्च शिक्षा के कायाकल्प के लिए कई अन्य ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कड़ा संकल्प जताते हुए कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना कर दी जाएगी, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। यह नया विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्कूली शिक्षा में सुधार का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार में आधुनिक मॉडल स्कूलों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिनमें इसी जुलाई सत्र से सुव्यवस्थित पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
पटना और मुजफ्फरपुर के इन प्रमुख कॉलेजों में चलेंगी शाम की कक्षाएं
नई नीति के तहत शुरुआती चरण में जिन शीर्ष कॉलेजों को 'इवनिंग कॉलेज' के रूप में संचालित करने के लिए चुना गया है, उनकी सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में मुख्य रूप से पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस और जेडी वीमेंस कॉलेज शामिल हैं। इनके अलावा उत्तर बिहार के प्रमुख संस्थान जैसे एमएस कॉलेज, एलएस कॉलेज, टीएनबी कॉलेज और सीएम साइंस कॉलेज में भी शाम के समय नियमित रूप से क्लास लगाने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है, जिससे उच्च शिक्षा में सीटों की किल्लत से भी राहत मिलेगी।
नाच कार्यक्रम बना मौत का मंच, पेट में गोली लगने से लौंडा डांसर की मौत
19 Jun, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के कटेया थाना क्षेत्र के पटोहवा गांव में एक विवाह समारोह के दौरान अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एक पुरुष नर्तक (लौंडा डांसर) की पेट में गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात उस समय हुई जब डांसर ने कुछ मनचलों द्वारा जबरन सुनसान इलाके में ले जाने के प्रयास का कड़ा विरोध किया। गंभीर रूप से जख्मी कलाकार को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद शादी के जश्न का माहौल चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया, वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से भागने में सफल रहे।
मनोरंजन कार्यक्रम के दौरान मनचलों ने की बदसलूकी
जानकारी के मुताबिक, पटोहवा गांव के निवासी महेंद्र कुशवाहा की सुपुत्री के विवाह का कार्यक्रम था, जिसमें उत्तर प्रदेश से बारात आई हुई थी। बारातियों और स्थानीय मेहमानों के मनोरंजन के लिए रामायण यादव की 'नाच ड्रामा पार्टी' को बुक किया गया था। इस मंडली में यूपी के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र का रहने वाला 32 वर्षीय सोनू गोंड बतौर मुख्य डांसर अपनी प्रस्तुति दे रहा था। ड्रामा पार्टी के संचालक के अनुसार, सोनू स्टेज पर अपना परफॉरमेंस खत्म करने के बाद पास में ही बने टेंट (राउटी) में विश्राम करने गया था, तभी वहां मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों की नजर उस पर पड़ी और वे उसे जबरन खींचकर अंधेरे की तरफ ले जाने लगे।
अपराधियों के चंगुल से छूटने की कोशिश पर चलाई गोली
जब सोनू ने बदमाशों की इस घिनौनी और जबरदस्ती वाली हरकत का विरोध किया तथा खुद को उनके चंगुल से आजाद कराने के लिए संघर्ष किया, तो बौखलाए अपराधियों ने हथियार निकाल लिया। बदमाशों ने बिना किसी खौफ के सीधे सोनू के पेट को निशाना बनाकर गोली दाग दी। गोली चलते ही शादी के पंडाल में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मृतक सोनू पिछले सात वर्षों से विभिन्न नाच मंडलियों में काम करके अपने घर का गुजारा चला रहा था। माता-पिता के देहांत के बाद वही अपने घर का इकलौता सहारा था, जिसकी मौत के बाद उसके तीन मासूम बच्चों और एक छोटे भाई के सिर से साया उठ गया है।
चश्मदीदों के बयान पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
सरेआम हुई इस जघन्य हत्या की खबर मिलते ही कटेया थाना पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस वारदात के बाद से स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों में कानून व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पुख्ता पहचान सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद चश्मदीदों और परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फरार हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
घोटाले की जांच में बड़ा एक्शन, दो IAS और रिशुश्री की कंपनी निदेशक के घर पहुंची टीम
19 Jun, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। सरकारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल को लेकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासनिक हलकों में रसूख रखने वाले मुख्य आरोपी रिशुश्री से पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं। जांच के दौरान आरोपी द्वारा जिन आला अधिकारियों को अपने करीबियों की तरह संबोधित किया गया था, अब वे सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ चुके हैं। इसी कड़ी में सरकार द्वारा पूर्व में निलंबित किए जा चुके आईएएस अधिकारी योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने छापेमारी कर सघन जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, इस घोटाले से जुड़ी कंपनी 'मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर पवन कुमार के घर पर भी दबिश दी गई है।
आईएएस अभिलाषा शर्मा के आवास पर छानबीन और विदेश यात्रा का सच
विशेष सतर्कता इकाई की टीम ने बेली रोड स्थित आईएएस अभिलाषा शर्मा के सरकारी बंगले पर छापा मारा है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से अधिकारी के विदेश दौरों और पर्यटन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है, क्योंकि पूर्व में उनके विदेश जाने की खबरें चर्चा में थीं। हालांकि, अब तक एसवीयू को उनके आधिकारिक रूप से विदेश जाने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, जिसके चलते उनके पासपोर्ट की भी गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा इस बात का पता लगाया जा रहा है कि उनकी इन यात्राओं का पूरा खर्च क्या रिशुश्री द्वारा स्पॉन्सर किया गया था और क्या रिशुश्री की निजी डायरी में लिखे गए महंगे उपहार अभिलाषा शर्मा को ही दिए गए थे।
आईएएस योगेश सागर के ठिकाने पर दो दर्जन सवालों के साथ दबिश
रिशुश्री के मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेजों से नाम सामने आने के बाद बिना किसी कारण बताओ नोटिस के सीधे सस्पेंड किए गए आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी स्थित आवास (मकान नंबर E-2/10) पर भी विजिलेंस ने अपनी जांच बिठा दी है। निलंबन के करीब 20 दिनों बाद हुई इस कार्रवाई में जांच एजेंसी लगभग दो दर्जन से अधिक तीखे सवालों की सूची के साथ पहुंची है। एसवीयू यह जानने का प्रयास कर रही है कि योगेश सागर के कार्यकाल के दौरान उनके विभागों में रिशुश्री का यह सिंडिकेट किस तरह काम कर रहा था और इसके बदले में किस प्रकार के वित्तीय लाभों का आदान-प्रदान किया गया।
मातृस्वा इंफ्रा के निदेशक के घर पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की खोज
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जिस कंपनी के कार्यालयों पर नजर रखी जानी चाहिए थी, वहां काफी देरी से कार्रवाई शुरू हुई। 28 मई को हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के काफी दिनों बाद अब जाकर एसवीयू की टीम बेउर की एसके विहार कॉलोनी में स्थित 'मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार के निवास स्थान पर पहुंची है। फिलहाल, इस ठिकाने से सरकारी टेंडरों से जुड़े अहम कागजात, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने के साथ-साथ निदेशक से पूछताछ का सिलसिला जारी है।
आसमान से बरसी राहत! नोवामुंडी में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना
19 Jun, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नोवामुंडी। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में अचानक घने और काले बादलों का डेरा जमा हो गया, जिसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस मूसलाधार वर्षा के साथ ही आसमान में लगातार कड़क रही आकाशीय बिजली और बादलों की तीव्र गड़गड़ाहट ने पूरे अंचल को झकझोर कर रख दिया। वज्रपात की चमक इतनी भीषण थी कि कुछ पलों के लिए पूरा दृश्य उजाले से भर जाता था, वहीं बादलों की गूंज इतनी भयानक थी कि स्थानीय लोग खौफजदा हो गए। इस अचानक आए प्राकृतिक बदलाव ने समूचे क्षेत्र में भय और अत्यधिक सावधानी का माहौल बना दिया है।
आकाशीय बिजली की तेज कड़क से सहमे स्कूली बच्चे
इस डरावने मौसमी बदलाव के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों को उठानी पड़ी। आसमान से आ रही कानों को बहरा कर देने वाली गर्जना और बिजली की चकाचौंध से कक्षाओं में मौजूद बच्चे बुरी तरह सहम गए। डर के मारे कई बच्चे अपनी सीटों पर ही सिमट कर बैठ गए, जिन्हें देखकर शिक्षकों को उन्हें ढांढस बंधाना पड़ा और हौसला देना पड़ा। दूसरी तरफ, घरों पर मौजूद अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरे मानसिक तनाव और चिंता में डूबे नजर आए।
मूसलाधार वर्षा से कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव
लगातार जारी भारी बारिश के कारण नोवामुंडी के कई निचले रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। सड़कों और गलियों के जलमग्न हो जाने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से सफर तय करना पड़ा। पानी के भारी जमाव के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जलमग्न हुए परिसर और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हालिया दिनों में तीव्र बारिश, वज्रपात और बादलों के गरजने का ऐसा खौफनाक मंजर एक साथ बहुत कम ही देखने को मिला है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से पीएचसी (PHC) परिसर, स्थानीय रेलवे फाटक के पास, कुम्हार टोली मार्ग, शिशु मंदिर स्कूल रोड और काली मंदिर परिसर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
राजनीति का चाणक्य या कारोबारी दिग्गज? निर्दलीय होकर भी बना प्रभावशाली खिलाड़ी
18 Jun, 2026 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉरपोरेट मामलों के निदेशक परिमल नाथवानी के बहुआयामी व्यक्तित्व के कई विशिष्ट पहलू हैं। अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त नाथवानी ने करीब 9 वर्षों तक गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली और अहमदाबाद में निर्मित विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम के आधुनिक स्वरूप की रूपरेखा तैयार करने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा जय शाह के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वर्ष 2019 में वे गुजरात फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी निर्वाचित हुए। कॉरपोरेट जगत में शीर्ष पायदान पर पहुंचने के बाद जब उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने का मन बनाया, तो उन्होंने सीधे झारखंड का रुख किया। मार्च 2008 में झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव में वे बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे थे।
2008 का ऐतिहासिक राज्यसभा चुनाव और क्रॉस वोटिंग का समीकरण
वर्ष 2008 के इस बेहद दिलचस्प राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी ने "झारखंड को गुजरात में बदलना है" का एक प्रभावी नारा दिया था। अपने कुशल रणनीतिक और राजनीतिक प्रबंधन के बल पर उन्होंने तत्कालीन सत्तारूढ़ यूपीए (UPA) खेमे के समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उस चुनाव में उन्हें प्रथम वरीयता के 16 मत तथा द्वितीय वरीयता के 5 मतों सहित कुल 21 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। अलग-अलग राजनीतिक दलों के विधायकों द्वारा अपने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जाकर एक निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में किया गया यह मतदान राज्य की सियासत में क्रॉस वोटिंग का एक बड़ा उदाहरण बना, जिसने नाथवानी की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। दूसरी तरफ, भाजपा के जयप्रकाश नारायण सिंह को प्रथम वरीयता के 35 मत (भाजपा के 29 और जदयू के 5 मत) मिले थे और वे भी विजयी रहे थे, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित तीन विधायकों के मतदान से अनुपस्थित रहने के कारण जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा कम हो गया, जिसका सीधा लाभ नाथवानी को मिला।
दिग्गज कानूनी सलाहकार की शिकस्त और राजनीतिक दलों में बड़ी सेंधमारी
इस त्रिकोणीय और कड़े मुकाबले में देश के विख्यात अधिवक्ता आर के आनंद ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दांव खेला था, जिन्हें ऐन वक्त पर कांग्रेस के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 7 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ था। आर के आनंद को पहली वरीयता के 17 मत हासिल हुए थे जो कि नाथवानी को मिले 16 मतों से एक अधिक था, परंतु आनंद द्वितीय वरीयता का एक भी अतिरिक्त वोट प्राप्त करने में असफल रहे। इसके विपरीत नाथवानी ने दूसरी वरीयता के 5 मतों की बदौलत बाजी मार ली और आनंद 17 मतों पर ही सिमटकर चुनाव हार गए। इसी चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पास कुल 17 विधायक होने के बावजूद उनके अधिकृत प्रत्याशी किशोरी लाल को मात्र 8 वोट मिले और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा क्योंकि झामुमो के 9 विधायकों ने दलीय अनुशासन तोड़कर क्रॉस वोटिंग की थी।
सामाजिक सरोकार, आदिवासियों का कल्याण और तीसरी बार का चुनावी रण
संसदीय इतिहास में ऐसा बहुत कम देखा जाता है जब कोई निर्दलीय प्रत्याशी लगातार दूसरी बार भी उच्च सदन का चुनाव जीतने में सफल रहा हो, लेकिन परिमल नाथवानी ने वर्ष 2014 के चुनाव में पुनः निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था। इस सफलता के पीछे उनकी धरातलीय राजनीतिक सक्रियता और सामाजिक कार्यों को मुख्य वजह माना जाता है। सांसद बनने के बाद उन्होंने गुमला जिले के एक पूर्व नक्सली थिंबू उरांव को जेल से रिहाई के बाद आर्थिक सहायता प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में लौटने में मदद की, जिसने बाद में अपने गांव में एक विद्यालय स्थापित किया। इसके साथ ही उन्होंने रांची के करमटोली में आदिवासी छात्रों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण करवाया, जिसमें अंग्रेजी प्रशिक्षण के लिए विशेष शिक्षक और पुस्तकालय की व्यवस्था की गई, तथा खेल के प्रति अपने लगाव के चलते कावली नामक आदिवासी बाहुल्य गांव में एक फुटबॉल स्टेडियम भी बनवाया। अब यही परिमल नाथवानी एक बार फिर झारखंड से तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने के लिए चुनाव मैदान में डटे हैं।
राज्यसभा की दूसरी सीट पर किसका कब्जा? आज साफ होगी तस्वीर
18 Jun, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर निर्वाचन के लिए आज सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी। इस चुनावी मुकाबले को लेकर प्रांतीय राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राज्य के सत्तारूढ़ 'इंडिया' गठबंधन और विपक्षी एनडीए (NDA) दोनों ही खेमों ने अपनी-अपनी चुनावी व्यूहरचना को अंतिम रूप देने के लिए शहर के अलग-अलग होटलों में बैठकों का दौर चलाया। झारखंड की इन दो सीटों के लिए कुल तीन प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें 'इंडिया' गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैद्यनाथ राम और कांग्रेस ने प्रणव झा को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
विधायकों की एकजुटता और जीत के दावों का दौर
मतदान से पहले दोनों ही प्रमुख गठबंधनों द्वारा अपने-अपने विधायकों के पूरी तरह एकजुट होने के बड़े दावे किए जा रहे हैं। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि एनडीए के सभी घटक दल साथ हैं और विपक्षी खेमे के भी कई जनप्रतिनिधि देशहित में अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उनके पक्ष में मतदान करेंगे, जिसे रेखांकित करने के लिए सोशल मीडिया पर एनडीए विधायकों की एकजुटता दर्शाती तस्वीरें भी साझा की गईं। दूसरी तरफ, कांग्रेस और झामुमो के रणनीतिकारों ने दावा किया है कि 'इंडिया' गठबंधन के सभी 56 विधायक पूरी तरह लामबंद हैं और दोनों ही सीटों पर उनके उम्मीदवारों की फतह तय है। इसी कड़ी में कांग्रेस विधायकों को एक होटल में वोटिंग प्रक्रिया का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया, जहां वामपंथी और राजद नेताओं ने भी पहुंचकर एकजुटता का संदेश दिया।
संख्या बल का गणित और झामुमो की रणनीति
मौजूदा विधानसभा की दलीय स्थिति के अनुसार, झामुमो के पास अपनी एक सीट आसानी से निकालने के लिए पर्याप्त विधायक मौजूद हैं, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के बीच कांटे की टक्कर होने के आसार हैं। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रणनीतिक रुख स्पष्ट करते हुए बताया कि झामुमो ने सुरक्षा के लिहाज से अपने कोटे के 30 वोट सुरक्षित रखे हैं, जबकि जीत के लिए केवल 28 वोटों की दरकार है। झामुमो के पास मौजूद अतिरिक्त दो वोट कांग्रेस प्रत्याशी के खाते में स्थानांतरित किए जाएंगे। चूंकि कांग्रेस और सहयोगियों के पास पहले से 26 वोट हैं, इसलिए इन अतिरिक्त मतों के मिलने के बाद 'इंडिया' गठबंधन की दूसरी सीट पर भी राह आसान हो जाएगी और किसी भी तरह के असमंजस की स्थिति नहीं है।
समीकरण और चुनाव की पृष्ठभूमि
झारखंड की इस राज्यसभा परीक्षा में किसी भी उम्मीदवार को विजयी होने के लिए न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता वाले मतों की आवश्यकता होगी। वर्तमान सदन में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के पास 24 विधायकों का बल है, जबकि सत्ताधारी 'इंडिया' गठबंधन के पास कुल 56 सदस्यों का भारी बहुमत है, वहीं झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक सदन में मौजूद है। गौरतलब है कि राज्य में राज्यसभा की ये दोनों सीटें दो अलग-अलग कारणों से रिक्त हुई हैं, जिसमें पहली सीट झामुमो के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के देहावसान के बाद खाली हुई थी, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने की वजह से मतदान कराया जा रहा है।
पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा, बिहार में बनेंगे सैटेलाइट टाउनशिप
18 Jun, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, भूमि प्रबंधन और पर्यटन क्षेत्र के कायाकल्प से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिन्हें सरकार की एक दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
सैटेलाइट टाउनशिप में भूमि हस्तांतरण से पाबंदी समाप्त
राज्य सरकार ने एक बड़ा राहत भरा निर्णय लेते हुए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-बिक्री और उनके स्थानांतरण पर पूर्व में लागू किए गए प्रतिबंध को पूरी तरह हटा दिया है। इस फैसले से उन भू-स्वामियों को विशेष रूप से बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अपनी निजी या पारिवारिक जरूरतों के लिए तत्काल धन की आवश्यकता थी। नई व्यवस्था के तहत अब बिहार राज्य आवास बोर्ड को भी विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से सीधे तौर पर जमीन खरीदने का अधिकार दे दिया गया है। यह महत्वपूर्ण कदम 'बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026' के प्रावधानों के अंतर्गत उठाया गया है, जिससे विभिन्न सरकारी एजेंसियों को लोक कल्याणकारी और ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि का अर्जन करने में आसानी होगी, साथ ही निवेशक भी अब औद्योगिक व व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से जमीन क्रय या लीज पर ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री हेली-टूरिज्म और हवाई यात्रा योजना को हरी झंडी
बिहार में पर्यटन उद्योग को एक नए मुकाम पर ले जाने और प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच हवाई संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026' को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस अनूठी हवाई सेवा योजना का पहला चरण 15 जुलाई 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत राज्य के सुप्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थलों जैसे वाल्मीकिनगर, राजगीर और मां मुंडेश्वरी मंदिर को इस हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जहां सैलानी विमानों और हेलीकॉप्टरों के जरिए सुगम यात्रा कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, राजधानी के निवासियों और पर्यटकों के लिए पटना में वीकेंड (शनिवार-रविवार) 'जॉय राइड' की भी शुरुआत की जाएगी, जो लोगों को आसमान से शहर का दीदार कराने का एक नया रोमांचक अनुभव प्रदान करेगी।
11 नए ग्रीनफील्ड शहरों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी
शहरीकरण को बढ़ावा देने और महानगरों पर आबादी के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुल 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का खाका तैयार किया है। कैबिनेट की बैठक में जिन 11 टाउनशिप के गठन को मंजूरी दी गई है, उनमें पाटलिपुत्र, हरिहरनाथपुर, मगध, मिथिला, कोशी, पूर्णिया, अंग, सीतापुरम्, विक्रमशिला, तिरहुत और सारण शामिल हैं। इन नए आधुनिक शहरों के निर्माण से न केवल क्षेत्रीय असंतुलन दूर होगा, बल्कि रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचे के विकास और नए निवेश को एक अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस, बढ़ेंगे ट्रामा सेंटर; मंत्री करेंगे अचानक जांच
18 Jun, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के सरकारी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों के साथ होने वाली बदसलूकी और उपचार में कोताही की खबरों पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बीमार लोगों के अधिकारों और उनकी सहूलियत से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीनी हकीकत परखने के लिए वे स्वयं किसी भी समय अस्पतालों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज विजिट) करने निकल सकते हैं। उन्होंने डॉक्टरों और समस्त पैरामेडिकल स्टाफ को हिदायत दी है कि वे अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज की तकलीफ को संवेदनशीलता से सुनें और उनके साथ सम्मानजनक आचरण करें, क्योंकि लापरवाही की शिकायत मिलने पर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सड़क हादसों के लिए बढ़ेंगे ट्रामा सेंटर और एंबुलेंस
राज्य में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रामा सेंटरों के नेटवर्क को और व्यापक बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके तहत वर्तमान में नौ विभिन्न ट्रामा सेंटर परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना के शिकार लोगों को 'गोल्डन ऑवर' (मदद के शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए राज्य के सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की तैनाती अनिवार्य की जाएगी ताकि घायलों को अविलंब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा सके।
पीएमसीएच में चौबीस घंटे आपातकालीन सेवा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को प्रदेश जेडीयू मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई शिविर के दौरान आम जनता की समस्याएं सुनते हुए ये अहम घोषणाएं कीं। इस मौके पर उनके साथ आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा भी जन शिकायतों के निस्तारण के लिए मौजूद थे। जनसुनवाई में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में श्वसन तंत्र और सांस से संबंधित गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए अब दिन-रात यानी 24 घंटे इमरजेंसी वॉर्ड सुचारू रूप से कार्य करेगा।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का लक्ष्य
प्रशासनिक अमले को निर्देशित करते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय बिहार के आम नागरिकों को उनके अपने ही क्षेत्र में हर समय उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और आधुनिक उपकरणों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनसुनवाई में आए आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
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मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
