बिहार-झारखण्ड
बिहार के कटिहार में सड़क निर्माण के दौरान खंभों के बीच बनी सड़क, लोग हैरान
7 Mar, 2025 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार: बिहार के कटिहार से सड़क निर्माण के दौरान कमाल की इंजीनियरिंग देखने को मिली है. यहां सड़क निर्माण के दौरान निर्माणकर्ता कंपनी ने बिना बिजली के खंभे हटाए ही सड़क बना दी. एक दो नहीं बल्कि पांच खंभे सड़क के बीचों-बीच हैं. इस सड़क को जो भी देखा रहा है वह बेहद हैरान है. इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद लोग सरकार की भी बड़ी आलोचना कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत कटिहार जिले के कुर्सेला नगर पंचायत के मध्य विद्यालय से पश्चिम में मेहर टोला तक जाने वाली सड़क का निर्माण हुआ हैं. कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग और कटिहार डिवीजन ने इस काम को ठेकेदार यशदीप कुमार से करवाया गया है. कंट्रक्शन कंपनी ने बिना बिजली के पोल हटाए ही सड़क निर्माण कर दिया गया है. जिससे रास्ते पर गाड़ियां चलना संभव नहीं हैं.
गाड़ियों को निकलने में हो रही परेशानी
सड़क के बीचों बीच खंभा होने के कारण फोर व्हीलर गाड़ियां सड़क पर नहीं चल पा रही है. गाडियां सड़क पर निकलती तो है, लेकिन रास्ता में बिजली के पोल होने के कारण वह वापस लौट जाती है. वहीं, अंधेरे की वजह से बीच सड़क पर लगा पोल भी किसी बड़े खतरे को आमंत्रण दे रहा है. रास्ते से गुजर रहे एक ट्रैक्टर ड्राइवर विजय मंडल ने बताया कि इस सड़क के दोनों तरफ बड़ा गड्ढा हैं. वहीं बीच रास्ते में पोल हैं.
बिना पोल हटाए हुए सड़क का निर्माण
वे लोग कहीं से भी अपने वाहन को नहीं निकाल सकते हैं. मजबूरन उन्हें गाड़ी घुमाकर वापस घर जाना पड़ रहा है. वहीं वार्ड नं 5 के पार्षद ने बताया कि ठेकेदार ने बिना पोल हटाए सड़क तो बनाया ही हैं. वही सड़क निर्माण भी घटिया स्तर का हुआ है. 3 माह पूर्व बनाया गया ढलाई रास्ता टूट गया हैं. उन्होंने बताया कि ठेकेदार को कई बार ठीक तरीके से काम करने के लिए कहा गया, लेकिन उन लोगों ने मनमानी पूर्वक काम किया.
पोल हटाने के लिए बिजली विभाग को लिखे थे पत्र
वहीं ठेकेदार ने निर्माण कार्य के लगे बोर्ड में एस्टीमेट अमाउंट को को तार कोल लगाकर ढक दिया है. इस संबंध में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य से पहले बिजली विभाग को पोल हटाने के लिए कई बार पत्र लिखे थे. मगर उन्होंने पोल नहीं हटाया, वही सड़क निर्माण का कार्य 26 फरवरी तक पूरा करना था. इसलिए समय अवधि खत्म होने से पहले सड़क का निर्माण करा लिया गया हैं.
नीतीश कुमार का विधानसभा में बड़ा बयान: "जो गड़बड़ करेगा, उसपर लिया जाएगा ऐक्शन"
7 Mar, 2025 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज बिहार विधानसभा में प्रश्नकाल की शुरूआत होते ही माले विधायकों ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ की घटना का मुद्दा उठाया. माले विधायक वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद खड़े हो गए. नीतीश कुमार ने हंगामा कर रहे विधायकों से कहा कि हम आपसे हाथ जोड़ते हैं, अब आपलोग बैठ जाइए.
हंगामा करने की बजाय कार्रवाई कीजिए
बिहारशरीफ में महिला की निर्मम तरीके से हुई हत्यी की घटना का मुद्दा उठाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में खड़े हो गए. प्रदर्शन कर रहे विधायकों से कहा कि जैसे ही खबर आती है, उसी समय आदेश देते हैं. कहीं का भी मामला होता हो हम तुरंत वहां के डीएम को कहते हैं. कोई गड़बड़ किया है, तो हम तुरंत एक्शन लेने को कहते हैं. आपलोग काहे के लिए हंगामा कर रहे हैं, बिना मतलब की बात कर रहे हैं. जो गड़बड़ करेगा उस पर ऐक्शन होगा.
हाथ जोड़कर खड़े हुए नीतीश कुमार
नालंदा जिला से नीतीश कुमार खास ताल्लुक रखते हैं. ये इनका गृह जिला है, इस वजह से भी विपक्ष पार्टियों के नेताओं ने सदन में जोरदार हंगामा किया. ये हंगामा इतना जोरदार था कि नीतीश कुमार ने हारकर सबके सामने हाथ भी जोड़ लिया.
विधानपरिषद् में भी भड़के नीतीश कुमार
उनका ये गुस्सा आरजेडी की महिला MLC पर भड़का. नीतीश कुमार ने कहा कि आप उस पार्टी में हैं जिनके हसबैंड टूटने लगे तो महिला को बना दिया. हमने तो महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है.
नालंदा में मिली थी युवती की लाश
बिहार के नालंदा जिले में एक 26 साल की युवती का शव हाइवे के पास जंगल में मिला. महिला के पैर में लोहे की कीलें ठुकी हुई दिखाई दे रही हैं. उसके पैरों में कुल 12 कीलें ठोंकी गई हैं. महिला की बहुत ही बर्बरता के साथ हत्या कर दी गई है. फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह सामने नहीं आई है, ऐसे में विपक्षी नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार से एक के बाद एक कई सवाल पूछ. जिसपर नीतीश कुमार ने ऐक्शन का आश्वासन दिया है.
कांग्रेस ने हेमंत सोरेन सरकार को क्यों दिया समर्थन? जानिए पार्टी का बयान
7 Mar, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने गुरुवार 06 मार्च को कहा कि राज्य सरकार की स्थिरता को लेकर किसी को भी भ्रम नहीं होना चाहिए क्योंकि JMM नीत गठबंधन अटूट है. राजू ने एक सवाल के जवाब में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस राज्य में मौजूदा सरकार के साथ एकजुटता बनाए रखने में सफल रही है और इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘स्थिरता किसी भी राज्य के विकास की गारंटी है और कांग्रेस ने सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को मुद्दा-आधारित समर्थन दिया है.’’
संगठन से जुड़े मुद्दों पर के राजू ने क्या कहा?
संगठन से जुड़े मुद्दों पर राजू ने कहा कि झारखंड में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन से पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए वह पलामू समेत सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने झारखंड में अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के गठन को भी एक 'स्वागत योग्य कदम' बताया.
झारखंड के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद- के राजू
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने कहा कि प्रदेश में ग्रास रूट तक संगठन को मजबूत बनाया जाएगा. फिलहाल पूरे झारखंड में कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश है. इसके सकारात्मक नतीजे भी मिल रहे हैं. पलामू दौरे पर पहुंचे राजू गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा करते हुए कहा कि पार्टी संगठन के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है.
'सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रख कर काम'
इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा, ''राजनीतिक दलों का मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना ही नहीं, बल्कि बेहतर शासन व्यवस्था भी देना है. झारखंड में गुड गवर्नेस को लेकर कांग्रेस गंभीर है. प्रदेश की हेमंत सोरेन सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रख कर काम कर रही है.''
बिहार में औरंगजेब मुद्दे पर सियासी हलचल तेज, अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने बीजेपी पर लगाए आरोप
6 Mar, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है. NDA और महागठबंधन के नेताओं में जुबानी जंग भी शुरू हो गई है. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य सचेतक व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन की प्रतिक्रिया आई है. गुरुवार 06 मार्च को उन्होंने कहा कि बिहार में औरंगाबाद या कहीं का भी नाम बदलने की जरूरत नहीं जो औरंगजेब के नाम पर है. औरंगजेब मुद्दा नहीं है. आरजेडी विधायक ने कहा कि चुनावी साल में BJP जानबूझकर बिहार में समाज को बांटने वाला तनाव फैलाने वाला मुद्दा उठा रही है. यह सब एजेंडा यहां नहीं चलेगा. इतिहास में हमने औरंगजेब की प्रशंसा भी सुनी है और दूसरा पहलू भी सुना है.
हंगामे के बाद सस्पेंड
बता दें कि महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने औरंगजेब की तारीफ करते हुए कहा था कि वो निर्दीय शासक नहीं थे. उनके बयान के बाद हंगामा खड़ा हुआ, तो उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा से सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद से औरंगजेब को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है.
जेडीयू विधायक ने खालिद अनवर को बताया देशद्रोही
दूसरी तरफ औरंगजेब पर जेडीयू में भी खींचतान तेज हो गई है. एमएलसी खालिद अनवर के बयान पर जेडीयू विधायक संजीव कुमार ने हमला बोला. कहा कि हमारी पार्टी के विधान पार्षद खालिद अनवर देशद्रोही हैं. उनको पाकिस्तान भेज देना चाहिए. औरंगजेब क्रूर शासक था. उसके पक्ष में बोलना देशद्रोह वाला काम है. BJP की मांग का समर्थन करता हूं. औरंगजेब के नाम पर बिहार में जितनी जगहें हैं सबका नाम बदला जाए.
बजट को लेकर भी हमलावर हुए थे शाहीन
इससे पहले बिहार के बजट को लेकर भी विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने नीतीश सरकार को घेरा था. उन्होंने दावा किया था ये NDA सरकार का अंतिम बजट है. अगले साल तेजस्वी यादव बजट पेश करेंगे. बिहार में सरकार नाम की कोई चीज न होने से अराजकता की स्थिति बनी है. नीतीश सरकार वेंटिलेटर पर है. सिपाही से लेकर डीजीपी तक कोई नियंत्रण करने वाला या देखने वाला नहीं है. पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार मचा हुआ है. राज्य में क्राइम बढ़ता जा रहा है. विपक्षी दल जन सरोकार के मुद्दे मजबूती से उठाएंगे और बिहार में अराजकता की स्थिति नहीं रहने देंगे.
तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान: महागठबंधन सरकार बनने पर शराबबंदी कानून में होगा बदलाव
6 Mar, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो शराबबंदी कानून में बदलाव किया जाएगा. गुरुवार 06 मार्च को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया. तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी सरकार आई, तो ताड़ी को 2016 में बने शराबबंदी अधिनियम से हम इसे बाहर करेंगे. हालांकि तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि हम नशा मुक्ति से कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने ताड़ी को नेचुरल बताया.
पासी समाज के बुजुर्ग ने तेजस्वी से बताई थी परेशानी
2016 में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद बिहार में इसी अधिनियम के तहत ताड़ी पर भी प्रतिबंध लग गया था. तेजस्वी यादव ने कहा कि हम जब कार्यकर्ता दर्शन संवाद यात्रा पर थे. इस दौरान एक खेत में गए. वहां एक पासी समाज के बुजुर्ग ने हमसे कहा कि हमारा सिर्फ और सिर्फ एक ही व्यवसाय ताड़ी बेचना था. ताड़ी के बंद हो जाने के बाद घर चलाना मुश्किल हो रहा है. महंगाई बढ़ गई है.
फिलहाल बिहार में बंद है ताड़ी... बेचने पर गिरफ्तारी
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने बुजुर्ग से पूछा कि नीरा योजना के तहत क्या आपको लाभ नहीं मिला? इस पर उस बुजुर्ग ने कहा कि यह योजना फ्लॉप है. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में दो फीसद आबादी पासी समाज की है. ये समाज आज परेशानी में है. तेजस्वी यादव की पासी समाज के लिए यह बड़ी घोषणा है. बता दें कि ताड़ी बिहार में फिलहाल बंद है. इसे बेचने पर गिरफ्तारी होती है.
200 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा
दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो 200 यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी. बिहार में 100% डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी. सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म भरते हैं तो उस फॉर्म का पैसा नहीं देना पड़ेगा.
बाबूलाल मरांडी बने झारखंड बीजेपी विधायक दल के नेता, चंपाई सोरेन ने जताई शुभकामनाएं
6 Mar, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने उन्हें इस पद के लिए चुने जाने पर बधाई दी. इस जिम्मेदारी के लिए चुन जाने के बाद मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार जताया. उन्होंने पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्यसभा सांसद के लक्ष्मण का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि विधायकों के प्रति मैं भी आभार प्रकट करता हूं.
मैं अपनी तरफ से पूरी मेहनत करूंगा- मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा, "जो भी जिम्मेदारी दी गई है, मैं अपनी तरफ से पूरी मेहनत करूंगा. मिलकर संगठन को और कैसे मजबूत किया जा सकता है. उस दिशा में अपनी पूरी क्षमताके साथ 24*7 काम करूंगा. मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि सदन के अंदर या सदन के बाहर नेतृत्व करूं. सबको साथ लेकर चलने की मैं कोशिश करूंगा."
'कमियों को दूर करेंगे'
इसके आगे उन्होंने कहा, "राज्य की समस्यों को हम सरकार से लड़ाई जारी रखेंगे. पार्टी के विधायकों और सीनियर नेताओं का मार्गदर्शन मिलता रहेगा. इस चुनाव में जो कमियां रही हैं, उसे पूरा किया जाएगा."
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विधायक दल की बैठक में विधायक दल के नेता के रूप में प्रस्ताव मांगे गए थे. इस बैठक में बाबूलाल मरांडी के नाम का प्रस्ताव रखा गया जिस पर सर्वसम्मति बनी. उन्होंने आम लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए संघर्ष किया है. उनके नेतृत्व में हमारे विधायक झारखंड के हितों की रक्षा करेंगे और पीएम मोदी के विकसित झारखंड के लक्ष्य को पूरा करेंगे.
धनवार सीट से हैं विधायक
धनवार सीट से विधायक बाबूलाल मरांडी झारखंड की सियासत में बड़ा चेहरा माने जाते हैं. वो झारखंड के पहले सीएम भी रहे हैं. साल 2000 से 2003 तक वो इस पद पर रहे. 1998 में वो सांसद बने. 1998-99 के दौरान केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री की भूमिका निभाई. 1999 में फिर लोकसभा सांसद बने. 1999-2000 के दौरान फिर केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री बने. 2004 में भी सांसद चुने गए. 22 मई 2006 को उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया. अक्टूबर 2006 14वीं लोकसभा के लिए हुए उपचुनाव में फिर जीत गए. 2009 में चौथी बार सांसद बने.
भागलपुर में दरोगा के घर से पिस्टल, लैपटॉप और जेवरात चोरी, पेट खराब होने से घर में भूल गए थे हथियार
6 Mar, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर: भागलपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक दरोगा पिस्टल और कारतूस लिए बिना ही रेड पर निकल गए. इसी बीच चोर ने उनके घर पर धावा बोल दिया और पिस्टल , कारतूस और लैपटॉप समेत जेवरात लेकर फरार हो गए हैं. मामले की जानकारी होने के बाद एसपी ने दरोगा पर कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया है. पुलिस ने दरोगा की शिकायत दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है.
दरोगा की लापरवाही पर एसएसपी का एक्शन
भागलपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र में रहने वाले एक दरोगा के घर से चोर पिस्टल, कारतूस और लैपटॉप सहित जेवरात चुरा कर ले गए हैं. चोरी के मामले में दरोगा के लिखित आवेदन पर औद्योगिक थाना में केस दर्ज किया गया है. मामले में पुलिस चोरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है, वहीं दरोगा की लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. घटना को लेकर SI ने बताया कि वह 2 मार्च को रात्रि गश्ती पर गए थे.
अलमारी में रख दी थी पिस्टल और कारतूस
इसी दौरान रात के 11:30 बजे उन्हें शौच लगी तो वह रानी तालाब स्थित कृष्ण बिहारी गली नंबर 1 में किराए के मकान में पेट्रोलिंग के दौरान दलबल और गाड़ी के साथ पहुंच गए. कमरे में पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी वर्दी उतारकर अपनी पिस्टल और कारतूस को गोदरेज की अलमारी में बंद कर दिया. शौच के बाद हाथ धोते समय उन्हें थाना से कॉल आया. इसमें उन्होंने लूटी हुई बाइक और आरोपी को गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की बात कही गई है.
दरोगा ने बिना पिस्टल और कारतूस के की छापेमारी
इसके बाद हड़बड़ी में वह वर्दी पहनकर बिना सरकारी रिवाल्वर और कारतूस लिए ही निकल गए. इसके बाद उन्होंने इशाकचक थाना के सहयोग से लूट कांड मामले में छापेमारी कर आरोपी को माल के साथ गिरफ्तार कर लिया है. इसके बाद एक और छापेमारी को पूरा करने के बाद वह पेट्रोलिंग पर लौट गए. पेट्रोलिंग के दौरान वह अपने मोहल्ले होकर गुजर रहे थे, जहां उन्होंने देखा कि उनके घर का दरवाजा टूटा हुआ है.
एसपी ने SI को किया संस्पेड
अलमारी का ताला भी टूटा था. जांच के दौरान पता चला कि उनका सर्विस पिस्टल, 35 राउंड कारतूस सहित, एक सरकारी लैपटॉप, निजी लैपटॉप, सोने की चेन, अंगूठी और पत्नी की शैक्षणिक प्रमाण पत्र समेत कई सामान गायब थे. सरकारी पिस्टल और कारतूस चोरी होने के मामले में औद्योगिक थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. जिले के पुलिस कप्तान हृदयकांत ने उनकी लापरवाही को मानते हुए यह कार्रवाई की है.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की रात दरोगा बिना पिस्टल के ही दो-दो जगह छापेमारी करने चले गए थे और जब वह घर वापस लौटे तो उन्हें पिस्टल और कारतूस के चोरी होने की जानकारी मिली. हालांकि, कुछ CCTV फुटेज में संदिग्ध दिख रहे हैं. मामले को लेकर एसपी हृदयकांत ने बताया कि अभी जांच चल रही है. फिलहाल दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है.
रांची में मिली सिर कटी लाश की मिस्ट्री सुलझी, राजस्थान के व्यापारी की हत्या का खुलासा
6 Mar, 2025 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: राजस्थान के जोधपुर से झारखंड पहुंचे एक व्यापारी का पैसों की खातिर कत्ल कर दिया गया. फिर सिर काटकर रांची में गाड़ दिया और धड़ को खूंटी जिले में ठिकाने लगाया. व्यापारी का नाम पुखराज था. वह 27 लाख रुपया नकद लेकर 40 क्विंटल डोडा (अफीम) खरीदने के लिए झारखंड पहुंचा था. उसका संपर्क नशे का कारोबार करने वाले राज नामक व्यक्ति से हुआ था. राज पहले व्यापारी पुखराज को अपने साथ लेकर रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत सुकरीडीह गांव पहुंचा. वहां, आनंद मुंडा और हरसिंह मुंडा नामक दो व्यक्तियों से उसकी मुलाकात करवाई. व्यापारी ने उन्हें बताया कि डोडा खरीदने के लिए वो 27 लाख रुपये नकद लेकर आया है. हालांकि, डोडा उपलब्ध नहीं होने के कारण यह डील पूरी नहीं हो पा रही थी. लेकिन, 27 लाख नकद रुपया देखकर तीनों आरोपियों की नियत डोल गई. फिर तीनों ने मिलकर एक हत्याकांड की ऐसी वारदात को अंजाम दिया. जिससे झारखंड से लेकर राजस्थान तक हड़कंप मच गया.
हत्यारे ने 50 किलोमीटर दूर फेंका धड़
तीनों आरोपियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से पहले व्यवसाय पुखराज की हथौड़े से उसके सिर पर वार कर उसकी हत्या कर डाली. इसके बाद उसके सिर को काट कर अलग कर दिया और रांची के ही नामकुम क्षेत्र के सुकरीडीह गांव के ही एक अरहर के खेत में ले जाकर गाड़ दिया. फिर पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से उसके धड़ को तीनों मिलाकर लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर खूंटी जिला के मरंगहादा थाना क्षेत्र के जामुंडीह मोड़ के समीप के जंगल में ले जाकर फेंक दिया.
टुकड़ों में ठिकाने लगाई लाश
सिर और धड़ दो अलग-अलग जिलों में फेंका गया था तो आरोपियों को लगा कि शायद पुलिस इस मामले का कभी उद्वेदन ही नहीं कर पाएगी. 28 फरवरी को खूंटी जिला के मारंगहादा थाना क्षेत्र में मिली सिर कटी लाश मामले को लेकर एक SIT टीम का गठन किया गया था. SIT टीम ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं का इस्तेमाल करते हुए और एफएसएल की मदद से मृतक की पहचान राजस्थान के जोधपुर जिला के रहने वाले पुखराज के रूप में की.
ऐसे किया हत्याकांड का पर्दाफाश
इसके बाद विभिन्न तकनीकी पहलुओं के आधार पर यह जानकारी जुटाई की राजस्थान से झारखंडआने के बाद पुखराज कहां-कहां गया था. अंततः खूंटी जिला की पुलिस ने इस ब्लाइंड मिस्टीरियस मर्डर केस का आखिरकार उद्वेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें नामकुम थाना क्षेत्र के सुकरीडीह गांव के रहने वाले आनंद मुंडा और हरसिंह मुंडा शामिल हैं. दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सुकरीडीह गांव के ही अरहर के खेत से ही मृतक व्यवसाय पुखराज के कटे हुए सिर को भी बरामद कर लिया. साथ ही साथ हत्या में उपयोग किए गए कुल्हाड़ी, हथौड़ा और लगभग 5 लाख नकद भी बरामद किया है.
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति जल्द, बीजेपी विधायक दल के नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त
6 Mar, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के गठन के करीब तीन महीने बाद राज्य को नेता प्रतिपक्ष अब जल्द मिल जाएगा. झारखंड विधानसभा में BJP विधायक दल का नेता चुनने के लिए भूपेंद्र यादव और के लक्ष्मण को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. सूत्रों के मुताबिक झारखंड के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक गुरुवार को रांची जा सकते हैं. झारखंड BJP विधायक दल की बैठक के लिए भूपेंद्र यादव और के लक्ष्मण रांची जाएंगे. बताया जा रहा है कि गुरुवार 06 मार्च शाम को विधायक दल की बैठक हो सकती है. इसमें चर्चा के बाद विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा.
BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने की घोषणा
मौजूद समय में भूपेंद्र यादव केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री हैं. वहीं, डॉ के लक्ष्मण ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और सांसद भी हैं. इस संबंध में BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने घोषणा की है. इस बारे में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बारे में जानकारी दी गई है.
BJP के नेतृत्व वाला एनडीए मुख्य विपक्षी दल
अरुण सिंह ने एक बयान में कहा, "BJP के संसदीय बोर्ड ने झारखंड विधानसभा में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पार्टी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद के लक्ष्मण को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है." झारखंड में विधानसभा चुनाव पिछले साल नवंबर में हुए थे. BJP के नेतृत्व वाला एनडीए प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल है.
BJP विधायकों का सदन से वॉकआउट
उधर, झारखंड विधानसभा में बुधवार 05 मार्च को राज्य बजट पर वाद-विवाद के बीच प्रमुख विपक्षी दल BJP के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. इसके बाद BJP के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए स्पीकर रबींद्रनाथ महतो पर विपक्ष के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि स्पीकर मनमाने तरीके से सदन चलाना चाहते हैं.
पवन सिंह ने कहा, "लड़ेंगे ना भैया, जब कदम रख दे लेने बानी" - क्या है पूरा मामला?
5 Mar, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुपहले पर्दे पर जलवा बिखेरने के बाद ढेरों फिल्मी हस्तियां राजनीति के मैदान पर भी अपनी छाप छोड़ने को बेताब रहती हैं. इसमें कई को शानदार कामयाबी भी हासिल हुई है, लेकिन कई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. हिंदी या दक्षिण सिनेमा के अलावा भोजपुरी सिनेमा के भी कई स्टार राजनीति में कामयाब होते रहे हैं. भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को अपनी कामयाबी का इंतजार है, अब वह बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं.
पिछले साल लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह इस साल के आखिर में बिहार में होने वाला विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे. पवन सिंह ने झारखंड के जमशेदपुर में अपनी एक फिल्म के प्रचार के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही.
जीत से ज्यादा मेरी हार पर चर्चाः पवन सिंह
पवन सिंह से जब यह पूछा गया कि क्या वह बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे? इस पर उन्होंने कहा, “मैंने बोला था ना बहुत पहले, कि मेरी जीत से ज्यादा चर्चा मेरी हार की है.” पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान वह बिहार के काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे. हालांकि तब उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माले के उम्मीदवार राजा राम सिंह से हार का सामना करना पड़ा था.
उन्होंने भोजपुरी में जवाब देते हुए कहा, “लड़ेंगे ना भैया, जब कदम रख दे लेने बानी, तब पीछे ना हटब.” यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होंगे तो उन्होंने कहा, “यह तो समय बताएगा, अभी मैं कुछ नहीं बोल सकता.”
2024 में लड़े थे लोकसभा चुनाव पवन सिंह
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पवन सिंह बीजेपी में ही थे. पार्टी ने आम चुनाव के दौरान उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन इस पर वहां काफी बवाल हो गया. फिर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए वहां से चुनाव लड़ने से मना कर दिया.
इसके बाद फिर वह एनडीए के उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए थे. उनके इस फैसले से नाराज बीजेपी ने 22 मई को पवन सिंह को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों और पार्टी की छवि खराब करने’ के लिए निष्कासित कर दिया था.
दूसरी ओर, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पिछले दिनों एक टीवी चैनल को पवन सिंह के पार्टी के संपर्क में होने से जुड़े सवाल पर कहा था, “दिलीप जायसवाल एक ऐसा अध्यक्ष है जो सबको साथ लेकर पार्टी चलाएगा. मेरा किसी से कोई परहेज नहीं होगा और जो भी मेरी पार्टी की विचारधारा के साथ जुड़कर काम करना चाहता है और वह पार्टी को आगे बढ़ने का काम करेगा, हम उस पर जरूर विचार करेंगे.”
8 हजार स्कूलों में एक टीचर, 100 स्कूलों में छात्र न होने की चौंकाने वाली रिपोर्ट
5 Mar, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने सरकारी स्कूलों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में करीब 8 हजार स्कूल ऐसे हैं जहां पर सिर्फ एक ही टीचर की तैनाती है. ऐसे में शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं. यह सरकारी आंकड़े शिक्षामंत्री ने जारी किए हैं. इन स्कूलों में फिलहाल लाखों छात्र पढ़ रहे हैं. जिनका भविष्य चंद टीचर्स के हाथ में है. विधानसभा में एक सवाल के जवाब में ये आंकड़े सामने आए हैं.
दरअसल झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से विधानसभा में सवाल किया गया था जिसमें सरकारी स्कूलों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी. राज्य सरकार द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों पर सवाल किया गया था. विधानसभा में उसी सवाल का जवाब देते हुए शिक्षामंत्री रामदास सोरेन ने यह जवाब दिया है. शिक्षामंत्री ने कहा है कि राज्य में कुल 7,930 ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां पर सिर्फ एक ही टीचर तैनात है.
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने लिखित जवाब में बताया कि इन 7,930 सरकारी स्कूलों में कुल 3.81 लाख बच्चे वर्तमान में पढ़ रहे हैं. शिक्षा मंत्री ने एक और बड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि राज्य में कुल 103 ऐसे भी स्कूल हैं जहां पर किसी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया हुआ है. इन स्कूलों में कुल 17 टीचर पदस्थ हैं. जिन क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में छात्र नहीं हैं वहां पर राज्य सरकार की ओर से ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया है.
कैसे हुआ ये खुलासा
झारखंड में लगातार चल रही टीचर्स की कमी की वजह से बीजेी विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा में यह सवाल पूछा था. इसी सवाल के जवाब में यह लिखित उत्तर शिक्षा मंत्री की ओर से दिया गया है. शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया है कि राज्य में फिलहाल 26,000 सहायक टीचर्स की भर्ती प्रक्रियाधीन है.
पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की गाड़ी पर बम से हमला, पुलिस ने शुरू की जांच
5 Mar, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां पटना यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के वाहन पर बम से हमला किया गया है. घटना के बाद से पूरे इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को पटना के पीर बहोर थाना क्षेत्र स्थित पटना यूनिवर्सिटी के दरभंगा हाउस परिसर में बम धमाका हुआ, जिसके बाद से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया.
धमाके में पटना यूनिवर्सिटी के संस्कृति विभाग के प्रोफेसर लक्ष्मी नारायण की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. बताया जा रहा है कि उनके वाहन को ही बम के द्वारा निशाना बनाया गया था. जब बम से हमला किया गया तब प्रोफेसर क्लासरूम में थे. बम ब्लास्ट की इस घटना के बाद से पूरे दरभंगा हाउस परिसर सहम गया. धमाके की आवाज सुनकर परिसर में उपस्थित छात्र और स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए. हालांकि सूचना मिलने पर पीर बहोर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. इसके अलावा टाउन एसपी दीक्षा भी मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस को मौके पर लगे एक सीसीटीवी से अहम फुटेज भी मिले हैं. अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर के छापेमारी कर रही है. पुलिस इस मामले की जांच करने की कोशिश कर रही है कि यह परिसर में अशांति फैलाने की कोई साजिश थी या फिर व्यक्तिगत दुश्मनी को लेकर की यह घटना इस घटना को अंजाम दिया गया.
पुलिस संदिग्ध लोगों से कर रही पूछताछ
बहरहाल पुलिस ने पूरे यूनिवर्सिटी के परिसर के आसपास मौजूद संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और साथ ही साथ सभी संभावित पहलुओं की जांच करके इस घटना का खुलासा कर दिया जाएगा. एएसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वाहन पर बम फेंका गया है. उसकी कंप्लेन ली जा रही है. जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज को देखा जा रहा है. जानकारी के अनुसार, आपसी विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है. आगे की जांच की जा रही है.
शिवहर के शुभम की प्रेरणादायक कहानी: दिव्यांग होते हुए भी पढ़ने की ललक
5 Mar, 2025 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपने में जान होती है. पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है… ये लाइनें बिहार के शिवहर के माधोपुर के एक बच्चे पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं, जो पैरों से चलने में असमर्थ है और दोनों पैरों से दिव्यांग है, लेकिन उसके अंदर पढ़ने का हौसला है. इसलिए वह अपने हाथों को पैर बनाकर चलता है और पढ़ने के लिए स्कूल जाता है.
शिवहर प्रखण्ड क्षेत्र के माधोपुर अनंत गांव के रहने वाले सुशील पटेल के बेटे शुभम अपने दोनों पैर से चल नहीं सकता. फिर भी उसके अंदर से पढ़ने की ललक है. इसलिए वह हाथ से चलकर कई किलोमीटर तक पढ़ने जाने को मजबूर है. शुभम कुमार कुदरत की मार झेल रहा है. जन्म से ही वह दोनों पैरों से दिव्यांग है, लेकिन अपने हाथ को पैर बनाकर वह जिंदगी की गाड़ी को रोज दौड़ा रहा है.
हाथ ही सब कुछ हैं
शुभम रोज अपनी पीठ पर स्कूल बैग रखकर स्कूल और कोचिंग पढ़ने जाता है. चलते हुए रास्ते में शुभम को काफी परेशानी भी होती है, लेकिन शुभम कभी हार नहीं मानता है. उसका कहना है कि उसके पैर सही नहीं है, लेकिन उसके हाथ ही उसके सब कुछ हैं. शुभम का सपना अच्छे से पढ़-लिखकर एक बड़ा आदमी बनना और जिंदगी में कुछ बड़ा करना है. वह रोज कई किलोमीटर हाथों से चलकर स्कूल और कोचिंग जाता है.
शुभम ने क्या कहा?
शुभम से जब इस बारे में बात की गई तो उसने कहा, मेरा हाथ ही सब कुछ है. मेरा मन है कि मैं पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनूं. लेकिन शुभम न सिर्फ कुदरत की बल्कि गरीबी की भी मार झेल रहा है. फिर भी उसके अंदर पढ़ने की ललक है. वह रोज कई किलोमीटर तक हाथ से चलकर पढ़ने जाता है. शुभम की कोचिंग क्लास की शिक्षिका रूबी देवी कहती हैं कि शुभम रोज कोचिंग पढ़ने आता है.अगर जिला प्रशासन उसे मदद कर देता है तो शुभम बहुत कुछ कर सकता है.
दुमका में डायन के आरोप में भीड़ ने घर में हमला किया, बुजुर्ग की पिटाई से बेटे की मौत
5 Mar, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की उप राजधानी कहे जाने वाले दुमका में डायन के आरोप में भीड़ ने के घर में हमला कर दिया. घर की महिलाए किसी तरह बचकर भाग गईं. भीड़ ने घर में मौजूद बुजुर्ग पिता और उसके बेटे को पकड़ लिया. उन्हें बिजली के खंभे से बांधकर जमकर पीटा. पिटाई से बेटे की मौत हो गई वहीं, पिता गंभीर रूप से घायल है. इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
घटना दुमका जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मालभंडारों पंचायत के पकड़िया गांव की है. घटना के मुताबिक, गांववालों ने यहां के रहने वाले पूर्व सैनिक बथन राणा की पत्नी चुड़की पर जादू टोना करने और डायन-बिसाही होने का आरोप लगाया. इसी बीच गांव के लोगों ने उनके घर पर हमला कर दिया. इस दौरान किसी प्रकार घर में मौजूद चुड़की और उसकी बहू तो भीड़ से बचकर भाग गईं. जबकि, घर में मौजूद लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग बथन राणा और उनके बेटे नरेश राणा को भीड़ ने पकड़ लिया.
महिलाओं पर लगाया डायन होने का आरोप
घर की महिलाओं पर डायन होने का आरोप लगाकर भीड़ ने दोनों बाप-बेटे को घर की समीप के ही बिजली के पोल से बांधा फिर उसकी बेरहमी से लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से इस कदर पिटाई किया कि दोनों अधमरा हो गए. इस घटना में बेटे नरेश राणा ने दम तोड़ दिया. जबकि, पिता बथन राणा को गंभीर हालत में दुमका जिला के ही फूलों जानू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घर पर किया हमला
मृतक के परिजनों के मुताबिक, गांव के रहने वाले गुलाब मड़ैया के पिता डबु मड़ैया की तबीयत काफी दिनों से खराब थी. वह लगातार बीमार चल रहे थे. इसी बीच उनके परिजनों के द्वारा यह आरोप लगाया जाना लगा कि चुडकी डायन है और उसी ने काला जादू किया है, जिसकी वजह से उसके पिता की तबीयत सही नहीं हो रही है. इसी आरोप में लगभग सात की संख्या में मौजूद आरोपियों ने जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल थे, उन लोगों के द्वारा पूरी घटना को अंजाम दिया गया है. आरोपियों में गुलाब मड़ैया, डबु मड़ैया, बबलू मड़ैया, चुन्नीलाल मड़ैया सहित अन्य लोग शामिल हैं. इस मामले में दुमका जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है.
बेटे की मौत, पिता गंभीर
मृतक के परिजनों के मुताबिक, पहले भी डायन-बिसाही की घटना को लेकर दोनों परिवार के बीच विवाद हो चुका था. वर्ष 2024 में आरोपियों के द्वारा परिवार के लोगो के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था. इसे लेकर पीड़ित परिवार के द्वारा मुफस्सिल थाना में शिकायत किया गया था. हालांकि, उस दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया और सुलह कर दिया था. आरोपियों ने अपनी गलती को स्वीकार किया था और आगे से मारपीट नहीं करने की बात कही थी.
सीवान जिले में जेल में बंद कैदी ने कोर्ट परिसर स्थित मंदिर में की प्रेमिका से शादी
4 Mar, 2025 06:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की जेल में बंद एक कैदी ने कोर्ट परिसर स्थित मंदिर में गर्लफ्रेंड संग शादी रचाई. शादी में दोनों के परिजनों के अलावा वकील और पुलिस साक्षी के तौर पर मौजूद रहे. शादी के बाद कैदी को फिर स्थानीय मंडलकारा में भेज दिया गया. मामला सीवान जिले का है. शादी रचाने वाला कैदी गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के दुधरा गांव का रहने वाला है. उसका नाम हरेराम सिंह है. जबकि, उसकी प्रेमिका युवती भी उसी के गांव की रहने वाली है. कोर्ट परिसर में हुई इस अनोखी शादी को देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ भी मौजूद रही.
हरेराम सिंह और उसकी गर्लफ्रेंड का कई सालों से अफेयर था. दोनों एक-दूसरे से बेपनाह प्रेम करते थे, लेकिन उनके परिजन इस अफेयर से नाखुश थे. जब दोनों ने साथ रहने का फैसला किया तो परिजनों ने हरेराम सिंह के खिलाफ जबरन लड़की के भगाने का मामला दर्ज करा दिया. पुलिस न त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को बरामद कर लिया और एफआईआर के आरोपित हरेराम सिंह को जेल भेज दिया. मामला न्यायालय में चल रहा था. इधर सोमवार को बंदी हरेराम सिंह ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश कुमार सिंह के कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा. सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होने के बाद न्यायाधीश ने दोनों ही पक्षों के वकीलों की दलील को सुना.
कोर्ट से मिली रजामंदी
फिर दोनों पक्षों की सहमति होने के कारण प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने आदेश दिया कि उनकी रजामंदी से ही शादी करा दी जाए. इस आदेश के बाद बंदी को मंदिर में लाया गया, जहां युवती पहले से ही मौजूद थी, एक घंटे के अंदर दोनों की शादी हिन्दू रीति रिवाज के साथ संपन्न करवा दी गई और न्यायालय को भी इसकी सूचना दी गई, इसके बाद युवक को दोबारा जेल भेज दिया गया. इस तरह की शादी की चर्चा दिनभर कोर्ट परिसर व शहर में होती रही. युवक की ओर से अधिवक्ता रूकसाद अहमद व युवती के पक्ष से अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा 1 ने अपनी दलीलें रखीं.
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