उत्तर प्रदेश
गंगा नहर में मिला युवक का शव, ब्लू स्मार्ट कंपनी में था परियोजना प्रबंधक
23 Jan, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले के मसूरी कस्बे में गंग नहर से एक निजी कम्पनी के परियोजना प्रबंधक का शव मिला है। उसकी पहचान बिजनौर जिले के कीरतपुर कस्बे के रहने वाली प्रिंस राणा के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मृतक प्रिंस राणा गुरुग्राम में ब्लू स्मार्ट कंपनी में परियोजना प्रबंधक के तौर पर काम करता था। पुलिस ने बताया कि राणा 15 जनवरी को किसी को बिना बताए घर से निकला था और उसकी पत्नी प्रिया ने 16 जनवरी को गुरुग्राम के पालम विहार थाने में उसके पति प्रिंस राणा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शव को नहर से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले को आगे की जांच के लिए गुरुग्राम पुलिस को सौंप दिया है।
महाकुंभ में आएंगे दक्षिण अफ्रीका से हजारों श्रद्धालु, ट्रैवल एजेंट दे रहे विशेष पैकेज
23 Jan, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ में दक्षिण अफ्रीका से हजारों श्रद्धालुओं के जाने की उम्मीद है। जोहानिस्बर्ग में भारत के महावाणिज्यदूत महेश कुमार ने कहा कि 13 जनवरी को महाकुम्भ की शुरुआत के बाद से कुछ ही दिनों में उन लोगों के लिए सौ से ज्यादा वीजा जारी कर चुके हैं जो इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं और कई लोगों ने इसमें शामिल होने के लिए अपने प्रवासी भारतीय नागरिकता (ओसीआई) कार्ड का इस्तेमाल किया है।
महेश कुमार ‘महाकुंभ 2025- वेयर स्पिरिचुएलिटी मीट्स टेक्निकल इनोवेशन’ नामक संगोष्ठी की मेजबानी कर रहे है, जिसमें कई वक्ताओं ने इस आयोजन के इतिहास और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट विशेष पैकेज भी तैयार कर रहे हैं, जिससे महाकुम्भ में लोगों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में शामिल होने के इच्छुक लोगों के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं और इसी को देखते हुए यह संगोष्ठी आयोजित की गई।
दक्षिण अफ्रीका में पर्यावरण कार्यकर्ता एवं ‘सेव सॉइल मूवमेंट’ के नेता त्सेके नकादिमेंग महाकुम्भ में जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका के रामकृष्ण केंद्र के स्वामी विप्रानंद महाराज ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए कुम्भ की कल्पना करना मुश्किल है जिसने इस तरह के आयोजन का अनुभव नहीं किया है।
हर्षा रिछारिया को महंत रविंद्र पुरी ने दी शरण, आओ देखते हैं कौन क्या करेगा?
23 Jan, 2025 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। महाकुंभ में पहले अमृत स्नान में पेशवाई रथ पर बैठने और अपनी खूबसूरती को लेकर चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। हर्षा रिछारिया अब अखाड़ा परिषद के महंत रविंद्र पुरी के सरंक्षण में हैं। वहीं स्वामी आनंद स्वरूप ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हर्षा को साधु के वेश में महाकुंभ में स्नान नहीं करने दिया जाएगा चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
स्वामी आनंद स्वरूप में हर्षा रिछारिया को लेकर कहा कि उसका अपना ग्लैमर्स जीवन हैं वह उसे जिए हमें उससे कोई लेना देना नहीं है, लेकिन हमारे जीवन में आकर साधुओं का फर्जी वस्त्र न पहनें..साधुओं के लिए फर्जी काम न करे। उन्होंने कहा कि मुझे हर्षा-वर्षा से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे दिक्कत अब कैलाशानंद से हैं, इसलिए कि अगर वह प्रश्रय नहीं देते तो उसकी हिम्मत नहीं होती इतना कुछ बोलने की। हर्षा के फिर से महाकुंभ में आने पर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि वह पहले महाकुंभ से चली गई थी, लेकिन उसे फिर से बुलाया गया है। इस बार उसे रविंद्र पुरी ने बुलाया कि आओ देखते हैं कौन क्या कर लेता है तुम्हारा?
हमको ये कहना है कि एक स्त्री के लिए अखाड़ा इतना परेशान क्यों हैं। वह अपने चरित्र के लिए परेशान रहे कि हमारी समृद्धि कैसे होगी..हमारी वृद्धि कैसे होगी? अखाड़ों की जो मर्यादा है वह कैसे स्थापित होगी? उन्होंने कहा कि अखाड़ों की प्रतिष्ठा कैसे स्थापित होगी उसकी चिंता छोड़कर एक स्त्री के पीछे कि नहीं तुम आओ..तुम नहाओ..अमृत स्नान करो..ऐसी कौन सी दिव्य शक्ति है उसमें कि वो स्नान कर लेगी इन लोगों के साथ, तो ये लोग तर जाएंगे। मेरा कहना है कि हम तो अडिग है कि साधू वेश में उसे कतई स्नान नहीं करने देंगे चाहे उसके लिए हमें कोई भी कीमत चुकानी पड़े।
बता दें कि हर्षा रिछारिया अब अखाड़ा परिषद के महंत रविंद्र पुरी के सरंक्षण में आ गई है, जिसके बाद उन्होंने महंत रविंद्र पुरी को अपने पिता समान बताया और कहा कि वह फिर से शाही रथ पर बैठकर अमृत स्नान करने जाएंगी। वहीं स्वामी आनंद स्वरूप लगातार हर्षा रिछारिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यहां कई साध्वियां हैं, जो प्रवचन कर रही हैं और बहुत कुछ सीख रही हैं, लेकिन ये लड़की तो केवल स्वांग रचने, रील बनाने और फॉलोअर्स बढ़ाने का ढोंग कर रही है।
धर्म संसद में सनातनी साधु संतों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने की मांग
23 Jan, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज । 27 जनवरी को प्रयागराज में धर्म संसद होने जा रही है। इस धर्म संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होने जा रहे हैं। धर्म संसद में चारों शंकराचार्य और 13 अखाड़े के प्रतिनिधि, विभिन्न संप्रदायों के पीठाधीश्वर, धर्माचार्य और कथावाचक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
धर्म संसद में सनातन बोर्ड का गठन, श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से अतिक्रमण हटाने और भव्य निर्माण कराने के साथ साथ, धर्माचार्यों के लिए संसद की 50 सीटों का आरक्षण, इस धर्म संसद का मुख्य मुद्दा होगा।
धर्म संसद देवकीनंदन ठाकुर के शिविर में आयोजित की गई है। इस धर्म संसद के माध्यम से सनातनी धर्माचार्य भाजपा के ऊपर दबाव बनाएंगे। वह 50 लोकसभा सीट सनातनी धर्माचार्यों के लिए आरक्षित करे।
धर्माचार्य सनातन बोर्ड का गठन की मांग कर रहे हैं। बोर्ड का गठन होने के बाद जिन मठ और मंदिर में अभी सरकार का कब्जा है। उन्हें धर्माचार्य को वापस किया जाए। 16 नवंबर को दिल्ली में आयोजित धर्म संसद में सनातन बोर्ड के प्रारूप के लिए सुझाव मांगे गए थे। उसके आधार पर बोर्ड का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। जो धर्म संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। सनातन धर्म के आचार्य इस बार सरकार के ऊपर दबाव बनाकर सरकारी नियंत्रण से मंदिर और मठों को मुक्त कराने की मुहिम चला रहे हैं। धर्म संसद को लेकर साधु संतों में निरंतर चर्चाएं हो रही हैं।
बिहार के मोकामा में बाहुबली अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच हुई जमकर फायरिंग
23 Jan, 2025 04:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोकामा: मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में बुधवार को बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों और सोनू-मोनू गैंग के बीच जमकर फायरिंग हुई. फायरिंग से पूरा इलाका दहल गया. अब इस पर सवाल उठने लगे हैं कि कौन है सोनू-मोनू जिसने अनंत सिंह पर हमला कर दिया? क्या सोनू-मोनू गैंग अब डर जाएगा? जो बातें सामने आ रही हैं उससे साफ लग रहा है कि अभी ये लड़ाई थमने वाली नहीं है. सोनू सिंह ने मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह को चैलेंज कर दिया है. कहा है कि हम 34 वर्ष के हैं और वे 68 के हैं. देखते हैं कौन तीव्र गति से चलता है. सोनू सिंह ने अपने आप की तुलना भगवान विष्णु करते हुए अनंत सिंह को भस्मासुर बना दिया है.
'उनसे राजनीतिक बगावत जारी रहेगी'
सोनू सिंह ने कहा कि जिस समय घटना हुई उस समय वे खेत पटा रहे थे. लेकिन कोई अगर हमारे घर पर आकर गोली चलाएगा तो हमें क्या करना चाहिए या तो मर जाएं या पुलिस प्रोटेक्शन में चले जाएं या फिर गांव छोड़कर भाग जाएं. हम क्या करें? हम शस्त्र उठाएंगे तो लोग कहेंगे उचित नहीं है. हम दो अक्षर पढ़े हुए हैं. उनसे राजनीतिक बगावत जारी रहेगी. सोनू ने कहा आने वाले विधानसभा चुनाव में देखते हैं पूर्वी में उनकी क्या व्यवस्था है, उस व्यवस्था पर हम काम करेंगे.
अनंत सिंह से नहीं है कोई दुश्मनी
सोनू ने अपने आप को विवेका पहलवान का शिष्य बताया है. विवेका पहलवान अनंत सिंह के भाई हैं और दोनों कभी एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हुआ करते थे. सोनू ने कहा कि अनंत सिंह से हमारी कोई अदावत नहीं रही. विवेका पहलवान और अनंत सिंह दोनों मेरे रिश्तेदार हैं. विवेका पहलवान ने पुत्र जैसा हमारा पालन पोषण किया. पढ़ने-लिखने खाने-पीने में उन्होंने सहयोग किया. हम गरीब व्यक्ति थे. सोनू ने कहा हम गरीब घर से आते हैं लेकिन कई प्रतिष्ठित और शिक्षित लोग हमारे घर में हैं. हमारे पिताजी, हमारे चाचा, हमारे भाई ये सब गजटेड अफसर हैं.
'हमारे साथ राजनीतिक साजिश हुई है'
सोनू ने मुकेश के घर पर ताला लगाने के आरोप पर कहा कि हम वहां गए भी नहीं. हमारे साथ राजनीतिक साजिश हुई है. उनके ऊपर जितने केस हुए अनंत सिंह के कारण हुए. जेल से बाहर आने के बाद वे गृहस्थ जीवन में हैं. सोनू ने अनंत सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि इधर कुछ टेंडर हुआ था. टेंडर में उन्होंने कमीशन मांगा. हमने कमीशन देने से मना कर दिया. इसकी वजह से उनके घर पर फायरिंग की गई है. सोनू ने रामायण की लिखी बातों को दोहराते हुए कहा कि अनंत सिंह अपने आप को विधायक, सांसद, भगवान मानते हैं तो बाली ने भी श्री राम से पूछा था कि हमारे भाई की बात को मानकर आपने मुझे तीर मार दिया, लेकिन मेरा कसूर तो बताइए कि हमने गलती क्या की थी? यही बात मैं अनंत सिंह से पूछ रहा हूं.
महाकुंभ: 12 अखाड़ों ने कई संन्यासियों को किया नागा साधु बनाने से इनकार
23 Jan, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। महाकुंभ में आए साधु-संत अपनी कठिन तप की वजह से सुर्खियों में हैं तो कोई अपने रंग-रूप को लेकर चर्चाओं में है। इनमें सबसे ज्यादा महामंडलेश्वर और नागा साधु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नागा साधु की राह बहुत ज्यादा कठिन है। बेहद अनुशासित जीवन और सनातन के प्रति समर्पण के बाद ही वह नागा साधु कहलाते हैं। अखाड़े किसी भी परिस्थिति में इससे समझौता नहीं करते हैं।
महामंडलेश्वर और नागा साधु बनने के लिए अनुशासन, जीवन में सच्चाई और सनातन के प्रति पूरी तरह समर्पण का भाव अखाड़ों के लिए सर्वोपरि है। इनके साथ किसी तरह का समझौता अखाड़ों को बर्दाश्त नहीं है। इस बार भी नियमों का खरा नहीं उतरने की वजह से 12 महामंडलेश्वर पद के आवेदक और 92 नागा संन्यासी को अनुत्तीर्ण कर दिया गया। जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा और बड़ा निरंजनी अखाड़ा ने इन्हें पद देने से इनकार कर दिया है। जांच में उनकी छवि धर्म आर परंपरा के विपरीत मिलने पर उनके आवेदनों को रद्द कर दिया।
महाकुंभ 2025 में हर अखाड़े में महामंडलेश्वर और नागा साधुओं को बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। महामंडलेश्वर उसे बनाया जाता है जो पहले संन्यासी जीवन का पालन कर रहा होता है और विरक्त जीवन का संकल्प लेने वालों को नागा साधु की पदवी दी जाती है। इसकी प्रक्रिया में तीन स्तरीय जांच होती है। मकर संक्रांति के बाद से अब तक कई अखाड़ों में 30 महामंडलेश्वर और 3500 नागा साधु बनाए गए हैं। वसंत पंचमी को तीसरे अमृत स्नान तक महामंडलेश्वर पद के लिए पट्टाभिषेक और नागा संन्यासियों को दीक्षा दिलाई जाएगी।
महामंडलेश्वर और नागा साधु बनने के लिए अखाड़ों में आवेदन देना होता है जिसमें उन्हें जन्म से लेकर, माता-पिता और शैक्षिक योग्यता समेत तमाम जानकारियां देनी होती हैं। जिसके बाद इन आवेदनों की जांच होती है। जिलेदार अपनी जांच रिपोर्ट पंच परमेश्वर को देते हैं। पंच परमेश्वर उस रिपोर्ट की जांच कर सभापति को रिपोर्ट पहुंचाते हैं और फिर सभापति कुछ महात्माओँ से तथ्यों की जांच कराते हैं। इसके बाद ये प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस बार श्रीनिरंजनी अखाड़े ने 6, जूना अखाड़ा ने 4, आवाहन अखाड़े ने दो महामंडलेश्वर पद के लिए दिए गए आवेदनों को रद्द कर दिया। इसी तरह इन अखाड़ों में नागा साधु बनने के लिए दिए गए आवेदनों में से 92 को रद्द कर दिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में निर्माणाधीन विधायक आवास का लिया जायजा, जल्द पूरा करने का दिया निर्देश
23 Jan, 2025 03:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: रांची के जगन्नाथपुर में बन रहे विधायकों के आवास का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार 22 जनवरी को अचानक जायजा लेने पहुंचे. इस दौरान निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए. निर्माणाधीन विधायक आवास का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां बन रहे हेल्थ सेंटर, शॉपिंग कंपलेक्स, बिजली, पानी, सड़क, प्लेग्राउंड, पार्किंग, ड्रेनेज सिस्टम सहित अन्य निर्माण कार्यों का अवलोकन किया. साथ ही निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि विधायकों को आवास मुहैया कराया जा सके.
कब तक पूरा होगा काम?
इस दौरान निर्माण कार्य कर रही कंपनी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सोरेन को आगामी जून महीने तक निर्माण कार्य पूरा होने का आश्वासन दिया. बता दें जगन्नाथपुर में बन रहा विधायक आवासीय परिसर अत्याधुनिक सुविधा से लैस होगा. निर्माणाधीन इस परिसर में 70 डुपलेक्स बन रहे हैं, जिसकी आधारशिला 20 नवंबर 2022 को रखी गई थी.
216 करोड़ की लागत से बन रहा परिसर
43.5 एकड़ में 216 करोड़ की लागत से बन रहे इस परिसर में डुपलेक्स के अलावा ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, चिल्ड्रेन पार्क आदि की सुविधा रहेगी. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अभी विधायकों के लिए आवासीय व्यवस्था व्यवस्थित नहीं है. इस वजह से राजधानी के अलग-अलग जगह में ये रह रहे हैं. यहां एक साथ आवासीय सुविधा होने से काफी सहूलियत मिलेगी. इस दौरान सीएम के साथ अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और अन्य अधिकारी मौजूद थे.
बिहार के बेतिया में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवास पर विजिलेंस की छापेमारी, करोड़ों का कैश बरामद
23 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: बेतिया में गुरुवार के दिन जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवास पर विजिलेंस की छापेमारी चल रही है. बेतिया में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की शिकायत मिली है , जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की है. छापेमारी से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. पटना से पहुंची विजिलेंस की टीम सुबह से जिला शिक्षा पदाधिकारी के किराए के मकान में रेड की है. साथ ही शिक्षा पदाधिकारी से पूछताछ कर रही है. रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है.
DEO के पद पर हैं पदस्थापित
विजिलेंस की टीम ने स्थानीय पुलिस से शिक्षा पदाधिकारी के आवास पर नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई है. DEO के घर पर विजिलेंस की सुबह से रेड चल रही है. बेतिया जिला शिक्षा पदाधिकारी पर आरोप है कि अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की शिकायत मिली, जिस मामले में विजिलेंस की टीम ने रेड डाली है. जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण लगभग 3 साल से जिला में DEO के पद पर पदस्थापित हैं.
करोड़ो में कैश हुआ बरामद
शिक्षा पदाधिकारी मुफस्सिल थाना क्षेत्र में स्थित बसंत बिहार मोहल्ले में किराए के घर में रहते हैं, जहां छापेमारी चल रही है. साथ ही टीम उनके घर पर कई घंटों से पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि करोड़ो में कैश बरामद हुआ है. घर के अंदर पुलिस बल तैनात है. मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत के कई ठिकानों पर पुलिस और विजिलेंस की टीम रेड कर रही है. बेतिया के अलावा अन्य ठिकानों पर हो रही छापेमारी में क्या कुछ मिला है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है.
मुख्यमंत्री योगी ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
23 Jan, 2025 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके नेतृत्व की सराहना की।
नेताजी के आदर्शों को याद करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के इस महाघोष ने भारत के स्वतंत्रता समर को एक नई ऊर्जा तथा नई दिशा दी थी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के योगदान ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई प्रेरणा दी और भारतीय युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरित किया। सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, नेताजी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेशवासियों को पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद!
यहां बताते चलें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। उन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना की और तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा व ‘दिल्ली चलो’ का नारा देकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनके नेतृत्व और विचारधारा ने देश में स्वतंत्रता के प्रति अद्वितीय जोश पैदा किया।
बिहार शिक्षा विभाग ने पांच विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों की सैलरी पर लगाई रोक
23 Jan, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में शिक्षा विभाग ने पांच विश्वविद्यालयों पर बड़ा एक्शन लिया. विभाग ने इन पांच विश्वविद्यालयों की सैलरी और पेंशन पर रोक लगा दी है. सैलरी देने की नई व्यवस्था के तहत यह कार्रवाई की गई है. इसी के साथ विभाग ने राज्य के आठ अन्य विश्वविद्यालयों के लिए करोड़ों रुपये का फंड जारी कर दिया है. इस फैसले के बाद से ही शिक्षकों और कर्मचारियों काफी परेशान है. शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल पर कर्मचारियों और शिक्षकों की जानकारी अपलोड करने के लिए कहा था, लेकिन पांच विश्वविद्यालयों ने जानकारी अपलोड नहीं की थी. इस वजह से विभाग ने सैलरी पर रोक लगा दी है. यह राशि नवंबर और दिसंबर की है.
सैलरी और पेंशन पर लगी रोक
पांच विश्वविद्यालयों सैलरी और पेंशन पर रोक लगाई गई है. उसमें पटना विश्वविद्यालय, तिलकामांझी भागलपुर, आरा और मुंगेर विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय शामिल हैं. इसी के साथ विभाग ने राज्य के बाकी आठ विश्वविद्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए सैलरी, सेवानिवृत्त अध्यापकों तथा कर्मियों को पेंशन के लिए 171 करोड़ 96 लाख रुपये का भुगतान जारी कर दिया है.
शिक्षा विभाग ने जारी किए करोड़ों रुपये
शिक्षा विभाग के मुताबिक बुधवार को जिन आठ विश्वविद्यालयों को राशि जारी की गई है. उन संस्थानों ने प्रमाण पत्र दिया है कि उन्होंने जो भी जानकारी पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल दी है,वह सभी जानकारी सही हैं. इस प्रमाण पत्र के पुष्टि के बाद शिक्षा विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा को 13.66 करोड़, दरभंगा को 33.74 करोड़, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया को 25.28 करोड़, पूर्णिया विश्वविद्यालय को 9.64 करोड़, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को 01.66 करोड़.
10 नवंबर को जारी किया था निर्देश
इसी के साथ मधेपुरा को 17.62 करोड़, बीएन मंडल विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को 37.7 करोड़ और बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर को 32.66 करोड़ की राशि जारी की हैं. पिछले साल 10 नवंबर को शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालय के कुलसचिवों के लिए निर्देश जारी किया था. शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों का डाटा पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो उस विश्वविद्यालय की वेतन रोक दिया जाएगा.
झारखंड के बोकारो जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, एके-47 और इंसास राइफल बरामद
23 Jan, 2025 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोकारो: बोकारो जिले में सुरक्षबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई. जिले के नावाडीह प्रखंड के पेंक नारायणपुर क्षेत्र के जंगल में हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हुए हैं. इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है. सुरक्षाबलों को उनके पास से एके-47, इंसास समेत भारी मात्रा में हथियार और गोलियां बरामद हुई हैं. मुठभेड़ में झारखंड के दो जवानों के घायल होने की खबर भी है. मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है. इन जंगलों में बुधवार सुबह से ही मुठभेड़ जारी है.
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
नक्सली मुक्त झारखंड बनाने के उद्देश्य से लगातार सुरक्षाबलों के द्वारा नक्सलियों के खात्मे को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में बुधवार को राज्य के बोकारो जिला अंतर्गत नावाडीह प्रखंड के पेंक नारायणपुर क्षेत्र के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने पर सुरक्षाबल वहां पहुंचे. सर्च अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें दो नक्सली ढेर हुए हैं.
दो नक्सली ढेर, महिला भी शामिल
सर्च अभियान के उपरांत सुबह जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया. उनके पास से एके-47, इंसास समेत भारी मात्रा में हथियार और गोलियां बरामद हुआ है. जानकारी के मुताबिक, भीषण मुठभेड़ में झारखंड पुलिस के दो जवान भी घायल हुए हैं. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. बताया जा रहा है कि बुधवार अहले सुबह से ही नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है.
एक दिन पहले गिरफ्तार किया था इनामी नक्सली
मंगलवार की शाम बोकारो जिला के ही चंद्रपुरा बीएड कॉलेज मोड़ के समीप से पुलिस की टीम ने एक 15 लाख के इनामी हार्डकोर नक्सली रणविजय महतो को गिरफ्तार किया था. आशंका व्यक्त की जारी है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया नक्सली से पूछताछ के आधार पर ही बुधवार को यह कार्रवाई की गई. इसी क्रम में नक्सली और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हो गयाम. जिसमें दो नक्सली मारे गए हैं, जबकि दो पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की बात सामने आ रही है.
झारखंड आवास बोर्ड रांची में 181 फ्लैटों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से करेगा
23 Jan, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड राज्य आवास बोर्ड, रांची के हरमू और अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी में बने 181 फ्लैटों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से करने जा रहा है. इसके लिए 10 फरवरी 2025 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 10 मार्च 2025 तक चलेगी. वहीं 11 मार्च से 4 अप्रैल तक आवेदन पत्रों की जांच की जाएगी. जबकि 7 अप्रैल को जांच के उपरांत औपबंधिक लिस्ट जारी की जाएगी. 9 अप्रैल को रांची के ही हरमू चौक स्थित झारखंड राज्य आवास बोर्ड के कार्यालय में ही ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 181 फ्लैटों का आवंटन किया जाएगा.
झारखंड राज्य आवास बोर्ड देगा फ्लैट
झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने जैसा है और जहां है के आधार पर 90 वर्ष के लिए फ्लैटों के आवंटन करने का निर्णय लिया है. हरमू हाउसिंग कॉलोनी में आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग (EWS) कैटेगरी के लिए 15 फ्लैट, जबकि लो-इनकम ग्रुप ( LIG) के लिए 91 फ्लैट, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए 66 फ्लैट, वहीं हाई इनकम ग्रुप (HIG) के लिए कल 9 फ्लैट आवंटन के लिए उपलब्ध है.
लॉटरी के जरिये मिलेंगे फ्लैट
आय मापदंड की बात करें, तो 3 लाख सालाना आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी में होंगे. जबकि 6 लाख रुपए तक लो-इनकम ग्रुप में, जबकि 12 लख रुपए वाले मिडिल इनकम ग्रुप में और 12 लाख से ऊपर सालाना आय वाले को हाई इनकम ग्रुप में होंगे. झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने लॉटरी से आवंटन किए जाने वाले फ्लैट के लिए आवेदन के साथ लोगों को फ्लैट की निर्धारित राशि का 10% ऑनलाइन जमा करना होगा.
181 फ्लैटों का किया जाएगा आवंटन
जबकि आवंटन मिलने पर एक महीने के भीतर 25% राशि का भुगतान करना होगा. ऑनलाइन आवेदन के लिए EWS कैटेगरी को 1000 रुपया, वहीं LIG और MIG वर्ग में 2000-2000 रुपये और उच्च आय वर्ग यानी HIG के लिए 3000 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. रांची के जिन 181 फ्लैट का आवंटन किया जाना है. उसकी राशि 15 लाख से लेकर 72.21 लाख तक की होगी.
15 लाख से शुरू होगी कीमत
झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने सभी आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर फ्लैट बेचने का निर्णय लिया है. जिसके तहत न्यूनतम 15 लाख से लेकर अधिकतम 72.21 लाख तक फ्लैट का मूल्य रखा गया है. अगर आप भी रांची में अपने सपनों का आशियाना चाहते है, तो आप भी https;//jshbelottery.jharkhand.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
इसरो ने जारी की महाकुंभ मेले की तस्वीरें, अंतरिक्ष से रडारसैट से ली गई सभी तस्वीरें
23 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। महाकुंभ मेला प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित हो रहा है। मेले की इसरो ने उन्नत तकनीकों का उपयोग कर, उपग्रह के माध्यम से तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में टेंट सिटी, पांटून पुल और संगम आदि को दिखाया गया है। इसरो ने महाकुंभ मेले की तस्वीरें अंतरिक्ष से भेजी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने महाकुंभ मेले की तस्वीरें ली हैं। यह मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।
हैदराबाद के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) ने ये तस्वीरें ली हैं। उन्होंने भारत के आधुनिक ऑप्टिकल उपग्रहों और दिन-रात देखने वाले रडारसैट का उपयोग किया है। इन तस्वीरों से अस्थायी टेंट सिटी और नदी पर बने पांटून पुलों को देखा जा सकता है। एनआरएससी के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने बताया कि उन्होंने रडारसैट का इस्तेमाल किया, क्योंकि यह बादलों के बीच से भी तस्वीरें ले सकता है। प्रयागराज बादलों से घिरा हुआ था। बैंड माइक्रोवेव उपग्रह ने 15 सितंबर, 2023 और 29 दिसंबर, 2024 को तस्वीरें लीं। इस उपग्रह में हर मौसम में तस्वीरें लेने की क्षमता है। इसकी तस्वीरें बहुत साफ होती हैं। इन तस्वीरों से टेंट सिटी, पांटून पुलों और अन्य ढांचे के बारे में जानकारी दी गई है। नए शिवालय पार्क का निर्माण भी अंतरिक्ष से दिख सकता है।
उत्तर प्रदेश प्रशासन इन तस्वीरों का इस्तेमाल मेले में आपदाओं और भगदड़ को रोकने के लिए कर रहा है। तस्वीरों में प्रयागराज परेड ग्राउंड दिखाई दे रहा है। पहली तस्वीर 6 अप्रैल, 2024 की है, जब महाकुंभ शुरू नहीं हुआ था। दूसरी तस्वीर 22 दिसंबर, 2024 की है, जब निर्माण कार्य चल रहा था। तीसरी तस्वीर 10 जनवरी, 2025 की है, जब बड़ी भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। 6 अप्रैल, 2024 की तस्वीर में एक खाली मैदान दिखाई देता है। 22 दिसंबर, 2024 तक शिवालय पार्क बन गया। भारत के नक्शे के आकार में बना यह पार्क बहुत सुंदर दिखता है। इस 10 जनवरी, 2025 को फिर से देखा गया।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ये एडवांस टेक्नोलॉजी बड़े धार्मिक समारोहों के प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव लाने का काम कर रही हैं। महाकुंभ मेला इस बात का उदाहरण है कि कैसे तकनीक और परंपरा मिलकर सभी के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ भविष्य बना सकते हैं। इस धार्मिक आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश में एक नया जिला-महाकुंभ नगर बनाया गया है। यह मेला त्रिवेणी संगम पर मनाया जाता है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियां मिलती हैं।
प्रयागराज महाकुंभ में मुस्लिम समुदाय ने धार्मिक समरसता और सामाजिक एकता का संदेश दिया
23 Jan, 2025 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज । प्रयागराज महाकुंभ 2025 के आयोजन में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी और उनके समर्पण ने धार्मिक समरसता और सामाजिक एकता का संदेश दिया है। जहां एक ओर कुछ साधु-संतों ने मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर बयान दिए, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय ने अपनी जिम्मेदारी निभाकर महाकुंभ को अपना माना और इसके सफल आयोजन में योगदान दिया। प्रयागराज महाकुंभ में पैरामिलिट्री फोर्स के मुस्लिम जवान न केवल सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं, बल्कि इस अपना कर्तव्य और गर्व मानते हैं। वहीं प्रयागराज में मुसलमान पार्षद ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए अलाव का इंतजाम किया। इसी प्रकार मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि उन्हें गर्व है कि प्रयागराज का महाकुंभ दुनिया में मशहूर है। वे किसी सियासत के जरिए समुदायों को बांटने के पक्ष में नहीं हैं।
पिछले आयोजनों में मुस्लिम समुदाय माघ मेला, अर्द्धकुंभ और महाकुंभ में बड़े स्तर पर कारोबार करता था। इस बार विवाद से बचने के लिए मुस्लिम कारोबारियों ने कुंभ मेला से दूरी बना ली है। लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व हैं कि प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोग आ रहे है। मुस्लिम समुदाय ने न केवल महाकुंभ को अपनी सांस्कृतिक धरोहर के रूप में अपनाया, बल्कि इसके सुचारू आयोजन में अपनी भूमिका निभाई। यह उदाहरण भारत की विविधता में एकता और सहिष्णुता का प्रतीक है।
मथुरा शाही ईदगाह के सर्वे पर रोक जारी
23 Jan, 2025 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा। मथुरा शाही ईदगाह के सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक सर्वे पर रोक जारी रहेगी। दरअसल, 14 दिसंबर, 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका स्वीकार करते हुए परिसर का सर्वे कराने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 16 जनवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाई। आज चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच में मामले की सुनवाई हुई।
पीठ ने कहा कि वह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण के खिलाफ ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति की याचिका पर सुनवाई एक अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि शीर्ष अदालत में अभी तीन मुद्दे लंबित हैं। इनमें एक अंतर-न्यायालय अपील का मुद्दा (हिंदू वादियों द्वारा दायर मुकदमों के समेकन के खिलाफ), दूसरा अधिनियम (पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 को चुनौती) शामिल है।
शाही ईदगाह पक्ष नहीं चाहता कि मस्जिद का सर्वे हो
पीठ ने कहा- इस दौरान शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के न्यायालय की निगरानी में सर्वेक्षण पर रोक लगाने वाला इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अंतरिम आदेश लागू रहेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान शाही ईदगाह मामले में वाद दाखिल करने वाले वादी एवं अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा कि सर्वे होने से तथ्य सामने आएंगे। सर्वे क्यों जरूरी है इसको लेकर आगामी सुनवाई में अपनी बात रखेंगे। शाही ईदगाह पक्ष नहीं चाहता कि मस्जिद का सर्वे किया जाए।
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