उत्तर प्रदेश
मुजफ्फरपुर मे वक्फ बोर्ड का आरोप: नगर निगम आयुक्त ने वक्फ की अनुमति के बिना मंदिर को दी जमीन, केस दर्ज
3 Jan, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में श्रावण के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते तत्कालीन नगर आयुक्त ने बाबा गरीबनाथ मंदिर प्रबंधन को अस्थाई नैवेद्यम प्रसाद काउंटर खोलने के लिया जमीन दी थी. जिसके विरुद्ध में सुन्नी वक्फ ने ट्रिब्यूनल में मुकदमा कर दिया था. वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह जमीन गलत तरीके से बिनी वक्फ से बात किये हुए श्री गरीब नाथ मंदिर न्यास समिति को दे दी गई थी. हालांकि, इस जमीन को मंदिर न्यास समिति ने अभी तक इस्तेमाल में नहीं लिया है.
जमीन वापसी की मांग पर सुनवाई जारी
इस मामले में वक्फ बोर्ड ने नगर निगम के खिलाफ केस दर्ज कर दिया था, जिसकी सुनवाई चल रही है. मंजर हसन बनाम बिहार राज्य और अन्य मामले में परिवार ने मंदिर के नैवेद्यम प्रसाद निर्माण की जगह को वक्फ की संपत्ति बताई है. वादी ने सम्पति का मनमाना उपयोग करने का आरोप लगाते हुए जमीन वापस करने की मांग वक्फ न्यायाधिकरण से की है. वक्फ न्यायाधिकरण ने दर्ज मामले में मुसहरी सीओ को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है.
नगर आयुक्त ने मंदिर को दी थी जमीन
साल 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त विवेक रंजन ने 270 वर्ग फुट (18×15) जमीन गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति को प्रयोग करने के लिए दी थी. न्यास समिति के आग्रह पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर उन्होंने यह अनुमति दी थी. आयुक्त ने मंदिर समिति को प्रसाद वितरण के लिए जगह दी थी, जो विवाद का कारण बन गई है. इस पर वक्फ बोर्ड की संपत्ती इस्तेमाल करने को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए बिहार वक्फ ट्रिब्यूनल पटना में केस दर्ज कराया है.
वक्फ ट्रिब्यूनल ने अधिकारियों से मांगा जबाव
इस मामले में 13 और 24 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई हुई थी. अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 28 जनवरी निर्धारित हुई है. इस मामले में सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे. इस मामले में बिहार स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने मुजफ्फरपुर डीएम और मुसहरी सीओ से जवाब मांगा है. इस मामले को लेकर SDM पूर्वी अमित कुमार ने बताया कि यह पुराना जमीन विवाद है.
मेले को देखते हुए दी थी जमीन
नगर आयुक्त ने सावन में लगने वाले मेले की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर को प्रसाद वितरण के लिए जमीन दी थी. लेकिन इसके बाद वक्फ बोर्ड मामले में शिकायत दर्ज करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा है कि जमीन को उपयोग के लिए कैसे दिया गया. जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है उस जमीन पर फिलहाल मंदिर को कुछ भी नहीं है.
झारखंड के पलामू जिले में बस और ट्रक की टक्कर, एक की मौत, 15 घायल
3 Jan, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलामू: झारखंड के पलामू जिले में 3 जनवरी, 2024 दिन शुक्रवार की सुबह बस और ट्रक के बीच टक्कर हो जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. जबकि 15 अन्य घायल हो गए. शुक्रवार को पुलिस ने यह जानकारी दी.
बस और ट्रक की टक्कर में एक की मौत
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से 30 किलोमीटर दूर सतबरवा क्षेत्र में कसियाडीह-बकोरिया मार्ग पर घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण मालवाहक वाहन के बस से टकरा जाने के कारण यह हादसा हुआ.
टक्कर में 15 से अधिक यात्री घायल हो गए
मेदिनीनगर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी ने बताया कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई और टक्कर में 15 से अधिक यात्री घायल हो गए. घायलों में से दो को रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अन्य घायलों को निकटवर्ती तुम्बागडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि बस मेदिनीनगर से रांची जा रही थी तभी यह दुर्घटना हुई. अधिकारी ने बताया कि पुलिस और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि जांच जारी है.
झारखंड की सलीमा टेटे को अर्जुन अवार्ड, महिला हॉकी टीम की कप्तान को मिलेगा प्रतिष्ठित सम्मान
3 Jan, 2025 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड: भारत की राष्ट्रीय खेल हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाली झारखंड की धरती, फिर एक बार गौरवान्वित होने जा रही है. राज्य के सिमडेगा जिला की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और भारतीय महिला हॉकी टीम की महिला कप्तान सलीमा टेटे को अर्जुन अवार्ड से पुरस्कृत किया जाएगा. उनको मिलने जा रहे इस सम्मान से उनके परिजन ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोग बेहद खुश हैं. खेल मंत्रालय ने चार खिलाडियों को खेल रत्न और 32 को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित करने की घोषणा की है. इसमें भारतीय महिला हॉकी टीम की महिला कप्तान सलीमा टेटे भी शामिल हैं. सभी खिलाड़ियों को 17 जनवरी 2025 को किया जाना है. महिला हॉकी खिलाड़ी सलीम टेटे किसान परिवार से हैं. मई 2024 में उन्हें भारत की महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम का कप्तान नियुक्त किया गया.
लकड़ी के डंडे को बनाया हॉकी
सलीमा टेटे का जन्म 26 दिसंबर 2001 को झारखंड के सिमडेगा जिला अंर्तगत पिथरा पंचायत के बड़की छापर नामक गांव मे हुआ है. उनके पिता का नाम सुलक्षण टेटे और मां का सुभानी टेटे हैं. माता-पिता दोनों ही पेशे से किसान हैं. सलीमा टेटे 4 बहन और 1 भाई हैं. उनके परिजन कहते हैं कि सलीम टेटे को बचपन से ही हॉकी के प्रति ऐसा जुनून था, कि घर की माली स्थिति खराब होने के बावजूद भी वह जमकर हॉकी खेला करतीं थीं. हॉकी स्टिक नहीं मिलने पर वह लकड़ी के डंडे से हॉकी की प्रेक्टिस करती थीं.
महिला हॉकी में दिलाया भारत को सम्मान
सलीमा टेटे एक बेहतरीन डिफेंसर हैं. साल 2016 में जूनियर भारतीय महिला टीम से अपने करियर की शुरुआत करने वाली सलीमा टेटे ने वर्ष 2018 में यूथ ओलंपिक में रजत पदक जीता था. टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत की टीम को चौथे स्थान पर पहुंचाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. सलीमा टेटे ने 2022 महिला एशिया कप में भारतीय महिला हॉकी टीम को तीसरा स्थान दिलाया था. उन्होंने 2021-22 में FIH हॉकी महिला प्रो लीग में भारत को तीसरा स्थान दिलाया था. मई 2024 में उन्हें भारत की महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम का कप्तान नियुक्त किया गया.
12 जनवरी से शुरू हो रहा HIL वूमेंस लीग
झारखंड के खेल प्रेमियों के लिए दोहरी खुशी नव वर्ष लेकर आ रहा है. एक तरफ झारखंड की बेटी सलीमा टेटे को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है. वहीं दूसरी तरफ 12 जनवरी 2025 से रांची के मोरहाबादी स्थित मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में महिला एचआईएल वूमेंस लीग शुरू होने जा रहा है. इस लीग में चार टीमों के बीच मुकाबला होगा, जिसमें दिल्ली एसजी पाइपर्स, उड़ीसा वॉरियर्स, बंगाल टाइगर्स और सुरमा हॉकी क्लब शामिल हैं. इस लीग में झारखंड की 6 हॉकी खिलाड़ी शामिल होंगी. जिसमें सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, संगीता कुमारी, दीपिका सोरेग, ब्यूटी डुंगडुंग शामिल हैं.
रांची में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सीओ सदर मुंशी राम को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा
3 Jan, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: रांची में तैनात अधिकारी बिना रिश्वत खाए कलम नहीं चलाते. इस बात की पुष्टि गुरुवार को ही एंटी करप्शन ब्यूरो की दबिश में हुआ है. यह दबिश रांची में CO सदर के ऑफिस और घर में हुई है. इसमें CO सदर को 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है. वहीं उनके घर पर हुई दबिश में 11 लाख रुपये की नगद रकम मिली है. यह रकम भी रिश्वत से जुटाई गई थी. फिलहाल ACB ने CO सदर मुंशी राम को अरेस्ट कर लिया है. ACB मामले की जांच कर रही है.
37 हजार रुपये बरामद
ACB के अधिकारियों के मुताबिक CO सदर मुंशी राम के पास से एक जमीन के विवाद का मामला आया था. इस मामले को निपटारे के लिए उन्होंने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांगी थी. वहीं जब पीड़ित व्यक्ति ने इतने रुपये दे पाने में असमर्थता जताई तो CO सदर ने काम करने से मना कर दिया. ऐसे में पीड़ित ने ACB कार्यालय में शिकायत दी. इसके बाद ACB ने जाल बिछाया और पीड़ित को फिर से CO सदर के पास जाकर बार्गेनिंग करने के लिए कहा. आखिर में 37 हजार रुपये में सौदा पट गया.
घर से बरामद हुई 11 लाख की नगदी
इस दौरान पीड़ित ने जैसे ही CO सदर को 37 हजार रुपये की रकम बतौर रिश्वत दी, तुरंत ACB के अधिकारियों ने CO को रंगे हाथ दबोच लिया. उनके हाथ में रिश्वत की रकम पकड़े जाने के बाद ACB के अधिकारियों ने उनके घर पर भी दबिश दी और 11 लाख से अधिक की रकम बरामद की है. ACB के अधिकारियों के मुताबिक यह रकम भी रिश्वत के जरिए जुटाई गई है. फिलहाल ACB के कार्यालय में CO सदर मुंशी राम से पूछताछ हो रही है. उनसे ACB के अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि किन किन लोगों के काम उन्होंने रिश्वत लेकर किए हैं.
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
इसी के साथ ACB उनके द्वारा हाल फिलहाल में निपटाई गई फाइलों की भी जांच कर रही है. बता दें कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है. इसी क्रम में ACB रांची की टीम ने यह कार्रवाई की है. वहीं इस घटना के सामने आने के बाद झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस किया. उन्होंने कहा कि राज्य में रिश्वत खाने वाले अधिकारी और कर्मचारी संभल जाएं. अब जिस किसी के खिलाफ शिकायत मिलेगी, तत्काल एक्शन होगा.
सुरक्षा और सुव्यवस्था होगी महाकुम्भ की प्राथमिकता
3 Jan, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुम्भ नगर । संगमनगरी प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ 2025 को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए योगी सरकार प्रतिबद्ध है। इसको लेकर मेला क्षेत्र में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंगलवार को प्रयागराज दौरे पर महाकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सीएम योगी के निर्देशों के क्रम में पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को महाकुम्भ की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रयागराज में थे। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इसमें प्रयागराज और आसपास के जनपदों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाने, होटल, रेस्टोरेंट, स्ट्रीट वेंडर्स और अवैध बस्तियों में सघन तलाशी अभियान चलाने के साथ ही मेला क्षेत्र और प्रयागराज आने वाले वाहनों की कड़ी जांच करने के निर्देश भी शामिल रहे। उन्होंने बिना लाइसेंस और परमिट वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने, संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तलाशी और पूछताछ के साथ एलआईयू और आईबी को पूरी तरह अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। प्रयागराज पुलिस की ओर से इस पर अमल किया जा रहा है।
महाकुम्भ से पहले सभी पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के रहने-खाने की उचित व्यवस्था किए जाने का भी निर्देश है। मुख्यमंत्री का कहना है कि मेले में यथासंभव रिजर्व पुलिस बल का उपयोग किया जाए। अन्य जनपदों की पुलिस केवल आपात स्थिति में ही बुलाई जाए। इसके अतिरिक्त, प्रयागराज और प्रदेश के अन्य जिलों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद किए जाने को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के दौरान किसी भी तरह की अवैध वसूली, ठेका या फ्रॉड की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साइबर और ऑनलाइन फ्रॉड पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित करने के साथ फायर सेफ्टी के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। आपातकालीन स्थितियों में रिस्पांस टाइम को कम से कम रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी की निर्देश पर मुख्य स्नान पर्वों के दिन भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुये भगदड़ या जाम की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस को शहर और मेले में प्रवेश करने वाले मार्गों पर क्रेन की व्यवस्था रखने को कहा गया है, ताकि जाम का त्वरित निस्तारण किया जा सके। रूट मैप और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले मार्गों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी का निर्देश है कि महाकुम्भ में सुरक्षा इंतजाम जीरो एरर की पॉलिसी के मुताबिक होने चाहिए। सीएम ने संगम में स्नान के दौरान जल पुलिस को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। नावों का संचालन और सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन करने के साथ ही उन्होंने अधिक भीड़ या गडबड़ी की स्थिति में पांटून पुलों का विकल्प तैयार रखने के भी निर्देश दिये हैं।
स्वस्थ महाकुम्भ में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा
3 Jan, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुम्भनगर । नया साल शुरू होते ही महाकुम्भ के महाआयोजन को लेकर लोगों का उत्साह चरम पर पहुंचने लगा है। योगी सरकार की चाक चौबंद व्यवस्था का परिणाम ये है कि अभी से देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का महाकुम्भनगर में आगमन रफ्तार पकड़ने लगा है। साल के पहले दिन महाकुम्भ नगर के सेंट्रल हॉस्पिटल में भी 900 लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ लिया। देश के किसी भी बड़े हॉस्पिटल की तर्ज पर हाईटेक टेक्नोलॉजी का यहां लोगों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा रहा है। साल के पहले दिन से ही ईसीजी की भी सुविधा शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि महाकुम्भ का आयोजन ऐसा हो, जो पहले के किसी भी कुम्भ से ज्यादा दिव्य और भव्य हो। दुनिया में यूपी की बेहतरीन छवि बने, इसके लिए मुख्यमंत्री ने चुन चुनकर अफसरों की यहां तैनाती की है। महाकुम्भ में पहुंचकर विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालु स्वास्थ्य लाभ लेने भी लगे हैं। आस्था के इस महाकुम्भ में चिकित्सकों का भी उत्साह देखते बन रहा है। कई बार डॉक्टरों को खुद आगे बढ़कर मरीजों का सहयोग करते देखा जा सकता है। महाकुम्भ मेला के नोडल चिकित्सा स्थापना डॉक्टर गौरव दुबे ने बताया कि महाकुम्भनगर में यहां सेंट्रल हॉस्पिटल में साल के पहले दिन 900 मरीजों की ओपीडी हुई। यहां देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे 800 से 900 लोग प्रतिदिन स्वास्थ्य लाभ लेने आ रहे हैं।
इनकी देखभाल के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने व्यवस्था संभाल ली है। सीएम योगी के निर्देश पर यहां मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने लगी हैं। ईसीजी की भी सुविधा शुरू हो चुकी है। साथ ही केंद्रीय पैथोलॉजी में 100 से ज्यादा लोगों का प्रतिदिन टेस्ट शुरू हो गया है। यहां मेले में श्रद्धालुओं को 50 से अधिक तरह का फ्री टेस्ट कराने की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस बार महाकुम्भ में अति आधुनिक टेक्नोलॉजी का पूरी सजगता के साथ इस्तेमाल किया जा रहा है। मरीजों और डॉक्टरों के बीच भाषा की बाध्यता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से दूर कर दिया गया है। महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालु किसी भी भाषा में बोलें, एआई टेक्नोलॉजी की मदद से महाकुम्भ के डॉक्टर उनकी बात समझकर उनका इलाज करने में पूरी तरह सक्षम हैं। देश में पहली बार महाकुम्भनगर में हाईटेक एआई मैसेजिंग फ्लो सिस्टम बनाया गया है। योगी सरकार की यह नई पहल मरीजों की इंटेंसिव केयर में भी मददगार साबित होने जा रही है। 22 रीजनल और 19 इंटरनेशनल लैंग्वेज को समझकर डॉक्टर्स को मरीज के मन की बात एआई बड़ी आसानी से समझा सकेगा।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुलेंगे महाकुंभ सुरक्षा के चार डिजिटल दरवाजे
3 Jan, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुंभनगर । महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बेहद पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इनमें डिजिटल तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली बार श्रद्धालुओं को महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से पल पल की अपडेट मिलेगी। श्रद्धालु अपनी बात सेकेंडों में बड़े पुलिस अफसरों से लेकर पूरे महकमे तक पहुंचा पाएंगे। महाकुंभ पुलिस ने सुरक्षा के चार ऐसे डिजिटल दरवाजे बनाए हैं, जिनके माध्यम से यह सबकुछ पल भर में किया जा सकेगा। बस आपको क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। ऐसा करते ही श्रद्धालु तुरंत सुरक्षा तंत्र के साथ जुड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। विशेष तौर पर सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है। महाकुंभ के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि पहली बार यहां चार प्रकार के ऐसे क्यूआर कोड जारी किए गए हैं, जिन्हें स्कैन करते ही महाकुंभ सुरक्षा के चार डिजिटल दरवाजे खुल जाएंगे। ये दरवाजे एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब होंगे। इनके रास्ते सुरक्षित महाकुंभ की पूरी तैयारी योजनाबद्ध तरीके से कर ली गई है। महाकुंभ पुलिस ने चार ऐसे क्यूआर कोड तैयार किए हैं, जिन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालु सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ जुड़ जाएंगे। इनमें एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए अलग अलग क्यूआर कोड बनाए गए हैं। जैसे किसी ने एक्स वाले क्यूआर कोड को स्कैन किया तो वह तुरंत कुम्भ मेला पुलिस के पेज पर ले जाएगा। यहां आप हर पल की अपडेट तो पाएंगे ही, साथ में मैसेज करके किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना दे सकेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी आपके मैसेज पाते ही अलर्ट हो जाएंगे। एक्स की ही तरह ही ये सुविधा इंस्टाग्राम और यूट्यूब के साथ साथ फेसबुक पर भी उपलब्ध रहेगी। महाकुंभ में डिजिटल आंखें 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी। जिससे जुड़कर श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी हर अपडेट मिलती रहेगी। यहां लोगों की सुविधा के मद्देनजर कमिश्नरेट प्रयागराज हैंडल और महाकुंभ मेला हैंडल उपलब्ध रहेंगे। सुरक्षा और नई नई अपडेट के लिए इन्हे स्कैन किया जा सकता है। सुरक्षा के साथ साथ इस पर जनता की राय भी ली जाएगी। साथ ही आपातकालीन सूचनाएं भी यहां अपडेट की जाती रहेंगी।
महाकुंभ की सुरक्षा में सेंध, अवैध तरीके से ठहरा विदेशी पकड़ा गया
3 Jan, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज । संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ की सुरक्षा में सेंध लगने का मामला सामने आया है। दरअसल, मेला क्षेत्र में एक रूसी नागरिक अवैध तरीके से घूमते हुए पकड़ा गया। जांच में पता चला कि वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी वह पिछले चार महीने से चोरी-छिपे देश में रह रहा था। उसने मेला क्षेत्र के सेक्टर 15 स्थित कैंप में ठिकाना बना रखा था। पुलिस ने उसे वापस भेज दिया है। जांच पड़ताल में विदेशी ने अपना नाम आंद्रे पॉफकॉप और खुद को रूस का बताया। दस्तावेजों की पड़ताल में मालूम हुआ कि उसके वीजा की अवधि सितंबर में ही एक्सपायर हो चुकी है। यह भी पता चला कि वह सेक्टर 15 में ही स्थित श्रद्धालुओं के रेनबो कैंप में ठहरा था। पिछले 15 दिनों से वह यहां रह रहा था। पूछताछ के बाद उसे कमिश्नरेट पुलिस को सौंप दिया गया। विस्तृत जांच पड़ताल के बाद आरोपी को विदेशिक पंजीकरण कार्यालय ले जाया गया। इसके बाद वहां से उसके निर्वासन के संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए उसे वापस भेज दिया गया। गौरतलब है कि तीन दिन पहले भी यहां तीन विदेशी पकड़े गए थे। हालांकि बाद में दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।
हजारीबाग में पत्नी से विवाद के बाद कुएं में कूदा व्यक्ति, बचने गए व्यक्तियो की डूबने से मौत
2 Jan, 2025 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में एक व्यक्ति को कुएं से बचाने के प्रयास में चार लोगों की जान चली गई। पुलिस के मुताबिक, घटना हजारीबाग जिले के चारही इलाके में हुई। घटना में 5 लोगों की मौत हुई। इनमें 4 लोग वह हैं, जो व्यक्ति को कुएं से बचाने की कोशिश कर रहे थे। सुंदर कर्मली का अपनी पत्नी रूपा देवी के साथ घरेलू विवाद हुआ। जिसके बाद कर्मली ने गुस्से में आकर मोटरसाइकिल सहित कुएं में छलांग लगा दी।
बिशनगढ़ के SDPO ने बताया कि सुंदर को बचाने के लिए एक-एक कर 4 लोग कुएं में उतरे। लेकिन सभी की जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचान राहुल कर्मली, विनय कर्मली, पंकज कर्मली और सूरज भुइयां के रूप में हुई। सुरक्षा के लिए कुएं को ढक दिया गया है और उसके पास जाने पर रोक लगा दी गई है। घटना पूरे इलाके में शोक और चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रशांत किशोर 2 जनवरी से BPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में शुरू करेंगे भूख हड़ताल
2 Jan, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) के अभ्यर्थियों की चिंताओं का समाधान करने की मांग को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे. दरअसल, प्रशांत किशोर ने यह फैसला 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले अभ्यार्थियों के बीच बढ़ती अशांति के बाद लिया है.
इससे पहले किशोर ने बिहार सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उन छात्रों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया था, जो परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं. जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े होंगे.
बता दें कि 13 दिसंबर, 2024 को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी. जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था. इसके बाद BPSC ने बापू परीक्षा परिसर में फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया. दूसरी तरफ छात्र पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे.
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन किया गया था. इसके लिए लिए प्रशासन ने उनको अनुमति नहीं दी थी. इसके बाद छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे. प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया. पुलिस ने लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया था. पुलिस ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन के बाद किशोर सहित 700 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
आरिफ मोहम्मद खान बने बिहार के नए राज्यपाल, राजभवन में ली शपथ
2 Jan, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: आरिफ मोहम्मद खान ने 2 जनवरी, 2025 दिन गुरुवार 11 बजे राजभवन में आयोजित एक समारोह में बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन ने खान को पद की शपथ दिलाई. समारोह के बारे में समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल हुए. इससे पहले मोहम्मद आरिफ मोहम्मद खान केरल के राज्यपाल थे. 24 दिसंबर, 2024 को केंद्र सरकार ने बिहार समेत कई राज्यों के राज्यपालों को बदल दिया था. केरल के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया. जबकि बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया.
कौन हैं आरिफ मोहम्मद खान, जानिए
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के बरवाला गांव में पैदा हुए आरिफ मोहम्मद खान ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था. उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत तब की जब वे बुलंदशहर से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पढ़ाई करने गए. वे पहले एएमयू के महासचिव बने और फिर अध्यक्ष के तौर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ का नेतृत्व किया. वह 1977 में 26 साल की उम्र में कांग्रेस की टिकट पर बुलंदशहर की सियाना सीट से विधायक चुने गए. 1980 में कानपुर से सांसद बने. 8वीं, 9वीं और 12वीं लोकसभा के दौरान फिर से बहराईच निर्वाचन क्षेत्र से संसद पहुंच चुके हैं.
बिहार में 26 साल बाद मुस्लिम राज्यपाल
आरिफ मोहम्मद खान से पहले मुस्लिम समाज से एआर किदवई बिहार के राज्यपाल रहे थे. उनका कार्यकाल 14 अगस्त 1993 से 26 अप्रैल 1998 तक रहा था. एआर किदवई भी उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे.
बिहार के पूर्णिया में शख्स ने पुलिस से मांगी मदद, पत्नी की अय्याशियों और ससुरालवालों से परेशान
2 Jan, 2025 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: पूर्णिया जिले का एक पति भी अपनी पत्नी और उसके दोस्तों द्वारा की जा रही प्रताड़ना से तंग आकर अब उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगा रहा है. पति का आरोप है कि वो लगातार पैसों की डिमांड और पत्नी की अय्याशियों से परेशान है. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसकी प्रॉपर्टी और होटल पर कब्जा करने की साजिश कर रहे हैं और उसे घर से निकाल दिया गया है. जबकि सास और साला घर पर कब्जा कर चुके हैं.
रिश्ते में खटास का कारण
पति के इन आरोपों के बाद पत्नी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 24 साल पहले उसके पति की x-गर्लफ्रेंड उसकी जिंदगी में वापस आ गई है. उसी वजह से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है. पत्नी का यह भी कहना है कि उसके पति की जिंदगी में किसी अन्य महिला का आना ही उनके रिश्ते में खटास का कारण बना है. इस मामले में अब तक दोनों की शादी को 17 साल हो चुके हैं और उनके दो बच्चे भी हैं. शादी के इतने साल बाद दोनों के बीच झगड़ा होने पर यह सवाल उठता है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ? हालांकि, दोनों ही पक्षों का दावा है कि उनके पास आरोपों के पुख्ता सबूत हैं.
प्रताड़ना का मामला किया दर्ज
पत्नी ने पति के खिलाफ महिला थाना में प्रताड़ना का मामला दर्ज करवा लिया है, जबकि पति ने एक बार फिर घर बसा लेने की उम्मीद में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र का दरवाजा खटखटाया है. जानकारी के अनुसार, दोनों ने 17 साल पहले अपने घरवालों से झगड़कर लव मैरिज की थी. मामले की जांच में पुलिस जुट गई है. हालांकि, यह घटनाएं समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और ससुराल वालों की ओर से पति-पत्नी के रिश्तों में खलल डालने की प्रवृत्तियों को उजागर कर रही हैं. इससे यह भी प्रतीत होता है कि सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है, और वैवाहिक जीवन में ससुराल वाले अक्सर विलेन के रूप में सामने आ रहे हैं.
महाकुम्भ 2025-आपदा प्रबंधन के लिए योगी सरकार ने बनाया मास्टर प्लान
2 Jan, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुम्भ नगर । मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में विख्यात महाकुम्भ 2025 को आपदा मुक्त संपन्न करने के लिए योगी सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और उससे निपटने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित और सक्षम फोर्स को तैनात कर दिया गया है। इसी क्रम में अब क्विक रिस्पॉन्स के साथ ही जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) का गठन किया गया है। इसके तहत, मंडल, जनपद और मेला स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। मेला क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी आपात स्थिति या आपदा के घटित होने पर रिस्पांसिबिल टीम तत्काल क्रियाशील हो जाएगी।
मण्डलायुक्त, प्रयागराज एवं अध्यक्ष, प्रयागराज मेला प्राधिकरण को रिस्पॉन्सिबल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, पुलिस आयुक्त, प्रयागराज को सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह, जनपद स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट, प्रयागराज एवं अध्यक्ष, डीडीएमए, प्रयागराज को इंसिडेंट कमाण्डर, अपर जिलाधिकारी को डिप्टी इंसिडेंट कमाण्डर और डीसीपी नगर, प्रयागराज को सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेला क्षेत्र के लिए मेला अधिकारी को इंसिडेंट कमाण्डर मेला क्षेत्र नियुक्त किया गया है। सहायक मेला अधिकारी को उप इंसिडेंट कमाण्डर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कुंभ मेला को सुरक्षा अधिकारी, एसडीएम सेक्टर को इसिडेंट कमाण्डर मेला सेक्टर और एडिशनल एसपी-डिप्टी एसपी, सेक्टर को सुरक्षा अधिकारी मेला सेक्टर निर्धारित किया गया है। इन सभी का मुख्य कार्य आपदा की स्थिति में तुरंत क्रियाशील होना होगा।
प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार, महाकुम्भ 2025, प्रयागराज के सुचारू संचालन के लिए मेले के आयोजन के दौरान किसी भी आपदा पर त्वरित, कुशल एवं प्रभावी गति से कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के लिए संगठनातमक संरचना के अनुसार प्रत्येक हितधारक, उत्तरदाता की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किए जाने के उद्देश्य से इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम को महाकुम्भ मेला जनपद क्षेत्र के लिए गठित किया गया है। मेला क्षेत्र के अन्तर्गत किसी आपात स्थिति अथवा आपदा के घटित होने पर यह रिस्पांसिबिल टीम क्रियाशील रहेगी।
कटिहार में बच्चे पर भेड़िये का हमला, उग्र हुए ग्रामीणो ने पीट-पीट कर उतरा मौत के घाट
2 Jan, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार: बिहार के कटिहार में पिछले कुछ दिनों से एक भेड़िये ने इलाके में खौफ फैल रखा था. लोग भेड़िये के आतंक से इतने खौफजदा थे कि उन्होंने घर से निकलना भी बंद कर दिया था. भेडिये ने गांव में रहने वाले लोगों का जीना हराम कर रखा था. आए दिन एक भेड़िये लोगों पर हमला कर रहा था, जिसमें करीब एक दर्जन लोग घायल हो चुके थे. ऐसे ही एक भेड़िये का आजमनगर थाना क्षेत्र के लोगों ने काम तमाम कर दिया है.
आजमनगर थाना क्षेत्र के कन्हरिया कुशहा दियारा इलाके में गांववालों ने एक भेड़िये को पीट-पीटकर मौत के घात उतार दिया. दरअसल, 12 साल का जाकिर हुसैन खेत को जानवरों और पक्षियों से बचाने के लिए गया था. इसी दौरान एक भेड़िये ने उस पर हमला कर दिया. जाकिर की चीख-पुकार सुनकर पास के खेत में काम कर रहे है किसान हैदर अली दौड़ कर उसे बचाने पहुंच गए, लेकिन भेड़िया ने उन पर भी हमला कर दिया.
गांववालों ने भेड़िये को मौत के घात उतारा
इसी बीच दोनों लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम करने वाले लोग और गांववाले तुरंत मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मिलकर भेड़िये को पकड़ लिया. भेड़िये को पकड़ने के बाद सभी ने उसको पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. भेड़िये के हमले में जाकिर हुसैन और किसान हैदर अली बुरी तरह से घायल हो गए हैं. जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
भेड़िये ने दो लोगों पर हमला किया
घायल हैदर अली ने बताया कि 12 साल का जाकिर शाम के समय खेत में पक्षी भगाने गया था. इसी दौरान एक भेड़िये ने उस पर हमला कर दिया. चीख-पुकार सुनकर मैं बचाने के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन भेड़िये ने मेरे ऊपर भी हमला कर दिया. भेड़िये ने मेरे चेहरे पर नुकीले दांतों हमला किया था, जिसमें मुझे कई जगह चोट आई हैं. वहीं, स्थानीय प्रतिनिधियों की माने तो इस इलाके के खेत खलिहानों में आए दिन जंगली जानवर खासतौर से गीदड़ और आदमखोर भेड़िया देखे जा सकते हैं, जो अकेले बच्चे और आदमी को देखकर हमला कर देते है. स्थानीय लोगों ने जंगली जानवरों को जल्द पकड़ने की वन विभाग से मांग की है.
'मंईयां सम्मान योजना' के तहत 56 लाख महिलाओं के खाते में 2,500 रुपये ट्रांसफर, 6 जनवरी को होगा कार्यक्रम
2 Jan, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगले हफ्ते ‘मंईयां सम्मान योजना’ की नई किस्त जारी करेंगे. इस योजना से राज्य की करीब 56 लाख महिलाओं को फायदा होगा. सरकार की ओर से इस योजना के जरिए हर महिला के खाते में सीधे 2,500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ की शुरुआत 6 जनवरी को राजधानी रांची के नामकुम के खोजा टोली मैदान से की जाएगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस दिन दोपहर 1 बजे के करीब इस समारोह की शुरुआत करेंगे. इस दौरान करीब 56 लाख महिलाओं के खाते में दिसंबर से बढ़ी हुई 2500 रुपये राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी.
मनमोहन सिंह के निधन से टाला था कार्यक्रम
राज्य सरकार पहले अपनी इस अहम ‘मंईयां सम्मान योजना’ समारोह का आयोजन दिसंबर में ही करने वाली थी. लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद 7 दिन के राजकीय शोक की वजह से इसे 6 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया. पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार इसे 28 दिसंबर से शुरू किया जाना था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले महीने ही कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की और प्रमुख अधिकारियों को सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. अगस्त में शुरू की गई इस अहम योजना के जरिए 18 से 50 साल की आयु की महिलाओं को शुरू में 1,000 रुपये दिए गए, जिससे राज्य की करीब 55 लाख महिलाओं को लाभ मिला.
सोरेन ने चुनाव के दौरान किया था वादा
हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव के दौरान दिसंबर से महिलाओं को यह सम्मान राशि एक हजार से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का वादा किया था. विधानसभा चुनाव की घोषणा से एक दिन पहले सोरेन कैबिनेट ने दिसंबर से 1,000 की जगह 2,500 रुपये बढ़ाने का ऐलान किया था. माना जा रहा है कि रांची में आयोजित की जाने वाले इस समारोह में राज्यभर से करीब 3 लाख महिलाओं के शामिल होने की संभावना है. इसके लिए महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सभी जिलों को पहले से ही पैसा उपलब्ध करा दिया है.
सरकार को चाहिए 7,300 करोड़ रुपये
राज्य सरकार इस संबंध में पिछले महीने ही ट्रायल कर चुकी है. सरकार ने 26-27 दिसंबर को टेस्ट के तौर पर हर जिले से 100 से 200 महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे. सरकार ने अपनी इस योजना के लिए 6,391 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली है. जारी वित्तीय वर्ष में ‘मंईयां सम्मान योजना’ के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया था. फिर दूसरे मद के जरिए फंड का इंतजाम किया गया. अब चूंकि सम्मान राशि 1,000 से बढ़ाते हुए 2,500 रुपये कर दी गई है तो ऐसे में राज्य सरकार का बोझ बढ़ गया है और उसे वर्तमान वित्तीय वर्ष 31 मार्च, 2025 तक 7,300 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी होगी.
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