मध्य प्रदेश
दुधारू पशुओं की वितरण पद्धति का आधार अति-गरीब को प्राथमिकता हो: राज्यपाल पटेल
24 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राही को उत्पादित दुग्ध का उचित मूल्य दिलाने के लिए परिवहन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। विभागीय अथवा थर्ड पार्टी समन्वय से आवश्यक वाहनों की उपलब्धता पर विचार किया जाए।
राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल एवं मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं, हितग्राहियों को पशुपालन प्रशिक्षण, वनाधिकार पट्टा धारकों को लाभान्वित करने और हितग्राही अंशदान के संबंध जानकारी दी गई।
राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना अति-गरीब के पोषण और सतत् आजीविका की पहल है। योजना की सफलता के लिए अति-गरीब को प्राथमिकता वितरण पद्धति का आधार होना चाहिए। उन्होंने अति-पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया के अति-गरीब को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। योजना की जानकारी के लिये अति-पिछड़ी जनजातियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पशु वितरण कार्यक्रम में लाभान्वित महिला हितग्राहियों के माध्यम से पशुपालन व्यवस्थाओं और परिवार की आय में बढ़ोतरी के संबंध में जानकारी प्रदान करने की पहल करें। योजना की उपलब्धियों का वर्षवार चित्रात्मक विवरण संधारित किया जाए।
राज्यपाल पटेल ने गुजरात राज्य में जनजातीय बहुल क्षेत्र में दुग्ध संजीवनी योजना के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को परिवार के बच्चों के लिए दुग्ध की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की समझाइश दी जाए। विभाग के द्वारा 2 महिला, 2 पुरुष अधिकारियों को बनासकांठा के डेयरी उद्योग का अध्ययन करने के लिए गुजरात राज्य भेजने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल पटेल को प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के किसानों, पशुपालकों को मोबाइल पर ही पशुओं के पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से पशुओं को आहार मिले, इसके लिए विभाग द्वारा गोरस मोबाइल ऐप तैयार कराया गया है। यह ऐप पूरी तरह से सरल हिंदी भाषा में विकसित किया है। इसके लिए नेट की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ब्रीडर एसोसिएशन का विकास किया जा रहा है। इसमें एक ही नस्ल के 20 से अधिक पशुओं के प्रमाणीकरण के द्वारा उन्नत नस्ल के पशुओं की राज्य में ही आपूर्ति के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना क्रियान्वयन के लिए 5 वर्षों के प्रावधान और बजट वृद्धि की गई है। प्रति इकाई पशु कीमत को भी बढ़ाया गया है। बीमा की भी व्यवस्थाएं की गई है। कार्य क्षेत्र 12 से बढ़ाकर 24 जिलों में किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उमरिया जिले के समस्त हितग्राहियों को 2 पशु प्रदान करने की उपलब्धि हासिल की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा योजना अंतर्गत 100 लीटर दुग्ध संकलन क्षेत्रवार दुग्ध सहकारी संस्थाएं बनाई जा रही हैं। इन समितियों के सचिव के रूप में हितग्राहियों को अतिरिक्त आय भी उपलब्ध होगी। उन्होंने प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में बताया कि वितरण पश्चात् तीन माह तक पुन: आकलन कर हितग्राहीवार समीक्षा की जा रही है। पशु चिकित्सक द्वारा साप्ताहिक भ्रमण कर आवश्यक उपचार, टीकाकरण एवं डीवर्मिंग कराई जा रही है। नोडल अधिकारी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है।
इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव मीनाक्षी सिंह, प्रकोष्ठ के सदस्य, लोक भवन और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की जरूरत, हर नागरिक बने डिजिटली जागरूक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है , जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। सावधानी ही सुरक्षा है और जानकारी ही बचाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की जनता को सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र 'जागरूकता, सावधानी और सहभागिता' के बारे में बताकर कहा कि जो लोग सायबर सुरक्षा की जानकारी रखते हैं, वे दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान’ के तहत "सेफ क्लिक 2.0'' के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांव में एक साथ चलेगा। इस अभियान के तहत सायबर ठगी और अन्य अपराधों से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार की गई सायबर जागरूकता बुकलेट्स तथा अभियान के ऑफिशियल वीडियो का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सायबर जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। समापन पर प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में विभिन्न सायबर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। अब अभियान का विस्तार पंचायतों, स्कूलों, बैंकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1700 सेवाएं एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सायबर खतरे अदृश्य रूप में हमारे जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों के प्रति प्रदेशवासियों को जागरुक करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस का "सेफ क्लिक 2.0'' सायबर जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अभियान से प्रदेश के सभी नागरिक जागरूक होंगे। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधी एक प्रकार से डिजिटल दौर के राक्षस हैं, जो दबे पाँव लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक, डेटा ब्रीजिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, रेनसमवेयर अटैक जैसे अनेक प्रकार के सायबर अपराध संचालित हैं। लेकिन सायबर अपराधों के मामले में सावधानी ही बचाव है। मध्यप्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार सायबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस बधाई की पात्र है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष अपने सायबर जागरुकता अभियान के माध्यम से लगभग 33 लाख से अधिक नागरिकों को सतर्क किया था। इस वर्ष 15 दिन तक चलने वाले "सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में हर दिन अलग थीम रखी गई है। इस दौरान लोगों को बैंकिंग, महिला सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के बारे में बताया। यह अभियान बैंकों, बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए लोकरंजन के रुचिकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। सायबर सुरक्षा को जागरूकता, सावधानी और सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बनाया जाएगा। सायबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। यह नंबर सायबर अपराध के मामले में सबसे पहले पीड़ितों की ढ़ाल बनता है।
लालच और जल्दबाजी कर सकती है आर्थिक नुकसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि अगर आपको कोई अनजान लिंक मिले या डराने धमकाने की कॉल आए तो "रुको, सोचो और फिर एक्शन लो''। लालच और जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पुलिस के अभियान को जन जागरुकता अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम सभी सहभागी बनें। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को भारत सरकार ने लागू किया है। प्रदेश में कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। यह एक प्रशंसनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि "सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में बैकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों सबको जोड़ा गया है। अभियान को शुरू करने का यही सही समय है, क्योंकि हमारी युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में प्रवेश ले रही है।
जागरुकता ही सायबर क्राइम से बचने का है सुरक्षा कवच : डीजीपी मकवाना
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 8 जुलाई तक सेफ क्लिक 2.0 सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज सायबर अपराध केवल एक आर्थिक चुनौती नहीं है, बल्कि यह समाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा के भी जुड़ा गंभीर विषय है। पिछले कुछ वर्षों में सायबर अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और करीब 80 प्रतिशत शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होती हैं। डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक, फर्जी प्रोफाइल, फर्जी सिमकार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट, महिला एवं बच्चों के जुड़े अपराधों की संख्या भी बढ़ी है। मध्यप्रदेश पुलिस सायबर अपराध पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है- रोकथाम, अनुसंधान और जागरुकता। इसी दिशा में 25 दिसंबर 2025 से प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। वर्तमान में 1 लाख रुपए तक की सायबर धोखाधड़ी की ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1930 से पीड़ितों को त्वरित सहायता भी उपलब्ध हो रही है। सायबर धोखाधड़ी से संबंधित राशि को बैंक खाते में रोकने और अकाउंट होल्डर को दिलवाने में प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में कुल 135 करोड़ राशि होल्ड कराई गई। पीड़ितों को भी राशि दिलवाई गई। पुलिस सायबर अपराध से जुड़े सिस्टम को चिन्हित कर ठोस कार्रवाई कर रही है। म्यूल अकाउंट्स और सायबर स्लेवरी से जुड़े लोगों की पहचान भी की जा रही है।
सायबर अपराध रोकने चलाये जा रहे हैं विशेष अभियान
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विशेष अभियान "ऑपरेशन फास्ट'', "ऑपरेशन फेस्ट'', "ऑपरेशन मैट्रिक्स'', "ऑपरेशन नयन'' संचालित किए गए। मध्यप्रदेश पुलिस को डीएससीआई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
जन जागरूकता सबसे बड़ी शक्ति सायबर अपराध रोकथाम के लिये
सायबर अपराधों की रोकथाम और जन जागरुकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। मप्र पुलिस ने करोड़ों लोगों को अपने जागरुकता अभियान से जोड़ा है। पहला "सेफ क्लिक'' अभियान जन जागरुकता का विषय बना था। इससे डिजिटल अरेस्ट पर बहुत हद तक रोक भी लगी थी। उन्होंने कहा कि "सेफ क्लिक 2.0'' अभियान से इन प्रयासों को और ज्यादा गति मिलेगी, इस अभियान का मूल मंत्र है। सावधानी ही बचाव है। पुलिस गांव-गांव तक लोगों को "सेफ क्लिक'' के लिए जागरुक करेगी। जनता को बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। इसमें सायबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार प्रसार भी शामिल है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सायबर सुरक्षा) ए. साईं मनोहर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले 2 सप्ताह में मध्यप्रदेश पुलिस इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम करेगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सहित सोशल मीडिया इन्फलूएंसर्स भी उपस्थित थे।
हेमंत खंडेलवाल का पलटवार, बोले- जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है कांग्रेस
24 Jun, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक बयान जारी कर कहा है कि कांग्रेस राजनीतिक साजिश के तहत तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता के बीच भ्रम फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का किसी भी प्रकार के अवैध भूमि सौदे से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस एक बेहद लोकप्रिय मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री और परिवार की जमीनों का दिया ब्यौरा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्तियों का विवरण साझा करते हुए कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर ही ये निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। खंडेलवाल ने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया कि:
मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023 के चुनावी नामांकन पत्र में दर्ज 17 एकड़ भूमि का विवरण वर्ष 2026 में भी वैसा ही है।
उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज 16 एकड़ भूमि भी वैसी ही है और यह जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की है।
उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र की सीमा से पूरी तरह बाहर स्थित है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उनका अपना स्वतंत्र अस्तित्व है और उनके भूमि लेन-देन से मुख्यमंत्री परिवार का कोई संबंध नहीं है।
सिद्धि विनायक कंपनी के आरोपों पर दी सफाई
कांग्रेस के आरोपों में शामिल 'सिद्धि विनायक कंपनी' को लेकर भी भाजपा ने स्थिति साफ की है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस कंपनी के पास वर्ष 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो जून 2026 तक बढ़ने के बजाय घटकर 65 एकड़ रह गई है। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे। इसके बाद से कंपनी के कामकाज या संचालन से उनका कोई वास्ता नहीं रहा है।
पिछड़ा वर्ग नेतृत्व को निशाना बनाने का लगाया आरोप
हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस की इस रणनीति पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पिछड़े वर्ग के नेताओं के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब भी मध्य प्रदेश में पिछड़े वर्ग का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है, कांग्रेस ने हमेशा उन्हें कमजोर करने और निशाना बनाने का काम किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान और अब वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को पचा नहीं पाती है। उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस विकास के मुद्दे पर बीजेपी का सामना करने में नाकाम रही है, इसलिए ऐसे झूठे आरोप लगा रही है, लेकिन प्रदेश की समझदार जनता इस सच्चाई को भली-भांति जानती है।
जनता परेशान, अधिकारी गायब; चौकीदार के भरोसे चल रही सरकारी व्यवस्था
24 Jun, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड। जिले के भूजल एवं मृदा-जल संरक्षण विभाग के दफ्तर की लचर व्यवस्था और कार्यशैली पर स्थानीय जनता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि इस दफ्तर में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी नियमित तौर पर ड्यूटी पर नहीं आता है। पूरा का पूरा सरकारी दफ्तर एक अदद चौकीदार के भरोसे रामभरोसे चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहाँ पदस्थ सब इंजीनियर हरिशंकर शाक्य साल भर नदारद रहते हैं और वे सिर्फ 15 अगस्त व 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए ही दफ्तर का रुख करते हैं।
बदहाली के आंसू रो रहा है दफ्तर
अधिकारियों और स्टाफ की इस भारी लापरवाही के चलते विभाग के सारे रोजमर्रा के कामकाज पूरी तरह ठप पड़े हैं या फिर चौकीदार के ही भरोसे निपटाए जा रहे हैं। यही नहीं, देखरेख के अभाव में दफ्तर की इमारत और अंदरूनी व्यवस्था भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कमरों में टूटे हुए टेबल-कुर्सियां और कबाड़ फैला नजर आता है। बुनियादी सुविधाओं और जरूरी संसाधनों के अभाव के कारण विभाग से जुड़े आम लोगों के काम लटके हुए हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सरकारी बाबुओं और इंजीनियरों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परेशान होकर क्षेत्र के ग्रामीणों और आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। लोगों की मांग है कि दफ्तर में स्टाफ की नियमित उपस्थिति अनिवार्य की जाए और बदहाल व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक अमला इस गंभीर लापरवाही पर क्या एक्शन लेता है।
ऑनलाइन ठगी से बचाव का संदेश, ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान की होगी शुरुआत
24 Jun, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” का भव्य शुभारंभ करेंगे। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति सतर्क करना तथा एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण को बढ़ावा देना है।
साइबर जागरूकता रथ को दिखाएंगे हरी झंडी
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 'साइबर जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना करेंगे। यह रथ पूरे मध्य प्रदेश का भ्रमण कर लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के व्यावहारिक उपायों और डिजिटल सावधानियों के बारे में जागरूक करेगा। इस अभियान के अंतर्गत पूरे राज्य में विशेष कार्यशालाएं, जनजागरूकता कार्यक्रम और सीधे संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बाल संरक्षण के लिए 'इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन' से समझौता
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर साइबर सुरक्षा और विशेषकर बाल संरक्षण (चाइल्ड प्रोटेक्शन) के क्षेत्र में काम को मजबूत करने के लिए ‘इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन’ संस्था के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके साथ ही:
स्कूली बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाने के लिए तैयार की गई एक विशेष साइबर जागरूकता बुकलेट का विमोचन होगा।
‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के आधिकारिक जागरूकता वीडियो को लॉन्च किया जाएगा।
आम जनता को बेहद सरल और मनोरंजक तरीके से जागरूक करने के लिए कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया जाएगा, जो सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संदेश देगा।
मध्यप्रदेश पुलिस की अपील: हेल्पलाइन नंबर 1930 का करें उपयोग
जरूरी सूचना: मध्य प्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, डिजिटल धोखाधड़ी या साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
भोपाल मेट्रो को ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलने तक रोक, 48 घंटे बाद तस्वीर होगी साफ
24 Jun, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी भोपाल में मेट्रो के सफर को और ज्यादा रफ्तार देने और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत शहर के सुभाष नगर से एम्स के बीच संचालित हो रही मेट्रो सेवा अगले दो दिनों यानी बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की विशेष टीम मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम की बारीकी से जांच करेगी और सबकुछ मानकों के अनुरूप पाए जाने पर अपनी अंतिम 'ओके' रिपोर्ट जारी करेगी। इस तकनीकी परीक्षण को सुरक्षित ढंग से पूरा करने के लिए ही आम जनता के लिए दो दिनों तक मेट्रो का संचालन रोकने का फैसला लिया गया है।
फिलहाल एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो
वर्तमान में भोपाल और इंदौर दोनों ही शहरों की मेट्रो में अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह सक्रिय नहीं है। इस तकनीकी सीमा के कारण मेट्रो प्रबंधन को केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था में सुभाष नगर से एम्स के बीच जाने और आने वाली, दोनों ही ट्रेनें एक ही ट्रैक पर दौड़ रही हैं। इसी वजह से ट्रेनों के फेरों के बीच का समय (फ्रीक्वेंसी) पूरे 75 मिनट का है, जिसके कारण यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि दूसरा ट्रैक (अप ट्रैक) अभी खाली रहता है।
जांच के बाद दोनों ट्रैक पर शुरू होगी सेवा
इस दो दिवसीय सघन जांच और कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की हरी झंडी मिलने के बाद दोनों ही ट्रैक पर मेट्रो ट्रेनों का सुचारू संचालन शुरू हो जाएगा। नया सिग्नलिंग सिस्टम चालू होते ही मेट्रो का नया टाइम-टेबल और शेड्यूल जारी किया जाएगा, जिसकी संभावना आगामी जुलाई महीने में जताई जा रही है। नया शेड्यूल लागू होने से ट्रेनों के बीच का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को हर कुछ मिनटों में मेट्रो मिल सकेगी।
आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पर खर्च हुए करोड़ों
सुभाष नगर से एम्स के बीच तैयार किए गए इस कॉरिडोर पर बेहद आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह पूरा कॉरिडोर भोपाल में लगभग ₹800 करोड़ की लागत से बन रहे 30 किलोमीटर लंबे विस्तृत प्रोजेक्ट के पहले चरण का एक अहम हिस्सा है। इस नए सिस्टम के पूरी तरह चालू होने के बाद भोपाल मेट्रो का संचालन न सिर्फ तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि बेहद सुव्यवस्थित भी हो जाएगा, जिससे राजधानी के यात्रियों को एक विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव मिलेगा।
शिक्षकों के लिए खुशखबरी! तबादले में अब अन्य दस्तावेज भी होंगे मान्य
24 Jun, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वैच्छिक तबादलों (Voluntary Transfers) के नियमों में किए गए एक अचानक बदलाव के बाद, हजारों शिक्षकों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। अब शिक्षक मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र) के बिना भी अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्य शर्त से बढ़ी थी परेशानी
दरअसल, विभाग ने इस बार स्वैच्छिक तबादलों के लिए एक नई शर्त लागू की थी। इसके तहत जो शिक्षक अपने पति या पत्नी के कार्यस्थल के पास ट्रांसफर चाहते थे, उनके लिए विवाह का मैरिज सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया था। शिक्षक संगठनों का कहना था कि अधिकांश शिक्षकों की शादी 15 से 20 साल पहले हुई थी, जब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने का चलन आम नहीं था। इस अचानक आए नियम के कारण हजारों शिक्षक मंगलवार को आवेदन की अंतिम तारीख तक परेशान होते रहे और आवेदन करने से चूक रहे थे।
लोक शिक्षण संचालनालय ने दी बड़ी राहत
शिक्षकों की इस जायज समस्या को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त अभिषेक सिंह ने मंगलवार देर रात एक नया आदेश जारी कर बड़ी राहत दी है। इस नए आदेश के मुताबिक, अब शिक्षकों को मैरिज सर्टिफिकेट की जगह वैकल्पिक दस्तावेज अपलोड करने की छूट दे दी गई है। शिक्षक अब विवाह संबंधी दस्तावेज के स्थान पर अपना 'समग्र आईडी कार्ड', 'सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) का सत्यापित पृष्ठ' या अन्य कोई भी इससे जुड़ा वैध दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
दिव्यांग शिक्षकों के लिए नियम और समय सीमा
इस ट्रांसफर प्रक्रिया में दिव्यांग शिक्षकों के लिए भी नियम तय किए गए हैं, जिसके तहत उनसे एक साल के भीतर बना हुआ नवीनतम दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग में इन स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 जून से शुरू हुई थी और मंगलवार को इसकी अंतिम तिथि थी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अब शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश 28 से 30 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
बारिश का डबल अटैक! तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी
24 Jun, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। राज्य में कहीं तेज धूप झुलसा रही है, तो कहीं रिमझिम बारिश हो रही है। कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का दौर भी जारी है। इस बीच राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों के भीतर मानसून राज्य में दस्तक दे सकता है। अनुमान जताया गया है कि मानसून छिंदवाड़ा जिले के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।
प्रदेश के 41 जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आज राज्य के अधिकांश मध्य, दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में 'यलो अलर्ट' जारी किया है। इसके तहत भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रीवा, धार, विदिशा, गुना, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, सिंगरौली, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, देवास, शाजापुर, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, सागर, कटनी, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा समेत कुल 41 जिले शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज बारिश की आशंका है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
कुछ इलाकों में लू और भीषण गर्मी का सितम
एक तरफ जहां आधे से ज्यादा राज्य में बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ नरसिंहपुर और सीधी जिलों में आज भी भीषण लू (हीटवेव) का प्रकोप बना रहेगा। यहाँ अत्यधिक उमस और गर्मी के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त ग्वालियर-चंबल संभाग सहित राज्य के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी इलाकों जैसे भिंड, श्योपुर, गुना, मुरैना, शिवपुरी, नीमच और मंदसौर में मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा। इन जिलों के लोगों को फिलहाल इस तपती गर्मी से तुरंत राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
आधुनिक एवं स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में जीआरपी का महत्वपूर्ण कदम
23 Jun, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : बदलते अपराध स्वरूपों और आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप पुलिस बल को अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष पुलिस प्रशिक्षण (Smart Policing Training) शिविर का समापन विशेष पुलिस महानिदेशक दूरसंचार संजीव कुमार शमी तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल, भोपाल राजाबाबू सिंह के मुख्य आतिथ्य में पी.टी.आर.आई. प्रशिक्षण केंद्र, भोपाल में सम्पन्न हुआ।
08 जून से 22 जून तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीआरपी भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर इकाइयों के आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के कुल 30 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक अधिक 'स्मार्ट', तकनीकी रूप से सक्षम, और संवेदनशील बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर अपराधों की जांच एवं रोकथाम, फॉरेंसिक विज्ञान, मानवाधिकार संरक्षण, तनाव प्रबंधन तथा नागरिकों के साथ बेहतर संवाद एवं जनसंपर्क स्थापित करने संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट
23 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख सुअश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
जीआरपी जबलपुर ने त्वरित कार्रवाई कर ट्रेन में चोरी गए आभूषण एवं सामान को मात्र दो घंटे में किया बरामद
23 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील, तकनीक आधारित एवं त्वरित कार्रवाई का एक उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। जीआरपी थाना जबलपुर ने अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान चोरी गए 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण एवं अन्य सामान को घटना के मात्र दो घंटे के भीतर बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर श्री सुंदर सिंह कनेश ने बताया कि 22 जून को नर्मदापुरम जिले के इटारसी निवासी श्री नीलेश मालपानी ने जीआरपी थाना जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रेन क्रमांक 12853 अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उनकी पत्नी के पर्स से सोने के आभूषण, एप्पल एयरपॉड, नगदी एवं अन्य दस्तावेज सहित लगभग 10 लाख 47 हजार रूप्ए की सामग्री चोरी हो गई हैं। रिपोर्ट पर थाना जीआरपी जबलपुर में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल श्री राजा बाबू सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मोबाइल लोकेशन का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान चोरी गए एप्पल एयरपॉड की लोकेशन ट्रेस होने पर प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर शिवनगर, गोहलपुर क्षेत्र में दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से चोरी गया सोने का हार, अंगूठियां, कान के टॉप्स, ब्रेसलेट, एप्पल एयरपॉड, नगदी, आधार कार्ड सहित अन्य सामग्री लगभग 10 लाख 47 हजार रूपए की जब्त की।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति तथा आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने हेतु प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर मंत्री सिंह ने जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना मां रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का किया अनुरोध
23 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट कर जबलपुर एयरपोर्ट का नामकरण वीरांगना मां रानी दुर्गावती के नाम पर किए जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद समिति ने किया विमर्श
23 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद समिति ने विमर्श किया। बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और समिति के सदस्यों ने नीति को जन-केंद्रित, सेवा-उन्मुख, गरीब एवं वंचित वर्गों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में मंत्रिपरिषद समिति के सदस्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक एवं सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए परोपकारी संस्थाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सेवा-भाव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आमजन तक पहुंचाना है।
वर्तमान में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं पहुंच के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों सहित उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान मुख्यतः बड़े शहरों तक सीमित हैं, जिससे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करती है। प्रस्तावित नीति का उद्देश्य प्रदेश में उच्चस्तरीय तृतीयक एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना, विशेषज्ञ एवं एमबीबीएस चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना, गरीब मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना, अन्य राज्यों में उपचार के लिये मरीजों के पलायन को कम करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाना है।
नीति के अंतर्गत केवल सेवा-उन्मुख एवं लाभ-निरपेक्ष परोपकारी संस्थाओं को पात्र माना जाएगा। इनमें कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियां, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के अंतर्गत पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट तथा सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थाएं शामिल हो सकेंगी। पात्र संस्थाओं के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का पंजीकरण एवं सेवा गतिविधियों का संतोषजनक अनुभव होना प्रस्तावित किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालय एवं नर्सिंग कॉलेज जैसी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने वाली संस्थाओं को प्राथमिकता दिए जाने का भी प्रस्ताव है।
बैठक में प्रस्तावित प्रोत्साहनों की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उपयुक्त भूमि का चयन कर रियायती दरों पर दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराने, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिये उच्च लागत वाले चिकित्सा उपकरणों पर निर्धारित शर्तों के अधीन अनुदान उपलब्ध कराने तथा विभिन्न स्वीकृतियों के लिए सिंगल-पॉइंट क्लियरेंस प्रणाली विकसित करने जैसे प्रावधानों पर चर्चा की गई।
मंत्रिपरिषद समिति ने नीति के प्रारूप का परीक्षण करते हुए सुझाव दिया कि इसके सभी प्रावधानों का केंद्र बिंदु आमजन, विशेषकर गरीब एवं वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। समिति ने नीति को अधिक सेवा-उन्मुख, पारदर्शी एवं जनहितकारी स्वरूप प्रदान करने पर बल दिया।
राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी
23 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रूपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरुरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिये महत्वपूर्ण है।
225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी।
स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।
सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी।
राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्रदाय करने के लिए किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।
प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से रूपये 3 लाख तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुये शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध करायी जाती है, जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।
शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।
जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के 'लीगल एजुकेशन रूल्स' के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रूपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिये गये केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूँजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।
एक देश, एक संविधान की विचारधारा को भाजपा ने किया याद
23 Jun, 2026 08:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा कार्यालय में दी गई श्रद्धांजलि, सीएम और वरिष्ठ नेताओं ने किया नमन
भोपाल। भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश पचौरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य नेताओं के साथ डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके राष्ट्रहित में किए गए योगदान को याद किया। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के उस ऐतिहासिक संकल्प को याद किया, जिसमें उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर राष्ट्र की एकता को सर्वोपरि माना। नेताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और देश की अखंडता के लिए संघर्ष करते हुए डॉ. मुखर्जी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका जीवन राष्ट्र सेवा, समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण है।
डॉ. मुखर्जी के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ कार्य कर रही है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देश को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। उनके बलिदान दिवस पर पूरा देश ऐसे महान राष्ट्रवादी नेता को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है।
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