मध्य प्रदेश
शाहपुर वन परिक्षेत्र के चौंडी बीट में एक गर्भवती बाघिन का शव मिलने से मचा हड़कंप
5 May, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुरहानपुर: जिले के शाहपुर वन परिक्षेत्र के चौंडी बीट क्रमांक 428 में गर्भवती बाघिन मृत अवस्था में मिली है. दरअसल बाघिन के पेट में 3 शावक पल रहे थे, पेट में पल रहे तीन शावकों की भी जान चली गई है. बाघिन का शव, 2-3 दिन पुराना बताया गया, फॉरेंसिक जांच में बाघिन के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है.
10 दिन में होने वाला था प्रसव
जानकारों के मुताबिक, बाघिन का प्रसव 7-10 दिन में संभावित था. डीएफओ के मुताबिक, बाघिन की उम्र ढाई से तीन साल है. फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. बता दें कि जिले में 1 साल में 3 बाघों की मौत हो चुकी हैं. ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है.
जंगल में मिला बाघिन का शव
बता दें कि, 2 मई की रात्रि को चौंडी के जंगल में मादा बाघ की मौत का मामला सामने आया है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद नई दिल्ली से एनटीसीए और भोपाल से मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक की टीम भी मौके पर पहुंची. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटना स्थल निरीक्षण किया गया, आसपास से सेंपल जुटाए गए, साथ ही डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल एवं उसके आस-पास छानबीन की कार्रवाई की गई है.
डीएफओ विद्या भूषण सिंह ने बताया कि, ''बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, पोस्टमार्टम टीम में एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ प्रशांत देशमुख, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. हमजा नदीम, वन्यजीव चिकित्सक डॉ हीरासिंह भंवर, पशु चिकित्सक डॉ अंजू अचाले, डॉ रविन्द्र मौजूद थे.''
बाघिन के सभी अंग सुरक्षित
डीएफओ ने कहा कि, ''पोस्टमार्टम के दौरान बाघिन के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं. बाघिन का अंतिम संस्कार खंडवा सीसीएफ रमेश गणावा, डीएफओ विद्या भूषण सिंह, एसडीओ अजय सागर, तहसीलदार गोविंद सिंह रावत सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया.''
कायस्थ समाज बुद्धिजीवी समाज के तौर पर अपनी पहचान रखता है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
5 May, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कायस्थ समाज बुद्धिजीवी समाज के तौर पर अपनी पहचान रखता है। इस समाज के लोग पढ़े-लिखे और संस्कारित होते हैं, जो समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित भगवान चित्रगुप्त प्रकटोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष आने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन समाज को दिशा देने और सशक्त करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा का विकास सभी के सहयोग से ही संभव हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कायस्थ समाज द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया तथा वरिष्ठ नागरिक का सम्मान किया।
लव जिहाद पर सरकारी कानून सख्त, पर पुलिसिंग कमजोर
5 May, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सरकार ने लव जिहाद रोकने के लिए कानून तो बना दिया लेकिन कमजोर पुलिसिंग के कारण इसका असर नहीं दिख रहा है। भोपाल में ही एक निजी कॉलेज की हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने अपनी पहचान छिपाकर धोखे में रखा। उनका यौन शोषण किया। यह एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध था। इसमें कई लोग शामिल थे। इसके बाद भी पुलिस को भनक तक नहीं लगी। दरअसल, ऐसे मामलों में कमजोर कड़ी पुलिस व्यवस्था ही है।
पुलिसकर्मियों से बदसलूकी
न तो उनका खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रहा है और न ही पुलिसकर्मी सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग के तौर-तरीकों से वाकिफ हैं। पुलिस का खौफ इस हद तक कम हो गया है कि अकेले मार्च-अप्रैल में ही आठ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की गई। दरअसल, राजधानी भोपाल में कुछ लोग संगठित तरीके से लड़कियों के शारीरिक शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि इस मामले में भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और धारा 5 के तहत मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक पांच पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बुर्का पहनने का दबाव
घटनाक्रम से यह तो स्पष्ट है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िताओं को फंसाया और उनके साथ दुष्कर्म किया, लेकिन इस बात के भी सबूत मिले हैं कि वे उनका धर्म परिवर्तन भी कराना चाहते थे। उन्होंने लड़कियों को मांस खिलाया। उन पर बुर्का पहनने का दबाव बनाया गया। इसी कारण इस मामले को लव जिहाद से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोपी अलग-अलग राज्यों के हैं। इससे यह भी संभावना है कि उनके पीछे दूसरे राज्यों के कुछ और लोग भी हो सकते हैं, जो आरोपियों की मदद कर रहे हों। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
200 से अधिक मामले दर्ज
इसी साल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अब तक प्रदेश में 200 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अपराधियों में कानून का डर नहीं दिख रहा है।
275 युवाओं को रोजगार देकर स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में अनूपपुर का एमबी पावर प्लांट
5 May, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अनूपपुर: एमबी पावर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड ने आज अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित लहरपुर गांव में स्थित अपने पावर प्लांट के आसपास के गांवों से लगभग 275 युवाओं को रोजगार देकर स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की गई हैं, जिनमें अकुशल श्रमिकों से लेकर आईटीआई पास तकनीशियन, स्नातक और परास्नातक डिग्री धारकों तक को शामिल किया गया है। इस विविधता से कंपनी की मजबूत स्थानीय मानव संसाधन संरचना तैयार करने की प्रतिबद्धता झलकती है।
प्रत्यक्ष नियुक्तियों के साथ ही कंपनी ने कई स्थानीय विक्रेताओं और ठेकेदारों के साथ भी साझेदारी की है, जिससे क्षेत्र में कई परिवारों के लिए आय के नए स्रोत उत्पन्न हुए हैं। अपनी विस्तार रणनीति के तहत एमबी पावर आने वाले वर्षों में अपनी वर्तमान क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इस विस्तार को समर्थन देने के लिए कंपनी ने आसपास के गांवों से और अधिक लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया है, ताकि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था में सतत योगदान दिया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कंपनी के विकास चरण को समर्थन दिया है और इसे क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला कदम बताया है।
हिंदुस्तान पावर में एवीपी – मानव संसाधन, श्री सुबोध सिंह ने कहा, “एमबी पावर में हम हमेशा उन क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य करते हैं, जहां हम कार्यरत हैं। हमने हमेशा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी है, जिन्होंने हर कदम पर हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि क्षेत्र में समग्र प्रगति हो रही है और जैसे-जैसे आवश्यकता होगी, हम और लोगों को रोजगार देते रहेंगे।” समुदाय-आधारित विकास और समावेशी प्रगति पर केंद्रित एमबी पावर एक जिम्मेदार संस्था और क्षेत्रीय विकास की सहायक शक्ति बनी हुई है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक की नियुक्ति को लेकर शिक्षकों और जूनियर डॉक्टरों का आज विरोध प्रदर्शन
5 May, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: डॉ. अरुणा कुमार को संचालक चिकित्सा शिक्षा पद पर नियुक्त किए जाने के विरोध में सोमवार को दोपहर 1 बजे सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा शिक्षक एवं जूनियर डॉक्टर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे सीएम को संबोधित पत्र संबंधित महाविद्यालय के डीन को सौंपेंगे। वे सभी 18 चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सा शिक्षा डीन कार्यालय के बाहर 15 मिनट का धरना देंगे।
डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाने का विरोध
प्रगतिशील चिकित्सा शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि रविवार को सभी 18 शासकीय एवं स्वायत्तशासी चिकित्सा महाविद्यालयों के एमटीए के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी की बैठक हुई। सभी ने डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाए जाने का पुरजोर समर्थन किया। यदि आदेश निरस्त नहीं किया गया तो सोमवार से सभी चिकित्सक विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि विवादित डॉ. अरुणा, जिन्हें शासन ने विभागाध्यक्ष एवं डीन के पद के लिए उपयुक्त नहीं माना, को संचालक चिकित्सा शिक्षा जैसे संवेदनशील पद पर पदस्थ न किया जाए। पदस्थापना तत्काल निरस्त की जाए। किसी अन्य योग्य वरिष्ठ अनुभवी चिकित्सक को पदस्थ किया जाए। आदेश निरस्त होने तक प्रदेशव्यापी विरोध जारी रहेगा।
मेडिकल फेडरेशन भी हो सकता है शामिल
मध्य प्रदेश मेडिकल फेडरेशन भी आंदोलन में शामिल हो सकता है। इसमें प्रदेश के डॉक्टरों से जुड़े सभी आठ संगठन शामिल हैं। इससे आंदोलन का असर और व्यापक हो सकता है। इसमें मेडिकल शिक्षकों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, बीमा अस्पताल, आईएमए आदि के डॉक्टर भी शामिल हैं।
एमपी के हर जिले में बनेगा अत्याधुनिक वैक्सीनेशन हब
5 May, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए निजी अस्पतालों की तरह मॉडर्न वैक्सीनेशन सेंटर तैयार कर रहा है। प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत 8 शहरों के सरकारी अस्पतालों में चार माह के भीतर आधुनिक वैक्सीनेशन सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे। इन सेंटरों में वैक्सीनेशन के लिए आने वाले बच्चों को घर नुमा माहौल प्रदान किया जाएगा। यहां बच्चों को खेलने के लिए खिलौनों साथ परिजनों के मनोरंजन की सुविधा भी होगी। खास बात यह है कि इन सेंटरों में वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी मिलेगा।
केंद्र सरकार से मिला बजट
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के आठ शहरों में 26 मॉडर्न वैक्सीनेशन सेंटर बनाने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बजट दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार वैक्सीनेशन केंद्रो में सुविधा नहीं होने की वजह से लोग अपने बच्चों को वैक्सीनेशन करने निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। आधुनिक वैक्सीनेशन सेंटर बनने से टीकाकरण की संख्या बढ़ेगी। मॉडर्न सेंटर में शून्य से 18 साल के बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी होगा। गौरतलब है कि प्रदेश में सप्ताह में दो बार बच्चों के वैक्सीनेशन के 12 हजार सेशन होते हैं। हर सेशन में करीब 50 हजार बच्चों का टीका लगाया जाता है।
प्रदेश के आठ शहरों में बन रहे इतने सेंटर
भोपाल- 4, उज्जैन- 4,ग्वालियर- 4,जबलपुर-4 ,इंदौर- 4, सागर- 2, रीवा- 4, छिंदवाड़ा- 1 सेंटर होंगे। राजधानी भोपाल के जयप्रकाश जिला (जेपी) अस्पताल, सिविल अस्पताल, गांधीनगर, सिविल अस्पताल, बैरागढ़ और कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में सेंटर बनाया जाएगा।
चार महीने के अंदर शुरू हो जाएंगे सभी 26 सेंटर
एनएचएम की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि मॉडर्न वैक्सीनेशन सेंटर बनाने का काम तेजी पर है। एक दो सेंटर बनकर तैयार भी हो गए हैं। अगले 4 महीने के भीतर सभी सेंटरों को चालू करने का लक्ष्य है। इन सेंटरों में घरेलू वातावरण देने का प्रयास किया जा रहा है। पहले फेज में प्रदेश के आठ शहरों में 26 केंद्र बनाए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: 45 जिलों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी
5 May, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र में आंधी-बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। रविवार को भोपाल, इंदौर, देवास और खंडवा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर में गरज-चमक और तेज हवा के साथ शाम 5 बजे से तेज बारिश हो रही है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन के अलावा दो टर्फ भी गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। अगले चार दिन यानी, 7 मई तक प्रदेश में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर किसानों के माथे पर बल आ गया है। इस बीच राजधानी समेत 45 जिलों में आंधी-बारिश समेत ओले गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 7 मई तक प्रदेश में तेज आंधी के साथ बारिश होगी। आज भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर सहित 45 जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। बताया जा रहा है कि 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ दो टर्फ लाइन भी गुजर रही है। इस कारण 7 मई तक मौसम बदला सा रहेगा।
60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी
इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। भोपाल में दोपहर के बाद से आसमान में बादल छाए हैं। जिससे झमाझम बारिश होने की आशंका है। बता दें कि वर्षा की वजह से तापमान में काफी गिरावट हुई है। मौसम में ठंडक होने की वजह से लोगों ने घर के कूलर और ्रष्ट तक बंद कर दिए हैं।
दिन और रात के तापमान में गिरावट
पिछले 48 घंटों के दौरान दिन और रात के तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य के करीब था। यह स्थिति लगभग एक सप्ताह बाद बनी है जब तापमान सामान्य स्तर पर आया है। रात का न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा।
🔥 पचमढ़ी में होटलों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन
5 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम: पहलगाम हमले के बाद मध्य प्रदेश की हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सजग हो गया है. इसी को लेकर हिल स्टेशन पचमढ़ी में साडा सीईओ अनीशा श्रीवास्तव ने होटल संचालकों की बैठक ली. जिसमें देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की आपदा से बचाने के लिए जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए. साडा सीईओ ने होटल संचालकों से कहा कि किसी प्रकार की आपदा में हमें पर्यटकों को सुरक्षित रखना है. इसके लिए होटल में सभी प्रकार के सुरक्षा मानकों का पालन होना चाहिए.
'सभी होटलों में फायर सेफ्टी टूल्स जरूरी'
साडा सीईओ अनीशा श्रीवास्तव ने होटल संचालकों को सभी होटलों में फायर सेफ्टी टूल्स लगाने के निर्देश दिए. जिससे कभी भी होने वाली आपदा के समय पर्यटक एवं व्यक्तियों को बचाया जा सके. इसके साथ ही पचमढ़ी के होटल से निकलने वाले सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग करने के निर्देश दिए.
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश
साडा सीईओ अनीशा श्रीवास्तव ने सभी होटल संचालकों को भविष्य में होने वाले जल संकट से निपटने के लिए आगाह किया. इस दौरान उन्होंने पचमढ़ी में जलस्तर की गिरावट रोकने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सभी होटलों में लगाने के निर्देश दिए. इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का प्रशिक्षण भी दिया गया. जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग के प्रयोग से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी भी दी गई.
'पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी जरूरी'
सीईओ अनीशा श्रीवास्तव ने कहा कि "हिल स्टेशन पचमढ़ी में साल भर पर्यटकों की आवाजाही रहती है. इसके लिए उनकी सुरक्षा जरूरी है. होटल संचालकों को किसी भी आपदा से निपटने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रबंध करने के निर्देश दिए. वहीं पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे होटल के अंदर और बाहर लगाने को कहा है."
साधना में लीन बाबा बागेश्वर: जानिए उनके तप के रहस्य
5 May, 2025 08:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: देश के जाने-माने कथा वाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर अपनी दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु की यात्रा के बाद धाम पहुंच चुके हैं. यात्रा के बाद बाबा अब 5 दिनों की हनुमंत साधना पर चले गए हैं. बाबा बागेश्वर रोजाना एकांत में 10 घंटे का कठिन तप कर रहे हैं. यह तप शनिवार से शुरू हुआ है और 8 मई तक चलेगा.
बाबा बागेश्वर का 10 घंटे का कठिन तप
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु की 10 दिवसीय यात्रा पूरी कर बागेश्वर धाम पहुंच चुके है. 11 मई तक बाबा बागेश्वर धाम में रहेंगे. उन्होंने 5 दिवसीय हनुमंत साधना शनिवार से शुरू की है, जो 8 मई तक चलेगी. इस साधना के दौरान वे प्रतिदिन 10 घंटे एकांत में कठिन तप करेंगे. जिसमें तेज गर्मी और कड़ी धूप में केवल एक गिलास दूध पर निर्भर रहेंगे.
पहले दिन की साधकों से मुलाकात
साधना के पहले दिन बाबा बागेश्वर महाराज ने सन्यासी बाबा की साधना लेने वाले साधकों से मुलाकात की. उन्होंने साधकों के साथ उनके अनुभव साझा किए और साधना से उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तृत चर्चा की. साधकों ने भी अपनी आध्यात्मिक यात्रा और साधना के प्रभावों को साझा करते हुए बागेश्वर महाराज के मार्गदर्शन की सराहना की.
बालाजी भगवान के किए दर्शन
दूसरे दिन रविवार को बागेश्वर महाराज ने बागेश्वर धाम स्थित बालाजी भगवान के मंदिर में दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की. इस दौरान उन्होंने भक्तों की उपस्थिति में हनुमान जी की आराधना की और साधना के उद्देश्यों को स्पष्ट किया.
बाबा बागेश्वर की साधना का उद्देश्य
बाबा बागेश्वर ने अपनी साधना के उद्देश्य भक्तों के साथ साझा किए. उनकी साधना का मुख्य उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित करना, बागेश्वर धाम में प्रस्तावित कैंसर अस्पताल के निर्माण को निर्विघ्न करना और हिंदू समुदाय में एकता और संगठन को बढ़ावा देना है.
बागेश्वर धाम में प्रतिदिन दिव्य दरबार का आयोजन
साधना के दौरान बागेश्वर धाम में प्रतिदिन दिव्य दरबार का आयोजन होगा. जिसमें भक्तों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. इसके अतिरिक्त शनिवार और मंगलवार को विशेष पेशी वाला दरबार भी लगेगा. जिसमें बागेश्वर महाराज भक्तों की अर्जियों पर विचार करेंगे.
'सामाजिक, धार्मिक और आध्यत्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है साधना'
बागेश्वर धाम के सेवादार कमल अवस्थी ने बताया कि "महाराज 10 दिन की यात्रा से वापिस धाम आए हैं. 5 दिवसीय हनुमंत साधना शुरू की है. महाराज रोजाना 10 घंटे एकांत में तप करेंगे. देश समाज और सनातन के लिए यह साधना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक उद्देश्यों को भी मजबूत करने का एक प्रयास है.बागेश्वर धाम में साधना के दौरान भक्तों का उत्साह चरम पर है. देशभर से आए श्रद्धालु इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनने के लिए धाम पहुंच रहे हैं. बागेश्वर महाराज की यह साधना उनके भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है."
नये कानूनों से न्यायालयीन प्रणाली और लोकतंत्र हुआ है समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
4 May, 2025 11:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि न्याय पाना देश के हर नागरिक का कानूनी अधिकार है। वादी को समय पर न्याय दिलाना ही सम्पूर्ण न्याय प्रणाली का एकमात्र लक्ष्य है। न्याय पाने के अधिकार की सुरक्षा करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को सहज और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय पर न्याय दिलाना एक समाजिक सूत्र है, जिसे हम सभी को अपने-अपने दायरे में पूरी शिद्दत से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रियासत काल से ही रीवा क्षेत्र न्याय व्यवस्था की दृष्टि से हमेशा अग्रणी रहा है। इस दिशा में रीवा में आज एक और नए युग का सूत्रपात हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रीवा में नवनिर्मित जिला न्यायालय कॉम्पलेक्स के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवनिर्मित भवन को न्याय का मंदिर बताते हुए विश्वास जताया कि इस भवन में आने वाला हर व्यक्ति सहज, सुलभ और पूर्ण न्याय प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में सम्राट विक्रमादित्य ने ही देश में एक सशक्त न्याय प्रणाली की आधारशिला रखी थी और आज भी उनकी वही समृद्ध परम्परा निर्बाध गति से प्रवाहमान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले डेढ़-दो सालों में ही न्यायालयीन व्यवस्था की बेहतरी के लिए प्रदेश में 30 से अधिक छोटे-बड़े न्यायालय भवनों का लोकार्पण किया गया है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार न्याय पाने के इच्छुक हर व्यक्ति के लिए जिला न्यायालय में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यायिक प्रणाली को अधिक कारगर बनाने के लिए नये कानून बनाए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय द्वारा बीते कुछ सालों में दिए गए प्रमुख निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि इन निर्णयों से सबके दिलों में देश की न्याय व्यवस्था के प्रति श्रद्धा और बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्यायपालिका ने एक अहम निर्णय लेते हुए अब न्याय की देवी की काली पट्टी खोल दी है, ताकि न्याय की देवी खुली आंखों से सबको न्याय दे सके, यह एक अभूतपूर्व पहल है। न्यायशीलता और न्यायप्रणाली के प्रति अगाध श्रद्धा हम भारतीयों की पहचान है। खुद के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों की संरक्षा भी संस्कृति है। इस संस्कृति को हम सबको मिलकर और आगे लेकर जाना है। उन्होंने सर्वसुविधायुक्त नये न्यायालय भवन के लिए रीवावासियों को बधाई देते हुए कहा कि सबके अधिकारों और हितों की रक्षा में यह भवन न्याय के प्रति आस्था का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा में न्याय की गौरवशाली परंपरा रही है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 11 वर्ष रीवा राज्य के चित्रकूट में बिताकर इस धरती को धन्य किया है। उनकी प्रेरणा से ही राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने का बल मिला है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सूर्य कांत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार के सक्रिय सहयोग से 30 नवीन न्यायालय भवनों की सौगात मिली है। रीवा के नवीन न्यायालय भवन में न्यायालयीन प्रणाली से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी। नवीन भवन में मानवीय मूल्यों की स्थापना हो और कारगर न्यायप्रणाली से निष्पक्ष न्याय मिले। देश की प्रगति के लिए मजबूत न्याय प्रणाली का होना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि रीवा में राजा विश्वनाथ सिंह ने वर्षों पहले दो न्यायालयों का गठन किया था। मेताक्षरा न्यायालय में हिन्दू धर्म की परंपराओं के अनुसार तथा धर्मसभा में धार्मिक आधार पर न्याय किया जाता था। नवीन न्यायालय भवन बघेली स्थापत्य और आधुनिकता का अनूठा संगम है। इस भवन में जब करूणा, विवेक और न्याय होगा तभी इसकी आत्मा जागृत होगी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि रीवा में विधि का इतिहास बहुत महत्वपूर्ण है। इसी माटी से निकलकर श्री जी.पी. सिंह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा जस्टिस जे.एस. वर्मा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। यहाँ के कई जज और अधिवक्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश को 30 नये भवन मिले हैं। रीवा के भव्य न्यायालय भवन में 40 कोर्ट और 750 वकीलों के बैठने की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रकरण अधिक हैं लेकिन जजों की संख्या कम है। प्रकरणों के निराकरण के लिए हाईकोर्ट में 32 नये जजों की नियुक्ति की जाना आवश्यक है।
जिला न्यायालय भवन की सौगात खुशी और गौरव लेकर आई : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा के लिए नवीन जिला न्यायालय भवन की सौगात खुशी और गौरव लेकर आई है। रीवा ही नहीं पूरा विन्ध्य तेजी से विकास कर रहा है। यहाँ 40 मिलियन टन सीमेंट और 15 हजार मेगावाट बिजली के उत्पादन सहित अत्यधिक मात्रा में कोयले का भी उत्पादन होता है। विन्ध्य में रेलवे लाइन, फोरलेन सड़कों और एयरपोर्ट निर्माण के साथ हर क्षेत्र में विकास में तेजी आई है। न्यायालय के नवीन भवन के लोकार्पण में मुख्यमंत्री और न्यायाधीशगणों ने शामिल होकर हमारा गौरव बढ़ा दिया है। हमारी न्याय प्रणाली सुदृढ़ होगी तो हमारा लोकतंत्र भी मजबूत बनेगा।
समारोह में हाईकोर्ट के पोर्टफोलियो जज श्री संजीव सचदेवा ने कहा कि रीवा की न्यायिक प्रणाली देश के संविधान से भी पुरानी है। यहाँ राजशाही विन्ध्य प्रदेश के समय भी मजबूत न्याय व्यवस्था थी। रीवा हाईकोर्ट से बघेलखण्ड और बुंदेलखण्ड के 21 जिलों के प्रकरणों का निराकरण होता था। नवीन न्यायालय भवन से रीवा की न्यायालयीन परंपरा को नया आयाम मिलेगा।
स्वागत उद्बोधन हाईकोर्ट के न्यायाधीश श्री संजय द्विवेदी ने दिया। समारोह में हाईकोर्ट के न्यायाधीश श्री विशाल मिश्रा, एडवोकेट जनरल श्री प्रशांत सिंह, प्रमुख सचिव न्याय विभाग श्री एन.पी. सिंह, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल उपस्थित रहीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राकेश मोहन प्रधान ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कमिश्नर श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य श्री अखण्ड प्रताप सिंह, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजेश पाण्डेय, श्री नरेन्द्र सिंह बघेल, श्री लक्ष्मीनारायण मिश्रा, श्री शिवेन्द्र उपाध्याय, श्री सुशील तिवारी, श्री घनश्याम सिंह तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
संगीत का मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान : राज्यपाल पटेल
4 May, 2025 09:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संगीत हमेशा ही मन को भाता है। मनुष्य की हर उम्र में संगीत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्यपाल श्री पटेल ने रविवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूरामबामनिया ने की। इस मौके पर वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. किरण देशपाण्डे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। महाविद्यालय के अनेकों छात्रों ने संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना चाहिए। संगीत विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के बाद जिन छात्रों को पुरस्कृत किया गया है वे अपने जीवन में संगीत के माध्यम से देश विकास में अपना सहयोग करें।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वरिष्ठ तबला वादक प्रो. किरण देशपाण्डे के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए। वे जिस प्रकार से 87 वर्ष की उम्र में भी तबला वादन कर रहे हैं, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार क्रिकेट में खिलाड़ी शतक लगाते हैं, उसी प्रकार प्रो. देशपाण्डे भी अपनी उम्र का शतक लगाएँ, यह हम सबकी कामना है।
पद्मश्री कालूराम बामनिया के गायन और प्रो. पं. किरण देशपाण्डे के वादन की हुई प्रस्तुतियां
दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. पं. किरण देशपाण्डे ने कहा कि उनका तबला वादन विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट उपाधि से सम्मानित किए जाने के प्रति धन्यवाद ज्ञापन हैं। समारोह में कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूराम बामनिया ने जीवन में गुरू की महत्ता पर भजन की प्रस्तुतियां दी।
जनजाति नृत्य की हुई प्रस्तुति
दीक्षांत समारोह में संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सहरिया जनजाति नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को कार्यक्रम के प्रारंभ में शोभा यात्रा निकालकर मंच तक लाया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने अतिथियों का स्वागत कर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. राकेश कुशवाह सहित साधारण परिषद, कार्य परिषद एवं विद्यार्थी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।
किसान के खेत से निकलता है विकसित भारत का रास्ता : उप राष्ट्रपति धनखड़
4 May, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा है कि विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत से निकलता है। इसलिए कृषि के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं और कृषि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के जीवन में बदलाव एवं खुशहाली लाने में अपना योगदान दें। प्रयास ऐसे हों कि किसान केवल फसल उत्पादक बनकर ही न रहें, अपितु वे एग्री-प्रीनियर (कृषि उद्यमी) बनें। उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ रविवार को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के परस्पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे तकनीक और अनुसंधान का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बदलाव के प्रबंधक बनें।
संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला मंचासीन थे। इस अवसर पर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति किसानों के कल्याण का संदेश देती है। वर्तमान दौर में किसानों के महत्व को प्रतिपादित करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने "जय जवान–जय किसान" का नारा दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने "जय जवान–जय किसान के साथ जय विज्ञान" जोड़ा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "जय जवान–जय किसान–जय विज्ञान में जय अनुसंधान" को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थी विज्ञान और अनुसंधान के केन्द्र बिंदु होते हैं। इसलिए विद्यार्थी इस कसौटी पर खरे उतरकर किसानों के कल्याण के लिए काम करें। उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि किसानों को अपनी उपज तत्काल न बेचनी पड़े, इसके लिये पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दें और वेयर हाउस एवं कोल्ड स्टोर स्थापित कर किसानों को भण्डारण के लिए प्रेरित करें। श्री धनखड़ ने कहा कि किसान अपनी परेशानी व्यक्त करें, उससे पहले ही हमें अंदाजा लगा लेना चाहिए कि किसान क्या चाहते हैं।
उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और उनके लिये सकारात्मक नीतियां बनाई हैं। सरकार ने सहकारिता को भी कृषि में अध्याय के रूप में जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में सीधे धनराशि पहुँच रही है।
उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं समाजसेवी दत्तोपंत ठेंगड़ी के सुकृत्यों को याद करते हुए कहा कि सुखद संयोग है कि ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय का नाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं सभागार का नाम दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के नाम पर है। इसलिये यह विश्वविद्यालय दो ऐसी महान आत्माओं का संगम है जो राष्ट्रवाद और समाज के कल्याण के लिये समर्पित रहीं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी यह संकल्प लें कि इन विभूतियों के आदर्शों पर चलकर हम सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपर्य रखेंगे।
मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को सराहा
उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से गौशालाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन की प्रशंसा की। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गौशाला के विस्तार में सहयोग के लिये कहा।
कृषि विश्वविद्यालय अनुसंधान की परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाएँ : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मानव सभ्यता के उद्भव और विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी के लिये कृषि आज भी आजीविका की जीवन रेखा बनी हुई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी दूरदृष्टि दृष्टिकोंण के साथ किसानों को समृद्ध व सशक्त बनाकर विकसित भारत बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विकास और परिवर्तन के केन्द्र बिंदु विश्वविद्यालयों को अध्ययन व अनुसंधान की मौजूदा परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाना होगा। साथ ही तेजी से बदलती जलवायु को ध्यान में रखकर नई तकनीकों के द्वारा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना होगा। राज्यपाल श्री पटेल ने विश्वविद्यालयों से सामूहिक रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।
कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और पशुपालन के कार्य प्रदेश की अर्थ व्यवस्था बदलने का कार्य करेंगे। लगभग दो वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश का कृषि क्षेत्र 45 लाख हेक्टेयर था जो आज की स्थिति में 55 लाख हो गया है। प्रदेश में एक करोड़ हेक्टेयर कृषि क्षेत्र निर्मित करने का राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान है, इस नाते निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में नर्मदा और अन्य नदियों के जल से सिंचाई का कार्य हो ही रहा है। विश्व की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा मंजूरी के बाद पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना को भी स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्षों से यह परियोजनाएं लंबित थीं। आने वाले समय में प्रदेश में बुंदेलखण्ड, चंबल और मालवा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का उल्लेखनीय विकास होगा। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश का नक्शा बदलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक राष्ट्रों में कम क्षेत्र में अधिक अनाज उत्पादन का कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में जहां उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को कृषि संकाय के महत्व से अवगत करवाकर आवश्यक अध्ययन और अनुसंधान की व्यवस्थाएं की जा रही हैं वहीं लाभकारी फसलों के उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के सहयोगी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। जो भी व्यक्ति गोपालन करता है वह गोपाल है और हमारा घर-घर गोकुल है। राज्य सरकार ने 25 से अधिक गाय पालने पर 25 प्रतिशत की अनुदान राशि प्रदान करने और गोपालकों से दूध खरीदने का संकल्प लिया है। गौशालाओं को भूमि प्रदान करने की पहल भी की गई है। इसी तरह बड़े नगरों में 10-10 हजार गायों के पालन के लिए 30 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। अब अपाहिज और बेसहारा गायों के लिए जुर्माने के प्रावधान को खत्म कर सरकार द्वारा गायों की देखरेख का व्यय वहन किया जा रहा है। प्रदेश में देश के 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विश्वविद्यालय में आगमन के लिए उप राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। साथ ही राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी का श्रद्धाभाव के साथ स्मरण कर उनके द्वारा समाज व देश हित में किए गए कार्यों को रेखांकित किया।
देश में कृषि के क्षेत्र में हो रहे हैं क्रांतिकारी काम: केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया
केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम हो रहे हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। कैन बेतवा एवं काली सिंध – पार्वती व चंबल नदी जोड़ों परियोजना इसी का प्रतिफल है। उन्होंने यह भी कहा कि देश अमृतकाल से शताब्दी काल की ओर अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश आत्मनिर्भर ही नहीं, विश्व गुरू के रूप में स्थापित हो। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों से कहा कि आप सब कल का भारत हो, इसलिये देश के विकास की दिशा में नई क्रांति लाने के वाहक बनें। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया के सदकार्यों पर भी प्रकाश डाला।
स्वागत उदबोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में कृषि के क्षेत्र में किए गए नवाचार, विश्वविद्यालय से जुड़े कृषि विज्ञान केन्द्र व महाविद्यालयों के बारे में जानकारी दी।
आरंभ में उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ सहित सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आगाज एवं समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के गायन के साथ हुआ।
उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने किया “प्राकृतिक खेती इकाई एवं मॉडल गौशाला” का लोकार्पण
उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर में “प्राकृतिक खेती इकाई एवं मॉडल गौशाला” का लोकार्पण किया। लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। लोकार्पण के बाद सभी अतिथियों ने यहाँ लगाई गई गौ उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गौ-माताओं को चारा खिलाया।
उप राष्ट्रपति डॉ. धनखड़ सहित सभी अतिथियों ने “प्राकृतिक खेती इकाई एवं मॉडल गौशाला” के उदघाटन के बाद एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी रोपे। पौधरोपण के बाद उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि वृक्षारोपण को और तेज करें। हम सब न केवल पेड़ लगाएं बल्कि उनका संरक्षण भी करें।
बैतूल और पांढुर्ना में धरती कांपी, बर्तन हिलते देख जान बचाकर भागे लोग
4 May, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: पांढुर्ना और बैतूल जिले के मुलताई में शनिवार की रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके बाद लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए. लोगों ने बताया कि फर्नीचर और घर में रखे बर्तन अचानक हिलने लगे. जिससे लोग घबराकर बाहर निकले तब जाकर पता चला कि यह भूकंप के झटके थे.
'रिक्टर स्केल पर 2.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज'
मौसम वैज्ञानिक डॉ संत कुमार शर्मा ने बताया कि "शनिवार रात भारतीय मानक समयानुसार 09:40:14 बजे भूस्थानिक केंद्र 21.72 डिग्री उत्तर अक्षांश, 78.35 डिग्री पूर्व देशांतर बैतूल में 2.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ है. जिसका हाइपोसेंटर (भूकंप का केंद्र) 5 किमी गहराई पर था. इसका प्रभावित एरिया बैतूल का मुलताई और छिंदवाड़ा के पास पांढुर्ना रहा. हालांकि इस भूकंप से कोई भी नुकसान नहीं हुआ है लेकिन लोग भूकंप की खबर सुनते ही डरकर घरों से बाहर निकल आए थे."
अचानक हिलने लगे घरों के बर्तन और फर्नीचर
स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही वह खाना खाकर टीवी देख रहे थे, इस दौरान अचानक फर्नीचर हिलने लगे और घर के बर्तनों से आवाज आने लगी. फिर कुछ लोगों ने घरों के बाहर निकलकर भूकंप आने की सूचना दी. इसके बाद अधिकतर लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की तलाश करते देखे गए. इस दौरान लोग डरे सहमे दिखे.
'हल्के भूकंप भी होते हैं विनाशकारी'
मौसम वैज्ञानिक डॉ संत कुमार शर्मा ने बताया कि "आमतौर पर 2.5 रिक्टर स्केल का भूकंप हल्का माना जाता है. इसके द्वारा कोई गंभीर नुकसान नहीं होता है. यह भूकंप आसानी से महसूस नहीं होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह किसी स्थान पर विनाशकारी नहीं हो सकता है."
धरती के भीतर प्लेट्स टकराने से आता है भूकंप
धरती के भीतर 7 प्लेट्स घूमती रहती हैं लेकिन जब कहीं पर आकर यह आपस में टकरा जाती हैं तो वहां पर बिजली के शॉर्ट सर्किट जैसा हॉट लाइन जोन बन जाता है. इस दौरान जो सतह होती है उसके दोनों कोने मुड़ जाते हैं, जिसकी वजह से उस जगह पर प्रेशर ज्यादा पड़ता है. इसके चलते ये प्लेट टूटने लगती हैं. इन प्लेटों से निकलने वाली एनर्जी बाहर आने के लिए अपना रास्ता तलाशती है. इसी वजह से धरती हिलती है और कई बार आवाज भी आती है. इसे ही भूकंप आना कहते हैं.
एमपी के छात्रों का तेजतर्रार रोबो करेगा सरहद की निगहबानी, आतंकियों की घुसपैठ पर लगेगी लगाम
4 May, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर : भारत के सपूत अपनी जान दांव पर लगाकर देश के दुश्मनों के आगे ढाल बनकर बॉर्डर पर तैनात रहते हैं. इसलिए सीमा पर तैनात देश के वीर जवानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हर भारतीय की होती है. यहीं दायित्व निभाने के लिए सीमा सुरक्षा बलों को सहयोग करने मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित टेकनपुर की रुस्तमजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्र और दो फैकल्टी मेंबर्स आगे आए हैं. वह मिलकर एक स्मार्ट बॉल लॉन्चर प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं, जो सीमा पर तैनात होकर घुसपैठियों और आतंकियों को पहचानेगा.
टेकनपुर की एकेडमी के छात्रों का कमाल
ग्वालियर के टेकनपुर में बीएसएफ एकेडमी के अंतर्गत आरजेआईटी संस्थान में फैकल्टी कॉर्डिनेटर और स्टूडेंट्स के द्वारा एक क्लब संचालित किया जाता है. इस टीम में शामिल सभी सदस्य टेक्नोलॉजी से जुड़े साधारण प्रोजेक्ट तैयार किया करते थे और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रातस्पर्धाओं में भाग लेकर प्रेजेंट किया करते थे. लेकिन अब ये टीम भारत के सुरक्षा बलों से संबंधित प्रोजेक्ट भी बना रहे हैं. इसी तारतम्य में छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स ने एक स्मार्ट मल्टी बैरल बॉल लॉन्चर तैयार किया है. जिसके सफल परीक्षण और डिफेंस द्वारा पास करने पर देश की सीमाओं पर इन्स्टॉल किया जाएगा.इस प्रोटोटाइप के बारे में जानकारी देते हुए आरजेआईटी के इस प्रोजेक्ट से जुड़े प्रोफेसर गौरव भारद्वाज ने ईटीवी भारत को बताया कि, ''उनकी टीम ने अभी एक बेसिक मॉडल तैयार किया है.'' इंस्टिट्यूट के प्रिंसिपल और बीएसएफ डीआईजी अमरीश कुमार आर्य के मार्गदर्शन में दो फैकल्टी कॉर्डिनेटर प्रो. गौरव भारद्वाज और प्रो. मुग्धा श्रीवास्तव इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं और इस पर उनके साथ चार सीनियर स्टूडेंट मेंबर्स अंकिता झा जो प्रोजेक्ट कप्तान हैं, दीपक पाल, स्नेहल धहिया, मिस संध्या और उनके साथ कॉलेज के कई छात्र सभी साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
इन फीचर्स से होगा लैस
प्रो. गौरव भारद्वाज ने बताया कि, ''यह मोडल बॉर्डर सिक्योरिटी में अहम भूमिका निभाएगा, क्योंकि यह देश की सीमाओं पर होने वाली घुसपैठ को रोकने में मदद करेगा. यह स्मार्ट मल्टी बैरल लॉन्चर एआई की मदद से घुसपैठ पर नजर रखेगा. एक हाई रिज्युलेशन कैमरा और फेस रेकग्निशन टेक्नोलॉजी से लैस यह मॉडल इंसानों और जानवरों में फर्क कर सेना को अलर्ट करेगा.''
कैसे तैयार होगा रोबो मॉडल
यह स्मार्ट मल्टी बेरल लॉन्चर तीन फेज में तैयार किया जाएगा जो आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से लोड होगा. पहले फेज में रोबो मॉडल पर सिमुलेशन के जरिए मूवेबल ऑब्जेक्ट की पहचान करने पर काम किया जाएगा कि, बॉर्डर पर किसी भी संदिग्ध मूवमेंट तो नहीं.इसके बाद दूसरे फेज में यह मॉडल इंसान और जानवरों में फर्क कर सकेगा कि, बॉर्डर पर होने वाला मूवमेंट किसी इंसान का है या जानवर का. यह इंसानों और जानवरों में फर्क पहचान कर अलर्ट करने का काम करेगा. वहीं तीसरे फेज में इसे फेस डिटेक्शन सिस्टम से अपग्रेड किया जाएगा. यदि घुसपैठ करने वाला कोई इंसान होगा तो मॉडल इसकी जानकारी रिमोट बेस्ड कंट्रोल सिस्टम को देगा, जिससे डिफेंस फोर्स इसकी तहकीकात कर सके.
कैसे पहचान होगी सीमा पर जवान, घुसपैठिया या ग्रामीण ?
प्रो. गौरव भारद्वाज के मुताबिक, ''बॉर्डर पर घुसपैठिए को पहचानने के लिए फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा. जिसमें फेशियल एक्सप्रेशन के जरिए अंदाजा लगाया जाएगा कि, डिटेक्ट हुआ व्यक्ति कौन हो सकता है. इसके लिए 20 प्वाइंट्स फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल किया जाएगा. जिसमें माथे से लेकर चिन तक और एक कान से लेकर दूसरे कान तक कुल 20 प्वाइंट्स पर चेहरे के हाव भाव पढ़े जा सकेंगे.''
''साथ ही मशीन लर्निंग के तहत सेना के टीम मेम्बर और सभी पहचान के लोगों के फेस इस मॉडल में पहले से फीड रहेंगे. जिससे कोई अन्य व्यक्ति अगर पकड़ में आता है तो देख जाएगा कि उसके एक्सप्रेशन क्या कहते हैं. क्योंकि, अमूमन आतंकी बहरूपिया बनकर भी घुसपैठ कर सकते हैं. ऐसे में चहेरे के एक्सप्रेशन से पता चल सकेगा की वह डरा हुआ है या झूठ बोल रहा है.''
आतंकियों की पहचान हुई तो आगे क्या होगा
प्रो. गौरव भारद्वाज ने बताया कि, ''अगर यह एआई बेस्ड रोबो मॉडल किसी घुसपैठिये या आतंकी की पहचान बॉर्डर पर करता है तो वह उसे रोकने में सक्षम होगा. जैसा हमने पहले बताया कि, ये रोबो मॉडल मूवेबल ऑब्जेक्ट को पहचानने का काम भी करेगा. ऐसे में इसे डिफेंस के हैवी आर्म सिस्टम से लेस किया जाएगा और घुसपैठ के दौरान आतंकी की पहचान होने पर इससे फायरिंग भी की जा सकेगी. इसे रिमोटली मैन्युअल ऑपरेट तो किया ही जा सकेगा, साथ ही इसका मशीन लर्निंग सिस्टम और एआई की मदद से कन्फर्मेशन होने पर ख़ुद भी घुसपैठिए पर फायर कर सकेगा.''
कब तक बनकर होगा तैयार, कितनी होगी लागत?
इस रोबो मॉडल को बनकर तैयार होने में करीब ढाई साल का समय लगेगा. जिसमें पहला फेज लगभग 1- डेढ़ साल में तैयार हो जाएगा. वहीं दूसरा और फाइनल फेज का काम होने में तैयार करीब 1 साल और लगेगा. वहीं लागत की बात की जाये तो इस प्रोजेक्ट को फाइनल स्टेज तक पहुंचकर फाइनल आउटपुट के लिए तैयार होने में करीब 25 से 30 लाख रुपये की लागत आएगी. हालांकि जब यह रोबो लांचर बनकर तैयार होगा तो सीमा पर तैनात हमारे देश जवानों के लिए काफी सहूलियत राहत और मददगार साबित होगा.
शिवपुरी में भीषण हादसा, कार ने बाइक सवारों को उड़ाया, 2 बच्चियों सहित 4 की मौत
4 May, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: शनिवार की दोपहर शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में भीषण हादसा हो गया. माढ़ा गणेशखेड़ा स्थित पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. जिससे बाइक पर सवार दो मासूम बच्चियों सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय किशनलाल आदिवासी, 28 वर्षीय सियाराम आदिवासी, 6 वर्षीय पूनम और 4 वर्षीय सलोनी निवासी खेरोना के रूप में हुई है. चारों एक ही बाइक पर सवार होकर रन्नौद से गांव लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
पारिवारिक विवाद बना हादसे का कारण
मिली जानकारी के अनुसार, सियाराम आदिवासी का अपनी पत्नी से घरेलू विवाद हो गया था, जिसके चलते पत्नी अपनी दोनों बेटियों के साथ मायके जाने के लिए घर से निकल गई थी. सियाराम और उसके पिता किशनलाल अपनी बहू और पोतियों को लेने रन्नौद के बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन सियाराम की पत्नी अपने ससुराल लौटने को तैयार नहीं हुई. इसके बाद सियाराम और किशनलाल दोनों बच्चियों को लेकर बाइक से वापस गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में सामने से टक्कर मार दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि चारों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया. घटना की सूचना मिलते ही रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बदरवास स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया.
थाना प्रभारी अरविंद चौहान का कहना है कि, ''परिजन को बुलाया जा रहा है, उनके बयान के बाद ही मामले की पूरी पुष्टि की जा सकेगी. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर कार चालक की तलाश शुरू कर दी है.''
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आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
