मध्य प्रदेश
मंत्रीगण से प्राप्त विकास कार्यों क़े प्रस्तावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
6 May, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मंत्रीगण से प्राप्त विकास कार्यों क़े प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारी प्राथमिकता से कार्यवाही करें। साथ ही कार्यों की प्रगति से उन्हें समय समय पर अवगत भी कराएं। जनजातीय क्षेत्रों में सिंचाई की छोटी-छोटी योजनाएँ बनाकर उन पर कार्य किया जाए।
मंत्री सिलावट मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रीगण से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विभागीय क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख अभियंता विनोद देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत नहरों के पक्कीकरण कार्य, बैराज एवं तालाब निर्माण की स्वीकृति, तालाबों एवं बैराजों की साध्यता स्वीकृति सहित अन्य विकास कार्यों के संबंध में चर्चा कर निर्णय लिए गए।
स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास का आपसी समन्वय जरूरी
6 May, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर आपसी समन्वय होना आवश्यक है। यदि शिक्षा को उद्यमिता आधारित बनाया जायेगा, तो राज्य अपने संसाधनों का पूर्ण रूप से उपयोग कर सकेगा। यह विचार मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में विषय-विशेषज्ञों ने नीति संवाद श्रृंखला-2025 में व्यक्त किये।
सत्र के प्रारंभ में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री रघुराज एम.आर. ने बताया कि बदलते दौर में मशीनों का बहुत प्रयोग हो रहा है। इससे मानव संसाधन का उपयोग सीमित हुआ है। इन सबको देखते हुए हमें नये-नये व्यावसायिक पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे। उन्होंने बताया कि आज की आवश्यकता को देखते हुए वेतन और मजदूरी का निर्धारण जरूरी है। यह हमारी सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सचिव तकनीकी शिक्षा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में नये सेक्टर लगातार आ रहे हैं। उनकी आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन के प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
सत्र में सलाहकार एआईजीजीपीए डॉ. आर. कोष्टा ने बताया कि प्रदेश में “सीखो-कमाओ’’ योजना के अच्छे परिणाम आये हैं। भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क में कई टेक्निकल कोर्स चल रहे हैं। इनके माध्यम से युवाओं को देशभर में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। आईआईटी इंदौर की प्रोफेसर प्रीति शर्मा ने बताया कि आने वाला समय सर्विस सेक्टर का है। यहाँ रोजगार की ज्यादा संभावनाएँ बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कोर्स में समय के अनुसार लगातार बदलाव की आवश्यकता है। इसके लिये विषय-विशेषज्ञों के बीच संवाद जरूरी है। डीन स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी डॉ. अनुराग कुलश्रेष्ठ ने बताया कि ऐसे कोर्स लोकप्रिय हो रहे हैं, जहाँ 70 प्रतिशत प्रेक्टिकल और 30 प्रतिशत थ्योरी पोर्शन हैं।
सत्र का संचालन भारतीय वन प्रबंध संस्थान भोपाल की वरिष्ठ उच्च शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. पारुल ऋषि ने किया। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर पढ़ाई को रोजगार से जोड़कर देखा जा सकता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि कोर्स में बदलाव के लिये हमेशा तैयारी रखी जाये। सत्र में विशेषज्ञों की राय थी कि तकनीकी शिक्षा के जरिये विकसित मध्यप्रदेश की कल्पना को साकार करने के लिये कार्य-योजना तैयार की जाये।
नई शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज नहीं अपितु भारत की सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान को पुन: स्थापित करने का है माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 May, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औपनिवेशिक उद्देश्यों से लागू लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति के दुष्प्रभावों से समाज और आगामी पीढ़ी को मुक्त कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई। यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश इस के प्रावधानों को क्रियान्वित करने में देश में अग्रणी रहा। यह शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज नहीं अपितु भारत की सांस्कृति चेतना और स्वाभिमान को पुन: स्थापित करने का माध्यम है। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उसे अपने गौरव का बोध कराना भी है। भारतीय ज्ञान परम्परा व्यक्तिगत प्रसंगों से नैतिक मूल्यों को विद्यार्थियों में विकसित करने को विशेष महत्व देती है। पन्ना धाय और रानी दुर्गावती जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसी प्रेरणादायक शिक्षाओं को वर्तमान शिक्षा प्रणाली में शामिल करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा आयोजित नीति संवाद- 2025 श्रृंखला के अंतर्गत सशक्त भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए मूल्य आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित संवाद श्रृंखला को संबोधित कर रहे थे। वरिष्ठ शिक्षा विचारक डॉ. इंद्रेश कुमार ने विषय पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीति संवाद पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल और अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्य वक्ता डॉ. इद्रेश कुमार ने कहा कि संस्कार और जीवन मूल्य ही व्यक्ति में वास्तविक परिवर्तन लाते हैं। मनुष्य को हिंसा, अशिक्षा और विकार से मुक्त कर और समाज में सदभाव, समता और एकता का वातावरण निर्मित कर अनेकों समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उनका मंत्रिमंडल और लोक सेवक मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। सम्पूर्ण टीम का यह प्रतिबद्ध प्रयास मध्यप्रदेश को विश्व के मस्तक पर हीरे के रूप में चमकाएगा।
"हर गांव में संस्कार- हर हाथ में हुनर और हर मन में आत्मबल" के लक्ष्य से कार्य कर रही है सरकार : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन की ओर अग्रसर होने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी आयामों का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से किया जा रहा है। संस्कारों से शिक्षा के जुड़ने से ही राष्ट्र निर्माण की नींव पड़ती है। उन्होंने प्रदेश में गुणवत्ता शिक्षा के लिए आरंभ 276 सीएम राइज स्कूलों का नाम संदीपनी विद्यालय करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।
प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल लिटरेसी का भी विस्तार किया जा रहा है। हम "हर गांव में संस्कार- हर हाथ में हुनर और हर मन में आत्मबल" के लक्ष्य से कार्य कर रहे हैं। अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने नीति संवाद श्रंखला कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में नीति निर्माता, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहे, सभी किसानों का किया जाए गेंहू उपार्जित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 May, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गेंहू उपर्जान के लिए कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहे और बुकिंग वाले सभी किसानों का गेंहू उपार्जित किया जाए। किसानों को कोई परेशानी न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उपार्जन केंद्रों पर किसी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तक 8 लाख 87 लाख से हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से 76.60 लाख मैट्रिक टन गेंहू उपार्जित हुआ है। किसानों को 5 मई तक 16 हजार 472 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ते हुए इस वर्ष 81 लाख मैट्रिक टन गेंहू उपार्जन लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। यह प्रदेश के किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को अन्नदाताओं पर गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रबी उपार्जन अंतर्गत गेहूं उपार्जन की समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 में 34 लाख 93 हजार एकड़ रकबे में हुए गेंहू उपार्जन के लिए 15 लाख 44 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया। प्रदेश में 3 हजार 620 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। स्लॉट बुकिंग से शेष किसानों की बुकिंग के लिए पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन किसानों से गेंहू का उपार्जन 9 मई तक किया जाएगा।
नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के 850 पद स्वीकृत
6 May, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक किये जाने का निर्णय लिया गया। पचमढ़ी नगर का नजूल क्षेत्र जिसका रकबा 395.931 हेक्टेयर है, जो साडा के प्रशासनिक नियंत्रण में है, को पचमढी अभयारण्य की सीमा से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। इसके पूर्व अधिसूचना 22 दिसम्बर 2017 द्वारा पचमढ़ी अभयारण्य की परिधि पर स्थित 11 ग्रामों को अभयारण्य से बाहर किया और कुछ ग्रामों को इन्क्लोजर में रखा गया है।
मंत्रि-परिषद द्वारा पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पैरा-ओलम्पिक-2024 में कांस्य पदक विजेता खिलाडियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुरूबिना फ्रांसिस और कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुरूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था।
नक्सल प्रभावित तीन जिलों के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये के 850 पद स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये एक वर्ष के लिए 850 पदों की स्वीकृति प्रदान की है।
पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन
मंत्रि-परिषद द्वारा पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" का गठन करने के निर्णय को स्वीकृति दी गई। राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को पेंशन प्रकरणों के निराकरण से संबंधित समस्त प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जायेगा। संभागीय और जिला स्तर के कार्यालयों तथा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से 2 वर्ष के लिए वर्तमान संभागीय और जिला पेंशन कार्यालयों को पेंशन समाधान केन्द्र के रूप में सीमित संरचना के साथ रखा जायेगा। पदों का युक्तियुक्तकरण किया जायेगा। इससे राज्य शासन पर अनावर्ती व्यय भार 5 करोड़ रूपये होगा।
नव गठित जिलों में आपूर्ति कार्यालय और नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिले मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय और निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी। तीन जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिए कुल 16 पद और 4 जिलों में नाप-तौल कार्यालय के लिए कुल 13 पदों की स्वीकृति दी गयी।
स्वीकृति अनुसार मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला आपूर्ति अधिकारी का 1-1 पद, सहायक आपूर्ति अधिकारी के 1-1 पद, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के मऊगंज में 2 और मैहर, पांढुर्णा में 1-1 पद, लेखापाल का 1-1 पद एवं भृत्य का 1-1 पद स्वीकृत किया गया।
कार्यालय नाप-तौल के लिए नव गठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में निरीक्षक का 1-1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1-1 पद, श्रम सहायक के मऊगंज में 2 पद एवं मैहर, पांढुर्णा और निवाडी में 1-1 पदो की स्वीकृति दी गयी।
"मध्य प्रदेश में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना पर रोक: सरकार का बड़ा फैसला"
6 May, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने नई डिग्री कॉलेज खोलने की नीति को पूरी तरह से बदल दिया है। विधायक और सांसदों की मांग पर नये डिग्री कॉलेज शुरू नहीं किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग पहले सर्वे कराएगा, सर्वे में सभी जानकारी प्राप्त करने के बाद जरूरी होगा, तभी नये डिग्री कॉलेज खोले जा सकेंगे।
2023 के विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश में नए 35 डिग्री कॉलेज खोले गए थे।इनमें मात्र 1500 छात्र शिक्षारत हैं। इन कॉलेजों पर हर साल सरकार के 150 करोड रुपए खर्च हो रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए डिग्री कॉलेज खोलने की नीति में परिवर्तन किया गया है। शासन यह सुनिश्चित करेगा,जहां डिग्री कॉलेज खोलने की मांग की गई है। उसके 30 किलोमीटर के दायरे में कोई डिग्री कॉलेज नहीं होगा। तभी नये डिग्री कॉलेज खोलने पर विचार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश : ऑटो चालक का बेटा बना 12वीं में बुरहानपुर जिला टॉपर, जेईई मेंस भी पास
6 May, 2025 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुरहानपुर, 6 मई । मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सुभाष उत्कर्ष विद्यालय के छात्र हर्ष राजपूत ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर 12वीं में साइंस फैकल्टी की मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। एक ऑटो चालक के बेटे हर्ष ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल जिले में टॉप किया, बल्कि प्रतिष्ठित जेईई मेन्स परीक्षा भी उत्तीर्ण की। उनकी इस उपलब्धि ने परिवार और परिचितों को गौरवान्वित किया है और विपरीत हालात में सपनों को सच करने की प्रेरणा दी है।
हर्ष ने 2025 की माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की गणित संकाय की परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा, “मैंने ‘लर्न, रिवीजन और प्रैक्टिस’ के नियम का पालन किया और निरंतर मेहनत की। सफलता अपने-आप मिली।”
हर्ष ने बताया कि उनके पिता ऑटो चालक हैं, जबकि मां जिनाबाद में सरकारी स्कूल में केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं। उनका सपना कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सर्विस में जाकर देश की सेवा करना है। हर्ष ने कहा, “पिता की मेहनत और मां की दुआओं ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया।”
हर्ष के पिता राजेंद्र सिंह राजपूत ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे अपने बेटे पर गर्व है। उसने वह कर दिखाया, जो मैं नहीं कर सका। यह मेरी जिंदगी का सबसे खुशी का पल है।” उन्होंने अन्य माता-पिता को सलाह दी, “मेहनत करें और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि शिक्षा ही जीवन में सब कुछ है।”
विद्यालय के शिक्षक प्रवीन हुसैन ने स्कूल के शानदार प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, “10वीं और 12वीं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। साइंस फैकल्टी में पांच छात्र जिला मेरिट में शामिल हैं। यह शिक्षकों की मेहनत और बच्चों के समर्पण का नतीजा है।” उन्होंने स्कूल की सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाइब्रेरी में जेईई और नीट की किताबें सहित सभी जरूरी पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन्हें छात्रों को पढ़ने के लिए जारी किया जाता है। प्रवीन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में स्कूल मध्य प्रदेश में टॉप करेगा और इसका नाम और ऊंचा करेगा।
नए वाहन खरीदने पर सरकार की मुहर, विभागों को मिलेगी सुविधा
6 May, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्रालय ने सरकारी अधिकारियों को वाहन खरीदने की अनुमति दी है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है। ग्रेड वन के अधिकारी अधिकतम 12 लाख रूपये की पेट्रोल अथवा डीजल अथवा 18 लाख रुपए तक की ईवी वाहन खरीद सकेंगे।
ग्रेट 2 के अधिकारी 10 लाख रुपए का पेट्रोल-डीजल या 15 लाख रुपए तक का ईवी वाहन खरीद सकते हैं। ग्रेड तीन के अधिकारियों को 7 लाख रुपए के पेट्रोल डीजल अथवा 10 लाख रुपए तक का ईवी वाहन खरीदने की अनुमति दी गई है।
वित्त मंत्रालय ने सभी विभागों को जरूरत पड़ने पर वाहन किराए पर लेने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को फॉर्मेट भेजा है। तय फॉर्मेट में विभागों से जानकारी मांगी है।
जो विभाग वाहन खरीदना चाहते हैं। उन्हें वित्त विभाग की स्वीकृति लेना होगी। 15 साल तक के अवधि पूरी कर चुके वाहन के स्थान पर नए वाहन खरीदे जा सकेंगे। पुराने वाहन को स्क्रैप पॉलिसी के अंतर्गत स्क्रेपिंग के लिए देकर उसका सर्टिफिकेट नये वाहन खरीदने के लिए उपलब्ध कराना होगा। 31 मार्च 2025 तक सरकार पर 4.21 लाख करोड़ का कर्जा है। ऐसी स्थिति में वित्त मंत्रालय ने खर्च पर कड़ा नियंत्रण किया जा रहा है।
बड़ी अपडेट! सांची दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी- 7 मई से बढ़ेंगे दाम
6 May, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। मदर डेयरी, अमूल के बाद अब सांची दूध भी महंगा हो गया है. सांची दूध के रेट में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसके मुताबिक अब फुल क्रीम दूध 67 रुपए प्रति लीटर मिलेगा. ये बढ़ी हुई कीमतें बुधवार 7 मई से लागू होंगी। जानकारी के मुताबिक ये मूल्य वृद्धि सांची की सभी प्रमुख दूध किस्मों जैसे टोंड, डबल टोंड, स्टैंडर्ड और फुल क्रीम दूध पर लागू होगी. उपभोक्ताओं को दूध के पैकेट पर नई दरें दिखेंगी. यहां आपको बता दें कि मदर डेयरी का दूध 30 अप्रैल से महंगा हो गया था, जबकि अमूल दूध के दाम में 1 मई को बढ़ोतरी की गई थी।
अब ये होंगी सांची दूध की दरें
सांची दूध के दाम में 2 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, अब 1 लीटर फुल क्रीम गोल्ड दूध 67 रुपए में मिलेगा. ये नई कीमतें 7 मई से लागू होंगी. फुल क्रीम दूध (गोल्ड) 500 एमएल के लिए 34 रुपए हो गया है, जो पहले 33 रुपए था. स्टैंडर्ड मिल्क (शक्ति) 500 एमएल का 31 रुपए हो गया है, जो पहले 30 रुपए था। टोन्ड मिल्क (फ्रेश) 500 एमएल का 28 रुपए हो गया है, जो पहले 27 रुपए था। डबल टोन्ड मिल्क (स्मार्ट) 500 एमएल का 26 रुपए हो गया है, जो पहले 25 रुपए था। टी मिल्क अब 1 लीटर 60 रुपए में मिलेगा, जो पहले 58 रुपए था। यह जानकारी भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने जारी की है।
दरों में बढ़ोतरी की वजहें
संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक कच्चे दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी, पशु आहार की कीमतों में बढ़ोतरी और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। साथ ही बताया गया कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हो गया था।
पांच दिन पहले बढ़े थे अमूल दूध के रेट:
इससे पहले अमूल दूध के दामों में भी बढ़ोतरी की जा चुकी है। दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, जिसे 1 मई 2025 से लागू किया गया था। ये बढ़ी हुई कीमतें अमूल के सभी दूध उत्पादों पर लागू की गईं।
कीमतों में बढ़ोतरी के लिए ये बताई गई वजह
अमूल ने इस बढ़ोतरी की वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमत बताई थी। कंपनी ने कहा कि इस कीमत बढ़ोतरी के बाद अमूल दूध उपभोक्ताओं को अब 2 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। ये कीमतें देशभर के बाजारों में लागू की गईं और सभी अमूल दूध उत्पादों की नई कीमतें 1 मई से प्रभावी हो गईं। बढ़ती कीमतों से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जो पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं।
मदर डेयरी ने सबसे पहले दूध के रेट बढ़ाए
मदर डेयरी ने दूध के रेट बढ़ाने की शुरुआत की। मदर डेयरी ने सबसे पहले 30 अप्रैल से दूध के रेट बढ़ाए थे। उन्होंने भी दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। मदर डेयरी ने भी दूध के रेट बढ़ाने के पीछे कच्चे माल की बढ़ती कीमत को वजह बताया था। इसके बाद अमूल ने भी यही वजह बताते हुए रेट बढ़ा दिए। हालांकि, यह वृद्धि अमूल के लिए एक चुनौती साबित हो सकती है, खासकर दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में दूध की आपूर्ति करने वाले प्रमुख ब्रांडों की ओर से।
MP BOARD RESULT: एक बार फिर लाडली बेटियों ने 10वीं और 12वीं में मारी बाजी, इतने % रहा इस साल का रिजल्ट
6 May, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजे आज यानी 6 मई को सुबह 10 बजे घोषित कर दिए गए हैं। नतीजों की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के समता भवन से की। इस बार 10वीं में 76.42 फीसदी बच्चे पास हुए हैं। जबकि इस साल एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 74.48 फीसदी रहा था। जिलेवार प्रदर्शन की बात करें तो नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 92.73 फीसदी बच्चे पास हुए, जबकि मंडला 89.83 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर रहा।
एमपी बोर्ड के दोनों नतीजों में लड़कियों का परचम
एमपी बोर्ड द्वारा घोषित आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल भी कक्षा 10वीं और 12वीं की मेरिट लिस्ट में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है। कक्षा 10 की मेरिट लिस्ट में कुल 212 छात्रों में से 144 छात्राएं हैं, जबकि कक्षा 12 की मेरिट लिस्ट में 159 में से 89 स्थान लड़कियों ने हासिल किए हैं।
12वीं में भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया
लड़के-
पंजीकृत छात्र
3,00,341
परीक्षा में शामिल हुए
2,99,261
पास हुए छात्र
2,13,594
पास प्रतिशत
71.37%
लड़कियां-
पंजीकृत छात्राएं
3,04,061
परीक्षा में शामिल हुए
3,03,313
पास हुई छात्राएं
2,35,213
पास प्रतिशत
77.55%
MP BOARD RESULT: 10वीं में टॉप करने वाली छात्रा बनी सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल, 500/500 अंक किए प्राप्त
6 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल ने एमपी बोर्ड 10वीं में टॉप किया है। उन्होंने 500 में से पूरे 500 यानी 100% अंक हासिल किए हैं। जानिए तैयारी की रणनीति। एमपी बोर्ड कक्षा 10 की टॉपर 2025 प्रज्ञा जायसवाल की मार्कशीट यहां देखें।
एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर
सिंगरौली की रहने वाली प्रज्ञा एक साधारण परिवार से हैं, लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े थे। पढ़ाई के प्रति उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें आज प्रदेश में सबसे बड़ी उपलब्धि दिलाई है। वे 500 में से पूरे 500 अंक हासिल कर एमपी 10वीं बोर्ड 2025 की स्टेट टॉपर बन गई हैं।
पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहीं प्रज्ञा जायसवाल
एमपी बोर्ड 2025 की 10वीं की टॉपर प्रज्ञा जायसवाल का मानना है कि पढ़ाई में नियमितता सबसे जरूरी है। उन्होंने हर विषय को बराबर समय दिया। सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली चीजों से खुद को पूरी तरह दूर रखा। हर दिन एक सख्त स्टडी प्लान बनाया और उस पर लगातार काम किया।
क्या थी प्रज्ञा जायसवाल की तैयारी की रणनीति?
एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर प्रज्ञा जायसवाल ने हर दिन के लिए टाइमटेबल बनाया। हर विषय के लिए रिवीजन का समय तय किया। एनसीईआरटी की किताबों पर फोकस किया। पुराने पेपर सॉल्व किए। गलतियों से सीखा, दोहराया नहीं।
प्रज्ञा जायसवाल की एमपी बोर्ड 10वीं की मार्कशीट
एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर प्रज्ञा जायसवाल ने हर विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। 500 में से पूरे 500 अंक हासिल कर वह एमपी 10वीं बोर्ड 2025 की टॉपर बन गई हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
अपनी सफलता के बारे में प्रज्ञा जायसवाल ने क्या कहा?
रिजल्ट आने के बाद जब मीडिया ने प्रज्ञा से बात की तो उन्होंने कहा- मेरी सफलता का राज लगातार कड़ी मेहनत, समय का सही इस्तेमाल और पढ़ाई के प्रति पूरी ईमानदारी है। मैं हर दिन अपना लक्ष्य तय करती थी और तब तक नहीं रुकती थी, जब तक वह हासिल न हो जाए।
नरसिंहपुर बना टॉपर, लेकिन सिंगरौली की निकली टॉपर
एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 में नरसिंहपुर जिले का 10वीं का ओवरऑल रिजल्ट सबसे बेहतर रहा। इस जिले का पास प्रतिशत 92.73% रहा। लेकिन टॉपर सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल निकलीं।
प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित हो सकते है ये फैसले, नक्सल मुद्दा भी होगा शामिल
6 May, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: पचमढ़ी अभ्यारण्य का दायरा बढ़ाकर शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्से को छोड़कर सामान्य वन क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। जबकि नक्सलियों से निपटने के लिए विशेष सहयोगियों की भर्ती की जाएगी, जो पुलिस के लिए आधिकारिक तौर पर काम करेंगे। मंगलवार को राजधानी भोपाल में होने वाली मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में ये दोनों प्रस्ताव लाए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पचमढ़ी का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभ्यारण्य क्षेत्र होने के कारण विकास में कई बाधाएं आ रही हैं। आसानी से अनुमति नहीं मिल रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया था, जिसके बाद शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्से को हटाने का प्रस्ताव है। उधर, केंद्र की गाइडलाइन के तहत समय रहते नक्सलवाद को खत्म करने की कोशिश के बीच सरकार ने विशेष भर्ती करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
कर्मचारियों को संतुष्ट करने के बाद आएगी पदोन्नति नीति
कर्मचारी जगत में पदोन्नति नीति का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर अफसरों की कई दौर की चर्चा हो चुकी है और इस बीच कर्मचारी संगठनों के मुखिया अलग-अलग फार्मूले के दावे करने लगे। जब लगा कि अफसरों ने कर्मचारियों से ठीक से चर्चा नहीं की है तो उन्होंने नीति प्रस्ताव लाने को टाल दिया। हालांकि, अगर अंतिम समय में सहमति बन जाती है तो प्रस्ताव को बैठक में शामिल भी किया जा सकता है।
कल होने वाले नागरिक सुरक्षा 'मॉकड्रिल' को लेकर बोले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव....
6 May, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कल होने वाली नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल के संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले संबोधन में जानकारी दी की वर्तमान राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश के पांच नगरों क्रमशः इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में कल मॉकड्रिल होगी। कल सांय 4 बजे से सायरन के माध्यम से खतरे की सूचना, ब्लैकआउट, प्रमुख अधो संरचनाओं को सुरक्षित रखने, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों की ड्रिल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर 7 मई को देश भर के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित होगी इसमें मध्यप्रदेश के पांच नगरों क्रमशः इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में मॉकड्रिल होगी।
'नीति संवाद श्रृंखला 2025' का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने किया शुभआरंभ
6 May, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में मध्य प्रदेश राज्य नीति आयोग के नीति संवाद श्रृंखला 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नीति संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संस्थापक इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत को आतंकवाद मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस शिक्षा में संस्कार नहीं होते, वह आतंकवादी और उग्रवादी बनाती है। इसलिए शिक्षा में संस्कार जरूरी है। जो व्यक्ति शिक्षित होता है, वह भ्रष्ट या आतंकवादी नहीं हो सकता। वह क्रोधी या अहंकारी भी नहीं हो सकता। मोदी जी ऐसे भारत का निर्माण कर रहे हैं।
संस्कार का सबसे अच्छा उदाहरण राम-रावण हैं
मुझे इंजीनियर बनाया गया और इस पर पैसा खर्च हुआ, लेकिन मुझे अच्छा इंसान बनाने में कोई खर्च नहीं है। यह सिर्फ सिस्टम से ही हो सकता है। हमें शिक्षित होने का मतलब समझना होगा। संस्कार का सबसे अच्छा उदाहरण राम-रावण हैं। एक को हर साल जलाया जाता है। एक की सदियों से पूजा होती आ रही है। भारत सरकार ऐसा देश चाहती है, जो दुनिया का विश्वगुरु कहलाए। भारत दंगा मुक्त क्यों नहीं हो सकता?
अतिथि देवो भव की संस्कृति कहीं और नहीं मिलती
अतिथि देवो भव की संस्कृति कहीं और नहीं मिलती। 600-700 साल पहले सभी भारतीय हिंदू थे। जो हिंदुस्तानी हैं, वे मुसलमानों के कामों में यह मानते हैं। भारत अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले था। रूसी, चीनी, अंग्रेज कभी जातियों से नहीं जाने जाते थे। यह सब संवाद से ही संभव है। जब भारत ने समाज बनाया, तो भारत का विज्ञान संस्कृतिकरण था। अलग-अलग पहचान होने के बावजूद सभी एक थे। हमने ऐसा भारत बनाया है।
सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर झाबुआ में भी हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद
6 May, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के झाबुआ में भी हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए जिला मुख्यालय से महज 4 किमी दूर ग्राम गोपालपुरा में स्थित हवाई पट्टी के विस्तार के लिए करीब 52 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इस हवाई पट्टी पर वीआईपी दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर उतरते हैं। चूंकि हवाई पट्टी की लंबाई महज 792 मीटर है। इसलिए यहां बड़े विमान नहीं उतारे जा सकते। इसके लिए रनवे की लंबाई बढ़ानी पड़ेगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। इसमें रनवे की लंबाई 2600 मीटर होगी। साथ ही अधोसंरचना के तौर पर एयरक्राफ्ट हैंगर, कंट्रोल रूम, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवाल का निर्माण प्रस्तावित है।
वन विभाग से ली जाएगी जमीन
रनवे की लंबाई के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए वन विभाग से अनुमति लेकर जमीन हस्तांतरित करनी होगी। क्योंकि, रनवे के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि वन विभाग के अधीन है।
हवाई पट्टी के विस्तार से लाभ
उज्जैन सिंहस्थ के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर यातायात काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में झाबुआ की हवाई पट्टी के विस्तार से यहां छोटे विमान उतारे जा सकेंगे। तब तीर्थयात्री और पर्यटक सड़क मार्ग से सीधे उज्जैन जा सकेंगे। खास बात यह है कि झाबुआ की हवाई पट्टी का नाम पीएम श्री पर्यटन हवाई सेवा और पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी शामिल है।
35 साल पहले हुआ निर्माण
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार झाबुआ के गोपालपुरा में हवाई पट्टी का निर्माण 35 साल पहले वर्ष 1989-90 में हुआ था। वर्तमान में वीआईपी दौरे के दौरान यहां हेलीकॉप्टर उतरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाबुआ दौरे के दौरान दो बार यहां हेलीकॉप्टर से उतरे थे।
विमानन प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना विफल
गोपालपुरा में विमानन प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना थी। इसके लिए वर्ष 2006-07 में एयरोस्पेस एकेडमी ऑफ सेंट्रल इंडिया और राज्य सरकार के बीच अनुबंध भी हुआ था। इसके तहत हवाई पट्टी को 10 साल के लिए लीज पर दिया गया था। हालांकि, मामला आगे नहीं बढ़ सका और बाद में अनुबंध भी निरस्त कर दिया गया।
हवाई पट्टी के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा
झाबुआ लोक निर्माण विभाग के ईई आरिफ मोहम्मद गौरी का कहना है कि झाबुआ के गोपालपुरा स्थित हवाई पट्टी के विस्तार के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यह जिले के विकास और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से बेहतर होगा।
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