मध्य प्रदेश
प्रायवेट को पीछे छोड़ेंगे सरकारी स्कूल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
13 May, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सांदीपनी विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के आदर्श केंद्र बनकर उभर रहे हैं। इनसे शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। भगवान गोपाल कृष्ण की शिक्षा उज्जैन के सांदीपनी गुरुकुल में हुई थी। सांदीपनि मुनि गुरु परंपरा के आदर्श उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने बेटे की परवाह किए बगैर भगवान श्रीकृष्ण सहित अनेकों विद्यार्थियों को शिक्षा-दीक्षा दीं। तत्कालीन समय में सांदिपनि के पुत्र को यम जाति के आक्रांताओं ने बंदी बना रखा था और बाद में श्रीकृष्ण ने गुरु भाई को छुड़ाकर सांदीपनि मुनि को लौटाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहली बार शासकीय स्कूलों (सांदीपनी विद्यालय) में प्रायवेट की तर्ज पर खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित होंगी। सरकारी स्कूल भी प्रायवेट को पीछे छोड़ेंगे। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट में आए 70 प्रतिशत बच्चे सरकारी स्कूलों से पढ़ाई करने वाले रहे हैं। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर के बरगी हिल्स में सांदीपनी विद्यालय के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सांदीपनी विद्यालय का निर्माण 27 करोड़ 84 लाख की लागत से 11 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। सर्व सुविधायुक्त विद्यालय में 1960 विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। समारोह में सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पांडे, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक संतोष बरकड़े और रत्नेश सोनकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।
जबलपुर दुनिया की सबसे आकर्षक नगरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर दुनिया की सबसे आकर्षक नगरी है। संस्कारधानी के भेड़ाघाट से मां नर्मदा की अविरल धारा निकली है, जो विश्व में प्रसिद्ध है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के शहर जबलपुर में की थी। रानी दुर्गावती ने औरंगजेब के सामने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया था। उनकी वीरता को नमन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कारधानी का जुड़ाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस से भी रहा है। उन्होंने आजाद हिंद फौज का निर्माण कर ब्रिटिश सरकार से लोहा लिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने असंभव कार्यों को पूर्ण कर इतिहास लिखा है। भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान को धूल चटाई है। देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में तीन तलाक और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सांस्कृतिक मूल्यों के केन्द्र बनेंगे सांदीपनि विद्यालय: मंत्री सिंह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नवाचारों का क्रम जारी है। प्रदेश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश का सांस्कृतिक वैभव आज देश-दुनिया में पहचाना जा रहा है। जबलपुर में सांदीपनि विद्यालय का भूमि-पूजन कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुपम सौगात दी है। देश में कौन-सा ऐसा मुख्यमंत्री होगा, जिसने स्कूल के नाम से सीएम शब्द हटाकर उज्जैन के सांदीपनि मुनि का नाम जोड़ दिया। इन स्कूलों में सांदीपनी गुरुकुल की तरह शिक्षा के साथ भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्य दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश को बताया है कि शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों की शिक्षा देना भी आवश्यक है। माँ नर्मदा के तटों का विकास अयोध्या के सरयू के तटों की तर्ज पर होगा। यह प्रदेश में एक रोल मॉडल बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व से मध्यप्रदेश देश भर में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए 47 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की योजना की स्वीकृति
13 May, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने और जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 अर्थात आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये की योजना क्रमांक 9854 की सैद्धातिंक स्वीकृति दी गयी है।
योजना अंतर्गत हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में कुल राशि रूपये एक करोड़ 52 लाख 54 हजार रूपये व्यय की गयी है। निर्णय अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना में राशि 20 करोड़ रूपये और वर्ष 2026-27 में 25 करोड़ 59 लाख 15 हजार रूपये का प्रावधान किया गया। इस तरह आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए योजना का आकार राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे संरक्षित क्षेत्र जहाँ हाथियों का आवागमन या उपस्थिति है उनमें एवं संरक्षित क्षेत्रों के बाहर जंगली हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण, रहवास प्रबंधन तथा विकास के लिए योजना बनाई गयी है। जंगली हाथियों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, वन्यजीव मानव द्वंद को रोकने के लिए विभिन्न संरचनाएं बनाई जाएंगी। ई-आई सर्विलेंस की स्थापना और संचालन किया जाएगा। वन्य-प्राणियों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए कार्य किया जाएगा।
योजना अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद से निपटने के लिए ग्रामीणों, वन विभाग और अन्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न प्रकार की फेसिंग कार्य किया जाएगा, जिसमें सोलर फेंसिंग भी शामिल है। मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे। निगरानी और ट्रेकिंग कार्य के लिए पेट्रोलिंग वाहन और रेडियो कॉलर क्रय किए जाएंगे। साथ ही हाथी मित्र दल का गठन किया जाएगा।
सीएम का अल्टीमेटम: अधूरी कागज़ी गाड़ियाँ होंगी जब्त, सख्ती के आदेश जारी
13 May, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Road Safety Campaign : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रोशनपुरा इलाके में सोमवार को हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता दिखाई है। सड़क पर कोहराम मचाने वाली स्कूल बस के अनफिट और दस्तावेजी तौर पर कमजोर पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में वाहनों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए 13 मई से ही प्रदेशभर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा को निर्देश देते हुए प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा को मद्देजर रखते हुए अभियान चलाने को कहा है। सीएम ने कहा कि, ये अभियान परिवहन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि, जिन वाहन मालिकों और चालकों के पास आवश्यक कागजात, जैसे फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, पंजीयन और परमिट न हो, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
भोपाल में स्कूल बस ने मचाया कोहराम
आपको बता दें कि सोमवार को राजधानी भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर एक निजी स्कूल बस के ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा हो गया था। बेलगाम दौड़ती बस ने चौराहे पर स्थित ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े कई दो और चार पहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में करीब पांच लोग गांभीर रूप से घायल हुए, जिसमें से एक 22 वर्षीय युवती डॉ आयशा खान की मौके पर ही मौत हो गई
लापरवाही बरतने वालों पर एक्शन
मामले की जांच में पता चला कि जिस स्कूल बस से ये हादसा हुआ, उसका फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका था। ट्रैफिक नियमों के तहत पूरी तरह से इल्लीगल बस सड़कों पर दौड़ रही थी। इसमें बस चालक और उसके मालिक की लापरवाही तो थी ही, साथ ही विभागीय लापरवाही भी रही, जिसे गंभीरता से लेते हुए भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) जितेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया। उन्हें मुख्यालय, आयुक्त भोपाल संभाग में अटैच किया गया है। जबकि, बस के मालिक और चालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
'छोटे गांव से बड़ी उड़ान: मीनाक्षी सिंह बनीं मिस साउथ एशिया यूनिवर्स'
13 May, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक छोटे से गांव की बेटी मीनाक्षी सिंह ने मिस साउथ एशिया यूनिवर्स का खिताब जीत लिया है. अब वह मिस एशिया यूनिवर्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. मीनाक्षी मूल रूप से सतना जिले के बिरसिंहपुर तहसील के एक छोटे से गांव नयागांव की रहने वाली हैं. उनकी मां वार्ड क्रमांक 25 से जनपद पंचायत मझगवां की सदस्य हैं. वह संचार संरक्षण समिति की अध्यक्ष भी हैं. वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं. मीनाक्षी का कहना है कि वह इसके लिए पिछले डेढ़ साल से तैयारी कर रही थीं. हालांकि डांसिंग और मॉडलिंग उनका बचपन से ही शौक रहा है. प्रतिभा के दम पर मिली जीत: मीनाक्षी सिंह कहती हैं कि शुरुआत में उनके माता-पिता ने उन्हें यह सब करने से रोका, लेकिन मैंने मन ही मन तय कर लिया था कि मुझे यह करना है. इसके बाद उन्होंने मिस टीन एज प्रतियोगिता के लिए आवेदन किया और अपने माता-पिता से इस बारे में चर्चा की और उन्हें सारी जानकारी दी. उन्होंने इस पर सहमति जताई. इसके बाद वह प्रतियोगिता के लिए दिल्ली गईं और विजयी होकर लौटीं. मीनाक्षी ने यह भी बताया कि उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा के दम पर जीत भी हासिल की, लेकिन यह चुनौती नई और अलग है, इसके लिए वह काफी उत्साहित और तैयार हैं।
संभवतः चार महीने बाद होगी प्रतियोगिता...
आपको बता दें कि यूएसए (संयुक्त राज्य अमेरिका) में होने वाली इस प्रतियोगिता से पहले इसके चयन का अंतिम चरण मई माह में दिल्ली में होना है। प्रतियोगिता संभवतः चार महीने बाद होगी।
अब तक जीते गए पुरस्कार
आपको बता दें कि मीनाक्षी सिंह को मिस टीन एज (क्वीन ऑफ द हट्स), मिस टीन इंडिया और मिस टीन एमपी जैसे कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
12वीं में पढ़ रही हैं मीनाक्षी
ग्रामीण परिवेश में जन्मी मीनाक्षी की प्रारंभिक शिक्षा सेंट माइकल स्कूल सतना से चल रही है। इसके बाद वह अनुपम हायर सेकेंडरी स्कूल भरहुतनगर सतना से हाई और हायर सेकेंडरी की पढ़ाई कर रही हैं। इस साल उन्होंने कला विषय के साथ 11वीं कक्षा पास की है और 12वीं कक्षा में प्रवेश लिया है।
आज पहुंचेंगी सतना
मिस साउथ एशिया यूनिवर्स बनने के बाद मीनाक्षी सिंह पहली बार सोमवार को सतना पहुंचेंगी। इस दौरान उनके स्वागत के लिए परिजनों ने खासी तैयारियां की हैं।
रेल संपत्ति चोरी के दो आरोपी और एक कबाड़ी गिरफ्तार, आरपी(यू)पी एक्ट के तहत मामला दर्
13 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल यार्ड से चुराए गए लोहे के पट्टे और जाली की कबाड़ी की दुकान से हुई बरामदगी
भोपाल – मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री प्रशांत यादव के निर्देशन में रेल संपत्ति की सुरक्षा एवं चोरी रोकने हेतु चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत रेल सुरक्षा बल द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
आरपीएफ पोस्ट भोपाल की टीम – उप निरीक्षक अवधेश कुमार, आरक्षक मनीष और आरक्षक कृष्ण कुमार – द्वारा भोपाल यार्ड में गश्त के दौरान मंडल स्टोर के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को सफेद प्लास्टिक की बोरी में वजनी सामान ले जाते हुए पकड़ा गया। पूछताछ पर दोनों ने अपना नाम जाफर शाह एवं मोहित राजपूत बताया।
बोरी की तलाशी लेने पर उनके पास से चार नग रेलवे के लोहे के पट्टे बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने लगभग 8-10 दिन पहले प्लेटफार्म नंबर 3 की नाली से लोहे की जाली और एक लोहे की पट्टी भी चुराई थी, जिसे उन्होंने हाउसिंग बोर्ड स्थित कबाड़ी सलमान उर्फ गब्बर को बेच दिया था।
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर कबाड़ी सलमान से पूछताछ की गई, जिसने चोरी का सामान खरीदने की बात स्वीकार की। उसकी दुकान से रेलवे जाली और टाईबार के टुकड़े बरामद किए गए, जिनकी मौके पर वीडियोग्राफी की गई।
आरपीएफ टीम ने विधिवत कार्यवाही करते हुए आरोपियों को पोस्ट लाकर उनके अपराध स्वीकारोक्ति बयान दर्ज किए और तीनों – जाफर शाह, मोहित राजपूत और सलमान उर्फ गब्बर – के विरुद्ध आरपी(यू)पी एक्ट की धारा 3A के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
रेल प्रशासन यात्रियों और आम नागरिकों से अपील करता है कि रेल संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की
सूचना तत्काल निकटतम आरपीएफ पोस्ट या हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें।
कैबिनेट की मुहर लगे अहम फैसले: विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी
13 May, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Cabinet Meeting: मध्यप्रदेश के मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक खत्म हो गई है। जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि एमपी और महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरी कैबिनेट की ओर से बधाई दी है। सीएम ने कहा, यह कार्रवाई तकनीक के बेहतरीन उपयोग और तीव्र गति से की गई योजना का परिणाम है, जिसे विश्वभर ने भारत के बदलते नेतृत्व की क्षमता को देखा है। सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के सभी जवानों को भी शुभकामनाएं दीं।
गेहूं की खरीदी
मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 मई तक राज्य के 3475 खरीद केंद्रों पर 9 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया है। अब तक कुल 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को 18,471 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और बाकी 400 करोड़ रुपए का भुगतान जल्द ही किया जाएगा।
एमपी और महाराष्ट्र के बीच एमओयू
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज को लेकर महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू हुआ है। भविष्य में में दोनों राज्यों के बीच रोजगार, व्यापार, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
लोकमाता अहिल्या बाई का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। उनके स्थान का डेवलप करना। प्रसन्नता है कि जिस प्रकार हमने इंदौर में मां साहब के 300 सौ वर्ष पूरे होने पर कैबिनेट करने का निर्णय लिया है। उसी प्रकार महाराष्ट्र की सरकार भी पुणे के पास मां अहिल्या के जन्म स्थान है। वहां कैबिनेट करेंगे। महाराष्ट्र सरकार के द्वारा एक अच्छा मां अहिल्या के प्रति ट्रिब्यूट है।
16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव तथा मैनमेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन मैरियट होटल में होगा।
14 मई को बेंगलुरु में अर्थ मोर्स लिमिटेड परियोजना में सीएम मोहन यादव भाग लेंगे। इस योजना के माध्यम से 1800 करोड़ का निवेश होगा। गोहरगंज रायसेन में मेट्रो रेल के कोच बनेंगे।
20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक होगी। इसमें विजन 2047 के लिए मंत्रिमंडल के सामने प्रस्तुतीकरण होगा।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में एमपी का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 9 स्वर्ण, 5 रजत , 10 कांस्य समेत कुल 24 पदक के साथ 6वें स्थान रहा है। पिछले 10 सालों में मध्यप्रदेश ने खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया।
हाथियों से जनजीवन को बचाने के लिए 47 करोड़ की योजना। इसमें किसानों को हाथियों से बचने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खबर: मोहन सरकार ने सभी विभागों में भर्ती नियम एक समान करने का फैसला किया
13 May, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए यह बड़ी खबर है। अब सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों को अलग-अलग विभागों की अलग-अलग परीक्षाओं से नहीं जूझना पड़ेगा। दरअसल, राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सभी विभागों में भर्ती के एक जैसे नियम बनाए जाएंगे, ताकि युवाओं को नियम समझने में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए आदर्श भर्ती नियमावली तैयार की जा रही है। सरकार ने इसकी जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग को दी है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इस संबंध में सुझाव मांगे हैं। दरअसल, अगले दो-तीन साल में राज्य में विभिन्न विभागों में करीब ढाई लाख पदों पर भर्तियां होनी हैं। इसके लिए सभी विभागों के भर्ती नियम एक जैसे करने का फैसला किया गया है, ताकि कोई कानूनी दिक्कत न आए। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक कई विभागों में भर्ती के कुछ नियमों में अंतर है। 2.5 लाख पदों पर होगी भर्ती
आपको बता दें कि आने वाले 2-3 सालों में राज्य के विभिन्न विभागों में करीब 2.5 लाख पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसलिए राज्य सरकार ने सभी विभागों में कर्मचारियों की भर्ती के नियमों को एक समान करने का फैसला किया है। दरअसल, अभी तक कई विभागों में भर्ती के कुछ नियम काफी अलग-अलग हैं। इस वजह से राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड भर्ती नियम तैयार कर अलग-अलग विज्ञापन जारी करते हैं।
कुछ नियम अलग-अलग हैं
उदाहरण के लिए वन विभाग, शिक्षा विभाग और नगर एवं ग्राम निवेश सेवा भर्ती के कुछ नियम अलग-अलग हैं। इनके आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड भर्ती नियम तैयार कर अलग-अलग विज्ञापन जारी करते हैं। अलग-अलग नियमों के कारण इन चयन एजेंसियों को विभागवार भर्ती करने में दिक्कत आती है और इसमें समय भी ज्यादा लगता है। चूंकि, अब राज्य में बड़े पैमाने पर भर्ती होनी है, इसलिए यह तय किया गया है कि सभी विभागों के भर्ती नियमों में एकरूपता हो, ताकि भर्ती विज्ञापन जारी करने में देरी न हो। समान प्रकृति वाले विभागों के लिए एक साथ भर्ती की जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा
इससे समय और संसाधनों की बचत होगी। इसे देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सेवानिवृत्त अधिकारियों की एक समिति भी बनाई गई है, जो नियमों का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नियमों की एकरूपता लागू की जाएगी।
राज्य सरकार की क्या योजना है?
विभागों के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग भर्ती नियम होने से राज्य की चयन एजेंसियों को भर्ती करने में दिक्कत होती है। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में भी काफी समय लगता है। आने वाले सालों में राज्य में बड़े पैमाने पर विभाग में भर्तियां होने वाली हैं। अगर पुराने नियमों के मुताबिक भर्ती की जाती है तो इसमें काफी समय लगेगा। समय और संसाधनों की बचत के लिए राज्य में नई भर्ती नियमावली बनाई जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नियमों की एकरूपता लागू की जाएगी।
ये नियम एक जैसे हो सकते हैं
आयु संबंधी।
पात्रता के मानक।
आरक्षण संबंधी मानक।
महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण मानक।
प्रोबेशन पीरियड।
चयन भर्तियों में किए गए हैं बदलाव
आपको बता दें कि हाल ही में राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं। इनके तहत अब ये साल में एक बार ही आयोजित की जाएंगी। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा और फीस नहीं देनी पड़ेगी। नई व्यवस्था जनवरी 2026 से लागू करने की तैयारी है। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी। अभ्यर्थियों के हित में यह कदम उठाया जाना माना जा रहा है।
गैस सिलेंडरों के धमाकों से दहला भोपाल, अवैध रिफिलिंग का आरोप
13 May, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सोमवार-मंगलवार देर रात सिलेंडर ब्लास्ट से आग लगने की सूचना मिलने पर नगर निगम की दमकलें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
राजधानी भोपाल के भानपुर इलाके में स्थित सनराइज मैरिज गार्डन में सोमवार-मंगलवार देर रात बम धमाकों के साथ एक-एक कर दस गैस सिलेंडर फट गए। सिलेंडरों में हुए धमाकों से मैरिज गार्डन में आग लग गई, जिससे कई फीट ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। मैरिज गार्डन में हुए सिलेंडर ब्लास्ट से आसपास के कई घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। यह मैरिज गार्डन रिहायशी इलाके में स्थित है। कॉलोनीवासियों ने मैरिज गार्डन में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग का आरोप लगाया है। सवाल यह भी उठा है कि रिहायशी इलाके में मैरिज गार्डन की पहचान कैसे हो गई।
दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया:
सोमवार-मंगलवार देर रात सिलेंडर ब्लास्ट से आग लगने की सूचना मिलने पर नगर निगम की दमकलें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जिस इलाके में यह घटना हुई वह वार्ड-74 में आता है।
गार्डन के पास आवासीय कॉलोनीः
स्थानीय लोगों ने वार्ड अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गार्डन संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मैरिज गार्डन के किचन से सटी आवासीय कॉलोनी है। यहां से होने वाले धमाकों से कई और घरों में आग लगने की आशंका है। मैरिज गार्डन से निकलने वाले कचरे और खाद्य सामग्री को खुले में मैदान में फेंक दिया जाता है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है।
धमाकों की आवाज सुनकर भागे लोगः
एक के बाद एक लगातार हो रहे धमाकों से कॉलोनी के लोग दहशत में आ गए और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आग पर पूरी तरह काबू पाने तक लोग अपने घरों के बाहर ही रहे। गार्डन से सटी कई कॉलोनियों के लोग रात भर दहशत में रहे। सनराइज मैरिज गार्डन का मालिक रोहित साहू नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। लोग उसके खिलाफ पुलिस और नगर निगम में शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहींः
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा भी लंबे समय से चल रहा है, जिस पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस गार्डन के पास श्रीराम कॉलोनी, सिद्धिविनायक कॉलोनी, मोहाली खेजड़ा जैसे रिहायशी इलाके हैं, जहां लोग दहशत में हैं।
हाई-फाई होगी एमपी विधायकों की सैलरी, सुविधाएं जान आप भी बनना चाहेंगे MLA
13 May, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारियों के वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी के बाद अब करीब 9 साल बाद प्रदेश के माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी की तैयारी की जा रही है. पक्ष और विपक्ष के विधायकों की मांग पर विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने प्रस्ताव तैयार कर संसदीय कार्य विभाग को प्रस्ताव सौंपा गया है. समिति ने विधायकों की वेतन-भत्तों में 40 फीसदी और पेंशन में करीबन 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव सौंपा है. वेतन-भत्तों और पेंशन में बढ़ोत्तरी का आधार दूसरे राज्यों में दी जा रही सुविधाओं को बनाया गया है. उधर इस प्रस्ताव पर विधानसभा सचिवालय की लेखा शाखा द्वारा एक बार फिर आंकलन किया जा रहा है.
विधायकों को कितना मिलता है वेतन-भत्ता
मध्य प्रदेश के विधायकों का वेतन भत्ता 2016 में बढ़ाया गया था, जिसे अब एक बार फिर बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. अभी प्रदेश के विधायकों को वेतन भत्ते मिलाकर करीबन 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं.विधायकों को रेल कूपन भी दिया जाता है, इससे विधायक राज्य के अंदर व बाहर रेल यात्रा कर सकते हैं. यह रेल कूपन विधायक के अकेले सफर के लिए फर्स्ट क्लॉस एससी के लिए होता है. राज्य के अंतर एक साल में 10 हजार किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं. विधायकों को 10 हजार रुपए मेडिकल अलाउंस और विधानसभा की हर बैठक में भाग लेने के लिए 2500 रुपए तक दैनिक भत्ता दिया जाता है.
वेतन बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव हुआ तैयार
इसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्षी विधायकों द्वारा वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी की मांग की जाती रही है. विधानसभा बजट सत्र के दौरान भी विधायकों ने इसको लेकर बात उठाई थी. विधायकों का कहना था कि पिछले 9 सालों में महंगाई बढ़ी है. इसके अलावा बंगले पर पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के स्वागत सत्कार में भी काफी पैसा खर्च होता है. उधर विधायकों की मांग पर अब विधायकों के वेतन-भत्तों और पेंशन में बढ़ोत्तरी के लिए विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने प्रस्ताव तैयार किया है.इसमें विधायकों का वेतन 40 फीसदी बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपए और पेंशन 35 हजार रुपए से बढ़ाकर 58 हजार रुपए दिए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. उधर विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व विधायकों, विधायकों को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था, फिलहाल शासन स्तर पर यह विचाराधीन है.
झारखंड के विधायकों को मिलता है सबसे ज्यादा वेतन
देश में झारखंड में विधायकों को सबसे ज्यादा वेतन-भत्ते मिलते हैं. झारखंड में विधायकों को हर माह वेतन-भत्ते सहित करीबन 2 लाख 90 हजार रुपए वेतन-भत्ते दिए जाते हैं. जबकि महाराष्ट्र में करीबन 2 लाख 60 हजार रुपए वेतन-भत्ते मिलते हैं. तेलंगाना विधानसभा में विधायकों को करीबन 2 लाख 75 हजार वेतन-भत्ता मिलता है.
मॉनसून से पहले एमपी बीजेपी के अध्यक्ष का ऐलान, इतिहास की सबसे लंबी देरी की क्या है वजह
13 May, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: पांच महीने से मीडिया में दौड़ रही मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष के घोषणा की खबर मुकाम तक नहीं पहुंच पाई. भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में ये संभवत सबसे लंबा इंतजार है कि जब मध्य प्रदेश में पूरी बीजेपी बेसब्र होकर नए अध्यक्ष की बाट जोह रही है, लेकिन अब तक पार्टी में इस एक नाम पर बहुप्रतीक्षित मुहर नहीं लग पाई है. पहलगाम के आतंकी हमले और फिर तनाव के बाद अब सीजफायर के एलान के साथ मध्य प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं को फिर उम्मीद बंध रही है कि क्या अब एमपी में बीजेपी को नया नेतृत्व जल्द मिल जाएगा. प्रदेश में बीजेपी संगठन के चुनाव की जिम्मेदारी संभाले पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र प्रधान पहले दौर की मध्य प्रदेश यात्रा भी नहीं कर पाए हैं.
कार्यकर्ता का सवाल और कितना इंतजार
मध्य प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में बीते तीन महीने से सन्नाटा है. आवेदन लेकर और अपनी नई भूमिका की तलाश में पार्टी मुख्यालय पहुंचने वाले कार्यकर्ता भी हताश हैं. जानते हैं कि अभी सारे कागज और प्रक्रियाएं लंबित ही रह जाएंगी. अब जो भी होगा पार्टी संगठन में हुई नए बदलाव के बाद ही होगा. खरगोन से आए कार्यकर्ता नंदपटेल का ये दो महीने में भोपाल का तीसरा दौरा है. वे निराश स्वर में कहते हैं, जनवरी में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाना था, लेकिन अब तक नहीं मिल पाया है. पार्टी में मेरे जैसे कई कार्यकर्ता हैं. जो ये जानते हैं कि हम जैसे कार्यकर्ताओं को नई भूमिका तभी मिल पाएगी, जब संगठन में नया नेतृत्व आएगा, जो लंबे समय से लंबित है.
पार्टी की अपनी कार्य पद्धति है उसी के अनुरुप होगा निर्णय
मध्य प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव पर हो रही देरी के संबंध में सवाल किए जाने पर पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं कि "भारतीय जनता पार्टी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है. यहां किसी की एक की च्वाइस पर निर्णय नहीं होते. संगठन की पूरी एक प्रक्रिया है. उसी के अनुरुप निर्णय किये जाते हैं. मंथन विचार के बाद जो निर्णय समय आने पर लिया जाएगा, वो सबके सामने होगा. भारतीय जनता पार्टी में कोई भी निर्णय पूरे विचार मंथन और प्रक्रिया के बाद ही होता है."
ऊपर से पर्ची नहीं आई इसलिए नाम अटका है
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा कहती हैं कि "देरी की सीधी वजह ये है जो सब जानते भी हैं कि अभी ऊपर से पर्ची नहीं आई है. बीजेपी में सारे निर्णय ऊपर से होते हैं. कार्यकर्ता केवल निर्णय सुनने के लिए हैं. ऊपर से एक नाम की पर्ची आएगी, जिसे कार्यकर्ताओं को स्वीकार करना है. इसी तरह की पर्ची मुख्यमंत्री की भी आई थी. अब देखिएगा इसी तरह से प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी एक नाम की पर्ची आ जाएगी. भले प्रदेश के दिग्गज बीजेपी नेता एड़ी चोटी का जोर लगाते रहे. जो हाईकमान से नाम तय होकर आएगा, उसे स्वीकार करना पडेगा."
मोहन यादव ने दी जान से मारने की वार्निंग, लाल सलाम वाले जीने के लायक नहीं
13 May, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बालाघाट: मुख्यमंत्री मोहन यादव बालाघाट जिले के लांजी में आयोजित पुलिस जवानों के क्रम-से-पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने वीर जवानों को सम्मानित कर बधाई दी. समारोह में 169 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया. बालाघाट में आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का भूमिपूजन किया, जिसकी लागत 69.80 करोड़ रुपए होगी.
मोहन यादव ने नक्सलियों को चेताया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को चेताते हुए कहा कि, ''सरेंडर करें अन्यथा मार दिये जाओगे. लाल सलाम कहने वाले और बेगुनाह का खून खराबा बर्दास्त नहीं किया जायेगा.'' बता दें कि, मुख्यमंत्री सोमवार क बालाघाट के लांजी आए थे. मुख्यमंत्री ने बालाघाट और मंडला जिले के 64 जवानों द्वारा 4 घटनाक्रम में हार्डकोर 7 नक्सलियों को मार गिराने वालों को क्रम से पूर्व पदोन्नति पदक से सम्मानित किया. साथ ही 169 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. जिसमें आयर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल का शिलान्यास भी शामिल है.
2026 तक नक्सलियों के सफाये का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए जवानों का हौसला बढ़ाया और कहा कि, ''यह कार्यक्रम लांजी में इसलिए भी किया गया है कि नक्सलियों को संदेश दे सकें कि वह सरेंडर करें अन्यथा प्रदेश की धरती पर आतंक फैलाने वाले को जीवित नहीं रहने दिया जायेगा. प्रदेश की धरती से 2026 तक नक्सलियों के सफाये का लक्ष्य है, उसे पूरा किया जायेगा.''
पुलिस के जवान राज्य की सुरक्षा की दृढ़ दीवार
मोहन यादव ने कहा, ''मध्य प्रदेश पुलिस के जवान राज्य की सुरक्षा की दृढ़ दीवार हैं, जिससे राज्य विकास पथ पर निर्बाध रूप से गतिमान है. दुनिया की सारी परेशानियों से हम सभी को सुरक्षित रखने के लिए हमारे वीर जवान सीना तानकर अपने प्राण की बाजी लगा देते हैं. हमारे जवानों को सेल्यूट करता हूं.''
बालाघाट में बनेगा आयर्वेदिक कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि, ''प्रदेश का चाहुमुखी विकास किया जा रहा है. बालाघाट में आयर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल सहित 169 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया है.'' इस दौरान प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सांसद भारती पारधी, विधायक राजकुमार कर्राहे, मधु भगत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी व जवानों के परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
शहडोल में खूब धमा-चौकड़ी मचा रहे गजराज, हाथियों को क्यों पसंद आया स्वर्ग जैसा इलाका?
13 May, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल : मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग में हाथियों का बसेरा अब कोई नई बात नहीं रह गई. एक समय था जब यहां हाथियों की संख्या न के बराबर थी, लेकिन अब यह संभाग धीरे-धीरे हाथियों का पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है. कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ से अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में भारी संख्या में हाथियों का आगमन हुआ, तब काफी हलचल मची थी, हाथियों ने भी खूब उत्पात मचाया था. लेकिन फिर उन्हें बांघवगढ़ का जंगल और उसके आसपास का एरिया इतना रास आ गया कि उन्होंने यहां अपना परमानेंट ठिकाना बना लिया. अब धीरे-धीरे उनकी संख्या भी बढ़ रही है.
ब्यौहारी में 19 हाथियों के झुंड का ठिकाना
आजकल शहडोल के ब्यौहारी में हाथियों का एक ग्रुप देखा जा रहा है, उनकी हरकतों से मालूम होता है कि उन्होंने यहां अपना ठिकाना बना लिया है. वन विभाग भी इनको लेकर चौकन्ना हो गया है और लगातार उनपर निगाह बनाए हुए है. उत्तर वन मंडल की डीएफओ तरुणा वर्मा बताती हैं कि "ब्यौहारी क्षेत्र के बाणसागर के बैक वाटर एरिया में 19 हाथियों का एक झुंड अपना डेरा जमाए हुए है. वो पिछले कुछ महीनों से वहां पर हैं. रबी सीजन में इन्हीं हाथियों ने आसपास के खेतों में उत्पात मचाया था. फसल कट जाने के बाद अब वो जंगल में गए हैं और यहीं पर रहते हैं."
आखिर हाथियों को क्यों पसंद आया ये इलाका?
हाथियों के इस झुंड ने बाणसागर के बैक वाटर का ये एरिया क्यों चुना? इस सवाल के जवाब में तरुणा वर्मा बताती हैं कि "किसी भी जंगली जानवर को मुख्यत: 3 चीजों की आवश्यकता होती है. पानी, खाना और सुरक्षा. बैकवाटर होने की वजह से यहां पर पर्याप्त मात्रा में पानी है, साथ में हाथियों को खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में हरी घास के अलावा बांस का घना जंगल है जो उनका प्रिय आहार है.साथ ही पश्चिमी ब्यौहारी के शहरगढ़ क्षेत्र में छोटी-छोटी पहाड़ियां हैं जो इनकी सुरक्षा करती हैं. इसलिए हाथियों ने इस स्थान को अपना ठिकाना बनाया है. जब फसलों का मौसम आता है तो उन्हें खाने के लिए वो जंगल से निकलकर पास के गांव तक भी चले जाते हैं. इस वजह से ये स्थान हाथियों को बेहद रास आ रहा है."
स्थानीय लोगों को हाथियों के बारे में किया जाएगा जागरूक
वन विभाग इन हाथियों को कंट्रोल करने के लिए तैयारियों में लग गया है. तरुणा वर्मा ने बताया "इस क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट नया है. यहां के लोग भी इनके व्यवहार से परिचित नहीं है. इस लिए स्थानीय लोगों को हाथियों के बारे में जागरूक करने के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. सबसे पहले हम अपने स्टाफ को हाथियों के व्यवहार, मूवमेंट और रहन-सहन को लेकर ट्रेनिंग दे रहे हैं. इसके बाद स्थानीय लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा. इसके लिए हम अपना स्टाफ भी बढ़ाने वाले हैं. क्योंकि फसल का सीजन आने पर ये हाथी जंगल से बाहर आएंगे और फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय बस्तियों में उत्पात मचा सकते हैं. ऐसे में लोगों को इनसे निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा. उनको जानकारी दी जाएगी की हाथी के साथ कैसा व्यवहार करना है."
मध्य प्रदेश के इस इलाके में कैसे पहुंचे हाथी?
कुछ सालों पहले यहां के लोग हाथियों को लेकर बिल्कुल निश्चिंत थे. यहां हाथियों का मूवमेंट नहीं था, लेकिन 2018 में 40 हाथियों का झुंड छत्तीसगढ़ कॉरिडोर से होते हुए अनूपपुर के रास्ते शहडोल, संजय टाइगर रिजर्व होते हुए उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंच गया.हाथियों को ये विशाल जंगल खूब रास आया और फिर वो वापस नहीं गए. जबकि पहले ऐसा नहीं होता था, पहले जो भी झुंड आता था वो फिर उसी रास्ते वापस छत्तीसगढ़ लौट जाता था. दरअसल, हाथियों को यहां का वातावरण पसंद आ गया जो उनके रहने के अनुकूल भी था. धीरे-धीरे अब यहां हाथियों की संख्या करीब 60 पहुंच गई है.
बेकाबू ट्रक ने दो कारों के उड़ाए परखच्चे, मंजर देख लोग बोले कोई नहीं बचा होगा, फिर हुआ चमत्कार
13 May, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी : बदरवास थानांतर्गत फोरलेन हाईवे पर सोमवार को भीषण दुर्घटना हो गई. यहां एक बेकाबू ट्रक ने दो कारों को बुरी तरह से कुचल दिया. जिसने भी ये मंजर देखा, वह यही बोला कि कोई नहीं बचा होगा लेकिन चमत्कारिक रूप से इस घटना में किसी की मृत्यु नहीं हुई. हालांकि, इस हादसे में कार सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
कैसे हुआ ये भीषण हादसा?
जानकारी के अनुसार कोलारस-बदरवास फोरलेन हाईवे पर सड़क का रिपेयरिंग का काम चल रहा है, जिसके कारण कई जगह पर हाईवे वन-वे है. ग्राम ऐनवारा पर भी वन-वे चल रहा है. सभी वाहन एक ही साइड से चल रहे हैं. सोमवार देर शाम ऐनवारा गांव के पास हैवी ट्रैफिक के कारण जाम लगा हुआ था. इसी दौरान गुना की ओर से आ रहे एक ट्रक चालक ने लापरवाही पूर्वक ट्रक चलाते हुए जाम में फंसी दो कारों को कुचल दिया. हादसे में पुणे से लखनऊ जा रही एक कार में सवार मनीष प्रसाद उम्र 25 साल व प्रवीण कुमार उम्र 28 साल गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं एक अन्य कार में सवार कोलारस निवासी सुरेश पाल, कैलाश पाल व उनके स्वजन घायल हो गए.
आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं, नहीं जाग रहे जिम्मेदार
सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भर्ती करवाया गया है. घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया. गौरतलब है कि कोलारस और बदरवास के बीच हाईवे पर चल रहे रिपेयरिंग के काम के कारण पिछले एक महीने में एक दर्जन से अधिक बड़े सड़क हादसों में कई लोगों ने अपनी जान गवां दी है, इसके बावजूद यहां उचित दिशा निर्देशक नहीं लगाए गए हैं. घटना की जानकारी देते हुए बदरवास थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया, '' दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. घायलों को उपचार के लिए पहले स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल में रैफर कर दिया गया है. दुर्घटना में घायल हुए लोगों को ज्यादा चोट नहीं आई है. दुर्घटना के बाद लगे जाम को क्लियर करवाया. वहीं कार चालकों की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर के नारायणगढ़ में 2 करोड़ 32 लाख के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण
12 May, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में 2करोड़ 32 लाख के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। विकास कार्यों की गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक करोड़ की लागत से निर्मित नगर परिषद नारायणगढ़ के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नगर परिषद भवन का नाम सुदर्शन नाम रखा जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि मल्हारगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से हर खेत को सिंचाई के लिए पानी एवं हर गांव में पीने के पानी की सुविधा मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने खजूरी गोड़ में अस्पताल के लिए जमीन दान करने वाले दानदाताओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि खजूरी गोड़ में मांगलिक भवन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांधी सागर का पानी खेतों में लाने का काम किया है। जिस पर लगातार काम चल रहा है। जिससे अब किसान 1 साल में तीन बार फसल ले सकेंगे। एक समय था जब किसान सिंचाई और बिजली के लिए परेशान था लेकिन अब बिजली 24 घंटे मिल रही है। सिंचाई के लिए बड़ी-बड़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बन रही है। सरकार ने आयुष्मान कार्ड योजना चलाई, जिससे गरीब व्यक्ति की संकट के समय मदद की है, जिससे हर परिवार को एक साल में 5 लाख तक का निशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। सरकार ने गैस कनेक्शन, शौचालय की व्यवस्था, किसान सम्मान निधि, बिना ब्याज के ऋण, लाडली बहना योजना, संबल जैसी अनेक योजनाएं चलाई है।
इस अवसर पर सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार एवं आम नागरिक मौजूद रहें।
संतों का जीवन अनुकरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 May, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में संत कंवरराम जी की प्रतिमा का किया अनावरण
उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतो का जीवन और आदर्श हमेशा अनुकरणीय होते हैं। सूर्य स्वयं जलकर हम सबको प्रकाश देता है, उसी तरह संत भी स्वयं तप कर हम सबके जीवन को ज्ञान और आनंद से प्रकाशित करते हैं। संत कंवरराम जी भी ऐसे ही एक महान संत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को उज्जैन की सिंधी कॉलोनी, अलखधाम नगर के सार्वजनिक उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में यह बात कही। उन्होंने समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा आयोजित दिव्यांगजनों को नि:शुल्क हवाई यात्रा करवाने पर बने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण-पत्र का वितरण भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। आज वैशाख माह की पूर्णिमा है। आज बुध्द पूर्णिमा है। संत कंवरराम जी ने लोगों को सच्चाई और नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वे सबको साथ में लेकर चलने में विश्वास रखते थे। इस उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा स्थापना से सबको उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरपालिका निगम के अधिकारियों से कहा कि उद्यान का नियमित रुप से रख-रखाव किया जाए। उन्होंने अलखधाम नगर के उद्यान को आदर्श उद्यान बनाए जाने के लिए शासन की ओर से सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दिव्यांगजनों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा के प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। समर्थ सेवा संस्थान द्वारा अत्यंत प्रशंसनीय कार्य किया गया है, जो सबके लिए अनुकरणीय है। समर्थ सेवा संस्थान ने अब तक 47 दिव्यांगजनों को धार्मिक हवाई यात्रा नि:शुल्क कराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से संस्था के पदाधिकारियों को शुभकामनाऐं दीं।
कार्यक्रम में श्री श्याम माहेश्वरी ने संस्थान के बारे में जानकारी प्रदान की। श्री दौलत खेमचंदानी ने संत कंवरराम जी का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संत कंवर राम जी एक प्रसिद्ध भारतीय संत और कवि थे, जिन्होंने भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कविताओं में जीवन के मूल्यों, प्रेम और अध्यात्म की गहराई को व्यक्त किया गया है। संत कंवर राम जी का जन्म राजस्थान में हुआ था। उनकी कविताओं में सादगी, प्रेम और अध्यात्म की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई।
संत कंवर राम जी की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। उनकी रचनाओं में प्रेम, भक्ति और अध्यात्म की भावना प्रमुख है। उनकी कविताएं लोगों को प्रेरित करती हैं और जीवन के मूल्यों को समझने में मदद करती हैं। संत कंवर राम जी की विरासत आज भी जीवित है। उनकी कविताएं और शिक्षाएं लोगों को प्रेरित करती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करती हैं।
इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, समर्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री श्याम माहेश्वरी, श्री किशोर खंडेलवाल, श्री वासु केसवानी, श्री वट्ठिल नागर, श्री दीपक बेलानी, श्री रवि सोलंकी, श्री महेश परियानी, गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के पदाधिकारी श्री मनीश विश्नोई एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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