मध्य प्रदेश
कम वजन वाले नवजातों के लिए ‘केएमसी’ तकनीक की यूनिसेफ ने की सराहना
19 Jun, 2025 06:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककेफ्री बुधवार को भोपाल के हमीदिया अस्पताल का विजिट किया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी समझा। नियोनैटल केयर यूनिट में कंगारू चेयर पर माताओं को अपने नवजात शिशुओं को सीने से लगाए देख कर काफी प्रभावित हुईं।
प्राकृतिक और प्रभावी तरीका
इस दौरान हमीदिया के चिकित्सकों ने कंगारू चेयर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि केएमसी कम वजन वाले या समय से पहले जन्मे बच्चों की देखभाल का एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। इसमें बच्चे को मां की छाती से सटाकर रखा जाता है, जिससे बच्चे को गर्माहट मिलती है और मां का दूध भी आसानी से उपलब्ध होता है। यह बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है और इसके सफल परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मैककेफ्री ने इसे एक अच्छा नवाचार बताया और कहा कि यूनिसेफ इसे अपने प्रोजेक्ट में जोड़ेगा, ताकि यह तकनीक दुनिया भर तक पहुंचाई जा सके।
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स्तनपान बच्चों के लिए सबसे बड़ा टीका
इस दौरान मैककेफ्री ने कहा कि स्तनपान से शिशुओं की इम्यूनिटी बढ़ती है, नवजात जितना ज्यादा स्तनपान करेंगे उनके लिए उतना ही अच्छा होगा। उन्होंने स्तनपान को नवजात बच्चों के अच्छी सेहत के लिए सबसे बड़ा टीका बताया। साथ ही, उन्होंने नवजात को अलग-अलग बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर टीका लगवाने और रोगों से बचाने के लिए साफ-सफाई का अतिरिक्त ध्यान रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बच्चों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास
बता दें कि यूनिसेफ के भारत में प्रयासों का नेतृत्व सिंथिया मैककेफ्री ने अक्टूबर 2022 में भारत में यूनिसेफ प्रतिनिधि के रूप में पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व में, यूनिसेफ भारत में बच्चों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। संगठन भारत सरकार और विभिन्न पार्टनर्स के साथ मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए नवाचार अपना रहा है। देशभर में यूनिसेफ के 16 ऑफिस हैं।
40 साल से काबिज आदिवासियों से छीने जा रहे हैं पट्टे: कांग्रेस
19 Jun, 2025 06:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal : प्रदेश में आदिवासियों की स्थिति और पट्टे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा है। उमंग सिंघार ने कहा है कि नेपानगर में 8 हजार पट्टे बिना नोटिस दिए, हितग्राही से पूछे बगैर खारिज किए गए। 15 दिन में सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया तो नेपानगर में बड़ा आंदोलन होगा।
मध्यप्रदेश में आदिवासियों की स्थिति और पट्टे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा है। उमंग सिंघार ने कहा है कि नेपानगर में 8 हजार पट्टे बिना नोटिस दिए, हितग्राही से पूछे बगैर खारिज किए गए। फॉरेस्ट गार्ड 10 हजार लेकर जंगल कटवा देते हैं। आदिवासी कभी जंगल नहीं काटता, जंगल काटने की जांच हो। 40 साल से काबिज लोगों से पट्टा नहीं छीना जा सकता है। सरकार सेटेलाइट इमेज भी नहीं निकालना चाहती। आदिवासियों से लेकर बीजेपी के लोगों को पट्टा दिया जा रहा है। घर तोड़े जा रहे, फसलों पर ट्रैक्टर चलाया जा रहा है। 15 दिन में सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया तो नेपानगर में बड़ा आंदोलन होगा। गरुवार को पीसीसी में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सीडब्ल्यूसी मेम्बर कमलेश्वर पटेल ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
50 साल पुराने पट्टे निरस्त किए जा रहे
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा-50 साल पुराने पट्टे निरस्त किए जा रहे हैं। परिवार के बच्चों को जमीनें ट्रांसफर नहीं की जा रही है। आदिवासी लगातार पट्टा मांग रहे हैं, लेकिन दिए नहीं जा रहे है। आज भी साढ़े 6 लाख आवेदन पेंडिंग हैं। मांग पूरी नहीं हुई तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
भिंड को छोड़ मध्य प्रदेश को मानसून ने किया कवर, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
19 Jun, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: दक्षिण पश्चिम मानसून की मध्य प्रदेश में सोमवार को धमाकेदार एंट्री हुई. जिसके बाद 3 दिन में मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया हालांकि अभी भिंड जिले में मानसून नहीं पहुंचा है. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रदेश में अब मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो गया है और अगले 24 से 48 घंटो में मानसून भिंड में भी दस्तक देगा.
5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया कि 18 जून को मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, आगर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, जबलपुर, नरसिंहपुर, मुरैना, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर और दतिया में मानसून ने आमद दे दी है. जबकि इससे पहले बीते 2 दिनों में प्रदेश के 19 जिलों में मानसून पहले ही पहुंच चुका है. मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को गुजरात-राजस्थान की सीमा से सटे 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इनमें धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिले शामिल हैं.
इसलिए मध्य प्रदेश में तेज होगी बारिश
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं. पंश्चिम बंगाल की ओर बन रहे एक लो प्रेशर एरिया के आसपास ऊपरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. जो अगले 24 घंटो में उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ेगा. वहीं एक अन्य लो प्रेशर एरिया राजस्थान के मध्यक्षेत्र में बना हुआ है, इसके उपरी भाग में 5.8 किलोमीटर की उंचाई पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इसके अलावा एक ट्रफ राजस्थान के मध्यभाग पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में पंजाब से उत्तरी गुजरात तक विस्तृत है. जबकि उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. जिससे आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में बारिश की एक्टिविटी और तेज होगी.
बुंदेलखंड में मथुरा-वृंदावन सी अनुभूति, 150 करोड़ रुपए से मंदिर का सौंदर्यीकरण
19 Jun, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: शहर की खूबसूरत लाखा बंजारा झील के सामने स्थापित 270 साल पुराने भव्य मराठा कालीन वृंदावन बाग मंदिर मठ का नया स्वरूप बुंदेलखंड में मथुरा वृंदावन की अनुभूति कराएगा. करीब 150 करोड़ की राशि से मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. शहर के बीचोबीच 12 एकड़ परिसर में डेढ़ एकड़ में बने मंदिर का विस्तार 8 एकड़ में किया जाएगा.
मंदिर को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करने कई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. यहां विशाल कारीडोर बनाकर तीन तरह के परिक्रमा मार्ग, संत निवास ध्यान मंडपम जैसे कार्य प्रस्तावित हैं. वृंंदावन की तरह परिक्रमा पथ, रजपथ और गजपथ का निर्माण हो रहा है. परिक्रमा मार्ग से निर्माण कार्य की शुरूआत हो गयी है. कुछ ही सालों में मंदिर का अलौकिक स्वरूप आकर्षण का केंद्र होगा.
ढाई सौ साल पुराना है वृंंदावन बाग मंदिर मठ
करीब 270 साल पहले जब सागर में मराठा शासन करते थे, तब वृंदावन से आए वृंदावनदास जी महाराज ने मंदिर की आधारशिला रखी थी. वृंदावन बाग मठ मध्य भारत का अकेला ऐसा मठ है, जहां पर देश के अलग-अलग कोने से साधु संत आकर विभिन्न त्योहार और आयोजन की शोभा बढ़ाते हैं. पांचवी गादी के महंत श्याम बिहारी जी महाराज के द्वारा इसका निर्माण कराया गया था. वर्तमान में दसवीं गादी के महंत नरहरी दास ने मंदिर का सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया है.
मंदिर में होने वाले निर्माण कार्य
विशाल कारीडोर - मंदिर के चारों ओर डेढ़ किलोमीटर लंबा कॉरीडोर बनाया जाएगा.
परिक्रमा मार्ग - 780 मीटर लंबे परिक्रमा मार्ग में तीन तरह के पथ तैयार किए जा रहे हैं.
परिक्रमा पथ - भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ का निर्माण मथुरा और वृंंदावन की तरह.
रजपथ - वृंदावन की अनुभूति कराने रजपथ के लिए वृंदावन से रज आएगी, जिस पर साधु-संत परिक्रमा करेंगे.
गज पथ - हथिनी लक्ष्मी की परिक्रमा के लिए हैदराबाद से बुच स्टोन, और रेलिंग के पाइप और जंजीरें इंदौर से आएंगी.
- संत निवास, ध्यान मंडपम जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं.
- सुबह और शाम को होने वाली आरती का सीधा प्रसारण होगा.
- निधिवन में एक हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं बैठने की व्यवस्था होगी.
क्या कहते हैं मंदिर के महंत
महंत नरहरी दास बताते हैं कि, "वृंंदावन बाग मठ उत्तर मध्य भारत का प्रतिष्ठित मठ है. लाखा बंजारा झील के सामने होने से इसका सौंदर्य और भी बढ़ जाता है. यहां आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं को मथुरा-वृंदावन सी अनुभूति के लिए मंदिर की जमा पूंजी और मंदिर की निजी संपत्ति से होने वाली आय और श्रृद्धालुओं के दान की राशि से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है.''
बांधवगढ़, कान्हा के लिए जल्द शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, टाइगर सफारी का मजा होगा दोगुना
19 Jun, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरों के बाद अब वन्य क्षेत्रों तक सीधे हवाई सफर करना आसान होने जा रहा है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व सहित दूसरे वन्य क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की मदद से पहुंच पाएंगे. मध्य प्रदेश में पर्यटन को सुविधाजनक बनाने राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने जा रही है. इसके लिए पर्यटन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री के मुताबिक प्रदेश के प्रमुख स्थलों को हेलीकॉप्टर से जोड़े जाने के बाद पर्यटकों की राह और आसान होगी.
हेलीकॉप्टर से पहुंचे टाइगर रिजर्व
देश के सबसे ज्यादा वन क्षेत्र वाले मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल टूरिस्टों को खूब पसंद आ रहे हैं. साल 2024 में मध्य प्रदेश में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक प्रदेश के टूरिस्ट स्पॉट्स पर पहुंचे हैं. इसमें सबसे ज्यादा पर्यटक मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर पहुंचे. इसके अलावा मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे.
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ही 29 हजार 192 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद उठाया. इसके अलावा कान्हा टाइगर रिजर्व में 19 हजार 148, पन्ना टाइगर रिजर्व में 12 हजार 762 और पेंच टाइगर रिजर्व में 11 हजार 272 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद उठाया. देशी पर्यटकों के अलावा विदेशी पर्यटकों की संख्या भी मध्य प्रदेश में बढ़ी है. मध्य प्रदेश के ओरछा, ग्वालियर, खजुराहो में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचे. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार अब पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए हवाई रास्ता भी खोलने जा रही है.
बांधवगढ़, कान्हा की हवाई यात्रा
राज्य सरकार इसके तहत अब देश के जाने-माने टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा को हेलीकॉप्टर सुविधा से जोड़ने जा रही है. इसके लिए पर्यटन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसमें प्रदेश के जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, पेंच को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा. इसके लिए 3 अलग-अलग सेक्टर में हेलीकॉप्टर सेवा को बांटा जा रहा है.
सेक्टर नंबर -1 में मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, भोपाल, मांडू, महेश्वर, बुरहानपुर को शामिल किया गया.
सेक्टर नंबर -2 में प्रदेश के भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, सांची, इंदौर, दतिया को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा.
सेक्टर नंबर -3 में मध्य प्रदेश के जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, खजुराहो, पेंच, डिंडोरी, रीवा और अमरकंटक को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा.
उत्तराखंड की तर्ज पर होगा काम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक "उत्तराखंड की तर्ज पर मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन के अलावा वन्य क्षेत्रों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जा रहा है. इससे पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी."
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला के मुताबिक "प्रदेश के धार्मिक स्थलों के अलावा टाइगर रिजर्व को भी हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जा रहा है ताकि पर्यटक इन स्थानों तक आसानी से पहुंच सकें. प्रदेश में विदेश पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है. हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद विदेशी पर्यटक दूसरे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी पहुंचेंगे."
पन्ना में सोनम जैसी पत्नी! पति को मारकर महिला ने प्रेमी संग रचाई शादी
19 Jun, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पन्ना: देश में जहां इंदौर की सोनम की चर्चा हो रही है कि, किस तरह उसने अपने प्रेमी के लिए पति को मौत की नींद सुला दिया. वहीं पन्ना जिले में ऐसी पत्नी मिली, जिसने अपने जीवित पति को कागजों में मृत बताकर प्रेमी संग विवाह रचा लिया. मामला पन्ना शहर का है, जहां नगर पालिका ने एक जीवित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है. धोखाधड़ी के इस चौंकाने वाले मामले ने प्रशासनिक प्रणाली की पोल खोल दी है.
कागजों में पति को बताया मृत
बताया जाता है कि, शहर के वार्ड क्रमांक 17 की निवासी हल्की बाई ने अपने जीवित पति कृपाल सौर को मृत बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और 23 अगस्त 2022 को ठाकुरदास कुशवाहा से विवाह रचा लिया. यह मामला तब उजागर हुआ जब मीडिया की टीम कृपाल सौर की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने ग्राम महुआ डांडा पहुँची. वहां न केवल कृपाल स्वस्थ मिला, बल्कि स्थानीय उचित मूल्य दुकान से उसका मासिक राशन प्राप्त करता देखा गया.
घरेलू विवाद के बाद गांव लौट आया था कृपाल
राशन दुकान के सेल्समेन सुशील दुबे ने बताया कि, ''कृपाल को हर महीने राशन मिलता है और उसका राशन कार्ड वैध है.'' कृपाल के रिश्तेदारों ने बताया कि, ''उसका विवाह लगभग 30 वर्ष पूर्व बांधीकला निवासी हल्की बाई से हुआ था. विवाह उपरांत पत्नी के साथ गांव छोड़कर पन्ना में बस गया. लेकिन घरेलू विवादों के चलते वह कुछ वर्ष पूर्व अपने पुश्तैनी गांव लौट आया था. कृपाल सौर के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं, जिनमें से एक बेटा मानसिक रूप से दिव्यांग है. कृपाल अपनी छोटी सी जमीन और राशन से जैसे-तैसे परिवार चला रहा है.''
कैसे जारी हुआ जीवित का मृत्यु प्रमाण पत्र
सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि कृपाल की मृत्यु के बिना ही मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे जारी हुआ. नगर पालिका की जन्म-मृत्यु शाखा के प्रभारी ने सफाई दी कि, ''कोरोना काल के दौरान सत्यापन की प्रक्रिया नहीं हो रही थी, और परिषद भी नहीं थी. इसलिए बिना पार्षद के सत्यापन और पंचनामा के प्रमाण पत्र बन गया होगा.''जब पोर्टल पर दस्तावेज खोजने का प्रयास किया गया, तो महिला द्वारा प्रस्तुत सिर्फ एक आवेदन ही मिला, जो फर्जी प्रक्रिया की पुष्टि करता है. जहां सामान्य लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में शपथ पत्र से लेकर ढेरों दस्तावेज देने पड़ते हैं. वहीं इस महिला ने महज एक आवेदन देकर अपने पति को मृत घोषित कैसे कर दिया, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.
आखिर क्यों किया फर्जीवाड़ा
पूरे मामले में 51 वर्षीय हल्की बाई ने अपने प्रेमी से शादी की, उसने न तो पति की मृत्यु पर सहायता राशि ली, न ही कल्याणी विवाह योजना का लाभ लिया. फिर उसने यह कृत्य क्यों किया, यह समझ के परे है. सवाल उठता है कि जब तलाक का वैधानिक विकल्प मौजूद था, तो हल्की बाई ने पति को मृत घोषित करने का गैरकानूनी रास्ता क्यों चुना. यह घटना एक गंभीर सामाजिक प्रश्न को जन्म देती है.
कलेक्टर बोले, कार्रवाई करेंगे
नगर पालिका परिषद पन्ना के सीएमओ शशिकपूर गढ़पाले का कहना है कि, "'जीवित व्यक्ति के मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में मुझ जानकारी नहीं हैं, आपके द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जांच कराते हैं.'' वहीं पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने कहा कि, ''आपके द्वारा यह मामला संज्ञान में लाया गया है, इस पर जांच कराई जायेगी और कार्यवाही भी करेंगे.''
सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल का लोकार्पण
18 Jun, 2025 08:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को 'खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी।
उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं।मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहां खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है।
देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल
कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।
पूरे देश में मशहूर हुआ भोपाल में 90 डिग्री मोड़ वाला ब्रिज, अब होगा बदलाव
18 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अब रेलवे डिजाइन में बदलाव के लिए अतिरिक्त जमीन देने को तैयार
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अपने उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया, इसको लेकर कई न्यूज चैनलों और अखबारों ने खूब खबर छापी इसका विरोध हुआ। अब इस ब्रिज के 90 डिग्री वाले खतरनाक मोड़ को लेकर उठे सवालों के बाद रेलवे ने डिजाइन में बदलाव के लिए अतिरिक्त जमीन देने की सहमति दे दी है।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रेलवे की ओर से जमीन उपलब्ध कराने पर ब्रिज की रेलिंग को तोड़कर 90 डिग्री वाले मोड़ को और घुमावदार बनाया जाएगा। इससे पुल की चौड़ाई तीन फीट तक बढ़ जाएगी, जिससे वाहनों को मोड़ने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी। इंजीनियरों की टीम मशीनों के साथ बुधवार को ब्रिज के सेंटर पॉइंट का मेजरमेंट करने पहुंची।
18 करोड़ की लागत से बना यह 648 मीटर लंबा ब्रिज घनी आबादी और बेतरतीब ट्रैफिक वाले ऐशबाग क्षेत्र में बनाया गया है, यहां एक हॉकी स्टेडियम भी है जिस पर कई मैच और हॉकी टूर्नामेंट भी होते थे। ब्रिज की डिजाइन में 90 डिग्री का तीखा मोड़ होने से हादसों की आशंका जताई जा रही थी।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा ये भोपाल का ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज, जिसे पीडब्ल्यूडी ने पूरे 10 साल में तैयार किया है, मानो कोई इंजीनियरिंग चमत्कार हो। ऐसी संरचनाएं जनता की ज़रूरत नहीं, अधिकारियों की जेबें भरने के लिए बनाई जाती हैं। यह पुल न सिर्फ ट्रैफिक जाम का नया केंद्र बनेगा, बल्कि 90 डिग्री का ये मोड़ बड़े हादसे को न्योता देगा।
एक अन्य यूजर ने लिखा- मौत 90 डिग्री का कोण बना कर आएगी। डेवलपमेंट का यह एंगल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निकल कर आया है। 18 करोड़ खर्च हुए हैं।
जब इस मुद्दे पर पीडब्ल्यूडी मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पुल बनने के बाद अचानक कुछ विशेषज्ञ आते हैं और इस तरह की बात करते हैं, जबकि कोई भी पुल बनाते समय कई तकनीकी पहलुओं को देखा जाता है। अगर ये कोई आरोप है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। खबरों के बाद अब रेलवे और पीडब्ल्यूडी के इस कदम से ब्रिज की सुरक्षा और ट्रैफिक सुगमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
शातिर चोर दिन में करते थे रेकी, रात को देते थे अंजाम
18 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कृषि उपज मंडी भैरूंदा में व्यापारियों को परेशान करने वाली गल्ला चोरी की घटनाओं का भैरूंदा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का लाखों रुपये का चना, मूंग और घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल जब्त की है। हालांकि गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। चोर दिन में रेकी करते थे। इसके बाद रात के समय चोरी को अंजाम देते थे।
थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब 13 और 15 जून को गल्ला मंडी भैरूंदा के व्यापारियों प्रभु सिंह पंवार, अंकित खंडेलवाल, अक्षय अग्रवाल और महेश खंडेलवाल ने थाने में अनाज चोरी की अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराईं। लगातार हो रही इन चोरियों से मंडी व्यापारी बेहद चिंतित थे और पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीहोर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने अनाज मंडी में चोरी करने वाले अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के पालन में एसडीओपी विजय अंभोरे के मार्गदर्शन में तत्काल दो टीमें गठित कीं। गठित पुलिस टीमों ने आधुनिक तकनीकी सहायता और नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से जांच कर अज्ञात आरोपियों की पहचान की।
मुखबिर की सूचना पर धर-दबोचा
पुलिस टीम को 16 जून को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली और इसी आधार पर नीलकंठ रोड भैरूंदा से तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में आए इन शातिर चोरों ने अपने अपराध का तरीका बताया, जो बेहद सुनियोजित था। आरोपी दिन के समय कृषि उपज मंडी भैरूंदा में विभिन्न दुकानों की रेकी करते थे, यानी पूरी तरह से निरीक्षण कर लेते थे कि कहां और कब चोरी की जा सकती है। इसके बाद, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वे मोटरसाइकिल से मंडी के पीछे से दुकानों में घुसते थे और बड़े पैमाने पर अनाज की चोरी को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपी लाडक़ुई निवासी राहुल उर्फ लड्डू बनवारी (27) पिता शान्तिलाल, पवन मीणा (19) पिता रामनिवास, विनोद बनवारी (32) पिता रामबगस के कब्जे से चोरी किया 18 कट्टी चना कीमत 53 हजार और 14 कट्टी मूंग कीमत 60 हजार के अतिरिक्त घटना में प्रयुक्त एक मोटर साइकिल कीमत 90 हजार इस प्रकार कुल 2 लाख मूल्य का मसरूका जब्त किया है। इन तीनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में एक आरोपी फरार है।
“अतुल्य मध्यप्रदेश” बना पर्यटकों की पहली पसंद
18 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। इसकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा का आकर्षण “अतुलनीय मध्यप्रदेश” के रूप में पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश ने वर्ष 2024 में पर्यटन के क्षेत्र में कीर्तिमान रचा है। मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ। यह उपलब्धि वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत, 2019 से लगभग 50.6 प्रतिशत और 2020 की तुलना में 526 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरें और वन्यजीव विविधता, पर्यटकों को एक सम्पूर्ण अनुभव प्रदान करती हैं। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश देश ही नहीं, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से उभर रहा है। यह उपलब्धि शासन की दूरदर्शी नीतियों, आधारभूत ढांचे के विकास और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी का प्रतिफल है।
विदेशी पर्यटकों का आगमन
वर्ष 2024 में 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों ने भी मध्यप्रदेश की सैर की। खजुराहो में 33 हजार 131, ग्वालियर में 10 हजार 823 और ओरछा में 13 हजार 960 विदेशी पर्यटक पहुंचे। शहरी पर्यटन में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई, जिसमें इंदौर में 9,964 और भोपाल में 1,522 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। बांधवगढ़ में 29 हजार 192, कान्हा में 19 हजार 148, पन्ना में 12 हजार 762 और पेंच में 11 हजार 272 विदेशी पर्यटक आए, जो मध्यप्रदेश की वैश्विक अपील को दर्शाता है।
धार्मिक पर्यटन : देश की आस्था का नया केंद्र
प्रदेश के धार्मिक स्थलों ने वर्ष 2024 में 10.7 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 21.9% अधिक है। प्रदेश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में से 6 धार्मिक स्थल शामिल हैं। उज्जैन 7.32 करोड़ पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहा, जो वर्ष 2023 के 5.28 करोड़ की तुलना में 39% अधिक है। चित्रकूट में भी 1 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2023 के 90 लाख की तुलना में 33% अधिक है। मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, सलकनपुर में 26 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर महालोक, श्रीराम वनगमन पथ, देवी लोक, राजा राम लोक, हनुमान जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
विरासत पर्यटन : इतिहास की जीवंत गाथा
मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत ने 2024 में 80 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया, जो 2023 के 64 लाख की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाता है। ग्वालियर में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना वृद्धि देखी गई, जहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो 2023 की तुलना में 3.69 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि है। खजुराहो (4.89 लाख), भोजपुर (35.91 लाख) और महेश्वर (13.53 लाख) में भी पर्यटकों ने इन समृद्ध विरासतों का आनंद लिया। यूनेस्को ने हाल ही में भोजपुर को अपनी टेंटेटिव सूची में शामिल किया है और ग्वालियर को "क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक" के रूप में मान्यता दी है। मध्यप्रदेश में अब 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची में कुल 18 यूनेस्को धरोहरें हैं। स्थायी सूची में खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं और सांची स्तूप शामिल हैं। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर, बुंदेला शासकों के महल और किले, ग्वालियर किला, बुराहनपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित राम नगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू के स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट–लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी टेंटेटिव लिस्ट में हैं।
वन्यजीव पर्यटन : प्रकृति और रोमांच का संगम
ग्रीन, क्लीन और सेफ मध्यप्रदेश "टाइगर स्टेट", "लेपर्ड स्टेट", "घड़ियाल स्टेट", "चीता स्टेट" और "वल्चर स्टेट" के रूप में जाना जाता है, जिसमें देश का सबसे अधिक वन क्षेत्र है। राज्य में 12 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व हैं। कान्हा (2.48 लाख), पेंच (1.92 लाख), बांधवगढ़ (1.94 लाख), पन्ना (3.85 लाख) और मढ़ई (4.34 लाख) जैसे प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों का आगमन हुआ। कुनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना परियोजना ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
प्राकृतिक पर्यटन : प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव
मध्यप्रदेश का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए एक अनमोल खजाना है। पचमढ़ी, अमरकंटक, भेड़ाघाट, हनुवंतिया, गांधीसागर, तामिया, सैलानी आइलैंड और सरसी आइलैंड जैसे स्थल प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। वर्ष 2024 में पचमढ़ी में 2.87 लाख पर्यटक और भेड़ाघाट में 2.34 लाख पर्यटक पहुंचे। यहां रिसॉर्ट्स, एडवेंचर, स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग ट्रेल्स और कैंपिंग सुविधाओं ने पर्यटकों को नया अनुभव दिया। गांधीसागर डैम, सैलानी आइलैंड, तामिया की पातालकोट घाटी और सरसी आइलैंड में प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाया।
ग्रामीण पर्यटन : संस्कृति और आतिथ्य का जीवंत अनुभव
मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन ने स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 63 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं। प्रदेश में 470 से अधिक होमस्टे का निर्माण किया गया है, जिनसे अब तक 24 हजार से अधिक अतिथि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले चुके हैं। पचमढ़ी, कान्हा और अमरकंटक जैसे क्षेत्रों के आसपास के गांवों में होम स्टे सुविधाएं पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव बन गई है। चंदेरी में भारत के पहले हैंडलूम गांव प्राणपुर ने स्थानीय शिल्पकारों को वैश्विक पहचान दिलाई है। आदिवासी समुदायों की कला जैसे गोंड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।
फिल्म पर्यटन : सिनेमाई जादू का नया गंतव्य
मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना रहा है। चंदेरी और महेश्वर जैसे स्थल फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन गए हैं। "स्त्री 2" की शूटिंग ने चंदेरी को पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाया, जहां 47 हजार 630 पर्यटक पहुंचे। महेश्वर में 13.53 लाख पर्यटक आए, जो कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की शूटिंग का गवाह बना। हाल ही प्रदेश में निर्मित फिल्म होमबाउंड को फिल्म जगत के प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में दुनिया भर के दिग्गजों की प्रशंसा मिली। नई फिल्म नीति-2025 और पर्यटन सुविधा सेल ने मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माताओं के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया है। प्रदेश में स्त्री, सुई धागा, दबंग 2, पैडमैन, पंचायत (वेब सीरीज) और महारानी जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। खजुराहो, ग्वालियर और मांडू जैसे स्थल भी फिल्म शूटिंग के लिए लोकप्रिय हुए।
शहरी पर्यटन : आधुनिकता और संस्कृति का मेल
भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहर अपनी आधुनिकता, स्वच्छता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2024 में इंदौर में 1.02 करोड़, भोपाल में 22 लाख और जबलपुर में 23 लाख पर्यटक पहुंचे। इंदौर ने 7वीं बार स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में पहला स्थान हासिल किया है, जो इसे एक स्वच्छ और स्मार्ट पर्यटन गंतव्य बनाता है।
मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में पर्यटन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश और दुनिया के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाई है। धार्मिक आस्था से लेकर ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव रोमांच से लेकर प्राकृतिक सौंदर्य, ग्रामीण आत्मीयता से लेकर शहरी आधुनिकता और सिनेमाई आकर्षण तक “अतुलनीय मध्यप्रदेश” ने हर पर्यटक को एक नया अनुभव दिया है। प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में पर्यटन न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि सतत विकास और समावेशिता के नए प्रतिमान भी स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, नीतिगत नवाचार और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से मध्यप्रदेश आगामी वर्षों में भी पर्यटन का नया अध्याय रचेगा।
मध्यप्रदेश में झमाझम का आगाज़: भोपाल-जबलपुर समेत कई जिलों में आज मॉनसून एंट्री
18 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mp Weather Update : मध्य प्रदेश के लोगों को जिस पल का इंतजार था वो आ चुका है. पिछले 24 घंटों में जहां मॉनसून प्रदेश के 20 जिलों को कवर कर चुका है, तो वहीं आज इसके राजधानी भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में पहुंचने की संभावना है. इसी के साथ प्रदेश के ज्यादातर जिलों में गरज चमक के साथ बारिश व तेज हवाएं चलने का अलर्ट है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मॉनसून अपनी नॉर्मल डेट 15 जून से 1 दिन देरी से पहुंचा. वहीं इसे आगे बढ़ने में और 24 घंटे लग गए.
4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो
' वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.''
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है.
भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत
प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब तक तेज बारिश नहीं होती, उमस बेचैन कर सकती है. मौसम विभाग ने 21 जून तक पूरे प्रदेश में मल्टी हजार्ड वॉर्निंग जारी की है. इससे तापमान में खासी गिरावट देखने मिल सकती है. पिछले 24 घंटे में भोपाल में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, जबलपुर में 34.5, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री और उज्जैन में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी.
पिछले साल के मुकाबले 7 दिन पहले आया मॉनसून
मध्य प्रदेश में इस साल मॉनसून भले ही एक दिन लेट हो गया हो पर पिछले साल के मुकाबले ये 7 दिन पहले आया है. दरअसल, 2024 में मॉनसून ने मध्य प्रदेश में 23 जून को दस्तक दी थी. हालांकि, देरी के बावजूद पिछले साल मॉनसून ने कई रिकॉर्ड तोड़े. भोपाल में पिछले 40 सालों में चौथी सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई. इस दौरान कुल 64.35 इंच बारिश हुई थी. वहीं पूरे प्रदेश में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी.
जून के पहले हफ्ते में आने वाला था मॉनसून
इस बार मॉनसून केरल में समय से एक हफ्ते पहले आ गया था. दक्षिण पश्चिम मॉनसून की रफ्तार देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि यह जून के पहले ही हफ्ते में मध्य प्रदेश पहुंच जाएगा पर ऐसा नहीं हुआ. दरअसल, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में समय से पहले पहुंचने के बाद मॉनसून ठहर गया था. इस वजह से इसे मध्य प्रदेश पहुंचने में देरी हो गई.
पैसे के अभाव में नहीं जाएगी जान, मध्य प्रदेश के इस अस्पताल में इलाज का खर्च जीरो
17 Jun, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: वर्तमान में सबसे कठिन काम खुद को स्वस्थ रखना है. लेकिन आप गलती से बीमार हो गए तो अस्पतालों का मोटा खर्च पहले ही आपकी जान ले लेगा. फिर आप यदि आर्थिक रुप से कमजोर हैं, तो आपके लिए ईलाज के पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता है. कई बार लोगों को जमीन जायदा भी बेचनी पड़ जाती है. लेकिन मध्य प्रदेश में एक ऐसा भी अस्पताल हैं, जहां जीरो बिल नीति लागू किया गया है. यानि कि आप कोई भी ईलाज कराएं, पंजीयन से लेकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक एक रुपये भी खर्च नहीं करना पड़ेगा. यहां पूरा ईलाज और जाचें निशुल्क होंगी.
आईसीएमआर की मंजूरी के बाद प्रभारी निदेशक ने लिया निर्णय
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों को भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में उपचार कराने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा. बीपीएल कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे मरीज जिनके पास गरीबी रेखा का कार्ड नहीं है, लेकिन वे निर्धन और असहाय हैं, उन्हें भी निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाएगी. बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनुमति मिलने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.
निशुल्क ईलाज के लिए बीपीएल कार्ड जरूरी नहीं
डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया "अब तक बीपीएल कार्ड धारकों से सिर्फ 10 रुपये पंजीयन शुल्क लिया जाता था और वार्ड में भर्ती पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन जांच, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाता था. अब बीपीएल मरीजों को सभी चिकित्सकीय सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी."
उन्होंने बताया "यदि कोई मरीज बीपीएल कार्ड प्रस्तुत नहीं कर पाता, लेकिन वास्तविक रूप से निर्धन और असहाय है, तो उसकी स्थिति की जांच के बाद उसके इलाज पर आने वाला खर्च भी माफ किया जा सकता है. इसके लिए बीएमएचआरसी में एक मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट गठित की जा रही है, जो ऐसे मरीजों को आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता करेगी."
असहाय मरीजों के लिए बनाया जाएगा पेशंट वेलफेयर फंड
आपात स्थिति में आने वाले किसी भी मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जाएगा और पहले 24 घंटे का इलाज या भर्ती से पूर्व तक की सभी सेवाएं भी पूर्णतः निशुल्क रहेंगी. अगर मरीज अकेला है या परिजन नहीं हैं, तो भी उसे चिकित्सा से वंचित नहीं किया जाएगा. निर्धन और असहाय मरीजों के इलाज में सहायक बनने हेतु पेशेंट वेलफेयर फंड का गठन किया जाएगा.
जिसमें कॉर्पाेरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर), जन सहयोग और दान से राशि एकत्र कर उनका उपचार किया जा सकेगा. डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि इस दिशा में एक विस्तृत नीति व गाइडलाइन तैयार की जा रही है, ताकि यह व्यवस्था सुचारू रूप से लागू की जा सके और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल राहत दी जा सके.
देर रात पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले, 699 पुलिसकर्मी किए इधर से उधर
17 Jun, 2025 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Police Department Transfer : मध्य प्रदेश की राजधनी भोपाल में स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से बड़ी कारर्वाई करते हुए 37 थाने में 5 साल से अधिक समय से जमे 699 पुलिसकर्मियों की तबादला सूची जारी की गई है। इसमें ऐसे पुलिसकर्मी जो एक ही संभाग में अथवा एक ही थाने में 5 साल और इससे अधिक समय से थे, उन्हें इधर से उधर किया गया है।
ट्रांसफर हुए पुलिसकर्मियों में शहर के 30 उप निरीक्षक, 56 सहायक उप निरीक्षक, 313 प्रधान आरक्षक और 301 आरक्षकों के नाम शामिल हैं। पुलिस विभाग में हुए इस थोकबंद तबादलों को लेकर कहा जा रहा है कि, एक ही थाने में लंबे से जमे होने के चलते इनकी लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसके चलते इस पर संज्ञान लिया गया है।
पुलिस मुख्यालय की सख्ती
जिन पुलिसकर्मियों के तबादले शहर के ही अन्य थानों में किए गए हैं, उनमें ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिनका पहले भी इन थानों से ट्रांसफर किया जा चुका था, लेकिन बाद में फिर से ये उसी थाने में पदस्थ हो गए थे। ऐसी समस्या प्रदेश भर में सामने आई, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, कि लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर कर नए पुलिसकर्मियों को थानों में पदस्थ किया जाए। शहर के सभी थानों में ये फेरबदल हुआ है, जिसमें अजाक जैसे थाने भी शामिल हैं।
रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मोहन सरकार का तोहफा, अगले महीने से बढ़कर मिलेगी राशि
17 Jun, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि अगले माह लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को ₹250 बढ़कर मिलेंगे. मतलब अगले माह से लाड़ली बहन की किस्त ₹1500 प्रतिमाह हो जाएगी. मुख्यमंत्री ने जबलपुर के बेलखेड़ा में हुई सभा के दौरान मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में 1551.44 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना सामाजिक सुरक्षा पेंशन और संबल योजना के हितग्राहियों को भी करोड़ों रुपए की राशि ट्रांसफर की.
सीएम ने कहा, अब तक 30 हजार करोड़ रुपये लाड़ली बहन योजना के तहत महिलाओं के खाते में भेजा
इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस महीने के बाद सावन की तैयारी शुरू हो जाएगी. इसलिए अगले महीने मध्य प्रदेश की महिलाओं को ढाई सौ रुपया बढ़कर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 30 हजार करोड़ रुपये लाड़ली बहन योजना के तहत महिलाओं के खाते में पहुंच चुका है. इस मौके पर केवल लाड़ली बहनाओं को ही पैसा नहीं भेजा गया बल्कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 56.85 लाख पेंशन हितग्राहियों को 341 करोड़ की राशि भी ट्रांसफर की गई. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम उज्जवला योजना और विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं को ₹450 गैस सिलेंडर रिफिल करने के लिए भी दिया. मध्य प्रदेश में 27 लाख से अधिक महिलाओं को यह राशि दी जाती है. जबलपुर में हुए कार्यक्रम के माध्यम से 39.14 करोड़ रुपये हितग्राही महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किया गया. आज मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के तहत भी 6821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि ट्रांसफर की गई.
मेरिट लिस्ट में आने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और स्कूटी अगले माह
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मेरिट लिस्ट में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी जल्दी ही गिफ्ट दिया जाएगा. उनके लिए लैपटॉप और स्कूटी अगले माह तक दे दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा में एक सरकारी कॉलेज खोलने की भी घोषणा की और 22 करोड़ की लागत से बनने वाले निर्माण कार्यों का भी भूमि पूजन किया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि जो महिलाएं रेडीमेड गारमेंट का काम करेंगी उनको सरकार की ओर से ₹5000 प्रति माह देने की योजना बनाई गई है. बेलखेड़ा में हुए इस आयोजन में जबलपुर के सांसद आशीष दुबे और स्थानीय विधायक के साथ सैकड़ो की तादाद में लाड़ली बहनें शामिल हुईं.
गर्मी के कारण कई निजी स्कूलों ने बदला समय, सरकारी स्कूल आज से फिर शुरू
16 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद सोमवार 16 जून से सभी सरकारी स्कूल खुल रहे हैं। हालांकि तेज गर्मी के चलते कुछ निजी स्कूलों का समय बढ़ा दिया गया है। स्कूलों ने भीषण गर्मी के चलते पेरेंट्स को मैसेज भेजकर 23 जून से खोलने की बात कही है। इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
समय पर खुल रहे स्कूल
भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि आज से सभी सरकारी स्कूल ओपन हो जाएंगे। स्कूलों में इसे लेकर तैयारी पहले से ही की गई है। सरकार ने स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है, इसलिए सभी सरकारी स्कूल खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों का खुलने की तारीख बदलने का फैसला उनका अपना है।
1 जुलाई से नया सत्र शुरू करने का अनुरोध
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने कलेक्टर से 1 जुलाई से नया सत्र शुरू करने का अनुरोध किया है, ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके। हालांकि, कलेक्टर की ओर से अभी तक इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही निर्धारित तारीख में कोई बदलाव किया गया है।
मतदान से पहले चुनावी प्रचार का शोर खत्म, नेताओं ने झोंकी पूरी ताकत
बिलासपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बहू पर भी लागू होगी पति वाली कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी।
बयानबाजी पर सियासी-धार्मिक तकरार, धीरेंद्र शास्त्री ने दिया करारा जवाब
किसानों के हित में फैसला, कैबिनेट ने 4 गुना मुआवजा किया मंजूर
जहां गूंजीं थीं चीखें, आज कैसा है बैसरन घाटी का हाल
छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान; भोरमदेव अभयारण्य में 27 अप्रैल से शुरू होगी जंगल सफारी।
