मध्य प्रदेश
मॉनसून की दस्तक से ही तर-बतर हुआ मुरैना, 3 दिन में 140MM हुई बारिश
22 Jun, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: मध्य प्रदेश में मॉनसून की दस्तक के बाद कई जिलों में बारिश की खबरें आ रही है. वहीं चंबल में मॉनसून की धमाकेदार दस्तक ने शहर को तर-बतर कर दिया है. तीन दिन की लगातार बारिश से अधिकतम पारा 12 डिग्री लुढ़ककर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है. मौसम विभाग ने रिकार्ड 140 mm बारिश दर्ज की गई है. भारी बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. शहर में गलियों में पानी भर गया है, नाले ओवर-फ्लो होकर बह रहे हैं.
शहर में कई जगहों पर भरा पानी
शहर में तीन दिन की लगातार बारिश से हालात खराब हैं. पुरानी बस्तियों जैसे रामनगर, सुभाष नगर, गणेश पुरा, केशव कॉलोनी या फिर सार्वजनिक स्थल बस स्टैंड की बात करें तो, सभी जगह नाले ओवर फ्लो होकर सड़कों के ऊपर पानी बह रहा है. हालात यह है कि, पुरानी बस्तियों में घरों के अंदर पानी घुसने से लोग सड़कों पर आ गए हैं.
140 MM हुई बारिश
इस मामले में मौसम वैज्ञानिक डॉ हारवेंद्र सिंह ने बताया कि, "तीन दिन में रिकार्ड 140 एमएम बारिश दर्ज की गई है. ऐसी बारिश वर्षों बाद हुई है. लगातार बारिश होने की वजह से दिन का अधिकतम तापमान 44 डिग्री से लुढ़ककर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, तो वहीं रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
बारिश किसानों की बढ़ा सकती है परेशानी
आगामी 5 दिन तक लगातार बारिश होने के आसार हैं. पूरे चंबल-अंचल में बारिश का आंकड़ा करीब एक समान है. यह बारिश किसानों के लिए अभी बहुत ही फायदेमंद हैं. यदि 3-4 दिन के बाद बारिश का दौर बंद हो जाता है तो, किसान समय पर खरीफ फसल की बोवनी कर सकेंगे. समय पर बोवनी होने से फसल उत्पादन भी बंपर होगा. यदि इसके बाद बारिश का दौर नहीं थमा, तो फसल की बोवनी लेट हो जाएगी, जिससे किसानों को नुकसान होने की संभावना है.
एमपी के टीचर्स की रुक जाएगी सैलरी! बच्चों संग करेंगे यह काम तभी लगेगी अटेंडेंस
22 Jun, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों से अब गुरुजी गायब नहीं रह पाएंगे. उनको कक्षाओं में पढ़ाना ही होगा, तभी उनकी हाजिरी लगेगी. इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नया पोर्टल तैयार कराया है. दरअसल सरकारी स्कूलों में टीचर की मनमानी की खबरें सामने आती रहती हैं. कभी क्लास में आराम फरमाना तो कभी घंटों गायब रहना. लेकिन शिक्षा विभाग ने इसका तोड़ निकाल लिया है. नवीन पोर्टल पर शिक्षक विद्यालयों में पहुंचकर एक घंटे के अंतराल में ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करेंगे. हाजिरी का यह नियम 1 जुलाई 2025 से लागू कर दिया जाएगा.
तो लग जाएगा हाफ डे
जब छुट्टी होगी तब आधा घंटा पूर्व या बाद में ई-उपस्थिति लगेगी. निर्धारित समय सीमा के पश्चात उपस्थिति दर्ज करने पर आधे दिन का आकस्मिक अवकाश दर्ज किया जाएगा. पोर्टल 3.0 पर 'हमारे शिक्षक ई गवर्नेस प्लेटफार्म' के अंतर्गत 23 से 30 जून की समयावधि में इस प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा.
जहां इंटरनेट समस्या, वहां नई व्यवस्था का ट्रायल
स्कूल शिक्षा विभाग इस नई व्यवस्था का ट्रायल उन क्षेत्रों में शुरू कर रहा है, जहां इंटरनेट की समस्याएं बताई जा रही थी. यहां पर प्रयोग के तौर पर ऑनलाइन अटेंडेंस का काम प्रारंभ किया गया है. यहां पर यह देखा जा रहा है कि इंटरनेट कितना सहयोग कर रहा है. क्या तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. इन समस्याओं को सुधारने के लिए डिपार्टमेंट टेक्नीकल एक्सपर्ट की मदद ले रहा है.
1 जुलाई से ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू
लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि, ''1 जुलाई से टीचर्स की अटेंडेंस ऑनलाइन तरीके से दर्ज होगी. इस नवीन व्यवस्था में सेवकों के स्वत्वों संबंधित आवेदन प्लेटफार्म के माध्यम से प्रस्तुत करने की सुविधा होगी. अवकाश स्वीकृति, लेखों का संधारण, क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान का लाभ, वेतन वृद्धि लाभ, परिवीक्षा अवधि एवं शिक्षकों की प्रशिक्षण उपस्थिति और पेंशन स्वत्व भुगतान संबंधी पूरा रिकार्ड इसी में रहेगा.''
टीचर्स को आना ही होगा स्कूल
बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 2017, 2020 और 2022 में ऑनलाइन हाजिरी शिक्षा मित्र एप के जरिए शुरू की थी. लेकिन उस वक्त टीचर्स ने इसको लेकर ऐतराज जताया था. कभी स्मार्ट फोन तो कभी नेटवर्क के बहाने के चलते यह प्रक्रिया ठीक से लागू नहीं हो पाई थी. लेकिन अब ई अटेंडेंस सिस्टम के चलते उन टीचर्स पर नजर रखी जाएगी जो स्कूल नहीं आते या खुद की जगह किसी और को भेज देते हैं. खास बात है कि टीचर्स की उपस्थिति की निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे.
चंबल से विदाई लेगा 'सफेद बाघ', छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश आएंगे नए मेहमान
22 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: जल्द ही मध्य प्रदेश में बने राजीव गांधी प्राणी उद्यान यानी ग्वालियर के चिड़ियाघर में नए मेहमानों का बसेरा होगा. भालू, लोमड़ी, हिरण जैसे जानवर यहां लाए जाएंगे. जिनका यहां आने वाले सैलानी दीदार कर सकेंगे, लेकिन इस चिड़ियाघर का एक सदस्य जिस पर चंबल गर्व करता है, यहां से विदा होगा. चंबल का सफेद बाघ जल्द ग्वालियर से छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा. आखिर क्यों इन जानवरों का ठिकाना बदला जा रहा है आइए जानते हैं.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बने कानन पेंडारी जियोलॉजिकल पार्क में एक बाघ की दरकार है. यहां प्रबंधन और सैलानियों को एक खास बाघ का इंतजार है. ये कोई साधारण नहीं बल्कि ग्वालियर चिड़ियाघर की शान माने जाने वाला सफेद बाघ है. जिसे अब ग्वालियर से बिलासपुर भेजा जा रहा है. दोनों जू प्रबंधन में आपसी बातचीत की लंबी प्रक्रिया के बाद एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों के अदान-प्रदान पर सहमति बनी है.
क्या है एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम?
असल में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम या पशु विनियम योजना भारत में चिड़ियाघरों द्वारा आपसी तालमेल से जानवरों के अदान प्रदान के लिए बनायी गई व्यवस्था है. जिसके जरिए विलुप्ति से बचाव के लिए दुर्लभ जानवरों को एक चिड़ियाघर से दूसरे में भेजा जाता है. जिससे कि नेचुरल बर्थिंग के जरिए उनकी संख्या में इजाफा कराया जा सके. एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम में जिस चिड़ियाघर में जो जानवर सरप्लस होता है, उसे दिया जाता है.
सफेद बाघ के बदले ग्वालियर को क्या मिलेगा?
अब आप भी जानना चाहते होंगे कि, ग्वालियर से सफेद बाघ जाएगा तो ग्वालियर कौन से जानवर लाए जाएंगे. असल में राजीव गांधी प्राणी उद्यान के क्यूरेटर डॉ गौरव परिहार ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि, "पेंडारी जू में ग्वालियर से सफेद बाघ का शावक भेज जा रहा है. जिसकी आयु दो वर्ष है. इसके बदले कानन पेंडारी से एक देसी भालू, तीन मादा लोमड़ी और दो चौसिंगा जो बारहसिंघा हिरण की तरह एक प्रजाति है, को ग्वालियर जू में लाया जाएगा. जिनके लिए सारी व्यवस्थाएं भी कर ली गई है."
क्या सफेद बाघ की खलेगी कमी?
ग्वालियर से सफेद बाघ की रवानगी की खबर लोगों को मायूस कर सकती है, लेकिन किसी को मायूस होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राजीव गांधी प्राणी उद्यान में अभी 4 व्हाइट टाइगर (सफेद बाघ) समेत कुल 10 बाघ हैं. हालांकि पहले बाघों की कुल संख्या 11 हुआ करती थी, लेकिन एक बाघ की कुछ समय पहले नरवाइन डिसऑर्डर की वजह से मौत हो गई थी. अब भी एक बाघ जाने से यहां आने वाले सैलानियों को 3 सफेद बाघ समेत 9 बाघ देखने को मिलेंगे.
व्हाइट टाइगर ही देने का फैसला क्यों?
असल में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यह नियम है कि, जब किन्हीं चिड़ियाघर में जानवरों का अदान प्रदान होता है, तो बदले में ऐसे जानवर जो एक स्थान पर ज्यादा हो उन्हें दिया जाता है. जिसे दोनों स्थानों पर एक बैलेंस बना रहे. ग्वालियर में बाघों की संख्या अधिक है, क्योंकि साल 2011 से 2022 तक ग्वालियर में 22 बाघों को पैदा कराया गया है. जिन्हें देश भर के अलग-अलग चिड़ियाघरों में भेजा गया है. आज भी यहां बाघों की संख्या ज्यादा है. इसलिए यहां से अन्य जानवरों के बदले बाघ भेजा जा रहा है.
तीनों लोमड़ी मादा क्यों लाई जा रही हैं?
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कानन पेंडारी जू से तीन लोमड़ियो को ग्वालियर चिड़ियाघर में लाया जा रहा है. तीनों ही मादा (फीमेल) हैं. इसके पीछे की वजह यहां है कि, ग्वालियर चिड़ियाघर में पहले से लोमड़ी मौजूद है, लेकिन वे नर (मेल) लोमड़ी हैं. ऐसे में नेचुरल बर्थिंग के लिए मादा लोमड़ियों को लाने का निर्णय लिया गया है.
कब और कैसे होगा जानवरों का अदान प्रदान?
मध्य प्रदेश के राजीव गांधी प्राणी उद्यान और कानन पेंडारी जू के बीच जानवरों के अदान प्रदान की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. जू प्रबंधन के अधिकारी का कहना है कि, कागजी कार्रवाई हो चुकी है और अब 22 जून को एक बड़े कंटेनर बॉक्स में सफेद बाघ को यहां से बिलासपुर के लिए रवाना किया जाएगा. इसके बाद उसी कंटेनर में कानन पेंडारी जू से जानवरों को यहां लाया जाएगा.
क्या है चिड़ियाघर संचालन का मुख्य उद्देश्य?
अगर आप भी सोचते हैं कि, देश दुनिया में बनाये गए चिड़ियाघर अलग-अलग तरह के जानवरों को एक जगह रख कर उनकी नुमाइश के जरिए उनके बारे जानकारी और ज्ञान उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक विकास के लहज से संचालित होते हैं. तो यह बात पूरी तरह सही नहीं है. असल में चिड़ियाघरों का संचालन सैलानियों नहीं बल्कि जानवरों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है.
चिड़ियाघरों के संचालन का मुख्य उद्देश्य किसी फायदे या नुकसान के लिए नहीं होता. मूल रूप से यहां दुर्लभ और विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों के जानवरों को संरक्षित करने के साथ ही वैज्ञानिक तरीके से उनकी ब्रीडिंग कराई जाती है. ब्रीडिंग होने के बाद उन्हें वापस जंगल में छोड़ना होता है.
क्यों महत्वपूर्ण है एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम?
ग्वालियर चिड़ियाघर के क्यूरेटर डॉ गौरव परिहार कहते हैं कि "किसी भी चिडियाघर का भविष्य ज्ञानवर्धक के आदान-प्रदान पर निर्भर करता है, क्योंकि आदान प्रदान न होने पर जानवरो में विसंगतियां होने लगती है. उदाहरण के तौर पर ग्वालियर के राजीव गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की संख्या ज्यादा है. अगर यहां से बाघ नहीं दिए जाएंगे, तो बाघों की संख्या बढ़ती जाएगी और जब वे आपस में प्रजनन करेंगे तो कही ना कही जेनेटिक दोष आने की संभावना होगी. बाघों की हाइट छोटी हो सकती है. उनकी पूछ छोटी हो सकती है. आंखों से पानी आने की समस्या होगी. कुल मिलाकर शारीरिक विसंगतियां होंगी और वे आगे सर्वाइव नहीं कर पाएंगे.
योग दिवस पर खास पहल: कुष्ठ रोगियों ने किया योग, नेत्रदान का लिया प्रण
21 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भोपाल के गांधीनगर कुष्ठ आश्रम में कुष्ठ रोगियों ने भी योगाभ्यास किया। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी कुछ अलग करते हुए इंदौर से पहुंचे अंतरराष्ट्रीय योग गुरु कृष्णा मिश्रा (कृष्णा गुरुजी) ने योग दिवस को कुष्ठ रोगियों के बीच मनाने का निर्णय लिया। आश्रम में योग को एक सच्चे आत्मिक अनुभव के रूप में मनाया गया। कृष्णा गुरुजी पिछले 11 वर्षों में उन वर्गों के बीच योग को पहुंचाया है, जिन्हें समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है।
इन आसनों का कराया अभ्यास
गुरुजी ने सबसे पहले योग प्रार्थना राष्ट्रगान के साथ कराई और फिर दिव्यांगों के लिए अनुकूल प्राणायाम कराए। ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, भ्रामरी, नाड़ी शोधन, पितृ प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
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श्वास और ऊर्जा के माध्यम रोग होता है दूर
इस दौरान कृष्णा गुरुजी ने हीलिंग के बारे में भी बताया। उन्होंने हीलिंग को भी योग का ही एक रूप बताया, जिसमें श्वास और ऊर्जा के माध्यम से रोग को बाहर निकाला जाता है। उन्होंने सभी रोगियों को Divine Astro Healing की विधियां सिखाईं और व्यक्तिगत स्पर्श चिकित्सा (Healing Touch) भी दी।
'तुझमें नारायण, मुझमें नारायण' भाव के साथ लिया नेत्रदान का संकल्प
कार्यक्रम में सभी कुष्ठ रोगियों ने सामूहिक रूप से नेत्रदान का संकल्प लिया। इस दौरान “तुझमें नारायण, मुझमें नारायण” भाव के साथ जब यह संकल्प दोहराया गया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। कृष्णा गुरुजी ने कहा कि “अगर आप समाज से कुछ लेने नहीं, देने का भाव रखेंगे तो आप दया के पात्र नहीं, प्रेरणा बन जाएंगे।”
गुरुजी ने आश्रम की संचालिका रोशनी को उनके सेवा कार्यों के लिए सम्मानपूर्वक साधुवाद भी दिया।
2015 से 2025 तक उपेक्षित वर्गों के बीच योग का संदेश
2015: चलती ट्रेन में योग (इंदौर–जयपुर एक्सप्रेस)
2016: एयरपोर्ट पर योग का प्रयास
2017: महाकाल मंदिर में भिक्षुकों के साथ योगाभ्यास
2018: कैलाश मानसरोवर में ऑक्सीजन की कमी में योग
2019: अमेरिका में क्रूज योग
2020: किन्नर समुदाय के साथ ऑनलाइन योगाभ्यास
2021: अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन योग (गिसबोर्न से नॉर्वे तक)
2022: कुलियों के साथ योग (निज़ामुद्दीन स्टेशन)
2023: वंदे भारत एक्सप्रेस में सीटेड योग
2024: अमेरिका के NGO के साथ ऑनलाइन योग
2025: कुष्ठ रोगियों के साथ भोपाल में योग
बेकाबू कार का कहर: पूर्व पार्षद के बेटे ने मां-बेटी को रौंदा, सड़क हादसे में दोनों की दर्दनाक मौत
21 Jun, 2025 09:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देर रात एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने बाइक में टककर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा घायल हो गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया गया. जिस थार जीप से टक्कर मारी गई है वह पूर्व पार्षद चंदन राय की बताई गई है. घटना के समय उसे पूर्व पार्षद का बेटा चल रहा था. फिलहाल पुलिस ने दोनों मां बेटी के शवों को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया है और घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के मोती झील के पास बदनापुरा मोड पर यह दर्दनाक घटना हुई है. निंबाजी की खोह इलाके का रहने वाला सोनू उर्फ संजय कुशवाहा अपनी बहन गौरी और मां गौरा कुशवाहा के साथ बाइक पर सवार होकर तिघरा क्षेत्र के सौजना गांव अपने मामा के घर जा रहा था. जब वह बाइक में पेट्रोल डालने के लिए साइट में खड़ा था, तभी मोतीझील की ओर से आ रही तेज रफ्तार थार ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी. बाइक में लगी टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों हवा में उछलकर सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए.
हादसे में मां -बेटी की मौत
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, जहां मां बेटी की मौत हो गई. संजय को भी हल्की चोट आई है जो खतरे से बाहर है. घटना पर खुद चश्मदीद घायल संजय ने कहा कि वह तो सभी साइड में खड़े थे लेकिन गाड़ी सवार नशे की हालत में था. इसी दौरान लापरवाही से तेज रफ्तार से थार ने पीछे से टक्कर मार दी. रात के समय अंधेरा होने से वह गाड़ी का नंबर नहीं देख पाया, लेकिन पता चला है, कि टक्कर मारने वाली गाड़ी पूर्व पार्षद चंदन राय की है. थार को उनका बेटा चला रहा था.
पुलिस ने जब्त की थार
हालांकि पूरी घटना के बाद पुलिस ने मां-बेटी के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. टक्कर मारने वाली थार कार को भी जब्त कर लिया है. एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने कहा कि घटना बेहद दुखद है. लापरवाही पूर्वक एक्सीडेंट करने वाला आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है. पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है. फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और थार चालक की तलाश की जा रही है.
भोपाल AIIMS में 'दवा खरीद घोटाला': 7 गुना ज्यादा कीमत पर इंजेक्शन खरीदने का आरोप, जांच टीम सक्रिय
21 Jun, 2025 09:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में दवाओं की महंगी कीमतों पर खरीद को लेकर उठे सवालों की जांच के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक विशेष टीम ने संस्थान का दौरा किया. टीम ने दवा खरीद से संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा की और एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह समेत प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग चार घंटे तक बैठक कर पूरी खरीद प्रक्रिया की जानकारी जुटाई.
यह मामला भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने उठाया था. सांसद शर्मा, जो एम्स की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी के सदस्य भी हैं, उन्होंने इस मुद्दे को 15 मई को दिल्ली स्थित निर्माण भवन में हुई बैठक में सामने रखा था. इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव भी मौजूद थीं.
₹285 का इंजेक्शन ₹2100 में खरीदा
सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई थी कि भोपाल एम्स द्वारा कैंसर की जेमसिटाबिन (Gemcitabin) इंजेक्शन की खरीद ₹2100 प्रति इंजेक्शन की दर से की गई, जबकि रायपुर एम्स में यही दवा ₹425 और दिल्ली एम्स में मात्र ₹285 प्रति इंजेक्शन में खरीदी गई थी. इसी तरह अन्य कई दवाओं की कीमतों में भी भारी अंतर पाया गया.
वित्तीय नियमों का उल्लंघन
सांसद शर्मा के अनुसार, दवा खरीद में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सामान्य वित्तीय नियमों (GFR 2017) का उल्लंघन किया गया है. आरोप है कि एम्स भोपाल ने आपातकालीन स्थितियों के लिए अनुमोदित अमृत फार्मेसी से ही पूरी दवा आपूर्ति करवाई, जबकि यह केवल सीमित और आपातकालीन खरीद के लिए अधिकृत है. अन्य एम्स संस्थानों में दवाओं की खरीद टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है.
कोविड काल में शुरू हुई यह सीधी खरीद प्रक्रिया अब तक जारी है और इसके अंतर्गत होने वाला वार्षिक खर्च 25 करोड़ से बढ़कर 60 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि पहले यह आंकड़ा मात्र 10 से 15 लाख रुपये था. यह बढ़ोतरी संभावित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है.
जल निगम की तीन सिंचाई परियोजनाओं में हुआ था फर्जीवाड़ा
21 Jun, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश: वर्ष 2023 में इस घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी। तब मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, बंगाल, गुजरात व झारखंड में सर्च हुई थी। जल निगम लिमिटेड की 974 के तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए इंदौर की तीर्थ गोपी कान कंपनी ने आठ बैंक गारंटी जमा की थी। मध्य प्रदेश में तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए 184 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी मामले में सीबीआई ने कोलकता में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें शनिवार को ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया गया। अब अफसर इस मामले में उनसे पूछताछ करेंगे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम गोविंदचंद हंसदा, फिरोज खान है। गोविंदचंद पंजाब नेशनल बैंक का मैनेजर है, जो इस घोटाले में शामिल था। वर्ष 2023 में इस घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी। तब मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, बंगाल, गुजरात व झारखंड में सर्च हुई थी। मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड की 974 के तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए इंदौर की तीर्थ गोपी काॅन कंपनी ने आठ बैंक गारंटी जमा की थी, जो 184 करोड़ की थी। जांच में यह बैंक गारंटी फर्जी निकली।
यह बैंक गारंटी पंजाब नेशनल बैंक की कोलकता शाखा की थी और बैंक अफसरों की सांठ-गांठ से इसे तैयार किया गया था। कंपनी मूलत: गुजरात की है, लेकिन उसका एक दफ्तर इंदौर के रावजी बाजार क्षेत्र में है। जल निगम के अफसरों ने इसकी शिकायत रावजी बाजार थाने में की थी। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। इसकी जांच शुरू हुई और सीबीआई ने कोलकता से बैंक के दोषी अफसरों को गिरफ्तार किया।
'राजा' जैसा हश्र न हो जाए! पति ने पत्नी से जान का खतरा बताकर SP से मांगी सुरक्षा
21 Jun, 2025 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के छतरपुर एसपी कार्यालय से आज एक अजीबोगरीब मामला सामने आया. यहां एक युवक ने एसपी से खुद को बचाने की गुहार लगाई है. युवक ने कहा कि उसको उसकी पत्नी से खतरा है. उसने उसे जान से मारने की धमकी दी है. उसकी पत्नी उसे जान से मारना चाहती है, उसने सुना है कि उसकी पत्नी किसी से कह रही थी कि हनी मून पर ले जाएंगे, फिर जो करना होगा करेंगे. पीड़ित पति एसपी ऑफिस पहुंचकर मामले की शिकायत की है.
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक यूपी के महोबा जिले के श्रीनगर का रहने वाला है. युवक ने अपनी पत्नी से खुद को बचाने की गुहार लगाई. युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी का अपने जीजा के साथ संबंध है और वह उसे जान से मारने की धमकी दे रही है. पीड़ित की शिकायत पर एसपी ने पुलिस को मामले के जांच के आदेश दिए हैं.
‘पत्नी हमें जान से मारना चाहती है’
युवक ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी राजनगर थाना क्षेत्र में हुई है, लेकिन उसकी पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं है. जब वह उसे लेने गया, तो उसकी सास के इशारे पर उसके साथ मारपीट की गई. युवक ने अपनी पत्नी को फोन पर यह कहते हुए सुना कि वह उसे हनीमून के लिए ले जाएगी और फिर उसके साथ “जो करना है वह कर देना.”
एसपी से पीड़ित ने की शिकायत
पति को डर है कि उसकी पत्नी उसका हाल राजा रघुवंशी जैसा न कर दे, जिसका आशय पूर्व में हुई घटना से है. परिजनों ने भी आशंका जताई है कि बहू उसे घुमाने के बहाने ले जाकर सोनम जैसी हत्या न करवा दे. पीड़ित पति अजय अहिरवार ने एसपी को शिकायत पत्र देकर खुद की जान बचाने की गुहार लगाई है. पीड़ित पति ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी पत्नी का अपने जीजा के साथ अवैध संबंध है. इसी वजह से उसे जान से मारना चाहती है.
धोखाधड़ी का नया तरीका: 2 कंपनियों के जरिए ₹2280 करोड़ का चूना, ऐसे खुली पोल
21 Jun, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोशल मीडिया साइट्स के जरिए निवेशकों को अधिक लाभ का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अब तक की सबसे बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में दिल्ली से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के खातों से 2280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी मिली है. जबकि 90 करोड़ रुपये की रकम को फ्रीज किया गया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा के रूप में हुई है. ये दोनों टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोगों से संपर्क करते और YORKER FX, YORKER CAPITAL जैसी अवैध व अनरजिस्टर्ड कंपनियों के नाम पर BOTBRO ट्रेडिंग में निवेश कर भारी रिटर्न देने का लालच देते थे. जांच में सामने आया कि ठगी को अंजाम देने के लिए इन्होंने रोबोटिक ट्रेडिंग सिस्टम का फर्जी सॉफ्टवेयर तक तैयार कर रखा था.
20 लाख की ठगी से हुआ खुलासा
मामले का खुलासा इंदौर निवासी ईशान सलूजा की शिकायत से हुआ, जिसने BOTBRO में निवेश कर 6-8% मासिक मुनाफे का भरोसा मिलने पर 20 लाख रुपये का भुगतान किया. आरोपियों ने पहले RAINET TECHNOLOGY PVT LTD के खातों में 10 हजार रुपये की राशि जमा कराई और फिर फ्लाइट से दिल्ली से इंदौर आकर नकद पैसे वसूले. जब निवेश पर कोई रिटर्न नहीं मिला तो पीड़ित ने STF भोपाल में शिकायत दर्ज कराई.
मल्टी-स्टेट ऑपरेशन, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
STF की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों की कंपनियों के खिलाफ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम समेत कई राज्यों में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं. गिरोह में लगभग 17 सदस्य शामिल हैं और इनके तार विदेशों से भी जुड़े पाए गए हैं.
अरबों का गबन
STF को जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों की कंपनियां RAINET TECHNOLOGY PVT LTD और KINDENT BUSINESS SOLUTION PVT LTD — BOTBRO के नाम से निवेशकों से पैसे लेकर इन्हें मेटा-5 फॉरेक्स ट्रेडिंग अकाउंट में अमेरिकी डॉलर के रूप में दिखाती थीं. इन कंपनियों ने खुद को MCA में दर्ज कर ट्रायल बैलेंस को कम बताया. जबकि हकीकत में उनके खातों में अरबों रुपये का लेन-देन हो रहा था.
कैसे किया अरबों का स्कैम
KINDENT BUSINESS SOLUTION ने 2023-24 में MCA को ट्रायल बैलेंस लगभग 1.10 करोड़ रुपये बताया जबकि उसके बैंक खातों में 702 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ. RAINET TECHNOLOGY ने ट्रायल बैलेंस 7.8 करोड़ रुपये बताया, लेकिन खातों में 1580 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा की गई.
इन दोनों कंपनियों के 16 बैंक खातों में मिला कर 2283 करोड़ रुपये का लेन-देन सामने आया है. ये कंपनियां बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन (RBI, SEBI, NBFC या पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में) भारी निवेश जुटाकर अवैध फंड ट्रांसफर कर रही थीं.
एफ़आईयू और ईडी की जांच जारी
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कंपनियां अप्रैल के बाद खाते खुलवाकर अगले वित्तीय वर्ष के मार्च तक ही संचालन करती थीं और फिर खाते निष्क्रिय कर देती थीं. फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा FEMA एक्ट के तहत भी जांच जारी है.
जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग की प्रभावी पहल
20 Jun, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण और वन्य जीवों की जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में अभियान 30 मार्च से क्रियान्वित है। अभियान 30 जून तक चलेगा। अभियान के तहत वन क्षेत्रों में तालाबों, झिरियों, सांसर, स्टॉप डैम और वाटर लिफ्टिंग सिस्टम जैसी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कुल 308 तालाबों का निर्माण, 329 तालाबों का गहरीकरण, 371 सौसर निर्माण, 94 स्टॉप डैम, 1966 झिरिया निर्माण और 20 किलोमीटर वाटर लिफ्टिंग सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वन विभाग द्वारा जल संवर्धन अभियान में 97 तालाबों का निर्माण, 126 तालाबों का गहरीकरण, 215 सांसर, 106 स्टॉप डैम, 1035 झिरियों का निर्माण और 12 किलोमीटर वाटर लिफ्टिंग सिस्टम का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष जल संरचनाओं का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।
"अविरल निर्मल नर्मदा" योजना में किए जाएंगे पौध-रोपण एवं भू-जल संरक्षण के कार्य
"अविरल निर्मल नर्मदा" योजना में वर्ष 2025-26 में 5600 हेक्टेयर क्षेत्र में पौध-रोपण एवं भू-जल संरक्षण कार्य के लिए 70 करोड़ रुपये की परियोजना के लिये भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और रोपण कार्य के लिये क्षेत्र की तैयारी तथा भू-जल संरक्षण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। इस क्षेत्र में वर्ष 2026 में रोपण कार्य किया जाएगा। वन विभाग की यह पहल प्रदेश में जल संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन की दिशा में एक सशक्त कदम है।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वन विभाग ने जल संरक्षण, पौध-रोपण और जैव विविधता के संवर्धन के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के तहत 75 हजार 25 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.38 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए विभागीय रोपणियों में 6 करोड़ पौधों की तैयारी की गई है। भारत सरकार से 71 हजार 650 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वर्ष 2026 में पौध-रोपण कार्य किया जाएगा। 702 अमृत सरोवर, 13 हजार 441 जल स्रोतों का सीमांकन, 11 हजार 588 भू-जल स्रोत चिन्हित कर 29 वनखंडों में 47 परकोलेशन टैंक का निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विभागीय रोपणियों में 6 करोड़ पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, विभाग ने लगभग एक करोड़ अधिक 6.99 करोड़ पौधे तैयार कर लिये हैं।
वन्य-जीवों के संरक्षण के लिये किये जा रहे प्रयास
वन विभाग द्वारा अभियान में नदियों एवं अन्य जल स्रोतों में जलजीवों के संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की गई है। देवरी मुरैना में घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुआ संवर्धन केंद्र की स्थापना की गई है। वर्ष 2024-25 में 108 घड़ियाल शावकों को चंबल नदी में, और 10 कछुओं को जल स्रोतों में पुनः स्थापित किया गया। भोपाल के बड़ा तालाब में 5 कछुए छोड़े गए।
वन विभाग द्वारा घड़ियाल संरक्षण केंद्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाओं का विकास किया गया है। वर्तमान में 7 घड़ियाल अभयारणों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 195 मगरमच्छ की गणना की गई है और 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सभी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इन सभी प्रयासों से प्रदेश की जलवायु, पारिस्थितिकी और जैव विविधता को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। वन विभाग के प्रयासों से न केवल प्रदेश की पारिस्थितिकी सुदृढ़ हो रही है, बल्कि जल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
वन ग्रामों में सर्वे करायेंगे, जो छूट गए हैं, उन्हें भी देंगे पट्टे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Jun, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन ग्रामों में भी पट्टे दिए जाएंगे। वन ग्रामों में सर्वे करवाया जायेगा और जो पात्र व्यक्ति छूट गए हैं उन्हें भी ससम्मान पट्टे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सघन वन मध्यप्रदेश की पहचान है इसलिए वन विभाग प्रदेश की बेजोड़ सघन वन सम्पदा एवं वन्य जीव पर्यटन सुविधाओं में और अधिक विस्तार कर अपनी स्थायी आय के साधन बढ़ाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बाघ का दिखाई देना है, जो वन विभाग की आय का प्रमुख साधन भी है। बफर एरिया में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करें और विशेषज्ञों की सेवाएं लें। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गुजरात के वनतारा जाएं, उनका वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर देखें और मध्यप्रदेश में भी ऐसे ही बड़े रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की संभावनाओं पर गहनता से अध्ययन करें।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ वनकर्मियों का करेंगे सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थापना वाले वनधिकारियों एवं कर्मचारियों को पौष्टिक आहार भत्ता एवं विशेष भत्ता आदि देकर उनका सम्मान किया जाएगा। साथ ही वन सुरक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले वनकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने पर भी वन विभाग विचार कर प्रस्ताव दें।
देश के पांच सर्वोत्तम टाइगर रिजर्व में तीन मध्यप्रदेश के
अपर मुख्य सचिव वन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी टाइगर रिजर्व की ग्रेडिंग की गई थी। देश के पांच सर्वोत्तम टाइगर रिजर्व में से तीन मध्यप्रदेश की पावन धरा पर स्थित हैं। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि गत वित्त वर्ष में देश में 1.67 लाख से अधिक वन पर्यटक टाइगर रिजर्व में आए। इनमें से 80 हजार से अधिक वन पर्यटक मध्यप्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व में आए। उल्लेखनीय मध्यप्रदेश में वर्तमान में 9 टाइगर रिजर्व संचालित हैं। सागर जिले में 258.64 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण्य की स्थापना की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
प्रदेश के वन आवरण में 1390 वर्ग किमी की हुई वृद्धि
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2003 से वर्ष 2023 के दौरान सरकार की वन मित्र नीतियों के कारण मध्यप्रदेश के वन आवरण में कुल 1390 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वन राजस्व संग्रहण के लक्ष्य 1650 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध गत वित्त वर्ष में 1646.07 करोड़ रुपये राजस्व आय दर्ज की गई है। इसमें से वन समितियों को 189.82 करोड़ का लाभांश भी बांटा गया है। वर्तमान वित्त वर्ष में 1700 करोड़ रुपये वन राजस्व आय का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में वन विभाग द्वारा 5.67 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। इसी दौरान प्रदेश में राष्ट्रीय बांस मिशन योजनांतर्गत 7360 हेक्टेयर क्षेत्र में बांस रोपण भी किया गया है।
4.31 लाख हेक्टे. बिगड़े वन अब अच्छे वन में परिवर्तित हुए
बैठक में बताया गया कि वन विभाग के सभी नक्शे गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। यह नक्शे गूगल अर्थ पर उपलब्ध हैं। गत वित्त वर्ष में अनुभूति कार्यक्रम के तहत 1903 राष्ट्रीय विद्यालयों में 1.21 लाख से अधिक प्रतिभागियों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया है। इस क्रम में संयुक्त वन प्रबंधन पद्धति के माध्यम से प्रदेश में 4.31 लाख हेक्टेयर बिगड़े वनों को अब अच्छे वन में परिवर्तित कर दिया गया है। प्रदेश के 925 वन ग्रामों में से 792 वन ग्राम, राजस्व ग्राम में परिवर्तित कर दिए गए हैं। संरक्षित क्षेत्र के 66 वन ग्रामों में कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के तहत प्रदेश के पांच स्थलों यथा पातालकोट, नरो हिल्स, अमरकंटक, सिरपुर झील एवं वाल्मी परिसर भोपाल को जैवविविधता विरासत स्थल घोषित किया गया है।
वन सुरक्षा एवं अग्नि प्रबंधन का प्रतिक्रिया समय 8 घंटे से घटकर 3 घंटे हुआ
पीसीसीएफ ने बताया कि वन सुरक्षा एवं प्रभावी अग्नि प्रबंधन के तहत वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मौके पर पहुंचकर अग्निशमन की कार्यवाही करने का प्रतिक्रिया समय अब 3 घंटे हो गया है। पहले यह 8 घंटे हुआ करता था। उन्होंने बताया कि अग्नि सूचना के लिए एफ.एस.आई के पोर्टल पर 1.05 लाख व्यक्तियों को फायर अलर्ट की सूचना देने के लिए पंजीबद्ध किया गया है। यह संख्या देश में सर्वाधिक है।
उज्जैन और जबलपुर जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की तैयारी
अपर मुख्य सचिव वन ने बताया कि वन विभाग द्वारा 160 किलोमीटर संरक्षित क्षेत्रों में फेंसिंग कराने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि उज्जैन में जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए (सीजेडए), नई दिल्ली को भेज दी गई है। इसी प्रकार जबलपुर में भी जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
नर्मदा में महाशीर मछली तथा चंबल में कछुए सहित मगर एवं घड़ियाल का प्रजनन केंद्र स्थापना की योजना
अपर मुख्य सचिव वन ने बताया कि जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नर्मदा नदी में महाशीर मछली तथा चंबल नदी में कछुए तथा मगर एवं घड़ियाल का प्रजनन केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसी प्रकार ओंकारेश्वर अभयारण्य तथा ताप्ति कंजर्वेशन रिजर्व एवं सोनेवानी (जिला बालाघाट) में भी कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इसी साल चीता पुनर्स्थापना की तैयारी भी की जा रही है।
मानवता के लिए अमूल्य उपहार है "योग"
20 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : योग एक ऐसी दिव्य अवस्था है जब चेतना और परम चेतना का मिलन होता है। इस अवस्था को प्राप्त करने का अवसर हर जीव के पास है। योग सनातन हिन्दू धर्म और संस्कृति का सम्पूर्ण मानवता के लिए अमूल्य उपहार है।
हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। साथ ही इस बात का समर्थन किया कि "योग जीवन के सभी पहलुओं के बीच संतुलन स्थापित करने के साथ स्वास्थ्य और कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है"। उन्होंने पूरी दुनिया में समग्र स्वास्थ्य क्रांति के नये युग का सूत्रपात किया। उपचार की जगह रोकथाम पर अब अधिक ध्यान दिया जा रहा है। आज पूरा वैश्विक समुदाय प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त कर रहा है।
हम 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। यह "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" विषय को समर्पिंत है। इसका उद्देश्य मानव कल्याण और एक स्वस्थ ग्रह के बीच संबंध को बढ़ावा देना है। सीधा अर्थ है कि जब शरीर और मन स्वस्थ होता है, तो हम अपने समुदाय और पर्यावरण से बेहतर सामंजस्य रख पाते हैं, उनकी सही देख-रेख कर पाते हैं।
आज पूरे विश्व में एक अदभुत वातावरण बना है। पूरा विश्व आज योग कर रहा है। योग ने विश्व में असंख्य लोगों को सहारा दिया है। हमारे लिये यह गौरव का क्षण है। योग का विधिवत विज्ञान यहाँ सुरक्षित है। योग दर्शन की विरासत से आज पूरा विश्व समाज लाभान्वित हो रहा है। हम इस अलौकिक समय के साक्षी बन रहे हैं। हम आज गौरव और आनंद से भरे हैं। योग, धर्म, जाति और रंग की सीमाओं से परे है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भारत का गौरव बढ़ाने वाला दिवस है साथ ही पूरे विश्व को परम चेतना के प्रति जागृत करने का क्रांतिकारी कदम भी है।
अक्सर सवाल किया जाता है कि योग से क्या मिलता है? इसका सीधा सरल जवाब है योग से मिलती है शांति। मन और तन को सबसे ज्यादा जरूरत है शांति की। अशांत मन और अनियंत्रित तन पूरे समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। योग एक ऐसा दिव्य द्वार है जो शांति की ओर खुलता है। शांति से उपजती है एकाग्रता। धर्म संसद में वेदांत दर्शन पर कालजयी व्याख्यान देने के बाद स्वामी विवेकानंद को अमेरिका में जगह जगह दर्शन पर व्याख्यान देने आमंत्रित किया गया। जब वे अमेरिकन विदयार्थियों के बीच पहुंचे तो विदयार्थियों ने सवाल किया कि पढ़ाई में मन नहीं लगता। स्वामी जी का जवाब था इसका एकमात्र उपाय है एकाग्रता। यह एकाग्रता उपजती है शांत मन से। शांत मन होता है ध्यान से। शांत मन दूषित विचारों से मुक्त होता है। शांति से निर्मित होती है सकारात्मक ऊर्जा। यह ऊर्जा सभी जीवों के लिये कल्याणकारी और हितकारी होती है। शांत चित्त वाला मनुष्य कभी गलत निर्णय नहीं ले सकता। जब शरीर, मन और आत्मा एकाकार हो जायें तो अहित और अशुद्धि का सवाल कहां रह जाता है।
कथा उपनिषद में योग को इंन्द्रियों पर नियंत्रण करने की विद्या कहा गया है। श्रीमद्भगवद् गीता में योग को दुख से वियोग होना कहा गया है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र में योग को मन के विचलन पर नियंत्रण की विधा बताया है। महर्षि अरविंद ने तो यहां तक कहा है कि संपूर्ण मानव जीवन ही एक योग है क्योंकि मनुष्य से कई चीजों का जोड़ है।
योग का उद्देश्य परम चेतना में प्रवेश पाना है। यह परम चेतना क्या है जो योग से मिलती है? यह अवस्था ऐसी अवस्था है जब मन केवल न्याय और धर्म के साथ होता है। सिर्फ दया, करूणा, मैत्री और शांति जैसे मूल्य प्रखर होते है। यह अवस्था हर मनुष्य के लिये अनिवार्य है चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो या विश्व के किसी भी कोने में रहता हो।
कल्पना करें कि जब एक साथ पूरा विश्व योग करे तो फिर भेदभाव कहां रह जाता है। मन में भौगोलिक सीमाओं का बोध समाप्त हो जाता है। फिर चाहे कोई भी देश हो पूरा विश्व एक हो जायेगा। यौगिक क्रियाओं से यदि मन एकरूप हो जायें तो चित्त की प्रसन्नता निरंतर बनी रहती है।
भारतीय परंपरा में उल्लेख है कि प्रकृति ने ही तमाम योग मुद्राएं सिखाई है। यह सच है कि योग विद्या की विरासत को लगभग विस्मृत सा कर दिया गया था। हमें सिर्फ प्रयासपूर्वक जागने की जरूरत है। योग सदा से विदयमान था। किसी भी धर्म को देखें योग के दर्शन होंगे। योग और यौगिक क्रियाएं जीवन से गहरी जुडी हैं। अब एक नई और ओजपूर्ण शुरूआत हो चुकी है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा स्थापित हुई है।
मैं सभी प्रदेशवासियों से आहवान करता हॅू कि वे योग को अपने जीवन का अह्म हिस्सा बनाए, जिससे तन और मन दौनों स्वस्थ रह सकें।
5वीं और 8वीं की पुन: परीक्षाओं के परिणाम घोषित
20 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पेटर्न पुन: परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को भोपाल स्थित राज्य शिक्षा केन्द्र के परीक्षा पोर्टल पर घोषित कर दिया गया है।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने बताया कि, विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकगण उक्त परिणामों को राज्य शिक्षा केन्द्र के वेबपोर्टल www.rskmp.in/result.aspx पर अपना रोल नम्बर प्रविष्ट कर देख सकते हैं। इसी पोर्टल पर शिक्षक, संस्था प्रमुख को भी अपनी शाला का विद्यार्थीवार परिणाम देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
कक्षा 5वीं और 8वीं परीक्षाओं का संचालन 2 जून से 9 जून 2025 के मध्य किया गया था। प्रदेश की शासकीय, अशासकीय शालाओं एवं पंजीकृत मदरसों के कक्षा 5वीं के 86 हज़ार 764 तथा कक्षा 8वीं के एक लाख 24 हज़ार 695 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इन विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 322 केन्द्र बनाये गए थे जहां से 22 हज़ार से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं के द्वारा अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की गई है। घोषित परिणामों के अनुसार पुन: परीक्षा में कक्षा 5वीं के 79.63 प्रतिशत विद्यार्थी तथा कक्षा 8वीं के 74.98 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
जूट कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया और कॉटन कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया के प्रतिनिधिमण्डल ने जानी मध्यप्रदेश की एडवांस्ड फूड ग्रेन प्रोक्योरमेंट प्रणाली
20 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जूट कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया और कॉटन कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया के संयुक्त प्रतिनिधिमण्डल ने भोपाल में मध्यप्रदेश की एडवांस्ड फूड ग्रेन प्रोक्योरमेंट प्रणाली के बारे में जानकारी ली। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा प्रणाली ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमण्डल ने मध्यप्रदेश के प्रोक्योरमेंट सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि इस सिस्टम को अपने कार्पोरेशन में भी लागू करेंगे।
प्रतिनिधिमण्डल ने किसानों के रजिस्ट्रेशन, डिजिटल पेमेंट और सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स के बारे में जानकारी ली और कहा कि यह पारदर्शिता और प्रभावशीलता के हिसाब से बेंच मार्क है। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बेस्ट प्रेक्टिसेस और नवाचारों की सराहना की और कहा कि इसका लाभ हम उठाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जूट और कॉटन के नेशनल प्रोक्योरमेंट फ्रेमवर्क की दक्षता को बढ़ाने के लिये मध्यप्रदेश में किये जा रहे नवाचारों का अध्ययन करना था। प्रतिनिधिमण्डल ने विभागीय अधिकारियों से भी विस्तार से संवाद किया।
नवकरणीय ऊर्जा आज की जरूरत : मध्यप्रदेश को बनायेंगे मॉडल स्टेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के प्रतिनिधियों के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले द्वारा भोपाल में "सेंटर ऑन एनर्जी ट्रांजिशन" की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है। राज्य सरकार ने इस दिशा में गंभीरता से कदम बढ़ाए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा हमारी आज की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सबसे बड़ा माध्यम है। हमारी सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के जरिए हम मध्यप्रदेश को इस मामले में देश का एक मॉडल स्टेट बनाने की ओर तेजी से अग्रसर हैं, इसके लिए हम प्रतिष्ठित संस्थाओं से विशेषज्ञों से सहयोग भी लेंगे।
उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले द्वारा ऊर्जा मॉडलिंग, डेटा समेकन तथा नियामकीय विशेषज्ञता के माध्यम से यह परिकल्पना प्रस्तुत की गई है कि ऊर्जा भंडारण आधारित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से थर्मल ऊर्जा की तुलना में कम टैरिफ प्राप्त किया जाना संभव है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर (RUMS) ने भारत का पहला ऐसा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट रीवा में वर्ष 2017 में विकसित किया था, जिसमें पहली बार कोयला आधारित ऊर्जा से कम दर पर सौर ऊर्जा टैरिफ प्राप्त हुआ था। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले का यह विश्वास है कि मध्यप्रदेश एवं रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर की सशक्त परियोजना की क्रियान्वयन क्षमता, संतुलित जोखिम प्रबंधन और नवाचारों के साथ यह लक्ष्य पुन: दोहराया जा सकता है। बर्कले विश्वविद्याल द्वारा मध्यप्रदेश सरकार और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर के साथ मिलकर एक साझा उद्देश्य "कोयला आधारित ऊर्जा का कम लागत वाला विकल्प विकसित करना" प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। भोपाल के मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में "सेंटर ऑन एनर्जी ट्रांजिशन" की स्थापना करने का प्रस्ताव है।
समझौता अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले द्वारा राज्य शासन को स्वच्छ विद्युत योजना, ऊर्जा भंडारण, विद्युत बाजार, ट्रांसमिशन विकास एवं जलवायु अनुकूलन के क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहायता एवं नॉलेज शेयरिंग (ज्ञान साझाकरण) उपलब्ध करायी जाएगी।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने एमओयू के सफल हस्ताक्षर पर बधाई देते हुए कहा है कि यह सहयोग राज्य में ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के मॉडलिंग को सुदृढ़ बनाएगा तथा आर्थिक दृष्टि से प्रतिस्पर्धी एवं थर्मल ऊर्जा की तुलना में न्यूनतम टैरिफ प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में राज्य न केवल एक अग्रणी भूमिका निभा सके, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर सके, इस दिशा में बर्कले विश्वविद्यालय द्वारा "बर्कले-मैनिट-एमपी सेंटर फॉर मिशन ऑन एनर्जी ट्रांजिशन की स्थापना के जरिए सरकार को सहयोग करने की मंशा है। एमओयू हस्ताक्षर के अवसर पर अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक नवकरणीय ऊर्जा अमनवीर सिंह बैंस, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिर्फोनिया, बर्कले के प्रो. अमोल फडके तथा प्रो. निकित अभ्यंकर एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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