मध्य प्रदेश
भोपाल में मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा शुरू: पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान
20 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल द्वारा नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा की शुरुआत की गई है। इस सेवा का उद्देश्य दूर-दराज़ इलाकों में पासपोर्ट सुविधाएं सहजता से उपलब्ध करवाना है।
पासपोर्ट अधिकारी शितांशु चौरसिया ने शुक्रवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल में मोबाइल पासपोर्ट वैन का अनावरण किया। यह मोबाइल सेवा, भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों में आवश्यकता के अनुसार दीर्घकालिक रूप से तैनात की जाएगी। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए मध्यप्रदेश के निवासी पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट www.passportindia.gov.in पर जाकर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। आवेदन करते समय ‘पासपोर्ट वैन’ सेवा का चयन करें और उपलब्ध तिथियों में से अपनी सुविधा के अनुसार अपना स्लॉट निर्धारित करें।
अपॉइंटमेंट वाले दिन, आवेदक को निर्धारित समय पर बताए गए स्थान पर पहुंचना होगा और वहां मौजूद मोबाइल पासपोर्ट वैन टीम से संपर्क करना होगा। वैन में ही दस्तावेज़ों की जांच, फोटो और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पहल से दूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं सरल, सुलभ और आसान तरीके से उपलब्ध होंगी। अधिक जानकारी और सहायता के लिए आवेदक पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल से संपर्क कर सकते हैं। यह पहल नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत करते हुए पासपोर्ट सेवा को और अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बनाएगा।
बच्चों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता, बाल पोषण सुधार के लिए मिशन मोड में हो रहे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम इनके स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार के प्रयासों से बदलाव अब नजर आ रहे हैं। बाल पोषण सुधार के लिए मध्यप्रदेश में मिशन मोड पर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से यूनिसेफ इंडिया की प्रमुख सुसिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। उन्होंने मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों, देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन, एमएचएम के लिए किशोरियों को नकद सहायता और राष्ट्रीय सीएमएएम के दिशा-निर्देशों को लागू करने तथा कुपोषण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग और प्रतिबद्ध है। सरकार की बाल पोषण सुधार योजनाओं का लाभ हर सुपात्र बच्चे तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनी सरकार की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं। सबको सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, यह हर स्तर पर तय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए और अधिक प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे बच्चों को अतिरिक्त सहायता के साथ गंभीर तीव्र कुपोषित बच्चों तक पहुंचने के लिए सरकार मिशन मोड पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम राज्य में बच्चों में कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी शामिल कर रहे हैं। यूनिसेफ इंडिया की प्रमुख सुसिंथिया मैककैफ्रे ने यूनिसेफ के सहयोग से स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के छात्रों द्वारा विकसित स्थानिक योजनाएं भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपीं।
सौजन्य भेंट के दौरान सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, यूनिसेफ मध्यप्रदेश (एआई) के प्रमुख अनिल गुलाटी, पोषण विशेषज्ञ सुपुष्पा अवस्थी और पोषण अधिकारी डॉ. सुरेश परमार भी मौजूद थे। भेंट के दौरान यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने प्रदेश में बच्चों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं एवं नवाचारों पर आत्मीय चर्चा की और मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल पोषण सुधार के लिए किये जा रहे विभिन्न प्रयासों को सराहा।
मध्यप्रदेश को बनाएंगे देश की डेयरी केपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को देश की डेयरी केपिटल बनाएंगे। पशुपालन एवं डेयरी विभाग का नाम पशुपालन, डेयरी और गौपालन विभाग होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में राज्य स्तरीय गौशाला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में प्रदेश भर से आए गौ-पालकों और गौ-शाला संचालकों ने उत्साह से भागीदारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शालाओं को 90 करोड़ रुपए की अनुदान राशि अंतरित सिंगल क्लिक से की। इस अवसर पर भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तीन हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप ऋण स्वीकृति आदेश भी दिए गए।
मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के ठोस प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश की दुग्ध राजधानी बनाना है, राज्य शासन द्वारा इसके लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। पूरा प्रदेश वनों से आच्छादित है। वर्ष 2002-03 तक पशुपालन विभाग का बजट सिर्फ 300 करोड़ था, जो बढ़कर अब 2600 करोड़ हो गया है। किसी समय प्रदेश में फैट मात्रा के अनुसार दूध खरीदने की व्यवस्था लागू की गई थी। राज्य सरकार ने अमृत समान गौ-माता का दूध खरीदने का निर्णय लिया है, ताकि गौ-पालकों तक लाभ पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय का दूध सम्पूर्ण आहार है। राज्य में हाईटैक गौशालाएं संचालित हो रही हैं। सरकार का अर्थ ही यह है कि गरीबों के जीवन से कष्टों का नाश हो और सुख का मार्ग प्रशस्त हो। राज्य सरकार ने गौशाला संचालन के लिए अनुदान राशि 20 रुपए से बढ़कर 40 रुपए प्रति गाय प्रतिदिन की गई है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से अनुबंध किया है। प्रदेश का दूध उत्पादन पांच गुना करने का लक्ष्य है। वर्तमान में प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ लीटर दूध उत्पादित होता है और इसमें से लगभग आधा घरेलू उपयोग और शेष मार्केट तक पहुंचता है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर प्रदेश में दुग्ध से समृद्धि के लिए नई योजनाएं बना रहे हैं। दुग्ध उत्पादन और संकलन के कार्य को व्यवस्थित बनाने के लिए समितियों की संख्या भी 9 हजार से बढ़कर 26 हजार करने का संकल्प है।
प्राकृतिक खाद से उत्पादित अनाज का ज्यादा भाव देगी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन विभाग का नाम बदल कर अब इसे पशुपालन के साथ गोपालन विभाग भी कहा जाएगा। गौ- माता को सम्मान देते हुए इस विभाग के माध्यम से कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाएंगी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में गाय के पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है। गाय के गोबर से किसान खाद बनाएं, सरकार प्राकृतिक खाद से उत्पादित अनाज का ज्यादा भाव देगी। वर्तमान में इंदौर, देवास, रीवा एवं कुछ अन्य जिलों में गौ-शालाओं के माध्यम से सीएनजी गैस का उत्पादन किया जा रहा है। किसानों को रसायन मुक्त प्राकृतिक और जैविक खाद उपलब्ध हो रही है। बड़ी गौशाला खोलने के लिए राज्य सरकार 125 एकड़ जमीन प्रदान करेगी। वर्तमान बजट में इसके लिए प्रावधान भी किया गया है। अगले तीन साल में गौ-पालन के क्षेत्र में प्रदेश का परिदृश्य बदलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 7 गौ-शालाएं पुरस्कृत हुई हैं और गौ सेवी भी सम्मानित हुए हैं। यह भोपाल, दमोह, अनूपपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, हरदा और विदिशा जिलों के हैं। कार्यक्रम में 73 गौशालाओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
गौ-माता के सम्मान के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कों पर घायल होने वाली गौमाता को गौशाला में पहुंचाएंगे। गौ माता अपनी कष्ट निवारण के लिए सड़क पर बैठती है, क्योंकि हमने उसे ऐसे ही छोड़ दिया है। वर्षाकाल में मच्छरों और कीड़ों से बचाव के लिए गाय और अन्य मवेशी सड़कों तक बैठने के लिए आ जाते हैं, क्योंकि वाहनों के आवागमन से हवा चलने पर उन्हें कष्ट से मुक्ति मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायों और अन्य पशुओं के लिए भगवान श्रीकृष्ण समर्पित थे। प्रदेश के हर ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। बच्चों को गाय का दूध मिलेगा तो उन्हें कुपोषण से मुक्ति मिलेगी।
जिनके घर गाय वो गोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वे गोपाल है। मुख्यमंत्री निवास आज गौपालकों का निवास हो गया है। जहां गौमाता है, वहीं स्वर्ग है। हमें जन्म भले माता ने दिया है, पहली रोटी का अधिकार गौ-माता का ही है। सनातन संस्कृति में गौमाता का अहम स्थान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश गौ-पालन से संपन्न बन रहा है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने वास्तव में गुजरात में अमूल संस्थान की स्थापना करवाई, हम प्राय: अमूल की प्रगति का श्रेय अन्य लोगों को दे देते हैं। गौ-पालन ऐसा माध्यम है, जो आय प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशाला संचालकों को अनुदान राशि का अंतरण किया एवं गौसेवा और गौशाला संचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं को वर्ष 2023- 24 के लिए आचार्य विद्यासागर जीवदया गौसेवा सम्मान पुरस्कार प्रदान किए।
मध्यप्रदेश में बनेगी स्वाबलम्बी गौशालाएं: पशुपालन राज्य मंत्री पटेल
पशुपालन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर गौ संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 9 अप्रैल 2024 से 29 मार्च 2025 तक गौ संरक्षण वर्ष मनाया गया जिसके अंतर्गत प्रदेश भर में गौ संरक्षण एवं गौ सेवा के कार्य किए गए। सरकार ने प्रदेश में स्वावलंबी गौशालाएं बनाने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में 30 ऐसे स्थानों को चिन्हित भी कर लिया गया है जहां 5000 से लेकर 25000 तक गोवंश क्षमता वाली स्बावलंबी गौशाला बनाई जाएंगी। ये गौशालाएं हाईटेक होंगी, जहां गायों की देखभाल के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं सहित जैविक खाद, सीएनजी गैस उत्पादन आदि के साथ सौर ऊर्जा से बिजली भी बनाई जाएगी। पशुपालन मंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुना करने में पशुपालन का विशेष स्थान है। गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पशुओं में नस्ल सुधार आवश्यक है। पशुपालन के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार ने कामधेनु योजना में 200 गोवंश रखने पर 25 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार गौ सेवा के क्षेत्र में गोपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थागत एवं व्यक्तिगत पुरस्कार दे रही है।
वरिष्ठ सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि गौपालन और गौसेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीवन का हिस्सा है। उन्होंने प्रदेश को पशुपालन में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा है। यह प्रदेश में इस क्षेत्र का ऐतिहासिक सम्मेलन है। राज्य सरकार ने नेशनल डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता किया है। कामधेनु योजना से किसानों को गौपालन और डेयरी शुरू करने का अवसर मिलेगा। गौपालन से कृषि क्षेत्र ही नहीं सम्पूर्ण आर्थिक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गौ-माता की सेवा से पुण्य कार्य कोई नहीं हो सकता है। गौ-माता की सेवा से वैतरणी पार हो जाती है। प्रदेश की समृद्धि के लिए गौ-पालन और गौ-सेवा पर ध्यान देना होगा। गौसेवकों को सिंगल क्लिक से अनुदान राशि भेजने का निर्णय प्रशंसनीय है।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राज्य स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन में विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रदेशभर से आए गौ-पालक उपस्थित थे।
दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी, 1 लाख छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
20 Jun, 2025 07:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश की कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया जारी है पहले राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे राउंड की प्रक्रिया चल रही है। खास बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष यूजी और पीजी में ज्यादा विद्यार्थी रुचि दिखा रहे हैं। सत्र 2025-26 के लिए अब तक कुल 5.15 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दो लाख अधिक है। वहीं, अब तक कुल 1.33 लाख छात्रों ने कॉलेजों में प्रवेश भी ले लिया है, जो पिछले वर्ष के पहले चरण की तुलना में करीब 17 हजार अधिक है।
प्रवेश संख्या में हुई बढ़ोतरी
पिछले साल की अपेक्षा सभी पाठ्यक्रम के पहले चरण में प्रवेश संख्या में करीब 17 हजार की बढ़ोतरी हुई है। दूसरे चरण के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब 1 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें यूजी में करीब 55 हजार व पीजी में 23 हजार और एनसीटीई में करीब 20 हजार विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है।
शिवपुरी में तेज बहाव में ट्रैक्टर सहित बहे 4 युवक, मध्य प्रदेश में मॉनसून का कहर
20 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: मध्य प्रदेश में मॉनसून ने दस्तक दी नहीं, कि नदी-नालों के उफान की खबरें सामने आने लगी है. जबकि पूरे प्रदेश को अभी मॉनसून ने पूरी तरह कवर भी नहीं किया है. 1-2 दिन की बारिश में कई गांव और नदी-नालों के हालात खराब हो रहे हैं. शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र स्थित गांव में बारिश के चलते नदी उफान पर है, जहां पुल को पार करते वक्त एक चार युवक सहित एक ट्रैक्टर बह गया. हालांकि ग्रामीणी की सूझबूझ से 4 लोगों की बचा लिया गया है.
तेज बहाव में ट्रैक्टर सहित बहे 4 युवक
शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र के कुंअरपुर गांव में बारिश का कहर देखने मिला. पहली बारिश में यहां खेरिया नदी ऊपर से बहने लगी है. वहीं लोग जान जोखिम में डालकर पुल को पार कर रहे हैं. इसी तरह शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर सवार चार युवक पुल पार कर रहे थे. जहां तेज बहाव में ट्रैक्टर-ट्राली पटल गई और युवक बहने लगे. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से चारों युवकों को रस्सी की मदद से किसी तरह रेस्क्यू करके उनकी जान बचाई.
शिवपुरी में 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश
वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पिछले 24 घंटे से शिवपुरी जिले में लगातार बारिश हो रही है. वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार शाम तक आसपास के इलाकों सहित शिवपुरी जिले में बारिश होती रहेगी. बारिश से शिवपुरी जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं. जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को सचेत करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है. इसके बाद भी लोग लापरवाही और जल्दबाजी के चलते अपनी जान को जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं.
पटेवरी गांव के निवासी विनोद, आदिवासी विमल, आदिवासी पूरन, और चालक मिट्टी से भरी टैक्टर-ट्राली लेकर शिवपुरी की ओर जा रहे थे. इसी दौरान खेरिया नदी के नाले पर पानी होने के बाद भी चारों युवकों ने उसे पार करने की कोशिश की.
एमपी में बारिश का अलर्ट
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अभी 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है. जिसके चलते प्रदेश में आंधी-पानी का दौर जारी रहेगा. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्र के मुताबिक वर्तमान में एक लो प्रेशर एरिया पूर्वोतर झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्र में बना हुआ है. इसके ऊपर साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है. मध्य प्रदेश में अगले 4 दिनों तक बारिश का अलर्ट है.
मध्य प्रदेश के टाइगर भर रहे खजाना, विदेशी नोटों की हो रही बारिश
20 Jun, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व पूरे देश में फेमस हैं, बड़ी संख्या में यहां सैलानी जंगल सफारी करने पहुंचते हैं. वहीं एमपी के टाइगर सिर्फ टूरिस्ट के लिए दीदार का जरिया ही नहीं हैं, बल्कि मोहन यादव सरकार के लिए खजाना भरने का काम भी कर रहे हैं. वन्यजीवों के दीदार के लिए देश के साथ-साथ विदेशी करेंसी की भी बारिश हो रही है. जानते हैं किस तरह मोहन सरकार का खजाना भरने में मध्य प्रदेश के टाइगर विदेशी नोटों की बारिश करा रहे हैं.
हर साल विदेशी टूरिस्ट टाइगर देखने आ रहे एमपी
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व देश में टॉप पोजिशन हासिल कर रहे हैं. काजीरंगा के बाद एक दो नहीं बल्की एमपी के 5 टाइगर रिजर्व देश में सबसे पॉपुलर डेस्टिनेशन बन रहे हैं. यहां हर साल विदेशी सैलानी रॉयल बंगाल टाइगर समेत दुनिया की सबसे अनूठी प्रजाति के जानवर और तितलियों का संसार देखने आ रहे हैं. जिससे साल दर साल इनकी तादाद बढ़ रही है.मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ नंबर वन है, तो वहीं सबसे तेज ग्रोथ पेंच टाइगर रिजर्व की है. इसका फैलाव महाराष्ट्र तक है. जबकि कान्हा टाइगर रिजर्व अपनी विशेष इको सिस्टम के लिए जाना जाता है, वहीं पन्ना में सबसे ज्यादा टाइगर देखने को मिलते हैं. मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है.एमपी सरकार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के टाइगर रिजर्व में वर्ष 2024-25 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 32 हजार 528, कान्हा टाइगर रिजर्व में 23 हजार 59, पन्ना टाइगर रिजर्व में 15 हजार 201, पेंच टाइगर रिजर्व में 13 हजार 127 और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 10 हजार 38 विदेशी सैलानी पहुंचे.जबकि 2023-24 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की संख्या 25 हजार 894, कान्हा टाइगर रिजर्व में 18 हजार 179, पन्ना टाइगर रिजर्व में 12 हजार 538, पेंच टाइगर रिजर्व में 9 हजार 856 और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 6 हजार 876 थी.
मोगली के घर में बघीरा सैलानियों की पहली पसंद
ब्रिटिश लेखक रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर 'द जंगल बुक' के किरदार 'मोगली' का घर भी पेंच नेशनल पार्क में ही मौजूद है. सतपुड़ा के जंगल में पेंच टाइगर रिजर्व के अमोदागढ़ को मोगली का घर कहा जाता है. खास बात यह है कि मोगली की दोस्ती ब्लैक पैंथर से थी. जिसे बघीरा कहा जाता था. 2 सालों से पेंच टाइगर रिजर्व में काला तेंदुआ यानी बघीरा देखा जा रहा है.
पेंच टाइगर रिजर्व में बस्ता है तितलियों का अद्भुत संसार
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि "पेंच पार्क में तितलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं. जिनमें से एक "मोर रॉयल" तितली भी है, जिसे "ताजुरिया सिप्पस" भी कहा जाता है. यह तितली "लाइकेनिड" परिवार से संबंधित है. जो एशिया में व्यापक रूप से पाई जाती है. पेंच टाइगर रिजर्व में कुछ महीने पहले ही कर्मचारियों को यह दिखाई दी थी.
लोकायुक्त पुलिस के 10 इंस्पेक्टर्स का तबादला
20 Jun, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन में इंस्पेक्टरों का तबादला किया गया है। 10 निरीक्षक बदले गए हैं। भोपाल में पदस्थ उमा कुशवाहा का ट्रांसफर जबलपुर हुआ है। मंजू किरण तिर्की को जबलपुर से सागर,कमल सिंह उईके को जबलपुर से सागर, नरेश बेहरा को जबलपुर से ग्वालियर, राहुल गजभिए को इंदौर से जबलपुर, कवींद्र सिंह चौहान को ग्वालियर से भोपाल, रानी लता नामदेव को ग्वालियर से इंदौर, बृजमोहन नरवरिया को ग्वालियर से जबलपुर,अभिषेक वर्मा को सागर से ग्वालियर और कामता प्रसाद बेन को सागर से ग्वालियर ट्रांसफर किया गया है। आईजी योगेश देशमुख के हस्ताक्षर से यह ट्रांसफर आदेश जारी हुए हैं।
राख के टोटे से अटके एमपी के फ्लाईओवर प्रोजेक्ट, महीनों बाद बनी सप्लाई की सहमति
20 Jun, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: मध्य प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए जितना जरूरी कोयला है, उतनी ही कीमती कोयले की राख भी है. जिसके बिना इन दिनों मध्य प्रदेश के कई फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट के काम कई महीनों से रुके पड़े हैं. इस बीच जन आक्रोश के चलते राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने फिर राख की आपूर्ति पर सहमति दी है. जिसके बाद अब बारिश में जैसे-तैसे फ्लाई ओवर के काम फिर से शुरू किए जा सकेंगे.
कई कामों में आती है फ्लाई ऐश
दरअसल, कोयले के जलने से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) अपने कुछ खास गुण और राख में मिश्रित तत्वों के कारण ईट बनाने से लेकर कई तरह के निर्माण कार्यों में उपयोग होती है. जिसका सबसे ज्यादा उपयोग फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान फ्लाई ओवर का बेसमेंट तैयार करने के लिए होता है.
सिलिकॉन डाइऑक्साइड सहित कई तत्व होते हैं मौजूद
ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि थर्मल प्लांट से निकलने वाली भूरे रंग की पाउडरनुमा राख में सिलिकॉन डाइऑक्साइड, अल्युमिनियम ऑक्साइड और फेरिक ऑक्साइड के अलावा कैल्शियम ऑक्साइड जैसे तत्व होते हैं. जो कोयले के जलने के बाद अपशिष्ट के रूप में बाहर निकलते हैं. यह तमाम तत्व मिलकर सीमेंट कंक्रीट और मिट्टी के साथ मिलकर स्थिरीकरण का काम करते है.
इसीलिए फ्लाई ऐश को फ्लाई ओवर के बेसमेंट के उस स्थान पर डाला जाता है, जहां से फ्लाई ओवर शुरू हो रहा होता है. जिससे की फ्लाईओवर पर चढ़ते ही वाहनों के बोझ और गति से उत्पन्न होने वाले कंपन और झटकाें को बेसमेंट की मिट्टी और सीमेंट कंक्रीट एक ही स्थान पर स्थिर रह पाने के कारण सहन कर सकें.
यही वजह है कि देश के तमाम राज्यों में जहां भी फ्लाई ओवर बन रहे होते हैं, वहां भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की सहमति पर मध्य प्रदेश के खंडवा में मौजूद श्री सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट से उत्पादन करने वाले संयंत्रों में उपलब्ध राख की आपूर्ति कर दी जाती है. लेकिन बीते दोनों खंडवा स्थित संयंत्र में निर्धारित उत्पादन और आपूर्ति के तहत जितनी राख फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट्स के लिए भेजनी थी वह पहले ही भेजी जा चुकी थी.
राख सप्लाई न होने से रुके कई प्रोजेक्ट्स
इस बीच उज्जैन सिंहस्थ के मद्देनजर इंदौर, उज्जैन, हरदा और देवास में तैयार हो रहे राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए फ्लाई ऐश की जरूरत पड़ी तो पता चला सिंगाजी ताप विद्युत संयंत्र से उत्पादन के बाद राख अन्य राज्यों के फ्लाई ओवर के लिए भेज दी गई है. ऐसी स्थिति में इंदौर में तेजाजी नगर से बलवाड़ा, इंदौर से हरदा और इंदौर देवास बाईपास पर बन रहे अर्जुन बड़ोदा झालरिया और MR-10 जंक्शन के अलावा रालामंडल फ्लाई ओवर का काम अचानक रोकना पड़ा.
फ्लाई ओवर का काम रुका, ट्रैफिक जाम की समस्या
कई महीनों से फ्लाई ओवर के रुके हुए काम के कारण विभिन्न मार्गों पर लगातार ट्रैफिक जाम और भीषण धूल और परेशानी की स्थिति बन रही थी. जिससे नाराज लोगों ने पूरे मामले से जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को अवगत कराया. इसके बाद शासन स्तर पर पता चला कि आखिरकार इतने महत्वपूर्ण फ्लाई ओवर का काम इतने महीने से क्यों बंद है.
फ्लाई ऐश की आपूर्ति को लेकर मंत्रियों की बैठक
नतीजतन इंदौर में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में फ्लाई ऐश की आपूर्ति से मंत्री सिलावट ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर और अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को अवगत कराते हुए बैठक आयोजित की. बैठक के दौरान पता चला कि यह समस्या श्री सिंगाजी थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट मूंदी द्वारा आपूर्ति रोके जाने के कारण उत्पन्न हुई थी. जिससे निर्माण कार्य बाधित हो रहे थे और भारी परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा था.
राज्य सरकार की मांग पर केंद्र ने दी सहमति
इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को उज्जैन में सिंहस्थ और अन्य जरूरी परियोजना के सदर्भ में
तत्काल फ्लाई ऐश की आपूर्ति करने की मांग की. जिसके बाद अब फिर से फ्लाई ऐश की आपूर्ति की सहमति बन गई है. जिसके तहत पावर प्लांट से अतिरिक्त फ्लाई ऐश की आपूर्ति मध्य प्रदेश की इन जरूरी परियोजनाओं के लिए हो सकेगी.
गौरतलब है, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने भी इस मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था. लेकिन उस समय मामले पर पर ध्यान ही नहीं दिया गया. इस संबंध में कलेक्टर आशीष सिंह ने भी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर फ्लाई ऐश की आपूर्ति सतत जारी रखने हेतु अनुरोध किया गया था.
भारिया जनजाति की बेटी शांति बनी प्रदेश का गौरव
19 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए कुमारी शांति पचलिया ने यह साबित कर दिया कि "अगर इरादा मजबूत हो, सपने सिर्फ देखे नहीं, पूरे भी किए जा सकते हैं।" विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया से ताल्लुक रखने वाली छात्रा कु. शांति, छिंदवाड़ा जिले की पहली छात्रा बन गई हैं जिसने नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, गाँव और समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को एक नई प्रेरणा भी दी है।
शांति का जन्म 23 अप्रैल 2007 को विकासखण्ड हर्रई के ग्राम बालूसार में हुआ। उनके पिता लिट्टी पचलिया कृषक हैं और माता श्रीमती लता पचलिया गृहिणी हैं। शांति ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई शासकीय विद्यालयों से की और वर्तमान में आदिवासी उत्कृष्ट छात्रावास हर्रई में निवास करती हैं। पढ़ाई के लिए उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे तक कड़ी मेहनत की और नीट 2025 परीक्षा में सफल हुईं। आर्थिक और सामाजिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद शांति का सपना था डॉक्टर बनकर अपने गाँव की सेवा करना। उनका कहना है कि मैं अपने गाँव को आगे बढ़ाना चाहती हूँ और सबकी मदद करना चाहती हूँ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजातीय संवर्ग के विद्याथियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिये नि:शुल्क शिक्षा के लिये बनाई गई शैक्षणिक योजनाओं की सहुलियतों ने शैक्षणिक क्रांति का बीजारोपण किया है। सरकार ने जुलाई 2024 से सभी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में नीट और जेईई की तैयारी के लिए एक अतिरिक्त पीरियड की व्यवस्था शुरू करवाई। इसके साथ ही इंदौर की नामचीन कोचिंग संस्था की मदद से कार्यशालाएँ, निशुल्क नोट्स, हिंदी-अंग्रेजी में अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई गई। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, छात्रों की कठिनाइयों को समय-समय पर दूर किया गया। नीट 2025 परीक्षा में छिंदवाड़ा के लगभग 1400 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 80 से ज्यादा विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, इनमें से कई आदिवासी विकासखंडों के छात्र-छात्राएँ भी शामिल हैं।
कलेक्टर सिंह ने नीट 2025 में चयनित शांति सहित सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि, “सरकारी स्कूलों के बच्चों में असीम क्षमता है, उन्हें सिर्फ दिशा, संसाधन और निरंतर प्रेरणा की ज़रूरत होती है। शांति जैसी बेटियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य शासन के प्रयासों को सार्थक बना रही हैं।”
शासकीय-अशासकीय भवनों में जल संग्रहण के लिये वॉटर हार्वेस्टिग को प्राथमिकता
19 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश मेंजल गंगा संवर्धन अभियान में 30 मार्च से शुरू किये गये कार्य लगभग पूरे किये जा चुके है। जिला प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की समीक्षा की जा रही है। प्रदेशव्यापी अभियान 30 जून को संपन्न हो जायेगा। जिलों में जल स्त्रोतों के आसपास व्यापक पौधरोपण योजना तैयार की जा रही है। जल संरक्षण के लिये शासकीय-अशासकीय भवनों में वॉटर हार्वेस्टिग को प्राथमिकता दी गई है।
न्यायालय परिसर में रैन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम
अशोक नगर में जल गंगा संवर्धन अभियान में संविधान वाटिका एवं पिपलेश्वर महादेव मंदिर न्यायालय परिसर में जल संरक्षण के लिये रैन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम का निर्माण किया गया है। यह कार्य जिला न्यायाधीश संजीव सिंघल के मार्गदर्शन में किया गया। वर्षा काल के दौरान जल को संरक्षित करने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया गया है। संविधान वाटिका एवं पिपलेश्वर महादेव मंदिर न्यायालय परिसर में सोखते गड्ढो का निर्माण किया गया है।
“जल संवाद” कार्यशाला
खंडवा जिले में गिरते भू-जल स्तर को रोकने और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के सभी शासकीय और निजी भवनों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल में जिला प्रशासन, नगरीय और ग्रामीण स्थानीय निकायों, उद्योगों, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, गृहस्वामियों, पंचायतों और समुदाय आधारित संगठनों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खंडवा में इस विषय को लेकर जल संवाद कार्यशाल हुई। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को पानी की बचत की शपथ दिलाई गई। कार्यशाला को कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने संबोधित किया।
जल सहेजने के उद्देश्य से हो रहे दीवार लेखन
नरसिंहपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण अंचल में जल सहेजने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद की विभिन्न समितियों द्वारा दीवार लेखन का कार्य किया जा रहा है। दीवार लेखन के माध्यम से विभिन्न प्रेरक स्लोग के जरिये लोगों को प्रेरित कर जल संरक्षण व संवर्धन का संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड चीचली के ग्राम रहमा- बेलखेड़ी में जल संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से दीवार लेखन का कार्य किया गया।
जल संरक्षण की शपथ
पांढुर्णा जिले में कलेक्टर अजय देव शर्मा के निर्देश पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक और उनकी टीम ने अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के लिये जल यात्रा निकाली। विकासखंड पांढुर्णा के ग्राम उमरीखुर्द में जल चौपाल लगाकर जनसमुदाय को जल की महत्ता बताई गई। ग्रामीणों को क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए भी प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण व संवर्धन की शपथ दिलाई गई।
स्वच्छ जल, सुरक्षित भविष्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से प्रारंभ किया है जो कि 30 जून तक चलेगा। शहडोल जिले में अभियान में निरंतर गतिविधियाँ चल रही है। अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णाद्धार किया जा रहा है। नदियों को साफ-स्वच्छ एवं जल एकत्रित करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत धनगंवा मं नवीन खेत तालाब निर्माण के कार्य सामूहिक भागीदारी से किये गए।
केन्द्रीय दल के समक्ष महिलाओं द्वारा वाटर सेम्पल टेस्ट
आगर-मालवा जिले में जल शक्ति अभियान, केच द रेन के तहत केंद्रीय नोडल अधिकारी सुगरिमा श्रीवास्तव के समक्ष प्रशिक्षित महिला देवबाई, जस्सूबाई रेखाबाई और संतोष बाई ने पानी का पी. एच. मान का टेस्ट लगा कर पानी की गुणवात्ता जांची। केन्द्रीय दल द्वारा महिलाओं के कार्य की प्रशंसा की गई। जिले में प्राचीन बावड़ियों की पहचान कर उनके महत्व की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। ग्रामीणों को जल स्त्रोंतो की साफ-सफाई निरंतर किये जाने की शपथ दिलाई गयी।
जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा
डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या ने जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की समीक्षा की। जिले में 2200 खेत तालाब बनाये जा रहे है। इनमें से अंधिकाश पूरे हो चुके है। जिले में 1500 कुओं का जल स्तर बढाने के लिये रिचार्ज संरचनाएं बनाई जा रही है। जिले के जनपद पंचायत में 187 सार्वजनिक तालाब का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी कार्य गुणवत्ता के साथ आगामी 7 दिन में पूरा करने के निर्देश दिये।
सीमा की रक्षा करने वाले जवानों और अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार देश की सीमा पर जान की बाजी लगाने वाले और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तथा खेतों में कड़ी मेहनत कर अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार कमजोर और गरीब वर्ग की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगोन जिले के बेड़िया में विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अम्बा-रोडिया माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना का लोकार्पण सहित 266 करोड़ रुपए की लागत के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने सिकलसेल के मरीजों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति के प्रमाण-पत्र तथा हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है और विश्व में देश का नाम हो रहा है। हमारी सरकार किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं की जिंदगी बदलने और उन्हें खुशहाल बनाने का काम कर रही है। निमाड़ क्षेत्र में मां नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है और इससे खेतों में फसले लहलहा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सम्मान निधि देने की योजना बनाई है और किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां गेहूं पर किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपए दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार कृषि को प्रोत्साहन दे रही है और किसानों को उद्यमी बनने के लिए काम कर रही है। प्रदेश सरकार कपास से धागा बनाने, उससे कपड़ा बनाने और रेडीमेड गारमेंट की फैक्ट्री लगाने का अभियान चला रही है। प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रही है और किसानों को अनुदान पर सोलर पैनल कनेक्शन दिया जाएगा इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वह अपने संयंत्र में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली प्रदेश सरकार को बेच भी सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द के समर्थन मूल्य पर खरीदी के इंतजाम किए हैं। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। देश में दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश की भागीदारी अभी 09 प्रतिशत है इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को गाय भैंस पालन के लिए 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। राज्य सरकार के समग्र प्रयासों से अब प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपये से बढ़कर एक लाख 52 हजार रूपये हो गई है।
दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह मिलेंगे 1500 रुपए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि देगी और अक्टूबर में दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि नियमित दी जाएगी। इस राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। गरीबों और जरूरतमंद की जान बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोग अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लें, जिससे गंभीर बीमारी के समय जान बचाने के लिए उन्हें बड़े शहरों के अच्छे अस्पतालों में उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विमान या हेलीकॉप्टर से प्रदेश सरकार मरीजों को उपचार के लिए भी भेजती है। उन्होंने कहा कि अभी तक दुर्घटना में सड़कों पर घायलों को अस्पताल पहुंचने में लोग डरते थे अब सरकार ने राह-वीर योजना लागू की है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है तो उसे 25 हजार रुपए का इनाम प्रदेश सरकार देगी।
शासकीय सेवकों के प्रमोशन होने के बाद 2 लाख पद होंगे रिक्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों के 9 सालों से रुके प्रमोशन के मामले को हल कर दिया है और अब अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के शासकीय सेवकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है। प्रमोशन होने से 2 लाख पद रिक्त होंगे और इससे नए लोगों की भर्ती का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार शासकीय सेवाओं में भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देगी। आने वाले समय में लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन स्थानों पर बनेंगे राम पथ गमन मार्ग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री बंद कर दी है। प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। नगरीय क्षेत्र में गीता भवन बनाए जाएंगे। भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन पर राम पथ गमन मार्ग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 100वींग जन्म शताब्दी के अवसर पर ग्वालियर में कैबिनेट की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संदीपनी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव-गांव तक बस सेवा शुरू करने जा रही है इससे ग्रामीण जनता को आवागमन की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि बेड़ियां मिर्च मंडी के विकास के लिए 65 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। इसी प्रकार खनगांव से खेड़ीखुर्द मार्ग पर 05 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण किया जाएगा। बांसवा से घोसला मार्ग पर सिड़कुई नदी पर 06 करोड़ रुपए के लागत से पुल बनाया जाएगा। भीकनगांव से झिरन्या तक सड़क निर्माण के लिए 38 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बेड़ियां एवं बासवा बायपास निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाएंगे। बेड़ियां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा और बड़वाह में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पश्चात एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में आम का पौधा लगाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक सचिन बिरला, राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनु बाई तंवर, उपाध्यक्ष बापू सिंह परिहार अन्य जनप्रतिनिधि, आधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
आर्थिक रूप से कमजोर व असहायों की मदद के लिए सरकार कटिबद्ध: ऊर्जा मंत्री तोमर
19 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुरुवार को दिव्यांगों को 47 ट्राई साईकिल व 2 व्हील चेयर एवं 359 हितग्राहियों को कामकाजी महिला कार्ड, आयुष्मान कार्ड, कल्याणी पेंशन और राशन पात्रता पर्चियों का वितरण किया। ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित स्थानीय आवास पर यह सहायता वितरित करते हुए ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं अन्य जरूरतमंदों की मदद पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने जन समुदाय से कहा कि आप सबके सहयोग से ग्वालियर उप नगर की तस्वीर बदल रही है। केन्द्र व राज्य सरकार कृत संकल्पित होकर देश व प्रदेश के विकास में जुटी हैं। सरकार से ग्वालियर उपनगर के विकास के लिये लगातार धनराशि प्राप्त हो रही है, इससे इस क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मैं ट्राई साईकिल वितरण कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता के मामले में ग्वालियर को अव्वल बनाना है। इसलिए अपने घर व अपनी गली को स्वच्छ रखना हमें अपनी आदत में शामिल करना होगा, तभी हम स्वच्छ ग्वालियर के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 359 हितग्राहियों को हित लाभ के प्रमाण पत्र वितरित किए गये। ऊर्जा मंत्री ने कहा वे नियमित रूप से फेसबुक पर लाइव होते हैं। इसके जरिए भी मुझसे जुड़कर नाकरिक अपनी समस्या बता सकते हैं। तोमर ने यह भी कहा हम सभी संकल्प लें कि हमें नशा मुक्त और स्वच्छ ग्वालियर बनाना है।
जल स्त्रोंतों को पुनर्जीवित कर उनका संरक्षण करें-मंत्री पटेल
19 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कुंडम विकासखंड के ग्राम पंचायत बैरागी में परियट नदी के उद्गम स्थल ग्राम खाम्हा और कुंडम में हिरण नदी के उद्गम स्थल कुंडेश्वरधाम में गंगा जल संवर्धन अभियान अंतर्गत जल स्त्रोतों का पूजन किया। मंत्री पटेल ने कहा कि बहुत पहले जबलपुर में परियट नदी से ही जल आपूर्ति होती थी, लेकिन आज इसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम सब नदियों के जल से संबंध रखते हैं, लेकिन मुख्य बात पर विचार करना चाहिए कि आखिर जल नदियों में आता कहां से है। मंत्री पटेल ने कहा कि इस बात की चिंता करनी चाहिए कि जल स्त्रोत सूखने नहीं चाहिए। जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि जल संरचनाओं के गाद व मिट्टी को हटाकर उन्हें पुनर्जीवित किया जाये।
मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है, अत: नदियों का संरक्षण भी करें। नदियों को पुनर्जीवित करने से कभी पानी की समस्या नहीं होगी। नर्मदा में छोटी-छोटी नदियों से पानी आता है, ऐसे जल स्त्रोंतों को बनाये रखने के लिए सघन रूप से वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय मकर संक्रांति, शिवरात्रि और अक्षय तृतीय में जल स्त्रोंतों में पूजन-अर्चन कर प्रकृति की अराधना करते हैं, कहीं-कहीं तो नवरात्रि के दोनों पर्व पर भी जल स्त्रोंतों की पूजा होती है।
कैलाशधाम में कावड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा
पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ग्राम मटामर के कैलाशधाम पहुंचकर दर्शन व पूजन किया तथा जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जुलाई माह में होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह 15वीं कावड़ यात्रा होगी, इसे भव्यतम बनाने के सभी समुचित प्रयास किये जायें। जहां से यात्रा गुजरती है वहां के सड़क मार्ग को सुव्यवस्थित किया जाये। कैलाश धाम के पास पहाड़ी के रास्ते का चौड़ीकरण किया जाये तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की जाये। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण करें, क्योंकि वृक्ष वर्षाजल को आकर्षित करते हैं, साथ ही ऑक्सीजन व कई बहुमूल्य उत्पाद भी प्रदान करते हैं। इस दौरान पनागर विधायक सुशील तिवारी इंदु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
छिंदवाड़ा में 1067 भारिया परिवारों को मिले पक्के आवास
19 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में निवासरत 1067 भारिया जनजाति के परिवारों को पक्के आवास आवंटित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना को मध्यप्रदेश में शत प्रतिशत मूर्तरूप दिया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा आवास आवंटन के साथ ही सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई है।
प्रधानमंत्री जनमन अभियान के तहत छिन्दवाड़ा को कुल 5825 आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत चौरई, हर्रई, तामिया, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव एवं परासिया जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत भारिया हितग्राहियों को योजना का लाभ देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। ग्रामों की दूर-दराज़ स्थिति (जिला मुख्यालय से 100-125 कि.मी.) के कारण स्थानीय भवन सामग्री विक्रेताओं द्वारा महंगे दाम और कम गुणवत्ता वाली सामग्री हितग्राहियों को दिये जाने से भी आवास निर्माण में बाधा थी। इससे कई परिवारों ने आवास निर्माण में रुचि ही लेना बंद कर दिया था। इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों के साथ स्वयं मौका स्थल का भ्रमण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने जनपद पंचायतों के अमले, सहायक यंत्री, और ग्राम पंचायतों के सरपंच आदि से सामूहिक चर्चा की जिसमें ग्रामवासियों और सामग्री विक्रेताओं के साथ संवाद स्थापित कर कम दर पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई।
नवाचार से हुई एक करोड़ की बचत
जिला प्रशासन द्वारा जनपद स्तर पर थोक विक्रेताओं से संपर्क कर भवन निर्माण सामग्री की दरों को भी पूर्व निर्धारित किया गया। सीमेंट, ईंट, गिट्टी, सरिया, सेंटरिंग आदि निर्माण सामग्री स्थानीय दरों से 2 से 55 रूपये तक सस्ती दरों पर हितग्राहियों के ग्रामों में ही थोक में पहुँचाई गई। इस नवाचार से न केवल परिवहन लागत बची, बल्कि समय पर सामग्री मिलने से अधिकांश हितग्राहियों ने 2 माह से भी कम समय में अपने पक्के आवास तैयार कर लिए। इस पहल से 1067 परिवारों को 99,21,443 रूपये की सीधी बचत हुई, यानी प्रति परिवार लगभग 9,298 रूपये की औसत बचत हुई। साथ ही 1052 आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है और शेष 508 आवास शीघ्र पूर्ण होने की स्थिति में है।
बिचौलियों से मिली मुक्ति
नवाचार न केवल योजनांर्गत लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बना, बल्कि इससे हितग्राहियों को ठगने वाले बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाई गई। अब जिले के अन्य नवीन स्वीकृत आवासों में भी इसी मॉडल को अपनाने की योजना है।
सिकल सेल उन्मूलन, सबके विश्वास, साथ और प्रयास से होगा : राज्यपाल पटेल
19 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल के संपूर्ण उन्मूलन के लिए हम सबकी सक्रिय सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। सबके विश्वास, साथ और प्रयासों से ही रोग का उन्मूलन होगा। राज्यपाल श्री पटेल विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर बड़वानी में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर से वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का प्रदेश की जनता के नाम संदेश और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों पर आधारित अभिनंदन-पत्र का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा वाचन किया गया।
जनजातियों के कल्याण का स्वर्ण काल
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजाति जीवन के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए समर्पित और संवेदनशील व्यक्तित्व है। उनके नेतृत्व में भारत में जनजाति कल्याण का स्वर्ण युग चल रहा है। सिकल सेल उन्मूलन मिशन के तहत प्रदेश सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों के लिए राज्य सरकार की पूरी टीम को बधाई दी।
सिकल सेल के उन्मूलन के लिए दिए मंत्र
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए जागरूकता सर्वाधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विवाह के पूर्व युवक-युवती अपने जेनेटिक कार्ड का मिलान ज़रूर करें। इसी प्रकार गर्भावस्था में माँ और बच्चे की सिकल सेल जाँच और जन्म के 72 घंटों में नवजात की जाँच किया जाना ज़रूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल से पीड़ित रोगी और वाहकों से भी अपील की है कि वे नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और चिकित्सक की सलाह अनुसार दवाइयाँ लें। उन्होंने अभिभावकों से भी कहा कि सिकल सेल प्रभावित बच्चों के साथ आत्मीय व्यवहार करें। उन्हें सिकल सेल को समझने, लड़ने और हराने में संबल प्रदान करें।
जनजातीय प्रतिनिधियों से की सहयोग की अपील
राज्यपाल श्री पटेल ने स्वयं जनजातीय समुदाय से आने की बात कहते हुए समुदाय के प्रतिनिधियों से अपील की कि जनजाति क्षेत्रों में सिकल सेल के जनजागरण प्रयासों में सतत्, सक्रिय और संवेदनशीलता के साथ सहयोग करें। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोगी बने।
युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग जनजातीय कल्याण में करें
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल की जागरूकता और रोकथाम प्रयासों को शैक्षणिक संस्थानों की विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के साथ पाठ्यक्रमों में भी शामिल करने के लिये कहा। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों से अपील की कि वे सिकल सेल रोग उन्मूलन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करें। इस बीमारी पर शोध करें। अपने ग्रामीण अंचलों में जागरूकता प्रयासों में सहभागी बने। अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग अपने समुदाय के कल्याण और विकास में करें।
प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख से नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग हुई पूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे समाज में शादी से पहले कुंडली मिलान की परंपरा है। अब समय आ गया है कि कुंडली के साथ हम वर-वधु का 'सिकल सेल जेनेटिक कार्ड' भी मिलाएं। इस बीमारी का पता जितनी जल्दी चल जाए इसे नियंत्रण में रखने और रोगी को स्वस्थ रखने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। प्रदेश का जनजातीय समाज बड़ी संख्या में इस बीमारी से प्रभावित है। सिकल सेल हमारे लिए केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है। वर्ष 2047 तक सिकल सेल को जड़ से मिटाने का लक्ष्य लेकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में "राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047" प्रारंभ किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्क्रीनिंग, रोग प्रबंधन, परामर्श और जन-जागरूकता, इन चारों महत्वपूर्ण स्तरों पर प्रदेश में समन्वित रूप से कार्य किया जा रह है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 6 लाख से नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सी यूरिया, फॉलिक एसिड और नि:शुल्क रक्तदान की सुविधा दी जा रही है। सिकल सेल रोगियों की जेनेटिक कॉउंसिलिंग का कार्य भी जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन जिले में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे संपूर्ण निमाड़ अंचल को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़वानी पहुंचने के लिए भोपाल से रवाना हुए लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे बड़वानी नहीं पहुंच पाए और उन्होंने इन्दौर से ही कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एमीनिया के प्रति जागरुकता अभियान चलाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एमीनिया के प्रति जागरुकता अभियान चलाया है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र को इसका लाभ मिला है। सिकल सेल बीमारी से भावी पीढ़ियां खराब हो जाती हैं। सिकल सेल बीमारी से जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। सिकल सेल एनीमिया होने पर हमारी रक्त कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। यह बीमारी आनुवांशिक तौर पर आगे बढ़ती रहती है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की है। इसमें बड़वानी जिले के सिकल सेल से सबसे ज्यादा प्रभावित होने की जानकारी मिली। यहां सिलक मित्र तैनात किए गए हैं। मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिकल सेल एमीनिया से डरने की आवश्यकता नहीं है। स्क्रीनिंग और रोकथाम के योग्य तरीकों से इस बीमारी से मुक्ति मिल सकती है। नवजात शिशुओं की जांच के लिए एम्स भोपाल में सिकल सेल जांच यूनिट शुरू की गई है। प्रदेश में जारी अभियान सिकल सेल के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा है।
जनजातीय अंचलों में खोली जा रहीं फूड प्रोसेसिंग यूनिट
मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी, झाबुआ, धार सहित प्रदेश के अन्य जनजातीय बहुल जिलों के लिए अनेक कल्याणकारी कदम उठाए हैं। निमाड़ के किसानों को अब सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। राज्य सरकार ने तापी मेगा रीचार्ज परियोजना पर कार्य शुरू किया है। जनजातीय अंचलों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट करने के अभियान अंतर्गत प्रदेशभर में कृषि मेले लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने तीसरी फसल मूंग के लिए सरकारी खरीद शुरू करने के लिए पंजीयन शुरू कर दिया हैं। बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के लिए किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे हैं। सरकार ने 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदकर किसानों को लाभ दिया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास जारी हैं।
नौ साल से लंबित शासकीय कर्मचारी/अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी
मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए पात्र हितग्राहियों के लिए सर्वे शुरू किया गया है। युवा कल्याण के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर शासकीय पदों पर भर्ती अभियान शुरू किया है। राज्य सरकार ने हाल ही में 9 साल से अटकी शासकीय कर्मचारी/अधिकारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता खोला है। इससे आगामी वर्षों में दो लाख शासकीय पदों पर नई भर्ती की संभावना बनेगी। प्रदेश में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सांदिपनि विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जा रही है। होनहार छात्रों को साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप बांटे जा रहे हैं।
लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर भेजेंगे अतिरिक्त 250 रुपए
मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अभियान चल रहा है। अगले महीने प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन मनाने के लिए 250 रुपए की अतिरिक्त राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। बहनों के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के विकास के लिए लगभग 22 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। प्रदेश के 19 धार्मिक शहरों में शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई सिकल सेल प्रबंधन पर केन्द्रित मार्गदर्शिका का लोकार्पण किया। सिकल सेल मित्रों का मंच से सम्मान किया गया। सिकल सेल जागरूकता पर आधारित प्रदर्शनी एवं स्कूली बच्चों के योगाभ्यास का अवलोकन किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन के साथ किया। राज्यपाल श्री पटेल का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पिथौरा पेंटिंग और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने जनजाति परंपराओं के प्रतीक जैकेट पहनाकर स्वागत किया। सांसद श्री गजेन्द्र पटेल ने जनजाति शोर्य और स्वाभिमान के प्रतीक धनुष-तीर भेंट कर अभिनंदन किया। पूर्व मंत्री श्री प्रेम सिंह पटेल ने साफा पहनाकर अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के संदेश का वाचन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का बड़वानी में आना प्रस्तावित था जो कि प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण संभव नहीं हो सका। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 90 लाख स्क्रीनिंग लक्ष्य पर मध्यप्रदेश 97 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग कर देश में अग्रणी रहा है। अब तक 1 करोड़ 6 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 1 करोड़ 40 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए 1 जुलाई से 100 दिवस का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अब तक 2 लाख से अधिक सिकल सेल वाहक और 29,277 सिकल सेल रोगी चिन्हित हुए हैं। 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। 26,115 मरीजों को हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा से उपचार मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं का सतत विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल के सतत् प्रयासों से अभियान को कसावट मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। जनजागरूकता के सतत् अभियान चलाकर वर्ष-2047 तक लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रभारी मंत्री बड़वानी श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि स्वस्थ भारत विकसित भारत का आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि रोजगार सभी क्षेत्रों की चिंता करते हैं। प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए सतत् प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग प्रबंधन के लिए उपचार के साथ, रोकथाम, जागरूकता और सामाजिक सहभागिता आवश्यक है। इस लड़ाई में सभी को आगे आना होगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि सभी नागरिक सिकल सेल एनेमिया को जड़ से मिटाने का संकल्प लेकर अभियान चलायें। संकोच नहीं करें जांच अवश्य करायें।
बड़वानी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम' में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल, राज्यसभा सदस्य डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, पद्मश्री महेश शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इन्दौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व मंत्री श्री महेन्द्र हार्डिया कार्यक्रम में इन्दौर से वर्चुअली शामिल हुए।
नेपाल में हंगामा, PM के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
टी20 क्रिकेट के नए किंग? अभिषेक शर्मा ने बाबर आजम और वॉर्नर को पछाड़कर बनाया यह रिकॉर्ड।
मैदान पर पर्पल कैप की रेस, होटल में विवाद? रबाडा के वायरल क्लिप से मची खलबली।
सबरीमाला सुनवाई में बड़ा सवाल, क्या स्पर्श से अपवित्र होते हैं देवता?
राजधानी में सियासी हलचल तेज, BJP आज कर सकती है बड़े ऐलान
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने थपथपाई विभाग की पीठ; नवाचार और टीमवर्क को बताया सफलता का मंत्र।
