मध्य प्रदेश
भोपाल रेलवे स्टेशन को मिली नई सौगात, सीएम ने किया VIP लाउंज का उद्घाटन
25 Jun, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर नई बिल्डिंग में वीआइपी लाउंज का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया। यहां यात्रियों को आराम के साथ मनोरंजन भी मिलेगा। एग्जीक्यूटिव लाउंज में यात्रियों को होटल जैसी लग्जरी सुविधाएं दी जाएंगी। यात्रियों को सिर्फ बैठने की नहीं बल्कि चाय-कॉफी, कुकीज, इंडोर गेस और यूजिक के साथ-साथ मनोरंजन के साथ 100 रुपए में नहाने की सुविधा भी मिलेगी।
200 रुपए में मिलेगा शाकाहारी बुफे
लाउंज को पारंपरिक वेटिंग रूम से एक कदम आगे बढ़ाते हुए यहां गेमिंग के भी ऑप्शन दिए गए हैं। यात्रियों, खासकर बच्चों और परिवारों के लिए लूडो, केरम, सांप-सीढ़ी जैसे गेस की व्यवस्था की गई है। इससे स्टेशन पर रुकना अब बोरियत भरा नहीं बल्कि एक अच्छा अनुभव बनेगा। 200 रुपए में यात्री अनलिमिटेड शाकाहारी बुफे का लाभ ले सकते हैं, जिसमें इडली-सांभर, बड़ा, छोले-भटूरे, वेज बिरयानी, पास्ता, फ्रेंच फ्राइज, वेज थाली जैसी कई स्वादिष्ट डिशेज शामिल हैं।
50 रुपए में मिलेगा ये सब
1- एसी हॉल और आरामदायक सोफे
2- चाय/कॉफी, कुकीज
3- न्यूज पेपर और मैगजीन
4- फ्री WiFi और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट
5- LED टीवी और म्यूजिक सिस्टम
6- ट्रेन की जानकारी के लिए डिजिटल डिस्प्ले
100 रुपए में VIP एग्जीक्यूटिव लाउंज
लंबी यात्रा के बाद तरोताजा होने के लिए 100 रुपए में आपको नहाने की सुविधा मिलेगी। जिसमें तौलिया, शैंपू और साबुन शामिल हैं। इसके अलावा, जो यात्री थोड़ा प्राइवेट और शांत माहौल चाहते हैं, उनके लिए 100 रुपए में VIP एग्जीक्यूटिव लाउंज भी है। यहां रीक्लाइनर चेयर, गेम एक्टिविटी और स्नैक्स उपलब्ध होंगे। लाउंज के साथ रूफटॉप लाउंज भी विकसित किया गया है, जहां यात्री बैठकर लाइव मैच, म्यूजिक और अन्य कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं। यहां से यात्री चाय, कॉफी और अन्य व्यंजन ऑर्डर कर सकते हैं। हर विजिटर को वेलकम ड्रिंक और मिनरल वाटर की बोतल मुफ्त दी जाएगी।
बिजनेस ट्रेवलर्स के लिए कॉन्फ्रेंस पैकेज
रूफटॉप एरिया में कॉन्फ्रेंस और मीटिंग स्पेस भी बनाया गया है। 200 रुपए प्रति व्यक्ति के पैकेज में प्रोजेक्टर, मीटिंग स्पेस, चाय, कॉफी और स्नैक्स की व्यवस्था होगी। यानी, अब ट्रेन का इंतजार करते हुए आप अपनी मीटिंग भी निपटा सकते हैं, वो भी बिना किसी होटल की बुकिंग के।
क्लॉक रूम और लगेज लॉकर की सुविधा
परिवार के साथ सफर करने वालों के लिए बेबी फीडिंग रूम भी बनाया गया है। इसके अलावा, क्लॉक रूम और लगेज लॉकर की सुविधा भी दी गई है। अगर कोई यात्री स्टेशन से बाहर जाना चाहता है, तो वो बैग लॉक करके आराम से बाहर जा सकता है और लौटने पर सामान ले सकता है।
बीमारियों की वजह तलाशने जीएमसी भोपाल में जुटे विशेषज्ञ
25 Jun, 2025 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal: राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में अब इलाज के बाद रिसर्च पर भी फोकस किया जा रहा है। बीमारियों की वजह तलाशने तीन दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी वर्कशॉप का आयोजन बुधवार से किया गया है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों और फैकल्टी को अच्छा शोधकर्ता बनाना, ताकि वे सिर्फ मरीजों का इलाज न करें, बल्कि भारत की स्वास्थ्य नीति और भविष्य को भी आकार दें। यह वर्कशॉप गांधी मेडिकल कॉलेज की मल्टीडिस्पिलनरी रिसर्च यूनिट (MRU) द्वारा आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में देशभर के जाने-माने विशेषज्ञ, शोधकर्ता शामिल
जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने कहा है कि रिसर्च ही किसी भी संस्थान को उत्कृष्ट बनता है। उन्होंने बताया कि जब से वह गांधी मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी संभाली है रिसर्च पर विशेष फोकस कर रही हैं। उन्होने कहा कि क्या एक डॉक्टर सिर्फ इलाज करता है, ऐसा नहीं है। वह बीमारियों के पीछे की वजह भी खोज सकता है, नई दवाएं विकसित कर सकता है और इलाज के बेहतर तरीके भी खोज सकता है। इसी तरह की इसी तरह के प्रयास के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होने बताया कि इस कार्यशाला में देशभर के जाने-माने विशेषज्ञ, शोधकर्ता और संस्थान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), IRSHA पुणे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक शामिल है।
डॉक्टर सिर्फ इलाज ही नहीं,समस्या का हल खोजें
डॉ. कविता एन. सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को अब केवल डिग्री देने से आगे बढ़कर रिसर्च में भी उदाहरण बनना होगा। यह वर्कशॉप डॉक्टरों को नए विचारों पर सोचने, समाज के लिए उपयोगी रिसर्च करने और नीति निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज के समय में जब नई बीमारियां, महामारी, और स्वास्थ्य चुनौतियां हमारे सामने खड़ी हैं, तब यह जरूरी है कि डॉक्टर सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि समस्या की जड़ तक जाकर हल खोजें। मेडिकल रिसर्च वही माध्यम है, जिससे डॉक्टर समाज को नई राह दिखा सकते हैं। यह वर्कशॉप न सिर्फ ज्ञानवर्धक है, बल्कि यह प्रदेश और देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस पहल भी है।
मन में उठने वाला सवाल ही रिसर्च की शुरुआत
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और एमआरयू के नोडल अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे डॉक्टरों के पास बहुत अनुभव होता है। अगर उसे रिसर्च रूप दिया जाए तो वह समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान बन सकता है। हर डॉक्टर को यह समझना होगा कि मन में उठने वाला सवाल ही रिसर्च की शुरुआत हो सकता है। वर्कशॉप में ICMR, GMC भोपाल, AIIMS, MGM इंदौर, और Jhalawar जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। शामिल होंगे देश के प्रमुख विशेष शब्दों में से डॉ. साधना जोशी (IRSHA पुणे) मातृ-शिशु स्वास्थ्य में प्रसिद्ध शोधकर्ता, डॉ. योगेश सबदे (ICMR–NIREH भोपाल) पर्यावरणीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. तनु आनंद (स्वास्थ्य मंत्रालय) रिसर्च नीति विशेषज्ञ, डॉ. दीपाली सुंद्रानी, डॉ. हर्षद पाटिल, डॉ. पद्मा भाटिया शामिल हैं।
दमोह में 153 वर्षों से चली आ रही परंपरा, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब
25 Jun, 2025 05:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। दमोह जिले के प्राचीन जगदीश स्वामी मंदिर में रथ यात्रा की बहुत पुरानी परंपरा है। यहां से 153 वर्षों से भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा निकाली जाती है। 27 जून को निकाले जाने वाली भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं। भगवान के लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। जिनमें रंग-रोगन के साथ साज-सज्जा का कार्य किया जा रहा है।
गौरतलब है कि शहर में दो रथयात्रा निकाली जाती है। इसमें पहली रथयात्रा पुरैना तालाब स्थित भगवान जगदीश स्वामी मंदिर से निकाली जाती है। वहीं दूसरी रथयात्रा हनुमान गढ़ी मंदिर से निकाली जाती है। इधर भगवान जगन्नाथ 15 दिन के लिए बीमार चल रहे हैं। जिन्हें खाने में दूध, दलिया, मूंग की दाल सहित अन्य हल्के भोजन का प्रसाद दिया जा रहा है। वहीं समय-समय पर वैद्यराज द्वारा भगवान की नाड़ी देखकर औषधि के रूप में काड़ा भी दिया जा रहा है। जगदीश स्वामी मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग ने बताया कि 15 दिन बीमार होने के बाद भगवान 27 जून को स्वस्थ होंगे। सुबह से विद्वान पंडितों द्वारा भगवान का अभिषेक पूजन होगा। वहीं शाम 5 बजे से रथ में विराजमान भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। रथ यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर टॉकीज तिराहा, बकौली चौराहा, घंटाघर, बड़ापुल होकर पुराना थाना पहुंचेगी। जहां भगवान अपने भक्तों के घर पर निवास करेंगे। वहीं एक दिन पहले 26 जून को भंडारा होगा।
153 साल पुराना है जगदीश स्वामी मंदिर
पंडित गर्ग ने बताया कि जगदीश स्वामी मंदिर 153 वर्ष प्राचीन है, जो जिले का सबसे प्राचीन मंदिर है। सन 1872 में संत अजबदास महाराज ने इस मंदिर की नींव रखी थी। मंदिर बनने के बाद यहां भगवान जगन्नाथ स्वामी की स्थापना कराई गई थी। तभी से हर साल भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा निकाली जा रही है। इस साल भी यह यात्रा उत्साह से निकाली जाएगी।
शुरुआत में बैलगाड़ी पर निकाली थी यात्रा
मंदिर के शुरुआती दौर में कुछ वर्षों तक रथयात्रा बैलगाड़ी पर निकाली जाती थी। इसमें भगवान को विराजमान कर शहर में भ्रमण कराया जाता था। पुजारी ने बताया कि यह दक्षिणावर्ती यात्रा होती है। सभी मंदिरों की परिक्रमा भी दक्षिणावर्ती होती है। जब हम दक्षिण परिक्रमा लगाते हैं तभी उसका हमें फल प्राप्त होता है।
राजस्थान का चोर गिरोह मध्य प्रदेश में आकर करता था चोरी, हरियाणा से जब्त किए 300 पाइप
25 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आष्टा। आष्टा पुलिस ने अंतरराज्यीय पाइप चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 300 लोहे के पाइप, एक कार और ट्रक जब्त किया गया है। अंतरराज्यीय चोर गिरोह राजस्थान का है, जो मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से चोरी कर माल को हरियाणा में छिपाकर रखता था। इस गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस की सात टीम करीब 10 दिन अलर्ट पर रहीं। नतीजन गिरोह पाइप चोरी करते रंगेहाथ पकड़ आया।
आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि 300 पाइप चोरी करने वाला गिरोह राजस्थान से चोरी करने आता था, चोरी से पहले दिन रैकी की जाती थी और फिर रात में पाइप चोरी कर ले जाते थे। हरियाणा के हिसार से जब्त 300 पाइप दो बार में चोरी किए गए थे। आष्टा से 100 और सिद्दीकीगंज से 200 पाइप चोरी गए थे। यह पाइप 1400 करोड़ की आष्टा-रानीपुर पेयजल परियोजना के लिए खरीदे गए थे। आष्टा विकासखण्ड में पेयजल परियोजना के तहत करीब 60 टंकियों का निर्माण किया जा रहा है, यह पाइप इन टंकियों तक मैन लाइन से पानी पहुंचाने के लिए निर्माण एजेंसी ने खरीदे थे। 10 जून 2025 को पाइप चोरी होने के बाद फरियादी मनीष विश्वकर्मा ने थाना आष्टा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ग्राम भीमपुरा में नल-जल योजना के लिए रखे गए 100 पाइप चोरी हो गए हैं। विवेचना में यह भी सामने आया कि थाना सिद्दीकगंज क्षेत्र से 200 पाइप चोरी किए गए थे। प्रकरण में पुलिस ने अपराध क्रमांक 292/25, धारा 303(2),34,112 बीएनएस तथा तथा थाना सिद्दीकगंज में अपराध क्रमांक 108/25 धारा 303(2), 34, 112 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
हरियाणा के हिसार से जब्त किए पाइप
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपी हरियाणा के हिसार में चोरी किए गए पाइपों का स्टॉक कर रहे हैं। यहां से एक साथ किसी कंपनी को बेचने की योजना थी। पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर हिसार गई, जहां से उनकी निशानदेही पर पाइप जब्त किए। पुलिस ने जब्त 300 पाइप की कीमत 30 लाख रुपए आंकी है। आरोपियों के कब्जे से ट्रक कीमत करीब 30 लाख, कार कीमत पांच लाख रुपए का मशरुका भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने पाइप चोरी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
एसडीओपी अमलकर ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले भोपाल नाका आष्टा पर लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज देखे। इसमें वारदात के समय राजस्थान का एक ट्रक पाइप लेकर निकलते हुए दिखा। ट्रक का नंबर सीसीटीवी में स्पष्ट दिख गया। पुलिस ने डीटीओ की मदद से ट्रक के ऑनर का पता किया। मामला राजस्थान के अलवर से जुड़ा निकला। पुलिस ने तत्काल अलवर में एक मुखबिर को सक्रिय किया। इस बीच पुलिस को पता चला कि आरोपी फिर से रैकी करने आने वाले थे। आरोपी रैकी करने के लिए आए, पुलिस ने तत्काल सात अलग-अलग टीम बनाई और आरोपी जैसे ही देवनखेड़ी जोड़ के पास चोरी की फिराक में आए पांच आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा एक ट्रक व कार के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
ये आरोपी पुलिस ने किए गिरतार
पुलिस ने मामले में शहजाद (36) पिता बबन, आदिल (18) पिता आबिद और शहजाद उर्फ भोला (29) पिता हक्कु तीनों निवासी शहजपुर राजस्थान, हाकम (32) पिता नसरु खां और वाजिद (19) पिता नसरु खां दोनों निवासी बदोपुर, जिला नूंह, हरियाणा को गिरफ्तार किया है।
एम्स भोपाल में कैंसर मरीजों को जल्द मिलेगी दो बड़ी सुविधाएं
25 Jun, 2025 05:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal: राजधानी स्थित एम्स लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में अब यहां आने वाले कैंसर मरीजों के लिए दो बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। जिनमें से प्रमुख है गामा नाइफ यूनिट और पेट स्कैन जांच दोनों ही सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। गामा नाइफ यूनिट में मस्तिष्क में पनप रहे कैंसर का त्वरित इलाज हो सकेगा। इस तकनीक से ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन कैंसर, ट्राइजेमिनल न्यूरलजिया और एकोस्टिक न्यूरोमा जैसी बीमारियों का सटीक इलाज किया जा सकता है। वही पेट स्कैन शुरू होने से 20 हजार तक की महंगी जांच सरलता से हो पाएगी। बता दें कि पेट स्कैन जांच की सुविधा मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
अब तक देश में केवल चार संस्थानों में है या सुविधा
जानकारी के लिए बता दें एम्स भोपाल में बन रही गामा नाइफ यूनिट की लागत लगभग 85 करोड रुपए आएगी। देश में अब तक सिर्फ चार संस्थानों में ही यह तकनीक है। गामा नाइफ से इन्फेक्शन रेडियस मात्र 0.01 फीसदी ही रह जाता है। यही नहीं इससे 0.1 एमएम के क्षेत्र में भी रेडिएशन दिया जा सकता है। इसमें ब्रेन की खून ले जाने वाली शिरा को छेड़े बिना सीधे ट्यूमर के डीएनए को नष्ट करता है। इस मशीन को इंस्टॉल करने के जरूरी बंकर अक्टूबर तक तैयार होंगे।
गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक है। केंद्र सरकार के उपक्रम हाइट्स द्वारा इसे खरीदा जा रहा है। बंकर का निर्माण भी सीपीडब्ल्यूडी कर रहा है। काम 50 फीसदी हो गया है। जानकारी के लिए बतादें कि गामा नाइफ के लिए रेडिएशन फ्री बंकर बनाने के लिए जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी को दी गई थी, लेकिन, काम की रफ्तार धीमी होने के कारण अब यह काम एचएलएल इंझफ्रोटेक सर्विसेस लिमिटेड (एचआईटीईएस) यानी हाइट्स को दिया गया है। एजेंसी बदलने से काम पिछड़ गया। फायदा
20 हजार में होती है पेट स्कैन की जांच
कैंसर के ज्यादातर मरीजों को पेट स्कैन की जांच करानी पड़ती है। यह जांच काफी महंगी होती है। यह जांच भोपाल में लगभग 18 से 20 हजार में निजी अस्पतालों में की जाती है। किसी भी सरकारी हॉस्पिटल सुविधा नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एम्स भोपाल में जल्द ही यह जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार पेट स्कैन शुरू करने की तैयारी अंतिम पड़ाव पर है।
शिवराज सरकार का तोहफा: MSP पर खरीदी जाएगी मूंग-उड़द, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
25 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों की मूंग और उड़द केन्द्र सरकार खरीदेगी. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 1 लाख 23 हजार 220 मीट्रिक टन उड़द की खरीदी की जाएगी. जिसकी लागत करीब 911.83 करोड़ रुपए है. इसके अलावा केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 51 हजार 88 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की भी अनुमति दे दी है. मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीदी संबंधित इंतजामों को लेकर मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के कृषि मंत्रियों से संवाद भी किया.
केन्द्र पर बढ़ेगा वित्तीय भार, लेकिन खरीदी करेगी सरकार
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर खरीद से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि भंडारण में अनियमितताओं की शिकायतें ना आएं, इसके लिए प्रयास तेज होने चाहिए. इसके अलावा पूरी पारदर्शिता के साथ खरीदी की व्यवस्था से सही मायने में किसानों को फायदा पहुंचेगा.
कृषि मंत्री ने ये निर्देश भी दिए कि अगर आवश्यक्ता पड़े तो खरीदी केन्द्र बढ़ा दिए जाएं. शिवराज सिंह ने बैठक में कहा कि मूंग और उड़द की खरीद के फैसले से केंद्र सरकार को बड़ा वित्तीय भार वहन करना पड़ेगा, लेकिन बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान हित में सरकार किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि खरीद सही तरीके से हो. किसानों से सीधे खरीद से ही बिचौलियों की सक्रियता कम होगी और लाभ सही मायनों में किसान तक पहुंच पाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने भंडारण को लेकर मिल रही अनियमितताओं की शिकायत को लेकर भी चिंता व्यक्त की और अधिकारियों व कृषि मंत्रियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के प्रयास करने की बात कही.
मध्य प्रदेश में मूंग उड़द की खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन जारी
मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य की खरीदी का पहले ही एलान कर चुकी है. मोहन सरकार इसके लिए 19 जून से 6 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन होगा. इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन होगा. मध्य प्रदेश में सरकार 8 हजार 682 प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 7400 प्रति क्विंटल के भाव से उड़द खरीद रही है.
मध्य प्रदेश में 36 मूंग उत्पादक जिले हैं. यहां साढे़ 8 हजार के भाव से मूंग खरीदी जाएगी. इसी तरह से 13 उड़द उत्पादक जिले हैं. जहां 7400 रुपए क्विंटल से किसान उड़द खरीद सकेंगे.
सरकारी महकमे में हलचल: मध्य प्रदेश में चीफ सेक्रेटरी समेत होंगे बड़े बदलाव
25 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में अगले 4 महीने में बड़ा बदलाव होने वाला है. जिसमें प्रदेश के मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव, ग्रह विभाग के अपर मुख्य सचिव और लोक निर्माण विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी समेत अन्य अधिकारी बदल जाएंगे. इनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मा दिया जाएगा. इनमें अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा समेत एक दर्जन आईएएस शामिल हैं.
अगस्त में खाली हो जाएगा मुख्य सचिव का पद
बता दें कि मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 कैडर के आईएएस हैं. वो अगस्त महीने में रिटायर हो रहे हैं. उनके सेवानिवृत्त के बाद सीएस का पद रिक्त हो जाएगा. ऐसे में नए अफसरों को मुख्य सचिव के वेतनमान में प्रमोट होने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही सागर के संभागायुक्त वीरेंद्र सिंह रावत जून और उज्जैन के संभागायुक्त संजय गुप्ता जुलाई में रिटायर हो रहे हैं. इनके बाद जुलाई में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी और फिर अगस्त में सीएस अनुराग जैन का रिटायरमेंट है.
सीएस पर सस्पेंस, इनको बड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद
वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन के रिटायरमेंट होने के बाद प्रदेश का अगला सीएम कौन होगा. इसको लेकर अभी संशय बरकरार है. लेकिन सीनियरिटी के हिसाब से जेएन कंसोटिया हैं, लेकिन वो भी अगस्त में रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में उनके सीएस बनने की उम्मीद कम ही है. एक और अधिकारी मोहम्मद सुलेमान भी काफी सीनियर थे, लेकिन वो पहले ही वीआरएस ले चुके हैं. अब इन वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सबसे सीनियर आईएएस होंगे. ऐसे में मुख्य सचिव के पद पर इनकी दावेदारी अधिक मानी जा रही है.
मध्य प्रदेश कैडर के ये अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर
मध्य प्रदेश कैडर के 43 आईएएस वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. इनमें अलका उपाध्याय, मनोज गोविल, पंकज अग्रवाल, अशीष श्रीवास्तव, वीएल कांताराव, नीलम शमी राव, दीप्ति गौड़ मुखर्जी, विवेक अग्रवाल, हरि रंजन राव, पल्लवी जैन गोविल, नितेश कुमार व्यास, फैज अहमद किदवई, कैरालीन खोंगवार देशमुख, आकाश त्रिपाठी, निकुंज श्रीवास्तव, पवन कुमार शर्मा, अजीत कुमार, ग्यानेश्वर बी. पाटिल, राहुल जैन, जीवी रश्मि, स्वाति मीणा नायक, शशांक मिश्रा, छवि भारद्वाज, जीपी आईरीन सिंथिया, विकास नरवाल, विशेष गढ़पाले, वी किरण गोपाल, नंद कुमारम, एस. विश्वनाथन, भावना वालिंबे, तरुण पिथोड़े, प्रियंका दास, तेजस्वी एस नायक, गणेश शंकर मिश्रा, शनमुग प्रिया मिश्रा, विजय कुमार जे., अनुग्रह पी, विजय दत्ता, पंकज जैन, चंद्र मोहन ठाकुर, प्रवीण सिंह, बक्की कार्तिकेयन और हर्ष दीक्षित का नाम शामिल है. जबकि आईएएस मनीष सिंह स्टडी लीव पर हैं.
अगले 4 महीने में रिटायर होने वाले आईएएस
आईएएस
माह
वर्तमान पदस्थापना
वीरेंद्र सिंह रावत
जून
संभागायुक्त सागर
राजेश कुमार कौल
जुलाई
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी
संजय गुप्ता
जुलाई
संभागायुक्त उज्जैन संभाग
केडी त्रिपाठी
जुलाई
सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल
अनुराग जैन
अगस्त
मुख्य सचिव
जेएन कंसोटिया
अगस्त
एसीएस ग्रह विभाग
भावना वालिंबे
सितंबर
प्रतिनियुक्ति पर
नियाज अहमद खान
अक्टूबर
डिप्टी सेक्रेटरी पीडब्लयूडी
ग्राम पंचायतों को मिलेगा सशक्तिकरण, पारदर्शिता व स्थायित्व : मंत्री पटेल
24 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास के तत्वावधान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका-2025 को औपचारिक रूप से लागू करने की घोषणा की गई। इस ऐतिहासिक निर्णय में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की सशक्त नेतृत्व भूमिका रही। पटेल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस नई मार्गदर्शिका को “स्थानीय रोजगार व्यवस्था में स्थायित्व, जवाबदेही और दक्षता का आधुनिक रूपांतरण” बताया।
पटेल ने कहा कि यह दस्तावेज ग्राम रोजगार सहायकों के चयन, मूल्यांकन और अनुशासन को लेकर आने वाले वर्षों की ग्रामीण विकास संरचना की रीढ़ सिद्ध होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्गदर्शिका 2025 का तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन किया जाएगा, जिसके तहत सभी नियुक्तियां, मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं अनुशासन की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए अब सभी नियुक्तियां लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएंगी, जिससे योग्य और स्थानीय युवा ग्रामीण विकास से सीधे जुड़ सकेंगे।
मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायक केवल संविदा कर्मी नहीं, बल्कि ग्रामीण नव निर्माण के मूल स्तंभ हैं। यह मार्गदर्शिका उन्हें न केवल दिशा देगी, बल्कि गरिमा, संरक्षण और प्रेरणा भी प्रदान करेगी। हमारा लक्ष्य है – ‘हर गाँव सक्षम, हर पंचायत सजग’।
नई मार्गदर्शिका में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की जा रही है, जिसके माध्यम से GRS का मूल्यांकन, नवीनीकरण और समस्त डाटा डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जाएगा। पहली बार ग्राम रोजगार सहायकों को सेवा सुरक्षा और अपील की न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही सेवा में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, नैतिकता और पारदर्शिता के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं।
मार्गदर्शिका के अंतर्गत अब ग्रामीण रोजगार सहायक का वार्षिक मूल्यांकन प्रत्येक वर्ष 01 अप्रैल से 15 मार्च के बीच किया जाएगा, जिसमें 60 अंकों से कम मिलने पर सेवा समाप्ति संभव होगी। अवकाश व्यवस्था को भी सुदृढ़ करते हुए 13 आकस्मिक, 3 ऐच्छिक और 15 विशेष अवकाश का प्रावधान किया गया है। पहली बार स्थानांतरण नीति लागू की गई है, जिसके तहत तीन वर्षों की सेवा के बाद स्थानांतरण अनुमति होगी। ग्राम रोजगार सहायकों के कर्तव्यों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिसमें जॉब कार्ड निर्माण, मजदूरी भुगतान, कार्यों की जियो टैगिंग और शासन की योजनाओं के समन्वय तक की जिम्मेदारी शामिल है।
मंत्री पटेल के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में प्रबंधन सुधार के साथ समावेशी विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा रहा है। ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका-2025 इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे प्रदेश की पंचायतें अधिक सशक्त, जवाबदेह और आत्मनिर्भर बनेंगी।
विद्यार्थियों को विषयविद् के साथ संवेदनशील एवं मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण बनाना होगा: तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार
24 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का ध्येय है। श्रेष्ठ नागरिक निर्माण के लिए विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं के साथ भारतीय दृष्टि की आवश्यकता है। विद्यार्थियों में मात्र विषयविद् नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना होगा। विद्यार्थियों के लिए ऐसी पद्धति तैयार करनी होगी, जिससे समाज के प्रश्नों का समाधान भी निकले एवं समाज में मानवीय मूल्यों का परंपरागत संरक्षण एवं संवर्धन भी हो। मंत्री परमार मंगलवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के सभागृह में तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय परिचर्चा (QUEST) को संबोधित किया।
मंत्री परमार ने कहा कि उद्योग जगत एवं बाजार की आवश्यकता अनुरूप विद्यार्थियों को स्किल्ड (दक्ष) बनाने के लिए पाठ्यक्रम निर्माण की आवश्यकता है। हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति की ओर बढ़ रहे हैं। इस दिशा में प्रतिबद्धता की भावना से आगे बढ़ने से लक्ष्य साकार हो सकेगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत अतीत में विश्वगुरु रहा है और वर्तमान परिदृश्य को पुनः गौरवशाली बनाने के लिए भारतीय दृष्टिकोण धारक व्यक्तित्व निर्माण की आवश्यकता हैं। परमार ने कहा कि हर क्षेत्र - हर विधा में, भारत की गौरवशाली उपलब्धियां रही है। भारत के गौरवशाली ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत कर हीन भावना से मुक्त होना होगा। तकनीकी एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में भी हजारों वर्षों से भारतीय ज्ञान परम्परा विद्यमान है। आज हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान के प्रमाण मिल रहे हैं। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 में विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस संकल्प की सिद्धि के लिए विद्यार्थियों को प्रश्नकर्ता नहीं समाधानकर्ता बनाने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता से कार्यशील है।
सचिव तकनीकी शिक्षा रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि निवेश गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण पहलू है। उद्योग जगत के शैक्षणिक जगत में निवेश से नैसर्गिक रूप से गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। ज्ञातव्य है कि यह परिचर्चा प्रदेश के समस्त तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता, दक्षता, उपयोगिता, स्थायित्व एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में विस्तृत विचार मंथन के लिए प्रारंभ की गई एक राज्य स्तरीय पहल है।
इस अवसर पर कुलगुरु राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ राजीव त्रिपाठी, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन भरत शरण सिंह, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा एवं सीईओ ग्लोबल स्किल्स पार्क गिरीश शर्मा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, उनके प्रतिनिधि, विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी में किये बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन
24 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर तथा काल भैरव मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सहभागिता के लिए वाराणसी प्रवास पर हैं। बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी भाग ले रहे हैं।
सुरक्षा से सुशासन और सहकार से समृद्धि ही ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को वाराणसी में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 25वीं बैठक में सहभागिता की। बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षा से सुशासन और सहकार से समृद्धि ही सरकार का मुख्य ध्येय है और हमारी सरकार इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि राज्यों के बीच समन्वय, विकास के विभिन्न आयाम, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केन्द्रित यह बैठक यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सार्थक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में तय एजेंडा बिन्दुओं पर गहन विचार-विमर्श के अलावा राज्यों में हुईं बेस्ट प्रैक्टिसेस का प्रेजेंटेशन भी दिया गया।
रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : गोंडवाना साम्राज्य की महारानी वीरांगना रानी दुर्गावती के 462 वें बलिदान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जबलपुर के नर्रई नाला स्थित समाधि स्थल पहुँचकर पूजा-अर्चना की तथा रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्व सुशील कुमार तिवारी इंदु, अशोक रोहाणी, संतोष वरकड़े, डॉ. अभिलाष पांडे एवं नीरज सिंह भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधि स्थल पर रानी दुर्गावती अमर रहे के नारों के बीच रानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के सुपुत्र वीरनारायण को भी पुष्पांजलि अर्पित की तथा जनजातीय समाज के आराध्य बड़ादेव की पूजा अर्चना की।
जनजातीय समाज का अभिवादन और नर्तक दल का उत्साहवर्धन
इससे पहले वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित करने समाधि स्थल पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के लोगों का अभिवादन किया। समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत मंडला जिले के मोहगांव तथा डिंडौरी जिले के करंजिया से आये बैगा जनजातीय नर्तक दल ने बैगा और करमा नृत्य की प्रस्तुति से किया। डॉ. यादव भी इस मौके पर अलग अंदाज में नजर आये। उन्होंने बैगा नर्तक दल के सदस्यों के साथ जमीन पर बैठकर नगाडा बजाया। डॉ. यादव बैगा नर्तक दल के सदस्यों से बडी ही आत्मीयता से मिले तथा अपने मोबाइल से दल में शामिल सदस्यों के साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्तक दल के प्रत्येक सदस्य को पाँच-पाँच हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर दी नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने न केवल आंतरिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की आवाज़ को निर्णायक और सम्मानजनक मान्यता मिली है। "ऑपरेशन सिंदूर" इस बात का प्रतीक है कि भारत अब अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह विश्वास दिलाया है कि हर भारतीय, चाहे वो कहीं भी हो, भारत सरकार उसकी ढाल बनकर खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को वाराणसी में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उक्त राज्यों के मुख्य सचिव, केंद्र सरकार एवं संबंधित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत 'विकसित भारत 2047' के जिस मार्ग पर चल रहा है, उसमें राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीति आयोग, मुख्यमंत्री परिषद् और क्षेत्रीय परिषद जैसे संस्थागत तंत्र ने इन्हें केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि 'समाधान का माध्यम' बनाया है। हमें सिखाया गया है कि विचारधाराएँ अलग हो सकती हैं, लेकिन देश का भविष्य साझा है; दृष्टिकोण भिन्न हो सकते हैं, लेकिन लक्ष्य एक 'सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत' होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षेत्रीय परिषद केवल प्रशासनिक विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि सहकारी संघवाद की जीवंत अभिव्यक्ति है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में है लेकिन उसकी गति, उसका विकास 'टीम इंडिया' की भावना में निहित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक का आयोजन हो रहा है। हमारा सौभाग्य है कि हम भगवान श्रीराम, आराध्य श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और भगवान शिव के प्रिय निवास स्थान उत्तर प्रदेश की पुण्यभूमि पर एकत्रित हुए हैं। भारत के फेडरल स्ट्रक्चर को केवल संवैधानिक प्रावधान नहीं बल्कि संवेदनशील नेतृत्व और संकल्प की शक्ति ही जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देखा गया है कि चाहे आपदा प्रबंधन हो, आंतरिक सुरक्षा या अधोसंरचना विकास, जब राज्य एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो भारत की गति दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ नियमित संवाद, केंद्र-राज्य समन्वय समितियाँ और निवेश सम्मेलन इन सभी माध्यमों से संघीय व्यवस्था को नया बल मिला है। प्रधानमंत्री ने इस धारणा को बदल दिया है कि 'राज्य और केंद्र' प्रतिस्पर्धी हैं। अब हम 'राज्य और केंद्र' साझेदार हैं, इस सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में लागू की गई थी। योजना अंतर्गत SECC के हितग्राहियों पर होने वाले व्यय का वहन भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा 60: 40 के अनुपात में किया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष प्रति परिवार व्यय की अधिकतम सीमा राशि 1052 रूपये सीलिंग निर्धारित की गई है, जो कि वर्ष 2018 से आज तक यथावत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्धारित सीलिंग को बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभागों में अलग-अलग पोर्टल होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पैरामीटर को ट्रैकिंग करने में कठिनाई आ रही है इसका समाधान करने के लिए एक इंटीग्रेटेड पोर्टल विकसित किए जाने की आवश्यकता है।
प्रदेश सरकार की उपलब्धियों से कराया अवगत
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की उपलब्धियों और विकास संबंधी जानकारियां प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिकारी एवं कर्मचारी की 9 वर्षों से पदोन्नतियां रुकी हुई थीं। ऐसी स्थिति में राज्य शासन की कार्य दक्षता एवं कर्मचारियों की पदोन्नति कर्मचारियों की नवीन नियुक्तियां एवं लोक सेवकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। इसका निराकरण करते हुए मध्यप्रदेश में लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 स्वीकृत किए गए हैं। जिससे प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। पदोन्नति से जो 2 लाख पद खाली होंगे उनसे सीधी भर्ती के पदों पर नवीन नियुक्तियां की जा सकेगी। इस ऐतिहासिक निर्णय से शासकीय कर्मचारी के मनोबल में वृद्धि होगी एवं राज्य शासन की कार्य दक्षता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्र को नीति आयोग के ग्रोथ हब मॉडल के अनुरूप औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 पारित कर इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को उनके आसपास के जिलों को साथ में लेकर मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार की गई है। वर्तमान में प्रदेश में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं शीघ्र ही सिंगरौली और श्योपुर में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। अगले दो वर्षों में 6 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएंगे और उज्जैन में मेडिसिटी का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य शासन ने पीपीपी मॉडल पर 12 मेडिकल कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया है इसमें चार मेडिकल कॉलेज को सफलतापूर्वक अवार्ड कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने में निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य, शिक्षा, जनजाति और पेयजल विभागों के विशेष कार्य दल गठन कर जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जन्म से 5 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार आया है मिशन वात्सल्य एवं पोषण 2.0 के तहत 12 लाख 51 हजार बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिकों को सामान्य सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी के लिए सरकार ने ई पंचायत परियोजना शुरू की है। मुख्य सामान्य सेवाओं में जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, निर्माण परमिट निवास का प्रमाण और मनरेगा से संबंधित सेवाएं शामिल है। संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है जिससे प्रॉपर्टी की खरीदी बिक्री आसान और पारदर्शी हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध कैपिटल बनाने की दिशा में हम प्रयासरत हैं। राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और मध्यप्रदेश दुग्ध संघ के बीच समझौता हुआ है। यह एग्रीमेंट डेयरी नेटवर्क को सशक्त करेगा और सांची ब्रांड को मजबूती मिलेगी। अगले 5 साल में प्रदेश के कम से कम 50% गांव में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियां की स्थापना का लक्ष्य है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देश पर प्रदेश में दूध संकलन 10 लाख लीटर से बढ़कर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों से जुड़े संवेदनशील अपराधों के शीघ्र न्याय के लिए फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट की स्थापना की गई है। वर्ष 2025 में POCSO में दर्ज प्रकरणों की जांच पूरी करने की दर 70. 87% और FIR मामले के निपटान की दर 61.38% रही है। पिछले कुछ वर्षों में निराकृत किए गए मामले कई बार दर्ज मामलों से ज्यादा रहे, फिर भी लंबित मामलों की संख्या कम नहीं हुई इसलिए फास्ट्रैक कोर्ट के कामकाज को और बेहतर बनाने, जरूरी संसाधन बढाने और नियमित निगरानी करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा के जल को संग्रहित करने और पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के लिये प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जनभागीदारी पर केन्द्रित इस अभियान में व्यापक सफलता मिली है। प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने भी अभियान में अपनी सहभागिता निभाई है। परिणामस्वरूप प्रदेश में व्यापक जल संरचनाओं का निर्माण, नदियों के उदगम स्थल का सौन्दर्यीकरण सहित जल संवर्धन के अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश का खण्डवा जिला जल संरचनाओं के इस अभियान में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि आगामी माहो में जल गंगा संवर्धन अभियान के बाद अब पौध-रोपण का व्यापक अभियान चलाया जायेगा।
वीरांगना रानी दुर्गावती की वीरता-शौर्य और पराक्रम भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती अपने नाम के अनुरूप मां दुर्गा के समान वीर और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। आज उनका बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती का जन्म लगभग 500 वर्ष पहले हुआ था। अमेरिका सहित पश्चिम के देशों को सामान्य तौर पर संस्कृति में अग्रणी माना जाता है, लेकिन भारत का गौरवशाली अतीत रहा है। आदिवासी अंचल की रानी दुर्गावती और रानी अवंतीबाई नारी सशक्तिकरण की सबसे बड़ी उदाहरण हैं। रानी दुर्गावती के पिता ने 500 साल पूर्व उन्हें घुड़सवारी, तलवारबाजी और युद्ध कौशल में निपुण बनाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर के नर्रई नाला स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद बारहा ग्राम में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
भोपाल के वन विहार की तर्ज पर जबलपुर में बनेगा आधुनिक चिड़ियाघर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर का ठाकुरताल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। यहां भोपाल के वन विहार की तर्ज पर एक आधुनिक चिड़ियाघर (रेस्क्यू सेंटर एवं जू) बनाया जाएगा, यह सेंटर गौंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित होगा। यह वन्यप्राणी रेस्क्यू सेंटर रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा।
राज्य सरकार रानी दुर्गावती सहित सभी महान हस्तियों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन जैसे आयोजनों के लिए नगर निगम जबलपुर को 5 लाख रुपए और कार्यक्रम में मनमोहक प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक लोक कलाकार को 5-5 हजार रुपए देने की घोषणा की।
स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होंगी दुर्गावती की वीरता की कहानियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मोटे अनाज के प्रोत्साहन एवं उपार्जन के लिए रानी दुर्गावती के नाम पर योजना की प्रारंभ की है। रानी दुर्गावती ने अपने जीवनकाल में 52 लड़ाइयां लड़ीं और 51 में विजय प्राप्त की। उनके गौंडवाना साम्राज्य में 23 हजार गांव शामिल थे। वीर रानी दुर्गावती ने 3 बार मुगल सेना को धूल चटाई थी। राज्य सरकार ने उनकी वीरता की कहानियों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह विरासत से विकास का एक क्रम है। वीरांगना दुर्गावती ने जल संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए थे। उनके साथ इसी स्थान पर विश्वासघात हुआ था और उन्होंने वीरतापूर्वक अपना बलिदान कर दिया था। रानी दुर्गावती भी चंद्रशेखर आजाद की तरह आजाद रहीं दुश्मन उन्हें कभी हाथ नहीं लगा पाया।
उन्होंने वीरांगनाओं को याद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रानी अवंतीबाई व रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य व पराक्रम की अद्भुत गाथा है। वर्तमान समय में आदिवासी अंचल की बहन राष्ट्रपति पद को गौरवांवित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव में बहनों को भी 33 प्रतिशत आरक्षण देने की भावना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान रानी दुर्गावती मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक रानी दुर्गावती को समर्पित करते हुए गोंडवाना की धरती पर करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 10 करोड़ रुपए की राशि समाधि स्थल के विकास के लिए स्वीकृत कराई गई थी। समाधि स्थल को और भव्य तथा आकर्षक बनाने के लिए केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से और राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रानी दुर्गावती का यह समाधि स्थल महाकौशल के लिए नहीं बल्कि पूरे देश में नारी शक्ति के बलिदान की जीती जागती मिसाल होगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्य सभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्वसुशील कुमार तिवारी इंदु, अशोक रोहाणी, संतोष वरकड़े, डॉ. अभिलाष पांडे एवं नीरज सिंह, जनजातीयजन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर राज्यपाल पटेल ने माल्यार्पण कर नमन किया
24 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर रानी दुर्गावती का पुण्य स्मरण किया।
रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य सचिव जमुना भिड़े एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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